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आपके लिए हींग का पानी है कितना फायदेमंद , जरूर जानें

आपके लिए हींग का पानी है कितना फायदेमंद , जरूर जानें

 खाने में स्वाद और महक के लिए हींग का प्रयोग विशेष तौर पर किया जाता है और पेट के लिए भी इसे काफी फायदेमंद माना जाता है। वैसे सेहत के लिए हींग के एक नहीं बल्कि कई फायदे हैं। यकीन नहीं होता तो, जानिए यह 5 खास फायदे -

1) कब्ज की शिकायत होने पर हींग का प्रयोग लाभ देगा। रात को सोने से पहले हींग के चूर्ण को पानी में मिलाकर पिएं और सुबह देखें असर। सुबह पेट पूरी तरह से साफ हो जाएगा।  

2)  अगर भूख नहीं लगती या भूख लगना कम हो गया है, तो भोजन करने से पहले हींग को घी में भूनकर अदरक और मक्खन के साथ लेने से फायदा होगा और भूख खुलकर लगेगी।

3 त्वचा में कांच, कांटा या कोई नुकीली चीज चुभ जाए और निकालने में परेशानी आ रही हो, तो उस स्थान पर हींग का पानी या लेप लगाएं। चुभी हुई चीज अपने आप ही बाहर निकल आएगी।

 

4 अगर कान में दर्द हो रहा हो, तो तिल के तेल में हींग को गर्म करके, उस तेल की एक-दो बूंद कान में डालने से कान का दर्द पूरी तरह से ठीक हो जाएगा।

5 दांतों में कैविटी होने पर भी हींग आपके लिए काम की चीज साबित हो सकता है। अगर दांतों में कीड़े हैं, तो रात को दांतों में हींग लगाकर या दबार सो जाएं। कीड़े अपनेआप निकल आएंगे।

बिना साइड इफेक्ट्स के कैंसर के तेज दर्द को कम करता है ऐक्यूपंक्चर

बिना साइड इफेक्ट्स के कैंसर के तेज दर्द को कम करता है ऐक्यूपंक्चर

चिकित्सा की वैदिक पद्धतियां एक्यूप्रेश और ऐक्यूपंक्चर कैंसर के कारण होनेवाले भीषण दर्द की तीव्रता को कम करती हैं। इतना ही नहीं दर्द को दूर कर कैंसर में ओपिओइड की जरूरत को भी कम कर सकती हैं। यह स्टडी हाल ही जामा ऑन्कॉलजी जर्नल में प्रकाशित हुई है। 

कैंसर के मरीजों में करीब 70 प्रतिशत लोग भीषण तीव्रता वाला दर्द सहन करते हैं। इसे दवाओं के जरिए 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। हालांकि पेन मैनेजमेंट के दौरान पता चलता है कि दर्द को कंट्रोल करने के लिए दी जानेवाली दवाओं के भी पेशंट्स के शरीर पर हानिकारक प्रभाव होते हैं। इनमें दवाओं का अडिक्शन भी शामिल है। दवाइयों के इन दुष्प्रभावों से बचने के लिए ऐक्यूप्रेशर और ऐक्यूपंक्चर जैसी पद्धतियों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
आरएमआईटी यूनिवर्सिटी, मेलबर्न और विक्टोरिया ऑस्ट्रेलिया द्वारा भी कैंसर के पेशंट्स के दर्द को कम करने के लिए ऐक्यूप्रेशर और ऐक्यूपंक्चर के प्रभाव का मूल्यांकन किया गया। इस दौरान ऐक्यूप्रेशर और ऐक्यूपंक्चर को एनलजेसिक थेरपी के साथ अप्लाई किया गया। इस दौरान सामने आया कि इनके उपयोग से मरीज को दर्द में बड़ी राहत मिलती है और उसे पेनकिल्स की लत भी नहीं लगती है।
 
बढ़ते वजन से आप है परेशान, तो खाए ये फल जो आपको वजन घटाने में मदद करेगा

बढ़ते वजन से आप है परेशान, तो खाए ये फल जो आपको वजन घटाने में मदद करेगा

सर्दियों के मौसम का एक सबसे बेहतरीन, मौसमी और लोकल फल है संतरा यानी ऑरेंजेज। मीठा और खट्टा के कॉम्बिनेशन वाला यह फल विटमिन सी से भरपूर होता है और अगर आप वजन घटाने की सोच रहे हैं तो संतरे को अपनी डायट में जरूर शामिल करें। यह वेट लॉस करने में आपकी काफी मदद कर सकता है। और सिर्फ संतरा ही नहीं बल्कि इसका छिलका भी काफी फायदेमंद है, कैसे यहां जानें...

संतरे में होता है 87 प्रतिशत पानी
विटमिन सी और कई दूसरे पोषक तत्वों से भरपूर संतरे में कैलरीज की मात्रा बेहद कम होती है। साथ ही साथ संतरे में पानी की मात्रा अधिक होती है। एक संतरे में आमतौर पर करीब 87 प्रतिशत पानी होता है जिससे यह सर्दी के मौसम में आपको हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। इस वजह से भी संतरा वेट लॉस में मददगार है।
 
वेट मैनेज करने में मददगार
संतरे में फाइबर भी काफी होता है जिससे इसे खाने के बाद पेट भरा हुआ महसूस होता है, पाचन तंत्र भी सही बना रहता है, कब्ज की दिक्कत नहीं होती। 2014 की स्टडी के मुताबिक, संतरे में पाया जाने वाला वॉटर-सॉल्यूबल यानी पानी में घुलनशील विटमिन मोटापे से लडऩे और वेट को मैनेज करने में मदद करता है। साथ ही साथ शरीर के फैट बर्निंग प्रोसेस को भी तेज करता है।
 
मोटापा दूर करने में मददगार संतरे का छिलका
सिर्फ संतरा ही नहीं इसका छिलका भी है फायदेमंद। संतरे के छिलके में विटमिन बी6, कैल्शियम, प्रोविटमिन ए और फॉलेट के अलावा पॉलिफेनॉल्स भी पाया जाता है जो डायबीटीज के साथ-साथ अल्जाइमर्स और मोटापा जैसी दिक्कतों को भी दूर करने में मदद करता है।
 
छिलके में होता है संतरे से 4 गुना अधिक फाइबर
आपको जानकर हैरानी होगी कि संतरे के फल की तुलना में उसके छिलके में 4 गुना अधिक फाइबर होता है इसलिए इसके सेवन के बाद आपका पेट भरा हुआ महसूस होता है और देर तक भूख नहीं लगती। छिलके में मौजूद विटमिन सी फैट को बर्न करने में मदद करता है।

कैसे करें संतरे के छिलके को यूज
1. आप चाहें तो संतरे के छिलके की हर्बल चाय बनाकर भी पी सकते हैं।
2. संतरे के छिलके के छोटे-छोटे टुकड़े करके इसे सलाद, सूप या स्मूदी में डालकर खा सकते हैं।
3. छिलकों को सुखाकर उसका पाउडर बना लें और फिर उसे केक, मफिन या योगर्ट में डालकर खाएं।
 
क्या आप भी है सर्दियों में होठो के रूखेपन से परेशान, तो ऐसे करे होठों के रूखेपन को दूर

क्या आप भी है सर्दियों में होठो के रूखेपन से परेशान, तो ऐसे करे होठों के रूखेपन को दूर

सर्दियों का मौसम आते ही जहां पूरे शरीर में रूखापन आ जाता है, वहीं होंठों के ड्राई होने की समस्या आम हो जाती है। होंठों के ड्राईनेस के कारण ये बहुत ही बुरे नजर आते हैं। यदि आप भी होंठों के ड्राईनेस परेशान हैं तो कुछ टिप्स हम आपको बता रहे हैं और जिसके इस्तेमाल से आप पा सकते हैं सॉफ्ट लिप्स। 

तो आइए जानते हैं कि किस टिप्स को अपनाकर आप पा सकती हैं खूबसूरत होंठ।
 
यदि आप रेगुलर लिपस्टिक का इस्तेमाल करती हैं तो यह समस्या आपके होंठों की खूबसूरती को खराब कर सकती हैं। घर आने के बाद लिपस्टिक को साफ करें और अपने होंठो पर पेट्रोलियम जैली का इस्तेमाल करें।
 
देशी घी : यह आपके होंठों के रूखेपन की समस्या को कम करने में बहुत मददगार सिद्ध हो सकता है। बस, आपको सोने से पहले इसका इस्तेमाल करना है।
 
इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि यदि आपको होंठों में ड्राईनेस है, आपके होंठ फट रहे हैं तो यह आपके शरीर के अंदर नमी की कमी भी हो सकती है, बाहरी तौर पर आप चाहे जो कर लें।
 
लेकिन अगर आप इसका इलाज जड़ से ही नहीं करेंगे तो यह समस्या कम नहीं होगी। इसलिए सबसे पहले 8 से 9 गिलास पानी पीने की आदत डालें जिससे कि आपको ऐसी समस्या का सामना करना ही नहीं पड़ेगा।
 
कई बार होंठों का फटना पोषक तत्वों की कमी की वजह से भी होता है। ऐसे में अपने खानपान का पूरा ख्याल रखें ताकि शरीर को किसी तत्व की कमी न होने पाए।
 
अपने होंठों पर बहुत कम लोग ही ध्यान देते हैं। अपनी स्कीन केयर रूटीन में इसे काफी नजरअंदाज किय़ा जाता है लेकिन ऐसा करना ठीक नहीं होता है। आप जब अपने चेहरे का स्क्रब करती हैं, तो होंठों पर भी इसका इस्तेमाल जरूर करें और इसके बाद ऑइल या घी का इस्तेमाल कर सकती हैं।
 
स्क्रब करने के लिए आप घरेलू स्क्रब का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए आप शकर और ऑलिव ऑइल का भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
 
सर्दियों की ठंडी हवा कर सकती है आपको बीमार, जानें क्या है कारण

सर्दियों की ठंडी हवा कर सकती है आपको बीमार, जानें क्या है कारण

सर्दियों के दिनों में लगातार गिरते तापमान की वजह से लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ठंडी हवाएं, सुबह और रात के समय कोहरा, दिन में हल्की धूप और कभी बारिश से ठंड बढऩे पर लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है. हालांकि सुबह के समय ताजी हवा लेना सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है लेकिन सर्दियों में ऐसा करना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि ठंड के कारण सांस लेने में तकलीफ होने लगती है.

आप सर्दियों की सुबह ठंडी हवा में टहलने के लिए घर से बाहर निकलते हैं और ठंडी हवा का लुत्फ उठाते हैं और टहलते समय आप सांस लेने में परेशानी महसूस करते हैं. सर्दियों के मौसम में ऐसा होना सामान्य है. कुछ लोगों को सांस में तकलीफ या सीने में जकडऩ भी महसूस होने लगती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? आइए आपको बताते हैं इसके पीछे के कारणों के बारे में.

ठंडी और शुष्क हवाएं

वास्तव में ऐसा ठंडी और शुष्क हवाओं की वजह से होता है. इससे आपको सांस लेने में तकलीफ होती है और फेफड़ों में जलन होने लगती है. जब आप ठंडी हवा को सांस के द्वारा अपने फेफड़ों के अंदर लेते हैं, तो इससे श्वांसनली में सूजन आ जाती है, जिससे नली ब्लॉक हो जाती है. इससे आपको सांस लेने में दिक्कत होने लगती है. साथ ही इससे सीने में जकडऩ और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या भी हो सकती है.

नाक करती है ठंडी हवा को गर्म

वातावरण की ठंडी हवा को जब आप सांसों के जरिए अंदर खींचते हैं, तो नाक के रास्ते से इस हवा का तापमान शरीर बढ़ा देता है, ताकि फेफड़ों को कोई तकलीफ न हो. इसके साथ ही हवा की शुष्कता को कम करने के लिए नाक इसमें जरूरी नमी भी पैदा करती है. लेकिन अगर आप सर्द मौसम में देर तक बाहर रहते हैं, तो नाक इतनी हवा को गर्म करने में सक्षम नहीं हो पाती. जिसके कारण आपके फेफड़ों में ठंडी हवा पहुंचने लगती है और आपको तकलीफ होती है. फेफड़े गर्म हवा के निश्चित स्तर को संभालने का काम करते हैं. जब हवा के तापमान में मामूली सा बदलाव होता है, तो इससे सांस लेने के रास्ते में जलन और दर्द महसूस होता है.नाक से खून आना

सर्दियों में कई लोगों की नाक से खून भी आता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ठंडी हवा की वजह से नाक से सांस लेने का रास्ता शुष्क हो जाता है. नमी की कमी के कारण कोशिकाएं फट जाती हैं और उनसे खून आने आने लगता है. ऐसे में आप अपने नाक के रास्ते की नमी को बनाए रखने के लिए मरहम का इस्तेमाल कर सकते हैं.

सर्दी की ठंडी हवा से बचने के उपाय

मुंह से सांस लेने की बजाए अपनी नाक से सांस लेने की कोशिश करें क्योंकि आपकी नाक हवा को आपके फेफड़ों तक पहुंचाने से पहले गर्म कर देती है, जिससे फेफड़ों को तकलीफ नहीं होती है.

सर्दियों में बाहर निकलने से पहले अपने मुंह और नाक को स्कार्फ की मदद से अच्छे से ढक लें. ऐसा करने से ठंडी हवा आपके नाक के संपर्क में आने से पहले ही थोड़ा गर्म हो जाएगी.

यदि आप ठंडे वातावरण या ठंडे तापमान के प्रति संवेदनशील हैं तो बाहर कसरत करने, घूमने या बाइक चलाने से बचें. ऐसे समय में आप जरूरी हो, तभी यात्रा करें और घर पर ही इनडोर एक्सरसाइज, योगासन कर सकते हैं. यदि आप अस्थमा या अन्य किसी सांस संबंधी बीमारी से पीडि़त हैं, तो आपको अधिक सावधान रहने की जरूरत है.

सर्द मौसम में नहाने के बाद नारियल तेल लगाने के 5 बेहतरीन फायदे

सर्द मौसम में नहाने के बाद नारियल तेल लगाने के 5 बेहतरीन फायदे

नारियल तेल को बालों में लगाने के तो कई फायदे आप जानते ही होंगे, लेकिन क्या आपको पता हैं कि इसे आप मॉइश्चराइजर, बॉडी क्रीम या बॉडी लोशन की जगह पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यदि आप अपनी त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए मेहंगे उत्पाद खरीदते हैं, तो अब से इनके विकल्प के रूप में आप नारियल तेल भी त्वचा पर नहाने के बाद लगा सकते है।

सर्द मौसम में नहाने के बाद नारियल तेल लगाना कही ज्यादा फायदेमंद होता है। आइए, जानते हैं सर्द मौसम में नहाने के तुरंत बाद नारियल तेल लगाने के कई फायदे -

1 नहाने के बाद अगर आपको महंगे मॉइश्चराइजर, बॉडी क्रीम या बॉडी लोशन प्रयोग करने की आदत है, तो आपके लिए यह काम नारियल तेल भी कर सकता है, वह भी कम दामों पर। नारियल तेल आपकी त्वचा को चि‍कनाई प्रदान करेगा।

2 अगर आपको शरीर के किसी अंग में इंफेक्शन या खुजली की समस्या है, तो नारियल तेल के साथ कपूर मिलाकर अपने बाथरूम में जरूर रखें। हर दिन नहाने के बाद संबंधि‍त स्थान पर इसे लगाना आपको त्वचा की समस्याओं से निजात दिलाएगा।

3 यदि आप अंर्तवस्त्रों के कारण होने वाले निशान, जलन, सूजन फिर खुजली से परेशान हैं, तब भी नारियल तेल और कपूर का यह मिश्रण आपके लिए बेहद फायदेमंद चीज है।

4 चेहरे की सफाई, खास तौर से मेकअप साफ करने के लिए नारियल का तेल किसी भी क्लिंजिंग मिल्क से ज्यादा बेहतर है। रुई के फाहे में थोड़ा नारियल तेल लेकर चेहरे की सफाई करें या फिर पहले चेहरे पर तेल लगा लें फिर रुई से साफ कर लें।

5 हेयर रिमूविंग के लिए नारियल का तेल एक बढ़ि‍या विकल्प है। हेयर रिमूव करने से पहले नारियल तेल से मसाज करने पर आपकी त्वचा नर्म, मुलायम और चिकनी हो सकती है। लेकिन वैक्सिंकग पर यह प्रयोग कारगर नहीं होगा।

 

योग करने से स्वस्थ रहेगा दिमाग, कौन से योग से क्या फायदा होगा जाने

योग करने से स्वस्थ रहेगा दिमाग, कौन से योग से क्या फायदा होगा जाने

योग करने से न सिर्फ आप शारीरिक रूप से स्वस्थ बनेंगे बल्कि मानसिक रूप से आपका दिमाग भी फिट और हेल्दी बना रहेगा। नई स्टडी की मानें तो योग इंसानी दिमाग के कई हिस्सों में नसों के आपसी जुड़ाव को मजबूत बनाता है। यह उतना ही प्रभावी है, जितना ऐरोबिक्स का एक्सर्साइज। हठ योग पर किए गए पिछले 11 शोधों के अध्ययन के बाद यह बात सामने आई है।

 

योग करने से याददाश्त भी होगी बेहतर 
यूएस में इलिनोइस यूनिवर्सिटी की स्टडी के मुताबिक, हठ योग करने वालों के मानसिक स्वास्थ्य की शुरू और अंत में तुलना की गई थी। स्टडी का एक दिलचस्प नतीजा यह था कि दिमाग का वह हिस्सा जिसे हिप्पोकैम्पस कहते हैं, वह उम्र के साथ सिकुडऩे लगता है। इस हिस्से का ताल्लुक इंसान की याददाश्त से है। हिप्पोकैम्पस बहुत ज्यादा सिकुडऩे पर लोगों को अल्जाइमर्स जैसी बीमारी हो जाती है, जिसमें याद करने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है। स्टडी बताती है कि योग करने वालों में हिप्पोकैम्पस का आकार सिकुड़ा नहीं। उसमें सामान्य वृद्धि बरकरार रही। 
 
बढ़ जाती है काम करने की क्षमता 
स्टडी में यह भी कहा गया है कि एमिग्डाला (एक दिमागी हिस्सा, जो भावनात्मक आदान-प्रदान में रोल अदा करता है), योग करने वालों में उन लोगों की तुलना में बड़ा होता है जो योग का अभ्यास नहीं करते हैं। अन्य मस्तिष्क क्षेत्रों जैसे प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स, सिंगुलेट कॉर्टेक्स भी बड़े हैं, या उन लोगों में अधिक क्षमता से काम करते हैं, जो नियमित रूप से योग का अभ्यास करते हैं। 
 
इन योगासनों से हेल्दी बनेगा ब्रेन 
भ्रामरी प्राणायाम 
नकारात्मक भावनाएं जैसे क्रोध, झुंझलाहट, निराशा और चिंता से मुक्त करता है। एकाग्रता और स्मृति को बढ़ाता है। आत्म विश्वास को बढ़ाता है। यह प्राणायाम चिंता-मुक्त होने का सबसे अच्छा विकल्प है। 
 
सेतुबंधासन 
योग का यह आसन मांसपेशियों को विश्राम देता है। मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ाता है। मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मदद करता है, जिससे चिंता, तनाव और अवसाद यानी डिप्रेशन को कम किया जा सकता है। 
 
सर्वांगासन 
ब्रेन के हाइपोथैलेमस ग्रंथियों में अधिक रक्त पहुंचाकर मस्तिष्क को हेल्दी बनाने में मदद करता है यह आसन। सभी संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली में सुधार लाता है। 
 
हलासन 
मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को बेहतर कर तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। पीठ और गर्दन में खिंचाव से तनाव और थकावट को कम करता है।
 
तेजी से तोंद घटाती हैं ये 4 ऑर्गेनिक हॉट ड्रिंक्स, सभी हैं रसोई में मौजूद

तेजी से तोंद घटाती हैं ये 4 ऑर्गेनिक हॉट ड्रिंक्स, सभी हैं रसोई में मौजूद

ढ़ी हुई तोंद से ज्यादातर लोग परेशान हैं। कई घंटों तक एक जगह बैठकर काम करना और खाने-पीने का सही रुटीन ना बन पाना, ये कुछ ऐसी वजह हैं जिनके चलते आजकल बढ़ी हुई तोंद की परेशानी आम हो गई है। अगर आप ध्यान देंगे तो घर की रसोई में ही इसे घटाने की ऑर्गेनिक हॉट ड्रिंक्स मिल जाएंगी। जो बिना किसी साइड इफेक्ट के आपको सेक्सी टमी देंने का काम करेंगी...
 
जानते सब हैं करते कम ही लोग हैं
हम सभी जानते हैं कि सुबह के समय नींद से जागने के बाद गुनगुना पानी पीने से पेट साफ रहता है, पाचन तंत्र मजबूत बनता है और फैट कम होता है...लेकिन फिर भी हम लोग इसे अपने रुटीन में शामिल नहीं कर पाते। अगर शुरुआत से ही ऐसा किया होता तो टमी बढ़ती ही नहीं। लेकिन देर आए दुरुस्त आए की तर्ज पर रोज सुबह गुनगुने पानी का सेवन करें। यह टमी घटाने में बहुत मददगार है।

नींबू पानी का सेवन 
आमतौर पर नींबू पानी को गर्मियों की ड्रिंक माना जाता है। लेकिन ऐसा है नहीं। आप गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर और थोड़ा-सा शहद मिलाकर तैयार करिए और पूरी सर्दियों इसका मजा लीजिए। टेस्ट भी मिलेगा और टमी भी नहीं बढ़ेगी।
 
आयुर्वेदिक चाय 
ग्रीन टी, ब्लैक टी, काढ़ा और दालचीनी की चाय को आयुर्वेदिक चाय में शामिल किया जाता है। आप सर्दियों के मौसम में इनमें से किसी भी चाय का सेवन रोजाना कर सकते हैं और अपनी बढ़ती तोंद पर लगाम लगाकर फैट कम कर सकते हैं।
 
जीरे का पानी 
एक ग्लास ताजा पानी को में एक टी-स्पून जीरा डालें। अब इस पानी को 5 मिनट तक गैस पर उबालें। इसके बाद इसे छानकर गर्म-गर्म चाय की तरह पिएं। जरूरी लगे तो इसमें थोड़ा-सा हनी ऐड कर सकते हैं।
 
दिनभर ताजा पानी की मात्रा 
बढ़ी हुई तोंद को नियंत्रित रखने का सबसे अच्छा फॉर्म्यूला है कि आप अपने बॉडी वेट के अनुपात में सही मात्रा में पानी पिएं। डायटीशियन का कहना है कि हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 8 ग्लास पानी पीना चाहिए ताकि बॉडी हाइड्रेट रहे। लेकिन अगर तोंद कम करनी है तो अपने शरीर के वजन को 30 से डिवाइड करें और जो मात्रा आए, उतने लीटर पानी को प्रतिदिन कंज्यूम करें। इससे शरीर में इकठ्ठा हुए फैट को दूर करने में मदद मिलेगी।
क्या आप भी सिरदर्द से परेशान रहते हैं इसके मुख्यत ये 6 कारण हो सकते है

क्या आप भी सिरदर्द से परेशान रहते हैं इसके मुख्यत ये 6 कारण हो सकते है

सिरदर्द बहुत की आम समस्या है। कब, कहां हमें यह परेशानी घेर ले कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन आमतौर पर हम जानते हैं कि आखिर हमारे सिर में दर्द क्यों हो रहा है? जैसे, अगर हम रात को ठीक से नहीं सो पाए, सुबह बहुत जल्दी उठ गए, कई घंटों से कुछ नहीं खाया...ये कुछ ऐसी बाते हैं, जिन्हें हम सब जानते हैं। लेकिन कुछ बातें ऐसी भी हैं, जिन पर हम लोग गौर नहीं करते हैं कि ये भी हमारे सिर में दर्द की वजह बन सकती हैं। आइए, एक नजर डालते हैं...

कई बार कॉफी पीना

ऑफिस में काम करते हुए या दोस्तों को साथ गप्पे मारते हुए, चाय और कॉफी पीना आम बात है। लेकिन इनमें मौजूद कैफीन उस वक्त हमारे लिए सिरदर्द का कारण बन जाता है, जब हम अधिक मात्रा में चाय या कॉफी का सेवन कर लेते हैं।

कई घंटों से पानी ना पीना

अगर आपने लगातार कई घंटों से पानी नहीं पिया है या आप हर रोज शरीर की जरूरत के हिसाब से पानी नहीं पीते हैं तो शरीर में खुस्की हो जाती है। इस कारण भी सिरदर्द की समस्या होती है।

पेट में गैस

कभी-कभी सिर्फ चाय-कॉफी पीते रहने से भी पेट में गैस बन जाती है तो कभी कुछ भी ना खाने के कारण पेट में गैस बनती है। इतना ही नहीं कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो हमारी बॉडी में गैस बढ़ाने का काम करते हैं। इस गैस के कारण भी सिर में दर्द की समस्या होती है।

हॉर्मोनल चेंज

महिलाओं में पीएमएस यानी प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंप्टम्स और पुरुषों में आईएमएस यानी इरिटेबल मेन्स सिंड्रोम के चलते हर महीने हॉर्मोनल चेज होते हैं। यह बदलाव कई बार अलग-अलग कारणों से सिरदर्द की वजह बन जाता है।

बैठने का गलत तरीका

अगर हम ऑफिस या कॉलेज में लंबे समय से गलत पॉश्चर में बैठे रहते हैं तो हमारा डायजेशन इफेक्ट होता है और अपच के कारण सिरदर्द की समस्या हो जाती है। या नसों में तनाव के कारण भी सिरदर्द की समस्या हो जाती है।

गैजेट्स का बहुत अधिक उपयोग

घंटों तक लगातार मोबाइल फोन, लैपटॉप या टीवी के साथ वक्त बिताने पर भी सिरदर्द की समस्या हो जाती है। इसलिए अगर आपके सिर में दर्द अक्सर हो जाता है तो सोचने की जरूरत है कि आप अपने साथ क्या गलत कर रहे हैं।

 

ठंड के मौसम में तिल जरूर खाएं, जानिए 7 बेहतरीन फायदे

ठंड के मौसम में तिल जरूर खाएं, जानिए 7 बेहतरीन फायदे

ठंड के मौसम में तिल के बने पकवान अधिकतर लोगों के घर में बनाए जाते है या बाजार से खरीद कर लाए जाते है, जैसे तिल की गजक व पट्टी आदि। दरअसल सर्दियों के मौसम में तिल को किसी भी रूप में खाने से सेहत को फायदा होता है, वहीं त्वचा पर भी इसका अच्छा प्रभाव होता है।

आइए, जानते हैं ठंड के मौसम में तिल का सेवन करने के बेहतरीन फायदे -

1. तिल में मोनो-सैचुरेटेड फैटी एसिड होता है जो शरीर से कोलेस्ट्रोल को कम करता है।

2. तिल खाना दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए भी यह बेहद फायदेमंद है।

3. तिल में सेसमीन नाम का एन्टीऑक्सिडेंट पाया जाता है जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है।

4. तिल में कुछ ऐसे तत्व और विटामिन पाए जाते हैं जो तनाव और डिप्रेशन को कम करने में मदद करते हैं।

5. तिल में कैल्शिेयम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक और सेलेनियम जैसे तत्व होते हैं, जो हृदय की मांसपेशि‍यों को   सक्रिय रूप से काम करने में मदद करते हैं।

 

6. तिल में डाइट्री प्रोटीन और एमिनो एसिड होता है जो बच्चों की हड्डियों के विकास में सहायक होता है।

7. तिल का तेल त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इसकी मदद से त्वचा को जरूरी पोषण मिलता है और इसमें नमी बरकरार रहती है। 

ठंड में रोज पिएं हल्दी वाला दूध, जो मौसम के हर इंफेक्शन को रखेगा दूर

ठंड में रोज पिएं हल्दी वाला दूध, जो मौसम के हर इंफेक्शन को रखेगा दूर

सेहत की समस्या हो या स्वास्थ्य की देखभाल, दोनों के लिए हल्दी का दूध फायदेमंद है। आम तौर पर सर्दी होने या शा‍रीरिक पीड़ा होने पर घरेलू इलाज के रूप में हल्दी वाले दूध का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि हल्दी वाले दूध के एक नहीं अनेक फायदे हैं? नहीं जानते तो हम बता रहे हैं-

हल्दी अपने एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुणों के लिए जानी जाती है, और दूध, कैल्शि‍यम का स्त्रोत होने के साथ ही शरीर और दिमाग के लिए अमृत के समान हैं। लेकिन जब दोनों के गुणों को मिला दिया जाए, तो यह मेल आपके लिए और भी बेहतर साबित होता है, जानते हैं कैसे -

जब चोट लग जाए –

यदि किसी कारण से शरीर के बाहरी या अंदरूनी हिस्से में चोट लग जाए, तो हल्दी वाला दूध उसे जल्द से जल्द ठीक करने में बेहद लाभदायक है। क्योंकि यह अपने एंटी बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों के कारण बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता।

शारीरिक दर्द –

शरीर के दर्द में हल्दी वाला दूध आराम देता है। हाथ-पैर व शरीर के अन्य भागों में दर्द की शिकायत होने पर रात को सोने से पहले हल्दी वाले दूध का सेवन करें।

त्वचा हो खूबसूरत –

दूध पीने से त्वचा में प्राकृतिक चमक पैदा होती है, और दूध के साथ हल्दी का सेवन, एंटीसेप्टिक व एंटी बैक्टीरियल होने के कारण त्वचा की समस्याओं जैसे - इंफेक्शन, खुजली, मुंहासे आदि के बैक्टीरिया को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। इससे आपकी त्वचा साफ और स्वस्थ और चमकदार दिखाई देती है।

सर्दी होने पर –

सर्दी, जुकाम या कफ होने पर हल्दी वाले दूध का सेवन अत्यधिक लाभकारी साबित होता है। इससे सर्दी, जुकाम तो ठीक होता ही है, साथ ही गर्म दूध के सेवन से फेफड़ों में जमा हुआ कफ भी निकल जाता है। सर्दी के मौसम में इसका सेवन आपको स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।

हड्डियां बने मजबूत -

दूध में कैल्शिखयम होने के कारण यह हड्डियों को मजबूत बनाता है और हल्दी के गुणों के कारण रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। इससे हड्डी संबंधि‍त अन्य समस्याओं से छुटकारा मिलता है और ऑस्टियोपोरोसिस में कमी आती है।

जब नींद न आए –

यदि आपको किसी भी कारण से नींद नहीं आ रही है, तो आपके लिए सबसे अच्छा घरेलू नुस्खा है, हल्दी वाला दूध। बस रात को भोजन के बाद सोने के आधे घंटे पहले हल्दी वाला दूध पीएं, और देखि‍ए कमाल।

पाचन तंत्र –

हल्दी वाले दूध का सेवन, आपकी आंतो को स्वस्थ रखकर पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है। पेट के अल्सर, डायरिया, अपच, कोलाइटिस एवं बवासीर जैसी समस्याओं में भी हल्दी वाला दूध फायदेमंद है।

जोड़ों के लिए असरकारी –

हल्दी वाले दूध का प्रतिदिन सेवन, गठिया- बाय, जकड़न को दूर करता है, साथ ही जोड़ों मांसपेशियों को लचीला बनाता है।

ब्लड शुगर –

खून में शर्करा की मात्रा अधिक हो जाने पर हल्दी वाले दूध का सेवन ब्लड शुगर को कम करने में मदद करता है।लेकिन अत्यधि‍क सेवन शुगर को अत्यधि‍क कम कर सकता है, इस बात का ध्यान रखें।

सांस की तकलीफ –

हल्दी वाले दूध में मौजूद एंटी माइक्रो बैक्टीरियल गुण, दमा, ब्रोंकाइटिस, साइनस, फेफड़ों में जकड़न व कफ से राहत देने में सहायता करते हैं। गर्म दूध के सेवन से शरीर में गर्मी का संचार होता है जिससे सांस की तकलीफ में आराम मिलता है।

वायरल संक्रमण –

वायरल संक्रमण में हल्दी वाला दूध सबसे बेहतर उपाय है, यह आपको हर तरह के संक्रमण से बचाता है।

 

जब गर्म खाने से जीभ जल जाए, तो काम आएंगे ये 4 उपाय

जब गर्म खाने से जीभ जल जाए, तो काम आएंगे ये 4 उपाय

कभी-कभी आप अनजाने में या फिर जल्दबाजी में गर्मागर्म चीजों को खा लेते हैं, जिसका असर बाद में जीभ पर महसूस होता है। ऐसे में आप स्वाद से वंचित हो जाते हैं, और तकलीफ होती है सो अलग। लेकिन उपाय करना तो जरूरी है, इसलिए जानिए ये 4 उपाय

1 जीभ जल जाने पर सबसे पहला और आसान उपाय है देसी घी, जिसे जले हुए हिस्से पर लगाएं या फिर कोई ऐसी मीठी चीज बनाकर खाएं जिसमें खूब सारा घी हो, जैसे हलवा। ये दवा का काम करेगा।

2 दूसरा उपाय है शहद। इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो जीभ की चोट को जल्दी ठीक करने में मदद करते हैं और दर्द को कम करते हैं। इससे आराम मिलेगा।

3 तीसरा उपाय है ठंडा दही। जी हां, गर्म चीज से जले हैं, तो दही की ठंडक मलहम का काम करेगी। ठंडे दही को कुछ देर मुंह में रखें, यह आराम देगा।

4 चौथा इलाज है पेपरमिंट। यह जीभ में ठंडक का एहसास तो देगा ही आपकी तकलीफ को भी कम करेगा। चाहें तो मिंट च्युइंगम से भी काम चला सकते हैं।

5 पांचवा इलाज भी सीधा सा है। इसके लिए फ्रीजर से बर्फ लेकर जले पर लगाएं, ताकि आपको दर्द और तकलीफ ये राहत मिल सके।

इस मौसम में रोज खाएं गुड़, पाएं 5 जादुई फायदे

इस मौसम में रोज खाएं गुड़, पाएं 5 जादुई फायदे

गुड़ खाना वैसे तो आपके स्वास्थ्य और पाचन के लिए लाभदायक होता है, लेकिन सर्दी के मौसम में गुड़ खाने के अपने ही फायदे हैं। सर्दी के दिनों में गुड़ आपके लिए हर तरह से फायदेमंद है। फिलहाल जानिए गुड़ के यह 5 बेशकीमती फायदे

1 गुड़ की तासीर गर्म होती है, इसलिए सर्दी के दिनों में इसका सेवन आपको गर्माहट देने में बेहद कारगर होता है। सर्दी में गुड़ का प्रति‍दिन सेवन आपको सर्दी, खांसी और जुकाम से भी बचाता है।

2 सर्दी के दिनों में आम तौर पर रक्तसंचार बहुत धीमा होता है। लेकिन गुड़ का नि‍यमित सेवन करना रक्तसंचार को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही रक्तचाप की समस्याओं में भी फायदेमंद है।

3 इन दिनों में गले और फेफड़ों में संक्रमण बहुत जल्दी फैलता है। इससे बचने में भी गुड़ का सेवन आपकी बहुत मदद कर सकता है। सर्दी और संक्रमण की दवाईयों में गुड़ का प्रयोग किया जाता है।

4 पाचन संबंधी समस्याओं के इलाज में भी गुड़ का सेवन बहुत लाभकारी है। खाना खाने के बाद थोड़ा सा गुड़ खाना आपके पाचन को और भी बेहतर बनाता है।

5 गुड़ मैग्नीशियम का एक बेहीतरीन स्रोत है। गुड़ खाने से मांसपेशियों, नसों और रक्त वाहिकाओं को थकान से राहत मिलती है। और खून की कमी दूर करने में भी यह बेहद मददगार साबित होता है।

अगर आप पेट फूलने की समस्या से परेशान है ये 4 तरह की चाय आपको इस तकलीफ से छुटकारा दिला सकती हैं

अगर आप पेट फूलने की समस्या से परेशान है ये 4 तरह की चाय आपको इस तकलीफ से छुटकारा दिला सकती हैं

कई बार पेट में गैस या ऐसिडिटी की वजह से ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की भी समस्या हो जाती है। इस वजह से असहजता महसूस होने लगती है और कई बार तो तकलीफ काफी बढ़ जाती है। ऐसा महसूस होता है मानो आपका पेट स्ट्रेच हो रहा हो और किसी भी वक्त फट जाएगा। आप भी कभी न कभी इस समस्या से दो-चार जरूर हुए होंगे। जब भी इस तरह की दिक्कत आती है तो हम में ज्यादातर लोग ओटीसी मेडिसिन यानी बिना डॉक्टरी सलाह के केमिस्ट से पूछकर ली गई दवाइयों का सेवन कर लेते हैं। लेकिन इससे कितने साइड इफेक्ट्स होते हैं इस ओर शायद आपका ध्यान नहीं गया होगा। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं 4 तरह की हर्बल चाय के बारे में जिसे पीने से दूर हो जाएगी पेट फूलने की समस्या...

टर्मरिक टी यानी हल्दी वाली चाय

जब भी बात पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं की आती है तो उसमें राहत पहुंचाने के मामले में हल्दी का नाम सबसे ऊपर आता है। ऐंटीइन्फ्लेमेट्री और ऐंटीऑक्सिडेंट प्रॉपर्टी की वजह से हल्दी का इस्तेमाल कई बीमारियों को दूर करने में किया जाता है। हल्दी के साथ-साथ चाय में चुटकी भर काली मिर्च भी डाल दें। इस चाय के सेवन से पेट में गैस, पेट फूलने की दिक्कत दूर होगी और पाचन तंत्र सही हो जाएगा।

सौंफ वाली चाय

पेट और पाचन से जुड़ी दिक्कतों जैसे- पेट में दर्द, पेट फूलना और कब्ज को दूर करने के लिए लंबे समय से सौंफ का इस्तेमाल होता आ रहा है। सौंफ में ऐसा कंपाउंड पाया जाता है जो गैस्ट्रोइन्टेंस्टाइनल ट्रैक्ट के पैसेज को रिलैक्स करता है जिससे पेट में भरी गैस आसानी से बाहर निकल जाती है। आप चाहें तो सौंफ का पानी या सौंफ की चाय किसी भी चीज का सेवन कर सकते हैं।

पुदीने की चाय

मिंट यानी पुदीने का फ्लेवर बेहद कूल और रिफ्रेशिंग होता है जो पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में आपकी मदद करता है। पुदीने की पत्तियों में ऐंटीस्पासमोडिक प्रॉपर्टी होती है जो मसल क्रैम्प्स और स्पास्म में राहत दिलाने में मदद करती है जिससे पेट में दर्द दूर होता है और आराम मिलता है। पुदीने की पत्तियों से बनी चाय आपके लिए मददगार हो सकती है।

अदरक की चाय

अदरक भी पेट से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए सबसे बेस्ट उपाय माना जाता है। बहुत से लोग पेट फूलने की दिक्कत या लूज मोशन की समस्या में अदरक के सप्लिमेंट्स का इस्तेमाल करते हैं। अदरक में जिंजरॉल नाम का बायोऐक्टिव कम्पाउंड पाया जाता है जो ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की दिक्कत को कम करने में मदद करता है। हालांकि अदरक की चाय बनाने के लिए ताजे अदरक का ही इस्तेमाल करें क्योंकि इसमें ऐंटीऑक्सिडेंट अधिक होता है।

सर्दियों में ड्राई स्किन को ग्लोइंग बनाना है तो करे ये उपाय, निखर जायेगा आपका चेहरा

सर्दियों में ड्राई स्किन को ग्लोइंग बनाना है तो करे ये उपाय, निखर जायेगा आपका चेहरा

पार्टी में जाना है और तुरंत ग्लोइंग और फ्रेश चेहरा चाहते हैं तो स्टीमिंग आपके लिए रामबाण नुस्खा साबित होगी। जी हां, चेहरे को भाप देने का इतना इफेक्ट होता है कि आप मात्र 5 मिनट में पार्टी रेडी ग्लो पा सकते हैं। खासतौर पर सर्दियों में ड्राई स्किनवाले लोगों को स्टीम जरूर लेनी चाहिए... 
स्किल क्लीन करती हैस्टीम लेने से आपकी स्किन एकदम क्लीन और स्मूद हो जाती है। बंद पोर्स खुल जाते हैं। बेहतर होगा कि आप स्टीम लेने से पहले चेहरे को किसी माइल्ड सोप या मॉइश्चराजर से क्लीन करें। 
ग्लो बढ़ता है 
स्टीम लेने से फेस की मसल्स मं ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है, इससे चेहरे का ग्लो बढ़ता है। स्टीम लेने के बाद अगर वक्त हो तो अपनी त्वचा के हिसाब से फेसपैक जरूर लगाएं। यदि वक्त ना हो तो टोनर का इस्तेमाल करें और फिर मेकअप करें।
ताजगी का अनुभव 
ड्राई स्किन के साथ सबसे बड़ी दिक्कत होती हैं लगातार होती डेड सेल्स। ये सेल्स चेहरे की स्किन को अनहेल्दी दिखाती हैं। स्टीम लेने से ये आसानी से साफ हो जाती है और अंदर की सुंदर और फ्रेश स्किन ताजगी का अहसास देती है।
झुर्रियां दूर करे 
स्किन पर भाप लेने से चेहरे में टाइटनिंग आती है। टाइट स्किन पर झुर्रियां पडऩा आसान नहीं होता है और आपकी खूबसूरती लंबे समय तक बनी रहती है।
थकान मिटाए 
जब भी कभी आपको लंबे ऑफिस ऑवर्स के बाद किसी पार्टी और फंक्शन में जाना हो तो स्टीम जरूर लें। स्टीम लेने से पूरी थकान मिट जाती है। इससे आप पार्टी इंजॉय करने के लिए रेडी भी होते हैं और पार्टी की शान भी बनते हैं। स्टीम लेते वक्त आप गर्म पानी में थोड़ा सा असेंशियल ऑइल मिला लें। अगर ये ना हो तो रोज वॉटर या नींबू भी निचोड़ सकते हैं। इसके अरोमा से मन शांत होगा।
 बहुत गुणकारी है शहद, जानिए इससे होने वाले 6 फायदों के बारे में

बहुत गुणकारी है शहद, जानिए इससे होने वाले 6 फायदों के बारे में

सेहत से लेकर खूबसूरती तक शहद की अहम भूमिका होती है। जहां शहद का प्रयोग त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है, तो वहीं सेहत के लिए भी शहद बहुत गुणकारी है। 
शहद के गुण जहां आपको स्वस्थ रख सकते हैं, तो खूबसूरती बनाए रखने में भी यह मददगार है। साथ ही कहा जाता है कि शहद जितना पुराना होता है, उतना ही इसके गुणों में इजाफा होता है। तो आइए जाने शहद से होने वाले 6 फायदों के बारे में?
 
शहद से होने वाले फायदे :
1.  शहद खांसी में फायदेमंद होता है। यदि किसी लंबे समय से खांसी बनी हुई है तो शहद का सेवन खांसी से राहत दिला सकता है।
 
वजन कम करने में फायदेमंद :
2.  यदि कोई अपना वजन कम करना चाहता है तो रोज सुबह खाली पेट गर्म पानी में शहद और नींबू डालकर पीने से वजन कम करने में आसानी होती है
3.  चेहरे में ग्लो के लिए शहद फायदेमंद होता है। यदि आप शहद का रोज सेवन करती हैं तो यह आपकी त्वचा में नेचुरल ग्लो लाने में मदद करता है।
4.  यदि आपको छाले हो गए हैं, तो शहद में चुटकीभर हल्दी का पाउडर मिलाकर छालों में लगाने से फायदा मिलता है।
5.  शहद को दूध के साथ पीने से वजन बढ़ाने में आसानी होती है
6.  शहद चोट को ठीक करने में मदद करता है। इसे किसी भी तरह की चोट या जले पर लगाने से जख्म जल्दी ठीक हो जाते हैं।
सर्दियों में ऐसे चुनें अपने लिए परफेक्ट बूट्स

सर्दियों में ऐसे चुनें अपने लिए परफेक्ट बूट्स

इसमें कोई शक नहीं कि सर्दियों का मौसम निश्चित तौर पर फैशन, कपड़े, फुटवेअर और वॉरड्रोब चॉइस के साथ एक्सपेरिमेंट करने का बेस्ट सीजन है। आपने भी इस बात पर गौर किया होगा कि जब बात कपड़ों की आती है तब तो हम वॉरड्रोब से सबसे गर्म और अच्छे स्वेटर या जैकेट चुनते हैं ताकि हम ठंड से हर हाल में बच जाएं। लेकिन जब बात फुटवेअर की आती है तो जूतों पर बहुत ज्यादा ध्यान देने की बजाए हम सामान्य या औसत दर्जे के जूतों से ही काम चला लेते हैं। लेकिन जब बात विंटर फुटवेअर की आती है तो उसमें बूट्स का नाम लिस्ट में सबसे ऊपर आता है। लिहाजा अगर आप भी इस बार सर्दियों के मौसम में बूट्स खरीदने की सोच रही हैं तो इन बातों का ध्यान रखें ताकि आप भी अपने लिए चुन पाएं एक परफेक्ट बूट्स... 


1.किस तरह की हील में आप फील करेंगी कंफर्टेबल? 
जब बात बूट्स की आती है तो उसमें फ्लैट हील्स, वेज हील्स, पॉइंटेड हील्स और स्टेलेटोज स्टाइल हील्स हर तरह के ऑप्शन्स मार्केट में मौजूद हैं। ऐसे में आप किस तरह की हील में कंफर्टेबल फील करेंगी, इस बात का ध्यान रखते हुए ही बूट्स का चुनाव करें।

2.कितनी होनी चाहिए बूट्स की लेंथ? 
इन दिनों मार्केट में ऐंकल लेंथ बूट्स, नी-हाई बूट्स, काफ-लेंथ बूट्स और थाई-हाई बूट्स भी अवेलेबल हैं। आप इनमें से किस तरह का बूट्स पहनना पसंद करेंगी और आपके स्टाइल के साथ कौन सा मैच करेगा, बूट्स खरीदने से पहले इस बात का भी ध्यान रखें।

3.किस तरह का बूट्स आपको चाहिए? 
बूट्स की लेंथ और हील्स के अलावा आपको बूट्स कहां पहनना है और किस यूज के लिए आप बूट्स खरीद रही हैं, इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपके लिए किस तरह का बूट सही रहेगा। स्नो बूट्स, बाइकर बूट्स, राइडिंग बूट्स, चेल्सी बूट्स, इस तरह के कई बूट्स मार्केट में मिलते हैं। अपनी जरूरत अनुसार सही बूट्स का चुनाव करें।

4.कैसे बूट्स चाहिए- प्लेन बूट्स या प्रिंटेड? 
इन दिनों ऐनिमल प्रिंट वाले बूट्स भी काफी ट्रेंड में है। लेकिन वह सभी पर अच्छे नहीं लगते। लिहाजा अपनी पर्सनैलिटी के हिसाब से प्रिंटेड पैटर्न वाले या फिर प्लेन बूट्स चुनें।

5.किस मटीरियल का बूट्स आपको चाहिए? 
बूट्स का मटीरियल भी काफी अहमियत रखता है। आपको लेदर बूट्स चाहिए, एसयूईडीईं बूट्स चाहिए, वेलविट बूट्स चाहिए, फर बूट्स चाहिए या फिर कोई और। इतना महंगा बूट्स खरीदते वक्त फैब्रिक का भी ध्यान जरूर रखें।
 पूर्वजों की बताई हुई यह ट्रिक अपनाने से दोगुनी तेजी से घटेगा आपका मोटापा

पूर्वजों की बताई हुई यह ट्रिक अपनाने से दोगुनी तेजी से घटेगा आपका मोटापा

बढ़ते हुए फैट को कंट्रोल करने के लिए हम जितनी कोशिश करते हैं, उससे अधिक उसका तनाव लेते हैं...यानी ये फैट कैसे कम होगा इसकी कोशिश से ज्यादा हम बढ़े हुए वजन के कारण टेंशन में आ जाते हैं। लेकिन अगर आप सामान्य इफर्ट्स के साथ दोगुनी तेजी से वजन कम करना चाहते हैं तो यह संभव है। 

 

हाल ही हुई एक स्टडी में सामने आया है कि सुबह के समय बिना कुछ खाए अगर व्यायाम किया जाए तो वजन दोगुनी तेजी से घटता है। यानी सुबह उठकर पानी पीने और फ्रेश होने के बाद यदि एक्सर्साइज की जाए तो उसका असर शरीर पर दोपहर में जिम जाने या शाम के वक्त कसरत करने से कहीं अधिक होता है। अगर आप सुबह के वक्त भी नाश्ता करने के कुछ घंटे बाद व्यायाम करते हैं, तब भी वजन कम करने के लिए वह उतना प्रभावी नहीं होता है, जितना प्रभावी बिना कुछ खाए किया गया व्यायाम होता है।

स्टडी में सामने आया कि सुबह सवेरे व्यायाम करने से कॉलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण रहता है और शुगर कंट्रोल रहती है, जिससे बढ़ते हुए मोटापे पर खुद-ब-खुद लगाम लगने लगती है। इस समय व्यायाम करने पर शरीर में दोगुनी तेजी से फैट बर्न होता है। इस शोध के सही-सही नतीजों को जानने के लिए मोटापे की समस्या से ग्रसित लोगों के दो अलग-अलग ग्रुप बनाए गए। ग्रुप-ए को नाश्ते के बाद व्यायाम कराया गया और ग्रुप-बी को नाश्ते से पहले व्यायाम कराया गया। शोध के नतीजों का मूल्यांकन करने पर सामने आया कि जिन लोगों ने नाश्ते से पहले व्यायाम किया था, उनके शरीर में अतिरिक्त चर्बी को गलाने की प्रक्रिया दोगुनी रफ्तार के साथ हुई।
किशमिश का पानी जड़ से खत्म करेगा इन 5 हेल्थ प्रॉब्लम्स को

किशमिश का पानी जड़ से खत्म करेगा इन 5 हेल्थ प्रॉब्लम्स को

सूखे मेवों में शामिल किशमिश के स्वाद और गुणों के बारे में तो आप जानते ही होंगे, लेकिन क्या आपने कभी सुना है, किशमिश के पानी के बारे में......किशमिश का पानी आपके स्वास्थ्य के लिए बड़े काम की चीज है। अगर जानना चाहते हैं इसके फायदे, तो जरूर पढ़ि‍ए किशमिश के पानी के यह 5 लाभ –

किशमिश को पानी में रातभर भि‍गोकर रखें और सुबह इस पानी में किशमिश को मसलकर पिएं या फिर 20 मिनट तक हल्की आंच पर उबालकर इसे रातभर रखकर सुबह पीना बेहद फायदेमंद है। इसे एक बार आजमाकर आप इसके आश्चर्यजनक फायदे पाएंगे। जानिए -

1 रोजाना सुबह के समय किशमिश के पानी को पीना आपको कई तरह के फायदे देता है। कुछ दिनों तक इसका नियमित सेवन कीजिए और कब्ज, एसिडि‍टी और थकान से बिल्कुल निजात पाइए। जी, हां यकीन न हो, तो आजमाकर देख लीजिए।

2 किशमिश का पानी प्रतिदिन पीना उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है, जो अधि‍क कोलेस्ट्रॉल लेवल के कारण स्वास्थ्य समस्या का सामना करते हैं। यह आपके शरीर में ट्राईग्लिसेराइड्स के स्तर को कम करने में मददगार है।

3 इसमें फ्लेवेनॉइड्स एंटी ऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो त्वचा पर होने वाली झुर्रियों को तेजी से कम करने में सहायक है। यह बढ़ती उम्र के निशान को कम कर आपको जवां दिखने में मदद करता है।

4 कब्ज या पाचन संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए किशमिश का पानी बेहद लाभदायक पेय है। यह पाचन को बेहतर बनाता है और अमाशय रस को बनने में मदद करता है।

5 प्रतिदि‍न किशमिश के पानी का सेवन करना आपके लिवर को स्वस्थ्य बनाए रखने और उसे सुचारू रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करने का काम भी करता है। साथ ही आपके मेटाबॉलिज्म के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायक है।

 

    

हेल्दी और फिट रहना है तो पिएं टमाटर सूप, होंगे 7 गजब के फायदे

हेल्दी और फिट रहना है तो पिएं टमाटर सूप, होंगे 7 गजब के फायदे

लाल लाल स्वादिष्ट टमाटर कई सब्जियों व डिश का अहम हिस्सा होते है। कच्चे टमाटर के अलावा उनका सूप भी बहुत ही स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है। आमतौर पर खाने से पहले स्टार्टर के तौर पर लिए जाने वाले टमाटर सूप में विटामिन A,E,C,K और एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं। जो आपको हेल्दी और फिट रखने में मदद करते हैं।

आइए, जानते हैं टमाटर सूप पीने से सेहत को मिलने वाले 7 गजब के फायदे -

1 हड्डियों के लिए फायदेमंद - टमाटर सूप में विटामिन K और केल्शियम होता है जो हड्डियों को मजबूत रखता है। इसके अलावा शरीर में लाइकोपीन की कमी होने से भी हड्डियों पर तनाव बढ़ता है और टमाटर में काफी मात्रा में लाइकोपीन होता है, जो हड्डियों के लिए अच्छा होता है।

2 दिमाग को रखें दुरुस्त - टमाटर सूप में भरपूर मात्रा में कॉपर और पोटेशियम पाया जाता है, जिससे नर्वस सिस्टम ठीक रहता है और दिमाग को मजबूती मिलती है।

3 विटामिन की कमी करे पूरी - टमाटर सूप में विटामिन A और C अच्छी मात्रा में होता है। विटामिन A, टिशू के विकास के लिए जरूरी होता है। कहते है कि शरीर में रोजाना 16% विटामिन A और 20% विटामिन C की जरूरत होती है और टमाटर सूप इसकी जरूरत को पूरा करता है।

4 वजन करे कम - टमाटर सूप को अगर ऑलिव ऑयल से बनाया जाए तो यह वजन घटाने में सहायक होता है, क्योंकि इसमें पानी और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे आपको काफी समय तक भूख नहीं लगती।

 5 कैंसर का खतरा करे कम - टमाटर सूप में लाइकोपीन और कैरोटोनॉयड जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं, जिससे कैंसर की आशंका कम हो जाती है।

6 ब्ल्ड शुगर को करे नियंत्रण - डायबिटीज के मरीजों को डाइट में टमाटर सूप जरूर लेना चाहिए। इसमें क्रोमियम होता है, जो ब्ल्ड शुगर को नियंत्रण में रखने में सहायक होता है।

7 रक्त प्रवाह को बढ़ाएं - टमाटर में सेलेनियम होता है, जो रक्त प्रवाह को बढ़ाता है जिससे एनिमिया का खतरा कम हो जाता है।