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15 मई को होगा रायपुर अधिवक्ता संघ का चुनाव

15 मई को होगा रायपुर अधिवक्ता संघ का चुनाव

 रायपुर। उच्च न्यायालय ने स्थगन समाप्त कर रायपुर जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव का रास्ता साफ करते हुए संशोधित चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके अनुसार अब 15 मई को रायपुर अधिवक्ता संघ का चुनाव होगा। आमसभा की बैठक में महिला आरक्षण लागू करते हुए कोषाध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित करने के निर्णय के बाद चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है।
-अनारक्षित कोषाध्यक्ष और वरिष्ठ उपाध्यक्ष महिला आरक्षित, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अनारक्षित, सांस्कृतिक एवं अनारक्षित, सहसचिव (1) अनारक्षित, सहसचिव संशोधित पदों की सूची अध्यक्ष और सचिव क्रीड़ा सचिव - अनारक्षित, ग्रंथालय सचिव, (2) महिला आरक्षित। 10 कार्यकारिणी सदस्यों में दो पद महिला आरक्षित होंगे।

निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी - मुख्यमंत्री साय

निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी - मुख्यमंत्री साय

00 दाढ़ी (बेमेतरा) सीसी रोड प्रकरण पर सख्त रुख: कलेक्टर को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
रायपुर।
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सीसी रोड के अल्प समय में ही क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही पूर्णत: अस्वीकार्य है।

मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की विस्तृत एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित सीसी रोड का तकनीकी परीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण व्यवस्था की समग्र जांच की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि यदि जांच में गुणवत्ता में कमी, मानकों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क का त्वरित रूप से पुनर्निर्माण कर आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी निर्देश दिए कि जिले में संचालित अन्य निर्माण कार्यों की भी विशेष समीक्षा की जाए, ताकि कहीं और इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई अनिवार्य होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सतत मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण और प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र के माध्यम से विकास कार्यों की विश्वसनीयता एवं टिकाऊपन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है - जनहित के प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद अधोसंरचना का लाभ मिल सके।

सुशासन तिहार 2026 : संवाद से समाधान तक —शिव को मिली वृद्धावस्था पेंशन की सौगात

सुशासन तिहार 2026 : संवाद से समाधान तक —शिव को मिली वृद्धावस्था पेंशन की सौगात

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप जिले में आयोजित सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत जन समस्या निवारण शिविर आमजन, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत का माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में सरगुजा जिले के ग्राम सखौली निवासी शिव कुमार दुबे के लिए यह शिविर खुशियों की नई किरण लेकर आया, जहां उनकी वृद्धावस्था पेंशन का आवेदन त्वरित स्वीकृत कर उन्हें लाभान्वित किया गया।
जीविकोपार्जन में मिलेगी सहूलियत
पेंशन स्वीकृति पत्र प्राप्त होने पर दुबे ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बढ़ती उम्र में आर्थिक आत्मनिर्भरता चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन अब नियमित पेंशन से उनका जीवनयापन सुगमता से हो सकेगा और उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का संबल मिलेगा।
सुशासन तिहार की सराहना
दुबे ने राज्य शासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के कारण अब उन्हें शासकीय कार्यों के लिए शहर के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। गांव में ही समस्याओं का समाधान मिल रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
वरिष्ठ नागरिकों को मिल रहा सामाजिक सुरक्षा का लाभ
प्रशासन द्वारा आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करना है। विशेष रूप से वृद्धावस्था पेंशन जैसे प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण कर वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। शिव कुमार दुबे जैसे अनेक बुजुर्ग इन शिविरों के माध्यम से न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं, बल्कि उनके जीवन में सम्मान और सुरक्षा का भाव भी सुदृढ़ हो रहा है।

अबूझमाड़ की मेधा ने गढ़ दिया नया नारायणपुर - शिक्षा के शिखर पर वनांचल की गौरवगाथा

अबूझमाड़ की मेधा ने गढ़ दिया नया नारायणपुर - शिक्षा के शिखर पर वनांचल की गौरवगाथा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मानचित्र पर जिसे कभी दुर्गम और अबूझ माना जाता था, आज उसी नारायणपुर ने अपनी बौद्धिक क्षमता का लोहा पूरे प्रदेश में मनवा लिया है। साल 2026 की बोर्ड परीक्षा के परिणामों ने यह सिद्ध कर दिया है कि बस्तर के घने जंगलों और अबूझमाड़ की वादियों में अब केवल संघर्ष की गूँज नहीं, बल्कि सफलता का शंखनाद सुनाई दे रहा है। कक्षा 10वीं में समूचे छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान प्राप्त करना नारायणपुर के लिए महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक शैक्षणिक क्रांति है।
नारायणपुर का उदय,छत्तीसगढ़ का गौरव
जिले की इस अभूतपूर्व सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों और जिला प्रशासन की सराहना की है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि नारायणपुर के बच्चों ने आज जो कर दिखाया है, वह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। अबूझमाड़ की माटी से निकलकर प्रदेश की मेरिट सूची में जगह बनाना यह साबित करता है कि हमारी सरकार की शिक्षा-पहुँच नीति सफल हो रही है। नारायणपुर अब केवल अपनी संस्कृति के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी मेधा के लिए भी जाना जाएगा। इन नौनिहालों ने नक्सलवाद और पिछड़ेपन के अंधेरे को शिक्षा की रोशनी से परास्त कर दिया है।दसवें से दूसरे पायदान तक एक अद्भुत छलांग
इतिहास गवाह है कि विकास की पहली सीढ़ी शिक्षा होती है। पिछले एक साल में नारायणपुर ने जो परिवर्तन देखा है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। वर्ष 2025 में 84.96 प्रतिशत के साथ 10वें स्थान पर रहने वाला यह जिला, महज एक साल में 94.80 प्रतिशत की सफलता दर के साथ सीधे प्रदेश में दूसरे स्थान पर जा पहुँचा। वहीं, 12वीं के परिणामों में भी जिले ने अपनी रैंकिंग में 7 अंकों का शानदार सुधार करते हुए 12वां स्थान हासिल किया है।
रणनीति ऐसी कि बदल गई तस्वीर
इस सफलता की पटकथा उन सरकारी स्कूलों की कक्षाओं में लिखी गई, जहाँ जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने मिलकर मिशन मोड में काम किया। कलेक्टर के मार्गदर्शन में बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई। मॉडल टेस्ट, प्री-बोर्ड परीक्षाओं और रिमेडियल कक्षाओं के जरिए कमजोर विद्यार्थियों को मुख्यधारा में लाया गया। शिक्षकों के समर्पण और प्रशासन की सतत निगरानी ने वनांचल के बच्चों के भीतर परीक्षा के डर को जीत के उत्साह में बदल दिया।
विकास का नया प्रतिमान,अबूझमाड़ से मुख्यधारा तक
जब हम आधारभूत संरचना की बात करते हैं, तो अक्सर सड़कों की गिनती होती है। परंतु नारायणपुर ने साबित किया है कि वास्तविक विकास मानव पूंजी का विकास है। सुदूर वनांचल क्षेत्रों में विशेष उपस्थिति अभियान चलाकर और समयबद्ध पाठ्यक्रम पूर्ण कर प्रशासन ने एक ऐसा वातावरण तैयार किया, जहाँ शिक्षा एक उत्सव बन गई। अबूझमाड़ के बच्चे अब केवल वनों के संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बनने की दौड़ में प्रदेश के अन्य विकसित जिलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
एक उज्ज्वल भविष्य का आगाज
अभिभावकों के साथ सतत संवाद और शिक्षकों का अटूट परिश्रम ही इस ऐतिहासिक सफलता का मूल मंत्र है। नारायणपुर की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए एक संदेश है—कि संसाधनों की कमी कभी प्रतिभा का मार्ग नहीं रोक सकती, बशर्ते संकल्प विष्णु देव साय के सुशासन जैसा सुदृढ़ हो। आज अबूझ अब बूझ में बदल चुका है और शिक्षा की यह मशाल अब रुकने वाली नहीं है।

पीएम-जनमन से जशपुर के पी.व्ही.टी.जी. अंचलों में विकास की नई इबारत

पीएम-जनमन से जशपुर के पी.व्ही.टी.जी. अंचलों में विकास की नई इबारत

 रायपुर। विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री जनमन योजना का जशपुर जिले में प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है, जिससे सुदूर पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में निवासरत पहाड़ी कोरवा सहित अन्य विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को साकार करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में इस योजना को जिले में सुनियोजित तरीके से लागू किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

योजना के तहत इन अंचलों को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सड़क और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। पहले जहां पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को पेयजल के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर नल कनेक्शन के जरिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है, जिससे जलजनित बीमारियों में कमी आई है और जीवन स्तर में सुधार हुआ है। आजीविका संवर्धन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। सन्ना स्थित वनधन केंद्र में फॉक्सटेल बाजरा के प्रोसेसिंग हेतु आधुनिक मशीन स्थापित की जा रही है, जिससे स्थानीय समुदाय को तकनीकी प्रशिक्षण मिलने के साथ उनकी आय में वृद्धि होगी। उत्पादों का विपणन राज्य स्तर के नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा और प्राप्त आय सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा होगी।

पीएम-जनमन योजना के तहत जिले में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं। 11 बहुउद्देशीय केंद्रों का निर्माण किया गया है, वहीं 1233 पक्के आवास पूर्ण कर परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया गया है। 17 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए 1 करोड़ 98 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। विद्युत सुविधा के क्षेत्र में 1474 घरों का विद्युतीकरण किया गया है, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक है, साथ ही 43 घरों को सौर ऊर्जा से रोशन किया गया है। संचार सुविधा सुदृढ़ करने के लिए 14 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं।

सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 146 कौशल एवं रोजगारपरक गतिविधियों के माध्यम से आजीविका के अवसर सृजित किए गए हैं। 3378 आधार कार्ड, 8135 आयुष्मान भारत कार्ड, 465 किसान क्रेडिट कार्ड और 3290 बैंक खाते खोले गए हैं। इसके अतिरिक्त 5601 जाति प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं, 4070 हितग्राही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से लाभान्वित हुए हैं और 70 महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का लाभ मिला है। वहीं 5830 राशन कार्ड बनाकर सभी पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है।

इस प्रकार, पीएम-जनमन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जशपुर जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। यह योजना न केवल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, बल्कि इन समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ा रही है।

किरंदुल में इको पार्क की पहल, विकास के साथ दिखेगी भारतीय जैव विविधता की झलक

किरंदुल में इको पार्क की पहल, विकास के साथ दिखेगी भारतीय जैव विविधता की झलक

 रायपुर। वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार किरंदुल के प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित और विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वन विकास निगम और एनएमडीसी के संयुक्त प्रयास से यहां एक आधुनिक इको पार्क का निर्माण किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रशासन द्वारा उपयुक्त भूमि का चयन भी कर लिया गया है। इस इको पार्क की सबसे खास बात इसकी थीम होगी। पार्क में भारतीय जैव विविधता को प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। यहां देश के विभिन्न हिस्सों में पाई जाने वाली वनस्पतियों और प्राकृतिक संपदाओं की जानकारी लोगों को मिलेगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ेगी।

पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता बढ़ाना
पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता बढ़ाने के लिए इको पार्क एक बेहतरीन तरीका है। ये पार्क प्राकृतिक आवासों को संरक्षित करने और टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए बनाए जाते हैं। हम एक ऐसे विश्व में रहते हैं जहाँ जैव विविधता, पर्यावरणीय न्याय, जलवायु परिवर्तन, पर्यावास संरक्षण और सतत आर्थिक विकास सामाजिक और पर्यावरणीय दोनों आवश्यकताएँ हैं। जब शहरी पर्यावरण पार्क पारिस्थितिक रूप से डिज़ाइन किए गए परिदृश्य होते हैं, तो वे सांस्कृतिक और शैक्षिक भूमि का एक उपजाऊ हिस्सा बना सकते हैं जिसमें स्थिरता जड़ पकड़ सकती है और आने वाली पीढिय़ों तक फैल सकती है।
रोजगार के अवसर और प्रकृति संरक्षण को बढ़ावा देना
यह परियोजना विकास और पर्यावरण के संतुलन का बेहतरीन उदाहरण बनेगी। इसके दो प्रमुख उद्देश्य हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और प्रकृति संरक्षण को बढ़ावा देना। पार्क के निर्माण और संचालन से क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा।
इको पार्क को प्रकृति शिक्षा का केंद्र भी बनाया जाएगा
इको पार्क को प्रकृति शिक्षा का केंद्र भी बनाया जाएगा। यह स्कूली छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए लिविंग लैबोरेटरी की तरह काम करेगा, जहां वे प्रकृति और जैव विविधता के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। वन विकास निगम के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और एनएमडीसी के सहयोग से बनने वाला यह इको पार्क न केवल किरंदुल की सुंदरता को बढ़ाएगा, बल्कि विकास और पर्यावरण के सह-अस्तित्व का प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत करेगा।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव का 3 मई को गरियाबंद दौरा, कई विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन

उपमुख्यमंत्री अरुण साव का 3 मई को गरियाबंद दौरा, कई विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन

 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव 3 मई 2026 को गरियाबंद जिले के दौरे पर रहेंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 11 बजे नवा रायपुर से प्रस्थान कर कोपरा (गरियाबंद) पहुंचेंगे, जहां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

दौरे के दौरान अटल चौक में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण, विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया जाएगा। साथ ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रमों और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे।

इसके अलावा उपमुख्यमंत्री साहू छात्रावास, जिला साहू संघ के शपथ ग्रहण समारोह और बस स्टैंड गरियाबंद में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। शाम को नालंदा परिसर में विकास कार्यों के लोकार्पण के बाद वे वापस नवा रायपुर लौटेंगे।

वाटर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

वाटर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर / मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई क्रूज हादसे की दुखद घटना के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ में संचालित सभी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ता से पालन  करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जन सुरक्षा के विषय में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पूर्णत: अस्वीकार्य होगी।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने धमतरी और कोरबा सहित अन्य सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों का तत्काल परीक्षण (सुरक्षा ऑडिट) सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (स्ह्रक्क) का अक्षरश: पालन कराया जाए।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित वाटर स्पोर्ट्स स्थलों पर उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों का नियमित तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन की तैनाती की जाए, तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु समुचित आपातकालीन प्रबंधन तंत्र सक्रिय रखा जाए। इसके साथ ही रेस्क्यू उपकरणों, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता एवं कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कलेक्टरों को यह भी निर्देशित किया कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें तथा किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों/संचालकों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन नागरिकों एवं पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करता है। इस दृष्टि से यह आवश्यक है कि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां पूर्णत: सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं मानक अनुरूप संचालित हों, जिससे संभावित जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि इन सभी व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सतर्कता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए ही हम जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

नीट (यूजी) 2026 परीक्षा हेतु सभी तैयारियां पूर्ण, कल होगी परीक्षा

नीट (यूजी) 2026 परीक्षा हेतु सभी तैयारियां पूर्ण, कल होगी परीक्षा

रायपुर। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एन.टी.ए.) द्वारा आयोजित नीट (यूजी) 2026 परीक्षा का आयोजन 03 मई 2026, रविवार को देशभर के साथ रायपुर जिले में भी किया जाएगा। परीक्षा के सुचारू एवं सफल संचालन हेतु नीट जिला समन्वयक एवं जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। बैठक में परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। परीक्षा के सफल संचालन हेतु सभी केंद्राध्यक्षों एवं पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
जिला नोडल अधिकारी (एन.टी.ए.) ने जानकारी दी कि रायपुर जिले में कुल 26 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक रहेगा। परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके पश्चात किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। परीक्षा केंद्रों में नकल प्रकरणों की रोकथाम हेतु तकनीकी संसाधन भी स्थापित किए गए हैं, जिससे परीक्षा निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से हो सके। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षार्थियों से अपील की गई है कि वे समय से पूर्व परीक्षा केंद्र पहुंचें तथा प्रवेश पत्र में दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि परीक्षा में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में अपर कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री राहुल देव शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती नंदनी ठाकुर, जिला नोडल अधिकारी (एन.टी.ए.) श्रीमती लक्ष्मी सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल, एन.आई.सी. के श्री पी.सी. वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

पीएम राहत योजना में जिले को मिली बड़ी सफलता- राज्य के प्रथम लाभार्थी को मिला त्वरित लाभ, भुगतान स्वीकृत

पीएम राहत योजना में जिले को मिली बड़ी सफलता- राज्य के प्रथम लाभार्थी को मिला त्वरित लाभ, भुगतान स्वीकृत

 रायपुर। केंद्र सरकार की पीएम राहत योजना के तहत जिले में एक अहम उपलब्धि दर्ज की गई है। इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को 1.5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज दिया जाता है। यह सुविधा आयुष्मान पंजीकृत और सरकारी अस्पतालों में लागू है।
जिले में मोतीबाग चौक निवासी 83 वर्षीय श्री स्माइल खान को इस योजना का लाभ दिया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया कि यह राज्य का पहला मामला है, जिसमें लाभार्थी को योजना के तहत स्वीकृति मिली है। डॉ. चौधरी ने बताया कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में योजना के लाभ हेतु समस्त प्रक्रिया तेज गति से पूरी की गई। पुलिस सत्यापन में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कार्यालय और पुलिस विभाग का सहयोग रहा। जिला नोडल अधिकारी डॉ. सार्थक नंदा ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। डी.के.एस. अस्पताल में अधीक्षक डॉ. शिप्रा शर्मा और उप अधीक्षक डॉ. हेमंत शर्मा के नेतृत्व में चिकित्सा टीम ने सभी जरूरी औपचारिकताएं समय पर पूरी कीं, जिससे लाभार्थी को बिना देरी भुगतान स्वीकृत हो सका। जिले में वर्तमान में 10 मामले इस योजना के तहत लाभ ले रहे हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि योजना का लाभ पात्र लोगों तक सरलता से समय पर पहुंचे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे योजना की जानकारी लें और जरूरतमंद लोगों को भी इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित करें।

CG – मुख्यमंत्री के दौरे से पहले पूर्ण हों सुशासन तिहार की तैयारियां : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

CG – मुख्यमंत्री के दौरे से पहले पूर्ण हों सुशासन तिहार की तैयारियां : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

 मुख्यमंत्री के दौरे से पहले पूर्ण हों सुशासन तिहार की तैयारियां : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

जगदलपुर। उप मुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुशासन तिहार के आयोजन की तैयारियों के लिए जिला प्रशासन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बालोद, बस्तर, दुर्ग तथा मानपुर-मोहला जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं जिला पंचायत सीईओ से विस्तृत चर्चा की।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले सुशासन तिहार की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने शिविरों के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया। शिविर स्थल में जनता के समस्या का त्वरित निराकरण की पहल हो, नक्शा-खसरा का निःशुल्क वितरण की व्यवस्था, सेवा सेतु का स्टॉल लगाकर सेवाओं की जानकारी दें और पुलिस विभाग के स्टॉल में अपराधों के नियमों, सायबर क्राइम के संबंध में जागरूकता अभियान किया जाए। शिविर आयोजन की व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ क्षेत्र के मंत्री, विधायक, सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्य, जनपदो के पदाधिकारियों और गणमान्य जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों, संघ- संगठनों के पदाधिकारियों को जानकारी के साथ आमंत्रित भी किया जाए। शिविरों में अधिक से अधिक को जोड़ते हुए उनके समस्याओं का निराकरण की पहल किया जाए।

बैठक में कलेक्टर आकाश छिकारा ने बस्तर जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 28, जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र में 5 तथा नगर पंचायत बस्तर में 4 शिविर आयोजित किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के साथ ही राजस्व पखवाड़ा, बस्तर मुन्ने एवं नियद नेल्लानार योजना 2.0 के तहत भी शिविर लगाए जा रहे हैं।कलेक्टर ने बताया कि शिविरों में नरेगा मजदूरी भुगतान, समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड निर्माण एवं वितरण, राजस्व प्रकरणों का निराकरण, जाति प्रमाण पत्र, स्कूल शिक्षा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, डीएफओ उत्तम गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर सी.पी. बघेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, नगर निगम आयुक्त-सीएमओ, पीएचई विभाग के अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में IED धमाका, चपेट में आया सुरक्षाबल के तीन जवान, एक की हालत गंभीर

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में IED धमाका, चपेट में आया सुरक्षाबल के तीन जवान, एक की हालत गंभीर

 कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले बड़ी खबर सामने आई है। जहां आईईडी ब्लास्ट में तीन जवान घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में एक ही हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। घटना थाना छोटबेठिया की है।

जानकारी के मुताबिक, आज 2 मई को थाना छोटेबेटिया जिला कांकेर-नारायणपुर के सीमा क्षेत्र में डी-माइनिंग एरिया डाॅमिनेशन सर्च ऑपरेशन के लिए टीम रवाना हुइ थी। जवानों द्वारा सर्च अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान आईईडी विस्फोट हुआ। ब्लास्ट जबरदस्त था, जिसमें 3 डीआरजी जवान घायल हो गए।

तीनों के चपेट में आने के बाद वहां मौजूद जवानों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लाया। बताया जा रहा है कि 3 घायलों में एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। डाॅक्टरों द्वारा तीनों घायल जवानों का उपचार जारी है। वहीं, घटना स्थल पर जवानों के द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है।

CG – नाबालिग ने की आत्महत्या : फांसी के फंदे से लटकी मिली लाश, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम…!!

CG – नाबालिग ने की आत्महत्या : फांसी के फंदे से लटकी मिली लाश, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम…!!

 बालोद। डौंडी थाना क्षेत्र के बंधिया पारा में 10वीं कक्षा में लगातार दो साल फेल होने से परेशान नाबालिग युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान राजवीर बघेल (उम्र 17 साल ) के रूप में हुई है।

जानकारी के मुताबिक, राजवीर पिछले दो वर्षों से 10वीं की परीक्षा में असफल हो रहा था। पहले साल वह 6 विषयों में फेल हुआ था। इस वर्ष भी 5 विषयों में असफल रहने के कारण वह काफी तनाव में था। बताया जा रहा है कि इसी मानसिक दबाव के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। परिजनों ने जब उसे फंदे पर लटका देखा तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

घटना की सूचना मिलते ही डौंडी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

दंतेवाड़ा पुलिस ने गुम हुए 141 मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंपे

दंतेवाड़ा पुलिस ने गुम हुए 141 मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंपे

 दंतेवाड़ा। इया आपलो सामान निया अभियान के तहत दंतेवाड़ा पुलिस ने आम जनता के गुम हुए मोबाइल और संपत्ति को वापस लौटाया है। इस विशेष अभियान के जरिए दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने कुल 141 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपे, जिनकी अनुमानित बाजार मूल्य 31 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राम कुमार वर्मन और साइबर सेल नोडल अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक ठाकुर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने ष्टश्वढ्ढक्र पोर्टल की मदद से न सिर्फ जिले बल्कि उत्तरप्रदेश और आस-पास के जिलों जगदलपुर, सुकमा, बीजापुर व कोंडागांव से भी गुम मोबाइल बरामद किए। दंतेवाड़ा पुलिस ने नागरिकों की सुविधा के लिए सायबर हेल्पलाइन नंबर 9479151665 जारी किया है। सायबर अपराधों से बचाव के लिए पुलिस ने सायबर संगवारी दंतेवाड़ा नामक व्हाट्सएप चैनल भी शुरू किया है, जिसमें रोजाना साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी। दंतेवाड़ा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या बैंक/सोशल मीडिया गतिविधि की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन पर दें। सुरक्षा ही सावधानी है और सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव है, इसी संदेश के साथ पुलिस लगातार जागरूकता फैलाने में जुटी है।

 
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नियमों की अनदेखी: आरंग में अवैध प्लॉटिंग पर बढ़ी चिंता, नगर पालिका की भूमिका पर सवाल!

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नियमों की अनदेखी: आरंग में अवैध प्लॉटिंग पर बढ़ी चिंता, नगर पालिका की भूमिका पर सवाल!

 आरंग।  नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध प्लॉटिंग का कारोबार तेजी से फैल रहा है। बिना नगर पालिका के अनुमति कृषि भूमि को आवासीय भूखंडों में परिवर्तित कर खुलेआम बिक्री कर रहे है। इन कॉलोनी में जमीन क्रय करने वाले को भविष्य में गंभीर कानूनी और बुनियादी समस्याएं खड़ी होने की आशंका जताई जा रही है।

इन मामलों में पालिका की भूमिका संदेह में है।

आरंग निकाय क्षेत्र के आउटर के वार्ड में कई स्थानों पर बिना लेआउट स्वीकृति और बिना आधारभूत सुविधाओं के ही प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि ऐसे भूखंड भविष्य में अवैध घोषित हो सकते हैं, जिससे खरीदारों को आर्थिक नुकसान और कानूनी विवादों का सामना करना पड़ सकता है।

पूरे मामले में नगर पालिका परिषद आरंग और संबंधित विभागों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पालिका के द्वारा निरीक्षण और कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण अवैध कॉलोनाइजरों के हौसले बढ़ रहे हैं। भूमि खरीदने से पूर्व को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संबंधित प्लॉट का लेआउट टी&सीपी से स्वीकृत हो, भूमि का डायवर्जन वैध हो तथा कॉलोनी में आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हों।
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 एवं संबंधित विकास नियंत्रण नियमों के तहत किसी भी भूमि को आवासीय उपयोग में परिवर्तित करने से पूर्व टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से विधिवत अनुमति, लेआउट स्वीकृति तथा डायवर्जन अनिवार्य है। इसके अलावा, स्वीकृत कॉलोनी में सड़क, नाली, जल निकासी, पेयजल, विद्युत एवं सार्वजनिक सुविधाओं के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना भी आवश्यक होता है। अवैध प्लॉटिंग पर तत्काल रोक लगाने आरंग नगर पालिका की खामोशी संदेह में है।
मजदूर दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मजदूरों के साथ खाया बोरे-बाशी

मजदूर दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मजदूरों के साथ खाया बोरे-बाशी

 दुर्ग। मजदूर दिवस पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दुर्ग पहुंचे, जहां उन्होंने पारंपरिक “बोरे-बाशी” खाकर श्रमिकों के प्रति सम्मान प्रकट किया।

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। भूपेश बघेल ने मजदूरों के साथ जमीन पर बैठकर बोरे-बाशी का आनंद लिया और कहा कि यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और मेहनतकश वर्ग की पहचान है।उन्होंने अपने संबोधन में श्रमिकों के योगदान को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया।यह आयोजन न सिर्फ परंपरा को जीवित रखने का संदेश देता है, बल्कि मजदूर वर्ग के प्रति सम्मान और एकजुटता का भी प्रतीक माना जा रहा है।
बढ़ती गर्मी और पेयजल की समस्या से लोग परेशान, बस स्टैंड में यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा

बढ़ती गर्मी और पेयजल की समस्या से लोग परेशान, बस स्टैंड में यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा

 सरगुजा। सरगुजा में बढ़ती गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, लेकिन अंबिकापुर के अंतरराज्यीय बस स्टैंड में हालात और भी बदतर नजर आ रहे हैं,यहां यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है,खासकर पेयजल की कमी ने लोगों को परेशान कर दिया है,निगम प्रशासन के दावों के बीच व्यवस्थाओं की पोल खुलती दिख रही है।

अंबिकापुर के अंतरराज्यीय बस स्टैंड में इन दिनों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है,तेज गर्मी के बावजूद बस स्टैंड में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है,जिससे बस का इंतजार कर रहे यात्रियों को प्यास और गर्मी दोनों से जूझना पड़ रहा है,यात्रियों का आरोप है कि निगम प्रशासन सिर्फ दावे कर रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं नाकाफी हैं,वहीं इस पूरे मामले पर निगम आयुक्त डी.एन. कश्यप ने कहा है कि समस्या को संज्ञान में लिया गया है और जल्द ही पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी,अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक यात्रियों को राहत दिला पाता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे इंडिया वुमन हाकी टूर्नामेंट का उद्घाटन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे इंडिया वुमन हाकी टूर्नामेंट का उद्घाटन

 बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार 2 मई को शहर आएंगे। वे यहां स्व. बीआर यादव एस्ट्रोटर्फ मैदान बहतराई में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। जानकारी के अनुसार सीएम साय दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से रवाना होंगे।

वे हेलीकाप्टर द्वारा दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर एसईसीएल हेलीपेड पहुंचेंगे। यहां से वे 4 बजे स्व. बीआर यादव एस्ट्रोटर्फ मैदान बहतराई जाएंगे। सीएम साय यहां आयोजित आल इंडिया वुमन हाकी टूर्नामेंट का उद्घाटन करेंगे। यहां से वे शाम 4 बजकर 45 मिनट पर एसईसीएल हेलीपेड के लिए प्रस्थान करेंगे. यहां से 4 बजकर 55 मिनट पर वे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल का जन्मदिन बना जन-उत्सव, 24 घंटे उमड़ा जनसैलाब

सांसद बृजमोहन अग्रवाल का जन्मदिन बना जन-उत्सव, 24 घंटे उमड़ा जनसैलाब

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति के चाणक्य और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का 67वां जन्मदिन इस वर्ष केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक जन-उत्सव बन गया। सेवा, समर्पण और सक्रियता के संगम अग्रवाल के जन्मदिन पर राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल रहा।

अपने आवास पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में अग्रवाल ने सपरिवार विधि-विधान से पूजन और हवन कर ईश्वर का आशीर्वाद लिया।

उन्होंने आहुतियां अर्पित करते हुए प्रदेश की खुशहाली, सुख-समृद्धि और जनता के कल्याण की कामना की। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों ने उन्हें रक्षा सूत्र बांधकर दीर्घायु का आशीर्वाद दिया। अग्रवाल ने कहा कि प्रभु का आशीर्वाद और जनता का स्नेह ही उनकी असली ताकत है, जो उन्हें जनसेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की ऊर्जा देता है।

24 घंटे लगा रहा प्रशंसकों का तांता

जन्मदिन की पूर्व संध्या यानी गुरुवार 30 अप्रैल की रात 11 बजे से ही उनके आवास पर समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। यह सिलसिला अगले 24 घंटों तक अनवरत चलता रहा। प्रदेश के कोने-कोने से आए हजारों प्रशंसकों ने अपने प्रिय नेता की लंबी आयु की कामना की।


अग्रवाल के समर्थकों ने इस दिन को यादगार बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी:

गरियाबंद के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गफ्फू मेमन ने बृजमोहन अग्रवाल की 40 वर्षों की ऐतिहासिक राजनीतिक यात्रा को दर्शाते हुए एक विशेष थीम आधारित केक कटवाया।
बृजमोहन के समर्थकों ने कहीं 67 किलो का विशाल केक काटा गया, तो कहीं उनके जीवन के 67 वर्षों के प्रतीक स्वरूप 67 अलग-अलग केक काटकर जश्न मनाया गया।

शहर के विभिन्न वार्डों और चौक-चौराहों पर समर्थकों ने 200 से अधिक केक काटकर अपनी खुशी का इजहार किया।

 

 

 

 

सेवा ही संकल्प: दान और पुण्य के कार्य

“सेवा को ही धर्म” मानने वाले बृजमोहन अग्रवाल के जन्मदिन पर शिक्षा और सहायता पर विशेष जोर दिया गया। उनके बच्चों के प्रति प्रेम और शिक्षा के प्रति समर्पण को देखते हुए कई कार्यक्रम आयोजित किए।
100 से अधिक विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस और शिक्षण किट प्रदान की गई।
जोन अध्यक्ष अंबर अग्रवाल ने 5 भजन मंडलियों को स्पीकर सेट वितरित किए।

प्रदेश किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उन्हें धान से तौला, वहीं सुशील शर्मा और टिंगू गोस्वामी ने अपने प्रिय नेता को लड्डुओं से तौला।
विनोद पाहवा, दीपक गुप्ता और हितेश अग्रवाल (खरोरा) द्वारा भव्य सुंदर कांड पाठ का आयोजन कर उनकी खुशहाली की प्रार्थना की गई।

दिग्गजों ने दी बधाई: दिल्ली से रायपुर तक गूंज

अग्रवाल के जन्मदिन पर सत्ता और विपक्ष, दोनों पक्षों के दिग्गजों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने फोन कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल रामेन डेका, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, डॉ. वीरेंद्र कुमार, फग्गन सिंह कुलस्ते सहित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने भी उन्हें बधाई संदेश भेजे।

जन्मदिन के अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राजिम विधायक रोहित साहू, पूर्व सांसद सुनील सोनी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक इंद्र कुमार साहू, महापौर मीनल चौबे, संजय श्रीवास्तव (अध्यक्ष न.न.), राजीव अग्रवाल (अध्यक्ष CSIDC), दीपक महास्के (चेयरमैन CGMSC), मोना सेन, केदार गुप्ता, ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुशरण सिंह होरा, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (KTUJM), के कुलपति प्रोफेसर मनोज दयाल और उनकी पत्नी श्रीमती लीली सिन्हा दयाल सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि, उद्योगपतियों और गणमान्य नागरिकों ने बृजमोहन अग्रवाल को जन्मदिन की बधाई दी।

पूरे दिन शहर के विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन चलता रहा, जो बृजमोहन अग्रवाल की लोकप्रियता और जनता के बीच उनकी गहरी पैठ का प्रमाण है।

CG WEATHER : बदला मौसम का मिजाज, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार

CG WEATHER : बदला मौसम का मिजाज, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार

 रायपुर । रायपुर समेत छत्तीसगढ़ में मौसम ने करवट ले ली है, जहां आसमान में बादल छाने और हल्की बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा हुई, जबकि दुर्ग में सबसे अधिक 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया और अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों तक सभी संभागों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। राजधानी रायपुर में भी बादल छाए रहने के साथ बारिश के आसार हैं, जहां अधिकतम तापमान करीब 42 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

मौसम वैज्ञानिक एच. पी. चंद्रा के मुताबिक, कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से उड़ीसा तक फैली द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश में यह बदलाव देखा जा रहा है।

इन मौसम प्रणालियों के कारण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, अंधड़ और वज्रपात की स्थिति बन सकती है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन मौसम की अनिश्चितता बनी रहेगी।

“रेलवे अलर्ट: 10 ट्रेनें कैंसिल, कई डायवर्ट—सफर से पहले जरूर देखें लिस्ट”

“रेलवे अलर्ट: 10 ट्रेनें कैंसिल, कई डायवर्ट—सफर से पहले जरूर देखें लिस्ट”

 बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन अंतर्गत गोंदिया स्टेशन पर शुरू हुए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड कार्य का असर अब साफ तौर पर ट्रेन परिचालन पर दिखने लगा है, जहां 3 मई से 22 मई 2026 तक करीब 20 दिनों के लिए कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट और आंशिक रूप से संचालित करने का निर्णय लिया गया है। रेलवे प्रशासन के मुताबिक इस दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर मेगा ट्रैक कार्य किया जाएगा, जिसमें पुराने वॉशेबल एप्रन को हटाकर बैलेस्टेड ट्रैक बनाया जाएगा, जिससे ट्रेनों की गति, सुरक्षा और परिचालन क्षमता में सुधार होगा, लेकिन इसके चलते डाउन मेन लाइन पूरी तरह बंद रहेगी और यही वजह है कि इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है ।

इस अवधि में यात्रियों को सबसे ज्यादा झटका 10 ट्रेनों के पूर्ण रद्द होने से लगेगा, जिसमें टाटानगर–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस, डोंगरगढ़–गोंदिया पैसेंजर, गोंदिया–इतवारी पैसेंजर और रायपुर–इतवारी पैसेंजर जैसी महत्वपूर्ण गाड़ियां शामिल हैं, जो अलग-अलग तारीखों में पूरी तरह रद्द रहेंगी । इसके अलावा कई प्रमुख ट्रेनों के रूट भी बदले गए हैं, जैसे रीवा–इतवारी एक्सप्रेस और इतवारी–रीवा एक्सप्रेस अब अपने पारंपरिक जबलपुर–नैनपुर–बालाघाट–गोंदिया मार्ग की जगह छिंदवाड़ा होकर चलाई जाएंगी, जिससे यात्रियों के यात्रा समय और स्टॉपेज में बदलाव देखने को मिल सकता है ।

सिर्फ रद्द और डायवर्जन ही नहीं, बल्कि कई ट्रेनों को उनके गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही रोकने का भी फैसला लिया गया है। बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस और गोंदिया–बरौनी एक्सप्रेस को दुर्ग स्टेशन तक ही सीमित कर दिया गया है, वहीं विदर्भ एक्सप्रेस को अजनी स्टेशन तक चलाया जाएगा और गोंदिया तक का हिस्सा रद्द रहेगा। इसके साथ ही जबलपुर–गोंदिया, तिरोड़ी–गोंदिया और कटंगी–गोंदिया जैसी कई पैसेंजर ट्रेनों को ब्रम्हपुरी स्टेशन तक ही संचालित किया जाएगा, यानी गोंदिया के बीच का पूरा सेक्शन इस दौरान प्रभावित रहेगा ।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह मेगा ब्लॉक भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया जरूरी फैसला है, जिससे ट्रैक को आधुनिक बनाया जा सके और आने वाले समय में ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा बेहतर हो सके। हालांकि इस दौरान यात्रियों को असुविधा होना तय माना जा रहा है, खासकर उन लोगों को जो रोजाना इस रूट पर यात्रा करते हैं या जिनकी लंबी दूरी की यात्राएं पहले से तय हैं।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त करें, ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके। इसके लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139, NTES मोबाइल ऐप और नजदीकी रेलवे स्टेशन से जानकारी लेने की सलाह दी गई है। फिलहाल गोंदिया स्टेशन पर चल रहा यह अपग्रेड कार्य जहां भविष्य में बेहतर रेल सेवा का रास्ता खोलेगा, वहीं वर्तमान में यात्रियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है ।

व्यापारियों की सुविधा हेतु तेलीबांधा की यातायात व्यवस्था होगी सुव्यवस्थित - थौरानी

व्यापारियों की सुविधा हेतु तेलीबांधा की यातायात व्यवस्था होगी सुव्यवस्थित - थौरानी

 रायपुर। तेलीबांधा क्षेत्र के व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही यातायात समस्याओं के निराकरण हेतु 30 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थौरानी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान यातायात पुलिस और नगर निगम के आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने जमीनी स्तर पर ट्रैफिक जाम और पार्किंग की अव्यवस्थाओं का जायजा लिया।

विदित हो कि कुछ दिन पूर्व ही तेलीबांधा क्षेत्र के व्यापारियों के एक समूह ने नगर निगम एवं यातायात विभाग द्वारा किये गये कार्यवाही से आहत होकर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी से मुलाकात कर क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव और उससे व्यापार पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से अवगत कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री थौरानी ने तत्काल यातायात पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क साधा, जिसके फलस्वरूप आज यह संयुक्त निरीक्षण सुनिश्चित हुआ।

निरीक्षण के दौरान उपस्थित जनसमूह और अधिकारियों को संबोधित करते हुए चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थौरानी ने कहा कि तेलीबांधा रायपुर का एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। बढ़ते यातायात और अव्यवस्थित पार्किंग को लेकर वहां पर लाइट पोल के अंदर गाड़ियां पार्क करना सुनिश्चित किया गया। साथ ही टेªफिक जाम को कम करने एवं यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिये रोड के लेफ्ट टर्न को हमेशा खाली रखा जाये। हमने अधिकारियों को स्पष्ट सुझाव दिए हैं कि सड़कों से अतिक्रमण हटाया जाए। प्रशासन के सहयोग से हम जल्द ही यहाँ एक आदर्श यातायात व्यवस्था लागू करेंगे ताकि ग्राहकों को दुकान तक पहुँचने में कोई बाधा न हो और व्यापार फल-फूल सके।

निरीक्षण के दौरान कालीबाड़ी यातायात थाना के एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला एवं एसीपी सतीश ठाकुर ने ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग, वन-वे की संभावनाओं और अवैध पार्किंग पर चर्चा की। नगर निगम के अभियंताओं ने फुटपाथ और ड्रेनेज के पास की बाधाओं को हटाने हेतु कार्ययोजना बनाने की बात कही।
इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी, सलाहकार- मोहनलाल तेजवानी, अमर गिदवानी, कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा, उपाध्यक्ष- राजकुमार तारवानी, दिलीप इसरानी, प्रकाश लालवानी, राजकिशोर नत्थानी, मंत्री-भरत पमनानी, पंकज जैन, एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला, एसीपी सतीश ठाकुर, नगर निगम कार्यपालन अभियंता टावरे जी, उप अभियंता नरेश साहू, जोन क्रमांक 3 नगर निवेश अक्षय भारद्वाज, संतोष सीमा साहू पार्षद एवं अध्यक्ष जल विभाग नगर निगम, महेश ध्रुव पार्षद तथा पहलाज खेमानी, रमेश मंगलानी, विमल धामेजानी, राम जसूजा, प्रहलाद मटलानी, महेश गोविन्दानी, राहुल बुधरानी, मनीष खोड़ियार, अजय चैधरी, संजय राहुजा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

मंत्री अग्रवाल ने स्वर्गीय विवेक अंधारे को दी श्रद्धांजलि

मंत्री अग्रवाल ने स्वर्गीय विवेक अंधारे को दी श्रद्धांजलि

 रायपुर। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निज सहायक श्री दीपक अंधारे के चचेरे भाई एवं बंदरचुआ, कुनकुरी निवासी जोगेश्वर अंधारे के सुपुत्र स्वर्गीय विवेक अंधारे के निधन उपरांत आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने का संबल दिया।
मंत्री अग्रवाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि स्वर्गीय श्री विवेक अंधारे का अल्पायु में असामयिक निधन अत्यंत पीड़ादायक एवं हृदय विदारक है। उन्होंने कहा कि ऐसी अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सभी को मिलकर परिवार का संबल बनना चाहिए। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस गहन दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। दशगात्र कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों ने दिवंगत के व्यक्तित्व और उनके सरल स्वभाव को स्मरण करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

ब्रेकिंग : राज्य सरकार ने 176 शिक्षकों को किया निलंबित, 14 का वेतन रोका, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई, जाने पूरा मामला…!!

ब्रेकिंग : राज्य सरकार ने 176 शिक्षकों को किया निलंबित, 14 का वेतन रोका, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई, जाने पूरा मामला…!!

 रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण के तहत 15310 सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याताओं का युक्तियुक्तकरण के तहत ट्रांसफर किया था। आंकड़े बताते हैं, 25 अप्रैल की तिथि में 303 शिक्षकों ने ज्वाइन नहीं की। डीपीआई के रिकार्ड के अनुसार इनमें से एक दर्जन से ज्यादा शिक्षक कोर्ट चले गए हैं, बाकी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दो शिक्षकों का वेतन रोका गया है। बता दें, राज्य सरकार बार-बार चेतावनी दी जा रही है, इसके बाद भी शिक्षक आदेश की नाफरमानी कर रहे हैं। अब राज्य सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है।

युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद संबंधित स्कूल में ज्वाइनिंग ना करने वाले 176 शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के एक दर्जन से ज्यादा शिक्षकों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाई कोर्ट में चुनाैती देने वालों में सबसे ज्यादा शिक्षक सक्ती जिले के हैं। सात शिक्षकों ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद संबंधित स्कूल में ज्वाइनिंग ना देने वाले में कांकेर जिले के शिक्षकों की संख्या सबसे ज्यादा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश की अवहेलना करने के आरोप में कांकेर जिले के 72 शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है।

14 शिक्षकों का सैलेरी ब्रेक

राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 14 शिक्षकों का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया है। इसमें कोंडागांव जिले के सबसे ज्यादा 12 शिक्षक हैं।

48 शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच

स्कूल शिक्षा विभाग ने 48 शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच संस्थित कर दिया है। बता दें, जिन शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया गया है, इनमें से अधिकांश को आरोप पत्र भी दिया गया है।

पढ़िए जिलेवार स्थिति

बीजापुर एक शिक्षिका निलंबित

बस्तर तीन शिक्षक निलंबित, एक का रोका गया वेतन

कोंडागांव जिला, 23 सहायक शिक्षक निलंबित, 12 का वेतन रुका, दो का प्रस्ताव डीपीआई को

सुकमा जिला 9 शिक्षक निलंबित

कांकेर जिला 72 शिक्षक निलंबित

दुर्ग जिला 2 शिक्षक निलंबित दो को विभागीय जांच आरोप पत्र

बेमेतरा 6 शिक्षकों को विभागीय जांच के लिए आरोप पत्र, एक का प्रकरण कोर्ट में

कबीरधाम 7 शिक्षकों को विभागीय जांच के लिए आरोप पत्र, दो शिक्षक निलंबित, एक संभाग से एक जिले से

राजनादगांव दो शिक्षकों के खिलाफ आरोप पत्र एक संभाग से निलंबित

मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी पांच शिक्षक निलंबित, एक शिक्षक को हाई कोर्ट से मिला स्टे व एक निलंबित व विभागीय जांच, एक शिक्षक के खिलाफ आरोप पत्र

एमसीबी पांच शिक्षक निलंबित एवं विभागीय जांच, चार शिक्षक को आरोप पत्र

सरगुजा 10 शिक्षक निलंबित एवं विभागीय जांच, चार शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच, एक शिक्षक का प्रस्ताव उच्च कार्यालय को

बलरामपुर 24 शिक्षक निलंबित एवं आरोप पत्र, विभागीय जांच संस्थित, एक शिक्षक के खिलाफ आरोप पत्र

रायपुर तीन निलंबित

रायगढ़ चार शिक्षक निलंबित, दो को कोर्ट से स्टे,एक का वेतन रोका, तीन शिक्षक को एकतरफा कार्यमुक्त किया, एक विभागीय जांच

बिलासपुर दो शिक्षक के खिलाफ विभागयीय जांच, एक शिक्षक का मामला कोर्ट में

जांजगीर चांपा 17 शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच, एक शिक्षक मामला कोर्ट में, दो शिक्षक निलंबित

कोरबा दो शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच

सक्ती सात शिक्षकों का मामला हाई कोर्ट में लंबित

बाल हितैषी पंचायत में कछिया ने प्रदेश में बनाया कीर्तिमान, मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

बाल हितैषी पंचायत में कछिया ने प्रदेश में बनाया कीर्तिमान, मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

 00 शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में जनभागीदारी से मिली ऐतिहासिक उपलब्धि

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब राज्य स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित पहलों के बीच जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। ग्राम पंचायत कछिया ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के तहत पीएआई 2.0 सर्वे के 9 थीम में से थीम-3 (बाल हितैषी पंचायत) में 95.71 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गई है।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्राम पंचायत कछिया के जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और ग्रामीणों को बधाई देते हुए इसे राज्य के अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता सबका साथ, सबका विकास की भावना और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है।
ग्राम पंचायत कछिया ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक समग्र बाल हितैषी वातावरण विकसित किया है। पंचायत के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में कुल 155 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनमें बालिकाओं की संख्या उल्लेखनीय है। पंचायत द्वारा बच्चों के अधिकारों की रक्षा, विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने, स्वच्छता सुधार, पोषण और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, स्कूल प्रबंधन समिति के साथ समन्वय, स्वच्छता अभियान, सुरक्षित पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य जागरूकता, तथा ग्रामसभा में बच्चों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना इस सफलता के प्रमुख आधार रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ समन्वय कर एनीमिया मुक्त पंचायत, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मातृ-पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
प्रारंभिक चरण में पलायन, आर्थिक स्थिति और जागरूकता की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। पंचायत ने घर-घर संपर्क, अभिभावक संवाद, नियमित समीक्षा बैठकें और सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से इन चुनौतियों को दूर किया। ग्राम पंचायत ने बाल हितैषी गतिविधियों को स्थायी रूप देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें शत-प्रतिशत नामांकन, शून्य ड्रॉपआउट, नियमित मॉनिटरिंग, स्वच्छता अभियान और बाल सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।