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सड़क हादसे में हुई मौत पर संसदीय सचिव ने जताया शोक

सड़क हादसे में हुई मौत पर संसदीय सचिव ने जताया शोक

महासमुंद: तुम गांव चौक व सिरपुर मार्ग में ग्राम फुसेराडीह के पास रविवार को सड़क हादसे में हुई तीन लोगों की मौत पर संसदीय सचिव व विधायक चंद्राकर ने गहरा शोक व्यक्त किया। संसदीय सचिव चंद्राकर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुमगांव में हादसे में घायल भर्ती मरीजों का हाल जाकर बेहतर उपचार के लिए निर्देश दिए। तुमगांव चौक के पास बाइक व बस की भिड़ंत में दो लोगों की तथा सिरपुर मार्ग में ग्राम फुसेराडीह के पास पिकअप पलटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि कई लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुमगांव में भर्ती कराया गया। इधर सिरपुर प्रवास से वापसी के दौरान संसदीय सचिव चंद्राकर ने घायलों से मुलाकात की और उनके बेहतर इलाज के लिए निर्देश दिए। उन्होंने सड़क हादसे में हुई मौत पर गहरा शोक भी जताया है।

पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा 'नौ दिन चले अढ़ाई कोस' , जाने क्या है मामला

पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा 'नौ दिन चले अढ़ाई कोस' , जाने क्या है मामला

बिलासपुर। पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने तिफरा में फ्लाईओवर निर्माण में विलंब को जनता के साथ छलावा बताया है। उन्होंने कहा कि तिफरा ओवरब्रिज शहर का प्रवेश द्वार है, निर्माणाधीन फ्लाईओवर का कार्य नौ दिन चले अढ़ाई कोस की तर्ज पर चल रहा हैं। फ्लाईओवर निर्माण कार्य यातायात के बढ़ते दबाव से फौरी मुक्ति दिलाने के लिए 2017 में शुरू किया गया था जो मार्च 2019 में पूरा हो जाना था लेकिन शहर के लोगों को समय पर कोई सुविधा मिल जाए इसकी चिंता कांग्रेस सरकार को नहीं है।सरकार बदलते ही कार्य को ठहर लग गई,वर्ष 2021 में भी लंबित तिफरा फ्लाईओवर की शुरुआत नहीं हो सकी है। कांग्रेस के नेता, जनप्रतिनिधि केवल निरीक्षण में फोटो खिंचा कर भाषण देकर डेट पर डेट देते चले गए लेकिन यह कार्य निकट भविष्य में भी पूरा होता दिखाई नहीं पड़ता।श्री अग्रवाल का कहना है कि
नगरीय सुविधाओं और सेवाओं के विस्तार की प्रक्रिया में किसी भी शहर के विकास में फ्लाईओवर महत्वपूर्ण घटक है।आने वाली पीढ़ी को बेहतर नगरीय सुविधाये दिलाने और शहर को आधुनिक विकास की दिशा में आगे ले जाने के लिये नगर यातायात व्यवस्था की सुगमता के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में तिफरा रेलवे ओवर ब्रिज के समानांतर 65 करोड़ की अनुमानित लागत से फ्लाईओवर निर्माण कार्य की बहु प्रतिक्षित सौगात बिलासपुर वासियों को प्राप्त हुई। नगरीय सीमा में विस्तार के पूर्व तिफरा ओवर ब्रिज शहर के लिए एंट्री प्वाइंट होता था, जिस पर प्रतिदिन छोटे-बड़े मिलाकर हजारों की संख्या में वाहनों का रेला लगे रहता है।सुबह से देर रात तक अनेकों बार घंटो जाम लगे रहता है। अमर अग्रवाल ने कहा फ्लाईओवर बन जाने से यातायात व्यवस्था सुचारू होगी, घंटों के जाम से लोगों को मुक्ति मिलेगी , आवारा पशुओं के जमावड़े से, आए दिन दुर्घटनाओं से लोगों को निजात मिल सकेगी एवं अपने गंतव्य पर नागरिक गण समय पर पहुंच सकेंगे,कोरबा व रायपुर की ओर जा सकने वाले भारी वाहन सीधे जा सकेंगे।बिलासपुर से रायपुर, विशेषकर हाई कोर्ट जाने बिल्हा की ओर जाने एवं आसपास के अनेकों कस्बो और गांवो के लोगों को आवागमन की बेहतरीन सुविधा प्राप्त हो सकेगी। निर्माणाधीन फ्लाईओवर का कार्य नगरीय प्रशासन और विकास विभाग द्वारा हरियाणा गुडग़ांव की ब्रम्हपुत्र बीकेबी कंस्ट्रक्शन को दिया है। मुंबई के मेसर्स बोभे एंड एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड नई मुंबई द्वारा डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार किया गया है ।तय अनुबंध के तहत अगस्त 2017 से आरम्भ हुए, निर्माण कार्य को 29 मार्च 2019 तक पूर्ण करना था। शहर में तिफरा रेलवे क्रासिंग पर पीडब्ल्यूडी ने पूर्व में ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया था। बनने के बाद पता चला कि ट्रैफिक के लिहाज से यह संकरी है।तिफरा के संकरे ओवरब्रिज,खस्ताहाल बाइपास रोड और तुर्काडीह कोनी पुल के बंद होने के कारण महाराणा प्रताप चौक पर ट्रैफिक का 24 घंटे भारी दबाव रहता है। रात में रोजाना नेहरू चौक से लेकर गतौरी और नेहरू चौक से लेकर परसदा तक गाडिय़ों की कतार लगी रहती है जिससे पिछले कई साल से शहर की यातायात व्यस्था ध्वस्तप्राय हो गई है। अग्रवाल ने कहा उनके कार्यकाल में महाराणा प्रताप चौक पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए जनता की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए माननीय हाईकोर्ट के सतत निर्देश पर शासन स्तर पर विचार विमर्श के बाद फ्लाईओवर निर्माण को हरी झंडी मिल गई,1600 मीटर लंबाई के तिफरा फ्लाईओवर जिसमे 82 मीटर लंबा हिस्सा रेलवे के अंर्तगत है, पुराने पुल के समानांतर शुरू किया गया । कार्य को समय पर पूरा करने एवं व्यवस्थित निष्पादन की दृष्टि से पीडब्ल्यूडी के ब्रिज डिवीजन की बजाय नगरीय प्रशासन विभाग ने फ्लाईओवर का काम अपने हाथ में लेते हुए प्रशासकीय तकनीकी स्वीकृति के साथ ही निष्पादन आरम्भ किया।फ्लाईओवर निर्माण के संबंध में अनेकों पेचीदगियां सांमने आई। विभाग द्वारा स्थानीय प्रशासन एवं रेलवे एवं अन्य विभागों के समन्वयन स्थानीय प्रतिनिधियों के सकारात्मक योगदान से तेजी से कार्य आरंभ किया गया।जमीन अधिग्रहण के 35 प्रकरणो मामलो भू अर्जन कार्यालय द्वारा तत्परता से निराकरण की प्रक्रिया कराई गई ।राजीव गांधी चौक से तिफरा ओवरब्रिज को क्रॉस कर सीएसपीडीसीएल ऑफिस के सामने तक प्रस्तावित महाराणा प्रताप चौक से तिफरा तक फ्लाईओवर की बाधाओं को दूर करने समन्वित प्रयास हुए।
कार्ययोजना को मंजूरी के लिए प्रोजेक्ट फार्मूलेशन एंड इंप्लीमेन्टेशन कमेटी के पास पीएफआईसी में शामिल कराकर मंजूरी एवं प्रस्ताव को मंजूरी के बाद विभाग की प्रशासकीय स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति मिलने टेंडर जारी कर काम शुरू करने का कार्य बेहद कम दिनों में कराया गया,निर्माण कार्यो का निष्पादन यांत्रिकी प्रकोष्ठ के माध्यम से कराया जा रहा है।निर्माण कार्य प्रशासकीय स्वीकृति आबंटन की सीमा में प्रदत्त तकनीकी स्वीकृति के अनुरूप कार्य की गुणवत्ता एवं मापदण्ड सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाना लक्षित किया गया।महाराणा प्रताप चौक पर बाइपास सड़कें बनाई गईं। बीच चौक से प्रतिमा हटाकर किनारे स्थापित की गई । ट्रैफिक नियंत्रण के लिए लगाए गए सिग्नलों को हटाया गया। निर्माण के दौरान पुराने पुल से सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए बिलासपुर पुलिस के द्वारा इंतजाम किए गए। श्री अग्रवाल का मानना है कि आरंभ में तेजी से कार्य होने के बाद चुनाव के बाद जब से कांग्रेस सरकार आई तब से फ्लाईओवर का निर्माण की गति थम सी गई है
,कार्यपूर्णता की अवधि भी समाप्त चुकी है लेकिन फ्लाईओवर का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। शहरवासी हलाकान हैं लेकिन शासन और प्रशासन अभी तक इसको लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। यही कारण है कि निर्माण कार्य अभी तक अटका पड़ा है और परियोजना लागत बढ़ते जा रही है। रिवाइज्ड ऐस्टीमेट 70 करोड़ के लगभग पहुंच चुका है। जून में दी गई डेड लाइन भी अंतिम तिथि से 27 महीने पुरानी हो चुकी है. सितंबर 2021 में दी गई अंतिम डेट लाइन में तय ड्राइंग डिजाइन के मुताबिक 1600 मीटर लंबाई का फ्लाईओवर ब्रिज 36 पिलरों पर खड़ा किया जाना है। तय अनुबंध के मुताबिक निर्माण संस्था को गत 29 मार्च 2019 तक निर्माण कार्य पूर्ण करना था, लेकिन निर्माण संस्था ने आज तक कार्य पूर्ण नहीं किया। बताया जाता है कि 36 में से 33 पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं 1 पिलर का काम चल रहा है। शेष 2 पिलर रेलवे लाइन क्षेत्र में होने हैं, जिसके लिए रेलवे से मंजूरी भी मिल चुकी है।
आरम्भ में भु अर्जन संबंधी कार्य में विलंब हुआ। नाली और सड़क बनाने का कार्य करने वाले इंजीनियरो में अनुभव की कमी कार्य गति नहीं पकड़ सका। मुआवजे से भी प्रकरण 2020 तक निराकृत नहीं हो पाए थे। भू माफियाओं की शरण स्थली बन चुके बिलासपुर के जमीन कारोबारी के अतिक्रमण और निर्माण के प्रकरण इस फ्लाईओवर से ज्यादा उड़ान भरते रहे।रेलवे की तीसरी लाइन डलने वाली है, जिसे भूमिगत किया जाना है जिसके लिए रेल प्रशासन से सहमति के लिए मामला लटका रहा।एक्सट्रा हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट करने के लिए विद्युत वितरण कंपनी को 1 साल पूर्व राशि जमा करा दी गई है पर काम में विलंब हुआ।सुरक्षा मानकों के व्यापक इंतजाम ना होने, रेलवे के पिलर के पास स्पेम के कारक की डिजाइन एनआईसी से अप्रूव न होने, ठेका कंपनी की मनमानी और अफसरों के हील हवाले से 29 मार्च 2019 को पूर्ण होने वाला कार्य आज 28 माह बाद भी नौ दिन चले ढाई कोस की तर्ज पर चल रहा है। तिफरा साइड ड्रेसिंग का कार्य एवं राजीव गांधी साइट पर फिनिशिंग कार्य, पुल के ऊपर से जल निकासी की व्यवस्था, रेलवे के 82 मीटर के कार्य का ब्लाक लेकर कर गर्डर लगाना, ट्रेफिक इंजीनियरिंग के अनुसार सड़क को स्वरूप देना, गुणवत्ता परीक्षण एवं जल निकासी समुचित व्यवस्था आदि अनेक कार्य आज भी शेष है। निकट भविष्य में भी शीध्रता से शहरवासियों के लिए सुविधा आरंभ की जा सके यह दिखाई नहीं पड़ता।कार्य में विलंब होने पर जवाबदार ठेका कंपनी पर दिखावे की पेनाल्टी का प्रावधान किया गया है ,महज एक बार 38 लाख की पेनल्टी लगाई गई है बावजूद इसके निकट भविष्य पर कार्य पूरा होता दिखाई नहीं देता,परियोजना लागत ₹65 करोड़ से बढ़कर ₹70 करोड़ पार कर चुकी है मुआवजे में भी करोड़ों रुपए बांटे गए हैं। निर्माण कार्य के अधूरे होने से दुर्घटनाओं की भी आशंका बनी रहती है, आवारा पशुओं के सड़कों पर जमावड़े एवं बढ़ते यातायात दबाव से करोड़ो रुपयों की राशि खर्च करने के बाद भी जनता को सुविधाएं मुहैया कराने में अनावश्यक विलंब हो रहा है, इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार और अधिकारियों से कारणों की जांच करते हुए प्रोजेक्ट कॉस्ट के बढ़े दर की वसूली एवम निविदा की शर्तों के अनुसार कार्यवाही करनी चाहिए ताकि जनता के लिए लक्षित सुविधाएं समयबद्व मुहैया कराई जा सके।
योजना फैक्ट फाइल -तिफरा फ्लाईओवर
निर्माणाधीन तिफरा फ्लाईओवर की लागत- 65 करोड़।
निर्माण एजेंसी - यांत्रिकी प्रकोष्ठ नगरीय प्रशासन और विकास विभाग
ठेका कंपनी- हरियाणा गुडग़ांव की ब्रम्हपुत्र बीकेबी लिमिटेड।
36 पिलरों पर खड़ा होगा फ्लाईओवर- 33 पिलर तैयार
रेलवे लाइन पर बनने हैं - 2 पिलर काम बाकी रेलवे से मिल चुकी है मंजूरी।
लंबाई -1600 मीटर
चौड़ाई -12 मीटर
रेलवे के 82 मीटर में गार्डर का काम शेष। फाउंडेशन लगाया गया है, गरीब पर बेस तैयार कर स्थायी गार्डर और सेंटरिंग शेष
ठेका कंपनी को वर्कआर्डर जारी किया गया- 30 अगस्त 2017 को।
कंपनी को कार्य पूर्ण करना था- 29 मार्च 2019 को।
वर्तमान स्थिति- 28 मास आए अधूरा पड़ा है।
विलंब के लिए - 38 - 40 लाख की पेनॉल्टी
प्रोजेक्ट प्रभारी-
संविदा में चीफ इंजीनियर एसके जैन ने काम शुरू किया सरकार बदलते ही हटा दिए गए। पी एन साहू एस ई हटे। निलोत्पल तिवारी एस ई हटे। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर स्तर के अधिकारियों के द्वारा ड्राइंग डिजाइन पर कार्य जारी।
वर्तमान लागत- 70 करोड़ से ज्यादा खर्च
 

मुख्यमंत्री छोड़ेंगे पद,  इनसे मुलाकात के बाद बनी सहमति

मुख्यमंत्री छोड़ेंगे पद, इनसे मुलाकात के बाद बनी सहमति

बेंगलुरु । कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पद छोड़ने के लिए राजी हो गए हैं। राज्य में नया सीएम और नया प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय होते ही येदियुरप्पा बतौर राज्यपाल नई जिम्मेदारी संभालेंगे। भाजपा नेतृत्व त्रिपुरा, हरियाणा, मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी समय रहते अहम बदलाव करने में लगातार मंथन कर रहा है। अगस्त महीने तक इन राज्यों में बदलावों को अंतिम रूप देने की योजना बनी है।
सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को पीएम मोदी से मुलाकात में येदियुरप्पा पद छोड़ने पर राजी हो गए। शनिवार को उनकी पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई। दरअसल येदियुरप्पा के इस्तीफा देने पर राजी होने के बाद राज्य में नई सरकार और उनके पुत्रों को राज्य या केंद्र सरकार में जगह देने पर मंथन चल रहा है। इस बारे में अंतिम योजना बनते ही उनके इस्तीफे की घोषणा होगी। नेतृत्व की योजना राज्य में वोक्कालिगा बिरादरी से सीएम तो लिंगायत बिरादरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की है।
तीन अन्य राज्यों पर भी फैसला जल्द
नेतृत्व हरियाणा, मध्यप्रदेश और त्रिपुरा के संदर्भ में भी जल्द ही निर्णय लेगा। गौरतलब है कि येदियुरप्पा के अलावा हरियाणा, मध्यप्रदेश और त्रिपुरा के सीएम शुक्रवार को ही दिल्ली आए थे। इसमें येदियुरप्पा के अलावा त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देव ने भी पीएम से मुलाकात की थी। सूत्रों का कहना है कि इन राज्यों में नेतृत्व बड़ा बदलाव करना चाहता है। इसमें नेतृत्व परिवर्तन के साथ मंत्रिमंडल और संगठन में व्यापक फेरबदल के विकल्पों पर भी विचार हो रहा है।
राजस्थान और छत्तीसगढ़ पर भी माथापच्ची
आलाकमान ने पार्टीशासित राज्यों हरियाणा, मध्यप्रदेश, त्रिपुरा और कर्नाटक में संगठन और सरकार को तत्काल चुस्त-दुरुस्त करने की योजना बनाई है। इसके अलावा पार्टी नेतृत्व राजस्थान और छत्तीसगढ़ को ले कर भी लगातार माथापच्ची कर रहा है। इन दोनों राज्यों में भाजपा बड़ी सियासी ताकत है। नेतृत्व चाहता है कि चुनाव आने से पूर्व इन सभी राज्यों में अहम बदलाव कर असंतोष से जल्द से जल्द निपट लिया जाए।
 

सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष की आगामी 3 महीने की रूपरेखा तैयार : बीजेपी

सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष की आगामी 3 महीने की रूपरेखा तैयार : बीजेपी

रायपुर: भाजपा रायपुर जिला कार्यसमिति बैठक आज वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुई। दीप प्रज्ज्वलन व वंदेमातरम गान से जिला कार्यसमिति बैठक प्रारम्भ हुई। बैठक में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि कांग्रेस सरकार की एक भी योजनाओं में शहरी जनता के लिए कुछ भी नहीं है। इसके विरोध में आज हम सब मिलकर कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष की आगामी 3 महीने की रूपरेखा तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि हम मिलकर जनता के हित में आवाज उठाएं और यह ध्यान रखें कि पूरे प्रदेश में आंदोलन की दिशा राजधानी ही तय करता है।

जिला कार्यसमिति बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भूपेश सरकार की ढाई साल की विफलताओं ने रायपुर के चारों सीट जीतने की जमीन खुद ही तैयार कर दी है बस उस पर संयम के साथ योजनाबद्ध तरीके से भुपेश सरकार की एक एक नाकामियों को जनता तक पहुचा कर उनके हक के लिए संघर्ष करके भवन बनाना हम कार्यकर्ताओं का काम है। रायपुर सांसद सुनील सोनी ने कहा कि रायपुर शहर देश का एकमात्र शहर है जहां स्मार्ट सिटी के दो मिशन एक साथ काम कर रहे हैं। एक रायपुर शहर के लिए दूसरा नवा रायपुर के लिए और इस हेतु हमने शहर के विकास के लिए, शहर को स्मार्ट सिटी में परिवर्तन करने के लिए केंद्र सरकार से करोडों रुपए का बजट लेकर आए। परंतु इस सरकार के कूप्रबंधन के कारण विभिन्न योजनाओं में लगे स्मार्ट सिटी के पैसे बर्बाद हो रहे हैं और नवा रायपुर में तो उन्होंने पूर्व आवंटित बजट का इस्तेमाल ही नहीं किया जिसके कारण इस वर्ष नया बजट ही जारी नहीं हुआ है।

यह अदूरदर्शी सोच वाली विफल सरकार है। उद्घाटन सत्र में कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन देते हुए संभाग प्रभारी व भाजपा महामंत्री भूपेंद्र सिंह सवन्नी ने कहा - कार्यसमिति भाजपा की एक सतत प्रक्रिया है जो देश स्तर से लेकर प्रदेश, जिला होते हुए मंडल तक जाता है और इसमें कार्यकर्ता बैठकर पुराने कार्यों की समीक्षा व नए कल की रणनीति बनाते हैं। बैठक में जिला उपाध्यक्ष सत्यम दुबा ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए कोरोना काल में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की सराहना की व ढाई साल में कांग्रेस सरकार को उनके जनता से किए वादे पूरा करने की याद दिलाई। जिला मंत्री हरीश ठाकुर ने राजनीतिक प्रस्ताव का समर्थन किया। भाजपा जिला कार्यसमिति की बैठक में नगर निगम संबंधित विषयों पर निगम नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने अपना कार्यवृत्त प्रस्तुत किया। समापन सत्र में मार्गदर्शन देते हुए रायपुर जिला प्रभारी व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष खूबचंद पारख ने कहा कि आज कार्यसमिति में पारित हुए कार्ययोजना को लेकर हमें बूथों तक जाना है। क्योंकि भाजपा की शक्ति बूथ में ही निहित है और बूथ के कार्यकर्ता भाजपा के पैदल सैनिक टोली है। जो 5 साल जनता से जुड़ी रह कर उनके सुख दुख में हाथ बटाती है और जो उसे चुनाव में विजय दिलाती है।


विगत दिनों दिवंगत हुए भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए जिला मंत्री खेम कुमार सेन ने शोक प्रस्ताव रखा। बैठक का संचालन जिला महामंत्री रमेश सिंह ठाकुर ने किया व धन्यवाद ज्ञापन आईटी सेल संयोजक तोषण साहू ने किया। जिला कार्यसमिति बैठक में प्रमुख रूप से भाजपा प्रवक्ता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत, पूर्व विधायक नंदे साहू, जिला महामंत्री ओंकार बैस, भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव,राजीव अग्रवाल, छगन मूंदड़ा, सच्चिदानंद उपासने, अशोक पांडे, शुभाष तिवारी, अंजय शुक्ला, जिला मीडिया प्रभारी अनुराग अग्रवाल, बजरंग खंडेलवाल, आशु चंद्रवंशी, अमरजीत छाबड़ा, योगी अग्रवाल, मनोज वर्मा, मृत्युंजय दुबे जिला मंत्री मुरली शर्मा,अकबर अली, गोपी साहू, हरीश ठाकुर, राजीव मिश्रा, श्यामा चक्रवर्ती, युवा मोर्चा अध्यक्ष गोविंदा गुप्ता, महामंत्री राहुल राव, अर्पित सूर्यवंशी, मनीषा चंद्राकर, सावित्री जगत, संजय तिवारी, राजीव चक्रवर्ती, दीना डोंगरे, वंदना राठौर, मडल अध्यक्ष, गोरेलाल नायक, अर्चना शुक्ला, अनूप खेलकर, हंसराज विश्वकर्मा, सालिक सिंह ठाकुर, महेश शर्मा, प्रवीण कुमार देवड़ा, मुकेश पंजवानी, अनिल सोनकर, भूपेंद्र ठाकुर, प्रीतम ठाकुर, बी.निवास राव, होरीलाल देवांगन, जीतेन्द्र धुरंदर, ओमप्रकाश साहू, रविन्द्र सिंह ठाकुर, मोर्चा पदाधिकारीगण सीमा संतोष साहू, बजरंग ध्रुव, महादेव नायक, सुनील चौधरी, जसपाल सिंग रंधावा, गज्जू साहू, प्रकोष्ठ संयोजक – विनय बजाज, सालिक राम नागोलिया, मंजूल मयंक श्रीवास्तव, अमित शुक्ला, सचिन सिंघल, पुष्पेन्द्र उपाध्याय, राजेश गुप्ता, विजय सिंघानी, राजेश देवांगन, नीलम सिंह, पहलाद जलक्षत्री उपस्थित थे।

आदिवासियों की जमीन पर लगे वृक्षों की कटाई अनुमति की प्रक्रिया होगी सरलीकृत: भूपेश बघेल

आदिवासियों की जमीन पर लगे वृक्षों की कटाई अनुमति की प्रक्रिया होगी सरलीकृत: भूपेश बघेल

रायपुर । मुख्यमंत्री बघेल की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में जनजाति हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन विचार-विमर्श कर अनेक महत्वपूर्ण अनुशंसाएं की गई। आदिवासियों की निजी भूमि पर वृक्षों को काटने के लिए अनुमति प्रदान करने की प्रक्रिया को सरलीकृत करने के प्रस्ताव पर सदस्यों के साथ चर्चा के बाद सर्वसम्मति से आदिम जनजातियों का संरक्षण (वृक्षों के हित में) अधिनियम 1999 एवं नियम 2000 में संशोधन की अनुशंसा की गई। जिसके अनुसार वृक्ष काटने की अनुमति कलेक्टर की जगह अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा दो माह की समय-सीमा के भीतर प्रदान की जाए। हितग्राही वृक्ष काटने की अनुमति हेतु अपना आवेदन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को देंगे। स्थल पर मौके का मुआयना पटवारी और रेंजर द्वारा किया जाएगा। अनुमति मिलने के बाद वन विभाग द्वारा वृक्ष की कटाई और नीलामी की कार्यवाही की जाएगी तथा वनमण्डलाधिकारी द्वारा संबंधित हितग्राही के बैंक खाते में राशि जमा की जाएगी। इससे अवैध कटाई पर अंकुश लगेगा और आदिवासियों को उनके वृक्ष का उचित दाम मिलेगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जो हितग्राही वृक्ष लगाएंगे उन्हें काटने के लिए हितग्राहियों को केवल सूचना देनी होगी।
बैठक में व्यक्तिगत वन अधिकार मान्यता पत्र प्राप्त हितग्राहियों की भूमि पर मनरेगा के माध्यम से भूमि समतलीकरण और सुधार का कार्य के लिए अभियान चलाने की अनुशंसा की गई। यह भी सुझाव दिया गया कि क्रेडा के माध्यम से हितग्राही की भूमि पर सिंचाई के लिए सोलर पम्प लगाया जाएगा और भूमि पर फलदार प्रजातियों जैसे हर्रा, बेहड़ा, आंवला, महुआ, बांस, आम, इमली, चिरौंजी, नींबू आदि के पौधों का रोपण किया जाए। हितग्राही को जिमीकंद, हल्दी, तिखुर जैसी अंतरवर्ती फसलों का प्रशिक्षण प्रदान करने का सुझाव भी दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति परिषद के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र लोगों को वन अधिकार पट्टे दिलाने और उनकी भूमि पर सुधार कार्य, फलदार वृक्षों के रोपण, तालाब और डबरी निर्माण के लिए सक्रिय पहल करें। अपने भ्रमण के दौरान जिला मुख्यालयों में आयोजित बैठकों में भी इन कार्याें की प्रगति की जानकारी लें। उन्होंने बीजापुर और सुकमा जिले में इसके लिए विशेष प्रयास करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में गांवों का सर्वे कर ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए उनके प्रारंभिक अभिलेखों का प्रकाशन कर भुईंया पोर्टल में उनकी प्रविष्टि करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओरछा विकासखण्ड को चार गांवों में जहां राजस्व सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो गया है, वहां पट्टा पात्र किसानों ने इस वर्ष पहली बार लैम्पस में समर्थन मूल्य पर धान बेचा। उन्होंने कहा कि ऐसे शहरी क्षेत्र जहां वन भूमि है, वहां पात्रताधारियों को वन मान्यता आधार पत्र दिए जाएं।
छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में प्रयास आवासीय विद्यालय में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के साथ सम्पूर्ण अनुसूचित क्षेत्र के बच्चों को प्रवेश देने की अनुशंसा की गई। प्रयास आवासीय विद्यालय में नक्सल प्रभावित जिलों से चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। वर्तमान में नक्सल प्रभावित 9 जिलों के बच्चों को प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिया जा रहा है। अब सम्पूर्ण अनुसूचित क्षेत्र के 25 जिलों के बच्चों को प्रवेश देने और नक्सल पीड़ित परिवारों के बच्चों को बिना प्रवेश परीक्षा के सीधे प्रयास आवासीय विद्यालय में दाखिला देने की अनुशंसा की गई। इसी तरह सरगुजा में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘‘परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र‘‘ खोलने की अनुशंसा की गई। वर्तमान में रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, नारायणपुर और कबीरधाम जिले में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र संचालित हैं, जहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।
छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में आज पहली बार पहाड़ी कोरवा विकास अभिकरण के अध्यक्ष पीताम्बर राम और बैगा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष गिरधारी बैगा शामिल हुए और मुख्यमंत्री ने उनसे चर्चा भी की। परिषद की इससे पूर्व आयोजित बैठक में जनजाति सलाहकार परिषद में विशेष पिछड़ी जनजाति के प्रतिनिधियों को शामिल करने की अनुशंसा की गई थी। गिरधारी बैगा ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मरवाही के धनौली में कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और एक कन्या छात्रावास की स्वीकृति तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को बकरी पालन, मुर्गी पालन, सुअर पालन, गाय पालन के लिए शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि जनजाति के युवा समूह बनाकर गौठानों में इन गतिविधियों को प्रारंभ कर सकते हैं, इनके लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कोदो, कुटकी के लिए हाॅलर मिल की व्यवस्था भी गौठान में की जाएगी। बैठक में विशेष पिछड़ी जनजातियों के शिक्षित युवाओं को सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की अनुशंसा की गई।
बैठक में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति मंत्री एवं परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. प्रेमसाय सिंह, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, राज्य जनजाति परिषद के उपाध्यक्ष रामपुकार सिंह, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बृहस्पति सिंह, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के सचिव डी. डी. सिंह, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित थीं ।
विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज मण्डावी, सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव इंदरशाह मंडावी, चिंतामणि महाराज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण गुलाब कमरो, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी ध्रुव, विधायक श्रीमती देवती कर्मा, विनय भगत, अनूप नाग, चक्रधर सिंह, बोधराम कंवर, पहाड़ी कोरवा विकास अभिकरण अम्बिकापुर के अध्यक्ष पीताम्बर राम और बैगा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष गिरधारी बैगा के साथ ही प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी कार्य नरेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, राजस्व विभाग की सचिव सुश्री रीता शांडिल्य, वित्त एवं नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी, बस्तर संभाग के आयुक्त जी.आर चुरेन्द्र, बिलासपुर संभाग के आयुक्त संजय कुमार अलंग तथा सरगुजा संभाग की आयुक्त सुश्री जिनेविवा किण्डो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा बैठक में शामिल हुईं ।
 

अब श्रमिकों को नहीं लगेगा पंजीयन शुल्क, श्रम मंत्री डहरिया ने दिए निर्देश

अब श्रमिकों को नहीं लगेगा पंजीयन शुल्क, श्रम मंत्री डहरिया ने दिए निर्देश

रायपुर। प्रदेश के श्रमिकों से अब किसी प्रकार का पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की तेरहवीं बैठक श्रम मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने निर्देशित किया कि श्रमिकों से पंजीयन की राशि बिल्कुल न ली जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शासन की विभिन्न योजनाओं से श्रमिकों और उनके परिवारों को प्रदान की जाने वाली राशि, छात्रवृत्ति की राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खाते में (डीबीटी) अंतरण करें। उन्होंने श्रमिकों के पंजीयन शुल्क का वहन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल को करने के निर्देश दिए।


अटलनगर, नवा रायपुर कार्यालय में श्रम मंत्री डॉ डहरिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने निर्देशित किया कि मंडल विभिन्न माध्यमों से अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कार्य करें।


मंत्री डॉ डहरिया ने योजनावार आबंटन और बजट के अनुसार आय- व्यय की समीक्षा की। इस दौरान श्रमिकों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने बैठक में प्रवासी श्रमिकों के पंजीयन के लिए अनिवार्य 90 दिवस के नियोजन प्रमाण पत्र की आवश्यकता को कोविड 19 की वजह से एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इस निर्णय से अब स्वघोषणा के माध्यम से ही पंजीयन किया जा सकेगा। मंत्री डॉ डहरिया ने शासकीय भवन बनने के बाद पुनः अतरिक्त होने वाले निर्माण कार्यों में भी उपकर लेने के निर्देश दिए।


बैठक में मंत्री डॉ डहरिया ने निर्देशित किया कि छत्तीसगढ़ भवन श्रमिक कल्याण की दिशा में सरकार की जो भी योजनाएं है उस दिशा में उचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कोविडकाल में अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना भी की और आगे भी किसी भी चुनौती से निपटने तैयार रहने के लिए कहा।


बैठक में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के सदस्य महेश शर्मा, सतीश अग्रवाल, सचिव श्रम अमृत कुमार खलखो, श्रम आयुक्त एलेक्स पॉल मेनन,सचिव छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल राजेश कुमार पात्रे, कल्याण आयुक्त श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार ए के महान्ता, सदस्य , नगरीय प्रशासन विकास विभाग से भागीरथी वर्मा, जल संसाधन से आर के खन्ना, वित्त विभाग से सुश्री हिमशिखा साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

BIG BREAKING: छत्तीसगढ़ चेम्बर द्वारा उद्योग चेम्बर का गठन,इन नामों को मिली ज़िम्मेदारी,अध्यक्ष पारवानी ने दी बधाई

BIG BREAKING: छत्तीसगढ़ चेम्बर द्वारा उद्योग चेम्बर का गठन,इन नामों को मिली ज़िम्मेदारी,अध्यक्ष पारवानी ने दी बधाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि उद्योग संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिये चेम्बर द्वारा उद्योग चेम्बर का गठन कर अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष,उपाध्यक्ष,मंत्री एवं सलाहकार आदि पदों पर मनोनयन किया गया है जो निम्नानुसार हैः-

सलाहकार - महेश कक्कड़, हरीश केडिया, सुभाष अग्रवाल,
श्याम काबरा, सुनील जैन, के.के.झा,
अध्यक्ष - अश्विन गर्ग

कार्यकारी अध्यक्ष- अनिल पटेरिया, संजय चैबे, विनोद केजरीवाल

महामंत्री - भूपेन्द्र गुप्ता

कोषाध्यक्ष - नीरज अग्रवाल

उपाध्यक्ष - विक्रम जैन, मुकेश पांडेय, अनिल आहूजा, करमजीत सिंह बेदी,
दिलीप अग्रवाल, संजय अग्रवाल, विनोद सचदेव

मंत्री - राजीव खत्री, संदीप गिदवानी, दिलीप छुगानी,
रवि धवन, जयकिशन बजाज, राहुल पटेल

प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ने सभी मनोनीत पदाधिकारियों को बधाई देते हुए यह उम्मीद की है कि सभी पदाधिकारी प्रदेश के व्यापार एवं उद्योग के हित में कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ चेम्बर को एक नयी ऊचांईयों पर लेकर जायेगें। 

नेपाल में नवनियुक्त प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने पांच सदस्यीय मंत्रिमंडल का गठन किया

नेपाल में नवनियुक्त प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने पांच सदस्यीय मंत्रिमंडल का गठन किया

नेपाल: नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने पांच सदस्यीय मंत्रिमंडल का गठन किया है। श्री देउबा ने कल शाम पद और गोपनीयता की शपथ ली। नियुक्ति पत्र की भाषा और प्रारूप के कारण शपथ ग्रहण समारोह लगभग दो घंटे देर से हुआ। राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने कल दोपहर नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष श्री देउबा को नियुक्ति पत्र सौंपा। नियुक्ति पत्र में संविधान के उन खंडों का उल्लेख नहीं किया गया था, जिनके आधार पर श्री देउबा को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया।

राष्ट्रपति कार्यालय के पत्र में कहा गया कि श्री देउबा को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अगले प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त किया गया है। नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री के.पी.शर्मा ओली द्वारा भंग की गई प्रतिनिधि सभा को बहाल करते हुए श्री देउबा को प्रधानमंत्री नियुक्त करने का आदेश दिया था। श्री देउबा ने बाल कृष्ण खंड को गृहमंत्री, ज्ञानेन्द्र बहादुर कार्की को कानून न्याय और संसदीय कार्यमंत्री, पंफा भुसाल को ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री तथा जनार्दन शर्मा को वित्तमंत्री के रूप में मंत्रिमंडल में शामिल किया है। श्री देउबा अगले कुछ दिनों में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं। मंत्रिमंडल में जनता समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं को भी शामिल किया जाएगा।

श्रीधरन पिल्लाई ने गोवा के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली

श्रीधरन पिल्लाई ने गोवा के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली

नई दिल्ली: पी.एस. श्रीधरन पिल्लूई ने आज गोवा में राजभवन में राज्यलपाल पद की शपथ ली। बॉम्बे् उच्चद न्याथयालय के मुख्य न्या याधीश दीपांकर दत्ताि ने उन्हें शपथ दिलाई। गोवा का राज्येपाल बनाये जाने से पहले श्री पिल्ल ई मिजोरम के राज्य पाल थे। इस अवसर पर मुख्यतमंत्री प्रमोद सावंत और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी भी मौजूद थे। दस महीने के अंतराल के बाद गोवा में नए राज्यनपाल की नियुक्ति हुई है। गोवा के पूर्व राज्यापाल सत्यवपाल मलिक का अगस्तम-2020 में स्था नातंरण कर दिया गया था, तब से महाराष्ट्र के राज्य‍पाल गोवा के राज्यापाल का अतिरिक्त पदभार संभाल रहे थे।

सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष की आगामी 3 महीने की रूपरेखा तैयार- श्रीचन्द सुन्दरनी

सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष की आगामी 3 महीने की रूपरेखा तैयार- श्रीचन्द सुन्दरनी

रायपुर! दीप प्रज्ज्वलन व वंदेमातरम गान से जिला कार्यसमिति बैठक प्रारम्भ हुई। बैठक में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि कांग्रेस सरकार की एक भी योजनाओं में शहरी जनता के लिए कुछ भी नहीं है । इसके विरोध में आज हम सब मिलकर कांग्रेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष की आगामी 3 महीने की रूपरेखा तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि हम मिलकर जनता के हित में आवाज उठाएं और यह ध्यान रखें कि पूरे प्रदेश में आंदोलन की दिशा राजधानी ही तय करता है। जिला कार्यसमिति बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री व विधायक
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भूपेश सरकार की ढाई साल की विफलताओं ने रायपुर के चारों सीट जीतने की जमीन खुद ही तैयार कर दी है बस उस पर संयम के साथ योजनाबद्ध तरीके से भुपेश सरकार की एक एक नाकामियों को जनता तक पहुचा कर उनके हक के लिए संघर्ष करके भवन बनाना हम कार्यकर्ताओं का काम है ।
रायपुर सांसद सुनील सोनी ने कहा कि रायपुर शहर देश का एकमात्र शहर है जहां स्मार्ट सिटी के दो मिशन एक साथ काम कर रहे हैं । एक रायपुर शहर के लिए दूसरा नवा रायपुर के लिए और इस हेतु हमने शहर के विकास के लिए, शहर को स्मार्ट सिटी में परिवर्तन करने के लिए केंद्र सरकार से करोडों रुपए का बजट लेकर आये। परंतु इस सरकार के कूप्रबंधन के कारण विभिन्न योजनाओं में लगे स्मार्ट सिटी के पैसे बर्बाद हो रहे हैं और नवा रायपुर में तो उन्होंने पूर्व आवंटित बजट का इस्तेमाल ही नहीं किया जिसके कारण इस वर्ष नया बजट ही जारी नहीं हुआ है। यह अदूरदर्शी सोच वाली विफल सरकार है।
उद्घाटन सत्र में कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन देते हुए संभाग प्रभारी व भाजपा महामंत्री भूपेंद्र सिंह सवन्नी ने कहा - कार्यसमिति भाजपा की एक सतत प्रक्रिया है जो देश स्तर से लेकर प्रदेश, जिला होते हुए मंडल तक जाता है और इसमें कार्यकर्ता बैठकर पुराने कार्यों की समीक्षा व नए कल की रणनीति बनाते हैं।
बैठक में जिला उपाध्यक्ष सत्यम दुबा ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए कोरोना काल में देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी के कार्यों की सराहना की व ढाई साल में कांग्रेस सरकार को उनके जनता से किए वादे पूरा करने की याद दिलाई। जिला मंत्री हरीश ठाकुर ने राजनीतिक प्रस्ताव का समर्थन किया।
भाजपा जिला कार्यसमिति की बैठक में नगर निगम संबंधित विषयों पर निगम नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने अपना कार्यवृत्त प्रस्तुत किया।
समापन सत्र में मार्गदर्शन देते हुए रायपुर जिला प्रभारी व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष खूबचंद पारख ने कहा कि आज कार्यसमिति में पारित हुए कार्ययोजना को लेकर हमें बूथों तक जाना है । क्योंकि भाजपा की शक्ति बूथ में ही निहित है और बूथ के कार्यकर्ता भाजपा के पैदल सैनिक टोली है । जो 5 साल जनता से जुड़ी रह कर उनके सुख दुख में हाथ बटाती है और जो उसे चुनाव में विजय दिलाती है।
विगत दिनों दिवंगत हुए भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए जिला मंत्री खेम कुमार सेन ने शोक प्रस्ताव रखा।
बैठक का संचालन जिला महामंत्री रमेश सिंह ठाकुर ने किया व धन्यवाद ज्ञापन आईटी सेल संयोजक तोषण साहू ने किया।
जिला कार्यसमिति बैठक में प्रमुख रूप से भाजपा प्रवक्ता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत, पूर्व विधायक नंदे साहू, जिला महामंत्री ओंकार बैस, भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ,राजीव अग्रवाल, छगन मूंदड़ा, सच्चिदानंद उपासने, अशोक पांडे, शुभाष तिवारी, अंजय शुक्ला, जिला मीडिया प्रभारी अनुराग अग्रवाल, बजरंग खंडेलवाल,आशु चंद्रवंशी, अमरजीत छाबड़ा, योगी अग्रवाल, मनोज वर्मा, मृत्युंजय दुबे जिला मंत्री मुरली शर्मा,अकबर अली, गोपी साहू, हरीश ठाकुर,राजीव मिश्रा, श्यामा चक्रवर्ती ,युवा मोर्चा अध्यक्ष गोविंदा गुप्ता, राहुल राव, अर्पित सूर्यवंशी,श्रीमती मनीषा चंद्राकर , सावित्री जगत, संजय तिवारी , राजीव चक्रवर्ती , दीना डोंगरे , वंदना राठौर ,मडल अध्यक्ष ,गोरेलाल नायक, अर्चना शुक्ला, अनूप खेलकर, हंसराज विश्वकर्मा, सालिक सिंह ठाकुर, महेश शर्मा, प्रवीण कुमार देवड़ा, मुकेश पंजवानी, अनिल सोनकर, भूपेंद्र ठाकुर, प्रीतम ठाकुर, बी.निवास राव, होरीलाल देवांगन, जीतेन्द्र धुरंदर, ओमप्रकाश साहू, रविन्द्र सिंह ठाकुर, मोर्चा पदाधिकारीगण सीमा संतोष साहू, बजरंग ध्रुव, महादेव नायक, सुनील चौधरी, जसपाल सिंग रंधावा, गज्जू साहू,
प्रकोष्ठ संयोजक – विनय बजाज, सालिक राम नागोलिया, मंजूल मयंक श्रीवास्तव, अमित शुक्ला, सचिन सिंघल, पुष्पेन्द्र उपाध्याय, राजेश गुप्ता, विजय सिंघानी, राजेश देवांगन, नीलम सिंह, पहलाद जलक्षत्री उपस्थित थे।  

भाजपा ने ही नसबंदी कार्यक्रम का किया था विरोध, अब ला रही कानून : सीएम भूपेश बघेल

भाजपा ने ही नसबंदी कार्यक्रम का किया था विरोध, अब ला रही कानून : सीएम भूपेश बघेल

रायपुर: उत्तर प्रदेश की जनसंख्या नीति पर जमकर राजनीति शुरू हो गई है। जनसंख्या नियंत्रण बिल पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि एक समय भाजपा ने ही कांग्रेस के नसबंदी कार्यक्रम का विरोध किया था। आज वहीं, जनसंख्याभ नियंत्रण बिल की सिफारिश कर रहे हैं। इस बीच जनसंख्याो विस्फोट को रोकने के लिए पूरे देश में ऐसी नीति लाने की मांग उठ रही है।

विपक्ष जनसंख्या नीति की आलोचना कर रहा है, वहीं योगी आदित्य नाथ ही सरकार ने इसे मौजूदा दौर की जरूरत करार दिया है। भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा ने ही नसबंदी के कार्यक्रम का विरोध किया था, अगर 70 के दशक में नसबंदी को आगे बढ़ाते, तो आज जनसंख्या इतनी नहीं बढ़ी होती। जनसंख्या नियंत्रण का कानून बनाने से समस्या का हल नहीं होगा, जब तक लोगों में जागरूकता नहीं हो। उन्होंने कहा, कांग्रेस की सरकार में `हम दो हमारे दो` का नारा दिया गया था। इसमें कुछ नया नहीं है। अगर हमें जनसंख्याब को नियंत्रित करना है, तो सिर्फ नीति बनाने से काम नहीं चलेगा। हमें लोगों को जागरूक करना होगा। जागरूकता आने के बाद किसी नीति की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। जनसंख्या नियंत्रण पर नीति लाकर सिर्फ इस मुद्दे को सियासी रंग दिया जा रहा है, जो बिल्कुल गलत है।

राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा : मुख्यमंत्री योगी

राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा : मुख्यमंत्री योगी

गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में नहीं बख्शा जाएगा। विकास की योजनाएं तभी सार्थक हैं, जब सभी लोग सुरक्षित रहें। प्रदेश सरकार 24 करोड़ जनता की सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है। लेकिन, यह सब ह्यूमन इंटेलिजेंस के बिना करना बेहद मुश्किल है। ह्यूमन इंटेलिजेंस, यानी लोगों की सजगता, इसके चलते ही राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी दो साजिशों को बेपर्दा किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को गोरखपुर क्लब में आयोजित कार्यक्रम में 94 करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के बाद जनता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम सभी को विकास के साथ ही सुरक्षा के प्रति लगातार सजग रहना होगा। सुरक्षा के प्रति थोड़ी-सी सजगता से कई लोगों का जीवन सुरक्षित किया जा सकता है।


उन्होंने कहा कि ह्यूमन इंटेलिजेंस यानी लोगों की सजगता से मिली जानकारी पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी दो साजिशों को बेपर्दा किया गया है। मूक-बधिर बच्चों के जेहादी धर्मांतरण से राष्ट्र की सुरक्षा में सेंध लगाने का षड्यंत्र किया जा रहा था। वहीं, लखनऊ में राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने वाले दो आतंकियों को पकड़ा गया है। पाकिस्तान परस्त आतंकियों के साथ मिलकर आजादी के जश्न में खलल डालने की साजिश रची जा रही थी। पकड़े गए इन लोगों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों ही घटनाओं में ह्यूमन इंटेलिजेंस, यानी लोगों की सजगता काफी सहायक साबित हुई है। ह्यूमन इंटेलिजेंस से मिली जानकारी से सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें बेपर्दा कर दिया। इन आतंकियों के पास बारूद का जखीरा, बम और अत्याधुनिक हथियार मिले हैं। समय रहते ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया गया है। उन्होंने कहा कि समाज में क्या हो रहा है, जनता की सजगता से इसे जाना जा सकता है। जानकारी मिलने पर समय रहते राष्ट्र विरोधी तत्वों के मंसूबों को ध्वस्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनता से निरंतर संवाद बनाए रखने में पार्षदों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।
 

रायपुर जिला शिक्षा प्रकोष्ठ कार्यकारिणी घोषित, देखें सूची

रायपुर जिला शिक्षा प्रकोष्ठ कार्यकारिणी घोषित, देखें सूची

रायपुर ! भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय की सहमति , शिक्षा प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक विश्वेश्वर पटेल के अनुमोदन व भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुन्दरनी की अनुशंसा पर शिक्षा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष पुष्पेन्द्र उपाध्याय ने रायपुर जिला कार्यकारिणी की घोषणा की। शिक्षा प्रकोष्ठ जिला कार्यकारिणी में तीन संयोजक के साथ कोषाध्यक्ष ,मीडिया प्रभारी ,कार्यालय प्रभारी व नौ कार्यकारिणी सदस्यों की नियुक्तियां की गई। 

 

भाजपा को बड़ा झटका : भाजपा के आठ विधायकों ने विधानसभा की समितियों से दिया इस्तीफा, सियासी हलचल तेज

भाजपा को बड़ा झटका : भाजपा के आठ विधायकों ने विधानसभा की समितियों से दिया इस्तीफा, सियासी हलचल तेज

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मंगलवार को भाजपा के आठ विधायकों ने विधानसभा समितियों और स्थायी समितियों की अध्यक्षता से इस्तीफा दे दिया है। इन विधायकों में मिहिर गोस्वामी, मनोज टिग्गा और कृष्णा कल्याणी जैसे दिग्गज नेता भी शामिल हैं। पार्टी के अनुसार यह इस्तीफा 9 जुलाई से ही प्रभावी माना गया है। वहीं इसके बाद से सियासी हलचल तेज हो गई है।


इस बीच भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम यहां राज्यपाल के पास अपना विरोध जताने आए थे। उन्होंने कहा कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस विधानसभा में पीएसी की अध्यक्षता को लेकर जिस तरह से राजनीति कर रही है, हम उसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल यहां भाजपा को वोट देने वाले 2.28 लाख लोगों को अलग-थलग करने की कोशिश कर रही है। अधिकारी ने कहा कि यह पहली बार था कि राज्य की परंपराओं को तोड़ा गया है।

पर्यटन स्थलों, बाजारों में बिना मास्क भारी भीड़ का नजर आना चिंता का विषय : प्रधानमंत्री

पर्यटन स्थलों, बाजारों में बिना मास्क भारी भीड़ का नजर आना चिंता का विषय : प्रधानमंत्री

 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि पहाड़ी पर्यटन स्थलों और बाजारों में बड़ी संख्या में बिना मास्क लगाए और सामाजिक दूरी का पालन नहीं करते हुए भीड़ का उमड़ना चिंता का विषय है।आठ पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि महामारी की तीसरी लहर से लड़ने के लिये हमें टीकाकरण अभियान को लगातार बढ़ाते रहने की जरूरत है बैठक में असम, नगालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के मुख्यमंत्रियों के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और अन्य लोग शामिल हुए।


मोदी ने कोरोना वायरस की तीसरी लहर रोकने के लिये लोगों से कोविड नियमों से समझौता नहीं करने की अपील की। मोदी ने कहा, यह सच है कि कोरोना के कारण पर्यटन और कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लेकिन मैं आज जोर देते हुए यह कहना चाहूंगा कि पहाड़ी पर्यटन स्थलों और बाजारों में बिना मास्क के भारी भीड़ का जुटना सही नहीं है। उन्होंने कहा, हम सभी को कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर रोकने के लिये साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। कोरोना वायरस के प्रत्येक स्वरूप पर नजर रखने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ लगातार इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि उत्परिवर्तन के बाद वायरस कितना परेशानी पैदा करने वाला हो सकता है, लेकिन ऐसी बदलती परिस्थितियों में रोकथाम और उपचार बेहद महत्वपूर्ण हैं। मोदी ने कहा, हमें जांच और उपचार से जुड़ी अवसंरचना में सुधार कर आगे बढ़ना होगा। इसके लिये, मंत्रिमंडल ने हाल में 23 हजार करोड़ रुपये के पैकज को मंजूरी दी है। पूर्वोत्तर का हर राज्य स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के लिये इस पैकेज की मदद ले सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के कुछ जिलों में कोविड-19 की स्थिति चिंताजनक है और मुख्यमंत्रियों से सतर्क रहने तथा इसका और प्रसार रोकने के लिये तेजी से कदम उठाने को कहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म स्तर पर वायरस का प्रसार रोकने के लिये सख्त कदम उठाने की जरूरत है और सूक्ष्म निषेध केंद्रों पर ज्यादा जोर दिए जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, हमें अपने टीकाकरण अभियान को लगातार गति देते रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों के मुताबिक देश के अधिकतर हिस्सों में कोविड-19 के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है लेकिन पूर्वोत्तर क्षेत्र चिंता का सबब बना हुआ है संक्रमण के मामले या तो बढ़ रहे हैं या फिर राष्ट्रीय तर्ज पर कम नहीं हो रहे हैं।

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल हुए संसदीय सचिव

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल हुए संसदीय सचिव

महासमुंद: संसदीय सचिव व विधायक चंद्राकर ने भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। कोविड 19 गाइड लाइन का पालन करते हुए श्रीराम जानकी मंदिर ट्रस्ट ने इस साल मंदिर परिसर में रथयात्रा निकाली। दोपहर बाद यहां श्रद्धालुजन भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। इस अवसर पर संसदीय सचिव व विधायक चंद्राकर भी श्रीराम जानकी मंदिर पहुंचकर रथयात्रा कार्यक्रम में शामिल हुए। सर्वप्रथम पूजा अर्चना कर उन्होंने क्षेत्रवासियों को रथयात्रा की बधाई देेते हुए क्षेत्र में खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर श्रीराम जानकी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष वीरेंद्र चंद्राकर, नपा उपाध्यक्ष कृष्णा चंद्राकर, वतन चंद्राकर, चंद्रहास चंद्राकर, मनीष शर्मा, तारा चंद्राकर आदि मौजूद रहे।

अभिनेता रजनीकांत का बड़ा ऐलान :  अब राजनीति में नहीं आएंगे रजनीकांत

अभिनेता रजनीकांत का बड़ा ऐलान : अब राजनीति में नहीं आएंगे रजनीकांत

चेन्नई। दक्षिण के मशहूर अभिनेता रजनीकांत और राजनीति का लेकर लगाए जा रहे कयासों पर आज विराम लग गया। दरअसल उन्होंने आज राजनीति में न आने के अपने अहम फैसले का सार्वजनिक तौर पर ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने मंच रजनी मक्कल मंदरम को भी भंग कर दिया। उन्होंने कहा, भविष्य में राजनीति में आने की मेरी कोई योजना नहीं है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वे रजनी मक्कल मंदरम के पदाधिकारियों से बातचीत कर राजनीति में आने या न आने का फैसला करेंगे। 2018 में अस्तित्व में आए रजनी मक्कल मंदरम को रजनीकांत की राजनीतिक पार्टी के लिए लॉन्च व्हिकल माना जाता था।

पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

महासमुंद । केंद्र सरकार के पेट्रोल डीजल एवं गैस के मूल्य में वृद्धि को लेकर संसदीय सचिव व विधायक चंद्राकर की अगुवाई में आज रविवार को जिला मुख्यालय में साइकिल रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। आज रविवार को संसदीय सचिव व विधायक चंद्राकर की अगुवाई में शहर के शंकराचार्य भवन से महंगाई के विरोध में साइकिल रैली निकाली गई। साइकिल रैली शहर के प्रमुख मार्ग से होकर गुजरी। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। अपने संबोधन में संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने कहा कि मोदी सरकार रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल का मूल्य बढ़ाकर देश के लोगों का खून चूसने में लगी हुई है। पेट्रोलियम व खाद्य तेल में मूल्य वृद्धि के लिए मोदी सरकार जवाबदेह है। केंद्र की मोदी सरकार को देश में पेट्रोलियम पदार्थ में बेहताशा मूल्यवृद्धि सहित खाद्य तेल जैसे सरसों तेल, रिफाइन सहित अन्य की मूल्यवृद्धि का जिम्मेवार बताया। उन्होंने कहा कि जब तक मोदी की सरकार है तब तक महंगाई है। तेल की कीमतें इतनी बढ़ चुकी हैं कि अब आम लोगों को साइकिल से ही आना जाना पड़ेगा। मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से तबाह कर दिया और अब महंगाई की मार देश की जनता को सहनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हर फ्रंट पर फेल साबित हुई है। पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, सरसों के तेल के दाम केंद्र ने इतने बढ़ा दिए हैं कि आम जनता की पहुंच से दूर हैं। आम जनता इस महंगाई से परेशान है। मगर केंद्र सरकार गहरी नींद में सोई है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष डाॅ रश्मि चंद्राकर, दाऊलाल चंद्राकर, ढेलु निषाद, नपा उपाध्यक्ष कृष्णा चंद्राकर, नपा की नेता प्रतिपक्ष राशि महिलांग, सुरेश द्विवेदी, सोमेश दवे, संजय शर्मा, अमन चंद्राकर, प्रकाश आजमानी, नारायण नामदेव, दिलीप चंद्राकर, व्यंकटेश चंद्राकर, शुभम चंद्राकर, टोमन कागजी, दिलीप जैन, बादल मक्कड़, इदरीश भाई, शकील खान, जाकिर खान, विजय साव, कपिल साहू, लता कैलाश चंद्राकर, शकुन चंद्राकर, रेखा सोनी, सीमा सेन, ऋतु यादव, प्रियंका यादव, मिन्नी ठाकुर, युवराज साहू आदि मौजूद थे। 

शराबबंदी की मांग को लेकर भाजयुमो ने घेरा राजीव भवन, कार्यकर्ताओं की पुलिस से हुई झूमा झटकी...

शराबबंदी की मांग को लेकर भाजयुमो ने घेरा राजीव भवन, कार्यकर्ताओं की पुलिस से हुई झूमा झटकी...

रायपुर आज भारतीय जनता युवा मोर्चा रायपुर ने आज कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन शंकर नगर का घेराव करने जा रहे है कार्यकर्ताओ को पुलिस ने रोक जिसके कारण पुलिस प्रशासन के साथ झूमा झटकी हुई। युवा मोर्चा ने वहीं धरना प्रदर्शन कर भूपेश सरकार के खिलाफ शराबबंदी के खिलाफ नारा लगाया। युवा मोर्चा ने भूपेश सरकार को उनके चुनावी वादा शराब बंदी को याद दिलाने के लिए उग्र प्रदर्शन किया। जब तक भूपेश सरकार अपनी चुनावी वादा पूरा नहीं करती तब तक लगातार युवा मोर्चा सरकार के खिलाफ सड़क तक आंदोलन करती रहेगी और जनता को किये हुए तमाम वादे जो कांग्रेस ने किया है उसको पूरा करा के ही दम लेगी।

भाजयुमो ने सरकार के प्रतिनिधि तहसीलदार को ज्ञापन दे कर के माँग किया है की सरकार अपना शराबबंदी के वादा पूरा करें अन्यथा युवा मोर्चा चरणबद्ध आंदोलन करेगी।
इस आंदोलन में भाजपा जिला महामंत्री ओंकार बैस,जिला अध्यक्ष गोविंदा गुप्ता ,महामंत्री अर्पित सूर्यवंशी, राहुल राव,जिला उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम प्रभारी आलोक शर्मा,सह प्रभारी पन्ना दुबे, प्रदेश कार्यसमिति सद्स्य एवं जिला कोषाध्यक्ष रितेश मोहरे, अम्बर अग्रवाल, विशाल पांडे, प्रणय साहू, नीरज वर्मा, अश्वनी विश्वकर्मा, प्रिंस परमार, बिट्टू शर्मा, मुकेस पटेल, आशीष आहूजा, संदीप तिवारी, दीपक तन्ना, प्रखर साहू, सोनू यादव, शंकर साहू, समीर फ़रिकर, जयप्रकाश फुटन, शुभम पुराणिक, योगी साहू, नरेश पिल्ले, राहुल ठाकुर, जितेंद्र साहू, सुरेंद्र साहू, शुभंकर द्विवेदी, आकाश शर्मा, राजा गायकवाड़, भारत कुंडे, गौतम साहू, राहुल सेन समेत 600 की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ विस  : विधानसभा में 8 जुलाई तक लगे 717 प्रश्न, जानें मंत्री कब तक दे सकते हैं उत्तर...

छत्तीसगढ़ विस : विधानसभा में 8 जुलाई तक लगे 717 प्रश्न, जानें मंत्री कब तक दे सकते हैं उत्तर...

 रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की अधिसूचना जारी हो चुकी है। विधानसभा का मानसून सत्र 26 जुलाई से शुरू होकर 30 जुलाई तक चलेगा। विधानसभा का यह सत्र सत्ता पक्ष के लिए भारी रहने की संभावना है। विपक्ष ने इस सत्र में प्रश्नों की झड़ी लगा दी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पहले ही सत्ता पक्ष को आगाह करा दिया है कि विपक्ष के पास मुद्दों की कमीं नहीं है।
विधानसभा सचिवालय से मिली जानकारी के मुताबिक 8 जुलाई शुक्रवार तक सदस्यों ने 717 प्रश्न लगाए हैं, जिसमें से 375 तारांकित और 342 अतारांकित प्रश्न हैं।
विधानसभा सचिवालय ने मंत्रियों से उत्तर प्राप्ति के लिए समय सीमा भी निर्धारित की है, जिसके अनुसार मंत्रियों के सचिवालय से पहले वर्ग यानि 26 जुलाई के सदन के लिए 19 जुलाई तक उत्तर विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराया है। वहीं दूसरे वर्ग के लिए उत्तर 20 जुलाई, तीसरे वर्ग के लिए 22 जुलाई, चौथे वर्ग के लिए 23 और पांचवे वर्ग के लिए 24 जुलाई तक उत्तर विधानसभा सचिवालय को भेजने की तिथि निर्धारित की गई है।
विधानसभा में प्रश्नों की शाल्का के अनुसार पहले वर्ग में यानि 26 जुलाई को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वन मंत्री मोहम्मद अकबर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रूद्र कुमार के विभागों के उत्तर सदन में दिए जाएंगे।
दूसरे वर्ग में 27 जुलाई को पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा, और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल अपने विभागों से जुड़े प्रश्नों का उत्तर सदन में देंगे। तीसरे वर्ग में 28 जुलाई को गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, डॉ. शिव कुमार डहरिया और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत अपने विभागों से जुड़े प्रश्नों का उत्तर सदन में देंगे।
चौथे वर्ग में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे और महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया अपने विभागों के प्रश्नों का उत्तर देंगे। पांचवे वर्ग में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल अपने विभागों से जुड़े प्रश्नों की जानकारी सदन में देंगे।