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नवरात्र के दूसरे दिन की जाती है माँ ब्रह्माचारिणी की आराधना,जानिए पूजा विधि, कथा, मंत्र और आरती

नवरात्र के दूसरे दिन की जाती है माँ ब्रह्माचारिणी की आराधना,जानिए पूजा विधि, कथा, मंत्र और आरती

 आज शारदीय नवरात्र का दूसरा दिन है और इस दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप ब्रह्माचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। मां ब्रह्माचारिणी के नाम में ही उनकी शक्तियों की महिमा का वर्णन मिलता है। ब्रह्म का अर्थ होता है तपस्या और चारिणी का अर्थ होता है आचरण करने वाली। अर्थात तप का आचरण करने वाली शक्ति को हम बार-बार नमन करते हैं। माता के इस स्वरूप की पूजा करने से तप, त्याग, संयम, सदाचार आदि की वृद्धि होती है। जीवन के कठिन से कठिन समय में भी इंसान अपने पथ से विचलित नहीं होता है।

ब्रह्मचारिणी माता की कथा

पूर्वजन्म में इस देवी ने हिमालय के घर पुत्री रूप में जन्म लिया था और नारदजी के उपदेश से भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी। इस कठिन तपस्या के कारण इन्हें तपश्चारिणी अर्थात्‌ ब्रह्मचारिणी नाम से अभिहित किया गया। एक हजार वर्ष तक इन्होंने केवल फल-फूल खाकर बिताए और सौ वर्षों तक केवल जमीन पर रहकर शाक पर निर्वाह किया।

कुछ दिनों तक कठिन उपवास रखे और खुले आकाश के नीचे वर्षा और धूप के घोर कष्ट सहे। तीन हजार वर्षों तक टूटे हुए बिल्व पत्र खाए और भगवान शंकर की आराधना करती रहीं। इसके बाद तो उन्होंने सूखे बिल्व पत्र खाना भी छोड़ दिए। कई हजार वर्षों तक निर्जल और निराहार रह कर तपस्या करती रहीं। पत्तों को खाना छोड़ देने के कारण ही इनका नाम अपर्णा नाम पड़ गया।

कठिन तपस्या के कारण देवी का शरीर एकदम क्षीण हो गया। देवता, ऋषि, सिद्धगण, मुनि सभी ने ब्रह्मचारिणी की तपस्या को अभूतपूर्व पुण्य कृत्य बताया, सराहना की और कहा- हे देवी आज तक किसी ने इस तरह की कठोर तपस्या नहीं की। यह तुम्हीं से ही संभव थी। तुम्हारी मनोकामना परिपूर्ण होगी और भगवान चंद्रमौलि शिवजी तुम्हें पति रूप में प्राप्त होंगे। अब तपस्या छोड़कर घर लौट जाओ। जल्द ही तुम्हारे पिता तुम्हें बुलाने आ रहे हैं।

माता ब्रह्मचारिणी की पूजन विधि

माता ब्रह्मचारिणी के पूजन से पहले स्नान कर शुद्ध हो जाएं।  फिर माता की प्रतिमा रखें या तस्वीर लगाएं। पूजा शुरू करते हुए मन में माता के नाम का स्मरण करते रहें। कोशिश करें कि सफेद या पीले वस्त्र पहन कर ये पूजन कर सकें। मां को प्रसाद में पंचामृत जरूर चढ़ाएं। अगर पूजा में प्रतिमा रखी हैं तो मां को पंचामृत से स्नान भी करवा सकते हैं। रोली, अक्षत चढ़ाएं. अरूहल या कमल का फूल अर्पित करें।  ये दोनों प्रकार के फूल मां को प्रिय हैं। दूध से बने अन्य तरह के प्रसाद भी मां को अर्पित कर सकते हैं. कपूर से मां की आरती करें। 

ऐसा है मां का स्वरूप

नवरात्रि के दूसरे दिन पूजित ब्रह्मचारिणी आंतरिक जागरण का प्रतिनिधित्व करती हैं। मां सृष्टि में ऊर्जा के प्रवाह, कार्यकुशलता और आंतरिक शक्ति में विस्तार की जननी हैं। ब्रह्मचारिणी इस लोक के समस्त चर और अचर जगत की विद्याओं की ज्ञाता हैं। इनका स्वरूप श्वेत वस्त्र में लिपटी हुई कन्या के रूप में है, जिनके एक हाथ में अष्टदल की माला और दूसरे में कमंडल है। यह अक्षयमाला और कमंडल धारिणी ब्रह्मचारिणी नामक दुर्गा शास्त्रों के ज्ञान और निगमागम तंत्र-मंत्र आदि से संयुक्त हैं। भक्तों को यह अपनी सर्वज्ञ संपन्न विद्या देकर विजयी बनाती हैं। ब्रह्मचारिणी का स्वरूप बहुत ही सादा और भव्य है। अन्य देवियों की तुलना में वह अतिसौम्य, क्रोध रहित और तुरंत वरदान देने वाली देवी हैं।

मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र:

या देवी सर्वभू‍तेषु ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

मां ब्रह्मचारिणी की आरती

जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।

जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।

ब्रह्मा जी के मन भाती हो।

ज्ञान सभी को सिखलाती हो।

ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।

जिसको जपे सकल संसारा।

जय गायत्री वेद की माता।

जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।

कमी कोई रहने न पाए।

कोई भी दुख सहने न पाए।

उसकी विरति रहे ठिकाने।

जो ​तेरी महिमा को जाने।

रुद्राक्ष की माला ले कर।

जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।

आलस छोड़ करे गुणगाना।

मां तुम उसको सुख पहुंचाना।

ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।

पूर्ण करो सब मेरे काम।

भक्त तेरे चरणों का पुजारी।

रखना लाज मेरी महतारी।

मौसम अपडेट: ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना

मौसम अपडेट: ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना

 नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में अभी भी बारिश का दौर जारी है। इस बीच भारत मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 सितंबर और तमिलनाडु, पुद्दुचेरी में 27-28 सितंबर को तेज बारिश की संभावना जताई गई है। चेन्नई के कई जगहों पर सोमवार को बारिश हुई। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में और 26-28 सितंबर के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में छिटपुट भारी गिरावट और गरज के साथ हल्की और मध्यम बारिश होने की आशंका है, इसके अलावा आईएमडी के मुताबिक 28 सितंबर को असम और मेघालय में बरसात की संभावना है।

ओडिशा में आज बारिश की संभावना
वहीं ओडिशा में 27 सितंबर को मध्यम बारिश की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के इस हफ्ते के अंत तक राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों से वापसी की संभावना है। वहीं 29 और 30 सितंबर को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कई हिस्सों में छिटपुट और मध्यम बारिश होने की संभावना है। दक्षिणी आतंरिक कर्नाटक में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

नमी की मात्रा में आएगी गिरावट
इसके अलावा पश्चिमी यूपी, बिहार, हरियाणा और चंडीगढ़ में बारिश की आशंका है। उधर, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में एक एंटी साइक्लोन सिस्टम के बनने के आसार है। इस सिस्टम के बनने के बाद राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जिससे वातावरण में नमी की मात्रा में गिरावट दर्ज की जाएगी।

रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज 2022: रायपुर पहुंचे सचिन और युवराज, डबल हेडर मुकाबला होगा आज

रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज 2022: रायपुर पहुंचे सचिन और युवराज, डबल हेडर मुकाबला होगा आज

 रायपुर: रायपुर लेग के सभी मैच शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में आज मंगलवार यानी 27 सितंबर से होंगे, जिसने पिछले साल लीग के पहले संस्करण के दूसरे चरण की सफलतापूर्वक मेजबानी की थी। इस साल भी यह स्थल प्लेऑफ और फाइनल मुकाबलों की मेजबानी करेगा। रायपुर में पिछले साल टूर्नामेंट को सरकार और दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिला था।

रायपुर लेग के शुरुआती दिन में एक डबल हेडर मुकाबला होगा। इसमें श्रीलंका लीजेंड्स दोपहर के मैच में बांग्लादेश लीजेंड्स के साथ भिड़ेंगे जबकि शाम को ऑस्ट्रेलिया लीजेंड्स अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड लीजेंड्स से भिड़ेंगे।

यह टूर्नामेंट के लीग चरण का आखिरी दिन होगा। इस साल लीग बारिश से प्रभावित रही है। फैंस के पास कुछ बेहतरीन मैच देखने को मौका था लेकिन बारिश ने कई मौकों पर काम खराब किया।

श्रीलंका लीजेंड्स और ऑस्ट्रेलिया लीजेंड्स ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है, जबकि इंग्लैंड और बांग्लादेश लीजेंड्स को जीत का स्वाद चखना बाकी है। इंग्लैंड और बांग्लादेश दोनों ही टीमें जीत के साथ अपने अभियान का अंत करने की कोशिश करेंगी और इस दौरान वे टूर्नामेंट में कुछ उलटफेर भी करना चाहेंगी।

काली होने और लड़के जैसा दिखने का ताना मारता था पति, पत्नी ने टंगिया मारकर की हत्या

काली होने और लड़के जैसा दिखने का ताना मारता था पति, पत्नी ने टंगिया मारकर की हत्या

 दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से हत्या का एक मामला सामने आया है, जहां पत्नी ने काली होने और लड़का जैसा दिखने के ताने से तंग आकर अपने ही पति की टंगिया से गला काटकर हत्या कर दी। अमलेश्वर पुलिस ने सोमवार को कापसी गांव में 40 वर्षीय अनंत सोनवानी की हत्या के मामले में उसकी पत्नी संगीता को गिरफ्तार किया है। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। आरोपी महिला को उसकी चार महीने की बेटी के साथ जेल भेज दिया गया। रविवार रात महिला ने अपने पति की टंगिया मारकर हत्या कर दी।

काली होने और लड़के जैसा दिखने का ताना मारता था पति
घटना का पता चलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला से सख्ती से पूछताछ की। इस पर महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में बताया कि आरोपी ने उससे करीब डेढ़ साल पहले शादी की थी। शादी करने के बाद से आरोपी उससे मारपीट करने लगा था। उस पर काली होने और लड़के जैसा दिखने का ताना मारता था। पुलिस ने सोमवार को महिला के खिलाफ धारा 302 और 201 के तहत केस दर्ज करके जेल भेज दिया।

मोबाइल पर फ्री फायर और फिल्म देखने को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस के मुताबिक घटना रविवार रात 12 से सुबह 6 बजे के बीच की है। इसी दौरान महिला ने अपने पति की हत्या की थी। इसके पहले अनंत के घर आने के पहले संगीता और सौतेले बेटे हर्ष के बीच मोबाइल पर गेम खेलने और फिल्म देखने को लेकर विवाद हो रहा था। इसके बाद पति-पत्नी में विवाद हुआ। फिर महिला ने घटना को अंजाम दिया।

पहली पत्नी की मौत के बाद की थी आरोपी महिला से मृतक ने दूसरी शादी
एसडीओपी पाटन देवांश सिंह राठौर के मुताबिक अनंत सोनवानी की पहली पत्नी की करीब दो साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उसने डेढ़ साल पहले संगीता से दूसरी शादी की। संगीता पहले से शादीशुदा थी। अनंत ने उसे बेहतर जिंदगी और खुश रखने का झांसा देकर अपने साथ रख लिया था। अनंत की पहली पत्नी से 12 साल बेटा हर्ष है। जबकि संगीता से शादी करने के बाद दोनों की चार माह की बेटी है। पुलिस के मुताबिक पहले महिला ने पुलिस को यह बताया कि खाना खाने के बाद वह अपनी बेटी के साथ सो गई थी। जब सुबह उठी तो पति का लाश कमरे में पड़ी मिली। पुलिस को घटना के बाद से पत्नी पर शंका थी। इस वजह से उससे सख्ती से पूछताछ की।

CG में भीषण सड़क हादसा: ट्रैक्टर ने स्कूटी सवार तीन सहेलियों को कुचला, 2 की मौत 1 की हालत गंभीर

CG में भीषण सड़क हादसा: ट्रैक्टर ने स्कूटी सवार तीन सहेलियों को कुचला, 2 की मौत 1 की हालत गंभीर

 धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे में 2 सहेलियों की मौत हो गई, जबकि एक युवक की हालत गंभीर है। तीनों एक ही स्कूटी में सवार थी। यह घटना कल देर शाम खैरझिटी स्थित बेलौदी नहर के पास हुआ।

टीआई राजेश जगत ने बताया कि क्षमा और भारती नाम की दो युवती एक साथ एक फार्मा कंपनी में काम करती थीं। दोनों सहेली अपने एक अन्य साथी के साथ स्कूटी से दवा का आर्डर लेने मगरलोड की ओर जा रहे थीं। बीच रास्ते में तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने स्कूटी सवार तीनों लोगों को चपेट में लेकर कुचल दिया। स्कूटी में सवार दोनों युवती ट्रैक्टर के पहिए की चपेट में आ गईं। हादसे में दोनों की मौत हो गई, जबकि युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं।

राज्य शासन ने जारी किया 19 SDFO का तबादला आदेश

राज्य शासन ने जारी किया 19 SDFO का तबादला आदेश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वन अधिकारीयों का नया प्रभार और पदस्थापना आदेश जारी करते हुए 19 डीएफओ को सूचीबद्ध किया है। शासन द्वारा जारी सूची इस प्रकार है –

 

राज्यपाल ने नवरात्रि के प्रथम दिन राजभवन में की पूजा-अर्चना

राज्यपाल ने नवरात्रि के प्रथम दिन राजभवन में की पूजा-अर्चना

 रायपुर:  राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन राजभवन के उपासना कक्ष में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दी।

 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यटन दिवस की दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यटन दिवस की दी शुभकामनाएं

 रायपुर: मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने 27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। बघेल ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य है। जहां प्राकृतिक सौंदर्य के मनोरम स्थलों के साथ धार्मिक और पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के अनेक स्थल हैं। नदियां, झरने, जल प्रपात, सघन वनों से आच्छादित पर्यटन स्थल बरबस ही पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। छत्तीसगढ़ के अनेक स्थल हमारी प्राचीन पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े हुए हैं। राज्य सरकार का पूरा ध्यान यहां के पर्यटन को विकसित करने की ओर केंद्रित है। 
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्राचीन दंडकारण्य वन और माता कौशल्या की जन्म-स्थली हमारे गौरव हैं। इंद्रावती नदी पर चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर का प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर और बस्तर का दशहरा पूरे देश में प्रसिद्ध है। ऐसी मान्यता है कि छत्तीसगढ़ के रामगढ़ की पहाड़ियों में महाकवि कालीदास ने मेघदूत की रचना की है। यहां सबसे प्राचीन नाट्यशाला है। बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ का पर्यटन परिदृश्य एवं सांस्कृतिक परंपरा अनोखी है। छत्तीसगढ़ के पौराणिक महत्व और उसकी खूबसूरती से देश-दुनिया का परिचय कराने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। यहां के पर्यटन केन्द्रों को विकासित किया जा रहा है। भगवान रामचंद्र अपने वनवास के दौरान प्राचीन छत्तीसगढ़ (दक्षिण कोसल) के जिन क्षेत्रों से गुजरे थे, उसे राम वनगमन पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। कोरिया से लेकर सुकमा तक इस पर्यटन परिपथ का निर्माण किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत देश-विदेश के पर्यटकों को उच्च स्तर की सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजिम में लगने वाले मेले को राजिम पुन्नी मेला के नाम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा से जोड़ कर नया स्वरूप दिया गया है। छत्तीसगढ़ में ईको एवं ट्राइबल टूरिज्म के तहत 13 स्थानों को एथनिक स्थलों में विकसित किया जा रहा है। जल एवं साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में सतरेंगा का विकास एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही राज्य में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन कर छत्तीसगढ़ को विश्व पटल पर स्थापित करने का प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने राजा राममोहन राय की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

मुख्यमंत्री ने राजा राममोहन राय की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

 रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारतीय पुनर्जागरण के अग्रदूत, ब्रम्ह समाज के संस्थापक, क्रांतिकारी समाज सुधारक, विचारक, शिक्षाविद राजा राममोहन राय को उनकी पुण्यतिथि पर नमन करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। बघेल ने कहा है कि राजा राम मोहन राय ने समाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने समाज में महिलाओं की दशा सुधारने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कई प्रयास किये। उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।

बस्तर की खास परंपरा… नवरात्र में किन्नर निकालते है श्रृंगार यात्रा, दंतेश्वरी मंदिर में चढ़ाते हैं पहली चुनरी और श्रृंगार

बस्तर की खास परंपरा… नवरात्र में किन्नर निकालते है श्रृंगार यात्रा, दंतेश्वरी मंदिर में चढ़ाते हैं पहली चुनरी और श्रृंगार

 दंतेवाड़ा। पूरे देश समेत बस्तर में भी शारदीय नवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है, सोमवार सुबह से ही बस्तर के सभी देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है, वही बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर में सुबह से ही लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन नवरात्रि के पहले दिन देवी की पहली पूजा किन्नर समाज के द्वारा किए जाने की परंपरा बस्तर में लंबे समय से चले आ रही है। जिसके लिये रविवार और सोमवार के आधी रात किन्नर समाज के द्वारा शहर में श्रृंगार यात्रा निकाली गई।

इस परंपरा के तहत देर रात बग्गी में सवार साज श्रृंगार किये किन्नरो के द्वारा आधी रात में श्रृंगार यात्रा निकालकर देवी भजन के धुन पर दंतेश्वरी मंदिर पहुंचते है और सुबह के करीब 4 बजे जैसे ही मां दंतेश्वरी का दरबार खुलता है, पहला दर्शन किन्नरों के द्वारा किया जाता है, जिसके बाद माता को पहली चुनरी और श्रृंगार किन्नरों के द्वारा चढ़ाई जाती है।

दरअसल हर साल नवरात्रि के शुरू होने से पहले देर रात किन्नर समाज ही मां दंतेश्वरी को पहली चुनरी चढ़ाते हैं, इस दौरान किन्नर समाज के सभी लोग श्रृंगार सामान लेकर दंतेश्वरी के दरबार पहुंचते हैं और नाच गाने के साथ मां की भक्ति में सराबोर हो जाते हैं। किन्नर समाज की अध्यक्ष रिया परिहार ने बताया कि हर साल किन्नरों के श्रृंगार यात्रा में जगदलपुर के अलावा पड़ोसी राज्य उड़ीसा से भी किन्नर भव्य यात्रा में शामिल होने के लिए बस्तर पहुंचते हैं और नवरात्रि के पहले दिन हर साल किन्नरों द्वारा श्रृंगार यात्रा निकाली जाती है।

इसमें बस्तर वासियों का भी समर्थन मिलता है। माता रानी के भजन के धुन पर सभी किन्नर थिरकते हुए माता को चुनरी और श्रृंगार का सामान चढ़ाने के लिए मंदिर पहुंचते हैं। इस दौरान सभी किन्नर सात श्रृंगार किए होते हैं। अध्यक्ष रिया का कहना है कि मां दंतेश्वरी के प्रति किन्नरों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। यही वजह है कि हर साल नवरात्रि के पहले दिन चुनरी और श्रृंगार का सम्मान किन्नरों के द्वारा ही माता को चढ़ाया जाता है। किन्नरों ने कहा कि वह भी समाज का एक प्रमुख अंग है, इस पूजा के पीछे उनका उद्देश्य होता है कि सभी व्यापारियों व बस्तरवासियों पर किसी तरह की कोई समस्या ना आए और किसी की गोद खाली ना रहे, इसलिए मां दंतेश्वरी से वे प्रार्थना करने पहुंचते हैं।

रिश्वतखोर एकाउंटेंट गिरफ्तार, ACB ने 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा

रिश्वतखोर एकाउंटेंट गिरफ्तार, ACB ने 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा

 रायपुर। ईओडब्ल्यू/एसीबी छत्तीसगढ़ रायपुर के निदेशक आरिफ एच. शेख के निर्देशन में एवं पंकज चन्द्रा पुलिस अधीक्षक, ईओडब्ल्यू एसीबी के नेतृत्व एवं अमृता सोरी धुइ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीबी के मार्गदर्शन में एसीबी यूनिट अंबिकापुर की टीम ने आज कार्यवाही कर अवैध पारितोषिक की मांग करने वाले रविशंकर खलखो, सहायक ग्रेड-02. कार्यालय परियोजना अधिकारी एकिकृत बाल विकास सेवा परियोजना, खड़गवां, वर्तमान जिला- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर पूर्व जिला – कोरिया, छ.ग. को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है।

प्रार्थिया ने एसीबी अंबिकापुर में शिकायत की थी कि महिला स्वसहायता समूह के द्वारा वर्ष 2021-22 में रेडी-टू-ईट सामग्री का निर्माण एवं वितरण का कार्य किया गया था जिसका 6 माह का बिल लगभग 9,00,000/- रूपये में से 2,50,000/- रूपये का भुगतान किया जा चुका है एवं शेष राशि लगभग 6,50,000/- रूपये प्राप्त करना शेष है। उक्त राशि का भुगतान करने के एवज में कार्यालय परियोजना अधिकारी एकिकृत बाल विकास सेवा परियोजना खडगवां वर्तमान जिला-मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी – भरतपुर, छ.ग. में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 / लेखापाल रविशंकर खलखो द्वारा 1,50,000/ रूपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।

प्रार्थिया और आरोपी के मध्य 50-50 हजार रूपये कर किस्तों में 1,00,000/- रूपये देने की सहमति बनी। शिकायत का सहीपन होने पर आज दिनांक 26.09.2022 को प्राथिया से मांगी गई रिश्वत की रकम 50,000/- रूपये तत रविशंकर खलखो, सहायक ग्रेड-02. कार्यालय परियोजना अधिकारी, एकिकृत बाल विकास सेवा परियोजना, खड़गवां वर्तमान जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर पूर्व जिला- कारिया, छ.ग. को उसके कार्यालय में रंगे हाथ पकड़ा गया है।

आरोपी के विरूद्ध धारा-7(क). 12 0नि0अधि0 1988 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उनके विरूद्ध अग्रिम वैधानिक कार्यवाही कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

चंदखुरी की तर्ज पर दंतेश्वरी के प्रांगण में बनने जा रहा मध्य भारत का सबसे बड़ा ज्योति कलश भवन

चंदखुरी की तर्ज पर दंतेश्वरी के प्रांगण में बनने जा रहा मध्य भारत का सबसे बड़ा ज्योति कलश भवन

 दंतेवाड़ा /  का ऐतिहासिक दंतेश्वरी मंदिर जो पहले ही अपनी पौराणिक कथाओं को लेकर विश्व प्रसिद्ध है, अब एक और नया आयाम लिखने जा रहा है। दरअसल, माई दंतेश्वरी के प्रांगण में चंदखुरी की तर्ज पर मध्य भारत का सबसे बड़ा ज्योति कलश भवन बनने जा रहा है। इस भवन का निर्माण लाल बालू पत्थर से किया जाएगा। इतना ही नहीं भवन की दीवारों पर माई दंतेश्वरी की पौराणिक कथाओं को दर्शाया जाएगा जिससे यहां आने वाले भक्तों को मंदिर के इतिहास के बारे में पूरी जानकारी हो पाएगी। इस भवन में एक साथ 11100 ज्योति कलश की स्थापना हो पाएगी। आपको बता दे की भेट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान मुख्मंत्री भुपेश बघेल ने मंदिर के पुजारियों की मांग पर इस भवन की नीव रखी थी। जिला कलेक्टर विनीत नंदनवार ने बताया कि आने वाली चैत्र नवरात्रि तक इस भवन के निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।

शराब के शौकीनों के लिए बड़ी खबर...आबकारी विभाग ने दी मंजूरी

शराब के शौकीनों के लिए बड़ी खबर...आबकारी विभाग ने दी मंजूरी

 रायपुरः शराब के शौकीनों के लिए बड़ी खबर है। अब छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के होटलों और मोटलों में विदेशी शराब भी परोसी जाएगी। आबकारी विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इसके लिए संबंधित होटल को लाइसेंस जारी किया जाएगा।

आबकारी विभाग की अधिसूचना के अनुसार पर्यटन बार लाइसेंस के लिए एक लाख रुपए सालाना की दर से शुल्क लिया जाएगा। इन होटलों को विदेशी शराब उसी जिले की निर्धारित दुकान से खरीदनी होगी। इसके साथ ही होटल में केवल एक बार रूम और शराब काउंटर की अनुमति होगी। कोई भी होटल 240 से ज्यादा शराब की बोतल और 480 से ज्यादा बीयर का स्टॉक नहीं रख सकेगा।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के होटलों और मोटलों में विदेशी शराब का लुत्फ लेने के लिए ग्राहकों को जेब ढीली करनी होगी। इन जगहों पर सामान्य बाजार मूल्य से कम से कम 20 फीसदी अधिक शुल्क वसूला जाएगा। इसके अलावा स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, गांधी जयंती, शहादत दिवस और होली-मोहर्रम जैसे त्योहारों पर 10 दिन शराब नहीं परोसी जाएगी। आम दिन दोपहर 12 बजे से रात के 12 बजे तक होटल शराब सर्व कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में पर्यटन और सैर-सपाटा का बढ़ावा देने के लिए कल होगा महामंथन

छत्तीसगढ़ में पर्यटन और सैर-सपाटा का बढ़ावा देने के लिए कल होगा महामंथन

 रायपुर – छत्तीसगढ़ में मौज-मस्ती और सैर-सपाटा अब नए तरीके से होगा। मतलब, छत्तीसगढ़ समेत देश-दुनिया के लोग आने वाले समय में पर्यटन के कई नए क्षेत्र देख सकेंगे। देश भर के विशेषज्ञ व वक्ता, छत्तीसगढ़ में पर्यटन के नए आयामों पर विचार करने विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को राजधानी रायपुर में जुटेंगे। होटल बेबीलोन इंटरनेशनल में आयोजित राष्ट्रीय सेमीनार को लेकर छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के प्रबंध संचालक अनिल साहू ने यह जानकारी दी।

उद्योग भवन में आयोजित पत्रवार्ता को संबोधित करते हुए प्रबंध संचालक साहू ने कहा कि विश्व पर्यटन संगठन ने इस वर्ष की थीम ‘रीथिंकिंग टूरिज्म” रखी है। इसका मकसद एक नई सोच व नई दृष्टि के साथ पर्यटन के नए आयामों को आगे बढ़ाना है जो स्थायी भी हो। कई पर्यटक भीड़ से हटकर विशेष रुचि के अनुसार पर्यटन करते हैं। वाइल्डलाइफ, एस्ट्रो, रूरल, गोल्फ, हेरिटेज, कल्चर व फिल्म पर्यटन जैसे श्रेणी में बांटकर इसे देखा जा सकता है। इसी तरह छत्तीसगढ़ के पर्यटन को भी अलग-अलग श्रेणी में बांटकर प्रचार करने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ के बस्तर में वन्य पर्यटन की अपार संभावनाएं है। चित्रकोट जलप्रपात विश्वप्रसिद्ध है। छत्तीसगढ़ के ग्राम्य जीवन की खूबसूरती, सांस्कृतिक और औषधीय पर्यटन जैसी कई संभावनाएं हैं। इस दौरान विभाग के डीजीएम श्रीरंग पाठक व जनसंपर्क अधिकारी अनुराधा दुबे भी थी।

देश देखेगा छत्तीसगढ़ की संस्कृति

टूरिज्म कान्क्लेव में आ रहे देश भर के विशेषज्ञों के लिए विभाग की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें यहां की संस्कृति की झलक दिखेगी। छत्तीसगढ़ पर्यटन आधारित काफी टेबल बुक का विमोचन किया जाएगा। पर्यटन स्थलों पर आधारित राज्यगीत का लोकार्पण व फोटोग्राफी कांटेस्ट के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल होंगे शामिल

कान्क्लेव में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष चित्ररेखा साहू, सदस्य संचालक मडल निखिल द्विवेदी, नरेश ठाकुर उपस्थित रहेंगे।

रायपुर के सभी घरों में होगा डिजिटल डोर नंबर...यूनिक कोड से हर घर की होगी पहचान

रायपुर के सभी घरों में होगा डिजिटल डोर नंबर...यूनिक कोड से हर घर की होगी पहचान

 कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने देवेन्द्र नगर पहुंचकर डिजिटल डोर नंबर सुविधा की ली जानकारी

आपातकालीन व आवश्यक सेवाएं अब घर बैठे मिलेगी नागरिकों को  

रायपुर : कलेक्टर सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज देवेन्द्र नगर सेक्टर के स्ट्रीट नंबर 22 पहुंचकर रायपुर स्मार्ट सिटी लि. द्वारा रायपुर शहर में लगाए जा रहे डिजिटल डोर नंबर की विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान नगर निगम कमिश्नर व रायपुर स्मार्ट सिटी के एम.डी. श्री मयंक चतुर्वेदी भी उनके साथ थे। शहर के सभी 3.15 लाख घरों पर  डिजिटल डोर नंबर लगाए जाने से मकान मालिक को विभिन्न करों के भुगतान, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, नल कनेक्शन सहित 26 तरह की आवश्यक व आपातकालीन सेवाएं घर बैठे सुगमता पूर्वक प्राप्त होगी। इंडसइंड बैंक के साथ मिलकर रायपुर स्मार्ट सिटी लि. व रायपुर नगर निगम इस डिजिटल नंबर के माध्यम से सभी सम्पत्ति मालिकों को उनकी सम्पत्ति आई.डी. भी उपलब्ध करा रहा है।

रायपुर स्मार्ट सिटी लि. व नगर निगम ने मिलकर राजधानी रायपुर के सभी मकानों को डिजिटल डोर नंबर के जरिए एक यूनिक आई.डी. प्रदान कर सुविधाओं को हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। डिजिटल डोर नंबर के माध्यम से मकान मालिक को ई-गवर्नेंस माड्यूल से जुड़ी 26 सेवाएं घर पर लगे यूनिक डिजिटल प्लेट में छपे क्यू आर कोड को स्कैन करने से बड़ी आसानी से प्राप्त होगी। इसके लिए महापौर श्री एजाज़ ढेबर की उपस्थिति में इंडसइंड बैंक व रायपुर स्मार्ट सिटी के मध्य 25 जून 2022 को करार हुआ था और अब इस परियोजना पर कार्य भी  प्रारंभ कर दिया गया है।

कलेक्टर डॉ. भुरे ने शहर में लगाए  रहे इस महत्वपूर्ण व हाईटेक व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली एवं संबंधित अधिकारियों से कहा है कि निर्धारित अवधि में सभी घरों में यूनिक नंबर लगाया जाना सुनिश्चित करें। इस दौरान रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के मुख्य परिचालन अधिकारी श्री उज्जवल पोरवाल, जोन कमिश्नर श्री आर.के. डोंगरे, मैनेजर जी.आई.एस. श्री रंजीत रंजन सहित इंडसइंड बैंक के अधिकारी भी उपस्थित थे।

रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के प्रबंध संचालक श्री मयंक चतुर्वेदी ने इस संबंध में बताया कि सभी मकानों का पृथक से एक यूनिक नंबर तैयार कर क्यू आर कोड के साथ प्लेट के रूप में घर-घर लगाया जा रहा है। इस यूनिक नंबर से सम्पत्ति कर, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, नल कनेक्शन, नामांतरण, भवन अनुज्ञा, नियमितीकरण सहित 26 जरूरी सेवाओं के साथ-साथ, पुलिस, एम्बुलेंस, फ़ायर ब्रिगेड  की आपातकालीन सेवाएं घर बैठे सुगमता पूर्वक मिलेगी। घर की स्पष्ट पहचान होने से डोर-टू-डोर डिलीवरी सुविधा भी इससे आसान हो जाएगी। इसके अलावा इस डिजिटल नंबर के माध्यम से सभी संपत्ति मालिकों को अपना संपत्ति आईडी भी प्राप्त होगा। रायपुर के देवेन्द्र नगर सेक्टर से डिजिटल डोर नंबर लगाने की शुरूआत कर दी गई है और 6 माह में सभी घरों में डिजिटल डोर नंबर  लगा दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की...प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की...प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

रायपुर : मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल नवरात्र पर्व के प्रथम दिन आज मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने डोंगरगढ़ पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने माता की विधिवत पूजा कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की और साथ ही प्रदेशवासियों को नवरात्र पर्व की बधाई दी।

प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

 

बलरामपुर-रामानुजगंज में दो सिंचाई परियोजनाओं के लिए 20 करोड़ रूपये स्वीकृत

बलरामपुर-रामानुजगंज में दो सिंचाई परियोजनाओं के लिए 20 करोड़ रूपये स्वीकृत

 रायपुर : राज्य सरकार ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड शंकरगढ़ के पोंड़ी व्यपवर्तन योजना और करासी जलाशय योजना के लिए कुल 19 करोड़ 95 लाख 9 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। दोनों कार्यों के लिए जल संसाधन विभाग को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। इन कार्यों के पूर्ण हो जाने से करीब 700 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
जारी प्रशासकीय स्वीकृति के अनुसार पोंड़ी जलाशय के लिए 6 करोड़ 33 लाख 36 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस व्यपवर्तन योजना से कुल 270 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इसी प्रकार करासी जलाशय योजना के लिए 13 करोड़ 60 लाख 54 हजार रूपये की मंजूरी दी गई है। इस जलाशय से कुल 430 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की दी शुभकामनाएं

 

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को शक्ति उपासना के पर्व नवरात्रि की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने देवी दुर्गा से सबके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। नवरात्रि की पूर्व संध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में बघेल ने कहा है कि नवरात्रि में शक्ति स्वरूपा देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की 9 दिनों तक पूरी श्रद्धा और भक्ति-भाव के साथ की जाती है। देवी दुर्गा को शक्ति, नारी, मां, बुद्धि और लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि देवी की आराधना के साथ नारी शक्ति के सम्मान का पर्व है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार महिला सुरक्षा, खासकर बेटियों की सुरक्षा, उनके मान-सम्मान की रक्षा, उनकी सुविधा और उन्हें आवश्यक सेवा प्रदान करने के लिये एक अभिनव अभियान ’हमर बेटी-हमर मान’ प्रारंभ करने जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति मान-सम्मान के भाव और उनके गौरव को बनाए रखने के साथ उनके विरूद्ध हिंसा के विरोध के संकल्प से ही सच्चे अर्थों में देवी पूजा सार्थक होगी।
छत्तीसगढ़ में अब तक 1214.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

छत्तीसगढ़ में अब तक 1214.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

 रायपुर : राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2022 से अब तक राज्य में 1214.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून से आज 26 सितम्बर तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2348.6 मिमी और सरगुजा में जिले में सबसे कम 563.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर में 933.6 मिमी, बलरामपुर में 929.0 मिमी, जशपुर में 961.7 मिमी, कोरिया में 855.4 मिमी, रायपुर में 871.2 मिमी, बलौदाबाजार में 1128.2 मिमी, गरियाबंद में 1217.7 मिमी, महासमुंद में 1130.4 मिमी, धमतरी में 1267.5 मिमी, बिलासपुर में 1412.2 मिमी, मुंगेली में 1274.3 मिमी, रायगढ़ में 1154.8 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1334.2 मिमी, कोरबा में 1177.8 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1054.3 मिमी, दुर्ग में 933.2 मिमी, कबीरधाम में 1100.3 मिमी, राजनांदगांव में 1198.9 मिमी, बालोद में 1260.0 मिमी, बेमेतरा में 700.3 मिमी, बस्तर में 1739.3 मिमी, कोण्डागांव में 1236.9 मिमी, कांकेर में 1501.8 मिमी, नारायणपुर में 1406.9 मिमी, दंतेवाड़ा में 1773.7 मिमी और सुकमा में 1525.9 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई।

 विशेष लेख : अपूर्व उत्साह, आनंद और सृजनशीलता का पर्याय होते हैं लोक खेल 6 अक्टूबर से शुरू होगा ’छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक’

विशेष लेख : अपूर्व उत्साह, आनंद और सृजनशीलता का पर्याय होते हैं लोक खेल 6 अक्टूबर से शुरू होगा ’छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक’

 रायपुर : उत्साह, आनंद और सृजनशीलता का पर्याय होते हैं लोक खेल। स्थानीय सामाग्रियों की आसानी से उपलब्धता, खेल के स्थानीय तौर तरीके, रोचकता और मनोरंजन जैसे गुणों के कारण लोक खेल जन-जन में बेहद लोकप्रिय होते हैं। एक ऐसे समय जब बच्चों, किशोरों और युवाओं सहित नागरिकों की सारी दुनिया सिमटकर मोबाइल में समाते जा रही है और उनका बचपन का नैसर्गिक उत्साह, मुस्कान और सृजनशीलता का दायरा भी छोटा होता जा रहा है। ऐसे में उनकी दुनिया और खेल के मैदान को एक बार फिर से व्यापक बनाने की आवश्यकता सभी ओर महसूस की जा रही है। निश्चय ही लोक खेल इस दिशा में एक सार्थक कदम बन सकता है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जो लोककला, लोक संस्कृति और लोक खान-पान को लगातार बढ़ावा दे रही है, अब इसी दिशा में एक कदम और आगे बढ़कर लोक खेलों पर आधारित ’छत्तीसगढिया ओलम्पिक’ का आयोजन करने जा रही है। 

भी छोटा होता जा रहा है। ऐसे में उनकी दुनिया और खेल के मैदान को एक बार फिर से व्यापक बनाने की आवश्यकता सभी ओर महसूस की जा

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर बीते 6 सितम्बर को कैबिनेट में लिए गए निर्णय के बाद छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का खाका तैयार कर लिया गया है। छह स्तरों में होने वाले ’छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक’ के आयोजन का दायित्व पंचायत एवं ग्रामीण विकास और नगरीय  प्रशासन एवं विकास विभाग को सौंपा गया है। इन खेलों की शुरूआत आगामी 6 अक्टूबर 2022 से शुरू होगी, जिसका समापन राज्य स्तर पर 6 जनवरी 2023 को होगा। 

दो श्रेणी में 14 तरह के खेले होंगे

दो श्रेणी में 14 तरह के खेले होंगे
छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेल प्रतियोगिता दलीय एवं एकल श्रेणी में होगी। छत्तीसगढ़ ओलम्पिक 2022-23 में 14 प्रकार के पारम्परिक खेलों को शामिल किया गया है। इसमें दलीय श्रेणी गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसे खेल शामिल किए गए हैं। वहीं एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़ और लम्बी कूद शामिल है। 
गांव के क्लब से लेकर राज्य तक छह स्तरों पर होंगे आयोजन-
छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में छह स्तर निर्धारित किए गए हैं। इन स्तरों के अनुसार ही खेल प्रतियोगिता के चरण होंगे। इसमें गांव में सबसे पहला स्तर राजीव युवा मितान क्लब का होगा। वहीं दूसरा स्तर जोन है, जिसमें 8 राजीव युवा मितान क्लब को मिलाकर एक क्लब होगा। फिर विकासखंड/नगरीय क्लस्टर स्तर, जिला, संभाग और अंतिम में राज्य स्तर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में आयु वर्ग को तीन वर्गो में बांटा गया है। इसमें प्रथम वर्ग 18 वर्ष की आयु तक फिर 18-40 वर्ष आयु सीमा तक, वहीं तीसरा वर्ग 40 वर्ष से अधिक उम्र के लिए है। 
छत्तीसगढ़ के ये पारम्परिक खेल न केवल ऋतुओं पर आधारित होते है, बल्कि कई बार अपने साथ-साथ लोकसंगीत और लोकगायन को भी लिए होते हैं, जिसके कारण ये खेल अपार रोचकता के साथ तेज गति, तेज दृष्टि, संतुलन, स्फूर्ति को बढ़ाते हुए शारीरिक और मानसिक मनोरंजन देते हैं। ये खेल इतने अधिक रोचक होते हैं कि गांवों के बच्चे अपने सारे सुख-दुख, गम शिकवे भूल कर इन खेलों के अभूतपूर्व आनंद की अनुभूति लेते हैं। तेजी से लुप्त होते जा रहे ऐसे खेल और बच्चों की मासूमियत एक बार फिर से लोक खेलों के माध्यम से वापस लौटाई जा सकती है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एक अभिनव पहल करते हुए ’छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक’ की शुरूआत की जा रही है, आशा है इससे खेलों के प्रति एक उत्साह का वातावरण बनेगा और बच्चे एक बार फिर से खेलों के मैदान में दिखाई देंगे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ओबीसी एवं ईडब्लूएस वर्ग के लोगों से क्वांटिफायबल डॉटा आयोग के सर्वेक्षण में भाग लेने की अपील की

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ओबीसी एवं ईडब्लूएस वर्ग के लोगों से क्वांटिफायबल डॉटा आयोग के सर्वेक्षण में भाग लेने की अपील की

 

ग्राम पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत या नगर निगम के जोन कार्यालय में करा सकते हैं पंजीयन

रायपुर/ मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्लूएस) वर्ग के सभी लोगों से अपील की है कि वे इन वर्गों की गणना के लिए प्रदेश में क्वांटिफायबल डॉटा आयोग द्वारा किए जा रहे सर्वेक्षण में अवश्य भाग लें। आयोग द्वारा वेब पोर्टल cgqdc.in के माध्यम से यह सर्वेक्षण किया जा रहा है। सर्वेक्षण के लिए पंजीयन हेतु मॉप-अप राउंड के तहत पोर्टल को आखिरी बार 17 अक्टूबर तक खोला गया है। ग्राम पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत या नगर निगम के जोन कार्यालय में जाकर इसके लिए पंजीयन किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री बघेल ने ओबीसी और ईडब्लूएस वर्ग के लोगों से अपील की है कि वे अपने और अपने परिवार की आवश्यक जानकारी क्वांटिफायबल डॉटा आयोग के पोर्टल पर जरूर दर्ज करवाएं। अब तक प्राप्त डॉटा की समीक्षा से पता चला है कि दोनों वर्गों के बहुत से लोगों ने सर्वेक्षण में भाग नहीं लिया है। ऐसे लोगों को सर्वेक्षण में भाग लेने का मौका देने के लिए 17 अक्टूबर तक पोर्टल को खोला गया है। 

BREAKING : शिक्षा विभाग में बड़ी फेरबदल, आदेश जारी, देखें पूरी लिस्ट

BREAKING : शिक्षा विभाग में बड़ी फेरबदल, आदेश जारी, देखें पूरी लिस्ट

रायपुर, Transfer Breaking। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले किए हैं। देखें लिस्ट…

 

बस्तर दशहरा प्रारंभ : काछन देवी ने दी बस्तर दशहरा के आयोजन की अनुमति…..

बस्तर दशहरा प्रारंभ : काछन देवी ने दी बस्तर दशहरा के आयोजन की अनुमति…..

जगदलपुर  :- प्रसिद्ध बस्तर दशहरा को विधिवत व प्रतिकात्मक रूप से मनाने की अनुमति काछन गादी देवी ने काछनगुड़ी में राज परिवार को दी है। इस विधान के साक्षी होने शनिवार को बड़ी संख्या में लोग भंगाराम चौक स्थित काछनगुड़ी मंदिर पहुंचे थे।

काछनदेवी के रूप में मारेंगा की पनका समुदाय की 6 वर्षीय बालिका पीहू बेल कांटों से बने झुले में सवार होकर बस्तर महाराज कमलचंद्र भंजदेव को प्रसाद भेंटकर बस्तर दशहरा धूमधाम से मनाने का आशीर्वाद दिया। जिसके बाद लोगों ने बस्तर दहशरा की बधाई दी।

इस अवसर पर बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष दीपक बैज, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, नगर निगम सभापति श्रीमती कविता साहू, कलेक्टर चंदन कुमार, मांझी, चालकी समेत श्रद्धालुओं का सैलाब देखा गया।

हर साल पथरागुड़ा जाने वाले मार्ग स्थित भंगाराम चौक के समीप स्थित काछनगुड़ी में काछनगादी विधान संपन्न कराया जाता है। बस्तर दशहरा की शुरूवात काछन देवी की अनुमति के बगैर नहीं हो सकती। काछनगुड़ी रस्म में काछनदेवी कांटों के झूले में सवार होकर महाराजा को प्रसाद भेंटकर बस्तर दशहरा बनाने की अनुमति देती है।

रायपुर के स्काईवॉक पर सियासत तेज: JCCJ बोली- ढहा देने से ही लोगों को राहत मिलेगी

रायपुर के स्काईवॉक पर सियासत तेज: JCCJ बोली- ढहा देने से ही लोगों को राहत मिलेगी

 रायपुर: राजधानी रायपुर के बीच चौराहे पर बने आधे-अधूरे स्काइवॉक पर अब सियासत गरमा गई है। वही अब इस मुद्दे पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी)- JCCJ भी कूद पड़ी है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता भगवानू नायक के मुताबिक, स्काइवॉक को ढहा देने से ही लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर इस मुद्दे का समाधान करने के बजाय केवल राजनीति करने का आरोप लगाया है।

यातायात के लिए मुसीबत बन गया है स्काइवॉक
भगवानू नायक ने कहा, भाजपा कार्यकाल के दौरान रायपुर मेडिकल कॉलेज से शास्त्री चौक तक स्काइवॉक बनाने का निर्णय लिया। इसकी वजह से करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी यह ढांचा बिना किसी उपयोग के अधूरा खड़ा है। यह स्काइवॉक आज यातायात के लिए मुसीबत बन गया है, जिसे ढहाने से ही शहर की जनता को राहत मिलेगी।

नायक के मुताबिक, जिस स्थान पर इस स्काइवॉक का निर्माण किया जा रहा था। वह रायपुर के व्यस्त सड़कों में शामिल है। शहर के यातायात को देखते हुए इस जगह पर फ्लाइओवर बनाते तो जनता के लिए फायदेमंद होता। इसका निर्माण करवाना ही था तो पहले विभाग इसकी उपयोगिता का सर्वे तो कर लेता। JCCJ प्रवक्ता ने कहा, स्काइवॉक के निर्माण पर रोक लगा दी गई । 16 जुलाई 2019 को लोक निर्माण मंत्री ने विधानसभा में बताया था कि स्काइवॉक के निर्माण पर 77 करोड़ 10 लाख रुपए का खर्च आना था। उसका 50% निर्माण पूरा हो चुका है और इस पर 36 करोड़ 44 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। भगवानू नायक ने कहा, यातायात को सुगम बनाने के लिए दोनों राष्ट्रीय दल स्काइवॉक मामले पर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप और राजनीति करने के बजाय इसके स्थाई समाधान पर विचार कर निर्णय लेते तो ज्यादा अच्छा रहता।

विधायक बार-बार उठाते रहे हैं मुद्दा
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. रेणु जोगी ने निर्माण के साथ ही स्काइवॉक पर सवाल शुरू कर दिया था। उन्होंने तात्कालीन भाजपा सरकार को कई पत्र भी लिखें, विधानसभा सभा मे सवाल उठाए, कई सुझाव भी दिए, ध्यान आकर्षण लाया पर स्काई वॉक का स्थाई समाधान आज तक नहीं निकला। 2019 में जनता कांग्रेस के नेता धर्मजीत सिंह ने इसको तोड़ने की बात कही थी। कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

अभी फिर क्यों उठा है यह मुद्दा
दरअसल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने 9 सितम्बर को रायपुर के कार्यकर्ता सम्मेलन में स्काइवॉक का निर्माण रोकने पर सवाल उठाकर कांग्रेस को घेरने की कोिशश की थी। अब कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ज्ञापन सौंपकर स्काइवॉक निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग की है। इस शिकायत में तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत पर भ्रष्टाचार के सीधे आरोप लगाए गए हैं। मूणत ने भी सरकार को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीश से जांच कराने की चुनौती दी है।

CG के इस गांव में पूर्ण शराबबंदी का ऐलान, ग्रमीणों ने सर्व सहमति से लिया बड़ा फैसला

CG के इस गांव में पूर्ण शराबबंदी का ऐलान, ग्रमीणों ने सर्व सहमति से लिया बड़ा फैसला

 कवर्धाः छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पंडरिया के कंझेटा गांव के ग्रामीणों ने अपने गांव में पूर्ण शराबबंदी करने का फैसला लेकर जिले और प्रदेशवासियों के लिए मॉडल पेश किया है।

मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने सर्व सहमति से पूरी तरह से शराबबंदी लागू की है। गांव में कोई शराब बेचते या पीते पकड़े जाता है, तो अर्थदंड का कड़ा नियम भी बनाया है।बता दें कि चुनाव के समय राजनीतिक दल शराबबंदी के दावे करते रहे हैं, छत्तीसगढ़ में शराबबंदी को लेकर लगातार मांग उठती रही है, जिसके तहत राज्य सरकार ने समिति भी गठित की है, हालांकि अभी तक शराबबंदी को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।