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ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया

तेहरान, ईरान ने बगदाद में ड्रोन हमले में एक शीर्ष ईरानी जनरल की मौत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और दर्जनों अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी कर इसके लिए इंटरपोल से मदद मांगी है. एक स्थानीय अभियोजक ने सोमवार को यह जानकारी दी. ईरान के इस कदम से ट्रंप को गिरफ्तारी का कोई खतरा नहीं है लेकिन इन आरोपों से ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव स्पष्ट होता है.


ईरान और विश्व की प्रमुख शक्तियों के साथ हुए परमाणु समझौते से ट्रंप के अलग हो जाने के बाद दोनों देशों के बीच का तनाव फिर बढ़ गया था. तेहरान के अभियोजक अली अलकासीमहर ने कहा कि ईरान ने तीन जनवरी को बगदाद में हुए हमले में ट्रंप और 30 से अधिक अन्य लोगों के शामिल रहने का आरोप लगाया है. उसी हमले में जनरल कासिम सोलेमानी की मौत हो गयी थी.


अर्ध-सरकारी संवाद एजेंसी आईएसएन की खबर के अनुसार अलकासीमर ने ट्रंप के अलावा किसी अन्य की पहचान नहीं की. लेकिन जोर दिया कि ईरान ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी अभियोजन को जारी रखेगा.


फ्रांस के लियोन में स्थित इंटरपोल ने टिप्पणी के अनुरोध पर तत्काल कोई जवाब नहीं दिया. ऐसी संभावना नहीं है कि इंटरपोल ईरान के अनुरोध को स्वीकार करेगा क्योंकि उसके दिशानिर्देश के अनुसार वह किसी "राजनीतिक प्रकृति’’ के मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है.


अमेरिका ने हवाई हमले में कासिम सुलेमानी को मारा था


अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के के चलते अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई किया था. इस दौरान अमेरिकी स्ट्राइक में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के वरिष्ठ जनरल और क़ुद्स फोर्स कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी. साथ ही इराक में ईरान समर्थित पॉपुलर मोबलाइजेशन फोर्स के कमांडर अबू मेहंदी अल मुहंदीस भी मारा गया था.


खुफिया ऑपरेशन्स का प्रभारी माना जाता था जनरल सुलेमानी


ध्यान रहे कि रिवोल्यूशनरी गार्ड ईरानी सशस्त्र सेना का ही अंग है. हालांकि अमेरिका ने अप्रैल 2019 में इसे आतंकी संगठन घोषित कर दिया था. हालांकि जनरल सुलेमानी की मौत का सबब बनी अमेरिकी कार्रवाई अपने तरह की एक रेयर घटना थी जिसमें अमेरिका ने किसी मुल्क के सैन्य कमांडर को मारा हो. जनरल सुलेमानी को IRGC के विदेशों में चल रहे खुफिया ऑपरेशन्स और ईरान समर्थित गुटों के संचालन का प्रभारी माना जाता था.


रेड कॉर्नर का मतलब


यह नोटिस वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी या उनके प्रत्यर्पण को हासिल करने के लिए जारी किया जाता है. रेड कार्नर नोटिस की मदद से गिरफ्तार किए गए अपराधी को उस देश भेज दिया जाता है जहां उसने अपराध किया होता है. वहीं उस पर उस देश के कानून के हिसाब से मुकदमा चलता है और सजा दिलाई जाती है.


जिस व्यक्ति के खिलाफ “इंटरपोल” ने रेड कार्नर नोटिस जारी किया है; इंटरपोल उस वांछित व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए किसी सदस्य देश को मजबूर नहीं कर सकता है. 

एक इशारे मात्र से  चीन को धूल चटाने को तैयार है हमारी वायुसेना

एक इशारे मात्र से चीन को धूल चटाने को तैयार है हमारी वायुसेना

जम्मू, लद्दाख के मोर्चे पर तैनात सेना और वायुसेना की कमान संभालने वाले अधिकारियों के अनुसार, बस सरकार के इशारे की देर है और वे चीन को धूल चटाने के लिए तैयार हैं। हालांकि उनका कहना था कि भारत अपनी तरफ से कभी भी पहल नहीं करेगा, पर चीनी सेना द्वारा की जाने वाली किसी भी शरारत का अब उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।


याद रहे पिछले हफ्ते ही भारत सरकार ने भारतीय सेना को लद्दाख के मोर्चे पर एलएसी पर अब उन समझौतों को दरकिनार करने का निर्देश दिया था जिसके तहत भारतीय जवान आवश्यकता पड़ने पर भी गोली नहीं चला पाते थे।

दरअसल एलएसी पर लद्दाख में लाल सेना द्वारा करीब 6 सेक्टरों में युद्ध की तैयारी के बीच, हमलावर फौज का चेहरा दिखाते हुए आक्रामक रुख अपना रखा है और ऐसे में भारतीय सेना के तीन डिवीजनों को इन सेक्टरों में तैनात कर अलर्ट और हमले का जवाब देने के मोड पर रखा गया है। पूरे लद्दाख में भारतीय वायुसेना को भी 2 से 8 मिनट की तैयारी वाले अलर्ट पर रखा गया है।


जानकारी के मुताबिक, वायुसेना ने एलएसी पर अपनी मिसाइलों को रेडी मोड में रखा है ताकि आदेश मिलते ही या फिर दुश्मन की नापाक हरकत का जवाब देने में कोई देर न की जाए। याद रखने योग्य तथ्य यह है कि लद्दाख सीमा पर तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे है और ऐसे तापमान में मिसाइल सिस्टम को रेडी मोड में ही रखा जाता है।

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, एलएसी पर तनातनी वाले इलाकों से कुछ किमी पीछे भारतीय तोपखाना और टैंक अपने आप को गर्म रखने के लिए युद्धाभ्यास में जुटे हैं और उनकी गर्जना इलाके की खामोशी को तोड़ रही है। साथ ही उड़ान भरते भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान भी दहशत का माहौल पैदा कर रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक पूर्वी लद्दाख में चीन के मुकाबले भारतीय सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं। एक ओर तोपखाना जरूरत पड़ने पर सटीक वार करने के लिए मुस्तैद है तो भारतीय वायुसेना भी हवाई हमले को नाकाम करने में सक्षम है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, दोनों भारतीय सेनाओं ने तोपों और मिसाइलों की तैनाती करने के साथ ही पूर्वी लद्दाख में गत दिनों अपने मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम भी मजबूत किया है। इसके अलावा भी नए उपकरणों को शामिल करने का सिलसिला जारी है।


पिछले दो हफ्तों में चीन की वायुसेना वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब सुखोई-30 विमानों और हेलीकॉप्टरों की गतिविधियों में तेजी लाई है। चीन के हेलीकॉप्टर गलवान घाटी के पेट्रोलिंग प्वाइंट 14, 15 व हॉट स्प्रिंग, पैंगोंग सो और फिंगर एरिया के काफी पास तक उड़ान भरते देखे गए हैं।

इसके जवाब में ही भारतीय वायुसेना ने पूर्वी लद्दाख में दुश्मन के विमानों को मार गिराने की क्षमता से युक्त अपने आधुनिक क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम तैनात किया है। दोनों देशों में समझौते के अनुसार, भारत व चीन के विमानों को उड़ते समय वास्तविक नियंत्रण रेखा से दस किलोमीटर की दूरी बनानी होती है। पर चीन अब ऐसा नहीं कर रहा है।

क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम पिछले वर्ष ही वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया है। इस मिसाइल सिस्टम को जाम नहीं किया जा सकता है। इसे वाहन के जरिए कम समय में ही एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। सिस्टम में लगी मिसाइल दुश्मन के विमान को फौरन तलाश कर त्वरित कार्रवाई कर उसे तबाह करने की ताकत रखती है। पूर्वी लद्दाख में अपने तीन एडवांस लैंडिंग ग्राउंड बनाने वाली वायुसेना के फाइटर विमान चंद मिनटों में चीन पर घातक प्रहार करने की भी क्षमता रखते हैं।

 

बंगाल के बाद इस राज्य में भी लॉकडाउन 31 जुलाई तक बढ़ा,पढ़े ये खबर

बंगाल के बाद इस राज्य में भी लॉकडाउन 31 जुलाई तक बढ़ा,पढ़े ये खबर

मुंबई, महाराष्ट्र में लॉकडाउन 31 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है. इसे मिशन बिगेन अगेन का नाम दिया गया है. 31 जुलाई तक जो लॉकडाउन जारी रखा गया है उसमें जरूरी सामानों की दुकानों को खुला रखा जाएगा. हालांकि बाकी दुकानों को ऑड-ईवन सिस्टम के तहत ही खोला जाएगा.


महाराष्ट्र सरकार ने 31 जुलाई तक लॉकडाउन को जारी रखने का ऐलान करते हुए कहा कि दफ्तरों में सीमित स्टाफ के साथ कामकाज किया जाएगा. पहले ही खबर आ गई थी कि 30 जून के बाद राज्य में लॉकडाउन लागू तो रहेगा लेकिन इसमें कुछ शर्तों में ढ़ील देने की बात कही गई थी.


ठाणे में 10 जुलाई तक पूर्ण लॉकडाउन
महाराष्ट्र के ठाणे में 2 जुलाई से लेकर 10 जुलाई तक कंप्लीट लॉकडाउन को लागू किया गया है. यहां पर ठीक उसी तरह की स्थिति होगी जैसे अप्रैल-मई में लॉकडाउन के दौरान थी. केवल इसेंशियल सर्विसेज की दुकानों को ही खुला रखा जाएगा.

 

बड़ी खबर : कराची स्थित पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज पर हुआ बड़ा आतंकी हमला, 5 लोगों की मौत साथ ही 4 आतंकी ढेर

बड़ी खबर : कराची स्थित पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज पर हुआ बड़ा आतंकी हमला, 5 लोगों की मौत साथ ही 4 आतंकी ढेर

कराची | कराची स्थित पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज पर आतंकी हमला हुआ | सूत्रों के अनुसार सोमवार को पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज की इमारत में चार आतंकी घुसे और अंधाधुंध फायरिंग की | आतंकियों की फायरिंग में पांच लोगों के मारे जाने की खबर है | पाकिस्तान मीडिया के मुताबिक, चारों आतंकी मार गिराए गए हैं | जियो न्यूज से बात करते हुए कराची के इंस्पेक्टर जनरल ने कहा कि हालात नियंत्रण में है और सभी आतंकियों को मार गिराया गया है| रेंजर्स और पुलिस के जवान इमारत के अंदर घुस गए हैं और सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है|
कराची के आईजी का कहना है कि हमलावरों ने कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों द्वारा पहने जाने वाले कपड़े पहने हुए थे, जो वो ऑफ ड्यूटी पर पहनते हैं |आतंकवादियों ने अत्याधुनिक हथियारों के साथ हमला किया और एक बैग ले जा रहे थे, जिसमें संभवत: विस्फोटक हो सकता है|

नेपाल के प्रधानमंत्री ओली का बड़ा आरोप, कहा- भारत कर रहा है पद से हटाने की साजिश

नेपाल के प्रधानमंत्री ओली का बड़ा आरोप, कहा- भारत कर रहा है पद से हटाने की साजिश

नई दिल्ली, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने आरोप लगाया है कि भारत ने उन्हें पद से हटाने की साजिश की है, क्योंकि उन्होंने नेपाल का नया नक्शा जारी किया है जिसमें लिंपियाधुरा, महाकाली और लिपुलेख शामिल हैं. उन्होंने नेपाल के नेताओं पर भी इसमें शामिल होने का आरोप लगाया.


केपी शर्मा ओली ने कहा “हमने नक्शा सही किया है. हमने इसे संवैधानिक रूप दिया. उसके बाद आपने सुना होगा कि प्रधानमंत्री सप्ताह या 15 दिन में बदल रहे हैं. आपने भारतीय मीडिया और बुद्धिजीवियों के बारे में सुना होगा.’’ प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत का राज्य तंत्र आश्चर्यजनक रूप से सक्रिय है." दूतावास में सक्रियता बढ़ी है.


आज, रविवार को नेपाल कि राजधानी काठमांडू में बोलते हुए ओली ने कहा, “आपने सुना होगा कि प्रधानमंत्री सप्ताह या 15 दिन में बदल रहे हैं. आपने भारत की बौद्धिक बहसों के बारे में सुना होगा. भारत का मोदीतंत्र कैसे सक्रिय है?’’


ओली ने ये भी कहा कि जब वो पिछली बार प्रधानमंत्री थे तब भी चीन के साथ व्यापार और पारगमन समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्हें हटा दिया गया था. उन्होंने कहा कि अब जब नेपाल अपनी जमीन वापस लाने की कोशिश कर रहा है तो फिर से हटाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा, “नेपाल के नेता शामिल हैं. एक बहस चल रही है कि ओली को तुरंत हटाया जाना चाहिए. इसका कोई विकल्प नहीं है.’’


इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नेपाल द्वारा नया नक्शा प्रकाशित किए जाने के बाद, कुछ लोगों ने कहा कि कोई वापसी की बात नहीं थी. उन्होंने कहा, "वापसी का कोई मतलब नहीं था. हमें हमारी जमीन चाहिए.'’ फिलहाल अभी तक नेपाल के प्रधानमंत्री के आरोप पर भारत सरकार कि तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

 

चीन के खिलाफ प्रदर्शन: जोमैटो कर्मचारियों ने विरोध में जलाई कंपनी की टी शर्ट

चीन के खिलाफ प्रदर्शन: जोमैटो कर्मचारियों ने विरोध में जलाई कंपनी की टी शर्ट

कोलकाता, ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग ऐप जोमैटो के कुछ कर्मचारियों ने गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने पर, चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शित करते हुए शनिवार को कोलकाता में कंपनी की टी-शर्ट फाड़ी और जलाई. कंपनी में चीनी निवेश के विरोध में कर्मचारियों ने ये प्रदर्शन किया.


बेहाला में प्रदर्शन के दौरान उसमें शामिल कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्होंने जोमैटो की नौकरी छोड़ दी है क्योंकि इसमें चीन का निवेश है. साथ ही, उन्होंने लोगों से जोमैटो के जरिये भोजन का ऑर्डर नहीं करने का अनुरोध किया.


जोमैटो में 30 करोड़ से ज्यादा चीनी निवेश


गौरतलब है कि चीन की कंपनी अलीबाबा से जुडे एंट फाइनेंशियल ने 2018 में जोमैटो में 21 करोड़ डॉलर का निवेश कर उसकी 14.7 प्रतिशत साझेदारी (शेयर) खरीद ली थी. जोमैटो ने हाल ही में एंट फाइनेंशियल से 15 करोड़ डॉलर की राशि फिर से जुटायी है.


प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने कहा, ‘‘चीनी कंपनियां यहां से मुनाफा कमा रही हैं और हमारे सैनिकों पर हमले कर रही हैं. वे हमारी भूमि हथियाना चाहती हैं. ऐसा नहीं होने दे सकते.’’

 

बीजेपी अध्यक्ष ने RGF से जुड़े 10 सवालो के माध्यम से सोनिया गांधी पर साधा निशाना

बीजेपी अध्यक्ष ने RGF से जुड़े 10 सवालो के माध्यम से सोनिया गांधी पर साधा निशाना

नई दिल्ली, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस और चीन की स्थिति की वजह से सोनिया गांधी मूल सवालों से बचने की कोशिश न करें. भारत की फौज हमारी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित है. इसके साथ ही उन्होंने राजीव गांधी फाउंडेशन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से दस सवाल पूछे.


1. राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से पैसा क्यों मिला? जेपी नड्डा ने दावा किया कि चीन ने राजीव गांधी फाउंडेशन में 2005-2009 के बीच पैसा दिया. लक्जमबर्ग ने इस फाउंडेशन में 2006 से 2009 के बीच पैसे दिए.


2. RCEP का हिस्सा बनने की क्या जरूरत थी? कांग्रेस सरकार में चीन के साथ व्यापार क्यों बढ़ा?


3. कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के बीच क्या संबंध है. हस्ताक्षर किए गए और बिना हस्ताक्षर वाले एमओयू क्या हैं?


4. प्रधानमंत्री नेशनल रिलीफ फंड जो लोगों की सेवा और उनको राहत पहुंचाने के लिए है, उससे 2005-08 तक राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसा क्यों गया? हमारे देश की जनता इसका जवाब जानना चाहती है. देश की जनता ने मेहनत की कमाई इसमें दी.


5. यूपीए शासन में कई केंद्रीय मंत्रालयों, सेल, गेल, एसबीआई, अन्य पर राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसा देने के लिए दबाव बनाया गया. निजी संस्था में पैसा भेजने के लिए ऐसा क्यों किया गया? इसके पीछे क्या वजह थी?


6. इस फाउंडेशन में कॉर्पोरेट से बड़े डोनेशन लिए गए. बड़े डोनेशन के बदले कॉन्ट्रैक्ट्स दिए गए. ये क्विड प्रो को था. ये क्यों?


7. पीएम नेशनल रिलीफ फंड का ऑडिटर कौन है? ठाकुर वैद्यनाथन एंड अय्यर कंपनी ऑडिटर थीं. रामेश्वर ठाकुर इसके फाउंडर थे. वो राज्य सभा के सांसद थे और 4 राज्यों के राज्यपाल रहे. कई दशकों तक उसके ऑडिटर रहे. ऐसे लोगों को इस तरह का कॉन्ट्रक्ट देकर सरकार क्या करना चाह रही थी?


8. राजीव गांधी फाउंडेशन को जवाहर भवन के नाम पर करोडों की जमीन परपेक्चुअल लीज पर कैसे दी गई? राजीव गांधी फाउंडेशन के खाते सीएजी ऑडिटिंग से क्यों इनकार कर रहे हैं? इनकी ऑडिटिंग क्यों नहीं हुई? इस पर आरटीआई लागू क्यों नहीं था?


9. इस फाउंडेशन ने पैसे तो लिए ही साथ में देने का भी काम किया. मैं जानना चाहता हूं कि ये डोनेशन राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को कैसे दान किया गया, जो परिवार द्वारा नियंत्रित है.


10. मेहुल चोकसी ने राजीव गांधी फाउंडेशन से पैसा क्यों लिया? मेहुल चोकसी का इससे क्या संबंध है. आपने मेहुल चोकसी को लोन क्यों दिया. देश जानना चाहता है कि राजीव गांधी फाउंडेशन से मेहुल चोकसी का क्या संबंध है?

 

संयुक्त राष्ट्र UN की कार में अधिकारी और एक महिला बना रहे थे शारीरिक सम्बन्ध, विडियो हुआ वायरल, जाने कहा की है यह खबर

संयुक्त राष्ट्र UN की कार में अधिकारी और एक महिला बना रहे थे शारीरिक सम्बन्ध, विडियो हुआ वायरल, जाने कहा की है यह खबर

इजरायलइजरायल की राजधानी तेल अवीव से एक बड़ी खबर सामने आई है | इजरायल की राजधानी में संयुक्त राष्ट्र संघ के एक अधिकारी का महिला संग कार में शारीरिक संबंध बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है| यह वीडियो इजयारल की राजधानी तेल अवीव से सामने आया है| वीडियो वायरल होने के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा कि यह घटना बेहद हैरान और परेशान करने वाली है|

वायरल हो रही क्लिप में साफ नजर आ रहा है कि लाल ड्रेस पहने एक महिला कार की पिछली सीट पर एक शख्स के साथ बैठी हुई है. इसके अलावा कार में ड्राइविंग सीट पर भी एक व्यक्ति नजर आ रहा है| वीडियो सामने आने के बाद यूएन की ओर से जारी बयान में बताया गया कि मामले की छानबीन जारी है| वीडियो में नजर आ रहे शख्स की पहचान करने के वे काफी करीब थे|
यूएन ने कहा, इजरायल में शांति संगठन के कर्मचारियों को भी शक के तौर पर देखा जा रहा है| वीडियो तेल अवीव की एक मेन सड़क का है|इससे पहले वीडियो में ड्राइवर का चेहरा साफ नजर आता, गाड़ी वहां से निकल गई| ट्रैफिक सिग्नल पर गाड़ी रुकने के बाद किसी ने यह वीडियो बिल्डिंग के ऊपर से लिया था|


संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा कि 18 सेकेंड का यह वीडियो व्यावहारिक रूप से बेहद घिनौना है| हम जिस चीज के खिलाफ खड़े हैं, उसके विरुद्ध जाकर संयुक्‍त राष्‍ट्र के कर्मचारियों द्वारा ऐसे मामले सामने आ रहे हैं|
उन्होंने कहा, अब तक सामने आई जानकारी में पता लगा है कि ये कार यूनाइटेड नेशंस ट्रूस सुपरविजन ऑर्गेनाइजेशन' की है. कार में सेक्स दो लोगों की सहमति से हुआ या इसके लिए पैसे दिए गए, इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है|
डुजारिक ने कहा, इस वीडियो से जुड़े घटना स्थल की पहचान हो चुकी है| वीडियो में नजर आने वाली जगह हायारर्कोन सड़क की है. आमतौर पर इस जगह काफी भीड़ रहती है छानबीन में बहुत जल्द आरोपी का पर्दाफाश हो जाएगा|
यौन शोषण और दुर्व्यवहार को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ की नीति बेहद सख्त है |यदि संबंधित व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करने के लिए दोषी पाया जाता है तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है|

पैंगॉन्ग झील में बड़ी संख्या में दिखी चीनी सेना,सैटेलाइट इमेज से हुआ  खुलासा

पैंगॉन्ग झील में बड़ी संख्या में दिखी चीनी सेना,सैटेलाइट इमेज से हुआ खुलासा

वाशिंगटन, अमेरिका चीन से भारत, मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलिपींस जैसे एशियाई देशों के समक्ष उत्पन्न खतरे को देखते हुए और उसका उचित तरीके से मुकाबला करने के लिए अपनी सेना की वैश्विक तैनाती की समीक्षा कर रहा है। यह बातें अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने गुरुवार को जर्मन मार्शल फंड के वर्चुअल ब्रसेल्स फोरम 2020 के दौरान एक सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा, हम यह सुनिश्चित करने जा रहे है कि हम चीन की सेना का उचित तरीके से मुकाबला करने के लिए तैयार है। उधर, एक प्रतिष्ठित मीडिया हाउस ने दावा किया है कि गलवान घाटी के बाद चीनी सेना ने पैंगॉन्ग झील के इलाके में अपनी तैनाती बढ़ा दी है। अपने दावे में प्लेनेट लैब की सैटेलाइट इमेज का हवाला देते हुए कहा गया है कि फिंगर-4 और फिंगर-5 के बीच चीनी सेना ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। भारत द्वारा चीनी सेना को फिंगर-4 से फिंगर-8 को खाली करके पीछे जाने की बार-बार बात कही जा रही है, लेकिन चीनी सेना अपनी तैनाती बढ़ाती जा रही है। चिंता की बात ये है कि पैंगोंग लेक के पास मौजूदगी के साथ-साथ कुछ दूर पीछे चीन बैकअप भी तैयार कर रहा है। सैटेलाइट इमेज में यहां सैटेलाइट इमेज में भी भारतीय सेना के टैंट बड़ी संख्या में देखे जा सकते हैं।
चीन की मिलिट्री जिस दुस्साहस से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है, उससे उसके आत्मविश्वास और क्षमता का अंदाजा तो मिल ही रहा है, साथ ही यह इशारा भी मिल रहा है कि कोरोना की महामारी को लेकर अमेरिका और हॉन्ग-कॉन्ग जैसे मुद्दों पर उसके प्रभुत्व और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों पर दुनिया के आमने-सामने आने को तैयार है। चीन ने दावा किया है कि उसके हालिया ऑपरेशन बचाव की नीति हैं लेकिन हर ऑपरेशन के साथ सैन्य टकराव की आशंका भी बढ़ जाती है। 15 जून की रात भारतीय और चीनी सेना के बीच हुई हिंसक झड़प को इसका ही नमूना माना जा रहा है। 1967 से बाद से इसे सबसे भयानक घटना माना जा रहा है।

 

बड़ी खबर: इस राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से हुई 83 मौत

बड़ी खबर: इस राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से हुई 83 मौत

पटना, बिहार में आज आकाशीय बिजली गिरने और आंधी-तूफान से भारी तबाही हुई है। बिजली गिरने से बिहार में 83 लोगों की मौत हो गई. जबकि कई लोग झुलस गए. उत्तर प्रदेश में भी बिजली गिरने से कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई। बिहार के 23 जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से मानवीय क्षति हुई है। सबसे ज्यादा मौत गोपालगंज में हुई जहां पर 13 लोग मारे गए. जबकि मधुबनी और नबादा में 8-8 लोग मारे गए।
बिहार में एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में ठनका गिरने से पहली बार मौत हुई है। जानकारी के अनुसार, गोपालगंज. सीवान, मधुबनी, मोतिहारी, दरभंगा में वज्रपात से 83 लोगों की मौत हो गई है, इनमें गोपालगंज में 13, सीवान में पांच, मधुबनी व मोतिहारी में दो-दो और दरभंगा में एक व्यक्ति की मौत हुई है। कई जिलों में दूर-दराज शहरों में हादसे हुए हैं। प्रशासनिक स्तुर पर जानकारी ली जा रही है। कहा जा रहा है कि ज्यादातर लोग खेत में धान रोपने के काम में लगे हुए थे और बारिश के बाद वज्रपात से इनकी मौत हो गई है।

 

देश के 16 जिलों में गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत 20 जून को करेंगे पीएम मोदी- वित्त मंत्री

देश के 16 जिलों में गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत 20 जून को करेंगे पीएम मोदी- वित्त मंत्री

नई दिल्ली,कोरोना काल में सबसे बड़ी समस्या जो सामने आई वो प्रवासी मजदूरों और गरीबों के पलायन की आई. लाखों मजदूरों के सामने आज रोजगार का संकट पैदा हो गया है. उनकी समस्याओं को दूर करने और रोजगार देने के मकसद से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरू करने जा रही है.


आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसी की जानकारी दी. उन्होंने जानकारी देते हुए कहा,'' लॉकडाउन के बाद पूरे देश में बड़ी संख्या में श्रमिक अपने गांवों को गए हैं. राज्यों ने इसके लिए परिवहन की व्यवस्था भी की थी. हम उन जिलों की पहचान कर रहे हैं, जहां सबसे ज्यादा मजदूर लौटे हैं.''


उन्होंने कहा,'' हम उनकी मदद से लिए एक खास अभियान शुरू करने जा रहे हैं. इस योजना का नाम गरीब कल्याण रोजगार है. योजना की लॉन्चिंग 20 जून को पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे.''


उन्होंने कहा,'' इस योजना के तहत देश के विभिन्न भागों से पलायन कर अपने अपने गांव पहुंचे प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैया कराया जाएगा. इसके साथ ही साथ अभियान को देश के छह राज्यों के 116 जिलों में शुरू किया जायेगा.''


50 हजार करोड़ रुपये की लागत से शुरू की जा रही इस योजना के तहत कामगारों को 25 प्रकार के काम दिये जाएंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ''इन 25 कार्यों में आंगनवाड़ी केंद्र, ग्रामीण सड़कें, ग्रामीण आवास, रेलवे के काम, ग्रामीण क्षेत्रों में RURBAN मिशन, सोलर पम्पसेट, फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाने आदि काम शामिल हैं.''


उन्होंने कहा कि इस योना से बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों को काफी फायदा होगा. इसका फायदा 25 हजार प्रवासी मजदूरों को मिलने का दावा किया जा रहा है.


उन्होंने कहा,'' इस योजना का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों का विकास है. प्रंदहवें वित्त आयोग की शिफारिश के अनुसार, गावों में ग्रामीण स्थानीय निकायों को धन जारी होगा. गरीब कल्याण रोजगार अभियान काम उपलब्ध करवाएगा और ग्रामीण इलाकों में संपत्ति निर्माण करेगा, जिससे ग्रामीण विकास को बल मिले.''

 

सुनियोजित था चीनी सैनिकों का भारतीय सैनिकों पर हमला,भारतीय सैनिकों की संख्या जानने के लिए थर्मल इमेजिंग ड्रोन का किया था इस्तेमाल

सुनियोजित था चीनी सैनिकों का भारतीय सैनिकों पर हमला,भारतीय सैनिकों की संख्या जानने के लिए थर्मल इमेजिंग ड्रोन का किया था इस्तेमाल

नई दिल्ली, सोमवार को गलवान घाटी में भारत और चीन की सेना के बीच झड़प चीन की सुनियोजित साजिश थी। इलाके में भारतीयों की सही संख्या जानने के लिए चीनी सैनिकों ने थर्मल इमेजिंग ड्रोन का इस्तेमाल किया था। यही कारण था कि हमले के दौरान भारतीय फौजों की संख्या कम पड़ गई। चीनी सैनिकों ने धोखे से पेट्रोलिंग प्लाइंट 14 पर तब भारत की छोटी टुकड़ी को निशाना बनाया जब यह टुकड़ी बस ये जानने गई थी कि चीन ने वादे केमुताबिक स्टैंड ऑफ स्थिति से हटे हैं या नहीं।


कर्नल संतोष बाबू केनेतृत्व में मौके का मुआयना करने पहुंची टुकड़ी ने देखा कि वादे और सहमति के बावजूद चीनी सेना ने स्टैंड ऑफ स्थिति से हटना तो दूर वहां टैंट लगा रखा है। इस पर भारतीय जवानों की चीनी जवानों के बीच कहासुनी हुई। ऐसा लगा जैसे चीनी सेना पूरी तैयारी में थी। अचानक मौके पर मौजूद चीनी जवान भारतीय सैनिकों से भिड़ गए। फिर नजदीक केपहाड़ों से भारतीय टुकडिय़ों पर पत्थर की बरसात होने लगी। फिर पूर्व तैयारी के साथ डटे चीनी सैनिकों ने कटीले तारों लगे रॉड और पत्थरों से हमला कर दिया। उस दौरान मौके पर भारत की तुलना में चीन के सैनिकों की संख्या पांच गुना ज्यादा थी।


सूत्रों ने कहा कि इसके बावजूद भारतीय सैनिक जांबाजी से लड़े। चूंकि भरत को इस तरह के धोखे का अंदाजा नहीं था। चीनी सैनिक मैत्रीपूर्ण इशारे कर रहे थे। दोनों ओर के सैन्य अधिकारियों हरिंदर सिंह और लिन लिऊ के बीच स्टैंड ऑफ स्थिति से चीनी सैनिकों के पीछे हटने पर सहमति बनी थी। ऐसे में भारतीय सेना ने इस प्रकार से रणनीति और पूर्व तैयारी के साथ हमले की उम्मीद नहीं की थी। इसी कारण मौकेका मुआयना करने भी सेना की छोटी टुकड़ी पहुंची थी।


सूत्रों ने कहा कि चूंकि हमला अचानक और पूर्व तैयारी के साथ किया गया, इसलिए भारतीय सेना केजवान बुरी तरह से घिर गए। हालांकि चीनी सैनिकों की तुलना में पांच गुना कम सैनिक होने के बाजवूद मौकेपर छह से सात घंटे तक खूनी झड़प हुई। अचानक हमले से बुरी तरह घायल भारतीय सैनिक शून्य तापमान के कारण भी बड़ी संख्या में हताहत हुए।
 

दुल्हे राजा को लगा झटका,एक भूल के कारण भरना पड़ा हर्जाना,पढ़े ये खबर

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इंदौर, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करना और मास्क पहनने में उदासीनता दिखाना एक दूल्हे को महंगा पड़ा। जिसके चलते दूल्हे को बारात छोड़ 2100 रूपये का स्पॉट हर्जाना भरना पड़ा। दरअसल निगम आयुक्त प्रतिभा पाल के सख़्ती बरतने के निर्देश के बाद सोमवार से नगर निगम की कई टीमें मैदान में उतर गई और उन लोगों के खिलाफ स्पॉट फाइन की कार्रवाई की गई, जो सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क पहनने में लापरवाही दिखा रहे हैं। नगर निगम के इसी अभियान की चपेट में धर्मेंद्र निराले नामक दूल्हे राजा की बारात भी आ गई। दूल्हे राजा को बारात के लिए 12 लोगों की अनुमति तो मिली थी। लेकिन यह सभी 12 लोग एक ही वाहन में सवार होकर बारात के रूप में निकल पड़े थे। 

एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाला यह रेलवे स्टेशन बनेगा कोरोना अस्पताल

एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाला यह रेलवे स्टेशन बनेगा कोरोना अस्पताल

नईदिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हए अब आनंद विहार रेलवे टर्मिनल पर रेलगाडिय़ां नहीं चलेंगी बल्कि वहां ऐसे मरीजों का इलाज होगा। सरकार ने तय किया है कि आनंद विहार टर्मिनल के प्लेटफार्मों पर कल से ट्रेनें नहीं चला कर वहां रेल डिब्बों में बनाये गए आइसोलेशन वार्ड वाली रेलगाडिय़ां प्लेस की जाएंगी।


उत्तर रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी सामान्य ट्रेनों का परिचालन भले ही बंद है, लेकिन 100 जोड़ी विशेष ट्रेनें चल रही हैं। इनमें से 5 जोड़ी ट्रेनें आनंद विहार टर्मिनल से चलायी जा रही हैं। ये ट्रेन आज भी आनंद विहार से ही छूटेंगी। उसके बाद कल, यानी 16 जून से इन ट्रेनों को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शिफ्ट किया जा रहा है। उसके बाद आनंद विहार में आइशोलेशन वार्ड वाली गाडिय़ां शिफ्ट की जाएंगी। उनका कहना है कि आइशोलेशन वार्ड का उपयोग दिल्ली सरकार को करना है। इसलिए वह ही तय करेगी कि उनमें कब से मरीजों को भर्ती किया जाएगा।


उत्तर रेलवे के एक अन्य अधिकारी का कहना है कि आनंद विहार के हर प्लेटफार्म पर 20 से 25 कोचों को आराम से प्लेस किया जा सकता है। इनमें से अधिकतर कोच आइसोलेशन वार्ड में बदले गए कोच होंगे जबकि कुछ कोच डॉक्टरों तथा पैरामेडिकल स्टाफ के आराम के लिए बनाये गए कोच होंगे। कुछ कोच में स्टोर होगा जबकि कुछ में मेडिकल वेस्ट को डिस्पोज करने की व्यवस्था होगी।

 

तानाशाह किम जोंग उन की बहन ने दी सैन्य कार्रवाई की धमकी, दक्षिण कोरिया में हड़कंप

तानाशाह किम जोंग उन की बहन ने दी सैन्य कार्रवाई की धमकी, दक्षिण कोरिया में हड़कंप

सोल | उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। किम यो ने खराब होते रिश्तों और सीमा पर उत्तर कोरिया विरोधी गुब्बारों को रोकने में असमर्थ रहने के लिए भी दक्षिण कोरिया पर हमला बोला। किम यो की इस धमकी के बाद दक्षिण कोरिया में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई है।

किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया को शत्रु करार देते हुए अपनी पुरानी धमकी को दोबारा दोहराया। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया जल्द ही सीमा पर बने बेकार संपर्क कार्यालय के बंद होने का गवाह बनेगा। तानाशाह की बेहद शक्तिशाली बहन ने कहा कि वह नॉर्थ कोरिया के सैन्य नेताओं के ऊपर यह छोड़ती हैं कि वे क्या जवाबी कार्रवाई दक्षिण कोरिया के खिलाफ करते हैं।
किम यो जोंग ने कहा, सुप्रीम लीडर, हमारी पार्टी और देश की ओर से दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए मैं हथियारों के विभाग के प्रभारी को यह निर्देश देती हूं कि वे अगली कार्रवाई के रूप में शत्रु के खिलाफ जोरदार कार्रवाई करें। किम यो जोंग की यह धमकी नार्थ कोरियाई नेतृत्व में उनके प्रभाव को प्रदर्शित करती है। उत्तर कोरिया में सबसे शक्तिशाली और अपने भाई किम जोंग उन की सबसे वफादार कही जाने वाली किम यो जोंग दक्षिण कोरिया के साथ रिश्तों के लिए प्रभारी हैं। 
उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच बना संपर्क कार्यालय कोरोना वायरस की वजह से जनवरी से बंद है। इसे वर्ष 2018 में किम जोंग उन और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेई इन के बीच तीन शिखर वार्ता के बाद बनाया गया था। इससे पहले किम यो जोंग ने इन गुब्बारों को लॉन्च करने वाले उत्तर कोरियाई विद्रोहियों को मानव मल और अपने देश को धोखा देने वाला दोगला कुत्ता करार दिया था। तानाशाह की बहन ने दक्षिण कोरिया को धमकी दी कि अगर उसने इस विरोध प्रदर्शन को नहीं रोका तो वह दोनों देशों के बीच हुआ सैन्य समझौता रद्द कर देंगी। 
उत्तर कोरिया की इस धमकी के बाद अब दक्षिण कोरिया में हड़कंप मचा हुआ है। स्थिति की समीक्षा के लिए दक्षिण कोरिया के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की एक आपात बैठक रविवार को बुलाई गई है। दक्षिण कोरिया के नैशनल सिक्यॉरिटी डायरेक्टर चुंग यूई योंग वर्तमान सुरक्षा हालात की समीक्षा करेंगे। इससे पहले किम यो जोंग की मांग के आगे झुकते हुए दक्षिण कोरिया ने ऐलान किया था कि वह गुब्बारों के जरिए होने वाले विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए नया कानून बनाएगा।
 
लॉकडाउन में तीन गुना बढ़े रेप के मामले, इस देश में आपातकाल लागू

लॉकडाउन में तीन गुना बढ़े रेप के मामले, इस देश में आपातकाल लागू

लागोस | नाइजीरिया में कोरोना वायरस लॉकडाउन में महिलाओं के रेप की घटनाएं तीन गुना बढ़ गई हैं। इसके अलावा देश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। इसी कारण देश में 36 राज्यों के राज्यपालों ने आपातकाल की घोषणा की गई है।

बता दें कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढऩे के कारण देश में महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने सोशल मीडिया पर प्तवीआरटाइरड नाम से देशव्यापी अभियान चलाया। इसके अलावा सड़कों पर भी लोगों ने प्रदर्शन किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यपालों ने आपातकाल की घोषणा की। 
महिला मामलों की मंत्री पॉलीन टैलेन ने कहा कि मुझे पता है कि इस देश में हमारे साथ हमेशा गलक काम हुआ है। कोरोना वायरस के कारण लोगों के घरों में ताला लगा हुआ है, वहीं महिलाओं और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। हालांकि अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि मार्च के अंत में घोषित किए गए लॉकडाउन के दौरान कितने बलात्कार हुए हैं। 
शुक्रवार को राष्ट्र के नाम एक संबोधन में राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी ने कहा कि वह रेप की हाल की घटनाओं से परेशान हैं, विशेष रूप से बहुत कम उम्र की लड़कियों के। उन्होंने लिंग आधारित हिंसा से लडऩे के लिए प्रशासन के संकल्प को दोहराया और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
 
भारत के इन सभी फैसलो के कारण बढ़ गयी है चीन की तिलमिलाहट,पढ़े ये खबर

भारत के इन सभी फैसलो के कारण बढ़ गयी है चीन की तिलमिलाहट,पढ़े ये खबर

नई दिल्ली, लद्दाख से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन से पिछले पांच हफ्तों से भारतीय सेना का तनाव चल रहा है. कई जगह पर दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं, फेसऑफ की स्थिति बनी हुई है. दोनों देशों के सैन्य कमांडर्स के बीच लगातार बातचीत भी चल रही है फिर भी तनाव बरकरार है. ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि चीन आखिर भारत से क्यों तिलमिलाया हुआ है? वो भारत के खिलाफ मोर्चा क्यों खोल रहा है? यहां इस तकरार की वजह के बारे में सिलसिलेवार तरीके से चर्चा की गई है.


डोकलाम विवाद


इस तनाव की शुरुआत डोकलाम विवाद से हुई. वर्ष 2017 में चीन ने भूटान से सटे विवादित डोकलाम (या डोलम) में एक सड़क बनाने की कोशिश की थी. ये डोकलाम इलाका चीन और भूटान के बीते वर्षों से विवादित था. ये दरअसल, चीन और भूटान के ट्राइजंक्शन पर है जहां भारत के सिक्किम की सीमा भी मिलती है. चीन इस विवादित इलाके से भारत की सीमा तक सड़क बनाना चाहता था. हालांकि, ये भूटान और चीन के बीच का विवाद था लेकिन भारतीय सेना ने यहां चीन की पीएलए सेना को सड़क नहीं बनाने दी. आखिरकार चीन को पीछे हटना पड़ा और सड़क भारत की सीमा तक नहीं बन पाई. भारत ने ये कहकर सड़क का काम रुकवा दिया कि इस सड़क के बनने से भारत की सुरक्षा को खतरा है. खासतौर से सिलीगुड़ी कॉरिडोर को जिसे भारत का चिकन-नेक कहा जाता है. दूसरा इसलिए कि भारत और भूटान के बीच संधि है कि भारत ही भूटान की रक्षा और सुरक्षा करेगा. 73 दिनों तक दोनों देशों की सेनाओं के बीच फेसऑफ चलता रहा और आखिरकार चीन को अपनी सड़क बनाने का काम रोकना पड़ा.


दो देशों के विवाद में कूदने से बौखलाया चीन


जानकार मानते हैं कि डोकलाम विवाद के दौरान चीन पीछे हट गया लेकिन उसे ये कतई बर्दाश्त नहीं हुआ कि भारत दो देशों के विवाद में कूद पड़ा है. ना केवल कूदा बल्कि चीन जैसे महाशक्ति को पीछे हटने पर मजबूर भी कर दिया. ऐसे में इस बात का अंदेशा उसी वक्त से लगाया जा रहा था कि चीन इसका बदला निकट-भविष्य में ले सकता है. लेकिन वो कोरोना महामारी में ऐसी चाल चलेगा किसी ने नहीं सोचा था.


लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश और अक्साई-चिन पर बयान से भन्नाया चीन


दूसरा कारण ये भी है कि धारा 370 हटाने और लद्दाख से जम्मू-कश्मीर को अलग करने से भी चीन को मिर्ची लगी. हालांकि, चीन ने तत्काल कोई कारवाई नहीं की थी लेकिन चीन के आधिकारिक मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने उसी समय भारत के इस कदम का भरपूर विरोध किया था. ऐसे में इस बात के कयास लगाए जाने लगे थे कि चीन का अगला कदम क्या होगा?


सीमा पर सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर


लेकिन लद्दाख में चीन के बदली चाल का तत्कालीन कारण भारत का सीमावर्ती इलाकों में सड़क, डिफेंस फैसेलिटी और डिफेंस-फोर्टिफिकेशन बना. दरअसल, पिछले कुछ सालों में भारत ने चीन से सटी लाइन ऑफ एक्चुयल कंट्रोल यानि एलएसी पर 73 स्ट्रेटेजिक रोड यानि सामरिक महत्व की सड़कें बनाने का प्रोजेक्ट शुरू किया था. सड़क बनाने का जिम्मा मुख्यतौर से बॉर्डर रोड ऑर्गेनाईजेश यानि बीआरओ को दिया गया था. कुछ सड़कें बनाने का जिम्मा एनएचएआई और राज्य-सरकारों के पास था. अब तक इनमें करीब 60 सड़कें बन कर तैयार हो चुकी हैं.


इन सामरिक सड़कों के बनने से सैनिकों की मूवमेंट काफी तेज हो गई हैं क्योंकि सैनिक अब गाड़ियों से एलएसी तक पहुंच सकते हैं जबकि पहले पैदल वहां तक पहुंचना पड़ता था. यही नहीं विवादित एलएसी वाले इलाके तक में भारतीय सैनिक अब अपनी गाड़ियों से पैट्रोलिंग करते हैं. चीनी सैनिक काफी पहले से विवादित एलएसी पर अपनी गाड़ियों में पैट्रोलिंग करते रहे हैं. हाल ही में करीब एक साल पुराना वीडियो सामने आया जिसमें चीनी सैनिक एलएसी पर आईटीबीपी के एक अधिकारी से पैट्रोलिंग को लेकर भिड़ रहे हैं. दोनों तरफ की गाड़ियां की भी टक्कर लगी थी. इस घटना से साफ है कि दोनों देशों की एग्रेसिव-पैट्रोलिंग विवाद का एक बड़ा कारण है.


हाल ही में जब पैंगोंग-त्सो लेक से सटे विवादित फिंगर एरिया में दोनों देशों के सैनिकों में झड़प और मारपीट हुई उसमें चीन के सैनिक अपनी आर्मर्ड गाड़ियों में दिखाई पड़े थे. हालांकि, जब भारतीय सैनिक भारी पड़े तो चीनी सैनिक अपनी इन आर्मर्ड-पर्सनैल कैरियर्स (गाड़ियों) को छोड़कर भाग खड़े हुए थे और गाड़ियां रिवर्स गियर में दौड़ना लगे थे, लेकिन इससे साफ हो जाता है कि भारतीय सैनिकों द्वारा एसयूवी गाड़ियों में पैट्रोलिंग करता देख चीनी सेना ने अपनी गाड़ियां का स्तर अब बढ़ा दिया है.


डिफेंस-फैसेलिटी


लद्दाख में डीएसडीबीओ रोड बनने से चीन बेहद बौखला गया है. बेहद नामुमिकन से लगने वाली इस 255 किलोमीटर लंबी दुरबुक-श्योक-डीबीओ (दौलत बेग ओल्डी) रोड के बनने से सामरिक महत्व का काराकोरम पास भी भारतीय सेना की जद में आ गया है. इस सड़क के बनने से पूर्वी लद्दाख की सीमाओं की कनेक्टेविटी काफी बढ़ गई है. काराकोरम पास के बेहद करीब ही है शषगम-घाटी जो 1962 के युद्ध के एक साल बाद ही पाकिस्तान ने चीन को सौंप दी थी. इस सड़क के आस-पास भारतीय सेना ने अपने डिफेंस-फैसेलिटी यानि पक्के बंकर और बैरक तक बना लिए हैं. श्योक नदी से मिलने वाली गैलवान नदी पर भी भारतीय सेना ने पुल बनाने की कोशिश की तो दोनों देशों के सैनिकों में यहां झड़प हो गई. जिसके बाद से गैलवान घाटी में चीनी सेना तंबू गाड़कर बैठ गई. जवाबी कारवाई करते हुए भारतीय सेना ने भी अपना कैंप यहां लगा लिया है.


डिफेंस-फोर्टिफिकेशन-सीमा पर टैंक और तोप


इसके अलावा हाल के सालों में भारतीय सेना ने एलएसी पर डिफेंस-फोर्टिफिकेशन का काम भी काफी तेजी से किया है. इसके लिए दुनिया के सबसे उंचाई वाले इलाकों में टैंकों की ब्रिगेड को तैनात कर दिया है. फिर चाहे वो लद्दाख हो या फिर उत्तरी सिक्किम (जहां 9 मई को नाकूला दर्रे पर दोनों देश के सैनिकों में भिड़त हुई थी). लद्दाख में दुनिया की दूसरी सबसे उंची सड़क, चांगला-पास (करीब 17 हजार फीट की उंचाई) से टैंकों को पार कराकर पैंगोंग-त्सो लेक के बेहद करीब तैनात कर दिया है. टैंकों को यहां तक पहुंचाने के लिए भारत ने ना केवल सड़कों को जाल बिछाया बल्कि रास्ते में पड़ने वाले नदीं-नालों तक पर ऐसे ब्रिज तैयार किए जो टैंकों के भार को उठा सकते थे.


ये सब बेहद नामुमकिन सा लगने वाला काम था. इसी तरह से उत्तरी सिक्किम में भी भारतीय सेना ने टैंकों को पूरी एक ब्रिगेड तैनात कर दी है और चीन को कानों-कान खबर तक नहीं लगी. चीन को अभी तक भारत के टैंक-ब्रिगेड की लोकेशन भी ठीक-ठीक नहीं पता है. पिछले साल एबीपी न्यूज ने पहली बार दुनिया को बताया था कि नार्थ सिक्किम में भारतीय सेना ने आर्मर्ड ब्रिगेड (टैंक ब्रिगेड) खड़ी कर ली है. लेकिन उत्तरी सिक्किम में ये टैंक ब्रिगेड कहां हैं इसकी लोकेशन नहीं बताई थी.


टैंकों के अलावा भारत ने बोफोर्स तोपों को भी चीन सीमा पर तैनात कर दिया है. ये तोपें लद्दाख से लेकर सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश तक में तैनात हैं. पिछले कुछ सालों में भारत ने अमेरिका से अल्ट्रा-लाइट होव्तिजर, एम-777 तोपें जो ली हैं वे खास तौर से चीन सीमा पर तैनात करने के लिए ही ली गई थी और उन्हें तैनात भी 3488 किलोमीटर लंबी एलएसी पर कर दिया गया है.


सीमा पर चीन को टक्कर देती मैकेनाइजड फोर्स


यही नहीं भारतीय सेना अब अपनी मैकेनाइजड फोर्सेज़ पर बेहद तेजी से काम कर रही है. यानि वो रेजीमेंट जो इंफेंट्री यानि पैदल-सैनिक और आर्मर्ड के बीच की कड़ी है. ऐसा इसलिए क्योंकि दुनियाभर की सेनाएं अब लगातार इंफेंट्री यूनिट्स को खत्म करती जा रही हैं. चीन ने अपनी सेना में पैदल सैनिकों की रेजीमेंट को लगभर खत्म कर दिया है. मैकेनाइजड-इंफेंट्री रेजीमेंट में सैनिक बख्तरबंद गाड़ियों में राइफल, एलएमजी, मोर्टार और एंटी-टैंक मिसाइलों से लैस होते हैं. इन बख्तरबंद गाड़ियों को आईसीवी यानि इंफेंट्री कॉम्बेट व्हीकल या फिर बीएमपी कहते हैं. ये गाड़ियां किसी भी सेना के लिए कितनी महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चीन विवाद के बीच ही रक्षा मंत्रालय ने थलसेना के लिए 156 बीएमपी गाड़ियों को ऑर्डर आनन-फानन में दिया है.


आईबीजी


डोकलाम विवाद के बाद भारतीय सेना ने अपनी युद्ध-कला की रणनीति पर काम करते हुए किसी छोटे युद्ध के लिए फाइटिंग-फोर्सेज़ को तुरंत अलर्ट किया जा सके इसके लिए भारतीय सेना ने इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप यानि आईबीजी तैयार किए हैं. इन आईबीजी में इंफेंट्री सैनिक, आईसीवी, टैंक, तोप, हेलीकॉप्टर सब एक ही यूनिट में होते हैं. ऐसे में युद्ध के समय में कॉम्बेट-आर्म्स को अलग-अलग तरीके से तैयार करने का झंझट नहीं रहता है. इंटीग्रेटेड होने के कारण अलग-अलग यूनिट्स में बेहतर समन्वय भी होता है. किसी भी शॉर्ट एंड स्विफ्टि वॉर के लिए एकदम सटीक हैं.


माउंटेन स्ट्राइक कोर


चीन के खिलाफ एक लंबे युद्ध के लिए भारतीय सेना पिछले कुछ सालों से पश्चिम बंगाल के पानागढ़ में माउंटेन स्ट्राइक कोर खड़ी कर रही है. भारतीय सेना की इस 17वीं कोर को ब्रह्मास्त्र के नाम से जाना जाता है. युद्ध की स्थिति में इस कोर का मुख्य उद्देश्य दुश्मन की धरती पर जाकर हमला करना है. जैसाकि नाम से विदित है कि ये पहाड़ों में लड़ने के लिए तैयार की जा रही है. चीन के खिलाफ भारत की इस लामबंदी से ड्रैगन के होश उड़ गए हैं. वो समझ नहीं पा रहा है कि जिस देश को उसने ’62 की जंग में हराया था वो आज उसे खुली चुनौती दे रहा है.


चांगथांग प्रहार एक्सरसाइज


सितबंर 2019 में पूर्वा लद्दाख में भारतीय सेना ने चांगथांग प्रहार एक्सरसाइज कर दुनिया को बता दिया कि चीन सीमा पर अब सिर्फ इंफेंट्री यूनिट्स ही नहीं बल्कि टैंक, तोप, यूएवी और बिहाइंड द एनेमी लाइंस की युद्धकला में माहिर, स्पेशल फोर्सेज़ के कमांडो भी तैनात हैं. इस एक्सरसाइज से चीन में खलबली मचनी लाजमी थी.


अंतर्राष्ट्रीय संबंध


भारत का दुनिया में बढ़ता दबदबा और अमेरिका - आस्ट्रेलिया जैसे देशों से बढ़ती नजदिकियां चीन को कतई ना भा रही हैं. चीन को ऐसा लगता है कि भारत अमेरिका के साथ मिलकर चीन को घेरना चाहता है. यही वजह है कि चीन एक तरफ पाकिस्तान को भारत के खिलाफ उकसा रहा है और दूसरी तरफ से खुद भारत को घेरने की तैयारी कर रहा है.

 

18 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद 4 महीने की बच्ची ने कोरोना को दी मात

18 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद 4 महीने की बच्ची ने कोरोना को दी मात

विशाखापत्तनम,कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामले के बीच एक राहत भरी खबर आई है. आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 4 महीने की बच्चे ने कोरोना से जंग जीत ली है. बच्चे को 18 दिनों तक वेंटिलेटर पर ऱखना पड़ा जिसके बाद शुक्रवार शाम को नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. जिला कलेक्टर विनय चंद ने कहा, 'पूर्वी गोदावरी की एक आदिवासी महिला मई में कोविड-19 से संक्रमित पाई गई थी, बाद में डॉक्टरों ने बताया की महिला की चार महीने की बच्चे को भी संक्रमण हुआ है.'


विनय चंद ने कहा कि 25 मई को विशाखापट्टनम के VIMS अस्पताल में बच्चे को स्थानांतरित किया गया. 18 दिनों तक उसका वेंटिलेटर पर इलाज चलता रहा. डॉक्टरों ने हाल ही में फिर से बच्चे का कोरोना टेस्ट कराया, जिसके बाद उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई. स्वास्थ्य जांच के बाद VIMS डॉक्टरों ने शुक्रवार शाम को बच्ची को छुट्टी दे दी.

 

दिल्ली की स्थिति को लेकर केजरीवाल,LG के साथ कल बैठक करेंगे अमित शाह

दिल्ली की स्थिति को लेकर केजरीवाल,LG के साथ कल बैठक करेंगे अमित शाह

नई दिल्ली, देश की राजधानी दिल्ली में जानलेवा कोरोना वायरस से हालात चिंताजनक हैं. राज्य में अबतक करीब 37 हजार लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं. दिल्ली में बदतर होते हालात के मद्देनज़र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार यानि कल सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल के साथ बैठक करेंगे.


एम्स के डायरेक्टर भी होंगे शामिल

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया है कि अमित शाह के साथ बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी मौजदू रहेंगे. बताया गया है कि इस बैठक में स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के सदस्यों के अलावा एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया और बड़े सीनियर अधिकारी भी शामिल होंगे.

एम पी के इस विधानसभा का उपचुनाव अनिश्चित काल के लिए स्थगित,आयोग ने दी जानकारी

एम पी के इस विधानसभा का उपचुनाव अनिश्चित काल के लिए स्थगित,आयोग ने दी जानकारी

मुरैना,चुनाव आयोग ने जौरा विधानसभा का उपचुनाव अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया है। कांग्रेस ने उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग से जानकारी मांगी थी।
जानकारी में बताया गया कि यहां जौरा विधानसभा चुनाव अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ है।
बता दें कि मुरैना जिले में पांच सीटों पर उप चुनाव होना है। इनमें से चार सीटों के कांग्रेस विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं जौरा में विधायक बनवारीलाल शर्मा के निधन की वजह से उपचुनाव होना है।