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सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के सभी अधिकारियों से मांगा संपत्ति विवरण

सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के सभी अधिकारियों से मांगा संपत्ति विवरण

 रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के सभी अधिकारियों से संपत्ति विवरण मांगा है। इन सभी अधिकारियों को 31 जनवरी तक जीएडी के स्पैरो पोर्टल में यह विवरण अनिवार्यता देना होगा। इसमें पत्नी / पति, बच्चों के नाम की संपत्ति की भी जानकारी देनी होगी।
जीएडी सचिव अविनाश चंपावत ने सभी राप्रसे अधिकारियों को इस संबंध में एक पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 19 (1) के तहत् अचल संपत्ति का वार्षिक विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इसमें इस वर्ष 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक की अवधि में धारित वार्षिक अचल संपत्ति का विवरण नियत समयावधि 31 जनवरी 26 तक इस विभाग में ऑनलाईन स्पैरो पोर्टल ईपीएआर.सीजी.जीओवी.इन के माध्यम से अनिवार्यत: प्रस्तुत की जाय। इसके बाद सबमिशन लिंक बंद हो जाने की स्थिति में निर्धारित समयावधि पश्चात् अचल संपत्ति विवरण विभाग द्वारा स्वीकार नहीं किये जाएंगे जिसके लिए स्वयं जिम्मेद्वार होंगे।

संरचनात्मक सुधारों से छत्तीसगढ़ में निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जमीनी क्रियान्वयन तेज़

संरचनात्मक सुधारों से छत्तीसगढ़ में निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जमीनी क्रियान्वयन तेज़

 00 नए उद्योगों से बढ़ेगा रोज़गार के अवसर

रायपुर। छत्तीसगढ़ अब सिर्फ निवेश आकर्षित नहीं कर रहा उन्हें तेज़ी से ज़मीन पर भी उतार रहा है। नवंबर 2024 से अब तक राज्य ने 18 क्षेत्रों में 27.83 लाख करोड़ रूपए के 219 निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। इनमें सेमीकंडक्टर और एआई से लेकर सीमेंट, बिजली और मैन्युफैक्चरिंग तक शामिल हैं। ये परियोजनाएँ राज्य के अन्य जिलों में फैली हैं, जिनसे 1.5 लाख रोजगार सृजित होंगे और यह पूरे राज्य में संतुलित विकास की ओर एक बड़ा संकेत है। नए उद्योगों से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रेस वार्ता में सी एस आई डी सी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, सचिव उद्योग श्री रजत कुमार, संचालक उद्योग श्री प्रभात मालिक, सी एस आई डी सी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार मौजूद थे.
अब निवेश केवल रायपुर तक सीमित नहीं हैं। प्रश्तावित निवेशों की विशेष बात ये है कि हर 5 में से। निवेश (21 प्रतिशत) आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में हैं। 33 प्रतिशत रायपुर संभाग में और 46 प्रतिशत बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभागों में क्षेत्रीय विविधता ने मजबूती दी है। लगभग 50 प्रतिशत निवेश प्राथमिक (थ्रस्ट) क्षेत्रों में हैं जैसे सेमीकंडक्टर और एआई डेटा सेंटर पार्क वहीं सीमेंट और बिजली जैसे पारंपरिक उद्योग भी मजबूत बने हुए हैं। कुल निवेश प्रस्तावों में 57 परियोजनाएँ 1,000 करोड़ रूपए से अधिक की है और 34 परियोजनाएँ 1,000 से ज्यादा रोजगार देने वाली हैं।

असल कहानी है तेज़ क्रियान्वयन की। 6.063 करोड़ रूपए की 9 बड़ी परियोजनाएँ चालू हो चुकी हैं, जिनसे उत्पादन शुरू हो गया है और 5,500 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इसके अलावा 109 परियोजनाएँ यानी लगभग आधी उन्नत चरण में हैं। ये या तो निर्माणाधीन हैं या भूमि आवंटन के बाद आगे बढ़ चुकी हैं। ये 24 जिलों और 16 क्षेत्रों में फैली हैं और जल्द ही 87,132 रोजगार सृजित करेंगी। खास बात यह है कि इनमें से 58 प्रतिशत परियोजनाएँ आतिथ्य एवं स्वास्थ्य, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और फार्मा जैसे प्राथमिक क्षेत्रों से जुड़ी हैं।

प्रमुख परियोजनाएँ इस रफ्तार को साफ दिखाती हैं। पोलिमेटेक की 10,000 करोड़ रूपए से अधिक की सेमीकंडक्टर फेक्ट्री जो छत्तीसगढ़ की पहली हे को सिर्फ 45 दिनों में भूमि आवंटित हुआ और काम तेज़ी से शुरू हुआ। रेकबैंक का 1,000 करोड़ रूपए का एआई डेटा सेंटर पार्क- देश का पहला-अब लगभग पूरा होने वाला है। ड्रल्स का 625 करोड़ रूपए का पेट फूड विस्तार प्रोजेक्ट ट्रायल प्रोडक्शन में है और इससे 3,000 रोजगार मिलेंगे। वी-राइज़ का तीसरा भारत कार्यालय एक आईटी यूनिट निर्माणाधीन है। अल्ट्राटेक सीमेंट का 1,600 करोड़ रूपए का निवेश चालू हो चुका है। आदित्य बिड़ला समूह का 67.5 मेगावाट का सोलर प्लांट मई में शुरू हो गया। वहीं बस्तर में रापपुर स्टोन क्लिनिक का 350-बेड अस्पताल लगभग तैयार है, जिससे आदिवासी परिवारों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, जो राज्य कभी मुख्य रूप से लोह और इस्पात के लिए जाना जाता था. वह अब सेमीकंडक्टर, एआई डेटा सेंटर पार्क, नवीकरणीय ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं जैसे नए क्षेत्रों का केंद्र बन रहा है। कंपनियाँ सिर्फ निवेश का निर्णय नहीं ले रहीं, बल्कि जल्द से जल्द काम शुरू करना बाहती हैं। हमारी सरकार हर उद्यमी के लिए व्यापार को आसान बनाने और हर चरण में पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा, सुधारों ने विवेकाधिकार की जगह पारदर्शिता लाई है. जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसका असर साफ दिखता है सरल प्रक्रियाएँ और बड़े पैमाने पर जमीन पर उतरती परियोजनाएँ। यह साबित करता है कि संवेदनशील शासन उद्योग को गति देता है।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने कहा कि हमारा फोकस यह सुनिश्चित करता है कि निवेश प्रस्ताव के बाद निवेशकों की गति न रुके। तेज़ भूमि आवंटन, डिजिटल स्वीकृतियों ओर बेहतर समन्वय से कंपनियों बिना देरी के इरादे से निर्माण तक पहुंच पा रही है।
इस तेज़ उछाल के पीछे कई अग्रणी सुधार हैं-132 स्वीकृतियों के लिए वन-क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम जन विश्वास अधिनियम के तहत 279 छोटे अपराधों का अपराधमुक्तिकरण (दो जन विश्वास अधिनियम लागू करने वाला पहला राज्य), स्वचालित भूमि म्यूटेशन लागू करने वाला पहला राज्य; एफएआर और ग्राउंड कवरेज में वृद्धि और सेटबेक में कमी, डिजिटल भूमि विवरण (रजिस्ट्री. आरओआर, टैक्स बकाया, न्यायालय प्रकरण); लेआउट और भवन स्वीकृति के लिए एकीकृत सॉफ्टवेयर, 24ग7 संचालन और विस्तारित फायर एनओसी। इन सुधारों के चलते डीपीआईआईटी से चार श्रेणियों में 'टॉप अचीवर' की मान्यता मिली।
ये सभी पहल केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि गति, जवाबदेही और ज़मीनी परिणामों पर केंद्रित प्रशासनिक संस्कृति को दर्शाती हैं। निवेश की विविधता और क्रियान्वयन की रफ्तार एक बात साफ कर देती है-छत्तीसगढ़ अब सिर्फ निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर नहीं कर रहा, बल्कि वास्तविक परियोजनाएँ बना रहा है, वास्तविक रोजगार पैदा कर रहा है और वास्तविक बदलाव ला रहा है।

सुव्यवस्थित धान खरीदी से बढ़ा किसानों का भरोसा, कांकरिया उपार्जन केंद्र की व्यवस्था बनी मिसाल

सुव्यवस्थित धान खरीदी से बढ़ा किसानों का भरोसा, कांकरिया उपार्जन केंद्र की व्यवस्था बनी मिसाल

 रायपुर। पूरे छत्तीसगढ़ सहित धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पूरी तरह सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-हितैषी ढंग से संचालित किया जा रहा है। किसानों की सुविधा और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच पा रहे हैं और शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

धान खरीदी प्रक्रिया में तुंहर टोकन ऐप ने किसानों के लिए व्यवस्था को और अधिक सरल व सुगम बना दिया है। समय पर टोकन उपलब्ध होना, केंद्रों में व्यवस्थित तौल, बैठने की सुविधा, पेयजल एवं छाया जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं ने किसानों का शासन-प्रशासन पर भरोसा और मजबूत किया है। धमतरी जिले के किसान इन व्यवस्थाओं से संतुष्ट होकर खुशी व्यक्त कर रहे हैं।

ऐसी ही एक प्रेरक सफलता की कहानी है ग्राम पोटियाडीह के किसान श्री नरेन्द्र कांकरिया की। श्री कांकरिया ने खरीफ मौसम में अपने 8 एकड़ 15 डिस्मिल रकबे में धान की खेती की। उन्हें तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से पहले टोकन में 80 क्विंटल धान बेचने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र पर पहुंचने से लेकर तौल और रसीद प्राप्त होने तक पूरी प्रक्रिया सहज, पारदर्शी और परेशानी-मुक्त रही।

किसान श्री कांकरिया ने बताया कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर धान विक्रय से प्राप्त राशि से उन्होंने ट्रैक्टर खरीदा था, जिससे खेती के कार्य में सुविधा हुई और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई। ट्रैक्टर पर लिया गया ऋण अभी चल रहा है, जिसे वे इस वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से चुकाने की योजना बना रहे हैं। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का बकाया भुगतान करने की भी उनकी तैयारी है। उनका कहना है कि समय पर भुगतान मिलने से आर्थिक दबाव कम होता है और खेती में पुन: निवेश करने का आत्मविश्वास बढ़ता है।

श्री नरेन्द्र कांकरिया ने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धान उपार्जन केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं और सुचारू व्यवस्था के कारण किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
धमतरी जिले में धान खरीदी की यह सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्था न केवल किसानों की मेहनत को सम्मान दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है। यह शासकीय पहल किसानों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त उदाहरण बन रही है।

23 से 25 दिसम्बर तक होगा राज्य युवा महोत्सव, 3100 युवा करेंगे भागीदारी

23 से 25 दिसम्बर तक होगा राज्य युवा महोत्सव, 3100 युवा करेंगे भागीदारी

 00 14 विधाओं में दिखाएंगे अपनी प्रतिभा, विजेता प्रतिभागियों को राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने का मिलेगा मौका

00 उप मुख्यमंत्री साव ने किया पोस्टर का विमोचन
रायपुर। 
न्यायधानी बिलासपुर में आगामी 23 दिसम्बर से 25 दिसम्बर तक आयोजित राज्य युवा महोत्सव-2025 में 3100 युवा भागीदारी करेंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में इसका आयोजन किया जा रहा है। इसमें जिला स्तरीय युवा उत्सव के विजेता प्रतिभागी 14 विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। राज्य युवा महोत्सव के विजेता प्रतिभागी अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रीय युवा महोत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे। 23 दिसम्बर को महोत्सव के उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ की मेजबानी में होने वाले प्रथम खेलो इण्डिया ट्रायबल गेम्स की लॉन्चिंग सेरेमनी भी होगी। तीन दिवसीय इस आयोजन के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक एवं मंचीय कार्यक्रम भी होंगे।
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रेस-कॉन्फ्रेंस में राज्य युवा महोत्सव के दौरान होने वाले प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने अपने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में महोत्सव के पोस्टर का विमोचन किया। राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती तनूजा सलाम भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थीं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोडऩे, उनकी प्रतिभा को निखारने तथा राष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच प्रदान करने राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2026 के तारतम्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला एवं राज्य स्तर पर युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में युवा महोत्सव का जिला स्तरीय आयोजन 24 नवम्बर से 15 दिसम्बर तक किया गया था। जिला स्तर पर 14 विभिन्न विधाओं के विजेता प्रतिभागी राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में हिस्सेदारी करेंगे।

राज्य युवा महोत्सव में 14 विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें 8 दलीय विधाएं और 6 एकल विधाएं शामिल हैं। दलीय विधाओं में लोकनृत्य, पंथी नृत्य, राउत नाचा, सुआ नृत्य, करमा नृत्य, लोकगीत, रॉक बैंड और एकांकी की प्रतियोगिताएं होंगी। वहीं एकल विधाओं में वाद-विवाद, कहानी लेखन, चित्रकला, कविता लेखन, नवाचार (साइंस मेला) और पारंपरिक वेशभूषा शामिल हैं।

राज्य युवा महोत्सव में दलीय विधाओं में प्रथम स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागियों को 20 हजार रुपए, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को 15 हजार रुपए एवं तृतीय स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को 10 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। एकल विधाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमश: 5 हजार रुपए, 3 हजार रुपए एवं 2 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। महोत्सव में भाग लेने वाले हर प्रतिभागी को एक-एक हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। राज्य युवा महोत्सव में सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं की 5 विधाओं लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला और कविता लेखन के विजेता प्रतिभागी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा उत्सव-2026 में भागीदरी करेंगे।

राज्य युवा महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कलाकारों के गायन, बैण्ड परफॉर्मेंस, कवि सम्मेलन जैसे विविध आयोजन भी होंगे। 23 दिसम्बर को उद्घाटन समारोह के दिन राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक आरूग बैण्ड (श्री अनुज शर्मा) की प्रस्तुति तथा नारायणपुर के प्रसिद्ध मल्लखंब का प्रदर्शन किया जाएगा। 23 दिसम्बर को ही बिलासपुर पुलिस ग्राउंण्ड में रात साढ़े 8 बजे से कवि सम्मेलन होगा, जिसमें प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास एवं अन्य कवि कविता पाठ करेंगे।
राज्य युवा महोत्सव के दूसरे दिन 24 दिसम्बर को राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में शाम 6 बजे से काफिला बैण्ड एवं स्वप्निल लाइव बैण्ड की प्रस्तुति होगी। अंतिम दिन 25 दिसम्बर को शाम 6 बजे से सुश्री आरू साहू तथा दायरा (बस्तर) बैण्ड की प्रस्तुति होगी। समापन समारोह में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर और कई विभागीय अधिकारी भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में उपस्थित थे।

धान की बेहतर कीमत ने बढ़ाया किसान युगल का हौसला

धान की बेहतर कीमत ने बढ़ाया किसान युगल का हौसला

 साढ़े सात एकड़ की खेती से संवर रहा परिवार का भविष्य

 रायपुर--छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों और समर्थन मूल्य पर सुदृढ़ धान खरीदी व्यवस्था ने प्रदेश के किसानों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। शासन द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी तथा समय पर भुगतान से किसानों का खेती के प्रति भरोसा और उत्साह दोनों बढ़ा है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण ग्राम फेकारी के प्रगतिशील किसान श्री युगल किशोर साहू हैं, जिनकी मेहनत और शासन की नीतियों के समन्वय से परिवार का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है।        दुर्ग जिले के ग्राम फेकारी निवासी किसान श्री युगल किशोर साहू ने बताया कि वे लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। इस वर्ष शासन द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के चलते उन्होंने अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेची, जिससे उन्हें संतोषजनक और सुरक्षित आय प्राप्त हुई। उनके चेहरे पर दिखती मुस्कान खेती से मिली आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की कहानी स्वयं बयां करती है।        श्री साहू ने बताया कि खेती से प्राप्त आय का उपयोग वे परिवार के सामाजिक और घरेलू दायित्वों को पूरा करने में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आय से वे नए घर का निर्माण कार्य पूर्ण कर रहे हैं। साथ ही बच्चों के विवाह, छ_ी जैसे पारिवारिक आयोजनों का खर्च भी अब बिना किसी आर्थिक दबाव के आसानी से वहन कर पा रहे हैं।        खेती में नवाचार और विविधीकरण की सोच को अपनाते हुए श्री युगल किशोर साहू केवल धान तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने बताया कि धान के साथ-साथ वे चना, मटर और लाखड़ी (तिवड़ा) जैसी दलहन फसलों की खेती भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी मिल रही है और खेती का जोखिम भी कम हुआ है।        किसान श्री युगल किशोर साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहले की तुलना में अब धान की कहीं बेहतर कीमत मिल रही है। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी से किसानों को सीधा और बड़ा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की इन नीतियों से किसान अब पहले से कहीं अधिक आर्थिक रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर और संतुष्ट महसूस कर रहे हैं। 

CG – इंजीनियर की मौत : ड्यूटी कर जा रहा था घर, तभी रास्ते में हो गई मौत, ऐसे हुए हादसे के शिकार

CG – इंजीनियर की मौत : ड्यूटी कर जा रहा था घर, तभी रास्ते में हो गई मौत, ऐसे हुए हादसे के शिकार

 जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक युवा इंजीनियर की जिंदगी को हमेशा के लिए खत्म कर दिया. जगदलपुर के बोधघाट थाना क्षेत्र के आड़ावाल बाईपास पर गुरुवार की सुबह करीब दस बजे एक खाली मालवाहक ट्रक की तेज गति ने बाइक पर सवार एक एनएमडीसी कर्मचारी को अपनी चपेट में ले लिया. 

हादसा इतना भयानक था कि युवक को मौके पर ही अपनी जान गंवानी पड़ी.

पुलिस के अनुसार, मृतक का नाम बी. धर्मा राव था, जो मात्र 30 वर्ष के थे. मूल रूप से ओडिशा के निवासी धर्मा राव हाल ही में कुछ महीनों से आड़ावाल इलाके में किराए के घर में रहते हुए एनएमडीसी में इंजीनियर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे. 

वह अपनी ड्यूटी समाप्त कर बाइक पर घर लौट रहे थे, जब सामने से आते हुए अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें जोरदार धक्का दे दिया. चश्मदीदों ने बताया कि ट्रक चालक की लापरवाही से वाहन की रफ्तार बेकाबू हो गई थी, जिसके चलते यह विपत्ति घटी.

घटना की सूचना मिलते ही बोधघाट थाने की टीम मौके पर पहुंची और ट्रक चालक को तुरंत हिरासत में ले लिया. थाना प्रभारी लीलाधर राठौर ने बताया कि आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, जबकि मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है.

 

बाबा गुरु घासीदास ने पूरी मानवजाति को सामाजिक समरसता का दिया संदेश – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

बाबा गुरु घासीदास ने पूरी मानवजाति को सामाजिक समरसता का दिया संदेश – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर के पेंशनबाड़ा स्थित शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास परिसर में आयोजित परमपूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छात्रावास के विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर बाबा गुरु घासीदास जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके आदर्शों को स्मरण किया

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने “मनखे-मनखे एक समान” का अमर संदेश देकर पूरी मानवजाति को सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाया। उनका विचार आज भी समाज को जोड़ने और भेदभाव रहित व्यवस्था की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पेंशनबाड़ा स्थित शासकीय पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 300 सीटर किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्य मंत्री और अब मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें हर वर्ष बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिलता रहा है, लेकिन विद्यार्थियों के बीच यह आयोजन मनाना उनके लिए विशेष आनंद और संतोष का विषय है। उन्होंने कहा कि जब समाज ऊँच-नीच और असमानता से जूझ रहा था, तब छत्तीसगढ़ की धरती पर बाबा गुरु घासीदास जी का अवतरण हुआ—यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है। बाबा जी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर समाज को नई दिशा दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के संदेशों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विगत 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज प्रदेश के विद्यार्थी आईआईटी, एम्स और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं में शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य गढ़ रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएससी में भ्रष्टाचार के दोषियों पर कार्रवाई की गई है और अब पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती तभी सार्थक होगी, जब हम उनके उपदेशों को अपने जीवन में उतारें। उन्होंने युवाओं से सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं की स्किलिंग पर विशेष ध्यान दे रही है। रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नीशियन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।

समारोह में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक पंथी नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में राजमहंत श्री बंशी लाल कुर्रे, श्री संदीप सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर समेत देश के 30 से अधिक ठिकानों पर ED की दबिश, 2,434 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हो रही जांच

रायपुर समेत देश के 30 से अधिक ठिकानों पर ED की दबिश, 2,434 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हो रही जांच

 रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छत्तीसगढ़ के रायपुर समेत देश के करीब 30 से अधिक ठिकानों पर दबिश दी है। जिसके बाद से कारोबारियों और निवेशकों में हड़कंप मच गया। यह मामला 2,434 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा है, जिसमें CBI में दर्ज निवेशकों से रियल एस्टेट निवेश फंड के जरिए धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी मामले से जुड़ा है।

बता दें कि, ईडी की टीम ने छत्तीसगढ़ की राजधानी  रायपुर, मुंबई, महाराष्ट्र के  नासिक और कर्नाटक के बेंगलुरु में दबिश दी है। जबकि, अकेले मुंबई में करीब 20 ठिकानों पर ईडी की टीमें दबिश देकर एक साथ जांच कर रही है।

 वहीं रायपुर, नासिक और बेंगलुरु में करीब 10 ठिकानों को खंगाला जा रहा है। इसमें जय कॉर्प लिमिटेड के निदेशक, उद्योगपति आनंद जयकुमार जैन और उनकी सहयोगी कंपनियां और उनके व्यापारिक साझेदार इस रेड के दायरे में हैं।

जहाँ बंदूकें खामोश हुईं, वहाँ रखी जा रही भविष्य की नींव, 35 आत्मसमर्पित नक्सली बने राजमिस्त्री

जहाँ बंदूकें खामोश हुईं, वहाँ रखी जा रही भविष्य की नींव, 35 आत्मसमर्पित नक्सली बने राजमिस्त्री

 सुकमा।  कभी जिन हाथों में बंदूकें थीं, आज उन्हीं हाथों में औज़ार हैं। कभी जिन रास्तों पर हिंसा और डर का साया था, आज वहीं विकास और भरोसे की नींव रखी जा रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच और स्पष्ट मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की एक नई और सकारात्मक तस्वीर उभरकर सामने आई है। वहाँ पुनर्वास केंद्र में रह रहे 35 आत्मसमर्पित नक्सलियों को राजमिस्त्री (मेसन) का व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है।

यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन और एसबीआई आरसेटी के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 15 महिलाएं और 20 पुरुष शामिल हैं। इन्हें भवन निर्माण से जुड़े सभी आवश्यक तकनीकी और व्यावहारिक कौशल—जैसे नींव निर्माण, ईंट चिनाई, प्लास्टर कार्य, छत ढलाई, गुणवत्ता मानक का व्यवस्थित और चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ये किसी भी निर्माण कार्य में दक्षता के साथ काम कर सकें।

यह पहल केवल रोजगार प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसमर्पित युवाओं के जीवन को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये युवा प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण )के तहत जिले में अधूरे और नए आवासों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इससे एक ओर उन्हें स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही कुशल राजमिस्त्रियों की कमी भी दूर होगी।

कलेक्टर देवेश ध्रुव ने इस पहल को सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि आत्मसमर्पण का वास्तविक अर्थ केवल हथियार छोड़ना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ लौटना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे युवाओं को कौशल, रोजगार और सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण सहित विभिन्न शासकीय निर्माण कार्यों के सफल क्रियान्वयन के लिए कुशल मानव संसाधन अत्यंत आवश्यक है। यह प्रशिक्षण आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार और सामाजिक सरोकार से जोड़ेगा।

पोलमपल्ली निवासी पुनर्वासित पोड़ियम भीमा बताते हैं कि वे लगभग 30 वर्षों तक संगठन से जुड़े रहे, लेकिन आत्मसमर्पण के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। “यहाँ रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था है। हमें राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले इलेक्ट्रीशियन मैकेनिक का प्रशिक्षण भी मिला। अब मैं सम्मान के साथ काम कर सकूंगा।

पुवर्ती निवासी मुचाकी रनवती बताती हैं कि वे 24 वर्षों तक संगठन से जुड़ी रहीं। पुनर्वास के बाद मुझे सिलाई का प्रशिक्षण मिला। अब राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हम अपने परिवार से मिल पाए, बस्तर ओलंपिक में भाग लिया और प्रथम पुरस्कार भी जीता। शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है।

डब्बमरका निवासी गंगा वेट्टी ने कहा कि पुनर्वास के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। जिला प्रशासन ने मोबाइल और राजमिस्त्री किट दी है। शिविर लगाकर आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और जॉब कार्ड बनाए गए हैं। कोई समस्या होती है तो कलेक्टर और एसपी तुरंत सुनवाई करते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संवाद, संवेदना और विकास के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आत्मसमर्पित युवाओं को हुनर, रोजगार और सम्मान देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य की पुनर्वास नीति का मूल उद्देश्य है।

सुकमा जिले में चल रहा आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार मूलक कार्यों से जोड़ने का यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील प्रशासन, भरोसे और विकासपरक योजनाओं के जरिए हिंसा के रास्ते पर भटके युवाओं को नई पहचान और बेहतर भविष्य दिया जा सकता है। यही पुनर्वास की असली सफलता है और यही स्थायी शांति की मजबूत नींव।

 
Naxal encounter : छत्तीसगढ़ में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, रुक-रुक कर फायरिंग जारी

Naxal encounter : छत्तीसगढ़ में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, रुक-रुक कर फायरिंग जारी

बीजापुर - छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल क्षेत्र बीजापुर जिले के थाना भैरमगढ़ इंद्रावती क्षेत्र के जंगल और पहाड़ी इलाकों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ आज सुबह से जारी है।  माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया है

इस सूचना के आधार पर बीजापुर जिला पुलिस की DRG टीम को इलाके में रवाना किया गया। सर्च अभियान के दौरान सुबह से DRG जवानों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग की खबर सामने आई है। फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

Murder : छत्तीसगढ़ में यहां बोरे में मिली महिला की लाश, लिव-इन पार्टनर ने दी खौफनाक मौत 

Murder : छत्तीसगढ़ में यहां बोरे में मिली महिला की लाश, लिव-इन पार्टनर ने दी खौफनाक मौत 

 दुर्ग। भिलाई सुपेला थाना क्षेत्र में 12 दिसंबर को चंद्रा-मौर्या अंडर ब्रिज के पास नाले से बोरे में बंद एक महिला का सड़ा-गला शव मिलने का मामला अब सुलझ गया है। पुलिस ने खुलासा किया कि मृतका का लिव-इन पार्टनर तुलाराम बंजारे ही हत्यारा है। उसके भाई और एक दोस्त की मदद से शव को नाले में फेंका गया था। तीनों आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिए गए हैं।

पढ़िए हत्याकांड की खौफनाक कहानी

दुर्ग सुखनंदन राठौर के अनुसार, मृतका तुलाराम के साथ नगपुरा क्षेत्र में रहती थी। 11 दिसंबर को देर शाम दोनों ने शराब पी। रात में मामूली विवाद हो गया, जिसमें मृतका ने तुलाराम को थप्पड़ जड़ दिया। आक्रोशित तुलाराम ने दीवार पर मृतका का सिर दे दीवार से ठोक दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

तुलाराम ने अपने भाई और दोस्त को बुलाया। तीनों ने शव को बोरे में बंद कर नाले में फेंक दिया। मृतका के नगपुरा चले जाने की झूठी कहानी गढ़ी गई। सात दिन बाद नाले से शव बरामद होने पर मृतका की भाभी ने टैटू के आधार पर शिनाख्त की। सुपेला पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां पूरा राज खुल गया। सीएसपी क्राइम ने मामले की जानकारी दी।

Accident : बिलासपुर रेल हादसा अपडेट; एक और घायल ने तोड़ा दम… मौतों का आंकड़ा पहुंचा 14

Accident : बिलासपुर रेल हादसा अपडेट; एक और घायल ने तोड़ा दम… मौतों का आंकड़ा पहुंचा 14

 बिलासपुर :-  बिलासपुर न्यायधानी से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। 4 नवंबर को हुई गतौरा–लालखदान रेल हादसे में आज एक और घायल ने दम तोड़ दिया है। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। आज जिस व्यक्ति की मौत हुई है, उनका नाम तुलाराम अग्रवाल है। उनकी उम्र 62 वर्ष थी और वे आज़ाद नगर, बिल्हा, जिला बिलासपुर के निवासी थे। हादसे के बाद से ही वे एलाइट हॉस्पिटल में भर्ती थे, जहां आज इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

इलाज के दौरान मौत

परिजनों के मुताबिक, तुलाराम अग्रवाल 4 नवंबर से लगातार अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। जैसे ही मौत की खबर सामने आई, परिवार में कोहराम मच गया।मृतक के परिजनों ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि इस हादसे में रेलवे की घोर लापरवाही सामने आई है। उनका आरोप है कि हादसे के दिन ही उनके परिवार के एक सदस्य की मौत हो गई थी और तुलाराम अग्रवाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन रेलवे की ओर से न तो समुचित इलाज की व्यवस्था की गई और न ही सही तरीके से देखरेख हुई।

रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल

परिजनों ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर समय पर बेहतर इलाज और जिम्मेदारी निभाई जाती, तो आज तुलाराम अग्रवाल की जान बच सकती थी। उन्होंने रेलवे से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, इलाज का खर्च और परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता देने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि इलाज के दौरान मौत हुई है और मामले की जांच जारी है। वहीं, हादसे के इतने दिनों बाद भी लगातार मौतें होना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है।क्या पीड़ित परिवारों को न्याय मिलेगा? क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?और क्या भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?फिलहाल, पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

 
CM विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात: जशपुर की 4 प्रमुख सड़कों के लिए 12.69 करोड़ रू. मंजूर, क्षेत्रवासियों ने जताया आभार

CM विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात: जशपुर की 4 प्रमुख सड़कों के लिए 12.69 करोड़ रू. मंजूर, क्षेत्रवासियों ने जताया आभार

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति देने के लिए जिले की चार प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए कुल 12 करोड़ 69 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से ग्रामीण-शहरी संपर्क मजबूत होगा, आवागमन आसान बनेगा और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा। जशपुरवासियों ने मुख्यमंत्री के इस जनहितकारी फैसले पर उत्साह व्यक्त करते हुए साय के प्रति गहरा आभार जताया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा स्वीकृत सड़क परियोजनाओं में 3 किमी लंबी कंडोरा से आराकोना पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 86 लाख रुपये, 3 किमी लंबी माडो से ढेंगनी पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 77 लाख रुपये, 1.9 किमी लंबी चराईडांड के मलेरिया बस्ती से एनएच-43 तक पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 20 लाख रुपये तथा 2.86 किमी लंबी बेहराखार अटल चौक से कुरूमढ़ोड़ा तक पहुंच मार्ग के लिए 3 करोड़ 76 लाख रुपये शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में यातायात सुगम होगा, जिससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी।

दो वर्षों में 1000 करोड़ से अधिक की सड़क सौगात, ग्रामीण तस्वीर बदली
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में जशपुर जिले को सड़क निर्माण के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है। इससे न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है, बल्कि ग्रामीण अंचलों की समग्र विकास की गति तेज हो गई है। राज्य शासन की इस विकासोन्मुखी नीति से जशपुर जैसे आदिवासी बहुल जिलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, जो छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस सौगात पर जशपुर के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है। लोगों का मानना है कि इन सड़कों से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि क्षेत्र की पर्यटन क्षमता भी मजबूत होगी। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य के हर कोने तक विकास पहुंचाने के संकल्प को साकार कर रही है। विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बुनियादी विकास के नए मानक गढ़ रहा है, जिससे लाखों नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं।

परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास की जयंती पर मानव सेवा का महाअभियान- रायपुर में 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प प्रारंभ

परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास की जयंती पर मानव सेवा का महाअभियान- रायपुर में 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प प्रारंभ

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर में मानव सेवा, सामाजिक समरसता और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में 18 से 22 दिसंबर तक आयोजित 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प 2025 का भव्य शुभारंभ किया।

‘मनखे-मनखे एक समान’ की भावना को साकार करता मेगा हेल्थ कैम्प : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए अमन, चैन और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प हजारों लोगों के लिए स्वास्थ्य संजीवनी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने गठन के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इन 25 वर्षों में स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित कर रही है। वहीं राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु ₹25 लाख तक की सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि “हेल्थ इज वेल्थ” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन को बचाने और संवारने का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने विधायक राजेश मूणत एवं उनकी पूरी टीम को इस विशाल आयोजन के लिए बधाई दी और कैम्प परिसर में विभिन्न जांच स्टालों का अवलोकन भी किया।

सेवा, समरसता और स्वास्थ्य का जीवंत संगम : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह आयोजन मात्र एक स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय करुणा की सशक्त अभिव्यक्ति है। बाबा गुरु घासीदास जी के “सत्य, अहिंसा और समानता” के संदेश से प्रेरित यह महाअभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने का अनुकरणीय प्रयास है। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहभागिता से यह कैम्प केवल प्राथमिक जांच तक सीमित नहीं, बल्कि अंतिम निदान एवं उपचार तक का समग्र समाधान प्रदान कर रहा है। डॉ. सिंह ने आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था और व्यापक प्रभाव की सराहना की।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर आयोजित यह स्वास्थ्य महाकुम्भ समाज के हर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग इस कैम्प में स्वास्थ्य लाभ लेने पहुँचे हैं। जिन रोगियों का उपचार कैम्प में संभव नहीं होगा, उन्हें आयुष्मान कार्ड के माध्यम से संबद्ध संस्थानों में निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम के आयोजक एवं विधायक राजेश मूणत ने बताया कि बाबा गुरु घासीदास जी के अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” से प्रेरित होकर इस मेगा हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य की सभी प्रमुख विधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जहाँ एक्स-रे, ईको, सोनोग्राफी सहित विविध जांचें एवं आवश्यक दवाइयाँ पूर्णतः निःशुल्क दी जा रही हैं। महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर जांच हेतु अत्याधुनिक मशीनों की विशेष व्यवस्था की गई है। एम्स रायपुर, बालाजी, रावतपुरा, गंगा डायग्नोसिस सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थान और देशभर से आए विशेषज्ञ चिकित्सक इस सेवा कार्य में सहभागिता निभा रहे हैं।

कार्यक्रम को विधायक किरण सिंह देव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, महापौर मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. अशोक जिंदल, वरिष्ठ चिकित्सकगण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

31 दिसंबर को रायपुर के सोनपैरी गांव में विशाल हिंदू सम्मेलन, मोहन भागवत करेंगे संबोधन

31 दिसंबर को रायपुर के सोनपैरी गांव में विशाल हिंदू सम्मेलन, मोहन भागवत करेंगे संबोधन

 रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का 31 दिसंबर को रायपुर आगमन प्रस्तावित है। वे अभनपुर स्थित सोनपैरी गांव में आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे। यह सम्मेलन 31 दिसंबर को दोपहर 2:00 बजे से प्रारंभ होगा।

आयोजन समिति के अनुसार, इस सम्मेलन में राष्ट्रीय संत असंग देव जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में संत, समाजसेवी और आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना है।

आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आयोजन स्थल पर सुरक्षा, यातायात और बैठने की समुचित व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सम्मेलन के सुचारु संचालन के लिए हिन्दू सम्मेलन समिति की टीम तैनात रहेगी।

आयोजन समिति की ओर से सभी सनातनी और हिंदू भाई-बहनों से आग्रह किया गया है कि वे इस सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। साथ ही, किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए कार्यक्रम स्थल पर समय से पूर्व पहुंचने की अपील की गई है।

गुरु घासीदास बाबा ने समाज को समानता, सद्भाव और मानवता का दिया संदेश: CM Vishnu Deo Sai

गुरु घासीदास बाबा ने समाज को समानता, सद्भाव और मानवता का दिया संदेश: CM Vishnu Deo Sai

 रायपुर - गुरु घासीदास बाबा ने समाज को समानता, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। बाबा के विचार आज भी सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता को सुदृढ़ करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुंगेली जिले के खैरा-सेतगंगा धाम में आयोजित बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने जैतखंभ में विधिवत पूजा-अर्चना कर पालो चढ़ाया तथा गुरुगद्दी एवं राम जानकी मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने सेतगंगा धाम के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपये, राम जानकी मंदिर पर्यटन क्षेत्र विकास के लिए 50 लाख रुपये तथा गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम आयोजन के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सर्वश्री पुन्नूलाल मोहले, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, डोमन लाल कोरसेवाड़ा तथा भावना बोहरा उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने एवं छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, सुरक्षा और विकास के कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ निरंतर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और किसानों के धान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से राशि प्रदान की जा रही है। प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में भी ठोस और प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने सेतगंगा धाम के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर विकास की ओर अग्रसर है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने भी गुरु घासीदास जयंती की शुभकामनाएं देते हुए समाज के हित में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। विधायक पुन्नूलाल मोहले ने गुरु घासीदास बाबा के जीवन, विचारों और आदर्शों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में सतनाम पंथ के अनुयायी उपस्थित थे।

BREAKING : तेज रफ्तार हाइवा की टक्कर से बाइक सवार युवक – युवती की मौत, एक युवती की हालत गंभीर

BREAKING : तेज रफ्तार हाइवा की टक्कर से बाइक सवार युवक – युवती की मौत, एक युवती की हालत गंभीर

  दुर्ग।  जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के ग्राम सोमानी में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। तेज रफ्तार हाइवा ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक पर सवार एक युवक और एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवती गंभीर रूप से घायल हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुरानी भिलाई थाना पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल युवती को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं पुलिस ने दोनों मृतकों के शव को मर्चुरी भेज दिया है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और हाइवा चालक की तलाश की जा रही है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

 
CG Breaking : सुकमा में सुरक्षाबलों को कामयाबी; मुठभेड़ में एक महिला समेत 3 माओवादी ढेर

CG Breaking : सुकमा में सुरक्षाबलों को कामयाबी; मुठभेड़ में एक महिला समेत 3 माओवादी ढेर

 सुकमा।  छत्तीसगढ़ के नक्सल क्षेत्र सुकमा जिले में गुरूवार को सुरक्षाबल के जवानों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में एक महिला माओवादी समेत तीन माओवादी मारे जाने की खबर सामने आ रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के गोलापल्ली थाना क्षेत्र के जंगल और पहाड़ी में माओवादियों की मौजूदगी पाकर सुकमा जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की टीम सर्चिंग अभियान में निकली थी।

दरअसल, सुबह गोलापल्ली क्षेत्र के जंगल-पहाड़ी में माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने पर DRG के जवान सर्च ऑपरेशन के लिए निकले थे। इसी दौरान माओवादियों से आमना-सामना होने पर मुठभेड़ शुरू हुई।

पूरे अभियान की मॉनिटरिंग स्वयं सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण कर रहे हैं। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

 
CG Police Transfer : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 15 पुलिसकर्मियों के तबादले…देखें सूची..!!

CG Police Transfer : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 15 पुलिसकर्मियों के तबादले…देखें सूची..!!

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। एसपी बिलासपुर रजनेश सिंह ने जिले के 15 पुलिसकर्मियों का तबादला किया है। जारी आदेश में 2 एएसआई, 5 हेड कांस्टेबल और 8 कांस्टेबल शामिल हैं, जिनका ट्रांसफर किया गया है।

 
 
 
Murder : रायपुर में युवक की चाकू मारकर हत्या, इलाके में हड़कंप

Murder : रायपुर में युवक की चाकू मारकर हत्या, इलाके में हड़कंप

 रायपुर। राजधानी से लगे तिल्दा थाना क्षेत्र में एक युवक की खून से लथपथ लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह घटना वार्ड क्रमांक 15 की बताई जा रही है। मृतक के पेट और सीने पर कई गंभीर चोट के निशान हैं।

प्रारंभिक जांच में पुलिस ने चाकू से गोदकर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। मृतक की पहचान नेवरा निवासी ललित यादव के रूप में हुई है।

सुबह स्थानीय लोगों ने जब सुबह युवक का शव देखा, तब तत्काल पुलिस को सूचित किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, क्राइम ब्रांच और एफएसएल की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी है।

 
 
 
NH 30 पर बड़ा हादसा, पेड़ से टकराई तिरुपति जा रही टूरिस्ट बस, एक युवक की मौत, 3 घायल

NH 30 पर बड़ा हादसा, पेड़ से टकराई तिरुपति जा रही टूरिस्ट बस, एक युवक की मौत, 3 घायल

 जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में जगदलपुर-रायपुर नेशनल हाईवे 30 पर गुरुवार (18 दिसंबर) की सुबह एक टूरिस्ट बस अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि ड्राइवर समेत 3 यात्री घायल हैं। घायलों में 1 महिला भी शामिल है। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को जगदलपुर रेफर किया गया है। मामला भानपुरी थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, टूरिस्ट बस दुर्ग से तिरुपति के लिए निकली थी। बस में दुर्ग-रायपुर के यात्री समेत करीब 30 से 40 दर्शनार्थी सवार थे। आज सुबह भानपुरी के नजदीक तारागांव के पास बस अनियंत्रित होकर नेशनल हाईवे से नीचे उतर गई और पेड़ से टकरा गई।

हादसा सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच हुआ है। पेड़ से टक्कर इतनी जोर की थी कि एक युवक तारकेश्वर साहू (18) की मौके पर ही मौत हो गई। तारकेश्वर राजनांदगांव जिले का रहने वाला था। टूरिस्ट बस में वह सहायक के काम के लिए आया था। वहीं हादसे के बाद अन्य यात्री बस की खिड़की तोड़कर बाहर निकले।

प्रदेशभर में ठंड का सितम जारी, आने वाले कुछ दिनों फिर बढ़ेगी ठिठुरन, मौसम विभाग का अलर्ट जारी

प्रदेशभर में ठंड का सितम जारी, आने वाले कुछ दिनों फिर बढ़ेगी ठिठुरन, मौसम विभाग का अलर्ट जारी

 CG Weather: प्रदेशभर में ठंड का सितम जारी है। जगह-जगह अलाव जलने लगे हैं। कई जिलों में घने कोहरे की वजह से वाहन चलाने में दिक्कत हो रही है। वहीं छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। कई जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। राजधानी रायपुर में भी सुबह घना कोहरा छा रहा है और रात को शीत गिर रही है।

इसी बीच मौसम विभागने आने वाले दिनों में ठंड का असर और बढ़ने की संभावना है। इससे खासकर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में ठिठुरन बढ़ने की संभावना है। राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में सुबह के समय धुंध और हल्की ठंड लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। वहीं राजधानी रायपुर में 12 डिग्री और नवा रायपुर में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है।

वहीं मौसम विभाग ने रायपुर समेत 10 से ज्यादा जिलों में शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान सर्वाधिक अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 06.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।

CM साय आज राजधानी सहित दो जिलों के दौरे पर रहेंगे, विभिन्न कार्यक्रम में होंगे शामिल

CM साय आज राजधानी सहित दो जिलों के दौरे पर रहेंगे, विभिन्न कार्यक्रम में होंगे शामिल

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर, मुंगेली और दुर्ग के दौरे पर रहने वाले है। वही विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे बता दे कि सुबह 11:00 राजधानी रायपुर में आयुर्वेदिक कॉलेज मेगा हेल्थ कैंप का करेंगे शुभारंभ,जिसके बाद रायपुर पुलिस ग्राउंड हेलीपैड से 11:50 को मुंगेली के लिए रवाना होंगे। मुंगेली के ग्राम सेतगंगा और लालपुर में गुरु घासीदास जयंती समारोह में शामिल होंगे जिसके बाद दोपहर 3.50 को मुंगेली से दुर्ग के लिए रवाना होंगे वही दुर्ग में सतनाम भवन भिलाईनगर में गुरु घासीदास जयंती और गुरुपर्व कार्यक्रम में शामिल होंगे।

वंदे मातरम् की गौरव गाथा का स्मरण हर भारतीय के लिए गर्व का विषय : सीएम साय

वंदे मातरम् की गौरव गाथा का स्मरण हर भारतीय के लिए गर्व का विषय : सीएम साय

 रायपुर। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित विशेष चर्चा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  वंदेमातरम के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वंदे मातरम्  देशप्रेम का वह जज्बा था जिसकी गूंज से ब्रिटिश हुकूमत तक कांप उठती थी। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह उद्घोष करोड़ों भारतीयों के हृदय में साहस, त्याग और बलिदान की अग्नि प्रज्वलित करता रहा। उन्होंने कहा कि यह वही स्वर था जिसने गुलामी की जंजीरों को तोड़ने की शक्ति प्रदान की।


उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों को स्मरण करते हुए कहा कि भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, खुदीराम बोस सहित असंख्य क्रांतिकारी वंदे मातरम् का जयघोष करते हुए मां भारती के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर चढ़ गए। उनका बलिदान आज भी हर भारतीय को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वंदे मातरम् की गौरव गाथा का स्मरण करना हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। यह गीत हमें उस संघर्ष, उस पीड़ा और उस अदम्य साहस की याद दिलाता है, जिसने भारत को स्वतंत्रता दिलाई। यह हमारी राष्ट्रीय चेतना का आधार स्तंभ है।

 

 
 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं होती, जो मानचित्र पर अंकित होती हैं। किसी राष्ट्र की वास्तविक पहचान उसकी सभ्यता, संस्कृति, परंपराओं और उन मूल्यों से होती है, जो सदियों से उसके आचार-विचार और जीवन पद्धति का हिस्सा रहे हैं। भारत की यह सांस्कृतिक निरंतरता विश्व में अद्वितीय है।

 

 

 
 

उन्होंने कहा कि विधानसभा में वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा आयोजित करने का उद्देश्य यह भी है कि हम इतिहास की उन गलतियों को कभी न भूलें, जिन्होंने देश को गहरे घाव दिए, जिनकी पीड़ा आज भी हमारे समाज में कहीं-न-कहीं महसूस की जाती है। इतिहास से सीख लेकर ही हम एक सशक्त और समरस भारत का निर्माण कर सकते हैं।

 

 

 
 

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उन सभी वीर सपूतों को नमन किया, जिन्होंने वंदे मातरम् के भाव को अपने जीवन का लक्ष्य बनाकर भारत माता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् हमें हमारी विरासत, हमारी सांस्कृतिक चेतना और हजारों वर्षों की सभ्यता से जोड़ता है। यह उन आदर्शों की सामूहिक अभिव्यक्ति है, जिन्हें हमने युगों-युगों में आत्मसात किया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में धरती को माता के रूप में पूजने की भावना रही है, जिसे हम मातृभूमि कहते हैं। वंदे मातरम् इसी भाव का सशक्त और पवित्र स्वरूप है, जो हमें प्रकृति, भूमि और राष्ट्र के प्रति सम्मान और कर्तव्यबोध सिखाता है।मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में इस विशेष चर्चा के आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष तथा सभी  सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे विमर्श नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक गौरव और ऐतिहासिक चेतना से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

मोबाइल यूजर्स को झटका! शहर में ठप हो सकता है मोबाइल नेटवर्क, प्रभावित होंगे काम-काज, जानें क्यों

मोबाइल यूजर्स को झटका! शहर में ठप हो सकता है मोबाइल नेटवर्क, प्रभावित होंगे काम-काज, जानें क्यों

 दुर्ग। दुर्ग नगर निगम सीमा के भीतर बिना नवीनीकरण संचालित मोबाइल टावरों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश पर संचालक कंपनियों को नोटिस जारी कर 19 दिसंबर तक बकाया जमा कर नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। समय सीमा में पालन नहीं करने पर टावरों के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी, जिससे शहर में मोबाइल कम्युनिकेशन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

कंपनियों ने नहीं कराया नवीनीकरण

दरअसल, निगम की जांच में शहर में कुल 123 मोबाइल टावर संचालित पाए गए हैं। इनके विरुद्ध निगम ने 2 करोड़ 18 लाख 49 हजार रुपये का डिमांड बिल जारी कर संबंधित कंपनियों व संचालकों को भेजा है। इसके बावजूद कई कंपनियों ने न तो नवीनीकरण कराया और न ही निगम की नोटिसों को गंभीरता से लिया, जिसके बाद अब सख्त कदम उठाने की तैयारी है। निगम अधिकारियों के मुताबिक विभिन्न वार्डों में बड़े पैमाने पर मोबाइल टावर बिना वार्षिक नवीनीकरण के संचालित हो रहे हैं, जबकि नियमानुसार प्रत्येक मोबाइल टावर का हर वर्ष नवीनीकरण अनिवार्य है।

निगम ने शुरू की कार्रवाई की प्रक्रिया

वहीं इसे लेकर बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कंपनियों ने नियमानुसार कार्रवाई नहीं की। शहर में मोबाइल टावर स्थापित करने वाली प्रमुख कंपनियों में आइडिया, अमेरिकन टावर, बीएसएनएल, बीटीए सेल्स, क्यूपो टेलीकॉम, एस्सार टेलीकॉम, एसेंड टेलीकॉम, आदिया सेल्युलर, इंडिया टेलीकॉम, रिलायंस जियो इंफोकॉम, वोडाफोन वायरलेस, टीटी इंफो सर्विस सहित अन्य कंपनियां शामिल हैं, जिनके टावरों पर निगम द्वारा कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

Mobile Network Shut Down: नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने मोबाइल टावर संचालकों, एजेंसियों एवं भवन मालिकों से अपील की है कि वे तत्काल नगर पालिक निगम दुर्ग के लाइसेंस विभाग में उपस्थित होकर नवीनीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करें और बकाया राशि जमा करें। ऐसा नहीं करने पर संबंधित टावरों के बिजली कनेक्शन काट दिए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं कंपनियों व टावर संचालकों की होगी।