BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
हिन्दी-अंग्रेजी स्टेनो परीक्षा की तारीख तय, 4 केंद्रों में होगी परीक्षा

हिन्दी-अंग्रेजी स्टेनो परीक्षा की तारीख तय, 4 केंद्रों में होगी परीक्षा

 रायपुर। शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परीक्षा परिषद, लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़, रायपुर ने हिन्दी और अंग्रेजी Steno (शीघ्रलेखन) परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा कर दी है. परीक्षाएं 23 और 24 अगस्त 2025 को आयोजित होंगी.

अंग्रेजी Steno परीक्षा की तारीख

परिषद के अनुसार, 23 अगस्त 2025 को अंग्रेजी स्टेनो (100 शब्द प्रति मिनट गति) की परीक्षा होगी. यह परीक्षा रायपुर संभाग में चयनित एकमात्र परीक्षा केंद्र पर आयोजित की जाएगी.

हिन्दी Steno परीक्षा की तारीख

24 अगस्त 2025 को हिन्दी स्टेनो (100 शब्द प्रति मिनट गति) की परीक्षा आयोजित होगी. इसके लिए रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और बस्तर संभाग के चयनित चार परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं.

परीक्षार्थियों के लिए जरूरी निर्देश

अभ्यर्थियों को परिषद द्वारा आबंटित परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित बैच और समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा. परीक्षा कार्यक्रम का विस्तृत विवरण परिषद की वेबसाइट   https://ctsp.cg.nic.in   पर उपलब्ध है.

प्रवेश पत्र की जानकारी 

परीक्षा से एक सप्ताह पूर्व प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की जानकारी परीक्षार्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी.

बिजली बिल कम हुआ, मेंटेनेंस की चिंता नहीं

बिजली बिल कम हुआ, मेंटेनेंस की चिंता नहीं

 छत पर पावर जनरेटर बने सौर ऊर्जा प्लांट

रायपुऱ :- छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत तेजी से काम हो रहा है। इस योजना में जब से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य सरकार द्वारा भी तीस हजार रूपए की सब्सिडी की घोषणा की है। तब से सोलन प्लांट लगवाने के लिए लोग तेजी से आवेदन कर रहे हैं। नगर निगम रायगढ़ के लोचन नगर निवासी श्री प्रदीप मिश्रा इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाकर न केवल अपने घर की बिजली खपत में कमी ला रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सराहनीय योगदान दे रहे हैं। अपने घर की छत पर सोलर पावर प्लांट लगवाने से श्री मिश्रा के घर का बिजली बिल आधा हो गया है। एक बार प्लांट लगने के बाद उसके रख-रखाव, मरम्मत या मेंटेनेंस की चिंता भी नहीं रही है।

श्री मिश्रा ने अपने मकान की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल स्थापित कराया है। पहले उन्हें सौर ऊर्जा के बारे में सीमित जानकारी थी, लेकिन बिजली विभाग से योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने विभाग की तकनीकी सहायता से यह सिस्टम लगवाया। कुल लागत के लिए उन्होंने ग्रामीण बैंक से ऋण लिया, जिसमें केंद्र सरकार से 78,000 रुपये और राज्य सरकार से 30,000 रुपये की सब्सिडी मिली। उन्होंने बताया कि सौर पैनल लगवाने के बाद से उनके बिजली बिल में कमी आई है। पहले प्रति माह लगभग 550 यूनिट बिजली की खपत होती थी, लेकिन अगस्त महीने में यह घटकर करीब 300 यूनिट रहने का अनुमान है।

श्री मिश्रा ने कहा कि इस योजना से न केवल आर्थिक बचत होती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग कर पर्यावरण प्रदूषण को भी कम किया जा सकता है। श्री मिश्रा ने जिले के अन्य नागरिकों से भी अपील की कि वे प्रधानमंत्री श्सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अवश्य लें। योजना के तहत विभिन्न क्षमताओं के सोलर पैनलों पर सरकार द्वारा अलग-अलग सब्सिडी दी जाती है और बिजली विभाग की मदद से शीघ्र स्थापना कराई जाती है। इस योजना का लाभ उपभोक्ताओं को पूर्णत ऑनलाईन प्रक्रिया के तहत दिया जा रहा है। जिसके तहत उपभोक्त स्वयं ऑनलाईन पोर्टल cgiti.admissions.nic.in पर लॉग इन कर अथवा पीएम सूर्यघर मोबाईल ऐप सीएसपीडीसीएल के वेबसाइट, मोर बिजली एप एवं बिजली कंपनी के टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर आवेदन कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ के 14 पुलिस कर्मियों को मिलेगा वीरता पदक, स्वतंत्रता दिवस समारोह में होंगे सम्मानित

छत्तीसगढ़ के 14 पुलिस कर्मियों को मिलेगा वीरता पदक, स्वतंत्रता दिवस समारोह में होंगे सम्मानित

 रायपुर। स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस के 14 अधिकारियों और जवानों को ड्यूटी के दौरान असाधारण साहस और कर्तव्यनिष्ठा प्रदर्शित करने के लिए प्रतिष्ठित गैलेंट्री मेडल (त्ररू) से सम्मानित किया जाएगा। सम्मान पाने वालों में वरिष्ठ नेतृत्व से लेकर मोर्चे पर तैनात कांस्टेबल तक शामिल हैं।

इनमें तीन पुलिसकर्मी ऐसे भी हैं जिन्हें नक्सलवाद और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान देने पर मरणोपरांत सम्मान प्रदान किया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस पर पर शुक्रवार को राजधानी रायपुर में होने वाले समारोह में इन्हें सम्मानित किया जाएगा।

सम्मानित अधिकारियों में सुनील शर्मा, आईपीएस, पुलिस अधीक्षक का नाम प्रमुख है, जिन्हें उच्च जोखिम वाले अभियानों में निर्णायक नेतृत्व के लिए सराहा गया। उनकी भूमिका राज्य में नक्सल हिंसा के खिलाफ अभियानों और कठिन परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम रही।

सम्मान सूची में उप निरीक्षक संदीप कुमार मडिले और कांस्टेबल मडकम पांडू, मडकम हदमा, मडकम देवा, बरसे हुंगा और रोशन गुप्ता के नाम भी शामिल हैं। इन सभी को राज्य के संघर्षग्रस्त इलाकों में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान अद्वितीय साहस दिखाने के लिए सम्मानित किया गया है।

मरणोपरांत सम्मान स्व. सहायक उप निरीक्षक रामूराम नाग, स्व. कांस्टेबल कुंजम जोगा और स्व. कांस्टेबल वंजाम भीमा को दिया गया। ड्यूटी के दौरान अपने प्राण न्यौछावर करने वाले इन वीरों का साहस पुलिस बल और नागरिकों को सदैव प्रेरित करेगा।

सम्मानित अन्य पुलिसकर्मियों में कांस्टेबल सूरज कुमार मरकाम, कांस्टेबल मडवी सन्नू, कंपनी कमांडर करोड़ सिंह और कांस्टेबल पुरुषोत्तम देवांगन शामिल हैं, जिन्होंने संकट की घड़ी में अपनी त्वरित सूझबूझ और निडर कार्रवाई से कई जिंदगियां बचाईं।

रायपुर रेलवे स्टेशन में अब 5 रूपये में मिलेगा सैनेटरी नैपकिन

रायपुर रेलवे स्टेशन में अब 5 रूपये में मिलेगा सैनेटरी नैपकिन

 रायपुर। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन में सैनेटरी नैपकिन का मशीन लगाया है. इस मशीन से महिलाएं मात्र 5 रूपये में पैड ले सकती है. 2nd क्लास वेटिंग हॉल में पास लगाएं गए इस मशीन का उद्घाटन आज अध्यक्षा सेक्रो शिखा सिंह द्वारा की गया, उनके साथ सेक्रो की अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थें.

इस दौरान उन्होंने रायपुर रेलवे स्टेशन में कार्यरत सफाई कर्मचारी, टीटीई और यात्रियों को इसके लिए जागरूक किया. इस्तमाल पैड को डिस्पोज करने के लिए भी अलग से पैक डस्टबीन भी रखा गया है.
सेक्रो अध्यक्षा शिखा सिंह ने कहा कि ये पैड मशीन महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित होगा.

इस मशीन से पैड कैसे निकलेगा इसको लेकर भी उन्होंने सफाई कर्मचारियों को जागरूक किया. इसके बाद वे 1ए प्लेटफार्म में पहुंची. जहां उन्होंने रायपुर-दुर्ग पैसेंजर ट्रेन में महिला यात्रियों से उनकी समस्याएं सुनी. इसके बाद वहां मौजूद महिला टीटीई और महिला आरपीएफ स्टॉफ से भी उन्हें रेलवे स्टेशन में अपने कार्य के दौरान होने वाली समस्या के बारे में जानकारी ली.

महिला टीटीई ने सेक्रो अध्यक्षा को बताया कि महिला टीटीई के लिए अलग से वॉशरूम नहीं है, जिससे उन्हें समस्या का सामना करना पड़ता है. सेक्रो अध्यक्षा ने उन्हें अपने सामान रखने के लिए लॉकर के बारे में भी पूछा. हालांकि टीटीई ने बताया कि उन्हें लॉकर की तो फिलहाल जरूरत नहीं है, लेकिन वॉशरूम की मांग पूरी हो जाए तो बड़ी संख्या में कार्यरत महिला टीटीई लोगों को काफी राहत मिलेगी.

सीएम विष्णुदेव साय ने धरमजयगढ़ में 62.36 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात

सीएम विष्णुदेव साय ने धरमजयगढ़ में 62.36 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात

 रायपुर। सीएम विष्णुदेव साय ने आज स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले धरमजयगढ़ प्रवास के दौरान रायगढ़ जिलेवासियों को 62 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 42 करोड़ 99 लाख रुपए की लागत से 45 लोकार्पण कार्य एवं 19 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से 70 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

मुख्यमंत्री साय ने 5 करोड़ 25 लाख 11 हजार रुपए की लागत से धरमजयगढ़ के पानीखेत से ऐडुकला मार्ग पर भेंगारी नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य एवं 6 करोड़ 39 लाख 6 हजार रुपए की लागत से लैलूंगा के पाकरगांव मार्ग पर खारून नदी पर पुल निर्माण कार्य, 28 करोड़ 53 लाख 29 हजार रुपए की लागत से खरसिया, लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ क्षेत्र में सिंगल विलेज नलजल प्रदाय योजना, रेट्रोफिटिंग नल जल प्रदाय योजना एवं सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना के कार्य, धरमजयगढ़ के बहिरकेला एवं लैलूंगा के लमडांड में 75-75 लाख रुपए की लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विकासखण्ड घरघोड़ा के ग्राम कोनपारा में 7 लाख की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन तथा धरमजयगढ़ के उपकेन्द्र खडग़ांव में 1 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत से सीएसपीडीसीएल 33/11 केवी, 3.15 एमव्हीए कार्य का लोकार्पण किया।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री साय ने 13 करोड़ 28 लाख 36 हजार रुपए की लागत से जिले के 7 जगह धौराभांठा, तमनार, लैलूंगा, घटगांव, घरघोड़ा, बाकारूमा एवं धरमजयगढ़ में पो.मै.आदिवासी बालक छात्रावास भवन निर्माण कार्य, 20 लाख 33 हजार रुपए की लागत से धरमजयगढ़ के स्थल कक्ष क्रमांक 643 आर.एफ. में वॉच टॉवर तथा 10 लाख 88 हजार रुपए की लागत से कक्ष क्रमांक 11 आर.एफ.कुमरता में पेट्रोलिंग कैम्प निर्माण कार्य, धरमजयगढ़ विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 2 करोड़ 54 लाख 95 हजार रुपए की लागत से पुलिया, सीसी रोड, फुट वे निर्माण, आरसीसी पुलिया निर्माण, शेड निर्माण, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन एवं मंगल भवन के कार्य के साथ ही लैलूंगा, धरमजयगढ़ एवं खरसिया विधानसभा क्षेत्रों में 3 करोड़ 22 लाख 22 हजार रुपए की लागत से 44 स्वास्थ्य केंद्रों के मरम्मत कार्यों का भूमिपूजन किया।

महंत कॉलेज व्दारा भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन

महंत कॉलेज व्दारा भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन

 रायपुर। स्थानीय गाँधी चौक स्थित महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC), इंस्टिट्यूशनल इन्नोवेशन कॉउंसिल(IIC), एलुमनाई एसोसिएशन एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा महाविद्यालय परिसर से विशाल तिरंगा यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। यह यात्रा महाविद्यालय प्रांगण से प्रारंभ होकर सिटी कोतवाली चौक, बूढ़ापारा और बूढ़ापारा चौक होते हुए पुनः महाविद्यालय परिसर में आकर तिरंगा यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के आरंभ से पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने रैली को संबोधित करते हुए हमारे देश की शान हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा का संदेश किया। उन्होंने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं हमारे देश के वीर सैनिकों के कुर्बानियों को याद कर उनके योगदान को बताया। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रध्वज तिरंगे के महत्व और सम्मान के साथ तिरंगा के इतिहास का वर्णन किया। आगे उन्होंने विद्यार्थियों और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। इस तिरंगा यात्रा में महाविद्यालय के लगभग 700 विद्यार्थी सहित महाविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों ने भी पूरे जोश के साथ अपनी सहभागिता दिखाई। तिरंगा यात्रा में प्रो. ललित मोहन वर्मा, डॉ. लक्ष्मीकांत साहू, प्रो. सुधीर जैन, श्री विजय शर्मा,डॉ. श्वेता शर्मा, प्रो. प्रीतम दास, श्री लोकेश साहू, एलुमनाई एसोसिएशन के प्रदीप साहू एवं महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यकर्ता विद्यार्थियों का विशेष सहयोग रहा।

स्वतंत्रता दिवस 2025 पर छत्तीसगढ़ के 25 पुलिसकर्मियों के नाम पदक सूची में घोषित

स्वतंत्रता दिवस 2025 पर छत्तीसगढ़ के 25 पुलिसकर्मियों के नाम पदक सूची में घोषित

 Independence day 2025 : स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के 25 पुलिसकर्मियों के नाम गैलेंट्री मेडल (जीएम), प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस (पीएसएम) और मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (एमएसएम) के लिए घोषित किए हैं। यह सम्मान आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने और वामपंथी उग्रवाद से निपटने में राज्य की अहम भूमिका को रेखांकित करता है।

गैलेंट्री मेडल (GM)

असाधारण साहस और उत्कृष्ट परिचालन क्षमता के लिए छत्तीसगढ़ के 14 पुलिसकर्मियों के नाम गैलेंट्री मेडल के लिए घोषित किए गए हैं। इनमें आईपीएस अधिकारी सुनील शर्मा (पुलिस अधीक्षक), संदीप कुमार मडिले (उप निरीक्षक) और आरक्षक मदकम पांडु, मदकम हदमा, मदकम देव, बरसे हुंगा, रोशन गुप्ता सहित अन्य शामिल हैं। तीन पुलिसकर्मियों – स्वर्गीय रामुराम नाग (सहायक उप निरीक्षक), स्वर्गीय कुंजाम जोगा (आरक्षक) और स्वर्गीय वंजाम भीमा (आरक्षक) – को कर्तव्य-पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया गया है। ये घोषणाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में राज्य पुलिस के जोखिमपूर्ण अभियानों और अदम्य साहस को दर्शाती हैं।

प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस (PSM)

लंबे समय तक उच्च कोटि की उत्कृष्ट सेवा के लिए छत्तीसगढ़ के एक अधिकारी का नाम पीएसएम सूची में शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ के निदेशक हिमांशु गुप्ता को उनके नेतृत्व, पेशेवर ईमानदारी और राज्य में पुलिसिंग व जनसुरक्षा में निरंतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।

मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (MSM)

लगन, अनुकरणीय सेवा और निरंतर योगदान के लिए छत्तीसगढ़ के 10 पुलिसकर्मियों को एमएसएम के लिए चुना गया है। इनमें पुलिस महानिरीक्षक ध्रुव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर, कमांडेंट श्वेता राजमणि, पुलिस अधीक्षक रवी कुमार कुर्रे, निरीक्षक (एमआईएन) कौशल्या भट्ट, सहायक पुलिस महानिरीक्षक रोहित कुमार झा, निरीक्षक (एमआईएन) कमलेश कुमार मिश्रा, प्लाटून कमांडर दल सिंह नामदेव, कंपनी कमांडर दिलीप कुमार साहू और सहायक उप निरीक्षक सुशील कुमार बरुआ शामिल हैं। इनका योगदान अभियान संचालन, प्रशासनिक दक्षता और सामुदायिक पुलिसिंग के क्षेत्रों में रहा है।

समग्र उपलब्धि

14 गैलेंट्री मेडल, एक प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस और 10 मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस 2025 के सम्मानों में शानदार प्रदर्शन किया है। ये घोषणाएं राज्य के पुलिसकर्मियों के साहस, नेतृत्व और समर्पण को सलाम करती हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा में छत्तीसगढ़ की अहम भूमिका को रेखांकित करती हैं।

 
मुख्यमंत्री साय ने स्व. दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री साय ने स्व. दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

 रायपुर :-  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. जूदेव जी केवल एक प्रखर राष्ट्रवादी ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान के निष्ठावान प्रहरी थे। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन धर्म, संस्कृति और समाजसेवा के लिए समर्पित किया। उनके नेतृत्व में प्रारंभ हुआ ‘घर वापसी’ अभियान एक ऐतिहासिक सामाजिक आंदोलन बना, जिसने हजारों लोगों को उनकी मूल सनातन परंपरा से पुनः जोड़ा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जूदेव जी जल, जंगल, जमीन और जनजातीय अस्मिता के सशक्त रक्षक थे। उन्होंने वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज को उनका गौरव और पहचान लौटाने के लिए सतत संघर्ष किया। उनके प्रयासों से समाज में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का विस्तार हुआ तथा जनजातीय समाज अपनी जड़ों से और अधिक मजबूती से जुड़ सका।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. दिलीप सिंह जूदेव की राष्ट्रवादी मूल्यों के प्रति निष्ठा, उनका अडिग संकल्प, निडरता और ओजस्वी नेतृत्व आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

परेड ग्राउण्ड आने वालों के लिए जारी हुआ पार्किंग प्लान, सीएम विष्णुदेव लेंगे परेड की सलामी…

परेड ग्राउण्ड आने वालों के लिए जारी हुआ पार्किंग प्लान, सीएम विष्णुदेव लेंगे परेड की सलामी…

रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर में स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस परेड ग्राउण्ड में पहुंचने वाले दर्शकों के लिए पुलिस ने मार्ग व पार्किंग प्लान तैयार किया है। 15 अगस्त को स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड रायपुर में मुख्यमंत्री द्वारा परेड की सलामी ली जायेगी।

इस दौरान उक्त कार्यक्रम में प्रदेश भर से आमंत्रित विशिष्ठ नागरिक गण, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, शहर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं एवं भारी संख्या में आम दर्शकों की काफी भीड़ होने की संभावना है। इस दौरान परेड में सम्मिलित होने वाले आगंतुको के वाहनों के लिए निम्नानुसार पार्किग व्यवस्था किया गया है।

1. लाल कार पास धारी वाहनः आमंत्रित अतिथियों को लाल कार पास होगी वे अपने वाहन से PWD चौक, छग कालेज, कुन्दन पैलेस, पीडब्ल्यूडी कालोनी होकर एम.टी. वर्क्स शॉप गेट होकर वायरलेस ऑफिस के सामने से होकर मंच के पीछे स्थित व्हीआईपी पार्किंग में अपना वाहन पार्क कर सकेगें।

2. बिना पास धारी वाहन: बिना पास धारी वाहनों के लिए सेन्ट पॉल स्कूल ग्राउण्ड में पार्किंग बनाई गई है। ये वाहन चालक कृपया अपना वाहन सेन्टपॉल स्कूल पार्किंग में पार्क कर पैदल पुलिस लाईन आर.आई गेट से प्रवेश कर दर्शक दीर्घा तक जावेगे।

3. स्कूल बसों का मार्ग एवं पार्किग-परेड ग्राउण्ड मे छात्र/छात्राओं एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिभागियों को लेकर आने वाली बसें पुलिस लाईन पिछला गेट (धमतरी गेट) में छात्र-छात्राओं को उतारकर परिक्रमा पथ पार्किंग विवेकानंद सरोवर में बसों को पार्क करेंगे।

4. सिद्वार्थ चौक/पुरानी बस्ती की ओर आने वाले बिना पास धारी वाहन:- इस मार्ग से आने वाले वाहन चालक जिनके पास किसी प्रकार कार पास नही है वे अपने वाहन परिक्रमा पथ पार्किंग विवेकानंद सरोवर में अपना वाहन पार्क कर पुलिस लाईन धमतरी गेट से पैदल परेड ग्राउण्ड में प्रवेश कर दर्शक दिर्घा तक जायेगे।

5. पी.डब्ल्यू.डी. चौंक की ओर से आने वाले बिना पास धारी वाहन:- इस मार्ग से आने वाले वाहन चालक जिनके पास किसी प्रकार का कार पास नही है वे अपने वाहन को सेन्टपाल स्कूल पार्किंग स्थल में पार्क कर आर.आई गेट से पैदल प्रवेश करेंगे।

कार्यक्रम के चारों ओर रोड पर सभी प्रकार के वाहनों का पार्किग प्रतिबंधित

मीडिया ओबी वैन पुलिस लाईन धमतरी गेट होकर प्रवेश करेगा एवं हैलीपेड के बगल में पार्किग होगी।

परेड ग्राउण्ड में आने वाले समस्त वाहन धारकों से अनुरोध है कि व्हीआईपी मार्ग को छोड़कर अन्य किसी भी मार्ग से होते हुए निर्धारित पार्किग स्थल पर अपने वाहन पार्क कर समारोह स्थल पर पहूॅचें।

यातायात-डायवर्सन

01. पेन्सनबाड़ा चौक, पीडब्ल्युडी चौक एवं महिला थाना चौक से पुलिस लाईन की ओर केवल परेड में सामिल होने वाले एवं परेड देखने वाले वाहनों को ही प्रवेश दिया जायेगा। सामान्य यातायात को अन्य मार्ग में डायवर्सन किया जायेगा। अतः इस मार्ग से होकर आवागमन करने वाले वाहन चालक कार्यक्रम समाप्ति तक अन्य वैकल्पिक मार्गो से होकर आवागमन कर सकेंगे।

परेड ग्राउण्ड अंदर निम्नलिखित वस्तु ले जाना प्रतिबंधित रहेगा:- शराब, बीड़ी-सिगरेट, गुटखा तंबाकु माचिस लाईटर्स, ज्वलनशील पदार्थ, छाता, बोर्ड, वाद्य यंत्र, आग्नेय अस्त्र, फटाका चाकु, कटार, तलवार, कैंची, ब्लैड्स, काटने वाले तेज धारदार वस्तु, खतरनाक वस्तु, भड़काउ/संकट पैदा करने वाले संकेत, फुग्गे, गेन्द, लकड़ी की लाठी, हॉकी-स्टीक, प्रचार उत्पाद सामाग्री, लाउड हैलर, हार्न, रेडियो, पालतु जानवर इत्यादि।

"हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता": अग्रसेन महाविद्यालय ने निकाली बाइक रैली, वंदे मातरम के नारों से गूंजी राजधानी की गलियां

"हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता": अग्रसेन महाविद्यालय ने निकाली बाइक रैली, वंदे मातरम के नारों से गूंजी राजधानी की गलियां

 पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन महाविद्यालय द्वारा निकाली गई बाइक रैली।

स्वच्छता परमो धर्म का नारा लगाते हुए छात्रों ने बाइक रैली निकाली साथ ही वंदे मातरम की गूंज से राजधानी की गलियां गूंज उठी।

रायपुर :- स्वतंत्रता की 79वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य स्वतंत्र का उत्सव मनाया गया जिसमें महाविद्यालय के  छात्रों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।बाइक रैली वंदे मातरम और जय हिंद के नारे लगाते हुए अग्रसेन महाविद्यालय से लेकर पुलिस लाइन से महिलाथाना चौक,जयस्तंभ चौक से आजाद चौक और  विवेकानंद आश्रम से लाखे नगर चौक होते हुए वापस महाविद्यालय में रैली समाप्त  की गई।रैली में सम्मिलित छात्रों और प्राध्यापकों उत्साह वर्धन करते हुए महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ वी के अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह से घर के स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी हम सबकी होती है है वैसे ही पूरे भारत को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी स्वयं लेना होगा तभी आजादी का उत्सव मनाना सार्थक होगा। वहीं महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ अमित अग्रवाल ने छात्रों को तिरंगा रैली के नियमों के बारे में बताया और कहा छात्रों को आजादी का महत्व बताने और साथ ही अपने आस पास के क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने के लिए छात्रों को इस रैली से जोड़ा गया।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ युलेंद्र राजपूत ने छात्रों को बाइक रैली के दिशा निर्देशों के बारे में बताया और कहा कि  छात्रों को हेलमेट लगाना और शालीनता का पालन करते हुए रैली निकाली जाएगी।
रैली के अंत में प्राचार्य द्वारा सभी को धन्यवाद ज्ञापित कर स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी . ये जानकारी कार्यक्रम  प्रभारी कंप्यूटर संकाय के  विभागाध्यक्ष प्रो विकास शर्मा ने दी। इस अवसर पर सभी विभागों के विभागाध्यक्ष और प्राध्यापक सम्मिलित हुए।
सीएम साय ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को 611.21 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात, सीएम साय ने कहा- विकास का अधूरा सपना अब होगा पूरा

सीएम साय ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को 611.21 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात, सीएम साय ने कहा- विकास का अधूरा सपना अब होगा पूरा

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम पिपरिया में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला का पूर्ववर्ती सरकार के दौरान गठन तो किया गया, लेकिन इसके बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास पर पूर्ववर्ती सरकार ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने इस कमी को दूर करने का बीड़ा उठाया है और अब खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को सशक्त अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि यहां का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 611.21 करोड़ रुपये की लागत के 71 विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी, जिसमें 470.98 करोड़ रुपये की लागत से 18 कार्यों का भूमिपूजन और 140.23 करोड़ रुपये की लागत से 53 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विकास कार्यों से विकसित खैरागढ़ का सपना साकार होने की दिशा में ठोस शुरुआत हो गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिले के बुजुर्गों, युवाओं, माताओं और बहनों ने जो सपने संजोए हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। उन्होंने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पैलीमेटा को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने, छुुईखदान में 50 लाख रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पानी की टंकी निर्माण, पान की खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘पान कैफे’ खोलने, खैरागढ़ में 500 सीटर सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण और मुढ़ीपार में महाविद्यालय की स्थापना की घोषणाएं कीं। उन्होंने आश्वस्त किया कि इन कार्यों को आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खैरागढ़, राजनांदगांव, कवर्धा और मानपुर-मोहला से उनका भावनात्मक और आत्मीय जुड़ाव रहा है। अब, जब उन्हें प्रदेश की बागडोर मिली है, वे पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विगत डेढ़ वर्षों में सरकार ने हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई गारंटियों को साकार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जिससे उन्हें सीधे और लाभकारी मूल्य का लाभ मिल रहा है। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं और इनका निर्माण तीव्र गति से हो रहा है, जिससे गांवों में राजमिस्त्री, सेंटरिंग प्लेट निर्माण और अन्य निर्माण कार्य से जुड़े कुशल श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘महतारी वंदन योजना’ को एक क्रांतिकारी पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इसके पुन: फार्म भरवाए जाएंगे। वर्तमान में इस योजना से प्रदेश की 70 लाख महिलाएं प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं और कई महिलाएं अपना व्यवसाय भी प्रारंभ कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में खरीदी दरों में वृद्धि, प्रदेश के 5.62 लाख कृषि भूमिहीन मजदूरों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22 हजार श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराए जाने का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला शीघ्र ही मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यापक विकास के साथ प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल होगा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार देश की पहली सरकार है, जो किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें शत-प्रतिशत क्रियान्वित करना है, ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, सांसद संतोष पांडेय, खैरागढ़ विधायक यशोदा वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

भव्य तिरंगा यात्रा: एकता,अखंडता का दिया गया संदेश, सीएम साय का आह्वान -हर घर तिरंगा से गूंजे छत्तीसगढ़

भव्य तिरंगा यात्रा: एकता,अखंडता का दिया गया संदेश, सीएम साय का आह्वान -हर घर तिरंगा से गूंजे छत्तीसगढ़

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तिरंगा यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति का एक महान अनुष्ठान है, जो भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी आन-बान-शान है, इसकी रक्षा और मान-सम्मान के लिए हर नागरिक को दृढ़संकल्पित होना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हर घर तिरंगा फहराएगा और भारत आर्थिक एवं सांस्कृतिक रूप से और अधिक सशक्त बनेगा।

मुख्यमंत्री साय ने ‘भारत माता की जय’ और ‘छत्तीसगढ़ महतारी की जय’ के उद्घोष के साथ जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक सशक्त और सम्मानित राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने हाल ही में पहलगाम में हुए कायराना हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हमारे वीर जवानों द्वारा दिखाए गए साहस और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है, जिसने तिरंगे की शान को और ऊंचा किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार एरिया डॉमिनेशन कर नक्सलियों का प्रभुत्व समाप्त किया है। उन्होंने कहा कि जहां कभी नक्सलियों का लाल झंडा लहराता था, आज वहां तिरंगा शान से लहरा रहा है। कई संवेदनशील गांवों में बरसों बाद गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुन: तिरंगा फहराया गया है, जो शांति, विकास और सुरक्षा का नया संदेश दे रहा है।

विकसित भारत 2047 और ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ विजन

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तिरंगे की असली गरिमा तब और बढ़ेगी जब देश आर्थिक रूप से मजबूत होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ ने भी ‘विकसित छत्तीसगढ़Ó का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसमें प्रदेश के समग्र विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने घरों पर तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता संग्राम के वीरों का स्मरण करें।

एम्स रायपुर भारत का पहला सरकारी संस्थान जो प्रदान करेगा रोबोटिक सर्जरी की सुविधा,सीएम साय करेंगे शुभारंभ

एम्स रायपुर भारत का पहला सरकारी संस्थान जो प्रदान करेगा रोबोटिक सर्जरी की सुविधा,सीएम साय करेंगे शुभारंभ

 रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर, 6 सितंबर 2025 को अपनी अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सेवा का शुभारंभ करने जा रहा है, जो मध्य भारत में शल्य चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह पहल छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध कराने के संस्थान के संकल्प को दर्शाती है।

इस कार्यक्रम की तैयारी के अंतर्गत, लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), कार्यकारी निदेशक, एम्स रायपुर एवं लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मवीर सिंह चौहान, उप निदेशक (प्रशासन) ने माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ विष्णु देव साय से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया।

माननीय मुख्यमंत्री ने एम्स रायपुर द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयासों की सराहना की और इस परिवर्तनकारी पहल के लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। रोबोटिक सर्जरी एक आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीक है, जिसमें सर्जन एक विशेष कंसोल के माध्यम से रोबोटिक भुजाओं को नियंत्रित करता है, जिससे अत्यधिक सटीकता, लचीलापन और नियंत्रण प्राप्त होता है।

यह प्रणाली 3डी उच्च-गुणवत्ता वाला दृश्य प्रदान करती है और हाथों के कंपन को समाप्त करती है, जिससे सीमित स्थानों में भी जटिल सर्जरी संभव हो पाती है। यह तकनीक विशेष रूप से मूत्ररोग, स्त्री रोग और आंत्र सर्जरी जैसे क्षेत्रों में लाभकारी है, जहाँ पारंपरिक सर्जरी में तकनीकी चुनौतियाँ होती हैं।

रोगी के दृष्टिकोण से, रोबोटिक सर्जरी के कई लाभ हैं, जैसे कि छोटे चीरे, कम रक्तस्राव, न्यूनतम पोस्टऑपरेटिव दर्द, और तेज़ रिकवरी। इसकी अत्यधिक सटीकता और स्थिरता से जटिलताओं का खतरा कम होता है और शल्य क्रिया के बाद बेहतर कार्यात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं—विशेष रूप से प्रोस्टेट, गर्भाशय और आंत्र से जुड़ी जटिल सर्जरी में, जिससे रोगियों को बेहतर कंटिनेंस और यौन क्रियाशीलता बनाए रखने में सहायता मिलती है। हालांकि, यह तकनीक तुलनात्मक रूप से अधिक महंगी है, लेकिन कम अस्पताल प्रवास और शीघ्र पुन: सामान्य जीवन की ओर लौटने से इसकी लागत उचित साबित होती है।

इस उन्नत कार्यक्रम की शुरुआत के साथ, एम्स रायपुर मध्य भारत का पहला सरकारी संस्थान बन जाएगा , जो रोबोटिक शल्य चिकित्सा की सुविधा प्रदान करेगा. यह सुविधा न केवल रोगियों के लिए लाभकारी होगी, बल्कि आगामी पीढ़ी के सर्जनों को मिनिमली इनवेसिव और प्रिसिजन-बेस्ड तकनीकों में प्रशिक्षण देने के लिए एक उत्कृष्ट केंद्र भी बनेगी।

लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कहा रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत एम्स रायपुर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के लोगों को स्थानीय स्तर पर विश्व स्तरीय सर्जिकल देखभाल प्राप्त होगी। हमें गर्व है कि माननीय मुख्यमंत्री ने इस परिवर्तनकारी सेवा के उद्घाटन हेतु हमारे आमंत्रण को स्वीकार किया है।

हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक : मुख्यमंत्री साय

हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक : मुख्यमंत्री साय

 हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने हजारों युवाओं के साथ लगाई स्वतंत्रता की दौड़

भारत माता और रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया

रायपुर - हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक है। हम सभी तिरंगे की शान को हमेशा बनाए रखेंगे, अपने अमर बलिदानियों को कभी नहीं भूलेंगे और सभी मिलकर विकसित, समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव में आयोजित स्वतंत्रता दौड़ में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हजारों युवाओं के साथ स्वतंत्रता दौड़ लगाई और भारत माता और अमर बलिदानी रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तिरंगे में करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाएं समाई हैं और यह हमारी वीरता, शांति और समृद्धि के भाव की अमिट चेतना है।
श्री साय ने पवित्र तिरंगे को प्रणाम करते हुए कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पिछले कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस में पूरा देश तिरंगामय हो जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हम सभी अलग-अलग तरीकों से इस पावन दिवस को उत्साह के साथ मना रहे है। तिरंगा यात्राएं और हर-घर तिरंगा फहराने के संकल्प ने इस पावन अवसर को जन-जन से जोड़ दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें यह स्मरण कराती है कि आज़ादी अनगिनत बलिदानों की अमूल्य देन है। लाखों-करोड़ों देशभक्तों ने अपने प्राण न्योछावर किए, तब जाकर हमें यह स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के खास अवसर ने मुझे बचपन के दिनों की याद दिला दी। जब मैं स्कूल में था तब स्वतंत्रता दिवस पर प्रभात फेरी निकलती थी, गांव-गांव में देशभक्ति गाने गूंजते थे। उन्होंने कहा कि उस समय जो गर्व महसूस होता था, वही गर्व आज भी हमारे दिल में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा दायित्व है कि हम अपने देश और प्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएं। वर्ष 2047 तक के लिए हमने विकसित छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है, और हमारी सरकार उसी के अनुरूप कार्य कर रही है। यह सरकार के साथ-साथ हम सभी का साझा संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर उपस्थित सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दौड़ सिर्फ एक दौड़ नहीं बल्कि आजादी के लिए किये गए संघर्ष का प्रतिसाद है। देश को वीर सपूतों के बलिदान से आजादी मिली है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित, स्वच्छ, स्वस्थ और श्रेष्ठ भारत के विजन के साथ चलते हुए हमारे मुख्यमंत्री ने भी विकसित और समृद्धशाली छत्तीसगढ़ का सपना संजोया है। उन्होंने कहा कि इस स्वप्न को पूर्ण करने अपना अमूल्य योगदान देने का संकल्प लें।
इस दौरान विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार मौजूद रहे।

मोबाइल पर बात करने से टोका, 14 साल की लड़की ने टंगिया मारकर कर दिया मर्डर…

मोबाइल पर बात करने से टोका, 14 साल की लड़की ने टंगिया मारकर कर दिया मर्डर…

 बलौदाबाजार-भाटापारा। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार से सनसनीखेज मामला सामने आया है। नाबालिग बालिका ने टंगिया मारकर युवक की हत्या कर दी। मृतक बार-बार अपचारी बालिका को मोबाइल पर बातचीत करने से टोंका-टांकी करता था। इस बात से परेशान 14 वर्षीया बालिका ने टंगिया से सिर, चेहरा पर वार कर हत्या कर दी।

जानिए घटनाक्रम

दरअसल, 12 अगस्त को बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस को सूचना मिली कि सुबह 10 बजे से 12 बजे के बीच ग्राम अमेरा के एक घर के अन्दर एक व्यक्ति की सिर, चेहरा पर वार कर हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान पुरुषोत्तम यादव के रूप में की गई। मृतक पुरुषोत्तम यादव की लाश उसके घर के बरामदा में लहुलूहान अवस्था में पड़ा था। थाना पलारी में अपराध क्र. 289/2025 धारा 103(1) बीएनएस का प्रकरण पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।

एसपी भावना गुप्ता ने हत्या को गंभीरता से लिया और थाना पलारी पुलिस को जाँच करने के निर्देश दिए। साथ ही एफएसएल की टीम के माध्यम से भी घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही पुलिस द्वारा आसपास पड़ोसियों, मृतक के रिश्तेदार व जान पहचान वालों से भी पूछताछ किया गया।

मामले में 14 वर्षीया बालिका का भी कथन लिया गया था। पूछताछ में बालिका घबरा रही थी और बार-बार अपना बयान बदल रही थी। पुलिस टीम द्वारा मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ करने पर अपचारी बालिका द्वारा घटनाक्रम बताते हुए मृतक पुरुषोत्तम यादव की हत्या करना स्वीकार किया।

अपचारी बलिका से पूछताछ पर पता चला कि बालिका को मृतक बार-बार डांटता था और मोबाइल पर बात करने से उसे मना करता था। इस बात से क्षुब्ध होकर आवेश में बालिका ने पुरुषोत्तम यादव की लोहे की टंगिया से वारकर हत्या कर दी। प्रकरण में अपचारी बालिका को आज विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

स्कूल के दरवाजे खिड़कियां बंद कर छात्राओं के साथ करता था अश्लील हरकत, शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज…

स्कूल के दरवाजे खिड़कियां बंद कर छात्राओं के साथ करता था अश्लील हरकत, शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज…

  महासमुंद। महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लॉक के हायर सेकेंडरी स्कूल लिमगांव के व्याख्याता संदीप साहू के ऊपर छात्राओं से स्कूल में अशोभनीय हरकत करने का आरोप लगा है। व्याख्याता स्कूल में छात्राओं से अश्लीलता करता था और किसी को बताने पर चरित्र प्रमाण पत्र खराब करने की धमकी देता था। ग्रामीण ओके थाना के राव करने के बाद आरोपी व्याख्याता के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। वहीं आरोपी की पत्नी एफआईआर दर्ज होने से पहले ही ग्रामीणों से समझौते के लिए गुजारिश करती रही पर पुलिस में पीड़ितों ने अपराध कायम करवा दिया। मामला सरायपाली थाना क्षेत्र का है।

सरायपाली ब्लॉक लिमगांव के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ लेक्चरर संदीप साहू पर छात्राओं के साथ अश्लील हरकत और अनुचित व्यवहार करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर सरायपाली थाना पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आरोपी लेक्चरर कक्षा के दौरान जानबूझकर दरवाजे और खिड़कियां बंद कर देता था और छात्राओं के साथ अशोभनीय हरकत करता था। पढ़ाई के समय वह अनुचित नजर रखता और छात्राओं को मानसिक रूप से परेशान करता था। बताया गया है कि जब कुछ छात्राओं ने इस हरकत का विरोध किया, तो आरोपी ने उन्हें धमकी दी कि वह उनका चरित्र प्रमाण पत्र खराब कर देगा, जिससे वे आगे किसी भी विद्यालय में प्रवेश नहीं ले पाएंगी।

मामले के उजागर होने के बाद बुधवार को बड़ी संख्या में पीड़ित छात्राओं के पालक और ग्रामीण सरायपाली थाना पहुंचे। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे शिक्षकों को तत्काल निलंबित कर जेल भेजा जाना चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के दिन सुबह से ही आरोपी की पत्नी लिमगांव में मौजूद थीं और पालकों को समझाने-बुझाने के साथ “अंतिम बार माफ” करने के लिए दबाव बना रही थीं, ताकि मामला थाने तक न पहुंचे।

पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपी संदीप साहू के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया गया है और पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अनिश्चितकालीन हड़ताल : 17 को रायपुर में जुटेंगे प्रदेशभर के स्कूल सफाई कर्मचारी, दिल्ली में धरना-प्रदर्शन की तैयारी

अनिश्चितकालीन हड़ताल : 17 को रायपुर में जुटेंगे प्रदेशभर के स्कूल सफाई कर्मचारी, दिल्ली में धरना-प्रदर्शन की तैयारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के 43,301 अंशकालिन स्कूल सफाई कर्मचारी सदस्य प्रांतीय आह्वान पर 15 जून 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. 2 जून को छत्तीसगढ़ के समस्त ब्लॉक मुख्यालय, 6 जून को जिला मुख्यालय और 10 जून को प्रदेश मुख्यालय हड़ताल नया रायपुर तूता धरना स्थल पर किया गया. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, स्कूल शिक्षा सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक के नाम से ज्ञापन सौपा गया.

इसके बाद 16 जुलाई को कर्मचारी मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए निकले, जहां पुलिस प्रशासन से धक्का-मुक्की भी हुई. देर रात प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से सूचना मिली कि 17 जुलाई को स्कूल शिक्षा सचिव के साथ बैठक होगी, जिसके बाद रोड जाम खत्म किया गया. 17 जुलाई को मंत्रालय में हुई इस बैठक में शिक्षा सचिव ने कर्मचारियों की मांगें मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

स्थिति जस की तस रहने पर 12 अगस्त को कर्मचारियों ने बस्तर के केशकाल घाटी में जाम लगाया, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई. अब 17 अगस्त को नया रायपुर के तूता धरना स्थल पर प्रदेश पदाधिकारियों और सभी जिला अध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने की रणनीति तैयार किया जाएगा.

संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रदीप वर्मा ने बताया कि अधिकांश स्कूलों में भृत्य, चपरासी नहीं होने के कारण सफाई कर्मचारी ही सभी अतिरिक्त कार्य करते हैं. पूरे दिन स्कूल में काम करने के बाद भी उन्हें मात्र 3,000 से 3,500 रुपए मासिक मानदेय मिलता है, जो मौजूदा महंगाई में परिवार चलाने के लिए बेहद कम है. संघ की मांग है कि पूर्णकालिक कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान किया जाए और युक्ति युक्तकरण के तहत कर्मचारियों को यथावत काम पर रखा जाए.

संघ का कहना है कि अनिश्चितकालीन हड़ताल का सीधा असर सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और बच्चों पर पड़ रहा है. कई स्कूलों में साफ-सफाई पूरी तरह ठप है. जहां भृत्य या चपरासी नहीं हैं, वहां बच्चों को मजबूरी में झाड़ू-पोछा जैसा काम करना पड़ रहा है. किताबों की जगह हाथों में झाड़ू थमा देना न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचाता है.

रायपुर एम्स के 35 डॉक्टरों ने छोड़ी नौकरी,बड़ी संख्या में एम्स के डॉक्टर छोड़ रहे नौकरी, जाने वजह

रायपुर एम्स के 35 डॉक्टरों ने छोड़ी नौकरी,बड़ी संख्या में एम्स के डॉक्टर छोड़ रहे नौकरी, जाने वजह

 रायपुर। देशभर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में डॉक्टरों की कमी एक बड़ी समस्या बन गई है. सरकार द्वारा संसद में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से 2024 के बीच 20 AIIMS से 429 डॉक्टरों ने इस्तीफा दिया है. सबसे ज्यादा 52 इस्तीफे दिल्ली AIIMS से हुए, जो देश का सबसे प्रतिष्ठित संस्थान है. इसके बाद ऋषिकेश और रायपुर AIIMS का नंबर आता है. इन इस्तीफों के पीछे मुख्य वजह बेहतर वेतन और सुविधाओं की कमी है.

AIIMS से डॉक्टरों का छोड़कर जाना चिंता का विषय है. संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से 2024 के बीच 20 AIIMS से 429 डॉक्टरों ने इस्तीफा दिया. सबसे ज्यादा 52 डॉक्टरों ने दिल्ली AIIMS छोड़ा, जो कि सबसे प्रतिष्ठित संस्थान है. इसके बाद ऋषिकेश AIIMS से 38, रायपुर से 35, बिलासपुर से 32 और मंगलागिरी से 30 डॉक्टरों ने इस्तीफा दिया. एक डॉक्टर ने बताया कि निजी क्षेत्र में वेतन AIIMS की तुलना में चार से दस गुना ज्यादा है.

आंकड़ों के मुताबिक, 20 AIIMS में हर तीन में से एक फैकल्टी पद खाली है. दिल्ली AIIMS में 1,306 स्वीकृत पदों में से 462 (35 प्रतिशत) खाली हैं. भोपाल AIIMS में 23 प्रतिशत और भुवनेश्वर में 31प्रतिशत पद खाली हैं. सरकार ने सेवानिवृत्त फैकल्टी को संविदा पर रखने और विजिटिंग फैकल्टी की योजना शुरू की है, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है.

डॉक्टरों की कमी के पीछे कई वजहें हैं. रायबरेली AIIMS में कर्मचारियों के लिए पर्याप्त आवास नहीं हैं. कैंपस के पास ग्रामीण इलाका है, जिससे कनेक्टिविटी की समस्या है. हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) भी बहुत कम है क्योंकि रायबरेली टियर 3 शहर में आता है. इसके अलावा, 9 एकड़ विवादित जमीन की वजह से कैंपस की बाउंड्री वॉल नहीं बन पाई है, जिससे सुरक्षा की समस्या है।

 रक्तदान-महादान के संकल्प से साथ महंत कॉलेज में रक्तदान शिविर का आयोजन

रक्तदान-महादान के संकल्प से साथ महंत कॉलेज में रक्तदान शिविर का आयोजन

रायपुर :- स्थानीय गाँधी चौक स्थित महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय के IQAC, NCC एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा महाविद्यालय परिसर में विशाल स्वास्थ्य जाँच एवं रक्तदान शिविर का महाआयोजन किया गया। शिविर शिवनाथ ब्लडबैंक के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित किया गया। इस शिविर में स्वास्थ्य जाँच एवं दंत जाँच के लिए श्रीराम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, नेत्र जांच के लिए ए एस जी आई हॉस्पिटल तथा रक्त परीक्षण एवं जाँच के लिए शिवनाथ ब्लड बैंक के विशेषज्ञ उपस्थित थे। शिविर में 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया एवं लगभग 50 यूनिट से अधिक रक्तदान किया गया। रक्तदान करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र के साथ प्रोत्साहन स्वरूप हेलमेट प्रदान किया गया। शिविर के आयोजन के संदर्भ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष ने कहा कि महाविद्यालय में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं सामाजिक दायित्व का आभास कराने के लिए इस प्रकार का आयोजन लगातार किया किया जाता है। आगे उन्होंने कहा कि स्वस्थ तन में स्वस्थ मन का वास होता है इसी भावना को ध्यान में रखकर विशाल स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के सफल आयोजन में प्रो. ललित मोहन वर्मा, डॉ. लक्ष्मीकांत साहू,प्रो. सुधीर जैन, श्री विजय शर्मा, प्रो. प्रीतम दास, श्री लोकेश साहू एवं महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यकर्ता विद्यार्थियों का विशेष सहयोग रहा।
 
छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी में मचेगी दही-हांडी की धूम, 11 लाख के इनाम के लिए जुटेंगे देशभर के गोविंदा

छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी में मचेगी दही-हांडी की धूम, 11 लाख के इनाम के लिए जुटेंगे देशभर के गोविंदा

 इंडियन आइडल पवनदीप राजन और भजन गायिका गीता बेन रबारी बांधेंगे समां, संयोजक बसंत अग्रवाल ने दी जानकारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी रायपुर की पावन भूमि गुढ़ियारी एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। सार्वजनिक दही हांडी उत्सव समिति एवं  हनुमान मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में, भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर, दही-हांडी उत्सव का 16 वां भव्य आयोजन किया जा रहा है। समिति के संयोजक  बसंत अग्रवाल ने बताया कि यह विशाल 7 प्रतियोगिता दिनांक 17 अगस्त 2025, दिन रविवार को शाम 04 बजे से अवधपुरी मैदान, श्री नगर रोड, गुढ़ियारी में आयोजित होगी। विजेताओं को कुल इनाम राशि 11 लाख जिसमे पुरुष दही हांडी 7 लाख, महिला दही हांडी 2 लाख, और ग्रीस युक्त खंभा हांडी 2 लाख रुपये है और 50 लोगों टोली को 11 हजार रुपये और 100 लोगों की टोली को 21 हजार रुपए सांत्वना पुरस्कार राशि रखी गई है, जो इस आयोजन को प्रदेश का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित दही-हांडी उत्सव बनाती है।

देशभर से जुटेंगी गोविंदा टोलियां

इस उत्सव की लोकप्रियता अब केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रही। संयोजक बसंत अग्रवाल के अथक प्रयासों और दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि आज यह आयोजन एक राष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से गोविंदा टोलियां प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आ रही हैं। समिति के सह-संयोजक हेमेंद्र साहू ने बताया कि अब तक रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा, कवर्धा की 30 स्थानीय टोलियों समेत कई महिला टोलियों ने भी अपना पंजीयन करा लिया है। इसके अलावा महाराष्ट्र, इंदौर तथा जबलपुर की प्रसिद्ध गोविंदा टोलियों ने भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित की है। यह प्रतियोगिता सभी के लिए पूर्णतः निःशुल्क है।

सितारों से सजेगी मनोरंजन की शाम

हर वर्ष की तरह इस साल भी समिति ने कृष्ण भक्तों के मनोरंजन का विशेष ध्यान रखा है। गोविंदा टोलियों के उत्साहवर्धन और दर्शकों के मनोरंजन के लिए देश के नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इस बार मंच पर इंडियन आइडल चैंपियन पवनदीप राजन अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरेंगे, तो वहीं विश्व विख्यात भजन गायिका गीता बेन रबारी अपने भजनों से पूरे माहौल को कृष्णमय कर देंगी। आपको बता दें कि गीता बेन रबारी भारत सहित देश विदेश की महिलाओं में काफी लोकप्रिय है।
साथ ही, राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय गायिका पूनम-दिव्या तिवारी भी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगी। ओडिशा के कलाकारों द्वारा पारंपरिक "घंटा बाजा" और ग्रीस युक्त खंभे पर चढ़ने की प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।

एक छोटे आयोजन से विशाल उत्सव तक का सफर

संयोजक बसंत अग्रवाल ने इस आयोजन के सफर को याद करते हुए बताया, "हमने यह यात्रा सन 2010 में महावीर स्कूल के पास एक छोटे से मैदान से शुरू की थी। तब मोहल्ले की ही कुछ समितियां जैसे मुर्रा भट्टी, सतनामी पारा, सुक्रवारी बाजार की टोलियां भाग लेती थीं। आप सभी के सहयोग और भगवान श्री कृष्ण के आशीर्वाद से आज यह आयोजन एक विशाल रूप ले चुका है। " दो वर्ष कोरोना काल के कारण यह आयोजन संभव नहीं हो पाया था, लेकिन अब यह अपने 16वें वर्ष में पूरी भव्यता के साथ लौट आया है।

सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम

समिति ने हजारों की संख्या में आने वाले दर्शकों और गोविंदा टोलियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। दर्शकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रशासन के सहयोग से चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहेगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार केंद्र और एम्बुलेंस की व्यवस्था भी मौके पर मौजूद रहेगी। समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता के दौरान किसी भी गोविंदा टोली के साथ होने वाली दुर्घटना की जिम्मेदारी स्वयं टोली की होगी, इसके लिए समिति जिम्मेदार नहीं होगी।

बीजेपी में हुए परिवर्तन को लेकर भूपेश बघेल का कटाक्ष,कहा अडानी के खिलाफ बोलने पर रवि भगत को चुकानी पड़ी कीमत

बीजेपी में हुए परिवर्तन को लेकर भूपेश बघेल का कटाक्ष,कहा अडानी के खिलाफ बोलने पर रवि भगत को चुकानी पड़ी कीमत

 रायपुर – छत्तीसगढ़ बीजेपी में आज बड़ा परिवर्तन करते हुए तमाम मोर्चो पर फेरबदल किया है। भजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत के जगह अब राहुल टिकरिहा को जिम्मेदारी दिया गया हैं। इस परिवर्तन को लेकर अब राजनीती सियासत तेज हो गया हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा हैं उन्होंने लिखा की रवि भगत को कीमत चुकानी पड़ी छत्तीसगढ़ भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने अडानी संचार विभाग के प्रवक्ता (वर्तमान मंत्री) से DMF और CSR में भ्रष्टाचार को लेकर कुछ सवाल खड़े किए थे.न जवाब दिया गया,न जाँच हुई और न कार्रवाई हुई.उल्टा उनको पहले नोटिस दिया गया और अब भाजयुमो छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष के पद से भी हटा दिया गया.एक आदिवासी युवा नेता को यह संदेश दिया गया है कि अडानी की टीम के खिलाफ बोलोगे तो कीमत चुकानी पड़ेगी.आदिवासियों का जल-जंगल-जमीन छीनने के बाद अब भाजपा आदिवासियों से नेतृत्व भी छीन रही है।

छत्तीसगढ़ में जल्द होगी गौसेवकों और चरवाहों की भर्ती, जानिए कितनी मिलेगी सैलरी?

छत्तीसगढ़ में जल्द होगी गौसेवकों और चरवाहों की भर्ती, जानिए कितनी मिलेगी सैलरी?

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार गौधाम योजना शुरू करने जा रहें. इस योजना के तहत हर जिले में गौधाम बनाए जाएंगे, जो पंजीकृत गौशालाओं से अलग होंगे. इसके लिए गौसेवकों और चारवाहों की भर्ती की जाएगी. इन्हें सरकार द्वारा मासिक वेतन दिया जाएगा. जिसे वित्त विभाग से अनुमति भी मिल गई है.

इसके लिए पशुधन विकास विभाग ने कलेक्टरों को निर्देश भी जारी कर दिया है. गौ धाम में क्षमतानुसार अधिकतम 200 गाय-गौवंश रखे जा सकेंगे. गौवंश की सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन को ध्यान में रखते हुए गौधाम स्थापित किए जाएंगे. इन गौधामों में गायों के लिए चारा, पानी ओर अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी. गायों की सेवा के लिए गौसेवक और चरवाहों की नियुक्ति होगी, उन्हें भी मानदेय दिया जाएगा.

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की जा रही गौधाम योजना के तहत गौठानों की जगह ‘गौधाम’ बनाए जाएंगे. जहां चरवाहों और गौशेवकों की भर्ती की जाएगी. चरवाहा को प्रति महीने 10916 रुपए का वेतन मिलेगा, वहीं गौसेवक को हर महीने 13126 रुपये वेतन दिए जाएंगे.

गौरतलब है कि हाल ही में छत्तीसगढ़ में तीन अलग-अलग सड़क हादसे में 90 गायों की मौत हो गई. इसके बाद से छत्तीसगढ़ सरकार ने यह फैसला लिया है.

घोटाले की भेंट चढ़ा एंबुलेंस ! स्वास्थ्य मंत्री ने हरिझंडी दिखाकर किया था सुपर्द, अब भेजा गया वापस

घोटाले की भेंट चढ़ा एंबुलेंस ! स्वास्थ्य मंत्री ने हरिझंडी दिखाकर किया था सुपर्द, अब भेजा गया वापस

 गरियाबंद। देवभोग के किडनी पीड़ितों के गांव सुपेबेड़ा में जिस एंबुलेंस को साल भर पहले स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हरिझंडी दिखाकर सुपर्द किया था,उसे अब वापस भेज दिया गया है। वजह जान कर आप भी हैरान हो जाएंगे।

दरअसल रायपुर के एंबुलेंस सेवा वाले फर्म से जिस एंबुलेंस को लगाया गया था, उसका विधिवत अनुबंध नहीं किया गया था, न बजट तय था, ना मद की व्यवस्था थी, वाहन प्रति 2000 किमी प्रति माह 1.5लाख दर से लगाया गया था। उससे अतिरिक्त चलने पर अतरिक्त बिलिंग हुई,12 माह में 14 लाख लागत वाली एंबुलेंस का 15 लाख का बिल हो गया। जिसे बगैर किसी वैधानिक प्रकिया के केंद्रीय एन एच एम मद से 10 लाख का भुगतान भी कर दिया गया था। जब सीएमएचओ की कुर्सी बदली तो एंबुलेंस की फाइल देख उसे वापस करना ही मुनासिब समझा गया। एंबुलेंस के नाम पर हुए खर्च ने अब तमाम खर्चों पर सवाल खड़ा कर दिया है। पूरे व्यय की जांच की मांग उठ रही है।

मामले में अब सुपेबेड़ा के बीमार लोगों ने भी प्रतिक्रिया दिया है। उनकी माने तो ऐसे खर्चों के बजाए पूर्व की तरह उन्हें ब्लड जांच और किडनी रोग की दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाए। क्योंकि अब उन्हें खरिदना पड़ रहा है।

 
छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी खबर, धान बेचने से पहले कर लें ये काम नहीं तो अटक जाएगा पैसा

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी खबर, धान बेचने से पहले कर लें ये काम नहीं तो अटक जाएगा पैसा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी काम की खबर है, इस साल धान बेचने वाले किसानों को खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर किसान पंजीयन अब अनिवार्य कर दिया गया है. राज्य सरकार ने कहा है, कि बिना पंजीयन के न तो धान बिक्री होगी और न ही फसल बीमा, पीएम किसान सम्मान निधि या अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा. पंजीयन की अंतिम तारीख 30 अगस्त है.

Weather Update : मौसम विभाग का अलर्ट, आज से 15 अगस्त तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना

Weather Update : मौसम विभाग का अलर्ट, आज से 15 अगस्त तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में बीते कुछ दिनों से कम बारिश होने से तापमान में बढ़ोतरी हुई है। लोगों को उमस भरी गर्मी परेशान कर रही है। इस बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के कारण 13 से 15 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश की संभावना है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा और बस्तर संभाग में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों के लिए यह बारिश राहत लेकर आ सकती है।