रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बीच साय कैबिनेट की बैठक 19 अगस्त को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में नया रायपुर मंत्रालय में आयोजित की जाएगी। बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते है।
वहीं बैठक में नए मंत्रियों के शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। अब देखने ये होगा कि कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रिमंडल का विस्तार होता है या फिर बैठक के बाद नए मंत्रियों के नाम का ऐलान किया जाएगा। ये तो लगभग तय माना जा रहा है कि सीएम साय के विदेश प्रवास के पहले मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है।
रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। पद्मश्री डॉ. बुधेन्द्र कुमार जैन को नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। मंत्रालय ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर इसकी आधिकारिक घोषणा की।
डॉ. जैन वर्तमान में चित्रकूट श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं। वे सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय के निदेशक भी हैं। इसी वर्ष उन्हें नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में 50 वर्षों के योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। नई जिम्मेदारी मिलने पर डॉ. जैन ने सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय का आभार जताया है।
उन्होंने गुरुदेव रणछोड़दास जी महाराज को अपनी सेवा भावना का प्रेरक बताया। डॉ. जैन ने मानवता की सेवा के लिए निरंतर काम करने का संकल्प लिया है। वे रोगियों की भलाई और स्वस्थ जीवन के लिए प्रयास करेंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती वर्ष पर राजधानी रायपुर स्थित टाउन हॉल में आयोजित भव्य छायाचित्र प्रदर्शनी और क्विज लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस प्रदर्शनी का आयोजन जनसंपर्क विभाग द्वारा किया गया है। इसमें छत्तीसगढ़ की परंपराओं, स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और राज्य निर्माण की यात्रा से जुड़ी कई दुर्लभ तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। साथ ही डिजिटल स्क्रीन पर स्लाइड शो भी लोगों को आकर्षित कर रहा है।
इस छायाचित्र प्रदर्शनी में प्रगति पथ पर छत्तीसगढ़, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषक उन्नति योजना, महतारी वंदन योजना, विष्णु का सुशासन-संवाद से समाधान तक, सुशासन तिहार छत्तीसगढ़ अंजोर, राज्य का प्रथम आदिवासी संग्रहालय, स्वर्णिम भविष्य की राह,औद्योगिक नीति, नई शिक्षा नीति से भविष्य उज्जवल, वनांचल मा समृद्धि के आधार हमर हरा सोना जैसी लोककल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदर्शित किया गया है। यह सात दिवसीय प्रदर्शनी 21 अगस्त तक आयोजित है, जो प्रातः 10:30 से रात्रि 8 बजे तक आम लोगों के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कल स्वतन्त्रता दिवस को छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में विद्यार्थी और आम नागरिक देखने आ रहे हैं अवलोकन कर सराहना भी कर रहे हैं। इस प्रदर्शनी में बच्चों के लिए छत्तीसगढ़ के इतिहास और सामान्य ज्ञान पर आधारित क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित किया जा रहा है, जिसमें रायपुर के विभिन्न स्कूलों और छात्रावासों के बच्चों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और छत्तीसगढ़ के सामान्य ज्ञान से जुड़े सवालों का जवाब दिया।
सरस्वती नगर निगम स्कूल नयापारा की 12वीं कक्षा की छात्रा सिल्की ध्रुव ने बताया कि ऐसे इवेंट में पहली बार शामिल होने का अवसर मिला। ऐसे आयोजन से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ छत्तीसगढ़ के स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों के योगदान और छत्तीसगढ़ के इतिहास से जुड़े सामान्य ज्ञान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती हैं। इसी तरह शहीद स्मारक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के 8वीं कक्षा के छात्र लोकेश पात्रे ने बताया कि यह पहला अवसर है कि किसी क्विज प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और पुरस्कार भी जीता। साथ ही साथ मंच को साझा करने की झिझक भी दूर हो गई।
प्रदर्शनी देखने आए आवासीय छात्रावास मठपुरैना के अधीक्षक योगेश देवांगन ने बताया कि ऐसे आयोजन से नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान से भली-भांति परिचित होने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि फोटो प्रदर्शनी और क्विज जैसी गतिविधियाँ बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और अत्यंत उपयोगी है, इससे छत्तीसगढ़ के वीर पुरोधाओं के बारे में दुर्लभ जानकारी मिल रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बिलासपुर में बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं और खतरनाक चाकुओं की खुलेआम व आनलाइन बिक्री को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मीडिया में प्रकाशित खबर कि शहर में पान दुकानों, जनरल स्टोर्स और गिफ्ट शाप में 100 से 500 रुपये में डिजाइनर, बटन और फोल्डिंग चाकू बिना किसी पूछताछ के आसानी से खरीदे जा सकते हैं।
कोर्ट ने इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए गृह विभाग के प्रमुख सचिव को पक्षकार बनाया और व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि, ऑनलाइन व खुलेआम ये खतरनाक चाकू कैसे बिक रहे हैं, बेचने और खरीदने वाले दोनों पर कार्रवाई करें।
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, ये बटनदार, डिजाइनर चाकू कोई सब्जी काटने के लिए तो लेता नहीं होगा, इसकी गंभीरता को समझिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि आपके पास आम्र्स एक्ट भी है तो फिर इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
120 मामले, 7 मौतें, 122 घायल: कोर्ट में पेश रिपोर्ट के अनुसार, बिलासपुर में सिर्फ जनवरी से जुलाई 2025 के बीच चाकूबाजी की 120 घटनाएं दर्ज हुईं। इनमें 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 122 लोग घायल हुए। कई मामले मामूली कहासुनी या विवाद में भड़ककर हुए। पुलिस ने आम्र्स एक्ट के तहत कुछ कार्रवाइयां जरूर कीं, लेकिन हथियारों की आसानी से उपलब्धता ने हालात को और गंभीर बना दिया।
ऑनलाइन बिक्री पर जताई चिंता: सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल प्रफुल्ल एन. भारत ने कोर्ट को बताया कि ऐसे खतरनाक चाकू न केवल बाजार में बल्कि आनलाइन प्लेटफार्म पर भी बिक रहे हैं। राज्य सरकार ने आनलाइन बिक्री पर भी कार्रवाई की है, लेकिन पूरी तरह रोकने के लिए सख्त और ठोस रणनीति की जरूरत है। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।
रायपुर: आज़ादी के 78 साल बाद बस्तर के उन गांवों में तिरंगा शान से लहराया, जहाँ अब तक नक्सलियों का लाल झंडा ही ताक़त और खौफ का प्रतीक माना जाता था। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिलों के 29 गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। दशकों से बंदूकों की नली और डर के साए में जी रहे इन गांवों में तिरंगे का फहराया जाना केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की ऐतिहासिक तस्वीर है।
यह तस्वीर दर्शाती है कि सुरक्षा बलों के त्याग, सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और ग्रामीणों की उम्मीद ने मिलकर नक्सलवाद के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। इन गांवों में तिरंगा फहराना उस ऐतिहासिक बदलाव का प्रमाण है, जो सुरक्षा बलों के साहस, राज्य और केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा सबसे बढ़कर ग्रामीणों के धैर्य और विश्वास से संभव हुआ है।

बीजापुर जिले के कोंडापल्ली, जीड़पल्ली, वाटेवागु, कर्रेगुट्टा, पिड़िया, पुजारीकांकेर और भीमारम जैसे गांव; नारायणपुर जिले के गारपा, कच्चापाल, बेड़माकोट्टी, कांदूलनार, रायनार सहित कई गांव; तथा सुकमा जिले के गोमगुड़ा, गोल्लाकुंडा, नुलकातोंग और उसकावाया जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में आज़ादी के बाद पहली बार तिरंगे का फहरना एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह उपलब्धि हमारी सुशासन की सरकार के उस संकल्प का परिणाम है, जिसमें नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विकास की नई धारा प्रवाहित करने का लक्ष्य रखा गया है। “बस्तर अब भय और हिंसा से बाहर निकलकर प्रगति, समृद्धि और विश्वास की ओर बढ़ रहा है। सरकार का वचन है कि हर गांव तक विकास की रोशनी पहुँचेगी और कोई भी नागरिक विकास की रोशनी से अछूता नहीं रहेगा,” उन्होंने कहा।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इसे सुरक्षा बलों की मेहनत और स्थानीय समुदायों के धैर्य का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि “आज जिन गांवों में तिरंगा फहराया गया, वहाँ दशकों तक लाल झंडे का खौफ छाया रहा। यह बस्तर में नई सुबह का प्रतीक है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों की नई रणनीति, शिविरों की स्थापना और लगातार दबाव के चलते नक्सली कैडर कमजोर हुआ है। आत्मसमर्पण नीतियों ने बड़ी संख्या में उग्रवादियों को मुख्यधारा में लौटाया है। वहीं सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि केवल सुरक्षा उपाय ही नहीं, बल्कि विकास ही स्थायी समाधान है।

इसी कारण नियद नेल्ला नार योजना सहित सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और अन्य योजनाओं से ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने लगा है। ग्रामीणों का भरोसा जीतना इस ऐतिहासिक बदलाव का सबसे बड़ा आधार रहा है। स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर तथा प्रशासन का संवेदनशील रवैया ग्रामीणों को यह संदेश दे रहा है कि सरकार उनके साथ खड़ी है।
बस्तर की यह नई तस्वीर पूरे देश को यह संदेश देती है कि जब इच्छाशक्ति, रणनीति और जनभागीदारी एक साथ आते हैं, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रहती। कर्रेगुट्टा सहित बस्तर के इन 29 गांवों में फहराता तिरंगा उस नई सुबह का प्रतीक है, जो हिंसा की अंधेरी रात को पीछे छोड़ते हुए शांति, विकास और आत्मविश्वास से भरे भविष्य की ओर अग्रसर है।

खैरागढ़। जिले में सनकी आशिक ने बम बना कर युवक के घर भेज दिया। एक युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका के पति को मारने की नीयत से होम थिएटर स्पीकर के भीतर दो किलो बारूद छिपाकर पार्सल बम तैयार किया और उसे गिफ्ट पैक कर भेज दिया। किस्मत ने साथ दिया, वरना पूरा इलाका एक बड़े धमाके से हिल जाता। मामला तब उजागर हुआ जब गंडई निवासी अफसार खान के पास एक पार्सल पहुंचा। बाहर से वह बिल्कुल नया होम थिएटर लग रहा था, लेकिन उसे उठाते ही अफसार को शक हुआ। स्पीकर असामान्य रूप से भारी था और पावर पिन टूटा हुआ दिख रहा था। पेशे से इलेक्ट्रिशियन अफसार की नजर तुरंत खतरे पर गई। उसने सावधानी से पार्सल खोला तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। स्पीकर के भीतर से जिलेटिन की छड़ें और तारों से जुड़ा डिटोनेटर निकला। उसने तुरंत पुलिस को खबर दी।
सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र को सील कर दिया। जांच में पता चला कि स्पीकर के अंदर छिपाया गया विस्फोटक इस तरह डिज़ाइन किया गया था कि जैसे ही उसे बिजली के स्रोत से जोड़ा जाता, करंट सीधे डिटोनेटर तक पहुँचकर जोरदार धमाका कर देता। विस्फोट की स्थिति में स्पीकर का आवरण ही घातक छर्रों में बदल जाता। यह पूरा आईईडी किसी फिल्मी सीन जैसा था, लेकिन हकीकत कहीं ज्यादा खतरनाक। पुलिस की पड़ताल ने इस मामले के पीछे की गुत्थी खोल दी। मास्टरमाइंड विनय वर्मा ने इंटरनेट से ट्यूटोरियल देखकर आईईडी तैयार किया था। उसका मकसद अपनी प्रेमिका के पति अफसार खान की हत्या करना था। लेकिन इस साजिश का एक और बड़ा पहलू सामने आया—विनय अकेला नहीं था। उसके साथ कई लोग शामिल थे, जिन्होंने फाइनेंस, सप्लाई और फर्जी लोगो तक का इंतजाम किया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस बम में इस्तेमाल जिलेटिन दुर्ग जिले की पत्थर खदानों से अवैध रूप से लाया गया था।
पुलिस ने इस केस में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें आईईडी तैयार करने वाला, फाइनेंसर, डिलीवरी में मददगार, सप्लायर और यहां तक कि फर्जी इंडिया पोस्ट लोगो बनाने वाला भी शामिल है। आरोपियों के ठिकानों से 60 जिलेटिन स्टिक और दो डिटोनेटर बरामद हुए। पुलिस अधीक्षक लक्ष्य विनोद शर्मा ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया। उनके अनुसार यह केवल एक नियोजित हत्या की साजिश को नाकाम करने भर की बात नहीं है, बल्कि अवैध विस्फोटक आपूर्ति के एक पूरे नेटवर्क को उजागर करने वाली घटना है। सभी आरोपियों पर हत्या की साजिश, विस्फोटक अधिनियम और आर्म्स एक्ट समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
गंडई की इस वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया है। लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा कि एक सनकी आशिक अपनी दीवानगी में इतना आगे बढ़ सकता है कि स्पीकर जैसे मासूम दिखने वाले तोहफे को मौत का हथियार बना दे।
गुरु बालदास साहेब जी ने दिए आशीर्वचन – गुरु खुशवंत साहेब जी ने समाज उत्थान के लिए रखी बड़ी बातें
नवागढ़/बेमेतरा/आरंग/रायपुर : नवागढ़ नया सतनाम भवन में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरु बालकदास साहेब जी की जयंती बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। इस भव्य आयोजन में हजारों की संख्या में सतनामी समाज के लोग उपस्थित होकर गुरु परंपरा के प्रति अपनी आस्था प्रकट किए।

इस अवसर पर सतनामी समाज के धर्मगुरु, राजागुरु गुरु बालदास साहेब जी कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन दिए। इसके पश्चात सत्तधारी गुरु सोमेश बाबा जी ने गुरु धर्म का निर्वहन करते हुए समाज को गुरु मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

इस ऐतिहासिक अवसर पर विशेष रूप से आरंग विधायक एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ शासन के उपाध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) गुरु खुशवंत साहेब जी भी उपस्थित हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा –गुरु बालकदास साहेब जी ने समाज को सत्य, एकता और शिक्षा का जो मार्ग दिखाया, वही आज भी हमारे लिए प्रकाशपुंज है। समाज का उत्थान तभी संभव है जब हम गुरु वाणी को जीवन में उतारकर शिक्षा और संस्कारों से अपनी नई पीढ़ी को मजबूत बनाएं।
गुरु खुशवंत साहेब जी ने यह भी बताया कि वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी ने सतनामी समाज की आस्था और विश्वास के प्रतीक गिरौधपुरी धाम, भंडारपुरी धाम, गुरु बालकदास साहेब जी के शहादत स्थल एवं अन्य पावन स्थलों के लिए विशेष ध्यान देते हुए करोड़ों रुपए की स्वीकृति प्रदान की है।
उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में हुई अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में समाज की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए कोचिंग के लिए 50 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। साथ ही पायलट बनने की इच्छा रखने वाले बच्चों के लिए प्रत्येक वर्ष 15-15 लाख रुपए की राशि 5 बच्चों हेतु स्वीकृत की गई है।

गुरु खुशवंत साहेब जी ने कार्यक्रम के अंत में गुरु बालदास साहेब जी एवं गुरु सोमेश बाबा जी के चरणों में नमन करते हुए आयोजकों और उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।


पूरे आयोजन के दौरान गुरु वाणी, भजन और समाजिक एकता के संदेश से वातावरण भक्तिमय और प्रेरणादायी बना रहा।
नन्हें बालगोपालों की अठखेलियों से गुलजार हुआ मुख्यमंत्री निवास
रायपुर :- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में इस बार जन्माष्टमी का उत्सव राजधानी रायपुर के बैरन बाजार स्थित आंगनबाड़ी के नन्हें-मुन्ने बच्चों के साथ मनाया। बच्चों ने राधा और कृष्ण का रूप धरकर अपनी अठखेलियों और मनमोहक वेशभूषा से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। पूरे निवास परिसर को फूलों, रंगीन रोशनियों और सजावट से सुसज्जित किया गया, जिससे वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया।
कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने कृष्ण-लीला की झांकियां और प्रसंग प्रस्तुत किए। उनकी मासूमियत और भावपूर्ण अभिनय ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री निवास बच्चों की हंसी और उल्लास से गुलजार रहा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर तरक्की की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीला हमें धर्म, नीति और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देती है। छत्तीसगढ़ की जनता की मेहनत और आस्था से प्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है। हमारा संकल्प है कि भगवान श्री कृष्ण के उपदेशों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ को न्याय, सद्भाव और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक सभी बच्चों को अपने हाथों से चाकलेट, शिक्षण सामग्री और प्रसाद का वितरण किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ते हैं। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री राम सेवक पैकरा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, मितुल कोठारी, सुनील पिल्ले, मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय आईबीसी 24 स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2025 में हुए शामिल: प्रदेश की मेधावी बेटियों को किया सम्मानित
रायपुर, 16 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित आईबीसी 24 स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप कार्यक्रम में 12वीं कक्षा की प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाली प्रदेश की बेटियों को सम्मानित किया और उन्हें सहायता राशि के चेक प्रदान किए।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर मेधावी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत से सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने बेटियों से कहा कि आने वाले समय में उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पुरस्कार बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्रदान कर रहा है। गरीब परिवारों के होनहार बच्चों के लिए यह स्कॉलरशिप उनके भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और यह उनके उच्च शिक्षा को आगे बढ़ाने में बेहद सहायक सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ बनने से पूर्व हमारा अंचल लंबे समय तक विकास की दौड़ में पीछे रहा। श्रद्धेय अटल जी के प्रयासों से यह राज्य अस्तित्व में आया तथा इसकी विकास यात्रा शुरू हुई। उन्होंने कहा कि अब हमने प्रदेश के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप तैयार किया है, जिस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। हर एक प्रदेशवासी के सहयोग और भागीदारी से हम विकसित छत्तीसगढ़ का सपना पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूल मंत्र है। पिछले 25 वर्षों में प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर की कई शैक्षणिक संस्थाएं स्थापित हुई हैं। आईआईटी, आईआईएम, एम्स के साथ-साथ 10 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। प्रदेश के बच्चों का गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का सपना अब साकार हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज युक्तियुक्तकरण के निर्णय से प्रदेश का कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। कर्रेगुट्टा जैसे सुदूर अंचलों में, जहां कभी स्कूलों में ताले लगे रहते थे, वहां भी अब शिक्षक पहुंच चुके हैं। हमने शिक्षकों की व्यवस्था में मौजूद असंतुलन को दूर किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से भरपूर और औद्योगिक विकास की असीम संभावनाओं वाला प्रदेश है। नई औद्योगिक नीति के परिणामस्वरूप महज़ डेढ़ वर्ष में ही 6.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस औद्योगिक नीति में रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। आने वाले वर्षों में युवाओं को प्रदेश में ही कौशल अनुरूप रोजगार मिलेगा और उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री से संवाद किया।गरियाबंद की प्रिया बघेल ने खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के संबंध में प्रश्न किया। इस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेलो इंडिया सेंटर के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वहीं, खुशी देवांगन ने तकनीक और एआई से जुड़े सवाल पूछे, जिस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तकनीक-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और इसके लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।
कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों से 12वीं कक्षा में जिला टॉपर और राज्य की प्रवीण्य सूची में स्थान पाने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आईबीसी 24 समूह के चेयरमैन श्री सुरेश गोयल सहित गणमान्य नागरिक, प्रदेश भर से पहुंची छात्राएं और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

ओसाका वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ बनेगा वैश्विक निवेश केंद्र का आकर्षण
ढोकरा कला से आधुनिक उद्योग तक – ओसाका में छत्तीसगढ़ की पहचान
रायपुर, 16 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ विश्व पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने के लिए तैयार है। जापान के ओसाका में 13 अप्रैल से 13 अक्टूबर 2025 तक आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ अपनी धरोहर और विकास यात्रा का प्रदर्शन करेगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को विशेष आमंत्रण मिला है। एक्सपो का विषय है “Designing Future Society for Our Lives” तथा इसके उप-विषय “Saving Lives”, “Empowering Lives” और “Connecting Lives” हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भागीदारी न केवल राज्य की सांस्कृतिक और तकनीकी प्रगति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगी बल्कि छत्तीसगढ़ को औद्योगिक विकास के विश्व मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश-अनुकूल कारोबारी केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान को और सुदृढ़ करेगा।
ब्यूरो इंटरनेशनल दे एक्सपोज़िशन्स द्वारा आयोजित वर्ल्ड एक्सपो को नवाचार और सतत विकास पर वैश्विक संवाद का प्रमुख मंच माना जाता है। ओसाका एक्सपो की व्यापक अवधारणा “People’s Living Lab” है, जो वैश्विक नवाचार और सह-निर्माण की भावना को दर्शाता है। इस आयोजन में 160 से अधिक देश और 9 अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हो रहे हैं।
भारत इस एक्सपो में अपनी बड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित कर रहा है। “भारत मंडप” शीर्षक वाला भारतीय पैवेलियन प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक नवाचार का संगम है। यहां योग सत्र, भरतनाट्यम की प्रस्तुतियां, बॉलीवुड फिल्मों की स्क्रीनिंग और भारत की अंतरिक्ष यात्रा को दर्शाने वाला विशेष चंद्रयान ज़ोन दर्शकों के आकर्षण का केंद्र है।
इस बीच, छत्तीसगढ़ ने पहले ही अपनी विश्व प्रसिद्ध ढोकरा कला के माध्यम से वैश्विक दर्शकों का दिल जीत लिया है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल के तहत प्रदर्शित इस धातु कला ने अपनी अनूठी शिल्पकला से सबको मोहित किया।
अब छत्तीसगढ़ ओसाका के युमेशिमा आइलैंड, कोनोहनाकु स्थित विशाल एक्सपो स्थल पर अपना राज्य स्तरीय स्टॉल स्थापित करेगा। यह अवसर छत्तीसगढ़ को भारत सरकार के भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO) के आमंत्रण पर मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक प्रगति को प्रदर्शित करेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के साथ भी सहयोग कर रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दोहराया कि छत्तीसगढ़ की उपस्थिति वर्ल्ड एक्सपो 2025 में राज्य की उपलब्धियों को नई पहचान दिलाएगी और इसे वैश्विक औद्योगिक विकास के मानचित्र पर एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।
आज हम पते में जिस "छत्तीसगढ़" शब्द का उपयोग करते हैं, वह श्रद्धेय अटल जी की ही देन – मुख्यमंत्री साय
भारतरत्न श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर, 16 अगस्त 2026/ आज हम छत्तीसगढ़वासी अपने पते में जिस "छत्तीसगढ़" शब्द का उपयोग करते हैं, वह श्रद्धेय अटल जी की ही देन है। वे हमारे छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता के रूप में सदैव स्मरणीय रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित अवंती विहार चौक पर आयोजित माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनका पुण्य स्मरण किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री अटल जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। पत्रकार, कवि और राजनेता के रूप में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। सभी लोग उनके भाषण के कायल होते थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने 25 सप्ताह तक चलने वाले छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के ‘रजत महोत्सव’ का शुभारंभ किया है। आज यदि हम छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं, तो यह अटल जी की ही देन है। इस 25 सप्ताह में सभी विभागों द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यह वर्ष अटल जी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है। हमने उनकी स्मृति में इस वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ घोषित किया है, जिसके तहत अधोसंरचना विकास में तेजी लाने के लिए अलग से बजट का प्रावधान रखा गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने जिस उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, उन उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए हमारा राज्य तेजी से तरक्की की राह पर बढ़ रहा है। इन 25 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि हमने अगले 25 वर्षों में विकसित राज्य बनने की न केवल संकल्पना की है, बल्कि इसे पूरा करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047’ रोडमैप भी तैयार किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि मेरा सौभाग्य रहा कि जब श्री अटल जी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने, उस समय मैं सांसद के रूप में निर्वाचित हुआ। मैंने संसद में अटल जी के व्याख्यान सुने हैं। लोकसभा में उनके संबोधन का हम सब इंतजार करते थे। उनका चुटीला अंदाज, बेबाकी और अपनी बात रखने की कला सबका मन मोह लेती थी। जब छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संबंधी बिल संसद में प्रस्तुत हुआ, उस चर्चा को भी मुझे श्रोता के रूप में सुनने का अवसर मिला। उस समय हमारे राज्य से राज्यसभा सांसद स्वर्गीय लखी राम अग्रवाल एवं स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव ने भी अपनी बात संसद में रखी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने हमें सिखाया कि सिद्धांतों पर हमेशा दृढ़ रहना चाहिए। वे सिद्धांत एवं मूल्यों की राजनीति को ही महत्व देते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि संवाद, सहमति और संवेदना की कला भी है। उनकी वाणी आज भी हमारी धड़कनों में गूंजती है।
कार्यक्रम को विधायक श्री पुरंदर मिश्रा एवं राज्य खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर श्री किशोर महानंद, श्री जयंती पटेल, अवंती विहार व्यापारी संघ के पदाधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार जल्द ही खत्म होने को है. सीएम विष्णुदेव साय ने आज मीडिया से चर्चा में कहा कि इंतजार करिए. जल्द ही विस्तार होगा.
उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार उनके विदेश दौरे से पहले भी हो भी सकता है” बता दें, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 22 अगस्त से पहले विदेश दौरे पर जा रहे हैं, इसके पहले मंत्रिमंडल में विस्तार को लेकर भाजपा हाईकमान ने मंजूरी दे दी है.
जानकारों के अनुसार, 21 अगस्त से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, जिसमें तीन नए मंत्रियों को शामिल किया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में अपनी दिल्ली यात्रा से वापसी के बाद इस बात का संकेत भी दिया था, जब उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा था कि अब इंतजार खत्म होने वाला है, मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द हो जाएगा.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर से एसबीआई साइबर सतर्कता रथ (ऑडियो-वीडियो वैन) को झंडी दिखाकर रवाना किया और राज्य स्तरीय साइबर जागरूकता अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि तकनीक ने मानव जीवन को आसान और सहज बनाया है। डिजिटल लेन-देन तेज और सुविधाजनक हुए हैं, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता और सावधानी से लोग साइबर धोखाधड़ी से बच सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जागरूकता अभियान लोगों में साइबर सुरक्षा की समझ बढ़ाने का एक प्रभावी प्रयास है। इसके अंतर्गत ऑडियो-वीडियो संदेश, नुक्कड़ नाटक और कठपुतली नाटक के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। श्री साय ने कहा कि प्रदेश में 29 ऐसे हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां साइबर ठगी के मामले अधिक होते हैं और इस रथ का विशेष फोकस उन स्थानों पर रहेगा।
मुख्यमंत्री साय ने लोगों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी किसी से साझा न करें और अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने कहा कि साइबर ठग आए दिन नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। जऱा सी लापरवाही मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग जागरूक हों और साइबर अपराध से स्वयं को सुरक्षित रखें।
उल्लेखनीय है कि डिजिटल माध्यम से हो रही धोखाधड़ी और अनाधिकृत लेन-देन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने “हर भारतीय का बैंकर” होने के नाते राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान 15 अगस्त से 30 नवंबर 2025 तक चलेगा। यह रथ प्रदेश के सभी 33 जिलों में जाएगा और नाचा दल व नुक्कड़ नाटकों के जरिए लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और इससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी देगा।
भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है। इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के डीजीएम राकेश सिन्हा, एजीएम दीपक कुमार सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के लिए बड़ा ऐलान किया है। रायपुर में अब पुलिस आयुक्त (कमिश्नरेट) प्रणाली लागू होगी। इस फैसले से राजधानी की कानून-व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
क्या है पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली ?
पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम पहले से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, भोपाल, इंदौर जैसे बड़े महा नगरों में लागू है। इसमें शहर की कमान किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को दी जाती है, जो आमतौर पर डीजी, एडीजी या आईजी रैंक के हो सकते हैं। कौन-सा अधिकारी बैठेगा, यह राज्य सरकार तय करती है और यह शहर की जनसंख्या व क्राइम रिकॉर्ड पर निर्भर करता है।
पुलिस आयुक्त के अधिकार और जिम्मेदारियां
कमिश्नर के पास ऐसे कई अधिकार होंगे जो वर्तमान में कलेक्टर या मजिस्ट्रेट के पास होते हैं, जैसे-धारा 144 या कफ्र्यू लगाने का निर्णय,धरना-प्रदर्शन की अनुमति देना,आम्र्स एक्ट के तहत कार्रवाई, बड़े सार्वजनिक आयोजनों की अनुमति, जिला बदर और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का आदेश।
इससे पुलिस को किसी भी स्थिति में त्वरित निर्णय लेने की शक्ति मिलेगी और कलेक्टर पर निर्भरता खत्म हो जाएगी।
कलेक्टर के अधिकार हो जाएंगे सीमित
कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद कलेक्टर के अधिकार भी सीमित हो जाएंगे। वह सिर्फ रेवेन्यू का काम देखेंगे, जबकि अन्य अनुमति संबंधी कार्य कमिश्नर के हाथों में होंगे।
एसपी और आईजी का क्या होगा ?
कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद जिले में लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी कमिश्नर के हाथों में होगी। यदि सरकार चाहेगी तो, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग से एसपी (रूरल) की नियुक्ति हो सकती है। अगर पूरा जिला कमिश्नरेट के तहत आता है तो एसपी रैंक के अधिकारियों को डीसीपी बनाया जा सकता है।
बिलासपुर। दोस्त की हत्या का एक सनसनीखेज मामला समाने आया है। मोबाइल गेम खेले की लत ने दोस्ता का गला घोंटकर हत्या कर दी। तेरह साल के चिन्मय सूर्यवंशी ने जब अपने दोस्त छत्रपाल सूर्यवंशी (19) को गेम खेलने मोबाइल नहीं दिया तो उसने चिन्मय का मर्डर कर दिया और लाश को एक खंडहर स्कूल में छिपा दिया। चिन्मय की क्षत-विक्षत लाश इसी स्कूल से 14 अगस्त को मिली है। मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपी छत्रपाल को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, दोनों दोस्तों को मोबाइल पर गेम खेलने की लत थी, लेकिन छत्रपाल के पैरेंट्स ने उसका मोबाइल ले लिया था। इसलिए छत्रपाल ने चिन्मय से गेम खेलने मोबाइल मांगा, नहीं देने पर गला घोंटकर उसे मार डाला। लाश को खंडहर स्कूल में छिपा दिया था। बताते हैं स्कूल पिछले 10 महीने से बंद पड़ा है।
जानकारी के मुताबिक, भरारी गांव का रहने वाला चिन्मय सूर्यवंशी (13) 8वीं कक्षा का छात्र था। 31 जुलाई की शाम करीब 4.30 बजे अपने घर से मोबाइल लेकर निकला था। जिसके बाद घर नहीं लौटा। इससे परेशान परिजन चिन्मय की आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश करते रहे। करीब हर जगह तलाशा।
साथ ही रतनपुर थाना में भी चिन्मय के गायब होने की जानकारी दी। बच्चे के गायब होने के बाद से उसके परिजन परेशान थे। उसकी तलाश के लिए थाने से लेकर स्क्क दफ्तर के चक्कर काट रहे थे। परिजनों ने एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया था।
परिजनों को थी अनहोनी की आशंका
चिन्मय के परिवार को शुरू से शक था कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसे बहला कर अपहरण कर ले गया है। जिसके कारण वो अपने मासूम बेटे की तलाश के लिए लगातार थाने और एसपी ऑफिस का चक्कर काट रहे थे।
पैरेंट्स ने एक लाख का इनाम घोषित किया
बहुत खोजबीन के बावजूद चिन्मय का कुछ पता नहीं चला। इससे हताश और निराश होकर परिजनों ने उसकी सुरक्षित घर वापसी के लिए आम लोगों से मदद की अपील की थी। उन्होंने पंपलेट भी छपवाए और आसपास के गांव में चस्पा कराया। परिजनों ने चिन्मय की जानकारी देने वाले को एक लाख रुपए इनाम देने की घोषणा भी की थी।
दोस्त ही निकला हत्यारा
गांव के कुछ लोगों को पुराने स्कूल की ओर से बदबू आई, तब लोगों ने वहां जाकर देखा। इस दौरान चिन्मय की लाश बंद कमरे में दिखाई दी। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची।
टीआई नरेश चौहान ने बताया कि डेडबॉडी पूरी तरह से डिकंपोज हो गई है। ऐसे में जांच के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया, जिसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
इधर, पुलिस ने बच्चे की हत्या की आशंका को देखते हुए मृतक छात्र के पिता अजय सूर्यवंशी सहित अन्य लोगों से पूछताछ की, तब गांव के ही उसके दोस्त छत्रपाल सूर्यवंशी (19) को हिरासत लिया गया। कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपने दोस्त की हत्या करना कबूल कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
बालोद। जिले से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। दल्लीराजहरा थाने में पदस्थ एएसआई ने पुलिस स्टाफ बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता चलते ही थाने में हड़कंप मच गया और सहकर्मी पुलिसकर्मी उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।छत्तीसगढ़ में नौकरियां
डिप्रेशन से जूझ रहे थे एएसआई
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एएसआई हीरामन मंडावी पिछले काफी समय से डिप्रेशन और मानसिक तनाव की स्थिति से गुजर रहे थे। इसी वजह से उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस विभाग में मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल
यह घटना न केवल बालोद जिले बल्कि पूरे पुलिस विभाग के लिए चिंता का विषय है। लगातार बढ़ते तनाव, दबाव और अवसाद के बीच पुलिसकर्मियों का मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है।
यह मामला इस ओर ध्यान खींचता है कि पुलिसकर्मियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता कितनी जरूरी है। हीरामन मंडावी की अचानक मौत से उनके परिवार और सहकर्मी सदमे में हैं। पुलिस विभाग ने कहा है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और असल कारणों का पता लगाया जाएगा।
रायपुर । राजभवन के दरबार हॉल का नाम परिवर्तन कर ‘छत्तीसगढ़ मण्डपम‘ किया गया है। राज्यपाल रमेन डेका ने आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दरबार हॉल का नाम परिवर्तन कर छत्तीसगढ़ मण्डपम करने की घोषणा की एवं इसका विधिवत अनावरण किया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, खेलकूद एवं युवक कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा सांसद बृजमोहन अग्रवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि मुख्य सचिव अमिताभ जैन, डीजीपी अरूण देव गौतम तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी हमारे राज्य के निर्माता हैं। अटल जी का छत्तीसगढ़ से विशेष लगाव रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के भौगोलिक क्षेत्र को नए राज्य का स्वरूप देकर प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान किया, जिसके लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। पत्रकार, कवि और राजनेता के रूप में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। भारत के प्रधानमंत्री हों या विदेश मंत्री—हर भूमिका में उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की अमिट छाप छोड़ी। उनके प्रधानमंत्रित्व काल में अनेक ऐसी योजनाएँ लागू की गईं, जिनसे ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाना, किसानों को सहूलियत प्रदान करना, आदिवासी विभाग का गठन जैसे कार्य ऐतिहासिक रहे। श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी भारत के प्रत्येक नागरिक की स्मृतियों में आज भी जीवित हैं।
साय ने कहा कि वे ऐसे राजनेता थे जिन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी का स्नेह प्राप्त हुआ। अटल जी माँ भारती की यश और प्रतिष्ठा के लिए आजीवन समर्पित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अटल जी के साथ उनकी अनेक स्मृतियाँ जुड़ी हुई हैं, जो उन्हें निरंतर प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी युगपुरुष थे, जिन्होंने सुशासन का मंत्र दिया और आज हम उसी पथ पर आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ का विकास सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके साथ ही हम यह पूरा वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं और इस संबंध में वर्षभर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
रायपुर। 79th Independence Day: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का दिन है। अंग्रेजी साम्राज्यवाद से लड़ते हुए हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर हमें स्वतंत्रता का उजाला सौंपा।
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ से इस वक्त की बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है, राजनांदगांव जिले में शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क सड़क हादसे में 6 युवकों की मौत हो गई, ये दुर्घटना मुंबई-हावड़ा नेशनल हाईवे के चिरचारी चौराहे के पास हुई, जहां तेज रफ्तार कार ट्रक से टकरा गई और 6 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ड्राइवर गंभीर रूप से घायल है. यह घटना बागनदी थाना क्षेत्र की है.
रायपुर। पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 35 पुलिस अधिकारियों और जवानों को उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदकों से सम्मानित किया। साय ने पुलिस वीरता पदक से 11, राष्ट्रपति पुलिस पदक से 01, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से 11, सुधार सेवा पदक से 05, गृहरक्षक एवं सराहनीय सेवा पदक 01 और राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पदकों से 06 अधिकारी-कर्मचारियों को अलंकृत किया।
राष्ट्रपति के पुलिस वीरता पदक 2025
लालजी सिन्हा, निरीक्षक, जिला-कबीरधाम, भुवनेश्वर साहू, निरीक्षक, जिला-रायपुर, संजय पोटाम, निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, कमलेश मरकाम, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, अंजु कुमारी, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-कबीरधाम, दिनेश भास्कर, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, चैतराम गुरूपंच, निरीक्षक, जिला-सुकमा, हेमला नंदू, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, प्यारस मिंज, सहायक उप निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, मनोज पुनेम, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा। जिला-दंतेवाड़ा के शहीद प्रधान आरक्षक बुधराम कोरसा के लिए उनकी पत्नी सुखमति ने पुलिस वीरता पदक प्राप्त किया।
सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2025
राहुल भगत (भा.पु.से.), सचिव, माननीय मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री सचिवालय एवं सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग (छ.ग. शासन)
सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2025
ज्ञानेन्द्र कुमार अवस्थी, सेवानिवृत्त सहायक पुलिस महानिरीक्षक सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, अनिल कुमार कश्यप, उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, हरिशंकर प्रताप सिंह, निरीक्षक विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, नरेश कुमार पैकरा, कंपनी कमांडर 7वी वाहिनी छसबल, भिलाई, वली मोहम्मद शेख, निरीक्षक योजना प्रबंध शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, समैया चिप्पनपल्ली, सहायक उप निरीक्षक, नक्सल सेल, जिला-बीजापुर, सुशील कुमार श्रीवास, प्रधान आरक्षक, विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, तुलाराम चुरेन्द्र, प्रधान आरक्षक, थाना-रावघाट, जिला-कांकेर, हरिश्चन्द्र मरकाम, प्रधान आरक्षक, 8वीं वाहिनी छसबल, राजनांदगांव, सुशील कुमार चौबे, आरक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर।
सराहनीय सुधारात्मक सेवा पदक 2025
मधु सिंह, उप जेल अधीक्षक, केन्द्रीय जेल जगदलपुर, साहेबुद्दीन अंसारी, (सेवानिवृत्त) मुख्य प्रहरी, जिला जेल बेमेतरा, हरवंश लाल मकराम, प्रहरी, जिला जेल दंतेवाड़ा, ज्ञानप्रकाश पैकरा, प्रहरी, जिला जेल दंतेवाड़ा, झीमन राम टोप्पो, मुख्य प्रहरी, जिला जेल सूरजपुर।
गृह रक्षक व नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक 2025
महेश कुमार मिश्रा, नायक, नगर सेना कोरिया
राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कार 2024
गुरू घासीदास पुरस्कार
निशा सिन्हा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी जिला-गरियाबंद
राज्यपाल पुरस्कार
मंजूलता राठौर, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-रायपुर
मुख्यमंत्री पुरस्कार
रागिनी मिश्रा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुरूद, जिला-धमतरी
रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार
मंजूलता राठौर, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-रायपुर
शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार
रविन्द्र अनंत, निरीक्षक, अजाक थाना-बिलासपुर
पुलिस महानिदेशक पुरस्कार
नर्मदा कोठारी महिला प्रधान आरक्षक, जिला-बालोद
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष 2025 के अंतर्गत आयोजित “आजादी की गढ़-गाथा” फोटो प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय की आर्ट गैलरी में फीता काटकर शुभारंभ किया।
इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, आरंग विधायक खुशवंत साहेब, राज्य खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने फोटो प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी अत्यंत ज्ञानवर्धक है।
हमारे आज़ादी के जननायकों की कहानी और उनके योगदान की जानकारी आम नागरिक तक पहुँचे, इसके लिए विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस फोटो प्रदर्शनी का विषय “आजादी की गढ़-गाथा” है, जो स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढिय़ों के संघर्ष की प्रेरक और गौरवशाली परंपरा को दर्शाता है।
इसमें विशेष रूप से परलकोट विद्रोह (1825) के नायक शहीद गैंद सिंह, 1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह की गिरफ्तारी और फांसी से संबंधित दस्तावेज, शहीद सुरेन्द्र साय, 1910 के आंदोलन के महानायक शहीद गुंडाधुर, कंडेल नहर सत्याग्रह (1920), छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी का आगमन सहित प्रदेश के अमर वीर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अन्य स्वतंत्रता आंदोलन संबंधी घटनाओं का जीवंत चित्रण किया गया है। यह प्रदर्शनी 19 अगस्त तक प्रतिदिन प्रात: 10 बजे से शाम 5 बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायपुर पुलिस ग्राउंड में भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ध्वजारोहण किया. इसके बाद स्वतंत्रता दिवस परेड का निरीक्षण करने के बाद मार्चपास्ट की सलामी ली.
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 34 पुलिस जवानों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया. इस अवसर पर आयोजित मार्चपास्ट में 792 जवान शामिल हुए. जवानों के साथ एनसीसी कैडेट भी मार्चपास्ट में शामिल हुए. इसके बाद अश्वरोही दल ने करतब दिखाया. इसके अलावा हर साल की तरह स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों के नाम अपने उद्बोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी वीर सपूतों को नमन करता हूं. छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष को छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनी है. ऑपरेशन सिंदूर भारत के पराक्रमऔर दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है.

उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक माओवादी आतंक से मुक्त करने की ओर बढ़ रहे हैं. इसके अलावा नियद नेल्लानार योजना से 327 गांव में बुनियादी सुविधाएं पहुंची. वहीं महतारी वंदन योजना में अब तक 11 हजार 728 करोड़ रुपए की राशि दी जा चुकी है. नवा रायपुर में 100 करोड़ एजुकेशन सिटी बना रहे हैं.
उन्होंने कहा कि सुशासन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. हमने ई -ऑफिस प्रणाली को सभी विभागों में कार्यान्वित किया है. ऑनलाइन रजिस्ट्री की सुविधा भी हमने सुनिश्चित की है. 441 करोड़ रुपए की लागत से हम स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था को बेहतर कर रहे हैं.
आत्म निर्भर भारत बनाने के लिए सीएम साय ने प्रदेश के लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर नागरिक स्वदेशी वस्तु खरीदना देशभक्ति का कार्य माने. हर व्यवसाय गुणवत्ता और स्थिरता की अनिवार्य माने. हर नवाचारी सबसे पहले भारत के बारे में सोचे. हर किसान पर्यावरण अनुकूल समावेशी कृषि को अपनाएं. हर क्षेत्र में निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 21 अगस्त से अपने पहले विदेश दौरे पर रवाना होंगे। यह 10 दिन का प्रवास जापान और दक्षिण कोरिया में होगा, जिसमें राज्य के औद्योगिक विकास और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने पर खास जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के साथ शीर्ष अफसरों की टीम भी
सीएम के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और उद्योग सचिव रजत कुमार भी रहेंगे। यह उच्च स्तरीय टीम विदेशी उद्योगपतियों , निवेशकों और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स से मुलाकात करेगी, जिससे छत्तीसगढ़ में नए उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा हो सकें।
जापान में उद्योग और तकनीकी सहयोग पर चर्चा
21 अगस्त को दिल्ली से रवाना होकर मुख्यमंत्री साय सीधे जापान पहुंचेंगे। वहां वे स्थानीय इंडस्ट्री, टेक्नोलॉजी पार्टनर्स और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों का मकसद राज्य में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को आकर्षित करना है।
दक्षिण कोरिया में दूसरे चरण की मीटिंग्स
जापान के बाद सीएम साय और उनकी टीम दक्षिण कोरिया जाएंगे। यहां ऑटोमोबाइल, शिप बिल्डिंग, आईटी सेक्टर और स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में साझेदारी पर बात होगी।
31 अगस्त को दिल्ली वापसी, निवेश प्रस्तावों की घोषणा संभव
दौरे का समापन 31 अगस्त की शाम को होगा, जब सीएम साय दिल्ली लौटेंगे। उम्मीद है कि इस दौरे के बाद छत्तीसगढ़ सरकार कई बड़े निवेश प्रस्ताव और एमओयू की घोषणा कर सकती है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।






























