मुंबई , सोने की कीमत में ऑल टाइम हाई से करीब 12 हजार रुपये तक की गिरावट आ चुकी है। पिछले साल अगस्त में सोना 56,310 रुपये के ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंचा था लेकिन उसके बाद से इसमें लगातार गिरावट आई है। फिलहाल सोना 44 हजार रुपये के दायरे में घूम रहा है। सोना ही नहीं चांदी में भी करीब 10 हजार रुपये तक की गिरावट देखने को मिली है। ऐसे में अगर आप इस होली पर सोना खरीदना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। गुड रिटर्न बेवसाइट्स के मुताबिक, दिल्ली में 22 कैरेट सोने की कीमत 43,850 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। चेन्नई में यह 42,160 रुपये पर कारोबार कर रहा है। मुंबई में 43,760 रुपये में बेची जा रही है। जानकारों की मानें तो सोने की कीमत अभी 44,400 रुपये से 45,200 रुपये के बीच है। अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 45 रुपये की गिरावट के साथ 44650 रुपये पर बंद हुआ। लेकिन जल्द ही 46,000 रुपये प्रति 10 ग्राम होगा। अगले दो महीनों में सोने की कीमत 48,000 रुपये तक जाने की उम्मीद है। इसी तरह दो महीने में चांदी भी 70,000 रुपये से लेकर 72,000 रुपये तक पहुंच सकती है। कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी दोनों को लेकर सेंटिमेंट्स सकारात्मक हैं। सोने की कीमत 48,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जाने की उम्मीद है, जबकि चांदी की कीमत 72,000 रुपये पर पहुंचने की संभावना है।
केंद्र सरकार जल्द ही नगद लोन की पेशकश करने वाले ऐप्स पर कार्रवाई कर सकती है. इसको लेकर सरकार की ओर से योजना बनाई जा रही है. साथ ही नए नियम बनाने के बारे में भी एक्सपर्ट्स से सलाह ले रही है. नगद लोन देने वाले ऐप्स के खिलाफ देशभर से शिकायतें मिल रही है और अब सरकार ने नियमों में बदलाव करने का फैसला लिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब ऐसे ऐप्स सरकार को स्किम से संबंधित ब्यौरा देना होगा. इसके बाद ही सरकार से अनुमति मिल सकेगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसी कंपनियां गोपनीयता, डेटा सुरक्षा को नुकसान पहुंचाती हैं, जो कस्टमर्स के लिए चिंता का विषय है. इस मामले पर बात करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के एक अधिकारी ने बताया, "ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार 15 अप्रैल तक मौजूदा कानून में बदलाव कर सकती है या नया कानून लागू कर सकती है". उन्होंने आगे कहा, "उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसा कदम उठाना बेहद जरूरी है. हम किसी निजी कंपनी को उपभोक्ताओं का डेटा नहीं दे सकते."
सरकार जल्द बना सकती है नया कानून
एक अधिकारी ने बताया कि ऐसी कंपनियां लोन देने के बाद 300 फीसदी सालाना इंटरेस्ट रेट वसूलती है, जो मान्य नहीं है. उन्होंने कहा, "ऐसी कंपनियां पहले लोगों को ऑफर देती है और फिर उनका शोषण करने लगती है." निजी लोन कंपनियां कस्टमर्स पर दवाब डालती है और फिर लोन समय पर ना चुका पाने की स्थिति में उन्हें सुसाइड करने पर मजबूर करती है." उन्होंने कहा कि सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है ताकि लोग इस तरह अपनी जान जोखिम ना डालें. साथ ही ऐसी लोन कंपनियां ज्यादा लाभ कमाने के चक्कर में कस्टमर्स की प्रॉपर्टी पर भी अपना कब्जा जमाना चाहती है." बता दें कि साल 2020 में लोन कंपनी के दवाब में आकर 12 लोगों ने आत्महत्या की है.
भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भारत आर्थिक कॉन्क्लेव (India Economic Conclave) के 7वें संस्करण में बोलते हुए, प्रभावी नियमन का आह्वान किया है जो फिनटेक स्पेस में नवाचार में मदद करे। RBI गवर्नर के अनुसार, रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (Real-Time Gross Settlement – RTGS) में बहु-मुद्रा क्षमताएं हैं। इसलिए, यह पता लगाने की आवश्यकता है कि क्या इसे भारत के बाहर विस्तारित किया जा सकता है। उन्होंने उस विशाल भूमिका को भी रेखांकित किया जो तकनीक और नवाचार ने उपभोक्ताओं की सेवा में निभाई है। उनके अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान, RBI ने लोगों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रदान करने के लिए 274 करोड़ डिजिटल लेनदेन की प्रोसेसिंग की। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए, RBI ने रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) के माध्यम से धन के हस्तांतरण की अनुमति दी।
Real-Time Gross Settlement (RTGS)
रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम विशेषज्ञ फंड ट्रांसफर सिस्टम हैं जिसमें धन या प्रतिभूतियों का हस्तांतरण एक बैंक से दूसरे बैंक में “वास्तविक समय” और “सकल” आधार पर किया जाता है। यह बैंकिंग चैनल के बीच सबसे तेज धन हस्तांतरण प्रणाली है। रियल-टाइम सेटलमेंट का मतलब है कि भुगतान लेनदेन ‘प्रतीक्षा अवधि’ के अधीन नहीं है। इस तरह की प्रणाली में, लेन-देन का निपटान तब किया जाता है जब वे संसाधित होते हैं। आरटीजीएस सिस्टम का उपयोग उच्च-मूल्य के लेनदेन के लिए किया जाता है।
अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच ने अपना ‘ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक (GEO)’ प्रकाशित किया है। फिच ने वित्त वर्ष 2021-2022 के लिए भारत के जीडीपी विकास अनुमान को 11% संशोधित कर 12.8% कर दिया है। यह रेटिंग ढीले राजकोषीय रुख, मजबूत कैरीओवर प्रभाव और बेहतर वायरस रोकथाम की पृष्ठभूमि में संशोधित की गई है। रेटिंग एजेंसी ने पाया कि भारत की जीडीपी का स्तर अपने पूर्व-महामारी पूर्वानुमान अनुमान से काफी नीचे रहेगा। यह बताता है कि वित्त वर्ष 2023 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 5.8% तक कम हो जाएगी। अपनी रिपोर्ट में, फिच ने यह भी बताया कि 2020 की दूसरी तिमाही में “लॉकडाउन-प्रेरित मंदी” से भारत की रिकवरी उम्मीद से अधिक तेज रही है। वित्त वर्ष 2020-2021 की चौथी तिमाही में जीडीपी अपने पूर्व महामारी स्तर से आगे निकल गयी है। विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक पीएमआई फरवरी, 2021 में ऊंचा रहा।
फिच रेटिंग्स
यह प्रमुख रेटिंग एजेंसियों मूडीज और स्टैंडर्ड एंड पूअर्स के साथ एक अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है। फिच तीन राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सांख्यिकीय रेटिंग संगठनों (NRSRO) में से एक है जिसे 1975 में अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग द्वारा नामित किया गया था। इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क और लंदन में है। इसकी स्थापना जॉन नोल्स फिच ने 1914 में न्यूयॉर्क में फिच पब्लिशिंग कंपनी के रूप में की थी।
नई दिल्ली , वैश्विक बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में कल रात आई तेजी को दर्शाता दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 116 रुपये की तेजी के साथ 44,374 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया। यह जानकारी एचडीएफसी सिक्यूरिटीज ने दी। पिछला बंद भाव 44,258 रुपये प्रति 10 ग्राम था। हालांकि, चांदी की कीमत प्रति किलोग्राम 117 रुपये की गिरावट के साथ 65,299 रुपये प्रति किग्रा पर थमी। पिछले कारोबारी सत्र का बंद भाव 65,416 रुपये प्रति किलोग्राम था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ''रुपये के मूल्य में सुधार के बावजूद कल रात वैश्विक बाजार में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में सुधार को दर्शाता, दिल्ली में 24 कैरेट सोने के हाजिर भाव में 116 रुपये की तेजी रही।ÓÓ सुबह के आरंभिक कारोबार में रुपया तीन पैसे की तेजी के साथ 72.34 रुपये प्रति डॉलर हो गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों के ही भाव क्रमश: 1,738 डॉलर प्रति औंस और 25.53 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित बने रहे। उन्होंने कहा कि किसी बाजार उत्प्रेरक ताजा खबर के बगैर सोने कारोबार की मात्रा कम रही।
डॉलर की कीमतों के बढ़ने और दुनिया के प्रमुख शेयर बाजारों में शेयरों की कीमत में इजाफे की वजह से गोल्ड की कीमतें घट गईं. ग्लोबल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 0.3 फीसदी गिर कर 1733.69 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. वहीं यूएस गोल्ड फ्यूचर 0.1 फीसदी घट कर 1736.20 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. पिछले कुछ सेशन में डॉलर में गिरावट के बाद इसमें तेजी देखी और यह चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. यूरोप में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर चल रही है. इससे गोल्ड की कीमतों में इजाफे की संभावना है क्योंकि लॉकडाउन या पाबंदियों कि स्थिति में आर्थिक गतिविधियां धीमी होंगी और निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड को अपनाएंगे.
एमसीएक्स में गोल्ड में दूसरे दिन गिरावट
इस बीच, घरेलू मार्केट में एमसीएक्स में गोल्ड लगातार दूसरे दिन गिर गया. मंगलवार ( 23 मार्च, 2021) को गोल्ड 0.24 फीसदी गिर कर 44,795 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. वहीं चांदी में 0.5 फीसदी की गिरावट आई और यह 66, 013 प्रति किलो पर पहुंच गई. पिछले दो सप्ताह से गोल्ड 44,500 से लेकर 45,300 के संकीर्ण दायरे में कारोबार करता रहा. पिछले साल अगस्त में गोल्ड 56 हजार के टॉप लेवल पर पहुंच गया था.
नई दिल्ली। बेनेली इंडिया ने हाल ही में TRK 502 ADV को लॉन्च किया था। अब कंपनी ने ज्यादा एडवेंचर की चाह रखनेवालों के लिए TRK 502X बाइक को लॉन्च किया है। यह बेनेली इंडिया की TRK रेंज में दूसरा मॉडल है। कंपनी ने TRK 502X ADV बाइक को ज्यादा डेडिकेटेड ऑफ-रोड किट के साथ पेश किया है। बाइक की बुकिंग शुरू हो गई है। जानें इस बाइक की सारी डिटेल्स...
00 रंग और कीमत
TRK 502X ADV को तीन रंगों के साथ पेश किया गया है। इसमें मेटालिक डार्क ग्रे, रेड और प्योर व्हाइट शामिल हैं। मेटालिक डार्क ग्रे बाइक का बेस कलर है जिसकी एक्स-शोरूम कीमत 5,19,900 रुपये है। जबकि रेड और प्योर व्हाइट के लिए थोड़ी ज्यादा रकम चुकानी पड़ेगी। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 5,29,900 रुपये है।
00 बुकिंग राशि
कंपनी ने कहा है कि यह बाइक की इंट्रोडक्ट्री कीमत है। भविष्य में जल्द ही बाइक की कीमत में बढ़ोतरी की जाएगी। कंपनी ने Benelli TRK 502X मोटरसाइकिल की बुकिंग शुरू कर दी है। इस बाइक को कंपनी के अधिकृत डीलरशिपर पर 10,000 रुपये की रकम जमा कर की जा सकती है। भारत में बेनेली इंडिया के 41 अधिकृत डीलरशिप है जहां इस बाइक की बुकिंग चालू है।
00 नया इंजन और पावर
नई TRK 502X में 500 cc पैरलल-ट्विन मोटर दिया गया है। अब यह इंजन नए बीएस-6 ईंधन उत्सर्जन मानकों के मुताबिक है। यह 8500 rpm पर 47.5 PS का अधिकतम पावर और 6000 rpm पर 46 Nm का पीक टॉर्क जेनरेट करता है। इस इंजन के साथ 6-स्पीड गियरबॉक्स का ट्रांसमिशन मिलता है।
यह कंपनी की TRK रेंज में दूसरा मॉडल है। कंपनी ने इस बाइक को ज्यादा डेडिकेटेड ऑफ-रोड किट के साथ पेश किया है।
00 कंपनी की उम्मीदें
बाइक की लॉन्चिंग पर बेनेली इंडिया के प्रबंध निदेशक विकास झाबख ने कहा, `हमें भारत में TRK 502X को BS-6 ईंधन उत्सर्जन मानकों के साथ पेश करते हुए खुशी हो रही है। हाल ही में लॉन्च हुए ग्रैंड टूअरर TRK 502 पर आधारित 502X को एडवेंचर राइडिंग पर ज्यादा फोकस के साथ तैयार किया गया है। इसमें हाई ग्राउंड क्लीयरेंस और इसमें मिलने वाले उपकरण ऑफ-रोड राइडिंग परिस्थितियों से निपटने के लिए ज्यादा मुफीद हैं। यह बेजोड़ एर्गोनॉमिक्स, बेहतर फीचर्स और क्वालिटी के साथ आती है।`
विकास झाबख ने कहा, `हमें विश्वास है कि एंट्री-लेवल बीएस-6 TRK रेंज एडवेंचर-टूरिंग सेगमेंट में हमारे मौजूदगी को और मजबूत करती रहेगी।`
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 16 मार्च, 2021 को घोषणा की है कि उसने अपने कमीशन के माध्यम से कर्मचारियों को पारिश्रमिक के भुगतान में विनियमों का पालन करने में विफल रहने के बाद भारत के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने 15 मार्च, 2021 को जारी एक आदेश में एसबीआई पर 2 करोड़ रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया। इसने बैंकिंग विनियमन के धारा 10 (1) (बी) (ii) के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए एसबीआई पर जुर्माना लगाया है। RBI ने कमीशन के रूप में अपने कर्मचारियों को पारिश्रमिक के भुगतान पर बैंक को विशिष्ट निर्देश भी जारी किए। आरबीआई ने 2019 में एसबीआई पर 7 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था क्योंकि उसने गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) और धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन से संबंधित मानदंडों का उल्लंघन किया था।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
यह एक भारतीय बहुराष्ट्रीय, सार्वजनिक क्षेत्र का बैंकिंग और वित्तीय सेवा वैधानिक निकाय है। इसका मुख्यालय मुंबई में है। यह बैंक दुनिया भर में 43वां सबसे बड़ा बैंक है। वर्ष 2020 में, यह “दुनिया के सबसे बड़े कारपोरेशन” की फॉर्च्यून ग्लोबल 500 सूची में 221वें स्थान पर रहा। यह एकमात्र भारतीय बैंक है जिसने फॉर्च्यून ग्लोबल सूची में अपना स्थान हासिल किया है। यह एक राष्ट्रीयकृत बैंक और भारत का सबसे बड़ा बैंक है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के ग्राहको को 1 अप्रैल 2021 से नगद जमा, नकद निकासी और आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) के जरिए ट्रांजेक्शन पर अब चार्ज देना होगा. IPPB ने इस बारे में एक सर्कुलर जारी कर दिया है. नकद जमा और नकद निकासी पर शुल्क तब देना होगा जब महीने में तय फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट खत्म हो जाएगी.
बेसिक सेविंग्स अकाउंट
• मूल बचत खाते से एक महीने में 4 बार कैश निकासी फ्री हैं.
• 1 अप्रैल से महीने में 5वें कैश निकासी पर मिनिमम 25 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन चार्ज लगेगा.
• मूल बचत खाते में नकद जमा के मामले में कोई लिमिट नहीं है.
• ग्राहक चाहें जितनी बार कैश डिपॉजिट कर सकते हैं. कोई शुल्क नहीं देना होगा.
करंट खाता व अन्य खाता
• IPPB के करंट खाते से एक महीने में 25,000 हजार रुपये तक नकद निकासी फ्री है.
• इस लिमिट के बाद मिनिमम 25 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन चार्ज देना होगा.
• सेविंग्स (मूल बचत खाते के अलावा) और करंट अकाउंट में हर महीने 10,000 रुपये तक नकद जमा फ्री है.
• इस लिमिट के बाद न्यूनतम 25 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन शुल्क लगेगा.
AEPS ट्रांजेक्शन
• AEPS ट्रांजेक्शन के मामले में IPPB के नेटवर्क पर कितने भी ट्रांजेक्शन किए जा सकते हैं, कोई शुल्क नहीं लगेगा.
• नॉन IPPB नेटवर्क पर एक महीने में तीन ट्रांजेक्शन फ्री होंगे, इसके बाद शुल्क देना होगा. इन ट्रांजेक्शन में एईपीएस के जरिए कैश जमा करना, कैश निकासी और मिनी स्टेटमेंट शामिल है.
• फ्री लिमिट खत्म होने के बाद एईपीएस के जरिए कैश जमा करने और कैश निकासी पर 20 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन शुल्क लगेगा.
• वहीं मिनी स्टेटमेंट के मामले में फ्री लिमिट खत्म होने के बाद शुल्क 5 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन, फंड ट्रांसफर के मामले में शुल्क 1 रुपये से लेकर मैक्सिमम 20 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन होगा. इन शुल्कों में जीएसटी/सेस शामिल नहीं है.
नईदिल्ली। सरकार द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2020-21 के दौरान अपनी मौजूदा एमएसपी योजनाओं के अनुसार ही जारी है, जिस प्रकार से विगत सत्रों में होती रही है। खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद सुचारु रूप से चल रही है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, असम, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा से धान की खरीद की जा रही है। 15 मार्च, 2021 तक इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के किसानों से 680.68 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि इसी समान अवधि में पिछले वर्ष केवल 597.18 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो पाई थी। पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान की गई खरीद से यह 13.98 प्रतिशत अधिक है। कुल 680.68 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद में से अकेले पंजाब की हिस्सेदारी 202.82 लाख मीट्रिक टन है, जो कि कुल खरीद का 29.79 प्रतिशत है। लगभग 99.88 लाख किसानों को अब तक खरीदे गए धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1,28,512.84 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके अलावा, प्रदेशों से मिले प्रस्ताव के आधार पर तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से खरीफ विपणन सत्र 2020-21 और रबी विपणन सत्र 2021 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत 106.62 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद को भी मंजूरी प्रदान की गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों से 1.23 लाख मीट्रिक टन कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद के लिए भी स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, यदि अधिसूचित फ़सल अवधि के दौरान संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बाजार की दरें एमएसपी से नीचे चली जाती हैं, तो राज्य की नामित ख़रीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत दलहन, तिलहन और कोपरा फसल की खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर भी मंजूरी दी जाएगी, ताकि पंजीकृत किसानों से वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित किये गए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सीधे इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद की जा सके। मौजूदा खरीफ सत्र में 15 मार्च, 2021 तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 3,30,476.61 मीट्रिक टन मूंग, उड़द, तुअर, चना, मूंगफली की फली और सोयाबीन की खरीद एमएसपी मूल्यों पर की है। इस खरीद से खरीफ सत्र 2020-21 और रबी सत्र 2021 में तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के 1,89,399 किसानों को 1,773.83 करोड़ रुपये की आय हुई है। इसी तरह से 5,089 मीट्रिक टन कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों से की गई है। इस दौरान 3,961 किसानों को लाभान्वित करते हुए 15 मार्च, 2021 तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 52.40 करोड़ रुपये की अदायगी की गई है। इनसे संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें खरीफ दलहन तथा तिलहन फसलों के आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय तिथि से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक इंतज़ाम कर रही हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत ही पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक राज्यों से कपास की खरीद का कार्य भी सुचारु रूप से जारी है। दिनांक 15 मार्च, 2021 तक 18,97,005 किसानों से 26,719.51 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य पर कपास की 91,86,803 गांठों की खरीद की जा चुकी है।
मुंबई, सोने की कीमतों में आज फिर तेजी देखी जा रही है। अप्रैल डिलीवरी वाला सोना आज 50 रुपये की तेजी के साथ खुला और दिन चढऩे के साथ उसमें तेजी आई। दोपहर 12 बजे यह 81 रुपये की तेजी के साथ 44981 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। सुबह के सत्र में इसने 44950 रुपये का न्यूनतम और 45047 रुपये का अधिकतम स्तर छू लिया। जून डिलीवरी वाला सोना भी 68 रुपये की तेजी के साथ 45365 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। मई डिलीवरी वाली चांदी 67 रुपये की गिरावट के साथ 67600 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी।सोने की कीमत में ऑल टाइम हाई से 11 हजार रुपये से भी अधिक की गिरावट आ चुकी है। 2020 में सोना 28 फीसदी तक चढ़ा था और अब 11 हजार रुपये से भी अधिक गिर चुका है। इतना ही नहीं, चांदी में भी 10 हजार रुपये तक की गिरावट देखने को मिली है। अगस्त में सोने ने 56,310 रुपये का ऑल टाइम हाई छुआ था और अब सोना 45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच चुका है।
केंद्र सरकार ने 15 मार्च, 2021 को लोकसभा को सूचित किया है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का निजीकरण नहीं किया जा रहा है। सरकार ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी कहा कि सरकार पारदर्शिता और मूल्यांकन लाने के लिए प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (Initial Public Offering-IPO) लाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आईपीओ LIC में निवेश बढ़ाएगा। शेयरधारकों के लिए प्रतिशत के बारे में निर्णय बाद में लिया जाएगा।
प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (Initial Public Offering-IPO)
आईपीओ को स्टॉक मार्केट लॉन्च भी कहा जाता है। यह एक सार्वजनिक पेशकश है जहां कंपनी के शेयर संस्थागत निवेशकों को बेचे जाते हैं। इसे खुदरा (व्यक्तिगत) निवेशकों को भी बेचा जा सकता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से एक निजी कंपनी को सार्वजनिक कंपनी में बदल दिया जाता है। इस तंत्र का उपयोग कंपनियों के लिए नई इक्विटी पूंजी जुटाने के लिए किया जाता है।
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC)
LIC एक भारत सरकार के स्वामित्व वाला बीमा और निवेश निगम है। इसकी स्थापना 1 सितंबर, 1956 को हुई थी। इसकी स्थापना भारतीय जीवन बीमा अधिनियम द्वारा की गई थी। इस अधिनियम ने पूरे भारत में बीमा उद्योग का राष्ट्रीयकरण कर दिया था। राज्य के स्वामित्व वाली एलआईसी को 245 बीमा कंपनियों और प्रोविडेंट सोसायटी का विलय करके बनाया गया था।
सरकारी बैंकों को प्राइवेट क्षेत्र को सौंपने के सरकार के कदम के खिलाफ पब्लिक सेक्टर के बैंक दो दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जा रहे हैं. जिसके चलते सोमवार और मंगलवार यानी 15 और 16 मार्च को बैंकों की हड़ताल होगी. पब्लिक सेक्टर के नौ बैंकों की यूनियन, यूनाइडेट फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने इस हड़ताल का एलान किया है. गौरतलब है कि, इस बार बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया था कि इस साल सरकार दो सरकारी बैंकों और एक इंश्योरेंस कंपनी का निजीकरण करेगी.
हड़ताल को लेकर एसबीआई ने भी जारी किया अपना बयान
एसबीआई ने हड़ताल को लेकर जारी किए गए अपने बयान में कहा है कि, "भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की सलाह के बाद यूनाइडेट फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने 15 और 16 मार्च को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का एलान किया गया है. हालांकि हमने इस दौरान ग्राहकों को कोई परेशानी ना हो इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं लेकिन फिर भी इसके चलते कामकाज प्रभावित होने की संभावना है." करीब 10 लाख कर्मचारी और अधिकारी इसमें भाग लेंगे.
क्यों हो रही है हड़ताल
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के समय इस बात की घोषणा की थी कि आईडीबीआई समेत दो और सरकारी बैंकों का निजीकरण किया जायेगा. तभी से बैंक कर्मचारी यूनियन इसका विरोध कर रही है. गौरतलब है कि, केंद्र सरकार द्वारा पिछले चार साल में सार्वजनिक क्षेत्र के 14 बैंकों का विलय किया जा चुका है. 2019 में पहले ही एलआईसी में आईडीबीआई बैंक का अधिकांश हिस्सा बेच चुकी है.
कौन कौन है हड़ताल में शामिल
नौ अलग अलग बैंकों की यूनियन के संगठन, यूनाइडेट फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने इस हड़ताल का एलान किया है. इसमें ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयज एसोसिशन (एआईबीईए), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (एआईबीओसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉयज (एनसीबीई), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) और बैंक एम्प्लॉयज कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई) शामिल हैं. इसके अलावा इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉयज फेडरेशन (आईएनबीईएफ), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी), नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) और नेशनल आर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (एनओबीओ) भी इसमें शामिल हैं.














