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Breaking : धान खरीदी पर बड़ा अपडेट; 15 नहीं अब इस दिन से शुरु होगी खरीदी, कलेक्टर का बड़ा ऐलान

Breaking : धान खरीदी पर बड़ा अपडेट; 15 नहीं अब इस दिन से शुरु होगी खरीदी, कलेक्टर का बड़ा ऐलान

 CG Breaking : छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियाँ अब फाइनल स्टेज पर हैं। लेकिन सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल ने प्रशासन की टेंशन जरूर बढ़ाई। हालांकि जिला प्रशासन ने बिना समय गंवाए वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर दी है।

15 नवंबर से खरीदी शुरू होनी थी, लेकिन 15 और 16 नवंबर को शनिवार–रविवार होने के कारण अब धान खरीदी 17 नवंबर, यानी सोमवार से शुरू होगी। हड़ताल के बीच भी व्यवस्था न रुके, इसके लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बड़ा फैसला लिया है।उन्होंने राजस्व, कृषि, खाद्य और सहकारिता विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को समिति प्रबंधक और धान खरीदी प्रभारी की जिम्मेदारी सौंप दी है। ताकि 140 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी बिना रुके, सुचारू और पारदर्शी तरीके से चल सके।

कलेक्टर ने कहा कि सरकार ने हड़ताल की स्थिति में दिल्ली की एक निजी कंपनी को भी आउटसोर्सिंग के आधार पर जोड़ा है, ताकि खरीदी व्यवस्था पर कोई असर न पड़े।बरदाने को लेकर किसानों की चिंता भी कलेक्टर ने दूर कर दी। उन्होंने बताया कि जिले में बारदाने की कोई कमी नहीं है, नए गठान भी पहुँच चुके हैं। इस बार खरीदी केंद्रों में कैमरों की व्यवस्था और मॉनिटरिंग पिछली बार की तरह और भी बेहतर की गई है। साथ ही धान खरीदी एग्रीस्टेक पोर्टल के आधार पर होगी। जिन किसानों का एग्रीस्टेक अपडेट नहीं है, उनका काम तुरंत कराया जाएगा।

कलेक्टर का कहना है कि यह वैकल्पिक व्यवस्था किसानों के हित में बनाई गई है और किसी भी हालत में 17 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो जाएगी। बिलासपुर जिले का प्रशासन दावा कर रहा है कि तैयारियां पूरी हैं और किसानों को इस बार भी सुचारू, सुरक्षित और समयबद्ध धान खरीदी की सुविधा मिलेगी। अब देखना होगा की प्रशासन का दावा कितना पुरा होता है।

साय कैबिनेट की बैठक: धान खरीदी और किसानों के भुगतान समेत अहम विषयों पर होगी चर्चा

साय कैबिनेट की बैठक: धान खरीदी और किसानों के भुगतान समेत अहम विषयों पर होगी चर्चा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ साय कैबिनेट की बैठक 11.30 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होगी। बैठक की अध्यक्षता सीएम विष्णु देव साय करेंगे। इस दौरान धान खरीदी, किसानों के भुगतान समेत अन्य चीजों को लेकर चर्चा होगी। साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगामी दौरे को लेकर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा साथ ही विधानसभा के शीतकालीन सत्र पर चर्चा हो सकती है।

वहीं गुरुवार को सालभर बाद सीएम हाउस में जनदर्शन लगा जिसमें लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने रायपुर के तेलीबांधा की रहने वाली 11 वर्षीय पूनम से भेंट की। पूनम की माता ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि, वह सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही है और बातचीत करने में भी असमर्थ है। इस चुनौती के बावजूद पूनम अपने पैरों से बहुत सुंदर चित्र बनाती है। मुख्यमंत्री साय ने अत्यंत आत्मीयता से पूनम से बात की और उसे स्नेहपूर्वक दुलार किया। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने पूनम की माता को मदद का भरोसा दिलाया।

दिव्यांग को मिला आर्थिक अनुदान
सीएम साय ने अभनपुर से आए दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी पिंटू राम साहू की मांग पर त्वरित निर्णय लेते हुए 90 हजार रुपए का आर्थिक अनुदान स्वीकृत किया। साहू ने व्हीलचेयर और आवश्यक खेल सामग्री खरीदने हेतु सहायता मांगी थी। उनकी परिस्थितियों और आवश्यकता को समझते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें तत्काल चेक प्रदान कर उनकी सहायता की।

जल संरक्षण, प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ना आवश्यक : रमेन डेका

जल संरक्षण, प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ना आवश्यक : रमेन डेका

 रायपुर: प्राकृतिक और जैविक खेती आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। रासायनिक उर्वरकों का उपयोग केवल उतना ही होना चाहिए जितना बिल्कुल जरूरी हो। किसानों में इस बात की जागरूकता लाना समय की मांग है।  जल संरक्षण के लिएअभी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में जल संकट और तेज़ी से बढ़ेगा। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज प्राकृतिक खेती विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन कार्यक्रम में उक्त विचार व्यक्त किए।

प्राकृतिक खेती पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुए राज्यपाल

संगोष्ठी का आयोजन कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा किया गया जिसके उद्घाटन कार्यक्रम में श्री डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने की।

राज्यपाल श्री डेका ने अपने संबोधन में कहा कि 1960 के दशक में जब देश खाद्यान्न संकट का सामना कर रहा था, तब हरित क्रांति ने बड़ी भूमिका निभाई। नए बीज, रासायनिक खाद, सिंचाई और मशीनों के उपयोग से उत्पादन में  वृद्धि हुई, जो  उस समय देश के लिए बड़ी उपलब्धि थी।

प्राकृतिक खेती पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुए राज्यपाल

उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में अति हानिकारक होती है। आज रासायनिक खादों और माइक्रोप्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग कई समस्याओं को जन्म दे रहा है। इसलिए जैविक और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना बेहद जरूरी है। इससे फसलों का मूल्य संवर्धन होगा और किसान बेहतर लाभ कमा सकेंगे।

राज्यपाल ने कृषि के विद्यार्थियों से अपील की कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे जैविक खेती को अपनाएं, जिससे अन्य किसान भी प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में जैविक खेती बड़ा व्यवसाय बन चुका है और इसे सही दिशा देने की आवश्यकता है।

अपने संबोधन में श्री डेका ने छत्तीसगढ़ में जल दोहन की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में अच्छी वर्षा होने के बावजूद कई क्षेत्रों में पानी की कमी रहती है। वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए डबरी निर्माण जैसे उपाय बढ़ाने होंगे। उन्होंने  कहा  कि पानी नहीं तो जीवन नहीं, इसलिए जल संरक्षण अनिवार्य है।

प्राकृतिक खेती पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुए राज्यपाल

संगोष्ठी में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज सबसे बड़ी चुनौती यह है कि प्राकृतिक खेती को किस प्रकार व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जाए। रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से धरती विषैली हो रही है और कई तरह की बीमारियाँ बढ़ रही हैं। आने वाली पीढ़ी के हित में समय रहते बदलाव करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जैविक खेती को बढ़ाने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है।

कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव शहला निगार ने राज्य में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने स्वागत भाषण दिया।

कार्यक्रम में पद्मश्री सुश्री साबरमती सहित कई उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया गया। इसके पूर्व राज्यपाल श्री डेका ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया जिसमें जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों द्वारा उत्पादित सामग्रियों का प्रदर्शन किया गया था।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, विशेषज्ञ, किसान, कृषि सखियाँ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

पेंटर शिवकुमार निराला ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भेंट किया विशिष्ट ‘राजनीतिक मानचित्र’…..

पेंटर शिवकुमार निराला ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भेंट किया विशिष्ट ‘राजनीतिक मानचित्र’…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के ग्राम चकरदा निवासी पेंटर श्री शिवकुमार निराला ने अनूठा ‘राजनीतिक मानचित्र’ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को भेंट किया। उनकी इस अद्वितीय कला प्रस्तुति ने कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बढ़ा दिया।

श्री निराला द्वारा तैयार यह सचित्र मानचित्र छत्तीसगढ़ की सम्पूर्ण राजनीतिक यात्रा का विस्तृत और कलात्मक दस्तावेज है। इसमें राज्य के लोकसभा एवं विधानसभा सदस्यों, मंत्रिमंडल की रूपरेखा, संसदीय क्षेत्रवार विवरण तथा वर्ष 1998 से अब तक हुए सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों का तुलनात्मक विश्लेषण सुव्यवस्थित रूप से दर्शाया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जीत के अंतर, राजनीतिक दलवार जनप्रतिनिधियों का क्रम तथा सीटों के ऐतिहासिक बदलाव को भी कलात्मक शैली में शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस रचनात्मक मानचित्र की सराहना करते हुए कहा कि “श्री शिवकुमार निराला ने आंकड़ों और तथ्यों को इतनी सहज, सुंदर और विश्लेषणात्मक शैली में प्रस्तुत किया है कि यह कला-कृति राजनीति के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों—सभी के लिए उपयोगी दस्तावेज बन जाती है।” मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिभा को सम्मानित करते हुए उन्हें पुरस्कृत भी किया।

CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया

CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया

 रायपुर।  मुख्यमंत्री निवास में आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कराटे, कुश्ती और ताइक्वांडो जैसे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के लिए स्वेच्छानुदान स्वीकृत करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री साय ने संगठन के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों द्वारा रखे गए सुझावों और मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। खिलाड़ियों ने बताया कि वे देश और विदेश में विभिन्न प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा आगे भी राज्य का नाम और ऊंचा करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और सहयोग की आवश्यकता है। खिलाड़ियों ने खेल उपकरण, प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों की भावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर यथासंभव सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

 
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समझी पीड़ा, तुरंत बढ़ाया कदम - रमन निर्मलकर को सौंपा श्रवण यंत्र

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समझी पीड़ा, तुरंत बढ़ाया कदम - रमन निर्मलकर को सौंपा श्रवण यंत्र

 “अब फिर से सुन पा रहा हूं”— जनदर्शन में मुख्यमंत्री साय की त्वरित मदद से बदली श्री निर्मलकर की जिंदगी

रायपुर, 13 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान रायपुर के ब्राह्मणपारा वार्ड निवासी श्री रमन निर्मलकर को श्रवण यंत्र सौंपा।

जनदर्शन में पहुँचे श्री निर्मलकर ने बताया कि बीते कुछ समय से उनकी श्रवण क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे श्रवण यंत्र खरीद नहीं पा रहे थे। उनकी समस्या सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय ने फौरन ही उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए श्री निर्मलकर ने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “मुझे फिर से सुनने की क्षमता वापस मिल गई है। मुख्यमंत्री जी ने मेरी समस्या को तुरंत समझा और मदद की, इसके लिए मैं उनका आभारी हूं।”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा जनदर्शन में आमजन की समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लेकर सहायता प्रदान करने की यह पहल जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

जनदर्शन में अद्भुत दृश्य—भिलाई के अंकुश देवांगन ने मुख्यमंत्री को भेंट की संगमरमर पर बनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सूक्ष्म प्रतिमा

जनदर्शन में अद्भुत दृश्य—भिलाई के अंकुश देवांगन ने मुख्यमंत्री को भेंट की संगमरमर पर बनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सूक्ष्म प्रतिमा

 भिलाई के अंकुश देवांगन ने रचा चमत्कार — संगमरमर पर उतारी मोदी जी की सूक्ष्म प्रतिमा

माइक्रो आर्ट का मास्टरपीस: भिलाई के कलाकार ने बनाई मोदी जी की सूक्ष्म प्रतिमा, मुख्यमंत्री ने की सराहना

रायपुर 13 नवंबर 2025/छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी 55 वर्षीय श्री अंकुश देवांगन ने अपनी अनूठी कला से एक बार फिर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। आज जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को एक विशेष फ्रेम भेंट किया, जिसमें संगमरमर को बारीकी से तराशकर बनाई गई प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की छोटी प्रतिमा लगी हुई है। फ्रेम के पीछे अयोध्या स्थित नवनिर्मित श्री रामलला मंदिर की भव्य प्रतिकृति भी उकेरी गई है। इस अद्भुत कृति को देखकर मुख्यमंत्री ने श्री देवांगन की भरपूर प्रशंसा की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

प्रतिमा को देखने के लिए फ्रेम में एक माइक्रोस्कोपिक लेंस लगाया गया है, जिसकी सहायता से ही प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे के भाव, मुस्कान और बालों की सूक्ष्म रेखाएं स्पष्ट दिखाई देती हैं। संगमरमर के छोटे-से टुकड़े को तराशकर श्री देवांगन ने यह अनोखा कला-चमत्कार सृजित किया है।

श्री अंकुश देवांगन भिलाई स्टील प्लांट में एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं, लेकिन बचपन से ही उनका झुकाव छोटी-छोटी वस्तुओं को आकार देने और उनसे अनूठी कलाकृतियाँ बनाने की ओर रहा है। मात्र 10 वर्ष की आयु में उन्होंने पहली बार लकड़ी का छोटा-सा खिलौना बनाया था। इसके बाद उन्होंने धातु ढालने के सांचे बनाए, मिट्टी की मूर्तियाँ गढ़ीं और अंततः पत्थर तराशने की कला अपनाई। पिछले 45 वर्षों से वे निरंतर माइक्रो आर्ट की दुनिया में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने फ्रेम को हाथ में लेकर बड़े ध्यान से देखा और कहा,“यह केवल कला नहीं, समर्पण और धैर्य का प्रतीक है। अंकुश जी ने प्रधानमंत्री जी के प्रति अपनी भावना को जिस खूबसूरती से व्यक्त किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है।”

मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य स्तर पर प्रदर्शनी लगाने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली कलाकारों को प्रोत्साहित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

श्री देवांगन ने बताया कि आधे सेंटीमीटर आकार की इस प्रतिमा को बनाने में उन्हें लगभग दो महीने लगे। दिन में नौकरी और रात में कला—यही उनकी दिनचर्या रही। उन्होंने कहा,“मोदी जी ने राम मंदिर का सपना पूरा किया, इसलिए मैंने दोनों को एक ही फ्रेम में स्थान दिया। यह मेरा छोटा-सा योगदान है।”

मुख्यमंत्री कार्यालय के जनदर्शन में लोग प्रायः अपनी समस्याएँ लेकर आते हैं, लेकिन आज एक व्यक्ति अपनी कला लेकर आया और सबका दिल जीत लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस फ्रेम को अपने कार्यालय में विशेष स्थान पर रखने का निर्णय लिया है।

श्री अंकुश देवांगन का अगला लक्ष्य दुनिया की सबसे छोटी राम सेतु प्रतिकृति बनाना है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा,“जब तक हाथ चलते रहेंगे, कुछ नया बनता रहेगा।”

भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला: 14 नवंबर से दिल्ली में बिखरेगी छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की छटा

भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला: 14 नवंबर से दिल्ली में बिखरेगी छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की छटा

 छत्तीसगढ़ में पर्यटन-संस्कृति के साथ उद्योगों-कृषि आधारित उद्योगों की संभावनाओं का होगा प्रदर्शन

वनोपज उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ मिलेट कैफे भी लगेगा

रायपुुर, 13 नवंबर 2025/ नईदिल्ली के भारत मण्डपम में 14 नवंबर से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की छटा बिखरेगी। यहां 27 नवंबर तक भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में एक भारत-श्रेष्ठ भारत की थीम पर छत्तीसगढ़ का आकर्षक पवेलियन बनाया जा रहा है। इस मेले में देश के सभी राज्यों सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर के उद्योगपति और निवेशक भी आयेंगे। मेले में बने छत्तीसगढ़ पवेलियन में राज्य के औद्योगिक विकास की झलक दिखाई जायेगी। यहां छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था, उद्योगों के लिए व्यापक अनुकूल माहौल और व्यवस्थाऐं तथा नई औद्योगिक नीति के बारे में आगंतुकों को पूरी जानकरी दी जायेगी। इस मेले में राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति में उपलब्ध निवेश प्रोत्साहन, सुक्ष्म लघु एवं मध्यम ईकाईयों की स्थापना, उनके उत्पादों से संबंधित जानकारियों का भी प्रदर्शन किया जायेगा। मेला अवधि में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए निवेशेकों के साथ बैठकें, इन्वेस्टर कनेक्ट आदि भी किये जायेंगे।

इस अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और पर्यटन की संभावना का भी प्रदर्शन किया जायेगा, ताकि संस्कृति और पर्यटन पर आधारित रोजगार मूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। मेले में बने पवेलियन में छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प, वनोपज उत्पादों, खादी ग्रामोद्योग क्षेत्र में उद्योग शुरू करने की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी जायेगी। पवेलियन में बस्तर क्षेत्र को फोकस करते हुए डिजिटल तकनीकों से सुसज्जित प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के दौरान 24 नवंबर को भारत मण्डपम दिल्ली में छत्तीसगढ़ दिवस भी मनाया जायेगा। शाम 6 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित मंत्रीमण्डल के सदस्य भी शामिल होंगे। यह आयोजन संस्कृति विभाग द्वारा किया जायेगा। छत्तीसगढ़ पवेलियन में हर दिन राज्य की सांस्कृतिक छटा का प्रदर्शन नृतक दलों के माध्यम से किया जायेगा। यहां छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग हस्तकला, हथकरघा, चरखा आदि का जीवंत प्रदर्शन, उत्कृष्ट उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की भी व्यवस्था रहेगी।

छत्तीसगढ़ पवेलियन में मिलेट से संबंधी उत्पादों के प्रदर्शन के साथ-साथ मिलेट कैफे भी लगाया जायेगा। इससे लोगों को छत्तीसगढ़ में उगाये जाने वाले लघु धान्यों कोदो, कुटकी, रागी, संवा आदि के उत्पादन, उनके व्यवसाय के लिये आकर्षित किया जा सकेगा। इस मेले में छत्तीसगढ़ में उपलब्ध जैविक और एक्जॉटिक खाद्यन्नों का भी प्रदर्शन होगा, ताकि इन उत्पादकों राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिल सके। लघु वनोपज संघ के द्वारा अपने वनोपजों से बने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री भी कि जायेगी। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एफएमसीजी कंपनियों के माध्यम से इन उत्पादों की मार्केटिंग करने की व्यवस्था का प्रयास किया जायेगा। पवेलियन में छत्तीसगढ़ के आकर्षक पर्यटन स्थलों, उपलब्ध अधोसंरचना और ईको-टूरिज्म के बारे में भी जानकारी दी जायेगी। ताकि अधिक से अधिक लोग छत्तीसगढ़ के बारे में जान सके।

बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता – छह माओवादी न्यूट्रलाइज

बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता – छह माओवादी न्यूट्रलाइज

 नक्सल उन्मूलन मिशन निर्णायक चरण में - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर, 13 नवंबर 2025/ बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में सुरक्षाबलों को महत्वपूर्ण सफलता मिली। मुठभेड़ के दौरान छह माओवादी न्यूट्रलाइज किए गए। इसमें ₹8 लाख का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में हिंसा, भय और माओवादी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। इस कार्रवाई को लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक उपलब्धि माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पुलिस बलों के उत्कृष्ट समन्वय, साहस और सटीक रणनीति का परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के संकल्प के साथ मिशन मोड में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियाँ एकजुट होकर इस लड़ाई को निर्णायक अंत तक ले जाएंगी।

पैरों से चित्र उकेरने वाली पूनम के जीवन में मुख्यमंत्री ने भरी नई उम्मीद

पैरों से चित्र उकेरने वाली पूनम के जीवन में मुख्यमंत्री ने भरी नई उम्मीद

 अब विशेष विद्यालय में मिलेगा शिक्षण और छात्रवृत्ति

रायपुर। मुख्यमंत्री साय गुरुवार को जनदर्शन में दूर-दूर से मुख्यमंत्री निवास पहुँच रहे लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान भी कर रहे हैं। 

आज जनदर्शन की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने रायपुर के तेलीबांधा की रहने वाली 11 वर्षीय बिटिया पूनम से भेंट की।बिटिया पूनम की माता ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही है और बातचीत करने में भी असमर्थ है। उन्होंने बताया कि इस चुनौती के बावजूद पूनम अपने पैरों से बहुत सुंदर चित्र बनाती है। मुख्यमंत्री साय ने अत्यंत आत्मीयता से बिटिया पूनम से बात की और उसे स्नेहपूर्वक दुलार किया।

मुख्यमंत्री ने पूनम की माता को आश्वस्त करते हुए कहा कि “हम आपके साथ हैं, आपको बिटिया के लिए किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने पूनम बिटिया की पढ़ाई की उचित व्यवस्था के लिए उसे विशेष विद्यालय में भर्ती कराने और छात्रवृत्ति प्रदान करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में जनता की समस्याएं सुनना और उन्हें तत्काल समाधान देना मेरा कर्तव्य : CM विष्णुदेव साय

जनदर्शन में जनता की समस्याएं सुनना और उन्हें तत्काल समाधान देना मेरा कर्तव्य : CM विष्णुदेव साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में आज फिर से जनदर्शन आयोजित की गई। सीएम साय ने कहा, जनदर्शन में जनता की समस्याएं सुनना और उन्हें तत्काल समाधान देना मेरा कर्तव्य है। यह सीधे संवाद का माध्यम है, जिसमें मैं जनता के दिल से जुड़ता हूँ और उनके विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करता हूँ। आपकी जरूरतों को समझना और समाधान में जुटना ही तो मेरा प्रथम दायित्व है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चेक के माध्यम से प्रदान की सहायता राशि

रायपुर जिले के अभनपुर से आए दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी पिंटू राम साहू की मांग पर मुख्यमंत्री ने त्वरित निर्णय लेते हुए 90 हजार रुपए का आर्थिक अनुदान स्वीकृत किया। श्री साहू ने व्हीलचेयर और आवश्यक खेल सामग्री खरीदने हेतु सहायता मांगी थी। उनकी परिस्थितियों और आवश्यकता को समझते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें तत्काल चेक प्रदान कर उनकी सहायता की।

आवेदक पिंटू राम साहू ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से खेल जगत से जुड़े हुए हैं। उन्होंने 2 अक्टूबर 2025 को पहली बार रग्बी खेलने के लिए ग्वालियर का दौरा किया था। श्री साहू वर्तमान में बी.ए. फाइनल ईयर के छात्र हैं और दिव्यांगता के बावजूद लगातार खेल में अपना भविष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री द्वारा आर्थिक सहायता प्राप्त होने पर साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके लिए बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब वे खेल में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए लगातार मेहनत करेंगे और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे।

CG : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्राली पलटी, नीचे दबने से युवक की दर्दनाक मौत

CG : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्राली पलटी, नीचे दबने से युवक की दर्दनाक मौत

 जांजगीर चांपा।  जिले से हादसे की दुखद खबर सामने आ रही है, यहां ग्राम चोरभट्टी में तेज रफ्तार में जा रही ट्रैक्टर ट्राली पलट गई, इस हादसे में ट्राली में बैठे युवक की नीचे दबने से दर्दनाक मौत हो गई है। घटना मुलमुला थाना क्षेत्र की है।

मृतक की पहचान सुमित बरेट ग्राम तीलाई के रूप में हुई है। हादसा तब हुआ जब ट्रैक्टर ट्राली में ईंट भरकर ले जाय जा रहा था, तभी ग्राम चोरभट्टी में तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्राली अनियंत्रित होकर पलट गई, ट्राली में बैठा युवक नीचे गिर पड़ा और उसके ऊपर ट्राली गिर गई, वहीं दबने से मौके पर ही युवक की दर्दनाक मौत हो गई है। सूचन पर मुलमुला थाना क्षेत्र पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को अस्पताल पहुंचाया है। तेज रफ्तार की वजह से हुए इस हादसे पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

 
 
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ ईडी का बड़ा एक्शन, 61.20 करोड़ की संपत्ति कुर्क

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ ईडी का बड़ा एक्शन, 61.20 करोड़ की संपत्ति कुर्क

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने बड़ी कार्रवाई की है, रायपुर ज़ोनल कार्यालय ने चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की गई है। बताया गया कि, इन कुर्क संपत्तियों में 364 आवासीय प्लॉट, कृषि भूमि, बैंक बैलेंस और एफडी शामिल हैं।

बता दें कि, यह कार्रवाई PMLA, 2002 के तहत की गई है, और इस घोटाले में अब तक कुल कुर्की की राशि 276.20 करोड़ रुपये पहुंच गई है। ईडी ने यह जांच एसीबी ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इस एफआईआर में आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराएं लगाई गई थी।

 ईडी की जांच में बड़ा खुलासा कि चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के सर्वोच्च स्तर पर था और वहीं इस पूरे नेटवर्क को कंट्रोल करता था।  साथ ही इस सिंडिकेट से कमाई रकम का हिसाब भी चैतन्य बघेल रखता था और घोटाले से कमाई गई रकम को अपने रियल एस्टेट बिजनेस में लगाया था।

Crime : खून का रिश्ता हुआ शर्मसार! मूक-बधिर नातिन से दुष्कर्म करने वाले नाना को उम्रकैद

Crime : खून का रिश्ता हुआ शर्मसार! मूक-बधिर नातिन से दुष्कर्म करने वाले नाना को उम्रकैद

 मुंगेली। फास्ट ट्रैक कोर्ट मुंगेली ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने रिश्ते के नाना मोहन जोशी (62 वर्ष) को अपनी ही मूक-बधिर नातिन से दुष्कर्म का दोषी पाया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सोम की अदालत ने आरोपी पर ₹2000 जुर्माना लगाया और पीड़िता के पुनर्वास के लिए ₹5 लाख क्षतिपूर्ति की अनुशंसा की है।

घटना 21 फरवरी 2024 की है। उस दिन पीड़िता घर पर अकेली थी, तभी आरोपी पानी मांगने के बहाने आया और दरवाजा बंद कर जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पीड़िता ने इशारों में अपने पति को घटना बताई, जिसके बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

अभियोजन पक्ष ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी सिद्ध किया। अदालत ने कहा कि ऐसे अपराध समाज के लिए शर्मनाक हैं और कानून के सामने कोई रिश्ता मायने नहीं रखता।

 
CG : आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना में भारी लापरवाही, 3 प्राइवेट हॉस्पिटल निलंबित

CG : आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना में भारी लापरवाही, 3 प्राइवेट हॉस्पिटल निलंबित

  महासमुंद।  आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में पंजीकृत महासमुंद जिले के तीन निजी अस्पताल महानदी हॉस्पिटल महासमुन्द, सेवा भवन हॉस्पिटल ग्राम जगदीशपुर पिथौरा एवं अंबिका हॉस्पिटल ग्राम खरखरी सरायपाली द्वारा योजना के दिशा-निर्देशों का पालन न करने के कारण आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से 03 माह के लिये निलंबित किया गया है।

फ्री में ईलाज की सुविधा नहीं मिलेगी

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि महानदी हॉस्पिटल महासमुन्द, सेवा भवन हॉस्पिटल ग्राम जगदीशपुर पिथौरा एवं अंबिका हॉस्पिटल ग्राम खरखरी सरायपाली में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत ईलाज की सुविधा नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि योजना अंतर्गत पंजीकृत चिकित्सालयों में पात्रता अनुसार मरीज को चिकित्सकीय सुविधा निर्धारित पैकेज के तहत् नियमानुसार निःशुल्क प्रदान किया जाता है।

 टोल फ्री नंबर 104 पर करें शिकायत

योजना से पंजीकृत अस्पताल मरीजों का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार ईलाज नहीं करता या आयुष्मान कार्ड से निःशुल्क ईलाज करने से मना करता है, तो इसकी शिकायत तत्काल टोल फ्री नंबर 104 पर अथवा लिखित शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं खण्ड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में करें। साथ ही योजना संबंधी विस्तृत जानकारी टोल फ्री नंबर से प्राप्त कर सकते है।

 
 
दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी की मदद के लिए आगे आए सीएम, जनदर्शन में स्वीकृत किया 90 हजार रुपए का आर्थिक अनुदान

दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी की मदद के लिए आगे आए सीएम, जनदर्शन में स्वीकृत किया 90 हजार रुपए का आर्थिक अनुदान

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आज रायपुर जिले के अभनपुर से आए दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी पिंटू राम साहू की मांग पर मुख्यमंत्री ने त्वरित निर्णय लेते हुए 90 हजार रुपए का आर्थिक अनुदान स्वीकृत किया। साहू ने व्हीलचेयर और आवश्यक खेल सामग्री खरीदने हेतु सहायता मांगी थी। उनकी परिस्थितियों और आवश्यकता को समझते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें तत्काल चेक प्रदान कर उनकी सहायता की।

आवेदक पिंटू राम साहू ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से खेल जगत से जुड़े हुए हैं। उन्होंने 2 अक्टूबर 2025 को पहली बार रग्बी खेलने के लिए ग्वालियर का दौरा किया था। साहू वर्तमान में बी.ए. फाइनल ईयर के छात्र हैं और दिव्यांगता के बावजूद लगातार खेल में अपना भविष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 मुख्यमंत्री द्वारा आर्थिक सहायता प्राप्त होने पर साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके लिए बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब वे खेल में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए लगातार मेहनत करेंगे और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे।

ब्रेकिंग : बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक साथ 40 पुलिसकर्मियों का तबादला...यहां देखें पूरी लिस्ट..!!

ब्रेकिंग : बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक साथ 40 पुलिसकर्मियों का तबादला...यहां देखें पूरी लिस्ट..!!

 रायगढ़। प्रशानिक विभाग में एक बार फिर बड़े पैमाने पर पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। जारी आदेश के मुताबिक जिले की पुलिसिंग व्यवस्था में कसावट लाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने ये फेरबदल किया है। जिसमें कुल 40 पुलिसकर्मियों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण किया गया है।

 बता दें कि, इस फेरबदल में लैलूंगा थाना प्रभारी रोहित बंजारे को लेकर उठाया गया है, जिन्हें तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र (लाइन अटैच) किया गया है। वहीं, उनकी जगह जूटमिल थाने में पदस्थ उप निरीक्षक गिरधारी साव को लैलूंगा थाना का नया प्रभारी बनाया गया है।

CG Assembly : 18 नवंबर को छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र, 25 वर्षों की संसदीय यात्रा पर होगी चर्चा

CG Assembly : 18 नवंबर को छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र, 25 वर्षों की संसदीय यात्रा पर होगी चर्चा

 18 नवंबर को होगा विशेष सत्र

25 वर्षों की संसदीय यात्रा पर चर्चा

वर्तमान विधानसभा का आखिरी सत्र

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में 18 नवंबर को एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। यह सत्र राज्य की संसदीय यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुलाया गया है। इस विशेष अवसर पर सभी दलों के विधायक अब तक की लोकतांत्रिक यात्रा, विधायी कार्य और जनसेवा के अनुभव साझा करेंगे।

विधायकों के अनुभव और संसदीय परंपराओं पर चर्चा

CG Assembly Special Session Order

विधानसभा सचिवालय के अनुसार, यह सत्र सुबह 11 बजे से शुरू होगा और पूरे दिन चलेगा। इसमें छत्तीसगढ़ के गठन के बाद से अब तक की विधानसभा की उपलब्धियों, नीतिगत निर्णयों, और जनकल्याणकारी विधेयकों पर चर्चा की जाएगी। वरिष्ठ विधायकों को अपने संसदीय अनुभव और संस्मरण साझा करने का विशेष अवसर मिलेगा।

वर्तमान विधानसभा भवन में अंतिम सत्र

यह सत्र ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह वर्तमान विधानसभा भवन में आयोजित होने वाला अंतिम सत्र है। इसके बाद अगला शीतकालीन सत्र नवा रायपुर स्थित नवनिर्मित विधानसभा भवन में आयोजित किया जाएगा। इस तरह यह सत्र न केवल 25 वर्षों की संसदीय यात्रा का उत्सव होगा, बल्कि वर्तमान विधानसभा की गरिमामयी समाप्ति का प्रतीक भी बनेगा।

CG : मुख्यमंत्री निवास में आज होगा जनदर्शन, सीएम साय जनता से सीधे संवाद कर समस्याओं का करेंगे निराकरण

CG : मुख्यमंत्री निवास में आज होगा जनदर्शन, सीएम साय जनता से सीधे संवाद कर समस्याओं का करेंगे निराकरण

 रायपुर।  मुख्यमंत्री निवास रायपुर में 13 नवंबर गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके।

राज्य सरकार के जनदर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। यह पहल मुख्यमंत्री श्री साय की जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता और पारदर्शी सुशासन के संकल्प को दर्शाती है, जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके।

 
सांसद बृजमोहन अग्रवाल को केंद्र ने सौंपी एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय

सांसद बृजमोहन अग्रवाल को केंद्र ने सौंपी एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय

 रायपुर। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल को एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व सौंपा है।

लोकसभा अध्यक्ष द्वारा गठित संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 तथा केंद्र शासित प्रदेश शासन (संशोधन) विधेयक, 2025 पर विचार हेतु गठित संयुक्त समिति का सदस्य के रूप में बृजमोहन अग्रवाल की नियुक्ति की गई है।

यह नियुक्ति न केवल श्री अग्रवाल की सक्रिय संसदीय भागीदारी और नीतिगत समझ का सम्मान है, बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय भी है।

यह समिति देश के संविधान एवं प्रशासनिक ढांचे से जुड़े इन तीनों अहम विधेयकों पर विस्तृत विचार-विमर्श कर अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस जिम्मेदारी के लिए केंद्र नेतृत्व और लोकसभा अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह दायित्व मेरे लिए गर्व का विषय है। देश की एकता, अखंडता और सुशासन को और सशक्त करने की दिशा में मैं पूर्ण समर्पण से कार्य करूंगा।

छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और सामाजिक वर्गों ने इस नियुक्ति को प्रदेश के बढ़ते राष्ट्रीय महत्व का प्रतीक बताया है।

 
CG : 13 से 17 नवंबर तक कई ट्रेनें रद्द, देखें लिस्ट…

CG : 13 से 17 नवंबर तक कई ट्रेनें रद्द, देखें लिस्ट…

 बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन का काम चलने के कारण कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। सारागांव स्टेशन में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। इसके चलते 13 से 17 नवम्बर तक कई ट्रेनें रद्द रहेंगी।

ये ट्रेनें रहेंगी रद्द

  • 68738/68737 बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवम्बर तक रद्द।
  • 68736 बिलासपुर–रायगढ़ मेमू पैसेंजर 13 से 16 नवम्बर तक रद्द।
  • 68735 रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवम्बर तक रद्द।
  • 68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू बिलासपुर तक ही चलेगी।
  • 68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू बिलासपुर से ही शुरू होगी।
सामुदायिक प्रयासों का रहा बेहतरीन परिणाम : संस्कारधानी को मिल रहा बेस्ट डिस्ट्रिक्ट का सम्मान

सामुदायिक प्रयासों का रहा बेहतरीन परिणाम : संस्कारधानी को मिल रहा बेस्ट डिस्ट्रिक्ट का सम्मान

 सामुदायिक प्रयासों का रहा बेहतरीन परिणाम : संस्कारधानी को मिल रहा बेस्ट डिस्ट्रिक्ट का सम्मान

6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार में देश के ईस्ट जोन के बेस्ट डिस्ट्रिक्ट के रूप में सम्मानित होने जा रहा राजनांदगांव

*जल संरक्षण एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में बना आदर्श मॉडल

रायपुर 12 नवम्बर 2025/ जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 के विजेताओं की घोषणा की गई है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिले को देश के ईस्ट जोन में बेस्ट डिस्ट्रिक्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार हेतु चयनित किया गया। यह सम्मान जिले में जल संरक्षण, संवर्धन तथा जनभागीदारी आधारित सतत कार्यों के लिए 18 नवम्बर 2025 को देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस पुरस्कार में देशभर के विभिन्न जिलों के नामांकन के बाद सेन्ट्रल ग्राउण्ड वॉटर बोर्ड, सेन्ट्रल वॉटर कमिशन एवं विभिन्न दलों के निरीक्षण व विस्तृत अवलोकन के उपरांत छत्तीसगढ़ राज्य ही नहीं अपितु पूरे देश के ईस्ट जोन के पांच राज्यों के समस्त जिलों में से बेस्ट डिस्ट्रिक्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में यह खिताब राजनांदगांव जिले को प्रदान किया जा रहा है। विगत वर्ष केंद्रीय भू-जल मंत्री द्वारा राजनांदगांव जिले का दौरा कर जिले में चल रहे इस अभियान के प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए देश विभिन्न मंचों में राजनांदगांव जिले की प्रशंसा भी की गई थी।

*जनभागीदारी आधारित यह अभियान जल संरक्षण की दिशा में सफल पहल*

राजनांदगांव जिले में जल संरक्षण एवं प्रबंधन के कार्यों को शासन-प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, महिला स्वसहायता समूहों, उद्योगपतियों, विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से मिशन के रूप में सघन अभियान चलाया गया। गांवों से लेकर शहरों तक नागरिकों ने जल ही जीवन है और जल है तो कल है के संदेश को आत्मसात करते हुए मिशन जल रक्षा को एक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। किसानों द्वारा फसल चक्र परिवर्तन, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के कार्यों से जिले में जल स्तर में सुधार हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। केंद्रीय भू-जल बोर्ड की 2021-22 की रिपोर्ट में जिले के तीन ब्लॉकों को सेमी-क्रिटिकल जोन के रूप में चिन्हित किया गया था। सेमीक्रिटिकल जोन का अर्थ पानी के विषय में 70 प्रतिशत से अधिक पानी का उपयोग करने वाले क्षेत्र इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए मिशन जल रक्षा के व्यापक प्रयासों के साथ जिले ने यह अभियान प्रारंभ किया था, अब यह पूरे देश में मॉडल के रूप में जाना जाने लगा है। इस योजना में जिले की प्राथमिकता है कि पहले तो हम पानी के तेजी से घटते जल स्तर की गति को धीमा कर सके फिर उसे एक स्तर पर स्थिर कर सके तत्पश्चात् अत्यधिक जल दोहन को रोककर इस प्राकृतिक बहुमूल्य धरोहर को संधारित कर सके। इसके लिए अनिवार्य है कि प्रत्येक नागरिक आज से ही अपने आसपास के क्षेत्र में होने वाले जल दोहन को ध्यान में रख कर कम से कम भू-जल का उपयोग करें एवं कम से कम पानी उपयोग वाली फसलों को बढ़ावा दें।

महिला समूहों ने नीर और नारी जल यात्रा जैसे अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता के लिए कार्य किया गया। जिसमें जिले की पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने जिले के गांव-गांव में जाकर महिलाओं को एकजुट कर जल यात्राओं के माध्यम से मुहिम को बल प्रदान किया। जिले के समस्त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने रैलियों, पौधारोपण विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जल संरक्षण हेतु प्रेरित किया

*मिशन जल रक्षा – सतत विकास की दिशा में अभिनव पहल के रूप में उभर कर आने लगा*

पानी के तेजी से घटते जल स्तर की इस चुनौती को प्रयासों में बदलते हुए जिले में जीआईएस आधारित तकनीकी योजनाओं, रिचार्ज संरचनाओं, रिचार्ज सॉफ्ट, बोरवेल सह इंजक्शनवेल, परकोलेशन टैंक, फार्म पॉन्ड और तालाबों के पुर्नजीवन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई। मिशन के अंतर्गत भू- जल दोहन नियंत्रण, वर्षा जल संग्रहण तथा सामुदायिक प्रयासों को जल संरक्षण की प्रमुख रणनीति के रूप में अपनाया गया।

*सामुदायिक प्रयासों से मिली राष्ट्रीय पहचान*

राजनांदगांव जिले को प्राप्त होने वाला यह राष्ट्रीय सम्मान, जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। साझा प्रयासों से जल बचाओ, भविष्य बनाओ की भावना को व्यवहार में उतारते हुए जिले ने यह साबित किया है कि जनभागीदारी से किसी भी संसाधन का संरक्षण संभव है। साथ ही साथ 18 नवंबर 2025 को ही नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले को एक अन्य जल संचय से जनभागीदारी के क्षेत्र में भी सम्मानित किया जाना है। राजनांदगांव की यह उपलब्धियां अब पूरे देश के सामने आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है। यह सम्मान न केवल जिले की उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए सतत जल प्रबंधन और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।

सुधार से विश्वास तक: चारों श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, दिखाया विकास का नया मॉडल

सुधार से विश्वास तक: चारों श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, दिखाया विकास का नया मॉडल

 सुधार से विश्वास तक: चारों श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, दिखाया विकास का नया मॉडल

नीति से नीयत तक – छत्तीसगढ़ का सुधार मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण

DPIIT की BRAP रैंकिंग में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, निवेशकों के लिए भरोसे का केंद्र बना राज्य

रायपुर 11 नवम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर देशभर में अपनी पहचान सुधार और विकास के नए प्रतीक के रूप में दर्ज कराई है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार द्वारा आयोजित ‘उद्योग संगम’ में राज्य को बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (BRAP) की चारों प्रमुख श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ अब न केवल नीति निर्माण में बल्कि नीति क्रियान्वयन में भी अग्रणी राज्यों की पंक्ति में शामिल हो चुका है।

यह उपलब्धि उस परिवर्तन यात्रा की गवाही है जो छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में तय की है। कभी BRAP रैंकिंग में निचले पायदान पर रहने वाला यह राज्य आज गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे औद्योगिक दिग्गजों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। यह परिवर्तन केवल अंकों का सुधार नहीं, बल्कि शासन की सोच और दृष्टिकोण में आए मूलभूत परिवर्तन का परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने सुशासन, पारदर्शिता और भरोसे पर आधारित प्रशासनिक ढांचा स्थापित किया है। इस ढांचे ने न केवल निवेशकों का विश्वास जीता है बल्कि सामान्य नागरिकों के जीवन को भी सुगम और सशक्त बनाया है। राज्य सरकार ने सुधारों को केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें जन-जीवन में उतारकर एक नए विकास मॉडल का निर्माण किया है।

राज्य ने BRAP के अंतर्गत अब तक 434 सुधार लागू किए हैं — जो ‘Ease of Doing Business’ के साथ-साथ ‘Ease of Living’ को सशक्त बनाने की दिशा में उसके सतत प्रयासों को दर्शाते हैं। इन सुधारों का उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि उस वातावरण का निर्माण करना है जहाँ उद्योग, समाज और प्रशासन एक साथ प्रगति करें।

इन्हीं सुधारों में एक ऐतिहासिक कदम रहा ‘जन विश्वास अधिनियम’, जिसके तहत छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बना जिसने छोटे कारोबारी अपराधों को डीक्रिमिनलाइज किया। इस अधिनियम ने सरकार और उद्योग जगत के बीच भरोसे का पुल बनाया है। अब कारोबारियों के लिए शासन एक सहयोगी के रूप में सामने आ रहा है। यह बदलाव राज्य में उद्यमिता संस्कृति को और अधिक प्रोत्साहन देने वाला सिद्ध हुआ है।

इसी तरह एक और ऐतिहासिक पहल के रूप में छत्तीसगढ़ ने भूमि अभिलेखों के स्वचालित म्यूटेशन की शुरुआत की। यह कदम राज्य को देश का पहला ऐसा प्रदेश बनाता है जहाँ जमीन पंजीयन के साथ ही स्वामित्व का हस्तांतरण स्वतः हो जाता है। इससे न केवल प्रक्रियाएँ सरल हुई हैं बल्कि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिली है। यह सुधार पारदर्शिता, दक्षता और समय की बचत तीनों का बेहतरीन उदाहरण है।

राज्य सरकार ने औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी कई क्रांतिकारी सुधार लागू किए हैं। दुकानों और प्रतिष्ठानों को अब 24×7 संचालन की अनुमति दी गई है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और व्यापारिक लचीलापन भी सुनिश्चित हुआ है। इसके अतिरिक्त फ्लैटेड इंडस्ट्री के लिए FAR में वृद्धि, भूमि उपयोगिता बढ़ाने हेतु सेटबैक में कमी, और फैक्ट्री लाइसेंस की वैधता 10 से बढ़ाकर 15 वर्ष करने के साथ ऑटो-रिन्यूअल सुविधा प्रदान की गई है। ये कदम राज्य को आधुनिक औद्योगिक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करते हैं।

इन सुधारों ने मिलकर छत्तीसगढ़ को एक भरोसेमंद, स्थिर और पारदर्शी औद्योगिक केंद्र बना दिया है। अब निवेशक केवल संभावनाएँ नहीं, बल्कि निश्चितता देखते हैं। प्रक्रियाओं में सरलीकरण और नीतिगत स्पष्टता ने ‘Ease of Doing Business’ को वास्तविकता में बदल दिया है।

इन उल्लेखनीय सुधारों के लिए छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन और निवेश आयुक्त सुश्री ऋतु सेन (IAS) को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल व्यक्तियों का, बल्कि उस टीम भावना और संस्थागत प्रयासों का भी है जिसने राज्य को यह मुकाम दिलाया।

यह गौरवपूर्ण क्षण पूरे छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणादायी है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि सही नीयत, सटीक नीति और मजबूत नेतृत्व के बल पर कोई भी राज्य देश के औद्योगिक नक्शे पर अग्रणी स्थान प्राप्त कर सकता है।

बीते 10 महीनों में ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हुए हैं। यह आँकड़ा किसी प्रचार का परिणाम नहीं, बल्कि निवेशकों के विश्वास और नीतिगत पारदर्शिता का प्रमाण है। अब छत्तीसगढ़ निवेश का नहीं, बल्कि ‘विकास का केंद्र’ बन रहा है।

इन निवेशों से हजारों युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे, ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, और राज्य की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार होगा। यह ‘विकास की श्रृंखला’ गाँव से लेकर शहर तक एक समान प्रभाव छोड़ रही है।

छत्तीसगढ़ का यह मॉडल केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है; यह एक समग्र विकास दृष्टि है जहाँ सुधारों का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुँचे। शासन की प्राथमिकता केवल निवेश नहीं, बल्कि जीवन-गुणवत्ता में सुधार है।

‘Ease of Doing Business’ के साथ ‘Ease of Living’ का यह संयोजन छत्तीसगढ़ को अन्य राज्यों से अलग बनाता है। यहाँ सुधार, विश्वास और विकास एक-दूसरे के पूरक बनकर आगे बढ़ रहे हैं। यही छत्तीसगढ़ के परिवर्तन का वास्तविक सार है।

राज्य सरकार का यह सुधारवादी दृष्टिकोण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि वह ‘विकसित भारत’ का अग्रदूत बनने की क्षमता रखता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “छत्तीसगढ़ का ‘टॉप अचीवर’ बनना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उद्योग, सुशासन और पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। छत्तीसगढ़ ने निचले पायदान से उठकर देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की पंक्ति में स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की मेहनत और निवेशकों के भरोसे का परिणाम है। छत्तीसगढ़ अब ‘Ease of Doing Business’ से आगे बढ़कर ‘Ease of Living’ का भी प्रतीक बन चुका है — जहाँ सुधार, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।”

जनजातीय उद्यमिता और निवेश संवर्धन में छत्तीसगढ़ बना अग्रणी राज्य

जनजातीय उद्यमिता और निवेश संवर्धन में छत्तीसगढ़ बना अग्रणी राज्य

 जनजातीय उद्यमिता और निवेश संवर्धन में छत्तीसगढ़ बना अग्रणी राज्य

नई दिल्ली में ट्राइबल बिजनेस कॉन्क्लेव-2025 में छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स ने बढ़ाया राज्य का गौरव

रायपुर, 12 नवम्बर 2025/ट्राइबल बिजनेस कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन नई दिल्ली स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में किया गया, जिसमें देशभर से आए उद्यमियों,नीति-निर्माताओं एवं स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स ने भी हिस्सा लेकर उनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों को प्रदर्शित किया। ये स्टार्टअप्स न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहे हैं, बल्कि जनजातीय परंपराओं और पारंपरिक ज्ञान को नई पहचान भी दे रहे हैं।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल एवं केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल उरांव ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का किया निरीक्षण। इस अवसर पर उन्होंने सभी स्टार्टअप्स के स्टॉलों का अवलोकन किया, उद्यमियों से संवाद किया तथा उनके उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। केन्द्रीय मंत्री श्री गोयल ने छत्तीसगढ़ एग्रोफैब कंपनी के प्रतिनिधि श्री करण चंद्राकर से विशेष चर्चा करते हुए उनके नवाचारों की सराहना की। दोनों मंत्रियों ने छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स द्वारा प्रदर्शित उत्पादों को जनजातीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाला उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

कार्यक्रम में निवेश आयुक्त, छत्तीसगढ़ श्रीमती ऋतु सेन ने राज्य में उद्यमिता और निवेश को प्रोत्साहित करने वाली विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत उद्यमों एवं स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन, वित्तीय सहायता, परामर्श तथा विपणन सहयोग जैसी सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक उद्यमिता से जोड़कर जनजातीय समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करना। उन्होंने कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले उद्यमियों को उनके उत्पादों के विस्तार एवं बाज़ार पहुँच बढ़ाने के लिए उपयोगी सुझाव दिए।

छत्तीसगढ़ के अनेक स्टार्टअप्स – सिद्धार्थ एग्रोमार्केटिंग प्रा. लि., अंकुरण सीड्स, कोशल, शांति आनंद वेलनेस, बस्तर से बाज़ार तक, कोईतूर फिश कंपनी, कोया बाज़ार, एग्रोफैब तथा हेमल फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. ने प्रदर्शनी में भाग लेकर अपने उत्पादों एवं नवाचारों का प्रदर्शन किया। इन स्टार्टअप्स ने कृषि विपणन, बीज उत्पादन, जनजातीय हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग, वेलनेस उत्पादों तथा वनोपज आधारित व्यापार से जुड़ी अभिनव पहलें प्रस्तुत कीं।

यह सम्मेलन जनजातीय उद्यमियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान करता है, जिससे छत्तीसगढ़ की छवि समावेशी एवं समुदाय-केन्द्रित उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्य के रूप में और अधिक सुदृढ़ हुई है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उद्योग संचालनालय के संयुक्त संचालक श्री संजय गजघाटे तथा निवेश आयुक्त कार्यालय की महाप्रबंधक सुश्री अंजली पटेल भी उपस्थित थीं।

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 अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के कई ऐसे जिले हैं जहां लोग बेखौफ होकर जिस्मफरोशी का धंधा चला रहे हैं। इसी कड़ी में एक बार फिर छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में देह व्यापार का भंडाफोड़ किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला अंबिकापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस को सूचना मिली की कोतवाली थाना क्षेत्र के पॉश इलाके में किराए के मकान का देह व्यापार का गोरख धंधा चल रहा है। देव व्यापर की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मकान में छापा मारा। इस दौरान पुलिस को मकान के अंदर से एक महिला दलाल समेत 4 लड़कियां मिली। CSP खुद कोतवाली पुलिस के साथ कार्रवाई करने पहुंचे थे।

वहीं छापामार कार्रवाई के बाद पुलिस की टीम महिला दलाल और सभी लड़कियों को लेकर थाने पहुंची। पुलिस की टीम ने महिला दलाल के खिलाफ पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस की टीम ने हिरासत में ली गई सभी लड़कियों को समझाइश देकर छोड़ दिया है।