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मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

 रायपुर, 6 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महान शिक्षाविद्, ओजस्वी राष्ट्रवादी और भारतीय जनमानस में राष्ट्रीय चेतना का संचार करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने निवास कार्यालय में डॉ. मुखर्जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया और उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किये।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन देशभक्ति, निःस्वार्थ सेवा और अखंड भारत के प्रति अदम्य प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वे दूरदर्शी राजनीतिज्ञ, प्रखर विचारक और शिक्षा, सामाजिक न्याय तथा राष्ट्रीय एकता के प्रबल समर्थक थे। उनके सिद्धांत और कार्य आज भी हम सभी को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की एकता और संप्रभुता के लिए डॉ. मुखर्जी का संघर्ष भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित है। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का स्वप्न एक आत्मनिर्भर, सशक्त और गौरवशाली भारत का था, जिसे साकार करने के लिए हमें उनके आदर्शों का सतत अनुसरण करना होगा।

श्री साय ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने वैचारिक स्पष्टता और सैद्धांतिक राजनीति की नींव रखकर भारतीय लोकतंत्र को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और राष्ट्र के विकास में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं। डॉ. मुखर्जी के विचारों और मूल्यों को अपने आचरण में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर एक समृद्ध, स्वाभिमानी और समर्थ भारत के निर्माण के लिए संयुक्त प्रयास करें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद भी उपस्थित थे।

भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नवा रायपुर का होगा सुनियोजित विकास: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नवा रायपुर का होगा सुनियोजित विकास: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग की ली समीक्षा बैठक

रायपुर, 06 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आवास एवं पर्यावरण विभाग के विभागीय काम-काज की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के अतंर्गत संचालित कार्यो की जानकारी लेते हुए अधिकरियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में वित्त एवं आवास पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव आवास एवं पर्यावरण श्री अंकित आंनद, एन आर डी ए के सी.ई.ओ श्री चंदन कुमार, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त श्री अवनीश शरण, रायपुर विकास प्राधिकरण के सी.ई.ओ. श्री आकाश छिकारा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर का सुव्यवस्थित विकास सरकार की पहली प्राथमिकता है। नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित विकास किया जायेगा। नवा रायपुर देश की सबसे आधुनिक व खुबसूरत राजधानी है। देश के आई.आई.एम., ट्रिपल आई.टी., नेशनल लॉ विश्वविद्यालय जैसे शीर्ष शिक्षण संस्थान यहां स्थापित किए गए हैं। भविष्य में नवा रायपुर में बसाहट और बढ़ेगी इसलिए यह आवश्यक है कि आगमाी जरूरतों के हिसाब से यहां नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के संबंध में चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। भारत सरकार द्वारा परमालकसा - खरसिया नई रेलवे लाईन का निर्माण बलौदाबाजार जिले से होकर किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस रेल लाईन को नवा रायपुर से जोड़ने की मंशा जाहिर करते हुए कहा कि इससे नवा रायपुर में रेल सुविधाओं का विस्तार होगा और आम नागरिको को इसका लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत माला परियोजना के अंतर्गत विशाखापट्टनम को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण विकास के साथ आयात और निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु नवा रायपुर अटल नगर में एक लॉजिस्टीक हब की निर्माण आवश्यकता पर बल दिया। अधिकाारियों ने बाताया कि छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण लगभग 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसके बनने से रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी 100 कि.मी. कम हो जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कि नई औद्योगिक नीति से बड़ी संख्या में निवेशक आकर्षित हो रहे है। इससे यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में ऑक्सीजोन निर्माण के अंतर्गत पीपल, बरगद, करंज, नीम, अशोक, अमलतास, गुलमोहर आदि पौधों के रोपण एवं ग्रोथ कि जानकारी ली। बैठक मे अधिकरियों ने बताया कि नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य में राज्य सरकार के विभिन्न आयोग-बोर्ड-निगम आदि के लिए आयोग बिडिंग कॉम्पलेक्स तैयार करने की योजना है। इसके अलावा काम-काजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल, 100 बिस्तर अस्पताल, नवा रायपुर में एक और नवीन थाना की स्थापना का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर क्षेत्र में नवीन भवनों के निर्माण के लिए आबंटित भू-खण्डों का समूचित उपयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत शामिल - छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा), रायपुर विकास प्राधिकरण के काम-काज की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कल आएंगे छत्तीसगढ़,प्रदेश प्रभारी पायलेट ने लिया तैयरी का जायजा

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कल आएंगे छत्तीसगढ़,प्रदेश प्रभारी पायलेट ने लिया तैयरी का जायजा

 रायपुर– कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कल छत्तीसगढ़ आ रहे है। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में होने वाले किसान, जवान,संविधान जनसभा कार्यक्रम में शामिल होंगे जिसको लेकर कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने साइंस कॉलेज मैदान पहुंचकर सभा की तैयारियों का जायजा लिया इस दौरान उनके साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज,विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव भी मौजूद थे। वही सचिन पायलट ने मंच, पंडाल, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

 
मैनपाट में सांसदों और विधायकों की प्रशिक्षण कल से शुरू,राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा,अमित शाह सहित बड़े नेता होंगे शामिल

मैनपाट में सांसदों और विधायकों की प्रशिक्षण कल से शुरू,राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा,अमित शाह सहित बड़े नेता होंगे शामिल

 रायपुर-  छत्तीसगढ़ के मैनपाट में तीन दिवसीय मंत्री, सांसद,विधायक दल के प्रशिक्षण शिविर कल से शुरू हो रहा हैं। जिसकी तैयारियां लगभग पूर्ण हो गई हैं। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय नेता से लेकर के छत्तीसगढ़ के मंत्री,सांसद, विधायक सभी पहुंचेंगे यह कार्यक्रम 7 जुलाई से 9 जुलाई तक मैनपाट में आयोजित किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ,भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ,केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ भाजपा के समस्त मंत्रिमंडल ,सांसद, विधायक इस प्रशिक्षण शिविर में सम्मिलित हो रहे हैं।

ये हैं छत्तीसगढ़ के 5 सबसे फेमस और खूबसूरत वॉटरफॉल, मानसून में जरूर जाए घूमने..

ये हैं छत्तीसगढ़ के 5 सबसे फेमस और खूबसूरत वॉटरफॉल, मानसून में जरूर जाए घूमने..

 CG Tourism Place: छत्तीसगढ़ के 5 सबसे खूबसूरत वॉटरफॉल मानसून में अपनी पूरी भव्यता में नजर आते हैं। चित्रकोट, तीरथगढ़, महादेव धूमर, रानीदाह और मेंदरी घूमर जैसे जलप्रपात प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और शांति से भरपूर हैं। ये झरने न सिर्फ सैर-सपाटे के लिए परफेक्ट हैं, बल्कि मानसून ट्रैवल के लिए भी शानदार डेस्टिनेशन हैं।

चित्रकोट जलप्रपात

चित्रकोट जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और सबसे प्रसिद्ध जलप्रपात है, जिसे इसकी विशालता और सुंदरता के कारण अक्सर "भारत का नियाग्रा फॉल" कहा जाता है। यह जलप्रपात बस्तर जिले में स्थित है और इंद्रावती नदी पर बना है। इसकी ऊंचाई लगभग 30 मीटर (98 फीट) है और मानसून के दौरान इसकी चौड़ाई 300 मीटर तक फैल जाती है, जिससे इसका दृश्य अत्यंत भव्य और प्रभावशाली बन जाता है।

यह जलप्रपात घोड़े की नाल के आकार में गिरता है, जो इसे अन्य जलप्रपातों से अलग पहचान देता है। चारों ओर फैली हरियाली, घने जंगल और शांत वातावरण इसे प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक आदर्श स्थल बनाते हैं। चित्रकोट जलप्रपात के पास भगवान शिव का एक छोटा मंदिर भी स्थित है, जिससे यह धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मानसून के मौसम में जब जलप्रपात अपनी पूरी भव्यता के साथ बहता है, तो इसका दृश्य देखने के लिए देश-विदेश से सैलानी यहां पहुंचते हैं।

तीरथगढ़ जलप्रपात

तीरथगढ़ जलप्रपात छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में जगदलपुर के पास स्थित एक बेहद खूबसूरत और शांत जलप्रपात है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और मनमोहक दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। यह जलप्रपात कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान (Kanger Valley National Park) के भीतर स्थित है, जो इसे और भी खास बना देता है। तीरथगढ़ जलप्रपात की खासियत इसकी सीढ़ीनुमा चट्टानों से गिरती पानी की धाराएं हैं, जो इसे एक अनोखा और दर्शनीय स्वरूप देती हैं।

इसकी ऊंचाई लगभग 100 फीट है और मानसून के मौसम में इसका प्रवाह अत्यंत आकर्षक हो जाता है। घने जंगलों से घिरा यह स्थल प्रकृति प्रेमियों, ट्रेकिंग के शौकीनों और फोटोग्राफरों के लिए एक आदर्श गंतव्य है। इसके शांत वातावरण और सुंदर दृश्यों के कारण यह एक लोकप्रिय पिकनिक स्थल भी बन चुका है। यहां पर आने वाले सैलानी न केवल जलप्रपात का आनंद लेते हैं, बल्कि पास में स्थित गुफाओं और वन्य जीवन का अनुभव भी करते हैं।
महादेव धूमर जलप्रपात

महादेव धूमर जलप्रपात छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित एक अद्भुत और शांत वातावरण से भरपूर जलप्रपात है, जो अब धीरे-धीरे पर्यटन मानचित्र पर उभर रहा है। यह जलप्रपात घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित है, जहां प्रकृति अपने सबसे सुंदर रूप में नजर आती है। स्थानीय लोगों के लिए यह एक पूजनीय स्थल भी है, क्योंकि इसके समीप भगवान शिव का महादेव मंदिर स्थित है, जिससे यह स्थान धार्मिक आस्था का केंद्र भी बन गया है।

धूमर जलप्रपात खासतौर पर अपनी स्वच्छ जलधारा, हरियाली से घिरा शांत वातावरण और एकांत प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। मानसून के दौरान यहां का दृश्य अत्यंत मनमोहक हो जाता है, जब जलप्रपात की धाराएं पूरे वेग से गिरती हैं और वातावरण में ठंडक और नमी भर जाती है। यह स्थान न केवल प्राकृतिक सैर के लिए उपयुक्त है, बल्कि आत्मिक शांति और ध्यान के लिए भी आदर्श माना जाता है। शहरी भागदौड़ से दूर, महादेव धूमर जलप्रपात सुकून और प्रकृति से जुड़ने का एक सुंदर मौका प्रदान करता है।
रानीदाह झरना

रानीदाह झरना छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित एक बेहद खूबसूरत और शांत जलप्रपात है, जो अपनी हरी-भरी हरियाली, सुरम्य प्राकृतिक दृश्यों और सुकून देने वाले वातावरण के लिए जाना जाता है। यह झरना घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसा है, जिससे यहां का दृश्य एक लुभावनी तस्वीर जैसा प्रतीत होता है।

रानीदाह जलप्रपात की खासियत इसका प्राकृतिक सौंदर्य और शांति है, जो इसे भीड़-भाड़ से दूर एक आदर्श पिकनिक और ट्रैकिंग स्थल बनाता है। बरसात के मौसम में जब झरने का जल स्तर बढ़ जाता है और आसपास की हरियाली और भी ताजगी से भर जाती है, तब यह स्थान और भी आकर्षक लगने लगता है। यहां का ठंडा और ताजगी भरा वातावरण न केवल पर्यटकों को आकर्षित करता है, बल्कि फोटोग्राफरों और प्रकृति प्रेमियों के लिए भी यह एक पसंदीदा स्थान बन चुका है। रानीदाह झरना उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो शांति, प्रकृति और सौंदर्य की तलाश में हैं।

मेंदरी घूमर जलप्रपात

मेंदरी घूमर जलप्रपात छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्थित एक खूबसूरत मौसमी जलप्रपात है, जो चित्रकोट जलप्रपात के रास्ते में पड़ता है। यह झरना घने जंगलों और प्राकृतिक हरियाली से घिरा हुआ है, जिससे इसका वातावरण अत्यंत शांत और ताजगी भरा लगता है। मेंदरी घूमर विशेष रूप से बरसात के मौसम में सक्रिय होता है, जब आसपास की पहाड़ियों से बहकर पानी गिरता है और यह झरना जीवंत हो उठता है।

इसकी सुंदरता, कलकल करती जलधाराएं और ठंडी हवा पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। इस जलप्रपात तक पहुँचने का रास्ता भी एक छोटा रोमांचक ट्रैक जैसा अनुभव देता है, जो एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए अतिरिक्त आनंद का कारण बनता है। मेंदरी घूमर झरना अब धीरे-धीरे स्थानीय व बाहरी सैलानियों के बीच लोकप्रिय हो रहा है और मानसून पर्यटन के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन चुका है।
TRANSFER : रायपुर पुलिस विभाग में तबादला, कई SI और ASI इधर से उधर, SSP डॉ. लाल उमेंद सिंह ने जारी किया आदेश

TRANSFER : रायपुर पुलिस विभाग में तबादला, कई SI और ASI इधर से उधर, SSP डॉ. लाल उमेंद सिंह ने जारी किया आदेश

 रायपुर। रायपुर पुलिस विभाग में तबादला हुआ है, एसएसपी डॉ लाल उमेंद सिंह ने आदेश जारी कर 10 पुलिस अधिकारी कर्मचारियों का तबादला किया है। जारी आदेश में उप निरीक्षक और सहायक उप निरीक्षक के नाम शामिल है।

CM विष्णुदेव साय कल मैनपाट दौरे पर

CM विष्णुदेव साय कल मैनपाट दौरे पर

 सरगुजा।  जिले के मैनपाट में कल यानि 7 जुलाई से 09 जुलाई 2025 तक मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन की पूरी तैयारियां जारी है। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए मजिस्ट्रीयल ड्यूटी लगाई गई है।

कलेक्टर विलास भोसकर द्वारा जारी आदेश के अनुसार अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक को नोडल अधिकारी और सीतापुर एसडीएम नीरज कुमार कौशिक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। दोनों अधिकारी कार्यक्रम के संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी निभाएंगे।

कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने पर प्रधान पाठक निलंबित

कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने पर प्रधान पाठक निलंबित

 रायपुर :- विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से बलरामपुर जिले के शासकीय प्राथमिक शाला पशुपतिपुर विकासखंड वाड्रफनगर में 03 जुलाई 2025 को शराब के नशे में धूत शिक्षक पढ़ाने की बजाय क्लास में बच्चियों के साथ करने लगा डांस संबंधी शिकायत प्राप्त हुई थी । विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी वाड्रफनगर के द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर संस्था में पदस्थ प्रधानपाठक श्री लक्ष्मी नारायण सिंह की उपर्युक्त लापरवाही प्रमाणित पाई गई।

लक्ष्मी नारायण सिंह का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के नियम-03 का स्पष्ट उल्लंघन है। शासकीय कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1) (क) के तहत् जिला शिक्षा अधिकारी श्री डी. एन. मिश्रा द्वारा श्री लक्ष्मी नारायण सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में श्री लक्ष्मी नारायण का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बलरामपुर नियत किया गया है। निलंबन अवधि में श्री सिंह को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

 रायपुर ।  छत्तीसगढ़ में इस बार मानसून ने लगभग 15 दिन पहले दस्तक दे दी थी। पूरे राज्य में मानसून 18 जून से पूरी तरह सक्रीय हो गया है। प्रदेश के 75 प्रतिशत हिस्सों में पिछले 15 दिनों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश की राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में बीते तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। लगातार हो रही बारिश ने मौसम में ठंडक पैदा कर दी है और नदी-नाले अब उफान पर आ गए हैं। वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश भर में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने प्रदेश के 33 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। इसमें 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और बाकी क्षेत्रों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, सरगुजा जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश हो सकती हैं।

वहीं सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।

पीएम सूर्य घर योजना: बिजली बचत से आर्थिक सशक्तिकरण तक

पीएम सूर्य घर योजना: बिजली बचत से आर्थिक सशक्तिकरण तक

 रायपुर : प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का असर अब पूरे छत्तीसगढ़ में दिखने लगा है। इस महत्वाकांक्षी योजना से न केवल आम नागरिकों को बिजली बिल से राहत मिल रही है, बल्कि वे अब स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।

सक्ती जिले के बाराद्वार निवासी श्री यशवंत कुमार राठौर भी इस योजना से लाभान्वित होने वालों में शामिल हैं। उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किया है। इस सोलर सिस्टम से वे गर्मी के मौसम में प्रतिदिन औसतन 18 यूनिट, जबकि बरसात के मौसम में 10 यूनिट तक बिजली का उत्पादन कर रहे हैं।

श्री राठौर का कहना है कि इस योजना से न केवल उनके बिजली बिल में भारी कमी आई है, बल्कि अतिरिक्त यूनिट का लाभ उन्हें आर्थिक रूप से भी मिल रहा है। उन्होंने इसे एक पर्यावरण अनुकूल और आर्थिक रूप से फायदेमंद योजना बताते हुए सभी नागरिकों से अपील की कि वे भी इस पहल का हिस्सा बनें और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दें।

इस योजना के तहत आम नागरिक पीएम सूर्यघर पोर्टल ( pmsuryaghar.gov.in), मोबाइल ऐप अथवा नजदीकी विद्युत कार्यालय से संपर्क कर आसानी से आवेदन कर सकते हैं।राज्य सरकार और केंद्र सरकार की संयुक्त पहल से यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। इससे न केवल आमजन को राहत मिल रही है, बल्कि हर घर सौर ऊर्जा के सपने को भी साकार किया जा रहा है।

CG - नेशनल हाईवे में भीषण हादसा, पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर, मौके पर 1 की मौत, 2 की हालत गंभीर

CG - नेशनल हाईवे में भीषण हादसा, पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर, मौके पर 1 की मौत, 2 की हालत गंभीर

 कोरबा. छत्तीसगढ़ के कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाइवे में रफ्तार का कहर देखने को मिला है. शनिवार रात तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में एक युवक की मौत पर ही मौत हो गई. वहीं अन्य दो की हालत गंभीर हैं.

हादसा कटघोरा थाना क्षेत्र के तानाखार में हुआ है. शनिवार रात करीब 11-12 बजे के बीच बाइक सवारों को तेज रफ़्तार पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी. भीषण दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

घायलों को डायल 112 की मदद से कटघोरा अस्पताल लाया गया. प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है. वही सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पिकअप चालक को गिरफ्तार कर लिया है.

ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं पंचायती राज संस्थाएं – मुख्यमंत्री साय

ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं पंचायती राज संस्थाएं – मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय आधारभूत/उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के रूप में आप सभी के पास बहुत बड़ा अवसर और बड़ी जिम्मेदारी है। यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो एक व्यक्ति भी पूरे जिले की तस्वीर बदल सकता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोक कल्याण की भावना से जनता की सेवा करने वालों को जनता स्वयं आगे बढ़ाती है। अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने भी अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत पंच के रूप में की थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि राजनीति में आऊंगा। 10 वर्ष की आयु में पिताजी के स्वर्गवास के बाद मेरे कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। मेरा पूरा जीवन संघर्ष में बीता। मैं सरपंच भी बनूंगा, यह मैंने कभी कल्पना नहीं की थी, लेकिन जनता का आशीर्वाद मिला, जिससे विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुछ कर गुजरने के लिए संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण इच्छाशक्ति होती है। जनहित में कार्य करने की सोच से अकेला व्यक्ति भी बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे जिन प्रेरणादायी लोगों के जनसेवा के कार्यों को निकट से देखने का अवसर मिला, उनमें ओडिशा के डॉ. अच्युत सामंत और नानाजी देशमुख का उल्लेख करना चाहूंगा। अभावों में पले-बढ़े डॉ. अच्युत सामंत ने आजीवन जनता की सेवा का संकल्प लिया और भुवनेश्वर में एक बड़ा शिक्षण संस्थान स्थापित किया। इस संस्थान में वे लगभग 25 हजार जनजातीय बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसी तरह, चित्रकूट में नानाजी देशमुख ने दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के माध्यम से 500 गांवों को गोद लेकर उनके सर्वांगीण विकास का कार्य किया। वर्ष 2006-07 में जब मैं वहां गया, तब मुझे पता चला कि अब तक 80 गांवों को उन्होंने आत्मनिर्भर बना दिया है। इन गांवों में हर परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कार्य किया गया। ये उदाहरण हमें यह बताते हैं कि एक व्यक्ति भी कितना बड़ा परिवर्तन ला सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है। यहां 44 प्रतिशत भूभाग पर वन हैं। यहां की मिट्टी उर्वरा है और किसान मेहनतकश हैं। छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा था, जिसे हम समाप्त कर रहे हैं। जो नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, उनके लिए हमने एक उत्कृष्ट पुनर्वास नीति बनाई है। जल्द ही राज्य नक्सलमुक्त होगा और बस्तर में सड़क, बिजली, पानी सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री साय ने बस्तर संभाग के मुलेर ग्राम का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के आदिवासियों को राशन के लिए 25 किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ता था, जिसमें तीन दिन लगते थे। कल्पना की जा सकती है कि यह इलाका विकास में कितना पीछे था। हमने मुलेर को अलग पंचायत बनाने का निर्णय लिया और वहां राशन दुकान खोली। जब मैं वहां गया, तो लोगों की खुशी उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों से कहा कि गांवों का विकास किए बिना हम विकसित छत्तीसगढ़ नहीं बना सकते। प्रशिक्षण के इस समय का पूरा लाभ उठाएं। यह सदैव ध्यान रखें कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का दौरा करें। प्रवास और निरीक्षण से प्रशासनिक कसावट आती है और विकास कार्यों को गति मिलती है

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में बेहतर कार्य करने के लिए स्वयं को पूरी तरह तैयार करें। पंचायती राज से जुड़े कानूनी प्रावधानों की गहन जानकारी रखें। गांव की उन्नति के लिए केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि अन्य संभावनाओं पर भी सतत विचार करें। दुग्ध उत्पादन जैसे कार्यों से गांव की आर्थिक उन्नति सुनिश्चित होती है। गांव में आर्थिक समृद्धि आने से युवाओं को नई दिशा मिलती है और वे व्यसनों से दूर रहते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आप ग्राम पंचायत के कार्य स्वरूप पर भी चिंतन करें। पंचायती राज संस्था से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को भलीभांति समझें, ताकि आप जनता के हित में बेहतर कार्य कर सकें। पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े सभी स्तर के एक लाख सत्तर हजार लोगों को यहां प्रशिक्षित किया जाएगा। आज आप सभी से इसकी शुरुआत हो रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पेसा : पंचायत उपबंध एवं छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध मार्गदर्शिका, पंचमन पत्रिका तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों हेतु पठन सामग्री का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के प्रांगण में मौलश्री पौधे का रोपण भी किया।

इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, सचिव श्री भीम सिंह, संचालक श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया तथा ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के संचालक श्री पी. सी. मिश्रा उपस्थित थे।

 
शिक्षा के साथ साथ अच्छे संस्कार बहुत ज़रूरी हैं, अच्छे संस्कार ही आपकी पहचान होगी – अनुज

शिक्षा के साथ साथ अच्छे संस्कार बहुत ज़रूरी हैं, अच्छे संस्कार ही आपकी पहचान होगी – अनुज

 रायपुर। आज धरसींवा विधानसभा के ग्राम रायखेड़ा,ग्राम सारागांव व ग्राम निलजा के शाला प्रवेश उत्सव मे विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा शामिल हुए| आज के इस शाला प्रवेश उत्सव में देश और प्रदेश का उज्ज्वल भविष्य गढ़ने वाले प्यारे बच्चों का तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर विधायक अनुज शर्मा ने स्वागत किया और छात्र-छात्राओं को शिक्षा सामग्री वितरित कर शुभकामनाएं दी व बच्चों के साथ मिल कर वृक्षारोपण भी किया गया और विधायक शर्मा ने एक छात्र को अपने प्रतिनिधि के रूप में उस वृक्ष कि देखभाल कि ज़िम्मेदारी दी।

विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव का उद्देश्य है कि—हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करना और शत-प्रतिशत बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराना है,शिक्षा न केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम है, बल्कि एक समृद्ध, सशक्त और संस्कारित समाज की नींव भी है। हर व्यक्ति को ज्ञान अर्जन की दिशा में बढ़ना चाहिए, क्योंकि यह उसका मौलिक अधिकार है।राज्य के हर बच्चे को बेहतर सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण और समग्र शिक्षा देना हमारी छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।आप सभी बच्चे पूरी मेहनत और लगन के साथ अध्ययन कर जीवन के किसी भी क्षेत्र में लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। मैं ईश्वर से आप सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
इस कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा, श्रीमति सविता चंद्राकर, श्रीमति शकुंतला ढीलेंद्र सेन, श्री दिनेश खटे सहित शिक्षकगण व अभिभावकगण उपस्थित रहे।

 
ग्रामीण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में BSNL सेवा विस्तार पर दें जोर : बृजमोहन

ग्रामीण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में BSNL सेवा विस्तार पर दें जोर : बृजमोहन

 रायपुर । बीएसएनएल द्वारा शनिवार को रायपुर में दूरसंचार सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने की।


बैठक के दौरान बीएसएनएल द्वारा उपभोक्ताओं को दी जा रही वर्तमान सेवाओं, भविष्य की योजनाओं और नेटवर्क विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बीएसएनएल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने में कोई कसर न छोड़ें। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में भी नेटवर्क को मजबूत करना समय की आवश्यकता है

सांसद अग्रवाल ने सरकारी संस्थाओं और कार्यालयों में बीएसएनएल की सेवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही तथा 5G सेवाओं के त्वरित विस्तार पर बल दिया। उन्होंने बीएसएनएल को अपने उत्पादों व सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रभावी मार्केटिंग करने की भी सलाह दी, जिससे अधिकाधिक लोग जुड़ सकें।

बैठक में बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक (व्यावसायिक क्षेत्र रायपुर) टी. के. मरकाम ने सांसद महोदय को बीएसएनएल की 4G सेवाओं, नेटवर्क विस्तार और नई पहलों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित ऐसे गाँव जहाँ अन्य कोई सेवा प्रदाता नहीं पहुँच पाया है, वहाँ बीएसएनएल ने 4G सेवाएँ प्रारंभ की हैं। साथ ही समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत 700 से अधिक स्कूलों को फाइबर कनेक्टिविटी प्रदान की गई है

मरकाम ने यह भी जानकारी दी कि भारत सरकार की एक्सटेंडेड भारतनेट योजना के अंतर्गत देशभर में 1.5 करोड़ भारत फाइबर कनेक्शन स्थापित किए जाएंगे। इस दिशा में सांसद अग्रवाल द्वारा दिए जा रहे सहयोग हेतु उन्होंने आभार व्यक्त किया।

बैठक में दूरसंचार सलाहकार समिति के अन्य सदस्यगण एवं बीएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अविनाश मैग्नेटो मॉल में हुआ रक्तदान एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का सफल आयोजन

अविनाश मैग्नेटो मॉल में हुआ रक्तदान एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का सफल आयोजन

 रायपुर, 5 जुलाई 2025 — "बेटर भारत" एवं "माँ" एनजीओ के संयुक्त प्रयास से शनिवार, 5 जुलाई 2025 को अविनाश मैग्नेटो मॉल, रायपुर में एक रक्तदान एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह शिविर शाम 4:30 बजे से रात 8:30 बजे तक चला। 50 लोगों ने किया ब्लड डोनेशन, 70 से अधिक लोगों ने हेल्थ चेक अप कराया ।

इस आयोजन का उद्देश्य जन-स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना तथा समाज में सेवा की भावना को सशक्त बनाना था।

इस पहल को रायपुर की प्रमुख स्वास्थ्य संस्थाओं का सहयोग प्राप्त हुआ ।

डॉ. अभिमन्यु आयुर्वेद मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल

एएसजी आई हॉस्पिटल

श्रीराम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल

आशीर्वाद ब्लड बैंक

नगरवासियों ने इस शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लेकर न केवल रक्तदान किया, बल्कि नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच का लाभ भी उठाया।

छत्तीसगढ़ में उर्वरकों की कमी नही,सहकारी समितियों में एक लाख बॉटल नैनो डीएपी का किया जा रहा भंडारण

छत्तीसगढ़ में उर्वरकों की कमी नही,सहकारी समितियों में एक लाख बॉटल नैनो डीएपी का किया जा रहा भंडारण

 रायपुर - राज्य में खरीफ सीजन 2025 के दौरान विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की मांग को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने समय रहते न सिर्फ इसकी ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की बल्कि रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर भी लगातार निगरानी रख रही है, जिसके चलते राज्य में रासायनिक उर्वरकों के भण्डरण एवं उठाव की स्थिति बेहतर बनी हुई है। डी.ए.पी. की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एन.पी.के., सुपर फास्फेट और नेनो डी.ए.पी. जैसे वैकल्पिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर किसानों के हितों का ध्यान रखा है। छत्तीसगढ़ में अब तक विभिन्न प्रकार के 12.27 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण कर लिया गया है, जिससे खरीफ सीजन में किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हो सकें।

छत्तीसगढ़ राज्य में खरीफ 2025 में पूर्व में कुल 14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित था। इसमें यूरिया 7.12 लाख, डी.ए.पी. 3.10 लाख, एन.पी.के. 1.80 लाख, पोटाश 60 हजार तथा सुपर फास्फेट 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में कुल 12.27 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। डीएपी की आपूर्ति में कमी के चलते उर्वरक वितरण के लक्ष्य को संशोधित कर अन्य वैकल्पिक उर्वरकों जैसे- एनपीके, एसएसपी के लक्ष्य में 4.62 लाख मीट्रिक टन की उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिसके चलते खरीफ सीजन 2025 में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की वितरण का लक्ष्य 17.18 लाख मीट्रिक टन हो गया है।

राज्य में अब तक 5.63 लाख मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण एवं 3.76 लाख मीट्रिक टन का वितरण किया गया है। किसानों को अभी 1.86 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हेतु उपलब्ध है। यहां यह उल्लेखनीय है कि यूरिया का उपयोग धान फसल में तीन बार किया जाता है। पहली बार बुवाई अथवा रोपाई के समय कुल अनुशंसित मात्रा का 30 प्रतिशत, दूसरी बार 3 से 4 सप्ताह बाद कन्से निकलने के समय एवं तीसरी बार 7 से 8 सप्ताह बाद गभौट अवस्था में किया जाता है। इस प्रकार यूरिया का उपयोग बुवाई से लेकर सितंबर तक विभिन्न अवस्थाओं में किया जाना है, जिसके अनुरूप राज्य में यूरिया की चरणबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
डी.ए.पी. के आयात में राष्ट्रीय स्तर पर कमी को देखते हुए राज्य शासन ने समय रहते वैकल्पिक उर्वरकों की दिशा में ठोस पहल की है, जिसके चलते एन.पी.के. को लक्ष्य बढ़ाकर 4.90 लाख तथा सुपर फास्फेट का 3.53 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया। वर्तमान में एन.पी.के. 11 हजार एवं सुपर फास्फेट 54 हजार मीट्रिक टन, लक्ष्य से अधिक भंडारित है, जिससे 23 हजार 600 मीट्रिक टन डी.ए.पी. में उपलब्ध फॉस्फेट तत्व की पूर्ति होगी।

छत्तीसगढ़ राज्य को चालू माह जुलाई में आपूर्ति प्लान के अनुसार कुल 2.33 लाख मी. टन उर्वरक मिलेगी। जिसमें यूरिया 1.25 लाख, डी.ए.पी. 48,850, एन.पी.के. 34,380, पोटाश 10 हजार एवं सुपर फास्फेट 76 हजार मी. टन शामिल हैं। जुलाई के अंत तक डी.ए.पी. का कुल भंडारण 1.95 लाख मी. टन तक होने की उम्मीद है। राज्य में डी.ए.पी. की कमी से बचाव हेतु 25 हजार मी. टन सुपर फास्फेट एवं 40 हजार मी. टन एन.पी.के. के अतिरिक्त भंडारण का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही, नैनो डी.ए.पी. उर्वरक को बढ़ावा देने हेतु सहकारी क्षेत्र में एक लाख बाटल का भंडारण किया जा रहा है, जिससे 25 हजार मीट्रिक टन पारंपरिक डी.ए.पी. की आवश्यकता की पूर्ति होगी।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अप्रैल माह से ही वैकल्पिक उर्वरकों के प्रचार-प्रसार हेतु पोस्टर पैम्फलेट तैयार कर समस्त सहकारी समितियों एवं उपार्जन केन्द्रों में प्रदर्शित किए गए डीएपी, उर्वरक के स्थान पर अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के बारे में किसानों को जानकारी दी गई। इसी कड़ी में कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान एन.पी.के, सुपर फास्फेट एवं नेनो डी.ए.पी. के वैज्ञानिक उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुशल प्रबंधन कर खरीफ 2025 में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है।

आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की समस्त योजनाओं का मिले समुचित लाभ: विजय शर्मा

आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की समस्त योजनाओं का मिले समुचित लाभ: विजय शर्मा

 रायपुर। सुकमा जिले के सबसे सुदूर क्षेत्र के आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास के तहत राजमिस्त्री, कृषि उद्यमी और अन्य प्रशिक्षण प्रदाय कराया जा रहा है। विगत तीन माह से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का स्वागत भारत माता की जय घोष करते हुए किया। इस अवसर पर आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उपमुख्यमंत्री से सीधा संवाद करते हुए अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ सरकार के पुनर्वास नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहले के नक्सल संगठन का जीवन एक भटका हुआ और गुमराह से भरा जीवन था।

उस खोखली विचारधारा को त्याग कर समाज के मुख्यधारा से जुड़कर बहुत ही बेहतर जीवन मिला लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की जानकारी के अभाव में हम रास्ता भटक गए थे किन्तु शासन के पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर एक बेहतर जीवन जी रहे हैं। आज शासन-प्रशासन द्वारा हमें कौशल विकास के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिससे हम आत्मनिर्भर बनकर समाज के मुख्यधारा में शामिल हो सके।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने उनके अनुभवों को गंभीरतापूर्वक सुना और आाधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाता सहित सभी प्रकार आवश्यक दस्तावेज पुनर्वास केन्द्र में ही बनवाकर केन्द्र और राज्य शासन के समस्त योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने। वहीं पुनर्वास केन्द्र में उनके दैनिक दिनचर्या से अवगत होकर और भी गतिविधियों को शामिल कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने आवश्यक पहल करने, एक्सपोजर विजिट कराकर बाहरी दुनिया का भ्रमण कराने रायपुर, जगदलपुर जैसे शहर ले जाने के निर्देश दिए।

ज्यादातर लोग पढ़ाई नहीं किए है उनको साक्षर बनाने के लिए आवश्यक पहल करते हुए दिनचर्या में शामिल कर खेलकूद, मनोरंजन, देशभक्ति फिल्में दिखाने सहित उनको नियमित आमदनी के स्त्रोत हासिल हो सके उस दिशा विशेष प्रयास करने के निर्देश कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत को दिए। इस अवसर पर सचिव पंचायत विभाग भीम सिंग, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी पी.सुंदरराज, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, एसपी किरण गंगाराम चव्हाण, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता जैन, राज्य महिला आयोग की सदस्य  दीपिका सोरी, जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम सहित अन्य उपस्थित थे।

संसदीय पत्रकार लोकतंत्र की आवाज़ जनता तक पहुंचाने की अहम कड़ी: मुख्यमंत्री साय

संसदीय पत्रकार लोकतंत्र की आवाज़ जनता तक पहुंचाने की अहम कड़ी: मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला 'संसदीय पत्रकारिता' में शनिवार को विधानसभा परिसर में जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों ने मिलकर लोकतंत्र के इस अहम पहलू पर विचार साझा किए।


कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संसदीय पत्रकारों की भूमिका को "जनता और विधायकों के बीच सेतु" बताते हुए कहा, "आप पत्रकार बंधु विधानसभा की कार्यवाही को गहराई से समझकर जन-जन तक पहुंचाते हैं। आपकी मेहनत से ही जनता यह जान पाती है कि उनके मुद्दे सदन में कितनी गंभीरता से उठाए जा रहे हैं।"
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विधायकों की कार्यशालाओं की तरह इस तरह के आयोजन पत्रकारों के लिए भी बेहद उपयोगी हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पत्रकारों को सम्मानित करने की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि इससे पत्रकारिता को नई ऊर्जा और दिशा मिलती है।

25 वर्षों की यात्रा में पत्रकारों का योगदान अतुलनीय : डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने संसदीय पत्रकारिता की गरिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा, "छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की संसदीय यात्रा में पत्रकारों का योगदान स्मरणीय और अनुकरणीय रहा है। वे निष्पक्ष रहकर सदन की कार्यवाही को सटीक ढंग से जनता के सामने रखते हैं – यही लोकतंत्र की असली ताकत है।"

उन्होंने कहा कि संसदीय पत्रकारों को सदन की प्रक्रियाओं की गहरी समझ होनी चाहिए ताकि वे उसे सरल, स्पष्ट और जनोन्मुख भाषा में प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने दिवंगत वरिष्ठ पत्रकारों को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी भूमिका को याद किया।

पत्रकार लोकतंत्र के नारद हैं : डॉ. चरणदास महंत
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने संसदीय पत्रकारों की तुलना नारद मुनि से करते हुए कहा कि वे खबरें नहीं, लोकतांत्रिक चेतना के संवाहक हैं। उन्होंने कहा, "पत्रकार न सिर्फ समयबद्धता और सजगता के प्रतीक हैं, बल्कि वे विधानसभा की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने में एक प्रकार से लोकतंत्र के प्रहरी हैं।"

उल्लेखनीय उपस्थिति और संवाद
इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा, आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक संजय द्विवेदी, वरिष्ठ पत्रकार, और विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला में संसदीय कार्य प्रणाली, रिपोर्टिंग की बारीकियों और पत्रकारिता की संवेदनशीलताओं पर विस्तृत चर्चा और अनुभव साझा किए गए।

CG Crime : पुराने विवाद में युवक की चाकू गोदकर की निर्मम हत्या, डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची

CG Crime : पुराने विवाद में युवक की चाकू गोदकर की निर्मम हत्या, डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची

 कोरबा. बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के मोंगरा बस्ती में युवक की चाकू गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान अयोध्यापुरी-जैलगांव निवासी अश्वनी पाठक उर्फ पिंटू (40) के रूप में हुई. परिजनों के अनुसार मृतक अश्वनी शुक्रवार दोपहर बस्ती में रहने वाले मनजोद बक्कल के साथ निकला था. मौके पर डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम पहुंची गई है. पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

जानकारी के मुताबिक, मोंगरा बस्ती के भुसड़ीपारा सब-स्टेशन के पास युवक की खून से सनी लाश मिली. वहां से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद डॉग स्क्वाड, फोरेंसिक टीम के साथ पुलिस पहुंची. शव पर चोट के गहरे निशान मिले हैं. प्रारंभिक जांच में युवक की चाकू गोदकर हत्या किया जाना सामने आया है. फिलहाल शव को पंचनामा कर पीएम के लिए भेजा गया है.

परिजनों ने बताया कि मृतक घर से दोपहर में बस्ती में ही रहने वाले मनोज बक्कल के साथ निकाला था, जिसकी तलाश की जा रही है.

जांच में जुटी पुलिस

डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक एक्सपर्ट मौके पहुंची हुई है. मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. मृतक के परिजनों के साथ दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है. वहीं पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रही है.

जशप्योर बनेगा ग्लोबल ब्रांड – जशपुर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुँच का मार्ग प्रशस्त

जशप्योर बनेगा ग्लोबल ब्रांड – जशपुर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुँच का मार्ग प्रशस्त

  रायपुर :- छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचल जशपुर की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित प्राकृतिक वनोपज आधारित खाद्य ब्रांड ‘जशप्योर’ अब वैश्विक मंच पर पहचान बनाने को तैयार है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूती देते हुए जशप्योर ब्रांड का ट्रेडमार्क उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह कदम जशप्योर के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में विस्तार, संस्थागत ब्रांडिंग और बड़े पैमाने पर उत्पादन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

परंपरा और उद्यमिता का संगम: जशप्योर ब्रांड की विशेषता

‘जशप्योर’ केवल एक खाद्य ब्रांड नहीं, बल्कि आदिवासी महिलाओं के परंपरागत ज्ञान, श्रम और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है। यह ब्रांड पूरी तरह से प्राकृतिक, रसायनमुक्त, पोषणयुक्त और सस्टेनेबल पैकेजिंग में उपलब्ध उत्पादों को बढ़ावा देता है। इसका उद्देश्य स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर रोजगार सृजन और सतत विकास को प्रोत्साहित करना है।

स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट उत्पादों की विविध श्रृंखला

जशप्योर द्वारा तैयार किए जा रहे प्रमुख उत्पादों में शामिल हैं:

  • महुआ आधारित उत्पाद: महुआ नेक्टर, महुआ वन्यप्राश, रागी महुआ लड्डू, महुआ कुकीज़, महुआ कोकोआ ड्रिंक, महुआ कैंडी
  • मिलेट उत्पाद: कोदो, कुटकी, रागी आधारित पास्ता
  • पारंपरिक धान उत्पाद: ढेकी कूटा चावल, जवा फूल चावल

ये सभी उत्पाद प्रिज़र्वेटिव, कृत्रिम रंग और स्वाद से मुक्त हैं और स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं।

महिला सशक्तिकरण की मिसाल

जशप्योर की सबसे बड़ी ताकत हैं – आदिवासी महिलाएं, जो इस ब्रांड की रीढ़ हैं। उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक 90% से अधिक कार्यबल महिलाएं हैं, जो इस पहल के माध्यम से न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि परंपरागत ज्ञान को वैश्विक बाजारों में ला रही हैं।

वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में बटोरी सुर्खियां

20 सितंबर 2024 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में ‘जशप्योर’ का स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहा। महुआ और मिलेट आधारित उत्पादों को हेल्दी फूड को पसंद करने वाले उपभोक्ताओं, पोषण विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भरपूर सराहा।

एयरपोर्ट स्टोर्स तक पहुँचा ब्रांड, रेयर प्लेनेट के साथ हुआ समझौता

‘जशप्योर’ ने एक ऐतिहासिक एमओयू के तहत रेयर प्लेनेट के साथ समझौता किया है, जिसके अंतर्गत जशप्योर के उत्पाद अब देश के प्रमुख पाँच एयरपोर्ट्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस समझौते पर ऑनलाइन माध्यम से हस्ताक्षर किए, जो राज्य सरकार की ‘लोकल टू ग्लोबल’ की सोच को दर्शाता है।

“महुआ अब सिर्फ शराब नहीं, फॉरेस्ट गोल्ड है” – युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन

जशपुर जिले के युवा वैज्ञानिक श्री समर्थ जैन ने बताया कि राज्य सरकार के समर्थन से महुआ जैसे पारंपरिक वनोपजों को नए आयाम मिल रहे हैं। उनका कहना है, “महुआ अब सिर्फ परंपरागत शराब तक सीमित नहीं, बल्कि इसे फॉरेस्ट गोल्ड के रूप में पहचान दी जा रही है।”

व्यापक उत्पादन और बाज़ार विस्तार की दिशा में निर्णायक कदम

अब जब जशप्योर का ट्रेडमार्क उद्योग विभाग को सौंप दिया गया है, तो इसके उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई मशीनों की स्थापना, और मार्केटिंग नेटवर्क के विस्तार की योजनाएं तेज़ी से अमल में लाई जाएंगी। इससे कच्चे माल की माँग में वृद्धि होगी और आदिवासी महिलाओं को और अधिक रोजगार के अवसर मिलेंगे।

विधानसभा की कार्यवाही से आमजनों को अवगत कराने में संसदीय पत्रकार निभाते हैं बड़ी भूमिकाः विष्णु देव साय

विधानसभा की कार्यवाही से आमजनों को अवगत कराने में संसदीय पत्रकार निभाते हैं बड़ी भूमिकाः विष्णु देव साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर के प्रेक्षागृह में संसदीय रिपोर्टिंग विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य और विधानसभा के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा ने भी 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा पूरी की है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में विधायकों के लिए भी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था, जिसका लाभ हमारे सदस्यों को मिला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में अनेक नवनिर्वाचित विधायक भी हैं, जिनकी यह जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाएं। इसी तरह पत्रकारों की भी अहम भूमिका है, जो विधानसभा की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाते हैं।

उन्होंने कहा कि आप सभी पत्रकार बंधु बड़ी मेहनत से विधानसभा की कार्यवाही को कवर करते हैं, जिससे आमजन यह जान पाते हैं कि विधायकों द्वारा उनके मुद्दों को गंभीरता से उठाया जा रहा है।

महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति पर विवाद, हाईकोर्ट ने मांगा राज्य सरकार से जवाब

महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति पर विवाद, हाईकोर्ट ने मांगा राज्य सरकार से जवाब

 रायपुर : छत्तीसगढ़ की महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, पाटन (दुर्ग) में डॉ. आर.आर. सक्सेना की कुलपति पद पर नियुक्ति अब विवादों के घेरे में आ गई है। नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य शासन और विश्वविद्यालय प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट इस बात की जांच करेगा कि यह नियुक्ति वैधानिक प्रक्रिया और योग्यता के आधार पर हुई या नहीं।

डॉ. अवनिन्द्र कुमार सिंह ने याचिका में लगाए गंभीर आरोप

इस मामले में डॉ. अवनिन्द्र कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी, और इसमें योग्यता का सही मूल्यांकन नहीं किया गया। याचिका के अनुसार, 38 आवेदकों में से 8 नामों का पैनल राज्यपाल सचिवालय भेजा गया, लेकिन किसी तरह का तुलनात्मक मूल्यांकन नहीं किया गया।

मेरिट लिस्ट और अंक निर्धारण पर उठे सवाल

डॉ. सिंह ने दावा किया कि चयन समिति द्वारा आवेदकों को मेरिट के आधार पर अंक नहीं दिए गए, और न ही शैक्षणिक योग्यता व अनुभव का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। यदि निष्पक्ष मूल्यांकन होता, तो याचिकाकर्ता की योग्यता अधिक साबित होती, ऐसा याचिका में कहा गया है।

विश्वविद्यालय की स्थापना और पृष्ठभूमि

महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एक विधान के तहत की गई थी। इसका उद्देश्य उद्यानिकी और वानिकी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है। प्रारंभ में यहां IAS महादेव कावरे को कार्यकारी कुलपति नियुक्त किया गया था, जिसके बाद नियमित कुलपति की चयन प्रक्रिया शुरू की गई।

हाईकोर्ट की प्रारंभिक सुनवाई और नोटिस

मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य शासन और विश्वविद्यालय प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट जवाब मांगा है। अब कोर्ट इस बात की जांच करेगा कि डॉ. आर.आर. सक्सेना की नियुक्ति में योग्यता और प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं। मामले की अगली सुनवाई जल्द होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: EOW ने कोर्ट में पेश किया चालान, 28 आबकारी अधिकारी तलब

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: EOW ने कोर्ट में पेश किया चालान, 28 आबकारी अधिकारी तलब

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2100 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यायालय में चालान पेश कर दिया है। कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए इस कथित घोटाले में नकली होलोग्राम के जरिए शराब बेचे जाने का आरोप है।

चालान के साथ EOW के अधिकारी अदालत पहुंच गए हैं। मामले में शामिल 28 आबकारी अधिकारियों को कोर्ट ने नोटिस जारी कर तलब किया है, जिनमें एक महिला आईएएस अधिकारी के पति का नाम भी शामिल है। सभी अधिकारी आज न्यायालय में पेश होंगे।

पूछताछ के बाद तैयार हुआ चालान

जांच के दौरान EOW और ACB ने संबंधित अधिकारियों से लंबी पूछताछ की थी। अब सभी 28 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ क्रमवार रूप से चालान तैयार किए गए हैं। इन अधिकारियों को जमानत याचिका दाखिल करने का अवसर भी दिया जा सकता है।

मंजूरी की प्रक्रिया पूरी, कोर्ट में पूरक चालान भी तैयार

ज्ञात हो कि 18 अप्रैल को आबकारी विभाग ने अभियोजन स्वीकृति का प्रस्ताव विधि विभाग को भेजा था, जिसे 20 मई को स्वीकृति मिल गई। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हस्ताक्षर की प्रतीक्षा की जा रही थी, जो अब मिल चुके हैं। इसके साथ ही पूरक चालान दाखिल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इन अधिकारियों के खिलाफ पेश हुआ चालान

  1. गरीबपाल दर्दी
  2. नोहर सिंह ठाकुर
  3. सोनल नेताम
  4. अलेख राम सिदार
  5. प्रकाश पाल
  6. ए. के. सिंह
  7. आशीष कोसम
  8. जे. आर. मंडावी
  9. राजेश जयसवाल
  10. जी. एस. नुखटी
  11. जे. आर. पैकरा
  12. देवलाल वैद्य
  13. ए. के. अनंत
  14. वेदराम लहरे
  15. एल. एल. ध्रुव
  16. जनार्दन कोरव
  17. अनिमेष नेताम
  18. विजय सेन
  19. अरविंद कुमार पाटले
  20. प्रमोद कुमार नेताम
  21. रामकृष्ण मिश्रा
  22. विकास कुमाय गोस्वामी
  23. इकबाल खान
  24. नितिन खंडुजा
  25. नवीन प्रताप भिंग
  26. सौरभ बख्शी
  27. दिनकर वासनीक
  28. मोहित कुमार जयसवाल
  29. नीलू नोतानी
  30. मंजू कसेर

न्यायिक प्रक्रिया के नए चरण में प्रवेश

EOW की इस कार्रवाई को घोटाले के न्यायिक जांच की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब न्यायालय तय करेगा कि इन अधिकारियों के विरुद्ध किस आधार पर आगे की प्रक्रिया चलाई जाएगी। इस मामले में राजनीतिक हलकों से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।

BREAKING : बीजापुर में बड़ी मुठभेड़, एक नक्सली के ढेर होने की खबर!

BREAKING : बीजापुर में बड़ी मुठभेड़, एक नक्सली के ढेर होने की खबर!

 बीजापुर ।  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में एक माओवादी के ढेर होने की खबर है। जवानों ने हथियार और शव बरामद किए गए हैं. वहीं नेशनल पार्क क्षेत्र में मुठभेड़ अभी भी जारी है। हालांकि अभी इस घटना की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.

 

यह मुठभेड़ नक्सलियों के खिलाफ चल रहे संयुक्त अभियान का हिस्सा है, जिसमें सुरक्षा बल जंगलों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. इलाके में फिलहाल भारी सुरक्षा बल तैनात है और मुठभेड़ जारी है.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वॉटर वुमन शिप्रा पाठक का किया सम्मान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वॉटर वुमन शिप्रा पाठक का किया सम्मान

 रायपुर - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली "वॉटर वुमन" के नाम से विख्यात शिप्रा पाठक ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण और विशेष रूप से सिंदूर पौधरोपण को जन-जन तक पहुंचाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने शिप्रा पाठक को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि शिप्रा पाठक ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए किए गए कार्यों के लिए व्यापक स्तर पर पहचान प्राप्त की है। उनके नेतृत्व में पौधरोपण अभियान ने न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया है, बल्कि आम लोगों को पेड़ लगाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित भी किया है।इस अवसर पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रोफेसर हरिशंकर सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।