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OMG : वेब सीरीज देखकर शख्स ने रची अपने ही मौत की साजिश, फिर जो हुआ…

OMG : वेब सीरीज देखकर शख्स ने रची अपने ही मौत की साजिश, फिर जो हुआ…

 राजस्थान/बांसवाड़ा : जिले से हैरान कर देने वाला सामने आ रहा है, यहां कर्ज में डूबे एक शख्स ने बीमा क्लेम पाने के लिए वेब सीरीज देखकर अपनी मौत का साजिश रच डाली, उसने एक लावारिस भिखारी की हत्या कर उसे अपनी पहचान दे दी और ट्रेलर से कुचलवाकर खुद की मौत साबित करने की कोशिश की। लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया।

जानकारी के मुताबिक, घटना 1 दिसंबर की है, जहां बांसवाड़ा के सल्लोपाट क्षेत्र में नेशनल हाईवे-56 पर झेरबारी गांव के पास भारी वाहन से कुचला हुआ एक अज्ञात शव मिला. शव इतनी बुरी तरह कुचला हुआ था कि उसकी पहचान करना भी मुश्किल था. शव के पास एक बैग पड़ा था, जिसमें आईडी और कुछ कागजात थे. ये दस्तावेज नरेंद्र सिंह रावत के नाम से थे. इसके बाद पुलिस ने दस्तावेज के आधार पर नरेंद्र सिंह के परिजनों को शव की शिनाख्त के लिए मोर्चरी बुलाया, लेकिन परिजनों ने नरेंद्र सिंह का शव होने से इनकार कर दिया।

‘भिखारी खेल में इस्तेमाल किया गया मोहरा था’

इसके बाद पुलिस सतर्क हो गई और जांच करते हुए भैरूलाल नाम के शख्स तक पहुंची. भैरू सिंह ने ऐसा राज खोला कि पुलिस भी हैरान रह गई. पूछताछ में भैरू सिंह ने बताया कि पुलिस को जो लाश मिली है वो नरेंद्र की नहीं बल्कि रामदेवरा के तूफान सिंह नाम के एक भिखारी की है, जो इस खेल में इस्तेमाल किया गया मोहरा था।

बीमा क्लेम के लिए खौफनाक साजिश

खेल ये था कि नरेंद्र सिंह जो अभी फरार है, उस पर काफी कर्ज था. वो भैरूलाल से मिला. उसे अपनी पीड़ा बताई. दोनों ने मिलकर प्लान बनाया कि किसी की हत्या करके वो खुद को मरा हुआ साबित कर देगा और बीमा के पैसे हड़प लेगा. इसके बाद भैरूलाल उसे इब्राहिम नाम के एक शख्स के पास ले गया जो ट्रेलर ड्राइवर था.

हत्या के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

मुख्य योजना एक ऐसे शख्स को खोजने की थी जो लावारिस हो. फिर नरेंद्र कचरा बीनने वाले तूफान सिंह को लेकर आया, जिसे उसने गुजरात में नौकरी दिलाने की बात कही. फिर उसने उसे खूब शराब पिलाई. जब वो बेहोश हो गया, तो इब्राहिम ने उसे सड़क पर लिटा दिया और उसके ऊपर ट्रेलर चढ़ा दिया. इसके बाद नरेंद्र ने उसके कागजात लाश के पास रख दिए. अब पुलिस ने हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन नरेंद्र सिंह फरार है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी नरेंद्र सिंह को पकड़ लिया जाएगा.

मानसिक बीमारी और शराब की लत से परेशान पिता ने की बेटे की हत्‍या, जाने क्‍या है पूरा मामला

मानसिक बीमारी और शराब की लत से परेशान पिता ने की बेटे की हत्‍या, जाने क्‍या है पूरा मामला

 भोपाल । मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. एक पिता (Father) ने अपने मानसिक रूप से बीमार बेटे (Son) की हत्या कर दी है. पिता अपने मानसिक रूप से बीमार बेटे की प्रताड़ना और मारपीट से परेशान था. पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. घटना हनुमानगंज थाना क्षेत्र के बाल विहार की है.

थाना प्रभारी अवधेश सिंह भदौरिया ने बताया कि 27 वर्षीय हेमंत (मृतक) मानसिक रूप से बीमार था और शराब पीने का भी आदी था. हेमंत बचपन से ही मानसिक रूप से बीमार और जिद्दी था. उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए परिवार वाले उसकी हर संभव जिद पूरी भी करते थे, लेकिन जब वह बड़ा हुआ तो उसे नशे की लत लग गई.

‘बेटे ने शराब की जिद की, तो पिता ने लाकर दी’
इसके बाद से वह शराब या अन्य नशे का आदी हो गया. हेमंत शराब पीकर या नशा करके अपने माता-पिता से रोजाना मारपीट करता था. घटना वाले दिन जब हेमंत ने अपने पिता वृंदावन नामदेव से शराब की जिद की तो उसके पिता ने उसे शराब लाकर दी. इसके बाद वह अपने पिता से पैसे मांगने लगा, लेकिन जब पिता ने पैसे देने में असमर्थता जताई तो हेमंत ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी.

बेटे की रस्सी से गला घोंटकर की हत्या
आखिरकार पिता ने अपना धैर्य खो दिया और अपने ही बेटे की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी. इसके बाद हेमंत की मां ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने घर से हेमंत का शव और हत्या में प्रयुक्त रस्सी जब्त कर ली और आरोपी पिता वृंदावन नामदेव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. वृंदावन नामदेव पेशे से दर्जी है और घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है. लेकिन मानसिक रूप से कमजोर हेमंत इन सब हालातों से अनजान शराब के नशे में अक्सर अपने माता-पिता से मारपीट करता था और इसी से तंग आकर उसके पिता ने आखिरकार उसकी हत्या कर दी.

इंसान को बैठाकर उड़ने वाला ड्रोन,12वीं के छात्र ने 3 महीने में बनाया, देखे वीडियो

इंसान को बैठाकर उड़ने वाला ड्रोन,12वीं के छात्र ने 3 महीने में बनाया, देखे वीडियो

ग्वालियर: जिले के सिंधिया स्कूल के एक छात्र ने अपनी मेहनत के बल पर एक बड़ा कमाल किया है। उसने एक ऐसा ड्रोन बनाया है, जिसे दुनिया भर में यूनिक माना जा रहा है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि यह पहला ऐसा ड्रोन है, जिसमें एक व्यक्ति बैठकर उड़ान भर सकता है। 12 वीं में पढ़ने वाले छात्र मेदांश त्रिवेदी ने इसका सफल परीक्षण भी किया है। छात्र ने खुद इस ड्रोन में बैठकर इसका सफल परिक्षण किया।

 

दरअसल, ग्वालियर के सिंधिया स्कूल में 12 वीं क्लास में पढ़ने वाले छात्र मेदांश त्रिवेदी ने 3 महीने कड़ी मेहनत की। करीब साढ़े तीन लाख रुपए की लागत से इस ड्रोन को तैयार किया गया है। छात्र ने बताया कि जब वह कक्षा सातवीं में था तो स्कूल के टीचर मनोज मिश्रा ने क्लास में हेलीकॉप्टर उड़ने की तकनीकी पढ़ाई थी। वहीं से ड्रोन बनाने की प्रेरणा मिली थी। वह अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर चीन के ड्रोन देखता था। कोविड काल में उसने यूट्यूब पर तमाम देशों की ड्रोन टेक्नोलॉजी को समझा। उसने उस पर काम किया फिर अपने टीचर्स को बताया।

6 मिनट तक हवा में भर सकता है उड़ान
मेदांश ने बताया है कि यह एक इलेक्ट्रिक ड्रोन है। पायलट के साथ यह 6 मिनट तक हवा में उड़ान भर सकता है। इसमें लगी 2 बैट्ररी लगभग 10 मिनट में चार्ज हो जाती है। पायलट के साथ यह ड्रोन 20 मीटर तक उड़ान भर सकता है। यह अधिकतम 80 किलो का वजन लिफ्ट कर सकता है। बिना पायलट के लगभग 1 घंटे तक कितनी भी ऊंचाई तक उड़ा सकते हैं। इसकी इंजन क्षमता अभी 50 हॉर्स पावर की है। जरूरत पड़ने पर कई महत्वपूर्ण परिस्थितियों में इसका उपयोग किया जा सकता है। इसके उपकरणों को अलग-अलग खोलकर एक बैग में पैक किया जा सकता है। पूरा ड्रोन एक कार में रखकर ले जाया जा सकता है। बात दें कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और इसरो चीफ एस सोमनाथ भी मेदांश की तारीफ कर चुके हैं

 

फिर बदला मौसम का मिजाज! अगले 48 घंटों में इन जिलों में गरज चमक के साथ होगी तेज बारिश, IMD ने जारी की चेतावनी

फिर बदला मौसम का मिजाज! अगले 48 घंटों में इन जिलों में गरज चमक के साथ होगी तेज बारिश, IMD ने जारी की चेतावनी

 तूफान फेंगल के प्रभाव के खत्म होते ही एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय हो गया है। आज यानी 7 दिसंबर को, एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में प्रवेश करेगा। इसके चलते उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। यह सिस्टम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी असर डाल सकता है, जिससे बूंदाबांदी की संभावना है।

प्रदेश में मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में एक चक्रवात जेट स्ट्रीम और पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपरी हिस्से में सक्रिय है। हवाओं का रुख उत्तर-पूर्व की दिशा में बना हुआ है, जिसके कारण मध्य प्रदेश के तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। आज, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्य प्रदेश के कुछ जिलों जैसे जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में बारिश की संभावना है। इन इलाकों में हाल के दिनों में तापमान में बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण कड़कड़ाती ठंड से थोड़ी राहत मिली है।

अगले 24 घंटे का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग का कहना है कि तूफान फेंगल का असर प्रदेश से खत्म हो चुका है, और इसके कारण कई शहरों में तापमान में वृद्धि देखी गई है। अगले 24 घंटे में प्रदेश के तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं होगा। हालांकि, उत्तरी हवाओं की रफ्तार बढ़ी हुई है, और ये हवाएं पश्चिम-उत्तर भारत में 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही हैं। जैसे-जैसे हवाओं की ऊंचाई कम होगी, तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, और प्रदेश में ठंड की स्थिति और भी तेज हो सकती है।

मध्य प्रदेश में और बढ़ेगी ठंड

मौसम का मिजाज बदलने वाला है, और आज से मध्य प्रदेश में ठंड का असर बढ़ सकता है। विशेषकर ग्वालियर चंबल क्षेत्र में सर्द हवाओं के कारण रात के तापमान में गिरावट आई है। इसके कारण यहां ठंड का असर महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज रात से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। इस वजह से इन क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड का सामना किया जा सकता है।

 झारखंड में हुआ मंत्रालयों का बंटवारा, CM हेमंत सोरेन ने अपने पास रखे ये अहम विभाग, जानें

झारखंड में हुआ मंत्रालयों का बंटवारा, CM हेमंत सोरेन ने अपने पास रखे ये अहम विभाग, जानें

 रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट (Hemant Soren Cabinet) के सभी मंत्रियों के बीच विभागोंको बंटवारा कर दिया है. इसकी अधिसूचना शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे जारी की गई

सीएम सोरेन ने अपने पास कार्मिक, प्रशासन सुधार एवं राजभाषा, गृह (कारा सहित) विभाग, पथ निर्माण, भवन निर्माण और मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग रखे हैं.राधाकृष्ण किशोर को वित्त, वाणिज्य कर, योजना एवं विकास और संसदीय कार्य विभाग आवंटित किया गया है. दीपक बिरुआ को राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार और परिवहन विभाग तो चमरा लिंडा अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं कल्याण (अल्पसंख्यक कल्याण को छोड़कर) विभाग के मंत्री होंगे.संजय प्रसाद यादव को श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल और उद्योग विभाग दिए गए हैं. रामदास सोरेन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और निबंधन विभाग के मंत्री बनाए गए हैं. इरफान अंसारी को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण के अलावा खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले और आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. हफीजुल हसन को जल संसाधन एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय आवंटित किया गया है.

वहीं, दीपिका पांडेय सिंह ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य और पंचायती राज विभाग की मंत्री बनाई गई हैं. योगेंद्र प्रसाद को पेयजल एवं स्वच्छता और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग आवंटित किया गया है

शिल्पी नेहा तिर्की को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इनके अलावा जो विभाग किसी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं, वे मुख्यमंत्री के पास रहेंगे. विभागों के बंटवारे की अधिसूचना सरकार की प्रधान सचिव वंदना डाडेल के हस्ताक्षर से जारी की गई है.

BREAKING : लोक सेवा आयोग के 22 अधिकारियों और 10 IAS अधिकारियों का तबादला, देखिए पूरी लिस्ट

BREAKING : लोक सेवा आयोग के 22 अधिकारियों और 10 IAS अधिकारियों का तबादला, देखिए पूरी लिस्ट

 पंजाब : पंजाब सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है, राज्य सरकार की ओर से लोक सेवा आयोग के 22 अधिकारियों और 10 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है, जिसका आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है.

 

BREAKING : इनकम टैक्स का एक्शन, शहर के कई बड़े ज्वेलरी शॉप में मारा छापा

BREAKING : इनकम टैक्स का एक्शन, शहर के कई बड़े ज्वेलरी शॉप में मारा छापा

 सरदारपुर- : मध्यप्रदेश में आज राजगढ़ के चार प्रतिष्ठानो पर इनकम टैक्स ने छापामार कार्रवाई शुरू की है। यह कार्रवाई सोने-चांदी आभूषणों की दुकानों पर की जा रही है। अभी इनकम टैक्स की कार्रवाई जारी हैं। जिन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई है उसमें कांतिलाल शांतिलाल ज्वेलर्स, एमवी ज्वेलर्स, केसर ज्वेलर्स तथा एसवी ज्वेलर्स है। बताया जा रहा है कि आज गुरुवार सुबह करीब 10 बजे इनकम टैक्स की टीमें 2-3 से चार पहिया वाहनों में राजगढ़ पहुंची तथा राजगढ़ के सुभाष मार्ग स्थित 3 प्रतिष्ठानों पर तथा मैन चौपाटी स्थित एक प्रतिष्ठान पर कार्रवाई के लिए पहुंची। टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद है। राजगढ़ के व्यस्ततम बाजार में हो रही कार्रवाई से कौतूहल का विषय बना हुआ है।

 
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया कैबिनेट विस्तार….इनको मिली जगह

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया कैबिनेट विस्तार….इनको मिली जगह

 झारखंड ;- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार (5 दिसंबर) को कैबिनेट का विस्तार किया. अपनी कैबिनेट में उन्होंने 11 चेहरों को जगह दी है. शपथ लेने वाले नेताओं में 6 जेएमएम से, चार कांग्रेस से और एक आरजेडी से हैं.

JMM 6
सुदिव्या कुमार सोनू (गिरिडीह )
योगेंद्र प्रसाद (गोमिया )
चमरा लिंडा (बिशनपुर )
रामदास सोरेन (घाटशीला)
दीपक बिरुवा (चाईबासा )
हफीजुल हसन (मधुपुर )

कांग्रेस 4
इरफान अंसारी
शिल्पी नेहा तिर्की
दीपिका पांडे सिंह
राधा कृष्ण किशोर

RJD 1
संजय प्रसाद यादव

IAS अधिकारी पर ईडी का शिकंजा : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 13 ठिकानों पर छापा

IAS अधिकारी पर ईडी का शिकंजा : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 13 ठिकानों पर छापा

  पटना। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में जेल में बंद बिहार कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव हंस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कस दिया है। मंगलवार, 3 दिसंबर को ईडी ने दिल्ली, गुड़गांव, कोलकाता, जयपुर और नागपुर समेत 13 स्थानों पर छापेमारी की। ये छापेमारी आईएएस अधिकारी संजीव हंस, पूर्व विधायक गुलाब यादव और उनके करीबियों के ठिकानों पर की गई।

छापेमारी में अहम दस्तावेज और बड़ी संपत्ति का खुलासा

ईडी की जांच में पता चला है कि संजीव हंस ने पद का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से धन अर्जित किया। इसे सफेद धन में बदलने में गुलाब यादव और अन्य सहयोगियों ने उनकी मदद की। छापेमारी के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 60 करोड़ रुपये के शेयर संजीव हंस के एक करीबी के डीमेट अकाउंट में पाए गए। 70 बैंक खातों की जानकारी मिली, जिनमें से 10 करोड़ रुपये की शेष राशि फ्रीज की गई है। 23 लाख रुपये नकद और 16 लाख रुपये विदेशी मुद्रा जब्त की गई। 40 लाख रुपये की विदेशी घड़ियां और एक किलो से अधिक सोना-जेवरात बरामद। चंडीगढ़ में संजीव हंस के नाम 95 करोड़ रुपये का रिसॉर्ट होने का खुलासा हुआ।

दुष्कर्म के आरोप से मनी लॉन्ड्रिंग तक मामला
मामले की शुरुआत जनवरी 2023 में हुई थी, जब एक महिला ने पूर्व विधायक गुलाब यादव और संजीव हंस पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। महिला का कहना था कि उसे 2016-17 में महिला आयोग का सदस्य बनाने का झांसा देकर यौन शोषण किया गया। इस मामले में जब 90 लाख रुपये और एक लग्जरी कार का लेनदेन सामने आया, तो ईडी ने अपनी जांच शुरू की।

ईडी की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संजीव हंस ने न केवल अवैध धन अर्जित किया, बल्कि इसे छिपाने और सफेद धन में बदलने के लिए विभिन्न साधनों का उपयोग किया। जिसके बाद ईडी ने आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में संजीव हंस के ठिकानों पर छापेमारी और उनसे पूछताछ शुरू की। छापेमारी में संजीव हंस के आवास से 40 लाख की कीमत की विदेशी कंपनियों की 15 बेशकीमती घड़ियां भी बरामद की गईं थीं। इसके साथ ही एक किलो से ज्यादा सोना और जेवरात भी बरामद हुए थे। संजीव हंस के पास चंडीगढ़ में 95 करोड़ का रिसॉट भी है। संजीव हंस के अकाउंट से कई खातों में बड़ी रकम भी भेजी गयी, साथ ही सरकारी पदों पर रहते हुए कंपनियों को फायदा पहुंचाने और लेनदेन के दस्तावेज हाथ लगे हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संजीव हंस और गुलाब यादव अब जेल में बंद हैं।

कौन है आईएएस संजीव
संजीव हंस बिहार कैडर के 1997 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. मूलतः वे पंजाब राज्य के रहने वाले हैं। उनका जन्म 19 अक्टूबर 1973 को हुआ हैं। उनके पिता राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे। बीटेक करने के बाद अपने पिता से प्रेरित होकर संजीव आईएएस बने। संजीव ने सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। बीटेक करने के बाद यूपीएससी क्रैक कर आईएएस बने हैं। संजीव हंस ने 21 अप्रैल 1998 को आईएएस की सर्विस ज्वाइन की। लाल बहादुर शास्त्री प्रशिक्षण अकादमी मसूरी से ट्रेनिंग खत्म करने के पश्चात उन्हें फील्ड ट्रेनिंग के लिए बिहार के बांका जिले में एसडीएम के पद पर नियुक्ति मिली। जिसके बाद वे कई जिलों के कलेक्टर रहे। विभिन्न मंत्रालय एवं भी उन्होंने काम संभाला। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने दक्षिणी बिहार के तीन जिलों में बाढ़ के पानी को पीने योग्य पानी के रूप में लाने वाली एक अभूतपूर्व जल लिफ्ट परियोजना गंगा जल आपूर्ति योजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जल संसाधन के अलावा स्वास्थ्य विभाग के भी प्रमुख सचिव संजीव हंस रहें। सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त भी संजीव हंस रहें। संजीव हंस वर्तमान में बिहार ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव व बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड पटना के एमडी रह चुके। साथ ही बिहार स्टेट हाइड्रोइलेक्ट्रिक कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएचपीसी) के निदेशक तथा ब्रेडा का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।

Maharashtra CM Oath : सस्पेंस पर लगा विराम: फडणवीस आज लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

Maharashtra CM Oath : सस्पेंस पर लगा विराम: फडणवीस आज लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

 महाराष्ट्र:- मुख्यमंत्री को लेकर जारी सस्पेंस पर आखिरकार विराम लग गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में देवेंद्र फडणवीस को नेता चुना गया।महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे और एनसीपी प्रमुख अजित पवार के पोस्टर मुंबई के आजाद मैदान के आसपास के इलाकों में लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री-भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा के पोस्टर भी देखे गए। फडणवीस आज महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ लेंगे।जनसंघ और बाद में भाजपा नेता रहे स्व. गंगाधर फडणवीस के बेटे देवेंद्र ने कम उम्र में ही राजनीति में कदम रख दिया था। 1989 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए। 1992 में नागपुर भाजयुमो इकाई के अध्यक्ष बने। इसी साल उन्होंने नागपुर के रामनगर वार्ड से अपना पहला नगरपालिका चुनाव जीता और 21 साल की उम्र में नागपुर नगर निगम के सबसे युवा पार्षद बन गए। 1994 में भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष बने। 1997 में 27 साल की उम्र में यहां के सबसे युवा मेयर बने। फडणवीस ने 1999 में अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की

पीएम मोदी, 19 सीएम व डिप्टी सीएम पहुंचेंगे

राज्यपाल ने बृहस्पतिवार शाम 5:30 बजे फडणवीस को शपथ के लिए आमंत्रित किया है। समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री, 19 सीएम व उपमुख्यमंत्री शामिल होंगे।
Mohan Cabinet Decision : मोहन कैबिनेट की बैठक सम्पन्न, 75 हजार करोड़ का MOU किया साइन, इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

Mohan Cabinet Decision : मोहन कैबिनेट की बैठक सम्पन्न, 75 हजार करोड़ का MOU किया साइन, इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

5 दिसंबर 2024 Mohan Cabinet Decision :- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज, बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में एक अहम कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में राज्य की विकास योजनाओं, निवेश के प्रस्तावों और आगामी विधायिका सत्र से संबंधित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री के हाल ही में जर्मनी और लंदन के दौरे पर भी चर्चा की गई, जहाँ मध्य प्रदेश के लिए 78 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव मिला था।

जर्मनी और लंदन के निवेशकों से मध्य प्रदेश में निवेश

कैबिनेट बैठक के बाद, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि आगामी समय में भोपाल में एक इन्वेस्टर मीट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी के निवेशक भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के विदेश दौरे से मध्य प्रदेश को 78 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो राज्य की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में मददगार साबित होंगे।

सीएम के विदेश दौरे से जुड़े निवेश प्रस्तावों पर चर्चा

बैठक में प्रदेश के उद्योग विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ रियायतों और विधायी प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। मंत्रियों को आगामी विधानसभा शीतकालीन सत्र में पेश होने वाले विधेयकों के संबंध में भी विचार-विमर्श करने को कहा गया।

कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम फैसले

  1. जन कल्याण दिवस (11 से 26 दिसंबर):
    • मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 11 से 26 दिसंबर तक सभी जिलों में जन कल्याण दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फेसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के लोगों से संवाद करेंगे।
  2. 2025 को रोजगार और उद्योग वर्ष घोषित करना:
    • प्रदेश सरकार ने 2025 को रोजगार और उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस वर्ष के दौरान एमएसएमई, उद्योग विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कुटीर और ग्राम उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
  3. नर्मदापुर में रीजनल इन्वेस्टर समिट (7 दिसंबर):
    • 7 दिसंबर को नर्मदापुर में एक रीजनल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा, जिससे राज्य में निवेश आकर्षित किया जा सकेगा।
  4. धान और सोयाबीन खरीद पर निगरानी:
    • मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार के जिलों में धान और सोयाबीन खरीद की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
  5. गीता जयंती समारोह:
    • 8 से 11 दिसंबर तक उज्जैन में गीता जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। इसके बाद 11 दिसंबर को भोपाल और अन्य जिलों में भी भव्य समारोह आयोजित होंगे।
  6. तानसेन समारोह (15-19 दिसंबर):
    • हर वर्ष की तरह इस साल भी ग्वालियर में तानसेन समारोह का आयोजन 15 से 19 दिसंबर तक होगा, जो कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।

विकास और पर्यावरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण फैसले

  1. माधव टाइगर रिजर्व:
    • मुख्यमंत्री ने रातापानी में माधव टाइगर रिजर्व के लिए जल्द स्वीकृति देने की घोषणा की। इसके लिए एनटीसीए से अनुमति प्राप्त हो चुकी है, और आसपास के गांवों को बफर जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।
  2. 41 हजार मेगावाट थर्मल पॉवर प्लांट:
    • भारत सरकार ने 41 हजार मेगावाट थर्मल पॉवर प्लांट के लिए कोयला स्वीकृति दी है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
  3. नदी जोड़ो अभियान (75 हजार करोड़ का एमओयू):
    • मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच पार्वती कालीसिंध और चंबल नदी जोड़ो अभियान के लिए 75 हजार करोड़ रुपये का एमओयू साइन किया गया है। इससे 11 जिलों के 2094 गांवों में 6 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी, साथ ही पीने के पानी की भी व्यवस्था की जाएगी।

प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास के लिए योजनाएं

  1. इंदौर से उज्जैन तक सड़क निर्माण:
    • इंदौर और उज्जैन के बीच 2 लेन और फोरलेन की सड़क बनाई जाएगी, जिससे इन दोनों शहरों के बीच परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, पीथमपुर का औद्योगिक विकास भी होगा।
  2. मेगा औद्योगिक पार्क (नर्मदापुरम):
    • नर्मदापुरम के बाबई में एक मेगा औद्योगिक पार्क बनाए जाने की घोषणा की गई है, जो प्रदेश के उद्योग क्षेत्र को और अधिक सशक्त करेगा।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  1. पंच तीर्थ का निर्माण:
    • राज्य सरकार ने बाबा साहब अंबेडकर के पंच तीर्थ का निर्माण करने का निर्णय लिया है, जो उनके योगदान और विचारधारा को श्रद्धांजलि देने के रूप में होगा।
  2. नवीनीकरण ऊर्जा उपकरण पार्क:
    • मध्य प्रदेश को नवीनीकरण ऊर्जा उपकरणों के पार्क के लिए चुना गया है, जिसे स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार 300 करोड़ रुपये की राशि देगी।
  3. शराब नीति पर समिति का गठन:
    • प्रदेश में शराब नीति को लेकर एक समिति बनाई जाएगी, जो राज्य के शराब कारोबार को नियंत्रित करने और उसके लिए नए दिशा-निर्देश तय करेगी।
गरीबों की मौज.. अब कोई नहीं मांगेगा भीख, सरकार ने आम लोगों के लिए लॉन्च की खास योजना

गरीबों की मौज.. अब कोई नहीं मांगेगा भीख, सरकार ने आम लोगों के लिए लॉन्च की खास योजना

 Smile Scheme: सरकार का उद्देश्य हमेशा यह रहा है कि समाज के हर वर्ग को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, चाहे वह आम नागरिक हो या खास, अमीर हो या गरीब, किसी भी जाति, समुदाय, या विकलांगता से हो। इसी सोच को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने स्माइल योजना (SMILE – Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise) की शुरुआत की। यह योजना विशेष रूप से ट्रांसजेंडर समुदाय और भीख मांगने वाले व्यक्तियों के लिए बनाई गई है, जो आमतौर पर समाज में उपेक्षित रहते हैं। इस योजना का उद्देश्य इन लोगों को रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा, और अन्य कल्याणकारी सेवाओं के माध्यम से सशक्त बनाना है।

Smile Scheme का उद्देश्य

स्माइल योजना का मुख्य उद्देश्य हाशिए पर पड़े व्यक्तियों को आजीविका और व्यवसाय के अवसर प्रदान करके उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाना है। इसके तहत उन्हें विभिन्न कल्याणकारी सेवाएं, चिकित्सा सुविधाएं, शिक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

स्माइल योजना को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 12 फरवरी 2022 को लॉन्च किया। इस योजना में दो प्रमुख उप-योजनाएं शामिल हैं:

  1. ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए कल्याण और पुनर्वास कार्यक्रम।
  2. भीख मांगने वाले व्यक्तियों के लिए पुनर्वास और समावेशन उपाय।

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए विशेष योजनाएं

स्माइल योजना के तहत, ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इनमें शामिल हैं:

  • शिक्षा के अवसर: ट्रांसजेंडर छात्रों को स्कॉलरशिप मिलती है, जो उन्हें 9वीं कक्षा से लेकर पीजी स्तर तक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देती है।
  • कौशल विकास: ट्रांसजेंडरों को कौशल विकास कार्यक्रम के तहत रोजगार के अवसर प्रदान किए जाते हैं।
  • स्वास्थ्य सेवाएं: ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि उनकी शारीरिक और मानसिक भलाई सुनिश्चित हो सके।
  • गरिमा गृह: ट्रांसजेंडरों के लिए गरिमा गृह बनाए गए हैं, जहां वे सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकते हैं।
  • ट्रांसजेंडर सुरक्षा प्रकोष्ठ: प्रत्येक राज्य में ट्रांसजेंडर सुरक्षा प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं, जो ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के खिलाफ अपराधों पर नजर रखते हैं और उनका संरक्षण करते हैं।

भीख मांगने वालों के लिए पुनर्वास

स्माइल योजना का एक अहम हिस्सा उन व्यक्तियों के लिए है, जो जीवन यापन के लिए भीख मांगते हैं। इसके अंतर्गत:

  • नए आश्रय घर: भीख मांगने वाले व्यक्तियों के लिए सुरक्षित और अच्छा माहौल सुनिश्चित करने के लिए आश्रय घर बनाए गए हैं।
  • पुनर्वास केंद्र: इस योजना के तहत पुनर्वास केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां इन लोगों को सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और कौशल विकास के अवसर मिलते हैं।
  • मुख्यधारा में समावेशन: इस योजना का उद्देश्य उन लोगों को मुख्यधारा में लाकर उन्हें भीख मांगने के चक्र से बाहर निकालना है।

Smile Scheme के लाभार्थी

यह योजना विशेष रूप से निम्नलिखित वर्गों के लिए है:

  • अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के व्यक्ति।
  • विकलांग व्यक्ति।
  • वह व्यक्ति जिनका परिवार कोरोना महामारी के कारण आर्थिक संकट में है, और जिनके परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की कोरोना से मृत्यु हो गई हो।
  • भीख मांगने वाले व्यक्तियों और ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य।

नौकरी से लेकर व्यवसाय तक मिलेगा अवसर

स्माइल योजना उन व्यक्तियों को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार और व्यापार के अवसर प्रदान करती है। ये क्षेत्र हैं:

BREAKING NEWS : वापस दिल्ली लौटा राहुल और प्रियंका गांधी का काफिला, नहीं मिली संभल जाने की इजाजत, नेता प्रतिपक्ष ने कहा – यह नया भारत है, यह संविधान को नष्ट करने वाला भारत है

BREAKING NEWS : वापस दिल्ली लौटा राहुल और प्रियंका गांधी का काफिला, नहीं मिली संभल जाने की इजाजत, नेता प्रतिपक्ष ने कहा – यह नया भारत है, यह संविधान को नष्ट करने वाला भारत है

 डेस्क।  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को यूपी पुलिस ने गाजीपुर बार्डर पर रोक लिया है। वह अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ दिल्ली से संभल जा रहे थे। उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें आगे जाने की इजाजत नहीं दी, जिसके बाद राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी समेत हजारों कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता वापस दिल्ली की ओर रवाना हो गए हैं। कांग्रेस ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।

“हम संभल जाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पुलिस इजाजत नहीं दे रही है। विपक्ष के नेता के तौर पर जाना मेरा अधिकार है लेकिन फिर भी वे मुझे रोक रहे हैं। मैंने कहा कि मैं अकेले जाने को तैयार हूं, मैं पुलिस के साथ जाने को तैयार हूं लेकिन वे इस पर भी राजी नहीं हुए। अब वे कह रहे हैं कि अगर हम कुछ दिनों में वापस आते हैं, तो वे हमें जाने देंगे। यह विपक्ष के नेता के अधिकारों के खिलाफ है, उन्हें मुझे जाने देना चाहिए। यह संविधान के खिलाफ है, हम सिर्फ संभल जाना चाहते हैं, लोगों से मिलना चाहते हैं और देखना चाहते हैं कि वहां क्या हुआ। मुझे मेरे संवैधानिक अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं। यह नया भारत है, यह संविधान को नष्ट करने वाला भारत है, हम लड़ते रहेंगे।”

प्रियंका गांधी ने कहा-

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं। संभल जाना उनका संवैधानिक और नैतिक अधिकार है। उन्हें वहां जाने की इजाजत मिलनी चाहिए। गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता रोकने वाली पुलिस को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि हिंसा प्रभावित परिवारों से नेता प्रतिपक्ष को क्यों नहीं मिलने दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने मंगलवार को संभल जाकर हिंसा में मरने वाले लोगों के परिवार से मुलाकात करने जाने का ऐलान किया था। जिसके बाद संभल प्रशासन ने उनकी मांग को खारिज कर दिया था। साथ ही दिल्ली से सटे तमाम जिलों को यह आदेश दिया गया था कि किसी भी हालत में राहुल गांधी समेत अन्य नेता संभल ना आ पाए। संभल प्रशासन ने 10 दिसंबर तक किसी भी बाहरी व्यक्ति को हिंसाग्रस्त इलाके में जाने की मनाही है।

BIG NEWS : एक चूहे ने रुकवा दी ट्रेन, एसी कोच में चूहे ने काटा तार, करंट से झुलसा, धुएं से बजा सायरन, डेढ़ घंटे तक रुकी रही ट्रेन

BIG NEWS : एक चूहे ने रुकवा दी ट्रेन, एसी कोच में चूहे ने काटा तार, करंट से झुलसा, धुएं से बजा सायरन, डेढ़ घंटे तक रुकी रही ट्रेन

 बैतूल | BIG NEWS : घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन पर मन्नारगुडी से जोधपुर जा रही सुपरफास्ट ट्रेन एक चूहे के कारण करीब डेढ़ घंटे तक रुकी रही। घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन पर शाम करीब 5.30 बजे जैसे ही ट्रेन आकर रुकी ट्रेन के एसी कोच बी 7 में कोच ने एक वायर काट दिया। जिससे झुलस गया। वही कोच में धुंआ उठने लगा। एसी कोच में धुएं के कारण सायरन बजने लगा। जिससे यात्री घबरा गए और ट्रेन से नीचे उतरने लगे। जिस पर आरपीएफ एवं रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिस पर ट्रेन में तैनात एसी मैकेनिक द्वारा मौके में पहुंचकर सुधार कार्य किया गया। इसके बाद करीब 7 बजे ट्रेन को इटारसी की ओर रवाना किया

ढोडरामोहार रेलवे स्टेशन के पास स्पेशल ट्रेन के इंजन में आई खराबी

घोड़ाडोंगरी और इटारसी सेक्शन में ढोडरामोहार रेलवे स्टेशन के मंगलवार शाम को बेंगलुरु से दानापुर जा रही स्पेशल ट्रेन के इंजन में खराबी आ गई। जिसके चलते करीब 2 घंटे तक ट्रेन को रोकना पड़ा। वही ट्रेन के इंजन में आई खराबी के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस आंध्रप्रदेश एक्सप्रेस, तमिलनाडु एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को बरबतपुर, घोड़ाडोंगरी, बैतूल, मरामझिरी रेलवे स्टेशन पर रोका गया

BIG NEWS: बागेश्वर धाम को मिली जान से मारने की धमकी, बलजिंदर सिंह परवाना ने बयान के बाद बागेश्वर धाम का बयान आया सामने

BIG NEWS: बागेश्वर धाम को मिली जान से मारने की धमकी, बलजिंदर सिंह परवाना ने बयान के बाद बागेश्वर धाम का बयान आया सामने

 शिवपुरी | जिले के करैरा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बलजिंदर सिंह परवा के बयान के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा की कोई परवाना जी है उन्होंने के अर्थ को अनर्थ समझा।

हम ने जो बयान दिया था up के संबल में जामा मस्जिद का कोर्ट में एक मामला भी चल रहा है। एएसआई सर्वे हुआ था जिसमें हरी हर मंदिर के प्राचीन खेल उस में मिले उस पर हम ने बयान दिया था की अगर कोर्ट अपना आदेश निकलेगी तो हम सब महात्मा वहां जाकर प्राण प्रतिष्ठा वा अवशेक करेगे। पंजाब के परवाना जी ने हमे पता चला की उन्होंने जान से मारने की धमकी दी है। सरदार हमारे मित्र भाई है। उनकी तालिया भी स्वीकार उनकी गलियां भी स्वीकार है। उनका प्यार भी स्वीकार है

आप को बता दे की पंजाब के खन्ना राजपुरा के निवासी कट्टरपंथी बलजिंदर सिंह परवाना ने धमकी देते हुए कहा, ” धीरेंद्र शास्त्री ने हरिमंदिर साहिब के बारे में गलत शब्द कहे हैं. उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. पंजाब के कपूरथला जिले में आयोजित एक समागम में बयान बरजिंदर ने ये बातें कहीं. इसके साथ ही बलजिंदर सिंह ने इंदिरा गांधी पर भी विवादित टिप्पणी की.

संसद में आज : केंद्रीय गृहमंत्री आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2024 लोकसभा में करेंगे पेश

संसद में आज : केंद्रीय गृहमंत्री आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2024 लोकसभा में करेंगे पेश

 नई दिल्ली :-  (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को लोकसभा में आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश करेंगे और राज्यसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर भारत-चीन संबंधों में हालिया घटनाक्रम पर बयान देंगे।

विधेयक का उद्देश्य आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 में संशोधन करना है। गृह मंत्री प्रस्ताव आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 में संशोधन करने वाले विधेयक पर विचार करने के लिए पेश करेंगे। कोशिश यही है कि इसके जरिए भूमिकाओं में अधिक स्पष्टता आए और राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर अधिकारियों को सशक्त बनाया जा सके।

विधेयक को 1 अगस्त को लोकसभा में पेश किया गया था और यह मौजूदा अधिनियम में संशोधन करने का प्रयास करता है, जिसे मूल रूप से संस्थागत तंत्र, आपदा प्रबंधन योजनाएं और आपदा प्रभावों को रोकने और कम करने के लिए रणनीतियां बनाकर भारत में आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए अधिनियमित किया गया था।

वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश करेंगे। विधेयक का उद्देश्य रेलवे बोर्ड की शक्तियों को बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार करने के लिए रेलवे अधिनियम 1989 में संशोधन करना है।

विधेयक के प्रमुख प्रावधानों में भारतीय रेलवे बोर्ड अधिनियम, 1905 को रेलवे अधिनियम, 1989 में एकीकृत करना शामिल है। यह कदम भारतीय रेलवे बोर्ड अधिनियम, 1905 को निरस्त करके और इसके प्रावधानों को रेलवे अधिनियम में शामिल करके भारतीय रेलवे को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढांचे को सरल बनाने का प्रयास करता है। इन बदलावों का उद्देश्य रेलवे बोर्ड के गठन और संरचना को सुव्यवस्थित करना है, जिससे रेलवे संचालन की समग्र दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह वित्त संबंधी स्थायी समिति के बारे में बयान देंगे।

कोयला, खान और इस्पात संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट सदस्य अनुराग सिंह ठाकुर और मन्ना लाल रावत द्वारा प्रस्तुत की जाएगी।

बयानों और प्रश्नकाल के अलावा, 10 मंत्रियों द्वारा विभिन्न विषयों पर अपने मंत्रालयों से संबंधित पत्र पटल पर रखे जाएंगे।

राज्यसभा में, विदेश मंत्री एस. जयशंकर चीन के साथ भारत के संबंधों में हाल के घटनाक्रमों पर एक बयान देंगे। मंत्री ने मंगलवार को लोकसभा में भी इसी तरह का बयान दिया था।

उन्होंने कहा था कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सफल विघटन समझौते के बाद भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंध कुछ सुधार की ओर अग्रसर हैं।

उन्होंने कहा था हमारे (भारत-चीन) संबंध 2020 से असामान्य हैं जब चीनी कार्रवाइयों के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और शांति भंग हुई थी। हाल के घटनाक्रमों से पता चलता है कि तब से हमारे बीच लगातार कूटनीतिक संबंध रहे हैं, जिससे हमारे संबंधों में कुछ सुधार की दिशा में प्रगति हुई है।

विदेश मंत्री ने दोहराया कि भारत-चीन संबंधों में सामान्यतः आपसी संवेदनशीलता, सम्मान और हितों पर निर्भर करती है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल बॉयलर्स विधेयक, 2024 भी पेश करेंगे, जिसमें बॉयलरों के विनियमन, स्टीम-बॉयलरों के विस्फोट के खतरे से लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा और देश में बॉयलरों के निर्माण, स्थापना और उपयोग के दौरान पंजीकरण और निरीक्षण में एकरूपता प्रदान करने का प्रावधान है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

 
 
बड़ी खबर ! अभी-अभी महाराष्ट्र में हो गया बड़ा खेला, मुख्यमंत्री के लिए इस नेता का नाम हुआ फाइलन, जश्न का माहौल

बड़ी खबर ! अभी-अभी महाराष्ट्र में हो गया बड़ा खेला, मुख्यमंत्री के लिए इस नेता का नाम हुआ फाइलन, जश्न का माहौल

 महाराष्ट्र : भले ही महाराष्ट्र में अभी कयासों का दौर चल रहा हो, लेकिन एक तरह से साफ हो गया है कि महाराष्ट्र का नया मुख्यमंत्री आखिर कौन होगा. हाईकमान पर्यवेक्षकों ने अपनी राय बता दी है. अब सिर्फ खींचतान मंत्रियों के पोर्टफोलियों को लेकर चल रही है. हालांकि हाईकमान ने ये भी साफ कर दिया है कि 5 दिसंबर को मुख्यमंत्री के साथ दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ लेंगे. अभी पोर्टफोलियो को लेकर कोई भी कुछ कहने को तैयार नहीं है. बताया जा रहा है कि गृहमंत्री अजीत पवार को मिलने की उम्मेदें ज्यादा दिखाई दे रही हैं. आलाकमान ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ऐसे ही शपथ ग्रहण कराई जाएगी. उसके बाद पोर्टफोलियो का बंटवारा हो जाएगा.

कार्यकाल हो गया खत्म 

आपको बता दें कि 14वीं विधानसभा का कार्यकाल बीते 26 नवंबर को भी समाप्त हो गया था. लेकिन अभी भी  शिवसेना और बीजेपी के बीच सीएम पद के लिए रस्सा कसी लंबी चल ही थी. हालांकि शिंदे ने सीएम पद लेने प्रेस कॅान्फ्रेंस कर इनकार कर दिया था. लेकिन शायद अब जो खींचतान है वह मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर चल रही है. बीजेपी के पर्यवेक्षक साफ कर चुके हैं कि देवेन्द्र फड़णवीस को ही महाराष्ट्र का अगला सीएम चुना जाना तय हो चुका है. 

शिंदे ने मांगे ये अहम पद

सतारा से लौटने के बाद एक बार फिर एकनाथ शिंदे ने आलाकमान से गृह विभाग की डिमांड की ऐसी सूचना मिल रही है.  हालांकि शिंदे ने प्रेस कॅान्फ्रेंस कर पहले ही सभी कयासों पर विराम लगा दिया था. उन्होने कहा था कि उन्हें मुख्यमंत्री पद चाहिए ही नहीं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जो काम देंगे वे खुशी-खुशी उसे मान लेंगे. अमित शाह से हुई मुलाकात में बताया जा रहा है कि शिंदे ने शिव सेना के लिए गृह मंत्रालय, शहरी विकास समेत कई अहम विभाग मांग की है. बताया जा रहा है कि इक्का-दुक्का को छोड़कर बीजेपी हाईकमान ने उनकी मांगें मान भी ली हैं. बताया जा रहा है कि आज शाम तक ही महाराष्ट्र  के अगले मुख्यमंत्री का आधिकारिक रूप से भी ऐलान हो जाएगा. 

Potato Real or Fake : क्‍या आप भी खा रहे हैं केमिकल वाला आलू? कैसे करें असली और नकली की पहचान?

Potato Real or Fake : क्‍या आप भी खा रहे हैं केमिकल वाला आलू? कैसे करें असली और नकली की पहचान?

 Potato Real or Fake : आजकल बाजार में बिक रहे आलू का एक नया रूप सामने आया है, जिसमें व्यापारियों की मुनाफाखोरी के चलते पुराने आलू को खतरनाक केमिकल से बदलकर उसे ‘नया’ दिखाने का तरीका अपनाया जा रहा है। हाल ही में, आलू के दाम में अचानक बढ़ोतरी हुई है, और बाजार में 40 रुपये किलो बिकने वाला आलू अब 60 रुपये किलो में मिल रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पुराने आलू को अमोनिया केमिकल से ट्रीट कर उसे नया रूप दे दिया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान न सिर्फ आलू का रंग और आकार बदलता है, बल्कि उसका वजन भी बढ़ जाता है, जिससे व्यापारियों को ज्यादा मुनाफा हो रहा है। हालांकि, यह प्रक्रिया जनता की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

नकली और असली आलू में अंतर

व्यापारी बताते हैं कि असली नया आलू हमेशा मिट्टी में लिपटा होता है, और उसे पानी में डालने पर मिट्टी आसानी से नहीं उतरती। जबकि केमिकल से तैयार आलू को पानी में डालते ही उसकी सतह से मिट्टी आसानी से निकल जाती है। यह आलू को पहचानने का एक मुख्य तरीका है। बावजूद इसके, दुकानदार इस अंतर को जानकर भी जानबूझकर केमिकल वाले आलू को बेच रहे हैं, क्योंकि इस पर उन्हें अधिक मुनाफा हो रहा है। सीनियर न्यूट्रीशियन का कहना है कि अमोनिया का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है और विभिन्न मानसिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

अमोनिया का उपयोग कैसे किया जाता है?

आलू में बदलाव लाने के लिए व्यापारी अमोनिया पाउडर का उपयोग करते हैं। 50 रुपये किलो में मिलने वाले अमोनिया पाउडर को पानी में घोलकर पुराने आलू को इस घोल में 14 घंटे तक डुबोकर रखा जाता है। इस प्रक्रिया से आलू का वजन बढ़ जाता है, उसकी चमकदार सतह उसे नया दिखाती है। हालांकि, इस प्रक्रिया के बाद आलू जल्दी खराब हो जाता है क्योंकि इसके ताजगी बनाए रखने की क्षमता खत्म हो जाती है।

व्यापारियों पर कार्रवाई की तैयारी

खाद्य अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच की जाएगी और यदि अमोनिया से तैयार आलू की बिक्री की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आलू पिछले 15 दिनों से बाजार में बिक रहे हैं, लेकिन अभी तक इस पर कोई सैंपलिंग नहीं की गई है। अधिकारी का कहना है कि यदि इस मामले में गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषी व्यापारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

युवाओं को सजग रहने की जरूरत

समाज में बदलते व्यापारिक पैटर्न और मुनाफे के लालच में यह आलू का कारोबार अब एक गंभीर खतरे के रूप में सामने आ रहा है। यह स्थिति लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा संकट बन सकती है, खासकर तब जब यह आलू आम आदमी की डाइट का हिस्सा बन चुका है। युवाओं को इस स्थिति से अवगत कराना और उन्हें सजग रहने के लिए प्रेरित करना जरूरी है, ताकि वे इस तरह के ‘नए’ आलू से बच सकें।

यह समय की आवश्यकता है कि पुराने समय के किसानों द्वारा अपनाए गए पारंपरिक तरीकों को फिर से अपनाया जाए, ताकि खाद्य सुरक्षा और लोगों की सेहत दोनों को सुनिश्चित किया जा सके। मुनाफाखोरी के इस खेल के खिलाफ कड़े कदम उठाने की जरूरत है, ताकि किसी भी नागरिक को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

रोजमर्रा की वस्तुएं हो सकती हैं सस्ती, 21 दिसंबर को GST परिषद की बैठक में होगा अहम फैसला

रोजमर्रा की वस्तुएं हो सकती हैं सस्ती, 21 दिसंबर को GST परिषद की बैठक में होगा अहम फैसला

 GST Council Meeting : 21 दिसंबर 2024 को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की बैठक राजस्थान के जैसलमेर में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई अहम फैसलों पर चर्चा की जाएगी, जो न सिर्फ व्यापारियों बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी प्रभावित करेंगे। इस बैठक में जीएसटी दरों में बदलाव से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं, जिनका असर रोजमर्रा की चीजों पर पड़ेगा।

जीएसटी परिषद की बैठक में एक महत्वपूर्ण मुद्दा सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी दरों में बढ़ोतरी का हो सकता है। वर्तमान में इन उत्पादों पर 28% जीएसटी लिया जा रहा है, लेकिन बैठक में इसे बढ़ाकर 35% करने का प्रस्ताव दिया जा सकता है। यह निर्णय तंबाकू और सिगरेट उत्पादों पर कर दर को और सख्त करने के उद्देश्य से लिया जा सकता है।

जीएसटी दर में कमी की भी संभावना

साथ ही, जीएसटी परिषद कुछ रोजमर्रा की वस्तुओं पर कर दर में कमी का भी प्रस्ताव कर सकती है। इसमें पैकेज्ड पानी, साइकिल, और छोटे मूल्य वाले उत्पादों पर जीएसटी दर को घटाकर 5% करने की संभावना है। इससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है, खासकर उन वस्तुओं के लिए जिनका दैनिक जीवन में अधिक इस्तेमाल होता है।

केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल

यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्री मिलकर जीएसटी से संबंधित नीति फैसले लेंगे। इसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को कुछ वस्तुओं और सेवाओं पर सस्ती कीमतों का लाभ मिल सकता है, और व्यापारियों के लिए भी व्यवसाय करने में राहत मिल सकती है।

सार्वजनिक ध्यान

बैठक के बाद जीएसटी दरों में इन बदलावों से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आएगी। यह निर्णय आम जनता के लिए महत्वपूर्ण होंगे, खासकर जो रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। जीएसटी परिषद के इस फैसले का स्वागत किया जा सकता है, लेकिन इससे जुड़ी औपचारिक घोषणाएं और जानकारी बैठक के बाद ही स्पष्ट होंगी।

इस प्रकार, जीएसटी परिषद की 21 दिसंबर की बैठक में लिए जाने वाले फैसले उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं।

ऑनलाइन मंगाया चाकू, अनगिनत वार और कत्ल... लाश के पास बैठकर दो दिनों तक सिगरेट पीता रहा कातिल

ऑनलाइन मंगाया चाकू, अनगिनत वार और कत्ल... लाश के पास बैठकर दो दिनों तक सिगरेट पीता रहा कातिल

3 दिसंबर 2024 Maya Gogoi Deka Murder Case:- बेंगलुरु के एक होटल में अपनी दोस्त का बेरहमी से कत्ल करने वाला 21 साल का आरव हनोय गिरफ्तार कर लिया गया. लेकिन अभी तक पुलिस के पास इस बात का जवाब नहीं है कि उसने माया का मर्डर क्यों किया? कत्ल करने का मोटिव क्या था? और सबसे बड़ा सवाल ये कि वो माया की हत्या करने के बाद दो दिनों तक उसी कमरे में लाश के साथ क्यों रहा? कातिल से पूछताछ के बाद भी पुलिस इस वारदात का पूरा सच नहीं जान पा रही है. जानते हैं क्यों? क्योंकि आरोपी आरव का कहना है कि इस कत्ल की वजह काफी पर्सनल है. इस कहानी ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है. 

दो दिनों तक लाश के साथ रहा कातिल 
माया गोगोई डेका का कातिल आरव हनोय पुलिस की हिरासत में है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. सवाल जवाब किए जा रहे हैं. लेकिन जब पुलिस ने उससे माया के कत्ल की वजह पूछी तो उसने यही कहकर वजह बताने से इनकार कर दिया कि ये उसका पर्सनल मैटर है. इस मामले में सबसे हैरान करने वाला पहलू ये है कि आरव अपनी दोस्त को मौत के घाट उतारने के बाद दो दिन तक मौका-ए-वारदात यानी उस कमरे से भागा नहीं, बल्कि पूरे दो दिनों तक उसी कमरे में लाश के साथ रहा. वो उसी कमरे में जमीन पर पड़ी लाश के बगल में बैठकर लगातार सिगरेट पीता रहा. पुलिस भी हैरान है कि आखिर वो दो दिन तक लाश के साथ अकेला उस कमरे में क्या रहा था? 

होटल के कमरे में मिली थी माया की लाश
इस खौफनाक कहानी का आगाज 26 नवंबर से होता है. बेंगलुरु के इंदिरानगर में मौजूद थ्री स्टार सर्विस अपार्टमेंट होटल रॉयल लिविंग के एक कमरे में एक लड़की की लाश बरामद होती है. ये लाश असम की रहने वाली 19 साल की माया गोगोई डेका की थी. लाश दो दिन से होटल के कमरे में पड़ी थी, इसलिए लाश खराब होने लगी थी. बेड पर पड़े कंबल पर खून के धब्बे थे. फर्श पर भी खून के निशान नजर आ रहे थे. वहीं बेड पर एक मोबाइल भी पड़ा था जो माया का था. मोबाइल 24 नवंबर को स्विच ऑफ हो गया था. इसी से पुलिस ने अंदाजा लगाया है कि माया का कत्ल 24 नवंबर को ही हुआ था. 

सीसीटीवी फुटेज में नजर आए थे आरव-माया
अगले दो दिनों तक यानी 26 नवंबर तक उसकी लाश होटल के कमरे में पड़ी रही. बेड के करीब फर्श पर नाइलोन की एक रस्सी भी पड़ी थी. इस रस्सी का ऑर्ड़र ऑनलाइन दिया गया था. इसी रॉयल लिविंग होटल के रिसेप्शन पर लगे सीसीटीवी कैमरे से मिली तस्वीरों से भी कई खुलासे होते हैं. इसमें दिखाई देता है कि 23 नवंबर दोपहर 12 बज कर 31 मिनट पर दो लोग आते हैं. इनमें एक लड़की है और दूसरा लड़का. लड़के ने सर पर व्हाइट कैप पहनी हुई है. लड़की के हंसने के अंदाज से साफ है कि दोनों य़हां खुशी-खुशी और अपनी मर्जी से आए हैं. लड़का डिजिटल पेमेंट करता है, जबकि लड़की सोफे पर बैठ जाती है.

तीन साल पहले बेंगलुरु आई थी माया
कुछ देर बाद दोनों रिसेप्शन से उठ कर कमरे की तरफ बढ़ जाते हैं. ये लड़की कोई और नहीं बल्कि माया गोगोई डेका है, जिसकी लाश मिलती है. अब सवाल ये है कि डेका की लाश तो कमरे से बरामद हो गई. लेकिन वो लड़का कौन था और कहां गया जिसने डेका के साथ इस होटल में चेकइन किया था. तो आइए अप पूरी कहानी सिलसिलेवार जानते हैं. माया तीन साल पहले असम से बेंगलुरु आई थी. वो सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने के साथ-साथ एक एजुकेशन कंसल्टेंसी फर्म में जॉब करती थी. डेका बेंगलुरु में अपने बहन और एक कजन के साथ किराए के एक अपार्टमेंट में रहती थी. 

23 नवंबर को होटल पहुंचे थे आरव और माया
करीब छह महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए ही डेका की मुलाकात केरल के कुन्नूर के रहने 21 साल के आरव हनोय से हुई. दोनों में पहले दोस्ती हुई और फिर प्यार. बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएशन करने के बाद इसी साल आरव कुन्नूर से बेंगलुरु आ गया. आरव ने भी एक कंपनी में स्टूडेंट काउंसलर के तौर पर का करना शुरू कर दिया. अब डेका और आरव की अकसर मुलाकात होती थी. 23 नवंबर को आरव और डेका दोपहर को इसी होटल रॉयल लिविंग में पहुंचे. दोनों के पास एक-एक बैग था. दोपहर को चेकइन करने के बाद दोनों अपने कमरे में चले गए. उन्होंने रूम एक दिन के लिए बुक कराया था.

अकेला होटल से निकल गया था आरव
अगली सुबह यानी 24 नवंबर को जब रिसेप्शन से रूम में फोन कर पूछा गया कि कितने बजे चेकआउट करेंगे? तब आरव ने कहा कि वो एक दिन और स्टे करेंगे. इसके बाद 25 नवंबर की सुबह रिसेप्शन से फिर से रूम में फोन आया कि वो कितने बजे चेक आउट करेंगे. तब आरव ने कहा कि अब वो 26 नवंबर की दोपहर को चेक आउट करेगे. इस तरह एक दिन का स्टे और बढा दिया. अब 26 नवंबर की तारीख आ चुकी थी. आज ही के दिन दोनों को होटल से चेक आउट करना था. लेकिन 26 नवंबर की सुबह आट बज कर 19 मिनट पर आरव अकेले ही होटल से बाहर निकल गया. उसके पास उसका बैग भी नहीं था. 

होटल के कर्मचारी ने देखी थी लाश
इस बार आरव होटल से बाहर गया तो फिर नहीं लौटा. 26 नवंबर की दोपहर का वक्त हो चुका था. रिसेप्शन पर बैठे शख्स को पता था कि आज उनको चेकआउट करना है. उसने रूम में लैडलैइन पर फोन किया. घंटी बजती रही पर फोन किसी ने नहीं उठाया. तब आरव के मोबाइल पर फोन किया गया. लेकिन मोबाइल बंद था. इसके बाद होटल का एक स्टाफ कमरे में गया. दरवाजा अनलॉक था. जैसे ही वो दरवाजे को धक्का देता है अंदर से तेज बदबू आती है. वो अंदर झांक कर देखा है तो बेड पर लड़की की लाश और हर तरफ खून नजर आता है. वो भाग कर होटल के बाकी स्टाफ को इसकी जानकारी देता है. पुलिस को खबर दी जाती है.

जिस्म और सिर पर चाकू से वार 
पुलिस जब अंदर दाखिल होती है तो डेका की लाश बेड पर ही पड़ी मिलती है. लाश कंबल से ढका हुआ था. लाश की हालत देख कर ऐसा लग रहा था जैसे डेका की मौत कम से कम दो दिन पहले हुई थी. बेड पर पड़ा मोबाइल भी चार्ज ना हो पाने की वजह से 24 नवंबर से बंद दिखा रहा था. दरअसल मोाबाइल फर आखिरी मैसेज और कॉल 24 नवंबर का ही था. उसके बाद कोई कॉल या मैसेज नहीं. कमरे में नाइलोन की अएक रस्सी के साथ एक पैकेट भी मिला. उस पैकेट से पता चला कि इस रस्सी का ऑर्डर इसी होटल के पते पर ऑनलाइन दिया गया था. माया के जिस्म और सिर पर चाकू से कम से कम दस वार किए गए थे.

मोबाइल CDR से खुला राज
अब चूंकि कमरे में माया और आरव ही थे. लिहाजा पुलिस ने आरव की तलाश शुरू कर दी. होटल के सीसीटीवी कमरे से पता चला कि आरव 26 नवंबर की सुबह आठ बज कर 19 मिनट पर होटल से निकला वो भी बिना बैग के. इसके बाद जब उसके मोबाइल के कॉल डिटेल रिकार्ड को खंगाला गया तो पता चला कि होटल से निकलने के बाद उसने अपने मोबाइल एप से एक कैब बुक किय़ा. कैब रेलवे स्टेशन के लिए बुक किया गय़ा था. मगर उसके फौरन बाद आरव ने अपना फोन बंद कर दिया. तब से उसका फोन बंद था. अब तक की तफ्तीश के बाद पुलिस का मानना था कि आरव पूरी प्लानिंग के साथ होटल आया था.

इस पहलू की खास जांच कर रही है पुलिस
रस्सी का मंगाना, चाकू साथ लाना, यही इशारा कर रहे थे. इतना ही नहीं जब वो होटल में चेक इन कर रहा था तब भी उसने कैप की मदद से अपने चेहरे को छुपाने की कोशिश की थी. जब वो 26 नवंबर को होटल से आखिरी बार निकला तब भी उसने कैप से चेहरा छुपा रखा थ. पुलिस इस बात से हैरान थी कि डेका का कत्ल करने के दो दिन बाद तक आरव लाश के साथ उसी कमरे में क्यों रुका रहा. वो चाहता तो पहले भी भाग सकता था. यहां तक कि दो दिनों में लाश से बदबू भी आने लगी थी. लेकिन वो फिर उसी कमरे में था. पुलिस इस पहलू से भी मामले की जांच कर रह थी कि कहीं आरव डेका की लाश के टुकड़े कर किश्तों में उसे ठिकाने लगाने की प्लानिंग तो नहीं कर रहा था. जब उसे लगा कि ऐसा संभव नहीं है, तब वो डर के मारे वहां से भाग गया होगा.

आरव को पकड़ने के लिए बनाई गईं थी तीन टीम
बेंगलुरु पुलिस के पास आरव का मोबाइल नंबर था, उसके फोन के ऑन होने का इंतजार किया जाने लगा. इसी मोबाइल के सहारे पुलिस को आरव के मूवमेंट की जानकारी मिल रही थी, क्योंकि बीच-बीच में वो अपने मोबाइल को ऑन कर रहा था. पुलिस के मुताबिक आरव को पकड़ने के लिए पुलिस की तीन टीमें बनाई गई. इन तीनों ही टीमों को सिर्फ एक काम सौंपा गया. वो था आरव को पकड़ना. 26 नवंबर से बेंगलुरु पुलिस लगातार आरव की तलाश में जुटी रही. आखिरकार 2 दिन बाद पुलिस को पहली कामयाबी मिली. दरअसल भागने के बाद आरव ने अपने मोबाइल से ऐप के जरिए एक कैब बुक किया था. ये कैब रेलवे स्टेशन के लिए बुक किया गया था. कैब ड्राइवर से भी पूछातछ के बाद यही जानकारी सामने आई कि आरव बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर कैब से उतर गया था.

कर्नाटक के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तारी
आगे टेक्निकल एविडेंस के जरिए पता चला कि आरव बेंगलुरु से पहले रायचुर गया और फिर वहां से एमपी और यूपी के अलग-अलग हिस्सों से होता हुआ वाराणसी पहुंचा. उसको पता था कि कत्ल के बाद पुलिस उसे कर्नाटक और उसके घर केरल में ढूंढेगी. लिहाजा पुलिस को चकमा देने के लिए वो वहां जाने की बजाए उत्तर भारत की तरफ निकल पड़ा. अगले तीन दिनों तक पुलिस को चकमा देने के लिए लगभग साढ़े तीन हजार किलोमीटर का सफर तय कर चुका था. लेकिन उसके पास पैसे कम थे, इसलिए वाराणसी पहुंचने के बाद उसने तय किया वो वापस कर्नाटक जाएगा. वाराणसी से उसने कर्नाटक के लिए फिर एक ट्रेन पकड़ी. शुक्रवार को वो कर्नाटक में देवनाहल्ली पहुंचा. वहां केमपगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के करीब से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

ऑनलाइन ऑर्डर देकर मंगाया था चाकू और रस्सी
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की तो आरव ने फौरन अपना जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस के मुताबिक शुरू में ऐसा लगा था जैसे वो चाकू लेकर ही होटल पहुंचा था, लेकिन उसने बताया कि होटल पहुंचने के बाद जब डेका से उसका झगड़ा हुआ तब 24 नवंबर को उसने जेप्टो ऐप से एक चाकू और नायलन की एक रस्सी का ऑर्डर दिया. ये पार्सल होटल के रिसेप्शन पर उसने खुद रिसीव किया था. जिस दिन चाकू और नायलॉन की रस्सी आरव को मिली उसी दिन यानि 24 नवंबर को ही उसने उसी चाकू से डेका का कत्ल कर दिया. आरव ने डेका शरीर पर चाकू से अनगिनत वार किए थे.

डेटिंग ऐप के जरिए मिले थे माया और आरव 
पुलिस के मुताबिक केरल के रहने वाले आरव के दादा आर्मी मे थे. उन्होंने ही उसकी परवरिश की थी. वो जब छोटा था तभी उसके मां-बाप का तलाक हो गया था. तलाक के बाद आरव मां के साथ रहता था. इस दौरान मां ने दूसरी शादी कर ली, लेकिन वो भी ज्यादा दिन तक नहीं चली. फिर से तलाक हो गया. इसके बाद मां ने तीसरी शादी की. तभी से आरव अपने दादा के साथ रहता था. केरल में आरव बीबीए कर रहा था. इसी दौरान डेटिंग ऐप बंबल पर उसकी मुलाकात असम की माया गोगोई डेका से हुई. दोनों में दोस्ती हो गई. डेका की वजह से ही वो केरल से बेंगलुरु आ गया. माया ने ही एक कंपनी में आरव की इंटर्नशिप लगा दी. वहां उसे 15 हजार रुपए महीने मिलते थे. इसी बीच आरव ने माया से लिव-इन में साथ रहने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया.

क्या था कत्ल का मोटिव?
माया का फ्रेंड सर्कल काफी बड़ा था. जबकि आरव शहर में अकेला. डेका को उसके दोस्तों के साथ देखकर कई बार उसे शक होता था. इस बात को लेकर दोनों में झगड़ा भी होता था. बड़ा सवाल ये कि आखिर आरव ने डेका की हत्या क्यों की थी? पुलिस की मानें तो फिलहाल की पूछताछ में आरव ने जो खुलासा किया है उसके हिसाब से उसे माया को लकर कुछ शक था. इसी शक की वजह से होटल में दोनों में झगड़ा हुआ और फिर उसने माया को मार डाला. फिलहाल आरव बेंगलुरु पुलिस के कब्जे में है और अब भी उससे ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वाकई कत्ल का मोटिव शक और जलन था या कुछ और?