लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |
सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहनाओं के खातों में रक्षाबंधन गिफ्ट के साथ 1750 रुपए किए ट्रांसफर

सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहनाओं के खातों में रक्षाबंधन गिफ्ट के साथ 1750 रुपए किए ट्रांसफर

 मध्य प्रदेश- मध्य प्रदेश के मैहर जिले में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को लाड़ली बहनाओं को रक्षाबंधन के गिफ्ट के तौर पर ढाई सौ रुपए की अधिक राशि प्रदान की और प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में कुल 1750 रुपए ट्रांसफर किए गए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 13 हजार से अधिक पात्र बहनों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से 2,148 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया ।

इससे पहले मुख्यमंत्री यादव ने मां शारदा के दर्शन किए और लाडली बहनाओं पर पुष्प वर्षा की। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त के रूप में 1,500 रुपए प्रति हितग्राही कुल 1,835.46 करोड़ रुपये से अधिक और रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर 250 रुपये प्रति हितग्राही कुल 312.83 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त सहायता अन्तरित की गई। इस प्रकार प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में कुल 1,750 रुपये की संयुक्त राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से पहुंची।

राज्य में लाडली बहना योजना की जून 2023 में योजना की शुरुआत की गई थी और अगस्त 2026 तक की कुल 39 किश्तों के माध्यम से लाभार्थी महिलाओं के खातों में 63 हजार 248 करोड़ रुपये की सहायता राशि अंतरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए राज्य सरकार ने इस योजना के लिये 23,882.81 करोड़ रूपये का विस्तृत बजट प्रावधान रखा है।

पीएम मोदी की मुफ्त कोचिंग पहल के क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने समीक्षा बैठक की

पीएम मोदी की मुफ्त कोचिंग पहल के क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने समीक्षा बैठक की

 केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल के क्रियान्वयन को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में इस पहल की घोषणा की थी। केंद्रीय मंत्री जोशी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक का मुख्य मकसद “एक मजबूत राष्ट्रीय मंच बनाना था, जिससे देश भर के छात्रों को उच्च-गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और व्यवस्थित तैयारी की सुविधा मिल सके”।
प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए मुफ़्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की थी। पीएम मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था, “कोचिंग कक्षाएं गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर बोझ हैं। हम विभिन्न परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराएंगे।” उन्होंने कहा था, ‘‘हर माता-पिता को लगता है कि अगर वे अपने बच्चे को कोचिंग कक्षा में नहीं भेजते हैं तो उनका परिवार प्रतिष्ठित नहीं माना जाएगा।’’

पीएम- मोदी ने 15 अगस्त 2026 को अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में गरीब और मध्यमवर्गीय विद्यार्थियों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग पहल की घोषणा की। इस योजना का उद्देश्य महंगे कोचिंग संस्थानों के आर्थिक बोझ को कम करना और दूरदराज के ग्रामीण छात्रों को डिजिटल माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।

Cabinet: चार मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, पीएम मोदी ने कहा-कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

Cabinet: चार मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, पीएम मोदी ने कहा-कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

 पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने बुधवार को रेल मंत्रालय की लगभग 9,450 करोड़ रुपए की कुल लागत वाली चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि कैबिनेट ने चार मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिससे भारतीय रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और लाखों लोगों को फायदा होगा। इन प्रोजेक्ट्स के कई फायदे होंगे, जैसे- यात्री और माल ढुलाई को मजबूत करना, भीड़-भाड़ कम करना, लॉजिस्टिक्स की बेहतर क्षमता और बेहतर कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन।

इन परियोजनाओं में खड़गपुर-भद्रक (रानीताल) चौथी लाइन – 173 किमी (पश्चिम बंगाल और ओडिशा), भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन – 75 किमी (ओडिशा), गुम्मिडिपूंडी-गुडूर तीसरी और चौथी लाइन – 90 किमी (आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु), और कटक-पारादीप (बडाबन्धा) तीसरी और चौथी लाइन – 72 किमी (ओडिशा) शामिल है।

बढ़ी हुई लाइन क्षमता से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेल की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। इन बहु-ट्रैकिंग प्रस्तावों से परिचालन के सुव्यवस्थित होने और भीड़भाड़ में कमी आने की उम्‍मीद है। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप हैं, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के व्यापक विकास के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे उनके लिए रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत बनाई गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से मल्‍टी मॉडल कनेक्‍टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। इन परियोजनाओं से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी।

पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश राज्यों के 8 जिलों को कवर करने वाली ये 4 परियोजनाएं भारतीय रेल के वर्तमान नेटवर्क को लगभग 410 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी। प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 6,448 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिनकी आबादी लगभग 60 लाख है।

प्रस्तावित क्षमता वृद्धि से देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिसमें कुलडीहा वन्यजीव अभयारण्य, भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान, मां भद्रकाली मंदिर, मां धमराई मंदिर, पंचलिंगेश्वर मंदिर, तलसारी-उदयपुर और चांदीपुर समुद्र तट, पुलिकट झील, नेलपट्टू पक्षी अभयारण्य, भगवान वीरराघव पेरुमल मंदिर, गदा कुजंगा जगन्नाथ मंदिर, सरला मंदिर, धबलेश्वर मंदिर, ललितगिरि (बौद्ध स्थल) आदि शामिल हैं।

प्रस्तावित परियोजनाएं कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, लोहा और इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल, अनाज आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। क्षमता वृद्धि कार्यों से प्रति वर्ष 76 मिलियन टन माल ढुलाई की अतिरिक्त क्षमता प्राप्त होगी। भारतीय रेल के पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन माध्यम होने के कारण यह जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की लॉजिस्टिक्‍स लागत को कम करने में सहायक होगी। साथ ही, यह तेल आयात (लगभग 13 करोड़ लीटर) को कम करेगी और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन (लगभग 65 करोड़ किलोग्राम) को घटाएगी, जो 2.60 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है।

सोशल मीडिया का उपयोग सूचना देने के लिए नहीं, लोगों की चिंताएं सुनने व हल करने में भी करें:राष्ट्रपति

सोशल मीडिया का उपयोग सूचना देने के लिए नहीं, लोगों की चिंताएं सुनने व हल करने में भी करें:राष्ट्रपति

 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को भारतीय सूचना सेवा (आईआईएस) के अधिकारियों से कहा कि वे सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल केवल सूचना देने और लोगों से जुड़ने के लिए नहीं, बल्कि उनकी चिंताओं को सुनने, समझने और उनका समाधान करने के लिए भी करें। राष्ट्रपति ने कहा कि सोशल मीडिया ने नागरिकों के सूचना प्राप्त करने, उसे साझा करने और उस पर प्रतिक्रिया देने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।

भारतीय सूचना सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलने आए थे। राष्ट्रपति मुर्मू ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आपको सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल केवल सूचना देने और लोगों से जुड़ने के लिए नहीं, बल्कि उनकी चिंताओं को सुनने, समझने और उनका जवाब देने के लिए भी करना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और पहलों की जानकारी लोगों तक स्पष्ट, सटीक और समय पर पहुंचे। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘इसके साथ ही आपकी जिम्मेदारी लोगों की बात सुनने की भी है। आपको जनता की चिंताओं, उनकी आकांक्षाओं और सुझावों को समझने का प्रयास करना चाहिए। यह सुनिश्चित करना होगा कि जनसंचार प्रभावी और नागरिक केंद्रित हो।’’

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि तेजी से जटिल होते सूचना माहौल में अधिकारियों को तथ्यों और भ्रामक सूचनाओं के बीच अंतर करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘संकट के समय आपको जिम्मेदारी के साथ प्रतिक्रिया देनी चाहिए। आज के दौर में जब गलत सूचनाएं बहुत तेजी से फैलती हैं, तो यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नागरिकों को सही और प्रमाणिक जानकारी आसानी से और समय पर उपलब्ध हो।’’

राष्ट्रपति ने नागरिकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि संचार माध्यमों को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि लोगों से सार्थक दोतरफा संवाद सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में, जहां सूचनाएं तुरंत फैलती हैं, संचार में हमेशा सटीकता, विश्वसनीयता और जनहित को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से नवीनतम तकनीकी साधनों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने कहा कि नवाचार को नैतिक मूल्यों, मानवीय समझ और जवाबदेही को ध्यान में रखते हुए अपनाना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे में जब भारत 2047 की ओर बढ़ रहा है भारतीय सूचना सेवा के अधिकारियों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी।उन्होंने कहा, ‘‘जानकारी रखने वाला नागरिक विकास और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी कर सकता है। मैं आपसे आग्रह करती हूं कि भारत की समृद्ध विविधता को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ संवाद करें।’’

राष्ट्रपति से भारतीय सांख्यिकी सेवा (आईएसएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों ने भी मुलाकात की। राष्ट्रपति ने उन्हें (प्रशिक्षु आईएसएस को) संबोधित करते हुए कहा कि उनका काम अर्थव्यवस्था और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में तथ्यों पर आधारित नीतियां बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमेशा याद रखें कि हर आंकड़े के पीछे वास्तविक लोग और उनका जीवन होता है। आपको आंकड़ों को नागरिकों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए अधिक सुलभ बनाना चाहिए।’’

राष्ट्रपति ने कहा कि विश्वसनीय आंकड़े बेहतर शासन की नींव होते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज के आंकड़ा आधारित दौर में प्रभावी सार्वजनिक नीतियां काफी हद तक सटीक, समय पर और विश्वसनीय आंकड़ों की उपलब्धता पर निर्भर करती हैं। भारतीय सांख्यिकी सेवा आधिकारिक आंकड़े तैयार करने, उनका विश्लेषण करने और उनकी व्याख्या करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ये आंकड़े हमारे करोड़ों नागरिकों के जीवन को प्रभावित करने वाले फैसलों का आधार बनते हैं।’’

उन्होंने कहा कि देश की सांख्यिकी व्यवस्था डिजिटल तकनीक और आंकड़े जुटाने तथा उनके विश्लेषण के नए तरीकों के माध्यम से महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि मशीन लर्निंग और अन्य उभरती तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल से अधिक त्वरित और विस्तृत जानकारी तैयार करने के नए अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इन बदलावों के साथ आप पर सांख्यिकीय निष्पक्षता, वस्तुनिष्ठता, गोपनीयता और पेशेवर उत्कृष्टता बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी भी आती है।’’ मुर्मू ने कहा कि भारतीय सूचना सेवा और भारतीय सांख्यिकी सेवा दोनों का साझा उद्देश्य शासन की गुणवत्ता को मजबूत करना और देश के लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रभावी संवाद और विश्वसनीय जानकारी जीवंत एवं उत्तरदायी लोकतंत्र के आवश्यक स्तंभ हैं।’’ राष्ट्रपति ने अधिकारियों से अपने फैसलों में विवेकपूर्ण, व्यवहार में संवेदनशील और ईमानदारी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘आपको मिली जिम्मेदारी के साथ लोगों की निष्पक्षता, विनम्रता और समर्पण के साथ सेवा करने की गहरी जिम्मेदारी जुड़ी है। आपका ज्ञान और कौशल महत्वपूर्ण होगा, लेकिन नागरिकों के प्रति आपका चरित्र, प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता ही अंततः आपके योगदान को परिभाषित करेगी।’’

चुनावी राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए भाजपा प्रभारियों की नियुक्ति

चुनावी राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए भाजपा प्रभारियों की नियुक्ति

 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को राज्यसभा सदस्य विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश में पार्टी मामलों का प्रभारी नियुक्त किया और नवनियुक्त राष्ट्रीय सचिव जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी बनाया।

पार्टी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, नवनियुक्त भाजपा राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य सतीश पूनिया को पंजाब में पार्टी मामलों का प्रभारी नियुक्त किया गया है। नवीन ने राज्यसभा सदस्य तरुण चुघ को गुजरात में पार्टी मामलों का प्रभारी बनाया है। भाजपा ने एक परिपत्र में कहा, ‘‘ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। अन्य राज्यों के प्रभारियों की नियुक्ति उचित समय पर की जाएगी। तब तक वर्तमान प्रभारी व्यवस्था जारी रहेगी।’’

पार्टी सूत्रों के अनुसार, ये नियुक्तियां अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए की गई हैं। पंजाब और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले वर्ष की शुरुआत में प्रस्तावित हैं, जबकि गुजरात में चुनाव 2027 के उत्तरार्ध में हो सकते हैं।

यह घटनाक्रम भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा पार्टी की राष्ट्रीय टीम में व्यापक बदलाव किए जाने के एक दिन बाद सामने आया है। नयी टीम में कई नए चेहरों को शामिल किया गया है। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व पदाधिकारी राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।

नयी टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 कर दी गई है, जिनमें से नौ नए चेहरे हैं। राष्ट्रीय महासचिवों की कुल संख्या भी बढ़ाकर आठ कर दी गयी है। पिछली टीम के सात राष्ट्रीय महासचिव थे। भाजपा की नयी टीम में 16 राष्ट्रीय सचिव हैं, जबकि पिछली टीम में 11 राष्ट्रीय सचिव थे।
विनोद तावड़े और सुनील बंसल भाजपा की नयी टीम में बरकरार रखे गए केवल दो राष्ट्रीय महासचिव हैं। भाजपा की राजस्थान इकाई के पूर्व अध्यक्ष सतीश पूनिया को आठ राष्ट्रीय महासचिवों वाली नयी टीम में शामिल किए गए नए चेहरों में जगह मिली है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, तावड़े और बंसल दोनों को संगठन के क्षेत्र में उनके प्रभावशाली काम के लिए सराहते हुए ये पद दिए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत में बंसल के योगदान को विशेष रूप से ध्यान में रखा। भाजपा के राज्यसभा सदस्य तरुण चुघ को राज्यसभा सदस्य अरुण सिंह की जगह पार्टी के केंद्रीय कार्यालय का प्रभारी बनाया गया है।

एमपी सरकार 5 साल में विज्ञान-प्रौद्योगिकी पर 492 करोड़ रुपये करेगी खर्च

एमपी सरकार 5 साल में विज्ञान-प्रौद्योगिकी पर 492 करोड़ रुपये करेगी खर्च

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगामी पांच वर्षों में 492 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला लिया गया।

लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए संवाददाताओं को बताया कि इस फैसले से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज (मंगलवार को) विज्ञान-प्रौद्योगिकी को लेकर एक बड़ा फैसला किया। राज्य सरकार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगामी पांच वर्षों के लिए 492 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं संचालित करेगी।’’

सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए बजट 734 करोड़ रुपये है और इससे राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का परिदृश्य बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए महज छह करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान हुआ करता था और यह अंतर स्पष्ट करता है कि कांग्रेस सरकार ने इस क्षेत्र की उपेक्षा की।

उन्होंने कहा कि 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाल किले से घोषित संकल्पों की सिद्धि में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।

सिंह ने बताया कि मंत्रिमंडल ने पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों में छिपी खेल प्रतिभाओं को तलाशने के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने का भी फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘‘चयनित बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर बेहतर खिलाड़ी बनाया जाएगा।’’

मंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने युवाओं के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने और आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ से अधिक युवाओं को कृत्रिम मेधा (एआई) का कौशल प्रशिक्षण देने का भी फैसला किया है।

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से जो प्रमुख घोषणाएं की थीं, उनमें देश के युवाओं के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था, उन्हें एआई का कौशल प्रशिक्षण देने, ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को निखारने और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर विशेष जोर देने की बातें शामिल थीं।

सिंह ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में डिंडोरी जिले के देश में प्रथम स्थान पर आने का भी उल्लेख किया गया।

इस उपलब्धि के लिए डिंडोरी जिले और वहां की पूरी टीम को बधाई दी गई। उन्होंने कहा कि डिंडोरी जिले के सफल मॉडल को प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा ताकि वे भी योजना के सफल क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन कर सकें

ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, IMD ने और अधिक बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया

ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, IMD ने और अधिक बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया

 बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में बने अवदाब के कारण पिछले 24 घंटे में हुई भारी बारिश से मंगलवार को ओडिशा के उत्तरी जिलों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई। भारी बारिश से कई नदिया उफना गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जाजपुर और भद्रक जिलों के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने के बाद मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की और तत्काल उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की। बाढ़ से करीब 9.40 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक 3.30 लाख प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में बना अवदाब अब झारखंड और उससे सटे पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों की ओर बढ़ गया है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है।

आईएमडी ने सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और बरगढ़ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। वहीं, संबलपुर, देवगढ़, क्योंझर, सोनपुर और बलांगीर जिलों के लिए भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, देवगढ़, क्योंझर, सोनपुर और बलांगीर जिलों में बिजली कड़कने तथा 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान जताया है।

ओडिशा तट के पास समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना को देखते हुए आईएमडी ने मछुआरों को 18 अगस्त को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।

विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय के अनुसार, पिछले 24 घंटे में मयूरभंज जिले के बहलदा में 273 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि रायरंगपुर में 207 मिलीमीटर और बालासोर में 93.1 मिलीमीटर बारिश हुई।

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने कहा कि जाजपुर, भद्रक और केंद्रापड़ा जिलों में बाढ़ का कारण बनी बैतरणी और ब्राह्मणी नदियों का जलस्तर फिलहाल स्थिर है, लेकिन सुंदरगढ़ और झारसुगुड़ा में भारी बारिश के कारण इनके जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है।

राउत ने बताया कि झारखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर भी बढ़ सकता है। इससे बालासोर जिले के बस्ता, बालीपाल और जलेश्वर समेत कई प्रखंडों में बाढ़ का पानी घुस सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड से छोड़ा गया अतिरिक्त बाढ़ का पानी बुधवार को बालासोर पहुंचने की आशंका है।’’

राउत ने महानदी नदी तंत्र में बाढ़ की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक हीराकुंड बांध के 10 गेटों से पानी छोड़े जाने के बाद कटक के पास मुंडली में करीब चार लाख क्यूसेक पानी बहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि हीराकुंड जलाशय में वर्तमान जलस्तर 619.97 फुट है, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर 630 फुट है।

इस बीच, राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित इलाकों में ओडिशा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ) की 45 टीमें, एनडीआरएफ की आठ टीमें और अग्निशमन सेवा की 53 इकाइयां तैनात की गई हैं।

नारी शक्ति के साहस का प्रमाण है ‘अपराजिता-परंग ला 2026’: राजनाथ सिंह

नारी शक्ति के साहस का प्रमाण है ‘अपराजिता-परंग ला 2026’: राजनाथ सिंह

 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज (18 अगस्त 2026) नई दिल्ली में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की अखिल भारतीय बालिका उच्च-ऊंचाई वाली दुर्गम पदयात्रा ‘अपराजिता-परंग ला 2026’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के तहत 28 महिला कैडेट हिमालय के चुनौतीपूर्ण इलाकों से होकर 250 किलोमीटर की 30 दिवसीय पदयात्रा करेंगी। यह अभियान परंग ला दर्रे से होकर गुजरेगा, जो 5,578 मीटर (18,300 फीट) की ऊंचाई पर हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी को लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र से जोड़ता है।

तीनों सेनाओं की महिला अधिकारी करेंगी नेतृत्व

अभियान का नेतृत्व तीनों सेनाओं की तीन महिला अधिकारी करेंगी। इसमें 28 कैडेट शामिल हैं, जिनकी औसत आयु 19 वर्ष है। सबसे कम उम्र की प्रतिभागी साढ़े 16 वर्ष की है। रक्षा मंत्री ने इतनी चुनौतीपूर्ण उच्च-ऊंचाई वाली पदयात्रा में युवा महिला कैडेटों की भागीदारी को देश की ‘नारी शक्ति’ के साहस, दृढ़ संकल्प और बढ़ती क्षमताओं का सशक्त प्रमाण बताया।

30 दिनों में तय होगा 250 किलोमीटर का सफर

अधिकारियों, चिकित्सा कर्मियों, प्रशिक्षकों और सहायक कर्मचारियों के साथ अभियान दल करीब 250 किलोमीटर की दूरी 30 दिनों में तय करेगा। अभियान का मार्ग हिमालय के दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण इलाकों से होकर गुजरेगा। इसमें किब्बर, दुमला, थलटक, बोंगरोजेन, परंग ला दर्रा, डाक कारज़ोंग, नोर्बू सुम्दो, कियांगडोम और कोरज़ोक जैसे पड़ाव शामिल हैं। दल को उच्च-ऊंचाई वाले रेगिस्तान, ग्लेशियर, बर्फ के मैदान और नदी घाटियों से होकर गुजरना होगा।

साहस और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है अभियान

राजनाथ सिंह ने अभियान दल को सुरक्षित और सफल पदयात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान युवाओं में नेतृत्व क्षमता, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कैडेटों की शारीरिक और मानसिक तैयारी की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान उनके लिए दृढ़ता, आत्मविश्वास और आत्म-खोज का यादगार अनुभव होगा।

सुरक्षा और पर्यावरण को प्राथमिकता देने की अपील

रक्षा मंत्री ने कैडेटों से अभियान के दौरान सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के साथ संपर्क को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने प्रशिक्षकों के निर्देशों का सख्ती से पालन करने और अनावश्यक जोखिमों से बचने की सलाह दी। साथ ही, हिमालयी पर्यावरण की रक्षा के लिए कचरा नहीं फैलाने और स्थानीय समुदायों की संस्कृति एवं परंपराओं का सम्मान करने को कहा।

‘अपराजिता’ बने रहने की प्रेरणा

राजनाथ सिंह ने कहा कि यह अभियान कैडेटों के जीवन में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा और उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में ‘अपराजिता’ बने रहने की प्रेरणा देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि कैडेट परंग ला से केवल यादगार अनुभव लेकर नहीं लौटेंगी, बल्कि अपनी आंतरिक शक्ति की गहरी समझ भी हासिल करेंगी।

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना

रक्षा मंत्री ने भूमि, जल और वायु में साहसिक गतिविधियों में एनसीसी कैडेटों की बढ़ती उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने महिला कैडेटों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न एनसीसी निदेशालयों से आई कैडेटों की अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां और पृष्ठभूमियां साझा मिशन के जरिए ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रदर्शित करती हैं।

दो चरणों में आयोजित हो रहा अभियान

अभियान दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में भाबा-पिन घाटी क्षेत्र में तैयारी और ऊंचाई के अनुकूलन के लिए ट्रेक आयोजित किया गया। इसके बाद प्रदर्शन और योग्यता के आधार पर एनसीसी महिला कैडेटों की अंतिम टीम का चयन किया गया।

नेतृत्व और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना लक्ष्य

‘अपराजिता-परंग ला 2026’ का उद्देश्य एनसीसी महिला कैडेटों में नारी शक्ति, नेतृत्व, आत्मविश्वास, टीम वर्क, सहनशक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है। अभियान के दौरान कैडेटों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सामूहिक निर्णय, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का अनुभव मिलेगा।

एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स तथा एनसीसी और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। 

‘शक्ति की सप्तधारा’ से कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देंगे: शिवराज सिंह

‘शक्ति की सप्तधारा’ से कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देंगे: शिवराज सिंह

 केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘शक्ति की सप्तधारा’ संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े पूरे तंत्र को विकसित, समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। पूसा स्थित सी. सुब्रमण्यम सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ गुणवत्ता, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात पर विशेष ध्यान देना होगा। कार्यक्रम में राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासामी समेत चारों विभागों के सचिव, अधिकारी, कर्मचारी, वैज्ञानिक, किसान, लखपति दीदियां, फूड प्रोसेसर, निर्यातक और एफपीओ प्रतिनिधि मौजूद रहे।

कृषि और फूड प्रोसेसिंग को बताया सप्तधारा की महत्वपूर्ण शक्ति

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘शक्ति की सप्तधारा’ के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण का स्पष्ट मार्ग देश के सामने रखा है। कृषि और फूड प्रोसेसिंग इस सप्तधारा की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। भारत को उत्पादन बढ़ाने के साथ गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और वैश्विक मानकों के अनुरूप कृषि उत्पाद तैयार करने होंगे, ताकि भारतीय किसानों के उत्पाद दुनिया के बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकें। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े पूरे परिवार का सामूहिक संकल्प है। किसान, वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी, प्रोसेसर, निर्यातक, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और किसान उत्पादक संगठन इस अभियान के समान भागीदार हैं।

राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को स्थान देने और कर्तव्य को अपनी पहचान बनाने का आह्वान किया है। सरकारी सेवा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश और जनता की सेवा का संकल्प है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने-अपने विभागों के स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, ठोस रोडमैप तैयार करने और पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं परिश्रम के साथ उसे लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संकल्प तभी पूरे होंगे, जब सभी उन्हें अपना संकल्प मानकर काम करेंगे।

खेत से वैश्विक बाजार तक किसानों की उपज पहुंचाने पर जोर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय कृषि को खेत से वैश्विक बाजार तक जोड़ना समय की आवश्यकता है। भारत में मिर्च, मसाले, फल, फूल, पारंपरिक खाद्य उत्पाद और विभिन्न कृषि उपजों की बड़ी विविधता है। गुणवत्ता में सुधार, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात के माध्यम से किसानों की आय में महत्वपूर्ण वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसान, प्रोसेसर और निर्यातक एक-दूसरे से जुड़े हैं और इन सभी को एक मंच पर लाकर समन्वित तरीके से काम करना होगा। प्राकृतिक, जैविक और रसायन-मुक्त खेती से तैयार उत्पादों की देश और दुनिया में मांग बढ़ रही है। किसानों को इसके लिए तकनीकी मार्गदर्शन, बाजार की जानकारी और बेहतर प्रसंस्करण सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी।

राष्ट्रीय से लेकर जिला स्तर तक कृषि रोडमैप

केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय स्तर के साथ प्रत्येक राज्य और जिले के लिए अलग कृषि रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों में जलवायु, मिट्टी, पानी और फसल की परिस्थितियां अलग हैं। इसलिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की योजनाएं तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया के बाजार में किस फसल की कितनी मांग है, इसका वैज्ञानिक आकलन जरूरी है। इसी आधार पर किसानों को उपयुक्त फसलों, बेहतर गुणवत्ता और आधुनिक कृषि पद्धतियों के लिए प्रेरित किया जा सकता है। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि विज्ञान केंद्रों, राज्य सरकारों और अन्य संस्थानों को मिलकर नई तकनीक किसानों तक पहुंचानी होगी।

तकनीक और एआई से बढ़ेगी कृषि उत्पादकता

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तकनीक, मशीनीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बेहतर बीज और आधुनिक कृषि पद्धतियों का इस्तेमाल बढ़ाकर उत्पादन और उत्पादकता दोनों बढ़ाई जा सकती हैं। कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक नवाचार और तकनीकी समाधान किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप होने चाहिए।

उत्पादन बढ़े, लागत घटे और उचित मूल्य मिले

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए सरकार की प्राथमिकता उत्पादन बढ़ाना, लागत कम करना, गुणवत्ता सुधारना और किसानों को उचित मूल्य दिलाना है। किसानों को मौसम, बाजार और उत्पादन से जुड़ी सही जानकारी समय पर उपलब्ध कराना भी जरूरी है। प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, सिंचाई, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और कृषि आधारित आय के अन्य साधनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने एकीकृत कृषि प्रणाली और स्थानीय संसाधनों पर आधारित मॉडल विकसित करने की आवश्यकता बताई।

छह करोड़ लखपति दीदियों का नया लक्ष्य

ग्रामीण विकास के क्षेत्र में लखपति दीदी योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए चौहान ने कहा कि तीन करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। अब छह करोड़ लखपति दीदियां बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ नई लखपति दीदियों के निर्माण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार और उद्यमिता के अवसर दिए जा रहे हैं।

‘शी-मार्ट’ और ब्रांडिंग को मिलेगा बढ़ावा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘शी-मार्ट’ और ब्रांडिंग जैसी पहलों को बढ़ावा दिया जाएगा। हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, आयुर्वेदिक सामग्री, पारंपरिक वस्तुओं और अन्य उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं की आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इससे परिवार, गांव और पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना विकसित भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण शर्त है।

विकसित भारत के लिए विकसित गांव जरूरी

चौहान ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण विकसित गांवों के बिना संभव नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मकान, सड़क, जल संरक्षण, रोजगार, आजीविका, महिला सशक्तिकरण और कृषि आधारित गतिविधियों को गति दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालयों के साथ-साथ क्षेत्र में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति देखने को कहा। उन्होंने कहा कि विभागीय आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। जल सुरक्षा, नदियों के पुनर्जीवन, भूमि संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी योजनाओं को भी तेजी से लागू करना होगा।

सफलता के चार सूत्र बताए

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों और कर्मचारियों को काम के प्रति समर्पण का संदेश देते हुए सफलता के चार सूत्र बताए- ‘पांव में चक्कर, मुंह में शक्कर, सीने में आग और माथे पर बर्फ।’ उन्होंने कहा कि ‘पांव में चक्कर’ का अर्थ लगातार चलते रहना और जरूरत पड़ने पर क्षेत्र में जाकर काम की समीक्षा करना है। ‘मुंह में शक्कर’ का अर्थ सहयोगियों और आम लोगों के साथ मधुर व्यवहार करते हुए मजबूत टीम बनाना है। ‘सीने में आग’ लक्ष्य हासिल करने के जुनून और जज्बे का प्रतीक है, जबकि ‘माथे पर बर्फ’ कठिन परिस्थितियों में धैर्य और संतुलन बनाए रखने का संदेश देता है।

किसान, वैज्ञानिक और निर्यातक मिलकर बनाएंगे आत्मनिर्भर भारत

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा। किसान, वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी, प्रोसेसर, निर्यातक, एफपीओ और स्वयं सहायता समूह इस पूरी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण अंग हैं। उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान संस्थानों और कृषि विज्ञान केंद्रों को किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार अनुसंधान और तकनीकी समाधान उपलब्ध कराने चाहिए। खेत से बाजार तक पूरी मूल्य श्रृंखला मजबूत होने से किसानों को बेहतर आय और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिलेंगे।

किसानों और लखपति दीदियों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में किसानों, लखपति दीदियों, निर्यातकों और एफपीओ सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए। ललिता ने लखपति दीदी और महिला सशक्तिकरण से जुड़े अनुभव रखे। विनोद कुमार सैनी ने कृषि उत्पादन, तकनीक और बाजार से जुड़े विषयों पर विचार रखे। मुकेश जैन ने कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और विपणन से जुड़े सुझाव दिए, जबकि प्रफुल्ल गोस्वामी ने एफपीओ और किसानों को बाजार से जोड़ने के संबंध में अपने विचार साझा किए।

चारों विभागों ने रखा रोडमैप

कार्यक्रम में चारों विभागों के सचिवों ने अपने विभागों का रोडमैप और प्राथमिकताएं प्रस्तुत कीं। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव तथा आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट ने कृषि अनुसंधान, नई तकनीक और वैज्ञानिक नवाचार पर विचार रखे। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतीश चंद्र ने कृषि उत्पादन, किसानों की आय और गुणवत्ता सुधार से जुड़े विषयों पर बात रखी। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल ने लखपति दीदी योजना, ग्रामीण आजीविका और विकसित गांवों से जुड़ी प्राथमिकताएं साझा कीं। भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेंद्र भूषण ने भूमि संरक्षण, जल प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विचार रखे।

‘शक्ति की सप्तधारा’ को धरातल पर उतारने का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने उपस्थित लोगों को सामूहिक संकल्प दिलाया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर उद्घोषित ‘शक्ति की सप्तधारा’ को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा, समर्पण और सामर्थ्य के साथ काम करेंगे। संकल्प में कृषि को समृद्ध बनाने, खाद्य उत्पादन को सशक्त करने, खाद्य प्रसंस्करण को व्यापक बनाने, भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने, किसानों की आय बढ़ाने और उनकी मेहनत को सम्मान दिलाने का संकल्प लिया गया।

चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का जो सपना देखा है, उसे संकल्प, सामर्थ्य और सफलता में बदलना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े सभी लोग मिलकर भारत को समृद्ध, सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।

विकसित भारत के लिए जल्द बनेगी बैंकिंग सुधारों पर उच्च-स्तरीय समिति: निर्मला सीतारामन

विकसित भारत के लिए जल्द बनेगी बैंकिंग सुधारों पर उच्च-स्तरीय समिति: निर्मला सीतारामन

 वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) की ओर से आयोजित दो दिवसीय पीएसबी कॉन्फ्लुएंस 2026 के पहले दिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी), सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों (पीएफआई), सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और क्षेत्र के विशेषज्ञों ने बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र की रणनीतिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की। पहले दिन जमा जुटाना, युवाओं के लिए बैंकिंग, निवेश चक्र का समर्थन करना और वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) चार प्रमुख विषय रहे।

बैंकिंग सुधारों पर जल्द बनेगी उच्च-स्तरीय समिति

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारामन ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लिए बैंकिंग सुधारों पर उच्च-स्तरीय समिति की घोषणा जल्द की जाएगी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं और बैंकों से मिलने वाले निष्कर्ष प्रस्तावित समिति के लिए ठोस सुझाव उपलब्ध कराने में मदद करेंगे।

ऐतिहासिक रूप से कम एनपीए से मजबूत स्थिति

सीतारामन ने बैंकिंग क्षेत्र, वित्तीय समावेशन और ऋण प्रवाह को आगे बढ़ाने के लिए सम्मेलन में चुने गए विषयों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से निम्न गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) का स्तर बैंकिंग क्षेत्र को सुधारों के अगले चरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए मजबूत स्थिति प्रदान करता है।

युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप हो बैंकिंग

‘युवाओं के लिए बैंकिंग’ विषय पर वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकिंग के भविष्य में भारत के युवाओं की आकांक्षाओं की झलक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की 29% आबादी 15 से 29 वर्ष की आयु के बीच है, इसलिए बैंकिंग सेवाओं और उत्पादों को युवाओं की वित्तीय जरूरतों और आकांक्षाओं के अनुरूप विकसित करना महत्वपूर्ण है।

सात विषयों पर रणनीति तैयार करने का लक्ष्य

सम्मेलन को सात प्रमुख विषयों के आधार पर संरचित किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे व्यावहारिक समाधान और रणनीतियां तैयार करना है, जिन्हें आगे लागू किया जा सके और विभिन्न संस्थानों में विस्तार दिया जा सके। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव ने संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने, सफल कार्यप्रणालियों से सीखने और सामूहिक अनुभव के माध्यम से आर्थिक विकास के अगले चरण को समर्थन देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पहले दिन चार विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा

पहले दिन सात में से चार विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इनमें जमा जुटाना, युवाओं के लिए बैंकिंग, निवेश चक्र का समर्थन करना और वैश्विक क्षमता केंद्र शामिल रहे। चर्चा में ग्राहकों के साथ बेहतर जुड़ाव के माध्यम से जमा आधार मजबूत करने, युवाओं के लिए बेहतर बैंकिंग प्रस्ताव तैयार करने, बदलते निवेश चक्र के लिए वित्तपोषण समाधान विकसित करने और बढ़ते जीसीसी इकोसिस्टम में अवसरों का लाभ उठाने के उपायों पर मंथन किया गया।

निवेश और जीसीसी पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

निवेश चक्र के समर्थन पर जेएसडब्ल्यू के समूह मुख्य अधिकारी शेषगिरी राव एमवीएस ने अपने विचार रखे। वहीं, जीसीसी उद्यम परिवर्तन विशेषज्ञ तनाय केडियाल ने बदलते वैश्विक क्षमता केंद्र इकोसिस्टम और इससे जुड़े अवसरों पर चर्चा की।

एमवाई भारत के जरिए युवाओं तक पहुंच पर जोर

युवाओं के लिए बैंकिंग विषय पर चर्चा के दौरान युवा मामलों और खेल मंत्रालय के युवा मामलों के विभाग के राष्ट्रीय मंच ‘मेरा युवा भारत’ (एमवाई भारत) के जरिए व्यापक युवा सहभागिता की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। एमवाई भारत की सीईओ प्रियंका शुक्ला ने युवा संपर्क और वित्तीय जागरूकता बढ़ाने को लेकर अपने विचार साझा किए।

युवाओं को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने की संभावना

26 लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं और व्यापक संपर्क नेटवर्क वाला एमवाई भारत युवाओं को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने में उपयोगी मंच बन सकता है। इसके माध्यम से शिक्षा वित्त, उद्यमिता, इंटर्नशिप और वित्तीय क्षेत्र में करियर से जुड़े अवसरों के बारे में युवाओं की जागरूकता बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

दूसरे दिन तीन विषयों पर होगा मंथन

सम्मेलन के दूसरे दिन कृषि और बागवानी मूल्य श्रृंखला अवसंरचना, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण और क्रेडिट कार्ड कारोबार की पुनर्कल्पना जैसे तीन शेष विषयों पर चर्चा होगी। इसके बाद सभी सात विषयगत समूहों से सामने आने वाली व्यावहारिक रणनीतियों और नवीन समाधानों पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

विकसित भारत के लिए बैंकिंग क्षेत्र को तैयार करने की पहल

पीएसबी कॉन्फ्लुएंस 2026 सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के सामूहिक प्रयास को दर्शाता है। सम्मेलन का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र की अब तक की प्रगति को आगे बढ़ाना, संस्थागत क्षमताओं और प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करना तथा उभरते अवसरों के लिए वित्तीय संस्थानों को तैयार करना है, ताकि वे भारत की बढ़ती विकास आकांक्षाओं और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में प्रभावी योगदान दे सकें।

भारत आज नई दिल्ली में 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक की करेगा मेजबानी

भारत आज नई दिल्ली में 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक की करेगा मेजबानी

 भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता करने के तहत आज मंगलवार को नई दिल्ली में 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा, जिसमें पर्यावरण सहयोग, जलवायु लचीलापन और सतत विकास एजेंडा प्रमुखता से शामिल होंगे।

इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव करेंगे। इससे पहले ब्रिक्स के वरिष्ठ अधिकारियों की पर्यावरण कार्य समूह की बैठक और जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास पर संपर्क समूह की बैठकें होंगी।

ये चर्चाएं भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के व्यापक विषय, “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” के अंतर्गत आयोजित की जाएंगी। उम्मीद है कि यह बैठक ब्रिक्स सदस्य देशों को पर्यावरण संबंधी गंभीर चुनौतियों पर विचारों का आदान-प्रदान करने, आम सहमति बनाने और व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अनुसार, भारत ने ब्रिक्स पर्यावरण कार्य समूह के अंतर्गत केंद्रित भागीदारी के लिए प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है। इनमें सतत जीवनशैली को बढ़ावा देना, वनरोपण, वन-अग्नि प्रबंधन और आपदा से निपटने की क्षमता, चक्रीय अर्थव्यवस्था और अनुकूलन शामिल हैं।

इन प्राथमिकताओं में पर्यावरण संरक्षण को सतत विकास और जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलेपन से जोड़ने पर भारत का जोर झलकता है। उम्मीद है कि इन चर्चाओं से ब्रिक्स देशों के बीच नीतियों, प्रौद्योगिकियों, अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत हो रही इस बैठक का खास महत्त्व है। भारत इस मंच का इस्तेमाल विकासशील अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के लिए करना चाहता है। एजेंडे में जलवायु अनुकूलन, पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली, संसाधन दक्षता और आपदा प्रतिरोधक क्षमता जैसे विषय शामिल हैं।

मंत्रिस्तरीय विचार-विमर्श से वरिष्ठ अधिकारियों और कार्य समूहों के बीच चल रही चर्चाओं को आगे बढ़ाने और भारत की 2026 की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स के पर्यावरण एजेंडे को मजबूत करने की उम्मीद है।

इससे पहले सोमवार को, भारत ने बताया था कि ब्रिक्स गठबंधन एक आर्थिक संवाद से आगे बढ़कर पर्यावरण के सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों के प्रति अपने दृष्टिकोण को परिभाषित करने के लिए एक तेजी से प्रभावशाली मंच के रूप में विकसित हो गया है, जिसमें बढ़ते प्रदूषण, जैव विविधता के नुकसान के साथ-साथ ग्लोबल वार्मिंग जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दे शामिल हैं।

भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स पर्यावरण कार्य समूह-वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार ने की, जिसमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित ब्रिक्स सदस्य देशों ने भाग लिया। 

मनुष्य को सदैव आत्मसम्मान, साहस और स्वाभिमान के साथ जीवन जीना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

मनुष्य को सदैव आत्मसम्मान, साहस और स्वाभिमान के साथ जीवन जीना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मंगलवार को सुभाषित शेयर किया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने एक श्लोक, “उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्। अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥” साझा किया है। इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि मनुष्य को सदैव आत्मसम्मान, साहस और स्वाभिमान के साथ जीवन जीना चाहिए। सच्चा पुरुषार्थ और पराक्रम इसी में है कि व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता न करे, बल्कि सत्य, धैर्य और आत्मगौरव के साथ अपने आदर्शों पर दृढ़ रहे।

बीते दिन सोमवार को प्रधानमंत्री की ओर से सुभाषित शेयर करते हुए लिखा गया था, “सामूहिक संकल्प और एकता की शक्ति से ही देश आगे बढ़ता है। यही भावना भारत की प्रगति और समृद्धि की मजबूत नींव है।” उन्होंने एक श्लोक, “समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः। समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति॥” भी साझा किया था, जिसका हिंदी अर्थ है कि हम सबके संकल्प एक समान होने चाहिए, हमारे मन एकता के भाव से जुड़े होने चाहिए, जिससे हम सभी परस्पर सहयोग तथा समान व्यवहार के साथ समाज की उन्नति के लिए निरंतर प्रयास करते रहें।

इससे पहले प्रधानमंत्री की ओर से सोशल मीडिया पर 14 अगस्त को सुभाषित शेयर किया गया था। तब उन्होंने लिखा था, “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।”

पीएम ने एक श्लोक, “उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः। कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥” भी साझा किया था, जिसका हिंदी अर्थ है कि परिश्रम, उद्यम और पुरुषार्थ से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसलिए, मनुष्य को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

आतंकी गुट शहजाद भट्टी नेटवर्क का खात्मा, 200 से अधिक दहशतगर्द गिरफ्तार : अमित शाह

आतंकी गुट शहजाद भट्टी नेटवर्क का खात्मा, 200 से अधिक दहशतगर्द गिरफ्तार : अमित शाह

 नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से पहले आईएसआई समर्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी बहु-राज्यीय कार्रवाई कर इस आतंकी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सीमा-पार आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत 14 राज्यों में 253 लोग हिरासत में लिए गए हैं और नेटवर्क के खिलाफ 80 से अधिक एफआईआर और 200 से अधिक गिरफ्तारियां की गई हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने ‘एक्स पर पोस्ट में कहा, “मोदी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले आईएसआई समर्थित आतंकी समूह ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क को खत्म कर दिया और संगठन के 200 से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार कर उसके खतरनाक हमलों के मंसूबों को नाकाम कर दिया। भारतीय सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में अलग-अलग जगह पर एक साथ ऑपरेशन चलाकर इस नेटवर्क को ध्वस्त किया, जो आतंकवाद के प्रति भारत की ‘जीरो-टॉलरेंस नीति का एक बेहतरीन उदाहरण है।

अमित शाह ने कहा, “आईएसआई से फंड पाने वाले इस गुट के पास से भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया, जिसमें आईडी, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले सीसीटीवी कैमरे शामिल थे। यह नेटवर्क कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था।”

शाहजाद भट्टी नेटवर्क पाकिस्तान स्थित आईएसआई द्वारा समर्थित आतंकी सिंडिकेट है, जो भारत में ग्रेनेड, आईईडी और पेट्रोल बम हमलों तथा टारगेटेड किलिंग में शामिल है। एसबीएन स्थानीय सहयोगियों को पैसे देकर पुलिस, रक्षा और धार्मिक स्थलों की रेकी करवाता था और जासूसी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाता था।

स्वतंत्रता दिवस के आसपास एसबीएन से जुड़ी संभावित गड़बडिय़ों aको रोकने के लिए 12 अगस्त को राज्य पुलिस बलों के साथ रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा करने वाली प्रणाली के जरिए समन्वित बहु-राज्यीय अभियान चलाया गया। इसमें 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया। उत्तर प्रदेश (62), हरियाणा (52), दिल्ली (51), पंजाब (44), राजस्थान (15), महाराष्ट्र (8), उत्तराखंड (5), कर्नाटक, गुजरात और बिहार (3-3) तथा तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल(2-2) को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, दिल्ली और कर्नाटक में नई एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।

अब तक शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ 80 से अधिक एफआईआर और 200 से अधिक गिरफ्तारियां दर्ज की जा चुकी हैं। ये मामले यूएपीए, बीएनएस, आम्र्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज हैं। आईईडी , पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्टल, जिंदा कारतूस और जासूसी वाले सीसीटीवी कैमरे बरामद हुए हैं। इससे नेटवर्क के सीधे सीमा-पार संबंध की पुष्टि होती है।

क्या महाराष्ट्र छोड़ दिल्ली की राजनीति में आएंगे सीएम देवेंद्र फडणवीस?अटकलें तेज

क्या महाराष्ट्र छोड़ दिल्ली की राजनीति में आएंगे सीएम देवेंद्र फडणवीस?अटकलें तेज

 नई दिल्ली। देश की सियासी गलियारों में इन दिनों केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल और भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के गठन को लेकर हलचलें तेज हैं। इसी सियासी सरगर्मी के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक बेहद अहम मुलाकात की। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद राजनीतिक हलकों में यह अटकलें तेजी से तैरने लगीं कि क्या फडणवीस महाराष्ट्र की गद्दी छोड़कर केंद्र सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी संभालने वाले हैं। हालांकि, इन तमाम चर्चाओं और कयासों पर खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद बेबाक अंदाज में विराम लगाते हुए अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।

प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने राष्ट्रीय राजनीति में जाने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। अपने चिर-परिचित अंदाज में चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि चाहे वे दिल्ली में रहें या मुंबई में, कुछ लोग हमेशा अटकलें लगाने में व्यस्त रहते हैं। फडणवीस ने कहा कि ऐसा लगता है कि कई लोगों के पास करने के लिए कोई काम नहीं है, इसलिए उन्हें मेरे नाम पर चर्चा करने में आनंद आता है, लिहाजा उन्हें मजे लेने देने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में दोहराया कि कई लोगों को भले ही लगता हो कि मुझे दिल्ली जाना चाहिए, लेकिन मैं सभी से यही कहना चाहता हूं कि मैं मुंबई में ही हूं और महाराष्ट्र की जनता व प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाता रहूंगा।

अपने दिल्ली दौरे के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह यात्रा पूरी तरह से महाराष्ट्र के विकास कार्यों और रुकी हुई परियोजनाओं को गति देने के लिए थी। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान राज्य की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं, औद्योगिक विकास की संभावनाओं और केंद्र स्तर पर लंबित आवश्यक मंजूरियों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई है। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा घोषित नई राष्ट्रीय टीम के सवाल पर फडणवीस ने कहा कि वे अभी बैठक से बाहर निकले हैं और पूरी सूची नहीं देख पाए हैं, लेकिन यदि उसमें महाराष्ट्र के नेताओं को स्थान मिला है तो यह राज्य के लिए बेहद खुशी की बात है

दरअसल, संसद के मॉनसून सत्र के समाप्त होते ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं चरम पर हैं। हाल ही में धर्मेंद्र प्रधान, रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन के इस्तीफों के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कई अहम पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा नितिन नवीन की नई टीम में कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन की जिम्मेदारी सौंपे जाने और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले द्वारा शरद पवार गुट के सरकार में शामिल होने के संकेतों ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। सबसे पहले शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया था कि फडणवीस को केंद्र में लाया जा सकता है, लेकिन फडणवीस के ताजा बयान ने अब इन तमाम सियासी कयासों पर पूरी तरह से पूर्णविराम लगा दिया है।

BREAKING : BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, नितिन नबीन ने नए पदाधिकारियों के नामों का किया ऐलान

BREAKING : BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, नितिन नबीन ने नए पदाधिकारियों के नामों का किया ऐलान

 नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की है। नई टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं।

वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, एम. नागराजा, तारिक मंसूर और मधुचंद्र कर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।

वहीं विनोद तावड़े और स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिवों में शामिल किया गया है। पीयूष गोयल को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नबीन ने जनवरी 2026 में पदभार संभाला था।

टीम में छत्तीसगढ़ को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है, जिसमें महासमुंद सांसद रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, वहीं दीपक महस्के को सोशल मीडिया का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है।

मोर्चों की जिम्मेदारी

युवा मोर्चा: डॉ. तेजांग जोशी — गुजरात

महिला मोर्चा: रूप कुमारी चौधरी — छत्तीसगढ़

OBC मोर्चा: अमरपाल मौर्य — उत्तर प्रदेश

किसान मोर्चा: बंसीलाल गुर्जर — मध्य प्रदेश

SC मोर्चा: शिवेश कुमार राम — बिहार

ST मोर्चा: डॉ. मन्नालाल रावत — राजस्थान

अल्पसंख्यक मोर्चा: कुंवर बासित अली — उत्तर प्रदेश

  

लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भीषण भगदड़, 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत

लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भीषण भगदड़, 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत

बिहार के लखीसराय में अशोकधाम मंदिर में करंट की अफवाह के बाद टूटी बैरिकेडिंग, मची चीख-पुकार

बिहार के लखीसराय जिले में स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर (इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर) में सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के महासंयोग पर भीषण भगदड़ मचने से 7 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह दर्दनाक हादसा आज सुबह करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच मंदिर के बाहरी परिसर में उस समय हुआ जब अचानक उमड़ी भारी भीड़ के कारण बैरिकेडिंग टूट गई और बिजली का तार गिरने से करंट फैलने की अफवाह उड़ गई। जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भीषण भगदड़: 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत, दर्जनों घायल

पवित्र सावन मास के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के पावन अवसर पर बिहार के लखीसराय जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ के सुप्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, जिसे आम बोलचाल में ‘अशोकधाम मंदिर’ कहा जाता है, में सोमवार की सुबह तड़के जलाभिषेक के दौरान मची भगदड़ में कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इस हादसे में 12 से अधिक कांवड़िए और श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतकों में सभी महिलाएं बताई जा रही हैं, जो बाबा भोलेनाथ पर जल अर्पित करने के लिए कतार में खड़ी थीं।

कैसे हुआ हादसा: दो ट्रेनों का ठहराव और करंट की अफवाह

लखीसराय के जिला अधिकारी (डीएम) शैलेंद्र कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) शिवम कुमार से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात से ही मंदिर परिसर में करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी। सुबह करीब 6:30 बजे से 6:45 बजे के बीच अशोकधाम हॉल्ट स्टेशन पर दो पैसेंजर ट्रेनें एक साथ आकर रुकीं। इन ट्रेनों से उतरे हजारों श्रद्धालु एक साथ मंदिर की ओर बढ़े, जिससे बाहरी परिसर में अचानक से भीड़ का दबाव अत्यधिक बढ़ गया। इसी दौरान, कतार के पास रास्ते में पहले से गिरे एक बिजली के पोल या टूटे हुए तार को लेकर भीड़ के बीच अचानक यह अफवाह फैल गई कि “गिरे हुए पोल में करंट आ गया है”। करंट फैलने की इस अफवाह के कारण कांवरियों और श्रद्धालुओं में अचानक चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

बैरिकेडिंग टूटी और एक-दूसरे पर गिरती चली गईं महिलाएं

अचानक मची इस अफरा-तफरी के कारण खेत की तरफ बांस-बल्ले से बनाई गई सुरक्षा बैरिकेडिंग भीड़ का दबाव नहीं झेल सकी और टूट गई। बैरिकेडिंग टूटते ही बाईं तरफ लगी महिलाओं की कतार में शामिल श्रद्धालु असंतुलित होकर एक-दूसरे के ऊपर गिरती चली गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देखते ही देखते 20 से 25 महिलाएं भीड़ के पैरों के नीचे दब गईं और दम घुटने के कारण कई महिलाएं मौके पर ही बेहोश हो गईं। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रेरणा कुमार मंदिर परिसर पहुंचीं और मोर्चा संभाला।

अस्पताल में चीख-पुकार, राहत कार्य जारी

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर मौजूद एम्बुलेंस, बाइक एम्बुलेंस और ऑटो एम्बुलेंस की मदद से पीड़ितों को लखीसराय सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल परिसर में इस समय चीख-पुकार मची हुई है और घायलों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। DM शैलेंद्र कुमार खुद अस्पताल में मौजूद रहकर घायलों के इलाज की निगरानी कर रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक, 4-4 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लखीसराय के अशोकधाम में हुई इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को सभी घायलों का मुफ्त और त्वरित बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान (मुआवजा) देने की घोषणा की है।फिलहाल मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। प्रशासन द्वारा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि हादसे के सही कारणों और सुरक्षा में हुई चूक का पता लगाया जा सके।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि आज, CM योगी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि आज, CM योगी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

 Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary: पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। 16 अगस्त 2018 को निधन के बाद आज उनकी पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री को याद किया और उनके राष्ट्रसेवा के योगदान को नमन किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी को राष्ट्रनिष्ठा, लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्श राजनीति का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अटल जी ने अपने विचारों, मर्यादित आचरण और कर्मठ जीवन के जरिए भारतीय लोकतंत्र में शुचिता और राजनीति में नैतिकता के उच्च मानक स्थापित किए। योगी ने उनके जीवन को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का उदाहरण बताया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए उन्हें राष्ट्रवादी चिंतक, प्रखर वक्ता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रहरी बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा, सुशासन, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति अटल जी का समर्पण हमेशा देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अटल बिहारी वाजपेयी को राष्ट्रसेवा, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों का मजबूत प्रहरी बताया। उन्होंने कहा कि अटल जी का विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रहित के प्रति समर्पण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने विचार और सिद्धांत आधारित राजनीति के उच्च मानक स्थापित किए। उनके नेतृत्व में लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसलों को देश के सामर्थ्य और राष्ट्रहित से जोड़ते हुए उन्होंने उनके योगदान को याद किया।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अटल जी को राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीति में शुचिता का आदर्श बताया। वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें भारतीय राजनीति का अजातशत्रु और कुशल राजनीतिज्ञ बताते हुए श्रद्धांजलि दी।

अटल बिहारी वाजपेयी का राजनीतिक जीवन भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। वह तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे और अपनी प्रभावशाली वक्तृत्व शैली, लोकतांत्रिक सोच तथा राजनीतिक निर्णयों के लिए जाने जाते थे। उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके विचारों और योगदान को याद किया।

रहेगी।

Independence Day: PM मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को किया संबोधित

Independence Day: PM मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को किया संबोधित

 नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर राष्ट्र को संबोधित किया। इससे पहले उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। लाल किले पर आयोजित समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और देश के लिए बलिदान देने वाले महान सपूतों को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि आज हर घर तिरंगा और हर मन तिरंगा है। देश नए उत्साह और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।

2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की शक्ति और संकल्प के सामने इस लक्ष्य को हासिल करना असंभव नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब देश छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने वाला नहीं है, बल्कि बड़े लक्ष्य तय कर उन्हें पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है।

उन्होंने पिछले एक दशक में देश में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने विकास की गति तेज की है। उनके मुताबिक, 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है और देश की अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल व्यवस्था और उत्पादन क्षमता में बड़ा विस्तार हुआ है।

रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने रेलवे के विद्युतीकरण को लेकर कहा कि जिस काम को पूरा करने में दशकों लग गए, उसे पिछले एक दशक में तेज गति से पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन का काम शुरू होने के करीब 90 वर्षों में लगभग 30 प्रतिशत नेटवर्क ही विद्युतीकृत हुआ था, जबकि पिछले 10 वर्षों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया।

उन्होंने कहा कि इससे डीजल पर निर्भरता कम हुई है और पर्यावरण को भी फायदा मिल रहा है।

गैस कनेक्शन से डिजिटल ट्रांजेक्शन तक उपलब्धियां गिनाईं

पीएम मोदी ने सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में पाइप से गैस पहुंचाने वाले शहरों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले करीब 70 शहरों में पाइप गैस की सुविधा थी, जबकि अब यह सुविधा करीब 700 शहरों तक पहुंच चुकी है।

उन्होंने इंटरनेट उपयोग, पेटेंट, डिजिटल ट्रांजेक्शन, नल से जल कनेक्शन, गैस कनेक्शन, गरीबों के लिए शौचालय और आवास निर्माण में हुई प्रगति का भी जिक्र किया।

डिफेंस प्रोडक्शन और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में भारत के रक्षा उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग, मोबाइल फोन उत्पादन और आधुनिक रेलवे कोच निर्माण में भी देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल और इनोवेशन के क्षेत्र में भारत ने दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

ऊर्जा सुरक्षा पर भी बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि चिप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर जैसी आधुनिक तकनीकों के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी। ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का उल्लेख किया।

उन्होंने समुद्री क्षेत्र को लेकर भी कहा कि देश के समुद्री तट के बड़े हिस्से को पहले नो-गो एरिया घोषित किया गया था, लेकिन अब संसाधनों के इस्तेमाल और विकास की दिशा में नए कदम उठाए गए हैं।

बाढ़ और भूस्खलन पीड़ितों के साथ खड़ा है देश

प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने इस आपदा में अपना नुकसान झेला है, उनके दुख को देश समझता है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

पहली बार लाल किले पर वंदे मातरम् की धुन

इस स्वतंत्रता दिवस समारोह की एक खास बात यह रही कि लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ की धुन और सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में हर दिल वंदे मातरम् के भाव से गूंज रहा है।

उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत को अपने संकल्प, सामर्थ्य और बड़े सपनों के साथ आगे बढ़ना है।

 
 
राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संबोधन, परीक्षा सुधार से ऑपरेशन सिंदूर और नक्सलवाद तक कई मुद्दों पर रखी बात

राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संबोधन, परीक्षा सुधार से ऑपरेशन सिंदूर और नक्सलवाद तक कई मुद्दों पर रखी बात

 नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। अपने संदेश में उन्होंने देश की उपलब्धियों, युवाओं के भविष्य, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार, राष्ट्रीय सुरक्षा, ऑपरेशन सिंदूर, नक्सलवाद के खात्मे और विकसित भारत के लक्ष्य जैसे कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।

राष्ट्रपति ने सबसे पहले देशवासियों और विशेष रूप से पारसी समुदाय को नवरोज की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवरोज नई शुरुआत और नई उम्मीद का प्रतीक है। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि यह पर्व सभी नागरिकों को समावेशी और विकसित भारत के निर्माण के लिए मिलकर काम करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने भारत के विकास में पारसी समुदाय के योगदान की भी सराहना की।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर

राष्ट्रपति मुर्मू ने सार्वजनिक परीक्षाओं को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य अनुचित साधनों पर रोक लगाना और युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ समाज की भी है।

युवा देश की बड़ी ताकत

राष्ट्रपति ने युवाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि आज युवा केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार देने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को देश के मजबूत भविष्य के लिए जरूरी बताया।

 

राष्ट्रपति ने खेलों के महत्व पर भी जोर दिया और ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल युवाओं के विकास के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में सेना के पराक्रम की सराहना

राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राष्ट्रपति मुर्मू ने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और पराक्रम की प्रशंसा की। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कार्रवाई ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सटीक कार्रवाई करने की क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया।

उन्होंने कहा कि आतंकवादियों और उनके समर्थकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि वे कहीं भी छिप जाएं, उन्हें अपने किए की सजा भुगतनी होगी। राष्ट्रपति ने कारगिल विजय दिवस और ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ को भी याद किया।

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को बड़ी उपलब्धि बताया

आंतरिक सुरक्षा पर राष्ट्रपति ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद देश के सामने एक बड़ी चुनौती रहा है। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास की गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

राष्ट्रपति ने बस्तर ओलिंपिक और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे आयोजनों का भी जिक्र किया और कहा कि इन कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों की भागीदारी क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है।

सभी को समय पर न्याय मिलने पर जोर

राष्ट्रपति मुर्मू ने न्याय व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने न्यायपालिका और उससे जुड़े सभी पक्षों से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि आर्थिक या सामाजिक संसाधनों की कमी के कारण कोई व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। उन्होंने विशेष रूप से वंचित वर्गों को सम्मान के साथ समय पर न्याय उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता आंदोलन में ‘वंदे मातरम्’ की भूमिका को याद किया। उन्होंने इसे देशवासियों को एकजुट करने और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों में ऊर्जा भरने वाला गीत बताया।

15 अगस्त पर लाल किले में क्या-क्या होगा? ध्वजारोहण से 21 तोपों की सलामी तक, जानिए पूरा कार्यक्रम

15 अगस्त पर लाल किले में क्या-क्या होगा? ध्वजारोहण से 21 तोपों की सलामी तक, जानिए पूरा कार्यक्रम

 नई दिल्ली- देश 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। इस वर्ष के समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और ‘विकसित भारत @2047 में युवा शक्ति की भूमिका’ पर विशेष जोर रहेगा।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण, 21 तोपों की सलामी, वायुसेना के हेलिकॉप्टरों से पुष्पवर्षा और प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन प्रमुख आकर्षण होंगे। इस बार करीब 5,000 विशेष अतिथियों को भी समारोह में आमंत्रित किया गया है।

लाल किले पर पहुंचते ही PM का भव्य स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री को सलामी स्थल तक ले जाया जाएगा, जहां इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टुकड़ी उन्हें जनरल सलामी देगी।

इसके बाद प्रधानमंत्री चारों सेनाओं और दिल्ली पुलिस की टुकड़ियों से बने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे। गार्ड ऑफ ऑनर में थलसेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस के जवान शामिल होंगे।

तिरंगा फहराते ही 21 तोपों की सलामी

गार्ड ऑफ ऑनर के बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर पर पहुंचेंगे। वहां सेना के वरिष्ठ अधिकारी उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।

तिरंगा फहराते ही 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इस दौरान स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल किया जाएगा। यह पल स्वतंत्रता दिवस समारोह के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा।

पहली बार सामूहिक रूप से गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’

इस साल के समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को विशेष महत्व दिया गया है। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय गीत की धुन बजाई जाएगी और समारोह में मौजूद लोग सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन करेंगे।

इसके बाद राष्ट्रगान होगा। इस मौके पर भारतीय सेना का बैंड भी अपनी प्रस्तुति देगा।

आसमान से होगी फूलों की बारिश

ध्वजारोहण के साथ ही भारतीय वायुसेना के दो MI-17 हेलिकॉप्टर समारोह स्थल के ऊपर से उड़ान भरेंगे और पुष्पवर्षा करेंगे। इनमें से एक हेलिकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरा ‘वंदे मातरम्’ से जुड़ा ध्वज लेकर उड़ेगा।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे।

PM के भाषण के बाद भी होगा खास कार्यक्रम

प्रधानमंत्री के संबोधन के समापन के बाद NCC कैडेट्स और MY Bharat वॉलंटियर्स मिलकर ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन करेंगे। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ समारोह का औपचारिक समापन होगा।

इस साल करीब 2,500 NCC कैडेट्स और MY Bharat वॉलंटियर्स समारोह में हिस्सा लेंगे। उन्हें लाल किले के सामने ज्ञानपथ पर बैठाया जाएगा। यहां ‘विकसित भारत @2047’ की थीम को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

5 हजार खास मेहमान बनेंगे समारोह का हिस्सा

इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें किसान, महिला उद्यमी, युवा इनोवेटर्स, वैज्ञानिक, स्टार्टअप से जुड़े लोग, स्वच्छता कर्मी, नर्सिंग स्टाफ, टैक्सी-कैब ड्राइवर, कारीगर और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं।

अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पारंपरिक वेशभूषा में आए 1,500 से अधिक लोगों को भी समारोह में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

VIP कल्चर से अलग होगा बैठने का इंतजाम

इस बार बैठने वाले घेरों को VIP नामों के बजाय देश की प्रमुख झीलों के नाम दिए गए हैं। इसका उद्देश्य समारोह में आमंत्रित लोगों के बीच समानता और अलग तरह का संदेश देना है।

मेहमानों की सुविधा के लिए क्लोक रूम, वॉलंटियर्स और व्हीलचेयर सहायता की भी व्यवस्था की गई है। मेट्रो स्टेशनों और पार्किंग क्षेत्रों में भी NCC कैडेट्स लोगों की मदद के लिए तैनात रहेंगे।

सुबह 4 बजे से चलेगी दिल्ली मेट्रो

15 अगस्त को लोगों की सुविधा को देखते हुए दिल्ली मेट्रो सेवा सुबह 4 बजे से शुरू की जाएगी। आमंत्रित मेहमानों के लिए मेट्रो में मुफ्त यात्रा की सुविधा रहेगी और ई-निमंत्रण के साथ QR कोड भी उपलब्ध कराया जाएगा।

पार्किंग और पैदल आवाजाही को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। मौसम को देखते हुए समारोह स्थल पर रेन पोंचो की व्यवस्था भी की गई है।

समारोह खत्म होते ही शुरू होगा सफाई अभियान

स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम समाप्त होने के बाद लाल किले और आसपास के क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। NCC कैडेट्स और MY Bharat वॉलंटियर्स की मदद से प्लॉगिंग और कचरा हटाने का काम किया जाएगा।

बारिश की संभावना को देखते हुए लाल किले और आसपास की ड्रेनेज व्यवस्था को भी पहले से दुरुस्त किया जा रहा है।

यानी 15 अगस्त का समारोह सिर्फ ध्वजारोहण और प्रधानमंत्री के भाषण तक सीमित नहीं रहेगा। इस बार ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और ‘विकसित भारत @2047’ की थीम के साथ युवा शक्ति को केंद्र में रखकर स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम खास बनाने की तैयारी है।