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शहर से लगे दो गांवों के निस्तारी तालाब में पानी संकट

शहर से लगे दो गांवों के निस्तारी तालाब में पानी संकट

 धमतरी। शहर से लगे ग्राम रत्नाबांधा और मुजगहन के मुख्य निस्तारी तालाब में इन दिनों पानी की भारी कमी देखने को मिल रही है, जिससे ग्रामीणों और मवेशी पालकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनपद सदस्य कीर्तन मीनपाल ने सिंचाई विभाग से नहर के माध्यम से तालाब को शीघ्र भरवाने की मांग की है।

रत्नाबांधा तालाब क्षेत्र के प्रमुख जलस्रोतों में से एक है, जहां न केवल रत्नाबांधा और मुजगहन के ग्रामीण अपनी दैनिक निस्तारी करते हैं, बल्कि शहर के विवेकानंद वार्ड के लोग भी इस तालाब पर निर्भर हैं। ऐसे में तालाब का जलस्तर गिरना सीधे तौर पर बड़ी आबादी को प्रभावित कर रहा है।

जनपद सदस्य कीर्तन मीनपाल ने बताया कि लगातार बढ़ती गर्मी के कारण तालाब का जलस्तर तेजी से घटा है। अभी गर्मी का पूरा मौसम बाकी है, ऐसे में यदि समय रहते तालाब को नहीं भरा गया तो जल संकट और गहराने की आशंका है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका असर न केवल लोगों की दैनिक जरूरतों पर पड़ेगा, बल्कि मवेशियों के लिए भी पानी की समस्या खड़ी हो जाएगी। ग्रामीणों ने भी इस समस्या को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांग है कि प्रशासन जल्द पहल करते हुए नहर के माध्यम से तालाब में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करे, साथ ही सफाई, संरक्षण और सुंदरीकरण के कार्य भी प्राथमिकता से कराए, ताकि आने वाले समय में इस तरह की समस्या से बचा जा सके।

ग्रामीणों ने कहा तालाब की हो सफाई, किया जाए सुंदरीकरण

ग्रामीण चंदन साहू ने कहा कि तालाब की नियमित सफाई नहीं होने से उसमें गंदगी फैल गई है, जिससे पानी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। वहीं रतन कुमार साहू ने तालाब के संरक्षण के लिए बाउंड्री वॉल निर्माण की आवश्यकता बताई, ताकि बाहरी गंदगी और अतिक्रमण को रोका जा सके। पंडित राजकुमार तिवारी ने बताया कि तालाब सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों का भी प्रमुख स्थल है, इसलिए इसकी साफ-सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। ग्रामीण सेवाराम साहू ने भी बाउंड्री वॉल निर्माण और तालाब के सुंदरीकरण की मांग करते हुए कहा कि इससे न केवल तालाब सुरक्षित रहेगा, बल्कि आसपास का वातावरण भी स्वच्छ और आकर्षक बनेगा।

धमतरी : रील-फोटोग्राफी प्रतियोगिता 24 अप्रैल तक

धमतरी : रील-फोटोग्राफी प्रतियोगिता 24 अप्रैल तक

 धमतरी। प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध पर्यटन स्थलों से भरपूर धमतरी जिले को अब एक नया डिजिटल मंच मिलने जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा “धमतरी जिले के पर्यटन क्षेत्र/स्थल” विषय पर आधारित रील एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन आज शुक्रवार 17 अप्रैल से 24 अप्रैल तक किया जा रहा है। इस अनोखी पहल के जरिए जिले की खूबसूरती को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रतियोगिता में जिले के युवा, फोटोग्राफी के शौकीन और आम नागरिक भाग ले सकेंगे। प्रतिभागियों को धमतरी के प्रमुख और रमणीय स्थलों—गंगरेल बांध, रुद्री, सिहावा क्षेत्र, घने जंगलों और मनमोहक झरनों—की आकर्षक फोटो या रील तैयार कर भेजनी होगी। चयनित प्रविष्टियों को “Yuva Fest” के आधिकारिक इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर साझा किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को व्यापक पहचान मिलने का अवसर मिलेगा।

इस प्रतियोगिता की खास बात यह है कि विजेताओं का चयन पारंपरिक जजमेंट के बजाय सोशल मीडिया के जरिए किया जाएगा। जिन प्रतिभागियों की फोटो या रील को सबसे ज्यादा लाइक और कमेंट मिलेंगे, उन्हें विजेता घोषित किया जाएगा। विजेताओं को आकर्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा, जिससे युवाओं में रचनात्मकता और प्रतिस्पर्धा की भावना को नया प्रोत्साहन मिलेगा। प्रतिभागियों को अपनी प्रविष्टियां व्हाट्सएप नंबर +91 6268 520 889 पर भेजनी होंगी।

प्रशासन ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है, ताकि धमतरी की प्राकृतिक धरोहर और पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान मिल सके। जिला प्रशासन का मानना है कि इस तरह की रचनात्मक प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देती हैं, साथ ही जिले की सकारात्मक छवि निर्माण में भी अहम भूमिका निभाती हैं। यह पहल धमतरी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थापित करने और पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित हो सकती है।

माँ काली जनकल्याण  मंदिर समिति द्वारा बंगाली नववर्ष मनाया गया

माँ काली जनकल्याण मंदिर समिति द्वारा बंगाली नववर्ष मनाया गया

रायपुर  :- स्थानीय डब्लूआरएस स्थित मां काली मंदिर में लगभग 500 से अधिक परिवारों ने काली माँ की पूजा अर्चनाकर नव वर्ष का स्वागत किया इस अवसर पर विभिन्न  सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई समिति के अध्यक्ष डॉ देवाशीष मुखर्जी ने कहा कि यह मंदिर 1964 में निर्मित हुई थी जिसे तात्कालिक कर्मचारियों ने अल्प संसाधन के बावजूद एक वृहद काली मंदिर बनाया जिससे कि इस क्षेत्र के सभी भक्तजन मां काली का आशीर्वाद प्राप्त कर सके एवं बांग्ला संस्कृति के साथ रूबरू हो सके इन्हीं उद्देश्यों के साथ समिति का निर्माण किया गया वर्तमान में यह समिति सामुदायिक भवन के माध्यम से सभी समाज के रीति रिवाज निभाने का एक बड़ा केंद्र बन चुका है भविष्य में स्कूल एवं स्वास्थ्य गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्माण एवं कार्य किया जा रहे हैं आज के कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सोमेन चटर्जी, संजय आचार्य,  उमेश,पीयूष, रिंटू, संजय सिंह,किशोर, विनायक,किशनइंदु व बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थितहै 

CG Accident :- NH-30 पर भीषण हादसा: ट्रक और माजदा की टक्कर में 2 मजदूरों की मौत, कई घायल

CG Accident :- NH-30 पर भीषण हादसा: ट्रक और माजदा की टक्कर में 2 मजदूरों की मौत, कई घायल

 कोंडागांव।छत्तीसगढ़ के कोंडगांव जिले में भीषण सड़क हादसा हो गया है, यहां फरसगांव के पास NH-30 स्थित चिचाड़ी पुल के पास एक तेज रफ़्तार ट्रक और माजदा वाहन के बीच जोरदार टक्कर हो गई, हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 3 घायल बताए जा रहें है।

 

जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त माजदा में सवार 5 से ज्यादा मजदूर बुरी तरह फंस गए। इनमें से 2 मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसगांव में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। मौके पर पहुंची फरसगांव पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में फंसे मजदूरों और शवों को बाहर निकाला। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों की शिनाख्त की जा रही है।
CG Weather :- छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर! 19 अप्रैल तक हीटवेव अलर्ट, रायपुर समेत कई जिले तपेंगे

CG Weather :- छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर! 19 अप्रैल तक हीटवेव अलर्ट, रायपुर समेत कई जिले तपेंगे

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में गर्मी ने अब तेज तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज की गई और आने वाले दिनों में पारा 3 डिग्री तक और बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने 19 अप्रैल तक बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में ग्रीष्म लहर यानी हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की है।

पिछले 24 घंटों में प्रदेश का मौसम शुष्क रहा, जबकि राजनांदगांव सबसे गर्म जिला रहा जहां अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 19.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के अनुसार अलग-अलग मौसम प्रणालियों के असर से फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और तापमान में हल्की बढ़ोतरी जारी रह सकती है।

मध्य क्षेत्र के एक-दो हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बन सकती है, जबकि बस्तर संभाग के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की गतिविधियां संभव हैं। राजधानी रायपुर में शुक्रवार को मौसम शुष्क रहेगा और गर्म हवाएं चल सकती हैं। यहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे दिन के साथ रात में भी गर्मी का असर महसूस होगा।
कुकदा की बेटी ने बढ़ाया मान, CBSE 10वीं में 98.2% लाकर जिले को किया गौरवान्वित

कुकदा की बेटी ने बढ़ाया मान, CBSE 10वीं में 98.2% लाकर जिले को किया गौरवान्वित

 जांजगीर-चांपा।  जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद गर्व की खबर सामने आई है। शिवरीनारायण तहसील के छोटे से गांव कुकदा की बेटी सोनल साहू ने CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार 98 दशमलव 2 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है।

सनल, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय जांजगीर की छात्रा हैं और बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रही हैं। उनके पिता कौशल प्रसाद साहू और माता कविता साहू दोनों ही शिक्षक हैं, जिनसे उन्हें शिक्षा के संस्कार विरासत में मिले।
सोनल की इस शानदार सफलता से गांव में खुशी और जश्न का माहौल है। सोनल ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है।
हम भी सोनल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।

बेमेतरा में नए आरक्षकों को मिला नियुक्ति पत्र

बेमेतरा में नए आरक्षकों को मिला नियुक्ति पत्र

 बेमेतरा। पुलिस उप महानिरीक्षक रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) के द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय बेमेतरा में छत्तीसगढ़ जिला पुलिस बल आरक्षक संवर्ग 2023-24 आरक्षक भर्ती के अंतर्गत दुर्ग रेंज में बेमेतरा जिले के रिक्त आरक्षक (जी.डी.) पद के लिए चयनित नवनियुक्त आरक्षकों के दस्तावेजों एवं चरित्र सत्यापन उपरांत उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान कर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर 03 नवनियुक्त आरक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया जिनमें देवेन्द्र जंघेल, खेमसिंह राजपूत, अविनाश शामिल है।

इस दौरान पुलिस उप महानिरीक्षक श्री रामकृष्ण साहू ने चयनित नवनियुक्त आरक्षकों को पूरी ईमानदारी, अनुशासन एवं निष्ठा के साथ आम जनता की सेवा करने हेतु प्रेरित किया तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने नवनियुक्त आरक्षकों को सेवा, अनुशासन, समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का संदेश देते हुए पुलिस सेवा के उद्देश्य के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव, जेल अधीक्षक राहुल पांडेय, स्टेनो संतोष सोनवानी, सउनि (अ) महेन्द्र भूआर्य, आरक्षक अमरदीप लहरे, प्रवीण ठाकुर सहित पुलिस कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

वेदांता प्लांट हादसे में कंपनी के चेयरमेन अनिल अग्रवाल समेत 10 पर एफआईआर दर्ज

वेदांता प्लांट हादसे में कंपनी के चेयरमेन अनिल अग्रवाल समेत 10 पर एफआईआर दर्ज

 जांजगीर चंपा। सक्ती जिले में स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में हुआ भीषण बॉयलर हादसा अब कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के केंद्र में आ गया है। इस दर्दनाक घटना में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से 16 घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। मृतकों में छत्तीसगढ़ के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के श्रमिक शामिल हैं, जो रोज़ी-रोटी के लिए यहां काम कर रहे थे। घटना के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए डभरा थाने में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल सहित 8 से 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के अनुसार, शुरुआती जांच में प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। औद्योगिक सुरक्षा विभाग की जांच में सामने आया कि बॉयलर फर्नेस के अंदर अत्यधिक मात्रा में फ्यूल जमा हो गया था, जिससे अचानक अत्यधिक दबाव बना। यह दबाव 1 से 2 सेकेंड के भीतर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया, जिससे बॉयलर के निचले हिस्से का पाइप अपनी स्थिति से हट गया और विस्फोट हो गया। 14 अप्रैल को दोपहर 2:33 बजे यह हादसा हुआ, जब 2028 टीपीएच क्षमता वाले वाटर ट्यूब बॉयलर में अचानक प्रेशर बढ़ा। इतनी तेज़ी से दबाव बढ़ा कि सिस्टम को बंद करने या किसी भी आपात नियंत्रण का समय ही नहीं मिला। परिणामस्वरूप अंदर विस्फोट हुआ और बाहरी पाइपलाइन भी इसकी चपेट में आ गई।

नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विकास कार्य को गति देने प्रशासन कर रही है प्रयास - कलेक्टर

नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विकास कार्य को गति देने प्रशासन कर रही है प्रयास - कलेक्टर

 जगदलपुर। बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड के सुदूर अंचल स्थित पॉवेल गांव में कलेक्टर आकाश छिकारा ने गुरुवार को चैपाल लगाकर ग्रामीणों के साथ संवाद किया। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में स्थित इस गांव तक पहुंचने के लिए कलेक्टर श्री छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन ने दंतेवाड़ा जिले के बारसूर होकर पहुंचे। चौपाल के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन की प्राथमिकता में पूरा बस्तर संभाग है, नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विकास कार्य को गति देने के लिए प्रशासन हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से स्वस्थ बस्तर अभियान का क्रियान्वयन में आवश्यक सहयोग कर योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

कलेक्टर ने आगामी तीन माह के राशन की व्यवस्था गांव में करवाने के निर्देश दिए। आगामी दिनों में राशन सामग्री वितरण के लिए शासकीय राशन दुकान हेतु भवन निर्माण की स्वीकृति दी ताकि उसी से हितग्राहियों को गांव में राशन सामग्री उपलब्ध हो। उन्होंने ग्रामीणों को वन अधिकार पट्टा, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, महतारी वंदन योजना और मातृ वंदन योजना सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही पशुपालन और मत्स्यपालन विभाग की योजनाओं से लाभ लेने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया। इसके साथ ही राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए, आधार कार्ड निर्माण, सामाजिक पेंशन की स्थिति, महतारी वंदन योजना, मातृत्व वंदन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्राथमिक शाला में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना, बैंकिंग सुविधा, मनरेगा जॉब कार्ड की स्थिति, स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय बनाने, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।

पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने कहा कि पूर्व में असामाजिक तत्वों के कारण विकास से दूर रहे क्षेत्रों में प्रशासन की पहुंच ही विकास को बढ़ावा दे रही है। गांव के युवाओं को पूरी शिक्षा दिलवायें ताकि युवा अपने भविष्य को बेहतर कर सकें। पुलिस से किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो नजदीकी थाने में जाकर संपर्क कर सकते हैं। पुलिस विभाग ने पुलिस भर्ती के प्रशिक्षण की व्यवस्था बनाई है। युवा जो रोजगार की तलाश में हैं वे इसका लाभ ले सकते हैं ।

स अवसर पर अधिकारियों ने 56 नए राशन कार्ड, आधार कार्ड और वन अधिकार मान्यता पत्र का वितरण किया। साथ ही बच्चों को चॉकलेट, बिस्किट, टिफिन बॉक्स और पानी की बोतल वितरित की। पॉवेल चैपाल में सहायक कलेक्टर विपिन दुबे, लोहंडीगुड़ा एसडीएम नीतीश वर्मा, तहसीलदार कैलाश पोयाम, जनपद सीईओ धनेश्वर पांडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

RAIPUR :- नवभारत चौक कंकाली पारा में ट्रांसफार्मर में लगी आग, इलाके में मची अफरा-तफरी

RAIPUR :- नवभारत चौक कंकाली पारा में ट्रांसफार्मर में लगी आग, इलाके में मची अफरा-तफरी

  रायपुर।  के नवभारत चौक स्थित कंकाली पारा इलाके में ट्रांसफार्मर में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकल आए।

सूचना मिलते ही बिजली विभाग और दमकल टीम मौके पर पहुंची। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

घटना के बाद इलाके की बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए प्रभावित रही। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की बताई जा रही है।

वेदांता प्लांट हादसा; कैबिनेट मंत्री देवांगन ने घायलों का जाना हालचाल, बेहतर उपचार के दिए निर्देश

वेदांता प्लांट हादसा; कैबिनेट मंत्री देवांगन ने घायलों का जाना हालचाल, बेहतर उपचार के दिए निर्देश

 रायपुर :- छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग, श्रम,आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने आज गुरुवार को रायगढ़ जिले के शासकीय एवं निजी अस्पतालों का दौरा कर सिंघीतराई वेदांता प्लांट हादसे में घायल श्रमिकों का हालचाल जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि सभी घायलों को सर्वोत्तम एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी भी ली। उपचार-रत श्रमिकों ने मिल रहे उपचार के प्रति संतोष व्यक्त किया। मंत्री देवांगन आज रायगढ़ जिले के एक दिवसीय प्रवास पर रहे।

श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में 14 अप्रैल को भीषण हादसा हुआ था, जिसमें कई श्रमिक प्रभावित हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया था। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया। घायलों को प्राथमिकता के साथ रायगढ़ के फोर्टिस हॉस्पिटल,मेट्रो, मेडिकल कॉलेज एवं अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहीं गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु रायपुर के कालड़ा अस्पताल रिफर किया गया।

मुख्यमंत्री द्वारा भी स्वयं इस घटना गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पूरे घटना क्रम की मजिट्रियल जांच के निर्देश दिए है। जांच में जो भी दोषी होंगे उन पर श्रम कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 20 की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 16 घायल हैं और उनका उपचार जारी है। मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। वहीं प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है।

इधर, कंपनी प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। कंपनी द्वारा मृतक श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग, तथा घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन जारी रखा जाएगा और काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

CG ASI suspended : शहर के इस थाने में गुंडागर्दी; एएसआई ने फरियादी को जड़े 20 थप्पड़, जानिए फिर क्या हुआ?

CG ASI suspended : शहर के इस थाने में गुंडागर्दी; एएसआई ने फरियादी को जड़े 20 थप्पड़, जानिए फिर क्या हुआ?

  ​बिलासपुर। जिले के रतनपुर थाने से खाकी को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। जहाँ इंसाफ की उम्मीद लेकर थाने पहुंचे एक फरियादी के साथ पुलिस के ही एक एएसआई ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उसकी बेरहमी से पिटाई भी कर दी। एएसआई की इस दबंगई का खामियाजा अब उसे भुगतना पड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इतना ही नहीं, विभाग ने सख्त संदेश देते हुए आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ उसी थाने में एफआईआर भी दर्ज कर ली है जहाँ वह तैनात था। आइए देखते हैं आखिर क्या था यह पूरा मामला।

​घटना 12 अप्रैल की है, जब रतनपुर के बनियापारा निवासी विनोद जायसवाल अपने एक पुराने केस की जांच रिपोर्ट और प्रगति की जानकारी लेने के लिए थाने पहुंचे थे। दोपहर के वक्त जब उनकी मुलाकात एएसआई दिनेश तिवारी से हुई और उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने की बात कही, तो एएसआई अचानक भड़क उठा। आरोप है कि एएसआई दिनेश तिवारी ने अपना मानसिक संतुलन खोते हुए फरियादी विनोद जायसवाल को मां-बहन की भद्दी गालियां दीं और देखते ही देखते उन्हें 15 से 20 थप्पड़ जड़ दिए।

इस दौरान एएसआई ने सरेआम धमकी दी कि वह उसकी ‘नेतागिरी’ निकाल देगा और उसे जेल भिजवा देगा। मारपीट की यह घटना थाने के भीतर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों के सामने हुई, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। पीड़ित का दावा है कि मारपीट इतनी जोरदार थी कि उनके कान सुन्न हो गए हैं और उन्हें सिर में तेज दर्द के साथ सुनने में भी तकलीफ हो रही है।

​इस शर्मनाक घटना की जानकारी जैसे ही थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन को मिली, उन्होंने तुरंत इसकी रिपोर्ट वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को सौंपी। एसएसपी ने मामले को अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद आरोपी एएसआई दिनेश तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया। विभागीय सूत्रों की मानें तो एएसआई पर पहले भी लेन-देन के आरोप लगते रहे हैं।

फिलहाल, पीड़ित की शिकायत के आधार पर रतनपुर थाने में ही आरोपी एएसआई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही हैं। यह कार्रवाई उन पुलिसकर्मियों के लिए एक कड़ा सबक है जो वर्दी के रसूख में जनता के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस मामले में और क्या नए तथ्य सामने आते हैं और दोषी पुलिसकर्मी पर क्या कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। 

 हाथी के हमले से युवक की दर्दनाक मौत, क्षत-विक्षत लाश देख दहशत में लोग

हाथी के हमले से युवक की दर्दनाक मौत, क्षत-विक्षत लाश देख दहशत में लोग

  सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां जंगली हाथी के हमले में एक युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हाथी ने युवक को पटककर कुचल दिया, जिससे उसका शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया।

 
मृतक की पहचान 28 वर्षीय केशव के रूप में हुई है, जो कोटबहरा गांव का निवासी था। जानकारी के अनुसार, केशव काम करके वापस अपने घर लौट रहा था, तभी रास्ते में हाथी के हमले का शिकार हो गया। युवक की क्षत विक्षत शव देख ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना वन परिक्षेत्र सूरजपुर के कोटबहरा जंगल की बताई जा रही है।गौरतलब है कि इन दिनों वन मंडल सूरजपुर के प्रतापपुर और सूरजपुर वन परिक्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से जंगल और हाथियों के मूवमेंट वाले इलाकों में सतर्क रहने की अपील की है।
जांच में वेदांता की घोर लापरवाही आई सामने, उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी से हुआ हादसा, सिस्टम ने दी थी चेतावनी

जांच में वेदांता की घोर लापरवाही आई सामने, उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी से हुआ हादसा, सिस्टम ने दी थी चेतावनी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले में 14 अप्रैल को वेदांता पावर प्लांट में हुए ब्लास्ट ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिए। जिसमें करीब 20 लोगों की मौत हो गई। तो कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद सरकार ने जांच के निर्देश दिए। जिसमें औद्योगिक सुरक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा सामान्य औद्योगिक दुर्घटना नहीं, बल्कि उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम था।

बॉयलर निरीक्षक उज्जवल गुप्ता और उनकी टीम ने बुधवार को करीब छह घंटे तक घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच में पाया  कि प्लांट में महज एक घंटे के भीतर उत्पादन क्षमता को 350 मेगावाट से दोगुना करने का प्रयास किया गया। इस दौरान सिस्टम ने चेतावनी भी दी थी, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, अचानक लोड बढ़ाने के कारण फर्नेस में ब्लास्ट हुआ, जिसकी चपेट में बॉयलर की ट्यूब पाइप आ गईं। इसी वजह से यह गंभीर हादसा हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाता, तो इस घटना को टाला जा सकता था। जांच पूरी होने के बाद यह रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक प्रफुल ठाकुर को सौंप दी गई है। अब इसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएगी।वहीं इस हादसे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। यह घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

Teacher Bharti 2026 : छत्तीसगढ़ में 2292 सहायक शिक्षकों की भर्ती शुरू, नोट कर लें परीक्षा की डेट… जानिए सबकुछ

Teacher Bharti 2026 : छत्तीसगढ़ में 2292 सहायक शिक्षकों की भर्ती शुरू, नोट कर लें परीक्षा की डेट… जानिए सबकुछ

 रायपुर, 16 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत कुल 5000 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। इसी क्रम में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक के 2292 पदों पर भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया जा रहा है। इन पदों में से 795 पद ई-संवर्ग की शालाओं तथा 1497 पद टी-संवर्ग की शालाओं में भरे जाएंगे। उक्त पदों के लिए आवश्यक शैक्षणिक अर्हता, आयु सीमा एवं अन्य शर्तें विस्तृत विज्ञापन में उल्लिखित रहेंगी।

लोक शिक्षण संचालनालय के उपसंचालक अशोक नारायण बंजारा ने बताया कि विस्तृत विज्ञापन छत्तीसगढ़ व्यापम की वेबसाइट https://vyapamcg.cgstate.gov.in/ एवं स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://eduportal.cg.nic.in पर जारी किया जाएगा तथा भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम भी व्यापम की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इन पदों हेतु लिखित भर्ती परीक्षा  का आयोजन छत्तीसगढ़ व्यापम द्वारा किया जाएगा, जिसकी संभावित तिथि 11 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन आवेदन भरने की तिथि संबंधी जानकारी व्यापम द्वारा पृथक से जारी की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप व्याख्याता एवं शिक्षक के पदों पर भर्ती हेतु पृथक से विज्ञापन भी जारी किए जाएंगे 

वेदांता प्लांट हादसा; कैबिनेट मंत्री देवांगन ने घायलों का जाना हालचाल, बेहतर उपचार के दिए निर्देश

वेदांता प्लांट हादसा; कैबिनेट मंत्री देवांगन ने घायलों का जाना हालचाल, बेहतर उपचार के दिए निर्देश

 रायपुर-  छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग, श्रम,आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने आज गुरुवार को रायगढ़ जिले के शासकीय एवं निजी अस्पतालों का दौरा कर सिंघीतराई वेदांता प्लांट हादसे में घायल श्रमिकों का हालचाल जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि सभी घायलों को सर्वोत्तम एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी भी ली। उपचार-रत श्रमिकों ने मिल रहे उपचार के प्रति संतोष व्यक्त किया। मंत्री देवांगन आज रायगढ़ जिले के एक दिवसीय प्रवास पर रहे।

श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में 14 अप्रैल को भीषण हादसा हुआ था, जिसमें कई श्रमिक प्रभावित हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया था। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया। घायलों को प्राथमिकता के साथ रायगढ़ के फोर्टिस हॉस्पिटल,मेट्रो, मेडिकल कॉलेज एवं अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहीं गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु रायपुर के कालड़ा अस्पताल रिफर किया गया।

मुख्यमंत्री द्वारा भी स्वयं इस घटना गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पूरे घटना क्रम की मजिट्रियल जांच के निर्देश दिए है। जांच में जो भी दोषी होंगे उन पर श्रम कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 20 की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 16 घायल हैं और उनका उपचार जारी है। मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। वहीं प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है।

इधर, कंपनी प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। कंपनी द्वारा मृतक श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग, तथा घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन जारी रखा जाएगा और काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

BREAKING : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच राज्य सरकार का बड़ा फैसला : 20 अप्रैल से 15 जून तक बंद रहेंगे सभी स्कूल

BREAKING : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच राज्य सरकार का बड़ा फैसला : 20 अप्रैल से 15 जून तक बंद रहेंगे सभी स्कूल

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में अप्रैल महीने के साथ ही भीषण गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ स्कूली बच्चों पर भी इसका असर साफ देखने को मिल रहा है। राजधानी रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग समेत कई जिलों में तेज धूप और लू जैसी स्थिति बनने लगी है। बढ़ती गर्मी और जानलेवा लू को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रदेश के सभी स्कूलों में समय से पहले ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है।

बढ़ती गर्मी को देखते हुए साय सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक सभी कक्षाओं का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। सरकार के इस फैसले से जहां छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है, वहीं प्रशासन ने लोगों से दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और सावधानी बरतने की अपील भी की है।

बीते कुछ दिनों में स्कूलों में बच्चों की तबीयत बिगड़ने की शिकायतें सामने आने के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि अप्रैल माह में ही बढ़ते तापमान और भीषण लू की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में शासन द्वारा सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में दिनांक 01 मई 2026 से 15 जून 2026 तक घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन करते हुए अब दिनांक 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश प्रदेश के समस्त शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त एवं अशासकीय शालाओं पर लागू होगा।

टिंबर मार्केट में लगी भीषण आग, प्लाईवुड सहित लाखों का सामान जलकर खाक

टिंबर मार्केट में लगी भीषण आग, प्लाईवुड सहित लाखों का सामान जलकर खाक

 रायपुर। फाफाडीह स्थित टिंबर मार्केट के पायनियर मार्केटिंग के कैलाश टिंबर गोदाम में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से गोदाम में रखे लकड़ी और लेमिनेटेड प्लाईवुड सहित लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। फिलहाल पुलिस मामले मामले की जांच में जुट गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 6 से अधिक गाडिय़ां मौके पर पहुंचीं। उसके बाद तड़के तक गाडिय़ां आती जाती रहीं। गुरुवार दोपहर तक आग बुझाने का काम जारी रहा। इसमें डेढ़ दर्जन गाडिय़ां इस्तेमाल की गई। निगम के टैंकरों से भी पानी मंगवाया गया। आग से गोदाम में रखा प्लाईवुड सहित लाखों रुपए का सामान जलकर खाक हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

उधना-सांतरागाछी के बीच तीन-तीन फेरो के लिए कल से चलेगी स्पेशल ट्रेन

उधना-सांतरागाछी के बीच तीन-तीन फेरो के लिए कल से चलेगी स्पेशल ट्रेन

 रायपुर-बिलासपुर। रेलवे ने उधना-सांतरागाछी-उधना के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह विशेष ट्रेन 3-3 फेरे लगाएगी, जिससे यात्रियों को कंफर्म बर्थ और आरामदायक यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।

रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 09073 उधना-सांतरागाछी स्पेशल ट्रेन 17, 22 और 24 अप्रैल को उधना से रवाना होगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 09074 सांतरागाछी-उधना स्पेशल ट्रेन 19, 24 और 26 अप्रैल 2026 को सांतरागाछी से चलेगी।

इस स्पेशल ट्रेन का ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों गोंदिया, दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर में दिया गया है। उधना से चलने वाली ट्रेन सुबह 11:25 बजे रवाना होकर अगले दिन तड़के गोंदिया (02:30 बजे), दुर्ग (05:03 बजे), रायपुर (05:43 बजे) और बिलासपुर (07:30 बजे) पहुंचेगी। इसके बाद यह ट्रेन रात 9:00 बजे सांतरागाछी पहुंचेगी।

वहीं, वापसी में सांतरागाछी से ट्रेन रात 12:05 बजे रवाना होकर दोपहर 12:00 बजे बिलासपुर पहुंचेगी। इसके बाद रायपुर, दुर्ग और गोंदिया होते हुए अगले दिन सुबह 10:00 बजे उधना पहुंचेगी।
इस स्पेशल ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें 2 लगेज-सह-दिव्यांग कोच, 1 पेंट्रीकार, 11 सामान्य कोच और 8 स्लीपर कोच शामिल हैं। मार्ग में ये गाडिय़ां नंदूरबार, भुसावल, बडनेरा, नागपुर, गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, टाटानगर और खडग़पुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर भी दोनों दिशाओं में रुकेंगी।

छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना की शुरूआत, अब नागरिक खुद भर सकेंगे अपनी जानकारी

छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना की शुरूआत, अब नागरिक खुद भर सकेंगे अपनी जानकारी

 00 मुख्य सचिव विकासशील ने भी स्व-गणना के तहत अपनी जानकारी दर्ज की

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के तारतम्य में 16 से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया की शुरूआत हुई है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव  विकासशील ने स्व-गणना के तहत स्वयं अपनी जानकारी दर्ज की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह  मनोज कुमार पिंगुआ, छत्तीसगढ़ जनगणना निदेशक  कार्तिकेय गोयल सहित जनगणना निदेशालय के अधिकारी भी मौजूद थे।

मुख्य सचिव श्री विकासशील


मुख्य सचिव ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी जानकारी स्वयं भरकर जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं। राज्य में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर दिया गया है। आज अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने भी स्व-जनगणना के तहत अपनी जानकारी पोर्टल पर जानकारी दर्ज की। स्व-गणना के लिए 
https://se.census.gov.in/ पोर्टल पर जाकर आसानी से विवरण भरा जा सकता है।

जनगणना 2027


मुख्य सचिव ने कहा है कि यह पहल जनगणना प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और अधिक विश्वनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लोग अपनी सही और पूरी जानकारी स्वयं साझा कर सकेंगे। स्व-गणना अवधि समाप्त होने के बाद, 1 मई से 30 मई तक जनगणना टीम घर-घर जाकर लोगों से जानकारी एकत्रित करेगी। प्रगणक घर-घर आकर जानकारी दर्ज करेंगे। हर मकान की जानकारी दर्ज की जाएगी। घर की स्थिति, सुविधाएं और मूलभूत जानकारी संकलित की जाएगी। जिन्होंने स्व-गणना के तहत जानकारी दर्ज की है वे जनगणना प्रगणकों के घर आने पर उनसे स्श्व ढ्ढष्ठ जरूर साझा करें। यदि कोई स्व-गणना नहीं कर पाते है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। छत्तीसगढ़ राज्य में 1 मई से 30 मई 2026 तक की अवधि में प्रगणक आपके घर आकर जानकारी अवश्य दर्ज करेंगे। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जनगणना निदेशालय के संयुक्त संचालक श्री प्रदीप साव सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है जनगणना : मुख्यमंत्री साय

देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है जनगणना : मुख्यमंत्री साय

 00 मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर राज्य स्तरीय अभियान का किया शुभारंभ

00 जनगणना के महाभियान में नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील

00 जनगणना के सटीक आंकड़े आगामी वर्षों की योजनाएं तैयार करने में होती है मददगार

रायपुर । मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर जनगणना अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर नागरिकों को इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत में विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान संचालित हो रहा है और छत्तीसगढ़ में भी आज से ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना को आधुनिक और डिजिटल स्वरूप दिया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ हो सके।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार आने वाले वर्षों की योजनाएं तैयार करती है, ताकि विकास का लाभ हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 मई 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा। 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर आवासीय और गैर-आवासीय भवनों, उनकी स्थिति, उपयोग तथा बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, इंटरनेट और संचार व्यवस्था से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे।

उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि जब भी प्रगणक घर आएं, तो उन्हें सही, स्पष्ट और पूर्ण जानकारी दें, क्योंकि प्रत्येक जानकारी राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूर्णत: गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प को साकार करने में जनगणना की महत्वपूर्ण भूमिका है। सही आंकड़े ही बेहतर योजना और प्रभावी विकास की नींव रखते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस महाअभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाने और सक्रिय सहयोग देने की अपील की।

इस दौरान अपर मुख्य सचिव तथा जनगणना के नोडल श्री मनोज कुमार पिंगुआ, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, संचालक जनगणना श्री कार्तिकेय गोयल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

अब हथियार नहीं, हुनर से बदल रही पुनर्वासितों की जिंदगी, इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में दिया जा रहा प्रशिक्षण

अब हथियार नहीं, हुनर से बदल रही पुनर्वासितों की जिंदगी, इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में दिया जा रहा प्रशिक्षण

 रायपुर। कोंडागांव जिले में राज्य शासन की पुनर्वास नीति से पुनर्वासित व्यक्तियों की जिंदगी को नई दिशा मिल रही है। कभी हिंसा के रास्ते पर भटके युवा अब मुख्यधारा में लौटकर कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

इसी क्रम में ग्राम कुधुर के तुलसी राम, रजमन एवं गोबरू वर्तमान में जिले में संचालित पुनर्वास केन्द्र में रहकर लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। तुलसी राम कश्यप ने बताया कि पूर्व में क्षेत्र में भय और असुरक्षा के माहौल के कारण वे संगठन से जुड़ गए थे, किन्तु राज्य शासन की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। वर्तमान में वे पुनर्वास केन्द्र में रहकर कौशल उन्नयन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में वायरिंग का दो माह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें लगभग 15 दिवस का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। प्रशिक्षण उपरांत वे अपने क्षेत्र में ही स्वरोजगार के रूप में वायरिंग कार्य प्रारंभ करने की योजना बना रहे हैं। इसी प्रकार रजमन एवं गोबरू ने भी पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। वर्तमान में वे भी इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद वे अपने गांव में स्वरोजगार स्थापित कर आय अर्जित करेंगे एवं अपने परिवार का भरण-पोषण करेंगे।

अब हथियार नहीं, हुनर से बदल रही पुनर्वासितों की जिंदगी


तीनों युवाओं ने राज्य शासन की पुनर्वास नीति के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से उन्हें नया जीवन प्रारंभ करने का अवसर मिला है। पहले जहां भय एवं अस्थिरता का माहौल था, वहीं अब वे सुरक्षित वातावरण में प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने भविष्य के प्रति आश्वस्त हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा संचालित पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें कौशल विकास, रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा संचालित पुनर्वास केन्द्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जहां पूर्व में भटके हुए युवाओं को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में पुन: स्थापित किया जा रहा है।

CG : 1 मई से शुरू होगा सुशासन तिहार, सीएम साय ने कलेक्टरों को दिए बड़े निर्देश

CG : 1 मई से शुरू होगा सुशासन तिहार, सीएम साय ने कलेक्टरों को दिए बड़े निर्देश

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर में 1 मई से शुरू होने जा रहे ‘सुशासन तिहार’ को लेकर सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर जन शिकायतों के त्वरित समाधान और जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए बड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में जन समस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे, जहां आम लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह पर और नगरीय क्षेत्रों में वार्डों के क्लस्टर के आधार पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। साथ ही शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण कर हर आवेदक को सूचना देना अनिवार्य होगा।

सुशासन तिहार के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में शामिल होंगे। इसके साथ प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। अधिकारियों से योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली जाएगी और जनता से सीधे संवाद कर फीडबैक भी लिया जाएगा।

शिविरों के बाद जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक होगी, जिसमें प्राप्त आवेदनों के निराकरण, विकास कार्यों की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। राज्य स्तर से समीक्षा के लिए अलग से बिंदुवार पत्रक भी भेजे जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को 30 अप्रैल तक कई लंबित मामलों के समाधान के निर्देश भी दिए हैं। इनमें भूमि संबंधी प्रकरण, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, मनरेगा मजदूरी भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली शिकायतें, हैंडपंप सुधार, उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना शामिल है।

राशन वितरण में गड़बड़ी, जिले की तीन उचित मूल्य दुकानों के संचालकों पर FIR दर्ज

राशन वितरण में गड़बड़ी, जिले की तीन उचित मूल्य दुकानों के संचालकों पर FIR दर्ज

 कोरबा :- कोरबा जिले में राशन वितरण कार्य में अनियमितता को लेकर प्राप्त शिकायतों पर प्रशासन ने गंभीरता से कार्रवाई करते हुए कई उचित मूल्य दुकानों के संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। शिकायतों पर खाद्य विभाग द्वारा जांच कराई गई। जांच में ग्राम पंचायत कोरकोमा, खोड्डल एवं पटपरा की शासकीय उचित मूल्य दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जिन शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में अनियमितताएं पाई गई है उन संचालकों के विरूद्ध प्रथम सूचना प्रतिवेदन दर्ज कराया गया है।

कोरकोमा स्थित दुकान में संचालक संस्था द्वारा लगभग 197.45 क्विंटल चावल एवं 22.82 क्विंटल नमक का व्यपवर्तन किया जाना सामने आया है। साथ ही लगभग 435 राशन कार्डधारियों को निर्धारित अवधि में राशन वितरण नहीं किया गया। इस मामले में संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रकरण दर्ज किया गया है।

इसी प्रकार खोड्डल की उचित मूल्य दुकान में 334.98 क्विंटल चावल एवं 6 क्विंटल शक्कर के व्यपवर्तन का मामला सामने आया है। यहां दुकान का नियमित संचालन नहीं होने एवं सीमित दिनों में ही वितरण किए जाने की शिकायतें भी सही पाई गईं। इस पर छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

वहीं पटपरा (विकासखंड पाली) की दुकान में भी गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जांच में पाया गया कि लगभग 422 हितग्राहियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण होने के बावजूद उन्हें राशन वितरित नहीं किया गया। इस प्रकरण में संचालकों के विरुद्ध थाना पाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है । विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि मार्च 2026 में भंडारण में विलंब एवं एई-पीडीएस सर्वर मेंटेनेंस के कारण कुछ स्थानों पर समय पर वितरण प्रभावित हुआ। 

खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवितरित राशन के वितरण के लिए अप्रैल माह में आवश्यक प्रावधान किए जा रहे हैं तथा बैकलॉग वितरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने कहा है कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Train Cancelled: ये ट्रेनें रहेंगी कैंसिल, निर्माण कार्य के चलते रेलवे ने जारी किया बड़ा आदेश

Train Cancelled: ये ट्रेनें रहेंगी कैंसिल, निर्माण कार्य के चलते रेलवे ने जारी किया बड़ा आदेश

 रायपुर। Train Cancelled: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में निपनिया-भाटापारा सेक्शन पर अंडरब्रिज निर्माण और तीसरी-चौथी लाइन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्य के कारण 17 और 19 अप्रैल को चार ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने बताया कि ट्रैफिक सह पावर ब्लॉक लेने की वजह से यह फैसला लिया गया है।

रद्द ट्रेनों में गाड़ी संख्या 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर, गाड़ी संख्या 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर तथा गाड़ी संख्या 68861/68862 गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया पैसेंजर शामिल हैं। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस जांचने और वैकल्पिक व्यवस्था करने की अपील की है।