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अपनी कुर्सी बचाने विधान परिषद बनाने आज प्रस्ताव पेश करेगी ममता सरकार, कैबिनेट से मिल चुकी है हरी झंडी

अपनी कुर्सी बचाने विधान परिषद बनाने आज प्रस्ताव पेश करेगी ममता सरकार, कैबिनेट से मिल चुकी है हरी झंडी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी आज विधानसभा में राज्य विधान परिषद बनाने का प्रस्ताव पेश करेंगी। 18 मई को तीसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी ने राज्य विधानसभा के उच्च सदन विधान परिषद बनाने के कैबिनेट के फैसले को मंजूरी दी थी। बीते दिनों ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि जिन बुद्धिजीवि लोगों और दिग्गज नेताओं को विधानसभा चुनाव के लिए नामांकित नहीं किया गया था, उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाया जाएगा। सीएम ने 2011 के विधानसभा चुनावों के बाद नंदीग्राम और सिंगूर में उनके अभियान का हिस्सा रहने वालों को विधान परिषद में भेजने का वादा किया था।
सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा वित्त मंत्री अमित मित्रा, पूर्णेंदु बोस जैसे पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को विधानसभा में शामिल नहीं किया जा सकता है, इन्हें विधान परिषद में भेजने की तैयारी चल रही है। इसे देखते हुए एक विधान परिषद स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि हालिया चुनाव में ममता बनर्जी अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी से हार गई थीं और वर्तमान की परिस्तिथियों को देखते हुए 6 माह के भीतर उपचुनाव होने की संभावना भी नजर नही आ रही है ऐसे में उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में है अभी हाल ही में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने इन्ही कारणों के चलते अपना इस्तीफा दे दिया था.

बंगाल विधान परिषद में हो सकती हैं 98 सीटें
बता दें कि देश में 6 राज्यों में विधान परिषद है, जिनमें बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक शामिल है। पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटें हैं। एक विधान परिषद में सदस्यों की संख्या विधानसभा के सदस्यों से एक तिहाई से अधिक नहीं हो सकती है, लिहाजा बंगाल में विधान परिषद में 98 सदस्य हो सकते हैं।

बंगाल में विधान परिषद को किया गया था समाप्त
नियमानुसार विधान परिषद गठित करने के लिए राज्य सरकार को पहले विधानसभा में बिल पारित करना होगा। सदस्यों में से एक तिहाई सदस्य विधायकों द्वारा चुने जाएंगे, जबकि अन्य वन थर्ड सदस्य नगर निकायों, जिला परिषद और अन्य स्थानीय निकायों द्वारा चुने जाते हैं। सरकार द्वारा परिषद में सदस्यों को मनोनीत करने का भी प्रावधान होगा। राज्यसभा की तरह ही इसमें भी एक सभापति और एक उपाध्यक्ष होते हैं। सभी का कार्यकाल 6 वर्ष का होगा। बंगाल में पहले विधान परिषद था, लेकिन 1969 में समाप्त कर दिया गया था। भाजपा ने सरकार के इस प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन वामदलों ने ममता के इस फैसले का विरोध किया है। वामदलों का कहना है कि ममता का यह कदम राज्य के हित के लिए नहीं है।
 

बड़ी खबर: कैबिनेट विस्तार से पहले 8 राज्यों के राज्यपाल बदले गए, थावरचंद गहलोत कर्नाटक के राज्यपाल नियुक्त

बड़ी खबर: कैबिनेट विस्तार से पहले 8 राज्यों के राज्यपाल बदले गए, थावरचंद गहलोत कर्नाटक के राज्यपाल नियुक्त

दिल्ली।  मंत्रिमंडल विस्तार से पहले ही कई राज्यों के राज्यपाल बदल दिए गए है। केंद्रीय कैबिनेट विस्तार से पहले राज्यपालों के तबादले को काफी अहम माना जा रहा है।  

इन 8 राज्यों के बदले गए राज्यपाल

थावरचंद गहलोत कर्नाटक के राज्यपाल नियुक्त किए गए

मंगूभाई पटेल मध्यप्रदेश के राज्यपाल नियुक्त किए गए

हरिबाबू मिजोरम के राज्यपाल नियुक्त किए गए

राजेंद्रन विश्वनाथ हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल नियुक्त किए गए

पीएस श्रीधरन पिल्लै गोवा के राज्यपाल नियुक्त किए गए

सत्यदेव नारायण आर्य त्रिपुरा के राज्यपाल नियुक्त किए गए

रमेश बैस झारखंड के राज्यपाल नियुक्त किए गए

बंडारू दत्तात्रेय हरियाणा के राज्यपाल नियुक्त किए गए
महंगाई के विरोध में कांग्रेस का  6 जुलाई से राष्ट्रव्यापी आंदोलन : शैलेश नितिन त्रिवेदी

महंगाई के विरोध में कांग्रेस का 6 जुलाई से राष्ट्रव्यापी आंदोलन : शैलेश नितिन त्रिवेदी

रायपुर। कांग्रेंस के राष्ट्रव्यापी आउटरीच अभियान के के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में आसमान छूती पेट्रोल-डीजल और सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती मंहगाई के खिलाफ राज्य स्तर जिला और ब्लाक स्तर पर आंदोलन का पहला चरण में प्रदेश के सभी 307 ब्लाकों में प्रदेश व्यापी हस्ताक्षर अभियान चला कर किया जायेगा। मंहगाई के विरोध में 6 जुलाई मंगलवार को थाली, बर्तन पीट-पीटकर विरोध दर्ज करते हुये मंहगाई और पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में अत्यधिक वृद्वि पर रोक लगाने और कई गुना बढ़ चुके केन्द्रीयउत्पादन शुल्क को कम करने की मांग की जायेगी। इस दौरान मंहगाई के विरोध में पाम्पलेट, पोस्टर एवं प्ले-कार्ड के साथ स्थानीय स्तर पर पेट्रोल पम्पों में आमजनता की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करते हुये हस्ताक्षर अभियान चलाया जायेगा। 14 जुलाई को जिलास्तरीय पर मंहगाई के विरोध सायकल यात्रा निकाली जायेगी। 17 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में राजधानी रायपुर में पैदल मार्च कर महंगाई व ईधनों की कीमतों में की गयी वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। इस अवसर पर मंहगाई पर लगाम लगाने और पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधीश को सौंपा जायेगा।  
 

ओबीसी आरक्षण मुद्दे पर हंगामा, 1 साल के लिए 12 भाजपा विधायक निलंबित...

ओबीसी आरक्षण मुद्दे पर हंगामा, 1 साल के लिए 12 भाजपा विधायक निलंबित...

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा में सोमवार को ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। हंगामा करने वाले भारतीय जनता पार्टी के 12 विधायकों को एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि भाजपा के 12 विधायकों ने पीठासीन अधिकारी भास्कर जाधव के साथ बदसलूकी की, जिसके चलते उन्हें एक साल के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया गया है।
राज्य के संसदीय कार्य मंत्री अनिल परब ने भाजपा के इन विधायकों को निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे ध्वनि मत से पारित कर कर दिया गया। जिन 12 विधायकों को निलंबित किया गया है, उनमें संजय कुटे, आशीष शेलार, अभिमन्यु पवार, गिरीश महाजन, अतुल भटकलकर, पराग अलवानी, हरीश पिंपले, योगेश सागर, जय कुमार रावत, नारायण कुचे, राम सतपुते और बंटी भांगड़िया शामिल हैं।
परब ने कहा कि इन 12 विधायकों को निलंबन की अवधि के दौरान मुंबई और नागपुर में विधानमंडल परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
फडणवीस ने आरोप को बताया झूठा, शिवसेना पर आरोप
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने इसे लेकर कहा, `यह एक झूठा आरोप है और विपक्षी सदस्यों की संख्या को कम करने का प्रयास है। ऐसा इसलिये किया गया क्योंकि हमने स्थानीय निकायों में ओबीसी कोटे पर सरकार के झूठ को उजागर किया है।` फडणवीस ने कहा, `शिवसेना विधायकों ने ही अपशब्दों का इस्तेमाल किया। मैं अपने विधायकों को अध्यक्ष के कक्ष से बाहर ले आया था।`
उन्होंने कहा कि भाजपा सदस्यों ने पीठासीन अधिकारी को गाली नहीं दी। फडणवीस ने दावा किया कि शेलार के माफी मांगने पर मामला समाप्त हो गया। जाधव ने जो कहा वह `एकतरफा` पक्ष था। इससे पहले, एनसीपी नेता और मंत्री नवाब मलिक ने भाजपा सदस्यों पर भास्कर जाधव के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया और इस मुद्दे पर राज्य विधानसभा की कार्यवाही को चार बार स्थगित किया गया।
 

पूर्व राष्ट्रपति के बेटे टीएमसी में हुए शामिल

पूर्व राष्ट्रपति के बेटे टीएमसी में हुए शामिल

नई दिल्ली: बंगाल में अस्तित्व के संकट से जूझ रही कांग्रेस पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। पूर्व राष्ट्रपति और दिवंगत नेता प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी सोमवार को सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। अभिजीत मुखर्जी अपने पिता की सीट जंगीपुर से ही दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। हालांकि, आखिरी आम चुनाव में वह यहां से हार गए थे। अभिजीत मुखर्जी राजनीति में बड़ा चेहरा नहीं हैं लेकिन उनका टीएमसी में जाना कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ी किरकिरी है। हाल के सालों में कई बड़े चेहरों ने कांग्रेस का हाथ छोड़ा है। इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, हिमंत बिस्वा सरमा उन बड़े चेहरों में शामिल हैं जिन्होंने कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी जॉइन की है। बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी अभी भी कांग्रेस में हैं।

टीएमसी में शामिल हो सकते हैं पूर्व राष्ट्रपति के बेटे

टीएमसी में शामिल हो सकते हैं पूर्व राष्ट्रपति के बेटे

कोलकाता: पूर्व राष्ट्रपति स्व. प्रणब मुखर्जी के बेटे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों की माने तो आज शाम चार बजे अभिजीत मुखर्जी टीएमसी में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि पिछले महीने अभिजीत मुखर्जी, कोलकाता में अभिषेक बनर्जी से भी मिले थे। हालांकि इन अटकलों पर अभिजीत बनर्जी पहले ही विराम लगा चुके हैं और स्पष्ट तौर पर कह चुके हैं कि वो कांग्रेस में ही रहेंगे। बीते शुक्रवार को अभिजीत बनर्जी ने ट्वीट किया था कि मैंने इस बारे में किसी को नहीं बताया है लेकिन बाद में इसे डिलीट कर दिया।

उसके बाद अभिजीत बनर्जी का बयान आया कि वो कांग्रेस में ही रहेंगे और उनका टीएमसी या किसी दूसरी पार्टी में शामिल होनी की खबरें गलत हैं। हालांकि टीएमसी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि पिछले हफ्ते अभिजीत मुखर्जी टीएमसी के कुछ नेताओं से मिले थे। ऐसी अटकलें हैं कि टीएमसी अभिजीत मुखर्जी को जंगीपुर विधानसभा सीट की पेशकश करेगी।

ऐसा बताया जा रहा है कि आज शाम चार बजे अभिजीत मुखर्जी टीएमसी कार्यालय पर पार्टी ज्वाइन करेंगे और इस मौके पर टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय और संसदीय मंत्री पार्थ चटर्जी मौजूद रहेंगे। बता दें कि इससे पहले भी अभिजीत मुखर्जी टीएमसी के कई नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। 9 जून को अभिजीत मुखर्जी टीएमसी जिलाध्यक्ष और जंगीपुर सांसद समेत कई नेताओं से जंगीपुर स्थित अपने आवास पर मिले थे। इस बैठक में टीएमसी सांसद खलीलुर रहमान, जिलाध्यक्ष अबू ताहिर, विधायक इमानी विश्वास, दो मंत्री अखरुज्जमां और सबीना यास्मीन समेत कई लोग शामिल थे।

हालांकि अभिजीत मुखर्जी ने इसे खारिज कर दिया था और कहा था कि ये लोग मेरे पिता जी के अच्छे मित्र हैं और उनके आवास पर चाय के लिए आए थे। बता दें कि अभिजीत मुखर्जी जंगीपुर से सांसद रह चुके हैं और ममता बनर्जी के साथ उनके काफी अच्छे संबंध बताए जाते हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर डॉ. रमन का बड़ा बयान, कहा - राज्य सरकार को पूरी तरह होना चाहिए सजग...

स्वास्थ्य सुविधाओं पर डॉ. रमन का बड़ा बयान, कहा - राज्य सरकार को पूरी तरह होना चाहिए सजग...

रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना की तीसरी लहार ले लड़ने के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों को पूरी तरह से मुस्तैद करनेके निर्देश दिए हैं। ये जानकारी छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दी, डॉ. रमन ने कहा राज्य सरकार को पूरी तरह सजग होना चाहिए। वहीं पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कीमतों में वृद्धि अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ी हुई है, जब सरकार के पास बताने के लिए कुछ नहीं होता तो वह धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करती है। प्रदेश सरकार यही कर रही है, उनके पास बताने के लिए कुछ भी नहीं, उन्होंने एक भी वादा पूरा नहीं किया।
बता दें कि आज पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राम मंदिर के सामने किया वृक्षारोपण किया, श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के मौके पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है, भाजपा द्वारा शहर में कई जगह वृक्षारोपण किया जा रहा है, इस दौरान सांसद सुनील सोनी, जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुन्दरानी, संजय श्रीवास्तव, सच्चिदानंद उपासने भी मौजूद रहे।

उत्तरप्रदेश जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा को मिली बम्पर जीत

उत्तरप्रदेश जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा को मिली बम्पर जीत

लखनऊ: उत्तरप्रदेश में जारी जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा को बम्पर जीत मिले है। चुनाव में भाजपा 65, सपा 06 और अन्य को 4 सीटों पर लोकप्रियता मिली है। बलिया में भाजपा को मंथन की आवश्यकता है, बलिया में भाजपा नेता प्रशासन पर निर्भर रहे। लगातार जमीन खिसकती गई।

प्रदेश में नौकरी लगाने के नाम पर ठगने वाला गिरोह सक्रिय : अमित साहू

प्रदेश में नौकरी लगाने के नाम पर ठगने वाला गिरोह सक्रिय : अमित साहू

रायपुर: भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव पर धोखाधड़ी के आरोप में शिकायत सामने आने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वादे किए थे और छत्तीसगढ़ के भोलेभाले युवाओं को सुनहरे सपने दिखाए थे। आज सत्ता प्राप्ति के ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रदेश सरकार युवाओं से किए वादों को पूर्ण नहीं कर पाई है और लगातार युवाओं के साथ अन्याय कर रही है, वहीं ढाई वर्ष में प्रदेश सरकार ने बुरी तरह छलने और ठगने के बाद यदि कुछ बच गया है तो उसे कांग्रेस के कार्यकर्ता छलने और ठगने की कसर पूरी कर रहे हैं जिसका ताजा उदाहरण युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव पर लगे धोखाधड़ी के आरोप के रूप में पुनः एक बार सामने आया है।

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू ने कहा कि पूरे प्रदेश में नौकरी लगाने के नाम पर छत्तीसगढ़ के भोलेभाले युवाओं को छलने व ठगने वाला गिरोह काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के तरफ से नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले सामने आते रहे हैं, ऐसे में इस तरह के घटना की पुनरावृत्ति होना इस बात को स्पष्ट करता है कि एक संगठिक गिरोह राज्य में काम कार्य कर रहा है। जिस पर प्रदेश सरकार अंकुश लगाने में नाकाम है। प्रदेशाध्यक्ष अमित ने कहा कि युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद शाहिद पर नौकरी लगाने के नाम पर साढ़े पांच लाख रुपए लेने का आरोप लगा है यह प्रदेश की कांग्रेस सरकार के लिए आत्मचिंतन का विषय है। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए कहा कि उचित कार्रवाई न होने और पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिलने पर भारतीय जनता युवा मोर्चा उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

बर न बिहाव छट्ठी बर धान कुटाये के सलाह देवय साय, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कसा तंज

बर न बिहाव छट्ठी बर धान कुटाये के सलाह देवय साय, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कसा तंज

रायपुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय के बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बर न बिहाव छट्ठी बर धान कुटाये के सलाह देवय साय। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय के बयान से स्पष्ट हो गया है कि विष्णुदेव साय को खेती किसानी के बारे में जानकारी नहीं है। जून, जुलाई के महीने में किसानों को खेती किसानी के लिए बीज रसायनिक खाद यूरिया, पोटाश, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की जरूरत पड़ती है जिसकी आपूर्ति करने में मोदी सरकार बाधा उत्पन्न कर रही है। छत्तीसगढ़ में खाद की कमी मोदी प्रायोजित है। राज्य सरकार के द्वारा अप्रैल-जून माह के लिए मांगी गई उर्वरकों की आपूर्ति में कटौती कर मोदी सरकार ने अपने किसान विरोधी नियत और नीति को ही आगे बढ़ाया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि विष्णु देव साय के बयान में इस बार फिर धान खरीदी के वक्त मोदी भाजपा के द्वारा साजिश और षड्यंत्र रचने की बू आ रही है। मोदी सरकार के किसानों के धान नही खरीदने की नीति और समर्थन मूल्य नही देने की योजना का ही दुष्परिणाम है कि बीते खरीफ वर्ष में छत्तीसगढ़ को मांग के अनुसार बारदाना नही दिया गया। न ही बारदाना खरीदने की अनुमति दी गई। जिसके चलते छत्तीसगढ़ भाजपा नेताओं की खूब फजीहत हुई थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरकार ने बीते खरीफ वर्ष में 20 लाख से अधिक किसानों से 92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी 2500 रू प्रति क्विंटल के दर से कर इतिहास रचा है, किसानों से किये वादा को पूरा किया है। वही मोदी भाजपा की सरकार किसानों से किये वादा को सात साल में पूरा करने में नाकाम रहे और उल्टा तीन काला कृषि कानून लाकर खेती किसानी और किसानों को पूँजीपतियो के गुलाम बनाने की साजिश रचे है जिसके खिलाफ देशभर के किसानों में आक्रोश है किसान बीते सात माह से दिल्ली के सीमा में तीनों को कानून वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के द्वारा पूर्व में मांगी गई बारदाना के हिसाब से छत्तीसगढ़ के लिए बारदाना को सुरक्षित रखने की मांग करनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में अभी धान की बोवाई रोपा लगाई चल रही है। इसके पश्चात कितनी संख्या में किसान धान बेचने पंजीयन कराते हैं उस आधार पर राज्य सरकार केंद्र सरकार के जूट मिल को बारदाना की आपूर्ति के लिए मांग पत्र भेजेगी। क्योंकि छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान के अलावा मक्का, गन्ना, कोदो, कुटकी, रागी और फलदार वृक्षारोपण करने वालों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है, लाभांश दिया जा रहा है जिसके चलते पूर्व में धान उत्पादन करने वाले कई किसानों ने फसल परिवर्तन किया है।
 

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे धामी...

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे धामी...

देहरादून। उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री का नाम तय हो गया है। पुष्कर सिंह धामी राज्य के नए मुख्यमंत्री पद का शपथ लेंगे। शुक्रवार को इस्तीफा देने वाले तीरथ सिंह रावत ने भाजपा विधायक दल की बैठक में धामी के नाम का प्रस्ताव रखा था। इसे मंजूरी दे दी गई। सूत्रों के मुताबिक, पुष्कर सिंह धामी आज ही राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले सकते हैं।


पुष्कर सिंह धामी खटीमा विधानसभा सीट से विधायक हैं। पिथौरागढ़ के टुंडी गांव में जन्म हुआ। बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। कॉलेज के दिनों में ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से जुड़े रहे।


उल्लेखनीय है कि तीरथ सिंह रावत के इस्तीफा देने के बाद भाजपा ने आज देहरादून में पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाई थी। केंद्र की तरफ से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को बैठक के लिए पर्यवेक्षक बनाया गया था। उनकी मौजूदगी में ही धामी के नाम का ऐलान हुआ।

समय रहते केंद्र व जूट आयुक्त को अपनी मांग से अवगत करा बारदाना का आर्डर दे प्रदेश सरकार : भाजपा

समय रहते केंद्र व जूट आयुक्त को अपनी मांग से अवगत करा बारदाना का आर्डर दे प्रदेश सरकार : भाजपा

रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने चालू ख़रीफ़ सत्र के धान की ख़रीदी के लिए बारदाना ख़रीदी के लिए पत्र-व्यवहार कर प्रदेश सरकार से अभी से तैयारी शुरू करने की मांग की है। ताकि ऐन धान ख़रीदी के समय प्रदेश सरकार बचकाने बहाने बनाकर किसानों का धान ख़रीदने से बचने की शर्मनाक व षड्यंत्रपूर्ण कोशिशों को अंजाम न दे। श्री साय ने कहा कि हर बात के लिए केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ अनर्गल प्रलाप करने की अपनी बुरी लत से प्रदेश सरकार बाज आए और अपने दम पर भी कुछ काम करने की आदत विकसित करे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि पिछले वर्ष प्रदेश सरकार ने अपने नाकारापन से उत्पन्न बारदाना-संकट का ठीकरा यह कहकर केंद्र सरकार के मत्थे फोड़ने की कोशिश की थी कि केंद्र सरकार समय पर पर्याप्त बारदाना नहीं भेज रही है। प्रदेश सरकार के इस सफ़ेद झूठ का तब भाजपा ने पर्दाफाश कर बताया था कि पंजाब समेत कांग्रेस व कांग्रेस गठबंधन शासित राज्यों को पर्याप्त बारदाना मिला था। दरअसल उन राज्यों की सरकारों ने समय पर ही जूट आयुक्त से पत्र-व्यवहार अपनी मांग से अवगत करा दिया था जबकि ख़ुद को कांग्रेस हाईकमान से बढ़कर मोदी-विरोधी दुष्प्रचार में अव्वल बताने में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपना वक्त जाया करने में लगे रहे। श्री साय ने कहा कि भाजपा ने तब यह भी साफ़ किया था कि प्रदेश सरकार ने समय पर जूट आयुक्त को बारदाना का ऑर्डर देने अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निभाई। जूट आयुक्त को बारदाना का ऑर्डर जून-जुलाई में दिया जाता है और इसलिए अभी समय रहते केंद्र सरकार व जूट आयुक्त को अपनी मांग से अवगत कराके प्रदेश सरकार बारदाना का ऑर्डर दे ताकि धान ख़रीदी के समय प्रदेश सरकार बचकाने बहानों और तुग़लक़ी फ़रमानों से प्रदेश के किसानों के साथ अन्याय नहो, उन्हें किसी भी तरह की प्रताड़ना के दौर से न गुजरना पड़े।

मोदी सरकार छत्तीसगढ़ को वैक्सीन देने में कर रही है भेदभाव भाजपा के 11 सांसद क्यों है मौन? : धनंजय सिंह ठाकुर

मोदी सरकार छत्तीसगढ़ को वैक्सीन देने में कर रही है भेदभाव भाजपा के 11 सांसद क्यों है मौन? : धनंजय सिंह ठाकुर

रायपुर। मोदी सरकार ने जुलाई माह के वैक्सीन आबंटन में छत्तीसगढ़ के मांग में 76 लाख डोज वैक्सीन कम कर दी। कांग्रेस ने इसे वैक्सीन देने में भेदभाव और पक्षपात निरूपित किया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए जुलाई माह में एक करोड़ वैक्सीन डोज देने की मांग मोदी सरकार से की गयी थी। लेकिन दुर्भाग्य की बात है वैक्सीन देने में भी मोदी भाजपा की सरकार भेदभाव कर रही है। छत्तीसगढ़ की मांग के विपरीत जाकर लगभग 76 लाख डोज वैक्सीन की कटौती कर दी गई है। यह छत्तीसगढ़ के आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। छत्तीसगढ़ के नागरिकों को प्रथम एवं सेकंड डोज लगाने के लिए अब तक हुये वेक्सीनेशन के पश्चात लगभग 3 करोड़ 44 हजार 362 वैक्सीन डोज की आवश्यकता और है। लेकिन जुलाई माह में मोदी सरकार मात्र 24 लाख 1 हजार के लगभग वैक्सीन का आबंटन छत्तीसगढ़ के लिए किया है। भाजपा शासित राज्यों को मांग के अनुसार एवं अतिरिक्त वैक्सीन डोज की सप्लाई की जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने पूछा है कि छत्तीसगढ़ में वैक्सीनेशन को लेकर घड़ियाली आंसू बहाने वाले भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक एवं भाजपा के 9 सांसद, 2 राज्यसभा सदस्य मोदी सरकार के द्वारा वैक्सीन देने में किए जा रहे भेदभाव पर मौन क्यों हैं? भूपेश बघेल सरकार छत्तीसगढ़ के 18 प्लस वाले 1 करोड़ 6 लाख 28 हजार 2 सौ 12 एवं 45 साल वाले 11 लाख लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन का प्रथम डोज लगाने का प्रयास कर रही है इस पर मोदी सरकार वैक्सिन की आपूर्ति बाधित कर क्यो अड़ंगा लगा रही है? पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एवं भाजपा सांसदों को छत्तीसगढ़ की जनता को बताना चाहिए कि वैक्सीन देने में किये जा रहे भेदभाव को लेकर मोदी सरकार से विरोध क्यों नहीं किया है?
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि महामारी की तीसरी लहर के पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार छत्तीसगढ़ के शत-प्रतिशत जनता को वैक्सीन का प्रथम डोज लगाने का प्रयास कर रही है छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 4 लाख हितग्राहियों को वैक्सीन की डोज लगाने की क्षमता है लेकिन मोदी सरकार के वैक्सीन देने में पक्षपातपूर्ण रवैये के चलते छत्तीसगढ़ के नागरिकों को वैक्सीन के लिए भटकना पड़ रहा है और भाजपा के नेता मौन रहकर मोदी सरकार के वैक्सीन देने में भेदभाव का का समर्थन कर रहे हैं। 

दो रुपए में गोबर ख़रीदकर अब उसे 10 रुपए किलो में ख़रीदने के लिए बाध्य करना किसानों के साथ खुला अन्याय : भाजपा

दो रुपए में गोबर ख़रीदकर अब उसे 10 रुपए किलो में ख़रीदने के लिए बाध्य करना किसानों के साथ खुला अन्याय : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश में सहकारी समितियों में दो बोरी वर्मी खाद ख़रीदने की शर्त पर किसानों को यूरिया व डीएपी खाद देने की सामने आ रहीं ख़बरों के मद्देनज़र प्रदेश सरकार के पूरी तरह किसान-विरोधी चरित्र पर कड़ा ऐतराज़ जताया है। डॉ. सिंह ने कहा कि जिस प्रदेश सरकार ने गोबर ख़रीदी योजना को ज़रूरत से ज़्यादा हाईलाइट किया और उसमें अपनी वाहवाही लूटने का प्रयास किया, उस सरकार का दो रुपए में गोबर ख़रीदकर अब उसे 10 रुपए प्रति किलो की दर पर किसानों को ख़रीदने के लिए बाध्य करना प्रदेश के किसानों के साथ खुला अन्याय है।

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि दो बोरी वर्मी खाद ख़रीदने की अनिवार्यता कर राजीव गांधी न्याय योजना की ढिंढोरची प्रदेश सरकार किसानों के साथ कौन-सा न्याय कर रही है? डॉ. सिंह ने कहा कि कोई भी सरकार किसी भी चीज को ख़रीदने के लिए किसी को भी बाध्य नहीं कर सकती। यह ख़रीददार का ऐच्छिक अधिकार है। प्रदेश सरकार वर्मी खाद ख़रीदने के प्रेरित भले ही करे, परंतु कर्ज़ में खाद लेने वाले किसानों को वर्मी खाद लेने के लिए बाध्य करना अनुचित है। खेतों में गोबर या गोबर की खाद किसान डालें, हम उसके विरोधी नहीं हैं; लेकिन प्रदेश सरकार किसानों को यह ख़रीदने के लिए बाध्य कैसे कर सकती है? डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की भी एक योजना चल रही है, जिसमें किसान अपने घर में ही गोबर की खाद बनाकर अपने खेतों में डाल सकता है। उसमें किसानों को दो रुपए का गोबर 10 रुपए में नहीं पड़ेगा और सहज प्रक्रिया से किसान ख़ुद उसे तैयार कर लेगा। डॉ. सिंह ने सवाल किया कि केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजना के बीच प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों को दोहरी आर्थिक चोट पहुँचाने और उनके साथ धोखाधड़ी करने पर क्यों आमादा है?

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि भाजपा ने शुरू में ही यह दावे के साथ कहा था कि प्रदेश सरकार किसानों की एक जेब में नाममात्र के रुपए डालकर दूसरी जेब पर डाका डालने का काम करेगी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश गौठानों में या तो गोबर की ख़रीदी सही ढंग से हुई नहीं है या फिर ख़रीदी गया गोबर बारिश के चलते बह गया है। अब प्रदेश सरकार यह स्पष्ट करे कि जो गोबर खाद प्रदेश सरकार किसानों को दे रही है, क्या वह प्रदेश सरकार द्वारा ख़रीदे गए गोबर से बनी हुई है या बाहर से खाद लाकर उसे किसानों ज़बरिया बेचने का धंधा यह सरकार कर रही है? डॉ. सिंह ने प्रदेश सरकार से यह भी साफ़ करने को कहा है कि जब 15 करोड़ किलो कम्पोस्ट खाद सरकार ने तैयार की है तो फिर केंद्र सरकार से पिछले वर्ष के मुक़ाबले इस वर्ष 30 प्रतिशत अतिरिक्त रासायनिक खाद क्यों मांगी गई है? 

 शिक्षकों की भर्ती को लेकर  रमन सिंह ने मुख्यमंत्री बघेल पर कसा तंज

शिक्षकों की भर्ती को लेकर रमन सिंह ने मुख्यमंत्री बघेल पर कसा तंज

रायपुर। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती को लेकर एक बार फिर ट्वीट कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तंज कसा है। डा. सिंह ने सड़कों पर शिक्षकों द्वारा भर्ती की मांग को लेकर जुते पॉलिश व मुंडन कराकर किये गये प्रदर्शन का विडियो पोस्ट करते हुए कहा कि विज्ञापनों और मुख्यमंत्री के बयानों में 14580 शिक्षकों की भर्ती हो गई है तो फिर यह यह जो लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं वो कौन हैं। उन्होंने कहा कि युवा जूते पॉलिश व मुंडन कराकर हक के लिए लड़ रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार को अब कुछ सुनाई नहीं देता। डा. सिंह ने कहा कि सरकार अब बस यह कह देंगे हमने कब कहा था भर्ती करेंगे।
 सरकारी कार्यक्रम के दौरान मंच से गिरे मंत्री जी, हादसे का विडियो वायरल

सरकारी कार्यक्रम के दौरान मंच से गिरे मंत्री जी, हादसे का विडियो वायरल

ग्वालियर. मध्य प्रदेश (MP) के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Praduman singh tomar) ग्वालियर (Gwalior) में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मंच से गिर पड़े. उन्हें अंदरूनी चोट आयी है. तोमर यहां हो रहे राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे. उसी दौरान मंच से वो नीचे गिर पड़े.
 

ग्वालियर में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के दफ्तर का उद्घाटन हो रहा था. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश सरकार के मंत्री भारत सिंह कुशवाह, सांसद विवेक शेजवलकर, पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रभात झा भी मंच पर मौजूद थे. मंच करीब 10 फुट चौड़ा था जिस पर 25 लोग बैठे हुए थे. उसी दौरान मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर संतुलन बिगड़ने से अचानक गिर पड़े. उन्हें अंदरूनी चोट आयी है.
 
बड़ी खबर: पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर की कार को हाइवा ने मारी टक्कर, गाड़ी में अजय चंद्राकर समेत तीन अन्य लोग थे सवार

बड़ी खबर: पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर की कार को हाइवा ने मारी टक्कर, गाड़ी में अजय चंद्राकर समेत तीन अन्य लोग थे सवार

रायपुर: पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर की खड़ी गाड़ी को हाइवा चालक ने पीछे से टक्कर मार दिया। बता दें कि गाड़ी में अजय चंद्राकर समेत तीन अन्य लोग सवार थे। हालांकि किसी को कोई चोट नहीं आई है। शमसान घाट में पेड़ लगाकर अजय चंद्राकर भाजपा कार्यालय जाने के लिए निकले थे, तभी अचानक रास्ते में खड़ी गाड़ी को पीछे से हाइवा ने जोरदार टक्कर मार दी।

 दुखद खबर: भाजपा के पूर्व सांसद का हुआ निधन, तबियत बिगड़ने के बाद कराए गए थे अस्पताल में भर्ती

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देवरिया। उत्तर प्रदेश में संतकबीरनगर नगर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद रहे तथा देवरिया के सांसद रमापतिराम त्रिपाठी के बेटे शरद त्रिपाठी (50) का गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल में बीती देर रात निधन हो गया।

त्रिपाठी लीवर की समस्या से लम्बे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। वह गोरखपुर में धर्मशाला इलाके में परिवार के साथ रहते थे। तबीयत खराब होने के बाद पूर्व सांसद को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव वह संतकबीरनगर संसदीय क्षेत्र से जीते थे जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ही उनका संतकबीरनगर के मेंहदावल सीट से भाजपा विधायक राकेश सिंह बघेल से विवाद हो गया था। इस घटना के बाद ही उनको संतकबीरनगर से टिकट नहीं मिला, लेकिन पार्टी ने उनके पिता व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी को देवरिया से चुनाव मैदान में उतारा और वे देवरिया से सांसद हैं। उनके निधन की सूचना मिलते ही देवरिया में शोक की लहर व्याप्त है।
बड़ी खबर: नवजोत सिंह सिद्धू  को मिल सकती है बड़ी ज़िम्मेदारी, जानिए यहाँ

बड़ी खबर: नवजोत सिंह सिद्धू को मिल सकती है बड़ी ज़िम्मेदारी, जानिए यहाँ

चंडीगढ़. पंजाब काँग्रेस में मचे गृह युद्ध के बीच जहां पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान (Congress High Command) में हाजिरी लगा चुके हैं, वहीं अंत में पूर्व मंत्री व फायर ब्रांड नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने भी दिल्ली जाकर सबसे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा से मुलाकात की. इसके बाद वह वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी मिले|

सूत्रों का कहना है कि इस मुलाकात में कांग्रेस के दूसरे नेताओं के मुकाबले सिद्धू को वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने से जहां पंजाब के कांग्रेस नेता अंदरखाते नाराज हैं, वहीं सिद्धू को कांग्रेस हाईकमान अब बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है. पंजाब के एक हिंदी दैनिक अखबार की एक रिर्पोट के मुताबिक सिद्धू को हाईकमान कैंपेन कमेटी प्रभारी या टिकट आवंटन यानी चयन कमेटी में भी शामिल कर सकती है|


सिद्धू जब बीते मंगलवार को राहुल गांधी से मिलने पहुंचे थे तो उनकी मुलाकात नहीं हो पाई थी. जिसके पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने कई मायने निकालने शुरू कर दिए थे. प्रियंका के बुधवार को एक्टिव होने से पंजाब की सियासत के नए समीकरण सामने आए|


सिद्धू को वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने से खफा कांग्रेस नेताओं का मानना है कि सिद्धू विधायक हैं, लेकिन दूसरे विधायकों को नजर अंदाज करके उन्हे वीआईपी ट्रीटमेंट देना ठीक नहीं है. कांग्रेस के कुछ नेताओं का यह भी कहना है कि हाई कमान को टकसाली कांग्रेसियों से भी बातचीत करनी चाहिए. पूर्व क्रिकेटर की हाईकमान से हुई मुलाकात को लेकर पंजाब कोंग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि वह चाहते हैं कि कांग्रेस के नेताओं में आपसी मतभेद खत्म होने चाहिए. उन्होंने बताया कि उन्हें कांग्रेस हाईकमान ने अभी नहीं बुलाया है. जाखड़ ने कहा कि उम्मीद है कि 2022 के चुनाव से पहले कांग्रेस के आपसी मसले सुलझ जाएंगे|


शिअद प्रधान सुखबीर ने सिद्धू को ‘मिस गाइडमिसाइल’ कहा है उन्होंने कहा है कि यह मिसाइल कहीं भी चल सकती है. जिसके जवाब में सिद्धू भी नहीं चूके और कहा कि वह मिसगाइडिड नहीं हैं और निशाने पर अटैक करते हैं. उनका लक्ष्य सुखबीर के ‘भ्रष्ट व्यवसाय’ नष्ट करना है|

सोशल मीडिया में धारदार टिप्पणी करने वाली इस महिला को जिला महामंत्री बनाया गया

सोशल मीडिया में धारदार टिप्पणी करने वाली इस महिला को जिला महामंत्री बनाया गया

रायगढ़: सोशल मीडिया में एक्टिव भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व नगर अध्यक्ष दुर्गा देवांगन को भाजपा महिला मोर्चा में फिर से बड़ा दायित्व मिला है। पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय तौर पर शामिल रहने वाली दुर्गा को संगठन के नेतृत्व ने महिला मोर्चा में जिला महामंत्री का पद सौंपा गया है।

वहीं भाजपा नेत्री दुर्गा ने कहा कि संगठन की उम्मीदों की कसौटी पर खरा उतरने की कोशिश करूंगी। संगठन द्वारा दी गयी बड़ी जिम्मेदारी के लिए उन्होने संगठन के शीर्ष नेताओं के प्रति आभार जताते हुए कहा कि संगठन ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है उन जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करेंगी।

आपको बता दें कि दुर्गा देवांगन 7 वर्षो तक नशा मुक्ति अभियान से जुड़ी रहीं, इसके अलावा लायनेस क्लब की सदस्य भी हैं। वहीं सोशल मीडिया में धारदार प्रतिक्रिया के लिए इन्हें जाना जाता है।