रायपुर, मंत्रालय महानदी भवन में आज 9 कर्मचारियों को बिना मास्क लगाए एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करते हुए पाए जाने पर 9 कर्मचारियों को नियमानुसार फाइन कर राशि वसूल की गई। इन कर्मचारियों को भविष्य में बिना मास्क लगाए पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही करने की चेतावनी दी गई है। मंत्रालय महानदी भवन में कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए जारी की गई दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। मंत्रालय में बिना मास्क के प्रवेश वर्जित है। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के भी निर्देश दिए हैं।
कवर्धा, थाना कवर्धा में 22 नवंबर की रात्रि नाबालिग पीड़िता अपने माता-पिता के साथ थाना आकर रिपोर्ट दर्ज करायी कि कवर्धा सर्किट हाउस के सामने निर्माणाधीन भवन के पास 4 अज्ञात लड़को ने उसके साथ बलात्कार किया है। पीड़िता बालिका की रिपोर्ट पर थाना कवर्धा में अपराध क्रमांक 701/20 धारा 341,342,323,376 डी भादवि एवं 04,06 पाक्सो एक्ट कायम कर विवेचना में लिया गया।
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मामले के संबंध में थाना प्रभारी कवर्धा निरीक्षक मुकेश यादव द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराये जाने पर मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल शलभ कुमार सिन्हा, पुलिस अधीक्षक कबीरधाम, अनिल कुमार सोनी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कबीरधाम, बी.आर. मण्डावी उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय, नरेन्द्र कुमार बेंताल पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पण्डरिया तथा प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक नेहा पवार ने थाना आकर मामले के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की । घटनास्थल जाकर मौका मुआयना कर अज्ञात आरोपियों की अतिशीघ्र पतासाजी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में जिला इकाई के थाना प्रभारियों एवं अन्य स्टाफ की टीम गठित की गई। गठित टीम ने अलग-अलग पहलुओ में जांच प्रारंभ शुरू की। जिसमें आरोपियों के बताये गये हुलिया के अनुसार पतासाजी, मोबाईल नंबर एवं टावर डम्प का तकनीकी विश्लेषण, अज्ञात आरोपियों की स्कैचिंग, घटनास्थल एवं बताये गये ट्रेक का सीसीटीव्ही फुटेज प्राप्त कर विश्लेषण, पूर्व सजायाबो/बदमाशों/संदेहियों की गतिविधियों पर निगरानी करना इत्यादि शामिल रहा। विवेचना क्रम में पीड़िता के साथ आये हुए, पीड़िता के मित्र से पुछताछ करने पर पीड़िता एवं उसके मित्र द्वारा बताये गये घटनाक्रम में विरोधाभास पाया गया। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर पीडिता के मित्र से और बारिकी से पुछताछ किया गया तथा क्राईम सीन रिक्रियेशन किया गया। पुछताछ पर पीड़िता के मित्र ने प्रकरण में स्वयं की सलिप्तता स्वीकार करते हुए स्वंय के द्वारा पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने तथा पीड़िता के साथ किसी प्रकार अज्ञात 4 लड़को के द्वारा सामुहिक दुष्कर्म नहीं होने की बात बताया। पीड़िता के मित्र ने बताया कि उसके द्वारा ही पीड़िता को पुराने जान-पहचान होने एवं प्रेम-प्रसंग के कारण कॉलेज ग्राउंड में लाकर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया गया। देर रात होने एवं पीड़िता के परिवार वालो के भय के कारण पीड़िता ने अपने मित्र को मैं अब घर नहीं जाऊंगी, मॉ बाप मुझं डांट फटकार करेगे तुम मुझे अपने साथ ले चलने की बात कही। तब पीड़िता के मित्र ने पीड़िता को बहला फुसलाकर किसी अज्ञात 4 व्यक्तियों द्वारा पीडिता के साथ बलात्कार करने की योजना बनाया।
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संपूर्ण घटनाक्रम में मामला दर्ज होने के बाद से ही वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देश में गठित टीम जिसमे निरीक्षक मुकेश यादव, कौशल किशोर वासनिक, मुकेश सोम, कपिल देव चंद्रा, आनंद शुक्ला, अनिल शर्मा, संतराम सोनी एवं उप निरीक्षक नवरत्न कश्यप, सहायक उप निरीक्षक उमा उपाध्याय, रधुवंश पाटिल, चंद्रकांत तिवारी, कौशल साहू, शिवसेवक वर्मा, आशीष सिंह, संदीप चौबे, प्रधान आरक्षक चुम्मन साहू, राजकुमार चंद्रवंशी, मनोज तिवारी, संतोष वर्मा, बालक दास, आरक्षक गज्जू सिंह, आकाश सिंह राजपूत, देवनारायण चंद्रवंशी, राजेश्वर कोसरिया, पवन राजपूत, अरूण बद्येल, शोभा चन्द्रवंशी, अनिल पाण्डेय एवं अन्य स्टाफ ने लगातार विवेचना कार्यवाही करते हुए मामले को सुलझाने में सफलता प्राप्त की।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र के गांव गोडपेंड्री के एक गरीब परिवार की बेटी खुशबू कुर्रे की नीट परीक्षा में सफलता की खबर मिलने पर खुशबू से आज स्वयं टेलीफोन लगाकर बात की और उन्हें एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने खुशबू को पढ़ाई के लिए लेपटॉप और 50 हजार रूपए की सहायता राशि मंजूर करते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल के लिए खुशबू और उनके परिवार ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।
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मुख्यमंत्री श्री बघेल को एक समाचार पत्र में छपी खबर से छात्रा खुशबू कुर्रे के कठिन संघर्ष और नीट परीक्षा में सफलता के बारे में जानकारी मिली। खुशबू ने परिवार की कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए अपनी पढ़ाई जारी रखी और इस वर्ष दूसरे प्रयास में नीट परीक्षा क्वालिफाई की। खुशबू को नीट परीक्षा में 1822 की रैंक मिली है। वे राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज मंे एमबीबीएस की पढ़ाई करेंगी। खुशबू के पिता मेकेनिक का काम करते हैं। श्री बघेल ने खुशबू की लगन की सराहना करते हुए उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए एक लेपटॉप और 50 हजार रूपए की सहायता राशि मंजूर की है।
रायपुर | वरिष्ठ कांग्रेस नेता व छत्तीसगढ़ प्रभारी पी एल पुनिया 2 दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ आएंगे। 28 नवंबर को शाम 4.30 बजे नियमित विमान से रायपुर पहुंचेंगे। यहां रायपुर में वे समन्वय समिति की बैठक में भाग लेंगे।
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इसके पश्चात अगले दिन 29 नवंबर को प्रातः 11 बजे शिवरी नारायण मंदिर में दर्शन करने जाएंगे। श्री पुनिया रात 7.30 बजे नियमित विमान से वापस दिल्ली लौटेंगे।
रायपुर | छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 21 दिसंबर से प्रारंभ होने जा रहा है। इस सत्र के लिए सत्ता और विपक्षी दल के विधायकों द्वारा अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र से लेकर जिला स्तर व प्रदेश स्तर पर जनता के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाते है। इसके लिए विधायकों द्वारा सदन में उठाये जाने वाले मुद्दों को लेकर प्रश्र लगाते है, जिनके उत्तर सत्ता पक्ष के मंत्रियों द्वारा दिये जाते है।


रायपुर, जल्द ही एक और बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। लालबत्ती के लिए फिर से कवायद शुरू हो गई हैं। कुछ नेताओं को जल्द ही आयोग और मंडल में पद मिल सकते है। इसका ऐलान कभी भी हो सकता है। कुछ महीने पहले ढेर सारे आयोग और मंडल में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की गई है। ऐसे में कुछ बचे हुए मंडल में नियुक्ति मिलेगी। इसके लिए मीटिंग भी हुई है।
हालांकि कुछ नाम उभर कर सामने आये है। इस पर जल्द ही निर्णय लिए जा सकते है। पंकज शर्मा, सुशिल आनंद शुक्ल, आरपी सिंह, सन्नी अग्रवाल, राजू तिवारी, रमेश वलयानी, अरुण भद्रा, अटल श्रीवास्तव, राजेंद्र सिंह के नाम सामने आये है। इन्हीं में से ज्यादातर को पद दिए जाएंगे।
रायगढ़। छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस कड़ी पीएम मोदी ने सभी राज्यों के सीएम से कोरोना के रोकथाम को लेकर आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये चर्चा की है।
जिले में मरीजों के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नाइट कर्फ्यू का फैसला कलेक्टर भीम सिंह के बाद स्थगित कर दिया गया है।
इससे पहले खबरें उड़ीं थीं कि रायगढ़ जिले में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लग सकता है, जिसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
धमतरी | कोविड-19 के संक्रमण के चलते वर्तमान शिक्षा सत्र में विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान न होने पाए, इसके लिये छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा पढ़ई तुंहर दुवार कार्यक्रम चलाकर बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। जिले में इसका क्रियान्वयन भी बेहतर ढंग से हुआ, किंतु यहां के डूबान जैसे क्षेत्र में ऑनलाइन क्लास संभव नहीं है, जहां पर मोबाइल नेटवर्क की समस्या तो रहती ही है, साथ ही इस आदिवासी बाहुल्य इलाके के ग्रामीणों के पास एंड्रॉइड मोबाइल की उपलब्धता व डेटा व्यय का अतिरिक्त भार उठाने की क्षमता पालकों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है।
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ऐसे में उनके लिए ऑफलाइन शिक्षा के तहत पढ़ई तुंहर पारा काफी कारगर साबित हो रहा है। डूबान क्षेत्र के शिक्षकों के साथ-साथ पालकगण भी अपनी जागरूकता का परिचय देते हुए बच्चों में शिक्षा का अलख जगा रहे हैं, जो अनुकरणीय है। यहां तक कि ग्राम की सरपंच भी बच्चों को शिक्षित करने में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर रही हैं, वहीं कुछ ऐसे पालक भी हैं जो अपनी रोजी-मजदूरी को छोड़कर बच्चों को पढ़ाने के लिए समय निकाल रहे हैं।

धमतरी विकासखण्ड के गंगरेल जलाशय डूबान क्षेत्र में अकलाडोंगरी संकुल केन्द्र में ग्राम कोड़ेगांव (आर) स्थित है जिसकी दूरी ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर है। घने जंगल और ऊंचे पहाड़ व घाटियों से घिरे इस गांव में मोबाइल नेटवर्क के अभाव के चलते ऑनलाइन क्लास ले पाना संभव नहीं है। ऐसे में पालकों व शिक्षकों ने मिलकर हर रोज बच्चों की पढ़ाई अनवरत जारी रखने का फैसला लिया।
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उन्होंने सबसे पहले गांव के शिक्षित लोगों को वॉलिंटियर नियुक्त कर लगातार ऑफलाइन क्लास संचालित की, जिसमें सर्वश्री हेमन्त तारम, भवानी शोरी, यशोदा नेताम, संतोषी नेताम, तुलसी शोरी, चेतन कोर्राम, हेमा सेवता ने सतत् मोहल्ला क्लास लेकर बच्चों को विषयवार अध्यापन कराया, गतिविधियां भी आयोजित कराईं। साथ ही पालकों-शिक्षकों ने इन वालिंटियर्स को कुछ आर्थिक सहयोग व कॉपी-पेन, चाक-डस्टर आदि पाठ्य सामग्री की सुविधा भी उपलब्ध कराई। यहां के जागरूक पालक भी प्रत्येक बच्चे के पीछे हर माह कुछ निश्चित राशि वॉलिंटियर्स को मुहैया करा रहे। परंतु जब धान कटाई, मिंजाई का समय आया तो वालिंटियर्स पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे थे। ऐसे में गांव के सभी पालकों ने मीटिंग लेकर प्रत्येक दिन बारी-बारी से क्लास लेने का निर्णय लिया। इस तरह बच्चों को ऑफलाइन पढ़ाने का सिलसिला निर्बाध रूप से जारी रहा। गांव के हर पालकों की पढ़ाने की ड्यूटी लगाई गई।
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ऐसा ही एक वाकया के बारे में स्कूल की शिक्षक श्रीमती अमृता साहू ने बताया कि एक पालक श्री किशुन सेवता की पढ़ाने की बारी थी, पर किसी कारणवश वे नहीं आ पाए। फिर उनकी जगह सरोज नेताम नामक महिला पढ़ाने आई और बच्चों से कहा- ‘तुमन ल पढ़ाय बर में हर अपन रोजी-मजूरी ल छोड़ के आए हों...! और वह उस दिन पूरे समय तक विद्यार्थियों की ऑफलाइन क्लास लीं। इस उदाहरण ने यह सिद्ध कर दिया कि जीवन-यापन के लिए रोजी-मजदूरी करने वाले पालक भी अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर कितने संजीदा व समर्पित हैं।
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कहने को तो कोड़ेगांव (आर) बहुत छोटा सा गांव है, लेकिन पढ़ाई को लेकर यहां के पालक जागरूक और अपने कर्तव्य के प्रति सजग हैं। यहां तक कि गांव की सरपंच श्रीमती ललिता विश्वकर्मा ने भी अपने बच्चे को शासकीय स्कूल में ही पढा रही हैं और वे भी अपनी बारी आने पर क्लास लेने जाती हैं। बच्चे भी मास्क पहनकर व सामाजिक दूरी के नियमों का पालन पूरी तल्लीनता व तन्मयता से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।



















