CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |
नकली दवाओं के अवैध व्यापार पर खाद्य व औषधि विभाग की कार्यवाही

नकली दवाओं के अवैध व्यापार पर खाद्य व औषधि विभाग की कार्यवाही

 आमजन से अपील, केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर्स से ही करें दवाओं की खरीदी

रायपुर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा राज्य में नकली दवाओं के अवैध व्यापार के विरुद्ध सतत अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कुछ माह पूर्व नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट, गोगाँव से नकली दवाओं की जप्ती के प्रकरण में एक बड़ी कार्यवाही की गई थी। जांच के दौरान इस संगठित सप्लाई चेन में संलिप्त आरोपियों—रोचक अग्रवाल (बिजरासन मेडिकोज, इंदौर), सुरेंद्र कामनानी (प्रेम प्रकाश एजेंसी, भाटापारा) एवं खेमराज बानी (सरस्वती मेडिकल स्टोर, सारंगढ़) की भूमिका सामने आई, जिन्हें रायपुर में कल सोमवार को गिरफ्तार किया गया।

उक्त प्रकरण की कड़ी में सरस्वती मेडिकल स्टोर, सारंगढ़ में दिसंबर माह में विभाग द्वारा विस्तृत जांच एवं जब्ती की कार्यवाही की गई थी । निरीक्षण के दौरान संदिग्ध एवं नकली औषधियों के भंडारण एवं वितरण से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए थे, जिन्हें विधिवत जप्त कर जांच में सम्मिलित किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तथा इस अवैध व्यापार के अन्य राज्यों से जुड़े होने की संभावना के आधार पर विभागीय टीम द्वारा अंतरराज्यीय जांच एवं विवेचना भी की गई। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर संबंधित आरोपियों एवं नेटवर्क की भूमिका का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है।

वर्तमान में प्रकरण में नियमानुसार अभियोजन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। विभाग द्वारा प्रकरण से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं संस्थानों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की जाती है कि वे दवाओं की खरीद केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर्स से ही करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना विभाग को दें। नकली दवाओं के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त कार्यवाही भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।

संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प: समरसता भोज में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प: समरसता भोज में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है और समरसता उसकी सबसे बड़ी शक्ति - साय
रायपुर।
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शंकरनगर स्थित दुर्गा मैदान में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समरसता भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जनप्रतिनिधियों और आमजन के साथ बैठकर भोजन किया तथा स्वयं लोगों को भोजन परोसकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है और समरसता उसकी सबसे बड़ी शक्ति - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसके संविधान का निर्माण करने का गौरव बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह संविधान देश के 140 करोड़ नागरिकों को समानता, अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का आधार प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने दृढ़ संकल्प और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर उच्चतम स्थान प्राप्त किया और समाज के वंचित, शोषित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने नारी शिक्षा और सम्मान के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले द्वारा प्रारंभ किए गए नारी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के अभियान को बाबा साहेब ने आगे बढ़ाया और उसे नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के जन्म, शिक्षा, दीक्षा, कार्य और समाधि स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में विकसित कर उन्हें सच्चा और स्थायी सम्मान दिया जा रहा है।संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है और समरसता उसकी सबसे बड़ी शक्ति - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समरसता का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढऩे की प्रेरणा देते हैं। समरसता भोज जैसे आयोजन सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री किरण सिंह देव ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने की मजबूत व्यवस्था दी। आज मुख्यमंत्री श्री साय और के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।
समरसता भोज कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

 

 

जिला अस्पताल कबीरधाम बना भरोसे का केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाओं में ऐतिहासिक सुधार

जिला अस्पताल कबीरधाम बना भरोसे का केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाओं में ऐतिहासिक सुधार

 उप मुख्यमंत्री शर्मा के नेतृत्व में कबीरधाम जिला अस्पताल ने बदली अपनी तस्वीर

 कबीरधाम जिला अस्पताल जिले सहित मध्यप्रदेश के डिंडोरी और मंडला जिलों के लोगों के लिए बना जीवन रेख 

रायपुर। कबीरधाम जिले का जिला अस्पताल अब केवल एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र नहीं, बल्कि आम जनता के विश्वास और बेहतर चिकित्सा सेवाओं का मजबूत प्रतीक बन चुका है। बीते कुछ वर्षों में यहां स्वास्थ्य सुविधाओं में जो उल्लेखनीय सुधार हुआ है, उसने न केवल जिले के लोगों का भरोसा बढ़ाया है, बल्कि निजी अस्पतालों के सामने भी एक सशक्त विकल्प के रूप में इसे स्थापित किया है। 

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के सतत प्रयास, उनके मार्गदर्शन और सक्रिय पहल से अस्पताल में संसाधनों का विस्तार, नई मशीनों की उपलब्धता और व्यवस्थाओं में सुधार संभव हो पाया है। वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2025 तक लगभग हर प्रमुख स्वास्थ्य सेवा में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो अस्पताल की कार्यप्रणाली, संसाधनों और सेवाओं की गुणवत्ता में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है।
ओपीडी और आईपीडी में रिकॉर्ड वृद्धि
जनवरी 2023 से दिसंबर 2023 तक ओपीडी में मरीजों की संख्या 1,19,557 रही, वहीं जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 1,64,712 तक पहुंच गई। यह लगभग 45 हजार से अधिक की वृद्धि है, जो इस बात का संकेत है कि लोग अब जिला अस्पताल की सेवाओं पर अधिक भरोसा जता रहे हैं। इसी तरह आईपीडी के आंकड़ों में भी वृद्धि देखने को मिली है। वर्ष 2023 में जहां 11,742 मरीज भर्ती हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 13,253 हो गई। यह दर्शाता है कि गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए भी लोग अब निजी अस्पतालों की बजाय जिला अस्पताल को प्राथमिकता दे रहे हैं।

प्रसव सेवाओं में भी आया सुधार
महिला एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में भी जिला अस्पताल ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2023 में जहां 3,001 प्रसव हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,925 हो गई। इससे प्रतीत होता है कि इसमें वृद्धि से अस्पताल में मातृत्व सेवाएं अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और सुविधाजनक बनी हैं।
सोनोग्राफी सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव
जिला अस्पताल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक सोनोग्राफी सेवाओं में हुआ सुधार है। वर्ष 2023 में जहां केवल 874 सोनोग्राफी हुई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 7,244 तक पहुंच गई। यह लगभग आठ गुना वृद्धि है, जो न केवल उपकरणों की उपलब्धता बल्कि विशेषज्ञ डॉक्टरों और तकनीशियनों की बेहतर व्यवस्था को भी दर्शाती है। यह उपलब्धि जिला अस्पताल के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई है।
एक्स-रे, सिटी स्कैन और लैब टेस्ट में भी तेजी
एक्स-रे सेवाओं के तहत 2023 में 9,865 एक्स-रे किए गए थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 13,920 हो गई। इससे स्पष्ट है कि डायग्नोस्टिक सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है। लैब टेस्ट के आंकड़े भी प्रभावशाली हैं। वर्ष 2023 में जहां 2,10,186 जांचें की गई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,62,113 हो गई। यह लगभग डेढ़ गुना वृद्धि है, साथ ही साथ जुलाई 25 से अब तक 1462 लोगों का सिटी स्कैन किया गया है। यह बताती है कि अस्पताल में आधुनिक जांच सुविधाएं और तेज सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मोतियाबिंद ऑपरेशन में भी वृद्धि
नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में भी जिला अस्पताल ने अपनी पकड़ मजबूत की है। वर्ष 2023 की तुलना में 2025 में मोतियाबिंद के ऑपरेशन 216 अधिक किए गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि नेत्र रोगियों को भी अब बेहतर और सुलभ उपचार मिल रहा है।
उप मुख्यमंत्री के सतत प्रयास से मिली बेहतर सुविधा
जिले के विधायक एवं राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों, उनके मार्गदर्शन और सक्रिय पहल से अस्पताल में संसाधनों का विस्तार, नई मशीनों की उपलब्धता और व्यवस्थाओं में सुधार संभव हो पाया है। उन्होंने न केवल अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दिया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले। उनकी प्राथमिकता में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सुधार हमेशा शीर्ष पर रहा है।
डॉक्टरों और कर्मचारियों की भूमिका
जिला अस्पताल के निष्ठावान डॉक्टरों और कर्मचारियों की मेहनत इस सफलता की कहानी का अहम हिस्सा है। संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया है। डॉक्टरों की तत्परता, नर्सिंग स्टाफ की देखभाल और अन्य कर्मचारियों की कार्यकुशलता ने मिलकर अस्पताल की छवि को पूरी तरह बदल दिया है। 
अस्पताल में बेहतर संसाधन उपलब्ध
जिला अस्पताल की बेहतर सेवाओं, आधुनिक उपकरणों और अनुभवी चिकित्सकों बेहतर संसाधन से नि:शुल्क बेहतर इलाज मिलने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत बनकर उभरा है। इससे न केवल लोगों की आर्थिक बचत हो रही है, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।
भविष्य की संभावनाएं
जिला अस्पताल कबीरधाम की यह सफलता सिर्फ आज तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए भी एक मजबूत नींव तैयार कर रही है। नई तकनीकों का उपयोग, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और मरीजों के लिए बेहतर सुविधाओं का विस्तार ये सभी कदम इस दिशा में बहुत महत्वपूर्ण हैं। जिला अस्पताल की प्रगति सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के भरोसे, बेहतर इलाज और कर्मचारियों की मेहनत की कहानी है। ओपीडी, आईपीडी, प्रसव, सोनोग्राफी, एक्स-रे, सीटी स्कैन, लैब जांच और ऑपरेशन हर क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। यह अस्पताल सिर्फ कबीरधाम जिले के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के डिंडोरी और मंडला जैसे सीमावर्ती इलाकों के लोगों के लिए भी जीवन रेखा बन गया है।

पिंकी सोनी का कच्चे मकान से सपनों के आशियाने का सफर

पिंकी सोनी का कच्चे मकान से सपनों के आशियाने का सफर

 रायपुर। अगर इरादे मजबूत हों और सुशासन का साथ मिले, तो बरसों पुराने सपने भी सच हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ है, बालोद जिले की रहने वाली श्रीमती पिंकी सोनी के साथ, जिन्होंने अपने जीवन के 20 साल एक कच्चे मकान की जद्दोजहद में बिता दिए। आज प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत उन्हें अपना पक्का घर मिल गया है। जहां वे अपने 03 बच्चों के साथ खुशी खुशी रहती है।

पिंकी सोनी बताती हैं कि पिछले दो दशकों से वे एक कच्चे मकान में रह रही थीं। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकना और तेज हवाओं में टीन की चादरें उड़ जाना उनके लिए हमेशा एक चुनौती थी। अपने पति के निधन के बाद, तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी और आर्थिक तंगी ने उनके लिए पक्का घर बनाना एक नामुमकिन सा सपना बना दिया था। वे खिलौने की दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं।

पिंकी ने बताया कि इस मुश्किल दौर में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी उनके लिए एक नई उम्मीद लेकर आई। उन्हें चार किस्तों में 02 लाख 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्राप्त हुई, जिससे उनका पक्का घर बनकर तैयार हुआ। इतना ही नहीं, गृह प्रवेश के लिए उन्हें गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत 32 हजार 850 रुपए की अतिरिक्त राशि भी प्रदान की गई, जिससे उन्होंने विधि-विधान से पूजा-पाठ कर अपने नए घर में कदम रखा। इसके साथ ही, उन्हें महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है, जिसकी राशि हर महीने सीधे उनके बैंक खाते में आती है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक संबल मिला है।

अपनी आंखों में खुशी के आंसू लिए पिंकी सोनी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरा अपना पक्का घर होगा। आज मेरा सपना साकार हो गया है। मैं सरकार को धन्यवाद देती हूँ जिन्होंने हमारी भी सुध ली।     

बिहान कैंटीन के व्यंजनों से महका जगदलपुर जनपद परिसर

बिहान कैंटीन के व्यंजनों से महका जगदलपुर जनपद परिसर

जगदलपुर। बस्तर जिले के जनपद पंचायत जगदलपुर में इन दिनों बिहान कैंटीन महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की एक नई इबारत लिख रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत स्थापित इस कैंटीन की कमान ग्राम पंडरीपानी-1 के श्री साईं महिला स्व सहायता समूह की पांच महिलाओं ने संभाल रखी है। सुमिता पटनायक (अध्यक्ष) और रीता पंडा (सचिव) के कुशल नेतृत्व में यह कैंटीन केवल दो माह के भीतर ही क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में सफल रही है। जनपद परिसर में स्थित इस कैंटीन का औपचारिक शुभारंभ 25 फरवरी 2026 को जनपद पंचायत जगदलपुर के अध्यक्ष पदलाम नाग के कर-कमलों द्वारा किया गया था।

स्वाद और गुणवत्ता के अनूठे संगम के कारण यह स्थान आज न केवल आम जनता, बल्कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की भी पहली पसंद बन गया है। यहाँ स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ दक्षिण भारतीय व्यंजनों की विस्तृत श्रृंखला किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है। कैंटीन की बढ़ती मांग का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब जनपद और जिला कार्यालयों में होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों के लिए भी चाय, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था इसी समूह के माध्यम से की जा रही है। 
आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह उपक्रम महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो रहा है। कैंटीन के शुरुआती सफर में ही फरवरी माह में 6,200 रुपये की आय हुई थी, जो मार्च माह में बढ़कर 18,320 रुपये तक पहुंच गई। अप्रैल माह के शुरुआती 10 दिनों में ही समूह ने 11,400 रुपये की आय अर्जित कर ली है, जिससे अब तक की कुल आय 35,920 रुपये हो चुकी है। यह सफलता महिलाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य महिलाओं के लिए उद्यमिता की एक नई प्रेरणा भी पेश कर रही है।

शक्ति वंदन अधिनियम: लाभार्थी से नीति-निर्माता तक नारी की निर्णायक यात्रा - मंत्री राजवाड़े

शक्ति वंदन अधिनियम: लाभार्थी से नीति-निर्माता तक नारी की निर्णायक यात्रा - मंत्री राजवाड़े

 00 मंत्री राजवाड़े के निर्देश पर जांच तेज

00 प्रबंध संचालक खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को पत्र जारी
रायपुर।
राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को वितरित की गई साड़ियों की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों पर छत्तीसगढ़ सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी गहन जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री राजवाड़े के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक ने छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक को पत्र जारी कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में साड़ी वितरण के लिए जारी किए गए क्रय आदेश के तहत कुछ जिलों से गुणवत्ता में कमी और निर्धारित मापदंडों में विचलन की शिकायतें प्राप्त हुई हैं

विभागीय स्तर पर गठित जांच समिति द्वारा किए गए परीक्षण में कुछ स्थानों पर मानकों से विचलन की पुष्टि भी हुई है। इसके बाद अब मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। संचालक महिला एवं बाल विकास द्वारा जारी पत्र में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर पर तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित कर साड़ियों की पुनः गुणवत्ता जांच कराएं। यदि जांच में मापदंडों से किसी प्रकार का विचलन पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसियों और आपूर्तिकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही, जिन स्थानों पर निम्न गुणवत्ता की साड़ियां वितरित हुई हैं, वहां उन्हें तत्काल वापस लेकर गुणवत्तापूर्ण नई साड़ियां उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ लोगों द्वारा इस मामले को लेकर भ्रामक एवं नकारात्मक प्रचार किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि शासन स्तर पर पूरे मामले को संज्ञान में लेकर पारदर्शी ढंग से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

हमारी जनगणना-हमारा विकास के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ तैयार

हमारी जनगणना-हमारा विकास के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ तैयार

 आलेख - रमेश जायभाये, उपनिदेशक, पत्र सूचना कार्यालय
क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर की छोटी-सी जानकारी—जैसे पानी, बिजली या परिवार के सदस्यों का विवरण—देश के विकास में कितना बड़ा योगदान दे सकती है? दरअसल, हर नागरिक की दी गई जानकारी मिलकर ही भारत के भविष्य की दिशा तय करती है।
इसी कड़ी में वर्ष 2027 की जनगणना एक खास पड़ाव बनने जा रही है। यह केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि बदलते भारत की एक नई कहानी है—एक ऐसी कहानी जिसमें हर नागरिक की भागीदारी है। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल अंदाज़ में होगी, जो इसे पहले की सभी जनगणनाओं से अलग और अधिक आधुनिक बनाती है। छत्तीसगढ़ में इस महाअभियान को लेकर तैयारियाँ तेज़ी से पूरी की जा रही हैं। वातावरण ऐसा है मानो कोई बड़ा जनउत्सव आने वाला हो—और वास्तव में, यह एक ऐसा अभियान है जिसमें हर व्यक्ति की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
कहानी शुरू होती है इतिहास से...
भारत में जनगणना की शुरुआत 1872 में हुई थी और 1881 से इसे पूरे देश में व्यवस्थित रूप से लागू किया गया। स्वतंत्रता के बाद 1951 में पहली जनगणना आयोजित हुई, जिसने देश के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई। अब वर्ष 2027 की जनगणना इस ऐतिहासिक यात्रा का आधुनिक रूप है। यह न केवल देश की वर्तमान स्थिति का आकलन करेगी, बल्कि भविष्य की योजनाओं की नींव भी तैयार करेगी। छत्तीसगढ़ में यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी—पहला चरण अप्रैल-मई 2026 में और दूसरा फरवरी-मार्च 2027 में आयोजित किया जाएगा। राज्य के लिए संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 (रात 12 बजे) निर्धारित की गई है, जिसके आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी।
अब आपकी बारी: खुद करें अपनी जनगणना!
इस बार जनगणना की सबसे रोचक और उपयोगी सुविधा है—स्व-गणना अब आप स्वयं अपने घर और परिवार की जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच वेबपोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। आपसे परिवार के सदस्यों की संख्या, उनकी आयु, शिक्षा, व्यवसाय और घर की सुविधाओं से जुड़े कुछ सरल प्रश्न पूछे जाएंगे। पूरी जानकारी भरने के बाद आपको एक एसई आईडी प्राप्त होगी। जब प्रगणक आपके घर आएंगे, तो केवल यह आईडी दिखानी होगी और आपकी जानकारी सत्यापित कर ली जाएगी—यानी बार-बार जानकारी देने की आवश्यकता नहीं होगी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जनगणना के दौरान किसी भी प्रकार के दस्तावेज़ दिखाने की आवश्यकता नहीं होती। आप जो जानकारी देंगे, वही दर्ज की जाएगी। स्व-गणना के प्रति लोगों का रुझान भी तेजी से बढ़ रहा है—देशभर में लाखों परिवार इस सुविधा का उपयोग कर चुके हैं, जो इस डिजिटल पहल की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
स्मार्ट तकनीक, सटीक आंकड़े और भरोसेमंद प्रक्रिया
इस बार जनगणना पूरी तरह तकनीक के सहारे संचालित होगी। प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा दर्ज करेंगे, जिससे काम तेज़ और अधिक सटीक होगा। साथ ही, आधुनिक जीआईएस आधारित डिजिटल मैपिंग का उपयोग कर हर क्षेत्र और गणना ब्लॉक को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जा रहा है, ताकि कोई भी घर या व्यक्ति छूट न जाए। डेटा के बेहतर प्रबंधन और निगरानी के लिए उन्नत डिजिटल सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहती है। एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में, इस बार जाति संबंधी आंकड़ों का भी समावेश किया जाएगा, जो दशकों बाद समाज की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करेगा।
जनगणना में समाज के हर वर्ग को शामिल करने का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसी के तहत बेघर व्यक्तियों की गणना भी अलग से, विशेष अभियान के माध्यम से की जाती है, ताकि कोई भी नागरिक इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।और जहाँ तक आपकी जानकारी की सुरक्षा का सवाल है—यह पूरी तरह गोपनीय रहती है। इसे किसी अन्य विभाग या एजेंसी के साथ साझा नहीं किया जाता।
छत्तीसगढ़ तैयार, अब आपकी भागीदारी जरूरी
छत्तीसगढ़ में इस अभियान के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियाँ की गई हैं। शहरों से लेकर गाँवों तक, हर क्षेत्र में जनगणना टीम सक्रिय रहेगी, ताकि कोई भी परिवार छूट न जाए। नागरिकों की सुविधा के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है, जहाँ किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता प्राप्त की जा सकती है। लेकिन इस पूरे अभियान की असली ताकत है—आपकी भागीदारी। जब आप सही जानकारी देते हैं, तो आप केवल एक फॉर्म नहीं भरते, बल्कि अपने क्षेत्र के विकास में योगदान देते हैं। आपकी दी गई जानकारी से ही तय होता है कि कहाँ नई सड़क बनेगी, कहाँ स्कूल खुलेगा और कहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत है।
आखिर में एक छोटी-सी बात...
जनगणना एक आईना है, जिसमें देश खुद को देखता है। इस बार यह आईना डिजिटल है—तेज़, सटीक और आधुनिक और इसमें जो तस्वीर दिखेगी, उसे बनाने में आपका भी योगदान होगा। तो आइए, इस जनगणना अभियान का हिस्सा बनें—स्व-गणना करें, सही जानकारी दें और देश के विकास की कहानी में अपनी भूमिका निभाएं।

नारी शक्ति की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र: अब नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व को नई ऊंचाई देने का समय - साय

नारी शक्ति की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र: अब नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व को नई ऊंचाई देने का समय - साय

 नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एकजुटता का आह्वान: मुख्यमंत्री साय ने सांसदों, विधायकों और महिला संगठनों को लिखा पत्र

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों, विधानसभा सदस्यों तथा महिला संगठनों को पत्र लिखकर सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण बताते हुए कहा है कि यह मातृशक्ति को लोकतांत्रिक संस्थाओं में समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सांसदों को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्ष 2023 में संसद द्वारा इस अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किए जाने को लोकतंत्र की एकजुटता और महिला सशक्तीकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे वर्ष 2029 के लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों से पूर्व इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के विषय में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि मातृशक्ति को उनका समुचित अधिकार शीघ्र प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया है कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के नेतृत्व में सशक्तीकरण का यह अभियान देश के समग्र विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपेक्षा की कि है कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में छत्तीसगढ़ की आवाज को सशक्त करें तथा इस विषय पर होने वाली चर्चा में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सकारात्मक वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें।

मुख्यमंत्री साय ने महिला संगठनों को लिखे अपने पत्र में महिला संगठनों के निरंतर प्रयासों और योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने उल्लेख किया कि 16 अप्रैल को संसद में होने वाली चर्चा केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। साथ ही यह लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं संवेदनशील बनाने का अवसर है।

मुख्यमंत्री साय ने उल्लेख किया कि यह सुखद संयोग है कि यह महत्वपूर्ण चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब छत्तीसगढ़ में महतारी गौरव वर्ष मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सदैव महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी इसका प्रमाण है। स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने तथा महतारी वंदन योजना और रानी दुर्गावती योजना जैसी पहल के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे 16 अप्रैल को होने वाली इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने-अपने मंचों से मुखर होकर आवाज बुलंद करें, ताकि महिला आरक्षण के पक्ष में देशव्यापी सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला संगठन केवल इस परिवर्तन के साक्षी ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण में भागीदार भी बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और महिला संगठनों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर महिला आरक्षण के समर्थन में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें और संसदीय चर्चा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से यह पहल न केवल सफल होगी बल्कि देश के लोकतंत्र के सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करेगी।

संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर 16 को चर्चा, ऐतिहासिक पहल - सीएम साय

संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर 16 को चर्चा, ऐतिहासिक पहल - सीएम साय

 रायपुर। मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए समर्पित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगामी 16 अप्रैल को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर महत्वपूर्ण चर्चा प्रस्तावित है। यह ऐतिहासिक पहल लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह अवसर और भी विशेष है, क्योंकि हमारी सरकार इस वर्ष को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मना रही है। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मातृशक्ति के सम्मान, स्वाभिमान और सशक्त भविष्य के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मैं प्रदेश की सभी महिला संगठनों, बहनों और मातृशक्तियों से आग्रह करता हूँ कि इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और सकारात्मक जनमत निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका निभाएँ।

आपकी आवाज़, आपका समर्थन देश के लोकतंत्र को और अधिक सशक्त एवं समावेशी बनाने की दिशा में दिशा में एक परिवर्तनकारी निर्णय को और मजबूती प्रदान करेगा। आइए, हम सब मिलकर इस ऐतिहासिक पहल को जनआंदोलन बनाएं।

BREAKING : वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट में बढ़ी मौतों की संख्या, 9 मजदूरों ने गवाई जान, कई घायल

BREAKING : वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट में बढ़ी मौतों की संख्या, 9 मजदूरों ने गवाई जान, कई घायल

 सक्ती : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया। हादसे में 5 मजदूरों की मौत हो गई है। SP प्रफुल्ल ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। वहीं 30 से 40 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना डभरा थाना क्षेत्र की है।

जानकारी के मुताबिक सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हर रोज की तरह सामान्य काम चल रहा था। इस दौरान अचानक दोपहर करीब 2 बजे बॉयलर ब्लास्ट हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और प्रशासन अधिकारी मौके पर पहुंचे। जानकारी के मुताबिक ट्यूब फटने से हादसा हुआ है।

1 घायलों को खरसिया के पद्मावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल में करीब 15 घायलों को लाया गया है, जहां 5 घायलों की मौत होने की खबर है।

बताया जा रहा है कि हादसे के समय प्लांट परिसर में बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के श्रमिक घबरा गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस हादसे में करीब 30 से 40 मजदूरों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

घटना के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट के बाद प्लांट परिसर में भगदड़ मच गई थी। कई मजदूर झुलस गए हैं, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। राहत टीम द्वारा घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने घटनास्थल को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी टीम को भी लगाया गया है। प्रारंभिक तौर पर बॉयलर फटने को हादसे की वजह माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल प्रशासन की ओर से घायलों के बेहतर इलाज और राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, आधिकारिक आंकड़ों और विस्तृत जानकारी का सभी को इंतजार।

 
 
स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्राओं ने किया थाने का भ्रमण:पुलिस कार्यप्रणाली और कानून की जानकारी दी गई

स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्राओं ने किया थाने का भ्रमण:पुलिस कार्यप्रणाली और कानून की जानकारी दी गई

 तिल्दा नेवरा। स्वामी आत्मानंद स्कूल तिल्दा नेवरा केछात्राओं ने पुलिस थाना का भ्रमण किया। इस दौरानछात्राओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली को भी समझा और बड़े होकर देश की सेवा करने की भी प्रेरणा ली। छात्राओं ने काउंटर से लेकर मालखाना,बंदी गृह , लॉकअप, कम्प्यूटर रूम, थाना प्रभारी रूम को देखा और हथियार, वायरलेस सिस्टम, पुलिस सुरक्षा कवच, एफआईआर लिखने सहित अन्य जानकारी ली। इस मौके पर थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी ने छात्राओं को पुलिस कर्तव्य के बारे में जानकारी दी और उनका मार्गदर्शन किया छात्राओं को गुड टच-बैड टच के बारे में बता कर जागरूक किया अनैतिक व्यापार अधिनियम के कानूनी प्रावधानों पुलिस थानों में संचालित महिला डेस्क, परिवार परामर्श केंद्र, ऊर्जा डेस्क व निर्भया पेट्रोलिंग की जानकारी दी। थाना प्रभारी ने बताया कि पाक्सो एक्ट के तहत नाबालिग बालिकाओं को व्यक्ति द्वारा घूरना, लगातार पीछा करना भी संज्ञेय अपराध है। इसकी रिपोर्ट थाने पर की जा सकती है माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बालक बालिकाओं व महिलाओं के साथ हिंसा के लिए दिए गए निर्देशों को भी बताया गया।

इस दौरान पुलिसकर्मियों ने छात्राओं के सवालों का जवाब देकर जिज्ञासाओं को शांत किया और थाने की विभिन्न कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए जागरूक किया। इसके अलावा ट्रैफिक नियम, महिला अधिकार समेत सुरक्षा के कई अधिकार एवं कर्तव्यों के बारे में जानकारी देते हुए छात्राओं से किसी के द्वारा भी प्रताड़ित किए जाने पर निर्भिक होकर स्कूल के सूचना बॉक्स में लिखकर देने की बात कही। प्राचार्य ने बताया स्कूली बच्चे पुलिस से मिलकर बेहद उत्साहित हैं । भ्रमण का आयोजन करने पर छात्राओं का मनोबल बढ़ता है व उनमें कुछ नया करने की जाग्रति पैदा होती है। इस मौके पर स्कूल के तोरण चक्रधारी एवं वेद प्रकाश साहू तथा स्टाफ ने भी पुलिस की जानकारियों को समझा।

राजधानी में नकली दवा कांड का खुलासा, स्थानीय मेडिकल स्टोर्स में खपाई जा रही थी दवाएं, 3 आरोपी गिरफ्तार

राजधानी में नकली दवा कांड का खुलासा, स्थानीय मेडिकल स्टोर्स में खपाई जा रही थी दवाएं, 3 आरोपी गिरफ्तार

 रायपुर। राजधानी रायपुर में नकली दवाओं के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया है कि नकली दवाएं इंदौर से सप्लाई होकर स्थानीय मेडिकल स्टोर्स के जरिए बाजार में खपाई जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों रोचक अग्रवाल, खेमराम बानी और सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। मामले में जांच के दौरान इंदौर, सारंगढ़ और भाठापारा तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है।

बताया जा रहा है कि, जनवरी महीने में ट्रांसपोर्ट के दौरान नकली दवाओं की एक बड़ी खेप पकड़ी गई थी, जिसके बाद ड्रग विभाग ने गहन जांच शुरू की। इसी जांच में पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ। मामले में लापरवाही सामने आने पर सहायक औषधि नियंत्रक संजय कुमार नेताम को सस्पेंड कर दिया गया है। इससे पहले एक रेस्टोरेंट में हुई संदिग्ध मीटिंग का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसने जांच को नई दिशा दी।

 कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है। इस खुलासे के बाद आम लोगों में चिंता का माहौल है, वहीं प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

CM साय का सांसदों-विधायकों, महिला संगठनों को पत्र : नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील

CM साय का सांसदों-विधायकों, महिला संगठनों को पत्र : नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील

 रायपुर, 14 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों, विधानसभा सदस्यों तथा महिला संगठनों को पत्र लिखकर सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण बताते हुए कहा है कि यह मातृशक्ति को लोकतांत्रिक संस्थाओं में समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सांसदों को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्ष 2023 में संसद द्वारा इस अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किए जाने को लोकतंत्र की एकजुटता और महिला सशक्तीकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे वर्ष 2029 के लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों से पूर्व इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के विषय में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि मातृशक्ति को उनका समुचित अधिकार शीघ्र प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया है कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘मातृशक्ति के नेतृत्व में सशक्तीकरण’ का यह अभियान देश के समग्र विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपेक्षा की कि है कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में छत्तीसगढ़ की आवाज को सशक्त करें तथा इस विषय पर होने वाली चर्चा में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सकारात्मक वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें।

मुख्यमंत्री साय ने महिला संगठनों को लिखे अपने पत्र में महिला संगठनों के निरंतर प्रयासों और योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने उल्लेख किया कि 16 अप्रैल को संसद में होने वाली चर्चा केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। साथ ही यह लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं संवेदनशील बनाने का अवसर है।

मुख्यमंत्री साय ने उल्लेख किया कि यह सुखद संयोग है कि यह महत्वपूर्ण चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब छत्तीसगढ़ में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सदैव महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी इसका प्रमाण है। स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने तथा ‘महतारी वंदन योजना’ और ‘रानी दुर्गावती योजना’ जैसी पहल के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे 16 अप्रैल को होने वाली इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने-अपने मंचों से मुखर होकर आवाज बुलंद करें, ताकि महिला आरक्षण के पक्ष में देशव्यापी सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला संगठन केवल इस परिवर्तन के साक्षी ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण में भागीदार भी बनेंगी।

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और महिला संगठनों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर महिला आरक्षण के समर्थन में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें और संसदीय चर्चा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से यह पहल न केवल सफल होगी बल्कि देश के लोकतंत्र के सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करेगी।

जनदर्शन में 179 आवेदन प्राप्त; मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के निर्देश पर अधिकांश का मौके पर निराकरण

जनदर्शन में 179 आवेदन प्राप्त; मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के निर्देश पर अधिकांश का मौके पर निराकरण

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब द्वारा आरंग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें सीधे मंत्री के समक्ष प्रस्तुत की।

जनदर्शन के दौरान कुल 179 आवेदन प्राप्त हुए, जो विभिन्न विभागों – जैसे पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, विद्युत व्यवस्था, राजस्व प्रकरण, सामाजिक योजनाएं एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित थे। गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पेयजल संकट से जुड़े मामलों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आरंग युवा शक्ति परिवार के प्रमुख विनोद साहू ने रायपुर से आरंग सिटी बस प्रारंभ करने की मांग की। जिस पर कैबिनेट मंत्री ने रायपुर से आरंग के लिए सिटी प्रारंभ करवाने का पूर्ण रूप से आश्वासन दिया।

 
डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन : सामाजिक न्याय, समानता और समरस समाज के निर्माण का लिया संकल्प

डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन : सामाजिक न्याय, समानता और समरस समाज के निर्माण का लिया संकल्प

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, विधायक रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके उत्थान के लिए समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि हम समाज में समरसता, न्याय और समानता के मूल्यों को सशक्त करें और अंतिम व्यक्ति तक विकास के लाभ सुनिश्चित करें।उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा एक न्यायपूर्ण, समरस और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

 
Road Accident : भीषण सड़क हादसा; ट्रक और डंपर की भिड़ंत में तीन लोगों की मौके पर मौत

Road Accident : भीषण सड़क हादसा; ट्रक और डंपर की भिड़ंत में तीन लोगों की मौके पर मौत

 Raipur Road Accident: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई है। पूरी घटना अभनपुर-राजिम मार्ग पर बजरंग पुर के पास की बताई जा रही है।

जिसमें एक तेज रफ्तार ट्रक और डंपर की आपस में जबरदस्त भिड़ंत से तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयानक था कि गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। घटना की सुचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया है।

ऐसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, हादसा देर रात गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र के बजरंग पुर के पास बन रहे टोल नाका का बताया जा रहा है। जहां एक तेज रफ्तार ट्रक और डंपर की आमने सामने की भिड़ंत में तीन लोगों की मौत हो गई। हालांकि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मृतकों की शिनाख्त में शुरू कर दी है। 

गाड़ी में फंसे शव

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों गाड़ियों की टक्कर इतनी तेज थी कि कि दुर्घटना के बाद ट्रक और डंपर के सामने का हिस्सा बुरी तरह चकनाचूर हो गया। इस हादसे में गाड़ी में फंसे शवों को पुलिस ने बड़ी कठिनाई के साथ बाहर निकाला। पुलिस ने मर्ग कायम कर तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए हॉस्पिटल भेज दिया है। मामले की जांच जारी है। 

Crime : नशे के खिलाफ पुलिस का एक्शन: यहां पकड़ाया ₹26.97 लाख का गांजा, 6 आरोपी गिरफ्तार

Crime : नशे के खिलाफ पुलिस का एक्शन: यहां पकड़ाया ₹26.97 लाख का गांजा, 6 आरोपी गिरफ्तार

 जगदलपुर।  बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में नशे के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बोधघाट थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 54 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹26 लाख 97 हजार 200 रुपये बताई जा रही है। इस मा

मिली जानकारी के अनुसार, बोधघाट पुलिस को 12 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति जगदलपुर के गोयल धर्मशाला में ठहरे हुए हैं और उनके पास अवैध मादक पदार्थ मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।

थाना प्रभारी टामेश्वर चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गोयल धर्मशाला के कमरा नंबर 09 में छापेमारी की। इस दौरान मौके से 6 लोगों को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास रखे 4 बैग से कुल 54 किलो गांजा बरामद हुआ।

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गांजा ओडिशा के मलकानगिरी क्षेत्र से लाया गया था, जिसे सुकमा के रास्ते राजस्थान ले जाने की तैयारी थी। गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के 3, उत्तरप्रदेश का 1 और सुकमा जिले के 2 व्यक्ति शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बबलू कुशवाहा, श्रीनिवास, देशराज कुशवाहा, पंकज उपरेती, राम सिंह और दुबराज कश्यप के रूप में हुई है। सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (B) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे ने बताया कि यह एक अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह है, जो ओडिशा से गांजा लाकर अन्य राज्यों में सप्लाई करता था। मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

OLX के नाम पर 2 लाख की ऑनलाइन ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

OLX के नाम पर 2 लाख की ऑनलाइन ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

  रायपुर। रायपुर पुलिस को ऑनलाइन ठगी के मामले में बड़ी सफलता मिली है। थाना पुरानी बस्ती और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए समस्तीपुर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मली जानकारी के अनुसार, प्रार्थिया ने थाना पुरानी बस्ती में शिकायत दर्ज कराई थी कि 2 फरवरी 2026 को OLX के माध्यम से कैमरा खरीदने के नाम पर अज्ञात व्यक्तियों ने संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को ऑल इंडिया कैमरा डिस्ट्रीब्यूटर बताकर भरोसे में लिया और अलग-अलग UPI ID के जरिए कुल 2 लाख रुपए की ठगी कर मोबाइल बंद कर दिया।

रायपुर-दुर्ग दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री साय,अंबेडकर जयंती कार्यक्रम और प्रतिमा अनावरण में होंगे शामिल

रायपुर-दुर्ग दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री साय,अंबेडकर जयंती कार्यक्रम और प्रतिमा अनावरण में होंगे शामिल

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर और दुर्ग जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 1:10 बजे दुर्ग के सेक्टर-2 स्थित दुर्गा मैदान, शंकर नगर में आयोजित अंबेडकर जयंती एवं समरसता मोज कार्यक्रम में शामिल होंगे इसके पश्चात मुख्यमंत्री दोपहर 2:00 बजे राजधानी रायपुर पहुंचेंगे, जहां कलेक्टरेट चौक में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री कलेक्टरेट चौक से सीधे मुख्यमंत्री निवास के लिए रवाना होंगे।

 
 
करोड़ों की लागत से बदल रहा पुसौर का स्वरूप- वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी

करोड़ों की लागत से बदल रहा पुसौर का स्वरूप- वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी

 रायपुर: प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने पुसौर में निर्माणाधीन लाइब्रेरी भवन, पुष्पवाटिका उद्यान, चंदन तालाब सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का सूक्ष्म परीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा निर्माण स्थल पर जाकर प्रत्यक्ष रूप से कार्यों की स्थिति देखना, बुनियादी ढांचे का विकास कराना हम सभी की जिम्मेदारी है l उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री श्री ने पुसौर में लाइब्रेरी, पुष्पवाटिका एवं तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों का किया निरीक्षण

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नगर पंचायत पुसौर के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि आमजन को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

बैठक में उन्होंने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से ही क्षेत्र का समग्र एवं संतुलित विकास संभव है। साथ ही उन्होंने पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों से सकारात्मक सहयोग प्रदान करने तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।

उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत पुसौर में पुष्पवाटिका उद्यान निर्माण हेतु लगभग 2 करोड़ 92 लाख 40 हजार रुपये, बोरोडीपा चौक से कॉलेज तक बी.टी. रोड एवं नाली निर्माण के लिए 4 करोड़ 8 लाख रुपये, चंदन तालाब के सौंदर्यकरण के लिए 2 करोड़ 10 लाख 40 हजार रुपये तथा लाइब्रेरी भवन निर्माण के लिए लगभग 99.12 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त तेलीतार तालाब के गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य भी प्रगति पर है, जिससे क्षेत्र की सौंदर्य वृद्धि के साथ जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर नगर पंचायत पुसौर के अध्यक्ष श्री मानी मोहित सतपथी, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एसडीएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं नगर पंचायत पुसौर के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति थे ।a

नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई गूंज : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात….

नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई गूंज : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात….

 रायपुर: नक्सलवाद के प्रभाव से उबरकर नए विश्वास और विकास की राह पर अग्रसर बस्तर क्षेत्र में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले को 308 करोड़ रुपए से अधिक के 228 विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 159 कार्यों का शिलान्यास और 69 कार्यों का लोकार्पण करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

मिनी स्टेडियम सुकमा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों से नक्सलवाद के कारण पिछड़े रहे क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति स्थापित हुई है और अब यहां विकास की गंगा बह रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जिन गांवों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां आज स्कूलों की घंटियां गूंज रही हैं और लोग लोकतंत्र पर भरोसा जताते हुए मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 3 हजार से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और उन्हें पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से नई जिंदगी की शुरुआत के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

स्वस्थ बस्तर की दिशा में बड़ा कदम

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया और “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को घर-घर तक सुनिश्चित करने के प्रयासों की सराहना की। इस अभियान के तहत 7 जिलों में 1100 टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच करेंगी।

कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री  साय ने मिनी स्टेडियम में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और आम नागरिकों एवं हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित कर शासन की संवेदनशीलता का परिचय दिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 7 टीबी मुक्त पंचायतों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और जानकारी ली कि जिले में अब तक 28 पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। उन्होंने 3 टीबी मरीजों से संवाद कर उन्हें फूड बास्केट वितरित किया।

मोतियाबिंद ऑपरेशन कराए मरीजों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से चश्मा पहनाकर उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की। साथ ही दवा और आई ड्रॉप भी वितरित किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए मूर्तोंडा, पेंटा और कांकेरलंका उपस्वास्थ्य केंद्रों को एनक्वास सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री श्री साय ने आईईडी ब्लास्ट में पैर गंवा चुके 5 हितग्राहियों को कृत्रिम पैर प्रदान किए। इसके अलावा 4 व्हीलचेयर और 3 ट्राइसिकल भी वितरित किए गए तथा 6 दिव्यांगजनों को पहचान पत्र देकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की पहल की गई।
एनआरएलएम स्टॉल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें “लखपति दीदी से करोड़पति दीदी” बनने के लिए प्रेरित किया और सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

आवास, अधिकार और आजीविका—हर क्षेत्र में सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के स्टॉल में हितग्राहियों से बातचीत कर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से 15 वनाधिकार पत्र वितरित किए गए, जिससे आदिवासी परिवारों को उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। वन विभाग के स्टॉल में तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े हितग्राहियों को सहायता प्रदान की गई। सहकारी समिति तोंगपाल को 4.27 लाख रुपए का सांकेतिक चेक दिया गया तथा एक हितग्राही को संग्रहण कार्ड वितरित किया गया।
इसके साथ ही पुनर्वासित स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 2 ई-रिक्शा प्रदान कर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया गया और एक हितग्राही को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया गया।

नियद नेल्लानार 2.0 और 8 बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि नियद नेल्लानार योजना के तहत अब तक 500 से अधिक गांवों में 17 विभागों की 45 योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य किए गए हैं। इस योजना के अगले चरण ‘नियद नेल्लानार 2.0’ में अब 10 जिलों को शामिल किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए 8 महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, बस स्टैंड, सामुदायिक भवन और मंदिर जीर्णोद्धार जैसे कार्य शामिल हैं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री  श्यामबिहारी जायसवाल, सांसद  महेश कश्यप, मुख्य सचिव  विकास शील, स्वास्थ्य सचिव  अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

डीएमएफ से होगा कोरबा जिला का अतिरिक्त विकास : मंत्री लखनलाल देवांगन

डीएमएफ से होगा कोरबा जिला का अतिरिक्त विकास : मंत्री लखनलाल देवांगन

 रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में आज कलेक्ट्रेट कोरबा सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की शासी परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के स्वीकृत कार्यों की प्रगति, पूर्ण कार्यों की कार्योत्तर स्वीकृति तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर कोरबा की सांसद ज्योत्सना महंत, कटघोरा के विधायक  प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक  तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक  फूल सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, महापौर संजू देवी राजपूत सहित शासी परिषद के सदस्यगण अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष कुणाल दुदावत ने की। पुलिस अधीक्षक  सिद्धार्थ तिवारी, वनमंडलाधिकारी प्रेमलता यादव, कुमार निशांत, पदेन सचिव जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

बैठक के दौरान डीएमएफ मद से संचालित कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। अपने उद्बोधन में मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। अन्य योजनाओं के साथ-साथ डीएमएफ मद से भी कोरबा जिले में अतिरिक्त विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज अनुमोदित कार्यों में स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएँ, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण तथा पुल-पुलियों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि स्वीकृत कार्यों का समय-सीमा में पूर्ण होना आवश्यक है, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने डीएमएफ के माध्यम से पीवीटीजी समुदाय के लिए प्राथमिकता से विकास कार्य संचालित किए जाने पर संतोष व्यक्त किया।

मंत्री  देवांगन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा करें, निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा नए प्रस्तावों को बजट प्रावधान के अनुरूप स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करें।  मंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से समन्वयपूर्वक कार्य कर जिले के सर्वांगीण विकास में योगदान देने की अपील की।

सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ मद से कोरबा जिले को विकास की नई पहचान मिलेगी। उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्र होने के कारण प्रदूषण नियंत्रण, राखड़ बांधों से उत्पन्न समस्याओं के समाधान तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीष्म ऋतु के दौरान पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने, बारिश से पहले स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा जर्जर स्कूल भवनों को सुधारने की आवश्यकता बताई।

विधायक कटघोरा  प्रेमचंद पटेल ने कहा कि डीएमएफ राशि से जिले में महत्वपूर्ण विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने आकांक्षी जिला होने के कारण कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, रोजगार सृजन तथा कृषि क्षेत्र में दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने पर बल दिया। पाली-तानाखार विधायक  तुलेश्वर मरकाम ने डीएमएफ के तहत बनाए गए निर्माण पोर्टल को जनहित में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने जिले में निर्माण कार्यों के मूल्यांकन के लिए इंजीनियरों की भर्ती को उपयोगी कदम बताया। महापौर संजू देवी राजपूत ने शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और जनसुविधाओं के विस्तार से आमजन को हो रहे लाभों का उल्लेख किया।

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बैठक के विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम बैठक है। शासन द्वारा डीएमएफ नियमों में संशोधन कर उन्हें इस वित्तीय वर्ष से लागू किया गया है। उन्होंने बैठक के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य खनन के दुष्प्रभावों को कम करना और प्रभावित लोगों की आजीविका एवं जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने डीएमएफ के कार्यों को पारदर्शिता के साथ करने, निर्माण पोर्टल के माध्यम से डीएमएफ सहित अन्य विकास कार्यों की जानकारी मिलने के संबंध में बताया। डीएमएफ नियमों के तहत 70 प्रतिशत राशि उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और पर्यावरण संरक्षण पर व्यय किया जाएगा तथा 30 प्रतिशत राशि अन्य आधारभूत संरचनाओं पर व्यय की जाएगी। जिले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभावित गांवों का चिन्हांकन किया जा चुका है, जिसके अनुसार 5 विकासखंडों के 564 गांव प्रत्यक्ष प्रभावित श्रेणी में आते हैं। उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्र से 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र को प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र और 25 किलोमीटर तक के क्षेत्र को अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र माना जाएगा। इससे डीएमएफ की बड़ी राशि कोरबा जिले के प्रभावित क्षेत्रों में व्यय होगी।

उन्होंने बताया कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के सहयोग से खनन प्रभावित परिवारों का विस्तृत बेसलाइन सर्वे किया जा रहा है, जिसके आधार पर एक वर्ष की पर्सपेक्टिव योजना तैयार होगी। आंकड़ों के अनुसार एसईसीएल की विभिन्न खदानों से प्रभावित 20,069 परिवारों और 4,102 विस्थापित परिवारों के कल्याण हेतु योजनाएँ बनाई जा रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 519.11 करोड़ रुपये की प्राप्ति के विरुद्ध 1498 कार्यों के लिए 529.24 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।

कलेक्टर ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र, जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर शासन को विस्तृत जानकारी भेज दी गई है तथा स्वीकृत होने के बाद कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने गौण खनिज राजस्व के उपयोग, प्रभावित व्यक्तियों एवं परिवारों के चिन्हांकन तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण एवं नगरीय विकास और अधोसंरचना को दी गई प्राथमिकता के संबंध में भी जानकारी दी।

डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को मिली मंजूरी

बैठक में डीएमएफ अंतर्गत विशेष निधियों के अनुमोदन के साथ-साथ खनन प्रभावित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्रों के निर्धारण, प्रभावित परिवारों एवं विस्थापित परिवारों की सूची के अनुमोदन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए गए। इसके अलावा एंडोमेंट फंड के गठन तथा पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार करने के प्रस्ताव, शासी परिषद ने डीएमएफ अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई  के चयन, प्रशासनिक व्यय के अनुमोदन तथा वर्ष 2025-26 में किए गए कार्यों की स्वीकृति, खनन प्रभावित क्षेत्रों में व्यक्तियों के चिन्हांकन एवं संबंधित विभागीय कार्यों के अनुमोदन, वार्षिक प्रतिवेदन (वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2023-24 तथा 2025-26) के अनुमोदन का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

बैठक में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए वेबसाइट, वेब पोर्टल, डाटा प्रबंधन प्रणाली, डॉक्यूमेंट्री एवं वेबपेज निर्माण से संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति, जीजीवी के साथ एमओयू, वीसी रूम एवं स्टोरेज संरचना निर्माण, थर्ड पार्टी ऑडिट तथा टोल-फ्री नंबर स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका-केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया….

विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका-केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया….

 रायपुर: राष्ट्रीय-स्तरीय ‘MY Bharat Budget Quest’ के आयोजन में युवा मामले और खेल मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री  मनसुख मंडाविया का वर्चुअल संबोधन में विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को समावेशी विकास तथा सतत विकास की दिशा में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

राज्य निदेशक (प्रभारी) MY Bharat छत्तीसगढ़, युवा मामले और खेल मंत्रालय भारत सरकार श्री अर्पित तिवारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय के तत्वावधान में, MY Bharat छत्तीसगढ़ द्वारा 13 अप्रैल 2026 को IIIT रायपुर में राष्ट्रीय-स्तरीय ‘MY Bharat Budget Quest’ का सफलतापूर्वक समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूरे राज्य से 500 से अधिक युवा प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो नीतिगत संवाद और राष्ट्र-निर्माण की पहलों में युवाओं की गहरी भागीदारी को दर्शाता है।

कार्यक्रम के शुभारम्भ में पर्यटन मंत्री छत्तीसगढ़ शासन  राजेश अग्रवाल ने युवाओं को संबोधित किया । कौशल विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब के मुख्य अतिथि के रूप में सामपन सत्र में इस कार्यक्रम में शिरकत की और युवाओं को बजट क्वेस्ट कार्यक्रम में विकसित भारत मे संकल्प को पूरा करने का आव्हान किया। सांसद  बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होकर युवाओं से चर्चा कर बजट के विषय पर प्रकाश डाला।

इस दो दिवसीय कार्यक्रम में मानव पूंजी विकास और विकसित कृषि (विकसित खेती) जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर सारगर्भित चर्चाएँ आयोजित की गईं। इन सत्रों ने प्रतिभागियों के बीच सार्थक संवाद, नवीन विचारों के आदान-प्रदान और नीति-उन्मुख सोच को बढ़ावा दिया। ‘MY Bharat Budget Quest’ ने युवाओं के लिए एक गतिशील मंच के रूप में कार्य किया, जिसके माध्यम से वे बजटीय और विकासात्मक ढाँचों को समझने, उन पर चर्चा करने और उनमें योगदान देने में सक्षम हुए। यह पहल भारत की प्रगति में युवा नागरिकों को एक हितधारक(stakeholder) के रूप में सशक्त बनाने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।

इस आयोजन का समापन युवा-नेतृत्व वाले परिवर्तन के एक सशक्त संदेश के साथ हुआ, जिसने एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ किया। ओपी व्यास डायरेक्टर IIIT रायपुर ने भी सभी का स्वागत किया।

बस्तर में स्वास्थ्य क्रांति की नई शुरुआत: सुकमा में ‘अटल आरोग्य लैब’ का राज्यस्तरीय शुभारंभ

बस्तर में स्वास्थ्य क्रांति की नई शुरुआत: सुकमा में ‘अटल आरोग्य लैब’ का राज्यस्तरीय शुभारंभ

 रायपुर - “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः…” की भारतीय जीवनदृष्टि को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सुकमा जिला चिकित्सालय में ‘अटल आरोग्य लैब’ का राज्यस्तरीय शुभारंभ किया। यह पहल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई क्रांति का आधार बनेगी, जो विशेष रूप से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों को आधुनिक एवं सुलभ जांच सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य शासन का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के हर नागरिक तक उत्कृष्ट, किफायती और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं। उन्होंने कहा कि अटल आरोग्य लैब के माध्यम से अब प्रदेश के 1046 स्वास्थ्य संस्थानों – जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक -मुफ्त जांच की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे लाखों नागरिकों को सीधे लाभ मिलेगा। इस अत्याधुनिक डिजिटल प्रणाली के माध्यम से मरीजों को 133 प्रकार की जांचें निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। जांच रिपोर्ट एसएमएस और व्हाट्सऐप के माध्यम से सीधे मरीजों तक पहुंचेगी, जिससे उन्हें बार-बार अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं होगी और उपचार प्रक्रिया में तेजी आएगी। यह व्यवस्था न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुलभ भी बनाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश की डायग्नोस्टिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। इससे रक्त जांच सहित विभिन्न रोगों की पहचान शीघ्र और सटीक रूप से संभव होगी, जिससे समय पर उपचार शुरू कर मरीजों के स्वास्थ्य लाभ की दर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि विशेष रूप से बस्तर जैसे दूरस्थ अंचलों में ऐसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकता है, ताकि यहां के नागरिकों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। अटल आरोग्य लैब इस दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करेगी।

उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय सुकमा में पहले से ही ब्लड बैंक, सोनोग्राफी, एक्स-रे, ईसीजी, आपातकालीन सेवाएं, सीजेरियन प्रसव, एनआरसी एवं डायलिसिस जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब अटल आरोग्य लैब के जुड़ने से यहां की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ एवं व्यापक हो जाएंगी।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री  श्यामबिहारी जायसवाल, बस्तर सांसद  महेश कश्यप, महिला आयोग सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी श्रीसुंदरराज पी. सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

CG – कृषि विकास अधिकारी गिरफ्तार, इस बड़े कारनामे की दिया अंजाम, जाने पूरा मामला…

CG – कृषि विकास अधिकारी गिरफ्तार, इस बड़े कारनामे की दिया अंजाम, जाने पूरा मामला…

 अंबिकापुर। अंबिकापुर से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई सामने आई है। कृषि विकास अधिकारी (बीज निरीक्षक) को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अवैध बीज भंडारण के झूठे आरोप में एकपक्षीय कार्रवाई का भय दिखाकर कृषि विकास अधिकारी (बीज निरीक्षक) द्वारा रिश्वत ली जा रही थी। शिकायत पर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोर अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

प्रार्थी अजीत कुमार कश्यप, निवासी प्रतापपुर जिला सूरजपुर, द्वारा एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर में शिकायत की गई थी कि वह हैदराबाद की कंपनी साईं भव्या सीड्स में एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत है। कंपनी द्वारा धान एवं मक्का के बीज मार्केट में सप्लाई किए जाते हैं। अगस्त महीने की कुल बिक्री होने के पश्चात शेष बचे हुए बीज कंपनी में वापस भेजने के लिए मां महामाया कोल्ड स्टोरेज, दरिमा रोड अंबिकापुर में रखा गया था।

इस दौरान सोहन लाल भगत, बीज निरीक्षक/कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड अंबिकापुर को बीज भंडारण का पता चलने पर उसके द्वारा प्रार्थी को अवैध बीज भंडारण के झूठे आरोप में एकपक्षीय कार्रवाई का भय दिखाकर 3 लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था।

शिकायत के सत्यापन के बाद प्रार्थी से कुल रिश्वती रकम की पहली किश्त 01 लाख रुपये लेते आरोपी बीज निरीक्षक/कृषि विकास अधिकारी सोहन लाल भगत को रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी के विरुद्ध धारा 7 पीसी एक्ट 1988 यथासंशोधित अधिनियम 2018 के प्रावधानों के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।