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बड़ी खबर : समता कॉलोनी स्थित गोयल नर्सिंग होम के डॉक्टर का बेटा निकला कोरोना पॉजिटिव, हॉस्पिटल के स्टाफ को किया गया क्वारंटाइन

बड़ी खबर : समता कॉलोनी स्थित गोयल नर्सिंग होम के डॉक्टर का बेटा निकला कोरोना पॉजिटिव, हॉस्पिटल के स्टाफ को किया गया क्वारंटाइन

रायपुर । राजधानी रायपुर के समता कॉलोनी स्थित गोयल नर्सिंग होम के डॉक्टर का बेटा निकला कोरोना पॉजिटिव । इस बात की पुष्टि वार्ड पार्षद अमर बंसल ने की । वार्ड पार्षद ने यह भी बताया कि एहतियातन गोयल नर्सिंग होम के सभी स्टाफ व मरीजों का कोरोना टेस्ट करवाने की प्रक्रिया की जा रही है । साथ ही हॉस्पिटल से स्टाफ व हॉस्पिटल से जुड़े लोगों को क्वारंटाइन किया जा रहा है । 

वार्ड पार्षद अमर बंसल ने वार्ड वासियों से अपील की है कि सभी लोग घर पर रहे और एहतियात बरते ।
 
वन भूमि को फाइन धान के पौधो से संवारा फुलवारी ने, दूसरों को भी दे रही रोजगार

वन भूमि को फाइन धान के पौधो से संवारा फुलवारी ने, दूसरों को भी दे रही रोजगार

कोरबा | गुलाबी साड़ी में मुस्कुराती फुलवारी बाई कंवर के नाक में दोनो तरफ सोने की बड़ी-बड़ी फुल्लियां और उन पर लगे हरे और लाल रंग के नग...। फुलवारी करतला विकासखण्ड के वनांचल स्थित केरवाद्वारी गांव पहुंचने वाले लोगो को अनायास ही अपनी तरफ आकर्षित करती है। पीपलरानी पहाड़ की तलहटी के नीचे वन भूमि पर पूर्वजो के जमाने से खेती करते रहने के कारण फुलवारी बाई को वन अधिकार मान्यता पत्र(पट्टा) मिलने से जमीन का मालिकाना हक मिल गया है। एक पट्टे ने फुलवारी और उसके परिवार की जिंदगी में ऐसा परिवर्तन ला दिया है कि वह लोगो के लिए प्रेरणा बन गई है। पट्टे की जमीन पर अपनी मेहनत से फाइन धान की खेती करके ही फुलवारी ने अपने मुखमण्डल को सुख समृद्धि और चिंता मुक्त मुस्कुराहट के साथ सोने की दो आकर्षक फुल्लियों से सजाया है। वन अधिकार मान्यता पत्र से मिली लगभग एक एकड़ जमीन को मिला कर फुलवारी बाई के पास लगभग पौने तीन एकड़ का खेत है। इस खेत पर चालू खरीफ में फुलवारी ने पतला धान एचएमटी रोपा पद्धति से लगाया है। पहले दूसरो के खेतो में काम करने जाने वाली फुलवारी ने अपने खेत मे रोपा लगाने के लिए गांव के ही दस लोगो को दैनिक मजदूरी पर काम पर लगाया है।

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सौम्य और मिलनसार व्यवहार के लिए गांव में मशहूर फुलवारी बाई बताती है कि उनके पूर्वज अमूमन सौ साल से केरवाद्वारी के इस वनांचल में जंगल साफ करके खेती किसानी करते आ रहे थे। ससुर श्री दयाराम से लेकर पति श्री मानसिंह कंवर तक बरसों से अपने पसीने से वे जिस माटी को सींचते आए है, उस माटी के छिन जाने का डर हमेशा फुलवारी एवं उसके परिवार के जहन में बना रहता था। फुलवारी बताती है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने इस वनभूमि का पट्टा देकर उसके और उसके जैसे कई परिवारों की जिंदगी बदल दी है। पिछले दो सालो से फुलवारी अपने इस खेत में पतला धान लगा रही है। इस बार भी उन्होने खेत मे एचएमटी धान का रोपा लगवाया है। पहले दूसरो के खेत में रोपा लगाने जाने वाली फुलवारी अब गांव के दूसरे लोगो को दैनिक मजदूरी पर काम पर रख रहीं है। वन अधिकार पट्टा मिल जाने से फुलवारी एवं उसके परिवार को दूसरी सरकारी योजनाओ का भी लाभ मिलने लगा है। प्राथमिक सहकारी समिति में कृषि ऋण की लिमिट बढ़ गई है। जमीन का मालिकाना हक मिल जाने से उगाई गई धान की समर्थन मूल्य में बिक्री भी आसान हो गई है। फुलवारी बाई के तीन बेटे हैं। कुछ समय पहले पति मानसिंह को पैरालिसिस अटैक आया था जिसका ईलाज चल रहा है। स्कूली शिक्षा पूरी करके तीनो बेटे खेती किसानी के काम में अपनी मां का हाथ बंटा रहे है।

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भावुक होकर फुलवारी कहती है कि सौ सालो से जिस जमीन पर खेती कर रहे है, उसका मालिकाना हक नहीं मिलता तो साल के सत्तर-अस्सी हजार का नुकसान लगातार होता रहता। पट्टा मिलने से जमीन तो हमारी हो गई है अब हमारे पसीने की कमाई भी हमें समय पर मिल जाती है। इसी से पति का ईलाज और बच्चों की पढ़ाई सहित दूसरी जरूरते पूरी करने में अच्छी मदद हो जाती है। फुलवारी अपने पूरे खेत में सिंचाई साधन विकसित करने और फेंसिंग कराकर तीन फसलें लेने की भी योजना बना रही है। उन्हेें अपने खेत में धान के अलावा उड़द, मूंग, सूरजमुखी से लेकर साग-सब्जी तक की खेती के लिए शासकीय योजनाओ का लाभ लेने की सलाह कृषि विभाग द्वारा लगातार दी जाती है। फुलवारी अब अपने खेत में सिंचाई के लिए सौर सुजला योजना के तहत नलकूप भी बनवाने की सोंच रही है।

स्वादिष्ट नारियल की मिठाईयों से महकेगी जीवन की डगर, ‘‘बिहान‘‘ की महिलाओं ने मिष्ठान निर्माण व्यवसाय में रखा कदम

स्वादिष्ट नारियल की मिठाईयों से महकेगी जीवन की डगर, ‘‘बिहान‘‘ की महिलाओं ने मिष्ठान निर्माण व्यवसाय में रखा कदम

कोंडागांव | ‘यूं तो राष्ट्रीय आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी महिला स्वसहायता समूहों ने विगत कई वर्षो से स्वरोजगार एवं आजीविका के नए क्षेत्रो मे पहुंचकर स्वयं को साबित किया है। इन महिलाओं ने आत्मनिर्भरता के ऐसे मार्गो को ढूंढा है जहां पहले उनकी उपस्थिति दर्ज होने की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। इनमें पशुपालन, दोनापत्ती एवं पोषक आहार निर्माण, ईट व्यवसाय, केंटीन संचालन, फेंसिंग तार निर्माण जैसे बीसियों कार्य क्षेत्र हैं। इस क्रम में अब जिला प्रशासन द्वारा अब इन्हीं महिलाओं को मिष्ठान व्यवसाय के रूप में आजीविका का नया संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।‘

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चूंकि जिले की जलवायु नारियल की खेती के अनुरूप है और यहां स्थानीय स्तर पर भी नारियल की बहुतायत उपलब्धता होती है। इसके अलावा कोपाबेड़ा स्थित नारियल विकास बोर्ड द्वारा स्थानीय कृषकों को नारियल की खेती के लिये निरंतर प्रोत्साहित किया जाता रहा है। इसके मद्देनजर कोण्डागांव में अब नारियल से बनी स्वास्थ्य वर्धक एवं स्वादिष्ट मिष्ठान बनाने का जिम्मा अब स्वसहायता समूह को दिया जाएगा।

वर्तमान में नारियल बोर्ड से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर सुश्री संध्या देवांगन एवं रानी देवांगन द्वारा बिहान की महिला समूह को नारियल की बर्फी, लड्डू एवं केक बनाने का प्रशिक्षण ग्राम बड़ेकनेरा एवं बोलबोला की 30 महिलाओं को दिया जा रहा है। इसके अलावा इन मिठाईयों के निर्माण के पश्चात् उनके विक्रय हेतु बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी कार्ययोजना बनाई गई है। महिलाओं का न सिर्फ मिठाई बनाने बल्कि उसके पेकेजिंग और मार्केटिंग के पहलुओं के बारे में भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस दौरान प्रशिक्षु महिलाओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बहुत ही सरल तरीके से नारियल की मिठाईयां बनाने का कार्य यहां सीखने को मिला है और वे सब इस नये कार्य को सीखकर बेहद उत्साहित हैं। और इसे व्यवसाय के रूप में भी अपनाने की इच्छा रखती हैं।

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ज्ञात हो कि बिहान समूह की महिलाओं को न केवल मिष्ठान बल्कि अचार, चिप्स, चाॅकलेट बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर ने बताया कि नारियल स्वास्थ्य के लिये फायदेमंद होता है। और सबसे बड़ी खास बात यह है कि नारियल से बनी मिठाईयों में मिलावट की संभावना नहीं होती। जिससे मिलावटी मिठाईयों से बचकर स्वास्थ्य वर्धक मिठाईयों का विकल्प भी जिले के लोगो को मिलेगा। इसके अलावा इस व्यवसाय में जुड़ी महिलाओं के आय में तो वृद्धि होगी ही साथ ही कई लोगों को भी रोजगार प्राप्त होगा। इसके अलावा बिहान के जिला मिशन प्रबंधक विनय सिंह का कहना था कि जिला प्रशासन जिले में नारियल की कृषि को बढ़ावा देने के लिये वृहत योजना पर कार्य कर रहा है। ऐसे में उत्पादित नारियल से बिहान समूह की महिलाओं को रोजगार के नये अवसर दिलाने के मद्देनजर इन्हें अभी से नारियल के विभिन्न उत्पाद बनाने के लिये प्रशिक्षित किया जा रहा है। इन उत्पादित सामग्रियों को निर्माण के पश्चात् विक्रय के लिये बाजार उपलब्ध कराना भी इस योजना में शामिल है।

 

कुल मिलाकर मिठाई के जायके में भी रोजगार ढूंढने का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है। और स्वादिष्ट भोजन पकाना तो हर महिला का जन्मसिद्ध अधिकार होता है। और उम्मीद है मिष्ठान व्यवसाय में भी बिहान समूह की महिलाएं सफलता अर्जित करेंगी।

पेपर देखने के बहान बदमाशों ने हाईवा चालक से वसूला 10 हजार रुपये, तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

पेपर देखने के बहान बदमाशों ने हाईवा चालक से वसूला 10 हजार रुपये, तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

रायपुर | हाईवा चालक से 10 हजार रुपये की वसूली कर मोटरसाइकिल सवार फरार हो गये। घटना की रिपोर्ट खरोरा थाने में दर्ज की गई है। वार्ड नंबर 15 दिन दयाल चौक खरारेा निवासी सोनू विश्वकर्मा 25 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि प्रार्थी हाइवा चालता है 24 जुलाई की रात्रि 8 बजे मुरा से गिट्टी भरकर महासमुन्द जाते समय नागटाल के पास खरोरा में मोटरसाइकिल सवार युवक गाड़ी का पीछा करते हुये रुकने का इशारा किया व गाड़ी के आगे आकर हाईवा रुकवा कर गाड़ी का पेपर मांगने लगे खलासी आरयन सतनामी द्वारा पेपर दिखाने पर पेपर की छाया प्रति फांडकर फेक दिया व गाली-गलोच कर 20 हजार रुपये मांगने लगे। इस पर प्रार्थी ने बीच-बचाव किया तब बाईक सवार के साथी जायलो वाहन में पहुंच गये।

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परस्थिती को भांपते हुये हाईवा चालक अपने वाहन मालिक से पैसा दिलाने की बात कहकर कॉल करके बात कराया। जिस पर वाहन मालिक ने आरोपियों द्वारा दिये नंबर 77478-94900 पर पे फोन से 10 हजार रुपये भेजा जिसके बाद आरोपी चले गये। घटना के बाद  चालक को खलासी ने बताया कि आरोपी मुरा खरोरा के रहने वाले है व जायलों वाहन चला रहे युवक का नाम सुजीत कोसले एवं मोटसाइकिल सवार छब्बू साहू व लकेश्वर कोसले है। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ 341,294,384,34 के तहत अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है। 

 

 
BIG BREAKING : इस साल नहीं होगी PET, PPhT, PPT और PMCA की परीक्षाएं, आदेश हुआ जारी, देखें आदेश

BIG BREAKING : इस साल नहीं होगी PET, PPhT, PPT और PMCA की परीक्षाएं, आदेश हुआ जारी, देखें आदेश

रायपुर | कोरोना वायरस कोविड-19 की विश्वस्तरीय महामारी के कारण इस वर्ष छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रतियोगी परीक्षाएं यथा PPT, PET, AIEEE, PMCA, PPhT की परीक्षाओं का आयोजन नहीं होगा। व्यापम के चेयरमैन डॉ. आलोक शुक्ला द्वारा जारी आदेशानुसार राज्य शासन ने इस वर्ष सत्र 2020-21 के लिए तकनीकी पाठ्यक्रमों में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग, बैचलर ऑफ फार्मेसी, डिप्लोमा इन फार्मेसी, डिप्लोमा इंजीनियरिंग, मास कम्यूनिकेशन, कम्प्यूटर एप्लीकेशन सहित अनेक परीक्षाएं अंकों के आधाार पर ली जाएंगी। ज्ञातव्य है कि उक्त परीक्षाओं के लिए लाखों परीक्षार्थी हर वर्ष परीक्षा में शामिल होकर अपने जीवन की नई डगर खोजते हैं, इसके साथ ही अन्य पाठ्यक्रमों में भी अंकों के आधार पर शासन ने विद्यार्थियों को प्रवेश देने का निर्णय लिया है। राज्य शासन ने जारी आदेश में इस बार कोई परीक्षा का आयोजन नहीं होने की जानकारी देते हुए बताया है कि व्यापम द्वारा प्रतिवर्ष ली जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित न कर प्राप्तांक के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा।

 

पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी : नक्सलियों के मंसूबों को किया नाकाम, 40 किलो का कमांड आईईडी बम बरामद कर किया निष्क्रिय

पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी : नक्सलियों के मंसूबों को किया नाकाम, 40 किलो का कमांड आईईडी बम बरामद कर किया निष्क्रिय

बीजापुर | जिले के बासागुड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत तर्रेम मार्ग पर सारकेगुड़ा-पेगड़ापल्ली के बीच पुल के पास सड़क के बीचो-बीच 40 किलो का कमांड आईईडी बम बरामद किया। नक्सलियों के शहीदी सप्ताह के पहले जवानों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए जवानों ने आज डी-माईनिंग के दौरान नक्सलियों के द्वारा लगाये गए 40 किलो का आईईडी बरामद बीडीएस टीम ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया है।

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नक्सलियों ने आईईडी बम लगाए जाने की सूचना मिलने के बाद जिला पुलिस बल, कोबरा 204, केरिपु 168 बटालियन के जवान सर्चिंग पर निकले। डी-माईनिंग के दौरान सारकेगुड़ा-पेगड़ापल्ली के बीच पुल के पास सड़क के बीचो-बीच 40 किलो का कमांड आईईडी बम बरामद कर सुरक्षाबलों ने मौके से आईईडी बरामद कर बीडीएस टीम ने बम को डिफ्यूज कर दिया है।
 
 
गौरतलब है कि नक्सलियों ने 28 जुलाई से शहीदी सप्ताह मनाने आह्वान किया है। नक्सल उन्मूलन अभियान के साथ-साथ बासागुड़ा-तर्रेम मार्ग पर सड़क निर्माण के लिए सुरक्षाबल निर्माण कार्यो की सुरक्षा भी करते हैं। नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के साथ जवानों को नुकसान पहुंचाने की फिराक में रहते हैं। इसी के मद्देनजर नक्सलियों ने यह आईईडी बम प्लांट कर रखा था, लेकिन नक्सलियों के मंसूबों पर जवानों ने पानी फेर दिया है।
 
 
अवैध बांस कटाई में रेंजर को बचाने की कोशिश, बीट गार्ड के विरूद्ध लगवाए जा रहे झूठे आरोप

अवैध बांस कटाई में रेंजर को बचाने की कोशिश, बीट गार्ड के विरूद्ध लगवाए जा रहे झूठे आरोप

कोरबा |  कटघोरा वनमंडल अंतर्गत बांकी क्षेत्र के हल्दीबाडी परिसर में स्थित बांस बाडी आरएफ.790 से पिछले दिनों 353 नग हरे-भरे बांस की कटाई के मामले में जांच को लेकर जहां तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं, वहीं राजधानी तक यह चर्चा सरगर्म है कि विभाग के अधिकारी इस अवैध कटाई को रेंजर मृत्युंजय शर्मा की मामूली चूक बताकर एवं बीट गार्ड शेखर सिंह रात्रे द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में हुए इस अवैध कटाई पर रेंजर के अलावा डिप्टी रेंजर अजय कौशिक, वन रक्षक रामकुमार यादव पर बरती गई सख्ती को अभद्रता, दुव्र्यवहार बताने की आड लेकर कहीं न कहीं बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

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वर्तमान में 1 जुलाई से 15 अक्टूबर तक बांस की कटाई, छंटाई का कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया है और इस बंद अवधि में वृक्षों का गिराया जाना तथा काष्ठ एवं जलाऊ लकडी का हटाया जाना प्रतिबंधित रहता है, ऐसे प्रतिबंध के बावजूद बिना कोई आदेश और वर्किंग प्लान बगैर बांस की कटाई अवैधानिक ही है। इस पूरे मामले में बीट गार्ड के समर्थन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के अलावा समाज के लोग भी खडे हुए हैं तो दूसरी ओर मामले की लीपापोती और रेंजर को बचाने की कोशिशों में बीट गार्ड के विरूद्ध झूठे आरोप भी लगवाए जा रहे हैं। हाल ही में बीट गार्ड शेखर सिंह रात्रे पर उक्त प्रकरण के15 दिन पहले 250 नग बांस की कटाई करवाने का आरोप सामने आया।

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बीटगार्ड पर अरदा वन समिति के अध्यक्ष इतवार सिंह कंवर एवं बांस काटने वाले मजदूर अनूजराम के द्वारा यह बात सामने लाई गई थी कि करीब 250 बांस की कटाई रिजर्व फॉरेस्ट के बीट गार्ड शेखर रात्रे ने खुद कराई थी। बीट गार्ड ने अनुज राम को 1 हजार रुपए भी दिया था। कटाई के बाद बांस कहां भेजे गएए इसकी जानकारी न तो अध्यक्ष और न मजदूर को है। रेंजर मृत्युंजय शर्मा का कहना है कि उन्हें बांस कटाई की जानकारी डिप्टी रेंजर से मिली थी लेकिन कटाई के बाद बांस डिपो नहीं भेजा गया था। गड़बड़ी की आशंका पर वे खुद मौके पर गए थे। इस तरह बीटगार्ड पर बांस की अवैध कटाई का आरोप लगा। इस प्रकरण में मजदूर अनुज राम पिता खेमसाय सारथी का बयान संदिग्ध और चौकाने वाला है। उसके द्वारा जहां बीट गार्ड के जरिए बांस कटवाने का कथन पूर्व में किया गया वहीं उसी दिन 18 जुलाई शनिवार को अनुजराम ने एक और बयान सुबह 11ण्15 बजे दर्ज कराया जिसमें परिक्षेत्र सहायक अजय कौशिक द्वारा वन विकास अधिकरण समिति के अध्यक्ष इतवार सिंह कंवर के घर बुलाकर झूठे तरीकेए डराकर 250 बांस पूर्व में काटे हो कहकर हस्ताक्षर कराया गया एवं धमकाया गया जो कि पूरी तरह गलत है। पहले इतवार ने ही बांस प्लाट से 50 नग बांस कटवाया है। इस तरह अनुज राम का अलग-अलग बयान संदेह के दायरे में है।
 
 
बीट गार्ड शेखर रात्रे का कहना है कि यह सारा मामला झूठा है। जब एक 65 वर्ष का व्यक्ति अनुज राम एक दिन में 250 बांस काट सकता है तो डिप्टी रेंजर को गुरडूमुडा से 11 श्रमिक बुलाने की जरूरत नहीं थी। यह भी सवाल है कि एक वृद्ध एक दिन में 250 बांस काट सकता है तो 11 व्यस्क श्रमिक एक दिन में केवल 353 बांस ही क्यों काट पाए, यदि मेरे द्वारा बांस की अवैध कटाई कराई गई और उस वक्त रेंजर, डिप्टी रेंजर, वन विकास अभिकरण समिति के अध्यक्ष इतवार सिंह कंवर भी मौजूद थे तो मेरे विरूद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की गई। सच यह है कि 17 जुलाई को बीट गार्ड के द्वारा अवैध बांस कटाई का प्रकरण दर्ज करने के अगले दिन डिप्टी रेंजर के द्वारा सुबह करीब 9 बजे इतवार सिंह के घर जाकर 65 वर्षीय अनुज राम सारथी को बुलाकर डरा.धमका कर हस्ताक्षर कराया गया।
 
बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब लाउडस्पीकर से होगी पढ़ाई, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने दिए निर्देश

बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब लाउडस्पीकर से होगी पढ़ाई, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने दिए निर्देश

रायपुर | छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण को देखते हुए अब लाउडस्पीकर से स्कूलों में पढ़ाई कराई जाएगी। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने सभी जिलों की प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक स्कूल में इस योजना को उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से आगामी एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. टेकाम आज अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर जिले में इस योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारियों से विस्तार से चर्चा कर रहे थे। डॉ. टेकाम ने कहा कि बस्तर जिले में लाउडस्पीकर से 56 पंचायतों में पढ़ाई प्रारंभ हो चुकी है। छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के दौरान बच्चों की पढ़ाई जारी रखने यह मॉडल बनेगा। यह ऑनलाईन पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था है।

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कोविड की वजह से हुए लॉकडाउन में छ्त्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग ने बहुत तेजी से प्रतिक्रिया दी है। आनलाइन अध्ययन सुविधा के साथ-साथ ऑफलाईन के लिए भी विभिन्न मॉडल सोचकर उनका क्रियान्वयन शिक्षकों ने किया है। विभाग ऐसे सभी शिक्षकों का आभार मानता है, जिन्होंने कोविड के दौरान अपने अपने घर से नियमित ऑनलाईन कक्षाएं ली हैं। इसके अलावा हमारे बहुत से शिक्षक साथियों ने विभिन्न ऑफलाइन मॉडल को भी सफलतापूर्वक लांच किया। लगभग 10 ऐसे मॉडल हमारे राज्य में शिक्षकों द्वारा क्रियान्वित किए गए हैं।
 
 
इनमें से एक मॉडल लाउडस्पीकर स्कूल का संचालन जिसका प्रारंभ बस्तर जिले में किया गया है, का अध्ययन स्कूल शिक्षा मंत्री जी द्वारा किया गया। उन्होंने बस्तर जिले में इस योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारियों से कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विस्तार से चर्चा की और इस मॉडल को वर्तमान कोरोना लॉकडाउन के लिए काफी उपयुक्त पाया। इस मॉडल में पंचायत द्वारा बच्चों की पढ़ाई के लिए ग्रामों में उपलब्ध या डीजे वालों से सहयोग लेकर लाउडस्पीकर उपलब्ध करवाया जाता है। लाउडस्पीकर से शिक्षक बच्चों को पढ़ाना शुरू करते हैं। बच्चे अपने अपने घर या छोटे-छोटे समूहों में बैठकर ध्यान से पाठों को सुनते हैं। ऐसी कक्षाएं प्रतिदिन राज्यगीत के साथ प्रारंभ होती हैं।
 
 
लाउडस्पीकर के माध्यम से बच्चों को विभिन्न कार्य भी प्रदत्त किए जाते हैं और जोड़ी में शिक्षक पाठ के दौरान गाँव में घूमकर बच्चों को कार्य करते हुए भी देख सकते हैं। गाँव में भी बच्चों की कक्षाएं नियमित लग रही है अथवा नहीं, पूरे गाँव को पता चल जाता है। स्कूल शिक्षामंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम बस्तर के शिक्षकों के इस नवाचार से अभिभूत हैं। उन्होंने सभी जिलों से अपील की है कि वे अपने-अपने जिले के प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक स्कूल में इस योजना को उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से आगामी एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ करें और इसमें पढ़ाने हेतु इच्छुक शिक्षकों एवं ग्राम से सहयोगियों की व्यवस्था करें। उन्होंने पालकों से भी अपील की है कि सुरक्षा संबंधी सभी मानकों का उपयोग करते हुए बच्चों को घर में रहते हुए लाउडस्पीकर स्कूल से सीखना जारी रखने में सहयोग करें।
 
 
बस्तर जिले में गत एक सप्ताह में 11 पंचायतों से बढ़कर 56 पंचायतों ने लाउडस्पीकर स्कूलों को प्रारंभ कर लिया है। राज्य में लगभग दस हजार पंचायतें हैं और यदि सभी पंचायतें आगे बढ़कर योजना को लागू करती हैं तो प्रदेश के लाखों बच्चों का सीखना इस मॉडल से जारी रखा जा सकता है। समग्र शिक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा इस योजना के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी बनाए गए हैं।
 
स्कूल शिक्षा विभाग में अधिकारियों की नवीन पदस्थापना आदेश जारी, पढ़ें पूरी खबर

स्कूल शिक्षा विभाग में अधिकारियों की नवीन पदस्थापना आदेश जारी, पढ़ें पूरी खबर

रायपुर | राज्य शासन द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के उप संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी और प्राचार्य के पद पर नवीन पदस्थापना की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में मंत्रालय से आदेश जारी कर दिया है।

पढ़ें : रायपुर जिले में लॉकडाउन बढ़ेेगा या मिलेगी छूट, अटकलें तेज

जारी आदेशानुसार उप संचालक जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़  मनीन्द्र वास्तव को कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग रायपुर, उप संचालक  आर.पी. आदित्य संचालनालय लोक शिक्षण को जिला शिक्षा अधिकारी जिला रायगढ़, प्राचार्य  रजनी नेल्सन सहायक संचालक जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जिला धमतरी, प्राचार्य  परसराम चन्द्राकर जिला परियोजना अधिकारी, जिला लोक शिक्षण समिति जिला रायपुर को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद और सहायक संचालक  राजेन्द्र कुमार झा संयुक्त संचालक कार्यालय जगदलपुर को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जगदलपुर पदस्थ किया गया है।
 
ड्यूटी जा रही स्वास्थ्य महिला के एप्रान से युवक ने फिल्मी स्टाइल से मोबाइल झपट कर भागा, पुलिस कर रही खोजबीन

ड्यूटी जा रही स्वास्थ्य महिला के एप्रान से युवक ने फिल्मी स्टाइल से मोबाइल झपट कर भागा, पुलिस कर रही खोजबीन

महासमुंद | बागबाहरा क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग 353 ग्राम पतेरापाली के पास एक स्वास्थ्य महिला अधिकारी से लूटपाट करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि महिला अपने स्कूटी में ड्यूटी जा रही थी, तभी बाइक सवार युवक पीछे से आया और फिल्मी स्टाइल से कट मारते हुए उसके एप्रान में रखे मोबाइल को लूटकर फरार हो गया। मोबाईल की कीमत 8 हजार रूपये आंकी गई है। इधर, युवक की इस हरकर से महिला अधिकारी सहम गई।

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पुलिस ने महिला अधिकारी की रिपोर्ट पर अज्ञात युवक के खिलाफ लूट की धारा 392 के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है। पुलिस थाना से मिली जानकारी के अनुसार वार्ड नं 09, रमनटोला मचेवा महासमुंद निवासी गीतांजली महोबिया पिता सूर्यकांत महोबिया बागबाहरा विकासखंड के ग्राम बकमा सामुदायिक केंद्र में स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर पदस्थ है। शुक्रवार सुबह वह अपनी स्कूटी से डयूटी के लिए घर से निकली थी। खल्लारी से आगे ग्राम पतेरापाली के पास  10 बज कर 15 मिनट पर एक बाइक सवार युवक पीछे आया और कट मारा। इससे वह अनियंत्रित हो गई, उसी समय युवक एप्रान में रखें मोबाइल को झपटा मारते हुए लूट कर भाग गया।  

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क्या कहते है थाना प्रभारी
बागबाहरा थाना के प्रभारी स्वराज त्रिपाठी ने बताया कि लूट की घटन सुबह सवा दस बजे की है। महिला स्वास्थ्य अधिकारी अपने स्कूटी में ड्यूटी जा रही थी, तभी अज्ञात युवक ने घटना को अंजाम दिया है। महिला की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उन्होंने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद से आरोपी की पतासाजी में टीम जुट गई है। घटना स्थल व आसपास युवक की पहचान के लिए पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपी पुिलस के गिरफ्त में होगा। बहरहाल लूट का आरोपी पुलिस के गिरफ्त से बाहर है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।
 
कारगिल विजय दिवस : मुख्यमंत्री ने वीर जवानों की शौर्यता को किया नमन

कारगिल विजय दिवस : मुख्यमंत्री ने वीर जवानों की शौर्यता को किया नमन

रायपुर | कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारतीय जवानों की शौर्यता को नमन करते हुए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी है। 

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कारगिल विजय दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारतीय आर्मी व जवानों की शौर्यता को नमन किया है। विजय दिवस के अवसर पर अपने संदेश में सीएम श्री बघेल ने कहा कि कारगिल युद्ध में देश के वीर सपूतों ने अपने अदम्य साहस औरर वीरता और दृढ़ निश्चित से विपरीत परिस्थितियों में भी दुश्मन को धूल चटाकर विजय हासिल कर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया था। देश के इन वीर सपूतों के साहस ने ही कारगिल में विजय दिलाई। यह पूरे देश के लिए गौरवशाली दिन है। श्री बघेल ने युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित किया है।
 
 
 
रायपुर जिले में लॉकडाउन बढ़ेेगा या मिलेगी छूट, अटकलें तेज

रायपुर जिले में लॉकडाउन बढ़ेेगा या मिलेगी छूट, अटकलें तेज

रायपुर | राजधानी रायपुर में कोरोना संक्रमण के कहर को देखते हुए शासन-प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए हैं। लगातार बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए लॉकडाउन खत्म किए जाने अथवा बढ़ाए जाने को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। वहीं आला अफसरों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस विषय पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। 

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राजधानी रायपुर सहित जिले में इन दिनों कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि लॉकडाउन के बाद यह ग्राफ कुछ हद तक काबू में आ गया है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि लॉकडाउन आगे बढ़ाया जाएगा अथवा नहीं। इस संबंध में जिला प्रशासन के आला अफसरों ने भी स्पष्ट कर दिया है कि अभी इस विषय पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। राजधानी रायपुर के अंदर जिस तेजी से कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं, इससे इस बात की संभावना काफी कम है कि अभी लॉकडाउन खत्म हो जाएगा। वहीं इस बात की भी संभावना बनी हुई है कि यदि स्थिति नियंत्रण में रहा तो 28 जुलाई के बाद लॉकडाउन में फिर से ढील दी जा सकती है। 
 
 
इधर कोरोना संक्रमण को लेकर जिले में लागू लॉकडाउन की सख्ती बरकरार है। सड़कों पर बेवजह घूमने वालों के खिलाफ लगातार कार्यवाही चल रही है। वहीं शहर के गली-मोहल्लों में भी अब कोरोना के मरीज सामने आने लगे हैं। शहर के कई इलाकों को इन दिनों पूरी तरह से सील कर कंटेनमेंट जोन बनाया जा चुका है। बहरहाल वर्तमान में चल रहा लॉकडाउन 28 जुलाई को समाप्त होने वाला है। शासन-प्रशासन द्वारा जिले की हालात व संक्रमित मरीजों की संख्या के आंकलन व परीक्षण के पश्चात ही यह निर्णय लिया जाएगा कि लॉकडाउन आगे बढ़ाया जाएगा अथवा नहीं। 
 
पुलिसकर्मियों के खातों से उड़ाए 40 लाख रूपए, 5 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

पुलिसकर्मियों के खातों से उड़ाए 40 लाख रूपए, 5 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

राजनांदगांव | रिटायर्ड पुलिसकर्मियों से साइबर क्राइम करने वाले पांच शातिर आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार आरोपियों ने रिटायर्ड एएसआई के खाते से लगभग 19 लाख रूपए पार कर लिए थे। आपको बता दें कि आरोपियों ने पेंशन खाता अपडेट करने की बात कहकर अकाउंट से पैसे निकाल लिए थे। 

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आरोपी राजनांदगांव, महासमुंद, कांकेर, दंतेवाडा़, रायपुर , सरगुजा और बिलासपुर में कुल 40 लाख की ठगी को अंजाम दे चुके हैं। राजनांदगांव, महासमुंद और दंतेवाड़ा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को धर दबोचा है। इनसे पूछताछ में कई और अहम खुलासे की उम्मीद है। 

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बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ के इन निजी अस्पतालों को मिली कोरोना का इलाज करने की अनुमति, राजधानी के 2 अस्पताल शामिल

बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ के इन निजी अस्पतालों को मिली कोरोना का इलाज करने की अनुमति, राजधानी के 2 अस्पताल शामिल

रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से पैर पसार रहा है | बढ़ते संक्रमण के बीच अब राज्य सरकार ने निजी अस्पतालों को भी संक्रमितों के इलाज की अनुमति दे दी है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर आदेश जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग के आदेश के मुताबिक राजधानी के दो निजी अस्पताल बालको और एमएमआई के साथ ही बिलासपुर के अपोलो अस्पताल को अधिकृत किया गया है।

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जानकारी के अनुसार इन निजी अस्पतालों में इलाज कराने वालों को इलाज की समस्त राशि का भुगतान करना होगा। तीनों अस्पतालों को आईसीएमआर की गाइडलाइन का पालन करना होगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को 17 बिन्दुओं का दिशा निर्देश जारी किया है। नियमों का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

BIG NEWS: एक साल पहले निलंबित हुए TI समेत 5 पुलिसकर्मियों की हुई रायपुर में नयी पदस्थापना

BIG NEWS: एक साल पहले निलंबित हुए TI समेत 5 पुलिसकर्मियों की हुई रायपुर में नयी पदस्थापना

रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक खबर सामने आई है | अंबिकापुर की बहुचर्चित पंकज बेक आत्महत्या मामले में एक साल पहले टीआई समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था | जिन्हें अब निलंबन से मुक्त करते हुए राजधानी रायपुर में नई पदस्थापना दी गई है| डीजीपी डीएम अवस्थी ने आदेश जारी किया है |

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निलंबित किये गये पुलिसकर्मियों में टीआई विनीत दुबे, उप निरीक्षक मनीष यादव, उप निरीक्षक प्रियेश जॉन, आरक्षक दीनदयाल सिंह, लक्ष्मण राम कुजूर शामिल थे जिन्हें नयी पदस्थापना दी गई है | इससे पहले सभी पुलिसकर्मी सरगुजा में तैनात थे|

 

कोरोना पॉजिटिव नर्स का वीडियो बनाने पर दर्ज हुआ एफआईआर

कोरोना पॉजिटिव नर्स का वीडियो बनाने पर दर्ज हुआ एफआईआर

जगदलपुर, जिले की स्टाफ नर्स के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि के बाद जब स्टाफ नर्स को लेने उसके घर एंबुलेंस पहुंची तो पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने स्टाफ नर्स का वीडियो बनाया था इस वीडियो में स्टाफ नर्स अपने घर के गेट से निकलकर एंबुलेंस में बैठती नजर आ रही है। इसके बाद सोशल मीडिया में विडियो वायरल भी किया ऐसे में उक्त व्यक्ति के विरूध्द एफआईआर दर्ज की गई है।
सीएसपी हेमसागर सिरदार ने बताया कि पॉजिटिव मरीज की पहचान उजागर करना प्रतिबंधित है, इसके बावजूद एक व्यक्ति ने वीडियो बनाया बल्कि इसे सोशल मीडिया में वायरल भी किया ऐसे में उक्त व्यक्ति के खिलाफ धारा 188, 269, 270 भादवि के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने वीडियो बनाने वाले आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
उन्होने कहा कि शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसी कोरोना पॉजिटिव मरीज की व्यक्ति या पड़ोसी के क्वारेंटाइन या आइसोलेशन के लिए ले जाते हुए उसका वीडियो या फोटो शेयर ना करें इससे स्वयं मुसीबत में आ सकते।

 

छ.ग. पुलिस विभाग में 23 इंस्पेक्टर और 26 सब इंस्पेक्टरों का हुआ तबादला, आदेश जारी

छ.ग. पुलिस विभाग में 23 इंस्पेक्टर और 26 सब इंस्पेक्टरों का हुआ तबादला, आदेश जारी

रायपुर, आज छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग ने एक बार फिर डीजीपी डीएम अवस्थी ने अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। जारी आदेश में 23 इंस्पेक्टर और 26 सब इंस्पेक्टरों का नाम शामिल है।
देखे आदेश:-


 

खम्हारडीह थाना के विभिन्न क्षेत्र में मिला कोरोना पॉजिटिव हुआ कंटेंटमेंट जोन घोषित

खम्हारडीह थाना के विभिन्न क्षेत्र में मिला कोरोना पॉजिटिव हुआ कंटेंटमेंट जोन घोषित

रायपुर, भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी गाईडलाईन अनुसार जिला रायपुर में नगर पालिक निगम अंतर्गत कचना रेल्वे फाटक के पास,कविता नगर,गणेश नगर,ढेबर पिंक सिटी के पास गायत्री नगर,खम्हारडीह बस्ती,राठौर कॉलोनी भावना नगर और एटीएम चौक ग्लोबल टावर में 01 नया कोरोना पॉजिटिव केस पाये जाने के फलस्वरुप उक्त क्षेत्रो को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। अपर कलेक्टर ने इन क्षेत्रों में कंटेंटमेंट की परिसीमा निर्धारित कर प्रतिबंधित किया है।
उक्त क्षेत्रो के कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार होगा। जिसमें तैनात पुलिस अधिकारी, फिजिकल डिस्टेंसिग सुनिश्चित करते हुए मेडिकल इमरजेंसी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु आवागमन करने वाले सभी व्यक्तियों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश पर्यन्त पूर्णत: बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कन्टेनमेंट जोन में होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी हेतु विधिवत परिवहन अनुमति इंसीडेंट कमांडर द्वारा दी जाएगी। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारण से कन्टेनमेंट जोन या मकान के बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। केवल मेडिकल इमरजेंसी की दशा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर के द्वारा पास जारी कर इंसीडेंट कमांडर को सूचित किया जावे। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में संलग्न व्यक्ति ल डिस्टेंसिग तथा सेनिटाईजेशन सुनिश्चित करते हुये कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश कर सकेंगें। अन्य किसी भी व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन से बाहर निकलना अथवा अन्दर आना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में उपरोक्तानुसार लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने हेतु संबंधित थाना प्रभारी उत्तरदायी होगे।कन्टेनमेंट जोन में शासन की गाईडलाईन अनुसार व्यवस्था बनाये रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायपुर के द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी।जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार कान्टेक्ट ट्रेसिंग, स्वास्थ्य निगरानी तथा सैम्पल की जांच इत्यादि आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।
कंटेंटमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार की व्यवस्था बेरिकेटिंग के लिए आर के गौड,कार्यपालन अभियंता, लोकनिर्माण विभाग,संभाग-01,रायपुर मो.नं. 85180-19594,लोक निर्माण विभाग की मांग अनुसार बैरिकेडिंग हेतु बांस-बल्ली की आपूर्ति हेतु बी एस ठाकुर, वनमंडलाधिकारी रायपुर वनमंडल, रायपुर 94242-38769, कंटेंटमेंट जोन में सेनिटाइजेशन तथा आवश्यक वस्तुओ की आपूर्ति व्यवस्था हेतु प्रवीण गहलोत,जोन आयुक्त,नगर पालिक निगम,जोन-03,रायपुर,मो नं. 99774-24466,घरो का एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम को एसओपी अनुसार दवा, मास्क, पीपीई इत्यादी उपलब्ध कराने एवं बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु श्रीमती मीरा बघेल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर मो.नं. 94255-16797, उपरोक्त दर्शित क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सहित अन्य समस्त आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु इंसीडेंट कमांडर श्रीमती पूनम शर्मा, डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी,रायपुर मो.नं. 94242-34044,भारत सरकार एवं राज्य शासन के द्वारा समय-समय पर जारी गाईड लाईन अनुसार कंटेंटमेंट जोन में लाकडाउन का कडाई से पालन सुनिश्चत करने हेतु नसर सिद्धिकी, नगर पुलिस अधीक्षक, सिविल लाइन,रायपुर मो.नं. 94791-91007 को नियुक्त किया गया है।

 

रायपुर का न्यू राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र हुआ कंटेंटमेंट जोन घोषित

रायपुर का न्यू राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र हुआ कंटेंटमेंट जोन घोषित

रायपुर, भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी गाईडलाईन अनुसार जिला रायपुर मे नगर पालिक निगम,रायपुर अन्तर्गत खुशी वाटिका,एवेन्यु-144 मेड़ीशाइन हॉस्पिटल के सामने,वल्लभ नगर और मारुति रेजीडेंसी थाना न्यू राजेन्द्र नगर में नया कोरोना पॉजिटिव केस पाये जाने के फलस्वरुप उक्त क्षेत्रो को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है।अपर कलेक्टर ने इन क्षेत्रो में परिसीमाये निर्धारित कर विभिन्न गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
कन्टेनमेंट जोन के अंतर्गत प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार होगा। जिसमें तैनात पुलिस अधिकारी, फिजिकल डिस्टेंसिग सुनिश्चित करते हुए मेडिकल इमरजेंसी या आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु आवागमन करने वाले सभी व्यक्तियों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज लिया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश पर्यन्त पूर्णत: बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कन्टेनमेंट जोन में होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी हेतु विधिवत परिवहन अनुमति इंसीडेंट कमांडर द्वारा दी जाएगी। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारण से कन्टेनमेंट जोन या मकान के बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। केवल मेडिकल इमरजेंसी की दशा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर के द्वारा पास जारी कर इंसीडेंट कमांडर को सूचित किया जाएगा। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में संलग्न व्यक्ति फिजिकल डिस्टेंसिग तथा सेनिटाईजेशन सुनिश्चित करते हुये कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश कर सकेंगें। अन्य किसी भी व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन से बाहर निकलना अथवा अन्दर आना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में उपरोक्तानुसार लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने हेतु संबंधित थाना प्रभारी उत्तरदायी होगे। कन्टेनमेंट जोन में शासन की गाईडलाईन अनुसार व्यवस्था बनाये रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायपुर के द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार कान्टेक्ट ट्रेसिंग, स्वास्थ्य निगरानी तथा सैम्पल की जांच इत्यादि आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।
कंटेंटमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार की व्यवस्था बेरिकेटिंग के लिए हेमंत अरोरा,कार्यपालन अभियंता,लोक निर्माण विभाग,संभाग क्रमांक-02, रायपुर मो.न. 87703-39293, लोक निर्माण विभाग की मांग अनुसार बैरिकेडिंग हेतु बांस-बल्ली की आपूर्ति हेतु बी एस ठाकुर, वनमंडलाधिकारी रायपुर वनमंडल, रायपुर 94242-38769, कंटेंटमेंट जोन में सेनिटाइजेशन तथा आवश्यक वस्तुाओ की आपूर्ति व्यवस्था हेतु अरुण कुमार साहू, जोन आयुक्त, नगर पालिक निगम,जोन-10, मोबाइल नंबर81091-13933,घरो का एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम को एसओपी अनुसार दवा, मास्क, पीपीई इत्यादी उपलब्ध कराने एवं बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु मति मीरा बघेल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर मो.नं. 94255-16797, उपरोक्त दर्शित क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सहित अन्य समस्त आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु इंसीडेंट कमांडर अमित बेक,तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी मो.न. 77718-86627, भारत सरकार एवं राज्य शासन के द्वारा समय-समय पर जारी गाईड लाईन अनुसार कंटेंटमेंट जोन में लाकडाउन का कडाई से पालन सुनिश्चत करने हेतु आशीष शुक्ला,थाना प्रभारी,थाना न्यू राजेन्द्र नगर,मो.नं. 70001-68129 को नियुक्त किया गया है।

 

कोरोना रोकथाम के लिए कंटेनमेंट जोन में कड़ाई से प्रभावी कार्यवाही हो: मुख्य सचिव

कोरोना रोकथाम के लिए कंटेनमेंट जोन में कड़ाई से प्रभावी कार्यवाही हो: मुख्य सचिव

रायपुर, मुख्य सचिव आर.पी. मंडल ने नगर निगम क्षेत्र रायपुर एवं बीरगांव में कोरोना रोकथाम के लिए बने कंटेनमेंट जोन में कड़ाई से प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश जिला प्रशासन के अधिाकारियों को दिए हैं। मुख्य सचिव ने आज रायपुर स्थित चिप्स कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर रायपुर एवं बिरगांव में कोरोना की स्थिति की गहन समीक्षा की। कोरोना हॉटस्पाट एवं कंटेनमेंट जोन ऐरिया में लोग बिना वजह से बाहर नहीं निकलें तथा जरूरी होने पर यदि बाहर जाना है तो मास्क या फेस कवर का उपयोग जरूर करें, ऐसा नहीं करने पर महामारी नियंत्रण प्रावधानों के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाये।

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मुख्य सचिव ने रायपुर के कलेक्टर डॉ. भारतीदासन को निर्देश दिए हैं कि सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को जिले के कोरोना प्रभावित इलाकों में कोरोना नियंत्रण हेतु प्रभावी कार्यवाही करने जोनल आधिकारी नियुक्त किया जाए।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना रोकथाम के लिए जिला कलेक्टर का सक्रिय सहयोग करें। मुख्य सचिव ने प्रत्येक वार्ड स्तर पर मुहल्ला समितियों से सक्रिय सहयोग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर वार्ड कार्यालय में उस वार्ड में कोरोना संक्रमित लोगों की जानकारी होना चाहिए। स्थानीय पार्षद से अनुरोध किया गया है कि वे लोगों को समझाईश देकर सेंपल टेस्टिंग, सोशल और फिजीकल डिस्टेंसिंग, मास्क का उपयोग तथा सेनेटाईजिंग एवं मोहल्लों की साफ-सफाई में सहयोग प्रदान करें। मुख्य सचिव ने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि ड्यूटी के दौरान हर पुलिस कर्मी मास्क जरूर लगायें तथा बाहर आने-जाने वाले लोगों पर कड़ी निगरानी रखें यदि बाहर कोई मास्क नहीं लगाये है तो तत्काल उस पर दण्डात्मक कार्यवाही की जाये। सार्वजानिक स्थानों पर पान, गुटका और तम्बाखू खाकर थूकने पर भी प्रभावी कार्यवाही की जाये।

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बैठक में स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने बताया कि बीरगांव एवं रायपुर नगर निगम क्षेत्र में कोरोना पाजीटिव प्रभावित क्षेत्रों में केम्प लगाकर टेस्टिंग की जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरगांव में श्रमिकों के लिए प्रति दिन विशेष केम्प लगाकर टेस्टिंग किया जा रहा है। दोनों निगम क्षेत्रांतर्गत स्थित उद्योगों में श्रम, उद्योग, स्वास्थ्य एवं निगम तथा पुलिस के द्वारा संयुक्त औचक निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। सभी कन्टेनमेंट जोन के सभी प्राइमरी कांटेक्ट का शत प्रतिशत टेस्टिंग किया गया है।
बैठक में उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगवा, श्रम विभाग के सचिव सोनमणि बोरा, खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री अलरमेलमंगई डी, स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, स्वास्थ्य विभाग के संचालक नीरज बंसोड़, संभागायुक्त रायपुर जी.आर. चुरेन्द्र, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, पुलिस अधीक्षक अजय यादव, नगर निगम कमिश्नर सौरभ कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
 

 बिलासपुर जिला प्रशासन द्वारा मेड़पार में गायों की मृत्यु की घटना की विभिन्न पहलुओं की जांच जारी: दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

बिलासपुर जिला प्रशासन द्वारा मेड़पार में गायों की मृत्यु की घटना की विभिन्न पहलुओं की जांच जारी: दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

रायपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मेड़पार में स्थानीय व्यक्तियों द्वारा एक बंद कमरे में रखे जाने से करीब 47 गायों की मृत्यु की घटना की जिला प्रशासन बिलासपुर द्वारा विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। इस घटना में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा जाएगी। राज्य सरकार द्वारा सुराजी गांव योजना के तहत बनाए जा रहे गौठान, रोका-छेका अभियान और गोधन न्याय योजना का उद्देश्य पशुधन की सुरक्षा है न कि पशुओं को किसी भी तरह की हानि पहुचाना। इस संबंध में सभी ग्राम पंचायतों को पूर्व में ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए है। तख्तपुर के मेड़पार गांव में पशुओं की मौत की खबर का रोका छेका अभियान से कोई संबंध नहीं है। राज्य में रोका छेका अभियान विगत 30 जून को समाप्त हो गया है और रोका छेका अभियान के तहत जानवरों से फसलों को बचाने के लिये उन्हें खुले वातावरण में गौठान में रखे जाने के निर्देश दिए गए थे। इस घटना में स्थानीय व्यक्तियों ने पशुओं को एक भवन में बंद कर के रख दिया। यह ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित गोठान नहीं था। यह व्यवस्था गोठान की मूल परिकल्पना के ही विपरीत है और ऐसी घटनाओं से बचने के लिये ही सुराजी ग्राम योजना के तहत हर ग्राम पंचायत में तीन एकड़ शासकीय भूमि में खुले वातावरण में गोठान बनाये जा रहे है। यह दुर्घटना इस बात की आवश्यकता को और प्रतिपादित करती है कि पशुओं की सुरक्षा के लिये गौठान कितने जरूरी है। कुछ समाचार माध्यमों में गलत तथ्य प्रचारित किये जा रहे है इससे बचना चाहिये। 
 नीति आयोग ने जारी की आकांक्षी जिलों की रैंकिंग: आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैंकिंग में बीजापुर पूरे देश में प्रथम

नीति आयोग ने जारी की आकांक्षी जिलों की रैंकिंग: आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैंकिंग में बीजापुर पूरे देश में प्रथम

रायपुर। आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैंकिंग में छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल और नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले को पूरे देश में प्रथम स्थान मिला है। नीति आयोग द्वारा आज जून-2020 की स्थिति में जारी की गई आकांक्षी जिलों की रैंकिंग में बीजापुर ने विभिन्न मानकों पर अच्छा प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसके लिए बीजापुर जिलेवासियों सहित जिला प्रशासन की पूरी टीम को बधाई दी है। गौरतलब है कि स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कौशल विकास, कृषि, जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और बुनियादी अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते हुए बीजापुर ने अपने डेल्टा अंकों में पूरे देश में सर्वाधिक 2.3 अंकों की वृद्धि की है। फरवरी में हुई डेल्टा रैंकिंग में बीजापुर को 48.1 अंक मिले थे जबकि जून की रैंकिंग में इसे 50.4 अंक मिले हैं। बीजापुर के डेल्टा अंकों में बढ़ोतरी पूरे देश में सर्वाधिक है। आकांक्षी जिलों के रूप में शामिल देश भर के 112 जिलों में बीजापुर जिले ने पहला स्थान हासिल किया है।
 मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के उपायों का कड़ाई से पालन करने की अपील की

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के उपायों का कड़ाई से पालन करने की अपील की

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर सहित प्रदेश वासियों से कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के उपायों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि कोरोना का अभी इलाज नहीं है, न ही वैक्सीन आ पाया है। इससे बचाव में ही सुरक्षा है। गाईडलाईन के अनुसार मास्क, सेनेटाईजर और फिजिकल डिस्टेंसिंग का लगातार कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। बघेल आज यहां सोनाखान भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। 

बघेल ने कहा कि राजधानी रायपुर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले चिन्ता का विषय है। रायपुर के लोग जागरूक हैं। बचाव के उपायों का पालन कर संक्रमण को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संक्रमण से बचाव के सभी ऐहतियाती उपायों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। मरीजों के लिए अस्पतालों में पर्याप्त बेड उपलब्ध हैं। मरीजों का इलाज किया जा रहा है। बड़ी संख्या में मरीज ठीक हो रहे हैं। अभी छत्तीसगढ़ में दिल्ली, मुंबई जैसी स्थिति नही है।
 मुख्यमंत्री ने आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल प्रो.भार्गव से कोविड-19 के नियंत्रण के संबंध में की चर्चा

मुख्यमंत्री ने आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल प्रो.भार्गव से कोविड-19 के नियंत्रण के संबंध में की चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) नई दिल्ली के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर बलराम भार्गव से दूरभाष पर चर्चा करते हुए कोविड-19 के नियंत्रण हेतु प्लाज्मा थेरेपी सहित अन्य विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।  
 
 
मुख्यमंत्री बघेल ने प्रो. भार्गव से छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए अपनाए जा रहे उपायों के साथ ही कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए इलाज सुविधाओं में किए जा रहे विस्तार और कोविड-19 टेस्टिंग की संख्या मे बढ़ोत्तरी के संबंध में बताया। उन्होंने संक्रमित मरीजों के प्लाज्मा थेरेपी से उपचार के साथ ही आगे की कार्ययोजनाओं और उपचार हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्लाज्मा थेरेपी के संबंध में अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू और स्वास्थ्य सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह से आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।
   कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वन मंत्री मो. अकबर ने साधा निशाना: रमन सिंह की हताश, किसान विरोधी सोच हुई उजागर

कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वन मंत्री मो. अकबर ने साधा निशाना: रमन सिंह की हताश, किसान विरोधी सोच हुई उजागर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ की वर्तमान भूपेश सरकार की ग्रामीण, किसान तथा पशुपालक हितकारी योजना 'गोधन न्याय योजना' पर विज्ञापन दिए जाने पर जो आपत्ति जताई है, वह उनकी हताशा और किसान विरोधी सोच का ही प्रतीक है। 
 
 
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि डॉ. रमन सिंह, पूरे 15 साल मुख्यमंत्री के अलावा आयुर्वेद चिकित्सक होने के नाते भी जगह-जगह अपना सम्मान कराते रहे, लेकिन अब उनकी सोच उजागर हो गई है कि उन्हें आयुर्वेद के आ से भी उन्हें लेना-देना नहीं है, क्योंकि गौ माता के विभिन्न वरदानों और पंचगव्य जैसी शिक्षा आयुर्वेद की आधारभूत शिक्षा है पर डॉ. रमन सिंह को आयुर्वेद के पहले पाठ से कितना दुराव और घृणा है यह अब सार्वजनिक हो चुका है। जहां तक किसी की योजना के प्रचार-प्रसार का सवाल है तो 15 साल के मुख्यमंत्री को यह सामान्य समझ होनी चाहिए कि विज्ञापन का खर्च किसी जनहितकारी योजना की शुरूआत में आवश्यक होता है। यह खर्च शासकीय कार्यकलापों की पारदर्शिता तथा जनशिक्षा के रूप में भी उपयोगी होता है ताकि जनता ऐसी योजनाओं का लाभ उठा सके।
 
 
अभी तो योजना का आगाज हुआ है और जो संतुलित व्यय हुआ है, उसे योजना के पहले दिन गोबर खरीदी के आंकड़े से जोडऩा निहायत ही घटिया मानसिकता का प्रतीक है। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि रमन सिंह तो अपने कार्यकाल में विज्ञापन घोटाले के शहंशाह रहे हैं और उन्होंने सारी लोक मर्यादाएं तथा संसदीय नियमों को बलाए-ताक रख के खर्च किया था। उन्होंने तो इस बात का भी जवाब नहीं दिया है कि चुनाव वर्ष में जनसम्पर्क विभाग का बजट डेढग़ुना से अधिक करते हुए 250 करोड़ रू. क्यों किया था और भयंकर भर्राशाही करते हुए पारित बजट से भी लगभग दोगुना 400 करोड़ रूपए की राशि किस हिसाब से खर्च की थी। आज डेढ़ साल बाद भी ऐसे अनेक लेनदार निकलकर आ रहे हैं, जिन्हें न तो कोई कार्यादेश दिया गया था और न ही कोई प्रशासकीय स्वीकृति ली गई थी।  कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि रमन सिंह को इस बात का हिसाब देना चाहिए कि उन्होंने बाड़ी से तेल निकालने के नाम पर कितने करोड़ का विज्ञापन दिया था और कितने रूपए का तेल निकाला। थोथी संचार क्रांति के नाम पर कितने करोड़ों का विज्ञापन दिया था। स्मार्ट फोन बांटने के नाम पर करोड़ों का विज्ञापन दिया, नया रायपुर, कमल विहार, स्वाई वॉक, एक्सप्रेस-वे, मड़वा ताप बिजलीघर आदि अनेक जनविरोधी योजनाओं पर कितने करोड़ रूपए प्रचार-प्रसार में खर्च हुए।
 
 
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि रमन सिंह ने खुद की छवि चमकाने के लिए ब्रांडिंग के नाम पर करोड़ों रूपए फूंक दिए। विदेशी निवेश लाने के नाम पर आपने अरबो रूपए फूंक दिए, लेकिन निवेश कितना आया रमन सिंह जी? छत्तीसगढ़ की जनता पूछ रही है। गरीबों के हित की योजना पर सवाल उठाना तो आपकी और आपकी पार्टी की आदत है। आपका हर बयान यह बता रहा है कि आप गांव, गरीब, किसान विरोधी हैं। आप कितना भी दुष्प्रचार कीजिए नवा छत्तीसगढ़ गढऩे का काम ग्रामीणों, किसानों के दम पर हम आगे बढ़ाते रहेंगे।