रायपुर। बेटी के घर गई महिला के घर का ताला तोड़कर किसी ने आलमारी में रखे सोने चांदी के जेवरात व नगदी रुपयें चोरी कर लिया। घटना की रिपोर्ट मुजगहन थाने में दर्ज की गई है।
रायपुर। रायपुर जिले में जुआ एवं सट्टा पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाने हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अजय कुमार यादव द्वारा रायपुर पुलिस के समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को कार्य योजना तैयार कर इस पर अधिक से अधिक कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। जिस पर समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्र में मुखबीर लगाकर लगातार पेट्रोलिंग व सूचना संकलन कर जुआ एवं सट्टा खेलने/खिलाने वालों के संबंध में सूचना एकत्रित की जा रही थी।

भिलाई। पुलिस कंट्रोल रूम में डीजीपी डीएम अवस्थी ने आज आई जी विवेकानंद सिन्हा, एसपी प्रशांत ठाकुर सहित पुलिस के तमाम राजपत्रित अधिकारियों की मौजूदगी में समीक्षा बैठक ली। इस दौरान डीजीपी अवस्थी ने राजधानी सहित बस्तर संभाग के बाद दुर्ग संभाग के प्रत्येक जिलों में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक कर कानून व्यवस्था की स्थिति का नब्ज टटोल रहे हैं। जिसमें दुर्ग जिला की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि आज की समीक्षा बैठक में यह जानकार प्रसन्नता हुई कि दुर्ग जिले में अपराध का ग्राफ बढा नही बल्कि घटा है। दुर्ग पुलिस अच्छा काम कर रही है। उन्होंने एक चुटकी लेेते हुए कहा कि दुर्ग पुलिस में और अ अधिक चमक लाने और अपराध को लेकर सजग रहने की जरूरत है। थाने आने वाले जो भी व्यक्ति हो चाहे महिला पुरूष जो भी उन्हें राहत मिले और गुण्डों मवालियों में पुलिस का खोैफ हमेशा बना रहना चाहिए। जनता का विश्वास पुलिस अर्जित कर सके पुलिस को नियमित ऐसा कार्य करना चाहिए। जिससे जनता से सीधे जुड़ाव हो और आम जनता और पुलिस के बीच की दूरिया कम हो। एस पी सारे मामलों की समीक्षा स्वयं करें। इस संबंध में दुर्ग एसपी श्री ठाकुर को भी इसके लिए निर्देशित किया है। पुलिस में अनुशासनहीनता व कदाचरण की जगह नही है, ऐसे मामलों में पुलिस वालों पर कड़ी कार्यवाही करने से हम जरा भी नही चुकेंंगे।

बिलासपुर | छत्तीसगढ़ के दानवीरों में पहले नंबर पर दर्ज भाटापारा ग्राम तरेंगा के दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल की संपत्ति को राजस्व मंडल बिलासपुर ने राजसात कर शासकीय राजस्व अभिलेख में दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही कहा है कि यदि किसी भूमि स्वामी की बिना संतान मौत हो जाती है तो ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता के अनुसार वाद भूमि को शासकीय मद में दर्ज करने का प्रावधान है।
पढ़ें : कोरोना रिटर्न: राजधानी में लगाया जा सकता है नाइट कर्फ्यू, पढ़े पूरी खबर
उल्लेखनीय है कि दाऊ कल्याण सिंह ने पहली पत्नी जनकनंदनी से कोई संतान नहीं होने पर सरजा देवी से दूसरा विवाह किया था। सरजा से भी कोई संतान नहीं हुई। राजस्व मंडल के आदेश में राममूर्ति अग्रवाल के नाम का जिक्र है, जिन्होंने सरजा की मृत्यु के बाद फर्जी तरीके से अपने नाम पर मुख्तियारनामा बनवा लिया। वसीयत भी फर्जी पाई गई। इसके बाद राजस्व मंडल ने 19 नवंबर 2020 को यह फैसला दिया।
संपत्ति विवाद 1967 से चल रहा था। अपने फैसले में राजस्व मंडल ने कहा है कि यदि किसी भूमि स्वामी की बिना संतान मौत हो जाती है तो ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 57, 176 व हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1958 की धारा 29 के अनुसार वाद भूमि को शासकीय मद में दर्ज करने का प्रावधान है। मंडल ने 30 दिनों के भीतर कार्रवाई कर बलौदाबाजार-भाटापारा कलेक्टर को अभिलेख सौंपने का आदेश दिया है।
पढ़ें : मौसम का मिजाज: छत्तीसगढ़ में बढ़ने लगी कंकनाहट, कंपकपाने आ रही है उत्तरी बर्फीली हवा
फर्जी वसीयता बनाने का खुलासा वर्ष 1985 में हुआ। राजस्व दस्तावेज की पड़ताल के दौरान राजस्व निरीक्षक ने पाया कि दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल के स्वामित्व वाली जमीन व अचल संपत्ति को सरजा के स्थान पर राममूर्ति अग्रवाल के नाम पर राजस्व दस्तावेज में हेरफेर कर नामातंरण करा लिया था। नामांतरण पंजी में राममूर्ति के आम मुख्तियार के रूप में अनूप कुमार अग्रवाल का नाम दर्ज करा लिया गया था। इस नामांतरण के खिलाफ शांतिबाई ने अनुविभागीय अधिकारी के कोर्ट में चुनौती दी थी। अनुविभागीय अधिकारी ने पूर्व की स्थिति बहाल करने के निर्देश दिए थे।
दाऊ कल्याण सिंह ने राजधानी रायपुर में अस्पताल के लिए जमीन दान दी थी। इसी जमीन पर डीके अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। राज्य निर्माण के बाद डीके अस्पताल भवन को मंत्रालय में तब्दील किया गया। एक दशक से भी अधिक समय तक यहां मंत्रालय चल रहा था। दान के अलावा भी उनके नाम की भाटापारा, तरेंगा, हथनी, अवरेटी व रायपुर में करीब 115 एकड़ जमीन थी।
रायपुर | राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए प्रशासन अब सख्ती बरतने के मूड में दिख रही है। दरअसल कई इलाकों में जागरूकता और नियमों का पालन की धज्जियां उड़ाए जा रही है। जिसके परिणाम स्वरूप जिले में कोरोना लगातार पैर पसार रहा है।
ऐसे में प्रशासन ने सख्त होते हुए कई जिलों में शादी ब्याह में उपस्थित होने वाले मेहमानों की अधिकतम संख्या दो सौ निर्धारित कर दी गई है। इससे अधिक मेहमान पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। यही नियम गुरू पूर्णिमा और अन्य आयोजन को लेकर भी लागू किये गए है।
प्रशासन द्वारा गाइडलाइन जारी
राजधानी रायपुर में कोरोना के खतरे के मद्देनजर 11 अलग-अलग बिंदुओं पर गाइडलाइन जारी की गयी है। नयी गाइडलाइन में साफ़ कर दिया गया है कि शादी चाहे होटलों के हॉल में करे या टेंट बनाकर, दो सौ से ज्यादा मेहमान मिले तो कार्यक्रम बंद कर कार्रवाई की जाएगी।
इनपर नजर रखने के लिए प्रशासन ने पुलिस और प्रशानिक अफसरों की टीम भी बनाई है। बैंड वालों को भी चेतवानी जारी करते हुए कहा गया है कि वे केवल मैरिज हॉल और शादी वाली जगह पर ही बैंड बजा सकेगें। सड़क पर बैंड और डीजे बजाते हुए पाए जाने पर जब्ती के कार्रवाई की जाएगी। डीजे वालों को समझाइश दी गई है कि वे दो बड़े स्पीकरों के साथ बरात स्थल में शामिल हो सकते है।
ऑनलाइन मिलेगी अनुमति
गाइडलाइन में कहा गया है कि शादी की अनुमति ऑनलाइन मिलेगी। इसमें शादी के कार्ड के साथ वर वधु की आईडी भी जमा करनी होगी। शादी की अनुमति के लिए कलेक्टर या अन्य सरकारी दफ्तर जाने की जरूतर नहीं है। इसके लिए मोबाइल एप और चॉइस सेंटर से आवेदन किया जा सकता है। प्रशासन शादी ब्याह के स्थानों में मेहमान बनकर जायेगा।
कलेक्टर के निर्देश के मुताबिक इस बार गुरू पूर्व का आयोजन भव्य तरीके से नहीं किया जायेगा। सभी कार्यक्रम गुरुद्वारे के अंदर ही होंगे। कार्यक्रम के दौरान हर साल की भांति इस बार नगर कीर्तन, रैली, शोभा यात्रा व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे। गुरुद्वारे में एक साथ सिर्फ 50 लोग ही प्रवेश करेंगे। कलेक्टर की गाइडलाइन के मुताबिक सिर्फ पैकेट के जरिये ही लंगर प्रसाद वितरित किया जायेगा।
आदेश के मुताबिक गुरुद्वारे में प्रवेश के वक्त सेनेटाइज करना बेहद जरूरी होगा।
गुरुपर्व पर सिर्फ दो घंटे ही पटाखा फोड़ने की अनुमति होगी।
रात 8 बजे से 10 बजे का वक्त इसके लिए निर्धारित किया गया है।
गुरु पर्व पर आयोजनों में छोटे बच्चे और बुजुर्गों को जाने की मनाही होगी।
वहीं लाउड स्पीकर का भी नहीं इस्तेमाल किया जायेगा।
कार्यक्रम के दौरान मेला, बाजार व अन्य दुकान भी नहीं लगाये जायेंगे।
रायपुर | मंत्रालय महानदी भवन में मास्क नही लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही करने वाले कर्मचारियों से अर्थदंड की वसूली की जा रही है। आज दूसरे दिन मंत्रालय में अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के दौरान मास्क नही लगाने वाले 6 कर्मचारियों से अर्थदंड की वसूल की गई है।
पढ़ें : मानवता हुई शर्मसार: घायलों की मदद करना छोड़ लोग समेटते रहे प्याज, सड़क पर तड़पते रहे घायल
इसके पूर्व 25 नवम्बर को बिना मास्क लगाए एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करते हुए पाए जाने पर 9 कर्मचारियों को नियमानुसार फाइन कर राशि वसूल की गई थी और भविष्य में बिना मास्क लगाए पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही करने की चेतावनी दी गई थी।
पढ़ें : भारत बंद: जाने कहा पूर्ण बंद, और कहा हुई झड़प
मंत्रालय महानदी भवन में कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए जारी की गई दिशा-निर्देशों का पालन नही करने वाले कर्मियों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। मंत्रालय में बिना मास्क के प्रवेश वर्जित है। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के भी निर्देश दिए हैं।











.jpg)






