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ब्रेकिंग : राजिम क्षेत्र में दो दंतेल हाथियों की आमद, वन विभाग अलर्ट मोड पर

ब्रेकिंग : राजिम क्षेत्र में दो दंतेल हाथियों की आमद, वन विभाग अलर्ट मोड पर

 राजिम: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में हाथियों की हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। शुक्रवार सुबह दो दंतेल हाथी राजिम क्षेत्र में देखे गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।

सूत्रों के अनुसार, एक हाथी खुडसा के जंगल में और दूसरा हाथी तर्जुन्गा के जंगल में मौजूद है। ये क्षेत्र नगर पंचायत फिंगेश्वर से महज 5 किमी की दूरी पर स्थित हैं। बताया जा रहा है कि एक हाथी महासमुंद जिले से तो दूसरा धमतरी जिले की सीमा से प्रवेश कर राजिम क्षेत्र में आया है।वन विभाग ने स्थिति को गंभीर मानते हुए लगभग 25 गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की सख्त हिदायत दी गई है, और मुनादी के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल के सदस्य सतत निगरानी में जुटे हुए हैं, ताकि किसी भी तरह की जनहानि या फसल क्षति को रोका जा सके। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और वन अमले का सहयोग करें।

स्थिति पर वन विभाग की लगातार नजर बनी हुई है।

ग्रामीणों से सतर्कता और संयम बरतने की अपील।

 

छत्तीसगढ़ का पहला त्योहार ‘हरेली तिहार’ क्यों है खास? जानें परंपराएं, पूजा विधि और पारंपरिक व्यंजन

छत्तीसगढ़ का पहला त्योहार ‘हरेली तिहार’ क्यों है खास? जानें परंपराएं, पूजा विधि और पारंपरिक व्यंजन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ अंचल का पहला पर्व के रूप में मनाया जाने वाला प्रकृति के प्रति प्रेम और समर्पण का पर्व है जिसे बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है । हरेली शब्द से ही समझ आ रहा है कि यह हरियाली का उत्सव है ।

आषाढ़ , सावन माह में बारिश होने के कारण सभी ओर हरियाली छा जाती है और किसान द्वारा बोयी गई धान भी लहलहा उठती है । इसलिए प्रकृति को अपना कृतज्ञता व्यक्त करते हुए यह  Hareli Tihar मनाया जाता है । हरेली विशेष रूप से किसानों के द्वारा मनाया जाता है , लेकिन इसमें अन्य सभी लोग भी शामिल होते हैं । इस प्रकार यह पर्व प्रकृति प्रेम को प्रदर्शित करता है । बस्तर क्षेत्र की जनजातियां हरेली पर्व को अमुस तिहार के रूप में मनाते हैं ।

किसान द्वारा आषाढ़ माह में धान की बुवाई करने के बाद वह उम्मीद करता है कि उसकी फसल अच्छी होगी । जब धान थोड़े बड़े हो जाते हैं तो उसमे बियासी की जाती है । बियासी धान की खेती का अंतिम चरण है जिसमें जब धान छोटे छोटे पौधे के रूप में बड़ा हो जाता है तो खेत में हल चला दिया जाता है ताकि धान का पौधा सभी ओर बराबर वितरित हो जाए कहीं कम ज्यादा ना रहे , और खेत भी बराबर हो जाए कहीं गड्ढा या ऊंच ना रहे ।

बियासी के बाद खेती का सभी कार्य पूर्ण हो जाता है । फिर किसान खेती में उपयोग की गई समस्त औजारों जैसे – नांगर (हल) , गैंती , कुदाडी़ , रापा (फावड़ा) को खेती में योगदान देने के लिए धन्यवाद अर्पित करते हुए यह हरियाली का उत्सव सावन माह के अमावस्या को मनाया जाता है । सावन माह मतलब जुलाई – अगस्त का महीना ।

हरेली तिहार क्यों मनाया जाता है ?

एक किसान अपने आप को तभी सफल मानता है जब उसके द्वारा उगाया गया अनाज उसे अच्छी पैदावार दे और अच्छी पैदावार तब होगी जब फसल सुरक्षित रहेगा , स्वस्थ रहेगा , अच्छे से विकसित होगा । और इस अच्छी फसल को उगाने के लिए भी साधन लगते हैं जिसके बिना खेती नही की जा सकती ।

इसलिए किसान बियासी के बाद खेती के दौरान उपयोग में लायी गई साधनों / औजारों को खेती में सहयोग हेतू कृतज्ञता व्यक्त करना चाहता है । इसलिए खेती के औजारों को धन्यवाद अर्पित करने के लिए सावन अमावस्या के दिन हरेली का त्यौहार मनाता है और अपने कुल देवता , ग्राम देवी की पूजा करते हुए अच्छी फसल की उम्मीद करता है , फसल की सुरक्षा की कामना करता है । कई जगह देवी कुटकी दाई की भी पूजा अर्चना की जाती है ।

Hareli Tihar में क्या किया जाता है

हरेली तिहार के दिन विभिन्न गतिविधियाँ की जाती है जिसमे बच्चे, महिलाएं , पुरुष सभी भाग लेते हैं । हरेली तिहार में निम्न चीजें की जाती है –

  • पूजा स्थान जहां पर औजारों की पूजा होनी है वहां पर तथा घर के आंगन में लाल मुरूमी मिट्टी डाला जाता है जिसमें थोड़े बड़े बड़े कंकड़ होते हैं
  • पशुधन को वर्षा जनित बिमारी / रोग से सुरक्षित रखने के लिए बैगा द्वारा तैयार की गई औषधि को चावल आटे में मिलाकर उसमे थोड़ा नमक डालकर खम्हार के पत्ते में लपेटकर दइहान जाकर खिलाया जाता है । यह औषधि जंगल से लायी गई जड़ी बुटी से बनाया जाता है ।
  • चावल का चीला (गुड़ का) बनाया जाता है जो कि विशेष रूप से पूजा के लिए ही बनाया जाता है । इस चीले को पूजा के दौरान कुल देवता , ग्राम देवता को अर्पित किया जाता है साथ ही खेत में जाकर उसकी और प्रकृति की पूजा की जाती है और अच्छी फसल की कामना की जाती है ।
  • छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में गेंहू खेत की मिट्टी से कुल देवता को छाब (छत्तीसगढ़ी शब्द) दिया जाता है । या कहें कुल देवता को मिट्टी का लेप लगाया जाता है ।
  • कृषि औजारों जैसे – नांगर (हल) , गैंती , कुदाडी़ , रापा (फावड़ा) , टंगिया आदि को धन्यवाद देते हुए पूजा की जाती है ।
  • ग्रामीण अंचल के बच्चे बांस के बने गेंड़ी पर चढ़कर चलते हैं और आपस में प्रतियोगिता भी करते हैं । गेंड़ी से चलने का परंपरा लोगों को बहुत रोमांचित करता है । लड़कियां भी खो – खो जैसे खेल को खेलते हुए आनंद लेती है ।
  • इस दिन ग्रामीण क्षेत्रों में नारियल फेंक प्रतियोगिता , गेंडी दौड़ प्रतियोगिता , कबड्डी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है ।
  • चूंकि इस समय वर्षा के कारण जीवाणु विषाणु कीटाणु का प्रभाव अधिक होता है इसलिए राउत जाति के लोगों द्वारा नीम की टहनी घर के आंगन में खोंचा (लगाया) जाता है । क्योंकि नीम अपनी कड़वाहट के कारण कीटनाशक के तौर पर काम करता है और बरसात में पनप रहे कीटाणु , कीड़े – मकोड़े को नष्ट करने में सहायक होता है ।
  • खेतों में भेलवा की टहनी की लगाया जाता है
  • छत्तीसगढ़ में हरेली तिहार तंत्र मंत्र , जादू टोने से भी जुड़ा है । लोगों का विश्वास है कि सावन अमावस्या की रात को अनिष्ट शक्ति का प्रकोप होता है इस दिन यह अनिष्ट शक्ति बहुत ताकतवर हो जाती है, जिसे टोनही के रूप में भी लोग जानते हैं , जिसके प्रभाव से बचने के लिए लोहार जाति के लोग घर घर जाकर घर के चौखट पर लोहे की नुकीला कील जिसे पाती कहते हैं उसे ठोका जाता है । और यह भी कहा जाता है कि बैगा गांव की सुरक्षा के लिए गांव को तंत्र मंत्र से बांधता है ताकि अनिष्ट शक्ति किसी को हानि ना पहुंचा सके ।
  • इस दिन बुरी शक्ति / अनिष्ट शक्ति से बचने के लिए महिलाएं घर के दीवार पर गोबर से प्रेत का चित्र बनाते हैं । जिसे सवनाही कहा जाता है । लोगों का मानना है कि ऐसा करने से अनिष्ट शक्ति उनको नुकसान नही पहुचायेगी ।
हरेली तिहार पर आज मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक उल्लास के साथ होगा विशेष आयोजन….

हरेली तिहार पर आज मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक उल्लास के साथ होगा विशेष आयोजन….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा और कृषि परंपरा से जुड़ा प्रमुख लोकपर्व हरेली तिहार इस वर्ष 24 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक और उल्लासपूर्ण रूप से मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष आयोजन में लोकजीवन की विविध रंगतें, सांस्कृतिक विरासत और किसानों के प्रति सम्मान का भाव सजीव रूप में प्रकट होगा। हरेली त्यौहार के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री निवास परिसर को छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति के रंगों से सजाया गया है। पारंपरिक तोरण, हरियाली से सजे द्वार और ग्रामीण शिल्प कला से समृद्ध इस वातावरण में हरेली की वास्तविक आत्मा को अनुभव किया जा सकेगा।

कृषि यंत्रों का पूजन, गेड़ी नृत्य, सावन झूला और रामायण पाठ जैसे विविध आयोजन होंगे आकर्षण का केंद्र

आयोजन में छत्तीसगढ़ के विविध अंचलों से आए लोक कलाकारों द्वारा गेड़ी नृत्य, राउत नाचा आदि लोकनृत्यों की प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। सावन की फुहारों के बीच सावन झूला और सवनाही रामायण पाठ दर्शकों के आकर्षण का केंद्र होंगे। यह कार्यक्रम ना केवल एक सांस्कृतिक आयोजन होगा, बल्कि यह प्रदेश की लोकभावना और पारंपरिक धरोहर का जीवंत उत्सव भी होगा।

कृषि यंत्रों का पूजन, गेड़ी नृत्य, सावन झूला और रामायण पाठ जैसे विविध आयोजन होंगे आकर्षण का केंद्र

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस आयोजन में शामिल होकर कृषि यंत्रों एवं औजारों की पूजा करेंगे, जो हरेली पर्व की मुख्य परंपरा रही है। पारंपरिक से लेकर आधुनिक यंत्रों की एक विस्तृत प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की कृषि परंपराओं और यांत्रिकी प्रगति से परिचय मिलेगा।कार्यक्रम में बच्चों के लिए परंपरागत खेल और लोककला प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही हैं। हरेली तिहार को इस बार केवल एक त्योहार नहीं बल्कि पर्यावरण, परंपरा और प्रगति के मिलन के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

कृषि यंत्रों का पूजन, गेड़ी नृत्य, सावन झूला और रामायण पाठ जैसे विविध आयोजन होंगे आकर्षण का केंद्र

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को हरेली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हरेली पर्व केवल खेती और हरियाली का नहीं, बल्कि हमारे लोकजीवन, परंपरा और प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का उत्सव है। हमारी सरकार इस सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में होने वाला यह आयोजन छत्तीसगढ़ के ग्रामीण लोकसंस्कृति को न केवल संरक्षित करने की दिशा में एक प्रयास है, बल्कि उसे सार्वजनिक जीवन के केंद्र में लाने की प्रेरक पहल भी है।

शत-प्रतिशत दिव्यांगजनों को कौशलयुक्त बनाने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

शत-प्रतिशत दिव्यांगजनों को कौशलयुक्त बनाने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य तभी साकार हो सकते हैं, जब समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री  साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में समाज कल्याण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि समय की माँग है कि शतप्रतिशत दिव्यांगजनों को कौशलयुक्त बनाया जाए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस दिशा में कार्ययोजना बनाकर त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की दी शुभकामनाएँ….

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की दी शुभकामनाएँ….

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के परंपरागत लोकपर्व हरेली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की मिट्टी से जुड़ा ऐसा पर्व है, जो हमारी कृषि संस्कृति, लोक परंपरा और प्रकृति प्रेम का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली पर्व खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्योहार है, जिसमें किसान अपने कृषि उपकरणों की पूजा कर धरती माता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। यह पर्व न केवल अच्छी फसल की कामना का अवसर है, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य की भावना को भी प्रकट करता है।

श्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि इस वर्ष हरेली पर्व को हम और भी सार्थक बनाएं — धरती माता की पूजा के साथ वृक्षारोपण करें, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित हो सके। यह पर्व केवल परंपरा नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक बने।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि हरेली पर्व प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और हरियाली लेकर आए। उन्होंने सभी नागरिकों से इस लोकपर्व को आपसी सौहार्द, प्रकृति प्रेम और परंपरा के सम्मान के साथ मनाने का आह्वान किया।

बीजेपी ने जारी किया नये जिला अध्यक्ष,उपाध्यक्ष,महामंत्री और जिला मंत्री का नियुक्ति,देखे लिस्ट…

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 रायपुर – भारतीय जनता पार्टी ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लिए अपनी नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है,जिसमें कुल 16 कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। यह घोषणा प्रदेश महामंत्री जगदीश रामू रोहरा द्वारा की गई है,जिसे प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव,प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, और जिला अध्यक्ष लालजी यादव की सहमति प्राप्त है। नई कार्यकारिणी में शामिल प्रमुख पदाधिकारी जिला अध्यक्ष लालजी यादव,2 महामंत्री,6 जिला उपाध्यक्ष,6 जिला मंत्री इसके अलावा संगठन में अन्य कई नेताओं को भी अवसर प्रदान किया गया है, जिससे पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की दिशा में कदम माना जा रहा है। यह गठन आगामी चुनावों और संगठनात्मक मजबूती के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ब्रेकिंग : बड़े पैमाने पर व्याख्याताओं का हुआ प्रमोशन, विषयवार व्याख्याताओं की पदोन्नति सूची जारी, देखें डीपीआई का आदेश…

ब्रेकिंग : बड़े पैमाने पर व्याख्याताओं का हुआ प्रमोशन, विषयवार व्याख्याताओं की पदोन्नति सूची जारी, देखें डीपीआई का आदेश…

 रायपुर। डीपीआई ने व्याख्याताओं की पदोन्नति सूची जारी की है। सूची में बड़ी संख्या में व्याख्याता के नाम शामिल है।

 

देखें सूची…

CG – इन जमीनों की अब नहीं होगी रजिस्ट्री, सभी जिला पंजीयकों को आदेश जारी..!!

CG – इन जमीनों की अब नहीं होगी रजिस्ट्री, सभी जिला पंजीयकों को आदेश जारी..!!

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब 5 डिसमिल से कम आकार की कृषि भूमि की खरीदी-बिक्री करने पर अब रजिस्ट्री नहीं होगी। राज्य सरकार ने इस तरह की भूमि के रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है। इस संबंध में महानिरीक्षक (पंजीयन) ने सभी जिला पंजीयकों को पत्र लिखा हैं। बीतें दिनों छत्तीसगढ़ विधानसभा में ‘छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक-2025’ लाया गया था, जिसमें जमीनों की खरीदी और बिक्री को लेकर कई तरह के प्रावधान किए गए थे। इसमें 5 डिसमिल से कम आकार की कृषि भूमि की रजिस्ट्री नहीं करने की बात भी शामिल थी। अब इस नियम के राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही सभी जिला पंजीयकों को आदेश जारी किया गया है।

बता दें कि पूर्व में 5 डिसमिल से कम जमीन की रजिस्ट्री होने से प्रदेश भर में अवैध प्लॉटिंग बढ़ गई थी और इससे कई समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। हालांकि यह नया नियम शहरों में लागू नहीं होगा, क्योंकि शहरों में भूमि आमतौर पर कृषि श्रेणी से बाहर होती है। शहरी क्षेत्रों में डायवर्टेड भूमि जो व्यवसायिक और आवासीय उपयोग के लिए होती है, उसकी रजिस्ट्री पहले की तरह होती रहेगी।

छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक-2025’ में किए गए ये प्रावधान

विधेयक के तहत जियो रिफेरेन्सिंग तकनीक को कानूनी मान्यता दी गई है। इसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में डिजिटल नक्शे तैयार किए जा रहे हैं, जिससे सीमांकन, बंटवारा और नामांतरण जैसे विवाद खत्म होंगे। डिजिटल नक्शे अब कानूनी दस्तावेज माने जाएंगे, जो कोर्ट और प्रशासनिक कामों में मान्य होंगे।

नौनिहालों के पोषण के साथ ही सुरक्षित और सुनहरा भविष्य देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

नौनिहालों के पोषण के साथ ही सुरक्षित और सुनहरा भविष्य देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नौनिहालों के पोषण और उनको सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बच्चों के समुचित विकास हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ मिलकर कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों पर केंद्रित योजनाओं की जिलेवार नियमित मॉनिटरिंग सचिव स्तर से की जाए तथा आगामी कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में इसकी गहन समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारभूत संरचना, बजट और संचालित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विभाग बच्चों, किशोरियों और महिलाओं के पोषण एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे बच्चों की देखभाल और पोषण जितनी संवेदनशीलता और कुशलता से की जाएगी, उनका शारीरिक और मानसिक विकास उतना ही प्रभावी और सुदृढ़ होगा।

बच्चों के समुचित विकास के लिए महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग समन्वय के साथ करें कार्य

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बच्चे हमारे देश के भविष्य की नींव हैं और इस नींव को मजबूत करने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने विभागीय अमले को जमीनी स्तर पर सक्रियता और स्वप्रेरणा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि राज्य के प्रत्येक बच्चे को पूरक पोषण आहार और विभागीय योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त हो।

उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने वाले पोषण आहार, गर्म भोजन, उसकी मात्रा, गुणवत्ता और कैलोरी मानकों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की और वितरण की प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की आवश्यकता बताई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पीएम जनमन योजना अंतर्गत संचालित 197 आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की जानकारी ली तथा विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदाय के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों के पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण सूचकांकों की समीक्षा करते हुए अपेक्षित सुधार लाने हेतु ठोस प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सूचकांकों के माध्यम से वास्तविक स्थिति का आंकलन संभव होता है, और जहां भी कमी दिखाई दे, वहां त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बेहतर प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि यह प्रगति इसी प्रकार सतत बनी रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक विकास पर छोटी-छोटी बातों और व्यवहार का गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संवेदनशीलता के साथ बच्चों से भावनात्मक जुड़ाव बनाएं।

बच्चों के समुचित विकास के लिए महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग समन्वय के साथ करें कार्य

मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय अमले के नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि वे तकनीकी रूप से दक्ष और अनुसंधानपरक दृष्टिकोण के साथ परिणामोन्मुखी कार्य कर सकें।

बैठक में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन, महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला कोष, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मिशन वात्सल्य तथा अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, श्री राहुल भगत, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक श्री पी. एस. एल्मा सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी इस जिले को 11 करोड़ 52 लाख रुपए की सौगात…

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी इस जिले को 11 करोड़ 52 लाख रुपए की सौगात…

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए एक और बड़ी सौगात दी है। जिले के तीन प्रमुख नदी-नालों में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य के लिए कुल 11 करोड़ 52 लाख 43 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन निर्माण कार्यों से ग्रामीण अंचल की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी और वर्षा ऋतु में भी अब नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।

तीन प्रमुख स्थलों पर होगा पुल निर्माण
लोक निर्माण विभाग मंत्रालय द्वारा जशपुर जिले के बोडोकछार से चटकपुर मार्ग पर स्थित चंपाझरिया नाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 4 करोड़ 46 लाख 58 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ता है और पुल निर्माण से वर्षा के दिनों में बहाव से कटने वाली सड़क की समस्या स्थायी रूप से दूर होगी। जिले के भालूमुंडा-खजूरघाट मार्ग पर स्थित कोकिया नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण हेतु 3 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस पुल के निर्माण से ग्रामीणों को पूरे साल निर्बाध रूप से आवाजाही की सुविधा मिल सकेगी। डूमरबहार से तमता मार्ग पर शेखरपुर के पास गुढ़ा नाला पर 3 करोड़ 73 लाख 85 हजार रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि आपातकालीन सेवाएं भी सुगमता से पहुंच सकेंगी।

इन पुलों के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों के हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। इन परियोजनाओं से क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेंगी। जिससे कृषि, व्यापार, स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों में सुधार होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा जिले के विकास के लिए निरंतर की जा रही घोषणाएं और स्वीकृतियाँ यह दर्शाती हैं कि राज्य सरकार जशपुर जैसे दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।वहीं क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।

श्रावण में पं. Pradeep Mishra सुनाएंगे शिव महापुराण कथा, SSP विजय अग्रवाल ने तैयारियों का किया निरीक्षण

श्रावण में पं. Pradeep Mishra सुनाएंगे शिव महापुराण कथा, SSP विजय अग्रवाल ने तैयारियों का किया निरीक्षण

 दुर्ग-भिलाई।  श्रावण मास के पावन अवसर पर इस वर्ष भी भिलाई में भव्य शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा महाराज एक बार फिर भिलाई की पुण्य भूमि पर जयंती स्टेडियम में शिव कथा का अमृत बरसाएंगे। इस शुभ आयोजन का भूमि पूजन कुछ दिन पूर्व विधिवत रूप से संपन्न हो चुका है। श्रावण मास में 30 जुलाई 5 अगस्त तक भिलाई में होने वाले शिवमहापुराण की तैयारी जोरो पार है, जिसमें सीएम विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह और दोनों डिप्टी सीएम भी शामिल होंगे।

शिव महापुराण कथा के आयोजक, बोल बम समिति के संस्थापक संरक्षक व भिलाई निगम के उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह ने बताया की आज दुर्ग जिले के एस.एस.पी. विजय अग्रवाल, ए. एस. पी. सुखनंदन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक सत्यप्रकाश तिवारी, प्रशांत मिश्रा ने कथा स्थल के पंडाल एवं पार्किंग व्यवस्था,की तैयारियों का जायजा लिया पुलिस के साथ साथ महापौर नीरज पाल, नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी जावेद खान एवं निगम प्रभारी आयुक्त भी उपस्थित थे पी.एच.डी., पी. डब्लू. डी. के अधिकारी, कर्मचारी भी उपस्थित थे।  द्वितीय वर्ष में प्रवेश पर दया सिंह को महापौर ने बधाई दी, शिव महापुराण कथा में जरूर अमृत पान करने उपस्थित होंगे।

 
सीएम साय ने स्व निखिल कश्यप को दी श्रद्धांजलि

सीएम साय ने स्व निखिल कश्यप को दी श्रद्धांजलि

 शोक संतप्त परिजनों से की मुलाकात

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को रायपुर स्थित विधायक कॉलोनी में आयोजित शोक सभा में शामिल होकर वन मंत्री केदार कश्यप के भतीजे एवं बस्तर के पूर्व सांसद दिनेश कश्यप के सुपुत्र स्वर्गीय निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्व. निखिल कश्यप की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी तथा शोकाकुल परिजनों से भेंट कर गहरी संवेदना प्रकट की।

मुख्यमंत्री साय ने इस दुःखद अवसर पर ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व आम नागरिक उपस्थित थे।

मेडिकल स्टोर की आड़ में हो रही थी नशीली दवाओं की बिक्री: फूड एंड ड्रग विभाग की जांच में हुआ खुलासा

मेडिकल स्टोर की आड़ में हो रही थी नशीली दवाओं की बिक्री: फूड एंड ड्रग विभाग की जांच में हुआ खुलासा

 जांजगीर-चांपा। जिले में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में सामने आया है कि कई मेडिकल स्टोर्स द्वारा बिना डॉक्टर की पर्ची के प्रतिबंधित और नशीली दवाएं बेची जा रही थीं। इस पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने जांजगीर, शिवरीनारायण और सक्ती के 14 मेडिकल दुकानों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दुकानों पर दवाओं की खरीद और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड अधूरा है। कई जगहों पर स्टॉक बुक और रजिस्टर समय पर अपडेट नहीं किए गए थे। कुछ मामलों में बार-बार उन्हीं संदिग्ध ग्राहकों को नशीली दवाएं बेचे जाने के भी प्रमाण मिले हैं।

जानकारी के अनुसार, यह कार्यवाही औषधि निरीक्षकों की एक संयुक्त टीम द्वारा की गई। इस दौरान 14 मेडिकल दुकानों को नोटिस जारी किए हैं। उनमें महेश मेडिकल, सुभाष मेडिकल, अशोक मेडिकल, नावेल्टी मनिहारी, राजू किराना, यादव जनरल, अरविंद मेडिकल, आर.के. मेडिकल, अनिल मेडिकल, कृष्णा मेडिकल, सोनकेसरिया मेडिकल, आनंद मेडिकल, श्री बालाजी मेडिकल और यश ट्रेडर्स शामिल हैं।

निरीक्षण के दौरान इन मेडिकल दुकानों में रखी गई कॉस्मेटिक सामग्री की बिक्री और गुणवत्ता से संबंधित जानकारी भी एकत्र की गई। संदेह के आधार पर कुछ उत्पादों के नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए रायपुर की लैब में भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यकता अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जिला औषधि निरीक्षक ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में शामिल किसी भी मेडिकल संचालक को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग द्वारा पूरे जिले में इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे हमेशा प्रमाणित और जांचे-परखे उत्पाद ही खरीदें, जिससे स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या से बचा जा सके और यदि कहीं भी संदिग्ध तरीके से नशीली दवाओं की बिक्री होती दिखे, तो उसकी जानकारी तुरंत विभाग को दें। इसके लिए औषधि नियंत्रण विभाग ने एक हेल्पलाइन नंबर 9340595974 भी जारी किया है।

CG : महादेव घाट घूमने गई 4 नाबालिग लड़कियां नागपुर रेलवे स्टेशन में मिली, इंस्टाग्राम वाले दोस्त ने हीरोइन बनाने का झांसा देकर बुलाया था मुंबई

CG : महादेव घाट घूमने गई 4 नाबालिग लड़कियां नागपुर रेलवे स्टेशन में मिली, इंस्टाग्राम वाले दोस्त ने हीरोइन बनाने का झांसा देकर बुलाया था मुंबई

 दुर्ग। जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 21 जुलाई को चार नाबालिग लड़कियां रायपुर के महादेव घाट घूमने गई थीं, लेकिन इसके बाद वे अचानक लापता हो गईं। परिजनों द्वारा खोजबीन के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तब अभिभावकों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसके बाद पुलिस ने चारों नाबालिग लड़कियों को नागपुर रेलवे स्टेशन से सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया और दुर्ग लाया जा रहा है।

दरअसल मामले की गंभीरता को देखते हुए सुपेला पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में जांच शुरू हुई। पुलिस ने सबसे पहले लड़कियों के मोबाइल लोकेशन और महादेव घाट के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। जांच में यह बात सामने आई कि सभी युवतियां ट्रेन से मुंबई की ओर रवाना हुई हैं। वहीं सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि पूछताछ और मोबाइल डेटा की जांच से यह भी खुलासा हुआ कि इन चारों लड़कियों की इंस्टाग्राम पर एक युवक से दोस्ती हुई थी, जो खुद को मुंबई का निवासी बता रहा था। उस युवक ने ही उन्हें घूमने और हीरोइन बनाने का झांसा देकर मुंबई बुलाया था।पुलिस ने तत्काल नागपुर पुलिस से संपर्क कर संयुक्त प्रयास किए, जिसके बाद चारों नाबालिग युवतियों को नागपुर रेलवे स्टेशन से सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया। उन्हें अब दुर्ग लाया जा रहा है, जहां उनसे और अधिक पूछताछ की जाएगी ताकि इस मामले में शामिल युवक और संभावित नेटवर्क का पता चल सके।सीएसपी तिवारी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखें, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। सोशल मीडिया पर बढ़ती दोस्ती और आकर्षक झांसे, बच्चों को गलत दिशा में ले जा सकते हैं। पुलिस अब इस मामले में मुंबई लिंक को लेकर आगे की जांच कर रही है।

 
CG -नकली पनीर का गोरखधंधा फिर बेनकाब : राजधानी में पकड़ी गई नकली पनीर की बड़ी खेप, 1535 KG नकली पनीर जब्त

CG -नकली पनीर का गोरखधंधा फिर बेनकाब : राजधानी में पकड़ी गई नकली पनीर की बड़ी खेप, 1535 KG नकली पनीर जब्त

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस जैसे त्योहारों से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए 1,500 किलो से अधिक नकली पनीर जब्त किया है। इसी दिन फूड एंड ड्रग विभाग की टीम ने गुढ़ियारी, भाठागांव, टाटीबंध और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित फिनाइल व एसिड निर्माण इकाइयों पर छापा मारा। इन दोनों मामलों में भारी मात्रा में नियमों के विरुद्ध और खतरनाक सामग्री को जब्त कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।

1500 किलो से ज्यादा स्टॉक सीज, नमूने जांच के लिए भेजे गए
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सिद्धार्थ पांडे, एहसान तिग्गा और सतीश राज की टीम ने सोमवार को रायपुर रेलवे स्टेशन और भाठागांव बस स्टैंड क्षेत्र में संयुक्त कार्रवाई करते हुए कुल 1,535 किलोग्राम पनीर जब्त किया। यह स्टाक श्रीडेरी एंड स्वीट्स, बोरिया खुर्द से जुड़ा हुआ पाया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 3.34 लाख रुपये बताई जा रही है।

पूछताछ के दौरान प्रोपराइटर सौरभ शर्मा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनकी मौजूदगी में लूज पनीर, मैजिक मलाई पनीर (पैक्ड) और सुधा अमृत पनीर (पैक्ड) के विधिक नमूने एकत्र किए गए। पनीर का यह पूरा स्टॉक नियमानुसार सील कर परिसर में सुरक्षित रखा गया है। इसके साथ ही शहर के 10 अन्य प्रतिष्ठानों में भी रेंडम जांच की जा रही है।

खतरनाक फिनाइल फैक्ट्रियों में एसिड निर्माण का खुलासा

इसी दिन फूड एंड ड्रग विभाग की टीम ने गुढ़ियारी, भाठागांव, टाटीबंध और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित फिनाइल व एसिड निर्माण इकाइयों पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान यह सामने आया कि इन फैक्ट्रियों में फिनाइल के साथ-साथ तेजाब (एसिड) भी तैयार किया जा रहा था, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध था। इन रसायनों में कोई भी लेबल, चेतावनी संकेत या रासायनिक संतुलन नहीं था।

तेजाब अत्यंत संक्षारक (कार्रोसिव) था, जो त्वचा, आंखों व श्वसन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। बिना सुरक्षा उपायों के ये उत्पाद तैयार किए जा रहे थे, जिससे आम नागरिकों की जान-माल को खतरा हो सकता था। विभाग ने संबंधित फैक्ट्रियों को सील कर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।

फिर बढ़ीं यात्रियों की मुश्किलें : रायपुर से गुजरने वाली ये 22 ट्रेनें रद्द, यात्रा से पहले देखें पूरी सूची

फिर बढ़ीं यात्रियों की मुश्किलें : रायपुर से गुजरने वाली ये 22 ट्रेनें रद्द, यात्रा से पहले देखें पूरी सूची

 रायपुर। रेलवे ने एक बार फिर यात्रियों को बड़ा झटका दिया है, रेलवे ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 24 अगस्त से 26 अगस्त तक बिलासपुर रेल मंडल में चौथी रेल लाइन को जोड़ने और नॉन-इंटरकनेक्टिविटी से जुड़ा कार्य होने के कारण रायपुर से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की 22 ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि दर्जनभर ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया जाएगा।

इसके साथ ही रायगढ़-झारसुगुड़ा सेक्शन में तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का कार्य भी इसी दौरान किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने जानकारी दी है कि बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमें से अब तक 150 किलोमीटर से अधिक का कार्य पूर्ण हो चुका है। इस परियोजना के अंतर्गत किरोड़ीमल नगर रेलवे स्टेशन को चौथी लाइन से जोड़ा जाएगा

हावड़ा-मुंबई रूट के यात्रियों को होगी परेशानी

अगस्त माह में किए जा रहे ट्रैक कार्यों के कारण हावड़ा से मुंबई के बीच प्रमुख ट्रेनों को रद्द किया गया है। कुल 22 के रद्द होने से अनुमानित 50 हजार से अधिक यात्रियों को यात्रा में कठिनाई हो सकती है।

रद्द की गई ट्रेनों में

  • हावड़ा-मुंबई मेल, पुणे-हटिया एक्सप्रेस

  • शालीमार एक्सप्रेस

  • कुर्ला एक्सप्रेस

  • सांतरागाछी एक्सप्रेस

पैसेंजर गाड़ी भी रहेगी रद्द

  • 24 से 27 अगस्त, तक रायगढ़ से रवाना होने वाली गाडी संख्या 68737 रायगढ़-बिलासपुर मेमू रद्द रहेगी।

  • 24 से 27 अगस्त, तक बिलासपुर से 68738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू रद्द रहेगी।

  • 24 से 27 अगस्त, तक रायगढ़ से रवाना होने वाली गाडी संख्या 68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू रद्द रहेगी।

  • 23 से 26 अगस्त, तक बिलासपुर से 68736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू रद्द रहेगी।

रद्द रहेगी यह एक्सप्रेस

  • 23 से 26 अगस्त, तक टाटा से 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

  • 24 से 27 अगस्त, तक को बिलासपुर से 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

  • 23 अगस्त, को सांतरागाछी से 20822 सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

  • 25 अगस्त, को पुणे से 20821 पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

  • 22 अगस्त, को हावड़ा से 12870 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

  • 24 अगस्त, को मुंबई से 12869 मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।25 अगस्त, को हटिया से 22846 हटिया-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

CG : युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, तालाब किनारे पेड़ पर झूलता मिला शव

CG : युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, तालाब किनारे पेड़ पर झूलता मिला शव

 बलौदाबाजार : बलौदाबाजार जिले के पलारी थाना क्षेत्र के ग्राम नगपुरा में एक 27 वर्षीय अविवाहित युवक हिरेंद्र वर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक का शव गांव के तालाब के किनारे पीपल के पेड़ पर फंदे पर लटका मिला।

मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार की सुबह जब कुछ ग्रामीणों ने पीपल के पेड़ से युवक को लटका देखा। जिसके बाद तत्काल ग्रामीणों ने हिरेंद्र वर्मा के पिता नंदकुमार वर्मा को दी। सूचना मिलते ही पलारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा किया। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी हुई है।

परिजनों ने बताया कि, हिरेंद्र वर्मा अविवाहित थे और गांव में ही कृषि कार्य और (रोपा) लगाने का ठेकेदार के रूप में काम करते थे। पिछले कुछ दिनों से वह मानसिक रूप से परेशान था और शराब पी रहा था। फ़िलहाल अभी आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल सका है।

Breaking : मंत्री केदार कश्यप के भतीजे की सड़क हादसे में मौत, डिवाइडर से टकराई बुलेट

Breaking : मंत्री केदार कश्यप के भतीजे की सड़क हादसे में मौत, डिवाइडर से टकराई बुलेट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे नहीं थम रहे है, यहाँ आये दिन सड़क दुर्घटना में कई लोग अपनी जान गंवा रहें है. इसी बीच दर्दनाक एक्सीडेंट में वन मंत्री केदार कश्यप के भतीजे 19 वर्षीय निखिल कश्यप की मौत हो गई. मंदिर हसौद थाना क्षेत्र का मामला. मिली जानकारी के अनुसार, मंदिर हसौद थाना क्षेत्र अंतर्गत नवा रायपुर में सुबह करीबन 8 बजे बाइक के डिवाइडर से टकराने से निखिल कश्यप गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना की सुचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस उपचार के लिए अस्पताल लेकर गई, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.

छत्तीसगढ़ की पहली पारम्परिक लोक पर्व हरेली, जानिए क्यों विशेष है यह त्यौहार

छत्तीसगढ़ की पहली पारम्परिक लोक पर्व हरेली, जानिए क्यों विशेष है यह त्यौहार

 रायपुर। Hareli 2025 : भारत विविधताओं का देश है। भारत देश में एक नीले आसमान के नीचे कई समृद्ध संस्कृति फल-फूल रही हैं। भारत की अनेकताओं में कुछ त्यौहार ऐसे हैं ,जो सारे देश को एक साथ जोड़ते हैं। छत्तीसगढ़ संस्कृति में त्यौहारों, पर्वो का विशेष महत्व है । इन त्यौहारों के क्रम में पहला त्यौहार हरेली का है । इसलिये कहा गया छत्तीसगढ़ संस्कृति परम्परा का त्यौहार हरेली । हरेली त्यौहार को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष अमावस्या में मनाया जाता है । हरेली त्यौहार किसान और सभी छत्तीसगढ़वासियो का त्यौहार है । हरेली मतलब प्रकृति के चारों तरफ हरियाली से है । किसान खेत में जुताई-बोआई, रोपाई, बियासी के कार्य पूर्ण करके इस त्यौहार का मनाता है ।

हरेली त्योहार की जड़ें छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि विरासत में हैं, जहाँ इसे लंबे समय से कृषि देवताओं के प्रति सम्मान के रूप में मनाया जाता रहा है। मानसून की शुरुआत में मनाया जाने वाला हरेली, बुवाई के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है और लोगों और उनकी ज़मीन के बीच गहरे बंधन को दर्शाता है। पीढ़ियों से चला आ रहा यह त्यौहार पारंपरिक रीति-रिवाजों और अनुष्ठानों को कायम रखता है और इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान की एक महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति है।

प्रकृति की पूजा का विधान

हरेली मनुष्य और प्रकृति के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है, जो ज़मीन और जीवन को सहारा देने वाले औज़ारों के प्रति कृतज्ञता की भावना को उजागर करता है। परंपरागत रूप से इस त्योहार को सांप्रदायिक संबंधों को मज़बूत करने और कृषि एवं प्राकृतिक दुनिया की देखरेख करने वाली दिव्य शक्तियों का सम्मान करने के एक तरीके के रूप में देखा जाता है। सावन माह की अमावस्या पर होने वाली हरेली त्यौहार को साल की पहली त्यौहार के रूप में मनाते हैं। लगातार बारिश से खेतों की शुरुआती जुताई-रोपाई का काम होने पर खेतों में हरियाली बरकरार रहने के लिए, इस त्यौहार को मनाया जाता है।

कृषि औजारों की पूजा

छत्तीसगढ़ के किसान हरेली त्यौहार के दिन गाय बैल भैंस को भी साफ सुथरा कर नहलाते हैं। अपनी खेती में काम आने वाले औजारों को हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को धोकर और घर के बीच आंगन में रख दिया जाता है या आंगन के किसी कोने में मुरूम बिछाकर पूजा के लिए सजाते हैं और उसकी पूजा की जाती है साथ ही अपने कुलदेवता की भी पूजा की जाती है ।

घर-घर बनते पकवान

माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं और कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ के चीला का भोग लगाया जाता है। अपने-अपने घरों में अराध्य देवी-देवताओं के साथ पूजा करते हैं। हरेली के बच्चे गेंड़ी का आनंद लेते हैं। इस अवसर पर सभी के घरों में विशेष प्रकार के पकवान बनाये जाते हैं। चावल के आटे से बनी चीला रोटी को इस दिन लोग खूब चाव से खाते हैं। कोई इसे नमकीन बनाता है, तो कोई इसे मीठा भी बनाते हैं। यह खाने वालों की पसंद के ऊपर होता है। इस तरह से यह त्यौहार परम्पराओं से भरी हुई है। हरेली तिहार के दिन सभी लोग अपने–अपने दरवाजा पर नीम टहनी तोड़ कर टांग देते है और इसी बहुत गेंड़ी खेल का आयोजन शुरु हो जाता है. हरेली तिहार के दिन सुबह से ही बच्चे से लेकर युवा तक 20 या 25 फिट तक गेंडी बनाया जाता है। उसी दिन सभी युवा एवं बच्चे गेंडी चढ़ते है गावं में घूमते है. बच्चों और युवाओं के बीच गेंड़ी दौड़ प्रतियोगिता भी की जाती है।

अनिष्ट की रक्षा का पर्व

हरेली तिहार के दिन पूजा करने से पर्यावरण शुद्ध और सुरक्षित रहता है और फसल उगती है तो किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं लगती है। हरेली तिहार मनाने से फसल को हानिकारक किट तथा अनेको बीमारिया नही होती है इसलिए हरेली तिहार मनाया जाता है। हरेली त्यौहार के दौरान छत्तीसगढ़ के लोग अपने-अपने खेतों में भेलवा पेड़ की शाखाएँ लगाते हैं। वे  अपने घरों के प्रवेश द्वार पर  नीम के पेड़ की शाखाएँ भी लगाते हैं। नीम में औषधीय गुण होते हैं जो बीमारियों के साथ-साथ कीड़ों को भी रोकते हैं।  लोहार हर घर के मुख्य द्वार पर नीम की पत्ती लगाकर और चौखट में कील ठोंककर आशीष देते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से उस घर में रहने वालों की अनिष्ट से रक्षा होती है। हरेली पर्व में, गांव और शहरों में नारियल फेंक प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। सुबह पूजा-अर्चना के बाद, गांव के चौक-चौराहों पर युवाओं की टोली एकत्रित होती है और नारियल फेंक प्रतियोगिता खेली जाती है। इस प्रतियोगिता में, लोग नारियल को फेंककर दूरी का मापन करते हैं। नारियल हारने और जीतने का सिलसिला रात के देर तक चलता है, और यह एक रंगीन और आनंदमय गतिविधि होती है।

हरेली त्योहार लिखी गई कविता

    हरेली के रंग, छत्तीसगढ़ के संग

हरे-भरे खेत, हरियाली छाई, आज हरेली, खुशियाँ लाई।

          किसानों का त्यौहार, प्रकृति का उपहार।

नांगर, गैंती, कुदाली, सबकी पूजा, आज निराली।

          पशुधन भी पूजे जाते, गौ माता को भोग लगाते।

गुड़ का चीला, ठेठरी-खुरमी, मिठाई का स्वाद, घर-घर घूमी।

         खुशियों से आंगन महके, मन में उमंग सब।

जड़ी-बूटी का लेप, बीमारी भागे, मिले सुख-चैन।

         हरेली के रंग, छत्तीसगढ़ के संग।

हाथियों का आतंक : तीन लोगों को कुचला, महिला-पुरुष और मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत

हाथियों का आतंक : तीन लोगों को कुचला, महिला-पुरुष और मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत

 रायगढ़ । रायगढ़ जिले के लैलूंगा इलाके में हाथियों का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। दो हाथियों ने तीन निर्दोष लोगों को कुचल डाला, जिसमें एक महिला, एक पुरुष और एक मासूम बच्चा शामिल हैलैलूंगा क्षेत्र के ग्रामीणों में उस समय हड़कंप मच गया जब जंगल से आए दो हाथियों ने तीन लोगों पर अचानक हमला कर दिया। यह दर्दनाक हादसा ग्राम पंचायत मोहनपुर और गोसाईडीह के बीच हुआ।

हाथियों के हमले में मोहनपुर निवासी एक महिला और पुरुष की मौके पर मौत हो गई, वहीं गोसाईडीह गांव का एक मासूम बच्चा भी इन वहशी हाथियों की चपेट में आ गया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के तुरंत बाद वन विभाग और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए हैं। हाथियों को खदेड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

स्थानीय ग्रामीणों का बयान:
“ये हाथी पिछले कुछ दिनों से आसपास के जंगलों में घूम रहे थे। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि ये मौत बनकर टूट पड़ेंगे। प्रशासन को पहले ही अलर्ट होना चाहिए था।

Promotion : ASI से SI पदोन्नति के लिए योग्यता सूची हुई जारी,68 पुलिसकर्मी प्रमोशन के लिए माने गए योग्य, देखिए लिस्ट…!!

Promotion : ASI से SI पदोन्नति के लिए योग्यता सूची हुई जारी,68 पुलिसकर्मी प्रमोशन के लिए माने गए योग्य, देखिए लिस्ट…!!

 रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग ने 68 एएसआई की पदोन्नति हेतु योग्यता सूची जारी की है। सूची में प्रदेश के कई जिलों के पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल है।

देखिए लिस्ट..

छात्रावास में रहकर पढ़ने वाली 17 वर्षीय छात्रा साढ़े 3 माह की गर्भवती, पेट में दर्द और चक्कर आने पर हुआ खुलासा

छात्रावास में रहकर पढ़ने वाली 17 वर्षीय छात्रा साढ़े 3 माह की गर्भवती, पेट में दर्द और चक्कर आने पर हुआ खुलासा

 बीजापुर। जिले में आदिवासी कन्या छात्रावास में रहकर पढ़ने वाली एक छात्रा 3 माह की गर्भवती मिली है। बताया जा रहा है कि 12वीं क्लास में पढ़ने वाली छात्रा तीन महीने की छुट्टी के बाद नये शिक्षा सत्र में हॉस्टल लौटी थी। छात्रा के पेट में दर्द और चक्कर आने की शिकायत के बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां जांच के बाद उसके प्रेग्नेंट होने की जानकारी मिली।जानकारी के मुताबिक मामला भोपालपटनम थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि 10 जुलाई को 12वीं में पढ़ने वाली 17 वर्षीय छात्रा गर्मी छुट्टी के बाद घर से भोपालपटनम स्थित कन्या आश्रम पहुंची थी। 20 जुलाई को छात्रा ने चक्कर आने और पेट में दर्द की शिकायत की थी। जिसके बाद छात्रा को हॉस्टल वार्डन तोंडेश्वरी शेट्टी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपालपटनम में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में छात्रा का इलाज शुरू किया गया। जहां स्वास्थ्य परीक्षण के बाद छात्रा को बीजापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद छात्रा के साढ़े 3 महीने की गर्भवती होने की पुष्टि हुई।

इस बात की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। आनन फानन में इस बात की जानकारी छात्रा के परिजनों को दी गयी। जिसके बाद परिजन जिला अस्पताल में उपचार करा रही छात्रा को जबरन अपने साथ ले गये। बीजापुर जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने बताया कि सोमवार को छात्रा को जिला अस्पताल लाया गया था। हमने एडमिट करने की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। लेकिन छात्रा की मां ने इलाज नहीं कराने की बात कहकर छात्रा को अपने साथ ले गई। इधर छात्रा के गर्भवती होने के मामले में हॉस्टल वार्डन ने बताया कि उनकी अभी पोस्टिंग हुई है।

इस मामले में उन्हे ज्यादा जानकारी नहीं है। वहीं इस पूरे मामले में सहायक आयुक्त आदिवासी देवेन्द्र सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हे मिली हैं। छात्रा के गर्भवती होने के संबंध में विस्तृत जानकारी के साथ मंडल संयोजक को बुलाया है।

सीएम साय ने ली उच्चस्तरीय बैठक, सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं की प्रभावी रोकथाम के दिए निर्देश

सीएम साय ने ली उच्चस्तरीय बैठक, सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं की प्रभावी रोकथाम के दिए निर्देश

 रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर निराश्रित पशुओं की आवाजाही पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की एक प्रमुख वजह निराश्रित मवेशी हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को त्वरित, ठोस और समन्वित कार्य योजना के साथ आगे बढ़ना होगा।

मुख्यमंत्री साय ने पशुधन विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और लोक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल के साथ जिम्मेदारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समस्या शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गंभीर है और इसके समाधान में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने राज्य में संचालित गौशालाओं, गौठानों, कांजी हाउस एवं काउ-कैचर (Cow-Catcher) जैसी व्यवस्थाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इन संस्थानों की वर्तमान उपयोगिता, क्षमता और सुधार की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की और सुझाव मांगे।

मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित गांवों में पशुओं के प्रबंधन के लिए प्रभावी एवं व्यावहारिक मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर पशुओं की उपस्थिति केवल यातायात में बाधा नहीं, बल्कि जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती है, अतः इस दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई आवश्यक है।

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों और उनमें निराश्रित पशुओं की भूमिका की समीक्षा की गई। साथ ही गोधन विकास से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निराश्रित एवं लावारिस गौवंश की देखभाल, चारे की उपलब्धता और उनके पुनर्वास के लिए सुनियोजित रणनीति अपनाने की बात कही। नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की रोकथाम के लिए काउ-कैचर की कार्यप्रणाली और उसके विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। कृषि एवं पशुधन विकास विभाग की सचिव शहला निगार ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेशभर की गौठानों, गौशालाओं एवं पशुधन विकास योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।

बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं राहुल भगत, नगरीय प्रशासन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कांग्रेस का आंदोलन रहा विफल,छत्तीसगढ़ की जनता ने नकारा-उप मुख्यमंत्री अरुण साव

कांग्रेस का आंदोलन रहा विफल,छत्तीसगढ़ की जनता ने नकारा-उप मुख्यमंत्री अरुण साव

 रायपुर – आज कांग्रेस के द्वारा प्रदेश भर में आर्थिक नाकेबंदी और चक्काजाम किया गया इस आर्थिक नाकेबंदी को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर निशाना साधा उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी पूरी तरह फ्लाप रहा हैं। इस आर्थिक नाकेबंदी और चक्काजाम को छत्तीसगढ़ की जनता ने नकार दिया हैं। कांग्रेस पार्टी आरोपी के समर्थन में नाकेबंदी की पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल पर करोड़ का हेराफेरी करने का आरोप है वह कांग्रेस पार्टी का पदाधिकारी नहीं है और उसके साथ पार्टी खड़ी है दूसरे नेता जेल गए,उसकी समर्थन में ऐसा प्रदर्शन नहीं हुआ।

ED बीजेपी के एक विंग के तरह कर रही हैं काम : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

ED बीजेपी के एक विंग के तरह कर रही हैं काम : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

 रायपुर – पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैत्यन बघेल की चिंता बढ़ गई हैं।18 जुलाई को ईडी ने उनके जन्मदिन पर गिफ्तार किया और पांच दिनों के लिए रिमांड पर रखा और आज विशेष कोर्ट में पेश किया गया जहा से उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया हैं। वही इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का एक पोस्ट सामने आया हैं जिस पर भूपेश बघेल ने लिखा..सुप्रीम कोर्ट ने कल ED से कहा कि आप अपना काम करें,राजनीतिज्ञों को राजनीति करने दें। आज पूरे देश में भाजपा अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए ED का दुरुपयोग कर रही है और केवल विपक्ष को टारगेट कर रही है।