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Maharashtra Cabinet : CM देवेंद्र फडनवीस कैबिनेट का विस्तार, इन 39 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ

Maharashtra Cabinet : CM देवेंद्र फडनवीस कैबिनेट का विस्तार, इन 39 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ

 Maharashtra Cabinet : महाराष्ट्र देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट का विस्तार हो गया है. नए मंत्रियों ने नागपुर में आयोजित एक समारोह में पद की शपथ ली. बता दें मुंबई में पांच दिसंबर को भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद जबकि शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

दत्तात्रेय भरणे और अदिति सुनील तटकरे ने ली शपथ

पुणे की इंदापुर सीट से विधायक दत्तात्रेय भरणे ने मंत्री पद की शपथ ली है। वह उद्धव सरकार में मंत्री रह चुके हैं। अदिति सुनील तटकरे ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। वह श्रीवर्धन सीट से एनसीपी (अजित पवार) की विधायक हैं।

शंभूराज देसाई और आशीष शेलार ने ली मंत्री पद की शपथ
शंभूराज देसाई ने मंत्री पद की शपथ ली है। वह मराठा समुदाय से आते हैं। शिंदे ने उन्हें एक्साइज मिनिस्टर बनाया था। इसके अलावा आशीष शेलार ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। वह फडणवीस की पिछली सरकार में मंत्री थे। मुंबई की बांद्रा पश्चिम से बीजेपी विधायक हैं।

अतुल सावे और अशोक उईके ने ली मंत्री पद की शपथ
अतुल सावे ने मंत्री पद की शपथ ली है। 2019 में फडणवीस ने भी मंत्री बनाया था। AIMIM के इम्तियाज को हराकर विधानसभा पहुंचे हैं। इसके अलावा अशोक उईके ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। वह रालेगांव से विधायक हैं और आदिवासी समाज से ताल्लुक रखते हैं। वह 2014 से लगातार विधायक हैं।

पंकजा मुंडे ने ली शपथ
पंकजा मुंडे ने मंत्री पद की शपथ ली है। वह बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय संभाल चुकी हैं। वह महाराष्ट्र विधान परिषद की सदस्य हैं।

जयकुमार रावल ने ली मंत्री पद की शपथ
जयकुमार रावल बीजेपी विधायक हैं। वह 2016 में पहली बार मंत्री बने थे। पर्यटन मंत्रालय भी संभाल चुके हैं। राजपरिवार से संबंध रखते हैं।

मंगल प्रभात लोढ़ा और उदय सामंत ने ली शपथ
मंगल प्रभात लोढ़ा ने मंत्री पद की शपथ ली है। वह पिछली सरकार में पर्यटन कौशल विकास मंत्री थे। वह बीजेपी के बड़े मारवाड़ी नेताओं में एक हैं और मूल रूप से जोधपुर के रहने वाले हैं। इसके साथ ही उदय सामंत ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। वह 2019 में उद्धव सरकार में मंत्री रहे हैं।

धनंजय मुंडे ने ली शपथ, अजित पवार के हैं बेहद करीबी

धनंजय मुंडे ने मंत्री पद की शपथ ली है। शिंदे कैबिनेट में वह कृषि मंत्री थे। वह ओबीसी (बंजारा) समुदाय से आते हैं।

दादा भुसे और संजय राठौड़ ने ली मंत्री पद की शपथ
दादा भुसे और संजय राठौड़ ने मंत्री पद की शपथ ली है। दादा भुसे को महाराष्ट्र का बड़ा नेता माना जाता है। संजय ओबीसी समुदाय के बड़े नेता हैं। शिंदे सरकार में वन विभाग के कैबिनेट मंत्री थे।

गणेश नाईक ने ली मंत्री पद की शपथ
बीजेपी नेता गणेश नाईक ने मंत्री पद की शपथ ली है। वह ठाणे के ऐरोली से विधायक बने हैं। ठाणे जिले में आगरी समाज के अनुभवी OBC नेता हैं। शिवसेना से NCP, फिर बीजेपी में आए। 2004-19 के बीच बेलापुर के विधायक रहे। कांग्रेस-NCP सरकार में एक्ससाइज मंत्री थे। श्रम मंत्रालय भी संभाल चुके हैं। ठाणे, नवी मुंबई के पिछड़े वोट पर पकड़ है।

गुलाबराव पाटिल ने ली मंत्री पद की शपथ
शिवसेना-शिंदे नेता गुलाबराव पाटिल ने मंत्री पद की शपथ ली है। वह जलगांव ग्रामीण सीट से विधायक हैं। उत्तर महाराष्ट्र में शिवसेना (शिंदे) का बड़ा चेहरा हैं। वह मराठा समुदाय से आते हैं। पहले पान का ठेला चलाते थे लेकिन शिंदे सरकार में जल आपूर्ति मंत्री थे। उद्धव ठाकरे सरकार में भी मंत्री थे। फडणवीस की पहली सरकार में सहकारिता राज्यमंत्री थे।

गिरीश महाजन ने ली मंत्री पद की शपथ

गिरीश महाजन ने मंत्री पद की शपथ ली है। वह खानदेश रीज़न के बड़े OBC नेता हैं। वह जामनेर से जीतकर आए हैं। 1995 से लगातार विधायक हैं और फडणवीस और शिंदे सरकार में मंत्री रहे हैं।

राधाकृष्ण विखे पाटिल ने ली मंत्री पद की शपथ
राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मंत्री पद की शपथ ली है। पश्चिम महाराष्ट्र में मराठा समाज के नेता हैं। शरद पवार परिवार के धुर विरोधी नेता माने जाते हैं। शिरडी सीट से 1995 से लगातार जीत रहे हैं। 2019 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए। 6 मुख्यमंत्रियों की कैबिनेट में मंत्री रहे।

चंद्रकात पाटिल ने ली शपथ
चंद्रकात पाटिल ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। एकनाथ शिंदे की सरकार में भी वह मंत्री रहे हैं। फडणवीस की पहली कैबिनेट में राजस्व मंत्री भी रहे हैं।

हसन मुश्रीफ ने ली मंत्री पद की शपथ
हसन मुश्रीफ ने मंत्री पद की शपथ ले ली है। वह लगातार छठी बार विधायक बने हैं।

सिर्फ ढाई साल के लिए ही मंत्री बनेंगे विधायक
विधायकों को सिर्फ ढाई साल के लिए ही मंत्री बनाया जाएगा। ये महाराष्ट्र मंत्रिमंडल का नया फॉर्मूला है।

Free Aadhaar Update : काम की खबर: फ्री में आधार अपडेट करने की तारीख बढ़ी, जानिए कब तक करवा सकेंगे अपडेट

Free Aadhaar Update : काम की खबर: फ्री में आधार अपडेट करने की तारीख बढ़ी, जानिए कब तक करवा सकेंगे अपडेट

 Free Aadhaar Update : अगर भी अपना आधार कार्ड अपडेट करवाना चाहते हैं. तो आपके लिए एक बेहद सही मौका है. UIDAI की ओर से मौका दिया जा रहा है. हालांकि पहले इसकी डेडलाइन आज यानी 14 दिसंबर तक की थी.

लेकिन अब इसमें UIDAI की ओर से इजाफा कर दिया गया है. फ्री में आधार अपडेट करवाने की डेट लाइन को UIDAI ने 14 सितंबर से लेकर 6 महीने तक के लिए बढ़ा दिया है. यानी अब आप 14 जून 2025 तक ऐसे फ्री में अपडेट करवा सकेंगे.

अगर आप भी UIDAI की ओर से फ्री आधार अपडेट की सर्विस का लाभ उठाना चाहते हैं. तो इसके लिए आपको यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट https://myaadhaar.uidai.gov.in/ पर जाना होगा.

RBI ने किसानों को दी बड़ी खुशखबरी, बढ़ाई कृषि ऋण की सीमा, अब बिना गिरवी के अन्नदाताओं को मिलेगा इतने रुपए का लोन

RBI ने किसानों को दी बड़ी खुशखबरी, बढ़ाई कृषि ऋण की सीमा, अब बिना गिरवी के अन्नदाताओं को मिलेगा इतने रुपए का लोन

  नई दिल्ली :-  भारतीय रिजर्व बैंक ने बिना जमानत के कृषि ऋण की सीमा को 1 लाख 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह कदम किसानों को बिना किसी संपत्ति के जमानत के अधिक ऋण प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत हो सकेगी। यह निर्णय अगले वर्ष 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगा। इसके जरिए सरकार की कोशिश छोटे और सीमांत किसानों को लाभ पहुंचाना है।

कोलैटरल फ्री कृषि लोन के लिए पहले यह लिमिट 1.60 लाख रुपये थी, जिसे 2019 में तय किया गया था. इससे पहले यह लिमिट 2010 में एक लाख रुपये थी. आरबीआई ने जारी बयान में कहा कि तब से लेकर अब तक की कुल मुद्रास्फीति और कृषि इनपुट लागत में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, बिना कुछ गिरवी के कृषि लोन की सीमा 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है. इससे औपचारिक ऋण प्रणाली में छोटे और सीमांत किसानों का कवरेज बढ़ेगा. इसका सर्कुलर जल्द ही जारी किया जाएगा।

BREAKING : बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत बिगड़ी, अपोलो अस्पताल में भर्ती

BREAKING : बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत बिगड़ी, अपोलो अस्पताल में भर्ती

 नई दिल्ली  : बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी (97) की अचानक एक बार फिर तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें देर रात इलाज के लिए दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लालकृष्ण आडवाणी की पिछले कुछ दिनों से तबीयत खराब चल रही है। अपोलो अस्पताल में हेल्थ बुलेटिन जारी कर लालकृष्ण आडवाणी के स्वास्थ्य की जानकारी दी है। फिलहाल उनकी तबीयत स्थिर है। डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।

बता दें कि बीते चार से पांच महीनों के भीतर लालकृष्ण आडवाणी करीब चौथी बार अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इससे पहले उन्हें अगस्त के महीने में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लालकृष्ण आडवाणी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसी साल उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते वे राष्ट्रपति भवन के आयोजन में नहीं पहुंच सके। उन्हें आवास पर ही भारत रत्न दिया गया था।

BREAKING : सुपरस्टार अल्लू अर्जुन को नहीं होगी जेल, हाई कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत

BREAKING : सुपरस्टार अल्लू अर्जुन को नहीं होगी जेल, हाई कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत

 BREAKING NEWS : स्टार अभिनेता अल्लू अर्जुन को तेलंगाना हाई कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। इससे पहले लोअर कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया था। इसका मतलब है कि पुष्पा फेम स्टार 14 दिन तक चंचलगुडा सेंट्रल जेल में नहीं रहेंगे।

उन्हें 4 दिसंबर को ‘पुष्पा-2’ के प्रीमियर के दौरान हैदराबाद के संध्या थिएटर में मची भगदड़ मामले में गिरफ्तार किया गया। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई थी। वहीं, एक बच्चा बेहोश हो गया था। अल्लू अर्जुन मामले की सुनवाई तेलंगाना हाई कोर्ट की जज जुव्वडी श्रीदेवी की अदालत में हुई। इसके बाद तमाम दलीलों के बाद कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी।

RBI को उड़ाने की धमकी, रूसी भाषा में भेजा गया धमकी भरा ईमेल

RBI को उड़ाने की धमकी, रूसी भाषा में भेजा गया धमकी भरा ईमेल

 मुंंबई : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को शुक्रवार 13 दिसंबर को धमकी भरा ईमेल मिला। इस मेल में आरबीआई को विस्फोटकों से उड़ाने की धमकी (Bomb Threat) दी गई है। यह मेल रूसी भाषा में आरबीआई गवर्नर के ईमेल आईडी पर भेजा गया। मेल मिलते ही मुंबई पुलिस हरकत में आई और MRA मार्ग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

RBI:पहले भी आ चुके हैं ऐसे कॉल

यह पहली बार नहीं है जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को धमकी मिली हो। पहले भी धमकी भरे कॉल आ चुके हैं। नवंबर में, एक शख्स ने खुद को लश्कर-ए-तैयबा का “सीईओ” बताते हुए कॉल किया था। उसने सुबह 10 बजे कॉल करके एक बैक रोड बंद करने की मांग की और यह भी कहा कि उसकी इलेक्ट्रिक कार खराब हो गई है। इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की, लेकिन कुछ संदिग्ध नहीं पाया गया।

मुंबई पुलिस ने धमकी भरे मेल की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। मेल भेजने वाले का पता लगाने के लिए मुंबई पुलिस ने साइबर क्राइम सेल से मदद मांगी है। धमकी भरे ईमेल का आईपी एड्रेस ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि मेल भेजने के पीछे किसका हाथ है और इसका मकसद क्या है।

 
मंदिर-मस्जिद विवाद पर SC ने कही 3 बड़ी बातें, आपके लिए जानना जरूरी

मंदिर-मस्जिद विवाद पर SC ने कही 3 बड़ी बातें, आपके लिए जानना जरूरी

  दिल्ली :- सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सीजेआई ने संजीव खन्ना ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई तक मंदिर-मस्जिद से जुड़ी किसी भी नए मुकदमे को दर्ज नहीं किया जाएगा।

सर्वोच्च न्यायालय ने याचिकाओं के एक समूह में हलफनामा दायर करने को कहा है, जो किसी पूजा स्थल पर पुनः दावा करने या 15 अगस्त, 1947 को प्रचलित स्वरूप में उसके स्वरूप में परिवर्तन की मांग करने के लिए मुकदमा दायर करने पर रोक लगाता है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पूजा स्थल अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई और उनका निपटारा होने तक देश में कोई और मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कि पूजा स्थल अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई और उनका निपटारा होने तक देश में कोई और मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता है।

पोर्ट का व्यवस्था बनाया जाए: जस्टिस के वी विश्वनाथन

सुनवाई के दौरान कुछ वकीलों ने विभिन्न अदालतों के सर्वे के आदेशओं पर एतराज जताया। हालांकि, इन एतराज पर कोर्ट ने टिप्पणी नहीं की।जस्टिस के वी विश्वनाथन ने कहा,”अगर सुप्रीम कोर्ट में कोई सुनवाई लंबित है, तो सिविल कोर्ट उसके साथ रेस में नहीं है। सीजेआई ने कहा कि चार सप्ताह में केंद्र जवाब दाखिल करें। कोर्ट ने ये भी कहा कि एक पोर्टल या कोई व्यवस्था बनाई जाए, जहां सभी जवाब देखे जा सकें। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि गूगल ड्राइव लिंक बनाया जा सकता है।

क्या सत्संग छोड़ मॉडलिंग में उतरीं जया किशाेरी ? जानिए क्या है पूरी सच्चाई

क्या सत्संग छोड़ मॉडलिंग में उतरीं जया किशाेरी ? जानिए क्या है पूरी सच्चाई

 नई दिल्‍ली : कथावाचक जया किशोरी (Jaya Kishori) की एक तस्‍वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल है. दावा किया जा रहा है कि यह उनके मॉडलिंग के दौर की तस्‍वीर है और वह फिल्‍मी दुनिया में अपना करियर बनाना चाहती थीं. अभिनेता कमाल आर खान (KRK) ने जया किशोरी की यह तस्‍वीर अपने एक्‍स अकाउंट से शेयर की है. इस तस्‍वीर के साथ उन्‍होंने दावा किया कि जया किशोरी की यह तस्‍वीर उस वक्‍त की है, जब वह फिल्‍मी दुनिया में अपना नाम रोशन करना चाहती थीं। वहीं मीडिया ने इस पूरे मामले की पड़ताल की और इसकी असलियत का पता लगाया है।

क्या है वायरल पोस्ट?

एक्स यूजर @kamaalrkhan ने 9 दिसंबर को तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा है,

“ये उस वक़्त का photo है जब madam फ़िल्मी दुनिया में अपना नाम रोशन करना चाहती थी! फिर madam को समझ आया कि बाबा बनना सबसे आसान काम है!”

 

पड़ताल

वायरल तस्वीर की जांच के लिए विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले एक्स यूजर @kamaalrkhan की पोस्ट को स्कैन किया. इसके कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने इस तस्वीर को एआई इमेज बताया.

 

इसके बाद फोटो को एआई इमेज डिटेक्शन टूल हाइव मॉडरेशन से चेक किया. इसमें तस्वीर के एआई निर्मित होने की संभावना करीब 83 फीसदी जताई गई।

क्या यह तस्वीर AI से बनाई गई है, इसकी पुख्ता जानकारी के लिए हमने sightengine की मदद ली. इसने फोटो को 99 फीसदी एआई संभावित बताया. इसमें बताया गया है कि फेस मैन्‍युपुलेशन की संभावना 51 फीसदी है. इसके स्‍टेबल डिफ्यूजन के जरिए बनाने की संभावना 91 फीसदी जताई गई है.


इस बारे में एआई एक्सपर्ट अंश मेहरा का कहना है कि तस्वीर में उंगलियों की बनावट देखने से ही इसके एआई संभावित होने का पता चल रहा है.  इसके साथ ही हमने जब इसको जैमिनी एआई पर पोस्‍ट किया तो उसने फेक और रियल में फर्क नहीं बताया.  वहीं फेक इमेज डिटेक्‍टर ने बताया कि यह ने भी कहा कि यह कंप्‍यूटर जनरेटेड या मोडिफाइड इमेज लगती है।

 

CG ब्रेकिंग : राजधानी में दिनदहाड़े चली गोली, जमीन विवाद को लेकर हुई दनादन हवाई फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप

CG ब्रेकिंग : राजधानी में दिनदहाड़े चली गोली, जमीन विवाद को लेकर हुई दनादन हवाई फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से बड़ी खबर सामने आई है। जहां जमीन विवाद के चलते एक व्यक्ति ने गोली चला दी। दिन दहाड़े गोली चलने की घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।  सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रवि नगर रोड में जमीन कब्जा हटवाने को लेकर हरदयाल नामक आरोपी ने फायरिंग की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लाइसेंसी पिस्टल को जब्त किया गया। 

इस मामले को लेकर सिविल लाइन थाना प्रभारी  रोहित मालेकर ने बताया कि सिविल लाइन थाने में फजिया मेमन, पति तबरेज मेमन साकिन, पुरानी मस्जिद के पीछे रवि नगर की रहने वाली है। उनका रवि नगर रोड में स्थित जमीन को लेकर रवि नगर निवासी हरदयाल सिंह, पिता- थमन सिंह से विवाद है। आज उस जमीन का सीमांकन भी था। सीमांकन के पहले फाजीया के ताले को हरदयाल ने तोड़कर अपना ताला लगा लिया था। जहां आज प्रार्थिया गई, तो आरोपी ने मेरी जमीन है कहकर लाइसेंसी बंदूक से उनको भगाने के लिए लाइसेंसी बंदूक से हवाई फायरिंग कर दी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पिस्टल जब्त कर लिया है और मामले की जांच में जुटी हुई है। 

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज! जनवरी 2025 में इतना बढ़ेगा DA, सैलरी में होगा बंपर इजाफा

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज! जनवरी 2025 में इतना बढ़ेगा DA, सैलरी में होगा बंपर इजाफा

  केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए आगामी वर्ष 2025 में एक अच्छी खबर सामने आ रही है। 1 जनवरी 2025 से महंगाई भत्ते (DA) में 3% का इजाफा होने की संभावना है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में एक अच्छा बढ़ोतरी देखने को मिल सकता है। AICPI (All India Consumer Price Index) के आंकड़ों के अनुसार, यह वृद्धि महंगाई भत्ते को 56% तक पहुंचा सकती है।

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का आधार

महंगाई भत्ता (DA) हर छह महीने में संशोधित किया जाता है, और यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से AICPI इंडेक्स पर निर्भर करती है, जो देशभर में महंगाई और वस्तुओं की कीमतों में बदलाव को ट्रैक करता है। जुलाई 2024 से लागू मौजूदा महंगाई भत्ता 53% है। अक्टूबर 2024 के AICPI आंकड़ों के अनुसार, महंगाई भत्ता अब 55.05% तक पहुंच चुका है। नवंबर और दिसंबर के आंकड़ों में मामूली वृद्धि के बाद यह 56% तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

जनवरी 2025 में महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि

भारत सरकार हर साल जुलाई और जनवरी में महंगाई भत्ते में संशोधन करती है। जुलाई 2024 में महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी हुई थी, और अब जनवरी 2025 में भी 3% का इजाफा होने की संभावना है। इस बढ़ोतरी का असर 1 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी पर पड़ेगा। हालांकि, इस वृद्धि का औपचारिक ऐलान मार्च 2025 में किए जाने की संभावना है, जो आमतौर पर होली के आसपास होता है।

AICPI इंडेक्स के अक्टूबर 2024 तक के आंकड़ों के अनुसार, इंडेक्स का नंबर 144.5 अंक तक पहुंच चुका है, जिससे महंगाई भत्ता 55.05% हो चुका है। यदि नवंबर और दिसंबर में कुछ और वृद्धि होती है, तो महंगाई भत्ता 56% तक पहुंच सकता है। नवंबर में इंडेक्स 145 अंक तक पहुंच सकता है, और दिसंबर में यह 145.3 अंक तक जा सकता है, जिसके कारण महंगाई भत्ता 56.18% तक पहुंच सकता है। इसका मतलब है कि महंगाई भत्ते में 3% का बढ़ोतरी हो सकती है, जो कर्मचारियों के लिए एक अच्छा फायदा होगा।

सैलरी में कितना होगा फायदा?

महंगाई भत्ते में वृद्धि का सीधा असर कर्मचारियों की सैलरी पर पड़ेगा। 7th Pay Commission के पे-ग्रेड के आधार पर, न्यूनतम बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को सालाना ₹6,480 तक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी का बेसिक पे ₹18,000 है, तो महंगाई भत्ता 56% होने पर कर्मचारी को ₹10,080 प्रति माह मिलेगा, जबकि जुलाई 2024 से लागू महंगाई भत्ते (53%) के तहत यह राशि ₹9,540 प्रति माह थी। इस तरह, जनवरी 2025 से महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि के बाद कर्मचारियों को ₹540 प्रति माह का अतिरिक्त लाभ होगा।

PNB Fraud : मेहुल चोकसी पर ED का बड़ा एक्शन, नीलाम होगी 2500 करोड़ से अधिक की संपत्ति

PNB Fraud : मेहुल चोकसी पर ED का बड़ा एक्शन, नीलाम होगी 2500 करोड़ से अधिक की संपत्ति

 नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 13,000 करोड़ रुपये के कथित ऋण धोखाधड़ी मामले में फरार कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ धन शोधन जांच के तहत 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

एजेंसी ने बताया कि मुंबई स्थित विशेष पीएमएलए अदालत के आदेश के बाद इस मामले में संपत्तियों को सही मालिकों को वापस करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। ED ने बताया कि 125 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां, जो गीतांजलि जेम्स लिमिटेड (चोकसी की कंपनी) से संबंधित हैं, अब उसके परिसमापक (लिक्विडेटर) को सौंप दी गई हैं। इनमें सांताक्रूज स्थित खेनी टॉवर के छह फ्लैट और एसईईपीजेड (सांताक्रूज इलेक्ट्रॉनिक निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र) में स्थित दो कारखाने और गोदाम शामिल हैं।

ED ने चोकसी के खिलाफ पीएमएलए मामले में 2,565.90 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है और अदालत से इन संपत्तियों को बेचने की अनुमति प्राप्त की है। एजेंसी ने कहा कि उसने प्रभावित बैंकों के साथ मिलकर इन संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 10 सितंबर को अदालत ने आदेश दिया था कि ED बैंकों और गीतांजलि समूह की कंपनियों के परिसमापकों को कुर्क संपत्तियों का मूल्यांकन और नीलामी कराने में मदद करेगा। इसके बाद नीलामी से प्राप्त राशि पंजाब नेशनल बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में सावधि जमा के रूप में जमा की जाएगी।

चोकसी, जो 2018 से भारत छोड़कर एंटीगुआ में रह रहा है, पर आरोप है कि उसने अपनी कंपनी गीतांजलि जेम्स और कुछ बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर पीएनबी के खिलाफ धोखाधड़ी की और बिना प्रक्रिया का पालन किए एलओयू (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) जारी करवा लिया। इस मामले में चोकसी, नीरव मोदी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ ED और सीबीआई ने 2018 में जांच शुरू की थी। नीरव मोदी, जो वर्तमान में लंदन की जेल में बंद है, भारत प्रत्यर्पण का विरोध कर रहा है।

BREAKING : 16 दिसंबर से शुरू होगा विधानसभा का शीतकालीन सत्र, जानिए कितने दिन का होगा सेशन

BREAKING : 16 दिसंबर से शुरू होगा विधानसभा का शीतकालीन सत्र, जानिए कितने दिन का होगा सेशन

 भोपाल : मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र की घोषणा हो गई है, विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 20 दिसंबर तक चलेगा, वहीं पुलिस कमिश्नर ने विधानसभा सत्र को लेकर कड़ी सुरक्षा को लेकर आदेश जारी किए है, जारी आदेश के मुताबिक, धारा 163 के अंतर्गत विधानसभा भवन के आसपास प्रदर्शन एवं जुलूस प्रतिबंधित रहेगा।

देखें आदेश –

PM Kisan Yojana: लाखों किसानों लगा तगड़ा झटका! लिस्ट से कटा नाम? तुरंत चेक करें नई सूची

PM Kisan Yojana: लाखों किसानों लगा तगड़ा झटका! लिस्ट से कटा नाम? तुरंत चेक करें नई सूची

10 दिसंबर 2024 :- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत नई सूची जारी की गई है, जिसमें कई किसानों के नाम हटाए गए हैं। इसका कारण ई-केवाईसी न कराना और दस्तावेजों की गड़बड़ी है। अगली किस्त फरवरी 2025 में आने की संभावना है। नाम दोबारा जोड़ने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी करें और आधिकारिक वेबसाइट पर अपना स्टेटस  चेक करें।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जो छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल ₹6,000 की सहायता राशि प्रदान की जाती है। यह राशि तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है। अब तक देश के 9 करोड़ से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।

हालांकि, हाल ही में जारी की गई नई लाभार्थी सूची ने कई किसानों को चौंका दिया है। सरकार ने कई नामों को इस सूची से हटा दिया है। आइए जानते हैं इसके पीछे के कारण, नई सूची में अपना नाम कैसे चेक करें, और अगर नाम हट गया है तो उसे वापस सूची में शामिल करने का तरीका।

नई लाभार्थी सूची (Beneficiary List) हुई जारी

सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की नई लाभार्थी सूची (Beneficiary List) जारी की है। इस सूची में केवल उन्हीं किसानों के नाम शामिल किए गए हैं, जो योजना के पात्रता मापदंडों को पूरा करते हैं।

लेकिन इस बार सूची से कई नाम हटा दिए गए हैं। जिन किसानों के नाम सूची में नहीं हैं, उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया है। इस बदलाव ने किसानों के बीच हलचल मचा दी है, क्योंकि यह उनके लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता का साधन है।

क्यों हटाए गए किसानों के नाम?

नई सूची से किसानों के नाम हटाए जाने के पीछे कई ठोस कारण सामने आए हैं। यह मुख्यतः पात्रता शर्तों को पूरा न करने और प्रक्रिया में गड़बड़ियों के कारण हुआ है।

1. दस्तावेजों में गड़बड़ी

किसानों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों में त्रुटियां पाई गईं। इनमें फर्जी जानकारी, अपूर्ण दस्तावेज या गलत नामांकन जैसी समस्याएं सामने आई हैं।

2. ई-केवाईसी (e-KYC) न कराना

सरकार ने ई-केवाईसी (e-Know Your Customer) प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों ने अपने खाते को ई-केवाईसी के साथ लिंक नहीं कराया, उनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं।

3. खाते और योजना का असंबद्ध होना

किसानों का बैंक खाता योजना से सही तरीके से लिंक न होने की वजह से भी नाम हटा दिए गए हैं।

4. अपात्र लाभार्थी

जांच के दौरान पाया गया कि कुछ अपात्र लोग भी इस योजना का लाभ उठा रहे थे। इन्हें सूची से बाहर कर दिया गया है।

क्या नाम दोबारा शामिल किया जा सकता है?

जिन किसानों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, उनके पास चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि यदि किसान अपने दस्तावेज सही कर लेते हैं और प्रक्रिया पूरी करते हैं, तो उनके नाम फिर से सूची में शामिल किए जा सकते हैं।

प्रक्रिया

  1. अपने सभी दस्तावेज, जैसे आधार कार्ड, भूमि रिकॉर्ड और बैंक खाता विवरण, जांचें और सही कराएं।
  2. नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर या आधिकारिक वेबसाइट पर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें।
  3. सरकारी पोर्टल पर जाकर अपने नामांकन को दोबारा दर्ज करें।

सरकार द्वारा तय समय सीमा के भीतर ये प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आपका नाम अगले अपडेट में सूची में जोड़ा जा सकता है।

19वीं किस्त का इंतजार

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 18 किस्तों का भुगतान किया जा चुका है। किसानों के बैंक खातों में यह राशि तीन किस्तों में हर चार महीने में जमा की जाती है।

कब आएगी 19वीं किस्त?

किसानों को अब 19वीं किस्त का इंतजार है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह किस्त फरवरी 2025 में जारी हो सकती है। हालांकि, अब तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपकी किस्त समय पर आए, यह जरूरी है कि:

  • ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो।
  • सभी दस्तावेज सही हों और अपडेटेड हों।
  • बैंक खाता योजना से लिंक हो।

कैसे चेक करें अपना नाम लाभार्थी सूची में?

यदि आप जानना चाहते हैं कि आपका नाम नई लाभार्थी सूची में है या नहीं, तो निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं:

स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

  • सबसे पहले PM Kisan Yojana Official Website पर विजिट करें।
  • “लाभार्थी सूची” या “Beneficiary Status” सेक्शन में जाएं।
  • अब अपना आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, या मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  • जानकारी भरने के बाद “सबमिट” पर क्लिक करें। अगर आपका नाम सूची में है, तो यह स्क्रीन पर दिख जाएगा।
 
 
Crime : रिटायर्ड फौजी ने पत्नी को गोली मार कर खुद को मारी गोली, लाइसेंसी पिस्तौल से चलाई गोलियां

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 Mp Crime News : यह दुखद घटना मुरैना जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के विक्रम नगर में हुई। जहाँ एक पूर्व सैनिक ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से पहले अपनी पत्नी को गोली मार दी और फिर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के दौरान दोनों बच्चों ने भागकर अपनी जान बचाई। आरोपी पूर्व सैनिक ने लगभग 5 साल पहले सेना से सेवानिवृत्ति ली थी। नगर पुलिस अधीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। घटना के पीछे का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है, और पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

 
RBI Governor Sanjay Malhotra: संजय मल्होत्रा होंगे RBI के नए गवर्नर, शक्तिकांत दास की लेंगे जगह

RBI Governor Sanjay Malhotra: संजय मल्होत्रा होंगे RBI के नए गवर्नर, शक्तिकांत दास की लेंगे जगह

 New RBI Governor Sanjay Malhotra: संजय मल्होत्रा होंगे RBI के नए गवर्नर. केंद्रीय कैबिनेट ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है. संजय मल्होत्रा 11 दिसंबर को अपना पदभार संभालेंगे. आपको बता दें, संजय मल्होत्रा 1990 के IAS बैच के अधिकारी हैं, जो अभी तक राजस्व सचिव थे. उनकी नियुक्ति की बात करें तो ये 3 साल के लिए होगी. मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल कल खत्म हो रहा है. 

संजय मल्होत्रा कौन हैं?

संजय मल्होत्रा 1990 बैच के राजस्थान कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), कानपुर से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, अमेरिका से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की है.

33 साल के अपने करियर में उन्होंने बिजली, वित्त और कराधान, सूचना प्रौद्योगिकी, खनन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट नेतृत्व और अनुभव दिखाया है. वर्तमान में वे वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले वे वित्त मंत्रालय के अंतर्गत वित्तीय सेवाओं के विभाग के सचिव के पद पर थे.

उन्हें राज्य और केंद्र सरकार दोनों स्तरों पर वित्त और कराधान का गहरा अनुभव है. अपने वर्तमान कार्यकाल में वे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों से संबंधित नीतियां बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

शक्तिकांत दास ने की थी वित्तमंत्री के साथ बैठक

बीते कुछ दिनों से चर्चा थी कि शक्तिकांत दास को सेवा विस्तार मिल सकता है. दरअसल, शनिवार शाम को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शक्तिकांत दास के मिलने के कारण यह चर्चा हो रही थी कि वर्तमान गवर्नर को ही सेवा विस्तार मिल सकता है. हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और अब 1990 बैच के राजस्थान कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी संजय मल्होत्रा को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का नया गवर्नर नियुक्त किया गया है.

बड़ी खबर ! राजधानी के DPS सहित 40 स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी, मचा हड़कप

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  दिल्ली : राजधानी के स्कूल, एयरपोर्ट, होटल और अन्य जगहों को बम से उड़ाने की धमकी कई बार मिल चुकी है। इसी कड़ी में एक बार फिर दिल्ली के DPS और जीडी गोयनका समेत 40 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई। जिसके बाद से सभी स्कूलों को आनन फानन में खाली करवाया गया। इसके बाद बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंची और स्कूलों की जांच शुरू की।

इन स्कूलों को मिली धमकी 

बता दें कि यह ईमेल 8 दिसंबर की रात लगभग 11.38 बजे भेजा गया। मदर मैरी स्कूल, ब्रिटिश स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल और कैम्ब्रिज स्कूल समेत कई स्कूलों को निशाना बनाया गया। हालांकि सूचना मिलने पर स्कूल प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चों को वापस भेज स्कूल को बंद कर दिया। बम स्क्वाड  की टीम हर स्कूल की जांच कर रही है। 

ई-मेल के जरिए दी गई धमकी 

दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच में बताया कि आज दिल्ली में 40 से अधिक स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम की धमकी मिली है। ई-मेल में लिखा है कि मैंने स्कूल भवनों के अंदर कई बम लगाए हैं। बम छोटे हैं और बहुत अच्छी तरह छिपाए हुए हैं। इससे इमारत को ज्यादा नुकसान नहीं होगा,लेकिन बम फटने पर कई लोग घायल हो जाएंगे। अगर मुझे 30,000 डॉलर नहीं मिले तो मैं बमों को ब्लास्ट कर दूंगा।

IAS Transfer 2024: राज्य में हुआ 15 आईएएस अधिकारियों का तबादला, मिला नया पदभार, आदेश जारी, यहाँ देखें पूरी लिस्ट

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 भोपाल। मध्य प्रदेश में आज बड़े पैमाने पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अफसरों का तबादला हुआ है। 15 अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। राज्यपाल के प्रमुख सचिव मुकेश चंद्र गुप्ता को राजभवन से हटाकर मानव अधिकार आयोग का सचिव बना दिया गया है। वहीं, के सी गुप्ता राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव बनाए गए हैं, रीवा संभाग के राजस्व अपर आयुक्त अरुण कुमार परमार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह ग्वालियर स्मार्ट सिटी की सीईओ नीतू माथुर को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से तबादले का आदेश जारी कर दिया गया है।

 

सौतन ने महिला के प्राइवेट पार्ट में डाला फेवीक्विक, अस्पताल में इलाज जारी, अप्राकृतिक यौन हिंसा का मामला दर्ज

सौतन ने महिला के प्राइवेट पार्ट में डाला फेवीक्विक, अस्पताल में इलाज जारी, अप्राकृतिक यौन हिंसा का मामला दर्ज

 बिहार/जमुई। जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पति ने अपनी दूसरी पत्नी के साथ मिलकर अपनी पहली पत्नी के प्राइवेट पार्ट में फेविकोल डाल दिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर महिला की बुरी तरह पिटाई भी की। घटना टाउन थाना इलाके की है। पीड़िता ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

पीड़िता की आठ साल पहले हुई थी शादी

पीड़िता की शादी आठ साल पहले हुई थी और उसके दो बच्चे हैं। तीन महीने पहले, उसके पति ने दूसरी शादी कर ली और नई पत्नी को घर ले आया। यह बात पहली पत्नी को बिल्कुल रास नहीं आई। इसके बाद वह अपने मायके चली गई। पिछले सोमवार को ही वह अपने पति के घर वापस लौटी थी। वापस आने के बाद से ही उसके पति और दूसरी पत्नी उसे घर से निकालने की कोशिश कर रहे थे। वे दोनों आए दिन उसे ताने मारते और झगड़ा करते।

सोते समय प्राइवेट पार्ट में डाला फेविकोल: पीड़िता

पीड़िता ने बताया कि उसके पति और सौतन ने मिलकर उसकी बहुत पिटाई की। वे उसे घर से बाहर निकालना चाहते थे। बुधवार की रात, जब वह सो रही थी, तब उसके पति और दूसरी पत्नी ने उसके प्राइवेट पार्ट में फेविकोल डाल दिया।

महिला तुरंत मदद के लिए थाने पहुंची और अपने पति और सौतन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला को जमुई के सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। महिला थानाध्यक्ष प्रीति कुमारी ने बताया कि ‘पीड़िता की शिकायत पर पति और सौतन के खिलाफ मारपीट और अप्राकृतिक यौन हिंसा का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है, लेकिन वे फिलहाल फरार हैं।’

CRIME NEWS : राजधानी में दो बहनों के साथ दुष्कर्म, एक्स्ट्रा क्लास के नाम ट्यूशन टीचर करता था हैवानियत

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CRIME NEWS : एमपी के भोपाल के छोला मंदिर थाना इलाके में दो बहनों के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है, यहां एक ट्यूशन टीचर ने पढ़ने वाली दो बहनों को पहले अश्लील फोटो वीडियो दिखाता था, फिर बदनाम करने और जान से मारने की धमकी देकर हवस का शिकार बनाता था। इनमें से एक 14 साल और दूसरी 20 साल की है।

आरोपी ने शनिवार को भी दोनों बहनों को एक साथ बुलाया। उनके साथ गलत काम किया। इन हरकतों से तंग आ चुकी नाबालिग शाम को करीब 7 बजे कोचिंग से घर लौटी तो रोते हुए मां को सारा घटनाक्रम बताया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें आरोपी वीरेंद्र त्रिपाठी भोपाल के छोला मंदिर इलाके स्थित रीत नगर में कोचिंग चलाता है।

टीआई सुरेश चंद्र नागर से मिली जानकारी के मुताबिक, 14 साल की पीड़िता 8वीं जबकि 20 साल की पीड़िता 12वीं क्लास की पढ़ाई प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई करती है। दोनों रिश्ते में बहन हैं। कोचिंग संचालक वीरेंद्र त्रिपाठी ने 16 अप्रैल 24 को 14 वर्षीय पीड़िता के साथ पहली बार छेड़खानी की।

अक्टूबर महीने से आरोपी नाबालिग को एक्स्ट्रा क्लास के नाम पर दूसरे बच्चों से अलग समय पर बुलाने लगा। इस दौरान वह उसके साथ अश्लील हरकतें करता था। परेशान होकर नाबालिग ने इसी कोचिंग में पढ़ने वाली बड़ी बहन को बात बताई। 10 अक्टूबर को दोनों बहन कोचिंग सेंटर पहुंची। यहां आरोपी ने कमरे में दोनों बहनों को बंधक बना लिया। इसके बाद उसने बड़ी बहन के साथ भी दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। करीब दो महीने तक वह डरा-धमकाकर आरोपी दोनों का शारीरिक शोषण करता रहा। धमकाया कि उसने दोनों के पर्सनल फोटो भी ले लिए हैं।

27 साल बाद कोर्ट से इस पूर्व IPS को मिली बड़ी राहत...जानें पूरा मामला..!!

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 गुजरात :- गुजरात के पोरबंदर की एक स्थानीय अदालत ने पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को 1997 के हिरासत में प्रताड़ना मामले में बरी कर दिया है। अदालत ने यह फैसला देते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में असमर्थ रहा कि भट्ट ने अपराध किया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश पंड्या ने मामले में सबूतों की कमी को आधार बनाते हुए भट्ट को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। यह मामला एक व्यक्ति, नरन जादव, द्वारा यह आरोप लगाए जाने के बाद दर्ज हुआ था कि भट्ट ने उसे बयान देने के लिए प्रताड़ित किया था।

भट्ट का विवादों से गहरा नाता

पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट का नाम कई विवादों से जुड़ा रहा है। वह पहले से ही 1990 के हिरासत में मौत के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 1996 में राजस्थान के एक वकील को फंसाने के लिए ड्रग्स प्लांट करने के आरोप में उन्हें 20 साल की सजा दी गई थी। इसके अलावा, उनका नाम 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े एक मामले में भी आया था, जिसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आरोप लगाए थे, लेकिन विशेष जांच दल ने उन आरोपों को खारिज कर दिया था।

1997 का हिरासत में प्रताड़ना मामला

1997 में यह मामला उस समय सामने आया जब एक आरोपी, नरन जादव, ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे बयान देने के लिए प्रताड़ित किया। जादव का कहना था कि पुलिस ने उसे भट्ट के घर पर ले जाकर बिजली के झटके दिए और इस दौरान उनके बेटे को भी प्रताड़ित किया गया। इस मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी।

अदालत का निर्णय

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि प्रताड़ना के आरोप सही थे। इसके अलावा, यह भी महत्वपूर्ण था कि उस समय संजीव भट्ट सार्वजनिक सेवा में थे, और अभियोजन के लिए आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई थी। अदालत ने इसे एक गंभीर चूक मानते हुए मामले को संदेह के आधार पर खारिज कर दिया।

संजीव भट्ट के खिलाफ अन्य मामले

संजीव भट्ट का नाम कई अन्य विवादों में भी शामिल रहा है। 1990 के दंगों में हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था। इसके अलावा, 1996 में ड्रग्स प्लांट करने और 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े आरोपों में भी उनका नाम था। 2015 में उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।