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BREAKING: राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 में सीएम विष्णुदेव साय की बड़ी घोषणा, नगर पंचायत समोदा को मिला पूर्ण तहसील का दर्जा

BREAKING: राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 में सीएम विष्णुदेव साय की बड़ी घोषणा, नगर पंचायत समोदा को मिला पूर्ण तहसील का दर्जा

 रायपुर/आरंग।  राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 के भव्य आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी है। सीएम ने मंच से ऐलान करते हुए नगर पंचायत समोदा को पूर्ण तहसील का दर्जा देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।

सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि समोदा लंबे समय से तहसील की मांग कर रहा था। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है। तहसील बनने से आसपास के ग्रामीणों को अब राजस्व, भूमि रिकॉर्ड, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचे। समोदा को तहसील का दर्जा मिलने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और आम नागरिकों को सीधा लाभ होगा।

घोषणा के बाद महोत्सव स्थल पर मौजूद जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने तालियों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। क्षेत्रवासियों ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

बताया जा रहा है कि जल्द ही तहसील कार्यालय की स्थापना और अधिकारियों की पदस्थापना की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। समोदा के तहसील बनने से आसपास के दर्जनों गांवों को प्रशासनिक सुविधा का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सूरजपुर दौरे पर,विभिन्न कार्यों का करेंगे लोकार्पण और भूमिपूजन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सूरजपुर दौरे पर,विभिन्न कार्यों का करेंगे लोकार्पण और भूमिपूजन

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज सुरजपुर दौरे पर रहेंगे। सूरजपुर जाने से पहले मुख्यमंत्री निवास में सीएम साय सुबह 11 बजे राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत बस को दिखायेंगे हरी झंडी। वही दोपहर 1 बजे रायपुर से सूरजपुर के लिए होंगे रवाना। 2:30 बजे से विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों का करेंगे भूमिपूजन और सूरजपुर जिले करोड़ो रुपए का सौगात देंगे।

CG – पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो कार से पकड़ा 75 लाख का गांजा 3 तस्कर गिरफ्तार पढ़े पूरी ख़बर

CG – पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो कार से पकड़ा 75 लाख का गांजा 3 तस्कर गिरफ्तार पढ़े पूरी ख़बर

 महासमुंद/  जिले में सूखे नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने गांजा से भरी दो कार को पकड़ा है। कार के अंदर से 75 लाख का गांजा जब्त किया है। साथ ही तीन आरोपियों को भी पकड़ा किया है। बसना थाना क्षेत्र में अपराध दर्ज कर आगे की जांच कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस को मिली थी सूचना

दरअसल, महासमुंद पुलिस को ओडिशा से गांजा लोड कर दो कार छत्तीसगढ़ के रास्ते आने की सूचना मिली थी। इस सूचना के बाद पुलिस की टीम ने बसना थाना क्षेत्र के पास नाकेबंदी कर दोनों कार को रूकवाया।

कार के चालकों से पूछताछ करने पर वो हड़बड़ाने लगे और उल्टा-पुल्टा जवाब देने लगे। पुलिस को कार के अंदर बैठे लोगों पर शक हुआ तो दोनों कार से तीन युवकों को बाहर निकाला गया और कार की तलाशी ली गई। इस दौरान कार के अंदर से छह बोरिया मिली। बोरियों को खोलने पर उसके अंदर गांजा मिला। गांजे के संबंध में पूछताछ की गई तो आरोपियों ने गांजा को ओडिशा से लाने की बात कबूल की। जब्त गांजे की कीमत 150 किलों 750 ग्राम है, जिसकी कुल कीमत 75 लाख बताई जा रही है।

वहीं, जब्त दोनों क्रेटा कार की कीमत 20 लाख के आसपास बताई जा रही है। गांजा तस्करों के कब्जे से पुलिस ने तीन मोबाइल और अन्य सामान जब्त किया है। साथ ही बसना थाना क्षेत्र में अपराध दर्ज कर आगे की जांच कार्रवाई की जा रही है। पुलिस गांजा के संबंध में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के बाद पुलिस गांजा तस्करी से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करेगी।

गांजा तस्करों के नाम

तन्मय मिश्रा उर्फ लिपुन (29), निवासी मनकेश्वरी मंदिर प्लॉट, वार्ड नंबर 03, सोनपुर, ओडिशा

प्रमोद कल्ता उर्फ सिकन (25), निवासी मृत्युंजयपुर, थाना मनमुंडा, जिला बौद्ध, ओडिशा

दीनबंधु मिश्रा (39), निवासी बुदेलबाडली, थाना तोरवा, जिला सोनपुर, ओडिशाa

छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम

छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम

 रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त पहचान दिलाने के उद्देश्य से 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित होने वाले ‘रायपुर साहित्य उत्सव–2026’ की तैयारियों का जायज़ा लेने कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल ने आज आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉल, मुख्य मंच, साहित्यिक सत्रों के स्थल, फूड ज़ोन, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा एवं दर्शक सुविधाओं सहित समस्त व्यवस्थाओं को समयबद्ध और सुव्यवस्थित रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित आयोजन समिति के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

‘आदि से अनादि तक’—भारतीय साहित्य की जीवंत परंपरा का उत्सव

‘रायपुर साहित्य उत्सव’ के प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजन का केंद्रीय विचार ‘आदि से अनादि तक’ है, जो भारतीय साहित्य की निरंतर, जीवंत और विकसित होती परंपरा को रेखांकित करता है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव साहित्य, विचार और संस्कृति के संगम का उत्सव है। उन्होंने निर्देशित किया कि आगंतुकों को सहज, सुरक्षित और यादगार अनुभव मिले, इसके लिए सभी व्यवस्थाएँ उच्च गुणवत्ता की हों।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा  कि रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन में बच्चों, युवाओं, शिक्षकों, लेखकों और आम पाठकों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को साहित्य, विचार और संस्कृति से जोड़ना इस उत्सव का प्रमुख उद्देश्य है।

नवा रायपुर बनेगा साहित्य, विचार और कला का केंद्र

तीन दिनों तक पुरखौती मुक्तांगन साहित्यिक संवाद, पुस्तक विमोचन, विचार-मंथन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कला-प्रदर्शनियों का जीवंत केंद्र बनेगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

देशभर के साहित्यकार, विचारक और रचनाकार होंगे शामिल

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में देश के विभिन्न हिस्सों से आए ख्यातिप्राप्त साहित्यकार, कवि, लेखक, पत्रकार, विचारक और युवा रचनाकार एक मंच पर संवाद करते नज़र आएँगे। कार्यक्रम के दौरान साहित्यिक सत्रों के साथ-साथ खुले संवाद, समकालीन विषयों पर विचार-विमर्श और रचनात्मक प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएँगी।

 छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम

युवाओं और बच्चों को मिलेगा सशक्त मंच

उत्सव की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें नई पीढ़ी को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया है। रायपुर जिले के स्कूली बच्चों द्वारा स्वलिखित कविताओं, कहानियों एवं अन्य रचनाओं पर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। साथ ही बच्चों और युवाओं के लिए ओपन माइक जैसे मंच उपलब्ध कराए जाएँगे, जहाँ वे अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत कर सकेंगे।

युवाओं में आयोजन को लेकर खासा उत्साह है—अब तक 4,000 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है।

भव्य पुस्तक मेला और लेखक–पाठक संवाद

उत्सव के दौरान लगभग 40 स्टॉल्स के साथ एक भव्य पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें प्रदर्शित की जायेंगी एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगी। यह मंच लेखकों और पाठकों के बीच सीधे संवाद को प्रोत्साहित करेगा।

‘चाणक्य’ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहेंगी विशेष आकर्षण

रायपुर साहित्य उत्सव में विशेष रूप से ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन किया जाएगा, जो भारतीय बौद्धिक परंपरा और नाट्यकला का प्रभावशाली उदाहरण होगा। इसके साथ ही लोकनृत्य, लोकगीत और छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को राज्य की जीवंत लोकसंस्कृति से रूबरू कराया जाएगा।

कवि सम्मेलन और संवाद सत्र

विख्यात कवियों की उपस्थिति में कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जहाँ उनकी सशक्त रचनाएँ श्रोताओं को साहित्यिक रसास्वादन कराएँगी। साथ ही पत्रकारों, विचारकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ खुले संवाद सत्र आयोजित किए जाएँगे, जिनमें समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों पर सार्थक चर्चा होगी।

निरीक्षण के दौरान सभी उपस्थित अधिकारियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने आयोजन को सुव्यवस्थित, प्रभावी और यादगार बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।

यह आयोजन छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना, विचार परंपरा और सांस्कृतिक आत्मा को राष्ट्रीय संवाद से जोड़ने की एक सशक्त पहल के रूप में उभर रहा है। रायपुर साहित्य उत्सव–2026 न केवल लेखकों और पाठकों के बीच सेतु बनेगा, बल्कि नई पीढ़ी को साहित्य, संस्कृति और विचार के प्रति संवेदनशील बनाने का भी माध्यम बनेगा। साहित्यिक विमर्श, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध यह तीन दिवसीय उत्सव नवा रायपुर को देश के प्रमुख साहित्यिक केंद्रों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय सिद्ध होगा।

लोगों से अच्छा व्यवहार रखकर ईमानदारी से करें काम : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

लोगों से अच्छा व्यवहार रखकर ईमानदारी से करें काम : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने आज व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से चयनित 44 नए हैंडपंप तकनीशियनों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। श्री साव ने नवनियुक्त तकनीशियनों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। श्री साव ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में पेयजल समस्याओं के निदान के लिए नया नंबर 1916 जारी किया।

44 हैंडपंप तकनीशियनों को मिला नियुक्ति पत्र

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नवनियुक्त तकनीशियनों को नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज से आपके नए जीवन की शुरुआत हो रही है, आप अपने सपनों को सच होते देख रहे हैं। घरवाले बेसब्री से आपकी राह देख रहे होंगे, आज आप शासकीय नौकरी की नियुक्ति पत्र लेकर घर लौटेंगे। यह आप सभी के लिए भावुक पल है। उन्होंने कहा कि यह आपकी मंज़िल नहीं है। आपको जीवन का पड़ाव मिला है। आपको बहुत दूर तक जाना है। जीवन के अनेक सोपान तय करना है। यहां से आपके लिए नई जिम्मेदारी, नई चुनौती, नया फील्ड एवं नया परिवेश मिलने वाला है।ऐसे में आपको ख़ुदको मानसिक रूप से तैयार करना है। श्री साव ने कहा कि शासकीय नौकरी, सपनों को साकार करने की दिशा में पहला कदम है।

44 हैंडपंप तकनीशियनों को मिला नियुक्ति पत्र

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने समारोह में कहा कि 29 हजार से ज्यादा नल जल योजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें से 7000 से अधिक पूर्ण हो चुकी हैं। आप सभी विभाग के ग्राउंड रूट के हिस्से होंगे, इसलिए नए तकनीशियन फील्ड में प्रदेशवासियों की सेवा में पूरे समर्पण से कार्य करें। कार्यक्रम को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री ओंकेश चंद्रवंशी ने भी सम्बोधित किया।

प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री  अरुण साव

प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री अरुण साव

 छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, जल जीवन मिशन से 32 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल से जल

जल जीवन मिशन के तहत लगभग 41.87 लाख घरेलू नल कनेक्शन 5,564 ग्राम ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित

रायपुर, 16 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था में व्यापक और ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को यह जानकारी दी।

उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख से अधिक घरों तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि मिशन लागू होने से पूर्व प्रदेश में केवल 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के बीते दो वर्षों में इस संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है।

प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए और छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए।

श्री साव ने कहा कि वर्तमान में 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। वहीं 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जिनमें से 4,544 ग्रामों को विधिवत प्रमाणित किया जा चुका है, विगत दो वर्षों में हर घर सर्टिफाइड ग्रामों की संख्या में पूर्व की तुलना में 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण भी किया गया है।

प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन इन योजनाओं के माध्यम से जुड़े हैं।

जल गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए श्री साव ने बताया कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए पेयजल से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री श्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के कारण बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया, 629 अनुबंध निरस्त किए गए तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया। इसके साथ ही दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी की गई है।

उन्होंने आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) का निर्माण, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करना तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्राथमिकता है।

धान खरीदी में अनियमितता बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर सख़्त कार्रवाई जारी

धान खरीदी में अनियमितता बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर सख़्त कार्रवाई जारी

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था के प्रति सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर 16 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार की स्पष्ट नीति है कि धान खरीदी और भंडारण से जुड़े किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या गड़बड़ी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में जिला बेमेतरा के धान संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा में कुल 12,72,389.56 क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। कलेक्टर बेमेतरा के निर्देशानुसार इस संग्रहण केन्द्र में भंडारित धान का भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजस्व, खाद्य, मार्कफेड, नागरिक आपूर्ति निगम, सहकारिता, कृषि उपज मंडी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग सहित संबंधित विभागों का संयुक्त जांच दल गठित किया गया।

संयुक्त जांच दल द्वारा 31 दिसंबर 2025 को संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि भंडारित धान के स्टैक पूर्ण स्थिति में नहीं थे, धान के बोरे अव्यवस्थित रूप से बिखरे हुए थे तथा ऑनलाईन उपलब्ध स्टॉक की जानकारी और मौके पर उपलब्ध धान में गंभीर अंतर पाया गया।जांच में धान मोटा 4,209.19 क्विंटल एवं धान सरना 49,430.03 क्विंटल, कुल 53,639.22 क्विंटल धान की कमी पाई गई। इस संबंध में संयुक्त जांच दल द्वारा तैयार प्रतिवेदन शासन को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला विपणन अधिकारी बेमेतरा द्वारा संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा के प्रभारी श्री नितीश पाठक, क्षेत्र सहायक को दिनांक 14 जनवरी 2026 से समस्त प्रभारों से मुक्त करते हुए उनके विरुद्ध निलंबन एवं विभागीय जांच संस्थित करने के आदेश जारी किए गए हैं।

प्रशासनिक व्यवस्था की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से श्री हेमंत कुमार देवांगन, क्षेत्र सहायक को आगामी आदेश पर्यन्त धान संग्रहण केन्द्र लेंजवारा (सरदा) एवं भंडारण केन्द्र बेमेतरा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

भौतिक सत्यापन के दौरान संग्रहण केन्द्र सरदा एवं लेंजवारा में कुल 11,648.62 क्विंटल धान भौतिक रूप से उपलब्ध पाया गया, जिसमें से 3,000 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। शेष उपलब्ध धान के उठाव की प्रक्रिया नियमानुसार सतत जारी है।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संग्रहण केन्द्रों में प्लास्टिक बोरों में धान का भंडारण किया गया था, जो निर्धारित मानकों के विपरीत है। इन सभी तथ्यों को विभागीय जांच के दायरे में शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि “धान का हर दाना खरीदा जाएगा, किसानों को उनका पूरा भुगतान समय पर मिलेगा, लेकिन किसी भी स्तर पर अनियमितता करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।” धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाए रखने के लिए सरकार पूरी सख़्ती और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।


 

बस्तर अंचल का होगा चहुंमुखी विकास: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

बस्तर अंचल का होगा चहुंमुखी विकास: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

 कांकेर जिले को 284 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की दी सौगात 

बंग समाज के 135 ग्रामों की प्राथमिक शालाओं में नये शिक्षा सत्र से बांग्ला भाषा में शिक्षा प्रांरभ करने सहित कई घोषणाएं
रायपुर, 16 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का चहुंमुखी विकास होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है और इसके बाद बस्तर अंचल में तेजी से विकास दृष्टिगोचर होगा। मुख्यमंत्री श्री साय आज कांकेर जिले पखांजूर में आयोजित कार्यक्रम में 284 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नेताजी सुभाष स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में परलकोट क्षेत्रवासियों के विकास के लिए विभिन्न घोषणाएं भी की गई, जिनमें नए शिक्षा सत्र से बंग समाज के 135 ग्रामों की प्राथमिक शालाओं में नये शिक्षा सत्र से बांग्ला भाषा में शिक्षा प्रांरभ करने की घोषणा की। उन्होंने संबलपुर से दुर्गूकोंदल होते हुए पखांजूर तक सड़क निर्माण, पखांजूर के मंडी गेट से अंजाड़ी नाला तक गौरवपथ, मछली मार्केट पखांजूर से नर-नारायण सेवा आश्रम तक सीसी सड़क, शासकीय कन्या शाला मैदान में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण, पखांजूर में फायर ब्रिगेड वाहन सेवा शुरू करने तथा सिविल अस्पताल पखांजूर में धनवंतरि जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स स्थापित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रशासनिक कार्याेें में स्वच्छता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करने की इच्छा शक्ति के साथ लगातार विकास की ओर आगे बढ़ रही है। श्री साय ने बताया कि प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों का अनुसरण करते हुए प्रदेश सरकार तेजी से कार्य कर रही है। दो साल की अल्पावधि में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास की स्वीकृति दी है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 08 लाख हितग्राहियों ने गृह प्रवेश भी कर लिया है। इसी तरह महतारी वंदन योजना में 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में नियद नेल्लानार, धरती आबा अभियान, पीएम जनमन जैसी अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही है, जिससे विकास कार्याे कों गति मिली है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को पुनः प्रारंभ किया गया। मेहनतकश किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। कार्यक्रम को कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग अंतागढ़ विधायक श्री विक्रमदेव उसेण्डी ने भी सम्बोधित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नर नारायण सेवा आश्रम पहंुचे और वहां पूजा अर्चना कर तथा प्रदेशवासियांे की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण की सेवा है ध्येय से स्थापित किए गए इस आश्रम में आस्था और परंपरा को आगे बढ़ाने का पुण्य कार्य किया जा रहा है। उन्होंने वहां आश्रम के संस्थापक स्वामी सत्यानंद परमहंस के तैलचित्र एवं प्रतिमा का विधिविधानपूर्वक पूजन किया। इसके पश्चात वे पखांजूर के मुख्य मार्ग पर स्थित परकोट विद्रोह के क्रांतिकारी शहीद गैंद सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनकी शहादत को नमन किया।
इस अवसर पर विधायक श्री आशाराम नेताम, राज्य हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, पूर्व सांसद श्री मोहन मण्डावी, पूर्व विधायक श्री मंतूराम पवार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ: 19 से 26 जनवरी तक राज्यभर में द्वितीय चरण के कार्यक्रम, रायपुर में राज्यपाल और जगदलपुर में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में होंगे विशेष आयोजन

वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ: 19 से 26 जनवरी तक राज्यभर में द्वितीय चरण के कार्यक्रम, रायपुर में राज्यपाल और जगदलपुर में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में होंगे विशेष आयोजन

रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यभर में चार चरणों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत द्वितीय चरण में कार्यक्रमों का आयोजन 19 से 26 जनवरी 2026 तक किया जाएगा।

गणतंत्र दिवस के दिन रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही राज्य के सभी जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा स्कूल-कॉलेजों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के पश्चात बड़े पैमाने पर सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी, प्रमुख हस्तियां और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

द्वितीय चरण में 19 से 26 जनवरी तक राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की सहभागिता के साथ वंदे मातरम् से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ, विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों पर आधारित प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।

सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता के तहत प्रदेश में वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर अभियान के पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर वंदे मातरम् की पूर्व रिकॉर्डेड धुन के साथ गायन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण का आयोजन 7 से 14 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक किया जा चुका है। वही तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा अभियान के साथ संचालित किया जाएगा एवं चतुर्थ चरण का आयोजन 1 से 7 नवंबर 2026 को किया जाएगा। भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह आयोजन ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रमों को संपन्न कराया जाएगा, जिसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है।

सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त संगम है शिव पुराण: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त संगम है शिव पुराण: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सनातन परंपरा और आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में नैतिकता, संस्कार और सामाजिक समरसता को बल मिलता है। वे आज रायगढ़ जिले के बरगढ़ खोला अंचल के ग्राम-खम्हार में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में को सम्बोधित कर रहे थे।

गौरतलब है कि इस कथा का आयोजन देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की माताश्री हीराबेन मोदी की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि स्वरूप किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान शिव से प्रदेश की जनता के लिए सुख, समृद्धि के लिए कामना की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल कथा व्यास श्री कृष्णा दुबे महाराज से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वही भूमि है जहां प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय व्यतीत किया। माता शबरी के जूठे बेरों की महिमा आज भी जीवंत है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सुगंधित चावल से बना प्रसाद अर्पित किया गया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक दो वर्षों में 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत 19 चिन्हित तीर्थ स्थलों की यात्रा कराते हुए अब तक 5 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को लाभान्वित किया गया है। कार्यक्रम को वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने भी संबोधित किया।

श्री शिव महापुराण कथा का वाचन अकोला (महाराष्ट्र) से पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल कथा व्यास श्री कृष्णा दुबे महाराज द्वारा संगीतमय शैली में किया जा रहा है, जिसमें भगवान शिव, माता पार्वती सहित संपूर्ण शिव चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया और श्रीमती कमलेश जांगड़े राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा गबेल, रायगढ़ के महापौर श्री जीवर्धन चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष खरसिया श्री कमल गर्ग सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

मैनपाट में पर्यटन व आवास विकास को मिलेगी नई गति, बनाया जाएगा सर्व सुविधायुक्त पर्यटन- आवासीय परिसर

मैनपाट में पर्यटन व आवास विकास को मिलेगी नई गति, बनाया जाएगा सर्व सुविधायुक्त पर्यटन- आवासीय परिसर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से विख्यात मैनपाट में पर्यटन विकास एवं पर्यटकों की सुविधाओं के विस्तार हेतु एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कलेक्टर, सरगुजा (अंबिकापुर) द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के आदेश क्रमांक 04/अ-19/2025-26, दिनांक 14.01.2026 के अंतर्गत 4.80 हेक्टेयर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आबंटित की गई है।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने जानकारी देते हुए बताया कि, इस भूमि पर प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप सर्वसुविधायुक्त, बहुउपयोगी पर्यटन एवं आवासीय परिसर का निर्माण अतिशीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य मैनपाट आने वाले पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण आवास एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन तथा आवास को नई गति मिलेगी। अध्यक्ष ने बताया कि, यह निर्णय प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में, सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी जी एवं माननीय पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल जी के प्रयासों से हो पाया है। यह पहल मैनपाट में लगातार बढ़ रहे पर्यटकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए की गई है।

सिंहदेव ने बताया कि प्रस्तावित परिसर मे केरल की तर्ज़ पर आधुनिक वेलनेस सेंटर विकसित किया जाएगा, जिसमें प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा एवं आयुष आधारित सुविधाएं उपलब्ध होंगी, पर्यटकों के लिए 24×7 क्लब हाउस की सुविधा रहेगी, जिसमें मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ तथा एंटरटेनमेंट ज़ोन शामिल होंगे, पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार के ट्री हाउस एवं कॉटेज का निर्माण किया जाएगा साथ ही इस परिसर के माध्यम से पर्यटकों को मैनपाट की स्थानीय संस्कृति, परंपरा एवं जनजीवन को नजदीक से देखने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा।

अध्यक्ष ने कहा कि इस परियोजना से मैनपाट क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि, तथा आवासीय एवं आधारभूत संरचना के विकासको गति मिलेगी। किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाओं की उपलब्धता से पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा, जिससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मजबूती मिलेगी और स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन प्राप्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मैनपाट में प्रस्तावित यह परियोजना छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन एवं आवास विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी और आने वाले समय में मैनपाट को एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मंत्री ओ.पी. चौधरी जी ने कहा मैनपाट छत्तीसगढ़ का विशिष्ट पर्यटन स्थल है। यहां पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवास, वेलनेस और आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यंत आवश्यक है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा प्रस्तावित यह परियोजना पर्यटन, आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देगी। यह पहल मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। राजेश अग्रवाल, पर्यटन मंत्री एवं विधायक अंबिकापुर ने बताया छत्तीसगढ़ में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में यह एक सराहनीय कदम है। मैनपाट में आधुनिक पर्यटन एवं आवासीय परिसर के निर्माण से पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मजबूती प्राप्त होगी। यह परियोजना राज्य के पर्यटन विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।”

रामकुमार टोप्पो,  विधायक सीतापुर ने कहा कि, मैनपाट क्षेत्र के लिए यह परियोजना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप विकसित होने वाला यह आवासीय परिसर क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अनुराग सिंह देव ने कहा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा मैनपाट में विकसित किया जाने वाला यह परियोजना राज्य में पर्यटन एवं आवास विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

CG – धर्मांतरण के बड़े नेटवर्क का संचालक गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ में सैकड़ों चर्च खोलने की थी तैयारी

CG – धर्मांतरण के बड़े नेटवर्क का संचालक गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ में सैकड़ों चर्च खोलने की थी तैयारी

 राजनांदगांव। जिले से धर्मांतरण के बड़े नेटवर्क का संचालन करने वाले आरोपी डेविड चाकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने घर में चर्च खोलकर प्रदेश में डिजिटल तरीके से नेटवर्क चला रहा था। आरोपी अपने चर्च में कई नाबालिग बच्चों को भी रखा था। पुलिस जांच में यह भी पता चला हैं कि डेविड पूरे प्रदेश में सैकड़ों चर्च खोलने वाला था, इसके लिए वह फंडिंग का भी जुगाड़ कर रहा था।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कई विदेशी डिवाइश, लैपटॉप, टैबलेट, आईपैड व मोबाइल जब्त किया है। साथ ही सोलर-आधारित प्रोजेक्टर भी बरामद किया है। आरोपी सोलर-आधारित प्रोजेक्टर को उन जगहों पर उपयोग करता था, जहां विद्युत की सुविधा नहीं रहती थी। पुलिस को विदेशी फंडिंग का भी शक है। इसके आधार पर आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

जानिए घटना

दरअसल थाना लालबाग के पुलिस चौकी सुकुलदेहन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ग्राम धर्मापुर में एक व्यक्ति द्वारा चर्च संचालन कर धर्मांतरण से संबंधित गतिविधिया की जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अंकिता शर्मा के निर्देश पर थाना लालबाग द्वारा आरोपी डेविड चाको के विरुद्ध छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 एवं 5 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जाँच शुरू की गई।

जाँच के दौरान पुलिस को कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण व चौंकाने वाले तथ्य मिले। जांच के दौरान कई दस्तावेज, अभिलेख, रजिस्टर वं अन्य सामग्री जब्त की गई। साथ ही यह भी पता चला कि धर्मांतरण की आड़ में संगठित नेटवर्क को चलाया जा रहा था। यह नेटवर्क केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था। राजनांदगांव पुलिस की जाँच में यह भी पता चला कि धर्मान्तरण का यह पूरा नेटवर्क छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में सक्रिय था|सैकड़ों व्यक्तियों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

आरोपी डेविड चाको के पास से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं, जिनमें लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड व मोबाइल फोन शामिल है। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त डिजिटल दस्तावेज, डेटा व प्रेजेंटेशन सामग्री के माध्यम से कई अहम जानकारियां सामने आई है। इसके अतिरिक्त विवेचना के दौरान सोलर-आधारित प्रोजेक्टर भी जब्त किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है। उपकरण विशेष रूप से उन दूरस्थ क्षेत्रों में उपयोग किए जाते हैं, जहां विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं होती।

जब्त दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस जाँच में कई अन्य व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इन सभी व्यक्तियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया गया है।

आरोपी के वित्तीय लेन-देन व धन स्रोतों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चर्च संचालन हेतु धन कहां से मिल रहा था, उसके स्रोत क्या हैं? साथ ही क्या इसमें किसी अन्य अवैध या संगठित गतिविधि का कोई बिंदु तो नहीं जुड़ा हुआ है।

राजनांदगांव एसपी अंकिता शर्मा ने कहा कि पुलिस द्वारा इस पूरे प्रकरण की विवेचना निष्पक्षता, पारदर्शिता से की जा रही है। किसी भी व्यक्ति या संस्था को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। जांच में जो भी तथ्य एवं साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कठोर व विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण की विवेचना सतत रूप से जारी है।

CG Accident : एनएच-53 पर भीषण हादसा, एक ही परिवार के तीन की मौत

CG Accident : एनएच-53 पर भीषण हादसा, एक ही परिवार के तीन की मौत

 आरंग-रायपुर। राजधानी रायपुर से लगे आरंग थाना क्षेत्र के पारागांव में शुक्रवार सुबह नेशनल हाईवे-53 पर दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। मुरूम से भरे तेज रफ्तार हाइवा ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार तीन लोग भारी वाहन के चक्कों के नीचे आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद हाइवा बाइक सवारों को कुछ दूरी तक घसीटता चला गया, जिससे सड़क पर शवों के टुकड़े बिखर गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

मछली पकड़ने निकले थे, रास्ते में मौत से सामना

जानकारी के मुताबिक, मृतक प्लेटिना बाइक से महानदी में मछली पकड़ने जा रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे मुरूम लोड हाइवा ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई।

मृतकों की पहचान मंगलू जलक्षत्री (28 वर्ष), तिलक जलक्षत्री (6 वर्ष), श्रवण जलक्षत्री (40 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों आरंग के बागेश्वर पारा इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं।

चालक फरार

 घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद हाइवा चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश की जा रही है।

POLICE TRANSFER : 4 सब इंस्पेक्टर समेत 76 पुलिसकर्मियों का तबादला, एसपी ने जारी किया आदेश

POLICE TRANSFER : 4 सब इंस्पेक्टर समेत 76 पुलिसकर्मियों का तबादला, एसपी ने जारी किया आदेश

 बलौदाबाजार। जिले के पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव किया गया है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने आदेश जारी कर 76 पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया है। आदेश में 4 उप निरीक्षक, 8 सहायक उप निरीक्षक, 45 प्रधान आरक्षक और 19 आरक्षक शामिल हैं। सभी को जिले के विभिन्न थानों, चौकियों, यातायात शाखा, पुलिस सहायता केंद्रों एवं रिजर्व केंद्रों में नई तैनाती दी गई है। गौरतलब है कि यह जिले में हाल के दिनों में किया गया दूसरा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल है। इससे पहले 31 दिसंबर को भी थाना प्रभारियों के स्तर पर तबादला आदेश जारी किया गया था।

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और टंकराम वर्मा के नेतृत्व में हुआ राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव का शंखनाद

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और टंकराम वर्मा के नेतृत्व में हुआ राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव का शंखनाद

 रेत कला, शोभायात्रा और लोक-संस्कृति से सजा राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026

आरंग। त्याग, बलिदान और धर्मपरायणता के प्रतीक महान राजा मोरध्वज की स्मृति में आयोजित दो दिवसीय राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का प्रथम दिवस गुरुवार को आस्था, इतिहास और लोक-संस्कृति के अनुपम संगम के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। सुबह से देर रात तक चले विविध आयोजनों ने ऐतिहासिक नगरी आरंग को उत्सवमय वातावरण में सराबोर कर दिया। राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव के पहले दिन प्रातः 8 बजे कार्यक्रम स्थल पर प्रसिद्ध रेत कलाकार हेमचंद साहू द्वारा राजा मोरध्वज की त्याग गाथा को दर्शाती भव्य रेत कलाकृति का निर्माण किया गया। कलाकृति ने दर्शकों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित किया और महोत्सव की थीम को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।

राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बाबा बागेश्वरनाथ एवं वेदमाता गायत्री की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा चंडी मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई नेताजी चौक पहुँची, जहाँ से महामाया मंदिर में जलाभिषेक उपरांत जल लेकर पुनः राजा मोरध्वज की परिक्रमा करते हुए कार्यक्रम स्थल इंडोर स्टेडियम पहुँची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।पूजा-अर्चना के साथ औपचारिक शुभारंभ शाम 4 बजे बाबा बागेश्वरनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ हुआ।

राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव आयोजन क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के मार्गदर्शन और संकल्प से संपन्न हो रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में सुवा नृत्य पार्टी कोसमखुटा (टोमन साहू) की मनमोहक प्रस्तुति हुई। इसके पश्चात पंथी नृत्य पार्टी कुटेशर (सुभाष बंजारे) की ऊर्जावान प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इतिहास और बौद्धिक सत्र में राजा मोरध्वज के ऐतिहासिक महत्व और त्याग पर वरिष्ठ विद्वानों ने प्रकाश डाला। इस अवसर पर आनंद राम साहू (पटकथा लेखक), आर.एन. विश्वकर्मा (पुरातत्वविद), एल. रायकरवार (वरिष्ठ पुराविद, संचालनालय पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग, रायपुर) तथा मुरली मनोहर देवांगन (शिक्षाविद एवं डायरेक्टर, थिंक आईएएस) ने विचार व्यक्त किए।झांकी और सम्मान समारोह बना आकर्षण इसके पश्चात स्वरांजली डांस ग्रुप, आरंग द्वारा 20 मिनट की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। तत्पश्चात लगभग एक घंटे तक राजा मोरध्वज की भव्य झांकी (भोथली) का मंचन हुआ, जिसने इतिहास को सजीव कर दिया।

राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि राजा मोरध्वज की त्याग, सत्य और धर्म की अमर गाथा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा का आधार है। आरंग की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को प्रदेश, देश और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना ही इस महोत्सव का मूल उद्देश्य है।उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आरंग की अस्मिता, गौरव और विरासत को पुनः स्थापित करने का सशक्त प्रयास है, जो युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करेगा।

महोत्सव में राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा शामिल होकर कार्यक्रम की प्रशंसा की और कहा कि यह महोत्सव आरंग की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन इतिहास एवं गौरवशाली परंपराओं को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करेगी।

महोत्सव स्थल पर निर्मित रेत कलाकृतियाँ और लोक गायक सुनील सोनी का कार्यक्रम देर रात्रि तक जारी रहा।लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बनी रहीं। आयोजन में बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि, जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं नगरवासी उपस्थित रहे। प्रथम दिवस के कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि राजा मोरध्वज का त्याग और आदर्श आज भी समाज को दिशा देने की सामर्थ्य रखता है।

 

 

Accident : मौत का तांडव; गहरी खाई में गिरते ही आग का गोला बनी ईको कार, दो युवकों की मौत

Accident : मौत का तांडव; गहरी खाई में गिरते ही आग का गोला बनी ईको कार, दो युवकों की मौत

 बिलासपुर : बिलासपुर से तातापानी महोत्सव के लिए निकले दो युवकों की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर के तोरवा निवासी गोपाल चंद्र डे (42 वर्ष) और देवरीखुर्द निवासी अरुण सेन (36 वर्ष) मंगलवार रात करीब 11 बजे अपनी ईको वाहन (क्रमांक CG 10 BF 1673) में टेंट का सामान और रूम हीटर लेकर विश्रामपुर स्थित तातापानी महोत्सव के लिए रवाना हुए थे। बुधवार तड़के करीब 4:30 बजे मोरगा चौकी क्षेत्र के मदनपुर फॉरेस्ट बैरियर के पास उनकी तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 40 फीट गहरी खाई में जा गिरी।

खाई में गिरते ही वाहन में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त दोनों युवक वाहन के भीतर ही फंसे रह गए और बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका, जिससे वे जिंदा जल गए। घटना की सूचना मिलते ही मोरगा पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि जब तक उस पर काबू पाया जाता, तब तक दोनों युवक पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा है और मर्ग कायम कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

CG : 06 फरवरी को राजिम कुंभ में होगा मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह, लगभग 200 जोड़े बंधेंगे परिणय सूत्र में

CG : 06 फरवरी को राजिम कुंभ में होगा मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह, लगभग 200 जोड़े बंधेंगे परिणय सूत्र में

 गरियाबंद।  मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत जिले में भव्य आयोजन आगामी 06 फरवरी 2026 को राजिम कुंभ (कल्प) नवीन मेला स्थल, चौबेबांधा में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में लगभग 200 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जाएगा।

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक माता-पिता अपने विवाह योग्य पुत्र-पुत्रियों के लिए 31 जनवरी 2026 को सायं 05:30 बजे तक संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों अथवा परियोजना कार्यालय में पंजीयन करा सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि योजना का लाभ मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना अंतर्गत राशन कार्डधारी परिवारों को मिलेगा। बीपीएल के अतिरिक्त अन्य पात्र कार्डधारी परिवार भी योजना में शामिल हो सकते हैं। कन्या की आयु 18 वर्ष से अधिक तथा वर की आयु 21 वर्ष से अधिक होना अनिवार्य है। आयु सत्यापन हेतु वर-वधु की शैक्षणिक अंकसूची प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। कन्या एवं उसका परिवार छत्तीसगढ़ राज्य का निवासी होना चाहिए तथा विवाह के लिए वर-वधु के माता-पिता की सहमति अनिवार्य है। योजना के अंतर्गत विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को भी लाभ दिया जाएगा।

योजना के तहत वधु को 35 हजार रुपये का चेक प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 7 हजार रुपये की श्रृंगार सामग्री तथा 8 हजार रुपये विवाह आयोजन, मंडप आदि मदों में व्यय किए जाएंगे। चेक का वितरण विवाह स्थल पर ही किया जाएगा, इसके लिए वधु को अपने बैंक पासबुक की छायाप्रति साथ लानी होगी।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत दिव्यांग कन्या को समाज कल्याण विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग दोनों से लाभ मिलेगा। वहीं अंतरजातीय विवाह के मामलों में अतिरिक्त सहायता आदिम जाति विकास विभाग द्वारा प्रदान की जाएगी।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर पात्र एवं निर्धन परिवारों को इस योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रोत्साहित करें।

वन मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर विकासखंड को दी 3.46 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की दी सौगात…

वन मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर विकासखंड को दी 3.46 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की दी सौगात…

रायपुर: नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास की अविरल धारा को आगे बढ़ाते हुए आज वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने गुरुवार को बस्तर विकासखंड का सघन भ्रमण के दौरान तुरपुरा और कोटगढ़ में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 3 करोड़ 46 लाख 28 हजार रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण जनता और किसानों को मिलेगा।

इस दौरे का मुख्य फोकस किसानों के लिए सिंचाई सुविधा का विस्तार रहा। वन मंत्री ने जल संसाधन विभाग के अंतर्गत तुरपुरा जलाशय के व्यापक जीर्णाेद्धार कार्य का भूमिपूजन किया। लगभग 2 करोड़ 95 लाख 28 हजार रुपए की लागत से होने वाले इस कार्य में जलाशय बांध के ऊपर गिट्टी कार्य, नवीन स्लूस, वेस्ट वियर कार्य और नहर लाइनिंग व स्ट्रक्चर निर्माण शामिल है।

इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र की सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए कोटगढ़ में 20 लाख रूपए की लागत से बनने वाले नवीन पंचायत भवन, मुण्डागुड़ा में 5 लाख रुपये के रंगमंच निर्माण और केशरपाल में उसरीगुड़ा से नहरनी पहुंच मार्ग पर 5 लाख रूपए की लागत से बनने वाली पुलिया का भी भूमिपूजन किया गया।

वन मंत्री श्री कश्यप ने क्षेत्र के भ्रमण के दौरान नये कार्यों की आधारशिला रखने के साथ ही ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए 21 लाख रूपए की लागत से निर्मित पक्की सड़कों का लोकार्पण भी किया। इसमें कुम्हली में मंगियापारा से मुख्यमार्ग तक, केशरपाल (सोरगांव) में हिरा घर से भागमन घर तक और सोलेमेटा में अक्षय घर से पंचू घर तक बनी तीन अलग-अलग सीसी सड़कें शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक की लागत 7 लाख रूपए है। इस प्रकार वन मंत्री श्री कश्यप ने कुल 3 करोड़ 25 लाख 28 हजार रुपए लागत के नए कार्यों का भूमिपूजन और 21 लाख रुपए के पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी कटिबद्धता दोहराई।

इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए वन मंत्री श्री कश्यप ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर सार्थक प्रयास करने भरोसा दिलाया और इन योजनाओं के दूरगामी लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य केवल आधारशिला रखना नहीं, बल्कि समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण कर जनता को समर्पित करना है।

खेती-किसानी को मिलेगा बढ़ावा

वन मंत्री श्री कश्यप ने क्षेत्र की सबसे बड़ी परियोजना 2.95 करोड़ रुपए की लागत वाले तुरपुरा जलाशय जीर्णाेद्धार पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा बस्तर की आत्मा यहां के खेती-किसानी में बसती है। तुरपुरा जलाशय में नई स्लुइस गेट, वेस्ट वियर और नहरों की लाइनिंग का कार्य केवल कंक्रीट का निर्माण नहीं है, बल्कि यह इस क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के लिए जीवनदायिनी है। नहरें पक्की होंगी और अंतिम छोर के खेत तक भी पानी पहुंचेगा, इससे न केवल सिंचाई का रकबा बढ़ेगा, बल्कि किसान साल में एक से अधिक फसल लेने में सक्षम होंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

वहीं कुम्हली, केशरपाल और सोलेमेटा में 21 लाख रूपए की लागत से बनी सीसी सड़कों के लोकार्पण पर उन्होंने कहा कि कुम्हली के मंगियापारा, सोलेमेटा के अक्षय घर और केशरपाल के अंदरूनी इलाकों तक पक्की सीसी सड़कें बनकर तैयार हैं। ये सड़कें न केवल आवागमन को आसान बनाएंगी, बल्कि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और बच्चों को स्कूल जाने में सहूलियत होगी। कोटगढ़ में 20 लाख रूपए की लागत से बनने वाले नवीन पंचायत भवन के भूमिपूजन के दौरान उन्होंने कहा कोटगढ़ में नवीन पंचायत भवन बनने से गांव के विकास की योजनाएं अब और बेहतर ढंग से बन सकेंगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य श्री निर्देश दिवान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। 

बंदूक के नहीं, विकास के साथ है भविष्य : ‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’ की बड़ी सफलता, 81 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बंदूक के नहीं, विकास के साथ है भविष्य : ‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’ की बड़ी सफलता, 81 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान को एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। ‘पूना मारगेम’ के अंतर्गत साउथ सब ज़ोनल ब्यूरो से जुड़े 52 माओवादी कैडरों ने हिंसा और हथियारों का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा विकास की मुख्यधारा को अपनाया है। इन पर कुल ₹1.41 करोड़ का इनाम घोषित था, जिससे यह आत्मसमर्पण अभियान अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक उपलब्धियों में शामिल हो गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे हिंसा की विचारधारा पर विश्वास की निर्णायक विजय बताया और कहा कि पिछले 48 घंटों में कुल 81 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का स्पष्ट संकेत है कि माओवाद अब केवल कमजोर नहीं पड़ रहा, बल्कि पूरी तरह बिखर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में अब माओवादी संगठन के साथ-साथ उसकी विकृत विचारधारा और उसका पूरा सपोर्ट सिस्टम भी ध्वस्त हो चुका है। जहाँ कभी भय, भ्रम और दबाव का माहौल था, वहाँ अब शासन की सशक्त उपस्थिति, सुरक्षा बलों की सक्रियता और विकास योजनाओं की प्रभावी पहुँच ने लोगों में भरोसा पैदा किया है।

‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान के तहत सरकार उन सभी भटके युवाओं को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और आजीविका के अवसर उपलब्ध करा रही है, जो हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, और यह व्यापक आत्मसमर्पण उसी भरोसे का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन को इस सफलता का आधार बताते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल-मुक्त भारत का संकल्प अब तेज़ी से निर्णायक लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि छत्तीसगढ़ में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि बस्तर में अब भय की जगह भविष्य आकार ले रहा है, जहाँ सड़कें, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएँ, आजीविका और शासन की पहुँच लगातार मजबूत हो रही है।

सीएम साय आज कांकेर और रायगढ़ जिले के प्रवास पर,विभिन विकास कार्यो का करेंगे लोकार्पण

सीएम साय आज कांकेर और रायगढ़ जिले के प्रवास पर,विभिन विकास कार्यो का करेंगे लोकार्पण

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ और कांकेर जिले के दौरे पर रहेंगे। सीएम साय अपने निजी निवास बगिया से सुबह 10:30 बजे रायगढ़ के खरसिया के लिए रवाना होने जहा विभिन्न कार्यक्रम में शामिल होंगे। वही लगभग 2 बजे कांकेर जिले के पंखाजूर पहुंचेंगे जहा 62 वां कमर संक्रांति मेला महोत्सव कार्य्रक्रम में शिरकत करेंगे वही विभिन विकास कार्यो का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। वही राजधानी रायपुर के कई कार्यक्रम में शामिल होंगे आरंग में आयोजित राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव कार्यक्रम में होंगे शामिल।a

मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति, एकजुटता और समृद्धि का प्रतीक – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति, एकजुटता और समृद्धि का प्रतीक – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर जिले में आयोजित तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति सूर्य उपासना का पर्व है और यह भारतीय संस्कृति, एकजुटता तथा समृद्धि का सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति, लोहड़ी एवं पोंगल की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने इस अवसर पर तातापानी महोत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।उन्होंने तपेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में प्राचीन शिव चबूतरे पर पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला मुख्यालय बलरामपुर में शासकीय महिला कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल, डाइट संचालन हेतु भवन, तथा जिला पंजीयन कार्यालय भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही उन्होंने 655 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले को विकास की नई सौगात दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और छत्तीसगढ़ की जनता से किए गए हर वादे को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक पात्र हितग्राही को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। अब किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिल रहा है। 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। 5 लाख से अधिक भूमिहीन किसानों को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 10-10 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की तीर्थ यात्रा कराई जा चुकी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तातापानी महोत्सव का किया भव्य शुभारंभ

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

बच्चों संग पतंग उड़ाकर मनाई मकर संक्रांति

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तातापानी में 60 फीट ऊँची भगवान शिव की भव्य प्रतिमा के समीप स्कूली बच्चों के साथ पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और आत्मीय वातावरण में मनाया। इस भावपूर्ण दृश्य ने पर्व की सांस्कृतिक गरिमा के साथ-साथ बच्चों के चेहरे पर उल्लास और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया।

200 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत विवाह बंधन में बंधे 200 जोड़ों को उनके नवदाम्पत्य जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ और मंगलकामनाएँ प्रदान कीं, तथा उनके जीवन में प्रेम, विश्वास और समृद्धि से भरे उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

परंपरा से प्रगति तक: मुख्यमंत्री ने कुम्हार चाक घुमाकर दिया शिल्पकारों को सम्मान

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पारंपरिक माटीकला और ग्रामीण हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करते हुए राजपुर विकासखंड के ग्राम आरा निवासी कुम्हार श्री शिवमंगल के साथ स्वयं चाक पर मिट्टी डालकर चाक चलाया, जिससे शिल्पकारों में नया उत्साह और आत्मविश्वास झलक उठा।

माटीकला से डिजिटल नवाचार तक—मुख्यमंत्री ने देखी विकास की जीवंत तस्वीर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम स्थल पर विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए छत्तीसगढ़ की परंपरा और प्रगति के सुंदर संगम को करीब से महसूस किया। प्रदर्शनी में जनजातीय व्यंजन, प्रधानमंत्री आवास योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, सड़क सुरक्षा, साइबर जागरूकता तथा ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसे नवाचारों से जुड़े स्टॉलों ने यह दिखाया कि छत्तीसगढ़ अपनी जड़ों से जुड़ा रहकर भी भविष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।

कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा, विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, वन विकास निगम अध्यक्ष श्री राम सेवक पैंकरा, विधायक श्री अनुज शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विज्ञान एवं वाणिज्य विषय के अध्ययन-अध्यापन के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव सरकार की विशेष पहल

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विज्ञान एवं वाणिज्य विषय के अध्ययन-अध्यापन के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव सरकार की विशेष पहल

 रायपुर: प्रदेश में नक्सल प्रभावित जिलों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों में विज्ञान एवं वाणिज्य विषय के प्रति रुचि बढ़ाने एवं शिक्षकों की कमी दूर करने के उद्देश्य से शासन द्वारा विशेष पहल शुरू की गई है। सरकार द्वारा आर्यभट्ट विज्ञान-वाणिज्य शिक्षण प्रोत्साहन योजना के तहत दुर्ग एवं जगदलपुर में 500-500 सीटर विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण केंद्र स्थापित किए गए है। जिससे इन विशेष शिक्षण केंद्रो के माध्यम से इन वर्गाे के विद्यार्थियों को विशेष अवसर मिल रहा है।

आदिम जाति विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 से शुरू की गई इस योजना के तहत स्नातक स्तर पर गणित एवं विज्ञान विषय हेतु 80-80 सीटें और वाणिज्य विषय हेतु 40 सीटें आरक्षित हैं। स्नातकोत्तर स्तर पर विज्ञान हेतु 80 तथा वाणिज्य हेतु 20 सीटें निर्धारित की गई हैं। बी.एड. कार्यक्रम के लिए कुल 200 सीटें स्वीकृत हैं। 500 स्वीकृत सीटों में 80 प्रतिशत सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं । अधिकारियों ने बताया कि इस योजना में चयनित विद्यार्थियों को शिक्षक पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की जाने वाली प्री.बी.एड. और टी.ई.टी. परीक्षा हेतु मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन प्रदान किए जाते हैं। वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए 2 करोड़ 40 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।

आर्यभट्ट विज्ञान-वाणिज्य शिक्षण प्रोत्साहन योजना से अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को मिल रहा विशेष अवसर

प्रदेश में अब प्रवेश और चयन के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों में आर्यभट्ट विज्ञान-वाणिज्य शिक्षण प्रोत्साहन योजना के माध्यम से रुचि और भागीदारी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023-24 में विज्ञान-वाणिज्य विकास केन्द्र दुर्ग में 452 बालिकाओं ने प्रवेश लिए थे। इसी प्रकार विज्ञान वाणिज्य विकास केन्द्र जगदलपुर में 168 बालकों ने प्रवेश लिया था। इस वर्ष विभिन्न पदों पर चयनित विद्यार्थियों की संख्या 49 रही।

इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में कन्या शिक्षण केन्द्र दुर्ग में प्रवेशित विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 473 और बालक केन्द्र जगदलपुर में 199 हो गई, जबकि विभिन्न पदों पर चयनित विद्यार्थियों की संख्या इस वर्ष 10 रही। वही वर्ष 2025-26 में कन्या शिक्षण केन्द्र दुर्ग में 477 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ, वहीं बालक शिक्षण केन्द्र जगदलपुर में 275 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया।

राज्य शासन की इस पहल से जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों के न केवल विज्ञान और वाणिज्य विषयों में रुचि में वृद्धि हो रही है, बल्कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के योग्य विद्यार्थियों को शिक्षकों के रूप में विशेष अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे उनके करियर और सामाजिक विकास दोनों को मजबूती मिल रही है।

तातापानी महोत्सव हमारी आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक: मंत्री रामविचार नेताम

तातापानी महोत्सव हमारी आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक: मंत्री रामविचार नेताम

 रायपुर: बलरामपुर-रामानुजगंज जिला अपनी अनूठी संस्कृति और लोक परंपराओं के लिए अपनी विशेष पहचान रखता है। इसी गौरवशाली विरासत को संजोने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को उत्साह से भर दिया। इस मौके पर आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।

मंत्री श्री नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि तातापानी महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। प्रशासन और स्थानीय जनभागीदारी से यह आयोजन प्रतिवर्ष नई ऊंचाइयों को छू रहा है

महोत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या के मुख्य आकर्षण प्रदेश के सुप्रसिद्ध कलाकार और पद्मश्री से सम्मानित श्री अनुज शर्मा रहे। उन्होंने अपनी टीम के साथ छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की ऐसी जादुई प्रस्तुति दी कि पंडाल में मौजूद हजारों दर्शक मंत्रमुग्ध होकर झूमने लगे। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन कर वनांचल की समृद्ध संस्कृति की छटा बिखेरी।

कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों ने न केवल पारंपरिक लोक नृत्यों का प्रदर्शन किया, बल्कि जिले में हो रहे विकास कार्यों को भी रचनात्मक ढंग से मंच पर उतारा। अतिथियों ने बच्चों के इस हुनर की मुक्त कंठ से सराहना की।

कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बेंकर रमनलाल, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक मौजूद रहे।

BREAKING : राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, इन आईएफएस अफसरों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट..!!

BREAKING : राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, इन आईएफएस अफसरों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट..!!

 रायपुर।  राज्य सरकार ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस संबंध में मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से आदेश जारी किया गया है। सभी पदस्थापन आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेंगे।

देखें आदेश

Weather Update : फिर पड़ेगी कड़ाके की ठंड, 6 जिलों में चलेगी शीतलहर, यहां बारिश की संभावना

Weather Update : फिर पड़ेगी कड़ाके की ठंड, 6 जिलों में चलेगी शीतलहर, यहां बारिश की संभावना

 रायपुर: छत्तीसगढ़ वासियों को बिते दो दिनों से ठंड से राहत मिली है, लेकिन एक दिन बाद उन्हें फिर से कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि मौसम विभाग (IMD) ने तापमान में गिरावट आने की संभावना जताई है, तो चलिए जानते हैं कि आपके जिले में आज का मौसम कैसा रहेगा।

मौसम विभाग (IMD) की माने तो पश्चिमी विक्षोभ के कारण नमी बढ़ गई है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ के मौसम में अगले तीन दिन उतार-चढ़ाव आने की संभावना है। पिछले दिनों जहां लोगों को ठंड से राहत मिल रही थी, तो वहीं अब उन्हें 16 जनवरी के बाद से एक बार फिर कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा।

छत्तीसगढ़ के 6 जिलों में शीतलहर की चेतावनी

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के सुरजपुर, बलरामपुर,जशपुर, सरगुजा, कोरिया और मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की गई है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धुंध छाए रहने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही लोगों को कड़ाके की ठंड का भी सामना करना पड़ेगा।

बात करें अगर छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे की तो बलरामपुर, रामानुजगंज और सरगुजा सबसे ठंडा रहा। यहां का तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बस्तर और दंतेवाड़ा में भी रात का पारा तेजी से गिरा है। इसके अलावा अभी मध्य छत्तीसगढ़ वासियों को ठंड से राहत मिल रही है। पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में ठंड-कोहरा और शितलहर का कहर देखने को मिला था।

मध्यप्रदेश और बिहार में बारिश के आसार

अगर बात करें अन्य राज्यों की तो मध्यप्रदेश में बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, हिमालय क्षेत्र में 16 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है, जिसके कारण मध्यप्रदेश में 3 से 4 दिन बाद बारिश हो सकती है। बिहार में भी मौसम का मिजाज बदलने वाला है। यहां भी 17 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने वाला है, जिसके कारण बारिश के आसार है।