संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र की ताजा व्यापार रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस महामारी के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था इस साल मंदी में चली जाएगी, जबकि भारत और चीन इसके अपवाद हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान खरबों डॉलर का नुकसान होगा और विकासशील देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।
रिपोर्ट में हालांकि इस बात की विस्तार से व्याख्या नहीं की गई है कि भारत और चीन अपवाद क्यों और कैसे होंगे?
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि कोविड-19 संकट के चलते विकासशील देशों में रह रहे दुनिया के करीब दो-तिहाई लोग अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और साथ ही इन देशों की मदद के लिए 2,500 अरब डॉलर के राहत पैकेज की सिफारिश भी की गई है।
संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (अंकटाड) के एक ताजा विश्लेषण में कहा गया है कि दुनिया की दो-तिहाई आबादी प्रभावित होगी और अगले 2 वर्षों के दौरान विकासशील देशों में करीब 2,000 से 3,000 अरब डॉलर के बीच विदेशों से आने वाला निवेश प्रभावित हो सकता है।
अंकटाड ने कहा कि हाल में विकसित अर्थव्यवस्थाओं और चीन ने भारी-भरकम सरकारी पैकेज की घोषणा की है। जी-20 के मुताबिक उनकी अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए यह पैकेज कुल 5,000 अरब डॉलर का होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह एक अभूतपूर्व संकट है जिसके लिए अभूतपूर्व फैसले करने हैं।
अंकटाड ने कहा है कि इन राहत उपायों के बावजूद विश्व अर्थव्यवस्था इस साल मंदी के दौर में चली जाएगी और इससे अरबों-खरबों डॉलर के वैश्विक निवेश का नुकसान होगा, जो विकासशील देशों के लिए गंभीर मुसीबत बन जाएगा।
नईदिल्ली, देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते हुए प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के कारण चूजों के उत्पादन के लगभग बंद होने से पोल्ट्री उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है। इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए यातायात के साधनों पर लगाई गई रोक के कारण अधिकांश स्थानों पर हैचिंग का काम रोक दिया गया है और अंडों के भंडारण पर जोर दिया जा रहा है। इतना ही नहीं सरकारी संस्थानों में किसानों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी रोक दिया गया है।
कोरोना के मद्देनजर यातायात के साधनों पर रोक लगाए जाने से न केवल लोगों का आना-जाना बाधित हुआ है बल्कि मुर्गी दाना, दवा ,विटामिन्स , खनिज और बिक्री के लिए तैयार मुर्गियों का परिवहन भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रामेश्वर सिंह ने पोल्ट्री उद्योग के संकट के बारे में पूछे जाने पर बताया कि विकट परिस्थिति के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है जिसका लंबे दौर में किसानों की आर्थिक स्थिति पर व्यापक असर होगा।
डॉक्टर सिंह ने बताया कि चूजा उत्पादन बंद होने से व्यावसायिक पैमाने पर पोल्ट्री उद्योग बुरी तरह से प्रभावित होगा और अंतत: इसका असर किसानों की अर्थव्यवस्था पर होगा। देश में करीब 10 लाख किसान पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े हुए हैं जिनमें से 60 प्रतिशत किसान 10 हजार से कम पक्षियों को पालते हैं। देश के सकल घरेलू उत्पाद में पोल्ट्री उद्योग का योगदान 1.2 लाख करोड़ रुपए सालाना है। देश भर में पूरे पोल्ट्री व्यवसाय चेन से करीब दस करोड़ लोग जुड़े हुए हैं।
पिछले दिनों कोरोना वायरस को लेकर फैलाई गयी अफ़वाह के कारण चिकन की थोक कीमत धराशाई हो गयी थीं और लोग 15 रुपए किलो भी लेने को तैयार नहीं हो रहे थे। देश में सरकारी क्षेत्र में बेगलुरु , हैदराबाद , चंडीगढ़ ,बरेली , इज्जतनगर और कृषि विश्वविद्यालयों में बड़े पैमाने पर चूजों को तैयार किया जाता है और यहां किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है। दक्षिण भारत में निजी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चूजे तैयार किए जाते हैं और इसे किसानों को उपलब्ध कराया जाता है।
डॉक्टर सिंह ने बताया कि देश में पोल्ट्री प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन सुविधाओं का अभाव है। यह सुविधा होने पर बड़े पैमाने पर चिकन और अंडों का प्रसंस्करण किया जा सकता था। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अनुसार केवल छह प्रतिशत पोल्ट्री का ही प्रसंस्करण किया जा रहा है। इस बीच पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रमेश चंदर खत्री ने बताया कि पोल्ट्री उद्योग की कमर टूट चुकी है और चूजों की आपूर्ति लाइन पूरी तरह से तबाह हो गई है। किसानों ने अंडों को जमीन के अंदर दबा दिया है और वे आर्थिक रूप से पूरी तरह से टूट चुके हैं। बिक्री के लिए तैयार पक्षी किसानों पर बोझ हैं क्योंकि दाना का भारी अभाव है।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगभग पूरे भारत में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है, ऐसे वक्त में अगर आपको किसी इमरजेंसी में पैसों की आवश्यकता पड़ती है तो आप बैंक से घर बैठे धन मंगा सकते हैं। SBI, ICICI, HDFC जैसे कई बैंक अपने ग्राहकों को इस तरह की सुविधा प्रदान करते हैं।
SBI भी डोरस्टेप डिलिवरी के तहत घर पर नकद मंगाने, पैसा जमा करने की सुविधा ग्राहकों को देता है। हालांकि यह सुविधा सिर्फ वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों या विशेष पंजीकरण वाले ग्राहकों के लिए है। इसका शुल्क 100 रुपए है।
ICICI बैंक से घर पर कैश डिलिवरी के लिए बैंक की वेबसाइट पर Bank@homeservice पर लॉगइन करना होता है। कस्टमरकेयर पर फोन करके भी आप यह सुविधा ले सकते हैं। नकद मंगाने के लिए सुबह 9 से दोपहर 2 बजे के बीच अनुरोध कर सकते हैं। 2 घंटे के भीतर आपको जरूरत का पैसा मिल जाता है। इससे 2 हजार से लेकर 2 लाख रुपए तक घर बैठे ले सकते हैं। इस सर्विस के लिए बैंक मात्र 60 रुपए चार्ज करती है।
HDFC बैंक भी कैश एट होम की सुविधा मुहैया कराता है। आप 5 से 25 हजार रुपए तक का कैश घर पर मंगा सकते हैं। इसके लिए 100 से 200 रुपए तक शुल्क बैंक लेता है।
इन बैंकों के अलावा भी कई बैंक इस तरह की सुविधा देते हैं। बैंकों के एप्स पर भी आप कैश एट होम के लिए आवेदन कर सकते हैं।
नई दिल्ली। शेयर बाजार में सोमवार शुरुआती एक घंटे के कारोबार के दौरान निवेशकों की 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति डूब गई। इस दौरान बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक 10 प्रतिशत से अधिक टूट गए।
कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते मामलों ने बाजार की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। इसके चलते इक्विटी बाजारों में सप्ताह की शुरुआत बड़े पैमाने पर बिकवाली के साथ हुई।
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण कारोबार को 45 मिनट के लिए रोके जाने से ठीक पहले 10,29,847.17 करोड़ रुपए घटकर 1,05,79,296.12 करोड़ रुपऐ रह गया। बीएसई के प्रमुख सेंसेक्स सूचकांक में 2,991.85 अंक या 10 प्रतिशत की गिरावट हुई, जिसके बाद कारोबार को 45 मिनट के लिए रोक दिया गया।
बीएसई सेंसेक्स के सभी शेयर घाटे में थे। एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक और बजाज फाइनेंस में जोरदार गिरावट हुई। बैंक, रियल्टी और वित्त क्षेत्र के शेयरों में भारी नुकसान देखने को मिला। सूचकांक में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले आरआईएल में 11.57 फीसदी और टीसीएस में 5.84 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
नई दिल्ली। कमजोर जेवराती मांग और डॉलर की तुलना में रुपए में जारी गिरावट से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना शुक्रवार को 43,170 रुए प्रति 10 ग्राम रह गया। चांदी भी 2983 रुपए की बड़ी गिरावट के साथ 43,855 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गई।
विदेशों में गुरुवार को दोनों पीली धातु में रही एक फीसदी से अधिक की नरमी ने भी घरेलू बाजार में इस पर दबाव डाला। हालांकि आज इसमें कुछ सुधार देखा गया।
लंदन एवं न्यूयॉर्क से मिली जानकारी के अनुसार, सोना हाजिर आज 7.8 डॉलर चढ़कर 1,584.35 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, अप्रैल का अमेरिकी सोना वायदा 4.60 डॉलर टूटकर 1,585.70 डॉलर प्रति औंस बोला गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी हाजिर 15.73 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रही।
स्थानीय बाजार में सोना स्टैंडर्ड 1,430 रुए की गिरावट के साथ 43,170 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सोना बिटुर भी इतनी ही नरमी के साथ 43,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव बिका। आठ ग्राम वाली गिन्नी 1,500 रुपए की बड़ी गिरावट के साथ 32,500 रुपए प्रति इकाई पर आ गई।
चांदी हाजिर 2,983 रुपए लुढ़ककर 43,855 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई। चांदी वायदा 2460 रुपए टूटकर 42,883 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। सिक्का लिवाली और बिकवाली 10-10 रुपए टूटकर क्रमश: 960 रुपए और 970 रुपए प्रति इकाई के भाव पर स्थिर रहे।
नई दिल्ली, यस बैंक के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यस बैंक की रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम को केंद्र की मोदी सरकार ने मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम की मंजूरी दी गई। रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम को मंजूरी मिलने के ऐलान के बाद बैंक के शेयर में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। यस बैंक का शेयर 6 फीसदी से ज्यादा के उछाल के साथ 27.50 रुपये के स्तर पर कारोबार करते हुए देखा गया।
आरबीआई यस बैंक के प्रस्तावित रिस्ट्रक्चरिंग प्लान को कैबिनेट की बैठक में पेश किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ड्राफ्ट स्कीम के अंतर्गत स्टेट बैंक यस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकता है। ड्राफ्ट स्कीम को लेकर आरबीआई द्वारा लोगों से सुझाव मांगा गया था। एसबीआई का कहना है कि यस बैंक के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स बनाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाउसिंग डेवलमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड और कोटक महिंद्रा प्राइम लिमिटेड भी यस बैंक में हिस्सा खरीद सकते हैं।
कोरबा,सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के उत्कृष्ट प्रबंधन और क्रियान्वयन के लिए भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड बालको प्रबंधन ने वर्ष 2019 का गोल्डन पीकॉक पुरस्कार जीता। यह पुरस्कार 4 मार्च 2020 को बालको के सामुदायिक विकास प्रबंधक श्री विवेक सिंह ने मुंबई में सामुदायिक उत्तरदायित्व पर गोल्डन पीकॉक की ओर से आयोजित 14वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ग्रहण किया।
इस अवसर पर बिडला सेंटर फॉर कम्यूनिटी इनिशिएटिव एंड रूरल डेवलपमेंट की अध्यक्ष श्रीमती राजश्री बिडला और केरल के लोक आयुक्त तथा कर्नाटक एवं उत्तराखंड उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सिरियाक जोसेफ मौजूद थे। इस उपलब्धि के लिए बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने बालको परिवार को शुभकामनाएं दी हैं। बालको प्रबंधन अपने प्रचालन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वावलंबन और आधारभूत संरचना विकास संबंधी योजनाएं संचालित करता है। बालको की योजनाओं से बड़ी संख्या में नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं।
नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) ने अपने सभी बचत खाताधारकों के लिए एक औसत मासिक न्यूनतम राशि रखने की अनिवार्यता बुधवार को समाप्त करने की घोषणा की। इससे अब बैंक के सभी बचत खाताधारकों को ‘जीरो बैलेंस’ खाते की सुविधा मिलने लगेगी।
इसके अलावा बैंक ने सभी बचत खातों पर ब्याज दर समान रूप से तीन प्रतिशत वार्षिक कर दिया है।
एसबीआई ने बुधवार को एक बयान में कहा कि देश में वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने के लिए उसने अपने सभी 44.51 करोड़ बचत खाताधारकों के लिए औसत मासिक न्यूनतम राशि (एएमबी) रखने की अनिवार्यता खत्म कर दी है।
अभी मेट्रो शहरों के बचत खाताधारकों को औसत मासिक न्यूनतम राशि के तौर पर 3,000 रुपये, कस्बों में 2,000 रुपए और ग्रामीण इलाकों में 1,000 रुपए खाते में रखने होते हैं। औसत मासिक न्यूनतम राशि को बनाए नहीं रखने की स्थिति में खाताधारकों को 5 से 15 रुपये जुर्माने और करों का भुगतान करना होता है।
एएमबी समाप्त किए जाने से बैंक के इन खाताधारकों को ‘जीरो बैलेंस’ (यानी कोई न्यूनतम राशि नहीं रखने) की सुविधा उपलब्ध होगी।
इसके अलावा बैंक ने त्रैमासिक आधार पर एसएमएस सेवा के लिए वसूले जाने वाले शुल्क को भी खत्म कर दिया है।
इस बारे में बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि यह फैसला और अधिक लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला होगा।
बैंक का कहना है कि ‘सबसे पहले ग्राहक हित’ की अवधारणा पर चलते हुए उसने यह कदम उठाया है।
इसके अलावा बैंक ने बचत खातों पर वार्षिक ब्याज दरों को तर्कसंगत बनाते हुए सभी श्रेणियों के लिए घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया है।
जगदलपुर, बस्तर संभाग मुख्यालय से हवाई सेवा पुन: जल्द शुरू हो सकता है। मिल रही जानकारी के अनुसार 29 मार्च से एयर इंडिया समूह की एलायंस कंपनी यहां से नियमित उड़ान का संचालन शुरू करेगी। इससे पहले शुक्रवार को एलायंस का एटीआर 72 विमान जगदलपुर पहुंचा। यह एयर इंडिया समूह के एलायंस की ट्रायल लैंडिंग थी।
विमान दिल्ली से उड़कर सीधे जगदलपुर में लैंड हुआ। विमान के साथ डीजीसीए और एयर इंडिया एलायंस के अफसर भी पहुंचे हुए हैं। कुछ घंटे बाद सारी तकनीकी जानकारी जुटाने और उससे संतुष्ट होने के बाद विमान दिल्ली के लिए टेकऑफ करेगा। एयरपोर्ट सूत्रों की मानें तो लैंडिंग सफल रही है, डीजीसीए को भेजी जाने वाली रिपोर्ट के बाद 29 मार्च से नियमित उड़ान का रास्ता पूरी तरह से साफ हो जाएगा। 29 मार्च से फ्लाइट रायपुर-जगदलपुर-हैदराबाद के लिए चलेगी। जगदलपुर एयरपोर्ट को ट्रांजिट एयरपोर्ट बनाये जाने की जानकारी मिल रही है।
पूरे देश में टोल टैक्स वसूली के लिए फास्टैग व्यवस्था लागू हो गई है। फरवरी महीने में इस नई व्यवस्था के द्वारा 1841 करोड़ रुपए की कमाई की गई है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस महीने में फास्टैग से सरकार को टोल प्लाजा से रोजना 63 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई हुई है। नेशनल हाईवे स्थित टोल प्लाजा पर फास्टैग से टोल टैक्स वसूला जा रहा है। हालांकि अभी हाईवे पर एक-चौथाई टोल बूथ पर नकद और फास्टैग दोनों से भुगतान हो सकेगा।
बिना फास्टैग के लेन में घुसने वाले वाहनों से वसूले 20 करोड़
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कहा है कि उसने टोल प्लाजा पर फास्टैग वाले लेन में घुसने वाले बिना टैग के 18 लाख वाहनों से 20 करोड़ रुपए वसूले हैं। सड़क परिवहन मंत्रालय ने पिछले साल दिसंबर में इलेक्ट्रॉनिक टोल वसूली के लिए फास्टैग की शुरुआत की थी। बिना टैग वाला वाहन अगर फास्टैग वाली लेन में घुसता है तो उसे दो गुना टोल देना होता है। अभी तक देशभर में 1.55 करोड़ से ज्यादा फास्टैग जारी किए जा चुके हैं।
नईदिल्ली। हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने भारत में संचालित उड़ान सेवाओं को उड़ानों के दौरान यात्रियों को वाई-फाई उपलब्ध कराने की सोमवार को मंजूरी दे दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इसके लिए एक अधिसूचना जारी कर विमान अधिनियम, 1937 में बदलाव किया है। इसके अनुसार पायलट इन कमांड उड़ान के दौरान वाई-फाई के माध्यम से यात्रियों को इंटरनेट के इस्तेमाल की अनुमति दे सकता है। यह भी शर्त रखी गयी है कि वाई-फाई का इस्तेमाल करने के दौरान भी यात्री अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, जैसे लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन, स्मार्टवाच, ई-रीडर आदि को फ्लाइट या एरोप्लेन मोड में ही रखेंगे।
नई दिल्ली | अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई काम है तो उसे आप 8 मार्च से पहले ही निपटा लें तो बेहतर होगा, क्योंकि मार्च में लगातार 8 दिनों तक बैंक बंद रह सकते हैं। 8 मार्च को रविवार है, जबकि 9 तथा 10 मार्च को होली की छुट्टी है। 11,12 तथा 13 मार्च को बैंककर्मी हड़ताल पर जा सकते हैं। अगर बैंककर्मी हड़ताल पर गए तो लगातार 6 दिनों की छुट्टी हुई, वहीं 14 मार्च को महीने का दूसरा शनिवार पड़ रहा है, जबकि 15 को रविवार का अवकाश है। ऐसे में बैंक लगातार 8 दिन बंद रहेंगे।
नई दिल्ली. रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन ने कहा है कि आरबीआई अकेले मुद्रास्फीति को नियंत्रित नहीं कर सकता क्योंकि आपूर्ति मामलों को सरकार द्वारा प्रबंधित करने की जरूरत है. ‘नई मौद्रिक नीति रूपरेखा-इसका मतलब’ शीर्षक से जारी एक पत्र में रंगराजन ने आरबीआई की मुद्रास्फीति को काबू में रखने की सीमाओं के बारे में चर्चा की है. उन्होंने कहा, मुद्रास्फीति का जो लक्ष्य दिया गया है, उसका एक एक दायरा होना चाहिए और उसके समायोजन को लेकर समय सीमा होनी चाहिए तथा यह बहुत अल्प अवधि का नहीं होना चाहिए.
रंगराजन ने कहा, इन सबके बावजूद मौद्रिक नीति को उन बातों पर ध्यान दिये बिना काम करना चाहिए जो मुद्रास्फीति को बढ़ावा देने वाले हों. स्पष्ट तौर पर आपूर्ति संबंधी मसले में आपूर्ति प्रबंधन की जरूरत होती है और यह सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि देश में मुद्रास्फीति लक्ष्य को जो विचार अपनाया गया है, उससे कई संदेह और चिंताएं बढ़ी हैं. नई मौद्रिक नीति रूपरेखा के तहत रिर्जव बैंक को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत घट-बढ़ के साथ 4 प्रतिशत के स्तर पर बनाये रखने की आवश्यकता है.
रंगराजन ने कहा, इस प्रकार एक तरह से यह लचीला लक्ष्य है. आरबीआई कानून में संशोधन कर मौद्रिक नीति समिति के गठन की व्यवस्था की गयी जो मुद्रास्फीति लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नीतिगत दर का निर्धारण करेगी. उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति को लक्ष्य के अनुसार रखने पर ध्यान देने का मबतल यह नहीं है कि वृद्धि और वित्तीय स्थिरता जैसे दूसरे लक्ष्यों को नजरअंदाज कर दिया जाए.
बता दें कि सरकार ने 2016 में नीतिगत निर्धारित करने के लिये मौद्रिक नीति समिति का गठन किया. रिजर्व बैंक के गवर्नर की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय समिति मतदान के आधार पर निर्णय करती है.
रायपुर | जगुआर लैंड रोवर इंडिया ने आज वर्ष 2020 के नए मॉडल डिस्कवरी स्पोर्ट की लॉन्चिंग की घोषणा कर दी। यह ज्यादा सहजए ज्यादा व्यावहारिक और आधुनिक एसयूवी है। एस और आर डायनेमिक एसई वर्जन में उपलब्ध नई एसयूवी डिस्कवरी स्पो्र्ट में बीएस.6 अनुकूल 183 किलोवॉट का इंजीनियम टर्बोचाज्र्डल पेट्रोल इंजन और 132 किलो वॉट का इंजीनियम टर्बोचाज्र्डअ डीजल पावरट्रेन इंजन लगा है।
एक अप्रैल 2020 से भारत स्टेज-4 (BS-IV) वाहनों का पंजीयन नहीं किया जाना है। इस संबंध में परिवहन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह द्वारा राज्य के समस्त क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय तथा जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत सभी वाहन डीलर्स को लिखित रूप से अवगत कराएं कि बीएस-04 वाहनों के पंजीयन अप्रूवल के लिए समस्त लंबित प्रकरण 29 फरवरी 2020 तक आवश्यक रूप से जमा करें, ताकि वाहन विक्रेता के द्वारा विक्रय किए गए समस्त बीएस-04 वाहनों का पंजीयन किया जा सके। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वाहन विक्रेता द्वारा यदि क्रेता को बीएस-04 वाहन बिक्री किया गया है तो सम्पूर्ण वैध दस्तावेज प्राप्त कर निर्धारित समयावधि में उसका पंजीयन की कार्रवाई पूर्ण कर लेंवे।
परिवहन आयुक्त द्वारा जारी निर्देश में अवगत कराया गया है कि चूंकि एक अप्रैल 2020 से बीएस-04 वाहनों का पंजीयन नहीं किया जाना है, ऐसी स्थिति में काफी संख्या में पंजीयन प्रकरण लंबित हो सकते हैं। साथ ही अंतिम समय में अत्यधिक कार्यभार की वजह से विभिन्न तकनीकी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है, जिससे वाहन क्रेता को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत गैर-परिवहन तथा परिवहन वाहनों का पंजीयन के लिए निर्धारित अधिकतम 30 कार्य दिवस और वाहनों का अस्थायी पंजीयन के लिए निर्धारित अधिकतम 15 कार्य दिवस में पंजीयन कार्यवाही सम्पादित किया जाना है। अतएव इस आधार पर वाहन विक्रेता अथवा क्रेता के हितों को ध्यान में रखते हुए वाहन डीलर्स से 29 फरवरी 2020 तक पंजीयन फाइलें प्राप्त करने के लिए जिले के वाहन डीलर्स को सूचित किया जाए, ताकि क्रय किए गए समस्त बीएस-4 वाहनों का पंजीयन 31 मार्च 2020 तक किया जा सके।
राज्य में प्रचलित डीलर प्वाईंट वाहन रजिस्टेªशन की प्रक्रिया में वाहन विक्रेता डीलर के द्वारा विक्रय की गई वाहनों का पंजीयन चिन्ह तत्काल आवंटित किया जाता है, तत्पश्चात वाहन विक्रेता डीलर के द्वारा पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज परिवहन कार्यालय में जमा किया जाता है। डीलर द्वारा जमा किए गए समस्त आवश्यक वैध दस्तावेजों की जांच करने के पश्चात पंजीयन प्राधिकारी द्वारा वाहन-4.0 पोर्टल में वाहन का पंजीयन अप्रूवल किया जाता है। तत्पश्चात ही वाहन पूर्ण रूप से पंजीकृत माना जाता है। चूंकि एक अप्रैल 2020 से बीएस-04 वाहनों का पंजीयन नहीं किया जाना है।
इस संबंध में निर्देशित किया गया है कि जिन वाहनों का वैध दस्तावेज परिवहन कार्यालय में जमा नहीं किया गया है और वाहन-04 में अप्रूवल शेष है। उन सभी वाहनों का पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए लंबित समस्त प्रकरण 29 फरवरी 2020 तक जमा कर लिया जाए। यह भी पाया जाता है कि वाहन विक्रेताओं से डिस्काउंट/ऑफर की उम्मीद में क्रेता द्वारा अंतिम दिवस तक इंतजार किया जाता है। इस संबंध में यदि वाहन डीलर्स स्वेच्छा से डिस्काउंट/ऑफर देना चाहते हैं तो अंतिम दिवस का इंतजार करने की बजाए फरवरी में ही यह कार्यवाही कर सकते हैं। परिवहन आयुक्त द्वारा समस्त पंजीयन प्राधिकारी को इसका क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने परिवहन अधिकारियों को जिलों में पंजीकृत वाहन डीलर्स वाहनों के भारत स्तर-4 के स्टॉक से संबंधित विवरण लिखित रूप में 25 फरवरी 2020 तक प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि स्टॉक के समाप्त होने तक भारत स्तर-4 की गाड़ियों को पंजीकृत करने में नियमानुसार कोई अवरोध अथवा दिक्कत ना हो।
























