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ममता हुई शर्मसार : राजधानी में 2 महीने की मासूम को झाड़‍ियों में फेंक गई निर्दयी मां, ऐसे पड़ी लोगों की नजर

ममता हुई शर्मसार : राजधानी में 2 महीने की मासूम को झाड़‍ियों में फेंक गई निर्दयी मां, ऐसे पड़ी लोगों की नजर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। अमलेश्वर के ग्रीन अर्थ सिटी के पास एक 2 माह की मासूम झाड़ियों में मिली है। फिलहाल बच्ची की तबियत स्वस्थ है और उसे आगे की उपचार हेतु 108 टीम द्वारा मेकाहारा अस्पताल में एडमिट कराया गया है। जानकारी के अनुसार सुबह मॉर्निंग वॉक करते समय ग्रीन अर्थ सिटी अमलेश्वर के सामने डीह रोड़ पर एक लावारिस बच्ची रोते हुए दिखाई दी। बच्ची को एक थैले में ढंककर फेंका गया था।

108 एंबुलेंस स्टाफ ने दिखाई संवेदनशीलता

बच्ची को चींटियां काट रही थी। इसके बाद बच्ची को झाड़ियों से बाहर लेकर आए और 108 को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही 108 के पायलट रविंद कुमार और ईएमटी विनोद कुमार तुंरत मौके पर पहुंचें और बच्ची को ऑक्सीजन सपोर्ट व प्राथमिक उपचार करते हुए मेकाहारा अस्पताल में लेकर आएं।

बच्ची की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी देखभाल कर रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बच्ची को यहां किसने और क्यों फेंका? पुलिस परिवार या जिम्मेदार व्यक्ति का पता लगाने में जुटी है।

होली मिलन समारोह में विधानसभा परिसर हुआ रंग-गुलाल से सराबोर

होली मिलन समारोह में विधानसभा परिसर हुआ रंग-गुलाल से सराबोर

 विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष सहित सभी विधायकों ने खेली होली

रायपुर, 12 मार्च 2025: विधानसभा परिसर में आज होली मिलन समारोह का रंगारंग आयोजन हुआ, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित तमाम विधायकों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। आयोजन का पूरा माहौल होली के उल्लास में सराबोर रहा। मंत्रियों और विधायकों ने पारंपरिक फाग गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिस पर विधानसभा सदस्य झूमते नजर आए।

मंत्री-विधायकों के फाग गीतों से गूंजा विधानसभा परिसर

होली मिलन समारोह में लोक परंपरा का विशेष रंग देखने को मिला। मंत्री-विधायकों द्वारा गाए गए फाग गीतों से विधानसभा परिसर में सांस्कृतिक समृद्धि की झलक दिखी।

राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने मुख मुरली बजाए, छोटे से श्याम कन्हैया गीत की मधुर प्रस्तुति दी।विधायक  अनुज शर्मा ने का तैं मोला मोहिनी डाल दिये रे और रंग बरसे गीत गाकर समां बांध दिया। विधायक  कुंवर सिंह निषाद ने फागुन मस्त महीना और चना के डार राजा गीत गुनगुनाया। विधायक  दिलीप लहरिया ने नदिया के पार म, कदली कछार म गीत सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विधायक  रामकुमार यादव और चातुरी नंद ने भी फाग गीतों से समां बांधा।

डॉ. सुरेंद्र दुबे की कविताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया रंग

लोकप्रिय कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे ने अपनी हास्य और होली की रंगीन कविताओं से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा  राकेश तिवारी और उनकी टीम ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने डॉ. सुरेंद्र दुबे, श्रीराकेश तिवारी व उनकी टीम को सम्मानित किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वनमंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन, विधायक  अजय चंद्राकर,  धर्मलाल कौशिक,  पुरंदर मिश्रा,  धर्मजीत सिंह,  मोतीलाल साहू,  सुशांत शुक्ला, संदीप साहू, गुरु खुशवंत साहेब,भैयालाल राजवाड़े,ईश्वर साहू, श्री कुंवर सिंह निषाद,  रिकेश सेन,  रामकुमार यादव, श्रीमती भावना बोहरा, श्री योगेश्वर राजू सिन्हा,  अटल श्रीवास्तव,  ललित चंद्राकर सहित विधानसभा के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने ‘बस्तर पंडुम 2025’ के लोगो का किया अनावरण, बोले- शांति स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा बस्तर पंडुम

मुख्यमंत्री ने ‘बस्तर पंडुम 2025’ के लोगो का किया अनावरण, बोले- शांति स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा बस्तर पंडुम

 रायपुर: बस्तर के लोग जीवन का हर पल उत्सव की तरह जीते हैं और अपनी खुशी की अभिव्यक्ति के लिए उनके पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। बस्तर में शांति स्थापना के लिए हम तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं और बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के लोकजीवन और लोकसंस्कृति को सहेजने के साथ ही उनकी उत्सवधर्मिता में हम सहभागी बनेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में मांदर की थाप पर नाचते कलाकारों की मौजूदगी में बस्तर पंडुम 2025 के लोगो का अनावरण किया और यह बातें कही। उन्होंने बस्तर पंडुम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम के बुकलेट का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद बस्तर का विकास और वहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रहा है। बस्तर को माओवाद से मुक्त करने की दिशा में हमने तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और हाल ही में आयोजित अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में भी बस्तर वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। यह दर्शाता है कि बस्तर वासियों का विश्वास लगातार शासन के प्रति बढ़ा है और वे क्षेत्र में शांति और अमन-चैन चाहते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने बजट में नक्सली हिंसा से ग्रसित रहे पुवर्ती गांव में भी अस्पताल खोलने का बड़ा निर्णय लिया है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम बस्तर वासियों के मूलभूत जरूरत को तेजी से पूरा कर रहें हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं और हर मौके को अपने खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं । बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के असल जीवन को और करीब से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम में नृत्य, गीत, लोककला, लोकसंस्कृति, नाट्य, शिल्प, रीति- रिवाज, परंपरा और व्यंजन सहित विभिन्न 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। श्री साय ने कहा कि बस्तर में खुशहाली हो, लोग भयमुक्त होकर अपने अंदाज में जिये और उन्हें शासन की सभी सुविधाओं का लाभ मिले।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक किरण देव, विधायक लता उसेंडी, विधायक विनायक गोयल, संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी. और संचालक संस्कृति विवेक आचार्य मौजूद रहे।

बस्तर की पहचान को दर्शा रहा है बस्तर पंडुम का लोगो

बस्तर पंडुम के लोगो में बस्तर के लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है और यह उनकी सांस्कृतिक पहचान से गहरे से जुड़ा हुआ है। बस्तर के विरासत को बहुत ही कलात्मक ढंग से दिखाने का प्रयास इसमें किया गया है।  “बस्तर पंडुम” गोंडी का शब्द है जिसका अर्थ है बस्तर का उत्सव। प्रतीक चिन्ह में बस्तर की जीवनरेखा इंद्रावती नदी, चित्रकूट जलप्रपात, छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वनभैंसा, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना, बायसन हॉर्न मुकुट, तुरही, ढोल, सल्फी और ताड़ी के पेड़ को शामिल गया है। इस प्रतीक चिन्ह के माध्यम से सरल, सहज और उम्मीदों से भरे अद्वितीय बस्तर को आसानी से जाना और समझा जा सकता है।

नृत्य, गीत समेत 07 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन
‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी। प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

बस्तर के लोकजीवन और परंपराओं पर आधारित आयोजन होंगे प्रमुख आकर्षण
बस्तर पंडुम में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा। प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे। इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा।

झोलाछाप डॉक्टर के लापरवाही की भेंट चढ़ी महिला की जिंदगी, इंजेक्शन लगाते ही हो गई मौत, परिजनों ने लगाया ये आरोप…..

झोलाछाप डॉक्टर के लापरवाही की भेंट चढ़ी महिला की जिंदगी, इंजेक्शन लगाते ही हो गई मौत, परिजनों ने लगाया ये आरोप…..

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही की भेंट महिला की जिंदगी चढ़ गई है। बसंतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भलोईझोर में एक महिला को शरीर में दर्द की शिकायत थी, लेकिन इलाज कराने गई तो वापस घर नहीं लौट पाई। झोलाछाप डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और देखते ही देखते उसकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, मृतिका लक्ष्मीनिया (58 वर्ष) के शरीर में दर्द था, जिसके चलते परिवार ने गांव के झोलाछाप डॉक्टर विनोद वर्मा से इलाज कराया। डॉक्टर ने उसे एक इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतिका के परिजनों ने बताया कि उन्होंने झोलाछाप डॉक्टर को बुलाया था। डॉक्टर ने बिना किसी जांच के महिला को इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके बाद परिजन उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टर बिना किसी डिग्री के इलाज करता था और गलत दवाइयां व इंजेक्शन लगाता था। उन्होंने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और झोलाछाप डॉक्टर की तलाश की जा रही है। 

CG : विधानसभा में गूंजा केलो परियोजना घोटाला, विपक्ष ने सरकार को घेरा, कांग्रेस विधायकों का वॉकआउट

CG : विधानसभा में गूंजा केलो परियोजना घोटाला, विपक्ष ने सरकार को घेरा, कांग्रेस विधायकों का वॉकआउट

 रायगढ़ : जिले में चल रहे केलों परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि एक निजी कंपनी को आबंटित करने का मुद्दा आज सदन में जोर शोर से उठा। विपक्ष ने इसे बड़ा लैंड स्कैम बताते हुए इसकी जांच विधानसभा की कमेटी से कराने की मांग सरकार से की। इसके लिए विभागीय मंत्री तैयार नहीं हुए। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के उमेश पटेल ने यह मामला उठाते हुए पूछा कि केलो परियोजना कितना पूरा हुआ है, क्या इसके अधिग्रहित जमीन किसी उद्योगपति को आबंटित कर दी गई है। भू अधिग्रहण प्रभावित कितने लोगों को अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि इस परियोजना का काम 80 प्रतिशत पूरा हो गया है। इस परियोजना से 22 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होना है। मुआवजा के 23 प्रकरण लंबित होने की जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि इनके प्रकरण हाइकोर्ट में लंबित हैं। उन्होंने अधिग्रहीत जमीन निजी उद्योग को आबंटित करने की जानकारी नहीं होने की बातें कही, उन्होंने कहा कि अगर ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।

चर्चा में भाग लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बिना विभागीय मंत्री के अनुमोदन से लैंड यूज बदला नहीं जा सकता। अधिकारियों की मिलीभगत से इस जमीन की अफरा तफरी की गई है। जलाशय की जमीन को उद्योगपति को दे दिया गया है । विपक्ष ने इसकी जांच विधानसभा की समिति से कराने की मांग की। सरकार इसके लिए तैयार नहीं हुई। इस पर विपक्ष के सभी सदस्य खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया।

ब्रेकिंग : जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव की तिथि में फिर हुआ बदलाव, जानिए अब कब होगा चुनाव, देखे आदेश….

ब्रेकिंग : जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव की तिथि में फिर हुआ बदलाव, जानिए अब कब होगा चुनाव, देखे आदेश….

 रायपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव की तिथि में एक बार फिर से बदलाव किया गया है। पहले यह चुनाव आज (12 मार्च) होना था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे संशोधित कर दिया गया है। अब यह चुनाव 20 मार्च को होगा।

इससे पहले निर्वाचन की तिथि 12 मार्च निर्धारित की गई थी, जबकि 17 मार्च को प्रथम सम्मेलन आयोजित किया जाना था। अब जिला प्रशासन द्वारा नई तारीख जारी की गई है, जिसके अनुसार 20 मार्च को मतदान होगा। जिला प्रशासन ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

ब्रेकिंग : ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई, सहायक आयुक्त के घर फिर पहुंची टीम, जांच जारी, मचा हड़कंप

ब्रेकिंग : ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई, सहायक आयुक्त के घर फिर पहुंची टीम, जांच जारी, मचा हड़कंप

 बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में ACB-EOW ने बड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार के मामले में घिरे सहायक आयुक्त आनंद सिंह के घर पर आज सुबह से एसीबी की टीम जांच कर रही है।

बता दें कि बीते रविवार को भी ACB और EOW की टीम ने सहायक आयुक्त आनंद सिंह के घर दबिश दी थी, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण मकान को सील कर दिया गया था। जिसके बाद आज फिर से टीम ने उनके घर पहुंचकर तलाशी शुरू कर दी है।

CG VIDHANSABHA : सदन में गूंजा भारतमाला परियोजना में भू अर्जन का मामला, विपक्ष ने करोड़ों के भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

CG VIDHANSABHA : सदन में गूंजा भारतमाला परियोजना में भू अर्जन का मामला, विपक्ष ने करोड़ों के भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

 रायपुर :  छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज भारतमाला परियोजना में भू अर्जन का मामला गूंजा। विपक्ष ने इसके लिए होने वाले मुआवजा वितरण में करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसकी सीबीआई जांच की मांग की गई। विभागीय मंत्री इसके लिए तैयार नहीं हुए जिससे नाराज होकर कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया।

नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने प्रश्नकाल में यह मामला उठाते हुए बताया कि रायपुर से विशाखातनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भारत माला परियोजना के तहत भू अधिग्रहण की कार्यवाही की जा रही है। अभनपुर तहसील में इस परियोजना के लिए अधिकारियों ने मुआवजा वितरण में 43 करोड़ 19 लाख का भ्रष्टाचार किया गया है।13 मूल खसरों को 53 छोटे छोटे टुकड़ों में बांटकर अधिक मुआवजा वितरण कर सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया है। इस फर्जीवाड़ा में अधिकारियों के अलावा राजनेता भी शामिल है। नेता प्रतिपक्ष ने इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने जवाब में बताया कि भू अर्जन में अनियमितता हुई है । इसमें ट्रस्ट की जमीन का मुआवजा निजी व्यक्ति को देना, बड़े भूखंड का टुकड़ों में पुनः भू अर्जन किया गया, इसमें दोषी कुछ अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। अभी इसकी जांच चल रही है। चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने सदन में बैठे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मामले की सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया इस पर विभागीय मंत्री ने संभागीय आयुक्त के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच कराने का आश्वासन विपक्ष को दिया। नेता प्रतिपक्ष लगातार इसकी जांच सीबीआई या विधानसभा की समिति से कराने की मांग करते रहे जिसके लिए विभागीय मंत्री तैयार नहीं हुए।अंततः कांग्रेस विधायकों ने मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन की कार्यवाही से बहिर्गमन कर दिया।

CG : नक्सलियों के मंसूबे नाकाम, जवानों ने बरामद की दो आईईडी

CG : नक्सलियों के मंसूबे नाकाम, जवानों ने बरामद की दो आईईडी

 कांकेर : नक्सलियों की साजिश को एक बार फिर सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया है। कांकेर जिले के कोयलीबेडा थाना क्षेत्र में पानीडोबीर के पास जवानों ने गश्त के दौरान दो आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद की हैं। जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने इन आईईडी को जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए प्लांट किया था।

सुरक्षा बलों को पहले से ही टीसीओसी (टैक्टिकल काउंटर ऑपरेशन कैंपेन) के मद्देनजर अलर्ट पर रखा गया था। इसी सतर्कता के चलते जवानों ने समय रहते नक्सलियों की इस साजिश को विफल कर दिया। बरामद आईईडी को बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया है।

गौरतलब है कि टीसीओसी के दौरान नक्सली सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की फिराक में रहते हैं, लेकिन इस बार भी उनकी मंशा कामयाब नहीं हो पाई। सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है ताकि किसी अन्य संभावित खतरे को रोका जा सके।

बता दें कि कांकेर समेत बस्तर क्षेत्र के कई इलाकों में नक्सली लगातार अपनी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सुरक्षाबलों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बार-बार उनकी साजिशें नाकाम हो रही हैं।

CG : होली और रमजान को लेकर तिल्दा नेवरा में शांति समिति की बैठक आयोजित

CG : होली और रमजान को लेकर तिल्दा नेवरा में शांति समिति की बैठक आयोजित

 तिल्दा नेवरा : होली एवं रमजान पर्व को लेकर थाना परिसर तिल्दा नेवरा में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) आशुतोष देवांगन, तहसीलदार ज्योति मसियारे, विद्युत विभाग के अधिकारी, नवनिर्वाचित पार्षद, सरपंच, पंच एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

एसडीएम ने सभी समुदायों से सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने की अपील की और बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने गांवों में अवैध शराब बिक्री को रोकने की मांग की। इसके अलावा, होली पर्व के दौरान महिलाओं एवं बच्चों की गरिमा बनाए रखने, कैमिकलयुक्त रंगों और मुखौटों का उपयोग न करने तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों व जुलूस-रैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर सहमति बनी।

थाना प्रभारी सत्येन्द्र सिंह श्याम ने नागरिकों से शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की वाद-विवाद या हुड़दंग की स्थिति उत्पन्न होती है तो तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, होलिका दहन में लकड़ी या पेड़ काटने की घटनाओं को रोकने, शराब, भांग आदि का सेवन कर उपद्रव न करने तथा रंग-गुलाल विक्रेताओं को हानिकारक केमिकलयुक्त रंगों की बिक्री न करने की सख्त हिदायत दी गई। बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने प्रशासन की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करने की सहमति जताई।

Breaking: रायपुर जंक्शन में युवक की दर्दनाक मौत, चलती ट्रेन के सामने गिरने से हुआ हादसा

Breaking: रायपुर जंक्शन में युवक की दर्दनाक मौत, चलती ट्रेन के सामने गिरने से हुआ हादसा

 रायपुर: रायपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन पर एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। युवक नशे की हालत में प्लेटफॉर्म पर झूम रहा था और अचानक संतुलन खोकर रेलवे ट्रैक पर गिर गया। उसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रेन आ रही थी, जिससे युवक कट गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

बता दें  कि हादसे के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और युवक के शव को कब्जे में लेकर पहचान की कोशिश कर रही है।

CG तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड...इस वजह से गिरी गाज, जाने पूरा मामला..!!

CG तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड...इस वजह से गिरी गाज, जाने पूरा मामला..!!

 दुर्ग। दुर्ग पुलिस कप्तान IPS जितेंद्र शुक्ला ने अनुशासनहीनता और गलत व्यवहार के आरोप में तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।

थाना जामुल में तैनात आरक्षक क्रमांक 551 तरूण देशलहरे पर 08 मार्च 2025 को महिला आवेदिका पायल पिता बलदाउ (उम्र 32 वर्ष, निवासी उमरपोटी) के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट करने का आरोप है। महिला की शिकायत पर थाना जामुल में अपराध क्रमांक-117/2025 पंजीबद्ध किया गया और आरक्षक के खिलाफ जांच शुरू की गई। इसके बाद आरक्षक 551 तरूण देशलहरे को 10 मार्च 2025 से निलंबित कर रक्षित केन्द्र, दुर्ग में सम्बद्ध किया गया।

इसके अलावा, प्रधान आरक्षक 1777 शगीर अहमद खान और आरक्षक 119 अजय गहलोत, जो एसीसीयू दुर्ग में तैनात थे, पर एनडीपीएस प्रकरण में गंभीर कदाचरण दिखाने का आरोप है। दोनों को 11 मार्च 2025 से निलंबित कर रक्षित केन्द्र, दुर्ग में सम्बद्ध किया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान, शगीर अहमद खान और अजय गहलोत को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। पुलिस विभाग ने इस कार्रवाई के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि किसी भी पुलिस कर्मी द्वारा अनुशासनहीनता या गलत व्यवहार करने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों के लिए 6710 करोड़ 85 लाख से अधिक की अनुदान मांगें पारित…

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों के लिए 6710 करोड़ 85 लाख से अधिक की अनुदान मांगें पारित…

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 6710 करोड़ 85 लाख से अधिक की अनुदान मांगें पारित की गई। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए विभागीय मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में कहा कि बजट में जिला चिकित्सालय गरियाबंद एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के भवन निर्माण हेतु 4 करोड़ रूपए बजट में प्रावधानित है।

साथ ही मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के जनकपुर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना का प्रावधान है, ताकि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इसके साथ ही जांजगीर-चांपा और कबीरधाम जिले में 100 बिस्तर अस्पताल को 220 बिस्तर अस्पताल में उन्नयन करने के साथ 516 पद सृजित किए जाने का प्रावधान किया है।

उन्होंने कहा कि बजट में स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण हेतु राष्ट्रीय स्तर के संस्थान जैसे-राज्य वैक्सीन भण्डार, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एवं हियरिंग की स्थापना के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां आसानी से उपलब्ध हो सके इसलिए नवीन जन औषधि केन्द्रों की स्थापना का प्रावधान किया गया है।

मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि सिकल सेल रोगियों को निशुल्क दवाइयां, परामर्श और समय पर जांच सुविधा प्रदान किए जाने हेतु प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में सिकल सेल स्क्रीनिंग सेंटर की व्यवस्था किए जाने हेतु बजट में 5 करोड़ तथा सियान केयर क्लिनिक योजना हेतु 2 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। ग्राम पूवर्ती विकासखण्ड कोन्टा, ग्राम भेज्जी जिला सुकमा तथा सिरिमकेला जिला जशपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना के लिए 36 पद प्रावधान किए गए हैं।

मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सेंदरी, जिला बिलासपुर में स्थित मानसिक चिकित्सालय को 100 बिस्तर से बढ़ाकर 200 बिस्तर अस्पताल के रूप में उन्नयन किया जाएगा। साथ ही बजट में जगदलपुर एवं मनेन्द्रगढ़ में दो नवीन मानसिक चिकित्सालय प्रारंभ किये जाने का प्रावधान है। इसी तरह दंतेवाड़ा के 100 बिस्तर अस्पताल को 220 बिस्तर सिविल अस्पताल के रूप में उन्नयन करने का प्रावधान किया गया है, ताकि यहां के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत प्रदेश के 77 लाख 20 हजार परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा योजना प्रदान करने के लिये 1500 करोड़ का प्रावधान है। डॉ० भीमराव अंबेडकर चिकित्सालय रायपुर स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट के कार्डियोलॉजी विभाग का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विगत एक वर्ष के प्रयास से यहां कार्डियक बाईपास भी प्रारंभ हो गया है, जिसके विस्तार हेतु 10 करोड़ का बजट रखा गया है।

आयुष –

मंत्री श्री जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश के जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से, अन्य चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ आयुष पद्धतियों का निरंतर विकास और विस्तार सुनिश्चित करने हेतु बजट में 517 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में औषधियों के लिए 25 करोड़ रुपये और चिकित्सा उपकरणों के लिए 6 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन –

उन्होंने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत संचालित कार्यालय नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राज्य में खाद्य एवं औषधि प्रतिष्ठानों द्वारा निर्मित, विक्रित तथा भंडारित खाद्य और औषधि पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी करते हुए जनसामान्य को उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ और औषधियाँ प्रदान करने के उद्देश्य से बजट में कुल 102 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में एकमात्र खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर में स्थित है, जिसमें खाद्य और औषधि नमूनों की जांच की क्षमता बढ़ाने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य में एक नई इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ सह एफबीए भवन हेतु भूमि क्रय और भवन निर्माण के लिए 49 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

12 नए नर्सिंग महाविद्यालय –

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने व स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने हेतु व प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए निर्णय लिए गए हैं। इसी दिशा में 12 नए नर्सिंग महाविद्यालयांे की स्थापना की जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को नर्सिंग क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार मिलेगा, इनमें से 09 नर्सिंग महाविद्यालय (बलरामपुर, दंतेवाड़ा, पुसौर-रायगढ़, जांजगीर-चांपा, जशपुर, बैकुण्ठपुर, नवा रायपुर, कुरूद-धमतरी एवं बीजापुर) राज्य योजना के अंतर्गत और 03 नर्सिंग महाविद्यालय (कांकेर, कोरबा, महासमुन्द) केन्द्र प्रवर्तित योजना के तहत स्थापित किए जाएंगे। इस हेतु 34 करोड़ का बजट प्रावधान प्रथम चरण में किया गया है।

06 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालय –

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बजट में प्रदेश में 06 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों (बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, जशपुर, मनेन्द्रगढ़, रायगढ़) की स्थापना किये जाने का प्रावधान है। जिससे इस क्षेत्र में दक्ष युवाओं की संख्या बढ़ेगी। इस हेतु चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए रायपुर में ‘‘रीजनल ट्रेनिंग सेंटर‘‘ की स्थापना हेतु निर्णय लिया गया है। हमारे मेडिकल प्रोफेशनल्स को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सशक्त होंगी। इस हेतु 5 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि रायगढ़, चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय भवन के विकास कार्य एवं अनुरक्षण हेतु 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा राजनांदगांव चिकित्सा महाविद्यालय में विद्युतीकरण कार्य हेतु 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है, तथा 5 करोड़ का प्रावधान कुनकुरी में चिकित्सा महाविद्यालय बनाने का निर्णय लिया गया है।

बजट में प्रदेश की जनता के लिए उपचार की सुविधा का विस्तार करने के उद्देश्य से चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर स्थित क्षेत्रीय कैंसर संस्थान विभाग व अन्य विभाग हेतु प्रथम चरण में 20 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही आधुनिक एवं उच्च कोटि के चिकित्सकीय उपकरण उपलब्ध कराने के क्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में एम.आर.आई. मशीन हेतु 15 करोड़ एवं सी.टी. स्कैन मशीन हेतु 13 करोड़ तथा तथा महासमुंद चिकित्सा महाविद्यालय में सी.टी. स्कैन मशीन हेतु 7 करोड़ प्रथम चरण में बजट प्रावधानित किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1850 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उपरोक्त बजट से वयोवृद्धों के स्वास्थ्य सेवा का सुदृढीकरण किया जाएगा एवं जिला अस्पतालों में वयोवृद्धों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कार्य होगा। उन्होंने कहा कि सभी जिला अस्पतालों मे डे-केयर कैंसर सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे कैंसर के मरीजांे को अपने गृह जिले में इलाज की सुविधा प्राप्त हो सके।

बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग –

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग अन्तर्गत 4 करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया गया है। 20 सूत्रीय कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी जनता के हित के सूत्र हैं। इस कार्यक्रम में गरीबी, रोजगार, शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य, भूमि सुधार, सिंचाई, पेयजल, कमजोर वर्ग का संरक्षण एवं सशक्तिकरण, उपभोक्ता संरक्षण, पर्यावरण, ई-शासन आदि जैसे विभिन्न सामाजिक, आर्थिक पहलुओं को शामिल किया गया है।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण , चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग से संबंधित अनुदान मांगों की चर्चा में विधायकगण सर्वश्री राघवेंद्र सिंह, धर्मजीत सिंह, अटल श्रीवास्तव, पुन्नू लाल मोहले , धरमलाल कौशिक, व्यास कश्यप, राम कुमार यादव एवं श्रीमती रायमुनि भगत शामिल हुए और अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 3890 करोड़ 67 लाख 95 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित…

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 3890 करोड़ 67 लाख 95 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित…

 रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 3890 करोड़ 67 लाख 95 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई।इसमें भू-राजस्व तथा जिला प्रशासन विभाग के लिए 2158 करोड़ 65 लाख 81 हज़ार रुपए,राजस्व विभाग से संबंधित व्यय के लिए 26 करोड़ 49 लाख 65 हज़ार रुपए, प्राकृतिक आपदाओं एवं सूखाग्रस्त क्षेत्रों में राहत पर व्यय के लिए 1552 करोड़ 69 लाख 39 हज़ार रुपए और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 152 करोड़ 83 लाख 10 हज़ार रुपए शामिल हैं।

भू-राजस्व तथा जिला प्रशासन,राजस्व विभाग से संबंधित व्यय, प्राकृतिक आपदाओं एवं सूखाग्रस्त क्षेत्रों में राहत पर व्यय और खेल एवं युवा कल्याण विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण सर्वश्री अजय चंद्राकर, रामकुमार यादव, अम्बिका मरकाम,प्रबोध मिंज,कुंवर सिंह निषाद,रिकेश सेन और धर्मजीत सिंह ने भाग लिया। राजस्व मंत्री ने बजट प्रस्ताव पर वर्तमान की उपलब्धियां एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि राजस्व ऐसा विभाग है जिसमें सर्वस्व समाहित है, अर्थात शासन की अधिकांश योजनाओं का क्रियान्वयन राजस्व विभाग के माध्यम से ही होता है।

राजस्व विभाग आमजनों को त्वरित बेहतर प्रमाणिक भू-अभिलेख दस्तावेज उनकी आवश्यकता पर उन्हें सहज एवं सरल ढंग से उपलब्ध हों सके और इसके लिए विभागीय प्रक्रियाओं, नियमों एवं विभाग द्वारा प्रकाशित अधिनियमों में सुधार एवं उन्नयन की प्रक्रिया को अपना रहें है। इसके लिए भू-राजस्व एवं जिला प्रशासन के लिए इस बजट में 2158 करोड़ 65 लाख 81 हजार रुपए का प्रावधान किया है।

वहीं शासकीय मुद्राणालय के लिए 26 करोड़ 49 लाख 75 हजार रूपये की राशि प्रावधानित है। इस बजट में पुर्नवास के लिए 2 करोड़ 86 लाख 38 हजार रूपये की व्यवस्था की गई है वहीं राहत कार्य के लिए 1552 करोड 59 लाख 39 हजार की राशि बजट में रखा है। इस प्रकार कुल 3740 करोड़ 86 लाख 59 हजार रुपए का मांग प्रस्ताव विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए रखा है।

इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा स्वामित्व योजना के तहत स्वामित्व कार्ड वितरण का कार्य विभाग द्वारा जनवरी 2025 को किया जा रहा है। इस योजना में 55 हजार से अधिक प्रापर्टी कार्डस वितरण किया गया। दीनदयाल भूमिहीन कृषि कल्याण योजना के तहत वर्ष 2024-25 में कुल 05 लाख 62 हजार 112 पात्र परिवारों में से 05 लाख परिवारों को 500 करोड़ रुपए की राशि उनके बैंक खातों में जमा की गई।

शेष पात्र परिवारों को भी योजना का लाभ अतिशीघ्र देने हेतु सरकार संकल्पित है। राजस्व विभाग द्वारा डिजीटल इंडिया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्य किया जा रहा है। सर्वेक्षण का कार्य क्रमशः पूर्णतः की ओर अग्रसर है। पटवारी नक्शों का जियो रेफ्रेसिंग के माध्यम से सीमांकन, नामांतरण, बटवारा, बंदोबस्त, त्रुटि सुधार सहित अनेक सेवाओं को आमजनता को उपलब्ध करा रहें है। इसी तरह डिजीटल क्राप सर्वें का कार्य राज्य के 26 जिलों के 13 हजार 313 ग्रामों में किया गया है।

राजस्व विभाग की आय को समृद्ध करने के लिए वार्षिक भू-भाटक की 15 वर्ष की राशि एक साथ जमा करने पर आगामी 15 वर्षों के लिए भुगतान में छुट दी जा रही है। राजस्व वसूली के अंतर्गत राजस्व विभाग को 606.29 करोड़ की राशि प्राप्त हुई। विभागीय कार्यालयों के रख-रखाव के लिए 40 करोड़ का नवीन मद, तहसील कार्यालय बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा एवं खैरागढ़ में नवीन तहसील कार्यालय भवन निर्माण हेतु प्रत्येक तहसील के लिए 10 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।

इसी तरह प्रदेश में कम्प्यूटर फर्नीचर एवं अन्य उपकरणों के लिए 11 करोड़ 21 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। राज्य के 762 राजस्व न्यायालयों के लिए विभाग ने 163 करोड 22 लाख का नवीन मद रखा है, वहीं मुख्यमंत्री डिजीटल सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत 25 करोड़ 85 लाख का नवीन मद में प्रावधान किया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिला कार्यालय एवं तहसील कार्यालय में स्थापित नकल शाखा के दस्तावेजों के डिजीटाइजेशन हेतु 05 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।

मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश में राज्य आपदा मोचन (एस.डी.आर.एफ.) के लिए 533.60 करोड़ रुपए एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन (एन.डी.आर.एफ.) के लिए 50 करोड़ रुपए, राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (एस.डी.एम.एफ.) के रूप में 133.40 करोड़ रुपए, निर्देशन और प्रशासन हेतु 3.26 करोड़ रुपए, आपदाओें का विश्लेषण एवं योजना तैयार करने हेतु रूपये 0.58 करोड़ तथा ऋण हेतु रूपये 0.20 करोड़ वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रावधान किया गया है।

इसी तरह विभाग के माध्यम से पुर्नवास के तहत आयुक्त कार्यालय स्थापना व्यय हेतु इस वर्ष 62.30 लाख रूपये प्रावधानित किया है वहीं कार्यालय कमाण्डेंट माना शिविर जिला रायपुर हेतु 213 लाख का बजट प्रावधानित किया गया है। मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग का बजट प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़िया क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत 50 करोड़ रूपए की राशि प्रावधानित की गई है। इस वर्ष बजट में खेल अकादमी के लिए 13 करोड 47 लाख रूपए की राशि प्रस्तावित की गई है।

सरकार परंपरागत और अन्य खेलों को समान रूप से महत्व देते हुए राष्ट्रीय खेलों के साथ-साथ स्थानीय खेलों को भी खेल के मानचित्र पर स्थापित किया जा रहा है। पिछले वर्ष बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया गया था। सरकार और खेल विभाग के इस प्रयास को बस्तर में एक नये युग के आंरभ का संकेत कहा है। बस्तर के सुदूर अंचल में रहने वाले वनवासियों ने इस प्रतियोगिता में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज की।

बस्तर में खेलों के विकास के लिए एक नया वातावरण बना है। बस्तर ओलंपिक की सफलता को ध्यान में रखते हुए बजट में इस वर्ष 05 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण खेल प्रतियोगिता के लिए 02 करोड़ 80 लाख रूपये का प्रावधान किया हैै। देश और प्रदेश की आधी आबादी मातृशक्ति को खेलोें में समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से इस वर्ष महिला खेलकूद प्रतियोगिता के लिए 02 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया है।

खेल प्रतिभाओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त हो इसके लिए 04 करोड़ की राशि बजट में प्रावधानित की है। इसके साथ ही खेल विकास प्राधिकरण के लिए बजट में 01 करोड़ की राशि रखा है। खेल महोत्सव के माध्यम से राज्य के युवा खेल प्रतिभाओं को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने हेतु 03 करोड़ रूपये की राशि रखी है। राज्य स्तरीय खेल पुरस्कार के लिए 03 करोड़ रूपये की राशि प्रावधान किया गया है।

छत्तीसगढ़ राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को शासकीय नौकरी में 2 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। वर्तमान सरकार ने पिछले वर्ष 2024 में वर्ष में दो बार राज्य खेल अलंकरण समारोह आयोजित कर खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उन्हें प्रोत्साहित किया। खेलों के अंर्तराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजनों के लिए 03 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।

खेलों के विकास में खेल मैदानों की आवश्यकता होती है,खेलों की मूलभूत सुविधा एवं खेलों केे विकास तथा स्टेडियम आदि के लिए विभाग के बजट में 47 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। वहीं नेशनल गेम्स के लिए 02 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। समाज के खिलाड़ी युवाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से युवा रत्न सम्मान योजना लागू की है इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्र के युवा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है।

इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 01 करोड़ 50 लाख रुपए प्रावधानित किया गया है। राज्य युवा महोत्सव के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 05 करोड़ की राशि प्रस्तावित की गई है। राज्य मेें युवा कल्याण की गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से 05 करोड़ की राशि का प्रावधान किया है। युवा आयोग के गठन को सार्थक करने के लिए बजट में 02 करोड़ रुपए प्रावधानित की है। इस तरह खेल एवं युवा कल्याण के बजट की अनुदान मांग की कुल राशि 190 करोड़ 51 लाख रूपये है, जिसे ध्वनिमत से पारित की गई।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 9820 करोड़ रूपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित…

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 9820 करोड़ रूपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित…

 रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 9820 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 8245 करोड़ रूपए तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1575 करोड़ रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं।

श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन को बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को समाज में आर्थिक रूप से सबल और सशक्त बनाये जाने हेतुु विगत वित्तीय वर्ष के मुख्य बजट में 3000 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें वृद्धि करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में 5500 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना को और अधिक जनहितकारी व हितग्राहीमूलक बनाये जाने हेतु ई.के.वाय.सी. के लिए राशि रूपये 4 करोड़ 90 लाख का बजट प्रावधान किया गया है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल, पोषण व उनके बौद्धिक विकास के लिए पालना केन्द्रों के संचालन के लिए बजट में 10 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। महिला सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित प्रचलित कानूनों के क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ 11 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है।

बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जनजागरूकता एवं विशेष अभियान हेतु प्रस्तावित बजट में 1 करोड़ 50 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों सहित विभागीय भवनों के मरम्मत व विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए 50 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है, जिसमें स्वयं के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युत सुविधा पहुंचाने के लिए राशि रूपये 2 करोड़ का नवीन मद में प्रावधान शामिल किया गया है।

आंगनबाड़ी केन्द्रों में सुविधाओं का विस्तार व संचालन के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में आंगनबाड़ी सेवायें-सामान्य अन्तर्गत 700 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि ‘’पीएमजनमन’’ योजना अन्तर्गत प्रथम चरण में 80 बसाहटों में आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित की जा रही है। इस योजना हेतु बजट में 11 करोड़ 40 लाख रूपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है।

कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को दिये जाने वाले मानदेय एवं अन्य हितलाभ के लिए 500 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही इस बजट की थीम “गति“ अंतर्गत टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय एवं अन्य भुगतान हेतु “सम्मान सुविधा प्रणाली“ का शुभारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से केन्द्रीकृत रूप से डिजीटल प्रणाली का उपयोग कर भुगतान की कार्यवाही की जाएगी।

आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से हितग्राहियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने हेतु बजट में 700 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा है। केन्द्र व राज्य सरकार की निधि से वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस हेतु 6740 आंगनबाड़ी केन्द्र के उन्नयन का लक्ष्य रखा है। शहरी क्षेत्र में 150 आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु 18 करोड़ रूपए और ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा अभिसरण से आंगनबाड़ी केन्द्रों में 2000 भवन निर्माण हेतु विभागीय अंशदान की राशि रूपये 40 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।

किशोरी बालिकाओं की महवारी स्वच्छता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य के विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में सेनेटरी नेपकिन की वेंडिंग मशीन एवं भस्मक मशीन की स्थापना कराये जाने हेतु 13 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है। ‘पोषण अभियान के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में पोषण अभियान के संचालन हेतु राशि 125 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रस्तावित बजट में 8000 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य रखते हुए 40 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है।

छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा संचालित ऋण योजना का लाभ अधिक से अधिक स्व-सहायता समूहों तक पहुंचाने हेतु बजट में छत्तीसगढ़ महिला कोष हेतु राशि रू. 5 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना संचालन के लिए 5 करोड़ 3 हजार का बजट प्रावधान किया गया है। 6 नये जिलों में सखी वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति हुईं है, जिसके लिए 20 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है।

केन्द्र सरकार द्वारा लागू मिशन शक्ति की सामर्थ्य घटक अंतर्गत राज्य स्तर पर राज्य स्तरीय महिला सशक्तिरण केन्द्र एवं जिला स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र्र स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए 11 करोड़ 58 लाख 2 हजार का बजट प्रावधान रखा गया है। शक्ति सदन योजना के संचालन के लिए 3 करोड़ 39 लाख 50 हजार का बजट प्रावधान किया गया है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार के बजट की थीम “गति“ अंतर्गत अधोसंरचना विकास को ध्यान में रखते हुए मिशन वात्सल्य योजना अन्तर्गत पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण हेतु राशि 11 करोड़ 82 लाख 17 हजार का प्रावधान किया गया है जिसमें दो वात्सल्य भवन, 16 बालक कल्याण भवन, 19 किशोर न्याय बोर्ड हेतु भवन एवं 3 बाल सम्प्रेक्षण गृह के लिए भी नवीन भवन स्वीकृत किये जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 100 करोड़ रूपए से अधिक, महिला जागृति शिविर एवं दिशा दर्शन भ्रमण मद में 5 करोड़ रूपये, मिशन वात्सल्य योजना संचालन के लिए 100 करोड़ रूपए से अधिक तथा गैर संस्थागत देखरेख के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए 3 करोड़ 10 लाख रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के लिए 4 करोड़ 85 लाख रूपये का बजट प्रावधान रखा गया है।

समाज कल्याण विभाग –

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज समाज कल्याण विभाग के लिए वर्ष 2025-26 हेतु 1575 करोड़ रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में माना कैम्प में दिव्यांगजनों के लिए अत्याधुनिक भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके लिए 5 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि जशपुर नगर में संचालित विशेष विद्यालय का उन्नयन करते हुए, उच्चतर माध्यमिक स्तर तक किया जा रहा है। इस हेतु राशि रूपये 2 करोड़ 50 लाख का नवीन मद में प्रावधान किया गया है। इस प्रकार दिव्यांगजनों के शिक्षण प्रशिक्षण के लिए 38 करोड़ 89 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। जो विभाग के कुल बजट का 2.47 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि विभाग दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के अधिकार के प्रति सजग है।

दिव्यांग व्यक्तियों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदाय करने हेतु कृत्रिम अंग निर्माण केन्द्र माना में स्थापित है, जिसे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के गुणवत्तापूर्ण कृत्रिम अंग निर्माण केन्द्र के रूप में विकसित करने हेतु अत्याधुनिक मशीनों के लिए 5 करोड़ रूपये का नवीन मद में प्रावधान किया गया है। जिला स्तर पर दिव्यांग व्यक्तियों को मार्गदर्शन, उपचार, संसाधन एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 4 करोड़ 15 लाख रूपये, 12 घरौंदा आश्रय गृह के लिए 3 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।

विभागीय मानव संसाधन की क्षमता विकसित करने हेतु राज्य संसाधन एवं पुनर्वास केन्द्र हेतु राशि रूपये 01 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। पेंशन योजनाओं के लिए 1395 करोड़ रूपए से अधिक तथा राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए 20 करोड़ रूपए का प्रावधान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए किया गया है।

मुख्यमंत्री तीर्थ योजना अन्तर्गत वृद्धजनों के साथ अब विधवाओं एवं परित्यक्त महिलाओं को हितग्राही के रूप में शामिल किया गया है, जिसके लिए बजट में 15 करोड़ रूपये की राशि का प्रावधान किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिक सहायता योजना अन्तर्गत 4 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। राज्य में नशा मुक्ति कार्यक्रम के तहत् भारत माता वाहिनी का गठन किया गया है, इस प्रयोजन के लिए 10 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।

ब्रेकिंग : थाना प्रभारियों के हुए तबादले, जानें किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी, एसपी ने जारी किया आदेश…..

ब्रेकिंग : थाना प्रभारियों के हुए तबादले, जानें किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी, एसपी ने जारी किया आदेश…..

 बिलासपुर। जिले के 7 थाना प्रभारियों का तबादला किया गया है। इसका आदेश एसपी रजनेश सिंह ने जारी किया. कोनी थाना प्रभारी नवीन देवांगन को सस्पेंड किए जाने के बाद थाना प्रभारियों का ट्रांसफर किया गया है।

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BREAKING: चेकिंग के दौरान पुलिस को मिली बड़ी सफलता, इनोवा कार से साढ़े 4 करोड़ नगद बरामद

BREAKING: चेकिंग के दौरान पुलिस को मिली बड़ी सफलता, इनोवा कार से साढ़े 4 करोड़ नगद बरामद

रायपुर:-  राजधानी में चेकिंग के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. चेकिंग प्वाइंट पर चेकिंग के दौरान इनोवा कार से करीब साढ़े 4 करोड़ रुपए नगद बरामद किया है. नगद के साथ पुलिस ने 2 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है, जिससे पैसे के संबंध में पूछताछ की जा रही है. पूरा मामला आमानाका थाना क्षेत्र का है.

मिली जानकारी के मुताबिक व्हाइट इनोवा 23 BH 8886 J रायपुर से करीबन साढ़े चार करोड़ रुपए नगद लेकर महाराष्ट्र मुंबई के लिए रवाना हुई थी. इनोवा कार के अंदर अलग से डेक बनाकर नगद रकम को छुपाया गया था. इस रकम को हवाला का बताया जा रहा है.

पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आमानाका में चैकिंग पॉइंट बनाकर आरोपियों को धर दबोचा. जानकारी के मुताबिक कार में ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति सवार था. जिसने पूछताछ में बताया की पैसे के संबंध में उसे कोई जानकारी नहीं है. नागपुर के पास से उन्हें गाड़ी को बदलने के लिए कहा गया था.

इस मामले आजाद चौक सब डिवीजन सीएसपी IPS अमन झा ने बताया की बड़ी मात्रा में नगद रकम बरामद किया गया है. कार चालक और उसके सहयोगी ने रकम की कोई जानकारी नहीं दी है. फिलहाल जब्ती की कार्रवाई कर आगे जांच की जा रही है.

 एक दिवसीय ऍम एल श्रॉफ बॉक्स क्रिकेट टूर्नामेंट 4.0 का आगाज़ नेटफ्लिक्स स्पोर्ट्स क्लब लालपुर में संपन्न हुआ

एक दिवसीय ऍम एल श्रॉफ बॉक्स क्रिकेट टूर्नामेंट 4.0 का आगाज़ नेटफ्लिक्स स्पोर्ट्स क्लब लालपुर में संपन्न हुआ

रायपुर :-  छत्तीसगढ़ सोसाइटी ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी अवं प्रिशा फाउंडेशन, रायपुर द्वारा एक दिवसीय ऍम एल श्रॉफ बॉक्स क्रिकेट टूर्नामेंट 4.0 का आगाज़ 9 मार्च 2025 रविवार को नेटफ्लिक्स स्पोर्ट्स क्लब  लालपुर में संपन्न हुआ ।  इस कार्यक्रम के प्रारम्भ के मुख्य अतिथि उपकार चन्द्राकर प्रदेश महामन्त्री भारतीय जनता (पार्टी) युवा मोर्चा थे।  उन्होंने टूर्नामेंट में उपस्थित सभी १६ टीमों के सदस्यों से मुलाकात की अवं उत्साह वर्धन हेतु सभी को टोपी देकर अच्छा खेल प्रदर्शन करने को कहा। उपकार चन्द्राकर ने प्रतिभागियो  के प्रदर्शन से खुश होकर उपहार स्वरुप एक बैट भी दिया। छत्तीसगढ़ सोसाइटी ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी अवं प्रिशा फाउंडेशन के अध्यक्ष डा रवि किशोर अग्रवाल अवं फार्मासिस्ट धनञ्जय सिंह ने बताया की इस टूर्नामेंट में प्रदेश से कुल १६ टीमों ने हिंसा लिए अवं फिक्सचर्स के जरिये नाकआउट टूर्नामेंट के मैचेस निर्धारित किये गए। टूर्नामेंट में शहर के नामी ऑफिशल्स को  निर्विघन करवाने आयोजन समिति ने बुलाया था। 

टूर्नामेंट के मध्य में , मैट्स विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग से डॉ. नितिन कल्ला एवं दीप्तांशु शर्मा जी विशेष रूप से उपस्तिथ हुए  जिन्होंने सेमि फाइनल्स में पहुंचने वाली टीमों से मिलकर उनको बधाइयां दी अवं सेमि फाइनल्स में कमेंटटरी कर मैच का लुफ्त भी उठाया। सहयोग एक कोशिश संस्था के कोषाध्यक्ष राज किशोर अग्रवाल जी को समिति ने  सेमी फाइनल के उत्कृष्ट खिलाड़ी को मैन ऑफ द मैच पुरस्कार उपहार स्वरुप भेट की। टूर्नामेंट के अंत के मुख्य अतिथि डा. उमेश गुप्ता जी, प्रोफेसर, MATS यूनिवर्सिटी, रायपुर अवं स्पेशल गेस्ट  द्वितेन्द्र पाठक, संरक्षक  छत्तीसगढ़ सोसाइटी ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी थे। टूर्नामेंट से 'All Stars' नामक टीम ने ट्रॉफी पर कब्ज़ा किया ।  फीनिक्स 7 के यश पाटिल मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे । अतिथियों ने सभी  विजेताओं को ट्रॉफीज, मेडल्स एवम स्मृति चिन्ह देकर सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया। टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए  उमेश गुप्ता जी, Dean, MATS University अवं द्वितेन्द्र पाठक जी ने छत्तीसगढ़ सोसाइटी ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के एडवाइजर डा शेखर वर्मा जी, फार्मासिस्ट विकास रामवानी जी, फार्मासिस्ट अंजू अनंत जी,अवं प्रिशा फाउंडेशन की उपाध्यक्ष सविता तिवारी जी, सचिव ज़ाहिरा जी, कोषाध्यक्ष  गौरव गुप्ता जी को इस एक दिवसीय नॉकआउट टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए बधाइयां दी अवं प्रति वर्ष इस आयोजन को करवाने को कहा।इस प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला खिलाड़ियों के मैच एवं उनका सम्मान रहा

 
CG : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आध्यात्मिक गुरु रविशंकर से लिया आशीर्वाद

CG : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आध्यात्मिक गुरु रविशंकर से लिया आशीर्वाद

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में आध्यात्मिक गुरु एवं द आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए श्री श्री रविशंकर का आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीकस्वरूप, जशपुर जिले में स्थित विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग – मधेश्वर पहाड़ का छायाचित्र एवं बस्तर आर्ट शैली में निर्मित नंदी की प्रतिकृति भेंट कर श्री श्री रविशंकर का अभिनंदन किया।

श्री श्री रविशंकर ने मुख्यमंत्री साय को अवगत कराया कि इस बार वे अपने साथ 1000 वर्ष पुराने सोमनाथ मंदिर के खंडित शिवलिंग के अवशेष लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक शिवलिंग के अवशेष को सदियों से एक अग्निहोत्री परिवार द्वारा सुरक्षित रखा गया था। अब वे इसे पूरे देश में दर्शनार्थ श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का पावन कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित उपस्थित गणमान्य लोगों ने खंडित शिवलिंग के दर्शन किए और आस्था प्रकट की।

पूर्व में केबिनेट में लिए गए निर्णय अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और श्री श्री रविशंकर के मध्य छत्तीसगढ़ सरकार एवं व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया (द आर्ट ऑफ लिविंग) के बीच हुए एमओयू को लेकर भी चर्चा हुई। एमओयू का उद्देश्य आजीविका सृजन और ग्रामीण छत्तीसगढ़ के समग्र कल्याण सहित ग्रामीण विकास के विविध पहलुओं से जुड़ा है, जिसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दोनों पक्षों ने विचार-विमर्श किया।

शंखनाद महासत्संग का न्योता

श्री श्री रविशंकर ने मुख्यमंत्री साय को राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘शंखनाद महासत्संग’ कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने इस आमंत्रण के लिए श्री श्री रविशंकर जी का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., पी. दयानंद, राहुल भगत, जनसंपर्क आयुक्त रवि मित्तल, मुख्यमंत्री साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय सहित परिवार के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

CG CABINET : साय कैबिनेट की बैठक कल, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

CG CABINET : साय कैबिनेट की बैठक कल, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक बुधवार को होगी। यह बैठक शाम 6 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होगी। कैबिनेट बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी। कैबिनेट की बैठक में कई बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।

बैठक में सरकार के आगामी एजेंडे को लेकर भी अहम फैसले लिए जाने की भी संभावना है। कैबिनेट में अन्य विभागों के प्रस्तावों पर भी चर्चा कर निर्णय लिए जाएंगे। वहीं सत्र के दौरान लिए जाने वाले नए निर्णयों पर भी मंथन होगा।
CG : छत्तीसगढ़ के इस जिले में देखा गया इच्छाधारी नाग-नागिन, रात के अंधेरे में मनुष्य का रूप धारण करते थे सांप

CG : छत्तीसगढ़ के इस जिले में देखा गया इच्छाधारी नाग-नागिन, रात के अंधेरे में मनुष्य का रूप धारण करते थे सांप

 मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: पौराणिक कथाओं में इच्छाधारी नाग-नागिन की कहानियां प्रसिद्ध हैं. इन कहानियों में नाग-नागिन को ऐसा जीव बताया गया है जो किसी का भी रूप धारण कर सकते हैं और कई सालों तक ज़िंदा रह सकते हैं. ऐसा आपने सुना होगा कि अगर नाग को कोई मार दे तो उसका बदला नागिन लेती है और अगर नागिन को कोई मार दे तो उसका बदला नाग लेता है. इनकी कहानियां पुरानी कथाओं जैसे कि रामायण, महाभारत और पुराणों में पाई जाती हैं. इन कथाओं में उनकी शक्तियों और रूपों का वर्णन किया गया है.

नाग-नागिन सच में होते भी हैं या नहीं

छत्तीसगढ़ में मनेंद्रगढ़ जिले के पास एक गुफा है, यहां के लोगों का कहना है कि आज भी नाग नागिन उनके सपनों में आते हैं. यह नाग गुफा पहाड़ों, चट्टानों और हरे-भरे जंगलों से भरी हई है. लोगों की मान्यताओं के मुताबिक, इस गुफा में कभी इच्छाधारी नाग और नागिन रहते थे, जो रात के अंधेरे में मनुष्य का रूप धारण करके मनुष्यों जैसे ही क्रिया करते थे.

 

Icchadhari Naag-Nagin in CG : छत्तीसगढ़ के इस जिले में देखा गया इच्छाधारी नाग-नागिन, रात के अंधेरे में मनुष्य का रूप धारण करते थे सांप

 

यहां के गांव वासियों के अनुसार, उनके पूर्वज इस गुफा को इच्छाधारी नाग और नागिन का स्थान मानते थे. उनके मुताबिक, नाग-नागिन को मनुष्य रूप धारण करते हुए देखा गया था. लेकिन अब लोगों के मन में सवाल यह है कि क्या सच में रूप बदलने वालेइच्छाधारी नाग नागिन होते हैं? इसे लेकर विज्ञान का जवाब है नहीं. मान्यता के अनुसार, इच्छाधारी नाग-नागिन होने की बातें काफी हद तक भ्रम है. उनका मानना है कि यदि कोई भी जीव असल रूप से पैदा होता है. यह माता-पिता के कारण पैदा होते हैं, तो कोई भी जीव अपने रूप को नहीं बदल सकता है. अंधश्रद्धा और विज्ञान के अनुसार, इच्छाधारी नाग नागिन नहीं होते हैं. यह सिर्फ भ्रम है.

CG : मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए 965 करोड़ 18 लाख रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

CG : मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए 965 करोड़ 18 लाख रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

 रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 965 करोड़ 18 लाख रूपए की अनुदान मांगे पारित की गई। इसमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग से संबंधित व्यय के लिए 709 करोड़ 87 लाख रूपए तथा श्रम विभाग के लिए 255 करोड़ 31 लाख 9 हजार रूपए शामिल हैं।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए विभागीय मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन में कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा 01 नवंबर 2024 से औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गयी है। इसका मूल विषय अमृत काल छत्तीसगढ़ विजन-2047 रखा गया है। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी राज्य ने अपनी नीति को विकास का आधार बनाकर रोजगार प्रदान करने पर जोर दिया है। इसके लिए श्रम-प्रधान उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है, जो अधिकतम रोजगार प्रदान करने में सक्षम हैं। विशेषकर, जो इकाइयाँ 1000 से अधिक रोजगार सृजित करेंगी, उन्हें मंत्रिमंडलीय उपसमिति द्वारा अनुमोदित अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। इकाईयों के द्वारा दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त अग्निवीर या आत्मसमर्पित नक्सली को रोजगार दिये जाने पर इस विषय पर विशेष अनुदान प्रदान किया जायेगा।

देवांगन ने सदन में बताया कि स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। उद्योगों में नियोजित राज्य के निवासियों के प्रशिक्षण पर प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपए की प्रशिक्षण वृत्ति प्रतिपूर्ति एवं कर्मचारियों पर होने वाले ईपीएफ व्यय की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। राज्य में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए औद्योगिक नीति 2024-30 के अंतर्गत स्थापित होने वाले औद्योगिक इकाइयों को ब्याज अनुदान, स्थायी पंूजी निवेश अनुदान, मार्जिन मनी अनुदान, गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान जैसे विभिन्न अनुदान एवं छूट प्रदान किए जाएंगे। नई औद्योगिक नीति में भूमि, भवन एवं बैंक ऋण पर स्टाम्प शुल्क भुगतान से पूर्ण छूट एवं 06 वर्ष से 10 वर्ष तक विद्युत शुल्क से पूर्ण छूट का प्रावधान किया गया है। इसमें कई सेवाओं के लिए प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को समाप्त करते हुए स्व-घोषणा को मान्य किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया और भी सरल हो गई है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री देवांगन ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 34 औद्योगिक क्षेत्रो/पार्काे की स्थापना की जा चुकी है एवं आने वाले समय में 4 नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है। राज्य के विभिन्न जिलो में नवीन फूड पार्क, रायपुर जिले में जेम्स एण्ड ज्वेलरी पार्क और प्लास्टिक पार्क, नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल पार्क एवं जांजगीर-चांपा जिले में स्मार्ट इण्डस्ट्रियल पार्क की स्थापना की जाएगी। राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वयं के उद्यम स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैण्ड-अप इंण्डिया योजना एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। औद्योगिक नीति 2024-30 में युवाओं के लिये एक नई योजना छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना का प्रावधान किया गया है, जिसमें ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा।

देवांगन ने सदन में बताया कि राज्य की औद्योगिक इकाईयों के अनुदान/छूट संबंधित प्रकरणों के निराकरण के लिए सिंगल विण्डो सिस्टम की व्यवस्था की गयी है, जिसमें प्रकरणों का समयावधि में निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में बिना ठोस तैयारी के उद्योगों के साथ एम.ओ.यू. कर दिये जाते थे, जिससे राज्य को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। हमारी सरकार एम.ओ.यू. के स्थान पर इन्वीटेशन टू इन्वेस्ट जारी कर रही है। यह उन निवेशकों को दिया जाता है जो निवेशक हमारी औद्योगिक नीति एवं अनुदान प्रोत्साहन से प्रभावित होकर राज्य में निवेश करने की अभिरूचि लिखित में प्रस्तुत करते हैं। इन्वीटेशन टू इन्वेस्ट केवल एम.ओ.यू. का विकल्प पत्र नहीं है, बल्कि यह विस्तृत चर्चा उपरांत निवेशकों को दिया जाने वाला विश्वास पत्र है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक विकास नीति लागू होने के मात्र 125 दिनों में राज्य को 1 लाख करोड़ रूपए से अधिक के कुल 31 प्रस्ताव निवेश के लिए प्राप्त हो चुके हैं।

देवांगन ने बताया कि पोलीमेटेड इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड ने राज्य में 1143 करोड़ रूपए के निवेश का प्रस्ताव दिया है। नवा रायपुर में इसका प्लांट बनने जा रहा है। इसी तरह यस फैन एण्ड एप्लाईन्सेस और रेक बैंक डाटा सेंटर ने भी नवा रायपुर में उद्योग लगाने के लिए जमीन का चयन कर लिया है। अब्रेल ग्रीन एनर्जी ने मुंगेली में सोलर पावर के लिए भूमि का चयन किया है। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसे उद्योग का दर्जा देते हुए विभिन्न अनुदानों एवं छूटों का प्रावधान किया गया है। नये बजट में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के लिए नया रायपुर में कार्यालय निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपए के बजट प्रावधान के साथ ही रियायती दर पर भूमि आवंटन का प्रावधान किया गया है। इससे व्यापारिक संगठनों को एक मजबूत मंच मिलेगा और वे राज्य में औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों के बेहतर क्रियान्वयन में अपनी भूमिका निभा सकेंगे। नये बजट में राज्य के 06 जिलों राजनांदगांव, जगदलपुर, कोंडागांव, बालोद, महासमुंद एवं बिलासपुर में नवीन जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र कार्यालयों के भवन निर्माण के लिए 15.60 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। इससे प्रशासनिक कार्यों में दक्षता आएगी और उद्यमियों को सरकार की योजनाओं एवं नीतियों का त्वरित लाभ मिलेगा।

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि श्रम विभाग द्वारा संगठित/असंगठित/निर्माण क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास के कार्य किए जाते हैं। विभाग द्वारा श्रमिकों की कार्यदशा, सेवा शर्तों एवं कार्यक्षेत्र में स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं औद्योगिक शांति स्थापित करने के लिए विभिन्न श्रम कानूनों का प्रवर्तन सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना प्रदेश के सभी जिलों में प्रारंभ करने की घोषणा की गई थी। विभाग द्वारा गत वर्ष 06 जिलों में 16 और इस वर्ष 13 जिलों में 31 भोजन केन्द्र प्रारंभ किये जा चुके हैं। आगामी वर्ष 2025-26 में राज्य के सभी जिलों में इसका विस्तार  किया जाएगा। श्रम विभाग के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में 255 करोड़ 31 लाख 9 हजार रूपए का प्रावधान किया गया है।

देवांगन ने सदन में बताया कि आगामी वर्ष के बजट में श्रमायुक्त संगठन के लिए 29 करोड़ 40 लाख 94 हजार रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के लिए 125 करोड़ 10 लाख रूपए, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के लिए 6 करोड़ 24 लाख 25 हजार रूपए, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए 6 करोड़ 24 लाख 25 हजार, औद्योगिक हाइजिन प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 01 करोड़ 51 लाख 40 हजार रूपए, कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के लिए 64 करोड़ 18 लाख 65 हजार रूपए तथा औद्योगिक न्यायालय के लिए 22 करोड़ 85 लाख 95 हजार रूपए का प्रावधान किया गया है।

वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण सर्वश्री दलेश्वर साहू, राजेश मूणत, कुंवर सिंह निषाद, प्रबोध मिंज, सुशांत शुक्ला, देवेन्द्र यादव, अजय चंद्राकर, व्यास कश्यप और राघवेन्द्र कुमार सिंह ने भाग लिया।

CG : अमर परवानी नहीं लड़ेंगे चैम्बर चुनाव, अध्यक्ष प्रत्याशी पद से वापस लिया नाम

CG : अमर परवानी नहीं लड़ेंगे चैम्बर चुनाव, अध्यक्ष प्रत्याशी पद से वापस लिया नाम

 रायपुर : छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स के निवर्तमान अध्यक्ष अमर पारवानी ने संगठन के आगामी चुनाव में भाग न लेने का ऐलान कर दिया है। उनके इस फैसले के बाद अजय भसीन के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार बनने की संभावना जताई जा रही है।

जय व्यापार पैनल के अध्यक्ष अमर पारवानी ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने प्रदेश के 12 लाख व्यापारियों और जय व्यापार पैनल के हितों को ध्यान में रखते हुए आगामी चेम्बर चुनाव में जय व्यापार पैनल के अध्यक्ष प्रत्याशी पद से अपना नाम वापस लेने का निर्णय ले रहे है। लेकिन व्यापारिक समाज की सेवा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संकल्प सदैव अटूट रहेगा।

उन्होंने आगे कहा कि यह निर्णय किसी व्यक्तिगत लाभ या हानि से परे, व्यापारी समाज के हितों, संगठन की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से लिया गया है। जय व्यापार पैनल को अब तक जो अपार समर्थन, स्नेह और विश्वास व्यापारियों से मिला, वह हमारे लिए सबसे बड़ी पूंजी है, हमें विश्वास है यह समर्थन हमेशा मिलता रहेगा।

उन्होंने निरंतर समर्थन और विश्वास के लिए हम जय व्यापार पैनल की ओर से सभी व्यापारियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य हमेशा व्यापारिक समाज के हितों की रक्षा करना और उनके सम्मान बरकरार रखना रहेगा।

आरक्षक ने की आत्महत्या : जंगल में फांसी के फंदे से लटकी मिली लाश, इलाके में फैली सनसनी, परिजनों और दोस्तों से पूछताछ जारी…

आरक्षक ने की आत्महत्या : जंगल में फांसी के फंदे से लटकी मिली लाश, इलाके में फैली सनसनी, परिजनों और दोस्तों से पूछताछ जारी…

 बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। बड़ाजी थाने में पदस्थ एक पुलिस आरक्षक ने आत्महत्या कर ली है। मृतक आरक्षक नवलेश कश्यप (25 वर्ष) की लाश आज सुबह टाकरागुड़ा के जंगल में एक पेड़ से लटकी हुई मिली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और पुलिस विभाग में भी शोक की लहर है।

जानकारी के अनुसार, आरक्षक नवलेश कश्यप लोहंडीगुड़ा का निवासी था और पहले डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) में तैनात था. बाद में उसकी पोस्टिंग बड़ाजी थाने में की गई थी। बताया जा रहा है कि वह कुछ दिनों से डिप्रेशन में था, हालांकि इसके पीछे के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। मृतक के परिजनों और दोस्तों से पूछताछ में भी आत्महत्या के कारणों को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस जांच शुरू कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर नवलेश ने यह कदम क्यों उठाया। परिजनों और दोस्तों से पूछताछ जारी है।

बस्तर पंडुम 2025 का कल से भव्य आगाज, सजेगा लोकसंस्कृति का मंच

बस्तर पंडुम 2025 का कल से भव्य आगाज, सजेगा लोकसंस्कृति का मंच

 रायपुर. छत्तीसगढ़ की अनूठी आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से ‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ का भव्य आयोजन 12 मार्च से शुरू हो रहा है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप इस आयोजन के माध्यम से बस्तर संभाग की समृद्ध लोककला, रीति-रिवाज, पारंपरिक जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को संजोने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. यह महोत्सव न केवल बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को एक मंच प्रदान करेगा, बल्कि उनकी कला को नई पहचान और प्रोत्साहन भी देगा.

7 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन

‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी. ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी. जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी. प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे.

बस्तर की लोककला और परंपराओं का भव्य प्रदर्शन

इस महोत्सव में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा. प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे. आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा. प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे. इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा.

बस्तर की संस्कृति को सहेजने का सुनहरा अवसर

‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ सिर्फ एक महोत्सव नहीं, बल्कि बस्तर की गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने तथा उन्हें वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास है. यह आयोजन बस्तर के कलाकारों के लिए सुनहरा अवसर है, जिससे वे अपनी कला और परंपराओं को संरक्षित करने के साथ-साथ एक नई पहचान भी बना सकेंगे. छत्तीसगढ़ की अनमोल विरासत को जीवंत रखने का यह महोत्सव प्रत्येक नागरिक के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहेगा.