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प्रदेश में सियासी उठापटक के बीच आज पीएम मोदी से मिल सकते हैं सीएम अमरिंदर

प्रदेश में सियासी उठापटक के बीच आज पीएम मोदी से मिल सकते हैं सीएम अमरिंदर

चंडीगढ़: पंजाब में सियासी उठापटक जोरों पर है और कांग्रेस में खासा घमासान मचा हुआ है। इस बीच मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह दिल्ली में हैं। वह आज प्रधानमंत्री से मुलाकात कर सकते हैं। ज्ञातव्य है कि मंगलवार को ही अमरिंदर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी।

इसके बाद से सियासी अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है। पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू की सियासी बल्लेबाजी सीएम अमरिंदर के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है। अमरिंदर मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात भी कर चुके हैं। उन्हें हाईकमान से नसीहत भी मिल चुकी है। ऐसे में प्रधानमंत्री के साथ कैप्टन की संभावित मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

हालिया घटनाक्रम के बाद साफ हो गया है कि पंजाब में अमरिंदर सिंह की स्थिति पहले जैसी मजबूत नहीं रही है। नवजोत सिंह सिद्धू के बतौर प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस की कमान संभालने के बाद अमरिंदर की स्थिति कमजोर हो गई है। प्रशांत किशोर भी उनका साथ छोड़ चुके हैं।

नवजोत सिद्धू खुले तौर पर अपनी ही सरकार को निशाने पर लेते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने टि्वटर पर अमरिंदर सिंह सरकार पर एक बार फिर हमला किया। नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट किया- ड्रग के कारेाबार के दोषियों को सजा देना 18 प्वाइंट के एजेंडे के तहत कांग्रेस की प्राथमिकता रही है।

मजीठिया पर क्या कार्रवाई की गई। यदि और देर हुई तो हम रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव लाएंगे।

ऐसे माहौल में कैप्टन अमरिंदर सिंह की प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात क्या रंग लाएगी इस पर कयासबाजी जारी है। हालांकि, मंगलवार को अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। उन्होंने किसानों के लंबे समय से चल रहे आंदोलन के सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा प्रभावों का हवाला देते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की अपील की थी।

साथ ही अमरिंदर ने पंजाब के सीमावर्ती राज्य होने का हवाला देते हुए पाकिस्तान समर्थित आतंकी ताकतों से बचाव के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 25 कंपनियां और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के लिए ड्रोनरोधी उपकरणों की भी मांग की। उन्होंने हिंदू मंदिरों, प्रमुख किसान नेताओं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यालयों, आरएसएस-भाजपा के नेताओं को निशाना बनाये जाने की आशंका का भी हवाला दिया। अब देखना है कि पीएम से मुलाकात के बाद अमरिंदर का क्या रुख रहता है और इस मुलाकात का क्या असर रहता है।

दिवंगत पंचायत शिक्षक के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करें सरकार - संजय श्रीवास्तव

दिवंगत पंचायत शिक्षक के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करें सरकार - संजय श्रीवास्तव

रायपुर |  भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं पंचायत मंत्री टी एस सिंह देव से मांग की है की चुनाव पूर्व किये हुए वादे को पूरा करते हुए दिवंगत पंचायत शिक्षकों के आश्रितों को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करें ।                                

      भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा की गत 21 जुलाई से कोरोना काल एवं बरसात के इस भीषण समय में दिवंगत शिक्षक परिवार की महिलाएं धरना स्थल पर धरना दे रही हैं लेकिन भूपेश सरकार की संवेदनहीनता के कारण इस पर निर्णय नहीं हो पा रहा है।
       भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा की संविलयन के पूर्व दिवंगत पंचायत शिक्षक के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति हेतु बी एड, डी एड एवं टीईटी की अनिवार्यता रखना दिवंगत पंचायत शिक्षक के परिजनों के साथ अन्याय एवं पक्षपातपूर्ण व्यवहार है इस कोरोना  काल में सभी आश्रितों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है उन्होंने कहा की बीएड ,डीएड एवं टीटी की अनिवार्यता नियुक्ति पश्चात भी एक अवधि के अंदर कराई जा सकती है।         
          भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने सरकार से मांग की है कि बी एड ,डीएड एवं टीईटी की अनिवार्यता को शिथिल करते हुए सभी दिवंगत पंचायत शिक्षक के परिजनों को उनके शैक्षणिक योग्यता के अनुसार तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी एवं सहायक शिक्षकों के पद एवं प्रयोगशाला शिक्षक के पदों पर एवं पंचायत सचिव के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान किया जावे ।
सांसदों की गैरहाजिरी पर सख्त हुए प्रधानमंत्री मोदी, मांगी ऐसे लोगों की लिस्ट

सांसदों की गैरहाजिरी पर सख्त हुए प्रधानमंत्री मोदी, मांगी ऐसे लोगों की लिस्ट

नई दिल्ली: सदन में सांसदों के अनुपस्थित होने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नाराज हैं। ऐसे सांसदों की लिस्ट उन्होंने तैयार करने को कहा है जो सदन में अनुपस्थित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने `अधिकरण सुधार विधेयक, 2021` को सोमवार को राज्यसभा में पारित किए जाने के वक्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ज्यादातर सदस्यों के अनुपस्थित रहने को लेकर मंगलवार को नाराजगी जाहिर की है।

भाजपा संसदीय दल की बैठक में इस पर नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री ने उन सांसदों की सूची मंगवाई है जो कल, विधेयक के पारित होने के दौरान सदन में उपस्थित नहीं थे। ज्ञात हो कि राज्यसभा में सोमवार को संक्षिप्त चर्चा के बाद विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच `अधिकरण सुधार विधेयक, 2021` को मंजूरी दे दी गई। इस विधेयक में चलचित्र कानून, सीमा शुल्क कानून, व्यापार चिन्ह कानून सहित कई कानूनों में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है।

विपक्ष ने इस विधेयक को प्रवर समिति में भेजने का प्रस्ताव रखा और बाद में उस पर मतविभाजन की मांग की। हालांकि मतविभाजन में सदन ने 44 के मुकाबले 79 मतों से विपक्ष के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया. राज्यसभा में वर्तमान में भाजपा के कुल 94 सदस्य हैं।

इधर पेगासस जासूसी विवाद तथा कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग पर अड़े विपक्षी सदस्यों के हंगामे की वजह से राज्यसभा की बैठक मंगलवार को शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। हंगामे की वजह से उच्च सदन में आज भी शून्यकाल नहीं हो पाया। बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। आसन की अनुमति से संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने दस्तावेज सदन के पटल पर रखे।

कुछ सदस्यों ने एक ही मंत्री द्वारा विभिन्न मंत्रालयों के दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने को लेकर आपत्ति जताई। इस पर सभापति ने कहा कि यह व्यवस्था कोविड-19 महामारी की वजह से की गई है और यह स्थाई व्यवस्था नहीं है। इसके बाद सभापति ने सदन को सूचित किया कि तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय, कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, माकपा के इलामारम करीम तथा भाकपा के विनय विश्वम ने पेगासस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए नोटिस दिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार की ओर से सदन में बयान दिया गया था जिस पर सवाल और स्पष्टीकरण पूछे जा सकते थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में कितने लोगों ने खरीदी जमीन, गृह राज्य मंत्री ने दिया जवाब

धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में कितने लोगों ने खरीदी जमीन, गृह राज्य मंत्री ने दिया जवाब

नई दिल्ली: गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में प्रश्न के एक लिखित उत्तर में बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर सरकार द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, अगस्त 2019 से जम्मू-कश्मीर के बाहर के केवल दो व्यक्तियों ने अब तक संपत्तियां खरीदी हैं। जम्मू-कश्मीर में अब जमीन खरीदने में बाहरी लोगों या सरकार को किसी तरह की कठिन प्रक्रियाओं का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

बता दें कि जम्मू कश्मीर में साल 2019 में पांच अगस्त को प्रदेश को विशेष अधिकार देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 और 35-a को खत्म कर दिया गया था। इसके बाद से बाहरी लोग जो यहां के कई अधिकारों से वंचित रह जाते थे उन्हें वास्तविक अधिकार मिलने लगा।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में जनगणना 2021 पर एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि इस स्तर पर जाति के आंकड़े जारी करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि आगामी जनगणना पहली डिजिटल जनगणना होगी और इसमें स्व-गणना का प्रावधान है। आंकड़ों के संग्रह के लिए मोबाइल एप और जनगणना से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के प्रबंधन और निगरानी के लिए एक जनगणना पोर्टल विकसित किया गया है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) तैयार करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया है।

संसद में जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम संशोधन विधेयक-2021 पारित

संसद में जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम संशोधन विधेयक-2021 पारित

नई दिल्ली: संसद ने जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (संशोधन) विधेयक, 2021 को मंजूरी दे दी है। आज लोकसभा में यह विधेयक बिना चर्चा पारित किया गया, जबकि राज्यखसभा इसे पहले ही मंजूरी दे चुकी है। यह विधेयक जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम अधिनियम 1961 का स्थांन लेगा। विधेयक में जमाकर्ताओं को उनकी बीमित जमा राशि तक समयबद्ध तरीके से पहुंच प्रदान करने का प्रावधान है।


यदि बैंक में जमा राशि प्रतिबंधित हो जाती है तो निगम अंतरिम आधार पर जमाकर्ताओं को बीमित जमा राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा और 90 दिनों के भीतर जमाकर्ताओं को बीमित राशि का भुगतान करना होगा। विधेयक के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य छोटे जमाकर्ताओं की सहायता करना है। इस विधेयक के पारित हो जाने से पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी बैंक, श्रीगुरू राघवेन्द्र सहकार बैंक और अन्यक बैंकों के जमाकर्ताओं को लाभ होगा। बीमा कवर की सीमा एक लाख से बढाकर पांच लाख कर दी गई है।

विमान-रेल यात्रियों को कोरोना आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट मुहैया कराने में फ़र्जीवाड़ा चिंताजनक : नेताम

विमान-रेल यात्रियों को कोरोना आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट मुहैया कराने में फ़र्जीवाड़ा चिंताजनक : नेताम

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के संसद सदस्य (राज्यसभा) ने विमान और रेलगाड़ियों से देश के विभिन्न स्थानों की यात्रा करने वाले यात्रियों को आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट मुहैया कराने में हो रहे फ़र्जीवाड़े के ख़ुलासे को चिंताजनक बताते हुए कहा है कि एक ओर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में इज़ाफ़ा हो रहा है, बिना बैक-अप मैनेज़मेंट के प्रदेश में शुरू कर दी गई शालाओं में अध्ययनरत विद्यार्थी कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं, वहीं अब यह ताज़ा ख़ुलासा बताता है कि प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण की रोकथाम के मामले में शर्मनाक लापरवाही बरत रही है।
भाजपा संसद सदस्य श्री नेताम ने हाल ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को एक पत्र लिखकर कोरोना की रोकथाम के मामले में प्रदेश सरकार और उसकी प्रशासनिक मशीनरी द्वारा बरती जा रही गंभीर लापरवाहियों पर ध्यान आकृष्ट कर समुचित कार्रवाई करने की बात कही थी। श्री नेताम ने कहा कि प्रदेश सरकार और आला नौकरशाहों की नाक के नीचे राजधानी में निजी लैब वालों ने अँधेरगर्दी मचा रखी है, जिसके व्यापक दुष्परिणामों की आशंका को अनदेखा-अनसुना नहीं किया सकता; लेकिन प्रदेश सरकार झूठी वाहवाही कराके चैन की बंसी बजाने में ही मशगूल है। श्री नेताम ने कहा कि यह नेगेटिव रिपोर्ट देश में कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने की दृष्टि से अनिवार्य की गई है, लेकिन इसी नियम की आड़ में प्राइवेट लैब संचालकों ने इसे फ़र्जीवाड़े और लूट का सुनहरा अवसर बना लिया है। निजी लैब में महज़ हज़ार-दो हज़ार रुपयों में आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट मुहैया कराने का चल रहा गोरखधंधा तत्काल बंद हो ताकि देश में एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा सुरक्षित और संक्रमण-मुक्त हो। सांसद श्री नेताम ने कहा कि एक तो प्रदेश सरकार कोरोना महामारी को लेकर यूँ भी दुर्भावनापूर्ण नज़रिया रखे हुए है। कोविड गाइडलाइन की धज्जियाँ जिस सरकार के मंत्री-विधायक तक खुलेआम उड़ाते नज़र आ रहे हैं, उस सरकार में क्या यह नैतिक बल शेष रह गया है कि वह प्रदेशवासियों से कोविड गाइडलाइन का पालन करा सके? ऐसे हालात में आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट के नाम पर मची अंधेरगर्दी प्रदेश सरकार के नाकारापन का जीता-जागता प्रमाण है।
 

इस विधानसभा में वेंटिलेटर बोलना माना जाएगा असंसदीय, जाने क्या है मामला

इस विधानसभा में वेंटिलेटर बोलना माना जाएगा असंसदीय, जाने क्या है मामला

भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इससे ठीक एक दिन पहले रविवार को विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने ऐसे शब्दों की सूची जारी की है जिसे असंसदीय माना जाता है और विधानसभा में सदन के भीतर इन्हें बोलने की पाबंदी रहेगी। मध्य प्रदेश विधानसभा के इतिहास में पहली बार इस तरह का प्रयोग किया गया है।
किन शब्दों पर रहेगी पाबंदी
करीब 1600 शब्दों को विधानसभा सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले असंसदीय माना गया है। इनमे वेंटिलेटर, पप्पू पास हो गया, दादागिरी, चोर मचाए शोर, मिर्ची लग गई , हत्यारे, मंत्री की बहू ने आत्महत्या कर ली, शर्म करो, यह झूठ का पुलिंदा है, चमचा, भेदभाव, चापलूस, नौटंकी, पप्पू माई का लाल, मुक्का मारा, व्यभिचारी, शर्मनाक, चड्डी वाला, गोलमाल, मुर्गा और दारू में पैसे खत्म कर देते हैं, सोच में शौच भरा है, फर्जी पत्रकार, नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली, मां कसम, गुंडे, तानाशाही, अंगूठा छाप, नक्सलवादी, चुड़ैल, जनसंघी जैसे शब्द शामिल हैं।
वेंटिलेटर पर पाबंदी से उठे सवाल
सदन की कार्यवाही के दौरान जिन शब्दों को और संसदीय बताया गया है उनमें एक शब्द वेंटिलेटर भी है। अब कांग्रेस यह सवाल उठा रही है कि कोरोना काल के दौरान बड़ी संख्या में खराब वेंटिलेटर शिकायत सामने आई थी ऐसे में विधायक अगर सरकार से सवाल पूछेंगे वेंटिलेटर की जगह किस शब्द का इस्तेमाल करें।
ऐसे शब्दों का चयन ही क्यों करें : शिवराज
रविवार को विधानसभा परिसर में इस डायरेक्टरी का विमोचन किया गया जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि `कई बार हम ऐसे शब्दों का चयन कर जाते हैं, जिससे सुनने वाला निराश होता है। विधानसभा व लोकसभा ईंट-गारे का भवन नहीं, लोकतंत्र के मंदिर हैं. विधानसभा में असंसदीय शब्दों की जानकारी एक साथ संग्रहित कर उसे सार्वजनिक करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष का धन्यवाद।
 

संसद मानसून सत्र : आखिरी हफ्ते में भी सरकार को घेरने विपक्ष कर रही है ...

संसद मानसून सत्र : आखिरी हफ्ते में भी सरकार को घेरने विपक्ष कर रही है ...

नई दिल्ली । संसद के मानसून सत्र का ये आखिरी हफ्ता है। हालांकि पेगासस और कृषि कानून पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष का हंगामा लगातार दोनों सदनों की कार्यवाही प्रभावित कर रहा है। एक तरफ जहां कांग्रेस ने साफ कहा है कि विपक्ष अपनी मांग से पीछे नहीं हटेगा तो वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की पहचान करने के लिए राज्यों की शक्ति को बहाल करने वाला एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश करना चाह रही है। इसके लिए एक संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता होगी, जिसमें कम से कम 50 फीसदी उपस्थिति के साथ कार्यवाही के दौरान उपस्थित होने वाले दो-तिहाई बहुमत के समर्थन की आवश्यकता होगी। 

जब ढोल की थाप नाचने लगे सीएम भूपेश बघेल, इस तरह मनाई हरेली, देखें वीडियो

जब ढोल की थाप नाचने लगे सीएम भूपेश बघेल, इस तरह मनाई हरेली, देखें वीडियो

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जब ढोल की थाप और पारंपरिक गाने की आवाज सुनी को खुद को नाचने से रोक नहीं सके. सीएम ने पारंपरिक डांस भी किया. मौका था छत्तीसगढ़ के विशेष त्योहार हरेली का, जो विशेष रूप से खेती-किसानी से जुड़ा त्योहार है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम बघेल ने भी हिस्सा लिया और जमकर नाचे.


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजधानी रायपुर स्थित निवास में 8 अगस्त को पूर्वान्ह 11 बजे इस साल भी परंपरा के अनुरुप छत्तीसगढ़ के प्रथम त्योहार ‘हरेली’ का आयोजन किया गया. संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग द्वारा इस आयोजन के लिए मुख्यमंत्री निवास को ग्रामीण परिवेश में सजाया गया और पारंपरिक वेश भूषा में स्थानीय कलाकारों ने जो समां बांधा तो सीएम भी खुद को थिरकने से रोक नहीं सके.
इस कार्यक्रम में पारंपरिक कृषि उपकरणों एवं गाय-बैलों का पूजन किया जाता है. इसके साथ ही पारंपरिक नृत्य, गड़वा बाजा के साथ छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों भौंरा चालन, गिल्ली डंडा तथा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया जाता है.

 

जनसुविधा की दृष्टि से हमने किया राज्य में 29 नई तहसीलों और 4 नए अनुविभागों का गठन : भूपेश बघेल

जनसुविधा की दृष्टि से हमने किया राज्य में 29 नई तहसीलों और 4 नए अनुविभागों का गठन : भूपेश बघेल

जांजगीर-चांपा । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज ‘‘लोकवाणी‘‘ की 20वीं कड़ी में ‘‘आदिवासी अंचलों की अपेक्षाएं और विकास‘‘ विषय पर प्रदेशवासियों से बात-चीत करते हुए सबसे पहले छत्तीसगढ़ी में प्रदेशवासियों को पारंपरिक हरेली तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुसार हरेली साल का पहला त्यौहार है। इस दिन अपने गांव-घर, गौठान को लीप-पोत कर तैयार किया जाता है। गौमाता की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया भावना को ध्यान में रखते हुए हरेली सहित पांच त्यौहारों में सरकारी छुट्टी घोषित की गई है।

जिले में किया गया लोकवाणी का मनोयोग से श्रवण-
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मासिक लोकवाणी कार्यक्रम को जांजगीर-चांपा जिले के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में भी बड़े उत्साह के साथ लोगों ने सुना। जिला मुख्यालय जांजगीर के वार्ड नंबर -22 में शांतिलाल रात्रे, अमित, श्रीकांत सूर्यवंशी, संतोष कहरा, सुनील, और रूद्रेश रात्रे ने भी कार्यक्रम का श्रवण किया।
मुख्यमंत्री ने विश्व आदिवासी दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद प्रदेश में पहली बार विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इससे सभी लोगों को आदिवासी समाज की परंपराओं, संस्कृतियों और उनके उच्च आदर्शों और जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिला है।
मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेशवासियों को अगस्त माह में आने वाले त्यौहार हरेली, नागपंचमी, राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस, ओणम, राखी, कमरछठ और कृष्ण जन्माष्टमी की भी बधाई दी।
29 नई तहसीलों और 04 अनुविभागों का गठन-
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने ढाई वर्षों में 29 नई तहसीलें और 4 नए राजस्व अनुविभाग गठित किए हैं, उनमें से अधिकतर आदिवासी अंचल में ही हैं। कोरिया जिले में पटना के साथ चिरमिरी और केल्हारी तहसीलें भी गठित की गई हैं। इसके अलावा कबीरधाम जिले में रेंगाखार-कला, सरगुजा जिले में दरिमा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में रामचंद्रपुर, सामरी, सूरजपुर जिले में लटोरी, बिहारपुर, जशपुर जिले में सन्ना और सुकमा जिले में गादीरास आदि प्रमुख हैं। इसी तरह चार नवीन अनुविभागों में दंतेवाड़ा का बड़े बचेली और बस्तर का लोहंडीगुड़ा शामिल है।
52 वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी -
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन से हमें लगा था कि आदिवासी अंचलों और शेष क्षेत्रों के बीच विकास का अंतर दूर कर लिया जाएगा, लेकिन हमने देखा कि विगत वर्षों में यह अंतर और भी अधिक बढ़ गया है। इसलिए हमने सबसे पहले विश्वास जीतने की बात की। इसके लिए निरस्त वन अधिकार पट्टों के दावों की समीक्षा, जेल में बंद आदिवासियों के प्रकरणों की समीक्षा कर अपराध मुक्ति, बड़े उद्योग समूह के कब्जे से आदिवासियों की जमीन वापस लौटाने का निर्णय, तेंदूपत्ता संग्रहण दर 2500 रुपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा करने का निर्णय लिया गया। इससे आदिवासी अंचलों में सरकार और व्यवस्था के प्रति विश्वास का नया दौर शुरू हुआ है। हमने 7 से बढ़ाकर 52 वनोपज को समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की, पुरानी दरों को भी बदला जिसके कारण वनोपज संग्रह से ही 500 करोड़ रुपए से अधिक अतिरिक्त सालाना आमदनी का रास्ता बन गया। अनुसूचित क्षेत्रों में कोदो, कुटकी, रागी जैसी फसलों को भी समर्थन मूल्य पर खरीदने के इंतजाम किए गए हैं तथा लाख को कृषि का दर्जा दिया गया है। वन अधिकार मान्यता पत्रधारी परिवारों के खेतों में उपजे धान को भी समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की गई है। देवगुड़ी और घोटुल स्थलों का विकास कर आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में 1637 करोड़ रूपए की लागत से सड़कें
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 16 हजार करोड़ रुपए की लागत से सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे हमारे आदिवासी अंचलों को सैकड़ों ऐसी सड़कें मिलेंगी, जिनका इंतजार वे दशकों से कर रहे थे। नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क बहाल करने के लिए हम 1 हजार 637 करोड़ रुपए की लागत से सड़कें बना रहे हैं। आदिवासी अंचलों में बिजली की सुविधा देने के लिए अति उच्च दाब के चार वृहद उपकेन्द्र का निर्माण पूरा कर लिया गया है। नारायणपुर, जगदलपुर, बीजापुर और सूरजपुर जिले के उदयपुर में ये उपकेन्द्र प्रारंभ हो जाने से बिजली आपूर्ति सुचारू हो गई है। इसके अलावा विगत ढाई वर्षों में आदिवासी अंचलों में सौर ऊर्जा से संचालित 74 हजार सिंचाई पम्प, 44 हजार से अधिक घरों में रोशनी और लगभग 4 हजार सोलर पेयजल पम्पों की स्थापना की गई है, जो अपने आप में कीर्तिमान है।
छत्तीसगढ़ को लघु वनोपज की खरीदी के लिए 11 राष्ट्रीय पुरस्कार-
मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा में एक बड़े उद्योग की स्थापना के नाम से ली गई आदिवासियों की जमीन वापसी की घोषणा के साथ आदिवासियों को न्याय दिलाने का सिलसिला शुरू हो गया है। 10 गांवों के 1 हजार 707 किसानों को 4 हजार 200 एकड़ जमीन के दस्तावेज प्रदान किए जा चुके हैं। कोण्डागांव में मक्का प्रोसेसिंग इकाई का शिलान्यास किया गया है। प्रदेश में 146 विकासखण्डों में से 110 विकासखण्डों में फूडपार्क स्थापित करने हेतु भूमि का चिन्हांकन तथा अनेक स्थानों पर भूमि हस्तांतरण भी किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ में 139 वनधन विकास केन्द्र स्थापित हो चुके हैं, जिनमें से 50 केन्द्रों में वनोपजों का प्रसंस्करण भी हो रहा है। इस काम में लगभग 18 हजार लोगों को रोजगार मिला है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा ‘छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड’ के नाम से 121 उत्पादों की मार्केटिंग की जा रही है। भारत सरकार की संस्था ट्रायफेड द्वारा 6 अगस्त को छत्तीसगढ़ को लघु वनोपज की खरीदी तथा इससे संबंधित अन्य व्यवस्थाओं के लिए 11 राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। यह हमारे आदिवासी अंचलों के साथ पूरे प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है। दुर्ग जिले में 78 करोड़ रुपए से अधिक लागत पर एक वृहद प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। राज्य में वनोपज आधारित उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए वनांचल उद्योग पैकेज लागू किया गया है। इसके अलावा दंतेवाड़ा में रेडिमेड कपड़ों का ‘ब्रांड डेनेक्स’ एक सफल प्रयोग साबित हुआ है। नवचेतना बेकरी भी काफी सफल हो रही है। ऐसे कामों से सैकड़ों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना’ से बढ़ेंगे ग्रामीणों की आय के साधन-
‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना’ के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को वे भविष्य में स्थानीय लोगों, आदिवासी और वन आश्रित परिवारों की आय के बहुत बड़े साधन के रूप में देखते हैं। खुद लगाए वृक्षों से इमारती लकड़ी की कटाई और फलों को बेचकर लोगों की आय बड़े पैमाने पर बढ़ेगी। निजी लोगों को ही नहीं, बल्कि पंचायतों और वन प्रबंधन समितियों को भी पेड़ लगाने और काटने के अधिकार दिए गए हैं।
हाट-बाजारों तक पहुंची स्वास्थ्य सुविधा, एनीमिया और कुपोषण में आई कमी
लोकवाणी के माध्यम से आदिवासी क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकताएं अच्छी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, रोजगार और स्कूल में शिक्षकों की कमी के प्रश्न पर जवाब देते हुए श्री बघेल ने कहा कि निश्चित तौर पर आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सबसे बड़ी जरूरत है। इस दिशा में प्राथमिकता से काम शुरू किया गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरतोें को डीएमएफ मद से पूरी करने के लिए आवश्यक नियम बनाए गए हैं। सीएसआर और अन्य मदों की राशि भी इन्हीं प्राथमिकताओं के लिए खर्च करने की रणनीति अपनाई है। इसके कारण बीजापुर, दंतेवाड़ा और जगदलपुर में अब उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं। सुकमा जिले में भी बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के सुदूर अंचल में ग्रामीणों को सहजता से स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने हमने मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना शुरू की है। इससे अब आदिवासी भाई-बहनों का उपचार हाट-बाजारों में होने लगा है। इसका लाभ 11 लाख से अधिक लोगों को मिल चुका है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पांच वर्ष से कम उम्र के 37.7 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार थे और 15 से 49 वर्ष तक की 47 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया अर्थात खून की कमी से ग्रस्त थीं। आदिवासी जिलों में हालत और भी खराब थी। इसे देखते हुए हमने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान शुरू किया, जिसमें डीएमएफ और जनभागीदारी के योगदान को बढ़ावा दिया। योजना के माध्यम से बच्चों को दूध, अण्डा, स्थानीय प्रचलन के अनुसार पौष्टिक आहार दिया, जिसके कारण कुपोषण और एनीमिया की दर में तेजी से कमी आ रही है।
मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की यूएनडीपी और नीति आयोग ने की सराहना-
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान शुरू होने से एक साल में बस्तर संभाग में मलेरिया के प्रकरण 45 प्रतिशत और सरगुजा संभाग में 60 प्रतिशत कम हो जाना सुखद है। यूएनडीपी और नीति आयोग ने मलेरियामुक्त बस्तर अभियान की तारीफ करते हुए बीजापुर जिले में मलेरिया में 71 प्रतिशत तथा दंतेवाड़ा में 54 प्रतिशत तक कमी करने की सफलता को बेस्ट प्रेक्टिस के रूप में सराहा है और अन्य आकांक्षी जिलों को भी इस अभियान को अपनाने की सलाह दी है।
प्रदेश में 14 हजार 580 शिक्षकों की नियुक्ति-
श्री बघेल ने बताया कि शिक्षा के लिए हमने संकटग्रस्त क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस किया। जिसके कारण सुकमा जिले के जगरगुंडा में 13 वर्षों से बंद स्कूल बीते साल खुल चुका है। कुन्ना में स्कूल भवन का पुनर्निर्माण तथा दंतेवाड़ा जिले के मासापारा-भांसी में भी 6 सालों से बंद स्कूल अब खुल गया है। कोरोना काल में पढ़ाई तुंहर पारा अभियान के तहत लाखों बच्चों को उनके गांव-घर-मोहल्लों में खुले स्थानों पर भी पढ़ाया गया। प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों को मातृभाषा में समझाना अधिक आसान होता है इसलिए हमने 20 स्थानीय बोली-भाषाओं में पुस्तकें छपवाईं, जिसका लाभ आदिवासी अंचलों में मिला। बीस साल बाद प्रदेश में 14 हजार 580 शिक्षक-शिक्षिकाओं की नियुक्ति आदेश दे दिए गए हैं। इससे आदिवासी अंचलों में भी शिक्षकों की कमी स्थायी रूप से दूर हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कोरोना की ‘तीसरी लहर’ को लेकर सभी से बहुत सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्व-त्यौहार मनाते समय फिजिकल डेस्टैंसिंग का पालन करें, मास्क का उपयोग करें, हाथ को साबुन-पानी से धोते रहें तथा टीका जरूर लगवाएं। खुद को बचाए रखना ही सबसे जरूरी उपाय है।
मुख्यमंत्री बघेल ने राम-वन-गमन पथ पर बात करते हुए कहा कि यह बहुत गर्व का विषय है कि भगवान राम का अवतार जिस काम के लिए हुआ था, उन प्रसंगों की रचना छत्तीसगढ़ में हुई। वास्तव में भगवान राम छत्तीसगढ़ में कौशल्या के राम और ‘वनवासी राम’ के रूप में प्रकट होते हैं। यह अद्भुत संयोग है कि भगवान राम का छत्तीसगढ़ में प्रवेश, संचरण और प्रस्थान सघन आदिवासी अंचल में ही हुआ। कोरिया जिले के सीतामढ़ी हरचौका में प्रवेश और सुकमा जिले के अंतिम स्थान कोंटा तक उनकी पदयात्रा। एक बार फिर राम के रास्ते पर चलते हुए अगर हम 2 हजार 260 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करते हैं तो इससे पूरे रास्ते में विकास के दीये जल उठेंगे। आस्था के साथ जुड़ी सड़कें, सुविधाओं के साथ आजीविका के नए-नए साधन भी आएंगे। यह समरसता और सौहार्द्र के साथ वनवासी राम के प्रति आस्था का परिपथ बनेगा, जो नदियों, नालों, झरनों, जलप्रपातों, खूबसूरत जंगलों से गुजरते हुए सैकड़ों पर्यटन स्थलों का उद्धार करेगा।
 

मुख्यमंत्री बघेल ने की कृषि यंत्रों की पूजा, मुख्यमंत्री निवास में हरेली की धूम...

मुख्यमंत्री बघेल ने की कृषि यंत्रों की पूजा, मुख्यमंत्री निवास में हरेली की धूम...

रायपुर। लोक महापर्व हरेली के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास पर धर्मपत्नी श्रीमती मुक्तेश्वरी बघेल और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गोधन तथा कृषि यंत्रों की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश वासियों को नये साल के पहले त्यौहार की बधाई दी। मुख्यमंत्री गेड़ी भी चढ़े और पर्व से जुड़ी परंपराओं का निर्वहन किया। उन्होंने रहचुल और गिल्ली डंडा के खेल का आनंद लिया।
छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हरेली का त्यौहार मनाने के लिए आज मुख्यमंत्री निवास के एक हिस्से को ग्रामीण परिवेश का स्वरूप दिया गया। मुख्यमंत्री निवास में गांव के घरों में जिस प्रकार पूजा की जाती है, उसकी झांकी तैयार की गई। छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों, लोक नर्तकों, लोक गायकों ने पारंपरिक वेशभूषा में वाद्य यंत्रों एवं साज सज्जा के साथ प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे, वनमंत्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन मंत्री डा. शिवकुमार डहरिया, विधायक मोहन मरकाम, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, राजेश तिवारी और प्रदीप शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
 

आम लोगों के दुख दर्द और तकलीफ से नहीं कोई सरोकार, सिर्फ चुनाव और वोटों की राजनीति करती है भाजपा- त्रिवेदी

आम लोगों के दुख दर्द और तकलीफ से नहीं कोई सरोकार, सिर्फ चुनाव और वोटों की राजनीति करती है भाजपा- त्रिवेदी

रायपुर, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा केवल चुनाव और वोटो की राजनीति करती है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कोरोना को लेकर भाजपा की स्वयं सेवक नियुक्ति ढकोसला और दिखावा मात्र है। भाजपा द्वारा घोषित कोविड की तीसरी लहर से लड़ने के लिये स्वयंसेवक बनाने के बनावटी कार्यक्रम से यह स्पष्ट हो गया है। भाजपा का यह कार्यक्रम इसका जीता जागता सबूत है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि भाजपा द्वारा कोविड कोविड की पहली लहर और दूसरी लहर के समय भी बीजेपी की ये संवेदना कहां सोयी पड़ी थी? जब रेम्सडीविर की शार्टेज हो रही थी, छत्तीसगढ़ सरकार के दो आई.ए.एस. ऑफिसर मुंबई और हैदाराबाद भेज के रेम्सडीविर की सप्लाई सुनिश्चित करनी पड़ी, तब भाजपा की ये संवेदना कहां सोयी पड़ी थी? जब छत्तीसगढ़ को युवाओं के टीकाकरण के लिये ही पर्याप्त टीके नही मिल रहे हैं और केन्द्र सरकार द्वारा पर्याप्त मात्रा में टीका नही दिये जाने के कारण सिर्फ 2 प्रतिशत युवाओं का टीकाकरण हो पाया है। इसमें भाजपा की संवेदना क्यों नही जागती? दरअसल भाजपा सिर्फ और सिर्फ फोटोजीवी पार्टी बनकर रह गयी है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि आज जब कोविड पर छत्तीसगढ़ सरकार ने, भूपेश बघेल की सरकार ने अपने प्रयत्नों से नियंत्रण पाया हैं, स्थिति बेहतर होते दिख रही है। स्कूल खुल गये है, व्यापार, व्यवसाय सामान्य हो गया हैं तो अब भाजपा कोविड के लिये स्वयंसेवक नियुक्ति कर जनता के साथ खड़े होने का दिखावा मात्र कर रही हैं। इसके पहले तक भाजपा की यह संवेदना क्यों नही जागी थी? दरअसल भाजपा संवेदनहीन और मतलबी पार्टी है। भाजपा को सिर्फ लोगो के वोट चाहिये। भाजपा का लोगो से उनके दुख दर्द और तकलीफ से कोई सरोकार नही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि जब-जब कोरोना लहर आयी, उस समय छत्तीसगढ़ की सरकार ने छत्तीसगढ़ के कांग्रेस के लोगों ने मजदूरों को जो प्रवासी मजदूर थे जो छत्तीसगढ़ के नहीं भी थे, नंगेपांव सैकड़ों हजारों किलोमीटर यात्रा करके आ रहे उन सभी मजदूरों को जूते देने का काम किया। भूखे-प्यासे, थके लोगों के लिये पके हुये भोजन की व्यवस्था की। उनके रास्ते के भोजन की व्यवस्था की, वाहनो की भी व्यवस्था की। कोरोना की दूसरी लहर के समय छत्तीसगढ़ सरकार ने बहुत ही उल्लेखनीय काम करके जिला मुख्यालयों के अलावा जिले के अन्य स्थानों पर भी कोविड अस्पताल बनाये। 73000 मितानिनों के माध्यम से भी कोविड की दवाओं के कीट का वितरण किया गया। इस प्रकार छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने और कांग्रेसजनों ने कोरोना में बहुत अच्छा सेवा का काम किया है। अब तब कोरोना पूरी तरीके से ढलान पर है। ऐसे समय कोरोना पीड़ितों के लिये कार्यशाला का भाजपा का आयोजन केवल दिखावा और ढकोसला मात्र है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के नेताओं का फोटोजीवी चेहरा बेनकाब हो गया है। अगर भाजपा को ये दुख दर्द होता तो उत्तरप्रदेश में जहां इनकी सरकार है वहां गंगा में सैंकड़ों शव नहीं बहाये जाते। रेम्सडीविर की कालाबाजारी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री जैसे लोगों के लिप्त होने के समाचार नहीं आते। भाजपा का क्रूर अमानवीय चेहरा कोविड में उजागर हुआ है जिसे ठीक करने के लिए भाजपा की यह पीआर एक्सरसाइज मात्र है। इस कार्यशाला का और भाजपा का भी आम लोगों के दुख दर्द से कोई लेना देना नहीं है।
 

भारत के खिलाड़ियों ने एक नई खेलशक्ति के रूप में उभरने का कराया अहसास: भूपेश बघेल

भारत के खिलाड़ियों ने एक नई खेलशक्ति के रूप में उभरने का कराया अहसास: भूपेश बघेल

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने टोकियो ओलंपिक में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा और 65 किलोग्राम वर्ग फ्री-स्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक जीतने वाले बजरंग पुनिया को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए इसे देश के लिए गौरवमयी क्षण बताया है। उन्होंने कहा है कि टोकियो आलंपिक में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों ने भारत को नई खेल शक्ति के रूप में उभरने का अहसास करा दिया है। देश के खिलाड़ियों ने टोकियो ओलंपिक में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि टोकियो ओलंपिक में भारत के खिलाड़ियों की उपलब्धि और प्रदर्शन देश को एक नई खेल शक्ति के रूप में उभरने का अहसास करा रही हैै। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए ओलंपिक खेल में कोई भी पदक पाना एक गौरवमयी क्षण होता है। इस प्रतियोगिता में किसी भी खिलाड़ी का प्रदर्शन व्यक्तिगत नहीं पूरे देश का प्रदर्शन माना जाता है। खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन से देश भर के युवा खिलाडियों को प्रेरणा मिलेगी।
 

BREAKING NEWS: स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने दिया इस्तीफा, जानिए क्या है सच

BREAKING NEWS: स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने दिया इस्तीफा, जानिए क्या है सच

छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के कार्यालय ने इस्तीफे की खबर का खंडन करते हुए कहा है कि यह पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद खबर है। मंत्री के खिलाफ अफवाह फैलाई जा रही है।


आपको बता दें कि हाल ही में टीएस सिंह देव ने कांग्रेस के ही एक विधायक बृहस्पत सिंह द्वारा हमले का आरोप लगाने के बाद राज्य सरकार के 'स्पष्ट बयान' की मांग करते हुए विधानसभा से बहिर्गमन किया था। सिंहदेव ने कहा था, "मैं खुद को इस सदन के सत्र का हिस्सा बनने के योग्य नहीं मानता, जब तक कि सरकार जांच का आदेश नहीं देती या बयान जारी नहीं करती।"


दिसंबर 2018 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद जब बघेल और उनके दो वरिष्ठ कैबिनेट सहयोगी टीएस सिंह देव और ताम्रध्वज साहू कांग्रेस के प्रमुख दावेदार थे। तब सीएम पोस्ट-शेयरिंग फॉर्मूला छत्तीसगढ़ के राजनीतिक दायरे में चर्चा का विषय रहा है। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि बघेल और टीएस सिंह देव के बीच ढाई साल के सत्ता बंटवारे के फार्मूले के आधार पर शीर्ष पद के लिए आम सहमति बनी है।

 

गरीबी को लेकर पीएम मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना, कही ये बाते

गरीबी को लेकर पीएम मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना, कही ये बाते

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मध्यप्रदेश के उन लाभार्थियों से बात की जिन्हें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लाभ मिल रहा है। इस दौरान लोगों की जीविका से जुड़े सवाल करते हुए प्रधानमंत्री ने शिक्षा पर जोर दिया और कहा कि टोक्यो ओलिंपिक का जिक्र किया और कहा कि गरीब घरों की बेटियां भी हैं जो देश का मान बढ़ा रहीं हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्यप्रदेश में पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के लाभार्थियों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने संकट के समय गरीबों को प्राथमिकता दी और गरीबों को भोजन और रोजगार की चिंता की। अन्न योजना से कोरोना काल में बड़ी राहत मिली। पीएम मोदी ने कहा कि जनधन योजना से आज देश की बड़ी आबादी लाभान्वित हुई है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 80 करोड़ लोगों को इस योजना का लाभ मिला है, इस योजना से राज्य के पांच करोड़ लोगों को फायदा हुआ है। सरकार गरीबों का जीवन स्तर उठाने के लिए दिन रात प्रयासरत है। सवका साथ सबका विकास करना भाजपा सरकार का सिर्फ नारा नहीं है, बल्कि संकल्प है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लाभार्थियों से बातचीत करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, `इस संकटकाल में सरकार से जो मुफ्त अनाज मिला हर परिवार के लिए यह राहत है। लोगों से बातचीत में यह संतोष दिखा।`

विपक्ष पर पीएम मोदी का निशाना
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। लाभार्थियों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि पहले की सरकारी व्यवस्था में कई विसंगतियां थी। विपक्ष ने हमेशा गरीबों को सुविधा से दूर रखा। उन्होंने कहा कि विकास के लिए डबल इंजन की जरूरत है। शिवराज सिंह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के हर क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। पीएम ने प्रदेश में बारिश और बाढ़ से बिगड़े हालात पर दुख जाताया। राज्य सरकार को हर संभव मदद कराने का भरोसा दिया है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संबोधन के साथ शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, `पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत नि:शुल्क खाद्यान्न का वितरण अभियान नवंबर 2021 तक चलेगा। ये अभियान अप्रैल में ही शुरू हुआ था। मैं प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं, उन्होंने 2016 से अब तक 26,27,899 परिवारों को 32,204 करोड़ रु. की सब्सिडी मकान बनाने के लिए पैसा दिया है।` प्रधानमंत्री ने राज्य के होशंगाबाद की निवासी माया उईके, रेवाड़ी के चंद्रभान, बुरहानपुर के निवासी राजेन्द्र शर्मा जी से वार्तालाप की।

कोरोना महामारी के दौरान मुफ्त अनाज उपलब्ध कराने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये अधिक लागत वाली इस योजना की शुरुआत गरीबों के लिए की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने भी आज होने वाले इस आयोजन के बारे में ट्वीट कर कहा था, `इस योजना से मध्यप्रदेश के 4.8 करोड़ से अधिक भाई बहनों को लाभ मिलेगा।` मार्च 2020 में घोषित 1.70 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना का मकसद कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे गरीबों की मदद करना है ताकि उनके हाथ में पैसे और खाने की कमी न हो।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर बताया, `प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत निःशुल्क राशन वितरण कार्यक्रम में 7 अगस्त 2021 को प्रधानमंत्री हितग्राहियों से ऑनलाइन संवाद करेंगे।` उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके आशीर्वाद तथा वर्चुअल गरिमामय उपस्थिति में मध्यप्रदेश में `प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना` के अंतर्गत अन्न उत्सव का कार्यक्रम संपन्न होगा।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट में कहा, `अन्न उत्सव के इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ 15 लाख परिवारों को 5 किलो गेहूं एवं चावल प्रति व्यक्ति के हिसाब से प्रतिमाह मिलेगा। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गरीबों के कल्याण एवं उन्नति के हरसंभव प्रयास करने के लिए मध्यप्रदेश प्रतिबद्ध हैं।`

जानें क्या है ये पैकेज:-
- कोविड-19 से जूझने वाले प्रत्येक हेल्थ वर्कर को 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस मिलेगा जो अप्रैल 2021 से एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया।
- 80 करोड़ गरीब आबादी को नवंबर 2021 तक हर माह मुफ्त 5 kg गेहूं या चावल और 1 kg दाल दिया जाएगा।
- जनधन खाता धारक 20 करोड़ महिलाओं को तीन महीनों के लिए हर माह 500 रुपये दिए जाएंगे।
- मनरेगा के तहत मिलने वाली दैनिक कमाई 182 से बढ़ाए गए 202 रुपये कर दी गई जिससे 13.62 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा।

दो दिवसीय यूपी प्रवास के लिए लखनऊ पहुंचे नड्डा, सीएम योगी ने किया स्वागत

दो दिवसीय यूपी प्रवास के लिए लखनऊ पहुंचे नड्डा, सीएम योगी ने किया स्वागत

लखनऊ: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 7 और 8 अगस्त को यूपी प्रवास के दौरान अवध से ब्रज तक चुनावी मंथन करेंगे। 7 अगस्त को लखनऊ में सरकार व संगठन को चुनावी एजेंडा सौंपने के बाद 8 अगस्त को आगरा में चुनावी बिगुल बजाएंगे।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा लखनऊ पहुंच गए हैं। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में वह नवनिर्वाचित जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसके बाद, विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारियों के सम्मेलन में उन्हें चुनाव में बूथ प्रबंधन से लेकर प्रचार प्रबंधन तक के गुर सिखाएंगे। दोपहर 3 बजे से प्रदेश भाजपा मुख्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में कोर कमेटी की बैठक लेंगे।

प्रदेश सरकार के मंत्रियों और भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक भी लेंगे। इसके बाद 8 अगस्त को नड्डा आगरा में ब्रज क्षेत्र के क्षेत्रीय पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों की चुनावी बैठक लेंगे। उनका ब्रज क्षेत्र के भाजपा विधायकों से भी बातचीत का कार्यक्रम है। नड्डा आगरा में कोरोना वारियर्स सम्मलेन में भी शामिल होंगे।

लखनऊ में होने वाले कार्यक्रमों के लिए प्रदेश महामंत्री अमरपाल मौर्य, गोविंद नारायण शुक्ला और जेपीएस राठौर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता हीरो बाजपेयी ने बताया कि नड्डा के लखनऊ पहुंचने पर एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक कई जगहों पर उनका स्वागत किया जाएगा

इस कानून के एक प्रावधान पर विधानसभा अध्यक्ष को ऐतराज, खटखटाएंगे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, जाने क्या है मामला

इस कानून के एक प्रावधान पर विधानसभा अध्यक्ष को ऐतराज, खटखटाएंगे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, जाने क्या है मामला

नई दिल्ली, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने शुक्रवार को केंद्र पर जीएनसीटीडी कानून (GNCTD Act) में संशोधन करके सदन की समितियों की शक्तियों को छीनने का आरोप लगाया और कहा कि वे इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। गोयल ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) कानून में संशोधन के माध्यम से केंद्र दिल्ली विधानसभा की समितियों की शक्ति में हस्तक्षेप करना चाहता है। इस साल मार्च में संसद में पास संशोधित कानून यह स्पष्ट करता है कि दिल्ली में ''सरकार का अर्थ ''उपराज्यपाल है। कानून दिल्ली सरकार के लिए किसी भी कार्यकारी कार्रवाई से पहले उपराज्यपाल की राय लेना अनिवार्य बनाता है।

गोयल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हम इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। हम जीएनसीटीडी कानून के केवल उस हिस्से को चुनौती देंगे जो विधानसभा समितियों की शक्तियों को छीनने के संबंध में है। हम मामले पर कानूनी राय ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा पारित जीएनसीटीडी कानून असंवैधानिक है और चार जुलाई 2018 के सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के फैसले का भी उल्लंघन है। गोयल ने कहा कि जिस दिन यह (कानून) पास हुआ वह एक काला दिन था। 'दिल्ली में शासन को पंगु बना देगा जीएनसीटीडी संशोधन कानून'

गौरतलब है कि अप्रैल महीने में 76 पूर्व नौकरशाहों के एक समूह ने संयुक्त बयान जारी कर कहा था कि दिल्ली में उप-राज्यपाल को और अधिक शक्तियां देने के लिए इसी साल संसद द्वारा पास किए गए जीएनसीटीडी (संशोधन) कानून के प्रावधान न सिर्फ दिल्ली में शासन को पंगु बना देंगे बल्कि इसका देश में संघीय शासन चलाए जाने पर भी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। बयान में कहा गया था कि यह कदम दुर्भाग्यपूर्ण है और कानून के लिहाज से भी बुरा है।

दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार (संशोधन) कानून, 2021 निर्वाचित सरकार पर दिल्ली के उप-राज्यपाल को सर्वोच्चता देता है। इस कानून के मुताबिक, अब दिल्ली में “सरकार” का मतलब “उप-राज्यपाल” है। बयान में कहा गया, “कानून की धारा 44 अब कहती है कि कार्यपालिका संबंधी कोई भी कार्रवाई करने से पहले निर्वाचित सरकार को उप-राज्यपाल की पूर्व अनुमति लेनी होगी। यह बात उन मामलों में भी लागू होगी, जहां विधानसभा को कानून बनाने का अधिकार है। यह सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के सीधे विरुद्ध है….।”

राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड का नाम बदलना मोदी सरकार की राजनैतिक अधःपतन की पराकाष्ठा: कांग्रेस

राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड का नाम बदलना मोदी सरकार की राजनैतिक अधःपतन की पराकाष्ठा: कांग्रेस

रायपुर: राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड का नाम बदलना मोदी सरकार की राजनैतिक अधःपतन की पराकाष्ठा है प्रदेश कांग्रेस के मुख्यप्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जिस व्यक्ति ने देश की एकता अखंडता के लिये अपना जीवन बलिदान किया हो उन महान राजीवगांधी के नाम से दिये जाने वाले खेल रत्न का नाम बदलना प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार की छुद्रता है। जिनके किसी भी नेता ने देश की आजादी से ले कर उसके नवनिर्माण में देश की एकता अखंडता के लिए उंगली भी न कटाई हो ऐसे दल के नेता बलिदान और शहादत का अर्थ क्या समझेंगे । नरेंद्र मोदी और भाजपा जान ले किसी की लाइन मिटाने से उनकी अथवा उनके दल की लाइन लम्बी नही होने वाली ।कांग्रेस और गाँधीपरिवार ने देश सेवा की इतनी लम्बी लकीर अपने खून से देश के लोगो के दिलो दिमाग मे खींची है जिसे भजपा के लोग कितनी भी कोशिश कर ले मिटा नही सकते ।


कांग्रेस के मुख्यप्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी और उनकी सरकार की नीयत में खोट नहीं होता तो मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल का कोई दूसरा पुरस्कार घोषित कर सकते थे ।41 वर्ष के बाद भारत ने हाकी में ऑलम्पिक में कोई मेडल जीता है उसकी याद अक्षुण रखने के लिए मेजर ध्यांचन के नाम पर कोई पुरस्कार शुरू किया जा सकता था ।मोदी सरकार की नीयत ध्यानचंद के नाम पर पुरस्कार करना नही अपितु स्व राजीवगांधी के नाम से दिया जाने वाले पुरस्कार का नाम बदलना था ।मोदी और उनकी सरकार की मेजर ध्यांचन के प्रति इतनी ही श्रद्धा थी तो मोदी सरकार को बने 7 साल हो गए उनको भारत रत्न देने की घोषणा क्यो नही किया गया ?


कांग्रेस के मुख्यप्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार ने स्व राजीव गांधी के नाम से दिए जाने वाले पुरस्कार को बदल कर एक नई राजनैतिक परिपाटी की शुरुआत की है इसका परिणाम कालांतर में उन भाजपाई और संघी महापुरुषों के साथ भी होगा जिनका देश की आजादी में देश के नवनिर्माण में रंच मात्र भी योगदान नही है सिर्फ संघ और भाजपा के नेता होने के कारण देश भर में भाजपाई सरकारो ने उनकी मूर्तिया लगाई है उनके नाम से योजनाएं शुरू की है ।लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन शील होती है और राजनैतिक निर्णय आने वाली सरकारों के लिए नजीर।

कोरोना के संकट के समय भाजपा के नेता थे गायब, भाजपा नेताओं का फोटो जीवी चेहरा हुआ बेनकाब

कोरोना के संकट के समय भाजपा के नेता थे गायब, भाजपा नेताओं का फोटो जीवी चेहरा हुआ बेनकाब

रायपुर भाजपा की कार्यशाला आयोजन पर प्रहार करते हुये कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा के नेताओं का फोटो जीवी चेहरा बेनकाब हो गया है। वे अब कोविड कार्यशाला के नाम से फोटो खिंचाने के अवसर तलाश रहे है। कोरोना को लेकर भाजपा की कार्यशाला को ढकोसला और दिखावा मात्र निरूपित करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा सच में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मदद करना चाहती है तो सबसे पहले केन्द्र सरकार को कहकर तत्काल छत्तीसगढ़ को पर्याप्त मात्रा में टीके दिलवाये ताकि सबका टीकारण किया जा सके। दरअसल भाजपा के नेता फोटोजीवी हो चुके है।

कोरोना लहर आयी और चली गयी। उस समय छत्तीसगढ़ की सरकार ने छत्तीसगढ़ के कांग्रेस के लोगों ने मजदूरों को जो प्रवासी मजदूर थे जो छत्तीसगढ़ के नहीं भी थे, नंगेपांव सैकड़ों हजारों किलोमीटर यात्रा करके आ रहे उन सभी मजदूरों को जूते देने का काम किया। भूखे-प्यासे, थके लोगों के लिये पके हुये भोजन की व्यवस्था की। उनके रास्ते के भोजन की व्यवस्था की, वाहनो की भी व्यवस्था की। कोरोना की दूसरी लहर के समय छत्तीसगढ़ सरकार ने बहुत ही उल्लेखनीय काम करके जिला मुख्यालयों के अलावा जिले के अन्य स्थानों पर भी कोविड अस्पताल बनाये। 73000 मितानिनों के माध्यम से भी कोविड की दवाओं के कीट का वितरण किया गया। इस प्रकार छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने और कांग्रेसजनों ने कोरोना में बहुत अच्छा सेवा का काम किया है। अब तब कोरोना पूरी तरीके से ढलान पर है ऐसे समय कोरोना पीड़ितों के लिये कार्यशाला का भाजपा का आयोजन केवल दिखावा और ढकोसला मात्र है। अगर भाजपा को ये दुख दर्द होता तो उत्तरप्रदेश में जहां इनकी सरकार है वहां गंगा में सैंकड़ों शव नहीं बहाये जाते। रेम्सडीविर की कालाबाजारी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री जैसे लोगों के लिप्त होने के समाचार नहीं आते। भाजपा का क्रूर अमानवीय चेहरा कोविड में उजागर हुआ है जिसे ठीक करने के लिए भाजपा की यह पीआर एक्सरसाइज मात्र है। इस कार्यशाला का और भाजपा का भी आम लोगों के दुख दर्द से कोई लेना देना नहीं है।

हाथियों के दल के  बीच फंसे कांग्रेस विधायक, पानी टंकी पर चढ़कर बचाई जान

हाथियों के दल के बीच फंसे कांग्रेस विधायक, पानी टंकी पर चढ़कर बचाई जान

कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कटघोरा वन मंडल क्षेत्र में हाथी प्रभावित इलाके में एक परिवार से मिलने पहुचें पाली तानाखार से कांग्रेस विधायक मोहित राम केरकेट्टा और उनकी टीम हाथियों से घिर गए. इसके बाद आनन फानन में किसी तरह पानी टंकी में चढ़कर अपनी, ग्रामीणों की और साथियों की जान बचाई. किसी तरह ग्रामीणों ने विधायक को सुरक्षित बाहर निकाला. कटघोरा वन मंडल में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है. कटघोरा वन मंडल केंदई रेंज के हाथी प्रभावित क्षेत्र के दौरे पर निकले पाली-तानाखार विधायक मोहीतराम केरकेट्टा उत्पाती हाथियों के बीच बीते गुरुवार को फंस गए.


इसकी खबर मिलते ही वन अमला मौके पर पंहुचा. विधायक उनकी टीम भागकर पानी टंकी के ऊपर चढ़ गए व खुद को सुरक्षित किया. क्षेत्र में लगातार 40 हाथियों का दल विचरण कर उत्पात मचा रहा है. दरअसल बीती रात कटघोरा वन मंडल के केंदई रेंज के ग्राम लमना चोरधोवा मोड़ के पास ग्राम गुरसियां झलियामुड़ा निवासी तिलसिंह गोड़ को हाथी ने कुचल कर मार डाला था. घटना की जानकारी मिलते ही पाली-तानाखार विधायक मोहित राम केरकेट्टा मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे. परिजनों से मिलकर उनको इस दुखद घड़ी में सांत्वना दी और विधायक ने परिवार को वन मण्डल से उचित मुआवजा दिलाने की बात कही, मृतक तिलसिंह के तीन पुत्र हैं.

परिवार को दी सहायाता राशि
विधायक केरकेट्टा ने परिवार को अपनी तरफ से सहायता राशि उपलब्ध कराई. उन्होंने कटघोरा वनमण्डल एतमानगर, केंदई, पसान में सर्वाधिक हाथी प्रभावित क्षेत्र के लोगों से भी मुलाकात की. इसके बाद पोंडी उपरोड़ा जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोषी पेन्द्रों, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण समन्यवयक आशुतोष शर्मा, जनपद सदस्य भोला गोस्वामी, जनपद सदस्य विजय दुबे, मानिकपुर सरपंच मनोहर श्रोते के साथ वापस लौट रहे थे कि अचानक हाथियों के दल के बीच फंस गए.