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सेप्टिक टैंक बना मौत का गड्ढा, जहरीली गैस से तीन मजदूरों की मौत, रेस्क्यू से पहले खत्म हुई सांसें

सेप्टिक टैंक बना मौत का गड्ढा, जहरीली गैस से तीन मजदूरों की मौत, रेस्क्यू से पहले खत्म हुई सांसें

 नई दिल्ली।  राजधानी दिल्ली के मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। फैक्ट्री परिसर में स्थित सेप्टिक टैंक के भीतर जहरीली गैस की चपेट में आने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सबसे पहले एक व्यक्ति किसी काम के सिलसिले में सेप्टिक टैंक के अंदर उतरा था। उसके बाहर नहीं आने पर दो अन्य लोग उसे बचाने के लिए टैंक में गए, लेकिन वे भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। देखते ही देखते तीनों बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद तीनों को टैंक से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान 38 वर्षीय अरुण, 32 वर्षीय संदीप और 42 वर्षीय चांद के रूप में हुई है। 

दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों ने बताया कि दोपहर करीब 12:03 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक में कुछ लोग फंस गए हैं। सूचना मिलते ही दो दमकल वाहनों को रवाना किया गया। हालांकि रास्ते में भारी ट्रैफिक होने के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ, जिसके बाद वैकल्पिक मार्ग से टिकरी की ओर से एक अतिरिक्त टीम भेजी गई।रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद तीनों को बाहर निकाला गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां हादसे के कारणों की जांच कर रही हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि सेप्टिक टैंक के भीतर जहरीली गैस जमा होने के कारण यह हादसा हुआ। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि टैंक में उतरने से पहले आवश्यक सुरक्षा मानकों और उपकरणों का पालन किया गया था या नहीं।

 
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: बैंक कर्मचारी भी शामिल, बैंक में होता था रकम का बंटवारा, 8 आरोपी गिरफ्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: बैंक कर्मचारी भी शामिल, बैंक में होता था रकम का बंटवारा, 8 आरोपी गिरफ्तार

 अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि मंदिर के चढ़ावे की रकम को ट्रस्ट कार्यालय से बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में शामिल कुछ बैंक कर्मचारियों की भी कथित भूमिका जांच के दायरे में है। बताया जा रहा है कि नोटों के बंडल बैंक में जमा करने से पहले या जमा प्रक्रिया के दौरान उनमें से नकदी निकाल ली जाती थी और बाद में बैंक परिसर में चोरी की गई रकम का आपस में बंटवारा किया जाता था।

जानकारी के मुताबिक, राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद दान की गिनती प्रतिदिन दो शिफ्ट में होती है। पहली शिफ्ट दोपहर 2 बजे और दूसरी रात 8 बजे संचालित होती है। करीब 40 कर्मचारी ट्रस्ट के विश्वासपात्र लोगों की निगरानी में चढ़ावे की गिनती करते हैं। इसके बाद ट्रस्ट के प्रतिनिधि, इंटरनल ऑडिट टीम, आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मचारी और बैंक कर्मी मिलकर पूरी रकम बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी करते हैं। जांच में इसी पूरी व्यवस्था के दौरान कथित अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।

सूत्रों का दावा है कि इस कथित हेराफेरी में केवल सेवादार ही नहीं, बल्कि बैंक से जुड़े कुछ कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक जांच एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। एसआईटी इस पूरे मामले की हर कड़ी की जांच कर रही है और बैंक से जुड़े दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज तथा संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा रही है।

राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से भी मामले को गंभीरता से लिया गया है। ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जांच पूरी पारदर्शिता से होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में अब तक चंपत राय के पूर्व ड्राइवर टिन्नू यादव समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। फिलहाल एसआईटी की जांच जारी है और एजेंसियां इस कथित चोरी के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

 
 
 
ट्रैफिक चालान नियमों में बड़े बदलाव, लोक अदालत जाने से पहले भरना होगा 50% जुर्माना

ट्रैफिक चालान नियमों में बड़े बदलाव, लोक अदालत जाने से पहले भरना होगा 50% जुर्माना

 नई दिल्ली।  ट्रैफिक चालान से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अब वाहन मालिकों को लोक अदालत में चालान से राहत पाने या जुर्माना कम कराने से पहले निर्धारित चालान राशि का 50 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य हो सकता है। इसके बाद ही मामला लोक अदालत में सुनवाई के लिए स्वीकार किया जाएगा।

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति चालान को चुनौती देना चाहता है या लोक अदालत के माध्यम से उसका निपटारा कराना चाहता है, तो उसे पहले संबंधित राज्य के ऑनलाइन पोर्टल पर चालान राशि का आधा भुगतान करना होगा। इसके बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

45 दिन के भीतर करनी होगी कार्रवाई

नए प्रावधानों के तहत वाहन मालिक को चालान जारी होने के 45 दिनों के भीतर या तो जुर्माना जमा करना होगा या निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज करनी होगी। इसके बाद ही लोक अदालत में मामले की सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। प्रस्तावित नियमों में ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर भी सख्त प्रावधान शामिल हैं। यदि 1 जनवरी 2026 से किसी चालक के नाम एक वर्ष के भीतर पांच या उससे अधिक ट्रैफिक चालान दर्ज होते हैं, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस स्वतः निरस्त किया जा सकता है।

लंबित चालान वाले वाहन हो सकते हैं ब्लैकलिस्ट

नए नियम लागू होने पर जिन वाहनों के चालान लंबे समय तक लंबित रहेंगे, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में परिवहन विभाग की ऑनलाइन सेवाओं पर भी प्रतिबंध लग सकता है। वाहन स्वामित्व हस्तांतरण, पता परिवर्तन, परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, हाइपोथेकेशन हटाने जैसी कई सेवाएं तब तक उपलब्ध नहीं होंगी, जब तक लंबित चालानों का निपटारा नहीं किया जाता।

लाइसेंस की वैधता बढ़ाने पर भी विचार

इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता अवधि बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। वर्तमान में लाइसेंस की वैधता 20 वर्ष या 40 वर्ष की आयु तक (जो पहले हो) होती है। प्रस्ताव है कि इसे बढ़ाकर 50 वर्ष की आयु तक किया जाए, जिससे लोगों को बार-बार आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। साथ ही वाहन ट्रांसफर और परमिट नवीनीकरण जैसी सेवाओं को भी अधिक सरल और डिजिटल बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगोल रिफाइनरी परियोजना का दौरा कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगोल रिफाइनरी परियोजना का दौरा कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

 भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर मंगोलिया के दौरे पर हैं। उन्होंने मंगोल रिफाइनरी प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन साइट का दौरा किया। इस दौरान मंगोलिया की विदेश मंत्री बत्त्सेत्सेग बटमुंख और इंडस्ट्री और माइनिंग मंत्री गोंगोर दमदिन्न्यम भी मौजूद रहे। वहां उन्होंने चल रहे कामों की स्थिति की समीक्षा की।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “विदेश मंत्री बत्त्सेत्सेग बटमुंख और उद्योग और खनन मंत्री गोंगोर दमदिन्नयम के साथ मंगोल रिफाइनरी प्रोजेक्ट की कंस्ट्रक्शन साइट का दौरा किया। यह लैंडमार्क भारत मंगोलिया फ्रेंडशिप प्रोजेक्ट लगातार आगे बढ़ रहा है। इसमें शामिल अलग-अलग टीमों के साथ चल रहे कामों की स्थिति का समीक्षा की।” उन्होंने कहा, “प्रोजेक्ट साइट पर भारतीय और मंगोलियन वर्कफोर्स से भी बातचीत की। मुश्किल हालात में इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में उनके डेडिकेशन और कमिटमेंट के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।”

मंगोलिया की विदेश मंत्री बत्त्सेत्सेग बटमुंख के साथ मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, “भारत और मंगोलिया रणनीतिक साझेदार हैं। हमारे रिश्ते गहरी सभ्यतागत और आध्यात्मिक जुड़ाव, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विकास की इच्छाओं और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित हैं।”

पिछले साल भारत और मंगोलिया ने अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70 साल पूरे होने का जश्न मनाया था। विदेश मंत्री ने बताया कि उनकी यात्रा का एक मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंगोलिया के राष्ट्रपति उखनागिन खुरेलसुख के बीच पिछले साल भारत यात्रा के दौरान हुई बातचीत के फैसलों और प्रगति की समीक्षा करना था। डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, “हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग के हर पहलू पर चर्चा की, जिसमें विकास से जुड़ी साझेदारी भी शामिल है। इसमें तेल रिफाइनरी परियोजना सबसे महत्वपूर्ण है।”

मंगोलिया के डोर्नोगोवी प्रांत के अल्तानशिरी में एक तेल रिफाइनरी परियोजना बनाई जा रही है। इसके लिए भारत सरकार ने 1.7 अरब अमेरिकी डॉलर की सॉफ्ट लाइन ऑफ क्रेडिट (एलओसी) दी है। यह परियोजना भारत सरकार की दुनियाभर में सबसे बड़ी सॉफ्ट लाइन ऑफ क्रेडिट पहल है।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में युवा सिविल सेवक निभाएं अग्रणी भूमिका: पीएम मोदी

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में युवा सिविल सेवक निभाएं अग्रणी भूमिका: पीएम मोदी

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) 2024 बैच के 183 अधिकारी प्रशिक्षुओं से संवाद करते हुए उन्हें विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए राष्ट्र निर्माण में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ योगदान देने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री कार्यालय (सेवा तीर्थ) में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि दो वर्षों के फील्ड अनुभव और प्रशासनिक प्रशिक्षण के बाद युवा अधिकारी ऐसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंचे हैं, जहां उनके फैसले न केवल उनके करियर बल्कि करोड़ों नागरिकों के भविष्य को भी प्रभावित करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकसेवा की वास्तविक परीक्षा ईमानदारी, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ वास्तविक परिस्थितियों का सामना करने में है। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से नवाचार, उद्देश्यपूर्ण कार्यशैली और नागरिक-केंद्रित शासन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

पीएम मोदी ने “नागरिक देवो भव” का मंत्र दिया

पीएम मोदी ने कहा कि प्रशासनिक फाइलों को केवल कागजी प्रक्रिया न समझें, बल्कि यह याद रखें कि हर फाइल के पीछे लाखों लोगों की आकांक्षाएं, समस्याएं और जीवन जुड़े होते हैं। उन्होंने “नागरिक देवो भव” का मंत्र देते हुए अधिकारियों से हर निर्णय के केंद्र में नागरिकों को रखने और शासन को संवेदनशील, जवाबदेह तथा समावेशी बनाने का आग्रह किया।

बड़े विकासात्मक लक्ष्यों को विभागीय सीमाओं में रहकर हासिल नहीं किया जा सकता

उन्होंने कहा कि बड़े विकासात्मक लक्ष्यों को विभागीय सीमाओं में रहकर हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है, जिससे स्थायी और प्रभावी परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।

पीएम मोदी ने विकसित भारत 2047 के विजन का उल्लेख किया

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047 के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में प्रत्येक नीति और प्रशासनिक निर्णय देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में योगदान देने वाला होना चाहिए। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार, ऊर्जा सुरक्षा और युवाओं के लिए रोजगार एवं अवसर सृजन को वर्तमान समय की प्रमुख प्राथमिकताएं बताया।

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में शासन व्यवस्था प्रक्रिया-आधारित मॉडल से परिणाम-आधारित मॉडल की ओर बढ़ी है। डिजिटल गवर्नेंस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और तकनीक की मदद से सेवा वितरण अधिक पारदर्शी और सुगम हुआ है।

पीएम मोदी ने डेटा आधारित प्रशासन पर जोर देते हुए कहा

डेटा आधारित प्रशासन पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आंकड़ों को केवल संख्या के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि उन्हें करोड़ों लोगों के जीवन, चुनौतियों और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब मानना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से नियमित रूप से यह मूल्यांकन करने को कहा कि सरकारी नीतियां जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम दे रही हैं या नहीं।

पीएम मोदी ने कहा कि अधिकारियों को अपने पद या अधिकार से नहीं, बल्कि अपने कार्यों के ठोस और मापनीय परिणामों से संतुष्टि प्राप्त करनी चाहिए।उन्होंने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया और बताया कि वर्तमान बैच में 40 प्रतिशत से अधिक अधिकारी महिलाएं हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री (कार्मिक) डॉ. जितेंद्र सिंह, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा, प्रधान सचिव-2 शक्तिकांत दास, कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की सचिव रचना शाह, एलबीएसएनएए के निदेशक श्रीराम तरणिकांति सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में निजी निवेश और निर्यात वृद्धि अहम : ईएसी-पीएम चेयरमैन

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में निजी निवेश और निर्यात वृद्धि अहम : ईएसी-पीएम चेयरमैन

‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य पाने के लिए देश की अर्थव्यवस्था को 7-8 प्रतिशत की दर से बढ़ना आवश्यक है और इसमें निजी क्षेत्र से बड़ा निवेश और मजबूत निर्यात वृद्धि अहम भूमिका निभाएंगे। यह बयान प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति (ईएसी-पीएम) के चेयरमैन महेंद्र देव ने मंगलवार को दिया। राष्ट्रीय राजधानी में एफआईसीसीआई इंडिया के एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “निजी क्षेत्र से निवेश और निर्यात में बढ़ोतरी, दोनों ही बहुत जरूरी हैं।” देव ने आगे कहा कि पिछले कुछ सालों में किए गए ढांचागत सुधारों ने इस दिशा में आगे बढ़ने की नींव रखी है।

सांख्यिकी मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। कृषि, निर्माण और सेवा क्षेत्रों के शानदार प्रदर्शन की वजह से पूरे वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही। सरकारी बयान के अनुसार, इस दौरान द्वितीयक क्षेत्र में 8.8 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई, जबकि तृतीयक क्षेत्र में 9.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, प्राथमिक क्षेत्र में 3.2 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई, जो मुख्य रूप से कृषि और मत्स्य पालन क्षेत्रों के प्रदर्शन से प्रेरित थी।

सरकारी बयान के अनुसार, 2025-26 के दौरान मैन्युफैक्चरिंग, व्यापार, मरम्मत, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग, स्टोरेज, फाइनेंस, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विस सेक्टर से जुड़ी सेवाओं में दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की गई है। यह हाईवे, रेलवे, पोर्ट और एयरपोर्ट जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सरकार द्वारा किए गए भारी निवेश को दिखाता है।

इन निवेशों ने ग्रोथ रेट को बढ़ाने में मदद की है, जबकि ग्लोबल मंदी के बीच भी भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। देव ने कहा कि उन्हें खुशी है कि एफआईसीसीआई फसल पोषण पर यह अहम और इनोवेटिव कॉन्क्लेव आयोजित कर रहा है और किसानों समेत सभी स्टेकहोल्डर्स को एक साझा मंच पर बुला रहा है।

देशभर में वंदे मातरम शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जानें क्यों है खास

देशभर में वंदे मातरम शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जानें क्यों है खास

भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा ‘माई भारत’ अभियान के माध्यम से देश भर में वंदे मातरम शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में पहला शिविर पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 24 से 30 जून तक बंकिम चंद्र चटर्जी की जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों और युवा नेतृत्व को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक प्रमुख युवा सशक्तिकरण पहल है।

सात दिवसीय आवासीय शिविरों के रूप में परिकल्पित इस पहल का उद्देश्य युवाओं को भारत की संवैधानिक और लोकतांत्रिक परंपराओं की गहरी समझ विकसित करने के अवसर प्रदान करना है, साथ ही सांस्कृतिक आत्मविश्वास और नागरिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है। ये शिविर विकसित भारत-2047 की परिकल्पना के अनुरूप हैं और इनका उद्देश्य सूचित, जिम्मेदार और राष्ट्र-उन्मुख युवा नेताओं की एक पीढ़ी का पोषण करना है।

वंदे मातरम शिविर ‘वंदे मातरम’ की भावना से प्रेरित हैं, जो मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और क्षेत्रीय, भाषाई और सामाजिक सीमाओं से परे भावनात्मक एकीकरण का प्रतीक है। यह कार्यक्रम नागरिक भागीदारी, नेतृत्व विकास, डिजिटल साक्षरता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देकर समकालीन युवाओं की चिंताओं का समाधान करना चाहता है।

इस पहल के तहत चिन्हित जिलों में 20 शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक में 15 से 29 वर्ष की आयु के 150 युवा प्रतिभागी शामिल होंगे। प्रत्येक शिविर में छह राज्यों के प्रतिनिधि होंगे, पूर्वोत्तर से अनिवार्य प्रतिनिधित्व होगा, और महिलाओं तथा सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की कम से कम 50 प्रतिशत भागीदारी होगी। इन शिविरों में लगभग 3,000 युवाओं को शामिल किया जाएगा और इनमें संवैधानिक मूल्यों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से लेकर नेतृत्व विकास और प्रमुख योजनाओं तक के विषय शामिल होंगे।

सप्ताह भर चलने वाले इन शिविरों में वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका, संविधान और नागरिक कर्तव्यों पर विषयगत सत्र, भाषा, भोजन और खेलों के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान, ऐतिहासिक महत्व के स्थलों का दौरा, राष्ट्र प्रथम संवाद और तात्कालिक भाषण सत्र, नेतृत्व और सामुदायिक लामबंदी कार्यशालाएं और सरकार की प्रमुख पहलों पर चर्चा शामिल होगी। वंदे मातरम शिविर भारत के युवाओं की ऊर्जा, आदर्शवाद और रचनात्मकता का उपयोग करके एकता, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।

पद्म पुरस्कार- 2026: राष्ट्रपति मुर्मू ने अलका याग्निक, ममूटी समेत 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए

पद्म पुरस्कार- 2026: राष्ट्रपति मुर्मू ने अलका याग्निक, ममूटी समेत 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए

 राष्ट्रपति भवन में मंगलवार को ‘नागरिक अलंकरण समारोह-द्वितीय’ में ‘पद्म पुरस्कार- 2026’ प्रदान किए गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन (मरणोपरांत) को पद्म भूषण से सम्मानित किया। उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने सम्मान प्राप्त किया। वहीं, टेनिस के दिग्गज विजय अमृतराज को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। गायिका अलका याग्निक को राष्ट्रपति मुर्मु ने पद्म भूषण से सम्मानित किया।

इस दौरान पी. नारायणन और जस्टिस (रिटायर्ड) केटी थॉमस को साहित्य और शिक्षा तथा जन-कार्य के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। पद्म भूषण पाने वाले अन्य लोगों में एसकेएम मैलानंदन, ममूटी, वेल्लापल्ली नटेसन और दत्तात्रेयुडु नोरी शामिल हैं। अवॉर्ड पाने वालों की लिस्ट में दो अमेरिकी, एक रूसी और एक जॉर्जियाई नागरिक भी शामिल हैं। राष्ट्रपति मुर्मु ने अलंकरण समारोह में 65 लोगों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया। समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह और कई गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।

दूसरे नागरिक सम्मान समारोह में 65 पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए हैं, जिनमें दो पद्म विभूषण, सात पद्म भूषण, और 56 पद्म श्री शामिल हैं। इससे पहले राष्ट्रपति ने 25 मई को आयोजित पहले नागरिक सम्मान समारोह में 65 पद्म पुरस्कार प्रदान किए थे, जिनमें दो पद्म विभूषण, छह पद्म भूषण और 57 पद्म श्री शामिल थे।

देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं: पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण। पद्म पुरस्कार कला, समाजसेवा, जन-कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल और सिविल सेवा जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में दिए जाते हैं। ‘पद्म विभूषण’ असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए, ‘पद्म भूषण’ उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा के लिए और ‘पद्म श्री’ किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस पर की जाती है।

कौन हैं कुणाल शाह, जिन्हें मिला व्हाट्सएप का बड़ा जिम्मा? कहां से पढ़े-लिखे हैं और कितनी मिलेगी सैलरी? जानकर रह जाएंगे हैरान

कौन हैं कुणाल शाह, जिन्हें मिला व्हाट्सएप का बड़ा जिम्मा? कहां से पढ़े-लिखे हैं और कितनी मिलेगी सैलरी? जानकर रह जाएंगे हैरान

 Whatsapp New CEO: मेटा प्लेटफॉर्म्स ने भारत की फिनटेक कंपनी CRED में करीब 8,500 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करने का फैसला किया है। यह जानकारी दोनों कंपनियों ने 22 जून को साझा की है। इस निवेश को भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल और फिनटेक सेक्टर में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसमें न सिर्फ कंपनियों की साझेदारी मजबूत होगी, बल्कि देश के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में भी बदलाव आने की उम्मीद है।

कुणाल शाह को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

इस बड़े समझौते के बाद CRED के संस्थापक कुणाल शाह को एक बड़ी वैश्विक जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे WhatsApp के ग्लोबल सीईओ बन सकते हैं और मौजूदा प्रमुख विल कैथकार्ट की जगह ले सकते हैं। हालांकि इस नियुक्ति को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन टेक जगत में यह खबर तेजी से फैल रही है और इसे एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

शिक्षा और शुरुआती करियर की कहानी

कुणाल शाह ने अपनी शुरुआती पढ़ाई मुंबई के विल्सन कॉलेज से की। जहां उन्होंने फिलॉसफी यानी दर्शनशास्त्र में बीए किया। इसके बाद उन्होंने एमबीए की पढ़ाई शुरू की लेकिन उसे पूरा नहीं कर पाए। बाद में उन्होंने NMIMS कॉलेज में पार्ट-टाइम MBA में दाखिला लिया। लेकिन वह कोर्स भी बीच में ही छोड़ दिया। अपने करियर की शुरुआत से ही उन्होंने पढ़ाई के साथ काम करने की आदत डाल ली थी। जिसने आगे चलकर उन्हें एक सफल उद्यमी बनाया।

सैलरी और कमाई का अनुमान

अगर कुणाल शाह WhatsApp के ग्लोबल सीईओ बनते हैं तो उनकी सैलरी को लेकर अभी कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। लेकिन अनुमान के अनुसार, मेटा जैसी बड़ी टेक कंपनियों में सीईओ को सालाना लगभग 2 करोड़ से 4 करोड़ रुपये तक का पैकेज मिल सकता है। इसके अलावा उन्हें कंपनी के शेयर, बोनस और परफॉर्मेंस आधारित इंसेंटिव भी दिए जाते हैं जो कुल आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

नेटवर्थ और भारत के लिए इस डील का महत्व

कुणाल शाह की अनुमानित कुल संपत्ति लगभग 15,000 करोड़ रुपये बताई जाती है। जिसका बड़ा हिस्सा उनकी फिनटेक कंपनी CRED में हिस्सेदारी से आता है। हाल ही में मेटा के निवेश के बाद कंपनी का वैल्यूएशन भी बढ़ा है। यह डील भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया और कॉमर्स को जोड़कर एक बड़ा इकोसिस्टम बन सकता है। साथ ही यह भी संकेत है कि वैश्विक टेक कंपनियां भारत के डिजिटल बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती हैं।

राष्ट्रपति आज प्रदान करेंगी 65 पद्म सम्मान, रोहित शर्मा, अलका याज्ञनिक और ममूटी समेत कई हस्तियां होंगी सम्मानित

राष्ट्रपति आज प्रदान करेंगी 65 पद्म सम्मान, रोहित शर्मा, अलका याज्ञनिक और ममूटी समेत कई हस्तियां होंगी सम्मानित

 नई दिल्ली। द्रौपदी मुर्मु आज शाम राष्ट्रपति भवन में आयोजित दूसरे नागरिक अलंकरण समारोह में देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 65 व्यक्तित्वों को पद्म सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। इस चरण में कुल दो पद्म विभूषण, सात पद्म भूषण और 56 पद्म  पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। सम्मान पाने वालों में प्रसिद्ध टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज, दिग्गज अभिनेता ममूटी, मशहूर पार्श्व गायिका अलका याज्ञनिक और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा प्रमुख नामों में शामिल हैं।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर वर्ष 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी। इनमें पांच पद्म विभूषण, कई पद्म भूषण और पद्म  सम्मान शामिल हैं। शेष पुरस्कार अलग-अलग चरणों में प्रदान किए जा रहे हैं। पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं। ये सम्मान कला, साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, व्यापार एवं उद्योग, खेल तथा अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय और प्रेरणादायक योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किए जाते हैं।राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह समारोह देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों के योगदान को सम्मानित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। समारोह में केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री, गणमान्य अतिथि और पुरस्कार विजेताओं के परिजन भी मौजूद रहेंगे।

TMC में बड़ा बवाल: ममता बनर्जी को चेयरपर्सन पद से हटाने का ऐलान, अभिषेक बनर्जी सस्पेंड

TMC में बड़ा बवाल: ममता बनर्जी को चेयरपर्सन पद से हटाने का ऐलान, अभिषेक बनर्जी सस्पेंड

 West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को बड़ा सियासी भूचाल आ गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को चेयरपर्सन पद से हटाने और सांसद अभिषेक बनर्जी को पार्टी से निलंबित करने की घोषणा कर दी। उलुबेरिया पूर्व के विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने खुद को ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ बताते हुए नई संगठनात्मक समिति का गठन किया और वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को नया चेयरमैन नियुक्त किया।

न्यू टाउन के एक होटल में हुई बैठक में बागी विधायकों, कोलकाता नगर निगम (KMC) समेत तीन जिलों के करीब 70 पार्षदों ने हिस्सा लिया। बैठक में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन का प्रस्ताव पारित किया गया। ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि पार्टी संविधान के अनुसार हर तीन साल में राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का गठन जरूरी है, लेकिन 2022 के बाद ऐसा नहीं किया गया, जिससे संगठनात्मक संकट पैदा हुआ।

ताजा घटनाक्रम के बाद तृणमूल कांग्रेस तीन गुटों में बंटी दिखाई दे रही है। एक गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व में है, दूसरा ऋतब्रत बनर्जी का बागी गुट और तीसरा काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाला सांसदों का समूह है, जिसने अलग राजनीतिक रास्ता अपनाने का फैसला किया है।

विवाद अब पार्टी के चुनाव चिन्ह और फंड तक पहुंच गया है। बागी नेताओं ने पार्टी के नाम और सिंबल पर दावा ठोकते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने के संकेत दिए हैं। वहीं, करीब 1,100 करोड़ रुपये के पार्टी फंड को लेकर भी संघर्ष तेज हो गया है। पुलिस शिकायत के बाद पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा लगभग 440 करोड़ रुपये पर डेबिट फ्रीज लगा दिया गया है। बागी विधायकों का आरोप है कि इन खातों में जमा धन के स्रोत की जांच होनी चाहिए और इसमें कथित अनियमितताओं की आशंका है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश: योग से जुड़ेगा विश्व, शांति और सद्भाव का होगा विस्तार

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश: योग से जुड़ेगा विश्व, शांति और सद्भाव का होगा विस्तार

 जबलपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम में भाग लिया और देशवासियों को योग के महत्व का संदेश दिया। इस दौरान हजारों लोगों ने उनके साथ योगाभ्यास किया। राष्ट्रपति ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है, जो व्यक्ति को स्वयं से जोड़ने के साथ-साथ समाज, प्रकृति और संपूर्ण मानवता के साथ भी गहरा संबंध स्थापित करती है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में योग शांति, संतुलन, सद्भाव और सामूहिक कल्याण को बढ़ावा देने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि योग मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित कर व्यक्ति को स्वस्थ, सकारात्मक और आत्मविश्वासी बनाता है। यही कारण है कि आज योग की लोकप्रियता भारत की सीमाओं से निकलकर पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और मानवता को विशाल वैश्विक चेतना से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। योग के जरिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाई जा सकती है और मानसिक तनाव से भी राहत मिलती है। राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं और स्वस्थ भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें लाखों लोगों ने हिस्सा लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। राष्ट्रपति का यह संदेश योग को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ, संतुलित तथा जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन पर देशभर से शुभकामनाएं, उपराष्ट्रपति बोले- जनसेवा को समर्पित है उनका जीवन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन पर देशभर से शुभकामनाएं, उपराष्ट्रपति बोले- जनसेवा को समर्पित है उनका जीवन

 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जन्मदिन पर देशभर के नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई केंद्रीय नेताओं और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने राष्ट्रपति मुर्मु के सादगीपूर्ण जीवन, जनसेवा के प्रति समर्पण और संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी निष्ठा की सराहना की। सभी नेताओं ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर राष्ट्रसेवा की कामना की।

उपराष्ट्रपति ने बताया जनसेवा और सामाजिक न्याय की प्रेरणा

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर राष्ट्रपति मुर्मु को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा वंचित वर्गों के हितों की वकालत की है और खुद को राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि समावेशी विकास और सामाजिक कल्याण के प्रति राष्ट्रपति की प्रतिबद्धता देशभर के लोगों को प्रेरित करती है। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मु के दीर्घायु, स्वस्थ और सुखमय जीवन की कामना करते हुए कहा कि सादगी, विनम्रता और जनसेवा के प्रति उनका अटूट समर्पण देश के अनगिनत लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है।

ओम बिरला ने राष्ट्रपति के नेतृत्व की सराहना की

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रपति मुर्मु को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि साधारण परिवेश से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक की उनकी यात्रा करोड़ों भारतीयों, विशेषकर महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में उनका गरिमामय नेतृत्व, संविधान के प्रति अटूट निष्ठा और विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता देशवासियों का मार्गदर्शन करती है।

एस. जयशंकर ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी राष्ट्रपति मुर्मु को जन्मदिन की बधाई देते हुए जनसेवा के प्रति उनके समर्पण की सराहना की और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

योगी आदित्यनाथ ने जनजातीय समाज के प्रति समर्पण को सराहा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु का सादगीपूर्ण जीवन, जनजातीय समाज के उत्थान के प्रति समर्पण और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अटूट निष्ठा देशवासियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से राष्ट्रपति के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्रार्थना की।

रेखा गुप्ता ने बताया नारीशक्ति की प्रतीक

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रपति मुर्मु को राष्ट्र की प्रेरणा और सेवाभाव की प्रतिमूर्ति बताते हुए कहा कि संघर्ष से शिखर तक की उनकी यात्रा अनुकरणीय है। उन्होंने राष्ट्रपति को नारीशक्ति का प्रतीक बताते हुए उनके स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।

हिमंता बिस्वा सरमा ने राष्ट्र निर्माण में योगदान को सराहा

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु शालीनता, बुद्धिमत्ता और गरिमा की प्रतिमूर्ति हैं। उनका जीवन-सफर लोकतंत्र, समावेशिता और दृढ़ता का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पूरे राष्ट्र को प्रेरित करती है।

अन्य मुख्यमंत्रियों ने भी दीं शुभकामनाएं

हरियाणा के मुख्यमंत्री, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी राष्ट्रपति मुर्मु को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने उनके समर्पित जीवन, विनम्र व्यक्तित्व, संवेदनशील नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की।

पीएम मोदी के साथ योग करने को देशभर में उत्साह, 6 लाख से अधिक संगठनों ने कराया पंजीकरण

पीएम मोदी के साथ योग करने को देशभर में उत्साह, 6 लाख से अधिक संगठनों ने कराया पंजीकरण

 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले देशभर में योग को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। आयुष मंत्रालय के योग संगम पोर्टल पर पंजीकृत संगठनों की संख्या 6 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि योग अब केवल एक स्वास्थ्य अभ्यास नहीं, बल्कि जनभागीदारी का एक व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है।

21 जून को देशभर में होगा सामूहिक योग आयोजन

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय योग कार्यक्रम में देशभर के लाखों लोग एक साथ योग करेंगे। योग संगम पहल के तहत पंजीकृत संगठन अपने-अपने स्थानों पर सामूहिक योग सत्र आयोजित करेंगे और कॉमन योग प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनेंगे।

स्कूलों से लेकर सामाजिक संस्थाओं तक बढ़ी भागीदारी

आयुष मंत्रालय के अनुसार, हाल के दिनों में पोर्टल पर पंजीकरण की रफ्तार तेज हुई है। स्कूल, कॉलेज, सरकारी संस्थान, निजी संगठन, गैर-सरकारी संस्थाएं और सामुदायिक समूह बड़ी संख्या में इस अभियान से जुड़ रहे हैं। योग संगम का उद्देश्य देश के हर कोने में योग को जन-जन तक पहुंचाना और इसे एक साझा राष्ट्रीय स्वास्थ्य आंदोलन के रूप में स्थापित करना है।

डिजिटल मंच से जुड़ रहे हैं लाखों प्रतिभागी

योग संगम पोर्टल इस अभियान की डिजिटल रीढ़ बनकर उभरा है। इसके माध्यम से संगठन अपने कार्यक्रमों का पंजीकरण कर रहे हैं, आयोजन स्थलों की जानकारी साझा कर रहे हैं और प्रतिभागियों को जोड़ रहे हैं। यह मंच देशव्यापी समन्वय और व्यापक सहभागिता सुनिश्चित कर रहा है।

778 जिलों तक पहुंचा योग संगम अभियान

यह पहल देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक पहुंच चुकी है और 778 जिलों को कवर कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, 3.22 लाख से अधिक सरकारी संस्थानों, लगभग 2 लाख शैक्षणिक संस्थानों, 16 हजार से अधिक निजी संस्थानों, 5 हजार से अधिक गैर-सरकारी संगठनों तथा 44 हजार अन्य संगठनों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।

पश्चिम बंगाल और राजस्थान रहे सबसे आगे

राज्यों की बात करें तो पश्चिम बंगाल सबसे आगे है, जहां 2.76 लाख से अधिक संगठनों ने पंजीकरण कराया है। इसके बाद राजस्थान में लगभग 1.5 लाख पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिल रही है।

‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ है इस वर्ष की थीम

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रखी गई है। यह विषय जीवन के हर चरण में योग की उपयोगिता को रेखांकित करता है और स्वस्थ, सक्रिय तथा संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश देता है।

आयुष मंत्रालय ने किया अधिक से अधिक भागीदारी का आह्वान

आयुष मंत्रालय ने देशभर के संगठनों, संस्थानों और समुदायों से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है। मंत्रालय का कहना है कि योग संगम पोर्टल पर बढ़ती भागीदारी भारत की जनभागीदारी की भावना और स्वास्थ्य के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह पहल योग को एक वैश्विक आंदोलन से आगे बढ़ाकर सामुदायिक उत्सव और राष्ट्रीय जनआंदोलन का स्वरूप दे रही है। योग के माध्यम से स्वस्थ भारत और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आदिवासी अंचल से पीएम मोदी का विकास संदेश, ओडिशा में कई परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास

आदिवासी अंचल से पीएम मोदी का विकास संदेश, ओडिशा में कई परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा के दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में एक बड़े कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम प्रदेश में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी मौजूद रहेंगी।

राष्ट्रपति मुर्मु के पैतृक गांव का करेंगे दौरा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ पीएम मोदी का सुबह लगभग 11:15 बजे मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव दौरा करने का कार्यक्रम है। पहाड़पुर राष्ट्रपति मुर्मु का पैतृक गांव है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पवित्र उपवन संथाली जाहेरा एवं हो जाहेरा, कौशल केंद्र तथा पहाड़पुर स्कूल में प्रार्थना करेंगे।

शिक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े प्रयासों को मिलेगा बल

यह यात्रा आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षिक अवसरों, कौशल विकास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत करने के लिए चल रहे प्रयासों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम

दोपहर करीब 1 बजे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ओडिशा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। कार्यक्रम का विषय “विकास रा धरा, ओडिशा सारा” रखा गया है।

47,600 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की सौगात

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा, औद्योगिक बुनियादी ढांचे, सड़क संपर्क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सिंचाई सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी 47,600 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा।

जनसभा को भी संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री

इस अवसर पर प्रधानमंत्री रायरंगपुर में एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इन परियोजनाओं से पूरे ओडिशा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, कनेक्टिविटी में सुधार, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी परियोजनाओं की रखी जाएगी आधारशिला

जिन प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, उनमें 600 मेगावाट की ऊपरी इंद्रावती पंप भंडारण परियोजना और आईबी थर्मल पावर स्टेशन की स्टेज-II विस्तार परियोजना शामिल हैं। इस विस्तार परियोजना में 660 मेगावाट की दो नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

सड़क, सिंचाई और शिक्षा परियोजनाओं को भी मिलेगी मंजूरी

अन्य परियोजनाओं में 300 टीपीडी स्रोत-पृथक नगरपालिका ठोस अपशिष्ट आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र, कटकजोड़ी नदी पर पुल, बौध जिले में ढालपुर-हरभंगा रोड का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, नुआपाड़ा-घाटीपाड़ा एनएच-353 खंड का चार लेन निर्माण, कुसुमदिही मेगालिफ्ट सिंचाई परियोजना, इग्नू क्षेत्रीय केंद्र तथा रायरंगपुर में इनडोर बैडमिंटन कॉम्प्लेक्स शामिल हैं।

स्वास्थ्य और सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

इसके अलावा, ओडिशा के विभिन्न जिलों में 24 अटल बस स्टैंड और नौ स्वचालित परीक्षण स्टेशनों का उद्घाटन किया जाएगा। बौध में 300 बिस्तरों वाले जिला मुख्यालय अस्पताल भवन का भी लोकार्पण होगा। इन परियोजनाओं से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पंजाब दौरे पर भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, संगठन विस्तार पर रहेगा फोकस

पंजाब दौरे पर भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, संगठन विस्तार पर रहेगा फोकस

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 20 से 22 जून तक पंजाब के तीन दिवसीय संगठनात्मक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के साथ-साथ विभिन्न संगठनात्मक बैठकों, पार्टी पदाधिकारियों से संवाद, सामाजिक एवं धार्मिक नेताओं से मुलाकात और संगठन को मजबूत करने से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

अमृतसर से होगी दौरे की शुरुआत

दौरे के पहले दिन 20 जून को नितिन नबीन अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। आगमन के बाद वह भाजपा की राज्य कोर ग्रुप की बैठक में शामिल होंगे। इसके अलावा वह श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में मत्था टेकेंगे, ऐतिहासिक जलियांवाला बाग का दौरा करेंगे, श्री दुर्गियाना मंदिर में दर्शन करेंगे तथा श्री रामतीर्थ (वाल्मीकि मंदिर) में भी श्रद्धा अर्पित करेंगे। शाम को वह जालंधर पहुंचेंगे, जहां रात 7:45 बजे रोड शो का नेतृत्व करेंगे।

योग दिवस कार्यक्रम और संगठनात्मक बैठकें

दौरे के दूसरे दिन 21 जून को नितिन नबीन फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में सुबह 6:30 बजे आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद वह प्रमुख समाचार पत्रों के संपादकों के साथ नाश्ते पर संवाद करेंगे। वह जालंधर में दैनिक सवेरा द्वारा संत समाज की उपस्थिति में आयोजित एक सम्मेलन में भी शामिल होंगे। दोपहर में वह लुधियाना पहुंचेंगे, जहां भाजपा के जिला कार्यालय का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद शक्ति केंद्र प्रभारियों और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठक करेंगे। शाम को वह क्षेत्र के उद्योगपतियों के साथ विशेष बैठक कर संवाद करेंगे।

पद्मश्री सरदारा सिंह जौहल से करेंगे मुलाकात

दौरे के अंतिम दिन 22 जून को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लुधियाना में प्रसिद्ध कृषि अर्थशास्त्री और पद्मश्री सम्मानित सरदारा सिंह जौहल से उनके आवास पर मुलाकात करेंगे। भाजपा के अनुसार, इस तीन दिवसीय दौरे का उद्देश्य पंजाब में संगठन को और अधिक मजबूत करना तथा विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक वर्गों के साथ संवाद बढ़ाना है।

तरुण चुघ ने बताया नई शुरुआत का संकेत

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पंजाब में एक नई शुरुआत होने जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अपने दौरे की शुरुआत श्री हरमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर और भगवान वाल्मीकि मंदिर में मत्था टेककर करेंगे। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन को आगे बढ़ाने और पंजाब के सर्वांगीण विकास के संकल्प का प्रतीक है।

पंजाब सरकार पर साधा निशाना

तरुण चुघ ने कहा कि पंजाब आज एक नए जीवन और नई दिशा की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए राज्य को आर्थिक और सामाजिक नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है और गैंगस्टर गतिविधियों के कारण लोग असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य की अर्थव्यवस्था कमजोर होकर दिवालियापन जैसी स्थिति की ओर बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था भी चरमरा गई है। उनके अनुसार, भाजपा पंजाब में उम्मीद, विकास और नई संभावनाओं का नया दौर लेकर आएगी।

उपभोक्ता संरक्षण और व्यापार सुगमता के लिए मजबूत परीक्षण अवसंरचना जरूरी: प्रल्हाद जोशी

उपभोक्ता संरक्षण और व्यापार सुगमता के लिए मजबूत परीक्षण अवसंरचना जरूरी: प्रल्हाद जोशी

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शुक्रवार को कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा, उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ाने और व्यापार सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत परीक्षण और प्रमाणन अवसंरचना अत्यंत आवश्यक है। मुंबई स्थित राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र (एनटीएच) परिसर में परीक्षण सुविधाओं के विस्तार की आधारशिला रखते हुए प्रल्हाद जोशी ने कहा कि एक सशक्त गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली उत्पादों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

आत्मनिर्भर भारत के लिए गुणवत्ता प्रणाली को मजबूत करने पर जोर

प्रल्हाद जोशी ने कहा कि विश्व स्तरीय परीक्षण अवसंरचना सरकार के आत्मनिर्भर भारत विजन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए देश की गुणवत्ता प्रणाली को और मजबूत करना आवश्यक है।

एनटीएच परिसर में विस्तार कार्य की रखी आधारशिला

देश की गुणवत्ता आश्वासन और परीक्षण अवसंरचना के विस्तार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के अवसर पर मंत्री ने राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र, मुंबई परिसर का दौरा किया। कार्यक्रम की शुरुआत भूमि पूजन समारोह और परीक्षण सुविधाओं के भावी विस्तार के लिए आधारशिला रखने के साथ हुई।

परीक्षण सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की सराहना

मंत्री ने उपभोक्ता मामलों के विभाग और राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र द्वारा देशभर में उन्नत परीक्षण क्षमताओं के विस्तार तथा उद्योगों और उपभोक्ताओं के लिए गुणवत्तापूर्ण परीक्षण सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मुंबई स्थित प्रयोगशालाओं का भी दौरा किया और चल रही आधुनिकीकरण पहलों तथा परीक्षण क्षमताओं की समीक्षा के लिए वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ बातचीत की।

नई प्रयोगशाला और दो केंद्रों का उद्घाटन

कार्यक्रम के दौरान प्रल्हाद जोशी ने मुंबई स्थित राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र में सूक्ष्मजीवविज्ञानी परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र के उत्तरी क्षेत्र केंद्र तथा महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम की ऑरिक सिटी में स्थापित एनटीएच-ऑरिक उपग्रह केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।

परीक्षण क्षमता और उपभोक्ता सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा

नई सुविधाओं के शुरू होने से विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में परीक्षण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन को मजबूती मिलेगी तथा उपभोक्ता सुरक्षा और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा मिलेगा।

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026: भारतीय दूतावास ने श्रद्धालुओं के लिए जारी की यात्रा से जुड़ी अहम जानकारी

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026: भारतीय दूतावास ने श्रद्धालुओं के लिए जारी की यात्रा से जुड़ी अहम जानकारी

 चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने शुक्रवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा (केएमवाई) पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया। इस संदेश में उन्होंने यात्रियों का स्वागत किया और यात्रा से जुड़ी कुछ जरूरी सलाह दी।

 बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “विदेश मंत्रालय (एमईए) और चीन की सरकार के सहयोग से आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026, 20 जून को भारत से रवाना होगी। दूतावास की टीम आधिकारिक और निजी दोनों माध्यमों से यात्रा करने वाले सभी श्रद्धालुओं का पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा के लिए हार्दिक स्वागत करती है।”

राजदूत दोरईस्वामी के नेतृत्व में दूतावास की टीम ने हाल ही में यात्रा मार्गों का दौरा किया। टीम ने भारत के सिक्किम और उत्तराखंड से तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (चीन) तक जाने वाले प्रमुख रास्तों का निरीक्षण किया। इस दौरान नाथू ला और लिपुलेख दर्रों के जरिए यात्रा व्यवस्थाओं और तैयारियों की समीक्षा की गई।

दूतावास ने वीडियो साझा करते हुए कहा, “यह हमारे राजदूत का संदेश है। जल्द ही यात्रा से जुड़ी और तस्वीरें तथा जरूरी यात्रा सलाह भी जारी की जाएंगी। सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सफल और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध यात्रा की शुभकामनाएं।” राजदूत ने संदेश में बताया कि नाथू ला दर्रे पर पहुंचने के बाद चीनी कस्टम और इमिग्रेशन अधिकारी श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। इसके बाद उन्हें बसों के जरिए याडोंग काउंटी ले जाया जाएगा।

उन्होंने वीडियो में यात्रा के समय, खाने-पीने की सुविधाओं और करेंसी एक्सचेंज जैसी अन्य जरूरी जानकारियां भी दीं। राजदूत ने यह भी कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के मार्ग से जुड़ी और जानकारी देने वाले कई वीडियो आगे भी जारी किए जाएंगे।  पिछले सप्ताह उन्होंने तिब्बत की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी ल्हासा का दौरा किया था। वहां उन्होंने स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर भारतीय श्रद्धालुओं के लिए की गई तैयारियों और सुविधाओं की समीक्षा की।

ल्हासा हवाई अड्डे पर तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के विदेश मामलों के कार्यालय के उप महानिदेशक यांग लाहोंग ने उनका स्वागत किया। दूतावास के अनुसार, बाद में राजदूत ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के उपाध्यक्ष झाओ पेंग से मुलाकात की। झाओ पेंग ने श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं और तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। इससे पहले 13 जून को विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू भवन में कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान के नए नियम, 48 घंटे पहले आवेदन जरूरी

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान के नए नियम, 48 घंटे पहले आवेदन जरूरी

 ईरान ने शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत अब जहाजों को पहले से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इस बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते में प्रवेश करने से पहले परमिट और बीमा लेना जरूरी होगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान समझौते के बाद हाल ही में यह जलमार्ग फिर से खोला गया है।

ईरान की नई बनाई गई पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (पीजीएसए) ने ये नए नियम जारी किए हैं। यह संस्था वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुए समझौते के तहत बनाई गई है, जिसका मकसद तीन महीने से ज्यादा चले संघर्ष के बाद इस रणनीतिक समुद्री रास्ते से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू करना है।

अथॉरिटी के मुताबिक, इन नियमों का उद्देश्य होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। यह रास्ता दुनिया के करीब एक-पांचवें हिस्से के तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) व्यापार के लिए इस्तेमाल होता है।

पीजीएसए ने कहा, “इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर और संबंधित अधिकारियों के निर्देश जारी होने के बाद, होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को सूचित किया जाता है कि तय समय के दौरान केवल वही जहाज गुजर सकेंगे जो जरूरी नियमों को पूरा करते हुए अपनी यात्रा की अनुमति के लिए आवेदन जमा करेंगे।”

नए नियमों के अनुसार, जहाज मालिकों और ऑपरेटरों को होर्मुज स्ट्रेट पहुंचने से कम से कम 48 घंटे पहले यात्रा की अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। पीजीएसए ने कहा कि जहाजों को प्रवेश और बाहर निकलने के समय देरी से बचने के लिए अपनी पूरी जानकारी पहले ही देनी होगी।

अथॉरिटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर बताया कि जहाजों को यात्रा की अनुमति मिलने से पहले जरूरी परमिट और बीमा भी लेना होगा। इसके अलावा, जहाजों को ईरानी अधिकारियों की ओर से तय किए गए शिपिंग कॉरिडोर का ही इस्तेमाल करना होगा, ताकि उन इलाकों से बचा जा सके जहां संघर्ष के बाद अभी भी बारूदी माइन या अन्य खतरों की संभावना हो सकती है। अथॉरिटी ने चेतावनी दी है कि अगर कोई जहाज इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जहाज मालिकों की होगी।

कल जारी होगी पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त, 9 करोड़ 44 लाख से ज्यादा किसानों को मिलेगा लाभ

कल जारी होगी पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त, 9 करोड़ 44 लाख से ज्यादा किसानों को मिलेगा लाभ

   PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून को पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर से आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान देशभर के पात्र किसानों के बैंक खातों में योजना की 23वीं किस्त की राशि जारी करेंगे। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में भेजी जाएगी। कल 20 जून को 23वीं किस्त के तहत 18 हजार 880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे 9 करोड़ 44 लाख से ज्यादा किसानों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए ट्रांसफर की जाएगी।

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले के किसानों को भी इस किस्त का लाभ मिलेगा। जिले के 63,228 पात्र किसानों के बैंक खातों में कुल 12 करोड़ 64 लाख रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी। इससे किसानों को खरीफ सीजन की तैयारियों में आर्थिक सहायता मिलेगी और वे बीज, खाद तथा अन्य कृषि आवश्यकताओं की पूर्ति आसानी से कर सकेंगे। कृषि विभाग के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों की आय बढ़ाने और खेती-किसानी को मजबूती देने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता राशि तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है।

ई-केवाईसी और आधार लिंक जरूरी

उप संचालक कृषि राजकुमार सोलंकी ने किसानों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों को आधार से लिंक कराएं और ई-केवाईसी की प्रक्रिया समय पर पूरी कर लें। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की ई-केवाईसी या आधार सीडिंग लंबित है, उन्हें किस्त प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने किसानों से अपने बैंक खाते और योजना से संबंधित जानकारी की जांच करने तथा किसी भी त्रुटि को जल्द से जल्द सुधारने की सलाह दी है, ताकि किस्त की राशि बिना किसी बाधा के उनके खातों में पहुंच सके।

किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

 कृषि विभाग का कहना है कि खरीफ फसलों की बुवाई के दौर में मिलने वाली यह सहायता किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। समय पर राशि मिलने से किसान कृषि निवेश बढ़ा सकेंगे और खेती से जुड़ी आवश्यक सामग्रियों की खरीद कर सकेंगे। प्रधानमंत्री द्वारा राशि जारी किए जाने के साथ ही देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में धनराशि पहुंचना शुरू हो जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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