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 तेज रफ्तार कार की टक्कर से दूल्हा-दुल्हन समेत 7 लोगों की मौत, मचा हड़कंप, CM ने जताया शोक

तेज रफ्तार कार की टक्कर से दूल्हा-दुल्हन समेत 7 लोगों की मौत, मचा हड़कंप, CM ने जताया शोक

 उत्तर-प्रदेश :-  बिजनौर जिले से बड़े हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां तेज रफ्तार क्रेटा कार ने टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी। टेंपो में एक परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई है। जबकि दो लोग घायल हो गए हैं। यहां घने कोहरे के कारण ये दर्दनाक हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कार और टेंपों दोनों सड़क किनारे खाई में जा गिरे। इस हादसे में दूल्हा-दुल्हन समेत 7 लोगों की मौत हो गई और कार सवार दो लोग बुरी तरह घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कार ने टेंपो को मारी जोरदार टक्कर, 7 लोगों की मौत

मिली जानकारी के मुताबिक ये हादसा बिजनौर के थाना धामपुर के NH-74 पर हुआ जब शनिवार सुबह एक परिवार बिहार से निकाह कराकर लौट रहा था। इन लोगों ने मुरादाबाद स्टेशन से टेंपो लिया जिसके बाद वो घर लौट रहे थे, इसी बीच ओवरटेक करने के चक्कर में क्रेटा कार चालक ने नियंत्रण को दिया और टेंपो को पीछे से ज़ोरदार टक्कर मार दी जिसकी वजह से टेंपों के परखच्चे उड़ गए और दोनों गाड़िया सड़क किनारे खई में गिर गईं।

सूत्रों के मुताबिक ऑटो सवार सभी लोग झारखंड में शादी करके वापस अपने गांव तिबड़ी आ रहे थे। मृतकों में खुर्शीद (65), उसका बेटा विशाल (25), पुत्रवधू खुशी (22), मुमताज (45), रूबी (32) और बुशरा (10) शामिल हैं। इसके अलावा एक ऑटो चालक की भी मौत हो गई है। आपको बता दें कि एक ही परिवार के 6 लोग झारखंड से विशाल की शादी करने के बाद अपने गांव धामपुर तिबड़ी आ रहे थे, उस दौरान ये दर्दनाक हादसा हुआ।

इस मामले में बिजनौर के एसपी अभिषेक झा भी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सुबह-सुबह सूचना मिली कि एक ऑटो और कार में टक्कर हो गई है। कार ने ऑटो को टक्कर मार दी और ऑटो में 7 लोग सवार थे, जिनमें से 6 लोगों की मौत हो गई। ऑटो चालक की इलाज के दौरान मौत हो गई। कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और गाड़ी को जब्त कर लिया गया है। कार चालक का भी इलाज चल रहा है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक

इस घटना पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है कि ‘सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनपद बिजनौर में सड़क हादसे में हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री जी ने संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।

मेडिकल कॉलेज के चिल्ड्रेन वार्ड में लगी भीषण आग, अब तक 10 नवजात बच्चों की जिंदा जलकर मौत, मची अफरा तफरी

मेडिकल कॉलेज के चिल्ड्रेन वार्ड में लगी भीषण आग, अब तक 10 नवजात बच्चों की जिंदा जलकर मौत, मची अफरा तफरी

  उत्तर प्रदेश :- उत्तर प्रदेश के झांसी में शुक्रवार को दिल दहला देने वाली घटना घटी है।शहर के मेडिकल कॉलेज रानी लक्ष्मी बाई झांसी मेडिकल कॉलेज के चिल्ड्रेन वार्ड में आग लग गई, जिसमें अब तक 10 नवजात बच्चों की मौत की खबर है। आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई और आग बुझाने की कोशिशें जारी हैं। सूचना पर अधिकारी व फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर मौजूद हैं। वार्ड में भर्ती बच्चों को निकालकर दूसरे जगह भर्ती किया जा रहा है। खिड़कियां तोड़कर अब तक 37 बच्चों का रेस्क्यू किया जा चुका है। अभी तक आग लगने के कारण का पता नहीं चल पया है। लेकिन शार्ट सर्किट के कारण यह हादसा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बच्चों को लगातार बचाने की कोशिश की जा रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को संज्ञान में लेते हुए झांसी जिला प्रशासन को दिए सख्त निर्देश दिए है। वहीं डिप्टी सीएम बृजेश पाठक झांसी के लिए रवाना हुए है। घटना की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।

भगवान बिरसा मुंडा ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया : पीएम मोदी

भगवान बिरसा मुंडा ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया : पीएम मोदी

 दिल्ली :-  भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष समारोह के अवसर पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बिहार के जमुई जिले के दौरे पर पहुंचे हैं। पीएम मोदी भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट का अनावरण भी करेंगे। पीएम मोदी ने कहा है कि भगवान बिरसा मुंडा जी ने मातृभूमि की आन-बान और शान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनकी जन्म-जयंती ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के पावन अवसर पर उन्हें मेरा कोटि-कोटि नमन।

घर में आग लगने से पति-पत्नी की जलकर मौत, बिस्तर पर मिली हड्डियां और राख, जाँच में जुटी पुलिस

घर में आग लगने से पति-पत्नी की जलकर मौत, बिस्तर पर मिली हड्डियां और राख, जाँच में जुटी पुलिस

 भोपाल : राजधानी के जाटखेड़ी इलाके के घर में आग लगने से पति-पत्नी जिंदा जल गए। बिस्तर पर दोनों की हड्डियां और राख मिली। आग से पूरे घर का सामान जल गया। पुलिस को पोटलियों में बाधकर शवों को ले जाना पड़ा। पुलिस अब मामलें की जांच कर रही है कि यह हत्या या हादसा है?

घटना मिसरोद थाना क्षेत्र जाटखेड़ी में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात की है। यहां रहने वाले 26 साल के सतीश बिराड़े और उनकी 23 साल की पत्नी आम्रपाली के जले हुए शव उनके कमरे में मिले, देर रात कमरे में आग लगी, घर के अंदर रखा पूरा सामान भी जल गया, लेकिन ठीक बाजू में रहने वाले सतीश के परिजनों को खबर ही नही लगी, सतीश के कमरे के पीछे रहने वाली युवती ने उसके कमरे की दीवार गर्म होने पर सतीश के परिजनों को सूचना दी तो वह बाहर निकले, सतीश के घर से धुआं निकलते देख सभी ने पानी डाल कर आग बुझाई और जब आग बुझते ही अंदर का नजारा देखा तो सब कांप गए, अंदर दोनो के राख और हड्डियों में तब्दील शव पड़े था। परिजनों की माने तो सतीश और उसकी पत्नी अलग कमरे में रहते थे लेकिन विवाद जैसी कोई बात नही थी.

हालांकि मामलें में कुछ सवाल खड़े करते सबूत भी है, की घटना के दिन पति पत्नी पूरा दिन सलकनपुर और सांची घूमते रहे दोनो ने कई फोटोग्राफ्स भी खींचे, जिसमें दोनो के चेहरे पर कोई तनाव नजर नही आ रहा है, वही घर के बाहर लगा कैमरा भी घटना वाले दिन बंद था जबकि बाकी दिन वो रिकॉर्डिंग कर रहा था, इसके साथ ही घटना के दिन सिलेंडर भी कमरे से निकालकर बाहर कर दिया गया था.. पुलिस मामलें में तहकीकात कर रही है।

प्रेमी-प्रेमिका के बीच गले लगाना और KISS करना स्वाभाविक है, अपराध नहीं – हाईकोर्ट

प्रेमी-प्रेमिका के बीच गले लगाना और KISS करना स्वाभाविक है, अपराध नहीं – हाईकोर्ट

 High Court : मद्रास हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि प्रेम करने वाले युवक और युवती के बीच गले लगाना और चूमना स्वाभाविक बात है. कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे एक युवक को राहत देते हुए ये महत्वपूर्ण टिप्पणी की।

जस्टिस आनंद वेंकटेश ने कहा कि आईपीसी की धारा 354-A (1) (i) के तहत अपराध होने के लिए पुरुष की तरफ से शारीरिक संपर्क बनाना जरूरी है और प्रेमी-प्रेमिका के बीच शारीरिक संपर्क जैसे गले लगाना या चूमना, स्वाभाविक है. यह किसी भी तरह से अपराध नहीं है।

कोर्ट से मिली प्रेमी को राहत

यह मामला संथनगणेश नामक व्यक्ति से संबंधित था. जिसने कोर्ट में याचिका दायर करते हुए ऑल वुमन पुलिस स्टेशन की ओर से उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर (FIR) को रद्द करने की मांग की थी. आरोप था कि शिकायतकर्ता ने 13 नवंबर 2022 को याचिकाकर्ता से मिलने के बाद बातचीत के दौरान उसे गले लगा लिया और चूम लिया. इसके बाद शिकायतकर्ता ने इस घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी और फिर याचिकाकर्ता से शादी करने का आग्रह किया जिसे उसने नकार दिया. इसके बाद शिकायतकर्ता ने याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी।

कोर्ट ने दी मामले में अहम सुनवाई 

कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को राहत दी और कहा कि यदि आरोपों को सच मान भी लिया जाए तो भी याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई अपराध का केस नहीं बनता है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई की कोई आवश्यकता नहीं है. यह फैसला प्रेम संबंधों में शारीरिक संपर्क को अपराध के रूप में न देखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

झारखंड में पहले चरण के लिए मतदान जारी...जानिए अब तक कितना हुआ मतदान

झारखंड में पहले चरण के लिए मतदान जारी...जानिए अब तक कितना हुआ मतदान

 Election Update : झारखंड के 43 जिला क्षेत्र में होने वाले पहले चरण के लिए 13 नवंबर को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक वोट डालेंगे। हालांकि प्रभावित कुछ इलाकों में शाम चार बजे तक ही वोट डाला जा सकेंगे। वही मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जिसके तहत अब तक 13.04% मतदान हुआ हैं।

 
वोटिंग से एक दिन पहले झारखंड और बंगाल में 17 स्थानों पर ईडी की बड़ी कार्रवाई

वोटिंग से एक दिन पहले झारखंड और बंगाल में 17 स्थानों पर ईडी की बड़ी कार्रवाई

 झारखंड :- झारखंड में विधानसभा चुनाव से एक दिन पहले मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में झारखंड और पश्चिम बंगाल के 17 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई बांग्लादेशी घुसपैठियों से जुड़े आरोपों के चलते की गई है।

फेमस होटल और रिसॉर्ट्स पर छापेमारी

छापेमारी के दौरान रांची में स्थित फेमस होटल स्काईलाइन और रिसॉर्ट बाली में भी ईडी की टीम ने कार्रवाई की। इसके साथ ही आश्वी डायग्नोसिस पर भी ईडी का शिकंजा कसा गया। इस मामले में भाजपा ने भी चुनाव में बांग्लादेशी घुसपैठ को मुद्दा बनाया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट में भी हाल ही में इस पर सुनवाई हुई थी।

घुसपैठ से जुड़े मामले में केस दर्ज

ईडी ने सितंबर में बांग्लादेशी महिलाओं की घुसपैठ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत केस दर्ज किया था। यह छापेमारी उसी केस के सिलसिले में की गई है। रांची के बरियातू थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पहले भी कुछ बांग्लादेशी महिलाएं एक रिसॉर्ट से पकड़ी गई थीं।

केंद्र का झारखंड हाईकोर्ट में बयान

केंद्र सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट में इस मुद्दे पर आदिवासी बहुल इलाकों में मुस्लिम समुदाय द्वारा जमीन खरीदने के मामलों पर चिंता जताई। गिफ्ट डीड के जरिए बड़ी संख्या में जमीन आदिवासी क्षेत्रों में मुस्लिम समुदाय को दी जा रही है। केंद्र ने यह भी बताया कि कई मुस्लिम पुरुष आदिवासी महिलाओं से शादी कर जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, जिससे आदिवासी समुदाय पर प्रभाव पड़ा है। हाईकोर्ट ने मामले की गहन जांच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाने का सुझाव दिया है।

अमित शाह का बयान

अमित शाह ने झारखंड में इस मुद्दे पर कहा कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो ऐसे कानून बनाए जाएंगे, जिससे कोई भी मुस्लिम आदिवासी से शादी के जरिए जमीन का स्वामित्व हासिल नहीं कर सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी की सरकार बनी तो घुसपैठ को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

चुनाव से पहले कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई, 28 बागी उम्मीदवारों को किया निलंबित

चुनाव से पहले कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई, 28 बागी उम्मीदवारों को किया निलंबित

 महाराष्ट्र :- विधानसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस ने अपनी पार्टी के बागी उम्मीदवारों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। कांग्रेस ने अब तक 28 बागी उम्मीदवारों को निलंबित कर दिया है, जो महाविकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे थे। पार्टी ने इन नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। एमवीए में कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और एनसीपी (शरद पवार) शामिल हैं।

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्निथला ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो भी नेता आधिकारिक एमवीए उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे, उन्हें छह साल तक के लिए निलंबन का सामना करना पड़ेगा।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को होंगे, और नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ महायुति और महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के बीच है। महायुति गठबंधन में बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और एनसीपी (अजित पवार) शामिल हैं।

रिश्ते शर्मसार: भाई ने बहन को चाकू मारकर उतारा मौत के घाट, जानें क्या है पूरा मामला

रिश्ते शर्मसार: भाई ने बहन को चाकू मारकर उतारा मौत के घाट, जानें क्या है पूरा मामला

 जबलपुर : कटंगी थाना क्षेत्र मैं एक भाई ने अपनी बहन पर चाकू से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी भाई मौके से फरार हो गया। वहीं घटना की जानकारी लगते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल भिजवाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

मेडिकल अस्पताल पहुंचे परिजनों ने पूरे मामले में जानकारी देते हुए बताया है कि मृतक राधा झरिया उम्र 15 साल वार्ड 6 पंचमपुरा थाना कटंगी के निवासी थी, जो अपनी मां से मिलने के लिए जबलपुर गई हुई थी, जबलपुर से वापस घर आए तो किसी ने उसके भाई को बताया कि उसकी बहन किसी और के साथ गाड़ी में बैठी थी। बस इसी बात को लेकर भाई को गुस्सा आ गया और बहन पर चाकू से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

घटना में घायल हुई राधा को इलाज के लिए जब एंबुलेंस नहीं मिली तो उसे परिजन हाथ ठेले से कटंगी के शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां हालत गंभीर होने की वजह से खुशी जबलपुर के मेडिकल अस्पताल लाया गया था, जहां उसे डॉक्टर ने चेक करने पर मृत घोषित कर दिया, सूचना पर पहुंची पुलिस में मामला दर्ज करते हुए मामले की जांच कर रही है।

BREAKING :कांग्रेस ने 16 बागी उम्मीदवारों को 6 साल के लिए किया निलंबित

BREAKING :कांग्रेस ने 16 बागी उम्मीदवारों को 6 साल के लिए किया निलंबित

 महाराष्ट्र : महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने पार्टी के 16 बागी उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की. कांग्रेस ने रविवार को पार्टी से बगावत करके विधानसभा चुनाव लड़ रहे 16 प्रत्याशियों को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है.

आवला नवमी की व्रत कथा ना पढ़ने से पूजा होती हैं अधूरी, देखे आवला नवमी की व्रत कथा

आवला नवमी की व्रत कथा ना पढ़ने से पूजा होती हैं अधूरी, देखे आवला नवमी की व्रत कथा

 Aavala Navami : हिंदू धर्म में अक्षय नवमी का दिन बेहद ही शुभ माना गया है। इस दिन श्रीहरि विष्णु और शिव जी की पूजा करने का विधान है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन दान-पुण्य करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसे आवला नवमी भी कहा जाता हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि इस दिन ही सतयुग की शुरुआत हुई थी। आवंला नवमी के दिन लोग व्रत रखकर भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी और भगवान शिव की पूजा करते है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन अक्षय नवमी की व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। अन्यथा आवंला नवमी की पूजा अधूरी मानी जाती है

आवला नवमी व्रत कथा

शास्त्रों में वर्णित पौराणिक कथा के अनुसार, बहुत समय पहले एक गांव में एक सेठ था। हर साल आंवला नवमी के दिन वह ब्राह्मणों को आंवले के पेड़ के नीचे बैठाकर भोजन कराया करता था। भोजन कराने के साथ ही सोना-चांदी आदि भेट में देता था। लेकिन यह सब करा सेठ के बेटों को बिल्कुल अच्छा नहीं लगता था। ऐसे में सेठ के बेटे इस बात पर अपने पिता से झगड़ा करते थे। इन सब चीजों से तंग आकर सेठ ने अपना घर छोड़ दिया और दूसरे गांव में जाकर बस गया। दूसरे गांव में बसने के बाद सेठ ने अपने जीवन यापन के लिए एक छोटी सी दुकान खोल ली. साथ ही, सेठ ने अपनी उस दुकान के आगे एक आंवले का पेड़ लगाया. भगवान की कृपा से वह दुकान बहुत अच्छी चलने लगी. इसके अलावा, वह सेठ अपने नियम को न तोड़ते हुए हर साल आंवला नवमी के दिन विधिवत पूजा करने के साथ ब्राह्मणों को भोजन कराता था और दान देता था। वहीं, दूसरी ओर सेठ के बेटों का सारा व्यापार ठप हो गया. ऐसे में सेठ के बेटों को समझ आया कि वे अपने पिता के भाग्य से ही खाते और कमाते थे. अपनी गलती समझ कर वे अपने पिता के पास गए और अपनी गलती की माफी मांगी. फिर पिता के कहने के बाद सेठ के पुत्रों ने भी आंवले के पेड़ की पूजा करनी शुरू की और दान-दक्षिणा करने लगे. इसके प्रभाव से सेठ के बेटों के घर पहले की तरह खुशहाली छा गई और वे सभी फिर से मिलकर सुख-समृद्धि के साथ रहने लगे.

गुरु नानक जयंती कब और क्यों मनाई जाती है? जानिए प्रकाश पर्व के रूप में इस विशेष दिन का महत्व

गुरु नानक जयंती कब और क्यों मनाई जाती है? जानिए प्रकाश पर्व के रूप में इस विशेष दिन का महत्व

 Guru Nanak Jayanti 2024: गुरु नानक देव जी का जन्म दिवस, जिसे प्रकाश पर्व के रूप में भी जाना जाता है, इस वर्ष 15 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। यह पर्व सिख धर्म के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी के जन्मदिन की स्मृति में मनाया जाता है, जो पूरी दुनिया को समानता, सच्चाई, और मानवता का संदेश देकर गए। इस पवित्र दिन पर गुरुद्वारों में कीर्तन, कथा और लंगर का आयोजन होता है, जिससे भक्तजन गुरुबानी के माध्यम से गुरु नानक जी के उपदेशों का स्मरण करते हैं।

गुरु नानक जयंती तिथि
गुरु नानक जयंती का त्योहार हर साल कार्तिक माह की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस वर्ष गुरु नानक जयंती 15 नवंबर 2024 को मनाई जाएगी। इस त्योहार के दिन गुरु नानक जी को याद किया जाता है। इस साल गुरु नानक जी की 555वीं जयंती है।

कब हुआ था गुरु नानक जी का जन्म
गुरु नानक जी को सिख समुदाय का पहला गुरु माना जाता है। उनका जन्म 1469 में कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था। उनका वास्तविक नाम नानक था। सिख बनने के बाद उन्हें गुरु नानक के नाम से जाना जाने लगा।

गुरु नानक जयंती कैसे मनाई जाती है?
गुरु नानक जयंती उत्सव तीन दिनों तक चलता है। इसे प्रकाश पर्व भी कहा जाता है। इस त्योहार के दौरान सिख समुदाय के लोग तीन दिनों तक गुरुद्वारे में अखंड पाठ का आयोजन करते हैं। इसके अलावा, इस त्योहार के दौरान गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ किया जाता है। भजन और कीर्तन किए जाते हैं और लोगों को पूजा सेवाएं प्रदान की जाती हैं।

गुरु नानक जयंती को प्रकाश पर्व क्यों कहा जाता है?
गुरु नानक जयंती को प्रकाश पर्व भी कहा जाता है। गुरु नानक जी ने “इक ओंकार” का नारा भी दिया। उनका मानना था कि ईश्वर एक ही है। गुरु नानक जयंती को प्रकाश पर्व कहा जाता है क्योंकि गुरु नानक जी समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। उन्होंने सभी को ज्ञान और एकता के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी।

छठ पूजा के दौरान नदी-तालाब में डूबने से 65 लोगों की मौत...कई लापता

छठ पूजा के दौरान नदी-तालाब में डूबने से 65 लोगों की मौत...कई लापता

 बिहार :- लोकआस्था का महापर्व काफी धूमधाम से मनाया गया. लेकिन इन दो दिनों के भीतर कई लोगों की खुशियां मातम में बदल गयी. छठ पूजा के दौरान नदी-तालाब में डूबने से बिहार के विभिन्न जिलों में 65 लोगों की मौत हो गयी. समस्तीपुर में सबसे अधिक 10 लोगों की नदी में डूबने से जान गयी है. वहीं बेगूसराय और पटना में सात-सात लोगों की मौत हुई है. जबकि पटना में पांच लोग अभी भी लापता हैं. रोहतास में छह लोगों की डूबने से जान चली गयी है. इनमें एक ही परिवार के तीन लोग भी शामिल हैं. गया में तीन, छपरा में दो, भोजपुर में दो, नालंदा में दो, मुजफ्फरपुर में एक और पूर्वी चंपारण में एक की जान गयी है।

कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार में भी 24 की गयी जान

कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों में भी छठ पूजा के दौरान डूबने से 24 लोगों की मौत हुई है. इनमें खगड़िया के पांच, भागलपुर के चार, मधेपुरा के तीन, पूर्णिया के तीन, कटिहार के दो, लखीसराय के दो, मुंगेर के दो, सहरसा के एक, बांका के एक और अररिया के एक व्यक्ति शामिल हैं. सारण में भी नाव पलटने से दो युवकों की जान चली गयी. हालांकि 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

भ्रष्टाचार एक बीमारी, जड़ से खत्म किया जाना जरूरी: मुर्मु

भ्रष्टाचार एक बीमारी, जड़ से खत्म किया जाना जरूरी: मुर्मु

 नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भ्रष्टाचार को एक बड़ी बीमारी करार देते हुए आज कहा कि इसे जड़ से खत्म किया जाना चाहिए। मुर्मु ने शुक्रवार को यहां केंद्रीय सतर्कता आयोग के सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अवसर पर अपने संबोधन में यह बात कही ।राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार से निपटने के लिए अनेक पहल की हैं। इस संदर्भ में उन्होंने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना, ई मार्केटप्लेस और आर्थिक अपराधी अधिनियम जैसी पहलों का उल्लेख किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि सतर्कता जागरूकता सप्ताह सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित किया जाता है।उन्होंने कहा कि विश्वास किसी भी समाज की नींव होता है जबकि भ्रष्टाचार समाज में विश्वास को कम करता है।केंद्रीय सतर्कता आयुक्त पी के श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि सरकार की भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति है।

उन्होंने कहा कि शिकायतों के शीघ्र निपटारे के लिए कई उपाय किये गये हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सतर्कता आयोग ने कर्मचारियों की क्षमता निर्माण पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रक्रियाओं को भी सरल बनाया जा रहा है।

 

सलमान को धमकी देने वाले शख्स ने किया बड़ा खुलासा, बताया क्यों मांगी 5 करोड़ रुपये की फिरौती

सलमान को धमकी देने वाले शख्स ने किया बड़ा खुलासा, बताया क्यों मांगी 5 करोड़ रुपये की फिरौती

 मुंबई :- अभिनेता सलमान खान को धमकी देने के मामले में कर्नाटक पुलिस ने  बिकाराम बिश्नोई नाम के शख्स को हावेरी से गिरफ्तार किया है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, बिकाराम बिश्नोई ने सलमान खान को धमकी दी थी और 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। आरोपी द्वारा ट्रैफिक कंट्रोल रूम को भेजे गए एक मैसेज के रूप में सलमान खान को धमकी दी गई थी। अब आरोपी बिकाराम बिश्नोई ने इस बात का खुलासा किया है कि उसने सलमान से फिरौती क्यों मांगी थी।

कर्नाटक से भेजा गया था मैसेज

आरोपी बिकाराम जलाराम बिश्नोई राजस्थान के जालौर जिले का मूल निवासी है। मुंबई पुलिस आरोपी को कर्नाटक से मुंबई ला रही है। भेजे गए धमकी भरे मैसेज के आधार पर मुंबई के वर्ली पुलिस स्टेशन ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले की छानबीन करने पर पता चला कि मैसेज कर्नाटक से भेजा गया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस की टीम कर्नाटक पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

मंदिर बनवाने के लिए मांगे 5 करोड़- आरोपी

गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में कहा कि वह लॉरेंस बिश्नोई का फैन है। धमकी देने और 5 करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में कर्नाटक से गिरफ्तार आरोपी बीखाराम ने पुलिस से कहा कि मुझे कोई गम नहीं, मैं बिश्नोई समाज के लिए जेल जा रहा हूं। आरोपी ने कहा है कि 5 करोड़ रुपए की जो मांग की थी, उसको वह बिश्नोई समाज का मंदिर बनवाने के लिए देने वाला था।

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का बताया था भाई

जानकारी के मुताबिक, धमकी भरे मैसेज में आरोपी ने आगे धमकी दी कि अगर सलमान खान ने मना किया तो उसे मार दिया जाएगा। आरोपी ने खुद को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई भी बताया, जो पहले भी अभिनेता के खिलाफ इसी तरह की धमकियों से जुड़ा हुआ है। सलमान खान, जिन्हें बिश्नोई समुदाय से संबंध रखने का दावा करने वाले व्यक्तियों से पहले भी धमकियां मिली हैं ने अभी तक नवीनतम घटनाक्रम पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं की है।

CM साहब का समोसा खा गया स्टाफ, 5 पुलिसकर्मियों को नोटिस, इस राज्य का मामला

CM साहब का समोसा खा गया स्टाफ, 5 पुलिसकर्मियों को नोटिस, इस राज्य का मामला

 नई दिल्ली ।  भारत में समोसे का क्रेज अलग ही लेवल पर है। होटल से लेकर सड़क किनारे लोग आपको समोसे खाते दिखा दे जाएंग। पर क्या आपने सोचा है कि समोसा पूरे पुलिस प्रशासन की नींद भी उड़ा सकता है? ऐसा ही कुछ हुआ है कांग्रेस शासित राज्य हिमाचल प्रदेश में। इन दिनों हिमाचल की राजनीति में समोसा छाया हुआ है। समोसे की वजह से पांच पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इतना ही नहीं उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है। राज्य की CID इसकी जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, बीते 21 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू CID हेडक्वार्टर में साइबर विंग स्टेशन का उद्घाटन करने के लिए गए थे। यहां पर सीएम के लिए लाए गए केस और समोसे उनके स्टाफ को बांट दिए गए। इसकी जांच सीआईडी ने की। जांच में पता चला कि सिर्फ एसआई को ही पता था कि ये डिब्बे खास तौर पर सीएम सुक्खू के लिए थे।

समन्वय की कमी से हुई गलती

जांच में पता लगा है कि जब इन डिब्बों को महिला इंस्पेक्टर को सौंपा गया तो उन्होंने किसी वरिष्ठ अधिकारी से पुष्टि नहीं की और इन्हें नाश्ते के लिए जिम्मेदार मैकेनिकल ट्रांसपोर्ट (एमटी) सेक्शन को भेज दिया। इस गलती के कारण से ये बक्से को उनके उचित व्यक्ति तक पहुंचने से पहले ही इधर से उधर हो गए।रिपोर्ट में कहा गया है कि समन्वय की कमी इस गलती का एक महत्वपूर्ण कारण थी।

10/12 व्यक्तियों को चाय के साथ परोसा गया

जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि उपरोक्त तीनों बॉक्स में रखे सामान को IG के कार्यालय में बैठे 10/12 व्यक्तियों चाय के साथ परोस दिया गया था। तथाकथित तीन बाक्स जो होटल से लाए गए थे इनमें मौजूद खाने की वस्तुएं मुख्यमंत्री के लिये हैं, इस बात की जानकारी केवल SI को ही थी। इसके बावजूद उपरोक्त तीनों बॉक्स को इंस्पेक्टर द्वारा किसी भी उच्च अधिकारी को पूछे बगैर यह सामान MT Section को सौंपा गया। बॉक्स खोले गये व इसमे मौजूद सामान बांटा गया।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : सरकारी नौकरी की प्रक्रिया शुरू होने के बाद नहीं बदले जा सकेंगे नियम

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : सरकारी नौकरी की प्रक्रिया शुरू होने के बाद नहीं बदले जा सकेंगे नियम

 Sarkari Naukri 2024: सरकारी नौकरियों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने आज एक अहम फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा कि सरकारी नौकरी की प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में बदलाव नहीं किया जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा कि सरकारी नौकरी की प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में बदलाव नहीं किया जा सकता है. कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट में नियुक्ति मामले में यह फैसला सुनाया है.

मामले में नौकरी से जुड़ी लिखित परीक्षा और इंटरव्यू होने के बाद 75% क्वालीफाइंग नंबर पर ही नियुक्ति का नियम बना दिया गया था. हालांकि SC ने कहा है कि अगर नियमों में पहले से इस बात की व्यवस्था हो कि नौकरी की पात्रता में बदलाव हो सकता है, तो ऐसा किया जा सकता है, लेकिन ऐसा समानता के अधिकार का उल्लंघन करते हुए मनमाने तरीके से नहीं हो सकता. सार्वजनिक सेवा में भर्ती के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला दिया. राज्य सरकारें कई मौकों पर प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियम बदल देती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

क्या है मामला ?

मामला राजस्थान हाईकोर्ट में 13 अनुवादक पदों की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित है. उम्मीदवारों को एक लिखित परीक्षा में हिस्सा लेना था. उसके बाद लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू देना था. एग्जाम में 21 अभ्यर्थी उपस्थित हुए थे. उनमें से केवल तीन को ही हाईकोर्ट (प्रशासनिक पक्ष) ने सफल घोषित किया. बाद में यह बात सामने आई कि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने आदेश दिया था कि इन पदों के लिए कम से कम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों का ही चयन किया जाना चाहिए.

बाद में बदला गया था भर्ती का नियम

इस भर्ती प्रक्रिया में 75 फीसदी क्वालीफाइंग नियम का उल्लेख तब नहीं किया गया था, जब भर्ती प्रक्रिया पहली बार उच्च न्यायालय द्वारा अधिसूचित की गई थी. इसके अलावा इस संशोधित मानदंड को लागू करने पर ही तीन उम्मीदवारों का चयन किया गया और शेष उम्मीदवार बाहर हो गए. तीन असफल उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट के समक्ष एक रिट याचिका दायर करके इस परिणाम को चुनौती दी, जिसे मार्च 2010 में खारिज कर दिया गया.

सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक मानदंड लागू करने का हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का निर्णय “खेल खेले जाने के बाद खेल के नियमों को बदलने जैसा है, जो अस्वीकार्य था. सुप्रीम कोर्ट की सीजेआई के नेतृत्व वाली संविधान पीठ इस पर अपना फैसला सुनाया.

वहीं अपने फैसले में शार्ष अदालत ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया आवेदन पत्र जारी करने से शुरू होती है और पदों को भरने के साथ समाप्त होती है. पात्रता के नियमों को बीच में नहीं बदला जा सकता, यदि नियमों एवं विज्ञापन में बीच में ऐसा परिवर्तन किया जाता है तो उसके लिए अनुच्छेद 14 की कसौटी पर खरा उतरना आवश्यक है. चयन सूची में स्थान मिलने से पद पर कोई अधिकार नहीं रह जाता है.

भाजपा सिर्फ अपनी गलतियों को छिपाने के लिए काग्रेंस पर आरोप लगाती है: सचिन पायलट

भाजपा सिर्फ अपनी गलतियों को छिपाने के लिए काग्रेंस पर आरोप लगाती है: सचिन पायलट

 भोपाल : छत्तीसगढ़ के प्रभारी होने के नाते धर्मांतरण को लेकर राष्ट्रपति की चिंता पर पायलट बोले की झारखंड में इंडिया गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। भाजपा सिर्फ अपनी गलतियों को छिपाने के लिए काग्रेंस पर आरोप लगाती है। हर मुद्दे पर भाजपा आज बैक फुट पर है। चुनाव प्रचार का मतलब यह नहीं है कि आप वेबुनियाद बातें करें और दूसरी पार्टियों पर आरोप लगाए। जो भी देश और प्रदेश में होता है कानून के दायरे में रह कर काम करना चाहिए। सरकार को भी नियम कानून मानना चाहिए। चुनाव से पहले इस तरीके की बातें करना ध्रुवीकरण करने की कोशिश करना और धार्मिक बातें कर जो काम हो रहा है वह नहीं होना चाहिए।

 
Chhath Puja 2024: आज छठ पूजा के तीसरे दिन डूबते सूर्य देव को दिया जाएगा पहला अर्घ्य, जानें समय

Chhath Puja 2024: आज छठ पूजा के तीसरे दिन डूबते सूर्य देव को दिया जाएगा पहला अर्घ्य, जानें समय

 सूर्य षष्ठी व्रत जिसे आम भाषा में छठ पर्व के नाम से जाना जाता है. आस्था और सूर्य उपासना के लिए प्रसिद्ध इस महापर्व की शुरुआत 5 नवंबर से शुरु हो गई है. चार दिन तक मनाए जाने वाले छठ पर्व की शुरुआत कार्तिक शुक्ल मास की चतुर्थी तिथि और समाप्ति सप्तमी तिथि पर होती है

छठ पर्व भगवान सूर्य की उपासना और आराधना का प्रतीक है. श्रद्धालु सूर्यदेव से सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना करते हैं. यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि सूर्य के महत्व को भी सम्मानित करता है. सूर्यदेव के प्रति आस्था रखने वाले लोग इस दिन उपवास रखते हैं और कठिन साधना के साथ सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं, जिससे उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है.

छठ के तीसरे दिन ढलते सूर्य को अर्घ्य देने का समय

आज सूर्यास्त का समय 07 नवंबर 2024 दिन गुरुवार को शाम 5 बजकर 31 मिनट पर है। आज इस समय पर छठ पर्व के तीसरे दिन सूर्य भगवान को पहला अर्घ्य दिया जाएगा। इसे अस्ताचलगामी सूर्य अर्घ्य कहा जाता है, जिसका अर्थ है ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य देना।

छठ पर्व में अर्घ्य का विशेष महत्व है. सूर्य का संबंध स्वास्थ्य, पिता और आत्मा से होता है. ऐसी मान्यता  हैं कि सूर्य की आराधना करने  और अर्घ्य देने से बड़े से बड़े कष्ट भी दूर हो जाते है, जीवन में संपन्नता आती है और सेहत से जुड़ी जो भी समस्या होती है, वह जल्द से जल्द दूर हो जाती है. डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य  देने से सूर्य के साथ उनकी पत्नी प्रत्यूषा का भी आशीर्वाद मिलता है क्योंकि डूबते हुए सूर्य की किरणों में उनकी पत्नी प्रत्युषा होती है.

उषा के आशीर्वाद से होती है, मनोकामना पूरी

कार्तिक शुक्ल मास के सप्तमी तिथि को उदित सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है. प्रातःकाल में सूर्य पत्नी उषा के साथ रहते हैं, जिन्हें “भोर की देवी” के नाम से भी जाना जाता है.

PM Vidya Lakshmi Yojana : अब पैसा नहीं बनेगा सपनों में रुकावट, छात्रों को पढ़ाई के लिए मिलेगा 10 लाख तक का लोन

PM Vidya Lakshmi Yojana : अब पैसा नहीं बनेगा सपनों में रुकावट, छात्रों को पढ़ाई के लिए मिलेगा 10 लाख तक का लोन

 दिल्ली। केंद्र सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना” का ऐलान किया है। इस योजना के तहत, स्टूडेंट्स को 10 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन बिना किसी गारंटर के मिलेगा। यह कदम उन छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद होगा, जो अच्छे संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक कारणों से असमर्थ हैं। अब उनकी शिक्षा पर पैसों की कमी का असर नहीं पड़ेगा।

लोन की राशि और प्रक्रिया
इस योजना के तहत, छात्र 10 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं, जो बिना किसी गारंटर के उपलब्ध होगा। इससे उन छात्रों को खासा लाभ होगा जो किसी गारंटर के बिना लोन प्राप्त करने में असमर्थ होते थे। इस योजना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुहर लग गई है, और अब इसे पूरे देशभर में लागू किया जाएगा।

उद्देश्य: शिक्षा का सपना पूरा करना
इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि देश के युवाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आवश्यक वित्तीय मदद मिल सके। आजकल अच्छे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने के लिए जो खर्चा आता है, वह कई बार छात्रों के लिए विकट समस्या बन जाता है। प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना से छात्रों को शिक्षा के इस खर्च को पूरा करने के लिए सुविधाजनक और सस्ता लोन मिलेगा, जिससे उनके सपने साकार हो सकेंगे।

योजना के प्रमुख लाभ
10 लाख रुपये तक का लोन बिना गारंटर के।

देशभर में स्थित प्रमुख संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को मदद।

लोन की समान दरें और आसान भुगतान योजनाएं।

आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को शिक्षा में समान अवसर प्रदान करना।

PM विद्यालक्ष्मी योजना के लिए योग्यता

1. संस्थान की योग्यता

हायर स्टडी के लिए जिस संस्थान में छात्र एडमिशन लेते हैं, उस संस्थान का NIRF (National Institutional Ranking Framework) में ऑल इंडिया रैंक 100 या राज्य स्तर पर रैंक 200 या इसके भीतर होनी चाहिए।
यह संस्थान सरकारी होना चाहिए, यानी राज्य या केंद्र सरकार द्वारा संचालित या मान्यता प्राप्त होना चाहिए।
2. छात्रों की आय की सीमा

स्टूडेंट्स की सालाना आय 8 लाख रुपये या इससे कम होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्र इस योजना का लाभ उठा सकें।
3. योजना के तहत लोन वितरण

प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के तहत हर साल 1 लाख स्टूडेंट्स को लोन दिया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय मदद मिल सके।
4. क्रेडिट गारंटी

7.5 लाख रुपये तक के लोन के लिए सरकार द्वारा क्रेडिट गारंटी प्रदान की जाएगी, जिससे छात्रों को लोन लेने में आसानी होगी और गारंटर की आवश्यकता नहीं होगी।

आर्थिक सुरक्षा और समर्थन
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना से छात्रों को लोन प्राप्त करने में आर्थिक सुरक्षा और सहायता मिलेगी। विशेष रूप से उन परिवारों के लिए यह एक बड़ी राहत होगी, जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, लेकिन उनके बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करने के योग्य हैं।

प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना से न केवल छात्रों को वित्तीय सहायता मिलेगी, बल्कि यह भारत में शिक्षा का स्तर और विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने की प्रक्रिया को और भी सुलभ बनाएगा।