रायपुर/– कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी सचिन पायलट एक दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से सेंट्रल जेल में मुलाकात करेंगे बता दें कि चैतन्य बघेल के ऊपर शराब घोटाले मामले पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप हैं। जिसे परिवर्तन निदेशालय ने 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था इसके बाद 5 दिनों की डिमांड पर पूछताछ किया फिलहाल चैतन्य बघेल को 14 दिनों की डिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
रायपुर- छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Railways) में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक जरूरी खबर है। अगस्त की शुरुआत में दो दिनों के लिए चार ट्रेनों को रद्द (Train Cancelled in Chhattisgarh) कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर रेल मंडल (Bilaspur Railway Division) के कोतरलिया और जयरामनगर रेलवे स्टेशन के बीच 2 और 3 अगस्त, 2025 को ऑटो सिग्नलिंग (Auto Signaling Work) का काम किया जाएगा। इस तकनीकी अपग्रेडेशन के कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा और कई गाड़ियां या तो रद्द होंगी या आंशिक रूप से समाप्त की जाएंगी।
दो दिनों तक चार ट्रेनें रहेंगी पूरी तरह रद्द
रेलवे के अनुसार, दिनांक 2 और 3 अगस्त को रायगढ़ और बिलासपुर के बीच चलने वाली कुल चार MEMU पैसेंजर ट्रेनें (CG MEMU Passenger Trains Cancelled) पूरी तरह रद्द रहेंगी। ये ट्रेनें दैनिक आवागमन करने वाले यात्रियों, खासकर ऑफिस व कॉलेज जाने वालों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इसलिए इन दो दिनों में यात्रियों को काफी असुविधा हो सकती है।
दिनांक 2 अगस्त, 2025 को गाड़ी संख्या 68736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू और 3 अगस्त को 68738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू रद्द कर दी गई हैं। वहीं, 3 अगस्त को गाड़ी संख्या 68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू और 68737 रायगढ़-बिलासपुर मेमू को भी रद्द किया गया है।
गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू का रूट बदला
इसके अलावा 3 अगस्त को गोंदिया और झारसुगुड़ा (Gondia-Jharsuguda MEMU) के बीच चलने वाली 68861/68862 मेमू सेवा अब बिलासपुर में ही समाप्त (terminate at Bilaspur) कर दी जाएगी। यात्रियों को इस ट्रेन का आगे का सफर अन्य विकल्पों से तय करना होगा।
यात्रा से पहले टाइमिंग चेक करें
रेलवे विभाग ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे 2 और 3 अगस्त को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इन बदलावों को ध्यान में रखें और संबंधित ट्रेन की स्थिति (train running status) की पुष्टि IRCTC या रेलवे इन्क्वायरी पोर्टल (Railway Inquiry Portal) पर जरूर करें।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ऑटो सिग्नलिंग प्रणाली का उद्देश्य ट्रेनों की गति, सुरक्षा और संचालन क्षमता को बेहतर बनाना है। यह कार्य अल्पकालिक असुविधा जरूर देगा, लेकिन भविष्य में यात्रियों को बेहतर और तेज़ रेल सेवाएं (better railway services) मिलेंगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (सीजी रेरा) ने बड़ी कार्रवाई की है। रेरा ने बिलासपुर स्थित लोविना कोर्ट्स परियोजना में भूखंडों और मकानों की खरीदी-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का अंतरिम आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 4(2)(1)(क) के उल्लंघन के पर की गई है।
क्या प्रावधान है इस धारा में..?
इस धारा के तहत प्रमोटर को प्रोजेक्ट के अंतर्गत आवंटियों से प्राप्त कुल राशि का कम से कम 70 प्रतिशत भाग एक अलग बैंक खाते में रखना अनिवार्य है। इस राशि का उपयोग केवल निर्माण कार्य और भूमि की लागत जैसे निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही किया जा सकता है। यह व्यवस्था घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा और धन के अनुचित उपयोग को रोकने के लिए की गई है।
प्राधिकरण ने पाया कि लोविना कोर्ट्स प्रोजेक्ट के प्रमोटर द्वारा इस नियम का उल्लंघन किया गया है, जिससे वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं। परिणामस्वरूप, सीजी रेरा ने परियोजना के अंतर्गत किसी भी प्रकार की नई खरीद-फरोख्त, पंजीयन या लेन-देन पर रोक लगा दी है।
सीजी रेरा के अनुसार यह आदेश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक कि प्रमोटर द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर उल्लंघनों का समाधान नहीं किया जाता और प्राधिकरण द्वारा निर्धारित शर्तों की पूर्ति नहीं कर दी जाती।
यह त्वरित कार्रवाई रेरा की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसके तहत वह घर खरीदारों की पूंजी की सुरक्षा, निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रमोटरों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता से कार्य कर रहा है। इस सख्त कदम से अन्य डेवलपर्स को भी यह स्पष्ट संदेश मिलेगा कि रेरा के प्रावधानों का पालन अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर। तेजी से बढ़ रहे जल स्तर और तेज बहाव के कारण हरेली पर्व पर मंदिर दर्शन कर वापस लौट रहे ग्रामीणों की कार अनियंत्रित हो गई और तेज बहाव के साथ उफनते नाले में जा गिरी। कार में सवार आठ लोग किसी तरह बाहर सुरक्षित निकले। अफसोस ये कि कार में सवार तीन साल का मासूम कार के साथ नाले के तेज धार में बह गया। कार और मासूम की तलाश जारी है। मामला सीपत थाना क्षेत्र की है।
सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम खम्हरिया में रहने वाले 29 वर्षीय मोहनलाल साहू उर्फ भोला साहू का परिवार हरेली त्योहार में अपनी पत्नी, बच्चों और रिश्तेदारों के साथ सीपत के उच्चभट्ठी स्थित देवी मंदिर के दर्शन के लिए गए थे। कार में दो महिला,दो पुरुष और पांच बच्चे सवार थे। दर्शन के बाद वापस अपने गांव लौटते समय उन्हें रात हो गई। इस दौरान भारी बारिश के चलते ग्राम झलमला से थोड़ी दूर स्थित तुंगन नाले के ऊपर बने पुल से तीन फीट ऊपर बह रहा था। मोहन साहू को लगा कि वह नाला पार कर जाएगा और खतरे को नजरअंदाज कर अपनी वैगन आर कार पुल से पार करवाने लगा। पानी के तेज बहाव के चलते कार का संतुलन बिगड़ गया और कार तेज बहाव में बहते हुए नाले में बह गया।
पुल से नीचे गिरकर कार नाले में बहने लगी और लगभग 60 फीट तक पहुंच गई। परिवार के लोगों ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर कार का दरवाजा खोला और आठ लोग तैरकर बड़ी मुश्किल से बाहर निकले। मोहनलाल साहू उर्फ भोला का 3 साल का बेटा तेजस और कार नाले में बह गया। तेजस कार में अपनी मां की गोद में बैठा था और उसकी मां ने उसका हाथ मजबूती से पकड़ रखा था। पर पानी में गिरने के बाद पानी के तेज बहाव में मां का हाथ छूट गया और तेजस बह गया। बाहर आकर उन्होंने इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी।
सूचना मिलते ही ग्रामीण युवा नाले में बच्चे और कार को तलाश करने लगे। सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी भी मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंच गए और एसडीआरएफ को बुलवाया। रेस्क्यू अभियान में भी बच्चे और कार का कुछ पता नहीं चल रहा था। आशंका जताई जा रही थी कि मौके से 800 मीटर दूर सेलर एनीकट तक कार और बच्चा बह गया हो। हालांकि सीपत टीआई गोपाल सतपथी से मिली जानकारी के अनुसार कार मिल गई है, जिसे पानी से निकाला जा रहा हैं। वहीं बच्चे की तलाश की जा रही हैं।
रायपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के युुवाओं को अब एनसीसी में एयर स्क्वाड्रन के जरिए अपना कैरियर बनाने के लिए मदद मिल पाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जिले के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में एनसीसी की एयर स्क्वाड्रन शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। यह छत्तीसगढ़ की 3 सीजी एनसीसी एयर स्क्वाड्रन होगी। श्री साय के प्रयासों से यह जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो स्थानीय युवाओं के भविष्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने विद्यालय में एयर एनसीसी के लिए चयनित 25 मेधावी विद्यार्थियों को एनसीसी कैडेट्स का बैच लगाकर पंजीयन की शुरुआत की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इनमें 13 बालिकाएं और 12 बालक शामिल हैं। इस अवसर पर विंग कमांडर श्री विवेक कुमार साहू ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

रंग लाई मुख्यमंत्री की पहल, जशपुर मेेें शुरू हुई एयर स्कवाड्रन
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने पिछले एनसीसी दिवस समारोह के दौरान रायपुर के समान राज्य के अन्य हवाई पट्टी वाले शहरों में भी एनसीसी की एयर स्कवाड्रन शुरू करने की इच्छा व्यक्त की थी। अभी तक छत्तीसगढ़ में केवल रायपुर में ही एयर एनसीसी और उड़ान का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि जगदलपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और जशपुर जैसे स्थानों पर भी हवाई पट्टियों की सुविधा उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री की इस पहल पर मार्च माह में जशपुर की आगडीह हवाई पट्टी को 3 सीजी एयर एनसीसी स्क्वाड्रन के लिए स्वीकृति प्रदान की गई और एक माइक्रोलाइट विमान को प्रशिक्षण हेतु जशपुर भेजा गया। इस दौरान लगभग 100 कैडेट्स को उड़ान का वास्तविक अनुभव प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं हवाई पट्टी पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और कैडेट्स से संवाद किया। कैडेट्स ने उन्हें विमान से संबंधित तकनीकी जानकारियाँ भी साझा कीं।
प्रशिक्षण प्राप्त कैडेट को रोजगार के बेहतर अवसर

वर्तमान में 3 सीजी एयर एनसीसी एयर स्क्वाड्रन, पूरे देश में एकमात्र एयर स्क्वाड्रन है जिसमें एम्स, एमबीबीएस और नर्सिंग के छात्र कैडेट के रूप में जुड़े हुए हैं। कैडेटों को यूपीएससी और एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से सेना में 25 वैकेन्सी /पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं, एसएससी के माध्यम से ऑफिसर्स ट्रेनिग अकादमी के लिए 50 वैकेंसी/पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं जिसमें यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है और केवल एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से चयन के अवसर मिलते है। 20 सीटें लडकियों के लिए आरक्षित होती हैं। वायु सेना के उड़ान प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों सहित सभी पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत वेकेंसी होती है। जिसके लिए एएफसीएटी, यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है। इसी तरह से पैरामिलिट्री फोर्स भर्ती में 2 से 10 बोनस अंक दिया जाता है।कई उद्योगों में भी एनसीसी सी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरियों में प्राथमिकता दी जाती है।
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि रक्तदान एक पुनीत कार्य है, जो न केवल किसी जरूरतमंद को जीवनदान देता है, बल्कि मानवता के प्रति हमारी सेवा भावना का श्रेष्ठतम उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री श्री साय आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति समय पर रक्तदाताओं से सीधा संपर्क स्थापित कर सकता है। यह पहल जीवनरक्षक सहायता को सहज, सुलभ और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जशपुर जिले में हर वर्ग के नागरिक स्वैच्छिक रक्तदान और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं और समाज सेवा में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। आज रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ, क्योंकि जीवनदान देने वाला व्यक्ति वास्तव में ईश्वर के समकक्ष होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि रक्त का हमारे जीवन में क्या महत्व है। सही समय पर उपयुक्त रक्त समूह का रक्त मिलने से किसी के प्राणों की रक्षा की जा सकती है, इसलिए रक्तदान को ‘महादान’ कहा गया है। राज्य में रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से सर्वाधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है, जो जनसेवा की उत्कृष्ट मिसाल है। मैं इस मंच से प्रदेशवासियों से आह्वान करता हूँ कि वे यथासंभव रक्तदान कर इस जीवनरक्षक कार्य में सहभागी बनें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। हाल ही में हमने एम्बुलेंस सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल की है। उन्होंने कहा कि मैं सभी नागरिकों को यह आश्वस्त करना चाहता हूँ कि हमारी सरकार प्रत्येक व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए संकल्पित है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जशपुर के आजीवन सदस्यों को प्रमाण पत्र वितरित किए और “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने श्री नीरज शर्मा, श्री अजय कुमार कुशवाहा और श्री शिव नारायण सोनी को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री, जिला प्रशासन एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला जशपुर की एक अभिनव पहल है, जिसके अंतर्गत 480 स्वैच्छिक रक्तदाताओं के नाम एवं मोबाइल नंबर सूचीबद्ध किए गए हैं। इस डायरेक्ट्री के माध्यम से जब भी किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता होगी, वह सीधे सूची में दिए गए नंबरों पर संपर्क कर रक्त प्राप्त कर सकता है।

इस प्रयास से रोगियों को इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें समय पर रक्त मिल सकेगा। यदि कोई व्यक्ति या समाजसेवी “रक्त-मित्र” बनना चाहता है, तो वह डायरेक्ट्री में दिए गए QR कोड को स्कैन कर गूगल फॉर्म भर सकता है। साथ ही, कलेक्टर एवं अध्यक्ष, भारतीय रेडक्रॉस जिला मुख्यालय, जशपुर (कलेक्ट्रेट परिसर, कक्ष क्रमांक 122) में संपर्क कर भी “रक्त-मित्र” के रूप में पंजीयन कर सकता है।
इस गरिमामय कार्यक्रम में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगाँव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा, रेडक्रॉस सोसायटी के श्री रूपेश प्राणी ग्राही, अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने वरिष्ठ नेता और तीन राज्यों के राज्यपाल रह चुके रमेश बैस को देश का अगला उपराष्ट्रपति बनाए जाने की मांग की है। बैज ने अपने पत्र में छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसदों के राष्ट्रीय स्तर पर सीमित प्रतिनिधित्व पर भी सवाल उठाए हैं।
दीपक बैज ने पत्र में लिखा कि, “आम चुनाव वर्ष 2000 से अब तक छत्तीसगढ़ ने 11 लोकसभा क्षेत्र में से औसतन 10 सीटें जिताकर भारतीय जनता पार्टी को संसद सदस्य के रूप में देने का काम किया है। सन 2014 में केंद्र में आपकी सरकार जब बनी उस वक्त छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा में से भाजपा ने 10 सीटें जीती। इसी प्रकार 2019 में 9 सीटें तथा वर्ष 2024 के आम चुनाव में 10 सीटें भारतीय जनता पार्टी को जीताकर सांसद के रूप में प्रदेश की जनता ने भेजा है। किन्तु हम सभी के लिए पीड़ा का विषय है कि तीनों कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को केवल राज्यमंत्री का प्रतिनिधत्व मिला। “
“वर्तमान में छत्तीसगढ़ भाजपा में कई ऐसे नेता मौजूद हैं जो देश के उप राष्ट्रपति के पद को सुशोभित करने में सक्षम हैं। जिसमें पूर्व राज्यपाल रमेश बैस जैसे महत्वपूर्ण नेता शामिल है जो कि 7 बार के सांसद एवं झारखंड, त्रिपुरा, महाराष्ट्र जैसे राज्यों के राज्यपाल के रूप में सेवा दे चुके हैं। वर्तमान छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के 10 सांसदों को कोई महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। वहीं वरीयता के आधार पर मैं समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से उप राष्ट्रपति के पद हेतु छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ के किसी नेता को अवसर देने का निवेदन करता हूं।”

गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद यह संवैधानिक पद रिक्त हो गया है, और अब देश को नए उपराष्ट्रपति की तलाश है। ऐसे में दीपक बैज का यह पत्र केवल राजनीतिक गलियारियों में चर्चा का विषय बन गया है।
मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आयी है। एक कलयुगी बेटे ने मामूली सी बात पर अपनी माँ की बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं अपने पिता पर भी जानलेवा हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी दिनेश कोसले को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला ग्राम सारंगपुर (थाना फास्टरपुर-सेतगंगा) का है। आरोपी की पहचान 34 वर्षीय आरोपी दिनेश कोसले के रूप में हुई है। दिनेश कोसले परिवारिक विवाद के कारण वह माता-पिता से नाराज रहता था। उनके बीच कुछ न कुछ परिवारिक विवाद होता रहता था। 23 जुलाई को भी कुछ ऐसा ही हुआ। जिससे गुस्से में आकर दिनेश कोसले ने बिस्तर पर सो रही अपनी मां देवकी बाई कोसले की हत्या कर दी। उसने भारी समान से अपनी मां के सिर पर कई वार किये जिससे उसकी मौत हो गयी।
पिता को भी नहीं छोड़ा
इसके बाद आरोपी बेटे ने अपने पिता समारू कोसले पर कुल्हाड़ी से हमला किया। जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले के बाद वो भाग गया। वहीँ, पिता समारू कोसले को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मामले की सूचना पुलिस को दी गयी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गयी और तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उसके खिलाफ धारा 103(1), 109(1) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने हत्या के लिए इस्तेमाल किये गए लोहे की कुल्हाड़ी और लकड़ी के बत्ते को जब्त कर लिया है।
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर में नक्सलवाद की रात अब ढल रही है और विकास की नई सुबह का उदय हो चुका है। डबल इंजन सरकार के समग्र और समावेशी प्रयासों का यह परिणाम है कि आज बस्तर रेंज में ₹2.54 करोड़ के इनामी 66 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया है। इनमें ₹25 लाख के इनामी एसजेडसीएम (SZCM) रामन्ना ईरपा उर्फ जगदीश का आत्मसमर्पण शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक ही दिन में बीजापुर से 25, दंतेवाड़ा से 15, कांकेर से 13, नारायणपुर से 8 और सुकमा से 5 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर वे अब हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते 18 महीनों में कुल 1,570 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। यह हमारे शासन की पारदर्शी नीतियों, नागरिक-हितैषी कार्यप्रणाली और पुनर्वास के प्रति ईमानदारीपूर्ण दृष्टिकोण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन सामाजिक और आर्थिक पुनर्निर्माण के समर्पित प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर के दूरस्थ और अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों में एक साथ सुरक्षा और विकास का कार्य कर रही है। सड़कों का विस्तार, पेयजल व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को नक्सल प्रभावित इलाकों में पहुँचाया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी नीति बस्तर के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है। हम आत्मसमर्पण कर रहे नक्सलियों के भविष्य को संवारने हेतु प्रतिबद्ध हैं।
रायपुर: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य में दवाइयों की गुणवत्तापूर्ण सप्लाई के लिए विधानसभा में ये घोषणा की थी कि सभी वाहनों को जीपीएस से लैस किया जाएगा ताकि उनकी सही लोकेशन और सही समय का हमेशा पता चलता रहे । स्वास्थ्य मंत्री की इस घोषणा पर अमल करते हुए सीजीएमएससी ने लगभग 70 वाहनों में अत्याधुनिक जीपीएस लगाया है। इसकी खासियत है कि जहां नेटवर्क नहीं रहता वहां लोकेशन और रूट को रिकॉर्ड कर ये बाद में दिखाता है। इससे गड़बड़ी या देरी की कोई गुंजाइश नहीं रहती।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल इन वाहनों की काम की कार्यशैली को जानने और देखने के लिए सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के और स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया के साथ नया रायपुर के सेक्टर 27 स्थित सीजीएमएससी कार्यालय पहुंचे और अवलोकन किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने वाहनों की गुणवत्ता, दवाइयों के स्टोरेज, वातानुकूलित व्यवस्था और मांगपत्र लेकर रवाना हो रहे ड्राइवरों की कार्य शैली को देखा। साथ ही वेबसाइट पर इस वाहनों की रियल टाइम लोकेशन भी देखी।

लिमिटेड दवाइयों की गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए वातानुकूलित सप्लाई चैन वाहनों के जरिए दवाइयों, कंज्यूमेबल समान और रीजेंट्स को पूरे राज्य में पहुंचाया जाता है। हर साल लगभग 1 हज़ार प्रकार की दवाएं और 6 सौ प्रकार के कंज्यूमेबल सामान तथा रीजेंट्स को पूरे राज्य में भेजा जाता है।
इन वाहनों की खास बात है कि ये प्रोडक्ट क्वालिटी और दवाइयों की क्षमता को बरकरार रखते हैं। इसमें टेंपरेचर सेंसिटिव दवाइयों को अच्छे तरीके से रखा जाता है ताकि दवाइयों का टेंपरेचर नियंत्रण में रहे और वो खराब न हों। इनमें सुरक्षा के अनुसार दवाइयों का स्टोरेज होता है। इसकी वजह से प्राप्तकर्ता के पास सुरक्षित तरीके से दवाइयां पहुंचती हैं।

इन वाहनों के माध्यम से दवाइयों की सप्लाई करने से दवाइयों का जीवन बरकरार रहता है। इस दौरान गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होता है और बेहतर काम की वजह से सप्लायर और कस्टमर के रिश्ते को मजबूती मिलती है। सीजीएमएससी के इन वाहनों द्वारा वैक्सीनेशन और आपातकालीन कार्यक्रमों के संचालन में अहम भूमिका निभायी जाती है साथ ही राष्ट्रीय टीकाकरण और महामारी के दौरान त्वरित कार्य संपन्न करने में भी ये अहम भूमिका निभाते हैं।
सीजीएमएससी ने पारदर्शिता के लिए इसे अपने वेबपोर्टल से लिंक किया है ताकि कोई भी गाड़ियों की लोकेशन को देख सके। इस दौरान सीजीएमएससी की प्रबंध संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने राज्य में 16 वेयर हाउस की संख्या में इजाफा करते हुए इसे सभी जिलों में खोलने की मांग रखी जिस पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात कही है।
धमतरी: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाय-जी) भारत सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीनों को पक्के घर उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के धमतरी जिले में वर्ष 2024-25 के लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर सराहनीय प्रगति हो रही है।
25 जुलाई 2025 की स्थिति में प्राप्त आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले के सभी चार विकासखंडों धमतरी, कुरूद, मगरलोड और नगरी में मिलकर कुल 21,875 मकानों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 20,297 मकानों की स्वीकृति दी जा चुकी है। इस योजना की कार्यप्रणाली चरणबद्ध है, जिसमें मकान निर्माण हेतु राशि की किश्तों में भुगतान किया जाता है।
जिले में अब तक 19,723 लाभार्थियों को प्रथम किश्त का भुगतान किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 90 प्रतिशत से अधिक है। इसी प्रकार, 18,270 मकानों में प्लिंथ स्तर तक निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जिससे जिले का समग्र प्लिंथ प्रगति प्रतिशत 92.63 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह प्रगति दर्शाती है कि योजना का कार्यान्वयन धरातल पर प्रभावी रूप से हो रहा है।
विकासखंडवार प्रगति विवरणः
1. धमतरी विकासखंडः
धमतरी विकासखंड में कुल 5,178 मकानों का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से 4,840 को स्वीकृति दी जा चुकी है। 4,740 लाभार्थियों को पहली किश्त प्राप्त हो चुकी है और 4,482 मकानों में प्लिंथ कार्य पूर्ण हुआ है। इस विकासखंड की प्लिंथ प्रगति 94.56 प्रतिशत है, जबकि मकान पूर्णता का प्रतिशत 34.3 प्रतिशत है, जो सराहनीय प्रयास को दर्शाता है। यहां 1,661 मकान पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं।
2. कुरूद विकासखंडः
कुरूद क्षेत्र में कुल 4,523 मकानों का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिनमें से 4,291 को स्वीकृति मिली। अब तक 4,246 मकानों में पहली किश्त और 4,062 मकानों में प्लिंथ कार्य पूर्ण हो चुका है। प्लिंथ प्रगति 95.62 प्रतिशत और पूर्णता प्रतिशत 38.5 प्रतिशत है। कुल 1,652 मकानों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिससे यह ब्लॉक जिले में अग्रणी स्थिति में है।
3. मगरलोड विकासखंडः
मकान प्लिंथ स्तर पर हैं और 1,482 मकानों का कार्य पूर्ण हो चुका है। कुल 3,870 के लक्ष्य में से 3,582 मकानों को स्वीकृति दी जा चुकी है और 3,376 लाभार्थियों को पहली किश्त प्राप्त हो चुकी है। यहां पूर्णता प्रतिशत 41.4 प्रतिशत है, जो पूरे जिले में सबसे अधिक है।
4. नगरी विकासखंडः
नगरी विकासखंड में कुल 8,304 मकानों का लक्ष्य निर्धारित है, जो जिले का सबसे बड़ा भाग है। अब तक 7,584 मकानों की स्वीकृति हुई है और 7,359 लाभार्थियों को पहली किश्त का भुगतान हो चुका है। हालांकि प्लिंथ प्रगति 86.95 प्रतिशत पर है, जो अन्य विकासखंडों की तुलना में कम है, लेकिन पूर्ण मकानों की संख्या सबसे अधिक 2,710 है। पूर्णता प्रतिशत 35.7 प्रतिशत है। नगरी क्षेत्र की चुनौती बड़ी संख्या के बावजूद संतुलित रूप से आगे बढ़ रही है।
समग्र उपलब्धियाँः
. कुल स्वीकृत मकानः 20,297
. पहली किश्त प्राप्त लाभार्थीः 19,723
. प्लिंथ स्तर तक पूर्ण मकानः 18,270
. पूर्ण निर्माणः 7,505 मकान
. कुल पूर्णता प्रतिशतः 37.0 प्रतिशत
यह प्रगति न केवल शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि जिला प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण जनता के समन्वित प्रयासों का परिणाम भी है। निर्माण की निगरानी, स्वच्छता, और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कर ग्रामीण विकास में एक नई पहचान गढ़ी जा रही है।
सकारात्मक संकेत और चुनौतियाँ। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि योजना के क्रियान्वयन में गति बनी हुई है और वर्ष 2024-25 के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है।
मगरलोड और कुरूद जैसे विकासखंडों ने अपेक्षाकृत बेहतरीन प्रदर्शन किया है। नगरी क्षेत्र को निर्माण की गति को और तेज करने की आवश्यकता है, ताकि उसका प्रतिशत भी अन्य क्षेत्रों की बराबरी कर सके।
जिले में “अपूर्ण मकानों की संख्या केवल 8 है”, और 1,453 मकानों में कार्य दोबारा प्रारंभ करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। यह योजना ग्रामीण आबादी की जीवनशैली में सुधार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत नींव तैयार कर रही है।
निष्कर्षः
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत धमतरी जिले में हो रही प्रगति उत्साहजनक और प्रेरणादायक है। यह दर्शाता है कि शासन की योजनाएं तब प्रभावी सिद्ध होती हैं जब स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधि और नागरिक मिलकर कार्य करें। इस प्रकार की योजनाओं से न केवल आवासहीनों को पक्के घर मिलते हैं, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मान की भावना भी सृजित होती है।आने वाले समय में जिला प्रशासन को यही दिशा बनाए रखते हुए शेष लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु और तेजी से कार्य करना होगा। यदि यही कार्यसंस्कृति बनी रही, तो धमतरी जिला न केवल प्रदेश में, बल्कि देश में भी ग्रामीण आवास निर्माण की मिसाल बन सकता है।
रायपुर / अभनपुर। राजधानी रायपुर से लगे अभनपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां ग्राम बेंद्री में पत्थर खदान के गड्ढे में एक युवक की लाश बोरी के अंदर मिली है। सुचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। मामला राखी थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने पत्थर खदान के गड्ढे में भरे पानी में तैरते हुए बोरी में लाश देखा, तत्काल इसकी सुचना पुलिस को दी, सुचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टेम के लिए भेज दिया है। वहीं पुलिस हत्या कर बोरी में लाश भरकर फेंकने की आशंका जताई जा रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को अब राहत मिलने की संभावना है क्योंकि छत्तीसगढ़ बारिश अलर्ट के तहत आज प्रदेश के 28 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में मानसून की रफ्तार थमी हुई थी, लेकिन अब मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि आज से कई जिलों में अच्छी बारिश होगी। इसके चलते तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलेगी।
मौसम विभाग ने दक्षिण बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार को भी कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। ऐसे में नागरिकों और किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट पर ध्यान दें और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं।
छत्तीसगढ़ बारिश अलर्ट के तहत प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। जलभराव, बिजली गिरने या अन्य प्राकृतिक खतरे की आशंका को देखते हुए सभी जिलों में निगरानी तेज कर दी गई है।
रायपुर: रायपुर सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में आज हरेली पर्व का गरिमामय आयोजन हुआ। त्यौहार मनाने के लिए पूरे परिसर को ग्रामीण परिवेश में सजाया गया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि हमारी सरकार का मुख्य ध्येय है। हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की परंपरा, प्रकृति और खेती-किसानी से जुड़ा ऐसा पर्व है, जो हमें अपने मूल से जोड़ता है। आज पूरा छत्तीसगढ़ हरेली की खुशी में डूबा है। मुख्यमंत्री निवास में भी यह पर्व पूरे उल्लास और पारंपरिक तरीके से मनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक हरेली को मनाने का अपना-अपना अंदाज है। लेकिन सभी जगह इसका रंग एक ही है, आस्था और उत्साह एक ही है। जिस तरह प्रकृति हमारा ख्याल रखती है, उसी तरह हमें भी प्रकृति का ख्याल रखना चाहिए। हरेली केवल खेती-किसानी का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह अपनी धरती की हरियाली और प्रकृति पूजा का भी त्यौहार है। छत्तीसगढ़ महतारी की कृपा हम सब पर बरसाती रहे और सभी किसान भाई खुशहाल रहें।
यही मंगल कामना है उन्होंने कहा कि श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तय कर ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। हम सभी ने 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का सपना देखा है और इसके लिए हमने अपना विजन डॉक्यूमेंट भी बनाया है। हमारी सरकार राज्य से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रयास कर रही है।

हरेली त्योहार पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और किसान जीवन का उत्सव है। इस पावन अवसर पर मैं प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ। यह त्योहार प्रकृति, कृषि और पशुधन से जुड़े हमारे जीवन मूल्यों की गूंज है। उन्होंने कहा कि ऐसा विश्वास है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती स्वयं धरती पर आकर किसानों के बीच उपस्थित होते हैं और उनके खेतों का निरीक्षण करते हैं।
यही कारण है कि इस दिन किसान अपने कृषि यंत्रों, हल-बैल और खेत-खलिहानों की पूजा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ कृषि के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति कर रहा है। किसानों को समर्थन मूल्य पर धान खरीद और विभिन्न योजनाओं में 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।

यह हिंदुस्तान में किसी भी राज्य द्वारा किसानों के लिए किया गया सबसे बड़ा कार्य है। यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ में एक ऐसा मुख्यमंत्री है, जो केवल घोषणाएं नहीं करता, बल्कि धरातल पर किसानों के पसीने की कीमत चुका रहा है।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायकगण, निगम मंडल आयोग के अध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

रायपुर। छत्तीसगढ़ वन विभाग में एक बार फिर व्यापक स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक कुल 205 अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला किया गया है। इसमें 86 वनरक्षक, 60 वनपाल, 27 उपवनक्षेत्रपाल और 32 लिपिक शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह तबादला प्रक्रिया विभागीय आवश्यकता, क्षेत्रीय संतुलन और कार्य कुशलता को ध्यान में रखते हुए की गई है। वन विभाग की इस बड़ी कार्रवाई को प्रशासनिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
तबादला सूची विभागीय वेबसाइट और संबंधित कार्यालयों में प्रदर्शित की गई है। स्थानांतरित कर्मचारियों को शीघ्र पदस्थ स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इससे फील्ड स्तर पर कामकाज की गति और निगरानी व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की धरती पर जब भी कोई त्योहार आता है, तो वह केवल धार्मिक या सांस्कृतिक उत्सव भर नहीं होता, बल्कि वह जीवनशैली, परंपरा, स्वाद और सामाजिक सौहार्द का पर्व बन जाता है। इसी श्रृंखला में प्रदेश के प्रमुख कृषि पर्व हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निवास में पारंपरिक स्वादिष्ट छत्तीसगढ़ी व्यंजनों ने सभी अतिथियों का मन मोह लिया।

दुर्ग| अमलेश्वर थाना क्षेत्र में खारून नदी में 2 नाबालिग डूब गए. घटना बुधवार की है जब 6 दोस्त नदी में नहाने उतरे थे. इस दौरान अचानक तेज बहाव और भंवर में फंसने के बाद 2 युवक डूब गए. SDRF के टीम ने गुरुवार को एक 16 वर्षीय नाबालिग के शव को गुरुवार सुबह बरामद किया. जबकि दूसरे 15 वर्षीय युवक की तलाश अब भी जारी है.
जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान आशीष सरोज (16 वर्ष), पिता पंकज सरोज, बजरंग नगर वार्ड 37 निवासी के रूप में हुई है. वह बीते दिन ग्राम जमराव के 5 नाबालिग दोस्तों के साथ अमलेश्वर थाना क्षेत्र में खारून नदी में नहाने गया था. नहाते समय पानी के तेज बहाव और भंवर में फंस जाने से आशीष और उसका दोस्त यशवंत हरपाल (15 वर्ष) बह गए. उन्हें डूबता देखकर बाकी 4 दोस्तों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया. लोगों ने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी और डूबते नाबालिगों को ढूंढने और बचाने का प्रयास किया लेकिन वे असफल रहे.
डीप डाइविंग से निकाला गया शव
SDRF की टीम ने पूरी रात आठ घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. लेकिन दोनों को नहीं ढूंढा जा सका था. वहीं आज गुरुवार सुबह डीप डाइविंग के अनुभवी जवान इंद्रपाल यादव और राजकुमार यादव ने दो घंटे की मेहनत के बाद आशीष का शव नदी से बाहर निकाला और पुलिस के सुपुर्द किया. लेकिन यशवंत अब तक नहीं मिल सका है. यशवंत की तलाश अब भी जारी है.
पुलिस ने आशीष के शव को पोस्टमार्टम के लिए सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भिजवाया है. घटना से गांव और परिजनों में शोक की लहर है.
सुकमा. भाजपा सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सुकमा जिले में सक्रिय पांच नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है. सभी नक्सली जगरगुंडा और चिंतलनार इलाके में सक्रिय रहे हैं. सभी सरेंडर नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि दी गई और पुनर्वास नीति का लाभ भी दिया जाएगा.
कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर के खरवत चौक पर भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार पल्सर बाइक की ट्रक से टक्कर हो गई, दुर्घटना में दो लड़के और एक लड़की की मौत हो गई।
दरअसल, यह मामला कोरिया जिले के बैकुंठपुर की है जहां। 23 जुलाई की रात खरवत चौक के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर चरचा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
चरचा थाना प्रभारी प्रमोद पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना रात करीब 11:30 बजे की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि दो लड़के और एक लड़की घायल अवस्था में सड़क पर पड़े थे। सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
प्राथमिक जांच में पता चला है कि तीनों युवक पार्टी से लौट रहे थे और जिस पल्सर बाइक में सवार थे, उसकी गति बहुत तेज थी। वहीं, ट्रक की स्थिति मौके पर देखने से प्रतीत होता है कि वह धीमी गति से चल रहा था। लेकिन हादसे के बाद ट्रक चालक डर के कारण मौके से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने चालक की तलाश कर उसे पकड़ लिया और पूछताछ की।
चालक ने बताया कि वह अपनी गाड़ी लेकर सामान्य गति से जा रहा था, तभी पीछे से आकर मोटरसाइकिल ने टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी चल रही है।
रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार के अवसर पर पारंपरिक लोक यंत्रों की गूंज और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा के साथ सुंदर नाचा का आयोजन किया जा रहा है। पूरा परिसर उत्सवमय वातावरण से सराबोर है। ग्रामीण परिवेश की जीवंत छवि इस सुंदर माहौल में साकार हो गई है। कहीं सुंदर वस्त्रों में सजे राउत नाचा कर रहे कलाकारों की रंगत बिखरी है, तो कहीं आदिवासी कलाकार पारंपरिक लोक नृत्य की मोहक प्रस्तुतियाँ दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ का अद्भुत ग्रामीण लैंडस्केप अपनी संपूर्ण सांस्कृतिक सुंदरता के साथ यहां सजीव रूप में अवतरित हो गया है। विभिन्न प्रकार की लोक धुनों में छत्तीसगढ़ी संगीत का माधुर्य अपने चरम पर है।
राउत नाचा की परंपरा छत्तीसगढ़ में सदियों पुरानी है। इसे गोवर्धन पूजा से जोड़ा जाता है, जब ग्वाल-बाल भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की स्मृति में यह नृत्य करते हैं। नर्तक रंग-बिरंगे परिधानों में सजते हैं, सिर पर पगड़ी धारण करते हैं और हाथों में लाठी थामे रहते हैं। उनके वस्त्रों को कौड़ियों, घुंघरुओं और अन्य सजावटी वस्तुओं से अलंकृत किया जाता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ी लोकजीवन की खुशबू लिए हरेली तिहार का पारंपरिक उत्सव गुरुवार 24 जुलाई को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास में विधिवत रूप से आरंभ हुआ। छत्तीसगढ़ एक ऐसा प्रदेश है, जहाँ प्रत्येक अवसर और कार्य के लिए विशेष प्रकार के पारंपरिक उपकरणों एवं वस्तुओं का उपयोग होता आया है। हरेली पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में ऐसे ही पारंपरिक कृषि यंत्रों एवं परिधानों की झलक देखने को मिली, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं।

काठा
सबसे बाईं ओर दो गोलनुमा लकड़ी की संरचनाएँ रखी गई थीं, जिन्हें ‘काठा’ कहा जाता है। पुराने समय में जब गाँवों में धान तौलने के लिए काँटा-बाँट प्रचलन में नहीं था, तब काठा से ही धान मापा जाता था। सामान्यतः एक काठा में लगभग चार किलो धान आता है। काठा से ही धान नाप कर मजदूरी के रूप में भुगतान किया जाता था।

खुमरी
सिर को धूप और वर्षा से बचाने हेतु बांस की पतली खपच्चियों से बनी, गुलाबी रंग में रंगी और कौड़ियों से सजी एक घेरेदार संरचना ‘खुमरी’ कहलाती है। यह प्रायः गाय चराने वाले चरवाहों द्वारा सिर पर धारण की जाती है। पूर्वकाल में चरवाहे अपने साथ ‘कमरा’ (रेनकोट) और खुमरी लेकर पशु चराने निकलते थे। ‘कमरा’ जूट के रेशे से बना एक मोटा ब्लैंकेट जैसा वस्त्र होता था, जो वर्षा से बचाव के लिए प्रयुक्त होता था।

कासी की डोरी
यह डोरी ‘कासी’ नामक पौधे के तने से बनाई जाती है। पहले इसे चारपाई या खटिया बुनने के लिए ‘निवार’ के रूप में प्रयोग किया जाता था। डोरी बनाने की प्रक्रिया को ‘डोरी आंटना’ कहा जाता है। वर्षा ऋतु के प्रारंभ में खेतों की मेड़ों पर कांसी पौधे उग आते हैं, जिनके तनों को काटकर डोरी बनाई जाती है। यह डोरी वर्षों तक चलने वाली मजबूत बुनाई के लिए उपयोगी होती है।

झांपी
ढक्कन युक्त, लकड़ी की गोलनुमा बड़ी संरचना ‘झांपी’ कहलाती है। यह प्राचीन समय में छत्तीसगढ़ में बैग या पेटी के विकल्प के रूप में प्रयुक्त होती थी। विशेष रूप से विवाह समारोहों में बारात के दौरान दूल्हे के वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, पकवान आदि रखने के लिए इसका उपयोग किया जाता था। यह बांस की लकड़ी से निर्मित एक मजबूत संरचना होती है, जो कई वर्षों तक सुरक्षित बनी रहती है।
कलारी
बांस के डंडे के छोर पर लोहे का नुकीला हुक लगाकर ‘कलारी’ तैयार की जाती है। इसका उपयोग धान मिंजाई के समय धान को उलटने-पलटने के लिए किया जाता है।
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सिहावा रोड पर तेज रफ्तार रेत से भरी दो हाइवा आपस में टकरा गई. भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि हाइवा के परखच्चे उड़ गए. दुर्घटना में एक हेल्पर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. सुचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रक में फंसे हेल्पर को पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला और पीएम के लिए अस्पताल भेज दिया.मिली जानकारी के अनुसार, ये घटना शांति कॉलोनी के समीप पूजा राइस मिल के सामने रात 2 से 3 बजे की है. दुर्घटना में हाइवा के हेल्पर 16 वर्षीय ग्राम सुखरी, डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव निवासी की मौके पर ही मौत हो गई. सूचना मिलने पर मौके पर कोतवाली पुलिस पहुंची. फिलहाल, कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है.
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुडेसा अवराडुगू में खेत में काम करने गए किसान दंपती की हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही बिजली विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर दोनों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
खेत में पंप का तार जोड़ते समय हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम मुडेसा अवराडुगू निवासी करीमन साय गोंड (56) और उनकी पत्नी दिलकुवंर गोंड (52) घर के बगल में स्थित खेत में धान का बीड़ा उखाड़ने गए थे। खेत में पानी कम होने से पंप चालू करने के लिए करीमन साय ने घरेलू कनेक्शन से पंप का तार जोड़ना चाहा। जैसे ही उन्होंने तार जोड़ा, करंट लगते ही वह तार से चिपक गए और मौके पर गिर पड़े। गीले खेत में करंट फैलने से वहां मौजूद उनकी पत्नी दिलकुवंर गोंड भी उसकी चपेट में आ गई और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद किसान दंपती के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर है।
मस्तूरी - छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी मुख्यालय के समीप बसे भदौरा गांव में बीते बुधवार की रात सूर्यवंशी समाज के लिए आपदा बन कर टूटी और उनके दो बच्चे रितु सूर्यवंशी जो 9 महीने की है वही महक जो 8 साल की है जिनके पिता का नाम लक्ष्मी नारायण है दोनों को जहरीले करात सांप ने काट लिया यह घटना रात के तकरीबन 1:00 बजे की बताई जा रही है परिवार वालों को जैसे ही इस घटना की जानकारी हुई उन्होंने दोनों बच्चों को आनंद-पणन में मस्तूरी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहाँ डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों को बिलासपुर रेफर कर दिया इस दौरान छोटी बच्ची ऋतू सूर्यवंशी की मौत हो गई वही दूसरी बच्ची महक जो 8 साल की है वो जिंदगी और मौत से सिम्स में लड़ रही है।
परिवार वालों का आरोप है की मस्तूरी स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों को सही समय पर सांप के जहर से बचाने वाली दवा”एंटीवेनम”सीरम अगर मिल गई होती तो आज शायद बच्चों की स्थिति कुछ और होती आपको बताते चलें की इस दवा क़ो विषैले सांप के काटने के बाद सर्प द्वारा काटे गए ब्यक्ति के शरीर में इंजेक्ट किया जाता है ताकि जहर के प्रभाव को कम किया जा सके या उसे बेअसर किया जा सके।
मस्तूरी स्वास्थ्य केंद्र के अंदर अनगिनत गांव आते हैं मस्तूरी ग्रामीण क्षेत्र में बारिश के समय में सर्पडंस की समस्या लगातार देखने मिलता है बावजूद इसके यहां सांप काटने से बचाने वाली दवा एंटीवेनम का ना होना एक गंभीर लापरवाही या विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लगाती है मस्तूरी स्वास्थ्य केंद्र में दूर-दूर से लोग उपचार करने आते हैं और ऐसे मामलों में मस्तूरी स्वास्थ्य केंद्र हीं लोगों के लिए एक उपचार का जगह है ठिकाना है पर यहां भी उपचार नहीं मिलने पर लोगों को ऐसे मामलों में अपनी जान गवानी पड़ रही है बहर हाल इस पूरे घटना के बाद भदौरा गांव में हरियाली त्यौहार की खुशियां माता में बदल गई है और चारों तरफ बच्चों की गुजर जाने की तकलीफ दर्द सभी गांव वालों को महसूस हो रहा है माँ की रो रो कर बुरा हाल है सभी गांव वाले परिवार वालों को इस विपत्ति के समय में सहारा दें रहें हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों भारी बारिश का दौर जारी है. राजधानी रायपुर समेत कई स्थानों पर बुधवार देर रात से झमाझम बारिश हो रही है. इसी बीच मौसम विभाग ने मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. प्रदेश के 17जिले में ऑरेंज अलर्ट और 11 में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है.
इन जिलों में जारी हुआ अलर्ट:
17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में गरज-चमक के साथ 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और मध्यम से भारी बारिश की संभावना है.
11 जिलों में यलो अलर्ट
सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, रायगढ़, जशपुर, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में यलो अलर्ट जारी हुआ है. यहां गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है.
बिलासपुर में तेज बारिश से जलभराव (CG WEATHER UPDATE)
बिलासपुर में बुधवार रात हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई. परिजात कॉलोनी और नेहरू नगर के कई घरों में बारिश का पानी घुस गया, जिससे घर में रखा सामान डूब गया. लोग पूरी रात जागते रहे. बिजली गुल होने से आधे शहर में ब्लैकआउट रहा और पीने के पानी की समस्या खड़ी हो गई.
बारिश के आंकड़े
बता दें छत्तीसगढ़ में इस महीने 23 दिनों में लगभग 300 मिमी बारिश दर्ज की गई है. इसमें से 198.2 मिमी बारिश 1 जुलाई से 11 जुलाई के बीच हुई. पिछले 24 घंटों में औसतन 12.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है. तापमान की बात करें तो बिलासपुर 34.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि दुर्ग में न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री दर्ज हुआ.
बारिश के कहर से गई कई जानें (CG WEATHER UPDATE)
सरगुजा में बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई. वहीं दुर्ग जिले के जमराव एनीकट में 2 नाबालिग पानी में बह गए. इनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है और दूसरे की तलाश जारी है.
रायपुर के DEO ऑफिस कैंपस में भी पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा. रायगढ़ में भी दोपहर बाद गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई.
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि अलर्ट का पालन करें और बारिश के दौरान सतर्क रहें.





























