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Police Transfer : नए साल पर पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, थाना प्रभारियों के तबादले, देखें लिस्ट

Police Transfer : नए साल पर पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, थाना प्रभारियों के तबादले, देखें लिस्ट

 महासमुंद। नए साल के दूसरे दिन महासमुंद जिले में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। कानून व्यवस्था में कसावट लाने के उद्देश्य से महासमुंद एसपी ने जिले के कई थाना प्रभारियों को इधर से उधर किया है।

इस फेरबदल को बेहतर पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक मजबूती की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पुलिस विभाग का मानना है कि इस बदलाव से जिले में कानून व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।

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मुख्यमंत्री साय ने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री साय ने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने एक दिवसीय दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान आज बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के पावन मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री साय ने मां दंतेश्वरी के चरणों में नमन करते हुए समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और सर्वांगीण कल्याण की मंगलकामनाएँ कीं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद महेश कश्यप, विधायक चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, संस्कृति सचिव रोहित यादव, आईजी बस्तर सुंदरराज पी., डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक गौरव राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर किया नमन

मुख्यमंत्री साय ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर किया नमन

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका महान समाज सुधारक एवं नारी सशक्तिकरण की अग्रदूत स्वर्गीय श्रीमती सावित्रीबाई फुले की जयंती (3 जनवरी) पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में महिला शिक्षा की अलख जगाई, जब समाज में अनेक कुरीतियाँ और बंधन व्याप्त थे। उन्होंने न केवल महिलाओं को शिक्षित होने के लिए प्रेरित किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर उन्हें शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया। छुआछूत, लैंगिक भेदभाव और सामाजिक असमानताओं के विरुद्ध उनका संघर्ष साहस, संकल्प और सामाजिक चेतना का अद्वितीय प्रतीक है

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्त्री अधिकारों, समानता और शिक्षा के क्षेत्र में सावित्रीबाई फुले का योगदान अमूल्य तथा अविस्मरणीय है। उनके विचार और कर्म आज भी समाज को प्रगतिशील दिशा देने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सावित्रीबाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेते हुए शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें।

भारतीय ज्ञान परम्परा अतीत नहीं, भविष्य की राह दिखाने वाली - वर्मा

भारतीय ज्ञान परम्परा अतीत नहीं, भविष्य की राह दिखाने वाली - वर्मा

 राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 से भारतीय ज्ञान परम्परा को नया आयाम, दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ शुभारंभ

रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और भारतीय ज्ञान प्रणाली के एकीकरण पर केंद्रित एक समग्र शैक्षिक परिकल्पना विषयक दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, रायपुर में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा एवं कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने संयुक्त रूप से किया।

उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय सभ्यता और संस्कृति की महान विरासत को सुदृढ़ करने वाली नीति है। यह केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन जीने की समग्र एवं संतुलित शैली प्रस्तुत करती है।उन्होंने कहा कि वेद, उपनिषद, महाभारत, आयुर्वेद, योग, गणित, दर्शन, ज्योतिष और खगोल शास्त्र जैसी भारतीय ज्ञान विधाएं हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। गुरुकुल परम्परा में शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिकता और समाज सेवा था।

मंत्री वर्मा ने कहा कि आधुनिक समय में भारतीय ज्ञान परम्परा को पुन: शिक्षा व्यवस्था में आत्मसात करने की आवश्यकता है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 इसी दिशा में सशक्त कदम है। यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 विकसित भारत के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी। 

आधुनिकता और संस्कृति का संतुलन ही नई पीढ़ी का मार्ग - गुरु खुशवंत साहेब
कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 आने वाली पीढ़ी को आधुनिक तकनीकी ज्ञान के साथ भारतीय इतिहास, संस्कृति और परम्पराओं से जोडऩे का कार्य करती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, ताकि शिक्षा व्यवस्था को व्यवहारिक, रोजगारोन्मुख और संस्कारयुक्त बनाया जा सके। यह नीति भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का गहन अध्ययन और सामूहिक प्रयास आवश्यक - डॉ. अतुल कोठारी
विशिष्ट अतिथि एवं राष्ट्रीय सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (नई दिल्ली) डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का गहन अध्ययन कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन समय की मांग है। सभी शिक्षाविदों को मिलकर इस नीति को धरातल पर उतारने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।
शिक्षाविदों और कुलपतियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल, आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग डॉ. संतोष कुमार देवांगन, शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलपति प्रो. ए.डी.एन. वाजपेई, पंडित सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलपति प्रो. वीरेंद्र कुमार सारस्वत, छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के कुलपति डॉ. अरुण अरोरा सहित राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नोडल अधिकारी, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि एवं प्रदेशभर के महाविद्यालयों के प्राचार्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को छेरछेरा पर्व की दी हार्दिक बधाई

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को छेरछेरा पर्व की दी हार्दिक बधाई

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोकपर्व छेरछेरा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छेरछेरा महादान, सामाजिक समरसता और दानशीलता का प्रतीक पर्व है, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध, गौरवशाली और मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत परंपरा को सजीव रूप में अभिव्यक्त करता है। नई फसल घर आने की खुशी में यह पर्व पौष मास की पूर्णिमा को बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दिन मां शाकंभरी जयंती भी मनाई जाती है, जो अन्न, प्रकृति और जीवन के संरक्षण का संदेश देती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा ग्रहण की थी। इसी परंपरा के अनुरूप छेरछेरा पर्व पर धान के साथ-साथ साग-भाजी, फल एवं अन्य अन्न का दान कर लोग परस्पर सहयोग, करुणा और मानवता का परिचय देते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छेरछेरा पर्व हमें समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और साझा समृद्धि की भावना को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से इस लोकपर्व को सद्भाव, उल्लास और पारंपरिक मूल्यों के साथ मनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने बस्तर की कला, संस्कृति और परंपराओं को समर्पित बस्तर पंडुम 2026 के लोगो व थीम गीत का विमोचन

मुख्यमंत्री साय ने बस्तर की कला, संस्कृति और परंपराओं को समर्पित बस्तर पंडुम 2026 के लोगो व थीम गीत का विमोचन

 00 बस्तर पंडुम हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं, कला और विरासत का जीवंत मंच - साय

00 बस्तर पंडुम 2026 बनेगा विश्व-स्तरीय सांस्कृतिक आयोजन

रायपुर। बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, लोकपरंपराओं और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से बस्तर पंडुम का आयोजन वर्ष 2026 में भी गत वर्ष की भांति भव्य एवं आकर्षक रूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा में माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में बस्तर पंडुम का लोगो एवं थीम गीत का विमोचन किया। 

 
 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि बस्तर पंडुम बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि आज माँ दंतेश्वरी के इस पावन प्रांगण से बस्तर पंडुम 2026 का शुभारंभ हो रहा है। यहाँ बस्तर पंडुम 2026 का लोगो और थीम गीत का विमोचन किया गया है। बस्तर पंडुम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा है। यह हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं, कला और विरासत का जीवंत मंच है। 

 
 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली पहचान हमारी आदिवासी परंपराओं में है। हम नृत्य, गीत, शिल्प, व्यंजन, वन-औषधि और देवगुडिय़ों के माध्यम से इन परंपराओं और संस्कृति को जीते हैं। पिछले वर्ष हमने बस्तर पंडुम की शुरुआत की थी। समापन अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह भी हम सबके बीच आए थे। इस वर्ष हम राष्ट्रपति , केंद्रीय गृहमंत्री, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री तथा भारत में नियुक्त विभिन्न देशों के राजदूतों को भी आमंत्रित कर रहे हैं। पिछली बार बस्तर पंडुम को लेकर बस्तरवासियों का जो उत्साह और जोश देखने को मिला, वह अभूतपूर्व था। इस बार हम इसे और अधिक भव्य बना रहे हैं, ताकि यहाँ की धरोहर राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सके।

 

 

 
 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष बस्तर पंडुम की प्रतिस्पर्धाओं में विधाओं की संख्या सात से बढ़ाकर बारह कर दी गई है। इनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, पूजा-पद्धति के साथ ही शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक व्यंजन-पेय, आंचलिक साहित्य और वन-औषधि को भी शामिल किया गया है। इस बार बस्तर पंडुम प्रतियोगिता का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर की संस्कृति को सहेजते हुए नई पीढ़ी तक पहुँचाया जाए। बस्तर अब केवल संस्कृति का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि शांति, समृद्धि और पर्यटन के माध्यम से विकास का भी प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार बस्तर को नई ऊँचाइयों पर ले जा रही है। यह उत्सव बताता है कि बस्तर अब संघर्ष से नहीं, बल्कि सृजन और उत्सव से पहचाना जाएगा। उन्होंने बस्तरवासियों एवं सभी कलाकार भाई-बहनों से आग्रह किया कि वे अपनी कला के माध्यम से बस्तर का गौरव बढ़ाएँ और अधिक से अधिक संख्या में बस्तर पंडुम के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लें। 
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंडुम का अर्थ पर्व होता है। बस्तर में खुशियों को बढ़ाने के लिए समय-समय पर विभिन्न पर्व (पंडुम) मनाए जाते हैं। किसी भी पर्व की शुरुआत माता के आशीर्वाद से करने की परंपरा रही है। इसी तारतम्य में बस्तर पंडुम की शुरुआत माँ दंतेश्वरी के मंदिर परिसर से की जा रही है। बस्तर समृद्ध संस्कृति से परिपूर्ण है। यहाँ निवास करने वाली जनजातियों की कला, शिल्प, नृत्य, संगीत और खानपान को समाहित कर बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति स्थापना के प्रयास सफल हो रहे हैं। मार्च 2026 तक लाल आतंक समाप्त होकर रहेगा।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर की कला, संस्कृति और परंपरा गर्व का विषय है। इस समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का प्रयास बस्तर पंडुम के माध्यम से किया जा रहा है। पौराणिक काल में भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान दंडकारण्य क्षेत्र में समय व्यतीत किया था। ऐसे पावन क्षेत्र में सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करने की पहल सरकार ने की है। 
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध बस्तर क्षेत्र की विभिन्न विधाओं को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए सरकार लगातार दूसरे वर्ष बस्तर पंडुम का आयोजन कर रही है। इस वर्ष बारह विधाओं में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर प्रांगण में ही संभाग के वरिष्ठ मांझी, चालकी, गायता, पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजनों तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकारों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम को बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप एवं दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम आटमी ने भी संबोधित किया। इस दौरान बस्तर के पारंपरिक नेतृत्वकर्ता मांझियों और समाज प्रमुखों ने भी बस्तर पंडुम के आयोजन के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 5 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत बस्तर संभाग में 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 29 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 2 से 6 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएँ होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं।इस बार के बस्तर पंडुम में विशेष रूप से भारत में विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके। साथ ही बस्तर संभाग के निवासी उच्च पदस्थ अधिकारी, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारी, चिकित्सक, अभियंता, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया है।
प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिकाधिक कलाकारों एवं समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खानपान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य-गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुडिय़ों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत बस्तर संभाग के सात जिलों की 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगरपालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग के रूप में नामित किया गया है।
इस अवसर पर सांसद श्री महेश कश्यप, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, बस्तर आईजी श्री सुंदरराज पी., संस्कृति विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

 

13 जनवरी को होगी सौम्य की पेशी, इसी दिन शुरू होगा शराब घोटाले का ट्रायल

13 जनवरी को होगी सौम्य की पेशी, इसी दिन शुरू होगा शराब घोटाले का ट्रायल

 रायपुर । 2880 करोड़ के शराब घोटाला ट्रायल 13 जनवरी से शुरू होगा। इस वजह से पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव रही सौम्या चौरसिया की आज की पेशी भी 13 तक बढ़ा दी गई है। उनके अधिवक्ता फैज़ल रिजवी ने बताया कि चूंकि अंतिम चालान पेश हो चुका है और उस पर 13 जनवरी से ट्रायल होंगे,इस वजह से सौम्या की भी उसी दिन सुनवाई होगी। तब तक जेल में ही रहेंगी।

बता दें कि 16 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद तीन दिन की रिमांड के बाद शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। सौम्या के बयान के बाद ईओडब्ल्यू के केस में बंद पूर्व आबकारी आयुक्त निलंबित आईएएस निरंजन दास को ईडी ने गिरफ्तार किया है। दास को कल पेश किया जाएगा। समझा जा रहा है कि दास की पेशी भी 13 तक बढ़ा दी जाएगी।

उप मुख्यमंत्री साव ने एनसीए में परफॉर्मेंस असेसमेंट के लिए चयनित खिलाड़ियों को बांटी हॉकी किट

उप मुख्यमंत्री साव ने एनसीए में परफॉर्मेंस असेसमेंट के लिए चयनित खिलाड़ियों को बांटी हॉकी किट

 रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने बेंग्लुरू स्थित साई (Sports Authority of India) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में परफॉर्मेंस असेसमेंट के लिए चयनित खिलाड़ियों को हॉकी किट प्रदान की। उन्होंने आज नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय में गोलकीपर अल्फाज खान को गोलकीपिंग का संपूर्ण किट तथा फॉरवर्ड पोजिशन में खेलने वाली मधु सिदार और दामिनी खुसरो को हाकी स्टिक प्रदान किया। ये तीनों खिलाड़ी बिलासपुर स्थित स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में पिछले तीन सालों से हॉकी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने तीनों खिलाड़ियों के साई के परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप में चयन पर खुशी जाहिर करते हुए बधाई दी। उन्होंने तीनों को भविष्य में अच्छे प्रदर्शन और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। जून-2022 से खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बहतराई के आवासीय प्रशिक्षण केंद्र में 67 खिलाड़ी अभी हॉकी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। राज्य शासन और प्रशिक्षकों के सहयोग से यहां से लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। हॉकी किट के वितरण के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री ए. एक्का और राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में हॉकी के वरिष्ठ कोच श्री राकेश टोप्पो भी मौजूद थे।

रायपुर के अल्फाज खान हाल ही में 12 दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक बेंग्लुरू के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप में शामिल हुए थे। वहां भारतीय हॉकी कोच श्री पी.आर. श्रीजेश ने देशभर के खिलाड़ियों के प्रदर्शन को परखा। जशपुर की मधु सिदार और बोड़ला (कबीरधाम) की दामिनी खुसरो इसी महीने 16 जनवरी से 23 जनवरी तक आयोजित परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप में शामिल होंगी। इन तीनों खिलाड़ियों ने 15वीं हॉकी इण्डिया जूनियर नेशनल चैम्पियनशिप में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। इसी आधार पर उनका चयन राष्ट्रीय स्तर पर परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप के लिए हुआ है। दामिनी खुसरो और मधु सिदार पिछले वर्ष  हुए वेस्ट जोन हॉकी चैम्पियनशिप में विजेता टीम का हिस्सा रही थी। इसमें मधु सिदार सर्वाधिक गोल कर टॉप स्कोरर रही थी।

Crime : पति-बेटी ने मां को पीट-पीट कर उतारा मौत के घाट, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम

Crime : पति-बेटी ने मां को पीट-पीट कर उतारा मौत के घाट, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम

 अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां दुर्गा चौधरी नाम की महिला की हत्या के आरोप में उनके पति और बेटी को अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, दुर्गा चौधरी शराब पीने की लत की शिकार थीं। कई बार पति और बेटी ने उन्हें शराब छोड़ने के लिए समझाया, लेकिन महिला ने उनकी बात नहीं मानी। इसी विवाद के कारण 29 दिसंबर की रात पति और बेटी ने मिलकर महिला की जमकर पिटाई कर दी।

मारपीट के बाद महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान दुर्गा चौधरी की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच कर पति और बेटी को गिरफ्तार किया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

ब्रेकिंग : चेतन्य बघेल को हाईकोर्ट से मिली जमानत, इस मामले में ED ने 18 जुलाई को किया था गिरफ्तार

ब्रेकिंग : चेतन्य बघेल को हाईकोर्ट से मिली जमानत, इस मामले में ED ने 18 जुलाई को किया था गिरफ्तार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाईकोर्ट से इस वक्त एक बड़ी खबर निकलकर आई है। शराब घोटाल में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चेतन्य बघेल को जमानत मिल गयी है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को मंजूर कर ली है। उल्लेखनीय है कि, 18 जुलाई को ईडी ने चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था।

सुप्रीम कोर्ट से भी लग चुका था झटका

उल्लेखनीय है कि, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। जिसमें CBI और ED की जांच की शक्तियों और उसके अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने की सलाह देते हुए सुनवाई से इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा यदि ईडी की कार्रवाई और पीएमएलए कानून की वैधानिकता को चुनौती देना चाहते हैं तो अलग से याचिका दायर करें।

18 जुलाई की सुबह हुई थी गिरफ्तारी

उल्लेखनीय है कि, ईडी ने 18 जुलाई की सुबह भिलाई स्थित बघेल निवास पर छापा मारकर चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन ही गिरफ्तार किया था। उन पर छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।

ब्रेकिंग : उप मुख्यमंत्री अरुण साव के हटाए गए OSD, इन्हे सौंपी गई जिम्मेदारी, देखें आदेश…..

ब्रेकिंग : उप मुख्यमंत्री अरुण साव के हटाए गए OSD, इन्हे सौंपी गई जिम्मेदारी, देखें आदेश…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव की निजी स्थापना में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर विपुल कुमार गुप्ता को उपमुख्यमंत्री साव के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) के पद से हटा दिया है। उन्हें उनके मूल विभाग/कार्यालय में वापस भेजा गया है।

वहीं जिला पंचायत कबीरधाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजय कुमार त्रिपाठी को उपमुख्यमंत्री अरुण साव की निजी स्थापना में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) नियुक्त किया गया है।

देखें आदेश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का किया लोकार्पण….

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का किया लोकार्पण….

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कौशल विकास मंत्री श्री खुशवंत साहेब तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा उपस्थित थे।

उल्लखेनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव 23 से 25 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। साहित्य उत्सव में देशभर के प्रख्यात साहित्यकारों, लेखकों, कवियों, पत्रकारों, समीक्षकों एवं पाठकों की सहभागिता होगी। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, सृजनात्मक लेखन, प्रकाशन जगत, युवा साहित्य तथा नई पीढ़ी के रचनाकारों से जुड़े विषयों पर विविध सत्र आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वेबसाइट लॉन्च करते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उत्सव लेखक और पाठक के बीच नए संवाद का सशक्त मंच बनेगा तथा युवा पीढ़ी में पढ़ने और लिखने की प्रेरणा जागृत करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लोकसाहित्य, लोककथाओं और समृद्ध मौखिक परंपराओं की धरोहर रही है। ऐसे में रायपुर साहित्य उत्सव राज्य की इस सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने का सुअवसर बनेगा।

वर्ष 2026 ‘महतारी गौरव वर्ष’ : मातृशक्ति के सम्मान, स्वाभिमान और सशक्तिकरण को समर्पित – मुख्यमंत्री साय

वर्ष 2026 ‘महतारी गौरव वर्ष’ : मातृशक्ति के सम्मान, स्वाभिमान और सशक्तिकरण को समर्पित – मुख्यमंत्री साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नूतन वर्ष 2026 के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम जारी अपने ऑडियो संदेश में सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है, जो मातृशक्ति के सम्मान, स्वाभिमान और सशक्तिकरण को समर्पित रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में “महतारी” का स्थान सर्वोच्च है। नारी शक्ति त्याग, संस्कार, श्रम और नेतृत्व की प्रतीक है। महतारी गौरव वर्ष के माध्यम से समाज के सभी क्षेत्रों में मातृशक्ति के योगदान को राष्ट्रीय और वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य ने नक्सल उन्मूलन, औद्योगिक प्रगति, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि तथा बुनियादी ढांचा विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलताएँ प्राप्त की हैं। इस विकास यात्रा में मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महतारी गौरव वर्ष के माध्यम से महिलाएँ आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में और अधिक सशक्त होकर आगे आएँगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति के सहयोग से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और अधिक गति और सुदृढ़ता के साथ आगे बढ़ेगी।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे नारी सम्मान, नारी सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण को अपने आचरण और जीवन का मूल मंत्र बनाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी मिलकर वर्ष 2026 को नारी सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास का सशक्त प्रतीक बनाएं। यही नया छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का साझा संकल्प है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी प्रदेशवासियों को नए वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए समृद्धि, शांति और उन्नति की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।

रायपुर प्रेस क्लब चुनाव: मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन, 3 जनवरी तक कर सकते हैं दावा-आपत्ति

रायपुर प्रेस क्लब चुनाव: मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन, 3 जनवरी तक कर सकते हैं दावा-आपत्ति

 रायपुर: कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के आदेशानुसार रायपुर प्रेस क्लब के कार्यकारिणी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के निर्वाचन की प्रक्रिया के अंतर्गत वैध सदस्यों की मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन आज 01 जनवरी 2026 को किया गया।

मतदाता सूची पर 03 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है। प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण उपरांत 05 जनवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।दावा-आपत्ति कार्यालय कलेक्टर, रायपुर के कक्ष क्रमांक 09 में कार्यालयीन समय के दौरान राकेश देवांगन, अतिरिक्त तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी के समक्ष आवश्यक दस्तावेजों सहित प्रस्तुत की जा सकती है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त किसी भी दावा-आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

 रायपुर। दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के दरवाज़े तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के तहत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार का मानना है कि दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गाँवों व बसाहटों तक पहुँचाएगी।मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अब इलाज और जाँच की सुविधा गाँव में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इस पहल को आदिवासी समुदायों की “सर्वांगीण भागीदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस आधार” बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का दिन है। समाज में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक प्रत्येक दृष्टिकोण से पिछड़े लोग विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग हैं। छत्तीसगढ़ में निवासरत 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों के 21 सौ बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होगा। इन सर्वसुविधा-संपन्न 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से यह कार्य आसान होगा। इस यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशियन और स्थानीय वालंटियर उपस्थित होंगे। इस यूनिट में 25 तरह की जाँच सुविधाएँ तथा 106 तरह की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस नवीन योजना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के सहित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जाति के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रयासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट ऐसे सुदूर वनांचलों के लिए हैं जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम है। आज 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट पूरे प्रदेश के लिए समर्पित कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूर्ण करेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस पुनीत कार्य में छत्तीसगढ़ को सहभागी बनकर योगदान देने का अवसर प्रदान किया।

स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को इन यूनिट के माध्यम से निकट स्वास्थ्य केंद्रों में पहुँचाना आसान होगा। हमारा उद्देश्य सिर्फ मशीनें ही नहीं, अपितु कुशल एवं संवेदनशील कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। ये यूनिटें हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी, जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जाँच और रोगों  का उपचार किया जाएगा और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। अब नए वाहन और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता के साथ यह व्यवस्था लगातार संचालित की जा सकेगी। इस पहल से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी।

जशपुर जिले की 10 सड़कों के लिए 31 करोड़ 91 लाख रुपये की स्वीकृति

जशपुर जिले की 10 सड़कों के लिए 31 करोड़ 91 लाख रुपये की स्वीकृति

 रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की एक और बड़ी सौगातनववर्ष से ठीक पहले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को विकास की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में आवागमन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 10 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन के लिए कुल 31 करोड़ 91 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्षों से लंबित इन सड़कों की मांग पूरी होने से क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है।

स्वीकृत कार्यों में एनएच-43 रोड (मुड़ापारा) से चर्चपारा होते हुए सुकबासुपारा तक सड़क निर्माण के लिए 2 करोड़ 47 लाख 97 हजार रुपये, ग्राम पंचायत कछार से सरपंच बस्ती चौक पक्की सड़क से तिरसोठ तक के लिए 3 करोड़ 41 लाख रुपये, कांसाबेल के डांडपानी से खूटेरा पहुंच मार्ग हेतु 4 करोड़ 52 लाख रुपये तथा पाले पखना से जुनवाईंन पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 68 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।इसी क्रम में कांसाबेल के सेमरकछार भट्टीटोली से लपई पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 69 लाख रुपये, ग्राम पंचायत कर्रबेवरा से पखनापारा माड़ो गुफा तक पहुंच मार्ग हेतु 1 करोड़ 88 लाख रुपये, ग्राम पंचायत घरजियाबथान के ठाकुरमुड़ा से रघुनाथपुर जोड़ा तालाब मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपये, ग्राम पंचायत पाकरगांव से तुरवाआमा होते हुए चौराआमा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपये, ग्राम पंचायत भगरपुर से भगोरा पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 60 लाख रुपये तथा अटल चौक से पंडरीपानी होते हुए तिलंगा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 43 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।

इन सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा। इससे किसानों को कृषि उपज के परिवहन में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों की शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच और अधिक सुलभ होगी।ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नए वर्ष से पूर्व जिले को यह महत्वपूर्ण विकास सौगात देकर वर्षों पुरानी मांग पूरी की है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय जशपुर जिले के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगा।

राजधानी रायपुर में 23 जनवरी से लागू होगी पुलिस कमिश्नर प्रणाली

राजधानी रायपुर में 23 जनवरी से लागू होगी पुलिस कमिश्नर प्रणाली

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव की अध्यक्षता में आज 31 दिसंबर को साल के आखिरी दिन कैबिनेट की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा कर मुहर लगाई गई। जिसमें रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने को मंजूरी दे दी गई है, जिसकी जानकारी उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दी।

बता दें कि, यह व्यवस्था 23 जनवरी 2026 से रायपुर महानगर में शुरू होगी। इसे लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस पर  घोषणा की थी। इसके लागू होने से नई व्यवस्था के तहत पुलिस आयुक्त को जिले की कानून-व्यवस्था से जुड़े कई अहम अधिकार प्राप्त होंगे, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और जनता को अधिक सुरक्षा मिलेगी।

 पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने से शहरी क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, यातायात व्यवस्था में सुधार और आपात स्थितियों में त्वरित फैसले संभव हो सकेंगे। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

CG : ओवरब्रिज पर मौत का तांडव, बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत

CG : ओवरब्रिज पर मौत का तांडव, बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत

 आरंग,रायपुर।  नेशनल हाईवे-53 पर मंगलवार की देर शाम दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा लखौली ओवरब्रिज पर देर शाम 7 बजे हुआ, जब बाइक cg 04-4714 में सवार 2 युवक आरंग से रायपुर की ओर जा रहे थे।

जा रहे युवकों की बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई और पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया।प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान संदीप निषाद (18 वर्ष) निवासी बड़गांव (तुमगांव) तथा तिलक निषाद (20 वर्ष) निवासी रायतुम (पटेवा) के रूप में हुई है

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ओवरब्रिज पर अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ा, जिससे दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान पीछे से आ रहे अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक घिसटते हुए करीब 50 मीटर दूर जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही आरंग थाना प्रभारी हरीश साहू पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर मर्चुरी (शवगृह) भेज दिया है तथा मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है।पुलिस के अनुसार बुधवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। वहीं अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है।

CG : अलग-अलग जगहों पर दो लोगों की मौत, खेत में मिली महिला की लाश, तो यहां युवक की गई जान

CG : अलग-अलग जगहों पर दो लोगों की मौत, खेत में मिली महिला की लाश, तो यहां युवक की गई जान

कोरबा।  जिले में अलग-अलग जगहों पर दो लोगों की लाश मिली है। पानी से भरे खेत में एक महिला की लाश मिली है। जबकि डांस देखने गए युवक की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गयी।

मामला जिले के रजगामार पुलिस चौकी अंतर्गत कोरकोमा गाँव और उरगा थाना क्षेत्र का है। कोरकोमा में एक महिला की लाश खेत में मिली है। वहीँ, उरगा थाना क्षेत्र के लबेद गांव में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक अपने दोस्तों के साथ डांस देखने गया था लेकिन वापस नहीं लौटा। वह घायल हालत में मिला और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी

पहली घटना, रजगामार पुलिस चौकी अंतर्गत कोरकोमा गाँव की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे खेत से महिला की लाश मिली है। किसान जोगीराम राठिया ने फसल की बुआई के लिए खेत में पानी भरा हुआ है। जब वह खेत गया तो उसे पानी से भरे खेत में एक अज्ञात महिला का शव मिला। महिला की लाश मिलते ही हड़कंप मच गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गयी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गयी।

महिला की उम्र 40 से 45 वर्ष बताई जा रही है। उसके शव को पोस्टमोर्टम के लिए भेजा गया है। मृतका की पहचान नहीं हो सकती है। बताया जा रहा है उसे गाँव में देखा नहीं गया है। आसपास के थानों में इसकी सूचना दी गयी है। जल्द ही इसका खुलासा हो जायेगा

दूसरी घटना, उरगा थाना क्षेत्र की है। मृतक की पहचान सक्ती जिले के नगरदा गांव निवासी 35 वर्षीय सुखदेव केवट के रूप में हुई है। सुखदेव केवट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। सुखदेव केवट सोमवार रात अपने दोस्तों के साथ डांस देखने बाइक से कोरबा जिले के उरगा थाना अंतर्गत तुमान गांव गया था। उसके बाद वो कबड्डी प्रतियोगिता देखने चले गया।

वहां से सुखदेव सिगरेट पीने की बात कहकर अपनी बाइक लेकर चला गया। सभी दोस्त डांस देखने के बाद मंगलवार सुबह घर पहुंच गए। लेकिन सुखदेव नहीं पहुंचा था। सुखदेव को ढूंढने की कोशिश भी गयी। लेकिन कुछ पता नहीं सका। इसी बीच तुमान के एक दुकानदार के वॉट्सऐप स्टेटस पर फोटो डली मिली। उससे पूछने पर दुकानदार ने बताया कि युवक घायल अवस्था मिला था उसे जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। जब परिजन और दोस्त जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे तो पता चला सुखदेव की मौत हो चुकी थी। उसकी मौत कैसे हुई अभी इसका पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 
 
बड़ी सफलता: 272 नक्सलियों का सरेंडर, अपराध दर घटी, 2026 का रोडमैप तय

बड़ी सफलता: 272 नक्सलियों का सरेंडर, अपराध दर घटी, 2026 का रोडमैप तय

 दंतेवाड़ा।  नक्सल विरोधी अभियान के तहत वर्ष 2025 पुलिस के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है, जहां कुल 272 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया जिन पर 2 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था, जबकि 2024 में 234 नक्सलियों पर महज 90 लाख का इनाम था—यह दर्शाता है कि अब बड़े कैडर भी मुख्यधारा में लौट रहे हैं; आत्मसमर्पित नक्सलियों के बैंक खाते,

कौशल विकास प्रशिक्षण, राशन कार्ड और बस पास जारी कर पुनर्वास किया जा रहा है, वहीं UAPA व अन्य मामलों में 35 नक्सलियों की गिरफ्तारी (17 लाख इनामी) और मुठभेड़ों में 4 नक्सलियों के न्यूट्रलाइज होने से सुरक्षा को बड़ा बल मिला; DRG दंतेवाड़ा ने CRPF सहित संयुक्त अभियानों में अहम भूमिका निभाई,

जहां ऑपरेशन ब्लैकफॉरेस्ट समेत कार्रवाइयों में प्रतिबंधित CPI (माओवादी) के शीर्ष कैडर जैसे बसवराजू और गौतम को न्यूट्रलाइज करने में योगदान रहा—उत्कृष्ट प्रदर्शन पर जवानों को PMG, केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक, छत्तीसगढ़ शौर्य पदक और आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिले; सुरक्षा सुदृढ़ होने से गंभीर अपराध ~7%, अन्य अपराध 8.8% और चोरी 14% घटे, कुल 397 अपराधी जेल भेजे गए;

पुलिस प्रशिक्षण से जांच दक्षता बढ़ी और साइबर अपराध पर सख्ती में 13 केसों में 24 आरोपी देश के विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार हुए—2024 की तुलना में 5 गुना अधिक—और सभी के फिंगरप्रिंट NAFIS में दर्ज किए गए; 2026 के लक्ष्य स्पष्ट हैं—मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद का पूर्ण उन्मूलन, सड़क हादसों में कमी, साइबर जागरूकता व त्वरित कार्रवाई, और DIAL 112 सेवा का क्रियान्वयन।

CG : आईएएस अधिकारियों का प्रमोशन, शहला निगार को प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार, देखें आदेश

CG : आईएएस अधिकारियों का प्रमोशन, शहला निगार को प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार, देखें आदेश

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में लंबे इंतज़ार के बाद आईएएस अधिकारियों का प्रमोशन हुआ है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार 6 आईएएस अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है।

2001 बैच की आईएएस अधिकारी शहला निगार को प्रमुख सचिव बनाया गया है। उन्हें कृषि उत्पादन आयुक्त के पद पर पदस्थ करते हुए प्रमुख सचिव, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, उद्यानिकी, मछलीपालन, पशुधन विकास विभाग, गन्ना आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है

संयुक्त सचिव के पद पर 5 आईएएस

2017 बैच के आईएएस अधिकारियों आकाश छिकारा, रोहित व्यास (जशपुर), मयंक चतुर्वेदी (रायगढ़), कुणाल दुदावत (कोरबा) और चंद्रकांत वर्मा को संयुक्त सचिव बनाया गया है।

 

 

 

Police Promotion : बड़ी संख्या में उप पुलिस अधीक्षकों का प्रमोशन, बने ASP, देखें पूरी लिस्ट

Police Promotion : बड़ी संख्या में उप पुलिस अधीक्षकों का प्रमोशन, बने ASP, देखें पूरी लिस्ट

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ गृह (पुलिस) विभाग ने राज्य सेवा के 16 उप पुलिस अधीक्षकों (DSP) को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर पदोन्नति प्रदान की है। इस संबंध में विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक 10 दिसंबर को आयोजित की गई थी। बैठक में की गई अनुशंसा के आधार पर यह निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक (राजपत्रित) सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2005 के नियम 14 एवं 23 तथा अनुसूची-पाँच में निहित प्रावधानों के अंतर्गत, राज्य शासन द्वारा राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान प्राप्त अधिकारियों को उप पुलिस अधीक्षक से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है।

1 रितेश चौधरी

2 जितेन्द्र कुमार खूंटे

3 अंजली नाग (गुप्ता)

4 कर्ण कुमार उके

5 मनोज कुमार ध्रुव

6 पुष्पेन्द्र नायक

7 मनोज तिर्की

8 सारिका वैद्य

9 निधि नाग

10. कपिल चन्द्रा

11. अविनाश कुमार मिश्रा

12. ईश्वर प्रसाद त्रिवेदी

13. योगेश कुमार साहू

14. मयंक तिवारी

15. रश्मीत कौर चांवला

16. अनिल कुमार विश्वकर्मा

 

 

Transfer : पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, देखें पूरी सूची

Transfer : पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, देखें पूरी सूची

रायपुर।  छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में साल के अंतिम दिन पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने आदेश जारी करते हुए टीआई से लेकर एएसआई स्तर के कुल 119 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है, साथ ही सभी को नई पदस्थापना भी दी गई है।

जारी सूची के अनुसार 4 टीआई, 18 एसआई और 37 एएसआई सहित बड़ी संख्या में अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है। इस फेरबदल के तहत रायपुर के तीन थानों के प्रभारी भी बदले गए हैं, जिसमें सतीश सिंह गहरवार को कोतवाली थाना, एसएन सिंह को कबीर नगर थाना और सुनील दास को गंज थाना का प्रभारी बनाया गया है, वहीं भावेश गौतम को ट्रैफिक टीआई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

देखें आदेश की कॉपी

 

 

 

CG CABINET MEETING : साल की अंतिम साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, पढ़िए लिए गए सभी बड़े फैसले

CG CABINET MEETING : साल की अंतिम साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, पढ़िए लिए गए सभी बड़े फैसले

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

 
1. मंत्रिपरिषद की बैठक में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदने के लिए वर्ष 2026 हेतु ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति दी गई।
 
2. मंत्रिपरिषद ने कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी प्रदाय किये जाने की अनुमति दी गई।
 
3. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए एक बार के लिए 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया है।
 
4. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राज्य शासन की प्रत्याभूति (गारंटी) पर लिए गए ऋणों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर पांच राष्ट्रीय निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण राशि वापस करने का अनुमोदन किया गया। ये राष्ट्रीय निगम हैं- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम और दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम।
 
वर्तमान में इन ऋणों पर राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान किया जा रहा है। ऋण की पूरी अदायगी होने पर यह ब्याज व्यय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय निगमों से एनओसी (अदेय प्रमाण पत्र) प्राप्त होने पर शासन की ओर से दी गई 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी। इस निर्णय से राज्य शासन पर वित्तीय बोझ कम होगा और भविष्य में होने वाले अनावश्यक व्यय से बचत सुनिश्चित होगी।
 
5. मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि –
उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रू. प्रति क्विंटल से बढ़ाकर की गई 40 रू. प्रति क्विंटल
 
सभी मिलरों के लिए प्रोत्साहन राशि की पात्रता हेतु अब न्यूनतम 03 माह की जगह न्यूनतम 02 माह की मिलिंग करनी होगी
 
6. मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन का निर्णय लिया। इससे नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञों की नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में विसंगतियां दूर होंगी। इन संशोधनों से राज्य में निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी, स्थायी रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
 
7. मंत्रिपरिषद ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के बाद पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा, इस संबंध में निर्देशित किया गया है।
 
8. मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में कस्टम मिलिंग के लिए धान उपार्जन एवं परिवहन से संबंधित गतिविधियों के लिए राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर देय स्टाम्प शुल्क को 0.25 से घटाकर 0.05 प्रतिशत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
 
9. मंत्रिपरिषद द्वारा पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नवीन पद वेतन मेट्रिक्स लेवल-14 एक वर्ष की अवधि के लिए स्थायी रूप से निर्मित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
 
10. मंत्रिपरिषद द्वारा रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में पुलिस आयुक्त प्रणाली को 23 जनवरी से लागू किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया है।
साय कैबिनेट की इस साल की आखिरी बैठक कल, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

साय कैबिनेट की इस साल की आखिरी बैठक कल, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् की बैठक 31 दिसम्बर 2025 को पूर्वान्ह 11.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी। यह बैठक साल के अंतिम दिन आयोजित की जा रही है, जो साल की अंतिम बैठक है, बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते है।