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BREAKING : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नए सलाहकार बने आर. कृष्णा दास, आदेश जारी

BREAKING : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नए सलाहकार बने आर. कृष्णा दास, आदेश जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मीडिया विशेषज्ञ आर. कृष्णा दास को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सलाहकार नियुक्त किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार आर. कृष्णा दास मुख्यमंत्री को मीडिया एवं अन्य विषयों पर परामर्श देंगे। उन्हें सलाहकार के रूप में प्रतिमाह 1 लाख 50 हजार रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा। साथ ही अन्य सुविधाएं राज्य शासन के विशेष सचिव के समकक्ष होंगी।

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BREAKING : IAS अभिषेक अग्रवाल बने जिला पंचायत कबीरधाम के CEO, आदेश जारी

BREAKING : IAS अभिषेक अग्रवाल बने जिला पंचायत कबीरधाम के CEO, आदेश जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रशासनिक आधार पर आदेश जारी किया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अभिषेक अग्रवाल ( आर आर 2013 बैच) को अपर कलेक्टर, जिला-दुर्ग के पद से स्थानांतरित करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत–कबीरधाम के पद पर अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पदस्थ किया गया है।

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रोड सेफ्टी जागरूकता में पुलिस मितान निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री साय

रोड सेफ्टी जागरूकता में पुलिस मितान निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री साय

रायपुर ।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित शांति सरोवर में आयोजित पुलिस मितान सम्मेलन में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रोड सेफ्टी जागरूकता में पुलिस मितान अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पुलिस मितान नागरिकों को सड़क सुरक्षा के लिए जागरूक करने के साथ-साथ गांवों एवं मोहल्लों में पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को भी बेहतर बनाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने पुलिस मितान एप की लॉन्चिंग भी की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में “मितान” बनाने की एक सुंदर और मानवीय परम्परा रही है। आप सभी ने पुलिस को अपना मितान बनाकर सड़क सुरक्षा के लिए नागरिकों को जागरूक करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि रोड सेफ्टी के लिए किया गया कार्य अत्यंत पुण्य का कार्य है, क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनकी क्षतिपूर्ति कभी संभव नहीं हो पाती।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस मितान साथियों के निरंतर प्रयासों से इन सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी और आम नागरिकों का जीवन अधिक सुरक्षित बनेगा।ज़्यादा जानें

मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस मितान साथियों को इस अभिनव पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि रायपुर जिले में सड़क सुरक्षा की दिशा में पुलिस मितान की यह पहल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।ज़्यादा जानेंरायपुर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बस सेवा योजना प्रारम्भ की गई है। इस योजना के तहत दूरस्थ एवं कम लाभप्रद रूटों पर भी यात्रियों को बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा इन रूटों पर होने वाले लाभ के अंतर की राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस से अच्छा कोई मितान नहीं हो सकता। पुलिस जवान अत्यंत अनुशासन में रहकर कठिन परिस्थितियों में भी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाते हैं। अब पुलिस मितान पुलिस के साथ समाज की सुरक्षा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पुलिस मितान साथियों ने अपने अधिकारों की जागरूकता से आगे बढ़कर कर्तव्यों का संकल्प लिया है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है और इस दिशा में पुलिस मितान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुलिस मितान साथियों को हेलमेट एवं फर्स्ट ऐड किट वितरित किया तथा आयोजन में सहयोग करने वाले समाज सेवियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में 4500 पुलिस मितानों को हेलमेट तथा प्रत्येक गांव को फर्स्ट ऐड किट प्रदान की गई।

पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने पुलिस मितान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस मितान योजना सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में एक प्रभावी पहल है। कार्यक्रम का स्वागत भाषण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह द्वारा दिया गया। 

कार्यक्रम में शासकीय दिव्यांग विद्यालय, माना कैंप के बच्चों द्वारा सड़क सुरक्षा पर आधारित प्रेरक गीत की सुंदर प्रस्तुति दी गई।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार, आईजी रायपुर रेंज श्री अमरेश मिश्रा, ब्रह्मकुमारी सविता दीदी, श्री राम गर्ग सहित बड़ी संख्या में पुलिस मितान एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Chhattisgarh News: बलौदा बाजार स्टील प्लांट में विस्फोट, 4 मजदूरों की मौत, कई लोग झुलसे

Chhattisgarh News: बलौदा बाजार स्टील प्लांट में विस्फोट, 4 मजदूरों की मौत, कई लोग झुलसे

बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के भाटापारा क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक खौफनाक औद्योगिक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। भाटापारा के ग्राम बकुलाही स्थित रियल इस्पात स्टील प्लांट में डीएससी कोल कीलन में अचानक हुए जबरदस्त ब्लास्ट से प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे 4 मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ब्लास्ट इतना तेज था कि आसपास काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। धमाके के साथ गर्म कोयले और आग के गुबार ने पूरे प्लेटफॉर्म को अपनी चपेट में ले लिया। कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए, जिनकी चीख-पुकार से पूरा प्लांट गूंज उठा।

हादसे के तुरंत बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। झुलसे और घायल मजदूरों को आनन-फानन में भाटापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) और आसपास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत टीम मौके पर पहुंची है।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच जारी है। मृत मजदूरों की पहचान की जा रही है।

CG : राज्यपाल रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण, सीएम साय बिलासपुर में, जानिए कौन सा नेता कहां फहराएगा तिरंगा

CG : राज्यपाल रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण, सीएम साय बिलासपुर में, जानिए कौन सा नेता कहां फहराएगा तिरंगा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में गणतंत्र दिवस को उत्साह से मनाने की तैयारियां चल रही है। रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में 26 जनवरी को राज्यपाल रामेन डेका तिरंगा फहराएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। वहीं, डिप्टी सीएम अरुण साव बस्तर, डिप्टी सीएम विजय शर्मा सरगुजा जिला मुख्यालय में झंडा फहराएंगे।

जानिए कौन सा नेता कहां फहराएगा तिरंगा

शहीद गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस पर CM साय का बड़ा ऐलान, समाज के लिए करोड़ों की सौगात

शहीद गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस पर CM साय का बड़ा ऐलान, समाज के लिए करोड़ों की सौगात

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज द्वारा आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने महान जनजातीय नायक और स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने नया रायपुर में शहीद गैंदसिंह के नाम पर चौक के नामकरण और मूर्ति स्थापना, चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार तथा बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव और बस्तर जिले के भानपुरी व करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण के लिए प्रत्येक स्थान हेतु 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा की, साथ ही ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण और चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार का ऐलान भी किया

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती जनजातीय क्रांतियों की साक्षी रही है और 1857 से पहले ही यहां आजादी की लड़ाई की चिंगारी जल चुकी थी, जिसमें शहीद गैंदसिंह जैसे वीरों ने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिनके योगदान को लंबे समय तक इतिहास में वह सम्मान नहीं मिला, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय नायकों को राष्ट्रीय पहचान मिली और नया रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम इसका जीवंत प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के विकास, शिक्षा के विस्तार, बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे और मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जनजातीय समाज छत्तीसगढ़ की आत्मा है और उसके गौरव, सम्मान व विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

BREAKING: रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन

BREAKING: रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन

रायपुर।  छत्तीसगढ़ सरकार ने रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसके साथ ही 23 जनवरी से इस व्यवस्था के लागू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। नोटिफिकेशन के अनुसार रायपुर जिले को दो हिस्सों—शहर और ग्रामीण—में विभाजित किया गया है।

रायपुर शहर क्षेत्र के कुल 21 थाने पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत शामिल किए गए हैं, जबकि विधानसभा थाना, माना थाना और राखी थाना ग्रामीण क्षेत्र में रखे गए हैं। इस फैसले के बाद शहर की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं पुलिस को अधिक अधिकार मिलने से त्वरित कार्रवाई संभव होगी।

 

 

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में स्थापित श्रीमंत शंकर देव शोध पीठ का हुआ लोकार्पण: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में स्थापित श्रीमंत शंकर देव शोध पीठ का हुआ लोकार्पण: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: राज्यपाल श्री रमेन डेका की पहल पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में स्थापित महान संत, समाज सुधारक और सांस्कृतिक चेतना के प्रणेता श्रीमंत शंकरदेव के विचारों, दर्शन और साहित्य को समर्पित शोध संस्थान का भव्य लोकार्पण आज गरिमामय समारोह में सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका ने की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, डॉ. कृष्ण गोपाल जी सह-सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सहित शिक्षा जगत के विद्वान, शोधार्थी, युवा वर्ग तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसके साथ ही पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के मध्य एम.ओ.यू. पर भी हस्ताक्षर किया गया। एम.ओ.यू. के पश्चात दोनों ही विश्वविद्यालय के शोधार्थी एक-दूसरे विश्वविद्यालय में अंतरविषयक अनुसंधान कर सकेंगे।

श्रीमंत शंकर देव के विचार सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता की नींव - श्री डेका

इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि श्रीमंत शंकर देव के विचार आज भी समाज को जोड़ने, सामानता स्थापित करने और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं। श्री डेका ने कहा कि इस शोध पीठ की स्थापना उत्तर पूर्वी भारत और मध्य भारत की सांस्कृतिक विरासत को अकादमी एवं शोध के स्तर पर जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह शोध पीठ भारत की महान संत परंपरा, भक्ति आंदोलन और सामाजिक सुधारों पर केंद्रित अध्ययन का सशक्त केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अकादमिक प्रयास देश की सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करते हैं। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस शोध पीठ के संचालन हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2 करोड़ रूपये दिए गए हैं जिसके लिए उन्हांेने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।

राज्यपाल ने कहा कि श्रीमंत शंकर देव ने समाज सुधारक, शिक्षाविद, कलाकार, नाटककार, नाट्य निर्देशक, चित्रकार, साहित्यकार, गीतकार, संगीत और वैष्णव धर्म के प्रवर्तक व प्रचारक के रूप में ख्याति अर्जित की है। श्रीमंत शंकर देव को उत्तर पूर्व भारत के महान समाज सुधारक बताते हुए कहा कि उन्होंने जाति, वर्ग और धर्म से ऊपर उठ कर समरस समाज की कल्पना की। नामघर और सत्र परंपरा के माध्यम से उन्होंने समानता, करूणा और उदारता पर आधारित सामाजिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया। श्रीमंत शंकर देव द्वारा रचित साहित्य अंकिया नाट और बोरगीत आज भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। उनके विचारों ने असमिया समाज को एक सूत्र में पिरोया और सामाजिक चेतना को नई दिशा दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पूज्य शंकरदेव जी का कार्यक्षेत्र भले ही असम था, लेकिन उनके द्वारा सामाजिक जागरण का जो कार्य किया गया, उसका प्रभाव संपूर्ण देश पर पड़ा। श्रीमंत शंकर देव जी द्वारा रचित साहित्य, नाटक, भजन में भारतीय संस्कृति का उद्घोष है।. हमारा देश अपनी एकता और अखंडता के लिए जाना जाता है। इसके पीछे श्री शंकरदेव जी जैसे भारत माता के सपूत हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की संस्कृति को समर्पित किया। वर्तमान और नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के योगदान को बताकर हम एक सक्षम और समृद्ध भारत बना सकते हैं। इससे लोगों में देशभक्ति की भावना का संचार होता है। श्री शंकर देव जी ने अपनी एक रचना में कहा कि भारत भूमि में जन्म लेना सबसे सौभाग्य की बात है। उन्होंने 500 वर्ष पहले एक भारत का जो संदेश दिया, उसे आज हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ का नारा देकर साकार कर रहे हैं।

श्रीमंत शंकर देव के विचार सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता की नींव - श्री डेका

मुख्य वक्ता डॉ कृष्ण गोपाल जी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा असम राज्य विविधताओं से भरा हुआ है। यहां विविध प्रकार की जनजाति भौगालिक, नदी, पहाड़, जंगल, घने वन उपस्थित है। जिस कारण यहां हजारों वर्षों से दूर दूर विविध जनजाति निवास करते है। इन जनजातियों को एक सूत्र में बांधने का महत्वपूर्व कार्य श्रीमंत शंकर देव ने किया। उन्होंने श्री कृष्ण भक्ति के माध्यम से किया लोगो को जोड़ा। वे भक्ति आंदोलन के प्रमुख व्यक्तिव है उन्होंने भक्ति के साहित्य का लेखन किया, नाट्य, गायन खड़े प्रशिक्षण दिया। गांव गांव में नाम घर की स्थापना किए। आज असम के हर गांव है जिसे नाम स्थापित है। भक्ति, संस्कृति एवं सामाजिक सद्भाव का घर कहलाता है। उन्होंने श्रीमंत शंकर देव के योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि श्रीमंत शंकरदेव ने शिक्षा को केवल साक्षरता तक सीमित न रखकर उसे संस्कार और संस्कृति से जोड़ा। यह शोध संस्थान केवल भवन नहीं, बल्कि विचारों की कार्यशाला बनकर उभरेगा। यहाँ से निकलने वाले शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पहचान दिलाएंगे।

कार्यक्रम के अंत में संस्थान की स्थापना से जुड़े सभी सहयोगियों और प्रबंधन समिति को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की गई कि यह केंद्र भविष्य में ज्ञान, नवाचार और सत्य की खोज का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा वसुधैव कुटुम्बकम् के संदेश को विश्व पटल पर स्थापित करेगा। गौरतलब है श्रीमंत शंकरदेव शोध पीठ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य उत्तरपूर्वी भारत तथा मध्य भारत के भक्ति आन्दोलन से जुड़े महान संतों के योगदान एवं व्यापक प्रभाव को भारतीय जनमानस के समक्ष लेकर आना साथ ही दोनों ही क्षेत्रों के जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की मौखिक परंपरा को लेखबद्ध करना है। शोधपीठ के द्वारा शोधवृत्ति भी शोधार्थियों को प्रदान किया जाएगा। शोधपीठ में भाषा, साहित्य, इतिहास, प्राचीन भारतीय इतिहास, क्षेत्रीय अध्ययन, समाजशास्त्र एवं समाजकार्य के विषय के शोधार्थी शोधकार्य कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ की धरती जनजातीय शौर्य और बलिदान की साक्षी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ की धरती जनजातीय शौर्य और बलिदान की साक्षी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के तत्वावधान में साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महान जनजातीय नायक एवं स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद गैंदसिंह के सम्मान में नया रायपुर में चौक के नामकरण एवं मूर्ति स्थापना, चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार, तथा बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव एवं बस्तर जिले के भानपुरी तथा करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण हेतु प्रत्येक स्थान के लिए 10-10 लाख रुपये प्रदान किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण तथा चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि देश में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत भले ही वर्ष 1857 से मानी जाती है, किंतु उससे बहुत पहले ही छत्तीसगढ़ की धरती पर जनजातीय क्रांतियों की गूंज सुनाई देने लगी थी। महान क्रांतिकारी शहीद गैंदसिंह अंग्रेजी हुकूमत से संघर्ष करते हुए वर्ष 1825 में शहीद हुए, और उस कालखंड में भी आदिवासी समाज ने आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक-दो नहीं बल्कि कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिन्होंने अंग्रेजों की सत्ता की नींव हिला दी। यह धरती शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंदसिंह और वीर गुण्डाधुर जैसे महान जननायकों की भूमि रही है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश इन वीरों और जनजातीय नायकों को लंबे समय तक इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं मिला। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुई 14 जनजातीय क्रांतियों पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम नया रायपुर में निर्मित किया गया है, जिसका लोकार्पण स्वयं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। इस संग्रहालय में इन सभी क्रांतियों का सचित्र विवरण एवं गहन जानकारी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि सभी लोग इस म्यूजियम का अवश्य अवलोकन करें, ताकि छत्तीसगढ़ की बलिदानी धरती में जनजातीय नायकों के योगदान को भली-भांति समझा जा सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आसीन हैं और छत्तीसगढ़ प्रदेश का नेतृत्व भी जनजातीय समाज के बेटे के हाथों में है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए। उनके नेतृत्व में जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया, जो आज हजारों करोड़ रुपये के बजट के साथ जनजातीय समाज के विकास को नई दिशा दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समाज के कल्याण की नई इबारत लिखी जा रही है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता से किया जा रहा है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे पुरखों ने शिक्षा को विकास का मूलमंत्र बताया है। शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आज प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान संचालित हो रहे हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को बढ़ावा देने, शासन की योजनाओं की जानकारी समाज तक पहुंचाने तथा युवाओं को अपने अधिकारों और लक्ष्यों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल में नक्सलवाद लंबे समय तक विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है, किंतु डबल इंजन सरकार के संकल्प और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से इस बाधा को दूर किया जा रहा है। वर्षों से विकास से वंचित इस अंचल में अब विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शहीद गैंदसिंह छत्तीसगढ़ के पहले वीर शहीद जननायक थे, जिन्होंने वर्ष 1824-25 में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा संसाधनों की लूट और आदिवासियों के शोषण के खिलाफ साहसिक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के जनजातीय नायकों का योगदान अतुलनीय रहा है।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र माहला, महामंत्री श्री गिरवर सिंह ठाकुर, श्री महेश गागड़ा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ का शिमला मैनपाट को पर्यटन के क्षेत्र में मिलेगा नया आयाम: बनेगा पर्यटकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर….

छत्तीसगढ़ का शिमला मैनपाट को पर्यटन के क्षेत्र में मिलेगा नया आयाम: बनेगा पर्यटकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर….

 रायपुर: मैनपाट जिसे छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है, अपनी वादियों, झरनों और हरियाली से भरपूर प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।  छत्तीसगढ़ का ‘शिमला’ नाम से प्रसिद्ध मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा मैनपाट में 4.80 हेक्टर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित की गई है।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि इस भूमि पर आधुनिक एवं बहुउपयोगी पर्यटन, आवासीय परिसर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित होने वाली यह परियोजना मैनपाट आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती ठहराव उपलब्ध कराएगी। इन्हीं अद्भुत स्थलों में से एक है जलपरी पर्यटन बिंदु। जलपरी प्वाइंट का मनोहारी दृश्य मानो किसी परीकथा की दुनिया में ले जाता है। यहां बहती ठंडी हवाएं, गहरी घाटियां और झरनों की मधुर ध्वनि यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देती है। बादलों से खेलती पहाड़ियां और हर मौसम में बदलते रंग यहां की विशेष पहचान हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता  इस स्थल की सुंदरता किसी जलपरी की तरह आकर्षक है। शांत वातावरण, झरनों से गिरती जलधारा और हरियाली से भरे जंगल यहां आने वाले पर्यटकों को ऐसा अनुभव कराती हैं, मानो वे किसी परियों की कहानी में प्रवेश कर गए हों। श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी और पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के सक्रिय प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मैनपाट में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन को देखते हुए इस तरह की सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

मैनपाट में प्रस्तावित परिसर में आधुनिक वेलनेस एवं मनोरंजन सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। श्री सिंह देव ने बताया कि परियोजना में केरल मॉडल पर आधारित वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा और आयुष सेवाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही 24×7 क्लब हाउस, मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट ज़ोन विकसित किए जाएंगे। पर्यावरण अनुकूल विकास के तहत ट्री हाउस, कॉटेज और स्थानीय जीवन एवं संस्कृति का अनुभव कराने वाला सांस्कृतिक क्षेत्र भी शामिल होगा।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट छत्तीसगढ़ का विशिष्ट एवं उभरता हुआ पर्यटन गंतव्य है। तेजी से बढ़ रही पर्यटक संख्या को देखते हुए यहाँ आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यावश्यक है। हाउसिंग बोर्ड की यह पहल पर्यटन, आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी तथा मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। श्री सिंह देव ने बताया कि परियोजना से मैनपाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी। गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।

पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विस्तार के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और राज्य का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मजबूत होगा। मैनपाट के समग्र विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं व्यापार के अवसर उपलब्ध होंगे और क्षेत्र की पहचान को नई ऊँचाई देगी।

छत्तीसगढ़ का शिमला मैनपाट को पर्यटन के क्षेत्र में मिलेगा नया आयाम

सरगुजा की पहाड़ियों में बसे छत्तीसगढ़ के हिल स्टेशन मैनपाट में वर्षभर ठंड पड़ती है. यहां सैर-सपाटे के लिए कई खूबसूरत जगहें है,जिसमें बौद्ध मंदिर, उल्टा-पानी, टाइगर पॉइंट, जलजली, मेहता पॉइंट, चाय बगान के अलावा कई अन्य स्थान शामिल है। यहां घूमने के लिए प्रदेश के अन्य जिलों से पर्यटक पहुंचते है,इसके अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से भी लोगों का आना होता है। वहीं अब पर्यटन विभाग की ओर से मैनपाट में पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ में पर्यटन, आवास विकास के क्षेत्र में गृह निर्माण मंडल की ऐतिहासिक भूमिका को मजबूत करेगी और भविष्य में मैनपाट को एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन केन्द्र के रूप में स्थापित करने का आधार बनेगी।

25 जनवरी को मनाया जाएगा 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस: “मेरा भारत, मेरा वोट” थीम पर होंगे विविध कार्यक्रम……

25 जनवरी को मनाया जाएगा 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस: “मेरा भारत, मेरा वोट” थीम पर होंगे विविध कार्यक्रम……

 रायपुर: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 25 जनवरी को पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters’ Day) पूरे उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम “मेरा भारत, मेरा वोट” निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य लोकतंत्र को सशक्त बनाते हुए नागरिकों, विशेषकर युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता एवं सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित करना है।इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर द्वारा परिपत्र जारी कर दी गई है।

जारी परिपत्र के अनुसार 25 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर प्रदेश के सभी स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में निर्धारित थीम पर वाद-विवाद, चर्चा तथा चित्रकला, पेंटिंग, निबंध लेखन, नाटक, गीत जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त राज्य सरकार के समस्त विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) तथा जिला एवं राज्य स्तरीय कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा मतदाता प्रतिज्ञा ली जाएगी। यह प्रतिज्ञा 25 जनवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे अथवा यथोचित समय पर आयोजित की जाएगी।

इसके साथ ही सभी शासकीय व सार्वजनिक उपक्रम कार्यालय एवं शिक्षण संस्थानों में भारत निर्वाचन आयोग के लोगो, जो मतदान के महत्व की पुष्टि करता है का उपयोग आधिकारिक वेबसाइटों में भी किया जाएगा ।साथ ही, राज्यभर में आयोजित सभी कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के फोटोग्राफ्स, जहां संभव हो, #NVD2026 हैशटैग के साथ संबंधित शासकीय सोशल मीडिया हैंडल अथवा वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे।

Breaking : बीजापुर में नक्सलियों का आतंक! पूर्व सरपंच की गोली मारकर हत्या, लोगों में खौफ का माहौल

Breaking : बीजापुर में नक्सलियों का आतंक! पूर्व सरपंच की गोली मारकर हत्या, लोगों में खौफ का माहौल

 बीजापुर :छत्तीसगढ़ के बीजापुर से बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है, यहां पामेड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कावरगट्टा गांव में नक्सलियों ने एक बार फिर दहशत फैलाने वाली वारदात को अंजाम दिया है। नक्सलियों ने ग्राम कंचाल निवासी एवं पूर्व सरपंच भीमा मडकम की खेत में गोली मारकर हत्या कर दी।

बताया जा रहा है कि भीमा मडकम हाल ही में दंतेवाड़ा जिले के बचेली से अपने गांव लौटा था। इसी दौरान खेत में मौजूद होने पर पहले से घात लगाए नक्सलियों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।

घटना को अंजाम देने के बाद नक्सली मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, भीमा मडकम पर इससे पहले भी नक्सली हमला हो चुका था, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। इस बार नक्सलियों ने उसे निशाना बनाकर उसकी जान ले ली। इस हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

 
BREAKING : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, IAS अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार, इस जिले में कलेक्टर की नियुक्ति

BREAKING : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, IAS अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार, इस जिले में कलेक्टर की नियुक्ति

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपे हैं। जारी आदेश के अनुसार किरण कौशल (भा.प्र.से. 2009) को आगामी आदेश तक आयुक्त, समग्र शिक्षा के पद पर पदस्थ करते हुए छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। साथ ही उनके कार्यभार ग्रहण की तिथि से भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम 2016 के अंतर्गत आयुक्त, समग्र शिक्षा के पद को संवर्गीय पद घोषित किया गया है।

 वहीं अवनीश कुमार शरण (भा.प्र.से. 2009), आयुक्त, नगर एवं ग्राम निवेश को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रायपुर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

इसके अतिरिक्त आकाश छिकारा (भा.प्र.से. 2017), संयुक्त सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए आगामी आदेश तक कलेक्टर, जिला– बस्तर के पद पर पदस्थ किया गया है।

राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का भव्य उद्घाटन

राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का भव्य उद्घाटन

 रायपुर :- गांधी चौक , स्थित  महन्त कॉलेज में उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन एवं महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय का महत्वपूर्ण आयोजन में मुख्य अतिथि डॉक्टर वर्णिका शर्मा अध्यक्ष बाल  संरक्षण अधिकार आयोग, ने कहा कि शतरंज का खेल बुद्धि का खेल है इसमें एकाग्रता बहुत जरूरी होती है उन्होंने कहा इसी एकाग्रता से जीवन में  सक्रियता बनती है उनका कहना था कि यह खेल कुशल रणनीतिकार बनने में मदद करता है जो हारेगा वह नई सीख लेकर जाएगा इस खेल को सद्भावना से खेलना चाहिए क्योंकि जीवन में ब्लैक एंड व्हाइट दोनों हिस्से होते हैं महाविद्यालय के संदर्भ में डॉ वर्णिका शर्मा ने कहा कि यह कॉलेज समृद्ध कॉलेज है निरंतर गतिविधियां चलती रहती हैं इसका पूरा श्रेय महाविद्यालय संचालन समिति को जाता है आयोजन में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री अजय तिवारी ने कहा की बुद्धि और चातुर्य का खेल है महाभारत के काल में यह खेल कौरव और पांडव के बीच खेला गया था आयोजन में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ियों को जीत और हर दोनों के लिए बधाई हम सभी खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी ने आयोजन के संबंध में जानकारी रखते हुए बताया कि निरंतर महाविद्यालय खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है इसी दिशा में यह प्रयास है  वर्तमान में  156 छात्र खिलाड़ी  सम्पूर्ण प्रदेश से इस प्रतियोगिता में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी है उन्होंने कहा कि भारत देश में शतरंज के खेल का विशेष स्थान रहा है और यह विशेष इसलिए बन जाता है क्योंकि खेल को बुद्धि से खेला जाता है वही कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग खेल समन्वयक डॉ रूपेंद्र चौहान ने अपने उद्बोधन रखें और आयोजन समिति को शुभकामनाएं दी खेल प्रतियोगिता में विशेष रूप से दुर्गा सेक्टर से मैनेजर मोहित वर्मा बिलासपुर सेक्टर से मोहम्मद इंजमाम श्रीमती सविता सरगुजा सेक्टर से डॉक्टर अश्वनी डॉक्टर अनुपम बलौदा बाजार सेक्टर से डॉक्टर दीपक यादव मिस्टर राजेश शर्मा राजनांदगांव सेक्टर से डॉक्टर अरुण चौधरी डॉ पीके हरि रायपुर सेक्टर से श्री तुलाराम दक्षिण बस्तर सेक्टर से सत्यनारायण और विजय बोरकर उत्तर बस्तर सेक्टर से एच आर यादव महेंद्र रजक सुधीर श्रीमती पूजा जांजगीर सेक्टर से विश्वास विश्वकर्मा डॉक्टर रूपाली शर्मा डॉक्टर हरप्रीत कौर रायगढ़ सेक्टर से प्रोफेसर सारिका शुक्ला कोरबा सेक्टर से प्रोफेसर गौरी वानखेडे प्रोफेसर रूपेश साहू के साथ महाविद्यालय के एल्यूमिनी कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप साहू मोहन पाठक की विशेष उपस्थिति रही आयोजन में महाविद्यालय के मुख्य एवं वरिष्ठ खिलाड़ी मोहित की उपस्थिति रही कार्यक्रम में संचालन डॉक्टर किरण अग्रवाल ने किया और इस पूरे आयोजन का नेतृत्व महाविद्यालय के कीड़ा अधिकारी डॉ विजय शर्मा कर रहे हैं

साहित्य उत्सव से छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान

साहित्य उत्सव से छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान

 रायपुर। बसंत पंचमी 23 जनवरी से नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देश भर के 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होने जा रहे हैं। इस तीन दिवसीय उत्सव से छत्तीसगढ़ को एक नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरा प्रदेश रजत महोत्सव मना रहा है। रायपुर साहित्य उत्सव उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह उत्सव न केवल छत्तीसगढ़ को बल्कि पूरे देश के सुप्रसिद्ध साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक जगत में एक नई पहचान प्रदान करेगा तथा जनसमुदाय को साहित्य, लेखन और पठन-पाठन की ओर प्रेरित करेगा। साहित्य महोत्सव के दौरान साहित्य विमर्श खुले संवाद, समकालीन विषयों पर विचार-विमर्श होगा। साहित्य महोत्सव को लेकर आम-लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। 

आज जब सोशल मीडिया के कोलाहल में ज्ञान की धारा अक्सर सूचनाओं के शोर में दब जाती है। ऐसे समय में साहित्य उत्सव एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। जहां विचार-विमर्श के बीच संवाद की संस्कृति जीवित रहती है। सृजन वही जन्म लेता है, जहां मन खुला हो और कथा वही आकार लेती हैं जहां मनुष्य अपने सत्य से संवाद करने का साहस रखता है। साहित्य महोत्सव के लोगो (डिजाइन) में अंकित आदि से अनादि तक वाक्य साहित्य के उस अटूट यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से लेकर निरंतर विकसित हो रहे आधुनिक साहित्य तक सभी रूप समाहित हैं। साहित्य कालातीत है, वह समय, समाज भाषा और पीढिय़ों को जोड़कर चलने वाली निरंतर धारा हैै। तीन दिनों तक पुरखौती मुक्तांगन में साहित्यिक संवाद, पुस्तक विमोचन, विचार-मंथन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कला-प्रदर्शनियों का जीवंत केंद्र बनेगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रायपुर साहित्य उत्सव पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है क्योंकि इसमें राज्य की हजारों साल पुरानी साहित्यिक जड़े, जनजातीय परंपराएं, सामाजिक समरसता और आधुनिक रचनात्मक दृष्टि सभी का सुंदर सार्थक और कलात्मक संगम दिखाई देगा। छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा आदि से अनादि तक अविचल, जीवंत और समृद्ध रही है, और आगे भी इसी धारा में निरंतर विकास की नई कहानियां लिखती रहेंगी। साहित्य उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे, इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र और 3 संवाद सत्र आयोजित किये जाएंगे जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा। रायपुर साहित्य उत्सव साहित्य, विचार और संस्कृति के संगम का उत्सव है, इसमें युवाओं, शिक्षकों, लेखकों और आम पाठकों की सहभागिता रहेगी। नई पीढ़ी को साहित्य विचार और संस्कृति से जोडऩा इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य है।

उत्सव के दौरान पुस्तक मेला का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 40 स्टॉल लगाएं जाएंगे जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें प्रदर्शित की जाएगी एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेगी। रायपुर साहित्य उत्सव में विशेष रूप से चाणक्य नाटक का मंचन किया जाएगा जो भारतीय बौद्धिक परंपरा और नाट्य कला का प्रभावशाली उदाहरण होगा। इसके साथ ही लोकनृत्य, लोकगीत और छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शको को राज्य की जीवंत लोक संस्कृति से रू-ब-रू कराया जाएगा। विख्यात कवियों की उपस्थिति में कवि सम्मेलन आयोजित होगी, जहाँ उनकी सशक्त रचनाएँ श्रोताओं को साहित्यिक रसास्वादन कराएँगी। साथ ही पत्रकारों, विचारकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ खुले संवाद सत्र आयोजित किए जाएँगे, जिनमें समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों पर सार्थक चर्चा होगी। 

यह आयोजन छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना, विचार परंपरा और सांस्कृतिक आत्मा को राष्ट्रीय संवाद से जोडऩे की एक सशक्त पहल के रूप में उभर रहा है। रायपुर साहित्य उत्सव 2026 न केवल लेखकों और पाठकों के बीच सेतु बनेगा, बल्कि नई पीढ़ी को साहित्य, संस्कृति और विचार के प्रति संवेदनशील बनाने का भी माध्यम बनेगा। साहित्यिक विमर्श, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध यह तीन दिवसीय उत्सव नवा रायपुर को देश के प्रमुख साहित्यिक केंद्रों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय सिद्ध होगा। छत्तीसगढ़ की साहित्यिक आत्मा और लोक स्मृति में बसे भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल की एक रचना - 
हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था,
मैं व्यक्ति को नहीं,
हताशा को जानता था,
हम दोनों साथ चले,
साथ चलने को जानते थें
यही वह साहित्य है जो मनुष्य को धैर्य देता और साथ चलने की सभ्यता सिखाता है।

1000 वाहनों की डिलीवरी के साथ आज होगा राडा ऑटो एक्सपो का आगाज,मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

1000 वाहनों की डिलीवरी के साथ आज होगा राडा ऑटो एक्सपो का आगाज,मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

 0-रोड टैक्स में 50 फीसदी  की छूट और कंपनियों के ऑफर से ग्राहकों में भारी उत्साह 

 0- पहले दिन होगी चार नए वाहनों की लांचिंग,पहला ऑटो एक्सपो, जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ के ग्राहकों को लाभ

रायपुर।  राम बिजनेस पार्क में रायपुर ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के 'राडा ऑटो एक्सपो-2026' का भव्य उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 21 जनवरी की शाम 7 बजे करेंगे। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी और परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप शामिल होंगे।   छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग द्वारा 'राडा ऑटो एक्सपो-2026' में ऑटो एक्सपो ग्राउंड से खरीदी गई हर गाड़ी पर आर.टी.ओ. टैक्स में 50 फीसदी की छूट दी जा रही है। इससे ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह है और विधिवत उद्घाटन के दिन 1000 वाहनों की डिलीवरी की संभावना है।   

50 फीसदी रोड टैक्स छूट को लेकर जबरदस्त उत्साह  

राडा के अध्यक्ष श्री रविंद्र भसीन, उपाध्यक्ष श्री कैलाश खेमानी, सचिव श्री विवेक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष श्री मुकेश सिंघानिया और राडा वरिष्ठ पदाधिकारी श्री अमर पारवानी, श्री मनीष राज सिंघानिया, श्री अनिल अग्रवाल, श्री जयेश पिथालिया, श्री शशांक शाह, फाडा के स्टेट चेयरमैन श्री विवेक गर्ग ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दी जा रही रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट से ग्राहकों में जबर्दस्त उत्साह है। वाहनों के शो-रूम में पहुंचकर ग्राहकों ने भारी बुकिंग कराई है। इनकी डिलीवरी विधिवत उद्घाटन के साथ की जाएगी।   

आज  4 नए वाहनों की लॉचिंग 

 राडा ऑटो एक्सपो 2026 में 21 जनवरी को 4 वाहनों की लॉचिंग होगी। इनमें महिन्द्रा कंपनी की कार 7 एक्सओ, यामाहा की बाइक एक्सएसआर 155, टाटा कंपनी की कार सिएरा, मारुति सुजुकी कंपनी की कार विक्टोरिस की लॉचिंग  होगी।

 पैसेंजर ही नहीं कमर्शियल व्हीकल भी एक्सपो में  

राडा के पदाधिकारियों ने बताया कि बाइक, कार, बस समेत पैसेंजर व्हीकल ही नहीं राडा एक्सपो 2026 में कमर्शियल व्हीकल भी प्रदर्शित किए गए हैं। एक्सपो में देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों के सभी मॉडल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) की श्रृंखला भी पेश की गई है। ग्राहक वाहनों की टेस्ट ड्राइव भी कर सकते हैं।   

 मौके पर ही वाहनों का हो रहा है पंजीयन

  राडा एक्सपो स्थल पर परिवहन विभाग का स्टॉल भी लगाया गया है। यहां पर पंजीकृत होकर निकलने वाले वाहनों पर आरटीओ टैक्स में 50 फीसदी की छूट मिल रही है। एक्सपो में खरीदी जा रही वाहनों पर नि:शुल्क एचएसआरपी लगाकर दी जा रही है।  

पहला ऑटो एक्सपो, जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ के ग्राहकों को लाभ 

यह प्रदेश का पहला ऑटो एक्सपो है, जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ के ग्राहकों को लाभ मिल रहा है। ऑटो एक्सपो-2026 के अंतर्गत सभी नागरिकों को अपने गृह जिले में ही वाहन पंजीयन कराने की सुविधा दी जा रही है। यानी खरीदे गए वाहन पर अपने गृह जिले के परिवहन कार्यालय का पंजीयन चिन्ह (आरटीओ कोड) प्राप्त किया जा सकेगा।  दूरस्थ क्षेत्रों के डीलर्स भी इस ऑटो एक्सपो में भाग ले रहे हैं।  

 

 
 

 फाइनेंस और इंश्योरेंस की सुविधा भी  ऑटो एक्सपो में एक ही स्थान पर सभी प्रकार के वाहन मॉडल एवं नवीनतम तकनीक से युक्त नए मॉडलों को देखने, परखने और चुनने का अवसर ही नहीं मिल रहा बल्कि रायपुर ऑटो एक्सपो-2026 में देश के विभिन्न फाइनेंसर एवं बैंक न्यूनतम दरों पर वाहन ऋण उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं इंश्योरेंस कंपनियां न्यूनतम दरों पर वाहन बीमा की सुविधा प्रदान कर रही हैं।

 

Police Transfer : एसएसपी ने जारी किए तबादला आदेश, दो SI समेत 11 पुलिसकर्मी इधर से उधर, देखें List

Police Transfer : एसएसपी ने जारी किए तबादला आदेश, दो SI समेत 11 पुलिसकर्मी इधर से उधर, देखें List

रायपुर। SSP ने एडमिनिस्ट्रेटिव काम के सिस्टम को मज़बूत करने के मकसद से 11 पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर किया है। जारी किए गए ट्रांसफर ऑर्डर में सब-इंस्पेक्टर, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल लेवल के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।

ट्रांसफर के तहत, कुछ पुलिस अधिकारियों को एक थाने से दूसरे थाने में ट्रांसफर किया गया है, जबकि कुछ को लाइन या दूसरी यूनिट में पोस्ट किया गया है। SSP ऑफिस से जारी ऑर्डर के मुताबिक, डिपार्टमेंट की ज़रूरतों और एफिशिएंसी को ध्यान में रखते हुए ये बदलाव किए गए हैं।

पुलिस डिपार्टमेंट का कहना है कि ऐसे ट्रांसफर रेगुलर एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस का हिस्सा हैं, जो लॉ एंड ऑर्डर को और मज़बूत करने के लिए बनाए गए हैं। सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को तुरंत अपनी नई पोस्टिंग पर चार्ज संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

 

BIG ब्रेकिंग: साय कैबिनेट ने लिये चार अहम फैसले,पढ़िए मंत्रिपरिषद की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय

BIG ब्रेकिंग: साय कैबिनेट ने लिये चार अहम फैसले,पढ़िए मंत्रिपरिषद की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय

 रायपुर- दिनांक – 21 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन तथा इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया गया।

2) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि का शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जाने हेतु श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में चिन्हांकित लगभग 40 एकड़ भू-खण्ड का आबंटन लीज के रूप में एकमुश्त 90 वर्षाें के लिए करने की स्वीकृति प्रदान की है।

एसव्हीकेएम एक ख्याति प्राप्त संस्था है, जो वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत तथा वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित है, जोकि एक लाख से अधिक छात्रों को प्रति वर्ष प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करता है। वर्ष 2025 में एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैकिंग में इस संस्था को 52वां रैंक प्राप्त हुआ है। नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूती मिलेगी।

3) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में 04 नवीन उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू का निर्णय लिया है। इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग तथा तकनीकी स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहित करने में यह एमओयू महत्वपूर्ण होगा।

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के 68 केन्द्र संचालित है, जिनमें 60 भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी तथा स्मार्ट एग्री उद्यमिता केन्द्रों के माध्यम से आगामी तीन से पांच सालों में डोमेन विशेष के 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देंगे। राज्य सरकार द्वारा छात्रों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं तथा उद्योगों को ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने में सहयोग प्रदान करने के लिए एसटीपीआई के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ईएसडीडी) केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जो प्रति वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर, स्टार्टअप और एमएसएमई को सभी सहायता प्रदान करेगा।

4) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओ में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्तमान संसाधनों को सुदृढीकरण करने तथा निर्धारित मानक के अनुसार जांच की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लैब के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्णय लिए गए हैं।

CG – घर से स्कूल जाने के लिए निकली नाबालिग, रास्ते में हुआ कुछ ऐसा की तबाह हो गई जिंदगी, दो आरोपी गिरफ्तार……

CG – घर से स्कूल जाने के लिए निकली नाबालिग, रास्ते में हुआ कुछ ऐसा की तबाह हो गई जिंदगी, दो आरोपी गिरफ्तार……

 राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले के बोरतलाव थाना क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी रोज़ की तरह घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। किशोरी के लापता होने से परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन लगातार छह दिनों तक अपनी बेटी की तलाश में भटकते रहे, लेकिन कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लग सकी। अंततः 18 जनवरी को उन्होंने थाने पहुंचकर लापता बच्ची की रिपोर्ट दर्ज कराई।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ जांच शुरू की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

जांच के दौरान पता चला कि पीड़िता की दुर्ग जिले के निवासी भूषण साहू (26 वर्ष) से सोशल मीडिया के माध्यम से बातचीत होती थी। आरोप है कि भूषण साहू ने ही किशोरी को डोंगरगढ़ बुलाया था। यहां मुलाकात के दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और इसके बाद उसे दुर्ग रेलवे स्टेशन पर अकेला छोड़ दिया।

पीड़िता के अनुसार, इसके बाद उसने कई दिन बेहद कठिन हालात में दुर्ग रेलवे स्टेशन पर गुजारे। नाबालिग होने के कारण वह भय और असुरक्षा की स्थिति में थी और किसी से मदद लेने का साहस भी नहीं जुटा पा रही थी।

जब किशोरी किसी तरह अपने घर लौटने का प्रयास कर रही थी, तभी उसके साथ एक और दर्दनाक घटना घटी। डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात आर्यन डकहा (23 वर्ष) से हुई। आरोप है कि आर्यन ने उसका भरोसा जीतकर उसके साथ दुर्व्यवहार किया।

पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी के आधार पर डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन के वेटिंग हॉल से पीड़िता को आर्यन डकहा के साथ बरामद कर लिया। पीड़िता के बयान के आधार पर पहले आरोपी भूषण साहू की पहचान हुई, जिसे बाद में दुर्ग से हिरासत में लिया गया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपने अपराध स्वीकार किए हैं। पीड़िता के बयान और उपलब्ध प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

बलौदाबाजार में मरीन ड्राइव की तर्ज पर चौपाटी का शुभारंभ: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया लोकार्पण…..

बलौदाबाजार में मरीन ड्राइव की तर्ज पर चौपाटी का शुभारंभ: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया लोकार्पण…..

 रायपुर: बलौदाबाजार नगर को एक नई शहरी पहचान देते हुए राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकसित बलौदाबाजार चौपाटी का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। चौपाटी का लोकार्पण छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब द्वारा पूजा-अर्चना एवं फीता काटकर किया गया। लोकार्पण के साथ ही चौपाटी आम नागरिकों के लिए खोल दी गई।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया लोकार्पण

स्वामी विवेकानंद सरोवर के किनारे विकसित हुआ आकर्षक चौपाटी परिसर

नगर पालिका परिषद बलौदाबाजार द्वारा शहर के हृदय स्थल स्वामी विवेकानंद सरोवर के किनारे सुंदर एवं आकर्षक चौपाटी का विकास किया गया है। इसके साथ ही सरोवर का सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्य भी पूर्ण किए गए हैं।

चौपाटी शहर के लिए उपलब्धि – राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ विकसित यह चौपाटी बलौदाबाजार शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यहां शहरवासी मनोरंजन के साथ-साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। उन्होंने चौपाटी की सुंदरता बनाए रखने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और शासन विकास कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने अपने चिर-परिचित अंदाज में प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गीत गाकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध किया।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया लोकार्पण

विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प में सबकी सहभागिता जरूरी – तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि रायपुर की तर्ज पर एक ही स्थान पर मनोरंजन एवं विविध व्यंजनों की सुविधा उपलब्ध कराने वाली यह चौपाटी नगरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को विकसित प्रदेश बनाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया लोकार्पण

चौपाटी में आधुनिक सुविधाओं का समावेश

चौपाटी में एक आधुनिक फूड जोन विकसित किया गया है, जिसमें एक दर्जन से अधिक फूड स्टॉल एवं रेस्टोरेंट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बच्चों के लिए चिल्ड्रन प्ले एरिया, झूले एवं अन्य मनोरंजन साधन उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा एवं सुव्यवस्था के लिए पार्किंग व्यवस्था, फ्लोटिंग फाउंटेन, सेल्फी प्वाइंट, फ्लोटिंग जेट्टी, कांक्रीट सड़क एवं लॉन जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

नगरवासियों को मिला नया मनोरंजन केंद्र

चौपाटी के शुभारंभ से शहरवासियों को मनोरंजन का एक नया केंद्र प्राप्त हुआ है। जहां युवा और बच्चे मनोरंजन का आनंद ले सकेंगे, वहीं बुजुर्ग नागरिक सरोवर के चारों ओर बने पाथ-वे पर वॉकिंग कर सकेंगे।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया लोकार्पण

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अशोक जैन, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुलोचना यादव, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, प्रमोद शर्मा, लक्ष्मी बघेल, जिला अध्यक्ष आनंद यादव, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष श्री विजय केशरवानी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री जितेंद्र महाले, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।

CG : इस जिले में छुट्टी का ऐलान, जानिए किन-किन तारीखों को रहेगा अवकाश

CG : इस जिले में छुट्टी का ऐलान, जानिए किन-किन तारीखों को रहेगा अवकाश

 रायपुर।  साल की शुरुआत हो चुकी है, वहीं नये साल में मिलने वाली छुट्टियों का ऐलान हो गया है। सार्वजनिक अवकाश, ऐच्छिक और स्थानीय अवकाश का ऐलान किया गया है। इसी कड़ी में जिलों में प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। बलौदाबाजार भाटापारा जिले में छुट्टी का आदेश जारी किया गया है।

29 सितंबर को अनंत चतुर्दशी दिन शुक्रवार को छुट्टी घोषित की गयी है। वहीं 19 अक्टूबर दशहरा के महाअष्टमी पर दिन सोमवार को छुट्टी घोषित की गयी है।10 दिसंबर वीरनारायण की शहादत दिवस गुरुवार को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना : 57 मार्गों पर बस संचालन, पहली बार यात्री बस सुविधा से जुड़े 330 गाँव

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना : 57 मार्गों पर बस संचालन, पहली बार यात्री बस सुविधा से जुड़े 330 गाँव

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह योजना उन ग्रामों तक सार्वजनिक परिवहन पहुँचाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जहाँ अब तक यात्री बस सुविधा उपलब्ध नहीं थी। योजना के प्रथम चरण में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिलों को सम्मिलित किया गया है।

अब तक मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत कुल 57 चयनित मार्गों पर 57 बसों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है।

इन बसों के माध्यम से कुल 330 नए गाँवों तक पहली बार यात्री बस सुविधा पहुँची है, जिससे ग्रामीण जनजीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। योजना का प्रमुख उद्देश्य ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों को जनपद मुख्यालय, नगरीय क्षेत्र, तहसील मुख्यालय तथा जिला मुख्यालयों से जोड़ना है, जहाँ पूर्व में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं थी। इससे ग्रामीण नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं तक सुगम पहुँच सुनिश्चित हो रही है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत बस संचालकों को राज्य शासन द्वारा प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। प्रथम वर्ष ₹26 प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष ₹24 प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष ₹22 प्रति किलोमीटर की दर से सहायता दी जा रही है।
इसके अतिरिक्त योजना के तहत गासिक कर में पूर्णतः छूट अधिकतम तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाया जा सके।

मार्ग चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। इस योजना के अंतर्गत मार्गों का चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है, ताकि वास्तविक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता मिल सके। चयनित मार्गों पर बस संचालन हेतु निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती है। निविदा के माध्यम से न्यूनतम वित्तीय दर प्रस्तावित करने वाले पात्र आवेदक का चयन किया जाता है, जिससे शासन पर न्यूनतम वित्तीय भार पड़े और सेवा सतत बनी रहे।

निविदा में चयनित आवेदक से विधिवत परमिट आवेदन प्राप्त कर सुनवाई की प्रक्रिया के उपरांत बस संचालन हेतु परमिट जारी किया जाता है। इससे नियामकीय प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाता है। वर्तमान में 12 नवीन ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इसके अतिरिक्त 15 नए ग्रामीण मार्गों का चयन कर लिया गया है, जिन पर बस संचालन हेतु निविदाएँ आमंत्रित की गई हैं।

जिलावार स्थिति की बात करें तो सुकमा में 8, नारायणपुर में 4, जगदलपुर में 2, कोण्डागांव में 4, कांकेर में 6, दंतेवाड़ा में 7, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2, सूरजपुर में 6, कोरिया में 5, जशपुर में 7, बलरामपुर में 4 तथा अंबिकापुर में 2 बसों का संचालन किया जा रहा है। इस प्रकार कुल 57 मार्गों पर 57 बसें संचालित हैं।

आगामी कार्ययोजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 200 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाकर समावेशी विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा।

ब्रेकिंग : शराब प्रेमियों के लिए जरूरी खबर, इस दिन बंद रहेंगी शराब दुकानें, जाने वजह……

ब्रेकिंग : शराब प्रेमियों के लिए जरूरी खबर, इस दिन बंद रहेंगी शराब दुकानें, जाने वजह……

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में 26 जनवरी के दिन शुष्क दिवस घोषित किया गया है। इस दिन देशी-विदेशी मदिरा दुकान पूरी तरह से बंद रहेगी। साथ ही कम्पोजित, प्रीमियम व बार, रेस्टोरेंट में शराब नहीं परोसा जायेगा। अगर इन सबके बीच अगर कोई व्यक्ति शराब पीते या पिलाते पकड़ा जाएगा तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 एवं उसके अधीन बनाये गये नियमों एवं छत्तीसगढ़ आबकारी देशी, विदेशी मदिरा की फुटकर बिक्री के अनुज्ञापनों के व्यवस्थापन नियम 2018 (यथासंशोधित) के तहत् वर्ष 2025-26 के लिए देशी, विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों का आबकारी नीति के अन्तर्गत व्यवस्थापन एवं अन्य बिंदुओं पर शासन निर्देश की कंडिका 22.1 के अनुसार 26 जनवरी 2026 को ’’गणतंत्र दिवस’’ के अवसर पर शासन द्वारा ’’शुष्क दिवस’’ घोषित किया गया है।

छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 एवं उसके अधीन बनाये गये नियमों एवं छत्तीसगढ़ आबकारी देशी, विदेशी मदिरा की फुटकर बिक्री के अनुज्ञापनों के व्यवस्थापन नियम 2018 (यथासंशोधित) के तहत् वर्ष 2025-26 के लिए देशी, विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों का आबकारी नीति के अन्तर्गत व्यवस्थापन एवं अन्य बिंदुओं पर शासन निर्देश की कंडिका 22.1 के अनुसार 26 जनवरी 2026 को ’’गणतंत्र दिवस’’ के अवसर पर शासन द्वारा ’’शुष्क दिवस’’ घोषित किया गया है।

अतः उक्त दिनांक 26 जनवरी 2026 को सभी जिले की समस्त देशी मदिरा दुकान सी.एस.2 (घघ) एवं विदेशी मदिरा दुकान एफ.एल. 1 (घघ) एवं विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकान एफ.एल.-1 (घघ-कम्पोजिट) एवं एफ. एल. 1 (ख-कंपोजिट अहाता) तथा एफ. एल. 7 सैनिक कैंटीन फुटकर अनुज्ञप्ति पूर्णतः बंद रहेगी।

शासन के निर्देशानुसार देशी, विदेशी, कम्पोजिट, प्रीमियम मदिरा की फुटकर दुकानों, एफ.एल. बार एंड रेस्टोरेंट तथा देशी मदिरा भण्डारण भाण्डागार को बंद रखने तथा उक्त दिवस में मदिरा का सम्पूर्ण संव्यवहार प्रतिबंधित करने हेतु आदेशित किया गया है।

नितिन नबीन का कार्यकाल पार्टी को नई गति प्रदान कर राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा : साय

नितिन नबीन का कार्यकाल पार्टी को नई गति प्रदान कर राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा : साय

 00 भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को सर्वसम्मति से निर्वाचित होने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बधाई देते हुए यह दृढ़ विश्वास व्यक्त किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में श्री नबीन का यह कार्यकाल पार्टी को नई गति प्रदान करते हुए राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा।

प्रदेश के मुख्यमंत्री साय ने नबीन के कार्यकाल सफल, प्रेरक और स्मरणीय रहने की मंगलकामना करते हुए कहा कि नबीन का संगठनात्मक अनुभव, कार्यकुशलता एवं समर्पण पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाएगा। नबीन के नेतृत्व में भाजपा संगठनात्मक रूप से नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगी और उनका मार्गदर्शन पार्टी संगठन एवं कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा। श्री साय ने कहा कि श्री नबीन का निर्वाचन राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में युवा नेतृत्व पर विश्वास का प्रतीक है। उनकी प्रशासनिक और संगठनात्मक क्षमता उनके जमीन और कार्यकर्ताओं से संवेदना के स्तर पर जुड़े होने का प्रमाण है।

डागा कन्या महाविद्यालय में छात्राओं ने सजाया आनंद मेला, 30 से अधिक स्टॉल लगे

डागा कन्या महाविद्यालय में छात्राओं ने सजाया आनंद मेला, 30 से अधिक स्टॉल लगे

 रायपुर : राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित श्रीमती प्रमिला गोकुलदास डागा कन्या महाविद्यालय के प्रांगण में मंगलवार को छात्राओं द्वारा आनंद मेला का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में 30 से अधिक स्टॉल लगाए गए।

मेले में छात्राओं द्वारा पापड़ी चाट, गुपचुप, भेल, इडली, डोसा सैंडविच, साबूदाना बड़ा, मैगी मंचूरियन, कपकेक, पेस्ट्री सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों का विक्रय किया गया। इसके साथ ही हस्तनिर्मित क्रोशिया एवं एंब्रॉयडरी से बने रुमाल, हेयर बो, की-रिंग, चश्मा कवर एवं मोबाइल कवर आदि आकर्षण का केंद्र रहे। बड़ी संख्या में छात्राओं ने आनंद मेले में सहभागिता की और उत्साहपूर्वक इसका आनंद लिया।आनंद मेला छात्राओं के गुणात्मक एवं कलात्मक विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ। इस आयोजन के माध्यम से छात्राओं को योजना निर्माण, संगठन, प्रबंधन, विक्रय कौशल तथा उद्यमिता की प्रारंभिक समझ प्राप्त हुई, जो उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।आनंद मेले का उद्घाटन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता घई द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान किया।