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फोर्टिफाइड राइस आपूर्ति प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं नियमानुसार

फोर्टिफाइड राइस आपूर्ति प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं नियमानुसार

 रायपुर :-  छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित , (मार्कफेड) ने फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफ आर के) की निविदा एवं आपूर्ति के संबंध में जानकारी दी है कि धान उपार्जन, कस्टम मिलिंग एवं चावल आपूर्ति की समस्त प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित नियमों तथा भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ संचालित किया जा रहा है। उपार्जन से लेकर भंडारण एवं वितरण तक प्रत्येक स्तर पर निर्धारित प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया है।

फोर्टिफाइड राइस के संबंध में बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार इसकी सार्वभौमिक आपूर्ति को अस्थायी रूप से स्थगित करते हुए चरणबद्ध व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत राज्यों को आवश्यकता अनुसार फोर्टिफाइड अथवा नॉन-फोर्टिफाइड चावल वितरण का विकल्प दिया गया है। राज्य में इन निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जा रहा है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कार्य आदेश मात्र 50989 मीट्रिक टन के विरुद्ध 41899 मीट्रिक टन एवं 2025-26 में कार्य आदेश एफआरके 83050 मीट्रिक टन के विरुद्ध 5834 मीट्रिक टन की आपूर्ति नियमानुसार की गई है तथा शेष मात्रा का वितरण निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी है। समस्त क्रय, मिलिंग एवं परिवहन कार्य अधिकृत एजेंसियों एवं अनुबंधों के माध्यम से संपादित हो रहे हैं, जिनकी सतत निगरानी की जा रही है।

अधिकारियों ने आमजनों एवं संबंधित हितधारकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सूचनाओं पर विश्वास करें तथा किसी भी शंका की स्थिति में विभाग से संपर्क किया जा सकता है।

बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 प्रदेश के विकास में बंगाली समाज की अहम भूमिका – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर :- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बंगाली समाज के नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के सभी लोगों को बंगाली नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में बंगाली समाज का सदैव महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विशेष रूप से मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बंगाली समाज की बड़ी भूमिका रही है। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं में भी समाज के लोग उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की भूमि सदैव महान विभूतियों की जन्मस्थली रही है, जहां रविंद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद अपने युवाकाल में लंबे समय तक रायपुर में रहे। उनके निवास स्थल को सरकार विरासत के रूप में संरक्षित कर रही है तथा राजधानी का विमानतल उनके सम्मान में स्वामी विवेकानंद विमानतल के नाम से जाना जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बंगाली समाज की अहम भूमिका रहेगी।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर बंगाली नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस, मेघनाद साहा, स्वामी विवेकानंद और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान विभूतियों का स्मरण करते हुए इस विरासत को सहेजने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी समाज के प्रतिनिधियों को नववर्ष की बधाई दी। इस अवसर पर श्री अखिलेश सोनी, श्री प्रबल प्रताप जूदेव, पूर्व न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी, श्री प्रवीण सेन, श्री विवेक वर्धन सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

गर्मी की छुट्टियों में रेल यात्रियों के लिए गुड न्यूज़, 15 ट्रेनें हुई रिस्टोर, जानिए कब से चलेगी, देखें पूरा शेड्यूल……

गर्मी की छुट्टियों में रेल यात्रियों के लिए गुड न्यूज़, 15 ट्रेनें हुई रिस्टोर, जानिए कब से चलेगी, देखें पूरा शेड्यूल……

 बिलासपुर। जांजगीर नैला स्टेशन में चौथी लाइन कनेक्टिविटी कार्य के कारण निरस्त, आंशिक रूप से निरस्त ट्रेनों को रिस्टोर किया गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल अंतर्गत जांजगीर नैला स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी हेतु किए जा रहे नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य के कारण पूर्व में निरस्त एवं आंशिक रूप से निरस्त की गई यात्री ट्रेनों को अब रिस्टोर किया जा रहा है।

रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निम्न विभिन्न पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह बहाली निर्धारित अवधि के दौरान चरणबद्ध रूप से की गई है।

रिस्टोर की गई ट्रेनें

गाड़ी संख्या 68737 (रायगढ़–बिलासपुर) मेमू को 19.अप्रैल से 22.अप्रैल .2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी।
गाड़ी संख्या 68738 (बिलासपुर–रायगढ़) मेमू को 19. अप्रैल .2026 से 22.अप्रैल .2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी।
गाड़ी संख्या 68736 (बिलासपुर–रायगढ़) मेमू को 19.अप्रैल .2026 से 21.अप्रैल .2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी।
गाड़ी संख्या 68735 (रायगढ़–बिलासपुर) मेमू को 20.अप्रैल से 22.अप्रैल .2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी।
गाड़ी संख्या 68746 (रायपुर–गेवरारोड) मेमू को 19. अप्रैल से 21.अप्रैल तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी।
गाड़ी संख्या 68745 (गेवरारोड–रायपुर) मेमू को 20.अप्रैल .2026 से 22.अप्रैल .2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी।
गाड़ी संख्या 58204 (रायपुर–कोरबा) पैसेंजर को 19.अप्रैल .2026 से 21.अप्रैल .2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी।
गाड़ी संख्या 58203 (कोरबा–रायपुर) पैसेंजर को 20.अप्रैल से 22.अप्रैल .2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी।
गाड़ी संख्या 68734 (बिलासपुर–गेवरारोड) मेमू को 19. अप्रैल .2026 से 22.अप्रैल .2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |
गाड़ी संख्या 68733 (गेवरारोड–बिलासपुर) मेमू को 19. अप्रैल .2026 से 22.अप्रैल .2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |
गाड़ी संख्या 68732 (बिलासपुर–कोरबा) मेमू को 19. अप्रैल से 22. अप्रैल .2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |
गाड़ी संख्या 68731 (कोरबा–बिलासपुर) मेमू को 19. अप्रैल से 22.अप्रैल तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

पीएम आवास योजना में लापरवाही पर गाज: कलेक्टर ने दी चेतावनी, अधूरे घर रहने पर रद्द होगी मंजूरी

पीएम आवास योजना में लापरवाही पर गाज: कलेक्टर ने दी चेतावनी, अधूरे घर रहने पर रद्द होगी मंजूरी

 दुर्ग । कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सभी नगर निगम आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (नगर पालिका परिषद) एवं नगर पंचायत अधिकारियों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपूर्ण एवं अप्रारंभ कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने हितग्राहियों को निर्माण कार्य में सक्रिय रूप से प्रेरित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में हितग्राहियों से सतत संपर्क बनाए रखते हुए निर्माण कार्यो की नियमित निगरानी करें, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर प्राप्त किया जा सके।  

कलेक्टर ने कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आवास निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कर हितग्राहियों को उपलब्ध कराया जाए। जिन हितग्राहियों की निर्माण कार्य में रुचि नहीं है, उनकी बैठक लेकर उन्हें समझाइश दी जाए, इसके बावजूद रूचि नही लेने पर उनकी आवास स्वीकृति निरस्त करने की कार्यवाही करने को कहा। इसके साथ ही जिन हितग्राहियों ने अपने अंशदान की पूरी राशि जमा कर दी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास का पजेशन दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। बैठक में अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और हितग्राहियों से निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही ठेकेदारों को कार्य में तेजी लाने के लिए कहा गया। कलेक्टर सिंह ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित कार्यों को मई माह तक हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। बैठक में नगर निगम भिलाई आयुक्त राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग आयुक्त सुमित अग्रवाल, नगर निगम भिलाई चरोदा आयुक्त दशरथ राजपूत, नगर निगम रिसाली आयुक्त मोनिका वर्मा सहित सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित थे।a

सुशासन तिहार की तैयारी तेज, कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश

सुशासन तिहार की तैयारी तेज, कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश

 बिलासपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप “सुशासन तिहार” के तहत 1 मई से 10 जून 2026 के बीच आयोजित होने वाले जन समस्या निवारण शिविरों की तैयारी को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों का निराकरण समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए, ताकि आमजन को वास्तविक लाभ मिल सके। कलेक्टर ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। भूमि संबंधी प्रकरण, मनरेगा अंतर्गत लंबित भुगतान, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, आय जाति और निवास प्रमाण पत्र, बिजली, ट्रांसफार्मर एवं पेयजल से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जानकारी दी कि निर्धारित अवधि में जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15-20 ग्राम पंचायतों के समूह तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे, जहां विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की जानकारी अनिवार्य रूप से प्रदान की जाए। साथ ही, विभिन्न शासकीय योजनाओं के प्रति व्यापक जन-जागरूकता सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि अभियान के दौरान नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी तथा विकास कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन का मैदानी स्तर पर निरीक्षण कर फीडबैक लिया जाएगा। व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक सुशासन तिहार की जानकारी पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर अग्रवाल ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि इस अभियान को जन-आंदोलन के रूप में संचालित करते हुए आमजन को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।

 आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार

 रायपुर। भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा दिनांक 17 एवं 18 अप्रैल 2026 को पुणे (महाराष्ट्र) में आयोजित चिंतन शिविर में देश के सभी राज्यों को योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य को योजना के प्रभावी संचालन, सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था तथा पारदर्शी क्लेम प्रबंधन प्रणाली के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।छत्तीसगढ़ को Best Performing Large State के रूप में निम्नलिखित श्रेणियों में चयनित किया गया—

इस श्रेणी में राज्य ने संदिग्ध क्लेम की पहचान एवं उनके प्रभावी विश्लेषण में उल्लेखनीय दक्षता प्रदर्शित की है। उन्नत आईटी आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली तथा सुदृढ़ ऑडिट व्यवस्था के माध्यम से अनियमितताओं की समयबद्ध पहचान सुनिश्चित की गई है।

2. टाइमली प्रोसेसिंग ऑफ सस्पेसियस क्लेम्स

इस श्रेणी में राज्य ने संदिग्ध दावों के त्वरित निपटान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर क्लेम की जांच, निर्णय एवं निष्पादन सुनिश्चित कर पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत किया गया है।

राज्य में क्लेम ऑडिट तंत्र को सशक्त बनाने, ट्रिगर-आधारित निगरानी प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने तथा अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के कारण संदिग्ध प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। इसके परिणामस्वरूप क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता में वृद्धि हुई है तथा अनावश्यक विलंब में कमी आई है, जिससे योजना के लाभार्थियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के राज्य को मिली इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “यह सम्मान छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से हम प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं। यह पुरस्कार हमारे स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक टीम और सहयोगी संस्थानों के सामूहिक प्रयास का प्रतिफल है। हम भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते रहेंगे।”

दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: लक्ष्मी राजवाड़े

दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: लक्ष्मी राजवाड़े

 55 महिलाओं को मिला लघु उद्योग का व्यावहारिक ज्ञान

रायपुर। महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल और मार्गदर्शन में संचालित “दिशा दर्शन भ्रमण” योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी रूप से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले की लगभग 55 महिलाएं, जो विभिन्न महिला स्व सहायता समूहों से जुड़ी हैं, अध्ययन भ्रमण के तहत रायपुर पहुंचीं।

भ्रमण के दौरान महिलाओं ने रायपुर-खरोरा स्थित सोया प्रोसेसिंग प्लांट का अवलोकन कर उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं विपणन की प्रक्रियाओं को विस्तार से समझा। प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाओं में स्वरोजगार के प्रति नया आत्मविश्वास जागृत हुआ और उन्होंने अपने क्षेत्रों में छोटे स्तर पर प्लांट स्थापित कर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की।

इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े प्लांट परिसर में उपस्थित रहीं और महिलाओं से सीधे संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस प्रकार के भ्रमण कार्यक्रम उन्हें व्यवहारिक अनुभव प्रदान करते हैं, जो उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

मंत्री राजवाड़े ने कहा कि इच्छुक महिला स्व सहायता समूहों को सोया प्रोसेसिंग जैसे लघु उद्योग स्थापित करने हेतु हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन एवं विपणन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं, बल्कि समाज में नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि दिशा दर्शन भ्रमण योजना के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को ज्ञान, कौशल और अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त रूप से अग्रसर कर रही है।

भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियन बनाने वाली संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि

भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियन बनाने वाली संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि

 उप मुख्यमंत्री साव ने सौंपा चेक, राज्य में पहली बार किसी खिलाड़ी को दी गई है इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि

रायपुर । भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी गई है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह राशि सौंपी। साव ने इस दौरान बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया।

संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से पिछले साल नवम्बर में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 

संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी है। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही है।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि राज्य में जब ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं और प्रोत्साहित करें। हमारे खिलाड़ियों को... और विशेषकर लड़कियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसके लिए सरकार संजू देवी को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अभी हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी की है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं। 

सव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं चलती रहें, चाहे वो सरकार के माध्यम से हों, अन्य संस्थाओं के माध्यम से हों या खेल संघों के माध्यम से हों। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच दिल कुमार राठौर सहित राज्य शासन के विभिन्न अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी, कबड्डी संघ के पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी भी सम्मान समारोह में मौजूद थे।

जुनून, कड़ी मेहनत, मानसिक मजबूती, समर्पण और संघर्ष का नाम संजू देवी रावत

दमदार खेल और विपक्षी टीम के पाले में जाकर अपनी टीम के लिए अंक बटोरने की काबिलियत की वजह से संजू देवी को नवम्बर-2025 में बांग्लादेश में हुए कबड्डी विश्वकप में टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल और सेमीफाइनल सहित शुरूआती मैचों में भी निर्णायक क्षणों में उसने टीम की जीत सुनिश्चित करने वाले अंक बटोरे। संजू छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी है। बांग्लादेश में कबड्डी विश्व कप खेलने के साथ ही वह मार्च-2025 में ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश के लिए खेल चुकी है। ईरान में भी उसने उम्दा प्रदर्शन किया था।

संजू ने गरीबी व अभावों के बीच संघर्ष और कड़ी मेहनत से ये उपलब्धियां हासिल की हैं। वे खेल के प्रति अपने जुनून, समर्पण, अनुशासन, मानसिक मजबूती, कठोर परिश्रम और संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अपने जुनून और जज्बे के बीच उसने जो मानसिक मजबूती दिखाई है, वह दुर्लभ है। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है। 

संजू की सफलता और उपलब्धियां खेल में अपना करियर बनाने की सोच रहे बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने वाली है। बिलासपुर के शासकीय कबड्डी अकादमी में अपने खेल को तराशने वाली संजू कहती है कि बड़े स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। बाधाओं के बीच पहली सीढ़ी पार करने के बाद ही आपको दूसरी सीढ़ी चढ़ने का मौका मिलता है।

लगातार अच्छे प्रदर्शन से मिली भारतीय टीम में जगह
संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है।

वर्ष-2024 में छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ द्वारा आयोजित चयन स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन के फलस्वरूप इंडिया कैंप के लिए संजू का चयन हुआ। इंडिया कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप के लिए उन्हें भारतीय टीम में स्थान मिला। इसमें लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें महिला कबड्डी वर्ल्ड कप की टीम में भी शामिल किया गया। वे भारतीय टीम के लिए गांधी नगर और सोनीपत में आयोजित चार कैंपों में शामिल हो चुकी हैं।

बस्तर जिले में बाल विवाह के खिलाफ पहली एफआईआर हुई दर्ज

बस्तर जिले में बाल विवाह के खिलाफ पहली एफआईआर हुई दर्ज

 जगदलपुर। बस्तर जिले में बाल विवाह के खिलाफ पहली बार सख्त कार्रवाई करते हुए थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला महिला एवं बाल विकास विभाग के बाल संरक्षण विभाग की पहल पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज किया गया हैमिली जानकारी के अनुसार यह घटना जगदलपुर ब्लॉक की है, जहां 21 मार्च 2026 को एक विवाह समारोह संपन्न हुआ था। शुरुआत में यह सामान्य विवाह प्रतीत हुआ, लेकिन शिकायत के बाद हुई जांच में सामने आया कि वधु की उम्र 18 वर्ष से कम थी। जांच में पुष्टि के बाद बाल संरक्षण विभाग ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज कराया। इस प्रकरण में वर और वधु पक्ष के कुल 5 लोगों को आरोपी बनाया गया है। बता दें कि बाल विवाह को लेकर बस्तर जिले में पिछले चार वर्षों में 15 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें अधिकांश मामलों में पहले केवल समझाइश देकर छोड़ दिया गया था।

उल्लेख्निय है कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह अपराध है। बाल विवाह में सहयोग या शामिल होने वालों को अधिकतम 2 साल सजा या 1 लाख तक जुर्माना, कुछ मामलों में दोनों का प्रावधान है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है।

सरेराह युवक ने खुद को लगाई आग, 80% झुलसा, घटना CCTV में कैद

सरेराह युवक ने खुद को लगाई आग, 80% झुलसा, घटना CCTV में कैद

 बिलासपुर। जिले में एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने सरेराह पेट्रोल छिड़ककर खुद को आग के हवाले कर दिया। यह पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। जानकारी के मुताबिक, मामला बिल्हा थाना क्षेत्र के पौशरी गांव का है। युवक की पहचान मनजीत जायसवाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह बाइक से पेट्रोल पंप पहुंचा, जहां उसने एक डिब्बे में पेट्रोल लिया। इसके बाद पंप से कुछ दूरी पर जाकर उसने सड़क किनारे बाइक रोकी और खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली।देखते ही देखते युवक आग की लपटों में घिर गया, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की तत्परता से किसी तरह आग बुझाई गई और गंभीर रूप से झुलसे युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार युवक करीब 80 प्रतिशत तक झुलस चुका है और उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।फिलहाल आत्मदाह के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं, हालांकि प्रारंभिक तौर पर मानसिक तनाव या अवसाद की आशंका जताई जा रही है। पुलिस युवक का बयान लेने की कोशिश कर रही है और परिजनों से भी पूछताछ जारी है। ASP मधुलिका सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

बॉयफ्रेंड ने की गर्लफ्रेंड की हत्या, दूसरे से अफेयर के शक में हुआ था विवाद

बॉयफ्रेंड ने की गर्लफ्रेंड की हत्या, दूसरे से अफेयर के शक में हुआ था विवाद

 दुर्ग। जिले में बॉयफ्रेंड ने गला घोंटकर अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी। उसे शक था कि, प्रेमिका का किसी दूसरे के साथ अफेयर चल रहा है। इस बात पर दोनों का विवाद हुआ और गुस्से में आकर कार्तिक ने उसे मार डाला। उसके बाद खुद ही पुलिस को फोन कर मर्डर की जानकारी दी। घटना पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, युवती की पहचान युनेश्वरी वर्मा (26) है, जो कि मूल रूप से खैरागढ़ जिले के चिचोला की रहने वाली थी। वह दुर्ग में पढ़ाई करती थी। आरोपी बॉयफ्रेंड कार्तिक राम साहू (27) बालोद जिले का रहने वाला है। पढ़ाई के दौरान दोनों की पहचान हुई ।

पुलिस को खुद बताया

शुक्रवार (17 अप्रैल) करीब दोपहर एक बजे कार्तिक यूनेश्वरी को लेकर अपने रूम पहुंचा, जहां उसी बात पर उनका दोबारा विवाद हो गया। गुस्से में आकर कार्तिक ने युनेश्वरी का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

इसके बाद कार्तिक ने खुद ही पूरे मामले की जानकारी डॉयल-112 पर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजवा दिया है। आज पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। पूछताछ में आरोपी अपना जुर्म स्वीकार लिया है।

आरोपी कार्तिक साहू ने युवती का गला दबाया। जब उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई तो उसने डायल 112 पर फोन कर दिया। टीम मौके पर पहुंची तो उसने कहा- ‘देखिए साहब, यह बेहोश हो गई है, उठ नहीं रही।’

स्थिति को देखते हुए डायल 112 की टीम ने युवती को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं आरोपी को थाने भेज दिया गया।

भाई पावेन वर्मा के मुताबिक, युनेश्वरी कुछ दिन पहले ही वह गांव आई थी और एक दिन पहले दुर्ग के लिए निकली थी। परिजनों को आरोपी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। घटना की सूचना पुलिस से मिली, जिसके बाद परिवार दुर्ग पहुंचा। भाई ने आरोपी के लिए सख्त सजा, फांसी की मांग की है।

5 रु के पुराने नोट के बदले 37 लाख देने का लालच देकर 11.70 लाख की ठगी, साइबर गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

5 रु के पुराने नोट के बदले 37 लाख देने का लालच देकर 11.70 लाख की ठगी, साइबर गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

 खैरागढ़। छुईखदान पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के मास्टरमाइंड मोहम्मद जाहिर, उम्र 19 वर्ष को हरियाणा के नूंह जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी पुराने सिक्के और नोट के बदले लाखों रुपये दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था।

ग्राम पदमावतीपुर निवासी नेताराम देवांगन ने छुईखदान थाने में शिकायत दर्ज कराई कि व्हाट्सएप के माध्यम से उसे ₹5 के पुराने नोट के बदले ₹37.94 लाख देने का लालच दिया गया। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, कस्टम चार्ज आदि के नाम पर अलग-अलग खातों में कुल ₹11.70 लाख ट्रांसफर कराए गए।

जांच में सामने आया कि आरोपी 20 बैंक खातों और 30-40 फर्जी सिम का उपयोग कर ठगी करता था। तकनीकी विश्लेषण से लोकेशन मिलने पर पुलिस ने हरियाणा पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया।आरोपी के पास से 9 मोबाइल, 2 एटीएम कार्ड और ₹4000 नगद जब्त किए गए। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

नशे में धूत बाइक सवार को बचाने के चक्कर में SDM की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, ड्राइवर और आरक्षक गंभीर रूप से घायल

नशे में धूत बाइक सवार को बचाने के चक्कर में SDM की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, ड्राइवर और आरक्षक गंभीर रूप से घायल

 सूरजपुर।  जिले के देवनगर अटल चौक पर रामानुजनगर SDM की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में SDM को मामूली चोटें आईं, जबकि ड्राइवर और एक आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल सूरजपुर रेफर किया गया है। सूचना मिलते ही कलेक्टर भी घायलों को देखने अस्पताल पहुंच गए।

 

जानकारी के अनुसार, रामानुजनगर SDM अपनी गाड़ी से रामानुजनगर से सूरजपुर जा रहे थे। देवनगर अटल चौक के पास एकड्राइवर और आरक्षक गंभीर घायलदर्घटना में SDM को हल्की चोटें आईं, लेकिन गाड़ी चला रहे ड्राइवर और साथ में मौजूद आरक्षक को गंभीर चोटें लगी हैं। घटना की सूचना मिलते ही सूरजपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।शराबी बाइक सवार को बचाने के प्रयास में उनकी बोलेरो गाड़ी अनियंत्रित होकर एक दूकान में जा घुसी।स दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। सूरजपुर कलेक्टर एस. जयवर्धन को जैसे ही घटना की खबर मिली, वे भी तत्काल दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने सियान गुड़ी का किया शुभारंभ : बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर वरिष्ठजनों का बढ़ाया हौंसला

मुख्यमंत्री साय ने सियान गुड़ी का किया शुभारंभ : बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर वरिष्ठजनों का बढ़ाया हौंसला

 00 वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे-केयर सुविधा से सुसज्जित केंद्र : योग, स्वास्थ्य, मनोरंजन और कौशल विकास की मिलेगी एक ही छत के नीचे सुविधा

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर केंद्र ‘सियान गुड़ी’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर उनका उत्साह बढ़ाया और आत्मीय संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर वरिष्ठजन अत्यंत प्रसन्न नजर आए तथा उन्होंने राज्य सरकार द्वारा विकसित ‘सियान गुड़ी’ के लिए आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बुजुर्गों को फूड बास्केट वितरित किए तथा धार्मिक पुस्तक, शॉल एवं श्रीफल भेंटकर उनका सम्मान किया। उन्होंने समाज में वरिष्ठजनों के सम्मान और उनकी देखभाल के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन वर्तमान में समाज तेजी से बदल रहा है। एकल परिवार की बढ़ती प्रवृत्ति, रोजगार के लिए युवाओं का पलायन और व्यस्त जीवनशैली के कारण अनेक बुजुर्ग दिन के समय अकेलेपन और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अकेलापन केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन्हीं चुनौतियों के समाधान के लिए ‘डे-केयर सेंटर – सियान गुड़ी’ की परिकल्पना की गई है। यह भवन वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, आत्मीयता और सक्रियता का एक सशक्त केंद्र बनेगा, जहां वे सुरक्षित वातावरण में दिन व्यतीत कर नई ऊर्जा और उत्साह प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने केंद्र का निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की और इसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श पहल बताया।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि सियान गुड़ी’ के माध्यम से राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को अधिक सम्मानजनक, सक्रिय और खुशहाल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हुए पारिवारिक मूल्यों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
उल्लेखनीय है कि जशपुर में रणजीता स्टेडियम के पीछे भागलपुर रोड स्थित यह ‘सियान गुड़ी’ केंद्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समग्र डे-केयर यूनिट के रूप में विकसित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें एक ही स्थान पर बहुआयामी सेवाएं उपलब्ध कराना है। यहां योग, प्राणायाम, मनोरंजन, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियां, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता तथा कौशल विकास प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, बेसिक दवाओं की उपलब्धता, टेली कंसल्टेशन, स्वास्थ्य जागरूकता सत्र, फिजियोथैरेपी और व्यायाम की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
इसके अतिरिक्त केंद्र में वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी एवं पारिवारिक परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। उपेक्षा या दुर्व्यवहार की स्थिति में नेशनल हेल्पलाइन नंबर 14567 तथा राज्य स्तरीय सियान हेल्पलाइन नंबर 155326 के माध्यम से त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सुविधाओं की दृष्टि से ‘सियान गुड़ी’ को अत्याधुनिक रूप दिया गया है, जहां बाधारहित वातावरण, व्हील चेयर सुविधा, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, जेंडर पृथक एवं दिव्यांग अनुकूल शौचालय, सामूहिक गतिविधियों के लिए विशाल हॉल, पुस्तकालय एवं शांत रीडिंग कॉर्नर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही टीवी, रेडियो, सीसीटीवी, बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली, प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण डेस्क, मासिक चिकित्सकीय परामर्श, फिजियोथैरेपी कॉर्नर तथा टेलीमेडिसिन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
इस केंद्र में प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग, व्यायाम, चाय-नाश्ता, भोजन, मनोरंजन, जीवन कौशल एवं पुनः कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह चर्चा तथा कानूनी एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। 
इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठजन उपस्थित थे।

ग्रामीण विकास को नई रफ्तार: 2426 किमी सड़क निर्माण का मुख्यमंत्री साय ने किया शिलान्यास

ग्रामीण विकास को नई रफ्तार: 2426 किमी सड़क निर्माण का मुख्यमंत्री साय ने किया शिलान्यास

 00 एक साथ 774 सड़कों का भूमिपूजन, 781 बसाहटों को मिलेगा पक्का सड़क संपर्क

जशपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर स्थित रणजीता स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (फेज-04) के अंतर्गत स्वीकृत 774 सड़कों का शिलान्यास एवं शुभारंभ किया। इन सड़कों की कुल लंबाई 2426.875 किलोमीटर है, जिनके निर्माण पर ₹2225.44 करोड़ की लागत आएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिला मुख्यालय स्थित वशिष्ठ कम्यूनिटी हॉल के जीर्णोद्धार के लिए ₹80 लाख की राशि प्रदान करने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सड़कों का भूमिपूजन ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इन सड़कों के निर्माण से लगभग 781 बसाहटों को बारहमासी पक्की सड़क सुविधा प्राप्त होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की गई थी, जो उनकी दूरदर्शी सोच का परिणाम है और आज यह योजना ग्रामीण भारत की जीवनरेखा बन चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में सड़क नेटवर्क के विस्तार में अभूतपूर्व तेजी आई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और पीएम जनमन योजना के माध्यम से राज्य के अधिकांश गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तथा रायपुर से जशपुर होते हुए धनबाद तक सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे जशपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सहकारिता क्षेत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि हाल ही में 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है, जिससे प्रदेश में समितियों की संख्या बढ़कर 2573 हो गई है। ये समितियां किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं उनके निकट उपलब्ध कराएंगी तथा धान विक्रय प्रक्रिया को सरल बनाएंगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और होली से पूर्व 25.28 लाख किसानों के खातों में 10000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरण कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नागरिकों से आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि सही आंकड़े ही सटीक विकास योजनाओं का आधार बनते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत प्रदेशभर में शिविर आयोजित कर समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है तथा ₹757 करोड़ के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य में नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी तेजी से विकास कार्य संभव हो पा रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि आज जिन 774 सड़कों का शिलान्यास किया गया है, उनका निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में 1300 से अधिक सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में भी सड़क निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे ये क्षेत्र भी मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू कर अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारीक ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेज-04 के अंतर्गत राज्य में 3065 सड़क विहीन बसाहटों का चिन्हांकन किया गया है। बैच-2 में 1000 बसाहटों के लिए 2684 किलोमीटर लंबाई की 975 सड़कों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है, जबकि शेष 1284 बसाहटों के लिए डीपीआर तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के लिए 2902 किलोमीटर लंबाई की 807 सड़कों एवं 123 वृहद पुलों के निर्माण हेतु ₹2477 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिनसे 871 बसाहटें लाभान्वित होंगी। अब तक 1735 किलोमीटर लंबाई की 356 सड़कें पूर्ण कर 356 बसाहटों को जोड़ दिया गया है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अब तक कुल 47,847 किलोमीटर लंबाई की 10,119 सड़कों एवं 581 वृहद पुलों को स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिनमें से 42,250 किलोमीटर लंबाई की 8713 सड़कें और 444 पुल पूर्ण किए जा चुके हैं।
जशपुर जिले में इस योजना के तहत कुल 77 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी लंबाई 197.26 किलोमीटर तथा लागत ₹196.20 करोड़ है। विभिन्न विकासखंडों में इन सड़कों का निर्माण चरणबद्ध रूप से किया जाएगा, जिससे जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ होगी और स्थानीय विकास को गति मिलेगी।इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया महाअभियान अंतर्गत 500 नए तरिया का किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री साय ने मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया महाअभियान अंतर्गत 500 नए तरिया का किया शिलान्यास

 00 जल संरक्षण से गांवों में बढ़ेगी समृद्धि

00 आजीविका डबरी और नए तरिया से किसानों व ग्रामीणों को मिलेगा बड़ा लाभ
रायपुर।
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया महाअभियान” का आज जशपुर के रणजीता स्टेडियम में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने शुभारंभ किया। अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया, आय के जरिया” के तहत प्रदेश में 500 नए तरिया (तालाब) के निर्माण का भी शिलान्यास किया। इससे जल संचयन, भूजल स्तर में वृद्धि और कृषि कार्यों के लिए सिंचाई सुविधा में सुधार होगा। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण, जल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर कार्य किए जाएंगे।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत इस महाअभियान के तहत प्रदेशभर में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध 15 अप्रैल 2026 तक 13,000 से अधिक डबरी निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। यह उपलब्धि अभियान की गति और प्रभावशीलता को दर्शाती है। 
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि जल ही जीवन और विकास का आधार है। ‘मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया’ अभियान के माध्यम से हम गांव-गांव में जल संरक्षण को जन आंदोलन बना रहे हैं। इससे न केवल पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आजीविका डबरी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन, बत्तख पालन, सिंघाड़ा उत्पादन, सब्जी उत्पादन और वृक्षारोपण जैसे विविध आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लोगों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। ग्रामीण स्तर पर इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए दीवार लेखन, बैनर, ग्राम सभाओं में जागरूकता अभियान तथा क्यूआर कोड के माध्यम से विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी व्यापक प्रचार किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए आजीविका डबरी से जुड़े कार्यों में स्व सहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। हितग्राही परिवार की महिला सदस्य का नाम नागरिक सूचना पटल में अंकित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं की अधिकारिता और भागीदारी मजबूत हो सके।इसके तहत उन्नत तकनीक आधारित योजना निर्माण और ग्राम सभा की स्वीकृति के आधार पर कार्यों को मंजूरी दी जा रही है, जिससे पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो रही है। सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से यह अभियान ग्राम पंचायतों के समग्र विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य करेगा। “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया” महाअभियान जशपुर सहित पूरे प्रदेश में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाते हुए ग्रामीणों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में उभर रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, अध्यक्ष छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अनियंत्रित तेज रफ्तार हाईवा पलटी 3 घायल

अनियंत्रित तेज रफ्तार हाईवा पलटी 3 घायल

 जगदलपुर। जिले के ताेंगपाल थाना क्षेत्र अंर्तगत पुसपाल घाट में शुक्रवार काे गिट्टी से भरा तेज रफ्तार हाईवा अनियंत्रित होकर पलट गया । हादसे में हाईवा चालक सहित 3 लोग घायल हुए हैं। पुसपाल घाट में तैनात सीआरपीएफ 188 बटालियन के जवानों ने मौके पर पहुंचकर वाहन में फंसे घायलों को बचाया और अस्पातल रवाना किया। मिली जानकारी के अनुसार दुर्घटना के बाद हाईवा चालक सहित 3 लोग वाहन में ही फंस गए थे। गनीमत रही कि सीआरपीएफ के तैनात सहायक कमांडेंट बन्ना राम वहां मौजूद थे, उन्होंने मारडूम थाने में घटना की सूचना दी, मौके पर जवानों की टीम पहुंची और फंसे हुए घायल हाईवा चालक लक्ष्मण एवं उसकेे साथ ही हाईवा वाहन में सवार योगेंद्र और कार्तिक को बाहर निकाला लिया। उन्हें इलाज के लिए अस्पातल भेज दिया गया है।

स्पेस ऑन व्हील्स' बना जशपुर के बच्चों के लिए अंतरिक्ष ज्ञान का चलता-फिरता विद्यालय

स्पेस ऑन व्हील्स' बना जशपुर के बच्चों के लिए अंतरिक्ष ज्ञान का चलता-फिरता विद्यालय

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने किया “स्पेस ऑन व्हील्स” का अवलोकन, बच्चों की वैज्ञानिक समझ की सराहना की

रायपुर:-

अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जशपुर जिले में “स्पेस ऑन व्हील्स” कार्यक्रम ने बच्चों में नई ऊर्जा का संचार किया है। रणजीता स्टेडियम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की विशेष मोबाइल प्रदर्शनी बस के आगमन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंतरिक्ष गाड़ी का अवलोकन किया और प्रदर्शित रॉकेट, उपग्रह तथा विभिन्न अंतरिक्ष मिशनों के मॉडलों को देखा। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी वैज्ञानिक समझ और जिज्ञासा की सराहना की।

शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर की कक्षा 12वीं की छात्राएं कुमारी अंशु पासवान, भूमिका डाहरे और सारिका साहनी ने आगे बढ़कर चंद्रयान, मंगलयान सहित विभिन्न अंतरिक्ष तकनीकों की कार्यप्रणाली को सरल और प्रभावी ढंग से मुख्यमंत्री को समझाया। बच्चों के आत्मविश्वास से प्रभावित मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी पहलें विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में विज्ञान और तकनीक ही विकास की आधारशिला है और “स्पेस ऑन व्हील्स” जैसे कार्यक्रम ग्रामीण अंचलों के बच्चों में जिज्ञासा, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पेस ऑन व्हील्स के माध्यम से जिले के विभिन्न स्कूलों में विज्ञान की जानकारी देने वाले 17 बच्चों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया और विद्यार्थियों को “द मैजिक ऑफ नाइट स्काई” पुस्तिका भी वितरित की।

 इस अवसर पर विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए “अन्वेषण” कार्यक्रम के अंतर्गत इस पहल का आयोजन किया जा रहा है। विज्ञान भारती के सहयोग से यह कार्यक्रम जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में संचालित किया जा रहा है। 7 अप्रैल से प्रारंभ हुआ यह अभियान 14 दिनों तक चलेगा, जिसमें बस प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी दे रही है। इस पहल से जिले के 10 हजार से अधिक विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।

स्पेस ऑन व्हील्स” इसरो की एक अत्याधुनिक मोबाइल प्रदर्शनी है,  ताकि अंतरिक्ष विज्ञान को सीधे छात्रों और आमजन तक पहुंचाया जा सके। इस प्रदर्शनी में पीएसएलवी, जीएसएलवी, चंद्रयान, मंगलयान, आरएलवी, रिमोट सेंसिंग, कम्युनिकेशन और नेविगेशन सैटेलाइट से जुड़े मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। ऑडियो-विजुअल माध्यम, इंटरएक्टिव पैनल और लाइव डेमो के जरिए विद्यार्थियों को जटिल अंतरिक्ष तकनीकों को सरल भाषा में समझाया जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य न केवल अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना भी है। विज्ञान भारती के विशेषज्ञों, भौतिकी के व्याख्याताओं और स्वयंसेवकों द्वारा विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रहा है, जिन्हें बड़े शहरों या इसरो केंद्रों तक पहुंचने का अवसर नहीं मिल पाता।

 जशपुर में “स्पेस ऑन व्हील्स” का आगमन  युवाओं के सपनों को नई दिशा देने वाला अभियान बनकर उभरा है, जो भविष्य में जिले को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।a

अबूझमाड़ की दुर्गम पहाड़ियों काे लांघकर पहली बार राशन पहुँचा हितुल

अबूझमाड़ की दुर्गम पहाड़ियों काे लांघकर पहली बार राशन पहुँचा हितुल

 नारायणपुर। बस्तर के अबूझमाड़ की दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच ओरछा विकासखंड के थुलथुली पंचायत का आश्रित ग्राम हितुल लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा था। सबसे बड़ी चुनौती थी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ ग्रामीणाें तक पहुँचाना। ग्रामीणों को राशन के लिए ओरछा तक दुर्गम रास्तों से होकर जाना पड़ता था, जो बुजुर्गों और महिलाओं के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। नारायणपुर कलेक्टर नम्रता जैन की विशेष पहल पर प्रशासन ने इस बाधा को पार कर दिखाया। पहली बार दुर्गम रास्तों को बनाते हुए ट्रैक्टरों के माध्यम से राशन सीधे गांव तक पहुंचाया गया। गांव में ही आयोजित 'चावल उत्सव' के दौरान जब राशन का वितरण शुरू हुआ, तो ग्रामीणों के चेहरों पर संतोष और खुशी की लहर दौड़ गई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के 'सुशासन' और जिला प्रशासन की संवेदनशीलता के फलस्वरूप, अब हितुल के ग्रामीणों को चांवल के लिए 30 किलोमीटर का जोखिम भरा पैदल सफर नहीं करना होगा।गांव के 271 राशन कार्डधारी परिवारों को अब गांव में ही खाद्यान्न मिलेगा। इससे 30 किमी. पैदल चलने की मजबूरी और समय की बर्बादी पूरी तरह खत्म हो गई है।

जिला खाद्य अधिकारी अलाउद्दीन खान ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य केवल राशन पहुंचाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है, कि भौगोलिक चुनौतियां विकास के रास्ते में बाधा न बनें। हितुल में राशन की यह 'दस्तक' इस बात का प्रमाण है कि अबूझमाड़ अब मुख्यधारा से जुड़ने के लिए तैयार है।

 गांव के बीच खड़ी दो ट्रकों में लगाई आग, पुलिस जांच में जुटी

गांव के बीच खड़ी दो ट्रकों में लगाई आग, पुलिस जांच में जुटी

 बालोद। बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम भोईनापार में देर रात अज्ञात बदमाशों ने कलामंच के सामने खड़ी दो ट्रकों को आग के हवाले कर दिया। आग लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया और ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। देखते ही देखते दोनों ट्रकों के केबिन, इंजन और कई कीमती सामान जलकर राख हो गए।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के पीछे की वजह और आरोपियों की तलाश जारी है।

संस्कृति विभाग द्वारा लोक कलाकारों को संबल देने मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026 हेतु आवेदन आमंत्रित

संस्कृति विभाग द्वारा लोक कलाकारों को संबल देने मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026 हेतु आवेदन आमंत्रित

 00 पारंपरिक कला-संस्कृति के संरक्षण के साथ कलाकारों को मिलेगा आर्थिक सहयोग, 15 मई तक कर सकते हैं आवेदन

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राज्य की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026” के अंतर्गत प्रदेशभर के लोक कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के माध्यम से लोकनृत्य, लोकगायन, लोकनाट्य, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कलाकार, पारंपरिक पाक कला एवं सौंदर्यकला से जुड़े कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सम्मानित करने की पहल की गई है, ताकि वे अपनी कला को निरंतर आगे बढ़ा सकें और सांस्कृतिक परंपराएं जीवंत बनी रहें।

संस्कृति विभाग द्वारा लोक कलाकारों को संबल देने “मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026” हेतु आवेदन आमंत्रित


योजना के तहत चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष न्यूनतम 12 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से दी जाएगी। इस योजना का लाभ उन्हीं कलाकारों को मिलेगा जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपये से अधिक नहीं है। साथ ही, चयनित कलाकारों को एक वित्तीय वर्ष में केवल एक बार यह प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी और आगामी दो वर्षों तक वे पुनः इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
आवेदन के लिए कलाकारों को निर्धारित प्रारूप में अपनी पूरी जानकारी देना अनिवार्य है, जिसमें नाम, कला विधा, पता, जिला, मोबाइल नंबर, चिन्हारी पोर्टल का पंजीयन क्रमांक, अनुभव के वर्ष तथा उपलब्धियों का विस्तृत विवरण (प्रमाण पत्र, फोटो, वीडियो आदि सहित) शामिल है। इसके साथ ही चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य रखा गया है।
इच्छुक कलाकार निर्धारित प्रारूप में आवेदन भरकर पंजीकृत डाक के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन पत्र भेजने की अंतिम तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन पत्र के लिफाफे पर “मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026” अंकित करना अनिवार्य होगा। योजना से संबंधित अधिक जानकारी विभागीय वेबसाइट 
www.cgculture.in पर भी प्राप्त की जा सकती है।
इस योजना के माध्यम से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन न केवल लोक कलाकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है, बल्कि प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं को संरक्षित और संवर्धित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।

छत्तीसगढ़ चेंबर ने ट्रांसपोर्ट चेम्बर का किया विस्तार, नई कार्यकारिणी सूची जारी

छत्तीसगढ़ चेंबर ने ट्रांसपोर्ट चेम्बर का किया विस्तार, नई कार्यकारिणी सूची जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड़ इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने बताया कि चेम्बर के कार्य में सहयोग करने एवं गतिशील बनाने के लिये चेम्बर में पदाधिकारियों का विस्तार करते हुए ट्रांसपोर्ट चेम्बर का गठन कर श्री हरचरण सिंह साहनी को अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। तत्पश्चात ट्रांसपोर्ट चेम्बर का विस्तार करते हुए महामंत्री, कोषाध्यक्ष,कार्यकारी अध्यक्ष, प्रमुख सलाहकार, उपाध्यक्ष, मंत्री एवं कार्यकारिणी सदस्य पदों पर मनोनयन किया गया है।

महामंत्री - सुखदेव सिंह सिद्धू
कोषाध्यक्ष - दिवाकर अवस्थी
कार्यकारी अध्यक्ष - गुरजीत सिंह संधू , रणजीत सिंह वालिया
प्रमुख सलाहकार - जसबीर सिंह ढिल्लन, (ज्ञानी) बलजिंदर सिंह, श्रवण कुमार बिश्नोई।

उपाध्यक्ष - स्वरूप चोपड़़ा, दलविंदर सिंह ढिल्लन, रज्जू भाई मेमन, बनारसी पांडेय, आसिफ मेमन, अमरीक सिंह (सी.जी.आर.), जगदीश प्रसाद गुप्ता, विनीत तिवारी, सुनील वरडिय़ा, जसविंदर सिंह संधू, प्रभनाथ बैठा, भिलाई एवं रमाकांत साहू।
मंत्री - हरिशंकर मिश्रा, हरनीत सिंह संधू (रिम्पल), नीरज बंसल, सैयद आसिफ अली, पवन अग्रवाल, बलवीर सिंह, रोशन शर्मा, याकूब मोकाती एवं मुरारी अग्रवाल।

कार्यकारिणी सदस्य - रूपक चंद्रवंशी, पिन्टू सिंह, उत्तम जायसवाल, रणजोत सिंह गिल, गुरविंदर सिंह, संधावालिया, रोहित कुक्षत्री, जगमिंदर सिंह बल, मनप्रीत सिंह संधावालिया, उमेश वर्मा।
प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने उपरोक्त मनोनीत पदाधिकारियों को बधाई देते हुए यह उम्मीद की है कि सभी पदाधिकारी प्रदेश के व्यापार एवं उद्योग के हित में कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ चेम्बर को एक नयी ऊचांईयों पर लेकर जायेंगे।

इस गांव का सरपंच रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB की टीम ने ऐसे दबोचा, निर्माण कार्य की एनओसी के लिए ले रहा था घूस

इस गांव का सरपंच रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB की टीम ने ऐसे दबोचा, निर्माण कार्य की एनओसी के लिए ले रहा था घूस

 महासमुंद। जिले से इस वक्त की बड़ी खबर एसीबी की टीम ने रिश्वत लेते हुए एक सरपंच को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि जमीन पर निर्माण कार्य की एनओसी देने के नाम पर लाखों रुपये की मांग की गई थी। फिलहाल आरोपी सरपंच को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

मामला महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत बेमचा का है, जहां वर्तमान सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर पर आबादी भूमि में निर्माण कार्य के लिए एनओसी देने के एवज में 4 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा।

शिकायतकर्ता सूरज राम रात्रे ने एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर में इसकी शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी पत्नी के आधिपत्य वाली जमीन पर पहले एनओसी जारी हो चुकी थी, लेकिन वर्तमान सरपंच ने अनुमति निरस्त कर दी और दोबारा अनुमति देने के बदले रकम मांगी। 

एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें मामला सही पाया गया। जांच के दौरान मोलभाव के बाद आरोपी 3 लाख 80 हजार रुपये लेने पर राजी हुआ। बताया जा रहा है कि 50 हजार रुपये वह पहले ही एडवांस के तौर पर ले चुका था। 

आज एसीबी टीम ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता से अगली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये लेते समय सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर को रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

महासमुंद में एसीबी की इस बड़ी कार्रवाई से पंचायत व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। आगे क्या खुलासे होते हैं, इस पर नजर बनी रहेगी।

बस्तर में अप्रैल महीने की गर्मी से इंद्रावती नदी सहित नदी-नालों का जलस्तर घटा

बस्तर में अप्रैल महीने की गर्मी से इंद्रावती नदी सहित नदी-नालों का जलस्तर घटा

 जगदलपुर। बस्तर जिले में अप्रैल महीने में ही भीषण गर्मी का असर दिखाई देने लगा है। यहां का तापमान लगभग 38 डिग्री के आस-पास पहुंचने से इंद्रावती नदी समेत कई नदी-नालों का जलस्तर घट गया है। बस्तर के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात में भी पानी की एक-दो धार बह रही है। इसका असर न केवल पर्यटन पर दिख रहा है, बल्कि पर्यावरण और जनजीवन पर भी पडऩे लगा है। जहां आम दिनों में पर्यटकों की भीड़ रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। चित्रकोट इलाके के रामजीत बघेल कहते हैं कि जलप्रपात में पानी होने के कारण पर्यटन भी प्रभावित हुआ है, पर्यटन के कारण सैकड़ों लोगों की दाल-रोटी चलती थी, वह अब नही के बराबर हो चुकी है।


बस्तर की जीवनदायिनी कही जाने वाली इंद्रावती नदी का भी जलस्त्रोत कम हो रहा है। इसी नदी पर चित्रकोट वाटरफॉल बना है। अभी अप्रैल का महीना भी खत्म नहीं हुआ और पारा चढऩे लगा है। भीषण गर्मी की वजह से इंद्रावती नदी का पानी कम होने लगा है, जिससे एशिया का नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात में भी एक पतली धार में पानी नीचे गिर रहा है। दंडकारण्य के घने जंगलों और गहरी नदी घाटियों से घिरे बस्तर के पठारी भूभाग में स्थित चित्रकोट जलप्रपात लंबे समय से मध्य भारत के सबसे प्रभावशाली प्राकृतिक दृश्यों में गिना जाता रहा है। लगभग 90 फीट ऊंची घोड़े की नाल जैसी अर्धवृत्ताकार चट्टान से गिरती जलधारा, मानसून के महीनों में कई सौ मीटर चौड़ी हो जाती है और दूर से देखने पर यह एक विशाल दूधिया परदे की तरह दिखाई देती है। यह जलप्रपात जिस इंद्रावती नदी पर स्थित है, वह पूर्वी घाट की पहाडिय़ों से निकलकर लगभग 535 किलोमीटर की यात्रा के बाद दक्षिण की ओर बहते हुए गोदावरी नदी में मिलती है।

जांजगीर कोतवाली में हंगामा: नशे में युवक ने लॉकअप में पिया अज्ञात द्रव्य , इलाज से किया इनकार

जांजगीर कोतवाली में हंगामा: नशे में युवक ने लॉकअप में पिया अज्ञात द्रव्य , इलाज से किया इनकार

 जांजगीर। जिले के कोतवाली थाना परिसर में गुरुवार देर रात एक अजीबोगरीब और चिंताजनक घटना सामने आई, जब एक व्यक्ति ने नशे की हालत में थाना पहुंचकर हंगामा किया और बाद में लॉकअप में घुसकर अज्ञात द्रव्य का सेवन कर लिया। पूरी घटना थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 अप्रैल 2026 की रात करीब 10:30 बजे गोपाल शर्मा (पिता स्व. रामेश्वर प्रसाद शर्मा), निवासी जांजगीर, शराब के नशे में थाना कोतवाली पहुंचा। कुछ देर तक थाने में बैठने के बाद वह अचानक थाना प्रभारी के नाम पर गाली-गलौज करने लगा। मौके पर मौजूद पुलिस स्टाफ ने उसे समझाने और शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह विवाद करने पर उतारू हो गया।

इसी दौरान गोपाल शर्मा अचानक थाना परिसर के लॉकअप में घुस गया और अपने साथ लाई प्लास्टिक की बोतल में रखे अज्ञात द्रव्य को पी लिया। घटना को देखते ही पुलिस स्टाफ तुरंत लॉकअप के अंदर पहुंचा, जहां गोपाल शर्मा फर्श पर गिर गया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे उठाकर बाहर निकाला और उपचार के लिए जिला चिकित्सालय जांजगीर ले जाया गया।

अस्पताल पहुंचने के बाद भी गोपाल शर्मा ने इलाज कराने से साफ इनकार कर दिया और वहां भी व्यवधान उत्पन्न करता रहा। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी। उसकी पत्नी और बेटे आर्यन शर्मा से फोन पर बात कराई गई, लेकिन इसके बावजूद वह इलाज के लिए तैयार नहीं हुआ।

मौके पर पुलिस अधिकारियों, चिकित्सकों और पत्रकारों की मौजूदगी में उसे समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने उपचार नहीं करवाया। बाद में उसके बेटे आर्यन शर्मा के अस्पताल पहुंचने पर उसे बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया।

पुलिस के अनुसार, पूरी घटना थाने के सीसीटीवी कैमरे में कैद है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है।