चाणक्य नीति कहती कि सफल व्यक्ति को सदैव सतर्क और सावधान रहना चाहिए. सफल व्यक्ति के कभी कभी ज्ञात और अज्ञात शत्रु भी होते हैं, जो सदैव अवसरों की तलाश में रहते हैं और अवसर मिलते ही वार भी करते हैं. इसलिए सावधानी बरतना बहुत ही जरूरी है.
चाणक्य की चाणक्य नीति व्यक्ति को सफल बनाने के लिए प्रेरित करती है. चाणक्य की गिनती भारत के श्रेष्ठ विद्वानों में की जाती है. चाणक्य ने हर उस विषय का गंभीरता से अध्यन और शोध किया जो व्यक्ति की दिनचर्या और जीवन को प्रभावित करता है. ऐसा माना जाता है कि चाणक्य को अर्थशास्त्र के साथ-साथ राजनीति शास्त्र, समाज शास्त्र, सैन्य शास्त्र, कूटनीति शास्त्र और दर्शन शास्त्र का भी अच्छा ज्ञान था.
चाणक्य की बताई गई बातें, चाणक्य नीति में वर्णित हैं. आज भी बड़ी संख्या में लोग चाणक्य नीति का अध्ययन करते हैं. इसका कारण ये है कि आज के दौर में भी चाणक्य नीति प्रासंगिक है. चाणक्य नीति कहती है कि जीवन में हर व्यक्ति सफल होना चाहता है. सफलता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति अथक प्रयास करता है. कठोर परिश्रम से लक्ष्य को प्राप्त करता है. सफलता की इस यात्रा में व्यक्ति के जाने-अंजाने शत्रु भी बन जाते हैं. इन शत्रुओं को बिना लड़े कैसे पराजित किया जा सकता है, आइए जानते हैं-
स्वयं की शक्ति में वृद्धि करें-
चाणक्य नीति कहती है कि शत्रु सदैव आपके कमजोर होने का इंतजार करता है. शत्रु इस बात पर घात लगाकर बैठा रहता है कि कब आप कमजोर पड़ें और वो हानि पहुंचाने का प्रयास करे. शत्रु कैसा भी हो, यदि आप अपनी प्रतिभा, कुशलता और शक्तियों में वृद्धि करते हैं तो शत्रु कभी हानि पहुंचाने का प्रयास नहीं करेगा.
गलत आदतों से दूर रहें-
चाणक्य नीति कहती कि शत्रु कभी हानि न पहुंचा सके इसके लिए खुद को गलत आदतों से दूर रखना चाहिए. यानि अवगुणों से दूर रहना चाहिए. चाणक्य के अनुसार अवगुण व्यक्ति की प्रतिभा को नष्ट करते हैं, कभी कभी ये अवगुण, उसकी कुशलता पर भी भारी पड़ जाते हैं. जब ऐसी स्थिति का निर्माण होता है तो शत्रु सक्रिय हो जाते हैं और हानि पहुंचाते हैं.
15 अगस्त को हमारा स्वतंत्रता दिवस है। हम सभी को भारतीय होने पर गर्व होना चाहिए कि हम स्वतंत्र भारत की भूमि में पैदा हुए हैं। सन् 1857 से 1947 तक, इतिहास ने हमारे महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को देखा है।
जैसे कई खास मौकों पर अधिकतर जगहों पर आयोजन होते हैं। ऐसे में मंच पर जाकर स्पीच देने की जरूरत भी होती है। अगर आप भी स्वतंत्रता दिवस के दिन कहीं पर स्पीच देने वाले हैं, तो आइए हम आपकी थोड़ी मदद कर दें और आपको ये बताएं कि आप अपनी स्पीच कैसे तैयार कर सकते हैं-
1. सबसे पहले तो ये याद रखें कि आपकी स्पीच का मकसद क्या है? अधिकतर मामलों में मौजूद दर्शकों का मनोबल बढ़ाना और कार्यक्रम की एक अच्छी उत्साह बढ़ाने वाली शुरुआत करना अच्छा होता है।
2. अब बात आती है पहनावे की, तो इसे आयोजन के अनुरूप रखें। इससे दर्शक आपको सुनने से पहले देखकर ही आपसे जुड़ाव महसूस करेंगे और आपकी बातों को ध्यान से सुनेंगे, इसकी संभावना बढ़ जाएगी।
3. अपनी स्पीच के दौरान मंच पर दिया गया समयसीमा का ख्याल रखें। ऐसा न हो कि आपकी निर्धारित समय से लंबी स्पीच की वजह से दूसरे वक्ताओं का नंबर आने में देरी हो और कार्यक्रम का माहौल खराब हो।
4. आपके बाद कितने और लोगों की प्रस्तुति है, कार्यक्रम किस समयसीमा में खत्म करना है, इन सभी बातों को ध्यान रखते हुए ही बोलें और उसी के अनुसार अपनी स्पीच तैयार करें।
5. लंबी स्पीच से ज्यादा जरूरी ये है कि आपका भाषण असरदार हो, सभी पर अपनी आवाज की छाप छोड़ने वाला हो और जब आप मंच छोड़ें, तब तक लोगों को आपको और सुनने की इच्छा बची हो, न कि वे ऊब चुके हों।
6. आपकी स्पीच ऐसी हो कि आपके मंच से उतरने पर सुनने वालों के चेहरे पर मुस्कुराहट, दिल में जोश और राष्ट्रभावना भरी हो और साथ ही हाथों से तालियां बज रही हों।
7. अगर आप स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट हो, तो वहां से अगर कोई ड्रेस कोड दिया हो तो वही पहनें। अगर किसी अन्य जगह आयोजन हो, तो इस मौके पर लड़कों के लिए कुर्ता-पाजामा, नेहरू जैकेट और लड़कियों के लिए सलवार-कमीज, कुर्ती या साड़ी पहनना बेहतर रहता है।
8. मुख्य बात यह भी है कि आप चाहे जो भी कह रहे हों, पहले खुद उसे स्वीकारें, मानें, महसूस करें तभी उसे दूसरों से कहें, तभी आपका भाषण असरदार होगा।
9. आपकी स्पीच उत्साहित करने वाली और आगे के कार्यक्रम के लिए माहौल तैयार करने वाली होनी चाहिए न कि ऐसी, जो कार्यक्रम के माहौल को ठंडा दे।
10. भाषण चाहे छोटा-सा हो लेकिन उद्देश्यपूर्ण हो। स्वतंत्रता दिवस से जुड़े तथ्य तो जो हैं, वे तो वही रहेंगे लेकिन आपके बोलने का अंदाज जोशीला होना चाहिए।
11. अगर online speech दे रहे हैं तो ये tips बदल जाएंगे और घर में कैमरे के सामने कैसे बोलना है, ये आपको सीखना होगा...।
अगर आप भी WhatsApp Status लगाने का शौकीन हैं तो ये खबर आपके लिए हैं। दरअसल फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी जल्द ही एक अपडेट रोल आउट कर रही है जिसके बाद व्हाट्सऐप स्टेटस में मेकओवेर्स कर सकेंगे यानी की अपने स्टेटस को और ज्यादा सुंदर बना सकेंगे। व्हाट्सएप हाल ही में कई सुविधाओं पर काम कर रहा है, विशेष रूप से कंपनी का मोस्ट awaited मल्टी-डिवाइस फीचर (Multi Device Support Feature) जल्द लॉन्च होने वाला है। इस फीचर के आने के बाद अब डिवाइस में अपने व्हाट्सऐप को लिंक कर पाएंगे। हालांकि, कंपनी बेहतर संपर्क पेज, बेहतर इमोजी सपोर्ट और WhatsApp वेब के लिए इमेज एडिटिंग टूल लाने का प्लान कर रही है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, अब कंपनी अपने स्टेटस फीचर में बड़े सुधार पर काम कर रही है।
आपको बता दें कि WhatsApp ने 2017 में स्टेटस फीचर पेश किया था, यह फीचर Snapchat स्टोरीज फीचर का एक क्लोन जहां उपयोगकर्ता 24 घंटे के लिए फोटोज और वीडियोज को अपलोड कर सकते थे। हालाँकि, पिछले महीनों में ऐप के फीचर्स को सभी महत्वपूर्ण अपडेट मिले हैं। WABetaInfo की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा लग रहा है कि व्हाट्सऐप का अपकमिंग अपडेट स्टेटस फीचर में अपडेट के साथ आएगा।
नए फीचर के आने के बाद आपको WhatsApp में दिखेंगे ये बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक WhatsApp जिस बड़े बदलाव पर काम कर रहा है, वह है यूजर के प्रोफाइल में व्हाट्सऐप स्टेटस जोड़ना। WABetaInfo द्वारा साझा किए गए एक स्क्रीनशॉट के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति स्टेटस लगाता तो प्रोफ़ाइल फोटो के चारों ओर एक हरे रंग की रिंग दिखाई देगी जो इंगित करती है कि उपयोगकर्ता ने अपना स्टेटस अपलोड किया है। WABetaInfo के मुताबिक, हरे रंग की रिंग वाली किसी प्रोफाइल फोटो को टैप करने से यूजर्स को यह पूछने का संकेत मिलेगा कि क्या वे प्रोफाइल फोटो देखना चाहते हैं या स्टेटस देखना चाहते हैं।
आज के समय में साथ निभाने वाला पार्टनर तलाशना बहुत मुश्किल है। कभी-कभी ऐसा होता है कि हम किसी इंसान को बहुत अच्छा समझ लेते हैं लेकिन रिलेशनशिप में आने के बाद हमें लगता है कि लाइफ पार्टनर के रूप में वह इंसान सही साबित नहीं होगा। ऐसे में रिश्ते में तनाव आ जाता है। अगर आप अपने पार्टनर को लेकर कंफ्यूज हैं, तो आपको कुछ ऐसी बातें जान लेनी चाहिए जिनसे पता चलता है कि आप जिसके साथ रिलेशनशिप हैं, वह अच्छा पार्टनर साबित होगा या नहीं।
जो आपको मोटिवेट करे
आगे बढ़ने के लिए मोटिवेशन की भी जरूरत होती है। एक अच्छा पार्टनर हमेशा अपने पार्टनर को मोटिवेट करता है। आप ऐसे ही अपने पार्टनर को भी प्रेरित करते हैं, तो आप एक अच्छे पार्टनर बन सकते हैं।
पार्टनर की बुराई न करना
कभी-कभी गुस्से में पार्टनर की किसी अपने से शिकायत करना आम बात हो सकती है लेकिन इस बात को अपनी आदत में शामिल न होने दें। यानी अगर आप न तो अपने पार्टनर की पीठ पीछे बुराई करते हों और न ही किसी से सुनते हों, तो आप बहुत अच्छे पार्टनर हैं।
मुसीबत के वक्त मदद
जो लोग दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, वे अच्छे पार्टनर बन सकते हैं। एक पार्टनर दूसरे पार्टनर से यही चाहता है कि वे उसकी मुसीबत के समय मदद करें और अगर आपके अंदर ये बात है तो आप एक अच्छे पार्टनर बनकर उभर सकते हैं।
पार्टनर पर भरोसा करना
हर कोई चाहता है कि उसको एक ऐसा पार्टनर मिले, जो उस पर आंख बंद करके भरोसा करे और उनके बीच कभी शक की दीवार खड़ी न हो। इसलिए अगर आप लोगों पर भरोसा जताते हैं, तो ये अच्छे पार्टनर की क्वालिटी है।
अगर आप भी एक एंड्रॉइड यूजर हैं तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। सिक्यॉरिटी एक्सपर्ट्स की मानें तो एक खतरनाक मैलवेयर आपके डिवाइस में घुसकर पूरा डेटा चोरी कर सकता है। विशेषज्ञों ने इस मैलवेयर को Vultur नाम दिया है, जो आपके डिवाइस की स्क्रीन पर आने वाली हर जानकारी को रिकॉर्ड करता है। इसका मतलब है कि लॉगिन और पासवर्ड से लेकर, इंटरनेट हिस्ट्री, बैंक डिटेल्स और यहां तक कि आपके निजी टेक्स्ट मैसेज और सोशल मीडिया एक्टिविटी तक, सब कुछ रिकॉर्ड किया जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, Vultur एक बैंकिंग ट्रोजन (बैंक डिटेल्स चोरी करने वाले मैलवेयर) है, जो बाकी बैंकिंग ट्रोजन से काफी अलग है। इसी तरह के दूसरे मैलवेयर जहां यूजर्स को फर्जी वेबसाइट के जरिए अकाउंट डिटेल्स भरवाते हैं और बाद में चोरी कर लेते हैं। वहीं, Vultur सीधा यूजर्स के डिवाइस की स्क्रीन को रिकॉर्ड करके अकाउंट की जानकारी चुराता है। इसका मतलब है कि असली वेबसाइट पर लॉगिन करने के बावजूद भी आपको चूना लग सकता है।
जैसा कि थ्रेट फैब्रिक के सुरक्षा विशेषज्ञों ने एक ब्लॉग पोस्ट में समझाया है, यह एक अधिक जटिल दृष्टिकोण है जिसके लिए खतरे वाले अभिनेताओं से अधिक समय और प्रयास की आवश्यकता होती है। शोधकर्ताओं ने केवल मार्च के अंत में वल्चर मैलवेयर की खोज की, और कहा कि इसे प्रसिद्ध ब्रूनहिल्डा ड्रॉपर नेटवर्क के माध्यम से भी वितरित किया गया है।
इस ऐप से फैल गया मैलवेयर
मोबाइल सिक्यॉरिटी वेबसाइट Threat Fabric के विशेषज्ञों ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि यह मैलवेयर इसी साल मार्च में सामने आया है। यह मैलवेयर गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद एक ऐप के जरिए फैलाया गया है, जिसे हजारों से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। जिस ऐप पर सवाल उठ रहे हैं उसका नाम Protection Guard है। हालांकि गूगल प्ले स्टोर से फिलहाल ऐप को हटा लिया गया है।
अगर आपको अपने दिल को मजबूत बनाना है तो इसके लिए आपको डाइट के साथ-साथ एक्सरसाइज भी करना जरूरी है. दिल को मजबूत बनाने के लिए व्यायाम सबसे अच्छा तरीका है. जो लोग फिजिकली एक्टिव रहते हैं उनका हार्ट भी हेल्दी रहता है. एक्सरसाइज से हृदय की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है. इससे आपका वजन कंट्रोल रहता है. एक्सरसाइज करने से हाई ब्लड शुगर, हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल रहता है. एक्सरसाइज करने से दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा भी कम हो जाता है. एक्सरसाइज से आप अपनी हार्ट हेल्थ को भी इंप्रूव कर सकते हैं. आज हम आपको ऐसे 5 व्यायाम (Exercise) बता रहे हैं जिनसे आप अपने हार्ट को मजबूत बना सकते हैं.
दिल को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज
1- वॉक- तेजी से चलने से आपका दिल मजबूत बनता है. चलने में आपकी हृदय गति तेज होती है इसमें आपके जोड़ों पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है. आप कभी भी कहीं भी वॉक कर सकते हैं. आप चाहें तो ऑफिस में लंच ब्रेक पर भी थोड़ी देर टहल सकते हैं. वीकेंड पर आप ज्यादा वॉक कर सकते हैं.
2- स्विमिंग- तैरना हार्ट के लिए बहुत अच्छी एक्सरसाइज है. वाटर एरोबिक्स या स्विमिंग लैप्स एक फुल-बॉडी वर्कआउट है. इससे न केवल आपके शरीर को, बल्कि आपके दिल को भी मजबूत बनाया जा सकता है. दूसरी एक्सरसाइज के मुकाबले तैराकी दिल के लिए अच्छा व्यायाम है.
3- वेट ट्रेनिंग- शरीर में मांसपेशियों का निर्माण आपके दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है. वेट ट्रेनिंग से मसल्स बनाने और फैट बर्न करने में भी मदद मिलती है. आप वेट ट्रेनिंग में पुश-अप्स, स्क्वैट्स और पुल-अप्स कर सकते हैं. इन एक्सरसाइज से मांसपेशियों के निर्माण, हड्डी और हार्ट को हेल्दी रखने में मदद मिलती है.
4- साइकिल चलाना- हार्ट को हेल्दी रखने के लिए आप रोज साइकिलिंग कर सकते हैं. साइकिल चलाना हार्ट के लिए काफी फायदेमंद होता है. इससे पैरों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है. इससे हृदय गति बढ़ती है. साइकिलिंग करने से मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है.
5- योग- योग करने से भी हार्ट हेल्दी रहता है. योग करने से मांसपेशी मजबूत होती हैं और टोन होती हैं. कई योगासन ऐसे हैं जिससे आपके दिल की गति बढ़ जाती है. जबकि कई योगासन करने से आप शांत महसूस करते हैं. इससे आपका रक्तचाप कम हो सकता है. हार्ट को हेल्दी रखने के लिए योगा सबसे अच्छा व्यायाम है.
मानसून का सीजन चल रहा है और सावन का यह सुहावना मौसम है. सावन के मौसम में प्रकृति की अलग ही खूबसूरती नजर आती है. सावन शुरू होते ही महिलाओं और बच्चियां मेहंदी लगाकर झूले का मजा लेती दिखाई हेती हैं. हम सभी ने कभी ना कभी झूले पर बैठकर इंजॉय जरूर किया होगा लेकिन, बहुत कम लोगों को इसके हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में पता होगा. जी हां आपने बिलकुल सही पढ़ा. आज हम आपको इस लेख के जरिए सावन में झूला झलने के फायदे बताने वाले हैं. तो आइए जानते हैं इस बारे में-
अच्छी एक्सरसाइज है झूला झूलना
झूला झूलने को एक बेहतरीन एक्सरसाइज माना जाता है. झूला झूलते वक्त झूला आगे पीछे होता है, जिसके साथ हमारा शरीर भी आगे पीछे होता है. ये पूरी प्रक्रिया शरीर के वेट और स्पीड पर निर्भर होती है. आगे पीछे होने से कैलोरी बर्न होती है, जिससे व्यायाम ठीक तरीके से होता है. इस एक्सरसाइज से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं.
मूड को करता है अच्छा
झूला झूलने से आपका खराब मूड अच्छा हो जाता है. बता दें कि झूला झूलते वक्त इंसान के शरीर में हारमोंस रिलीज होते हैं. इन हारमोंस के कारण व्यक्ति का मूड अच्छा हो जाता है और यह आपके स्ट्रेस को भी कम कर देता है.
तनाव कम करने में है मददगार
आज के समय में शायद ही कोई व्यक्ति होगा जिसके जीवन में तनाव ना हो. तानाव को कम करने के लिए झूला झूलना एक बेहतर विकल्प हो सकता है. यह आपके तनाव को कम करके आपका मूड को अच्छा करता है. इस कारण यह शरीर के साथ-साथ मन को भी हेल्दी रखता है.
मसल्स को करता हैं एक्टिव
झूला झूलते वक्त शरीर काफी एक्टिव हो जाता है और बैलेंस बनाए रखने के लिए मसल्स काफी एक्टिव हो जाते हैं. एक्टिव मसल्स के कारण ही व्यक्ति अपने गति को तेज और धीमा कर पाता है.
जिंदगी में दोस्ती ही वो रिश्ता है जिसे हम खुद ही चुनते हैं, बाकी दुनिया के तमाम रिश्तेे हमारे ऊपर थोप दिए जाते हैं। शायद यही वजह है कि दोस्ती का रिश्ता सबसे खास होता है।
दोस्ती में मस्ती, प्यार और परवाह सबकुछ शामिल होता है। सोचिए कि एक दिन अगर आप अपने दोस्तों से नहीं मिलते हैं, तो कितने बेचैन हो जाते हैं और मौका मिलते ही उनके साथ तफरी के लिए निकल जाते हैं।
1 अगस्त को इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे है। आइए जानते हैं इस मौके पर क्या करें...
अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस पर हर वर्ष अगस्त माह के पहले रविवार को मनाया जाता है। इस दिवस का विचार पहली बार 20 जुलाई 1958 को आर्टिमियो ब्रैको के मन में आया था।
हालांकि दोस्ती का त्योहार दुनियाभर में अलग-अलग दिन मनाया जाता है। लेकिन इसके पीछे की भावना दोस्ती की ही है।
इस दिन दोस्त एक दूसरे को उपहार, कार्ड देते हैं। एक-दूसरे को फ्रेंडशिप बैंड बांधते हैं। दोस्तों के साथ पूरा दिन बिताकर अपनी दोस्ती को आगे तक ले जाने व किसी भी मुसीबत में एक दूसरे का साथ देने का वादा करते हैं।
आजकल यह दिन मनाने का तरीका भी हालांकि काफी आधुनिक हो चला है। नौजवान पार्टी करते हैं, बाहर घूमने जाते हैं। इस दिन दोस्त एक दूसरे से अपने गिले शिकवे दूर करते हैं। लेकिन कोरोना काल में इस बार ज्याादातर सेलिब्रेशन ऑनलाइन ही होगा।
आजकल वाट्सएप एवं फेसबुक जैसे सोशल मीडिया के वजह से यह दिवस बहुत लोकप्रिय हो रहा है। कोरोना के कारण घर से ज्यादा बाहर नहीं निकल सकते हैं कॉलेज बंद है, दोस्त अपने अपने शहर में है इसलिए इस बार खासतौर से इसकी ऑनलाइन तैयारी की जा रही है।
कोरोना काल में कैसे मनाएं फ्रैंडशिप डे
कोरोनावायरस, लॉकडाउन, सामाजिक दूरी, क्वारंटाइन के चलते सभी लोग अपने घरों में ही रहना ज्यादा बेहतर समझ रहे हैं। ऐसे में बर्थडे पार्टी या अन्य कोई सेलिब्रेशन सब कुछ कैंसल करना पड़ रहा है। जो लोग हर मौके को सेलिब्रेट करना पसंद करते हैं, ये उनके लिए थोड़ा कठिन हो सकता है। लेकिन यह सब कहीं न कहीं पॉजिटिव भी है, क्योंकि इससे हम खुद पर कंट्रोल कर पा ही रहे हैं, साथ ही दूरी होने पर कैसे अपने रिश्तों को सहेजकर रख सकते हैं, कैसे बिना मिले साथ में सेलिब्रेट कर सकते हैं, ये सभी चीजें सीखने का मौका भी मिल रहा है।
सारे नियमों का पालन करते हुए भी आप इस खास अवसर को इन्जॉय कर सकते हैं। कैसे? आइए जानते हैं।
वर्चुअल पार्टी कर सकते हैं
अगर आप फ्रैंडशिप डे को सेलिब्रेट करना चाहते हैं और इस खास दिन को यादगार बनाना चाहते हैं वह भी अपने दोस्तों के साथ, तो वर्चुअल पार्टी कर सकते हैं। इस समय वर्चुअल पार्टी ही एकमात्र उपाय है। ऐसे में आप अपने दोस्तों के साथ वीडियो कॉल के लिए एक समय तय कर लें। सुनिश्चित करें कि सभी आपके परिचित हों और कॉन्फ्रेंसिंग पार्टी का मजा लें। इस दौरान आप दोस्तों से जमकर बातें करें, केक काटें और फोटोज क्लिक करें।
घर पर ही फ्रैंडशिप बैंड बनाएं
यह सोचकर अपना मजा किरकिरा न करें कि कोरोना में बाहर तो जा नहीं सकते तो मार्केट से कैसे फ्रैंडशिप बैंड खरीद पाएंगे? आप सुरक्षा और नियमों का पालन करते हुए इस खास दिन को बेहतर बना सकते हैं। आप घर में ही फ्रैंडशिप बैंड बनाएं। यह आपको क्रिएटिव तो बनाएगा ही, साथ ही इस खास दिन आप कुछ नया भी सीखेंगे।
अपने दोस्तों से डिस्कस करें कि पार्टी कैसे कर सकते हैं?
सारी प्लानिंग आप खुद ही न करें। अपने दोस्तों से बातें करें, उनसे सुझाव मांगें और उस हिसाब से आप इस दिन को कैसे सेलिब्रेट करना है सोचें। इससे आप और आपके फ्रैंड्स सब मिलकर इस दिन को और बेहतर बना सकते हैं।
ड्रेस थीम के साथ करें सेलिब्रेट
फ्रैंडशिप डे के दिन आप अपने दोस्तों के साथ मिलकर ड्रेस थीम भी डिसाइड कर सकते हैं। यह इस दिन को और इंट्रेस्टिंग बनाने में मदद करेगी।
फ्रेंडशिप डे हर साल कई देशों में मनाया जाता है। इस दिन दोस्ती के जश्न को मनाया जाता है। दुनिया में दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जो सबसे अनमोल होता है। यह भले ही खून का रिश्ता नहीं होता लेकिन दिल के सबसे करीब होता है। इसलिए अगर आपके पास ऐसा दोस्त है, जो हर वक्त और किसी भी स्थिति में आपके लिए हाज़िर होता है, तो अपने आपके खुशकिस्मत मानिएं।
भारत में इस साल 1 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडशिप डे मनाया जाएगा। भारत में हर साल इसे अगस्त के पहले रविवार को मनाया जाता है। वहीं कुछ देश इसे 30 जुलाई को मनाते हैं। यह दिन खासतौर पर बच्चों के लिए खास होता है, वे बड़े उत्साह के साथ इस त्योहार को मनाने के लिए अपने दोस्तों को विश करते हैं। इस मौके पर दोस्त एक दूसरे को तोहफे देकर या फिर पार्टी करके सिलेब्रेट करते हैं। भारत में स्कूल के बच्चे एक दूसरे को फ्रेंडशिप बैंड्स गिफ्ट करके इस दिन को खास बनाते हैं।
कैसे हुई फ्रेंडशिप डे की शुरुआत
वैसे तो फ्रेंडशिप डे का जश्न दुनियाभर के कई देशों में मनता है, लेकिन असल में इसकी शुरुआत परागुआ में हुई। यहां पहली बार 1958 में अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडशिप डे मनाए जाने का प्रस्ताव पेश किया गया था। साथ ही यह भी माना जाता है कि 1930 में जॉयस हॉल ने हॉल्मार्क कार्ड्स से इसकी शुरुआत की थी। जिसके बाद ही संयुक्त राष्ट्र ने 30 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडशिप डे के रूप में मनाने का ऐलान किया था। हालांकि, भारत में इसे अगस्त के पहले रविवार को ही मनाया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडशिप डे
अलग-अलग देशों में इस दिन को अलग तरह से मनाया जाता है। यूनाइटेड नेशन्स ने 30 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडिशप डे मनाने का ऐलान किया था। हालांकि, भारत सहित कई दक्षिण एशियाई देशों में अगस्त के पहले रविवार को ही फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। वहीं, ओहायो का ओर्बलिन इसे हर साल 8 अप्रैल को ही मना लेता है।
एक समय देश में विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी बाघों की संख्या आज देश में तेजी से बढ़ रही है। बाघों को संरक्षण देने और उनकी प्रजाती को विलुप्त होने से बचाने के लिए विश्व बाघ दिवस मनाया जाता है। दुनियाभर में 29 जुलाई के दिन विश्व बाघ दिवस मनाया जाता है। बाघ भारत के राष्ट्रीय पशु है, इसके बावजूद भारत में साल 2010 में बाघ विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गए थे।
बता दें कि दुनियाभर के मात्र 13 देशों में ही बाघ पाए जाते हैं, वहीं इसके 70 प्रतिशत बाघ केवल भारत में हैं। साल 2010 में भारत में बाघों की संख्या 1 हजार 7 सौ के करीब पहुंच गई थी। इसके बाद लोगों में बाघों के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए साल 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में एक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में हर साल अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाए जाने की घोषणा की गई। इस सम्मेलन में कई देशों ने 2022 तक बाघों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के जरिए लोगों को बाघ के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है। इसके अलावा लोगों को पारिस्थितिक तंत्र में बाघों के महत्व को भी बताया जाता है। जिसका परिणाम यह है कि देश में तेजी से बाघों की संख्या बढ़ रही है। साल 2010 में की गई गणना के मुताबिक बाघों की संख्या 1706 थी, वहीं साल 2018 की गणना के अनुसार देशमें बाघों की संख्या बढ़कर 2967 हो गई है।
फिलहाल देशभर में बाघों की संख्या तेजी से बढ़ने के साथ ही उनके ऑक्युपेंसी एरिया भी बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में केरल, उत्तराखंड, बिहार और मध्यप्रदेश में बाघों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बता दें कि देशभर में बाघों की जनगणना हर चार साल में होती है, जिससे उनकी ग्रोथ रेट का पता लगाया जाता है। साल 1973 में देशभर में मात्र 9 टाइगर रिजर्व ही थे, जिसकी संख्या अब बढ़कर 51 हो गई है।
आज कल के वक्त में कमजोरी, नसों के ढीलेपन आदि की समस्या आम हो गई है. लोगों को अक्सर शरीर में दर्द, सीढ़ियां चढ़ने और उतरने पर सांस फूलना जैसी समस्याओं से रोजाना जूझना पड़ता है. इन सबके अलावा नसों में ढीलेपन की समस्या भी अब आम बात हो गई है. खास तौर पर पुरुषों में यह समस्या हमे देखने को मिलती है. यह समस्या कई जगहों पर आपसी कलह का कारण भी बन जाती है. आज हम आपके इसी समस्या को दूर करने का एक आसान घरेलु नुस्खा बताने जा रहे हैं. इस नुस्खे का प्रयोग अगर आप करेंगे तो बहुत जल्द ही आप इस समस्या से दूर हो जाएंगे और आपकी जिंदगी खुशहाल हो जाएगी. आइए जानते हैं कैसे बनता है यह नुस्खा.
इस नुस्खे को बनाने के लिए हमें तीन चीजों की आवश्यकता होती है-
1. मिश्री– आमतौर पर पूजा में इस्तेमाल होने वाली मिश्री के अंदर कई औषधीय गुण हैं. खासतौर पर धागे वाली मिश्री का सेवन काफी लाभकारी माना जाता है. मिश्री का इस्तेमाल कई आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में भी किया जाता है. कई हेल्थ विशेषज्ञों ने अनुसार शरीर में त्वरित ऊर्जा लाने में मिश्री का इस्तेमाल करना काफी अच्छा माना जाता है. इसके अलावा मिश्री के सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा भी सही बनी रहती है. मिश्री के सेवन से पुरुषों के स्पर्म की मात्रा भी सुधरती है, तथा इसका इस्तेमाल खांसी, बुखार के इलाज में भी किया जाता है.
2. बादाम – बादाम के अंदर कई औषधीय गुण होते हैं. इसके नियमित इस्तेमाल से लोगों को कई फायदे होते हैं. रोज बादाम खाने से लोगों की कमजोरी दूर होती है. इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल भी ठीक रहता है. बादाम हमारे वजन को भी बढ़ने से रोकता है. यह हमारे चेहरे पर आने वाले झुररियों को भी रोकता है.
3. सौंफ – प्राचीन काल से ही सौंफ का प्रयोग हम घरेलु औषधि बनाने में करते आए है. इसका सेवन हम Mouth Freshner रूप में भी करते हैं. सौंफ के सेवन से पेट में गैस की समस्या दूर हो जाती है. इसके नियमित सेवन से आंखो के रोग, जुकाम, खांसी, सिरदर्द जैसे समस्या दूर होती हैं. इसके अलावा सौंफ इंसान में भूख की कमी को भी दूर करता है. इसका प्रयोग लोग कई व्यंजन में सुंगध लाने के लिए भी करते हैं.
जानिए कैसे बनता है नुस्खा
इस नुस्खे को बनाने के लिए हम मिश्री, बादाम और सौंफ को इमामदस्ता में डालेंगे और इसे अच्छे तरह से कूट कर इसका दरदरा पाउडर बना लेंगे. ध्यान रहें कि हम इसे मिक्सी में न पीसें.
जानिए कैसे करें सेवन
इसका सेवन आप दिन में दो बार कर सकते हैं. एक सुबह नाश्ते के बाद और दूसरा रात में खाने के बाद. इसका सेवन दूध में मिलाकर करें. एक ग्लास दूध में 1.5 चम्मच मिश्रण को मिलाकर इसका सेवन करें. इसके सेवन से बहुत जल्द ही आपके नसों में नई जान आ जाएगी और कमजोरी की समस्या भी दूर हो जाएगी.
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के आने के बाद अब गैस सिलेंडर (Gas Cylinder) की बुकिंग कराना आसान हो गया है। अब आप घर बैठे बिना किसी लाइन में लगे सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं। लेकिन क्या हो अगर आपके मोबाइल में सिलेंडर की बुकिंग करने के लिए कॉल या मेसेज करने के पैसे ही न हों। आज हम आपकी इसी मुश्किल को आसान करने वाले हैं। अगर आपके फोन में पैसे नहीं हो तो आप WhatsApp का यूज कर या मिस्ड कॉल गैस सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं। भारत की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनियां जैसे की भारत गैस (Bharat Gas), इंडेन गैस (Indane Gas) और एचपी गैस (HP Gas) ग्राहकों को वॉट्सऐप से सिलेंडर बुक करने की सर्विस दे रही हैं। आइए जानते हैं कि कैसे आप सेकंड्स में WhatsApp और मिस्ड कॉल के जरिए गैस बुकिंग करा सकते हैं और बुकिंग के नंबर क्या हैं: मिस्ड कॉल देकर भी बुक हो जाएगा सिलेंडर
अब आप मिस्ड कॉल देकर भी गैस सिलेंडर बुक कर सकते हैं। इसके लिए इंडेन एलपीजी के ग्राहक 8454955555 पर, BPCL के ग्राहक 7710955555 पर और एचपी ग्राहक 9493602222 मिस्ड कॉल दे सकते हैं। इंडेन गैस यूजर्स WhatsApp के जरिए ऐसे बुक करें सिलेंडर
इंडेन गैस के ग्राहक 7588888824 नम्बर पर बुकिंग कर सकते हैं। उपभोक्ता इस नम्बर 7588888824 को अपने मोबाइल में सेव करें। इसके बाद वाट्सऐप ओपन करें। सेव किये गये नम्बर को खोलें और अपने उस रजिस्टर्ड नम्बर से Book या REFILL# लिखकर भेज दें। REFILL# लिखकर भेजते ही ऑर्डर पूरा होने का जवाब आएगा। रिप्लाई में सिलेंडर बुकिंग की डिलीवरी कब होगी, इसकी डेट भी लिखी होगी।
HP के ग्राहक इस तरह कर सकते हैं WhatsApp के जरिए सिलेंडर की बुकिंग
एचपी के ग्राहक इस नम्बर 9222201122 को अपने मोबाइल में सेव करें। इस नम्बर को सेव करने के बाद वाट्सऐप ओपन करें और सेव किया गया नम्बर खोलें। सेव किये गये एचपी गैस सिलिंडर के नम्बर पर Book लिखकर भेज दें। अपने रजिस्टर्ड नम्बर से एचपी गैस के इस नम्बर पर Book लिखकर भेजते ही वाट्सऐप पर ही आर्डर डिटेल आ जायेगी। इसमें सिलेंडर की डिलीवरी डेट सहित पूरी डिटेल लिखी होगी।
Bharat Gas के ग्राहक इस तरह WhatsApp पर बुक करें सिलेंडर
भारत गैस की बुकिंग के लिए आपको मोबाइल में 1800224344 नम्बर सेव करना पड़ेगा। नंबर सेव करने के बाद आपको WhatsApp पर जाना होगा। इसके बाद सेव किये भारत गैस यानी भारत पेट्रोलियम स्मार्ट लाइन नम्बर को खोलें। इसके बाद WhatsApp पर Hii, Hello लिखकर भेज दें। तुरंत ही रिप्लाई आएगा, जिसमें वाट्सऐप पर एजेंसी द्वारा स्वागत किया जायेगा। सिलेंडर जब भी बुक करना हो, बस आप वाट्सऐप पर Book लिखकर भेज दें। Book लिखकर भेजते ही आपको ऑर्डर डिटेल मिलेगी और किस दिन सिलेंडर डिलीवर होगा, ये भी व्हाट्स एप पर लिखकर आ जायेगा।
नंबर रजिस्टर कराने के बाद ही उठा पाएंगे ये सुविधा
आपको बता दें WhatsApp और मिस्ड कॉल के जरिए सिलेंडर बुक करने की सुविधा सिर्फ उसी नंबर पर मिलेगी जो नंबर आपका एजेंसी में रजिस्टर्ड है। बिना रजिस्टर्ड कराए आप गैस सिलेंडर की बुकिंग नहीं करा सकते हैं।
आंत की चर्बी पेट के आस-पास चारों ओर फैली रहती है. यह लीवर, पैनक्रियाज और आंत को प्रभावित करती है. यह शरीर में कई आंतरिक हिस्सों को अपनी गिरफ्त में ले लेती है जिससे कई तरह की जटिलताएं आ जाती हैं. अगर चर्बी की मात्रा ज्यादा हो जाती है तो दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर जैसी कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. लेकिन एक अच्छी खबर आई है. एक अध्ययन में दावा किया गया है कि एक प्रकार के चाय की ड्रिंक इस बढ़ी हुई चर्बी को घंटों में खत्म कर सकती है.
क्या कहा स्टडी में
हॉलेंड एंड बैरेट ने यह स्टडी की है. इसमें कहा गया है कि कैफिन का सेवन पेट की चर्बी को घटाने में मदद कर सकता है. American Journal of Clinical Nutrition में छपी एक अन्य स्टडी के मुताबिक मोटे लोगों पर कैफीन का असर प्रभावी होता है और उसमें मेटाबोलिज्म की दर को बढ़ाता है. मेटाबोलिज्म शरीर में होने वाली ऐसी प्रक्रिया है जिसमें भोजन का ऊर्जा में रूपांतरण होता है. अगर मेटाबोलिज्म की दर अधिक रहेगी तो शरीर में ऊर्जी यानी कैलोरी की खपत भी ज्यादा होगी और अंततः शरीर की चर्बी भी घटेगी.
रिसर्च में सामने आई ये बात
रिसर्च में सामान्य वेट वाले लोगों को 8 ग्राम कैफीन ड्रिंक दी गई और उसकी जांच की गई. जांच में पाया गया कि कैफीन लेने के सिर्फ तीन घंटे बाद इन व्यक्तियों में मेटाबोलिक रेट बहुत ज्यादा बढ़ गई. एक दूसरी रिसर्च में कुछ मोटे लोगों और कुछ सामान्य लोगों को एक साथ 4 ग्राम की दर से कैफीन ड्रिंक दी गई. जांच में पाया गया कि दोनों तरह के लोगों में मेटाबोलिक रेट बढ़ी हुई है.
जांच के निष्कर्ष से यह पता चला कि कॉफी से हर तरह के लोगों में मेटाबोलिक रेट बढ़ती है. हालांकि सामान्य लोगों में कॉफी के कारण फैट बर्निंग रेट में ज्यादा तेजी आती है. एक अन्य स्टडी में भी यह पाया गया कि कॉफी का लगातार सेवन पेट के आस-पास की चर्बी को घटाने में मददगार है. अध्ययन में पेट की चर्बी घटाने के लिए यह भी सलाह दी गई है कि ज्यादा कैलोरी घटाने के लिए हेल्डी डाइट ली जाए. इसके लिए पर्याप्त मात्रा में बींस, दाल, अंडा और मछली का सेवन करें. अनसैचुरेटेड ऑयल को सीमित करें और दिन में 6 से 8 ग्लास पानी रोजाना पीएं.
बता दें कि थाईलैंड की राजधानी बैंकाक का मामला है। दरअसल 38 साल का एक कुंवारा युवक छोटे ताले के साथ मास्टरबेट कर रहा था और उसी दौरान उसने उस ताले की चाभी खो दी जिसके बाद लोहे के उस पैडलॉक में उसका प्राइवेट पार्ट जकड़ गया और वो फूलने लगा। युवक ने करीब दो हफ्ते तक दर्द में समय में बिताया और इस बात को अपनी मां से भी छुपा कर रखा।
इस दौरान युवक ने उस छोटे पैडलॉक को हटाने की भरपूर कोशिश की लेकिन असफल रहा। 14 दिनों तक उस ताले में ही फंसे रहने की वजह से उसका प्राइवेट संक्रमित हो गया और असहनीय दर्द होने लगा। इसके बाद युवक को मां ने अस्पताल में भर्ती कराया।
अपने बेटे की इस हरकत से शमिंर्दा मां ने डॉक्टरों को बताया कि उसका बेटा कुंवारा है और उसे अपना प्राइवेट पार्ट छोटे-छोटे छेदों में डालना पसंद है जिस वजह से ये समस्या हुई है। युवक की मां ने घर पहुंचे आपातकालीन सेवा के सदस्यों को बताया कि उसके बेटे की कोई प्रेमिका नहीं थी और वह कोरोना महामारी के दौरान ज्यादातर समय घर पर रहने की वजह से ‘ऊब’ रहा था।
पीड़ित युवक की मां ने कहा, ‘मेरा बेटा अंतमुर्खी है और उसकी कोई प्रेमिका नहीं है। उसने मुझसे कहा कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह ऊब गया था और वह अपने प्राइवेट पार्ट को छोटे-छोटे छेदों में डालना पसंद करता था। मुझे इस तरह शमिंर्दा करने के लिए मैं उस पर गुस्सा थी और मैंने उसे दोबारा ऐसा नहीं करने के लिए कहा।
अस्पताल में दर्द से बेचैन युवक के प्राइवेट पार्ट को ताले से निकालने के लिए डॉक्टरों ने इलेक्ट्रिक कटर का उपयोग किया और तीस मिनट की मशक्कत के बाद लोहे की उस पतली शीट (ताला) को काटकर बाहर निकाला। इसके बाद भी दर्द को खत्म करने के लिए एंटीबायोटिक क्रीम पेनिसिलिन की गोलियां दीं गई।










