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नया शिक्षा सत्र शुरू — छत्तीसगढ़ में आज से शुरू हुआ नया शिक्षा सत्र, शाला प्रवेश उत्सव

नया शिक्षा सत्र शुरू — छत्तीसगढ़ में आज से शुरू हुआ नया शिक्षा सत्र, शाला प्रवेश उत्सव

 स्कूलों में बच्चों का जोरदार स्वागत, कहीं तिलक तो कहीं फूल माला से किया गया अभिनंदन

 सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों को मिलेगा नि:शुल्क किताबें, यूनिफॉर्म और मिड डे मील

रायपुर : छत्तीसगढ़ में आज 16 जून से नया शिक्षा सत्र 2025-26 की शुरुआत हो गई है। इस मौके पर राज्य भर के सरकारी और निजी स्कूलों में ‘शाला प्रवेश उत्सव’ बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। कई स्कूलों में बच्चों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। कहीं तिलक लगाकर तो कहीं मिठाई और फूल माला पहनाकर बच्चों की अगवानी हुई।

शाला प्रवेश उत्सव के तहत इस बार खास तैयारी की गई है। स्कूलों को साफ-सफाई कर सजाया गया है। स्कूलों में पहली बार आने वाले बच्चों को गुलाब का फूल और चॉकलेट दी गई। सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों को नि:शुल्क किताबें, यूनिफॉर्म और मिड डे मील भी मिलेगा।

शिक्षा विभाग ने बताया कि इस वर्ष राज्य भर में करीब 20 लाख बच्चों के स्कूल आने की उम्मीद है। कई जगह जनप्रतिनिधि और शिक्षा विभाग के अफसर भी बच्चों के स्वागत के लिए पहुंचे।

स्कूलों में सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी गाइडलाइन का पालन भी अनिवार्य किया गया है। शिक्षकों को बच्चों की मानसिक स्थिति समझने और पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, अब नहीं रहेगा कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन

छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, अब नहीं रहेगा कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन

 रायपुर :- राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की एक व्यापक और सार्थक पहल की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के अनुरूप मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में यह दूरगामी सुधार, वास्तव में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और लंबे समय से चली आ रही शैक्षिक विसंगतियों के समाधान का कारगर प्रयास है।

युक्तियुक्तकरण से पहले, छत्तीसगढ़ राज्य के ग्रामीण अंचल की शालाओं में शिक्षकों की कमी, नगरीय इलाकों और उसके समीप की शालाओं में जरूरत से ज्यादा शिक्षकों की पदस्थपना के कारण शिक्षा प्रभावित हो रही थी और इसका असर बच्चों के परीक्षा परिणाम पर भी पड़ रहा था।

राज्य के लगभग 212 प्राथमिक शालाएं और 48 पूर्व माध्यमिक शालाएं पूरी तरह से शिक्षक विहीन थीं, जबकि 6,872 प्राथमिक शालाएं और 255 पूर्व माध्यमिक शालाएं केवल एक शिक्षक के साथ संचालित हो रही थीं। इसके अतिरिक्त 211 शालाएं ऐसी थीं जहाँ छात्र संख्या शून्य थी, लेकिन शिक्षक पदस्थ थे। इसके अलावा, 166 शालाओं को समायोजित किया गया, इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की 133 शालाएं शामिल थीं, जिनकी दर्ज संख्या 10 से कम थी और दूरी 1 किमी से कम थी, तथा शहरी क्षेत्रों की 33 शालाएं थीं, जिनकी दर्ज संख्या 30 से कम थी और दूरी 500 मीटर से कम थी।

इन चुनौतियों के बावजूद, छत्तीसगढ़ का छात्र-अध्यापक अनुपात (पीटीआर) राष्ट्रीय औसत से उल्लेखनीय रूप से बेहतर था, प्राथमिक शालाओं के लिए पीटीआर-20 था, जबकि राष्ट्रीय औसत 29 है और पूर्व माध्यमिक शालाओं के लिए पीटीआर-18 था, जबकि राष्ट्रीय औसत 38 है। हालांकि, वितरण असमान था। राज्य में लगभग 17,000 प्राथमिक शालाएं और लगभग 4,479 पूर्व माध्यमिक शालाएं थीं, जिनका पीटीआर-20 से कम था। अकेले शहरी क्षेत्रों में 527 ऐसे विद्यालय थे, जिनका पीटीआर-10 से कम था, जिनमें 15 या उससे अधिक शिक्षकों वाली 08 प्राथमिक शालाएं, 10-15 शिक्षकों वाली 61 शालाएं और 6-9 शिक्षकों वाली 749 प्राथमिक शालाएं थीं, ये आंकड़े बेहतर संसाधन आवंटन की जरूरत को दर्शाते हैं।

इस पहल का मुख्य बिंदु एक ही परिसर में संचालित लगभग 10 हजार 372 शालाओं का एकीकरण था, जिनमें प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल थे। इस विलय से कई लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनमें शाला त्यागी छात्रों की संख्या में कमी और छात्रों को बार-बार स्थानांतरण प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता का समाप्त होना शामिल है। यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, छोटी कक्षाओं के छात्रों को बड़ी कक्षाओं के छात्रों का सहयोग प्राप्त होने, और कंप्यूटर, विज्ञान प्रयोगशाला, खेल-कूद तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से शैक्षणिक समझ और अभिरुचि में वृद्धि के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होगा। इस दृष्टिकोण से प्रशासनिक व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।

विद्यालयों के समायोजन के साथ-साथ, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर काउंसलिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया भी की गई। इस प्रक्रिया के तहत जिला स्तर पर लगभग 13 हजार 793 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया। संभाग स्तर पर 863 का और राज्य स्तर पर 105 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया।

युक्तियुक्तकरण अभियान के प्रारंभिक परिणाम अत्यधिक आशाजनक हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिक्षा विभाग का कहना है कि कोई भी विद्यालय बंद नहीं किया जा रहा है और कोई भी शिक्षक पद समाप्त नहीं हो रहा है। इसके बजाय ध्यान बेहतर अधोसंरचना वाले विद्यालयों का संचालन सुनिश्चित करने पर है।

युक्तियुक्तकरण के पश्चात राज्य में शिक्षक विहीन विद्यालयों की संख्या शून्य हो गई है। एकल शिक्षकीय शालाओं की संख्या में प्रभावशाली 80 प्रतिशत की कमी आई है अब लगभग 1,200 शालाएं एकल शिक्षकीय हैं। एक ही परिसर में स्थित 10,372 विद्यलायों का एकीकरण और 166 ग्रामीण एवं शहरी विद्यालयों का समायोजन पूरा हो चुका है। इससे लगभग 89 प्रतिशत विद्यार्थियों को बार-बार प्रवेश प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी। छात्रों को अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध होंगे और विद्यालय की समय सारिणी एवं अन्य गतिविधियों में अधिक एकरूपता रहेगी। इस पहल का उद्देश्य उपचारात्मक शिक्षण द्वारा छात्रों की समझ को बेहतर बनाना भी है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करके, छत्तीसगढ़ न केवल वर्तमान कमियों को दूर कर रहा है, बल्कि एक ऐसे भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रख रहा है। जहाँ प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच प्राप्त होगी, जिससे समग्र विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा मिलेगा। युक्तियुक्तकरण का यह कदम एक अधिक कुशल, न्यायसंगत और प्रभावी शैक्षिक वातावरण बनाने के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

 
डबल इंजन सरकार में तेजी से हो रहा है बस्तर का विकास: CM साय

डबल इंजन सरकार में तेजी से हो रहा है बस्तर का विकास: CM साय

 बस्तर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 307.96 करोड़ रुपए की लागत से पेव्ड शोल्डर मानक के साथ 4 लेन में केशकाल बाईपास निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने पर प्रदेशवासियों विशेषकर बस्तर अंचल की जनता की ओर से हार्दिक आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह बाईपास केशकाल घाट खंड में यातायात बाधाओं को दूर कर सुगम, सुरक्षित व निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करेगा।

 
 
छत्तीसगढ़ में आवागमन होगा और सुगम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में तेजी से बस्तर अंचल का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित विकास नीति का परिणाम है, जो बस्तर जैसे जनजातीय अंचल को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक और ठोस कदम है। इस ऐतिहासिक स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की दूरदृष्टि और पहल के लिए आभार जताते हुए इसे बस्तर के विकास के लिए निर्णायक कदम बताया है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (नया NH-30) पर केशकाल घाट खंड को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए 307.96 करोड़ रुपए की लागत से 11.380 किलोमीटर लंबा 4-लेन बाईपास निर्माण अपग्रेड की स्वीकृति दी गई है। यह बाईपास पेव्ड शोल्डर मानक के अनुरूप होगा और इसके बनने से बस्तर अंचल में कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा। यह परियोजना विशेष रूप से केशकाल घाट के कठिन भौगोलिक खंड को पार करने में सहूलियत प्रदान करेगी।

 

 

बस्तर अंचल को मिला बड़ा तोहफा

बाईपास के निर्माण से न केवल वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा, बल्कि वाहन चालकों को तेज, सुगम और निर्बाध यात्रा का अनुभव भी मिलेगा। बाईपास निर्माण से शहरी क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को जाम और दुर्घटना की समस्या से राहत मिलेगी। इसके साथ ही प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आएगी, जिससे पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय भरथरी गायिका सुरुज बाई खांडे की जयंती के अवसर पर 12 जून को बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स हाल में सुरुज उत्सव का आयोजन सम्पन्न हुआ

अंतरराष्ट्रीय भरथरी गायिका सुरुज बाई खांडे की जयंती के अवसर पर 12 जून को बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स हाल में सुरुज उत्सव का आयोजन सम्पन्न हुआ

 रायपुर/जगदलपुर। प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय भरथरी गायिका सुरुज बाई खांडे की जयंती के अवसर पर 12 जून को बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स हाल में सुरुज उत्सव का आयोजन सम्पन्न हुआ जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उल्लेखनीय कार्य कर बस्तर छत्तीसगढ़ का नाम रौशन करने वालो को सुरुज सम्मान 2025 प्रदान किया गया। सुरुज उत्सव में शिवकुमार नाग द्वारा बस्तर वंदना गीत, मोहरी वाले ग्रुप द्वारा दंतेश्वरी पाड़ की प्रस्तुति के साथ ही आयोजन स्थल में चित्रकार द्वय खेमदास वैष्णव व सुभाष पांडेय द्वारा बस्तर लोकचित्र की प्रदर्शनी लगाई गई। मेघ प्रकाश शेरपा की किताब ईरुम मांड का द्वंद व प्रेम का विमोचन भी सुरुज उत्सव के मंच से किया गया जिसमें लेखक द्वारा बस्तर के अपने अनुभव को लिखा गया है। कार्यक्रम में मंच संचालन अफजल अली ने किया व भरथरी लोक गीत कलाकार हिमानी वासनिक ने भरथरी गायन की बेहतरीन प्रस्तुति दी ।


सुरुज ट्रस्ट की दीप्ति ओग्रे ने सुरुज उत्सव के विषय में बताया की बिलासपुर, रायपुर संभाग के बाद इस वर्ष बस्तर संभाग के लोगो को सुरुज सम्मान देने को योजना बनी। सुरुज ट्रस्ट द्वारा सुरुज बाई खांडे के जयंती व पुण्यतिथि के अवसर पर हर साल हम कार्यक्रम आयोजित कर रहे है जिसके माध्यम से भरथरी गायन का भी प्रचार कर रहे है ताकि भरथरी गायन विधा से लोग जुड़े और भरथरी गायन विधा फिर राष्ट्रीय,अंतर्राष्ट्रीय तक पहुचे।सुरुज ट्रस्ट से जुड़े शकील रिजवी ने बताया कि सुरुज उत्सव के माध्यम से हम कलाकारों को स्थानीय से राष्ट्रीय, अंतराष्ट्रीय मंच दिलाने के लिए प्रयासरत है, सुरुज सम्मान समारोह में विभिन्न प्रस्तुतियां उसका एक हिस्सा है और हम अन्य विभिन्न कार्यक्रमो के माध्यम से बस्तर के कलाकारों के विभिन्न विधाओं को अधिक से अधिक लोगो तक पहुचाने के लिए कार्यरत है।
 सुरुज उत्सव में मुख्य अतिथि एस. करीमुद्दीन, कार्यक्रम में अध्यक्षता खेमदास वैष्णव ने की व विशिष्ट अतिथि डॉ. जयमती कश्यप व अनिल लुंकड़ के करकमलों से सम्मानित होने वाले विभूतियों में 
पत्रकारिता: विकास तिवारी, गायत्री आचार्य, 
साहित्य: श्रीमती खुदैजा खान, विक्रम सोनी, 
समाज सेवा: प्रकाश ठक्कर,
 महिला आर्थिक उन्नयन: रजिया शेख, 
अभिनय: मोहन सोनी, खुशबू सोढ़ी, 
लोक गायन: शिव कुमार नाग, पिलादास कोर्राम,
वादन: जयप्रकाश, 
पर्यटन: उर्मिला नाग, मानसिंह भघेल, 
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर: कविता कश्यप, अस्तु नाग
चित्रकला: सुरभि वर्मा, जगदीश तिवारी,
चित्र विचित्र ग्रुप, मोहरी वाले ग्रुप, 
सुरक्षा बल: सैनिक करन राय व
मंच संचालन: अफज़ल अली, 
घड़वा शिल्प: महेश सागर, उर्मिला सागर थे।
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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय दैनिक नवप्रदेश के 14वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘राष्ट्रीय परिदृश्य में उभरता छत्तीसगढ़’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

वर्ष 2014 में भारत जहाँ आर्थिक दृष्टि से विश्व में 10वें स्थान पर था, वहीं आज चौथे स्थान पर पहुँच चुका है, और शीघ्र ही हम तीसरे स्थान पर पहुँचने की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ हेतु विजन डॉक्यूमेंट और नई औद्योगिक नीति तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दैनिक नवप्रदेश की 14वीं वर्षगांठ पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ की रजत जयंती मना रहे हैं। मुझे यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि मैंने संसद में एक सांसद के रूप में छत्तीसगढ़ निर्माण संबंधी विधेयक पर हुई ऐतिहासिक चर्चा को प्रत्यक्ष रूप से देखा और अनुभव किया। एक आदिवासी परिवार से आने के नाते मैंने प्रदेश में भुखमरी की समस्याएँ देखी हैं। डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में 2003 में लागू की गई पीडीएस व्यवस्था ने छत्तीसगढ़ को इस गंभीर समस्या से मुक्ति दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। आईआईटी, आईआईएम तथा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे उच्च शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित हो चुके हैं। प्रदेश में समृद्धि बढ़ी है और शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक पहुँची हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति को उद्यमियों का सकारात्मक प्रतिसाद मिला है। राज्य को लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सेमीकंडक्टर चिप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में कार्य प्रारंभ हो चुका है। एनर्जी सेक्टर में भी राज्य को भारी निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर युवाओं को सरकारी नौकरियाँ प्रदान कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्किलिंग के माध्यम से निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने पर भी बल दिया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति में बिस्पोक पॉलिसी का प्रावधान रोजगार सृजन में एक महत्वपूर्ण पहल है।मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सिंचाई रकबा में निरंतर वृद्धि हुई है। हाल ही में दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से बोधघाट परियोजना पर चर्चा की गई। इस परियोजना से बस्तर अंचल के किसानों को भरपूर सिंचाई जल मिलेगा।साथ ही इंद्रावती और महानदी की इंरलिंकिंग परियोजना पर भी कार्य प्रारंभ किया गया है, जिससे सिंचाई रकबा बढ़कर 7 लाख हेक्टेयर तक पहुँच जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में है। जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ सुनाई देती थी, वहाँ अब स्कूलों की घंटियाँ गूंज रही हैं। धूड़मारास को संयुक्त राष्ट्र द्वारा पर्यटन क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बीते 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध कर दिया है कि विकास केवल क्षेत्रफल या जनसंख्या से नहीं, बल्कि संसाधनों के सदुपयोग और इच्छाशक्ति से होता है। आज राज्य की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ हुई है। प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में उद्घाटित चिनाब पुल में छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र का लोहा प्रयोग किया गया है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज स्टील, सीमेंट, ऊर्जा जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश के पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्टजनों को सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वालों में पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, कार्टून वॉच के सम्पादक श्री त्रयंबक शर्मा, खेल पत्रकार श्री नितेश छाबड़ा, वरिष्ठ पत्रकार श्री जीवन एस साहू (गरियाबंद) एवं श्री यशवंत राजवाड़े (नवप्रदेश ब्यूरो चीफ, कोरिया) शामिल हैं।

उन्होंने नवप्रदेश छात्रवृत्ति योजना 2025-26 के अंतर्गत हॉकर परिवार के बच्चों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की। वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री श्री आलोक मेहता ने वीडियो संदेश के माध्यम से नवप्रदेश को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। नवप्रदेश के सम्पादक श्री यशवंत धोटे ने कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, हरिभूमि के प्रधान सम्पादक श्री हिमांशु द्विवेदी, रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल ठाकुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

अब वेटिंग टिकट को लेकर नहीं रहेगी चिंता, रेलवे 24 घंटे पहले ही बता देगा टिकट कन्फर्म है या नहीं

अब वेटिंग टिकट को लेकर नहीं रहेगी चिंता, रेलवे 24 घंटे पहले ही बता देगा टिकट कन्फर्म है या नहीं

 Indian Railway : ट्रेन से सफर करने वालों के लिए राहत की खबर है। रेलवे ने एक नई व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत अब वेटिंग टिकट कन्फर्म हुआ या नहीं, इसकी जानकारी ट्रेन रवाना होने से ठीक 24 घंटे पहले ही दे दी जाएगी।

अब तक यात्रियों को यह अपडेट सिर्फ 4 घंटे पहले मिलता था, जिससे उन्हें आखिरी वक्त तक असमंजस में रहना पड़ता था। लेकिन इस नई सुविधा से यात्री पहले से तय कर सकेंगे कि उन्हें यात्रा करनी है या दूसरा विकल्प चुनना है।

बीकानेर डिवीजन में इस सिस्टम का ट्रायल शुरू हो चुका है और अब तक इसके नतीजे सकारात्मक रहे हैं। जल्द ही यह व्यवस्था देशभर में लागू की जा सकती है, खासकर उन रूट्स पर जहां वेटिंग टिकट का दबाव ज्यादा होता है, जैसे दिल्ली, मुंबई, बिहार और बंगाल रूट।

CRIME NEWS : सास ने मारा ताना, तो बहू ने हंसिए से काट डाला, गिरफ्तार

CRIME NEWS : सास ने मारा ताना, तो बहू ने हंसिए से काट डाला, गिरफ्तार

 बालोद - जिले से हत्या का मामला सामने आ रहा है, यहां एक बहू ने सास के ताने से परेशान होकर उसकी जान ले ली है। बताया जा रहा है कि मृतिका सास अपनी बहू का  अक्सर बांझ कहकर ताने दिया करती थी। इस बात से नाराज बहू ने हंसिया से अपनी सास पर ताबड़तोड़ हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। घटना की जानकारी के बाद गांव में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि हत्या की इस वारदात के वक्त मृतिका का बेटा और पति घर पर मौजूद नही थे। पुलिस ने आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है।

हत्या की ये वारदात बालोद के ग्राम बघमरा की है। जानकारी के मुताबिक खिलेश्वरी देवांगन का विवाह 18 अप्रैल 2017 को बालोद जिले के ग्राम बघमरा में टिकेंद्र देवांगन से हुआ था। शादी के कई साल बीत जाने के बाद भी विवाहिता की गोद सूनी रहने से सास-ससुर उससे नाराज रहते थे। बताया जा रहा है कि संतान नही होने की बात को लेकर अक्सर खिलेश्वरी देवांगन को उसकी सास बांझ कहकर ताने मारा करती थी। इस बात को लेकर कई बार परिवार में झगड़ा इतना बढ़ा कि मामला सामाजिक बैठक तक पहुंच गया।

बताया जा रहा है कि इसी पारिवारिक विवाद के कारण विवाहिता काफी चिढ़चिढ़ी हो गयी थी। 10 जून को खिलेश्वरी के पति पति टिकेंद्र का जन्मदिन था। लिहाजा जन्मदिन मनाने के लिए टिकेंद्र एक दिन पहले ही विशाखापट्टनम चला गया था। खिलेश्वरी के ससुर सोनू देवांगन सुबह के वक्त अपनी बेटी सीमा देवांगन के यहां देवरी गए थे। इसी दौरान सास गीता देवांगन और बहू खिलेश्वरी के बीच एक बार फिर बहस हो गया। दोपहर के वक्त हुए इस बहस में सास गीता देवांगन ने एक बार फिर बहू को ताना मारते हुए बांझ कह दिया।

इस बात से नाराज खिलेश्वरी ने किचन में रखे हंसिया से अपनी सास पर ताबड़तोड़ हमला कर मौत के घाट उतार दिया। इस हत्याकांड के बाद आरोपी खिलेश्वरी ने पड़ोसियों के घर जाकर उसकी सास द्वारा खुद को हंसिया से काट लेने की जानकारी दी गयी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने संदेह के आधार पर खिलेश्वरी देवांगन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की । मौके पर मिले साक्ष्य और सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी बहू ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी बहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य खेल अलंकरण पुरस्कारों हेतु आवेदन मंगाए, इस दिन से पहले करें आवेदन

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य खेल अलंकरण पुरस्कारों हेतु आवेदन मंगाए, इस दिन से पहले करें आवेदन

 CG Khel Alankaran Purushkar: छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग (Sports and Youth Welfare Department) ने वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए राज्य स्तरीय खेल अलंकरण पुरस्कारों (Sports Decoration Awards) की घोषणा की है।

इस योजना का उद्देश्य राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पहचान और प्रोत्साहन देना है। इच्छुक आवेदकों के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 जून 2025 तय की गई है।

शहीदों के नाम पर पुरस्कार, खिलाड़ियों को मिलेगा आर्थिक संबल

इस साल भी पुरस्कारों को राज्य के वीर शहीदों के नाम पर समर्पित किया गया है। शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार (Shaheed Rajeev Pandey Award) के अंतर्गत 3 लाख रुपये, शहीद कौशल यादव (Shaheed Kaushal Yadav Award) और वीर हनुमान सिंह पुरस्कार (Veer Hanuman Singh Award) के अंतर्गत 1.5 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।

इसके अलावा, शहीद पंकज विक्रम (Shaheed Pankaj Vikram Award) और विनोद चौबे सम्मान (Vinod Chaubey Samman) में 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि तय की गई है।

मुख्यमंत्री ट्रॉफी में टीमों को 1 लाख से 5 लाख तक का पुरस्कार

राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री ट्रॉफी (Chief Minister Trophy) के तहत उत्कृष्ट टीमों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है। इसमें टीम के खिलाड़ियों की संख्या के आधार पर 1 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की pगई है। यह ट्रॉफी खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण का सार्वजनिक सम्मान होगी।

प्रेरणा निधि, डाईट मनी और कोच-रेफरी भी होंगे सम्मानित

प्रेरणा निधि (Inspiration Fund) और खेलवृत्ति (डाईट मनी – Diet Money) के रूप में भी चयनित खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग दिया जाएगा।

डाईट मनी के लिए अधिकतम आयु 19 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके साथ ही, प्रशिक्षकों (Coaches) और निर्णायकों (Referees) को भी उनकी भूमिका और योगदान के आधार पर सम्मानित किया जाएगा।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध

http://sportsyw.cg.gov.in वेबसाइट से आवेदन फार्म डाउनलोड किया जा सकता है। साथ ही, जिला खेल कार्यालय (District Sports Office) या राज्य खेल संचालनालय (State Sports Directorate), रायपुर से भी आवेदन प्राप्त कर सकते हैं। सभी आवेदकों को अपने साथ आवश्यक प्रमाणपत्र संलग्न करने होंगे।

विशेष रूप से, शहीद पंकज विक्रम सम्मान के लिए आवेदन केवल राज्य खेल संघों की अनुशंसा के साथ ही मान्य होंगे। चयन प्रक्रिया खेल संघों की अनुशंसा, खेल उपलब्धियों और निर्धारित पात्रता के आधार पर की जाएगी।

26 जून तक आवेदन का अंतिम मौका

राज्य के खिलाड़ी, कोच और निर्णायक इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने के लिए 26 जून 2025 तक आवेदन जमा कर सकते हैं। अधूरे या अस्पष्ट आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे। चयन समिति का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा।

Train Canceled: यात्रीगण ध्यान दें!21 से 26 जून तक रद्द रहेंगी ये पैसेंजर ट्रेनें, देखें लिस्ट

Train Canceled: यात्रीगण ध्यान दें!21 से 26 जून तक रद्द रहेंगी ये पैसेंजर ट्रेनें, देखें लिस्ट

 रायपुरः दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में विकास कार्य के कारण आए दिन ट्रेनों को रद्द कर दिया जा रहा है। जिसके की सफर करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक बार फिर रेलवे ने 21 से 26 जून तक कई पैसेंजर ट्रेनों रद्द कर दिया है। जिसे लेकर रेलवे की ओर से सूचना जारी की गई है।

रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के आरवीएच-आरएसडी सेक्शन में प्रीएनआइ, एनआइ दोहरीकरण कार्य का कार्य चल रहा है। इसी कारण इस रूट पर चलते 21 जून से 26 जून तक कई पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद किया गया है।

ये ट्रेनें रहेंगी प्रभावित, यात्री होंगे परेशान

अभनपुर-रायपुर पैसेंजर (गाड़ी संख्या 68761) – 22 से 26 जून तक बंद।
रायपुर-अभनपुर पैसेंजर (गाड़ी संख्या 68762) – 22 से 26 जून तक बंद।
टिटलागढ़-रायपुर पैसेंजर (गाड़ी संख्या 58217) – 21 से 25 जून तक बंद।
रायपुर-टिटलागढ़ पैसेंजर (गाड़ी संख्या 58218) – 22 से 26 तक बंद।
कुछ ट्रेनें की गई रीशेड्यूल

पैसेंजर ट्रेनें रद्द करने के साथ ही इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा का भी रेल प्रशासन की ओर से ध्यान रखा गया है। प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ गाड़ियों को तय समय से देरी से चलाने का निर्णय लिया है, जिसमें रायपुर-जुनारगढ़ रोड पैसेंजर (गाड़ी संख्या 58207) 22 जून और 23 जून को रायपुर से 2 घंटे देरी से रवाना होगी।

CG राजमिस्त्री की चाकू मारकर हत्या.. क्षेत्र में सनसनी,सीन ऑफ क्राइम की टीम पहुंची मौके पर…

CG राजमिस्त्री की चाकू मारकर हत्या.. क्षेत्र में सनसनी,सीन ऑफ क्राइम की टीम पहुंची मौके पर…

 कोरबा। बाकी मोगरा थाना के अंतर्गत एक राजमिस्त्री की खून से लथपथ लाश मिली है। लाश मिलने की खबर के बाद पूरी क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। वारदात की सूचना के बाद सीन ऑफ क्राइम की टीम मौके पर पहुंचकर तस्दीक कर रही है।

बता दें कि बांकीमोंगरा क्षेत्र अंतर्गत बांकी 2 में तिरिथराम यादव पिता पंचराम यादव उम्र 40वर्ष का शव घर के आंगन में लहू लूहान हालत में पड़ा है कि सूचना पर सीन ऑफ क्रा‌ईम मोबाइल यूनिट कोरबा से वैज्ञानिक अधिकारी डॉ सत्यजीत सिंह कोसरीया वैज्ञानिक अधिकारी डॉ राजश्री सिंह प्रधान आरक्षक हेमंत चौहान आरक्षक राजेश कुमार चंद्रा घटना स्थल पहुंचे घटनास्थल एवं शव का बारीकी से निरीक्षण किया। घटनास्थल से एक चाकू मिला है। शव के पिठ में चाकू के वार का गहरा निशान है प्रथम दृष्टीया मामला हत्या किया जाना प्रतीत होता है। घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एवं प्रदर्श संकलित कर एफएसएल परीक्षण हेतु भेजने एवं पोस्टमॉर्टम कराने निर्देशित किया गया है

ब्रेकिंग : कांग्रेस जिला अध्यक्ष समेत 50 से ज्यादा लोग गिरफ्तार, इस वजह से पुलिस ने उठाया कदम

ब्रेकिंग : कांग्रेस जिला अध्यक्ष समेत 50 से ज्यादा लोग गिरफ्तार, इस वजह से पुलिस ने उठाया कदम

 रायगढ़ :- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में प्रस्तावित मरीन ड्राइव निर्माण को लेकर लोगों का विरोध दूसरे दिन भी जारी रहा। रविवार की सुबह निगम का तोड़ू दस्ता वहां फिर से तोड़फोड़ कार्रवाई करने के लिए पहुंचा तो स्थानीय लोग विरोध करने लगे। जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ विरोध करने लगे। लोगों की नाराजगी और विरोध बढ़ता देख आखिरकार पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और पुलिस ने मौके से 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

कांग्रेस अध्यक्ष समेत 50 लोग गिरफ्तार

Raigarh News: गिरफ्तार किए गए लोगों में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनिल शुक्ला, पूर्व विधायक प्रकाश नायक नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया, पूर्व सभापति जयंत ठेठवार, ग्रामीण जिलाध्यक्ष नागेंद्र नेगी सहित 50 से अधिक लोग शामिल हैं। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन में रखा हुआ है।

CG : तेज रफ्तार का कहर — 18 सवारियों से भरी गाड़ी पलटी, 2 की मौके पर मौत, 5 गंभीर

CG : तेज रफ्तार का कहर — 18 सवारियों से भरी गाड़ी पलटी, 2 की मौके पर मौत, 5 गंभीर

 कोंडागांव। इस वक्त की बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। तेज रफ्तार अनियंत्रित चार पहिया वाहन के पलटने से दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा कोंडागांव जिले के बड़ेडोंगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भूमका के समीप हुआ।

जानकारी के मुताबिक, ग्राम बोरई तहसील बेलर, धमतरी जिले के निवासी करीब 18 लोग परिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने ग्राम मोहपाल दिगानार आए हुए थे। कार्यक्रम खत्म कर लौटते वक्त रास्ते में वाहन का नियंत्रण बिगड़ गया और तेज रफ्तार चार पहिया वाहन पलट गया।

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। क्षेत्र के जनपद सदस्य ने तत्परता दिखाते हुए अपनी बोलेरो और पिकअप वाहन की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसगांव भिजवाया।

फिलहाल, मृतकों की पहचान और घायलों का इलाज जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई : भिलाई के सूर्या मॉल स्थित स्पा सेंटर में पुलिस की दबिश, दर्जनभर युवक-युवतियां पकड़े गए

पुलिस की बड़ी कार्रवाई : भिलाई के सूर्या मॉल स्थित स्पा सेंटर में पुलिस की दबिश, दर्जनभर युवक-युवतियां पकड़े गए

 दुर्ग। पुलिस ने भिलाई के स्मृति नगर थाना क्षेत्र स्थित सूर्या मॉल के एक स्पा सेंटर में शनिवार देर शाम दबिश दी। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से एक दर्जन संदिग्ध युवक-युवतियों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने स्पा सेंटर से कई संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद की हैं

एएसपी पद्मश्री तवंर ने बताया कि स्पा सेंटर में लंबे समय से अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस हिरासत में लिए गए युवक-युवतियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस इस मामले का खुलासा करेगी।उन्होंने ने कहा कि हमें लंबे समय से इस स्पा सेंटर में अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। हमारी टीम ने दबिश दी है और कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। पूछताछ के बाद आगे की जानकारी साझा की जाएगी।

कांग्रेस के खिलाफ ED जांच पर बोले सांसद बृजमोहन, “जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा” सड़क पर ड्रामा करने से सच्चाई नहीं बदलेगी:सांसद बृजमोहन

कांग्रेस के खिलाफ ED जांच पर बोले सांसद बृजमोहन, “जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा” सड़क पर ड्रामा करने से सच्चाई नहीं बदलेगी:सांसद बृजमोहन

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चल रही कार्रवाई को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं रायपुर के सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा, “जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा।” कांग्रेस ने अपने शासनकाल में छत्तीसगढ़ को लूटने, भ्रष्टाचार फैलाने और जनता के अधिकारों का हनन करने का कार्य किया, जिसकी जांच अब ED कर रही है।

अग्रवाल ने कहा कि, “कांग्रेस शासन में जिस प्रकार से सरकारी योजनाओं में घोटाले हुए, जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग किया गया, उसके प्रमाण अब सामने आ रहे हैं। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही निश्चित रूप से होगी।”

कांग्रेस द्वारा ED कार्रवाई के विरोध में किए जा रहे प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “ED एक स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी है, जो कानून के दायरे में रहकर जांच कर रही है। यदि कांग्रेस को लगता है कि जांच में कोई त्रुटि है, तो उनके लिए न्यायालय का दरवाजा हमेशा खुला है। उन्हें कोर्ट जाना चाहिए, सड़क पर ड्रामा करने से सच्चाई नहीं बदलेगी।”

बृजमोहन अग्रवाल ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध भाजपा सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा चेहरा क्यों न हो।

POLICE TRANSFER : पुलिस विभाग में फेरबदल, कई थानों के स्टाफ का हुआ तबादला

POLICE TRANSFER : पुलिस विभाग में फेरबदल, कई थानों के स्टाफ का हुआ तबादला

 जांजगीर-चांपा : जिले के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने पुलिस महकमे में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई थानों में पदस्थ पुलिसकर्मियों का तबादला किया है। जारी तबादला सूची में 2 सब इंस्पेक्टर (एसआई), 8 असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) और 4 आरक्षक शामिल हैं।

फेरबदल का यह निर्णय पुलिस व्यवस्था को बेहतर और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू माने जाएंगे।

वाटरफॉल्स पर नहाने या सेल्फी लेने के शौकीन हो जाए सावधान, वरना जाना पड़ेगा जेल, पुलिस ने जारी की ये चेतावनी…..

वाटरफॉल्स पर नहाने या सेल्फी लेने के शौकीन हो जाए सावधान, वरना जाना पड़ेगा जेल, पुलिस ने जारी की ये चेतावनी…..

 मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। अगर आप छत्तीसगढ़ के वॉटरफाल में नहाने या घूमने जाने वाले हैं। तो यह खबर आपके लिए जरुरू है। छत्तीसगढ़ के वाटरफॉल्स में अब सेल्फी लेने और नहाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है कि अगर कोई भी जलप्रपात के आसपास नहाते हुए या सेल्फी लेते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा।

दरअसल, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में कई खूबसूरत झरने और नदी हैं। अमृतधारा वाटफॉल, रमदहा तथा कर्म घोंघा वाटफॉल्स जिले के प्रमुख जलप्रपात हैं, जिन्हें देखने के लिए काफी संख्या में पर्यटक दूर-दूर से पहुंचते हैं। लेकिन फोटो-वीडियो और झरने में नहाते हुए कई लोग अपनी जान गवां देते हैं। इन हादसों को रोकने के लिए ही MCB पुलिस ने पर्यटकों के सुरक्षा के मद्देनजर यह चेतावनी जारी की है।

2 युवकों पर हुई कार्रवाई

बता दें, हादसों को रोकने के लिए बीते दिनों तहसीलदार समीर शर्मा के नेतृत्व में अमृतधारा जलप्रपात पर कार्रवाई भी की गई थी। मनेंद्रगढ़ बस स्टैंड के पास रहने वाले कृष गुप्ता (उम्र 19 वर्ष), पिता- राजेंद्र प्रसाद गुप्ता और लोको कॉलोनी मनेंद्रगढ के निवासी मोहम्मद अरशद (उम्र 20 वर्ष ), पिता समीम कुरैशी अमृतधारा जलप्रपात पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें जलप्रपात के नीचे पानी के बेहद करीब नहाते हुए देखा। जिसके बाद पुलिस ने तत्काल दोनों को गिरफ्तार किया और जिले के नागपुर थाने ले गए। परिजनों के निवेदन पर दोनों युवकों को पुलिस ने सख्त समझाइश देकर रिहा किया।

पुलिस की पर्यटकों से अपील

जिला प्रशासन ने सभी पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद सुरक्षित दूरी से लें।

संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच ही रोगों से बचाव का मूल मंत्र : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच ही रोगों से बचाव का मूल मंत्र : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपदा है। यदि हम संतुलित आहार लें, नियमित रूप से व्यायाम करें और समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच कराएं, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के केनाल रोड स्थित झूलेलाल धाम में आयोजित भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहे थे।

पूज्य बाबा गुरुदास राम साहेब जी की 94वीं जयंती के अवसर पर इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन पूज्य शदाणी सेवा मंडल, पूज्य बाबा गरीबदास सेवा मंडल, पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत, भारतीय सिंधु सभा तथा पूज्य कंधकोट पंचायत द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच कराई और आयुष्मान कार्ड भी बनवाए। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं प्रदान की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज की अनियमित जीवनशैली, मिलावटी खानपान और प्रदूषित वातावरण के कारण बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ अब आम हो चुकी हैं। यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्रों के मेहनतकश लोग भी अब इन बीमारियों से अछूते नहीं हैं। ऐसे में इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन अत्यंत सराहनीय पहल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सिंधी समाज की सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समाज प्रारंभ से ही सामाजिक सरोकारों में अग्रणी रहा है। उन्होंने स्मरण करते हुए कहा कि जब वे रायगढ़ से सांसद थे, तब से वे सिंधी समाज के विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस अवधि में स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में चौतरफा विकास हुआ है।

स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से छत्तीसगढ़ आज मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है। राज्य निर्माण के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं अब शासकीय एवं निजी क्षेत्र मिलाकर 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना भी हुई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्थाएं सुदृढ़ हुई हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी प्रारंभ किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर इलाज की सुविधा देने हेतु केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

साथ ही, 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को वय वंदन योजना के अंतर्गत इलाज हेतु 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। इसी प्रकार, राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 25 से 30 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से भी पात्र मरीजों को आर्थिक सहायता दी जाती है।

मुख्यमंत्री ने अंत में स्वास्थ्य शिविर के संयोजक श्री अमित चिमनानी एवं शिविर में सेवा प्रदान करने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री गुरु खुशवंत साहेब, धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कार्यक्रम संयोजक श्री अमित चिमनानी, भारतीय सिंधु सभा के अध्यक्ष श्री लधाराम जी, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के अध्यक्ष श्री महेश दरयानी सहित सिंधी समाज के सेवादार, विशेषज्ञ डॉक्टर एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 14 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट, तेज हवाओं के साथ हो सकती है बारिश…

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 14 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट, तेज हवाओं के साथ हो सकती है बारिश…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ने लगी है। आज से छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में बारिश के एक्टिविटी में बढ़ोत्तरी देखने को मिलेगी। बस्तर में अटका मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है और धीरे-धीरे प्रदेश के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ेगा। शुरुआत में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, इसके बाद सेंट्रल और नॉर्थ छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में असर दिखेगा।

मौसम विभाग ने प्रदेश के 14 जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर बौछारें भी पड़ने की संभावना है। जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बस्तर से आगे बढ़ता मानसून यदि आज सक्रिय रहा, तो अनुमान है कि यह 16 या 17 जून तक रायपुर पहुंच सकता है। हालांकि फिलहाल राजधानी में मानसून की रफ्तार धीमी रही है। शुक्रवार शाम को रायपुर के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी जरूर हुई, लेकिन यह लोकल वेदर सिस्टम के कारण थी।

छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया सूर्योदय: अब कोई स्कूल शिक्षक विहीन नहीं

छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया सूर्योदय: अब कोई स्कूल शिक्षक विहीन नहीं

 एकल शिक्षकीय शालाओं की संख्या में हुई 80 प्रतिशत की कमी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था को मिली नई दिशा

रायपुर, 14 जून 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक नया आयाम स्थापित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी नीति के चलते आज प्रदेश का प्राथमिक से लेकर हायर सेकण्डरी तक कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं रह गया है। राज्य की एकल शिक्षकीय शालाओं की संख्या में 80 प्रतिशत की कमी आई है।

यह परिवर्तन युक्तियुक्तकरण के माध्यम से संभव हो सका है, जिसका उद्देश्य राज्य के शैक्षणिक संसाधनों का न्यायसंगत उपयोग, शिक्षकों की तर्कसंगत पदस्थापना और शिक्षा के अधिकार अधिनियम व नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप शालाओं में आवश्यकता के अनुरुप शिक्षकों की पदस्थापना रहा है ।

गौरतलब है कि युक्ति -युक्त करण से पर्व प्रदेश में 453 विद्यालय शिक्षक विहीन और 5936 विद्यालयों में मात्र एक ही शिक्षक पदस्थ था। विशेषकर सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर जैसे दूरस्थ और संवेदनशील जिलों में यह समस्या अधिक थी।

इस विसंगति को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने जिला, संभाग और राज्य स्तर पर तीन चरणों में शिक्षकों की काउंसलिंग की प्रक्रिया चलाई। इसके परिणामस्वरूप, आज प्रदेश का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है और सभी हाई स्कूलों में न्यूनतम आवश्यक शिक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने युक्ति- युक्तकरण के जरिये स्कूलों में शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि हमने यह ठान लिया था कि छत्तीसगढ़ में अब कोई बच्चा शिक्षक के बिना नहीं पढ़ेगा। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से हम न केवल शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन कर रहे हैं, बल्कि एक मजबूत और समान शिक्षा प्रणाली की नींव भी रख रहे हैं। यह सिर्फ स्थानांतरण नहीं, यह शिक्षा में न्याय की पुनर्स्थापना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि एकल शिक्षकीय शालाओं की स्थिति में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में है और आगामी महीनों में पदोन्नति और नई नियुक्तियों के माध्यम से इन विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक भेजे जाएंगे।

राज्य सरकार अब उन 1207 प्राथमिक विद्यालयों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां अभी भी एक शिक्षक है। इसके समाधान हेतु प्राथमिक शाला प्रधान पाठकों की पदोन्नति, शिक्षकों की पदस्थापना तथा भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की रणनीति बनाई गई है।

राज्य में एकल शिक्षक वाले प्राथमिक विद्यालयों में बस्तर जिले में 283, बीजापुर 250,सुकमा 186,मोहला -मानपुर - चौकी 124,कोरबा 89, बलरामपुर 94,नारायणपुर 64,धमतरी 37,सूरजपुर 47,दंतेवाड़ा 11,अन्य जिले में मात्र 22 शालाएं है। इन शालाओं में जल्द ही आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।

छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास शिक्षा को समावेशी बनाने और हर बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर उपलब्ध कराना है। इस पूरी प्रक्रिया ने यह साबित किया है कि युक्तियुक्तकरण केवल प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक न्याय आधारित शिक्षा सुधार है, जिसके केंद्र में हर बच्चा, हर गांव, हर स्कूल है।

रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में निवेश का नया केंद्र बनने की ओर छत्तीसगढ़

रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में निवेश का नया केंद्र बनने की ओर छत्तीसगढ़

  रायपुर : अब केवल खनिज और कृषि प्रधान राज्य नहीं रह गया है, बल्कि तकनीकी नवाचार और रणनीतिक उद्योगों का नया गढ़ बनकर उभरने की दिशा में अग्रसर है। इस परिवर्तन की आधारशिला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में रखी गई है, जिन्होंने न केवल राज्य की औद्योगिक नीतियों को समकालीन और रोजगारोन्मुख बनाया, बल्कि रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हाल ही में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में इन उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के लिए पृथक औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की गई। यह पैकेज न केवल इन क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करेगा, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए सेवा और रोजगार के अवसरों के नए द्वार भी खोलेगा।

छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत तैयार किया गया यह विशेष पैकेज अत्याधुनिक उद्योगों की स्थापना और विस्तार को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़े उद्यमों को स्थायी पूंजी निवेश के आधार पर 100 प्रतिशत तक की एसजीएसटी प्रतिपूर्ति या वैकल्पिक रूप से पूंजी अनुदान की सुविधा दी जाएगी। 50 करोड़ से लेकर 500 करोड़ से अधिक के निवेश करने वाली इकाइयों के लिए 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 300 करोड़ रुपये तक तय की गई है। इसके साथ ही, निवेशकों को ब्याज अनुदान, विद्युत शुल्क में छूट, स्टाम्प और पंजीयन शुल्क में रियायतें, भूमि उपयोग परिवर्तन शुल्क में छूट, रोजगार सृजन पर आधारित प्रोत्साहन, ईपीएफ प्रतिपूर्ति और प्रशिक्षण अनुदान जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी।

इस नीति का सबसे प्रभावशाली पहलू यह है कि इसमें स्थानीय युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। जो उद्योग छत्तीसगढ़ के निवासियों को पहली बार रोजगार देंगे, उन्हें दिए गए वेतन का 20 प्रतिशत तक अनुदान भी मिलेगा। यह राज्य सरकार की उस सोच का परिणाम है, जिसमें ‘विकास’ केवल आंकड़ों तक सीमित न रहकर आम जनता के जीवनस्तर में वास्तविक सुधार का माध्यम बने। 

रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास की स्थापना पर व्यय का 20 प्रतिशत तक अनुदान, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना पर पूंजी निवेश अनुदान तथा ड्रोन प्रशिक्षण केंद्रों के लिए विशेष सहायता जैसी व्यवस्थाएं राज्य को प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और अग्रणी बनाएंगी। जो इकाइयां 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेंगी या 1000 से अधिक लोगों को रोजगार देंगी, उन्हें अतिरिक्त औद्योगिक प्रोत्साहन भी मिलेगा। इससे वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर की बड़ी कंपनियों को राज्य में निवेश हेतु प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री का मानना है कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश के नए अवसरों के साथ ही रोजगार, तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का एक समेकित पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जाए। छत्तीसगढ़ का युवा केवल नौकरी खोजने वाला न बने, बल्कि नौकरी देने वाला भी बने। यह औद्योगिक नीति मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप राज्य को नई पहचान दिलाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़ते हुए रक्षा और एयरोस्पेस जैसे उच्च तकनीक क्षेत्रों में निवेश का गंतव्य बनता जा रहा है। यह न केवल राज्य की आर्थिक समृद्धि को गति देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को सपनों की नई ऊंचाई तक ले जाने का मार्ग भी खोलेगा।

BREAKING : दो पुलिस अधिकारियों के हुए तबादले

BREAKING : दो पुलिस अधिकारियों के हुए तबादले

दुर्ग। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने दो अधिकारियों का तबादला किया है जिनमें रक्षित केंद्र में पदस्थ निरीक्षक (इंस्पेक्टर) महेश ध्रुव को तत्काल प्रभाव से एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (्रसीसीयू) में स्थानांतरित किया गया है। वहीं पुलिस लाइन में तैनात उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) उदय शंकर झा को दुर्ग कोतवाली भेजा गया है। दोनों अधिकारियों को आगामी आदेश तक उनके नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
ब्रेकिंग : बिजली गिरने से 7 गायों की मौत, इलाके में मचा हड़कंप

ब्रेकिंग : बिजली गिरने से 7 गायों की मौत, इलाके में मचा हड़कंप

 धमधा। धमधा से इस वक़्त की बड़ी खबर सामने आ रही हैं. ग्राम बिरेभांट में बिजली गिरने से लगभग 7 गायों की मौत हो गई है। ग्राम पंचायत हिरेतरा का आश्रित ग्राम है बिरेभांट जहां पर अचानक गरज-चमक के गांव के ही मुख्य चौक पर बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से 7 गायों की मौक़े पर ही मौत हो गई है।

 
CG : अस्पताल के बाथरूम में नाबालिग छात्रा ने नवजात को जन्म देकर कमोड में फेंका, बच्चे की दर्दनाक मौत

CG : अस्पताल के बाथरूम में नाबालिग छात्रा ने नवजात को जन्म देकर कमोड में फेंका, बच्चे की दर्दनाक मौत

 दंतेवाड़ा : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले दंतेवाड़ा में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय स्थित एक सरकारी बालिका छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने अस्पताल के बाथरूम में एक नवजात को जन्म दिया और उसे शौचालय के कमोड में फेंक दिया। नवजात की मौके पर ही मौत हो गई।

अस्पताल में पेट दर्द की शिकायत के बाद भर्ती

जानकारी के मुताबिक, छात्रा को पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद काटेकल्याण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों को उसकी हालत संदिग्ध लगी। इसी दौरान बाथरूम से नवजात के शव की सूचना मिली। जब जांच की गई तो शौचालय के कमोड में बच्चा मृत अवस्था में मिला

मेडिकल जांच और पुलिस जांच जारी

घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। छात्रा को निगरानी में रखा गया है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह मामला यौन शोषण का है या आपसी संबंधों का परिणाम है।

छात्रावास प्रबंधन पर उठे सवाल

प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि छात्रा जिला मुख्यालय के सरकारी बालिका छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। अब सवाल उठ रहा है कि छात्रा के गर्भवती होने की जानकारी हॉस्टल या स्कूल प्रशासन को क्यों नहीं लगी। मामले में प्रशासनिक लापरवाही की भी जांच की जा रही है।

पुलिस और बाल संरक्षण इकाइयों ने छात्रा के परिजनों को सूचित कर दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।

17 माओवादियों के खिलाफ NIA ने दाखिल की चार्जशीट, CRPF कैंप हमले में थे शामिल…

17 माओवादियों के खिलाफ NIA ने दाखिल की चार्जशीट, CRPF कैंप हमले में थे शामिल…

 जगदलपुर। बीजापुर जिले में सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले की साजिश में शामिल 17 माओवादियों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जगदलपुर की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। ये कार्रवाई उस हमले से जुड़ी है जो 16 जनवरी 2024 को धर्मावरम, चिंतावागु और पामेड़ स्थित सीआरपीएफ और कोबरा शिविरों पर एक साथ किया गया था। इनमें से एक माओवादी गिरफ्तार हो चुका है।

चार्जशीट के मुताबिक, गिरफ्तार माओवादी की पहचान सोदी बामन उर्फ देवल के रूप में हुई है, जबकि बाकी 16 आरोपी माओवादी फरार हैं। इनमें 2 केंद्रीय समिति सदस्य, 2 राज्य स्तरीय वरिष्ठ नेता, और तेलंगाना राज्य समिति, पामेड़ क्षेत्र समिति व PLGA बटालियन नंबर 01 के कई शीर्ष कैडर शामिल हैं।

गिरफ्तार माओवादी सोदी बामन उर्फ ​​देवल के अलावा एनआईए के चार्जशीट में शेष 16 फरार माओवादियों में 2 केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम), 2 विशेष क्षेत्रीय/राज्य समिति सदस्य (एसजेडसी/एससीएम) और पीएलजीए बीएन नंबर 01, तेलंगाना राज्य समिति और पामेड क्षेत्र समिति के अन्य शीर्ष कैडर शामिल हैं

इन माओवादियों के खिलाफ दाखिल आईपीसी, शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूए(पी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। मामला 16 जनवरी 2024 को बीजापुर जिले के धर्मावरम में सीआरपीएफ के नए शिविर और चिंतावागु और पामेड़ में दो निकटवर्ती सीआरपीएफ/कोबरा शिविरों पर हुए हमले से संबंधित है। हमलावरों ने शिविरों से सुरक्षा बलों के हथियार और अन्य सामान लूटने का प्रयास किया था। इसके पहले 17 दिसंबर 2023 को स्थापित धर्मावरम सीआरपीएफ शिविर में सीआरपीएफ के 12 जवान हमले में घायल हो गए थे।

एनआईए ने 9 फरवरी 2024 को स्थानीय पुलिस से मामला अपने हाथ में लिया था, और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) के 21 नामजद और 250-300 अज्ञात सशस्त्र कैडरों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच से पता चला कि आरोप पत्र में शामिल आरोपी भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की आपराधिक साजिश के तहत युवाओं की भर्ती में शामिल थे। उनके पास प्रतिबंधित हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री थी, और उन्होंने साजिश की बैठकों का आयोजन किया और उनमें भाग लिया।

माओवादियों ने लक्ष्य शिविर की प्रतिकृति के रूप में प्रशिक्षण डमी शिविर भी स्थापित किया था, अपने सशस्त्र कैडरों को सशस्त्र विद्रोह करने के लिए प्रशिक्षण दिया और प्रेरक भाषण दिए, इसके अलावा उक्त शिविरों की रेकी की और अंतिम हमलों को अंजाम दिया। मामले में आगे की जांच जारी है।

शासन की योजनाओं से सशक्त बनी जशपुर की उद्यमी महिला लालमती

शासन की योजनाओं से सशक्त बनी जशपुर की उद्यमी महिला लालमती

 रायपुर 14 जून 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण की योजनाएं अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगी हैं। इसकी एक प्रेरणादायी मिसाल हैं जशपुर जिले के गम्हरिया ग्राम की श्रीमती लालमती, जिन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से न सिर्फ स्वयं की पहचान बनाई, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है।

श्रीमती लालमती का जीवन एक साधारण मजदूर से सफल उद्यमी बनने की कहानी है। जब वे प्रजापति गौरी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, तब उन्हें बिहान योजना के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ मिला। उन्होंने उद्योग विभाग से लोन प्राप्त कर शटरिंग प्लेट का व्यवसाय प्रारंभ किया और बाद में जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर अपने व्यवसाय को विस्तार दिया।

आज श्रीमती लालमती के पास 200 से अधिक शटरिंग प्लेट हैं, जो वे निजी भवनों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की छत ढलाई हेतु किराये पर उपलब्ध कराती हैं। फरवरी 2025 से अब तक इस व्यवसाय से उन्हें लगभग 35,000 से 40,000 रुपये की आय हुई है। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव में कई मकानों का निर्माण कार्य चल रहा है।

श्रीमती लालमती ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि, यदि शासन की योजनाओं का साथ न होता, तो मैं आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाती। शासन ने हमें हौसला दिया, साधन उपलब्ध कराए और नई राह दिखाई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि ग्रामीण अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और आर्थिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाएं। बिहान, मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से हम महिलाओं को न केवल वित्तीय सहयोग दे रहे हैं, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बाज़ार तक पहुँच भी प्रदान कर रहे हैं। श्रीमती लालमती जैसी महिलाएं छत्तीसगढ़ की नई सामाजिक-आर्थिक चेतना की प्रतीक हैं।छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता है कि हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, सम्मान के साथ जीवन जिए और दूसरों के लिए प्रेरणा बने।