बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में बलौदाबाजार जिले में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया गया है। SSP विजय अग्रवाल ने निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक सहित हेड कांस्टेबल और 66 कांस्टेबलों का ट्रांसफर आदेश जारी किया है। जारी हुए आदेश में बलौदाबाजार जिले के जिन 86 पुलिसकर्मियों का तबादला हुआ है, उसमें 4 निरीक्षक, 6 सहायक उपनिरीक्षक (ASI), 10 प्रधान आरक्षक और 66 आरक्षकों के नाम शामिल हैं।



बिलासपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभठ्ठा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। मोहभठ्ठा में प्रधानमंत्री मोदी की आमसभा के लिए 55 एकड़ का विशाल सभा स्थल तैयार किया जा रहा है। इसके नजदीक ही तीन हेलीपेड और 9 पार्किंग स्थल तैयार किए जा रहे हैं।
तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सचिव पी दयानन्द ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी आवश्यक तैयारियां 25 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम साय के सचिव पी.दयानन्द ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम है। बिलासपुर के साथ राज्य भर से लोग पीएम को सुनने पहुंचेंगे। सभा में शामिल होने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाये।
सचिव दयानन्द ने सभास्थल पर मुख्य मंच, हेलीपेड, ग्रीन रूम, सांस्कृतिक मंच, हितग्राहियों एवं अतिथियों की बैठक व्यवस्था आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने सभास्थल के समीप बनाये गये पार्किंग स्थलों का भी जायजा लिया और वहां जनसुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
रायपुर :- राजधानी रायपुर के शंकर एक्सप्रेस-वे के नाले में एक युवक की संदिग्ध अवस्था में लाश मिली है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर जांच में जुट गई है. प्रथम दृष्ट्या युवक की हत्या कर शव फेंकने की आशंका जताई जा रही है.यह मामला खम्हारडीह थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक के पास से एक यामाहा मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है, जिसे घटनास्थल से पुलिस ने जब्त किया है.
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए FSL और डॉग स्कॉड की टीम को भी मौके पर बुलाया है. वहीं पुलिस ने शव की शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू की और मृतक की पहचान 25 वर्षीय मेघराज के रूप में हुई, जो चंपारण का निवासी था. मृतक के पास मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई है. फिलहाल, पुलिस ने शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है.
रायपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल होने के पश्चात ओडिशा के लिए रवाना हुई। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका ने उन्हें विदाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव, विजय शर्मा सहित अधिकारी उपस्थित थे।
बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी में यूजीसी के नियमों को दरकिनार कर प्रोफेसर की भर्ती का मामला सामने आया है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के बाद नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। साथ ही, मामले में यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
दरअसल, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर (कॉमर्स) के पद पर नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। डा. राजेश कुमार शुक्ला ने भी भर्ती के लिए आवेदन किया। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें बताया गया कि भर्ती प्रक्रिया में यूजीसी रेगुलेशन 2018 का उल्लंघन किया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने योग्यता नहीं रखने वाले उम्मीदवारों के आवेदन का त्रुटिपूर्ण सत्यापन किया है। साथ ही, उन्हें साक्षात्कार के लिए योग्य घोषित कर दिया है, जो नियमों के खिलाफ है। याचिका में बताया गया है कि प्राध्यापक पद के लिए यूजीसी रेगुलेशन 2018 में स्पष्ट नियम निर्धारित है। इसके अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर प्रोफेसर पद के लिए आवेदन तभी मान्य होगा, जब उसका कुल मासिक वेतन 7वें वेतनमान में नियुक्त सहायक प्राध्यापक या सह-प्राध्यापक के वेतन से कम न हो।
वर्तमान में 7वें वेतनमान के अनुसार सहायक प्राध्यापक का कुल वेतन 1,30,000/- रुपए से अधिक होना चाहिए। सत्यापन के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आइटीआर) या फार्म-16 की जांच आवश्यक है। याचिका के अनुसार अगर कोई आवेदक निजी महाविद्यालय या विश्वविद्यालय से है, तो उसका शैक्षणिक अनुभव तभी मान्य होगा जब उसकी नियुक्ति संवैधानिक चयन समिति के माध्यम से हुई हो। लेकिन, यूनिवर्सिटी ने बिना नियम के प्राइवेट कॉलेज के प्रोफेसर को भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर लिया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विधानसभा परिसर में कदम्ब का पौधरोपण किया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित थे।
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। राष्ट्रपति मुर्मू छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित रजत जयंती कार्यक्रम में शामिल हुईं। विधानसभा पहुंचने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विधानसभा परिसर में कदम्ब का पौधरोपण किया। इस मौके पर राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मौजूद थे। उन्होंने विधायकों के साथ फोटो भी खिंचाई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित रजत जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी अभिवादन जय जोहार के साथ किया। उन्होंने छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया कहते हुए सभी को रजत जंयती वर्ष की गाड़ा-गाड़ा बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस विधानसभा में आकर ये मान्यता और भी मजबूत हो जाती है कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति के आगमन पर कृतज्ञता ज्ञापन करते हुए कहा कि हम छत्तीसगढ़ विधानसभा का रजत जयंती दिवस मना रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण किया था। लोकतंत्र की जड़ें भारत में वैदिक काल से मजबूत रही है। विधानसभा के सदस्य सत्र के लिए बहुत मेहनत करते हैं। एक अच्छे वातावरण में सदन का काम बेहतर चल रहा है। हाल में विधानसभा सदस्यों के लिए आइआइएम रायपुर पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि सीखने की प्रक्रिया चलते रहने चाहिए। सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। आज राष्ट्रपति महोदय को हम सुनेंगे। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।
रायपुर। राष्ट्रपति मुर्मू छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित रजत जयंती कार्यक्रम में शामिल हुईं। विधानसभा पहुंचने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विधानसभा परिसर में कदम्ब का पौधरोपण किया। इस मौके पर राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मौजूद थे। उन्होंने विधायकों के साथ फोटो भी खिंचाई। मुर्मु ने संबोधन की शुरुआत जय जोहार के साथ की। उन्होंने कहा कि आपको देखकर मुझे ओडिशा विधानसभा में अपने पुराने दिनों की याद आ गई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह की बधाई दी। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुई थी। विधायक की जिम्मेदारी निभाना जनसेवक के भावना से बड़े सौभाग्य की बात होती है। इस विधानसभा की इतिहास को जानकर ये मान्यता मजबूत हुई है कि छत्तीसगढ़िया, सबले बढ़िया। छत्तीसगढ़ राज्य को मातृशक्ति का रूप कहा जा सकता है। जैसा यहां शबरी माता का उल्लेख किया गया। यहां छत्तीसगढ़ की महतारी के बारे में गाया जाता है। ये राज्य भारत माता का साक्षात प्रतीक है। नारी शक्ती के रूप में ये राज्य स्थापित है। भारत के संसदीय परंपरा में उनका सम्मानीय स्थान है।
राष्ट्रपति ने कहा कि वंचित वर्ग से आने वाली मिनीमाता ने समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य किया। इस सदन में महिलाओं की संख्या 19 है। इस सदन में महिलाओं को विशेष समर्थन प्राप्त हुआ है। उन्होंने महिला विधायकों से अनुरोध किया कि वे अपने क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए काम करें। जब सभी बहनें एक-दूसरे को सशक्त बनाएंगी तो हमारा समाज और सशक्त होगा। महिला सदस्यों को प्रयास करना चाहिए कि आने वाले समय में यहां महिला सदस्यों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि वामपंथी लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाने आप जल्द सफल हों। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं विद्यमान है। यहां खनिज, उद्योग, हरे-भरे जंगलों सहित ये राज्य प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। यहां महानदी, इंद्रावती और शिवनाथ जैसी नदी का आशीर्वाद प्राप्त है। यहां के सदस्यों को प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की जिम्मेदारी है।
रायपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन से ठीक पहले रायपुर में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया है. उनके तय रूट पर रिंग रोड नंबर 3 पर दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई, जिससे सड़क पर पेंट फैल गया है. हादसा मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में हुआ, जहां रेत से भरे डंपर और पेंट लदे ट्रक की जबरदस्त टक्कर हो गई.
हादसे के चलते सड़क पर चारों तरफ पेंट फैल गया, जिससे ट्रैफिक बाधित हो गया. प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रिंग रोड नंबर 3 का एक साइड आम ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया और राष्ट्रपति के काफिले के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई. घटना के बाद मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची और रास्ते को जल्द से जल्द क्लियर करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ राज्यपाल रमेन डेका, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री द्वय, मंत्रियों सहित विधायकगणों ने विधानसभा परिसर में समूह फोटो खिंचाई।
रायपुर:- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आज छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महापौर मीनल चौबे, रमेश बैस, सुश्री सरोज पाण्डे, गौरीशंकर अग्रवाल, शिवरतन शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वागत किया।
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु "रजत जयंती वर्ष" में शामिल हुईं। सदन में राज्यपाल रामेन डेका, स्पीकर रमन के साथ पक्ष-विपक्ष के सदस्य मौजूद हैं। इससे पहले वे एयरफोर्स के विशेष विमान से रायपुर पहुंचीं थी। एयरपोर्ट पर उनके स्वागत में छत्तीसगढ़ी कलाकारों ने नृत्य किया।
विधानसभा के 25 साल पूरे होने के मौके पर रजत जयंती वर्ष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रपति मुर्मू विधानसभा परिसर में विधायकों-मंत्रियों को संबोधित भी करेंगी। राष्ट्रपति दोपहर 1 बजे तक रायपुर में रह सकती हैं।
इस वजह से एयरपोर्ट पर आम यात्रियों के लिए बदलाव किए गए हैं। रिंग-रोड 3 पर भारी वाहनों की एंट्री बैन है। विधानसभा की ओर जाने वाली सड़क का दोपहर 2 बजे के बाद ही इस्तेमाल करें।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में एक नई आत्मसमर्पण और पीड़ित पुनर्वास नीति को मंजूरी दी है, जिसके तहत माओवादी हिंसा के शिकार लोगों को भूमि और नक्सल रोधी अभियानों में सुरक्षा बलों की सहायता से मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत-पुनर्वास नीति 2025’ का उद्देश्य नक्सली हिंसा के प्रभावितों को बेहतर मुआवजा, मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और नौकरी के अवसर प्रदान करना है।
साथ ही, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास और नया जीवन शुरू करने के लिए कानूनी सहायता भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि आत्मसमर्पण करने वाले अविवाहित नक्सलियों या जिनके पति या पत्नी अब जीवित नहीं हैं, उन्हें आत्मसमर्पण के तीन साल के भीतर विवाह करने के लिए एक लाख रुपये का अनुदान मिलेगा।
मंत्रिपरिषद द्वारा हाल ही में मंजूर की गई इस नीति में माओवादी हिंसा के शिकार व्यक्तियों को ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि या शहरी क्षेत्रों में आवासीय भूमि देने का भी प्रावधान है। इसका मुख्य उद्देश्य नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों की सहायता करना और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज में पुनः समाहित करना है।
अधिकारियों के अनुसार, सरकार का मानना है कि नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए सख्त कार्रवाई और पुनर्वास के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
नई नीति के तहत, नक्सल रोधी अभियानों में पुलिस की विशेष सहायता करने वाले मुखबिरों की मृत्यु पर मुआवजे की राशि को पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। साथ ही, नक्सली हिंसा में स्थायी विकलांगता के मामलों में मुआवजा राशि को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया है।
यदि नक्सलियों द्वारा किसी को हत्या, गंभीर चोट या स्थायी विकलांगता पहुंचाई जाती है, तो प्रभावित व्यक्ति या उसके परिवार को शहरी क्षेत्रों में 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि या 1,742 वर्ग फुट आवासीय भूमि दी जाएगी। यदि भूमि उपलब्ध नहीं हो पाती है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में चार लाख रुपये और शहरी क्षेत्रों में आठ लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
यदि पीड़ित का परिवार घटना के तीन साल के भीतर कृषि भूमि खरीदता है, तो उसे अधिकतम दो एकड़ भूमि पर स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क में पूरी छूट मिलेगी।
नक्सल हिंसा में जान गंवाने के मामलों में, यदि पीड़ित के परिवार को सरकारी नौकरी नहीं मिलती, तो उन्हें 15 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी (पति/पत्नी और बच्चों को 10 लाख रुपये, जबकि माता-पिता को पांच लाख रुपये)।
नई नीति में नक्सली हिंसा से पीड़ित लोगों के पुनर्वास की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, यदि राज्य के बाहर किसी व्यक्ति या परिवार को नक्सली हिंसा का शिकार बनाया जाता है, तो वे भी इस नीति के तहत लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व क्षय (टीबी) दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से टीबी जैसे संक्रामक रोग के उन्मूलन के लिए एकजुट होकर कार्य करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि टीबी केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक विकास में बाधा उत्पन्न करने वाली चुनौती है, जिससे हमें मिलकर लड़ना है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि टीबी, जिसे तपेदिक भी कहा जाता है, एक संक्रामक रोग है, जो मुख्यतः फेफड़ों को प्रभावित करता है और यह विश्वभर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है। लोगों को इसके लक्षणों, जांच और उपचार के प्रति जागरूक करना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हर वर्ष 24 मार्च को ‘विश्व क्षय दिवस’ मनाया जाता है, ताकि इस बीमारी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को गति दी जा सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में टीबी की रोकथाम के लिए प्रभावी और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी की निःशुल्क जांच और इलाज की सुविधा है, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिल रहा है
मुख्यमंत्री साय ने आमजन से अपील की कि यदि लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना जैसे लक्षण हों, तो तुरंत जांच कराएं। उन्होंने कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते समय पर जांच हो और दवाएं नियमित रूप से ली जाएं। स्वस्थ जीवनशैली और सावधानी से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
बीजापुर। बीजापुर से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां नक्सलियों ने जवानों के वाहन पर IED ब्लास्ट किया है। मिली जानकारी के अनुसार गोरला नाले के पास नक्सलियों ने एक पिकअप वाहन को निशाना बनाकर विस्फोट किया। वहीं इस हमले में दो जवान घायल हो गए।
बता दें कि, घटना मद्देड थाना क्षेत्र के भोपालपट्टनम नेशनल हाइवे के पास हुई। नक्सलियों द्वारा किए गए इस IED ब्लास्ट में जवानों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। वहीं नक्सलियों ने विस्फोट के बाद जवानों पर फायरिंग भी की। जिससे की इस फायरिंग में दो जवान घायल हो गए। इस घटना के बाद इलाके में स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।
बलरामपुर :- प्रदेश में आए दिन हो रहे सड़क हादसों ने लोगों के भीतर डर का माहौल बना दिया है। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले से भी एक भीषण सड़क हादसे की खबर निकलकर सामने आई है। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई है। यहां पर एक तेज रफ़्तार पिकअप ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे हादसे में मौके पर तीन लोगों की मौत हो गई। पूरा मामला शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के चिरई घाट की है। फ़िलहाल मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र इलाके में एक तेज रफ़्तार पिकअप वाहन ने बाइक सवार युवकों को टक्कर मार दी। इस घटना में बाइक सवार तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही शंकरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रायपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज यानि 24 मार्च 2025 को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगी। जहां रायपुर विधानसभा के रजत जयंती वर्ष पर एक विशेष कार्यक्रम को संबंधित करेगी है। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर राज्य प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह करीब 10:30 बजे रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर पहुंचेंगी। जहां वे सुबह 11 बजे पहुंचेंगी। विधानसभा परिसर में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा, जिसके बाद वे सभी विधायकों के साथ एक समूह चित्र (ग्रुप फोटो) में शामिल होंगी। इसके पश्चात राष्ट्रपति विधानसभा के सदस्यों को संबोधित करेंगी। यह संबोधन छत्तीसगढ़ विधानसभा के 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित ‘विधायकों को उद्बोधन’ कार्यक्रम का हिस्सा होगा।
राष्ट्रपति का यह दौरा लगभग दो घंटे का होगा। विधानसभा में कार्यक्रम समाप्त करने के बाद वे दोपहर 12:30 बजे के आसपास हवाई अड्डे के लिए प्रस्थान करेंगी। उनके प्रवास के दौरान रायपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने यातायात नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। राष्ट्रपति की सुरक्षा का जिम्मा रायपुर आईजी के कंधों पर है जहां वे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों और करीब 600 पुलिसकर्मियों के साथ तैनात रहेंगे।
कांकेर : जिले के कुरुशनार इलाके में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है। मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के ठिकाने से सात नग खाली कुकर बरामद किए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन कुकरों का इस्तेमाल विस्फोटक बनाने के लिए किया जाना था, जिससे सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की साजिश थी।
सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में चार नक्सली ढेर हो चुके हैं। इसके बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें यह कुकर बरामद हुए। माना जा रहा है कि नक्सली कुकर बम बनाकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन सुरक्षाबलों की सतर्कता से उनकी यह योजना नाकाम हो गई।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस मामले की गहन जांच कर रही हैं और इलाके में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया गया है। कांकेर क्षेत्र में लगातार सुरक्षाबलों का दबदबा बढ़ रहा है, जिससे नक्सली कमजोर पड़ते जा रहे हैं।
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां 1200 फीट ऊंचाई पर स्थित शिशुपाल पर्वत के वाटरफॉल में एक अज्ञात युवती की सड़ी-गली लाश मिली है। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है।
यह मामला बलौदा थाना क्षेत्र का है। शव करीब 15 दिन पुराना बताया जा रहा है और शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। मृतिका की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आसपास के इलाकों में गुमशुदा लोगों की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल, मामले में पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में बर्खास्त बीएड सहायक शिक्षकों ने अनोखी रैली निकाली। समायोजन की मांग को लेकर को शिक्षकों ने भाटागांव से पैदल चलते हुये भगत सिंह चौक तक रैली निकाली। साथ ही बीएड सहायक शिक्षको के द्वारा श्रद्धांजलि भी दी गई। प्रदर्शन में सैकड़ों सहायक शिक्षक और उनके परिजन शामिल हुये। इस दौरान बर्खास्त शिक्षकों ने शहीद दिवस पर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को याद करते हुये उनकी वेशभूषा में रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
रैली में शामिल बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने कहा कि आज शहीदी दिवस के दिन भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू की वेशभूषा में भाटागांव (बस स्टैंड) से भगत सिंह चौक तक रैली निकाली। सरकार से हमारी मांग है कि जल्द से जल्द उनका समायोजन किया जाए। लम्बे समय से वे लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। रोज अलग-अलग तरह से प्रदर्शन कर सरकार तक अपनी मांग को पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन उनकी मांगों को अभी तक के नहीं सुना गया है। आने वाले दिनों में भी मांग पूरी नहीं होती है तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
मालूम हो कि बिलासपुर हाईकोर्ट ने 10 दिसंबर को फैसला सुनाते हुये कहा था कि सहायक शिक्षकों के पद पर केवल डीएड डिग्रीधारी ही पात्र होगें। बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों की नियुक्ति रद्द कर दी गई थी। हाईकोर्ट के फैसले से कुल 2,897 शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया गया था। नौकरी जाने के विरोध में सहायक शिक्षकों ने प्रदर्शन शुरू किया और सरकार से समायोज की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए पूर्व में सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है। हालांकि अभी तक के कमेटी का कोई फैसला इस विषय में नहीं आया है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने 14 जजों को पोर्टफोलियो जज के रूप में नामित किया है। इस संबंध में हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल विनोद कुजूर द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। जारी आदेश के तहत प्रत्येक जज को एक या अधिक जिलों का प्रभार सौंपा गया है, जहां वे न्यायिक प्रशासन और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी करेंगे। बता दें कि यह आदेश 1 अप्रैल से प्रभावी होगा
पोर्टफोलियो जजों की सूची और उनके प्रभार वाले जिले:
- जस्टिस संजय के. अग्रवाल– रायगढ़, धमतरी
- जस्टिस संजय अग्रवाल– कोरबा, जांजगीर-चांपा
- जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू– बिलासपुर
- जस्टिस रजनी दुबे– रायपुर, कबीरधाम (कवर्धा)
- जस्टिस नरेन्द्र कुमार व्यास– दुर्ग, बालोद
- जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी– बेमेतरा, महासमुंद
- जस्टिस दीपक कुमार तिवारी– राजनांदगांव, कोरिया (बैकुंठपुर)
- जस्टिस सचिन सिंह राजपूत– कोंडागांव, मुंगेली
- जस्टिस राकेश मोहन पांडे– बलौदाबाजार, बस्तर (जगदलपुर)
- जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल– बलरामपुर, रामानुजगंज
- जस्टिस संजय कुमार जायसवाल– सरगुजा (अंबिकापुर)
- जस्टिस रवीन्द्र कुमार अग्रवाल– जशपुर
- जस्टिस अरविन्द कुमार वर्मा– सूरजपुर
- जस्टिस बिभु दत्त गुरु– दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा)
- जस्टिस अमितेन्द्र किशोर प्रसाद– उत्तर बस्तर (कांकेर)

क्या करेंगे पोर्टफोलियो जज?
पोर्टफोलियो जज अपने प्रभार वाले जिले के जिला एवं सत्र न्यायालयों का निरीक्षण करेंगे। वे न्यायिक कार्यों की निगरानी के साथ-साथ प्रशासनिक गतिविधियों पर भी नजर रखेंगे। इसके अलावा, वे न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों से मिलकर न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास करेंगे।
बार और बेंच के बीच समन्वय
पोर्टफोलियो जज वकीलों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ बार काउंसिल से आने वाले सुझावों पर भी अमल करेंगे। वे न्यायालयीन कार्यों की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने और कोर्ट परिसर में नए भवनों या अन्य निर्माण कार्यों की मंजूरी देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सुकमा : जिला सुकमा में एसपी किरण चव्हाण एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है,इसी तारतम्य में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर जिला पुलिस बल, G/E coy 02री वाहिनी सीआरपीएफ की संयुक्त पार्टी नक्सल गस्त सर्चिंग हेतु थाना चिंतागुफा अंतर्गत दुलेड कैम्प के मरकनगुड़ा जंगल क्षेत्र में रवाना हुये थे कि अभियान के दौरान ग्राम मरकनगुड़ा के जंगल क्षेत्र में नक्सलियों के द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से छुपाकर रखे 6 नग भरमार बन्दूक हथियार ,BGL सेल व भारी मात्रा में विस्फोटक सहित अन्य सामाग्री बरामद किया गया। सभी जवान सुरक्षित है, बाद सभी पार्टी अभियान करते हुए सुरक्षित कैम्प वापस हुई हैं।
इसी क्रम में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर जिला पुलिस बल, 203 कोबरा वाहिनी, D/coy एवं YP/131वाहिनी सीआरपीएफ की संयुक्त पार्टी नक्सल गस्त सर्चिंग हेतु थाना चिंतागुफा अंतर्गत नवीन कैंम्प मेंट्टागुडा के जंगल क्षेत्र में रवाना हुये थे कि अभियान के दौरान ग्राम मेटागुड़ा के जंगल क्षेत्र में नक्सलियों के द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से छिपाये हुए 03 नग बन्दूक हथियार ,BGL सेल व भारी मात्रा में विस्फोटक सहित अन्य सामाग्री को सुरक्षा बलों ने बरामद किया गया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला इलाके में युवक पर चाकू से हमला किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर के उरला इलाके के सतनामी चौक में इस घटना को अंजाम दिया गया है। यहां पुराने पारिवारिक विवाद के चलते मोहित चतुर्वेदी ने अभिषेक गेंड्रे नामक युवक को चाक़ू मार दिया। इस घटना में अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अभिषेक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इस मामले में उरला पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपी मोहित को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों युवक रिश्ते में भाई है। आरोपी मोहित घायल युवक अभिषेक की बुआ का बेटा है।
बलोदा बाज़ार :- साय कैबिनेट से मंजूरी के बाद नई आबकरी नीति 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में लागू होने जा रही है। इसके तहत छत्तीसगढ़ में 67 नई शराब दुकानें खोली जानी हैं। हैरतअंगेज तरीके से केवल बलौदाबाजार जिले में 21 शराब दुकानें खोलने का प्रावधान किया गया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए पूछा है कि क्या यह पूरे बलौदाबाजार जिले को शराबी बनाने की तैयारी है?
BJP शराबबंदी की बात करती थी लेकिन
जिला कांग्रेस अध्यक्ष हितेन्द्र ठाकुर, ब्लॉक ग्रामीण अध्यक्ष विक्रम गिरी और शहर अध्यक्ष रुपेश ठाकुर ने फैसला वापस न लेने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार एक ओर सुशासन का दावा करती है। दूसरी ओर वह समाज में अशांति और अराजकता फैलाने का काम कर रही है। राज्य में जब कांग्रेस की सरकार थी, तो भाजपा शराबबंदी की बात करती थी। अब वही भाजपा सरकार शराब दुकानों की संख्या बढ़ाकर समाज को और अधिक नशे की ओर धकेलने जा रही है।
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस की सरकार में पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई थी। इसका उद्देश्य शराबबंदी के लिए विभिन्न राज्यों की नीतियों का अध्ययन करना और छत्तीसगढ़ में इस दिशा में जरूरी कदम उठाना था। यहां सरकार शराबबंदी की दिशा में आगे बढ़ना छोड़, उसे और बढ़ावा दे रही है।
कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार नए शराब दुकानों (CG Liquor Shops) के प्रस्ताव को रद्द करे। अगर इसे लागू किया जाता है, तो कांग्रेस आंदोलन करेगी। संबंधित गांवों में धरना देगी। नेताओं ने कहा कि स्कूल और अस्पताल खोलने की जगह सरकार शराब दुकानों की संया बढ़ा रही है। इसका समाज पर नकारात्मक असर पड़ेगा।





























