रायपुर । मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि प्रदेश में किसानों के हित में अनेक सहकारी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग सहकारिता के माध्यम से लाभान्वित हों। सहकारिता आंदोलन से किसानों के साथ ज्यादा से ज्यादा नागरिक जुड़े यह प्रयास होना चाहिए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपने निवास कार्यालय से बिलासपुर में आयोजित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सम्बोधित कर रहे थे।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रमोद नायक का पदभार ग्रहण कार्यक्रम आज सहकारी बैंक बिलासपुर के प्रांगण में संपन्न हुआ। जिसमें सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बैंक के अध्यक्ष प्रमोद नायक को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केंद्रीय सहकारी बैंक का काम सुचारू रूप से संचालित हो इसके लिए बड़ी जिम्मेदारी नवनियुक्त अध्यक्ष नायक को मिली है। उन्होंने कहा कि सहकारिता अधिनियम में अनेक संशोधन कर अधिनियम का सरलीकरण किया गया है, जिससे सहकारिता आंदोलन से ज्यादा से ज्यादा लोग लाभान्वित हो सकें। सहकारी बैंकों से किसानों को खाद, बीज का वितरण किया जाता है। अब राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, लघु वनोपज खरीदी आदि भी सहकारिता का हिस्सा है। ज्यादा से ज्यादा लोगों का जुड़ाव सहकारिता से हो यह प्रयास करना होगा।
किसान हितैषी योजनाओं के लिए छत्तीसगढ़ बन रहा है मॉडल राज्य
कार्यक्रम में उपस्थित सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित के लिए अभिनव योजनाएं बनाई गई हैं। इस मामले में छत्तीसगढ़ मॉडल राज्य बन रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन किसानों के लिए जरूरी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने त्रिस्तरीय सहकारी बैंक की व्यवस्था कर सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने का कार्य किया है। धान खरीदी, खाद, बीज, दवा सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को सुलभ है। पहले धान बिक्री के लिए किसानों को बड़ी दिक्कत होती थी, लेकिन सरकार ने सुव्यवस्थित खरीदी की व्यवस्था बनाई। आज धान बेचने के एक हफ्ते के भीतर किसानों के खाते में पैसा आ जाता है। किसानों की सुविधा के लिए नई सहकारी समितियां गठित की गई हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में समितियों की संख्या 1300 से बढ़ाकर 2058 की गई है। किसानों की ऋण माफी की गई। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, मुख्यमंत्री गोधन न्याय योजना से किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने का कार्य किया गया है।
कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर, नगर निगम बिलासपुर के महापौर रामशरण यादव, विधायक धरमजीत सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत बिलासपुर के अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित बैंक के अधिकारी, कर्मचारी, किसान उपस्थित थे।
नई दिल्ली: कांग्रेस के सांसदों ने तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए बृहस्पतिवार को पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। संसद भवन में परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस के दोनों सदनों के कई सदस्यों ने हिस्सा लिया। राहुल गांधी के अलावा लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, लोकसभा सदस्य मनीष तिवारी, गौरव गोगोई, रवनीत बिट्टू, राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा और कई अन्य सांसद इस धरने में शामिल हुए।
कांग्रेस सांसदों ने ‘काले कानून वापस लो’ और ‘प्रधानमंत्री न्याय करो’ के नारे लगाए। मुख्य विपक्षी पार्टी के सांसदो ने संसद भवन परिसर में यह धरना उस वक्त दिया जब मानसूत्र के दौरान केन्द्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि दिल्ली से लगे टिकरी बॉर्डर, सिंघू बॉर्डर तथा गाजीपुर बॉर्डर पर किसान पिछले साल नवम्बर से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी जाए। हालांकि सरकार का कहना है कि ये कानून किसानों के हित में हैं। सरकार और प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच कई दौर की वार्ता बेनतीजा रही है।
नई दिल्ली। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले कथित पेगासस जासूसी केस को लेकर पूरा विपक्ष लामबंद है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में संसद भवन में गांधी प्रतिमा के सामने विपक्षी दलों के नेता प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने पेगासस का इस्तेमाल राजनीतिक हथकंडे के तौर पर किया है। सरकार ने मेरा फोन टैप भी कराया। सरकार इसके लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जासूसी कांड पर विपक्ष एकजुट है। गृहमंत्री अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ न्यायिक जांच कराने की भी मांग की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसदों ने कथित तौर पर जासूसी मामले की न्यायिक जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की। लोकसभा और राज्यसभा के कई कांग्रेस सदस्यों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और कांग्रेस के कई अन्य सांसद इस मौके पर मौजूद थे।
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के हाथ से पेपर छीनकर फाड़ने के आरोप में सांसद शांतनु सेन को निलंबित कर दिया गया है। शांतनु सेन को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया है। शांतनु सेन पर आरोप है कि कथित जासूसी कांड पर केंद्रीय मंत्री को बोलने से रोक दिया। राज्यसभा के सभापति ने सांसद शांतनु सेन के खिलाफ कार्रवाई की है।
रायपुर: मोदी सरकार के कच्चे तेल के दामों में गिरावट का लाभ जनता को नही देने की नीति के चलते छत्तीसगढ़ के कुछ शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम ने 100 का आंकड़ा पार किया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल कीमतों में आई गिरावट के बावजूद मोदी सरकार के मनमानी और गलत नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ के कुछ शहरों में पेट्रोल-डीजल 100 का आंकड़ा पार कर लिया है। दुर्भाग्य की बात है जब क्रूड ऑयल के दाम घट रहे हैं ऐसे में सिर्फ मोदी सरकार सत्ता के अहंकार में मदमस्त होकर आम जनता के ऊपर महंगाई का कुठाराघात कर रही है मनमाने एक्साइज ड्यूटी लगाकर आम जनता से वसूली की जा रही है।
यूपीए सरकार और एनडीए सरकार के समय के अगर क्रूड ऑयल के दामों का तुलना किया जाए तो यूपीए सरकार के समय 144 डॉलर प्रति बैरल था और वर्तमान में क्रूड ऑयल के 68 डॉलर है यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ही क्रूड ऑयल के दाम में पूर्व सरकार के समय से आधे से भी कम है और रिटेल मार्केट में 70 रू. प्रति लीटर अधिक है। जब मनमोहन सिंह पीएम थे तब क्रूड ऑयल 144 डॉलर में ख़रीदकर देश की जनता को 64 रु लीटर में दिया जाता था अभी 68 डॉलर में ख़रीद कर 107 रु लीटर में जनता को दिया जा रहा है। बाजार में क्रूड आयल की कीमतों में लगभग 9 डॉलर की कमी आई है। क्रूड ऑयल की दाम घटने से देश में पेट्रोल-डीजल के दाम में कम से कम 10 रु प्रति लीटर कमी आना चाहिए। इसके बावजूद देश की जनता महंगे दरों पर डीजल-पेट्रोल खरीदने मजबूर है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार बीते 7 साल में पेट्रोल-डीजल में एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर देश की जनता से लगभग 25 लाख करोड रुपए से अधिक की राशि वसूल चुकी है फिर भी इनका मन भरा नहीं है और आज भी खजाना खाली होने का रोना रो रहे हैं। एक ओर जनता महंगाई बेरोजगारी आर्थिक मंदी और महामारी से जूझ रही है दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल में मोदी सरकार के द्वारा लगाई गई एक्साइज ड्यूटी भी आम जनता के लिए भारी पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल में महंगाई के लिए भाजपा और मोदी सरकार के मंत्री आसानी से पूर्ववर्ती सरकार के आईल बांड को जिम्मेदार ठहराते हैं जबकि हकीकत यह है यूपीए सरकार के दौरान खरीदी गई 103000 करोड के आईल बांड और उसके पहले अटल बिहारी वाजपेई की सरकार के द्वारा खरीदे गए ऑयल बॉन्ड के एवज में मोदी सरकार 25 लाख करोड़ रुपए की वसूली कर चुकी है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मोदी सरकार से मांग करते हुए कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत में $9 से अधिक की गिरावट आई है ऐसे में देश के नागरिकों को पेट्रोल-डीजल में राहत मिलना चाहिए और यह उनका हक अधिकार है।
रायपुर: आबकारी मंत्री लखमा ने भाजपा प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी का उपहास पूर्ण संबोधन किए जाने के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा ने पुरजोर विरोध करते हुए कवासी लखमा को चूड़ी भेंट करने उनके बंगले का घेराव करने निकले।
पुलिस ने महिला मोर्चा को केनाल रोड में रोके जाने पर महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सीमा साहू ने सांकेतिक रूप से चूड़ी भेंट करते हुए कहा की हम सब छत्तीसगढ़ को महतारी के रूप में देखते है हमारे यहाँ नदियों को भी माता मानकर पूजा की जाती है ऐसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध प्रदेश के मंत्री ने महिला का अपमान कांग्रेस की महिलाओं के प्रति मानसिकता प्रदर्शित करती है। और यह कांग्रेस की इसी मानसिकता का परिचय है कि उन्होंने महिलाओं से किए शराबबंदी के वादे से पीछे हट रहे हैं। इनके एक मंत्री को शराबबंदी से संबंधित प्रश्न सुनाइ ही नहीं देते हैं।
महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सीमा साहू ने रानी दुर्गावती की प्रतिमा के सम्मुख पुलिस ने रोके जाने पर कहा कि हम रानी दुर्गावती की संताने हैं जो अपमान सहन नहीं कर सकते व सबक सिखाना जानते हैं उन्होंने कवासी लखमा से उनके आचरण के लिए माफी मांगने को कहा। आज के प्रदर्शन में महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सीमा संतोष साहू, शैलेंद्री परघनिया, मनीषा चंद्राकर, स्वप्निल मिश्रा, वंदना राठौर, मिनी पांडे, कामिनी देवांगन, सरिता वर्मा, सुभद्रा तंबोली, शशि अग्रवाल, गीता ठाकुर, संगीता जैन, निर्मला सोनी, उर्मिला शर्मा, सुनीता नागरानी, हर्षिला रूपाली, तिलेश्वरी धुरंधर, प्रीति अग्रवाल ,नीतू सोनी, सुषमा निर्मलकर , मिली बैनर्जी ,सुमन यादव , पल्लवी भोसले, भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा के समस्त प्रदेश, जिला, मंडल, के समस्त पदाधिकारी, कार्यकारिणी एवम महिला बहने उपस्थित थी।
रायपुर: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने संभागीय बूथ स्तरीय प्रबंधन समिति का गठन करते हुये सदस्यों को विधानसभावार जिम्मेदारी दी गयी है। जिसकी सूची मूलतः संलग्न है।
बूथ प्रबंधन समिति के सदस्यों को अपने-अपने प्रभार विधानसभा क्षेत्र के नगर, ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों एवं जिला, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों से संपर्क एवं समन्वय स्थापित करते हुये बूथ पुर्नगठन की कार्यवाही को अविलंब प्रारंभ करने के लिये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने निर्देशित किया है।
प्रमोद दुबे को कसडोल, बलौदाबाजार, बिलाईगढ़, भाटापारा, पीयुष कोसरे को खल्लारी, महासमुंद, बसना, सराईपाली, आलोक चंद्राकर को रायपुर शहर उत्तर-पश्चिम-दक्षिण, अभनपुर, रतिराम साहू को बिन्द्रानवागढ़, रायपुर ग्रामीण, आरंग, धरसींवा, मोहित ध्रुव को सिहावा, कुरूद, धमतरी, राजिम, भोलाराम साहू को संजारी बालोद, डौण्डीलोहारा, गुण्डरदेही, डॉ. थानेश्वर पाटिला को पंडरिया, कवर्धा, राजेन्द्र साहू को साजा, बेमेतरा, नवागढ़, क्रांति बंजारे को डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, नवाज खान को पाटन, दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर, कृष्णा दुबे को खुज्जी, मोहलामानपुर, खैरागढ़, अवनीश राघव को भिलाई नगर, वैशाली नगर, अहिवारा, आत्मा सिंह क्षत्रिय को मरवाही, लोरमी, मुंगेली, अर्जुन तिवारी को रामपुर, कोरबा, कटघोरा, प्रमोद परस्ते को कोटा, पॉलीतानाखार, चुन्नीलाल साहू को बिल्हा, बिलासपुर, बेलतरा, जेठूराम मनहर को अकलतरा जांजगीर-चांपा, चंद्रपुर, शिवबालक कौशिक को सक्ती, जैजेपुर, पामगढ़, लोकराम साहू को तखतपुर, मस्तुरी, बीरेश ठाकुर को केशकाल, करण सिंह देव को दंतेवाड़ा, कैलाश पोयम को जगदलपुर, रजनू नेताम को कांकेर, यशवर्धन राव को कोण्डागांव, रूखमणी कर्मा को नारायणपुर, हेमंत ध्रुव को चित्रकोट, बस्तर, विजय ठाकुर को अंतागढ़, मलकित सिंह गैंदु को भानुप्रतापपुर, सत्तार अली को बीजापुर, विमल सुराना को कोन्टा, जे.पी श्रीवास्तव को प्रेमनगर, प्रतापपुर, अजय अग्रवाल को बैकुंठपुर, भटगांव, ईस्माईल खान को जशपुर, विमलेश तिवारी को कुनकुरी, शशीकांत श्रीवास्तव को पत्थलगांव, वेदान्ती तिवारी को लुण्ड्रा, अंबिकापुर, सीतापुर, नीति सिंह को रामानुजगंज, सामरी, सूरज तिवारी को लैलुंगा, रायगढ़, सारंगढ़, नरेश राजवाडे भरतपुर सोनहट, मनेन्द्रगढ़, विवेक बाजपेयी को खरसिया, धरमजयगढ़ का प्रभार सौंपा गया है।
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है। दोपहर 1 बजे यह बैठक संसद भवन में होगी। बैठक में लद्दाख में केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए एक बिल को मंज़ूरी मिल सकती है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में एफडीआई को लेकर भी फ़ैसला लिया जा सकता है।
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री श्री अजय चंद्राकर ने जुलाई 2019 से लंबित 16 प्रतिशत महंगाई भत्ता के भुगतान की मांग को लेकर आंदोलित छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन समर्थन करते हुए प्रदेश सरकार से इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की मांग की है। श्री चंद्राकर ने प्रदेश के कर्मचारियों व पेंशनर्स को जुलाई, 2019 से लंबित 5 प्रतिशत सहित 11 प्रतिशत (कुल 16 प्रतिशत) महंगाई भत्ता देने की मांग को लेकर आंदोलित छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फ़ेडरेशन के साथ न्याय करने पर ज़ोर दिया है। श्री चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश सरकार इन कर्मचारियों को महज़ 12 फ़ीसदी महंगाई भत्ता दे रही है जबकि केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए हाल ही लंबित 11 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने के साथ ही कुल 28 फ़ीसदी महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया है। ऐसी स्थिति में प्रदेश के कर्मचारियों को महज़ 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता देना अन्यायपूर्ण है। श्री चंद्राकर ने कहा कि इन संघर्षरत कर्मचारियों को जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ते के 5 प्रतिशत का तत्काल भुगतान करने की दिशा में प्रदेश सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए। कोरोना संक्रमण के आपदाकाल में इन कर्मचारियों-अधिकारियों ने अनथक परिश्रम किया है और शासन उनको अब उनके हक़ का आर्थिक लाभ देकर अपने कर्मचारियों को प्रोत्साहित करे। अन्य प्रदेशों की तुलना में छत्तीसगढ़ की आर्थिक स्थिति बेहतर होने का दावा करने वाली प्रदेश सरकार अपनी फ़िजूलख़र्ची पर रोक लगाकर कर्मचारियों के साथ न्याय करे।
रायपुर ! 23 तारीख को नगर निगम रायपुर में होने वाले सामान्य सभा की बैठक से पहले भाजपा कार्यालय में पार्षद दल की बैठक हुई।
बैठक में पार्षद दल को वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल, जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी, पूर्व सभापति संजय श्रीवास्तव ,नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे,पूर्व नेता प्रतिपक्ष सूर्यकांत राठौर उपनेता प्रतिपक्ष मनोज वर्मा ,जिला महामंत्री ओंकार बैस, जोन अध्यक्ष प्रमोद साहू ने मार्गदर्शन दिया।
भाजपा पार्षद दल की बैठक में चर्चा हुआ कि निगम के एजेंडे में शहर के विकास से संबंधित एक भी मुद्दे नहीं है। इससे साफ पता चलता है कि महापौर की शहर के विकास को लेकर नियत नहीं है। और उन्होंने पिछले डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में शहर की जनता के लिए एक भी कार्य नहीं किए।
बैठक में वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि शहर के एक भी कार्य मास्टर प्लान के अनुरूप नहीं हो रहे हैं।
इन विषयों को लेकर भाजपा पार्षद दल ने बैठक में महापौर को सामान्य सभा में घेरने की रणनीति तैयार की है।
बैठक में भाजपा के सभी पार्षद उपस्थित थे।
रायपुर: नेता प्रतिपक्ष ने रायपुर के पंडरी स्थित जिला अस्पताल में नवजात बच्चों के मौत पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिरकार किन कारणों से अब तक करीब 7 बच्चों की मौत जिला अस्पताल में हो चुकी है और इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन आकड़े छिपाने में लगी हुई है। धरमलाल कौशिक ने कहा कि नवजात बच्चों की मौत से हम सब व्यथित हैं। यह बेहद ही हृदय विदारक घटना है। इस मामले पर कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति कुछ भी कहने से बच रहा है। इन नवजात शिशुओं के परिजनों को अस्पताल प्रबंधन अलग-अलग बीमारियों को मौत का कारण बता रही है इससे कई संदेह उत्पन्न होता है कि शिशु रोग विभाग द्वारा जो तैयारियां जिला अस्पताल में होनी चाहिए थी वह तैयारियां वहां थी या नहीं, उपचार के लिए जो दवाइयां उपयोग की गई होगी उनकी मानकता पर भी सवाल उठने लगा है। इस पूरे घटना को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे है इससे स्पष्ट है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरे मामले में पर्दा डालकर इस घटना को दबाना चाहती है।
नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि यह मामला बेहद ही चिंताजनक है, राज्य सरकार कुपोषण से लेकर वजन तिहार के नाम पर केवल औपचारिकता ही कर रही है और प्रदेश में हालात चिंताजनक बनते जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोरोना की तीसरी लहर की अंदेशे की बात कही जा रही है उसमें बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जो तैयारियां होनी चाहिए वह तैयारियां कहीं नही दिखती है। इस पूरे घटना के प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के काम काज पर सवाल खड़ा कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि इस पूरे मामले की एक कमेटी बनाकर जांच की जानी चाहिए ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और घटना को लेकर वस्तु स्थिति सबके सामने आ सके।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा के केन्द्रीय प्रशिक्षण विभाग राष्ट्रीय ई-चिंतन सत्र” हमारी विदेश नीति और उसकी उपलब्धियां राजस्थान के ई-प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुये। बैठक को संबोधित किये, डॉ रमन सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विदेश नीति में व्यापक बदलाव हुआ है, जिसके तहत लक्ष्य यह था कि भारत के बारे दुनिया की सोच कैसे बदली जायें, भारत की शक्ति, भारत की क्षमता, हमारा टेलेंट, दुनिया को कैसे समझाया जाये। साथ ही लक्ष्य था कि दूसरे देशों के साथ नई साझेदारी बनाने का, विदेश नीति के तहत लक्ष्य था कि अपने देश की प्रगति को कैसे आगे ले जाया जायें। विदेश नीति को कैसे पीपुल्स-सेंट्रीक बनाया जाये। इसके साथ ही साढ़े तीन करोड़ भारतीय मूल के लोग जो दुनिया के अलग-अलग देशों में है, उनको एक सेतु के रूप में देखे कि वो दुनिया को हमारे साथ जोड़े, जिससे हमारे विचार उनके माध्यम से दुनिया तक पहुंचे। यह सफल विदेश नीति का ही परिणाम है कि आज योग दिवस, अर्न्तराष्ट्रीय योग दिवस का रूप ले चुका है। विदेश नीति की एक जिम्मेदारी होती है कि वो सुरक्षा के मामलों में जितने विकल्प देश के सामने रखे वह देश के हित में होता है। सफल विदेश नीति के कारण ही आज रक्षा के मामलें में हम फांस से राफेल विमान ले रहे है, रूस से एस-400 ले रहे है और अमेरिका से हैलिकाप्टर ले रहे है। हमने अपनी नीति के तहत राजदूतावास को यह पावर दिया है कि आप ग्राउण्ड स्थिति देखे और निर्णय ले इसके कारण जब महामारी में लोग फंसे थे तो 70 लाख लोगों को हम वापस लाने में सफल रहे है।
डॉ. रमन ने कहा, विपक्ष आरोप लगाता था कि प्रधानमंत्री विदेश घूमने जाते हैं, लेकिन कोरोना महामारी के समय जिस तरह से भारत की सहायता के लिए विश्व के सभी देशों ने जिस तरह हाथ आगे बढ़ाया है उससे विपक्ष को समझ आ गया होगा कि प्रधानमंत्री विदेश क्यों जाते है। इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष, सतीश पूनिया, पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया, राष्ट्रीय महामंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव, प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर, प्रदेश प्रभारी प्रशिक्षण भगवती प्रसाद सरास्वत, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय राज्यमंत्री कैलाश चौधरी, केन्द्रीय राज्यमंत्री अर्जुन मेघवाल, केन्द्रीय प्रवक्ता राज्यवर्धन
राठौर और अन्य प्रदेश पदाधिकारी सम्मिलित हुए।
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक में हुई चर्चाओं को नाकाफी बताते हुए कहा कि ज़ुबानी जमाख़र्च की थोथी क़वायद करने के बजाय प्रदेश सरकार अपने उन वादों की चर्चा करे, जो उसने चुनाव जीतने के लिए प्रदेश की जनता से किए हैं। विष्णुदेव साय ने कहा कि मंगलवार को हुई प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जनता से किए गए वादों को पूरा करने की नीयत इस सरकार में क़तई नहीं है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने 39 विषयों पर चर्चा की, लेकिन विडम्बना यह है कि उन विषयों में एक भी वह विषय चर्चा में नहीं आया जो जनाकांक्षाओं को पूरा करने की प्रदेश सरकार की इच्छाशक्ति का परिचय देता। प्रदेश सरकार को सत्ता सम्हाले ढाई साल से ज़्यादा वक़्त हो गया है और कैबिनेट की जब भी बैठक होती है तो जनता को इस बात की अभिलाषा होती है कि जो वादे करके कांग्रेस की सरकार सत्ता पर क़ाबिज़ हुई है, कहीं-न-कहीं उन वादों के क्रियान्वयन के फ़ैसले लेकर उनको लागू करने की पहल दिखेगी, लेकिन कैबिनेट की बैठक से प्रदेश निराश हुआ है।
साय ने अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए कहा कि बड़े-बड़े वादे करके सत्ता हासिल करने वाली इस सरकार की कैबिनेट बैठक में उन वादों की चर्चा तक नहीं हुई। पूर्ण शराबबंदी की दिशा में प्रदेश सरकार कैसे आगे बढ़ना चाहती है, उसे पर कोई चर्चा नहीं हुई। इसके अलावा बेरोज़गारी भत्ता का वादा कब पूरा होगा, सरकार यह नहीं बता रही है। जूता पॉलिश, मनरेगा में मज़दूरी कर रहे और कहीं-कहीं भीख मांगकर गुजारा कर रहे चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों को कब नियुक्ति दी जाएगी, युवा-शिक्षित बेरोज़गारों से छल-कपट कर रही प्रदेश सरकार इस पर ख़ामोश बैठी हुई है। साय ने महिला स्व-सहायता समूहों की कर्ज़माफ़ी करने, नक्सल प्रभावित पंचायतों एक-एक करोड़ रुपए देने, सम्पत्ति कर आधा करने, धान का दो वर्ष का बकाया बोनस देने, 200 फूड प्रोसेसिंग युनिट स्थापित करने जैसे अहम मुद्दों पर कैबिनेट में कोई चर्चा तक नहीं किए जाने पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अब वादाख़िलाफ़ी ही कर रही है। प्रदेश सरकार यदि अपने वादों पर कोई चर्चा तक नहीं करेगी तो वे पूरे कैसे करेगी? श्री साय ने कहा कि इसका मतलब तो यही है कि प्रदेश सरकार अपने वादों से पूरी तरह मुकर गई है और जनापेक्षाओं की कसौटी पर खोटा सिक्का बनकर रह गई है।
रायपुर। देश में पेगासस मामला गरमाने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान मोहन मरकाम ने कहा, मोदी सरकार ने देशद्रोह किया है। मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ किया है। राहुल गांधी समेत देश के विपक्षी नेताओं, देश के सम्मानित अलग-अलग मीडिया संगठनों के पत्रकारों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की जासूसी करवाई है। भारतीय जनता पार्टी का नाम बदल कर अब भारतीय जासूसी पार्टी रख देना चाहिए। देश के लोग अब कह रहे हैं -‘अबकी बार देशद्रोही जासूस सरकार’।
मरकामने कहा, जिस प्रकार से अब सार्वजनिक पटल पर, समाचार पत्रों और पोर्टल की खबरों से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सामने आया है, मोदी सरकार इजरायली स्पाइवेयर पेगासस के माध्यम से देश के सम्मानित न्यायाधीशों की, संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की, अपने ही मंत्रिमंडल के मंत्रियों की, विपक्ष के सम्मानित नेताओं की, पत्रकारों, वकीलों, ह्यूमन राइट्स, एक्टिविस्ट की, जासूसी करवा रही है।
ऐसा लगता है कि मोदी सरकार ने स्वयं देश के संविधान पर हमला बोल रखा हो। कानून के शासन पर हमला बोल रखा हो। मौलिक अधिकारों पर हमला बोल रखा हो और संविधान की शपथ जो ली थी सरकार ने, उस शपथ को भी दबा कर उस पर भी हमला बोल रखा हो। मोदी सरकार खुद ही इजरायली जासूसी उपकरण पेगासस के माध्यम से ये नृशंस कार्य कर रही है और ये तो एक सैंपल है।
वहीं इस मामले पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा, छत्तीसगढ़ में जानकारियां की। शैलेश ने बताया, 1 नवंबर 2019 को संडे गार्जियन, 2018 के विधानसभा चुनावों के पहले 2017-18 में इजरायली कंपनी एनएसओ को पेगासस स्पाइवेयर छत्तीसगढ़ में उपयोग किये जाने के गंभीर मामले की जानकारी प्राप्त हो रही है। सबसे पहले सन्डे गार्जियन के माध्यम यह मामला नवंबर 2019 को उजागर हुआ था। सन्डे गार्जियन के माध्यम से 10 नवंबर 2019 को छत्तीसगढ़ सरकार ने एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था।
दिल्ली से पेगासस बेचने रायपुर आये थे। यह नवंबर 2019 को संडे गार्जियन ने छापा है।
छत्तीसगढ़ का वाटर गेट कांड :
शैलेश ने कहा, यह स्पष्ट रूप से पाया गया कि पेगासस कंपनी के लोगों की छत्तीसगढ़ में पुलिस प्रशासन के उन अधिकारियों के साथ मीटिंग हुयी थी, जो सत्ता के केन्द्र के नजदीकी थे।
छत्तीसगढ़ के 6 नाम पेगासस की पहली सूची में आ चुके है। पहली सूची में चार नाम सामने आये हैं, जिसमें शुभ्रांशु चौधरी के नाम का खुलासा हुआ है। अभी तो कई सूचियां आना बाकी है। उच्चस्तरीय समिति हाईलेवल कमेटी गठित 11 नवंबर 2019 को गृह सचिव सुब्रत साहू की अध्यक्षता में डीएम अवस्थी तत्कालीन जनसंपर्क विभाग के संचालक तारण प्रकाश सिन्हा और आईजी गुप्तवार्ता उसके सदस्य है।
जांच के बिन्दु :
क्या चीप्स एजेंसी और राज्य पुलिस की इंटेलीजेंस विंग का दुरूपयोग किया गया?
इजरायली नागरिक जो उस दौरान छत्तीसगढ़ प्रवास पर आये उनके नाम और दीगर विवरण क्या है?
सरकार बदलने के बाद चीप्स और अन्य सरकारी दफ्तरों से फाइले लाकर बीटीआई में जलाये जाने की खबरे समाचार माध्यमों से था। क्या इसमें पेगासस से जुड़ी फाइले भी थी?
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नागरिकों निजता की सुरक्षा के मद्देनजर पूरे प्रकरण की जांच के लिए और इन
सवालों के जवाब ढूंढने के लिये तीन सदस्यी समिति गठित :
रमन सिंह की सरकार के दौरान इजराइली सॉफ्टवेयर कंपनी के अधिकारी छत्तीसगढ़ आकर किससे मिले?
किसने उनको बुलाया था?
किनके-किनके व्हाट्सएप मोबाइल की टेपिंग की गई है? सदस्य थे। इसमें आईजी गुप्तवार्ता को भी कमेटी गठित की थी।
पत्रकारों, न्यायाधीशों अपने ही मंत्रियों की जासूसी करके मोदी सरकार किन आतंकवादियों से लड़ रही थी?
कांग्रेस की मांग
कांग्रेस मांग करती है कि पेगासस के नये खुलासे के मद्देनजर कांग्रेस स्पष्ट रूप से अवैधानिक रूप से निजता का हनन करते हुए फोन टैपिंग मैसेज एवं व्हाट्सएप कालटेपिंग के इस अवैधानिक कृत्य में शामिल व्यक्तियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करती है।
मांग करती है कि एनएसओ और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच सारे मेल ट्रांजेक्शन की समग्र जांच की जाये। हमें पूरा विश्वास है कि माओवाद के खिलाफ लड़ाई की आड़ में विपक्षियों के खिलाफ राजनैतिक षड़यंत्र छत्तीसगढ़ में रचा गया।
जो जांच में सामने आ रही है-राजनैतिक उद्देश्यों से विपक्षियों के खिलाफ पेगासस के दुरूपयोग का कांग्रेस मांग करती है कि छत्तीसगढ़ सरकार लिखें - पेगासस को।
इंटेलीजेंस, सरकार और एनएसओ के बीच के मेल-ट्रांजेक्शन की जांच की जाये।
यह सीधे-सीधे एजेंसी के दुरूपयोग टेरर और माओवादियों से संपर्क छोड़कर राजनैतिक कारणों से किये गये दुरूपयोग का मामला कायम किया जाये।
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान के बाद पार्टी के निवनियुक्त प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू आज अमृतसर में पहली बैठक बुलाकर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। पार्टी के आधे से ज्यादा विधायक इस बैठक में नजर आएंगे। इस दौरान टकसाली नेताओं की खामोशी खुलने का इंतजार रहेगा। कैप्टन के करीबी कहे जाने वाले राजकुमार वेरका भी सिद्धू के खेमे में आ गए हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पार्टी के टकसाली नेताओं की नब्ज टटोल रहे हैं। पार्टी के पुराने दिग्गज नेता अभी कैप्टन के साथ हैं और सिद्धू की नियुक्ति पर खामोशी साधे हुए हैं। दिग्गज नेताओं से रणनीति के बाद ही कैप्टन का अगला कदम तय होगा।
उधर, सिद्धू लगातार चौथे दिन मंगलवार को प्रदेश के कांग्रेसी मंत्रियों, विधायकों और सीनियर नेताओं के साथ मेल-मिलाप की अपनी मुहिम में जुड़े रहे। इस मुहिम का ही असर है कि सोमवार को कैप्टन के आवास पर उन्हें समर्थन देने पहुंचे विधायक राजकुमार वेरका मंगलवार को अमृतसर में सिद्धू के साथ नजर आए। ऐसे में कैप्टन के खेमे में समर्थकों की गिनती घटती नजर आ रही है। प्रदेश के अधिकांश मंत्री और विधायक अब सिद्धू की नियुक्ति पर आलाकमान के फैसले को सही ठहरा रहे हैं। हालांकि, पार्टी की दिग्गज टकसाली नेता अभी भी खामोश हैं। उन्होंने सिद्धू की नियुक्ति पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बीते चार दिनों में सिद्धू की सरगर्मी और कैप्टन की खामोशी ने साफ कर दिया है कि पंजाब में कांग्रेस दोफाड़ हो चुकी है। सिद्धू पूरी पार्टी को अपने पक्ष में एकजुट करने का प्रयास कर रहे हैं तो कैप्टन माफी वाली शर्त पूरी होने तक किसी भी कीमत पर आलाकमान के फैसले को मानने को तैयार नहीं दिख रहे। कैप्टन के प्रति सिद्ध के रवैये में भी कोई बदलाव नहीं आया है। सिद्धू अभी तक न तो कैप्टन से मिले और न ही किसी मौके पर उन्होंने कैप्टन का जिक्र किया। वहीं, कैप्टन की खामोशी को लेकर सियासी हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, क्योंकि पंजाब में कांग्रेस सरकार की कमान और विधायक दल की कमान उनके ही हाथ में है।
बिना माफी पंजाब कांग्रेस का पटरी पर लौटना मुश्किल
मंगलवार को सिद्धू के सबसे करीबी रहे विधायक परगट सिंह ने बयान जारी कर साफ कर दिया है कि सिद्धू को माफी मांगने की जरुरत नहीं है। कैप्टन को ही वादे पूरे न करने के लिए पंजाब की जनता से माफी मांगनी चाहिए। हालांकि माफी को लेकर नवजोत सिद्धू की तरफ से कोई बयान नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि सिद्धू को पार्टी और सरकार के बीच सामंजस्य बैठाने और कैप्टन के कद को देखते हुए कुछ झुकना ही पड़ेगा।
कैप्टन इस समय पंजाब कांग्रेस विधायक दल के नेता भी हैं और राज्य सरकार के प्रमुख भी हैं। सरकार में सभी मंत्रियों और विधायकों के लिए उनकी बात मानना भी सांविधानिक शर्त है। ऐसे में सिद्धू के लिए कैप्टन को अनदेखा कर कोई भी एकतरफा फैसला लेना, कांग्रेस सरकार के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है। वहीं, सिद्धू जिन्हें हाईकमान का वरदहस्त हासिल है, का कद इतना बड़ा नहीं हुआ है कि विधायक दल के नेता को हटा या बदल सकें। वर्तमान में सिद्धू के लिए कैप्टन को भी साथ लेकर चलना उनकी सियासी मजबूरी है और यह तभी संभव होगा जब वे कैप्टन की शर्त मानें और उनसे मुलाकात करें।
अब सिद्धू का पीछा करेंगे, कैप्टन पर दागे हुए ट्वीट
बीते तीन महीनों के दौरान नवजोत सिद्धू ने अपने जिन ट्वीटों से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर लगातार हमले किए थे, वही ट्वीट अब सिद्धू के प्रदेश प्रधान बनने के बाद सवालों के रूप में उनके सामने खड़े होने वाले हैं। सिद्धू बेअदबी के मामलों में दोषियों को सजा न दिलाना, शराब माफिया, ड्रग माफिया खत्म करने नहीं कर पाने के लिए कैप्टन को कठघरे में खड़ा करते रहे हैं। अब पार्टी प्रमुख और प्रदेश सरकार के हिस्से के तौर पर इन्हीं सवालों का जवाब सिद्धू को देना होगा। चुनाव मेनिफेस्टो के तहत जनता के किए वादे पूरे नहीं कर पाने के लिए पार्टी प्रधान को लोगों के साथ-साथ विपक्ष के सवालों का सामना करना पड़ेगा। सिद्धू की मुश्किल यह भी रहेगी कि विधानसभा चुनाव में अब बहुत कम समय बचा है और वे वादे पूरे न होने के लिए अब कैप्टन या अपनी सरकार को दोषी नहीं ठहरा सकेंगे, बल्कि उन्हें इस मोर्चे पर पार्टी का बचाव करना होगा।
सिद्धू की प्रधानगी में पहला सियासी कार्यक्र्तम 22 को चंडीगढ़ में
पंजाब में कांग्रेस नेताओं और आम लोगों का समर्थन जुटाने की मुहिम में व्यस्त नवजोत सिंह सिद्धू के प्रदेश प्रधान बनने के बाद पार्टी 22 जुलाई को चंडीगढ़ में पहला सियासी कार्यक्र्तम करेगी। इस संबंध में फरमान नई दिल्ली से पार्टी हाईकमान द्वारा जारी किया गया है और इसके लिए प्रदेश के सभी कांग्रेस नेताओं, विधायकों को प्रधान के नेतृत्व में लामबंद होने को कहा गया है।
दरअसल, पैगासस जासूसी मामले में केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का फैसला लिया है, जिसके तहत पार्टी पैगासस जासूसी कांड की सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में जांच कराने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करेगी।
इसके लिए पार्टी हाईकमान ने सभी राज्यों में कांग्रेस इकाईयों को निर्देशित किया है और पंजाब में भी कांग्रेस नेताओं को राजभवन तक विरोध मार्च करने का निर्देश मिला है। 22 जुलाई पंजाब कांग्रेस के सभी नेता, विधायक और मंत्री नवनियुक्त प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में राजभवन तक मार्च करेंगे और पंजाब के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे।
रायपुर। आया सावन झूम के कार्यक्रम की तैयारी की पहली बैठक विधायक विकास उपाध्याय संसदीय सचिव के निवास स्थान पर हुई | इस कार्यक्रम की मीडिया प्रभारी खुशबु शर्मा ने बताया कि विधायक विकास उपाध्याय के मार्गदर्शन से मीटिंग में उपस्थित बहनों द्वारा 24 तारीख को होने वाले कार्यक्रम सावन उत्सव के बारे में चर्चा हुई। जिसमें कार्यक्रम की संयोजक रिचा ठाकुर एवं सहसंयोजक शिफा सोनम और बुजुर्गों की चौपाल संस्था के संस्थापक प्रशांत पान्डेय के नेतृत्व में
जिन्हें प्रभार दिया गया उनके नाम इस प्रकार संयोजक- रिचा ठाकुर,सह संयोजक-शिफा सोनम,मंचसंचालन -वर्षा तिवारी पर्यवेक्षकगण – पदमा ठाकुर,सुनिता चंदसोरिया,डॉ. सोनल जैन,ज्योति जैन
हाल मैनेजमेंट- सुधा अवस्थी,खुशबू सिंहा,रूची देवागन,
खेल प्रभारी -हर्षा साहू,रात्रि लहरी,
मीडिया प्रभारी-सविता गुप्ता,खुशबू शर्मा,अनीता अग्रवाल
फूड व्यवस्था -प्रभा साहू,लीला साहू,अंजली देशपांडे
कार्यक्रम में होने वाले विशेष बिंदुओं पर चर्चा
● सावन क्वीन 2021(1,2,3 चयन करना)
● बेस्ट ड्रेस ( ड्रेस कोड- ग्रीन)।
● विभिन्न प्रकार से खेल कूद एवं प्रतियोगिताएँ।
● उत्कृष्ट कार्य किये महिला को सम्मान करना।
● महिलाओं की उत्कृष्ट संस्था को सम्मानित करना।
● सभी उपस्थिति महिलाओं को स्मृति स्वरूप प्रमाणपत्र देना।
● कार्यक्रम केवल महिलाओं के लिए।
रायपुर । केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा देश के कैबिनेट मंत्री, संवैधानिक पदों पर आसीन अधिकारियों, भारत के सुरक्षा बलों के वर्तमान और पूर्व प्रमुख, विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं, पत्रकारों, वकीलों के सेल फोन की विदेशी कंपनी-पेगासस द्वारा निर्मित एप के माध्यम से अवैध और असंवैधानिक रूप से हैकिंग कर जासूसी किये जाने का खुलासा हुआ है, जो बेहद निंदनीय है।
आज के ताजा खुलासे से पता चला है कि एआईसीसी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व उनके कार्यालयीन कर्मचारियों का भी सेलफोन को भी हैक कर लिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्पाइवेयर पेगासस का इस्तेमाल 2019 के संसद के आम चुनावों के दौरान सेल फोन को हैग करने के लिये भी किया जा रहा था। पेगासस स्पाइवेयर और सभी एनएसओ उत्पाद एजेंसियों ने विपक्षी नेताओं, पत्रकारों, वकीलों और कार्यकर्ताओं के फोन हैक करने के लिये स्पाइवेयर खरीदा एवं दुरूपयोग कर प्रजातांत्रिक मूल्यों की हत्या किया है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच व गृहमंत्री अमित शाह को बर्खास्त किये जाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला है।
एआईसीसी के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के निर्देशन में पीसीसी चीफ मोहन मरकाम के आदेशानुसार प्रदेश कांग्रेस पेगासस स्पाइवेयर मुद्दे को लेकर 22 जुलाई को दोपहर 12 बजे पत्रकारवार्ता के बाद दोपहर 1 बजे विरोध स्वरूप राजीव भवन से राजभवन मार्च करेगी।
इंफाल: संसद के मानसून सत्र के बीच कांग्रेस पार्टी का तगड़ा झटका लगा है। मणिपुर में कांग्रेस के प्रदेश कमिटी (एमपीसीसी) के अध्यक्ष गोविंददास कोंथौजम ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों ने बताया कि राज्य में कांग्रेस के आठ विधायक आज भाजपा में शामिल हो सकते हैं। मणिपुर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा झटका है।
गोविंददास कोंथौजम कांग्रेस पार्टी से बिष्णुपर विधानसभा क्षेत्र से लगातार छह बार विधायक चुने गए और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे। पिछले साल दिसंबर में उन्हें मणिुपर कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था।
बता दें कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते पिछले महीने भाजपा ने शारदा देवी को मणिपुर में पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया था। शारदा देवी ने एस टिकेंद्र सिंह की जगह ली, जिनकी मई में कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई।
रायपुर | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लोकप्रियता से भारतीय जनता पार्टी घबराई हुई है।प्रदेश कांग्रेस के मुख्यप्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि दो दिनों से चल रही भारतीय जनता पार्टी की विभिन्न बैठकों में भाजपा नेता जिस प्रकार से कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बारे में मंथन कर रहे उससे स्प्ष्ट हो रहा कि भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के व्यक्तित्व और कांग्रेस सरकार की योजनाओं का कोई तोड़ नही खोज पाने के कारण विपक्षी दल के नेता बैचैन हैं। भाजपा के राष्ट्रीय सह प्रभारी शिव प्रकाश मुख्यमंत्री के किसान पुत्र होने को भाजपा के लिए बड़ी चुनौती मान रहे तो उनकी प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने यह घोषणा करने को मजबूर हो गयी कि भाजपा 2023 का चुनाव विना किसी चेहरे के लड़ेगी ।यह घोषणा करके भारतीय जनता पार्टी की प्रभारी ने यह स्वीकार कर लिया की भाजपा के पास मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुकाबले कोई विश्वसनीय चेहरा नही है जिसे आगे कर के वे जनता के बीच जा सकें ।पुरंदेश्वरी को खुद भरोसा नही है कि कोई भी भाजपा नेता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लोकप्रिय चेहरे को चुनौती दे पाएगा। भाजपा प्रभारी के इस बयान से यह भी साफ हो रहा कि वे रमन सिंह के चंगुल से भाजपा को निकालने को बेचैन है।छत्तीसगढ़ में अभी विधानसभा चुनाब में ढाई साल बचे है ।कांग्रेस सरकार ने अपना आधा कार्यकाल ही पूरा किया है भाजपा कांग्रेस सरकार के आधे कार्यकाल में ही समर्पण की मुद्रा में आ गयी है ।भाजपा प्रभारी विपक्ष के रूप में अपने नेताओं के प्रदर्शन से इतना ज्यादा हताश है कि उन्हें आने वाले ढाई सालो में किसी भी भाजपा नेता में कोई उम्मीद नजर नही आ रही।







