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BREAKING NEWS : विपक्षी दलों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, कहा – नेताओं के लिए अलग नियम नहीं हो सकते

BREAKING NEWS : विपक्षी दलों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, कहा – नेताओं के लिए अलग नियम नहीं हो सकते

 नई दिल्ली। BREAKING NEWS: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के नेतृत्व में 14 विपक्षी दलों द्वारा दायर एक याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया है। इस याचिका में विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों के “मनमाने उपयोग” का आरोप लगाया गया था और गिरफ्तारी, रिमांड और जमानत को नियंत्रित करने वाले दिशानिर्देशों के एक नए सेट की मांग की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। नेताओं के लिए अलग नियम नहीं हो सकते। नेताओं की गिरफ्तारी की प्रक्रिया अलग नहीं हो सकती और ऐसे मामलों में अलग गाइडलाइन जारी नहीं कर सकते

इस मामले में सीजेआई ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट कैसे ऐसे मामलों में गाइडलाइंस जारी कर सकता है। ये भयानक साबित हो सकता है। हम इस याचिका को एंटरटेन नहीं कर सकते। जब आप लोकतंत्र और मूल स्ट्रक्चर की बात करते हैं तो हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि ये याचिका राजनेताओं की तरफ से दायर की गई है

कोर्ट ने कहा कि अगर किसी राजनेता पर कोई केस दर्ज होता है तो हम ये कैसे कह सकते हैं कि उन्हें गिरफ़्तार न किया जाए। राजनेता भी देश के नागरिक ही हैं, उन पर भी वही नियम लागू होते हैं जो सबके लिए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, विपक्षी पार्टियों ने याचिका वापस ले ली है।

CBSE Board Results 2023 : इस माह आ सकते है 10वीं-12वीं के रिजल्ट

CBSE Board Results 2023 : इस माह आ सकते है 10वीं-12वीं के रिजल्ट

 CBSE Board Results 2023 : बिहार बोर्ड का रिजल्ट जारी हो गया है, लेकिन छत्तीसगढ़, एमपी, यूपी से लेकर राजस्थान बोर्ड तक के रिजल्ट का छात्र बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं, CBSE और CISCE बोर्ड के छात्र-छात्राओं को भी अपने रिजल्ट का इंतजार है। सीआईएससीई बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट को लेकर क्या है लेटेस्ट अपडेट्स, यहां आप जान सकते हैं।

40 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी परीक्षा

बता दें कि इस साल सीबीएसई बोर्ड 10वीं-12वीं एग्जाम में इस साल 38 लाख 73 हजार 710 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। जिन्हें रिजल्ट (CBSE Board Exam 2023) का इंतजार है। वहीं, आईसीएसई बोर्ड 10वीं की परीक्षा (ICSE Board Result 2023) में 1.7 लाख और आईएससी (ISC Board Result 2023) 12वीं क्लास में कुल 1 लाख के करीब छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। मतलब करीब 40 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स को रिजल्ट का इंतजार है।

जानें कब आएगा CBSE बोर्ड का रिजल्ट

सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा का रिजल्ट मई में आ सकता है। हालांकि बोर्ड की तरफ से किसी भी तरह की डेट कंफर्म नहीं की गई है। सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट 2023 आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in और cbse.gov.in पर जारी किया जाएगा। छात्र रोल नंबर की मदद से अपना स्कोरकार्ड चेक कर पाएंगे।

ICSE बोर्ड का रिजल्ट कब आएगा

बता दें कि ज्यादातर समय में सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड का रिजल्ट आस-पास ही आता है लेकिन इस बार काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE Board Result 2023) 10वीं के एग्जाम 29 मार्च और 12वीं की 31 मार्च को खत्म हुए थे। इसलिए कहा जा रहा है कि बोर्ड जल्द ही रिजल्ट जारी कर सकता है। हालांकि, बोर्ड की तरफ से डेट के बारें में किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई है। रिजल्ट वेबसाइट cisce.org पर जारी होंगे।

बोर्ड परीक्षा 2023 में एग्जाम देने वाले सभी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे रिजल्ट की तारीख या इससे जुड़ी किसी भी सोशल मीडिया खबर या वायरल न्यूज को सही न मानें। रिजल्ट से जुड़े किसी भी अपडेट्स के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाकर रखें।

BIG NEWS : सेप्टिक टैंक में उतरे चार लोगों की दर्दनाक मौत, जहरीली गैस के कारण दम घुटने से गई जान

BIG NEWS : सेप्टिक टैंक में उतरे चार लोगों की दर्दनाक मौत, जहरीली गैस के कारण दम घुटने से गई जान

 BIG NEWS : हरियाणा के बहादुरगढ़ स्थित जाखोड़ा गांव में मंगलवार को सेप्टिक टैंक में पाइप डालने उतरे चार लोगों की जहरीली गैस के कारण दम घुटने से मौत हो गई। हादसे की सूचना के बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच में जुटे हैं। चारों मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में रखवाया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार बहादुरगढ़ के गांव जासौर खेड़ी निवासी दीपक ने गांव जाखोदा में मकान बनाया हुआ है। इस मकान को उसने प्रवासी लोगों को किराए पर दिया हुआ है। मंगलवार सुबह दीपक ने इस मकान में बने सेप्टिक टैंक (कुई) की सफाई कराई थी। इसके बाद उसने सैप्टिक टैंक में पाइप डालने के लिए पड़ोस में ही रहने वाले राजमिस्त्री महेंद्र व दो अन्य मजदूरों को बुलाया था।

मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे सबसे पहले महेंद्र सेप्टिक टैंक में पाइप डालने के लिए नीचे उतरा। सेप्टिक टैंक की अच्छी तरह से सफाई नहीं होने की वजह से उसमें जहरीली गैस बची थी। जिसकी वजह से महेंद्र वहीं पर बेहोश होकर गिर गया।

इसके बाद महेंद्र को बचाने के लिए जैसे ही दीपक नीचे गया तो वह भी बेहोश हो गया। बाद में 2 मजदूर कुलदीप उर्फ सतीश व देशराज भी दोनों को बचाने नीचे उतरे तो अचेत होकर गिर गए। आसपास के लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। सूचना के बाद आसौदा थाना पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। चारों को सेप्टिक टैंक से बाहर निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतकों में यूपी निवासी 30 वर्षीय महेंद्र, बहादुरगढ़ के गांव जसौर खेड़ी निवासी 36 वर्षीय दीपक, यूपी निवासी 29 वर्षीय कुलदीप उर्फ सतीश व एमपी निवासी 28 वर्षीय देशराज शामिल है। सूचना के बाद डीएसपी अरविंद दहिया व एसडीएम भी मौके पर पहुंचे। पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुटी है।

केरल, महाराष्ट्र फिर बन रहे कोरोना हॉट-स्पॉट हुई सबसे ज्यादा मौत

केरल, महाराष्ट्र फिर बन रहे कोरोना हॉट-स्पॉट हुई सबसे ज्यादा मौत

 दिल्ली कोरोना महामारी का खतरा एक बार फिर बढ़ने लगा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बुधवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में कोरोना के 4435 मामले दर्ज हुए हैं।

इसके साथ ही देश में एक्टिव मरीजों की संख्या 23 हजार पार हो गई है। अभी 23,091 मरीजों का इलाज देश के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

पिछले 24 घंटों में 15 मरीजों की मौत हुई है। इसमें केरल और महाराष्ट्र के 4-4 मरीज शामिल हैं।

वहीं छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, ओडिशा और पंजाब में एक-एक मरीज की मौत की सूचना है।

बढ़ते कोरोना मरीजों के बीच सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है। अस्पतालों में तैयारियों का जायजा लिया जा रहा है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाने और शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए कहा जा रहा है।

इससे पहले मंगलवार को 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण के 3641 नए केस मिले थे। महामारी से 11 और लोगों की मौत हो गई थी। तब केरल में पांच, महाराष्ट्र में तीन, दिल्ली, कर्नाटक व राजस्थान में एक-एक व्यक्ति की संक्रमण से जान गई थी।

वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा था कि देश में ओमिक्रोन के सब-वेरिएंट के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि नहीं हुई है और चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। मंत्री ने कहा कि सतर्क रहने की जरूरत है।

केंद्र सरकार ने बताया कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी (10 फरवरी 2023) अंतरराष्ट्रीय आगमन के दिशा-निर्देशों में उड़ानों में मास्क के उपयोग की सलाह दी गई है।

भारत में कोविड के बढ़ते मामलों और एच3एन2 वायरस के बारे में चितित राज्यसभा सांसद हरभजन सिह ने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या उड़ानों में मास्क पहनने की अनिवार्यता को फिर से लागू करने का कोई प्रस्ताव है।

BIG NEWS : चारधाम यात्रा पर एक बार फिर से छाया कोरोना का साया! तीर्थयात्रियों के लिए बड़ा अपडेट

BIG NEWS : चारधाम यात्रा पर एक बार फिर से छाया कोरोना का साया! तीर्थयात्रियों के लिए बड़ा अपडेट

देहरादून: चारधाम यात्रा 2023 पर यूपी, एमपी सहित देश-विदेश से जाने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट आया है। बदरीनाथ-केदारनाथ सहित चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके तीर्थ यात्रियों ने अगर यह काम नहीं किया तो उन्हें चारों धामों में दर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। देशभर में कोरोना के बढ़ते केसों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने संक्रमण रोकने के लिए सख्त एक्शन लिया है। इसके तहत चारधाम पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों को सख्ती से कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा। कोविड गाइडलाइंस का पालन नहीं करने पर तीर्थ यात्रियों के खिलाफ एक्शन भी होगा। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने लिए सरकार की ओर से कोविड जांच का दायरा बढ़ाने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि चार धाम यात्रा-2023 को देखते कोविड गाइडलाइन को सख्ती से यात्रा रूट पर लागू कराया जाए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने उत्तराखंड में कोविड जांच बढ़ाने के लिए भी निर्देश दिए हैं।

रेलवे स्टेशन और अन्य स्थानों पर वैक्सीनेशन के लिए कैंप

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने प्रदेशभर में कोरोना वैक्सीनेशन बढाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य महानिदेशक को चार धाम यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले सभी चिकित्सा इकाईयों व अस्थाई मेडिकल रिलीव प्वाइंटों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्हें चार धाम यात्रा में विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल के स्टॉफ की तैनाती 15 अप्रैल से पहले सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डॉ. रावत ने कहा कि कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए रेलवे स्टेशन और अन्य स्थानों पर वैक्सीनेशन के लिए कैंप आयोजित किए जांएगे।

उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे कोरोना केस
उत्तराखंड में कोरोना केसों में लगातार इजाफा हो रहा है। चिंता की बात है कि सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण देहरादून में बढ़ा है। संक्रमण दर 10 फीसदी से ऊपर पहुंच गई है। अब मरीजों की मौत भी होने लगी है। दून अस्पताल में पांच मरीज अभी और अस्पताल के ICU में भर्ती है। देहरादून में ही अकेले 21 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। देहरादून जिले में 01 जनवरी 2023 से अब तक 165 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। देश में बढ़ते कोरोना केसों के बाद सख्ती देश के कई राज्यों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सूबे में कोविड जांच व वैक्सीनेशन का दायरा बढ़ाया जायेगा।

चारधामों के कपाट खुलने की यह है तारीख
बदरीनाथ- केदारनाथ के बाद नवरात्रि के मौके पर गंगोत्री, और यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने की तारीख का ऐलान हो गया है। तीर्थ यात्रियों के लिए दोनों धामों के कपाट आगामी 22 अप्रैल 2023 को खुलेंगे। चैत्र प्रतिपदा एवं नवरात्र के शुभ अवसर पर विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त निकाला गया था।

8th Pay Commission को लेकर बड़ा अपडेट आया सामने, सैलेरी में आएगा बंपर उछाल, जानें लागू की प्रतिक्रिया

8th Pay Commission को लेकर बड़ा अपडेट आया सामने, सैलेरी में आएगा बंपर उछाल, जानें लागू की प्रतिक्रिया

 8th Pay Commission big update: 8वें वेतन आयोग को लेकर अभी से ही हलचल शुरू हो गई है। तो वहीं तेलंगाना और हैदराबाद के कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। हालांकि सरकार 8वें वेतन आयोग को लेकर अभी कुछ नहीं कहेगी। दरअसल, इसकी प्लानिंग में अभी वक्त है। अभी 8वें वेतन आयोग के सारे रास्ते बंद नहीं हुए हैं। चर्चा है साल 2024 के आम चुनाव के बाद नए वेतन आयोग का गठन हो सकता है। सैलरी में इजाफा महंगाई भत्ते के साथ होता रहेगा।

कब आएगा 8th Pay Commission?

8th Pay Commission big update: सूत्रों की मानें तो साल 2024 में आम चुनाव के बाद ही नए वेतन आयोग के गठन पर कोई चर्चा होगी। लेकिन, इतना जरूर है कि बात आगे बढ़ रही है। हालांकि, कर्मचारी यूनियन और कई संगठनों का आंदोलन भी आगे बढ़ रहा है। देशव्यापी आंदोलन की तैयारी चल रही हैं। अभी कुछ दिन पहले बंगाल में भी इसे लेकर काफी बवाल हुआ था। सरकारी तंत्र की मानें तो 8वां वेतन आयोग पर अभी फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। इसका जिक्र संसद में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भी कर चुके हैं।

कब से लागू हो सकता है नया पे-स्ट्रक्चर?

8th Pay Commission big update: अगर 8वें वेतन आयोग का गठन साल 2024 के आखिर तक हो जाता है तो अगले दो साल में इसे लागू करना होगा। मतलब 2026 से इसे लागू करने की स्थिति बन सकती है। अगर ऐसा होता है तो केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अब तक का सबसे बड़ा सैलरी हाइक होगा। सूत्रों की मानें तो 7वें वेतन आयोग के मुताबले 8वें वेतन आयोग में कई बदलाव भी हो सकते हैं। 10 साल में एक बार वेतन आयोग के गठन के फैसले को भी बदला जा सकता है।

हर साल बदलेगी सैलरी?

8th Pay Commission big update: 7वें वेतन आयोग के गठन के बाद केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में सबसे कम इजाफा हुआ। दरअसल, सैलरी को फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से बढ़ाया गया। इसमें इसे 2.57 गुना रखा गया। अगर इसी फॉर्मूले को आधार माना जाता है तो 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर की अधिकमत रेंज के तहत न्यूनतम सैलरी 26,000 रुपए हो जाएगी। इसके बाद निचले स्तर के कर्मचारियों का सैलरी रिविजन हर साल परफॉर्मेंस बेसिस पर किया जा सकता है। वहीं, अधिकतम सैलरी वाले कर्मचारियों का रिविजन 3 साल के अंतराल पर रखा जा सकता है।

8th Pay Commission में कितनी वृद्धि का अनुमान

8th Pay Commission big update: अब 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद अगर सरकार पुराने पैमाने पर ही सैलरी रिविजन रखा जाता है तो इसमें भी फिटमेंट फैक्टर को ही आधार माना जाएगा। इस आधार पर कर्मचारियों का फिटमेंट 3.68 गुना किया जा सकता है। इस आधार पर कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में 44.44% की वृद्धि हो सकती है। इससे कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 26000 रुपए हो सकता है।

Twitter Logo: एलन मस्क ने बदला ट्विटर का लोगो, नीली चिड़िया की जगह लगाई Doge की तस्वीर

Twitter Logo: एलन मस्क ने बदला ट्विटर का लोगो, नीली चिड़िया की जगह लगाई Doge की तस्वीर

 नई दिल्ली। Twitter Logo Changed: ट्विटर का सीईओ बनने के बाद से ही एलन मस्क (Elon Musk) कई बदलाव कर चुके हैं। सोमवार देर रात उन्होंने एक और बदलाव किया जिसने सभी यूजर्स को हैरान कर दिया। एलन मस्क ने ट्विटर की पहचान बन चुके ब्लू-बर्ड लोगो को हटा दिया। इसके जगह लोगों को डॉगी (Doge) की तस्वीर दिखाई देने लगी। पहले तो यूजर्स को लगा कि शायद किसी ने ट्विटर को हैक कर लिया है लेकिन इसके बाद एलन मस्क के एक ट्वीट से तस्वीर साफ हो गई।

Twitter Logo Changed: एलन मस्क के ट्वीट के बाद स्पष्ट हो गया कि ट्विटर का लोगो बदल दिया गया है। देर रात करीब 12:20 बजे एलन मस्क ने एक फोटो ट्वीट की। इसमें एक डॉगी नजर आ रहा था। डॉगी कार की ड्राइविंग सीट पर बैठा हुआ है और वह ट्रैफिक पुलिस को अपना लाइसेंस दिखा रहा है। इस लाइसेंस में नीली चिड़िया (ट्विटर का पुराना लोगो) की फोटो है। जिसके बाद डॉगी ट्रैफिक पुलिस से कह रहा है, “ये पुरानी फोटो है”।

Twitter Logo Changed: कुछ दिनों पहले दिए थे संकेत

Twitter Logo Changed: बता दें कि एलन मस्क ने इसके संकेत कुछ दिनों पहले दिए थे। फरवरी में एलन मस्क ने एक फोटो ट्वीट की थी। इस ट्वीट में एक डॉगी सीईओ की कुर्सी पर बैठा था। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि “ट्विटर के नए सीईओ कमाल के हैं।” इस ट्वीट में डॉगी के आगे एक पेपर पर उसका नाम फ्लोकी लिखा गया था। इसके बाद तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे।

आज CM शिवराज की अध्यक्षता में होगी कैबिनेट बैठक, इन प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

आज CM शिवराज की अध्यक्षता में होगी कैबिनेट बैठक, इन प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

 भोपाल। मध्यप्रदेश में आज सीएम शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट की बैठक करेंगे। जिसमें इन अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। फिल्म शूटिंग और वेब सीरीज को मिलने वाली प्रवेश खत्म होगी। पीएम श्री स्कूलों को कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। बुधनी मे 100 एमबीबीएस सीट प्रवेश क्षमता का नवीन चिकित्सालय, 500 बिस्तर का अस्पताल, 60 सीट क्षमता का नर्सिंग महाविद्यालय, 60 सीट प्रवेश क्षमता के पैरामेडिकल कालेज की स्थापना मंजूरी, प्रशासकीय कालेज की स्थापना की प्रशासकीय मंजूरी का प्रस्ताव केबिनेट में, शासकीय हेलीकॉप्टर बेल 430 और उसके स्पेयर पार्ट्स बेचने का प्रस्ताव, प्रदेश में समर्थन मूल्य पर विकेंद्रीकृत योजना अंतर्गत खाद्यान्न के उपार्जन, पीडीएस और अन्य शासकीय योजनाओं के संचालन और पूर्ति के लिए आदि प्रस्तावो ंपर मुहर लग सकती है और साथ ही निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूमि की स्वीकृति भी केबिनेट में दी जाएगी।

BREAKING NEWS :बजट के बाद अब गुटखा खाने वालों पर आफत! इस दिन सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

BREAKING NEWS :बजट के बाद अब गुटखा खाने वालों पर आफत! इस दिन सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

 दिल्ली। बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिगरेट पीने वालों को तो बड़ा झटका दिया ही था, अब इसी महीने गुटखा खाने वालों पर भी महंगाई की मार पड़ सकती है। दरअसल इसी महीने की 18 तारीख को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की बैठक होने जा रही है। ​इस बैठक में गुटखा और पानमसाला टैक्स लगाने से जुड़ी रिपोर्ट पर चर्चा की जा सकती है। बता दें कि पिछली बठक में गुटखा कंपनियों पर टैक्स लगाने की प्रक्रिया को मंत्री समूह के पास विचार के लिए भेज दिया गया था।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल हैं। जीएसटी परिषद ने शुक्रवार को ट्वीट किया,  जीएसटी परिषद की 49वीं बैठक नयी दिल्ली में 18 फरवरी, 2023 को होगी। परिषद मंत्री समूह की पान मसाला और गुटखा कंपनियों पर कर तथा एक अन्य मंत्री समूह की अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन की रिपोर्ट पर विचार-विमर्श कर सकता है।

इसके अलावा ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ पर जीएसटी लगाने के लिए मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की अध्यक्षता वाले एक अन्य मंत्री समूह की रिपोर्ट पर भी बैठक में चर्चा हो सकती है। ये तीन रिपोर्ट 17 दिसंबर, 2022 को हुई जीएसटी परिषद की पिछली बैठक के एजेंडा में शामिल थीं।

Rahul Gandhi : राहुल गांधी को मानहानि केस में मिली जमानत, अब इस दिन होगी सुनवाई

Rahul Gandhi : राहुल गांधी को मानहानि केस में मिली जमानत, अब इस दिन होगी सुनवाई

 Rahul Gandhi : मोदी सरनेम मामले में सूरत कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi )को जमानत दे दी है. अब अगल सुनवाई 13 अप्रैल को होगी. सूरत की अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में प्रतिवादियों से 10 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा है. राहुल गांधी भी सुनवाई के लिए सूरत कोर्ट पहुंचे थे.

राहुल गांधी के साथ उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) भी सूरत पहुंची. साथ ही कांग्रेस शासित तीन राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी गुजरात पहुंचे. सूरत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एचएच वर्मा की कोर्ट ने मोदी सरनेम को लेकर राहुल गांधी की ओर से की गई एक टिप्पणी के संबंध में दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे में उन्हें 23 मार्च को दोषी करार देते हुए दो साल के कारावास की सजा सुनाई थी.

संसद सदस्यता की गई थी रद्द 

हालांकि, अदालत ने राहुल गांधी को उसी दिन जमानत भी दे दी थी और उनकी सजा के अमल पर 30 दिन के लिए रोक लगा दी थी, ताकि वह ऊपरी अदालत में अपील दाखिल कर सकें. सूरत की अदालत की ओर से दोषी ठहराए जाने के बाद, लोकसभा सचिवालय ने 24 मार्च को एक अधिसूचना जारी कर राहुल गांधी को संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया था.

सांसद सदस्यता रद्दा किये जाने के बाद राहुल गांधी आठ साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने उस टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों है.

ACCIDENT : सड़क हादसे में गर्भवती समेत 3 लोगों की मौत, 4 घायल

ACCIDENT : सड़क हादसे में गर्भवती समेत 3 लोगों की मौत, 4 घायल

 मध्यप्रदेश। छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के ऊजरा गांव के पास हाईवे में भीषण सड़क हादसे में गर्भवती समेत तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि चार लोग घायल हो गए। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और वैगनआर की आमने-सामने से टक्कर से यह हादसा हुआ। इसमें वैगनआर सवार मां-बेटी और ड्राइवर की मौत हो गई। जबकि स्कॉर्पियो में सवार तीनों लोग घायल है।

जानकारी के अनुसार तीनों मृतक यूपी के महोबा के रहने वाले थे और इलाज के लिए छतरपुर आ रहे थे। मृतका पूजा के पिता ओमप्रकाश सेन ने बताया कि कार सवार पूजा सेन (28) 8 माह की गर्भवती थी। उसी के इलाज के लिए बेटा राहुल सेन (25) अपनी मां गुड्‌डो राजेश सेन (45) को लेकर छतरपुर जा रहा था। हादसे में कार चला रहे देवेंद्र अशोक सोनी (29) की भी मौत हो गई, जबकि राहुल घायल है। वहीं हादसे में स्कॉर्पियो सवार आदित्य निगम (24 साल), अमिता निगम (22 साल) और अयांश निगम (13 साल) भी घायल हैं।

घायल अयांश की मां मेघा निगम ने बताया कि वे मेरठ के रहते हैं। भतीजे और भतीजी के साथ बेटा अयांश छतरपुर में बहन को लेने आए थे। हमारा घर महोबा में है, जहां अयांश की दादी रहती हैं। गाड़ी भतीजा आदित्य निगम चला रहा था। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।

Sex racket: स्पा सेंटर की आड़ में चल रहा था सेक्स रैकेट, पुलिस ने छापा मारा तो

Sex racket: स्पा सेंटर की आड़ में चल रहा था सेक्स रैकेट, पुलिस ने छापा मारा तो

 Sex racket। स्पा सैलून की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट पर बेलतरोड़ी पुलिस ने छापा मार कार्रवई की है। पुलिस ने सेक्स रैकेट चलाने वाली बुधवारीपेठ, उमरेड रोड निवासी जास्मिन उर्फ मनीषा उर्फ मुसकान अरविंद भारती के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जास्मिन रेवतीनगर के रतन एनक्लेव में मून यूनिसेक्स सैलून एंड स्पा सेंटर चलाती है।

यह पूरा मामला गुजरात के सूरत का है. मिली जानकारी के अनुसार स्टाफ की महिला यूनिट द्वारा सूचना के आधार पर भीमराड कैनाल रोड स्थित मैसिमो कॉम्प्लेक्स स्थित होटल अनंत के एक कमरे में एक डमी ग्राहक भेजा गया. यहां जासूस से हाईप्रोफाइल लड़कियों को सप्लाई करने की जानकारी मिली थी.

एक डमी ग्राहक राजू नाम के एक ब्रोकर से संपर्क करता है. यहां दिल्ली की लड़की को साढ़े छह हजार का ऑफर दिया गया. होटल अनंत के एक कमरे में जाने को कहा गया. पुलिस ने जाल बिछाया और होटल की तलाशी शुरू की तो कोलकाता की एक लड़की दिल्ली के अलावा दूसरे कमरे में मिली. पुलिस ने इस ग्राहक को गिरफ्तार कर लिया और दलाल राजू को वांछित घोषित कर दिया.

भीमराड कैनाल रोड स्थित अटलांटा शॉपिंग सेंटर स्थित होटल गोल्ड में ठहरे एक व्यक्ति को होटल प्रबंधन ने ही लड़कियों की सप्लाई की थी. इसी सूचना के बीच आलथन पुलिस ने कार्रवाई की. यहां भी पुलिस ने एक युवक को रहने के लिए भेज दिया. होटल ने कमरे के 1500 रुपये और बच्ची को उपलब्ध कराने के 1500 रुपये लिए.

युवती के पहुंचते ही पुलिस ने छापेमारी कर कर्मचारी धर्मराज कैलास मो. भोजपुर के कमलेश महेश सिंह इस होटल को चलाते हैं. उसे वांछित घोषित किया गया था. एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने वेसु कैनाल रोड पर महालक्ष्मी ड्रीम में किआ स्पा पर छापा मारा.

यहां 13 लड़कियों को जबरन देह व्यापार में धकेला जा रहा था. मैनेजर अनुराग कृष्णकुमार तिवारी को गिरफ्तार किया गया. यह मैनेजर ग्राहकों से 500 रुपए लेता था. दलालों को 300 रुपए देता था.

हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस का निधन...63 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस का निधन...63 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

 केरल। Justice Thottathil Passed Away : हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस थोट्टाथिल बी राधाकृष्णन (T. B. Radhakrishnan ) का सोमवार को सुबह कोच्चि के एक निजी अस्पताल में 63 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. वह केरल, छत्तीसगढ़, आंध्र, तेलंगाना और कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके है. इसके साथ ही साथ वह केरल लीगल सर्विस अथॉरिटी के कार्यकारी अध्यक्ष भी थे. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे जिनका कोच्चि के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां आज सुबह उन्होंने अपनी अंतिम सांसे ली।

राधाकृष्णन ने 12 साल तक केरल हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में काम किया और दो बार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे. साल 1983 में वह एक वकील के रूप में नामांकित हुए थे. जस्टिस राधाकृष्णन ने कानून की तीन अलग-अलग शाखाओं अर्थात् नागरिक, संवैधानिक और प्रशासनिक कानूनों में अभ्यास किया था.

2004 में बने थे केरल हाई कोर्ट के जस्टिस

थोट्टाथिल बी राधाकृष्णन को 14 अक्टूबर, 2004 को केरल हाई कोर्ट के जस्टिस के रूप में पदोन्नत किया गया था. राधाकृष्णन राज्य में मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों के कामकाज, वरिष्ठ नागरिकों के सामने आने वाले मुद्दों और भी कई मामलों में उनके हस्तक्षेप के लिए जाने जाते थे।

INTERESTING NEWS : कॉलेज के छात्रों के लिए खुशखबरी, इस देश की सरकार ने रोमांस करने के लिए दी एक हफ्ते की छुट्टी, घटते जन्म दर से है परेशान

INTERESTING NEWS : कॉलेज के छात्रों के लिए खुशखबरी, इस देश की सरकार ने रोमांस करने के लिए दी एक हफ्ते की छुट्टी, घटते जन्म दर से है परेशान

 बीजिंग। चीन की सरकार देश में घटते जन्म देकर को इतनी चिंता में आ चुकी है कि अब वें बच्चो को 1 से 7 अप्रैल तक प्यार करने के लिए छुट्टियों दे रहे है। सरकार के राजनीतिक सलाहकारों ने जन्म दर बढ़ाने के लिए कई सिफारिशें की हैं, क्योंकि चीन में जनसंख्या की चिंता बहुत समय से ऊंचाई पर चल रही है। कई कॉलेज भी इस जन्म दर घटने वाली राष्ट्रीय दिक्कत से निजात पाने के लिए एक साथ आ रहे है। चीन के 9 कॉलेज अपने छात्रों को अप्रैल में ‘प्यार में पड़ने’ के लिए एक हफ्ते की छुट्टी दे रहे हैं।

9 कॉलेजों ने दी छुट्टी

मियायांग फ्लाइंग वोकेशनल कॉलेज (Mianyang Flying Vocational College) ने पहली बार 21 मार्च को स्प्रिंग ब्रेक की घोषणा की थी जिसमें प्रेम लीला यानी रोमांस को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसकी जानकारी देते हुए मियायांग कॉलेज के डिप्टी डीन लियांग गुओहुई ने बताया था कि 1 से 7 अप्रैल तक चलने वाला समय छात्रों को स्प्रिंग ब्रेक के दौरान “प्रकृति,जीवन और आपस में प्यार करने के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने आगे अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए बताया है कि वह आशा करते है की छात्र पानी, पेड़ और पहाड़ों को देखने जायेंगे और वसंत की सांस महसूस करेंगे। केवल छात्रों के क्षितिज को व्यापक करेगा और उनकी भावनाओं को विकसित करेगा, बल्कि कक्षा में शिक्षण सामग्री को समृद्ध और गहरा करेगा जिसमे छात्रों के लिए होमवर्क में डायरी लिखना, व्यक्तिगत विकास पर नज़र रखना और यात्रा वीडियो बनाना शामिल है।

जन्म दर बढ़ाने का है तरीका

यह प्रयास जन्म दर को बढ़ावा देने के तरीके खोजने के उद्देश्य को पूरा करने की एक कोशिश है। सरकार जन्म दर को बढ़ावा देने के लिए 20 से अधिक सिफारिशें लेकर आई है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वे जनसंख्या की गिरावट को धीमा कर सकते हैं। चीन ने 1980 और 2015 के बीच लागू की गई अपनी एक-बच्चे की नीति के माध्यम से बड़े पैमाने पर एक जनसांख्यिकीय दिक्कत में खुद को डाल दिया था। अधिकारियों ने 2021 में सीमा को बढ़ाकर तीन कर दिया, लेकिन घर में रहने के दौरान भी, COVID समय के दौरान भी जोड़े बच्चे पैदा करने से हिचक रहे हैं। विशेषज्ञों ने इतने सारे प्रस्तावों को एक सकारात्मक संकेत के रूप में लिया कि चीन अपनी बढ़ती उम्र और घटती जनसांख्यिकी को अत्यावश्यकता के साथ देख रहा है, डेटा के बाद पिछले साल छह दशकों में पहली बार जनसंख्या में कमी देखी गई।

Medicine Price Hike: पेनकिलर से लेकर एंटीबायोटिक तक महंगी हुई ये जरूरी दवाएं

Medicine Price Hike: पेनकिलर से लेकर एंटीबायोटिक तक महंगी हुई ये जरूरी दवाएं

  Essential Medicines Price Rise: खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा के सामान की कीमत में उछाल के बीच अब इलाज कराना और भी महंगा हो गया है. क्योंकि नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने देश में 905 जरूरी दवाओं के दाम (Essential Medicines Price hike) बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. नए वित्तीय वर्ष में अब सिर्फ बुखार ही नहीं, बल्कि पेन किलर, इंफेक्शन की दवा, डायबिटीज, और हार्ट की बीमारी में यूज होने वाली दवा, एंटीबायोटिक की दरों में इजाफे को मंजूरी दे दी गई है. नई दरें 1 अप्रैल से लागू हो चुकी हैं.

नोटिफिकेशन जारी

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने इस सिलसिले में नोटीफिकेशन जारी कर दिया है. जिसके तहत सभी दवा कंपनियों को नई सीलिंग प्राइस के हिसाब से रेट निर्धारित करने की इजाजत मिल गई है. आपको बताते चलें कि फार्मा कंपनियों ने इंडस्ट्री की चुनौतियों के मद्देनजर दवा की कीमतें बढ़ाने की मांग की थी.

पिछले साल 10 फीसदी बढ़े थे दवा के दाम 

पैरासिटामोल सहित करीब 900 दवाओं के दामों में करीब 12 फीसदी की बढ़ोतरी होगी. गैर-जरूरी सूची से बाहर की दवाओं की कीमतों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी करने की छूट दी गई है. दवा के दाम (Medicine rate hike) में 12.12% की WPI के अनुसार रिवीजन तय किया गया है. कंपनियां इसके ऊपर सिर्फ जीएसटी ले सकेंगी, अगर उन्होंने पे किया है. वहीं हर दवा निर्माता कंपनी को 15 दिनों में सभी दरों में बदलाव की जानकारी रिटेलरों, डीलरों और सरकार को भी देनी होगी. अगर कोई कंपनी किसी विशेष दवा का उत्पादन बंद करना चाहती है तो 6 माह पहले सरकार को देनी होगी जानकारी. वहीं निर्धारित दर से ज्यादा चार्ज करने पर ब्याज समेत जुर्माना देय होगा. इसका आदेश के तहत दवा निर्माता फार्मा कंपनिया तत्काल प्रभाव से अपने प्रोडक्ट की कीमत बढ़ा सकती हैं.

नफरती सोच और घृणा भाषण पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी सभी के लिए बड़ा संदेश है

नफरती सोच और घृणा भाषण पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी सभी के लिए बड़ा संदेश है

 राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक ताने-बाने को ध्वस्त कर रहे जहरीले भाषणों की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। संकीर्णता एवं साम्प्रदायिकता का उन्माद एवं ‘हेट स्पीच’ के कारण न केवल विकास बाधित हो रहा है बल्कि देश की एकता एवं अखण्डता भी खण्ड-खण्ड होने के कगार पर पहुंच गयी है।

अब तो ऐसा भी महसूस होने लगा है कि देश की दंड व्यवस्था के तहत जहां ‘हेट स्पीच’ को नये सिरे से परिभाषित करने की आवश्यकता है वहीं इस समस्या से निपटने के लिए ‘हेट स्पीच’ को अलग अपराध की श्रेणी में रखने के लिए कानून में संशोधन का भी वक्त आ गया है? राजनेताओं एवं तथाकथित धर्मगुरुओं के नफरती, उन्मादी, द्वेषमूलक और भड़काऊ भाषणों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने एक बार फिर कड़ी टिप्पणी की है।

एक मामले पर दो दिनों तक चली सुनवाई में अदालत ने केंद्र सरकार से पूछा कि ऐसे नफरती भाषणों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है? हालांकि सर्वोच्च न्यायालय पहले भी अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए राजनेताओं और धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों को सार्वजनिक मंचों से बोलते वक्त संयम बरतने की नसीहत दे चुका है, मगर इस प्रवृत्ति में कोई सुधार नजर नहीं आता।

कई बार तो ऐसा महसूस होता है कि समाज एवं राष्ट्र में उन्माद, अराजकता एवं अशांति पैदा करने के लिए नफरती भाषण देने की विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता एवं संप्रदायों के कतिपय स्वनामधन्य नेताओं में परस्पर होड़ लगी हुई। इस संबंध में धर्म संसदों में आपत्तिजनक भाषण, राजनीतिक सभाओं में घृणा एवं नफरती बोल एवं विभिन्न चैनलों पर बहस के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणियां के दौरान हेट स्पीच के मामलों ने गंभीर एवं जटिल स्थितियों को जन्म दिया है। इस तरह भारत की गौरवमय संस्कृति को धुंधलाना, ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ एवं सर्वधर्म सद्भाव के मंत्रों को ध्वस्त करना, भारत की एकता और अखण्डता को बांटना अक्षम्य अपराध है।

इसलिये इनदिनों देश के ताजा मामलों में सर्वोच्च न्यायालय ने ‘हेट स्पीच’ एवं नफरती बयानों-भाषणों पर तल्ख टिप्पणी की है। दो न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि नेता जिस दिन राजनीति में धर्म का इस्तेमाल छोड़ देंगे, नफरती भाषण भी बंद हो जाएंगे। भारत के लोग दूसरे समुदायों के लोगों का अपमान न करने, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं सद्भावना कायम करने का संकल्प क्यों नहीं लेते? अदालत ने जवाहर लाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके भाषणों को लोग दूर-दूर से सुनने आत थे।

वैसी नजीर अब कोई नेता क्यों पेश नहीं करना चाहता। अदालत ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि लोग समुदाय विशेष को लेकर ही नफरती भाषणों के खिलाफ चुनिंदा तरीके से मुकदमें क्यों दर्ज कराते हैं। उनमें सभी समुदायों और पंथों के खिलाफ दिए गए नफरती भाषणों पर सख्ती क्यों नहीं दिखाई जाती।

सर्वोच्च न्यायालय लंबे समय से ऐसे भाषणों, बयानों और तकरीरों के खिलाफ सख्त रहा है। बात केवल मुस्लिम कट्टरता एवं नफरती बयानों की ही नहीं है, करीब दो महीना पहले महाराष्ट्र में आयोजित सकल हिंदू समाज की रैली को लेकर भी न्यायालय ने निर्देश दिया था कि राज्य सरकार सुनिश्चित करे कि वहां कोई नफरती भाषण न होने पाए। उस रैली की वीडियो रिकार्डिंग का भी आदेश दिया था। जब जगह-जगह धर्म संसद करके समुदाय विशेष के खिलाफ नफरती और भड़काऊ भाषण दिए गए थे, तब भी अदालत ने सरकार को सख्त लहजे में इस पर काबू पाने को कहा था।

मगर राजनीतिक दलों के प्रवक्ताओं और नेताओं को शायद ऐसी अदालती आदेशों-निर्देशों की कोई परवाह नहीं है। खुद सर्वोच्च न्यायालय ने इस बात का उल्लेख किया है कि टीवी चैनलों पर आए दिन राजनीतिक दलों के प्रवक्ता सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले वक्तव्य देते रहते हैं। राजनेताओं से किसी भी ऐसे आचरण की अपेक्षा नहीं की जाती, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर बुरा प्रभाव पड़ता है। मगर इस दौर की राजनीति का स्वरूप कुछ ऐसा बनता गया है कि दूसरे धर्मों, संप्रदायों, समुदायों के खिलाफ नफरती भाषण देकर अपना जनाधार बढ़ाने का प्रयास किया जाने लगा है। निश्चित ही यह विकृत एवं घृणित सोच वोट की राजनीति का हिस्सा बनती जा रही है।

जाहिर है, उसमें भाषा की मर्यादा एवं शालीनता का भी ध्यान नहीं रखा जाता। स्थिति की गंभीरता का अनुमान इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि अब तो राजनीतिक दलों के नेताओं के अलावा धार्मिक नेता भी अपने प्रवचनों में उत्तेजना और कटुता पैदा करने वाले शब्दों का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं। इस प्रवृत्ति पर अविलंब अंकुश लगाने की आवश्यकता है ताकि इस समस्या को नासूर बनने से पहले ही इस पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण पाया जा सके। उम्मीद है कि विधि आयोग की रिपोर्ट पर केंद्र की ठोस कार्यवाही नहीं करने के बावजूद अब देश की शीर्ष अदालत हेट स्पीच के मुद्दे को लेकर जागरूक होते हुए उचित दिशा-निर्देश दे रही है।

पूरे विश्व में आज जब हिंदुस्तान का डंका बज रहा है, तो देश के भीतर और देश के बाहर बैठी ‘भारत विरोधी शक्तियां’ एकजुट होकर साम्प्रदायिक सौहार्द एवं राष्ट्रीय एकता के ताने-बाने को क्षत-विक्षित करना चाहती है। ऐसी शक्तियां किसी भी तरह भारत से विकास का एक कालखंड छीन लेना चाहती हैं। भारत के लोगों में सहन करने की अद्भुत शक्ति रही है, लेकिन विदेशी ताकतें एवं देश की विरोधी शक्तियां उन्माद एवं नफरत के बीज बौने के तरह-तरह के षड़यंत्र रचते रहते हैं।

सोचने की बात तो यह है कि साम्प्रदायिक भावनाओं एवं नफरती सोच को प्रश्रय देने वाले सम्प्रदाय एवं समुदाय खतरे से खाली नहीं हैं। उनका भविष्य कालिमापूर्ण है। तभी सर्वोच्च न्यायालय में इन मामलों की सुनवाई कर रही बेंच की अगुवाई कर रहे जस्टिस जोसेफ ने संयम, सहिष्णुता एवं सौहार्द की उपयोगिता को व्यक्त करते हुए कहा, ‘सहिष्णुता क्या है? सहिष्णुता का सही अर्थ किसी को बर्दाश्त करना नहीं, बल्कि मतभेदों को स्वीकार करना है।’ जरूरत है कि हमारे समाज में ऐसे मतभेदों को स्वीकारते हुए मनभेद को न पनपने दे।

निश्चित ही राजनीतिक एवं साम्प्रदायिक स्वार्थों के चलते देश को जोड़ने की बजाय तोड़ने के प्रयास हो रहे हैं, जो अक्षम्य है। सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी से स्पष्ट है कि इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए सरकारों को संजीदगी दिखाने की जरूरत है। मगर विडंबना है कि ऐसे देश तोडक मामलों को रोकने की जरूरत नहीं समझी गई और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता एवं धर्मगुरु विद्वेष पर भाषण देते रहते हैं।

सर्वोच्च न्यायालय की ताजा टिप्पणी को राजनीतिक दल एवं विभिन्न सम्प्रदायों के धर्मगुरु-धर्मनेता कितनी गंभीरता से लेंगे, यह कहना मुश्किल है। क्या भारत के लोग खुद ही संकल्प नहीं ले सकते कि वे दूसरे नागरिकों और समुदायों का अपमान नहीं करेंगे। आजादी के अमृत-काल में नफरत एवं उन्माद की आंधी को नियंत्रित करने के लिये विभिन्न धर्मों के बीच एकता, सौहार्द और समन्वय का उद्घोष करना होगा।

तभी समूचा भारत नफरती सोच एवं हेट स्पीच के अशोभनीय-परिवेश से मुक्त होगा। तभी विनाश-शक्ति की अपेक्षा जीवन-शक्ति अधिक प्रभावशाली साबित होगी।

 
पीएम मोदी ने मध्यप्रदेश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को दिखाई झंडी

पीएम मोदी ने मध्यप्रदेश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को दिखाई झंडी

  भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली वंदे भारत एक्स्प्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। वंदे भारत ट्रेन का लोकार्पण हाईटेक कमलापति रेलवे स्टेशन पर पीएम मोदी ने किया। पीएम मोदी ने कहा, एमपी को पहली वंदे भारत ट्रेन मिली है, जो प्रदेश के लोगों को कई सुविधाएं देगी और क्षेत्र के विकास का माध्यम बनेगी।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय रेलवे देश के छोटे शिल्पकारों और कारीगरों के काम को देश के हर कोने तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है। अब वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत कई जगहों पर 600 आउटलेट बनाए जा चुके हैं, जहां से करीब एक लाख लोग खरीदी कर चुके हैं। आज देश में अनेकों रेलवे स्टेशनों का आधुनिकरण किया जा रहा है। आज देश के छह हजार स्टेशनों पर वाई-फाई लगाए जा चुके हैं। वहीं, 900 से ज्यादा स्टेशनों पर सीसीटीवी लग चुका है। वंदे भारत एक्सप्रेस तो पूरे देश में हमारी युवी पीढ़ी में सुपरहिट हो चुकी है। साल भर इन ट्रेनों की सीटें फुल जा रही हैं। देश के हर कोने से इस ट्रेन को चलाने की मांग की जा रही है।


पीएम मोदी ने कहा कि पहले सांसद कहते थे फलानी ट्रेन इस स्टेशन पर रोकने की व्यवस्था हो, लेकिन आज मुझे गर्व है। जब सांसद मांग करते हैं कि हमारे यहां भी वंदे भारत जल्द से जल्द चालू हो। रेलवे यात्रियों की सुविधा बढ़ाए जाने का अभियान तेजी से चल रहा है।

पीएम ने बताया कि देश के बजट में रिकॉर्ड धन राशि रेलवे के लिए आवंटित की गई है। पहले संसद में रेलवे के विकास की बात होते ही घाटे की बात होने लगती थी, लेकिन अगर विकास की इच्छाशक्ति हो और नीयत साफ हो तो नए रास्ते निकल आते हैं


पीएम मोदी ने कहा कि हर साल रेलवे के बजट को हमेशा बढ़ाया गया है। अब एमपी में 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक का रेलवे बजट है, जबकि साल 2014 से पहले केवल 600 करोड़ रुपये रेलवे बजट था।

पीएम ने कहा कि आज रेलवे में कैसे आधुनिकरण हो रहा है। इसका एक उदाहरण इलेक्ट्रिफिकेशन का काम भी है। देश के किसी न किसी हिस्से में रेल नेटवर्क का शत प्रतिशत बिजलीकरण हो चुका है। इन 11 राज्यों में मध्यप्रदेश भी शामिल है। साल 2014 ले पहले 600 किमी का इलेक्ट्रिफिकेशन होता था, अब 6000 किलोमीटर का इलेक्ट्रिफिकेशन हो रहा है। अब मध्यप्रदेश पुरानी चीजों को पीछे छोड़कर विकास की नई गाथा लिख रहा है। 

Amul Milk Price Hike: अमूल दूध के फिर बढ़े दाम, इतने रुपये प्रति लीटर का हुआ इजाफा

Amul Milk Price Hike: अमूल दूध के फिर बढ़े दाम, इतने रुपये प्रति लीटर का हुआ इजाफा

  गुजरात। अमूल ने ग्राहकों को एक बार फिर झटका देते हुए अपने दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा (Amul Milk Price Hike) करने का फैसला किया है। कंपनी ने गुजरात में दूध के दामों में 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। नई दरें आज यानी 1 अप्रैल, 2023 से लागू हो चुकी हैं।

जानें कितने बढ़े दूध के दाम

इस बढ़ोतरी के बाद गुजरात में दूध के दाम 3 से 4 फीसदी तक महंगे हो गए हैं। गुजरात कॉरपोरेशन मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (GCMMF) जो कि गुजरात की सबसे बड़ी डेयरी यूनियन हैं उसने अमूल के दूध के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर के इजाफे का फैसला किया था। यह बढ़ोतरी अमूल की सभी वैरायटी पर लागू हो चुकी है। इस बढ़ोतरी के बाद अमूल गोल्ड, अमूल शक्ति और अमूल ताजा सभी दूध की वैरायटी में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है।

जानें दूध के नए रेट्स

इस बढ़ोतरी के बाद अब गुजरात में आधा लीटर दूध अमूल गोल्ड के 32 रुपये चुकाने होंगे। वहीं अमूल ताजा के आधा लीटर पैकेट के लिए 26 रुपये और अमूल शक्ति के लिए 29 रुपये देना होगा। वहीं एक लीटर अमूल गोल्ड के लिए 64 रुपये, अमूल शक्ति के लिए 58 रुपये और अमूल जाता के लिए 52 रुपये का शुल्क देना होगा। इससे पहले GCMMF ने पिछले साल अगस्त में गुजरात में दूध के दाम में इजाफा किया था।

क्यों बढ़े दूध के दाम

गुजरात में अमूल दूध के दाम में इजाफे पीछे कंपनी ने बयान देकर जानकारी दी है कि पिछले कुछ महीनों में दूध के उत्पादन और लागत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले कुछ महीनों में जानवरों के चारे की कीमतों में 13 से 14 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। ऐसे में किसानों की लागत मूल्य में तेजी से इजाफा हुआ है। जिसके बाद कंपनी ने अब राज्य में दूध की कीमतों में इजाफे का फैसला किया है। ध्यान देने वाली बात ये है कि अमूल में पिछले कई महीनों में कई बार दूध की कीमतों में इजाफा किया है। ऐसे में इसका असर लोगों की जेब पर दिख रहा है।

 
वित्त वर्ष के पहले दिन जनता को बड़ी राहत, लगभग 100 रूपये सस्ता हुआ रसोई गैस, जानिये क्या हैं नए दाम ?

वित्त वर्ष के पहले दिन जनता को बड़ी राहत, लगभग 100 रूपये सस्ता हुआ रसोई गैस, जानिये क्या हैं नए दाम ?

 नई दिल्ली। LPG Cylinder Price : वित्त वर्ष 2024 के पहले दिन रसोई गैस की कीमत (LPG Cylinder Price) में 92 रुपये की कटौती कर दी गई है. हालांकि, यह बदलाव केवल कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमत पर किया गया है. घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के गैस सिलिंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है. गौरतलब है कि सरकार ने मार्च में कमर्शियल रसोई गैस की कीमतों में 350 रुपये की बढ़ोतरी की थी और इसमें से अब 92 रुपये घटा दिए गए हैं. कमर्शियल गैस सिलिंडर में एलपीजी का वजन 19 किलोग्राम होता है.

इस बदलाव के बाद देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी 2028 रुपये, रायपुर में 1782रुपये, कोलकाता में 2132 रुपये, मुंबई में 1980 रुपये और चेन्नई में 2192.50 रुपये हो गई है. वहीं, घरेलू गैस की कीमतें पिछले महीने की ही तरह जस की तस बनी हुई हैं. दिल्ली में घरेलू गैस 1103, मुंबई में 1112.5, कोलकाता में 1129 और चेन्नई में घरेलू गैस 1118.5 रुपये पर बिक रही है. घरेलू गैस कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी के दामों की समीक्षा करती हैं. पिछले महीने घरेलू एलपीजी की कीमतों में भी 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी.

कहां कितनी घटी कीमतें

कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में 91.5 रुपये तक की कटौती की गई है. यह इस बार की गई कटौती की अधिकतम सीमा है. यह मूल्य कटौती दिल्ली और मुंबई में लागू हुई है. वहीं, कोलकाता में एलपीजी सिलिंडर की कीमत में 89.50 रुपये और चेन्नई में 75.5 रुपये की कटौती की गई है.

कैसे तय होती है एलपीजी की कीमत

जैसा कि हमने आपको बताया कि रसोई गैस की कीमत की हर महीने समीक्षा की जाती है. इसकी समीक्षा में कुछ बातों का ध्यान रखा जाता है और उसी के आधार पर गैस की कीमतों में बढ़ोतरी या कटौती की जाती है. रसोई गैस की कीमत इंपोर्ट पैरिटी प्राइस (IPP) के फॉर्मूले से तय होती है. भारत में रसोई गैस अधिकांशत: आयात पर निर्भर है इसलिए इसमें गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों का बड़ा असर देखने को मिलता है. रसोई गैस की कच्चा माल क्रूड ऑयल होता है इसलिए कच्चे तेल की कीमत का भी इस पर काफी प्रभाव होता है. भारत में रसोई गैस का बेंचमार्क सऊदी अरामको की एलपीजी प्राइस है. गैस की कीमत में एफओबी, ढुलाई, इंश्योरेंस, कस्टम ड्यूटी और पोर्ट ड्यू जुड़ी होती हैं.

Rule Changes 1 April 2023 : LPG, टैक्स और गोल्ड, आम आदमी की जेब पर पड़ेगा बड़ा असर, देख लें लिस्ट

Rule Changes 1 April 2023 : LPG, टैक्स और गोल्ड, आम आदमी की जेब पर पड़ेगा बड़ा असर, देख लें लिस्ट

 1 अप्रैल से इनकम टैक्स( tax) से लेकर एलपीजी प्राइस तक  बड़े बदलाव होने वाले हैं. आइए जानते हैं आज से क्या-क्या बदल जाएगा

बजट 2023 में टैक्स स्लैब को रिवाइज्ड किया गया था. नई कर व्यवस्था के तहत ये बदलाव किया गया है. अब 3 लाख तक कोई टैक्स नहीं, 3 से 5 लाख की इनकम पर पांच प्रतिशत, 6 से 9 लाख पर 10 फीसदी, 9 से 12 लाख पर 15 फीसदी, 12 से 15 लाख के बीच 20 फीसदी और 15 लाख से ज्यादा पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा।

टैक्स छूट को 12,500 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया

नई टैक्स रिजीम में इनकम टैक्स एक्ट की धारा 87A के तहत टैक्स छूट को 12,500 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है. हालांकि, नई रिजीम के तहत सात लाख रुपये तक की कमाई पर जीरो टैक्स का लाभ लेने वाले को 80C के तहत मिलने वाली छूट का फायदा नहीं मिलेगा.

एक्सप्रेस वे पर सफर करना महंगा

एक अप्रैल से देश के हाइवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करना महंगा हो सकता है. दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर आज से करीब 10 फीसदी टोल टैक्स में बढ़ोतरी हो गई है. मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी टोल की दर बढ़ाने का ऐलान हो चुका है. इस एक्सप्रेसवे पर अब सफर करने के लिए 18 फीसदी अधिक टोल चुकाना होगा।

ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग अनिवार्य

एक अप्रैल 2023 यानी आज से गोल्ड की ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया गया है. आज से सिर्फ 6 अंक वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग ही मान्य होंगे. 4 अंकों के हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन वाली ज्वैलरी की बिक्री अब नहीं हो सकेगी.

स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दरों में इजाफा

एक अप्रैल 2023 से स्मॉल सेविंग में निवेश करने वालों को डिपॉजिट पर अधिक ब्याज मिलेगा. सरकार ने अप्रैल-जून 2023 की तिमाही के लिए ब्याज दरों में इजाफा किया है. छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में 70 बेसिस प्वाइंट (BPS) का इजाफा किया है।

महिलाओं के लिए नई स्कीम

आज से सरकार महिलाओं के लिए ‘महिला सम्मान सेविंग’ स्कीम की शुरुआत कर रही है. महिला सम्मान सेविंग स्कीम को महिला या लड़कियों के नाम पर लिया जा सकता है. यह वन टाइम स्कीम है और 2023-2025 के बीच दो साल की अवधि के लिए ही निवेश के लिए उपलब्ध होगी।

म्यूचुअल फंड्स में बदलाव

नए फाइनेंसियल ईयर यानी एक अप्रैल से डेट म्यूचुअल फंड्स में किए गये निवेश पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स के तहत टैक्स लगेगा. सरकार ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स को खत्म कर दिया है. 36 महीने से पहले डेट म्यूचुअल फंड के रिडिम के बाद अगर कोई यूनिट्स की सेल करता है, तो होने वाले मुनाफे पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स लगता है।