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मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 46 पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को पुलिस पदकों से किया सम्मानित

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 46 पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को पुलिस पदकों से किया सम्मानित

रायपुर 15 अगस्त 2024/ पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 46 पुलिस अधिकारियों और जवानों का उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदकों से सम्मानित किया। श्री साय ने पुलिस वीरता पदक से 26, राष्ट्रपति पुलिस पदक से 02, सराहनीय सेवा सुधार पदक से 2 और राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पदकों से 5 अधिकारी-कर्मचारियों को अलंकृत किया।

राष्ट्रपति के पुलिस वीरता पदक 2024

श्री हेमंत पटेल, निरीक्षक, जिला-बलौदाबाजार, श्री मालिक राम, निरीक्षक, जिला-कांकेर, श्री सुक्कु राम नाग, उप निरीक्षक, जिला-नारायणपुर, श्री संतोष चंदन, प्रधान आरक्षक, जिला-नारायणपुर,श्री साकेत कुमार बंजारे, निरीक्षक, जिला-बीजापुर, श्री भुवन सिंह बोरा, कंपनी कमाण्डर, 21 वीं वाहिनी छसबल, बालोद, श्री संजय पात्न, उप निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा श्री धरम सिंह तुलावी, उप निरीक्षक, जिला-बीजापुर, श्री वीरेन्द्र कंवर, उप निरीक्षक, जिला-सुकमा, श्री पतिराम पोड़ियाम, उप निरीक्षक, जिला-कांकेर, श्री दिलीप कुमार वासनिक, प्लाटून कमाण्डर, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग, शहीद रमेश सुनीता बुझे की धर्मपत्नी श्रीमती जुरी, प्रधान आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नि श्रीमती सुनीता जुर्री, शहीद रमेश कोरसा, आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी श्रीमती उषा कोरसा, शहीद सुभाष नायक, आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी श्रीमती दुशीला नायक, शहीद रामदास कोर्राम, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी श्रीमती परमशीला कोर्राम, शहीद जगतराम कंवर, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी श्रीमती कुमारी बाई कंवर, शहीद सुख सिंह, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी श्रीमती सेवंतीन फरस, शहीद रमाशंकर सिंह, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी श्रीमती बिस्तुरी सिंह पैकरा, शहीद शंकर नाग, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी श्रीमती सुखदई नाग, शहीद किशोर एण्ड्रिक, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी श्रीमती रिंकी एण्ड्रिक, शहीद सनकूराम सोढ़ी, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर के पुत्र श्री सुनील सोढी, शहीद बोसाराम करटामी, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी श्रीमती सोनमती करटामी, श्री धरम सिंह तुलावी, उप निरीक्षक, जिला-बीजापुर, श्री शिव कुमार रामटेके, प्रधान आरक्षक, जिला-बीजापुर, श्री छन्नूराम पोयाम, आरक्षक, जिला-बीजापुर, श्री गौतम कोरसा, आरक्षक, जिला-बीजापुर

विशिष्ट सेवा हेतु राष्ट्रपति का पुलिस पदक 2024
श्री अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, गुप्तवार्ता, पुलिस मुख्यालय रायपुर, श्री के. एल. ध्रुव उप पुलिस महानिरीक्षक, कांकेर रेंज, कांकेर

सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2024
श्री दुखू राम आचला तत्कालीन सेनानी, 14वीं वाहिनी छसबल, धनोरा-बालोद वर्तमान में सेवा निवृत्त, श्रीमती नेहा पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-खैरागढ़- छुईखदान-गंडई, श्रीमती येशेश्वरी येरेवार, उप पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर, श्री टीकाराम कुरें, सहायक सेनानी, 22वीं वाहिनी छसबल, भीरागांव- कांकेर, श्री महेश शुक्ला, सहायक प्लाटून कमाण्डर, 6 वीं वाहिनी छसबल, रायगढ़, श्री जेम्स लकड़ा, कंपनी कमाण्डर, 2री वाहिनी छसबल, सकरी-बिलासपुर, श्री ओमप्रकाश साहू, उप निरीक्षक (अ), विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर, श्री उदय सिंह सिदार, प्रधान आरक्षक, 15वीं वाहिनी छसबल, बीजापुर, श्री महेन्द्र कुमार पाठक, उप निरीक्षक, जिला-नारायणपुर, श्री मनोज कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक, जिला-बस्तर, श्री देवीशरण सिंह, प्रधान आरक्षक, विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर

सराहनीय सुधार सेवा पदक 2024
श्री गिरधर सेन, सेवा निवृत्त प्रहरी, केन्द्रीय जेल रायपुर, श्री लक्ष्मीराम यादव, प्रहरी, जिला जेल कोरबा

राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कार 2024

राज्यपाल पुरस्कार
श्रीमती शिल्पा साहू, उप पुलिस अधीक्षक, रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग
मुख्यमंत्री पुरस्कार
श्री दिलहरण सिंह ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक, जिला-धमतरी
रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार
श्रीमती भारती मरकाम, निरीक्षक, जिला-बिलासपुर
वीरनारायण सिंह पुरस्कार
अजाक थाना, जिला-बेमेतरा
पुलिस महानिदेशक पुरस्कार
श्रीमती अंजू सिंह, महिला प्रधान आरक्षक, जिला-राजनांदगांव 

पुरखों के कठिन संघर्ष और बलिदान से मिली आजादी, विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री साय

पुरखों के कठिन संघर्ष और बलिदान से मिली आजादी, विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री साय

अन्नदाताओं के खाते में धान खरीदी और बकाया बोनस मिलाकर 49 हजार करोड़ रूपए की राशि अंतरित

महतारी वंदन योजना से प्रदेश में महिलाएं हो रहीं सशक्त

तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक में वृद्धि से संग्राहकों को हो रहा लाभ
स्कूलों की अधोसंरचना बेहतर बनाने पीएमश्री योजना के तहत 211 स्कूलों को बनाया जा रहा मॉडल

छत्तीसगढ़ के 77 लाख परिवारों को 5 लाख रूपए तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का मिल रहा लाभ

राज्य के 68 लाख परिवारों को मिल रहा है निःशुल्क राशन
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत को वर्ष 2047 तक विकसित देश बनाने के संकल्प में छत्तीसगढ़ प्रभावी भूमिका अदा कर रहा है। हमारी सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को लेकर राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए नई-नई योजनाएं तैयार कर रही है। उन्होंने राज्य की जनता को 78वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों के कठिन संघर्ष और बलिदान से हमें आजादी मिली है। आजादी के लिए हमारे पुरखों ने अंग्रेजी साम्राज्यवाद के विरूद्ध लंबा संघर्ष किया। उनके बलिदान और संघर्षों के फलस्वरूप मिली आजादी को हमें अक्षुण बनाए रखना है। लोकतांत्रिक ताकतों को मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में पूरे देश के स्वाधीनता सेनानियों के साथ ही छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने भारत माता की परतंत्रता की बेड़ियों को तोड़ने के लिए जो अनथक मेहनत की, उसके सुखद परिणाम स्वरूप आज हम स्वतंत्र वातावरण में साँस ले रहे हैं। देश के अन्य हिस्सों की तरह छत्तीसगढ़ में शहीद गेंद सिंह, शहीद धुरवा राव, शहीद यादव राव, शहीद वेंकट राव, वीर गुंडाधुर, शहीद डेबरी धुर, शहीद आयतु माहरा, शहीद वीर नारायण सिंह जैसे हमारे अनेक ऐतिहासिक नायकों ने अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेकने के लिए अदम्य साहस का परिचय देते हुए जनमानस में स्वाधीनता की अलख जगायी। आज जिस स्वतंत्रता का उपभोग कर रहे हैं, वह हमारे पुरखों के बलिदान का प्रतिफल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा साहेब अम्बेडकर का संविधान आज लोकतंत्र को आगे बढ़ने की राह दिखा रहा है। यह हमारे लिए एक प्रकाश स्तंभ है। बरसों पहले बाबा गुरु घासीदास जी ने समता मूलक समाज का आदर्श हम सबके सामने रखा था, जो बाबा साहेब द्वारा निर्मित संविधान में फलीभूत हुआ। उनके संविधान में कबीर की वाणी का सार भी है, जो भारत के नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ समानता प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में भरोसे का संकट सबसे बड़ा संकट होता है। यह तंत्र निश्चित ही जनता का अपने प्रतिनिधियों पर भरोसा कायम रखने से ही चलता है। छत्तीसगढ़ सरकार की बागडोर संभालने के बाद हमारी सबसे बड़ी चुनौती इसी भरोसे को बहाल करने की थी। हमें यह कहते हुए संतोेष हो रहा है कि हमारी सरकार ने आपसे किये अधिकांश वायदों को पूरा कर विश्वास को फिर से स्थापित किया है। हमारे संविधान निर्माताओं का सपना ऐसे ही मजबूत लोकतंत्र का था, जहां जनता और उसकी चुनी हुई सरकार भरोसे की ऐसी ही मजबूत डोर में बंधी रहे। वास्तव में यह लोकतंत्र का मजबूत रक्षासूत्र है, जिसे कभी भी किसी भी लोकसेवक को कमजोर नहीं करना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि हमारे राज्य निर्माता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण प्रदेश के व्यापक आर्थिक विकास एवं प्रदेश की सुंदर संस्कृति के संरक्षण के लिए किया। हमारा दायित्व है कि ‘हमने ही बनाया है, हम ही संवारेंगे’ के संकल्प के साथ प्रदेश के नवनिर्माण में पूरी लगन से जुट कर अटल जी का सपना साकार करें। विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देकर हम पूर्वजों की इस परंपरा को आगे बढ़ाने का यश हासिल कर सकते हैं, यही हमारा कर्तव्य भी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज के दिन हम उन पूर्वजों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने आपातकाल के कठिन दौर में संविधान की मशाल को बुझने नहीं दिया। देश भर में हजारों लोकतंत्र सेनानियों ने इमरजेंसी का विरोध किया और इसके प्रतिरोध में जेल की सजा और अन्य यातनाएँ भुगतीं। अगले वर्ष 25 जून को इमरजेंसी के पचास बरस पूरे हो जाएंगे। इस वर्ष ‘‘आपातकाल स्मृति दिवस‘‘ के अवसर पर 25 जून के दिन हमें अपने प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों का आशीर्वाद मिला है। मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि अपने लोकतंत्र सेनानियों के प्रति कृतज्ञता-ज्ञापित करने हेतु पिछले पांच वर्षों से रुकी उनकी सम्मान निधि हमारी सरकार द्वारा पुनः प्रारंभ की गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज के दिन हम अपने उन जवानों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जो हमारे प्रदेश में लोकतंत्र विरोधी, नक्सलवादी आतंक से पूरे साहस और जज्बे के साथ मुकाबला कर रहे हैं। बीते आठ महीनों में हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 146 नक्सलियों को मार गिराया है। इस दौरान हमने 32 नये सुरक्षा कैंप खोले हैं और आने वाले दिनों में 29 नये कैंप शुरू करने जा रहे हैं। आज कई वर्षों बाद क्षेत्र की जनता सुरक्षित महसूस कर रही है, जिसका कारण हमारे वीर जवानों की मेहनत व पराक्रम है।
अब बस्तर तीव्र विकास के लिए है तैयार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवादी घटनाओं से निपटने के लिए अनुसंधान और अभियोजन की कार्रवाई और भी प्रभावी रूप से हो सके, इसके लिए हमने राज्य अन्वेषण एजेंसी (एसआईए) का गठन किया है। बस्तर की जनता नक्सलियों से त्रस्त हो चुकी है और विकास के मार्ग पर सरपट दौड़ने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अन्दरूनी क्षेत्रों में नये कैंपों का विस्तार कर लोगों को आतंक से मुक्ति देने के साथ ही इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का काम भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इसके लिए हमने ‘’नियद नेल्लानार’’ योजना शुरू की है। इस शब्द का अर्थ होता है -’’आपका अच्छा गांव’’। विशेष पिछड़ी जनजातियों के हितग्राहियों के लिए आरंभ की गई ‘’पीएम जनमन योजना’’ की तरह इस योजना से कैंपों के निकट पांच कि.मी. की परिधि के गांवों में 17 विभागों की 53 हितग्राही मूलक योजनाओं एवं 28 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ लोगों को दिया जा रहा है। इन गांवों में पहली बार लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हैं। वे शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सरकार की लोकहितकारी योजनाओं का लाभ अब उठा रहे हैं। उनके जीवन में सुशासन का नया सवेरा आया है।
प्रदेश में रिकॉर्ड धान खरीदी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमें अपने जवानों के साथ अपने किसानों पर भी गर्व है। उनके श्रम से छत्तीसगढ़ महतारी का धान का कटोरा भरा-पूरा रहता है। प्रधानमंत्री मोदी जी की गारंटी के अनुरूप हमने अन्नदाताओं की सुख-समृद्धि को सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखा है। पूर्व प्रधानमंत्री और हमारे प्रेरणा पुंज अटल जी के जन्मदिन ‘‘सुशासन दिवस’’ के अवसर पर हमने राज्य के 13 लाख किसानों के बैंक खाते में 3716 करोड़ रुपये का बकाया धान बोनस अंतरित किया। हमने अपने वायदों को पूरा करते हुए किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की। प्रदेश में ‘‘रिकॉर्ड’’ 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई।
खेती-किसानी में लौटी रौनक
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों को समर्थन मूल्य की 32 हजार करोड़ रुपए की राशि के साथ ही कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत प्रदेश के 24 लाख 75 हजार किसानों को अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। इस प्रकार हमारे अन्नदाताओं के खाते में सरकार ने धान खरीदी और बकाया बोनस मिलाकर लगभग 49 हजार करोड़ रुपए अंतरित किए। भूमिहीन किसानों को हमने दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत 10 हजार रुपए वार्षिक सहायता राशि देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में कृषि हितैषी नीतियों की वजह से खेती-किसानी में रौनक लौट आई है और किसानों के चेहरों पर मुस्कान नजर आ रही है। आज हमारे गांव आर्थिक रूप से संपन्न नजर आते हैं। एक लोककल्याणकारी सरकार के लिए इससे बढ़कर संतोष की बात और कुछ नहीं हो सकती।
प्रदेश के विकास में मातृशक्ति की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को गढ़ने और सँवारने में मातृशक्ति की अहम भूमिका है। हम उनके योगदान का वंदन करते हैं। हमारे छत्तीसगढ़ में तीज-त्योहार की परंपरा है। तीजा के मौके पर भाई अपनी बहनों को भेंट देते हैं। प्रदेश की माताओं-बहनों को ‘’महतारी वंदन योजना’’ के रूप में यही भेंट हम प्रदान कर रहे हैं। 10 मार्च, 2024 के दिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्चुअल समारोह में 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की पहली किश्त के रूप में एक-एक हजार रुपए की राशि अंतरित की। अब तक इस योजना की छह किश्त जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी माताएं-बहनें इससे आर्थिक रूप से सक्षम व आत्मनिर्भर हुई हैं। वे इस राशि का उपयोग अपनी इच्छा अनुसार बच्चों की पढ़ाई एवं घर के बजट को व्यवस्थित करने में कर रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिल रहा है। जब हम बेटियों को मजबूत करते हैं तो पूरा परिवार मजबूत होता है और मजबूत परिवार से ही मजबूत समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है। महिलाओं केे आर्थिक सामाजिक सशक्तीकरण से निश्चित ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला मजबूत हो रही है।
समाज के सबसे आखिरी व्यक्ति का उत्थान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने हमारे समक्ष अंत्योदय के लिए कार्य करने का आदर्श रखा है। समाज के सबसे आखिरी व्यक्ति के उत्थान और विकास को सुनिश्चित करने के इसी लक्ष्य के अनुरूप हम अनथक कार्य कर रहे हैं। अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशनकार्डधारी 68 लाख परिवारों को अगले पांच सालों तक निःशुल्क खाद्यान्न वितरण का निर्णय हमारी सरकार द्वारा लिया गया है। आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें सबसे पहले सबको आवास सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी है। मैं पिछले तीन दशकों से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के निकट संपर्क में रहा हूँ, उनके करीब रहकर मैंने देखा है घास-फूस के आवास में रहने वालों का दर्द क्या होता है।
18 लाख लोगों का आवास का सपना होगा पूरा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री पीएम आवास योजना लेकर आए तो प्रदेश के लाखों परिवारों को उम्मीदें जगी लेकिन पिछले 5 सालों में प्रदेश के 18 लाख जरूरतमंद परिवारों के आवास का सपना पूरा नहीं हो सका। हमने संकल्प लिया कि हम इन 18 लाख परिवारों की पीड़ा दूर करेंगे। शपथ लेने के अगले दिन ही हमारी सरकार ने इनके आवास के सपने को पूरा करने की राह खोल दी। इसके साथ ही सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण में चिन्हांकित 47 हजार 90 आवासहीन परिवारों को आवास स्वीकृत करने का निर्णय भी हमने ‘‘मुख्यमंत्री आवास योजना’’ के तहत लिया है।
39 लाख परिवारों के यहां नल से जल
सबको आवास के साथ ही सबको शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने जलजीवन मिशन भी आरंभ किया है। प्रदेश में इसके क्रियान्वयन की दिशा में हम तेजी से काम कर रहे हैं। इसके लिए हमने 4500 करोड़ रुपए का बजट रखा है। प्रदेश में भू जल की समस्या वाले गांवों में जलजीवन मिशन के अंतर्गत मल्टी विलेज स्कीम के माध्यम से पेयजल आपूर्ति का काम शुरू हो गया है। फिलहाल राज्य के 18 जिलों में 70 मल्टी विलेज योजनाओं का काम आरंभ हो गया है। हमने छत्तीसगढ़ में 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य रखा था। मुझे खुशी है कि इसमें से 39 लाख 31 हजार परिवारों में हम नल कनेक्शन उपलब्ध करा चुके हैं।
आयुष्मान भारत से 77 लाख परिवारों को चिकित्सा सुविधा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे ग्रंथों में ‘‘सर्वे संतु निरामया’’ की कामना की गई है। किसी तरह की बीमारी हो जाने पर सबसे ज्यादा चिंता आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उठानी पड़ती है। इसे देखते हुए प्रदेश में ‘’आयुष्मान भारत’’-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’’ के साथ ही ‘‘शहीद वीरनारायण सिंह स्वास्थ्य योजना’’ लागू करने का निर्णय लिया गया है। इन दोनों योजनाओं से छत्तीसगढ़ के 77 लाख 20 हजार परिवारों को 5 लाख रूपए तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
अब वन अधिकार पत्र होंगे हस्तांतरित
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वन अधिकार पत्र धारकों की मृत्यु हो जाने के पश्चात् उनके वारिसों को वन अधिकार पत्र हस्तांतरित करने की प्रक्रिया का उल्लेख वन अधिकार नियमों में नहीं था। इस वजह से नामांतरण, सीमांकन, खाता विभाजन जैसे राजस्व संबंधी कार्य संभव नहीं थे। हमने अपने जनजाति और वनवासी भाइयों की पीड़ा को समझा। हमारी सरकार द्वारा उनके वारिसों को वन अधिकार पत्र हस्तांतरित करने का प्रावधान किया गया है। अब वन अधिकार पत्र धारण करने वाले हमारे जनजाति और वनवासी भाइयों के लिए सीमांकन, नामांतरण, खाता विभाजन जैसे कार्य सहज हो गये हैं। इन वन अधिकार पत्रों को डिजिटलाइज भी किया गया है।
तेंदूपत्ता संग्राहकों की बढ़ी पारिश्रमिक दर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में वनधन केंद्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री जी ने वनोपज संग्राहकों की आर्थिक तरक्की की नई राह खोली है। हमारी सरकार ने राज्य के तेंदूपत्ता संग्राहकों की पारिश्रमिक दर को 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रुपए कर दिया है। साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण समय-सीमा में भी वृद्धि की गई, जिससे हमारे भाई-बहन अधिक समय तक तेंदूपत्ता संग्रहण कर बढ़ी हुई आय अर्जित कर पा रहे हैं। इस साल 13 लाख 5 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को 855 करोड़ 80 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। इनकी संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 1 लाख 72 हजार अधिक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवा हमारे भविष्य हैं। युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिले, उनकी उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त वातावरण हो, इसके लिए हम प्राथमिकता से कार्य कर रहे हैं। हमारी सरकार यह मानती है कि भर्ती प्रक्रियाओं में की गई अनियमिततायें होनहार युवकों को रोजगार के अवसरों से वंचित तो करती ही हैं, साथ ही इससे सिविल सेवा की गुणवत्ता पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। हमारी सरकार द्वारा राज्य सिविल सेवा परीक्षा 2021 में हुई अनियमितता की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया गया। हम युवाओं के लिए समान अवसर और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली प्रदान करने के लिए कृत संकल्पित हैं।
आरक्षित वर्ग के युवाओं को यूपीएससी की निःशुल्क कोचिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में हमारे युवाओं की सफलता दर बढ़े, इसके लिए आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग द्वारा नई दिल्ली में संचालित यूथ हॉस्टल में यू.पी.एस.सी. की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों के लिए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर हमने 185 कर दी हैं। अब सिविल सेवाओं की तैयारी के लिए अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के चयनित युवा पूर्णतः निःशुल्क कोचिंग प्राप्त कर सकेंगे एवं दिल्ली में कहीं भी निवास करने पर उनको निर्धारित स्टाइपेंड भी प्राप्त होगा, जिससे उन्हें किराये के लिए भी प्रतिपूर्ति प्राप्त होती रहेगी। हमने शासकीय सेवाओं हेतु आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने की अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान की है। इससे प्रदेश के लाखों युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ है। राजधानी के नालंदा परिसर की तरह ही 13 और नगरीय निकायों में सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी भी तैयार की जाएगी।
खेल सुविधाओं को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए खेल की सर्वाेत्तम अधोसंरचना तैयार करने की दिशा में हमारी सरकार द्वारा गहन प्रयास किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए हमने ‘‘छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना‘‘ आरंभ करने का निर्णय लिया है। रायगढ़ जिले में इंडोर स्टेडियम काम्प्लेक्स, हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान एवं सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक 31 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनाया जाएगा, वहीं बलौदाबाजार जिले में 14 करोड़ रुपए की लागत से इंडोर स्टेडियम कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। जशपुर जिले के कुनकुरी में 33 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। निश्चित रूप से हमारी सरकार युवाओं को उन्नति के लिए हर अवसर प्रदान करेगी, यह हमारा संकल्प है।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप मातृभाषा में शिक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार के बेहतर अवसर अच्छी शिक्षा से उत्पन्न होते हैं। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की नींव को ठोस करने का काम हमने शुरू कर दिया है। इसके लिए प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किया गया है। छत्तीसगढ़ अपनी बोली-भाषा की विविधता से समृद्ध है। हमारे यहां कहावत प्रचलित है कि ‘‘कोस-कोस मा पानी बदलय, चार कोस मा बानी।‘‘ प्रारंभिक आयु में बच्चे सबसे ज्यादा अपनी मातृभाषा में सीखते हैं, इसके चलते ही हमने नई शिक्षा नीति के तहत 18 स्थानीय भाषाओं में प्राइमरी स्कूल में पढ़ाई कराने का निर्णय लिया है। इससे बच्चों का अपनी भाषा से अनुराग भी बढ़ेगा तथा हमारी नई पीढ़ी अपनी जड़ों से भी जुड़ी रहेगी।
सर्वसुविधायुक्त पीएमश्री स्कूल
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों की अधोसंरचना को बेहतर करने एवं यहां शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रथम चरण में प्रदेश के 211 स्कूलों में पीएमश्री योजना आरंभ की गई है। इन स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। तीसरे चरण में हमें 52 स्कूलों की स्वीकृति मिली है। हम ग्रीन स्कूल तैयार कर रहे हैं। स्कूलों में स्थानीय भाषाओं के साथ रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे विषय भी पढ़ाये जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थी नये समय के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें। प्रदेश के स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन भी शुरू किया गया है। इसमें जन्मदिन जैसे विशेष अवसरों पर स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने समाज की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इससे बच्चों का पोषण विकास तो होता ही है, सामुदायिक भावना का भी विकास होता है। पैरेंट्स-टीचर मीटिंग के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में हम काम कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन का गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हमने उच्च शिक्षा में भी अपनाया है। इसके चलते हमारे पाठ्यक्रम रचनात्मक होने के साथ ही रोजगारमूलक भी होंगे ताकि नये समय की जरूरतों के अनुरूप मानव संसाधन उपलब्ध कराये जा सकें और युवाओं को बेहतर रोजगार मिल सके। उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए हमने ‘‘छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन‘‘ का गठन किया है। हम आईआईटी की तर्ज पर प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी संस्थान आरंभ करने जा रहे हैं। इसके लिए पहले चरण में रायपुर, रायगढ़, बस्तर, कबीरधाम और जशपुर में इनकी स्थापना की जाएगी।
मेडिकल शिक्षा का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को मजबूत करने मेडिकल शिक्षा का लगातार विस्तार जरूरी है। हमने संभाग स्तर पर एम्स की तर्ज पर छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (सिम्स) आरंभ करने का निर्णय लिया है। रायपुर में मेकाहारा तथा बिलासपुर में सिम्स के भवन विस्तार तथा अन्य सुविधाओं पर काम प्रारंभ कर दिया है।
छत्तीसगढ़ आर्थिक सलाहकार परिषद का होगा गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार प्रदान करते हुए अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार देने हेतु हम प्रदेश की नई उद्योग नीति तैयार कर रहे हैं। इसके लिए हम देश की जानी-मानी विशेषज्ञ संस्थाओं तथा उद्योग संगठनों की सलाह लेकर कार्य कर रहे हैं। औद्योगिक अवसरों को आगे बढ़ाने देश-दुनिया में जो नवाचार प्रारंभ किये गये हैं, उन्हें राज्य की परिस्थिति के अनुरूप लागू करने छत्तीसगढ़ आर्थिक सलाहकार परिषद के गठन का निर्णय भी हमने लिया है। राज्य में निवेश का बेहतर माहौल हो, इसके लिए हमने सिंगल विंडो सिस्टम को नवीनीकृत किया है। इससे उद्यमियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र तथा अन्य क्लियरेंस के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल में जिस तरह से छत्तीसगढ़ में नेशनल हाइवे, एयरपोर्ट और रेलवे कनेक्टिविटी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं, उससे छत्तीसगढ़ अब निवेश के लिए सबसे आदर्श जगह बन गया है। यहां प्रचुर खनिज संसाधन, कानून-व्यवस्था की बेहतर स्थिति और कुशल मानव संसाधन के बूते उद्योगों के फलने-फूलने की प्रचुर संभावनाएं हैं।
तीव्र आर्थिक विकास के लिए रणनीति तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक विविधता को देखते हुए हमने सभी क्षेत्रों के आर्थिक विकास के लिए रणनीति तैयार की है। बस्तर और सरगुजा में हम वनोपज प्रसंस्करण केंद्रों, इको टूरिज्म, नैचुरोपैथी आदि पर जोर दे रहे हैं। नवा रायपुर को हम आईटी हब तथा इनोवेशन हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। राजधानी के समुचित विकास के लिए और यहां उद्यम के अवसरों को बढ़ावा देने हम नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) की तरह ही स्टेट कैपिटल रीजन विकसित करने जा रहे हैं। कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रियल कारिडोर बनाने का निर्णय हमने लिया है। इसके अस्तित्व में आने पर इन क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार और भी तेज हो जाएगा। उद्यमी युवाओं को ‘‘छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना‘‘ के माध्यम से 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ हम ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करेंगे।
‘‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग‘‘ का गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा दिखाई गयी सुशासन की राह पर चलकर छत्तीसगढ़ को संवार रही है। सुशासन के मूल्यों को क्रियान्वित करने हमने ‘‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग‘‘ का गठन किया है। यह विभाग शासन-प्रशासन के हर स्तर पर पारदर्शिता, नवाचार और सुशासन का कार्यान्वयन सुनिश्चित कर रहा है। योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की प्रभावी मानिटरिंग के लिए हमने ‘‘अटल मॉनिटरिंग ऐप‘‘ भी तैयार किया है। प्रशासन के हर स्तर पर पारदर्शिता लाने के लिए हम विभागों में 266 करोड़ रुपए की लागत से आईटी टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन्हें अपनाने से मानवीय त्रुटि एवं कूटरचना की आशंका समाप्त हो जाएगी। यह पारदर्शिता की ओर सरकार द्वारा उठाया गया सबसे बड़ा कदम है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की हमारी नीति को कार्यान्वित करने में इससे बड़ी मदद मिल रही है।
ई-ट्रांजिट पास और जेम पोर्टल
मुख्यमंत्री ने कहा कि गवर्नेंस के हर हिस्से में हम पारदर्शिता सुनिश्चित कर रहे हैं। खनिजों के परिवहन में हमने मैनुअल पद्धति को समाप्त कर दिया है और ई-ट्रांजिट पास जारी करने की व्यवस्था पुनः शुरू की है। इसी तरह सरकारी खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हमने जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदी का निर्णय लिया। आबकारी नीति में पारदर्शिता लाने तथा भ्रष्टाचार को समाप्त करने, पुरानी व्यवस्था के स्थान पर सीधे कंपनियों से खरीदी का निर्णय लिया है।
तहसीलदारों के अधिकारों का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी प्रकरणों के त्वरित और समय-सीमा में निराकरण के लिए हमने तहसीलदारों के अधिकारों का विस्तार किया है। नाम, जाति, पता की त्रुटि, सिंचिंत-असिंचित रकबा, कैफियत त्रुटि, एक फसली-बहु फसली त्रुटि को सुधारने का अधिकार तहसीलदार को दिया गया है, जिससे राजस्व संबंधी परेशानी झेल रहे लोगों की दिक्कत दूर हो रही है।
‘‘अमृतकाल विजन@2047’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र की तर्ज पर राज्य नीति आयोग का गठन किया गया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आजादी के सौ बरस पूरे होने पर वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और इसके लिए एक रोड मैप तैयार किया है। हमारी सरकार भी इससे कदमताल करते हुए ‘‘विकसित छत्तीसगढ‘‘़ का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है। इसके लिए राज्य नीति आयोग द्वारा ‘‘अमृतकाल विजन@2047’’ तैयार किया जा रहा है। हमारी दिशा स्पष्ट है, नियत साफ है और हौसला पर्वत जैसा है। निश्चित ही आप सभी की भागीदारी के साथ ‘‘अमृतकाल विजन@2047’’ पर काम कर हम विकसित छत्तीसगढ़, विकसित भारत के निर्माण का संकल्प पूरा करेंगे।
संस्कृति संवर्धन
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़िया लोगों की पहचान देश-दुनिया में सहज-सरल लोगों के रूप में है। यह हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। हम मेहनतकश लोग हैं। ईमानदारी से काम करते हैं। यह हमारे सांस्कृतिक मूल्य हैं। इन्हें सहेज कर रखना हमारी बड़ी जिम्मेदारी है। अपनी बोली-भाषा, तीज त्यौहार, खान-पान को सहेजते हुए आने वाली पीढ़ी को इनसे परिचित कराते हुए हमें निरंतर आगे बढ़ना है।
’‘एक पेड़ माँ के नाम’‘ अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के संकट को देखते हुए हम सबका कर्तव्य है कि पर्यावरण को बेहतर बनाने में अपनी भागीदारी दें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ’‘एक पेड़ माँ के नाम’‘ अभियान आरंभ किया है। मैंने अपने गृह ग्राम बगिया में इस अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधा लगाया है। रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में मैंने दहीमन का पौधा लगाया है। आप भी एक पौधा जरूर लगाएं, यह आग्रह है।
श्रीराम के वनवास काल का साक्षी रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी पुण्य भूमि का परम सौभाग्य है कि श्रीराम हमारे भांजे हैं और उनकी कर्मभूमि भी छत्तीसगढ़ है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सीतामढ़ी हरचौका से लेकर सुकमा के इंजरम तक कण-कण श्रीराम के वनवास काल का साक्षी है। हमारी धरती, माता शबरी की पुण्य भूमि है। पवित्र शिवरीनारायण धाम में उन्होंने अपनी अगाध श्रद्धा से जूठे बेर प्रभु को खिलाए थे। वनवास के दौरान बिताए गए चौदह वर्षों में से दस वर्ष प्रभु श्री राम ने हमारे छत्तीसगढ़ में ही बिताए हैं। रामायण के प्रसंग जनजातीय लोगों से प्रभु श्रीराम के अद्भुत स्नेह तथा प्रभु श्रीराम के जनजातीय लोगों के प्रति गहन अनुराग और समर्पण से भरे पड़े हैं। हम जब भी इन प्रसंगों को सुनते हैं, भाव विभोर हो जाते हैं। हम धन्य हैं कि हमारा जन्म इस पुण्य भूमि में हुआ है। यह सौभाग्य हमें श्रीराम के आदर्शों पर चल कर निरंतर काम करने की प्रेरणा देता है।
‘‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना‘‘
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच सौ वर्षों के अहिंसक संघर्ष की पूर्णाहुति अयोध्या धाम में श्रीरामलला के भव्य मंदिर के निर्माण के रूप में हुई। अपने भांचा राम के दर्शन के लिए छत्तीसगढ़ का हर नागरिक उत्सुक है। ‘‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना‘‘ के माध्यम से हम हजारों रामभक्तों को उनके आराध्य के दर्शन के लिए पूर्णतः निःशुल्क भेजने का माध्यम बने हैं। यह पुण्य अवसर हमें श्रीरामलला ने दिया है। उन्होंने तुलसीदास जी के रामचरितमानस के दोहे का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘‘दैहिक दैविक भौतिक तापा, राम राज्य नहीं काहुहि ब्यापा।’’ भगवान श्रीराम ने एक आदर्श राज्य की स्थापना की। आप सभी के सहयोग से हम अपने पूरे सामर्थ्य के साथ काम करते हुए छत्तीसगढ़ को सुखी, समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में काम करेंगे। 

पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में ध्वजारोहण किया

पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में ध्वजारोहण किया

 रायपुर/15 अगस्त 2024। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में ध्वजारोहण किया तथा इस अवसर पर कांग्रेसजनों के नाम अपना संबोधन भी दिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने अपने संबोधन में कहा कि
आजादी की 78वीं वर्षगांठ पर मैं आप सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनायें देता हूं।

आजादी का यह पर्व हमें याद दिलाता है अनगिनत स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के बलिदानों, देशप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा की, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर, जेल यातना सह कर स्वतंत्र भारत का लक्ष्य हासिल किया। हम उन सभी ज्ञात, अज्ञात स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का पुण्य स्मरण करते है। पूरा देश उनके प्रति कृतज्ञ है।

साथियों, हमारे द्वारा स्वाधीनता के लक्ष्य को प्राप्त करना तो महत्वपूर्ण था ही, लेकिन उससे भी अधिक उल्लेखनीय है, हमारे स्वाधीनता संग्राम का अनोखा तरीका। महात्मा गांधी तथा अनेक असाधारण एवं दूरदर्शी विभूतियों के नेतृत्व में, हमारा राष्ट्रीय आंदोलन अद्वितीय आदर्शों से प्रेरित था। गांधीजी तथा अन्य महानायकों ने भारत की आत्मा को फिर से जगाया और हमारी महान सभ्यता के मूल्यों का जन-जन में संचार किया। भारत के ज्वलंत उदाहरण का अनुसरण करते हुए, हमारे स्वाधीनता संग्राम की आधारशिला- ‘सत्य और अहिंसा’ को पूरी दुनिया के अनेक राजनीतिक संघर्षों में सफलतापूर्वक अपनाया गया है।

आजादी के बाद संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न लोकतांत्रिक पंथ निरपेक्ष गणराज्य की स्थापना के साथ ही हमारा संविधान देश के आम आदमी के अधिकारों का रक्षक है। साथियों बड़े दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि आज हमारे संवैधानिक मूल्यों पर हमला हो रहा है। संविधान प्रदत्त नागरिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं पर सुनियोजित तरीके से हमला हो रहा है। ऐसे समय में कांग्रेस पार्टी की भूमिका देश के लोकतंत्र और भारत के संविधानिक मूल्यों को बचाने के लिये और बढ़ जाती है। हमें गर्व है कि अपनी इस जिम्मेदारी को हमारा नेतृत्व भली-भांति समझता है। हमारी पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, हमारे अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे, श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस भारत के लोगों की आवाज लगातार उठा रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी संविधान को बदलने की बातें सामने आई, लेकिन देश की जागरूक जनता ने संविधान विरोधी तत्वों की मंशा पर पानी फेर दिया।

देश के वर्तमान हालात में जब क्षेत्र, धर्म सांप्रदायिकता के नाम पर सत्ता में बैठे हुये लोग राजनीति कर रहे है। जब देश चलाने वाला दल, सत्ताधीश और हुक्मरान आम आदमी की जरूरतों शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार को परिदृश्य के पीछे धकेल कर धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हो तब उस समय कांग्रेस जैसी जन-सरोकारी वाली पार्टी का यह नैतिक और राजनैतिक कर्तव्य हो जाता है कि वह देश को बचाने, देश की एकता और अखंडता को बचाने के लिये देश की जनता की मजबूत आवाज बने, आज कांग्रेस के नेता राहुल गांधी संसद के अंदर तथा संसद के बाहर उसी आम आदमी की आवाज को उठा रहे है।

साथियों पिछले चुनावों में हमें आशातीत सफलता नहीं मिली लेकिन जनता ने हमें एक मजबूत विपक्ष के रूप में सरकार पर निगरानी रखने का महत्वपूर्ण जवाबदारी सौंपा है। केंद्र मे और राज्य मे भी हम अपनी इस जबाबदारी को बखूबी समझते है।छत्तीसगढ़ में 5 सालों तक हमारी सरकार थी, हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़िया अस्मिता से लेकर छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिये काम किया। कांग्रेस के 5 सालों के शासनकाल में छत्तीसगढ़ मॉडल ने पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई। किसान, महिला, मजदूर, अनुसूचित जाति/जनजाति तथा वंचित वर्ग कांग्रेस सरकार की योजनाओं के केंद्र बिंदु थे। हमारी सरकार ने ग्रामीण छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाने के न सिर्फ ठोस योजना बनाया उनका प्रभावी क्रियान्वयन करवाया, यह सुनिश्चित किया गया किसानो को, तेंदुपत्ता संग्राहकों को वनोपज संग्राहकों को खेतिहर मजदूरों को उनकी मेहनत की पूरी क़ीमत मिले। हमने स्वामी आत्मानंद स्कूलों के माध्यम से गरीबों के बच्चों को मुफ्त अंग्रेजी शिक्षा देना सुनिश्चित करवाया। हाट बाजार क्लिनिक, खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना से हमने हर नागरिक तक इलाज पहुंचाया। कांग्रेस की सरकार को जनता अब याद कर रही है।

साथियों भले ही हम सरकार में नहीं है, जनता के हकों की लड़ाई के लिये हम हमेशा तत्पर है। 8 माह में ही जनता को यह अहसास होने लगा कि कांग्रेस की सरकार, वर्तमान सरकार से बेहतर थी। 8 माह में कानून व्यवस्था बर्बाद हो गयी है। राज्य में कलेक्टर, एसपी कार्यालय जलाये जा रहे है, हत्या, लूट, डकैती से आम आदमी भयभीत है, मातायें-बहनें सुरक्षित नहीं है। बस्तर में फिर वही भय, आतंक और फर्जी मुठभेड़ का दौर शुरू हो गया है। आज प्रदेश में बस्तर से सरगुजा तक डायरिया, मलेरिया जैसे गंभीर बीमारियों से कई लोग मर गये हैं, जिसमे राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले बैगा जनजाति के लोग भी है | 5 सालों में कांग्रेस ने शांति और सुशासन की जो स्थापना किया था 8 माह में वह नष्ट हो गया। प्रदेश में लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ - मीडिया के पत्रकार साथियों को फर्जी मामले में फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है |

साथियों विपक्ष के रूप में हम जिम्मेदारी को समझते है, जनता के हितों के लिये आंदोलन हमारा रास्ता है और आने वाले 4 सालों तक इस आताताई निकम्मी सरकार को उखाड़ फेकने तक हम संघर्ष करते रहेंगे। बेहतर छत्तीसगढ़ के लिए यह आवश्यक है की वर्तमान भाजपा सरकार को सत्ता से हटाया जाय।आजादी के इस पावन पर्व पर हर कांग्रेसजन का यही संकल्प है।

 

 हर घर तिरंगा अभियान: स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे के साथ लगाएं प्रोफाइल पिक्चर

हर घर तिरंगा अभियान: स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे के साथ लगाएं प्रोफाइल पिक्चर


रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरा देश "हर घर तिरंगा" अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  ने नागरिकों से इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। तिरंगे के साथ अपनी प्रोफाइल पिक्चर लगाकर, हम सभी इस राष्ट्रीय पर्व को और खास बना सकते हैं और देश के प्रति अपनी एकजुटता और सम्मान प्रकट कर सकते हैं।

 कैसे बनाएं तिरंगे के साथ प्रोफाइल पिक्चर

इस अभियान में भाग लेने के लिए [हर घर तिरंगा अभियान की वेबसाइट](https://harghartirangacg.netlify.app/) पर जाकर अपनी फोटो अपलोड करनी होगी। इसके बाद, तिरंगे के साथ आपकी प्रोफाइल पिक्चर तैयार हो जाएगी, जिसे आप सोशल मीडिया पर साझा कर सकते हैं।

 अभियान का उद्देश्य

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देशवासियों के दिलों में तिरंगे के प्रति गर्व और सम्मान की भावना को और गहरा करना है। हर भारतीय को इस पहल का हिस्सा बनकर, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की शान को और ऊंचा करने का मौका मिल रहा है।
 विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर मशाल जुलूस में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा हुए शामिल

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर मशाल जुलूस में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा हुए शामिल


रायपुर-विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस के अवसर पर आज बुधवार को जगदलपुर के सीरासार चौक से विशाल मशाल जुलूस का आयोजन किया गया जिसमें उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शामिल हुए। इस जुलूस का उद्देश्य विभाजन की त्रासदी को याद करना और उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करना था, जिन्होंने विभाजन के समय अपने प्राण गंवाए और जो इस भीषण घटना के कारण विस्थापित हुए।

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने मशाल जुलूस का नेतृत्व करते हुए कहा "यह जुलूस हमें विभाजन की विभिषिका की याद दिलाता है और यह संकल्प लेने का समय है कि हम ऐसी त्रासदी को दोबारा कभी नहीं होने देंगे। यह दिवस उन लोगों की स्मृति में मनाया जा रहा है जिन्होंने उस समय अपार कष्ट झेला और जिन्होंने अपने घरों,प्रियजनों और जीवन की सुरक्षा के लिए संघर्ष किया।"

मशाल जुलूस में प्रमुख रूप से बस्तर सह प्रभारी निरंजन सिन्हा, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, विधायक विनायक गोयल, भाजपा जिला अध्यक्ष रुप सिंह मण्डावी, श्रीनिवास राव मद्दी,विद्याशरण तिवारी, योगेन्द्र पाण्डेय, श्रीनिवास मिश्रा, रामाश्रय सिंह, संजय पाण्डेय,अविनाश श्रीवास्तव, वेदप्रकाश पाण्डेय, रजनीश पाणिग्रही, सुरेश गुप्ता, मनोहर तिवारी, आर्येन्द्र आर्य, महापौर सफीरा साहू ,रितेश जोशी,आदि सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता व नागरिक शामिल रहे। 
BREAKING : राज्य सरकार ने चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों का किया तबादला, देखें लिस्ट

BREAKING : राज्य सरकार ने चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों का किया तबादला, देखें लिस्ट

रायपुर : राज्य शासन ने बड़े पैमाने पर चिकित्सा अधिकारियों एवं चिकित्सा विशेषज्ञों का तबादला किया है. इस आशय आदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने जारी किया है.

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वीर सपूतों के बलिदान से मिली है आजादी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

वीर सपूतों के बलिदान से मिली है आजादी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री भारतमाता की भव्य आरती के कार्यक्रम में हुए शामिल

'आरती भारतमाता की, जगत की भाग्य विधाता की' के मंगलगान से गूंज उठा भारत माता चौक
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित भारत माता चौक में आयोजित भारतमाता की भव्य आरती के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर 'आरती भारतमाता की, जगत की भाग्य विधाता की' के मंगलगान से भारतमाता चौक गूंज उठा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर सपूतों के बलिदान से हमें ये आजादी मिली है। हमें इस आजादी के महत्व को हमेशा याद रखना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कल हम स्वतंत्रता दिवस का 78वां महोत्सव मना रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मैं आप सभी को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारतमाता की आरती के भव्य आयोजन के दसवें वर्ष का यह आयोजन है। मेरी आशा है कि यह कार्यक्रम ऐसे ही निरंतर चलता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत मुश्किलों से हमें ये आजादी मिली है। हमने स्वतंत्रता की बहुत बड़ी कीमत चुकाई है। हमारे देश के लाखों वीर सपूतों को बलिदान देना पड़ा तब जाकर हमें आजादी मिली। नेताजी सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, सरदार भगत सिंह, महात्मा गांधी जैसे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष से हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई है। हमें इस आजादी के महत्व को हमेशा याद रखना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल से तिरंगा सप्ताह का आयोजन करके आज तिरंगा घर-घर तक पहुंचा दिया है। पूरे देश में आज देशभक्ति की बयार बह रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने की है। विकसित भारत बनाने में सभी का योगदान चाहिए। हमें भी छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाना है।

भारतमाता की आरती के कार्यक्रम को महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और विधायक श्री राजेश मूणत ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू और श्री पुरन्दर मिश्रा, पूर्व सांसद श्री सुनील सोनी सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की दी शुभकामनाएं

रायपुर, 14 अगस्त 2024 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देश की आजादी की 77वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि कठिन संघर्ष, त्याग और बलिदान से हमें आजादी मिली है। आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले उन सभी अनाम योद्धाओं, शहीदों और वीर जवानों को नमन है, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान दिया। उनकी बदौलत हम आजाद वातावरण में सांस ले पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुरखों ने आजादी के बाद जिस लोकतंत्रात्मक गणराज्य का सपना देखा था, उसे पूरा करना हम सब की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार की प्राथमिकता समाज के सबसे कमजोर वर्ग का सशक्तिकरण, बुनियादी मजबूती, गांवों का आर्थिक सुदृढ़ीकरण, हर व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाओं की पहुंच और विकास के साथ अपनी पुरातन सभ्यता-संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने कृषक उन्नति योजना, महतारी वंदन योजना, धान का बकाया बोनस का भुगतान, 5500 रूपए प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता पारिश्रमिक भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं नई शिक्षा नीति 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों से 3100 रूपए में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की व्यवस्था, नियद नेल्लानार योजना के साथ ही अन्य निर्णयों से सभी वर्गाें को सशक्त बनाने की पहल की है। राज्य सरकार के जनहितकारी फैसलों से शासन-प्रशासन के प्रति लोगों में एक नया भरोसा जगा है। इस भरोसे को और मजबूत करने की जिम्मेदारी हम सबकी है। 

हर घर तिरंगा अभियान : स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे के साथ लगाएं प्रोफाइल पिक्चर

हर घर तिरंगा अभियान : स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे के साथ लगाएं प्रोफाइल पिक्चर

रायपुर, 14 अगस्त 2024 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरा देश "हर घर तिरंगा" अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नागरिकों से इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। तिरंगे के साथ अपनी प्रोफाइल पिक्चर लगाकर, हम सभी इस राष्ट्रीय पर्व को और खास बना सकते हैं और देश के प्रति अपनी एकजुटता और सम्मान प्रकट कर सकते हैं।

कैसे बनाएं तिरंगे के साथ प्रोफाइल पिक्चर

इस अभियान में भाग लेने के लिए [हर घर तिरंगा अभियान की वेबसाइट] (
https://harghartirangacg.netlify.app/)
पर जाकर अपनी फोटो अपलोड करनी होगी। इसके बाद, तिरंगे के साथ आपकी प्रोफाइल पिक्चर तैयार हो जाएगी, जिसे आप सोशल मीडिया पर साझा कर सकते हैं।

अभियान का उद्देश्य

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देशवासियों के दिलों में तिरंगे के प्रति गर्व और सम्मान की भावना को और गहरा करना है। हर भारतीय को इस पहल का हिस्सा बनकर, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की शान को और ऊंचा करने का मौका मिल रहा है। 

Raksha Bandhan 2024 : रक्षाबंधन पर रहेगा भद्रा का साया, जानिए कब से कब तक भाइयों की कलाई पर बांध सकेंगी राखी

Raksha Bandhan 2024 : रक्षाबंधन पर रहेगा भद्रा का साया, जानिए कब से कब तक भाइयों की कलाई पर बांध सकेंगी राखी

 Rakshabandhan 2024 : रक्षाबंधन का पर्व 19 अगस्त दिन सोमवार को मनाया जाएगा. इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया रहने वाला है. कहते हैं कि भद्राकाल में भाई को राखी नहीं बांधनी चाहिए. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार राइवण की बहन शूर्पणखा ने रावण को भद्रा काल में ही राखी बांधी थी और रावण का पूरा साम्राज्य खत्म गया था. ऐसे में राखी बांधने के शुभ मुहूर्त को लेकर ज्योतिषों में अलग-अलग मत है।

रक्षाबंधन इस बार सोमवार, 19 अगस्त को है, लेकिन श्रावण शुक्ल चतुर्दशी 18 अगस्त को रात 2 बजकर 21 मिनट से ही भद्रा शुरू हो जाएगी. इसका समापन श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को दोपहर में 1 बजकर 24 मिनट पर होगा. इसके बाद ही रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त शुरू होगा. बहनें भद्रा के बाद ही भाई की कलाई पर राखी बांधें.

भद्रा दोष से जोड़ी महत्वपूर्ण जनकारी

भद्राकाल का विचार हर शुभ कार्य में किया जाता है. किसी भी मांगलिक कार्य में भद्रा का योग अशुभ माना गया है. इसलिए इस बात का खास ख्याल रखा जाता है कि शुभ कार्य के दौरान भद्रा का साया न पड़े. इस बार रक्षाबंधन पर भी भद्रा का साया नजर आ रहा है. भद्रा को लेकर अलग-अलग मत बने हुए हैं। रक्षाबंधन पर भद्रा का समय और भद्रा दोष से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी। इस दिन सुबह 5 बजकर 32 मिनट पर भद्राकाल आरंभ हो जाएगा और 1 बजकर 31 मिनट तक भद्रा रहने वाली है। लेकिन, इस दिन सुबह से भद्रा होने पर भी भद्रा अशुभ फल नहीं देंगी। दरअसल, भद्रा का वास अलग अलग लोकों में होने पर वह अलग अलग प्रभाव डालती है।

भद्रा का वास पाताल लोक में होगा

19 अगस्त की शाम 7 बजे तक चंद्रमा मकर राशि में ही रहने वाले हैं। जबकि इस बीच भद्रा यानी विष्टि करण दिन में 1 बजकर 31 मिनट पर ही समाप्त हो चुका होगा। ऐसे में भद्रा का वास इस दौरान पाताल लोक में होगा और धरती पर इसका प्रभाव नहीं होगा। इसलिए रक्षाबंधन के दिन आप सुबह से ही राखी बांध सकते हैं। क्योंकि, पाताल में भद्रा होना मांगलिक कार्यों के लिए शुभ है।

CG : हड़ताल की राह पर जूनियर डॉक्टर्स...चरमरा सकती है स्वास्थ्य व्यवस्थाएं..जानिए क्या है मांगें…

CG : हड़ताल की राह पर जूनियर डॉक्टर्स...चरमरा सकती है स्वास्थ्य व्यवस्थाएं..जानिए क्या है मांगें…

 रायपुर: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुई रेप के बाद हत्या की घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस घटना को लेकर अब पूरे देश भर के डॉक्टरों ने धरना पर बैठ गए हैं। इसी बीच आज छत्तीसगढ़ के जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल करने का ऐलान कर दिया है। सभी डॉक्टर आज बड़ी संख्या में इकट्ठ होकर विरोध करेंगे। साथ ही आज सभी जूनियर डॉक्टर OPD, OT, और वार्ड में काम नहीं करेंगे।

 आपको बता दें कि आज अंबेडकर अस्पताल में OPD की सभी सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवाओं में काम होगा। घटना के विरोध में डॉक्टर पहले से ही काली पट्‌टी बांधकर विरोध जताएंगे। आज करीब 300 जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल में काम बंद करने का फैसला लिया है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने इसकी पुष्टि की है।

आपको बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। कोलकाता पुलिस का कहना है कि, आरोपी संजय रॉय ने 8 अगस्त की रात अस्पताल के पीछे शराब पी थी। फिर वारदात के बाद वो घर जाकर सो गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
नहीं मिलेगी अभी बारिश से राहत, अगले तीन दिनों तक होगी झमाझम बारिश...जानें मौसम विभाग का ताजा अपडेट

नहीं मिलेगी अभी बारिश से राहत, अगले तीन दिनों तक होगी झमाझम बारिश...जानें मौसम विभाग का ताजा अपडेट

 रायपुर:  छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार अब कमजोर पड़ गई है। बीते कुछ दिना से रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों मं बारिश थम गई है, जिसके चलते तापमान में वृद्धि हुई है। साथ ही उमस से एक बार फिर लोगों के घरों में कुलर चलना शुरू हो गया है। लेकिन अभी भी सरगुजा संभाग में बारिश का दौर जारी है। वहीं मध्य व दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधि कम होगी।

मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग के कई जिलों के लिए बारिश की संभावना जताई है। ​मौसम विभाग ने कई जिलों में अलग तीन दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार कई जिलों में झमाझम बारिश हो सकती है। साथ ही एक दो ​स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। मंगलवार को प्रदेश भर में सर्वाधिक वर्षा रामानुजगंज (जिला बलरामपुर) में 4 सेमी हुई। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा हुई।

आपको बता दें कि प्रदेश में एक जून 2024 से अब तक राज्य में 758.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से 13 अगस्त 2024 सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1698.3 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 381.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1236 मिलीमीटर है।
ब्रेकिंग :  इस दिन छत्तीसगढ़ आएंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह...इन मुद्दों पर करेंगे चर्चा

ब्रेकिंग : इस दिन छत्तीसगढ़ आएंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह...इन मुद्दों पर करेंगे चर्चा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द ही पंचायत और निकाय चुनाव होने वाले हैं। इसे लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों से तैयारियां शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि ये दोनों चुनाव एक साथ साल के अंत तक होंगे। इसी बीच जानकारी मिली है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 23 अगस्त को रायपुर दौरे पर आने वाले हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, इस दिन राज्य सरकार की योजनाओं पर चर्चा होगी। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नक्सल मुद्दे पर भी चर्चा करेंगे। कहा जा रहा है कि नक्सल मुद्दे पर कई रणनीति भी तैयार की जाएगी।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को लेकर कहा था, कि नक्सलवाद की समस्या अगले दो-तीन साल में खत्म हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ के एक छोटे से क्षेत्र को छोड़कर समूचा देश इस खतरे से मुक्त हो चुका है। छत्तीसगढ़ में कुछ हिस्सों में अब भी नक्सली सक्रिय हैं, क्योंकि पिछले पांच साल से राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने कहा था कि पांच महीने पहले जब से राज्य में भाजपा सरकार ने सत्ता संभाली है, तब से छत्तीसगढ़ को नक्सलियों से मुक्त कराने का काम शुरू हो गया है।

छत्तीसगढ़ में शराब दुकान के स्टाफों के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस प्रणाली का हुआ उद्घाटन

छत्तीसगढ़ में शराब दुकान के स्टाफों के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस प्रणाली का हुआ उद्घाटन

 रायगढ़ : छत्तीसगढ़ में शराब दुकान स्टाफ के लिए एक नई सुविधा का उद्घाटन आज हुआ, जिसके तहत स्टाफ के अटेंडेंस को अब ऑनलाइन ट्रैक किया जाएगा। यह नई व्यवस्था स्टाफ के वेतन और कामकाजी घंटों की सटीकता को सुनिश्चित करेगी और कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलने की संभावना को बढ़ाएगी। जिला आबकारी अधिकारी राम मिश्रा भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।

रायगढ़ चक्रधर नगर शराब दुकान में जिला आबकारी अधिकारी श्री मिश्रा भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आयोजन में शामिल हुए। राजधानी रायपुर में आयोजित समारोह में इस ऑनलाइन अटेंडेंस प्रणाली का उद्घाटन किया गया। इस प्रणाली की शुरुआत का उद्देश्य शराब दुकानों के कर्मचारियों के कार्य समय और उपस्थिति को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड करना है, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि वेतन वितरण में भी सुधार होगा।

इस नई प्रणाली के तहत, स्टाफ को अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए एक विशेष ऐप का उपयोग करना होगा। यह ऐप उनके प्रवेश और निकासी का समय ऑटोमेटिकली रिकार्ड करेगा और इसे केंद्रीय डेटाबेस में स्टोर करेगा। इससे न केवल कर्मचारियों की उपस्थिति का सही डेटा उपलब्ध होगा, बल्कि वेतन वितरण में भी सटीकता सुनिश्चित की जा सकेगी। इस प्रणाली से शराब दुकान स्टाफ की समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें समय पर वेतन मिलने की गारंटी मिलेगी। साथ ही, यह व्यवस्था पारदर्शिता और जिम्मेदारी को भी बढ़ाएगी, जो कि सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस नई प्रणाली को लेकर सभी संबंधित पक्षों ने इसे एक सकारात्मक कदम माना है, जो भविष्य में कर्मचारियों के हित में और अधिक सुधार ला सकता है।

 
CG -बेटे ने मां और भाई को उतारा मौत के घाट, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम...कातिल को पुलिस ने किया गिरफ्तार

CG -बेटे ने मां और भाई को उतारा मौत के घाट, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम...कातिल को पुलिस ने किया गिरफ्तार

 जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से डबल मर्डर का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक सनकी बेटे ने मां सहित दो लोगों की हत्या कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार है और उसकी बीमारी के चलते ही परिवार ने उसे अलग एक घर में रखा हुआ था।

जानिए पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, थाना बोधघाट को सूचना मिली कि नकटी सेमरा गांव, राइस मिल के पीछे स्थित मकान में रहने वाले रिक्की दास पिता रतन दास ने दो लोगों कि हत्या कर दी है। इस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि नकटी सेमरा गांव में रिक्की दास 39 वर्ष पिछले तीन साल से एक एस्बेस्टस सीट वाले मकान में रह रहा था।

उसकी पत्नी एवम बच्चे करीब 8 साल पहले उसे छोड़कर चले गए। आरोपी राजधानी बस में कंडक्टरी का काम करता था जिसे वह लगभग 12 साल पहले ही छोड़ दिया था।कोई काम नहीं करता था, घर वालों से अक्सर लड़ाई झगड़ा करते रहता था। पड़ोसियों का कहना है कि पत्नी, बच्चे, माँ सबने रिक्की दास को अकेले छोड़ दिया था इस कारण वह डिप्रेशन में रहने लगा और मानसिक रूप से तनाव व विचलित मन स्थिति का हो गया था।

मानसिक रूप से बीमार

उसकी हरकतों से परेशान मृतिका माँ ने भी उसे नकती सेमरा के घर में रहने के लिए भेज दिया था। आर्थिक तंगी होने से गुस्सा रहता था। मां ही उसे राशन देने जाती थी। 11 अगस्त को आरोपी रिक्की दास की मां चप्ला दास (हाट कचौरा) अपने बहिन के बेटे देवानंदा हीरा (मलकानगिरी) के साथ आरोपी को राशन देने के लिए गई थी। दोपहर 3.30 बजे आरोपी ने कहा मुझे अकेला मरने के लिए छोड़ दिए हो, तुम लोग मेरी जिंदगी बरबाद कर दिए हो कहते हुए अपनी पुरानी बातों पर खुन्नस निकालते हुए, अपनी मां से झगड़ा करने लगा और उसी दौरान साथ में खड़ा मौसेरा भाई देवानंदा द्वारा लड़ाई झगड़ा मत करो कहने पर उसे लोहे के मोटे पाइप से सिर पर वार कर मर्डर कर दिया। अपनी मां को भी जान से मारने की नियत से उसके भी सिर पर वार किया जिससे उसकी मौत ईलाज के दौरान डिमरापाल में हो गई। मौके पर तत्काल जीरो में मर्ग तथा 103.1, 238 BNS अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया है। FSL टीम को भी बुलाया गया था। आरोपी रिक्की दास कस्टडी में है, विवेचना जारी है।

ब्रेकिंग : विशिष्ट सेवा,सराहनीय सेवा और वीरता पदक के लिए नामों का ऐलान...देखें लिस्ट...!!

ब्रेकिंग : विशिष्ट सेवा,सराहनीय सेवा और वीरता पदक के लिए नामों का ऐलान...देखें लिस्ट...!!

 रायपुर :- आईपीएस राहुल भगत सहित छत्तीसगढ़ के पुलिसकर्मियों को वीरता विशिष्ट और सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा आज गृह मंत्रालय ने अलग-अलग सेवा पदों का ऐलान किया है।वीरता एवं सराहनीय सेवाओं के लिए दिए जाने वाले पुलिस पदको का ऐलान कर दिया गया है। इस बार अलग-अलग वर्ग में छत्तीसगढ़ के 25 पुलिस अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को अवार्ड दिया जाएगा। मैडल फॉर गैलेंट्री अवॉर्ड इस बार छत्तीसगढ़ के 15 पुलिस कर्मियों को मिलेगा।

वहीं विशिष्ट सेवाओं के लिए एक और सराहनीय सेवा के लिए 9 पुलिस कर्मियों को अवार्ड दिया जाएगा। इंस्पेक्टर शिशुपाल सिंह, सब इंस्पेक्टर निर्मला जांगड़े, हेड कांस्टेबल अमिया चीलमुल, हेड कांस्टेबल फुल्ला गोपाल, हेड कांस्टेबल तुलाराम कुर्मी, कांस्टेबल गोपाल बुद्ध, कांस्टेबल हेमंत आंदरिक, कांस्टेबल मोतीलाल राठौर, कांस्टेबल गोविंद सोढ़ी, कांस्टेबल सुकनु राम, कांस्टेबल मुन्ना काड़ती, कांस्टेबल कृष्णा गली, कांस्टेबल भीमां, कांस्टेबल धनीराम कोरसा, कांस्टेबल कृष्णा ताती को वीरता पदक दिया जाएगा।

विशिष्ट सेवाओं के लिए पदक
मुख्यमंत्री के सचिव आईपीएस राहुल भगत
आईजी सुशील चंद्र द्विवेदी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिंज
उपपुलिस अधीक्षक गुरजीत सिंह ठाकुर
असिस्टेंट कमांडेंट प्रशांत श्रीवास्तव
कंपनी कमांडर प्रभु लाल कोमरे
सब इंस्पेक्टर द्वारका प्रसाद
प्रधान आरक्षक धर्म सिंह नरेटी और रविंद्र कुमार ठाकुर

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मैडम तहसीलदार का राज : आदिवासी किसान के टैक्टर के आगे अड़ाई कार, फिर सैंडल से शुरू कर दिया पीटना, जानिए क्या है पूरा मामला..!!

मैडम तहसीलदार का राज : आदिवासी किसान के टैक्टर के आगे अड़ाई कार, फिर सैंडल से शुरू कर दिया पीटना, जानिए क्या है पूरा मामला..!!

 मानपुर। ना न्यायालय का डर है...ना कानून का...यहां तो सिर्फ मेरी चलती है...यह किसी गुंडे या माफिया का रवैया नहीं, बल्कि मानपुर की मैडम तहसीलदार का है। दरअसल छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र मानपुर में एक महिला तहसीलदार की दबंगई सामने आई है। मैडम की कार को साईड न मिलने पर वो इतना गुस्सा हो गई कि उन्होंने बीच सड़क में ही एक आदिवासी युवक पर सैंडल बरसाना शुरू कर दिया। मैडम तहसीलदार के पद का प्रभाव क्षेत्र में इतना है कि पीड़ित ने इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज नहीं कराई है। ये पूरा मामला मानपुर का है। जानकारी के मुताबिक ग्राम भरीटोला निवासी तरूण मंडावी पिता मनीराम मंडावी उम्र 25 वर्ष अपने तीन अन्य साथियों के साथ सोमवार की शाम को ट्रेक्टर से मानपुर से अपने ग्राम भर्रीटोला लौट रहा था। बताया जाता है कि ट्रेक्टर के पीछे महिला तहसीलदार संध्या नामदेव अपनी कार को स्वयं ही ड्राईव करते आ रही थी। इस दौरान कई बार हार्न देने के बावजूद ट्रेक्टर चालक ने साईड नहीं दी। इससे आक्रोशित होकर महिला तलसीलदार ने ओवरटेक करते हुए ट्रेक्टर रूकवाई और तरूण मंडावी की सरेराह पिटाई कर दी। 

महिला अधिकारी द्वारा ट्रेक्टर चालक की पिटाई होते देखकर मौके पर राहगीरों एवं ग्रामीणों की भीड़ भी जुट गई थी। महिला अधिकारी की पिटाई से किसी तरह बचकर तरूण मंडावी तथा उसके साथी जंगल की ओर भाग गये। इस बीच पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ट्रेक्टर को मानपुर थाने लाया गया। इस बीच रात में पीड़ित युवक थाने पहुंचे, लेकिन उन्होंने बाद में आने की बात कहते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। घटना की जानकारी कलेक्टर एस. जयवर्धन तथा अन्य आला अधिकारियों को मिलने के बाद एसडीएम अमित नाथ योगी थाने पहुंचे और ट्रेक्टर को रिलीज करने के निर्देश दिये। 

छत्तीसगढ़ में टीआई को किया गया निलंबित...जानिए क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ में टीआई को किया गया निलंबित...जानिए क्या है पूरा मामला

 सुकमा :- छत्तीसगढ़ में एक टीआई को निलंबित कर दिया गया है , दरअसल TI अजय सोनकर पर आरोप था की उन्होंने आंध्र पुलिस के साथ मिलकर कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों की गाड़ी में गांजा रख कर उन्हें गिरफ्तार करवा दिया। इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ के अलग अलग जिलों में पत्रकारों की रिहाई को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। गृह मंत्री से भी इसकी शिकायत पत्रकरों ने की थी।
जिसके बाद प्रदेश में पत्रकारों के द्वारा प्रदर्शन किया गया, इधर प्रदर्शन बढ़ता देख सुकमा पुलिस ने तत्काल प्रभाव से पहले तो टीआई को थाने से हटवाया, फिर निलंबित कर दिया। बताया जा रहा है अवैध रेत की खबर कवरेज करने चार पत्रकार कोंटा सीमा पर आंध्रप्रदेश के चट्टी गये हुये थे। यहां पर उनकी कार में गांजा रखने के आरोप में चिंतुर पुलिस ने हिरासत में लिया और अपने साथ थाने ले आई।

रेल यात्रियों की फिर बढ़ी परेशानी, फेस्टिव सीजन में 46 ट्रेनें रद्द, सात ट्रेनों का बदला मार्ग, देखें लिस्‍ट

रेल यात्रियों की फिर बढ़ी परेशानी, फेस्टिव सीजन में 46 ट्रेनें रद्द, सात ट्रेनों का बदला मार्ग, देखें लिस्‍ट

 त्योहारी सीजन में अब फिर से 24 अगस्त से 9 सितंबर तक बिलासपुर-कटनी रेल लाइन और दमोह स्टेशन में मेगा ब्‍लॉक रहेगा, जिससे कुल 46 ट्रेनें रद हो रही हैं। साथ ही आधा दर्जन से ज्यादा ट्रेनों का मार्ग बदला है।

राजनांदगांव-कलमना रेल लाइन का ब्‍लॉक खत्म नहीं हुआ और फिर दूसरे मेगा ब्‍लॉक ने यात्रियों को मुसीबत में डाल दिया है। इस ब्‍लॉक से रक्षाबंधन त्योहार के समय बड़ी संख्या में रेल यात्री 19 अगस्त तक सफर में परेशानी उठाएंगे।

ये ट्रेनें रद्द

– 26 अगस्त से 5 सितंबर तक बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।

– नागपुर से चलने वाली 11201 नागपुर-शहडोल एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।

– 29 अगस्त, 2 एवं 05 सितम्बर को लखनऊ से 12535 लखनऊ-रायपुर गरीब रथ रद्द रहेगी ।

-30 अगस्त, 03 एवं 06 सितम्बर को रायपुर से 12536 रायपुर-लखनऊ गरीब रथ रद्द रहेगी ।

– 27 अगस्त, 01 एवं 03 सितम्बर को दुर्ग से 18203 दुर्ग-कानपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।

-28 अगस्त, 02 एवं 04 सितम्बर को कानपुर से 18204 कानपुर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।

– 29 अगस्त एवं 05 सितम्बर को दुर्ग से 18205 दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।

– 31 अगस्त एवं 07 सितम्बर को नौतनवा से 18206 नौतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।

– 29 अगस्त, 05 एवं 12 सितम्बर को 22170 सांतरागाछी-हबीबगंज एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

– 31 अगस्त एवं 07 सितम्बर को 22830 शालीमार- भुज एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

-26 अगस्त, 02 एवं 09 सितम्बर को दुर्ग से 18207 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

– 27 अगस्त, 03 एवं 10 सितम्बर को अजमेर से 18208 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

– 1 एवं 08 सितम्बर, 2024 को दुर्ग से 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

-2 एवं 09 सितम्बर को अजमेर से 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

– 28 अगस्त, 04 एवं 11 सितम्बर को दुर्ग से 20847 दुर्ग-ऊधमपुर रद्द

– 27, 30 अगस्त, 03, 06, 10 एवं 13 सितम्बर, 2024 को दुर्ग से 22867 दुर्ग-निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस रद्द।

– 28, 31 अगस्त, 04, 07, 11 एवं 14 सितम्बर, 2024 को निज़ामुद्दीन से 22868 निज़ामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।

– 29 अगस्त को विशाखापटनम से 18573 विशाखापटनम से और 31 अगस्त को 18574 भगत की कोठी से रद्द रहेगी ।

– 22 अगस्त एवं 03 सितम्बर को निज़ामुद्दीन से 22408 निज़ामुद्दीन-अम्बिकापुर एक्सप्रेस रद्द ।

– 29 अगस्त एवं 05 सितम्बर को अम्बिकापुर से 22407 अम्बिकापुर -निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस रद्द।

ये सभी ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी

– 31 अगस्त एवं 09 सितम्बर को 12823 दुर्ग-निज़ामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस न्यू कटनी–कटनी-सतना-ओहन केबिन-झांसी जंक्शन होकर चलेगी ।

– 20847 दुर्ग-ऊधमपुर 12 सितंबर को झांसी जंक्शन, ओहन केबिन सतना, न्यू कटनी से होकर दुर्ग आएगी।

-8 अगस्त एवं 10 सितम्बर को 12824 निज़ामुद्दीन- दुर्ग संपर्क क्रांति एक्सप्रेस झांसी जंक्शन से ओहन केबिन- कटनी- न्यू कटनी होकर आएगी।

– 12 सितम्बर को 12550 मुम्बई सेन्ट्रल-दुर्ग एक्सप्रेस झांसी जंक्शन से ओहन केबिन-सतना- कटनी- न्यू कटनी होकर चलेगी ।

– 4 एवं 11 सितम्बर को 20808 अमृतसर-विशाखापटनम एक्सप्रेस झांसी जंक्शन से ओहन केबिन-सतना- कटनी- न्यू कटनी होकर चलेगी ।

– 27 अगस्त से 04 सितम्बर तक 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस गोंदिया-बालघाट- नैनपुर-जबलपुर- कटनी होकर चलेगी ।

– 27 अगस्त से 04 सितम्बर तक 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस कटनी जबलपुर- नैनपुर- बालघाट-गोंदिया पहुंचेगी।

BREAKING : गौरेला और पेंड्रा नगर पंचायतें बनी नगर पालिका, राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना

BREAKING : गौरेला और पेंड्रा नगर पंचायतें बनी नगर पालिका, राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना

 रायपुर: राज्य शासन द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला नगर पंचायत और पेंड्रा नगर पंचायत को नगर पालिका परिषद गठित करने के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राजपत्र में इस संबंध में अधिसूचना का प्रकाशन कर दिया गया है। राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार नगर पंचायत गौरेला की सीमाएं ही नगर पालिका परिषद गौरेला की सीमाएं होंगी। इसी प्रकार नगर पंचायत पेंड्रा की सीमाएं ही नगर पालिका परिषद पेंड्रा की सीमाएं होंगी।

छत्तीसगढ़ डायोसिस चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया के संयोजन में राजधानी में तिरंगा रैली निकाली गयी

छत्तीसगढ़ डायोसिस चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया के संयोजन में राजधानी में तिरंगा रैली निकाली गयी

 मोहन भागवत, संघ परिवार के लिए विशेष प्राथना की बिशप सुषमा छत्तीसगढ़ डायोसिस 


मसीही समाज की तिरंगा रैली

रायपुर। छत्तीसगढ़ डायोसिस चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया के संयोजन में राजधानी में तिरंगा रैली निकाली गयी। रैली का नेतृत्व बिषप डॉ सुशमा कुमार, डायोसिस के सचिव नितिन लॉरेन्स, डायोसिस के कोशाध्यक्ष जयदीप रॉबिन्सन ने किया। रैली के संयोजक जॉन राजेष पॉल अध्यक्ष पास्ट्रेट कोर्ट एवं प्रवक्ता ने बताया कि सेंट पॉल्स केथेड्रल से केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर तिरंगा रैली निकाली। रैली ने शहर के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण किया। इस मौके पर मसीहीजनों ने देष भक्ति के नारे लगाए। रैली जहां से भी निकली भारत के जयकारे गूंजे। रैली प्रारंभ में और प्रमुख चौराहों पर प्रार्थना की गई। भारत को विष्व में अग्रणी बनानें भाईचारे, सदभावना तरक्की की दुआ मांगी गई। साथ ही भारत देष भारत वासियों राश्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मु, उप राश्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह , केन्द्रीय मंत्रियों, राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री माननीय विश्णुदेव साय, मंत्रियों अधिकारियों किसानों सेना,भारत , मोदी, शाह , मोहन भागवत, संघ परिवार,मंत्रियों, राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों के लिए प्रार्थना व्यापारियों शहर के नागरिकों हेतु विषेश प्रार्थनाएं की गयी। रैली में प्रमुख रूप से डायोसिस के उपाध्यक्ष पादरी समीर फ्रैंकलीन, पादरी हेमन्त तिमोथी, पादरी शैलेश सालोमन, पादरी असीम प्रकाष विक्रम, पादरी सुनील कुमार, पादरी अब्राहम दास, डीकन मनषीष केजू, डीकन जीवन मसीह दास, डायोसिसन वर्कर ऐष्वर्य लिविंग्सटन, डायोसिसन वर्कर राहुल रॉबिन्सन सेंट पॉल्स केथेड्रल  रूचि धर्मराज, किरण सिंग सालेम इंग्लिष स्कूल की प्रभारी प्राचार्या रूपिका लॉरेन्स शिक्षक /शीक्षिकाएं एवं बच्चे, सेंट पॉल्स इंग्लिष मीडियम स्कूल की प्रभारी प्राचार्या पल्लवी मिंज षिक्षक/शीक्षिकाएं एवं बच्चे, सेंट पॉल्स हिन्दी मीडियम स्कूल के प्राचार्य जयवंत मसीह षिक्षक एवं बच्चे। पास्ट्रेट कमेटी सदस्यों में आषा इजराएल जोसेफ, डी के दानी, सोमरोन केजू, नीरज रॉय, अनिल सालोमन, प्रवीण जेम्स, मनीश दयाल सहित समाज के संजय सालोमन, विजय सुता, नीरज दास, गजेन्द्र दान, संजीव षान्तैया, मार्क रजनीष सालोमन, आलोक रंजन चौबे, विनोद लाल, अक्षय जेम्स, साइमन मसीह, षरण टिर्की, मोहित यादव, सेमरोन मसीह, सेमुएल मार्डीकल प्रमोद लाल, नवीन डेनिएल, राजा मसीह, गुलाब यादव, राकेष गार्डिया, संदीप मसीह, बोधराम के अलावा न्यूजीलैंड कामनवेल्थ गेम्स में छत्तीसगढ़ की पदक विजेता रीबा बेन्नी के माता पिता  एवं मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान किये गये दिव्य तिरंगे को लेकर रैली में सामिल हुए।
 
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने दो अतिरिक्त जजों को दिलाई शपथ

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने दो अतिरिक्त जजों को दिलाई शपथ

 रायपुर : मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में आज बिभु दत्त गुरू तथा अमितेन्द्र किशोर प्रसाद को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के अतिरिक्त जज के रूप में शपथ दिलाई।उल्लेखनीय है कि विधि एवं विधायी कार्य विभाग, नई दिल्ली द्वारा 12 अगस्त 2024 को उक्त नियुक्ति के संबंध में अधिसूचना जारी की गयी थी। शपथ ग्रहण समारोह में महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन. भारत, उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उमाकांत सिंह चंदेल व डिप्टी सॉलीसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने उक्त नवनियुक्त न्यायमूर्तियों के जीवन पर प्रकाश डाला।

Chhattisgarh : मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने दो अतिरिक्त जजों को दिलाई शपथ

इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्तागण, बार एसोसिएशन के पदाधिकारीगण, अधिवक्तागण, रजिस्ट्रार जनरल व न्यायिक अधिकारीगण, ज्यूडिशियल एकेडमी के न्यायिक अधिकारीगण, रजिस्ट्री के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय आज विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल,बायोमेट्रिक उपस्थिति हेतु ऑनलाईन पोर्टल का करेंगे शुभारंभ

मुख्यमंत्री साय आज विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल,बायोमेट्रिक उपस्थिति हेतु ऑनलाईन पोर्टल का करेंगे शुभारंभ

 रायपुर । मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज  मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में आबकारी विभाग के बायोमेट्रिक उपस्थिति हेतु ऑनलाईन पोर्टल का शुभारंभ करेंगे तथा जशपुर जिले किलकिला में आयोजित संस्कृति गौरवगान एवं अभिनंदन समारोह में शामिल होंगे।

जारी दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 14 अगस्त को सुबह 10.30 बजे मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आबकारी विभाग के बायोमेट्रिक उपस्थिति हेतु ऑनलाईन पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री इसके पश्चात जशपुर जिले के किलकिला जाएंगे और वहां दोपहर 12.20 बजे से 1.20 बजे तक संस्कृति गौरवगान एवं अभिनंदन समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री वहां से हेलीकॉप्टर से 2.55 बजे रायपुर वापस आएंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री अपरान्ह 3 बजे से 5.30 बजे तक मेडिकल कॉलेज सभागार रायपुर में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस संगोष्ठी में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री रायपुर के भारत माता चौक में संध्या 6.45 बजे से भारत माता की आरती कार्यक्रम शामिल होंगे।

 
 
CG- भारी बारिश अलर्ट: भारी वर्षा की चेतावनी... 4 दिनों के लिए अलर्ट जारी

CG- भारी बारिश अलर्ट: भारी वर्षा की चेतावनी... 4 दिनों के लिए अलर्ट जारी

 रायपुर। भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। 13 से 16 अगस्त के दौरान छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में काफी व्यापक से व्यापक रूप से हल्की/मध्यम वर्षा होने की भी संभावना है। अगले 3 घंटों में बलरामपुर, गौरेला पेंड्रा मरवाही, जशपुर, कोरबा, कोरिया, मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, सूरजपुर, सरगुजा में अलग-अलग स्थानों पर मध्यम गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। कल से आगामी 03 दिनों तक सरगुजा संभाग के अधिकांश स्थानों पर वर्षा होने तथा 1-2 स्थानों पर गरज चमक के साथ मध्यम से भारी वर्षा की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। 

कल के लिए पूर्वानुमान अनुसार प्रदेश में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात व भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम सारांश अनुसार आज प्रदेश में मानसून सामान्य से कमजोर रहा। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गयी। सर्वाधिक वर्षा स्टेशन- रामानुजगंज (जिला बलरामपुर) में 04 से.मी. दर्ज की गयी। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.0°C राजनन्दगाँव में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6°C AWS नारायणपुर में दर्ज किया गया।

सिनोष्टिक सिस्टम औसत समुद्र तल पर मानसून की द्रोणिका श्री गंगानगर, नारनौल, चुर्क, जमशेदपुर, दीघा से होकर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। एक द्रोणिका उत्तर-पूर्व राजस्थान और उसके आसपास के इलाकों के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण से दक्षिण उत्तर प्रदेश, दक्षिण बिहार और गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर स्थित है।

रायपुर शहर के लिए स्थानीय पूर्वानुमान अनुसार 14 अगस्त को आकाश आंशिक मेघमय रहने एवं गरज चमक के साथ वर्षा/बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 34°C और 25°C के आसपास रहने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ में अब तक 758.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 758.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 13 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1698.3 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 381.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।

 राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 693.2 मिमी, बलरामपुर में 1038.0 मिमी, जशपुर में 575.0 मिमी, कोरिया में 721.2 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 750.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। 

 इसी प्रकार, रायपुर जिले में 658.5 मिमी, बलौदाबाजार में 790.9 मिमी, गरियाबंद में 732.9 मिमी, महासमुंद में 545.3 मिमी, धमतरी में 706.8 मिमी, बिलासपुर में 695.0 मिमी, मुंगेली में 729.7 मिमी, रायगढ़ में 634.5 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 419.2 मिमी, जांजगीर-चांपा में 719.7 मिमी, सक्ती 608.2 कोरबा में 962.5 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 701.8 मिमी, दुर्ग में 486.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 598.7 मिमी, राजनांदगांव में 813.5 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 916.1 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 560.5 मिमी, बालोद में 836.5 मिमी, बेमेतरा में 434.5 मिमी, बस्तर में 838.1 मिमी, कोण्डागांव में 786.5 मिमी, कांकेर में 1005.9 मिमी, नारायणपुर में 914.2 मिमी, दंतेवाड़ा में 997.3 मिमी और सुकमा जिले में 1074.8 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।