BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
BREAKING : AAP को एक और झटका, अब इस विधायक ने छोड़ी पार्टी

BREAKING : AAP को एक और झटका, अब इस विधायक ने छोड़ी पार्टी

 नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव अब कुछ ही दिन बचे हैं, वही चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका है. पार्टी के सात विधायकों के बाद एक और विधायक गिरीश सोनी विधानसभा अध्यक्ष को विधायक पद से इस्तीफा सौंप दिया है। इससे पहले AAP के सात विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। पांच दिन पहले त्रिलोकपुरी से विधायक रोहित कुमार, महरौली से विधायक नरेश यादव, कस्तूरबानगर से विधायक मदन लाल, पालम से विधायक भावना गौड़ और जनकपुरी से विधायक राजेश ऋषि ने आप पार्टी छोड़ दिया।

  • भावना गौड़, पालम
  • नरेश यादव, महरौली
  • राजेश ऋषि, जनकपुरी
  • मदन लाल, कस्तूरबा नगर
  • रोहित महरौलिया, त्रिलोकपुरी
  • बी एस जून, बिज़वासन
  • पवन शर्मा, आदर्श नगर
  • गिरीश सोनी, मादीपुर विधायक
BREAKING : दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले AAP पार्टी को तगड़ा झटका, सात विधायकों ने दिया इस्तीफा

BREAKING : दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले AAP पार्टी को तगड़ा झटका, सात विधायकों ने दिया इस्तीफा

 नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव अब कुछ ही दिन बचे हैं, वही चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका है. पार्टी के सात विधायकों ने शुक्रवार (31 जनवरी) इस्तीफा दे दिया है. वोटिंग से पांच दिन पहले त्रिलोकपुरी से विधायक रोहित कुमार, महरौली से विधायक नरेश यादव, कस्तूरबानगर से विधायक मदन लाल, पालम से विधायक भावना गौड़ और जनकपुरी से विधायक राजेश ऋषि ने आप पार्टी छोड़ दिया.

ये वो विधायक हैं जिनका इस बार के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने टिकट काट दिया.

  • भावना गौड़, पालम
  • नरेश यादव, महरौली
  • राजेश ऋषि, जनकपुरी
  • मदन लाल, कस्तूरबा नगर
  • रोहित महरौलिया, त्रिलोकपुरी
  • बी एस जून, बिज़वासन
  • पवन शर्मा, आदर्श नगर

रोहित कुमार ने अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा, ”आपकी बात पर भरोसा करके मेरे समाज ने एकतरफा आपको समर्थन दिया जिसके बूते पर दिल्ली में तीन बार आम आदमी पार्टी की सरकार बनी. बावजूद इसके ना तो ठेकेदारी प्रथा बंद हुई और ना ही 20-20  साल से कच्ची नौकरी पर काम करने वाले लोगों को पक्का किया गया . राजनीतिक महात्वकांक्षाओं की पूर्ति के लिए मेरे समाज को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है.”

ब्रेकिंग: मुख्यमंत्री के घर चुनाव आयोग ने मारा छापा

ब्रेकिंग: मुख्यमंत्री के घर चुनाव आयोग ने मारा छापा

 दिल्ली - दिल्ली में विधानसभा चुनाव की राजनीतिक सरगर्मियों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। चुनाव आयोग (EC) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर पर रेड मारी। आईडी की टीम दिल्ली स्थित पंजाब सीएम के हाउस की तलाशी ले रही है।

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को स्टार प्रचार बनाया है। इसी क्रम में वे दिल्ली में जनसभा और रैली कर रहे हैं। सीएम आतिशी के साथ सीएम मान गुरुवार को अमृतपुरी गढ़ी पहुंचे और वहां रैली कर रहे हैं। इस रैली के बीच भगवंत मान को एक फोन आया।

कपूरथला हाउस में रेड

रैली के दौरान सीएम भगवंत मान ने फोन पर किससे बात की, ये तो अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि उन्हें फोन के जरिए पंजाब सीएम हाउस के घर पर रेड पड़ने की सूचना मिली। चुनाव आयोग ने दिल्ली में स्थित कपूरथला हाउस में छापेमारी की। यह पंजाब सीएम भगवंत मान का हाउस है। EC की टीम सीएम हाउस की तलाशी ले रही है।

Mahakumbh 2025 : प्रशासन ने उठाए 5 अहम कदम, भीड़ नियंत्रण के लिए सख्त नियम लागू

Mahakumbh 2025 : प्रशासन ने उठाए 5 अहम कदम, भीड़ नियंत्रण के लिए सख्त नियम लागू

 Mahakumbh 2025 : प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान मंगलवार रात हुई भगदड़ के बाद प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और अव्यवस्था रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। हादसे में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 घायलों का इलाज चल रहा है। स्थिति पर काबू पाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने कई अहम बदलाव किए हैं।

प्रशासन द्वारा किए गए 5 बड़े बदलाव :

1.मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित – अब किसी भी वाहन को मेला क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

2. VVIP पास पूरी तरह रद्द – विशेष पास धारकों को भी वाहन प्रवेश की इजाजत नहीं दी जाएगी।

3. वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू – सुगम आवागमन के लिए मार्गों को एकतरफा कर दिया गया है।

4. सीमा पर वाहनों की रोक – जिले में बाहर से आने वाले वाहनों को सीमाओं पर ही रोका जा रहा है।

5. 4 फरवरी तक सख्त प्रतिबंध – भीड़ नियंत्रण के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं।

मंगलवार रात मची थी भगदड़

मंगलवार रात करीब 2 बजे महाकुंभ क्षेत्र में अचानक भगदड़ मच गई, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रभावित हुए। अब तक 30 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 36 घायलों का प्रयागराज के विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। प्रशासन की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं, और सुरक्षा बल राहत एवं बचाव कार्य कर रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ SDRF और NDRF की टीमें तैनात की गई हैं।

Shaheed Diwas 2025: कल मनाई जायेगी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि, जानिए इतिहास और महत्व

Shaheed Diwas 2025: कल मनाई जायेगी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि, जानिए इतिहास और महत्व

 नई दिल्ली: देश के इतिहास में 30 जनवरी का दिन बेहद खास है। इस दिन प्रतिवर्ष देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि मनाई जाती है। महात्मा गांधी जी ने देश को आजादी दिलाने के लिए अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोलकर कई आंदोलन चलाये। आंदोलनों के चलते उन्हें कई बार जेल में भी रहना पड़ा। उनके द्वारा देश की आजादी के लिए किये गए कार्यों को देखते हुए ही 30 जनवरी के दिन उनकी पुण्यतिथि को शहीद दिवस (Martyr’s Day) के रूप में मनाया जाता है।

30 जनवरी का इतिहास
15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिलने के कुछ महीने बाद ही 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे द्वारा दिल्ली के बिड़ला हाउस में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की गोली मार कर हत्या कर दी गई। इसी के चलते 30 जनवरी प्रतिवर्ष महात्मा गांधी की पुण्यतिथि मनाई जाती है और साथ ही इसे महात्मा गांधी के शहीद होने पर शहीद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था।

शहीद दिवस का महत्व
शहीद दिवस के दिन भारत के लिए अपने प्राणों को न्योछाबर करने वाले वीर सपूतों को याद किया जाता है। शहीद दिवस पर भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं अन्य उच्च अधिकारी/ नेता राजघाट पर जाकर गांधी जी के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करके उनको याद करते हैं। इसके बाद पूरे देश में 2 मिनट का मौन रखकर महात्मा गांधी सहित अन्य वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

महाकुंभ में 30 लोगों की मौत, मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख का ऐलान, सीएम योगी ने दिए न्यायिक जांच के आदेश

महाकुंभ में 30 लोगों की मौत, मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख का ऐलान, सीएम योगी ने दिए न्यायिक जांच के आदेश

 Mahakumbh Stampede: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से बड़ी खबर है। महाकुंभ में मंगलवार (28 जनवरी) देर रात भगदड़ मच गई। संगम तट पर करीब डेढ़ बजे मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई। डीआईजी वैभव कृष्ण ने जानकारी देते हुए बताया कि भगदड़ में 90 लोग घायल हुए हैं। भगदड़ के बाद प्रशासन के अनुरोध पर सभी 13 अखाड़ों ने बुधवार (29 जनवरी) को मौनी अमावस्या का अमृत स्नान रद्द करने का ऐलान किया। हालांकि, बाद में भीड़ घटने के साथ ही बिना शोभा यात्रा के साथ सभी अखाड़ों ने अमृत स्नान किया। प्रशासन संगम त्रिवेणी घाट पर फिलहाल आम श्रद्धालुओं को एंट्री नहीं दे रहा है।

डीआईजी, वैभव कृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आधिकारिक मौत के आंकड़ों की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि रात 1-2 बजे के बीच हुई भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई है। इसमें 25 लोगों की पहचान हो गई है और बाकी 5 की पहचान की जा रही है। इस हादसे में 90 से ज्यादा श्रद्धालु घायल भी हुए हैं।

अफवाह के कारण मची भगदड़
मंगलवार-बुधवार की रात करीब डेढ़ बजे संगम नोज पर अचानक भगदड़ मची। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, किसी अफवाह के कारण श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई और भीड़ बेकाबू हो गई। अफरातफरी के दौरान कुछ महिलाएं नीचे गिर गईं, जिसके बाद लोग उन्हें कुचलते हुए आगे बढ़ गए। इस घटना के बाद प्रशासन ने स्थिति को काबू में लाने के लिए एनएसजी कमांडो को तैनात कर दिया है। वहीं, श्रद्धालुओं की भीड़ को काबू करने के लिए संगम नोज इलाके में आम लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।

डीआईजी ने दी जानकारी

प्रयागराज मेला प्रशासन की ओर से डीआईजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भगदड़ की पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस-प्रशासन की टीम एक्टिव हो गई। घायलों को इलाज के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि भगदड़ में 90 लोग घायल हो गए। इसमें से 30 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि बैरिकेड टूटने के कारण यह भीषण हादसा हुआ। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमृत स्नान की भीड़ को देखते हुए वीवीआईपी प्रोटोकॉल को स्थगित किया गया था।

घटना के कारणों का जिक्र करते हुए डीआईजी ने कहा कि संगम नोज पर भारी भीड़ देर रात जमा हो गई थी। वहां अखाड़ों के शाही स्नान के लिए बैरिकेड लगाए गए थे। उस पर दबाव पड़ने के कारण बैरिकेड टूट गया। इस वजह से लोग गिरे और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। वहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात पॉलिथीन बिछाकर लेटे हुए थे। उनके ऊपर से भीड़ निकल गई।

मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की मदद का ऐलान

मुख्यमंत्री योगी के आदेश के अनुसार, कुम्भ हादसे की ज्यूडिशियल इंक्वायरी होगी, जिसके लिए पूर्व न्यायाधीश हर्ष कुमार की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर दी है। कमेटी में वीके गुप्ता, रिटायर्ड आईएएस बीके सिंह शामिल किए गए हैं। हादसे की तह तक जाने के लिए पुलिस भी जांच करेगी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की मदद का एलान किया है।

सीएम ने दिए हादसे की न्यायिक जांच के आदेश

महाकुंभ भगदड़ को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 3 सदस्यीय आयोग घटना की जांच करेगा। उन्होंने घटना पर दुख भी जताया है।

पीएम मोदी ने हादसे पर जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या स्नान के दौरान हुई भगदड़ की घटना पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें अपने प्रियजनों को खोने वाले श्रद्धालुओं के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। पीएम मोदी ने  योगी आदित्यनाथ से भी बात की और स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रशासन को पीड़ितों की हरसंभव मदद के निर्देश दिए।

शिवसेना नेता संजय राउत ने यूपी सरकार को घेरा
इस हादसे को लेकर विपक्ष ने यूपी सरकार पर निशाना साधा है। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि योगी सरकार महाकुंभ मेले के प्रचार-प्रसार में लगी रही, लेकिन व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब गृह मंत्री और रक्षा मंत्री स्नान के लिए पहुंचे, तो पूरा क्षेत्र सील कर दिया गया, जिससे आम श्रद्धालुओं को भारी परेशानी हुई। राउत ने कहा, “1954 में पंडित नेहरू खुद महाकुंभ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने गए थे, लेकिन आज के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उतने सक्रिय नहीं दिख रहे।

रेलवे ने भगदड़ के बाद दी सफाई
महाकुंभ में भगदड़ के बाद रेलवे ने स्थिति स्पष्ट की। रेलवे बोर्ड के प्रवक्ता दिलीप कुमार ने कहा कि मौनी अमावस्या पर भीड़ को संभालने के लिए रेलवे ने व्यापक योजना बनाई थी। उन्होंने कहा, “हमारी योजना थी कि जब श्रद्धालु स्नान के बाद घर लौटेंगे, तो अधिक संख्या में अनारक्षित श्रेणी की ट्रेनें चलाई जाएंगी। लेकिन हादसे के बाद कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोका गया था। अब स्थिति नियंत्रण में है।” इस बीच, प्रशासन ने कुंभ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आसपास के जिलों से डॉक्टरों को भेजने के निर्देश दिए हैं।

भगदड़ मचने की वजह आई सामने
भगदड़ के पीछे प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आई है। पहला कारण यह बताया जा रहा है कि अमृत स्नान के दौरान अधिकतर पोंटून पुलों को बंद कर दिया गया था, जिससे लाखों की भीड़ संगम क्षेत्र में जमा हो गई। इस दौरान कुछ श्रद्धालु बैरिकेड्स में फंस गए और गिर पड़े, जिससे भगदड़ की अफवाह फैल गई। दूसरा कारण संगम नोज क्षेत्र में प्रवेश और निकास मार्गों का अलग न होना रहा। श्रद्धालु उसी रास्ते से लौट रहे थे, जिससे वे आए थे, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई।

जानिए कब आएगी पीएम किसान की19वीं किस्त? यहां से चेक करें बेनिफिशियरी स्टेट्स

जानिए कब आएगी पीएम किसान की19वीं किस्त? यहां से चेक करें बेनिफिशियरी स्टेट्स

 PM Kisan 19th Installment: पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त (PM Kisan Yojana 19th Installment) का इंतजार कर रहें किसानों के लिए बड़े काम की खबर है, केंद्र सरकार ने 19वीं किस्त जारी करने की तारीख घोषित कर दी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ किसानों की किस्त इस बार अटक सकती है? अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आपकी किस्त का पैसा आपके खाते में कब पहुंचेगा, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है.

PM Kisan 19th Installment: कब जारी होगी 19 वीं क़िस्त?

पीएम नरेंद्र मोदी 24 फरवरी 2025 को बिहार में होने वाली एक यात्रा के दौरान पीएम किसान योजना की 19वीं किस्त जारी करेंगे. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त की तारीख की पुष्टि की है.

इस योजना के तहत किसानों को  6,000 रुपये सालाना दिए जाते हैं, जो तीन समान किस्तों में बांटे जाते हैं. किसानों को अब तक 18 किस्तों का भुगतान हो चुका है.

किन किसानों को मिलेगी 19वीं किस्त?

पीएम किसान योजना का लाभ (PM Kisan Beneficiary) उठाना चाहते हैं तो कुछ जरूरी कामों को करना होगा. यदि आपने ये काम नहीं किए हैं, तो आपकी किस्त अटक सकती है.

1. ई-केवाईसी (eKYC) का न होना:

अगर आपने ई-केवाईसी नहीं करवाई तो आपको अगली किस्त (PM Kisan Next Installment) का लाभ नहीं मिलेगा. अपने नजदीकी सीएससी केंद्र से या pmkisan.gov.in वेबसाइट से आसानी से करवा सकते हैं.

2. आधार कार्ड लिंकिंग (Aadhaar Linking):

अगर अपना आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक नहीं किया है तो आपकी किस्त अटक सकती है. इसके लिए आपको अपने बैंक की ब्रांच में जाकर आधार कार्ड को अपने खाते से लिंक करवाना होगा.

3. बैंक अकाउंट में डीबीटी ऑप्शन (DBT Option) का ऑफ न होना:

यदि आपके बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) का ऑप्शन ऑन नहीं है, तो भी आपकी किस्त अटक सकती है. इसके लिए आपको अपने बैंक जाकर यह ऑप्शन ऑन करवा लेना होगा.

4. गलत बैंक अकाउंट जानकारी (Wrong Bank Account Details):

आपके द्वारा दी गई बैंक खाते की जानकारी अगर गलत है, तो भी आपकी किस्त नहीं मिलेगी. सुनिश्चित करें कि आपने सही बैंक अकाउंट की जानकारी दी है.

कैसे चेक करें किस्त का स्टेटस?

1. सबसे पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर जाएं.
2. होम पेज पर ‘किसान कॉर्नर’ (Farmer Corner) में जाकर ‘बेनेफिशियरी स्टेटस’ (Beneficiary Status) पर क्लिक करें.
3. अपने राज्य, जिले, तहसील, ब्लॉक और गांव का चयन करें.
4. ‘गेट रिपोर्ट’ (Get Report) पर क्लिक करें और जानें अपनी किस्त का स्टेटस.

किसानों को सालाना 6,000 रुपये का लाभ

केंद्र सरकार इस योजना के माध्यम से किसानों को सालाना 6,000 रुपये देती है, जो तीन किस्तों में 2,000 रुपये की रकम के रूप में ट्रांसफर होती है.

Mahakumbh Stampede: महाकुंभ की घटना पर आया पीएम मोदी का पहला रिएक्शन, पोस्ट कर लिखी ये बात

Mahakumbh Stampede: महाकुंभ की घटना पर आया पीएम मोदी का पहला रिएक्शन, पोस्ट कर लिखी ये बात

 Mahakumbh Stampede: मौनी अमावस्या के अवसर पर महाकुंभ में सुबह-सुबह भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार कम से कम 15 शवों को अस्पताल लाया गया है। बता दें कि मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान महाकुंभ का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है और इसमें लगभग 10 करोड़ तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, प्रयागराज महाकुंभ में जो दुर्घटना हुई, वह अत्यंत दुखद है। जिन श्रद्धालुओं ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद करने में लगा हुआ है। इस संबंध में मैंने मुख्यमंत्री योगी जी से बात की है और मैं लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं।

राष्ट्रपति ने भी जताया दुख

उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद है। मैं हताहत हुए श्रद्धालुओं के परिवारजनों के प्रति शोक-संवेदना व्यक्त करती हूं और ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि घायल हुए सभी श्रद्धालु शीघ्र ही स्वस्थ हों।

अफवाहों पर ना दें ध्यान-सीएम योगी

महाकुम्भ-2025, प्रयागराज आए प्रिय श्रद्धालुओं, माँ गंगा के जिस घाट के आप समीप हैं, वहीं स्नान करें, संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। आप सभी प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन करें, व्यवस्था बनाने में सहयोग करें। संगम के सभी घाटों पर शांतिपूर्वक स्नान हो रहा है। किसी भी अफवाह पर बिल्कुल भी ध्यान न दें।

छत्तीसगढ़ के सीएम ने भी की अपील

इस घटना पर सीएम विष्णुदेव साय ने ट्‌वीट कर कहा, महाकुंभ में घटित भगदड़ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कई श्रद्धालुओं के निधन और घायल होने की खबर अत्यंत दुःखद है। ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं घायल श्रद्धालुओं के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

सीएम साय ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि संयम बनाए रखें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन करें। मां गंगा के जिस घाट के समीप हैं, वहीं पुण्य स्नान करें।

प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ : 14 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत, 50 से ज्यादा घायल

प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ : 14 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत, 50 से ज्यादा घायल

 प्रयागराज : प्रयागराज के संगम तट पर मंगलवार-बुधवार की रात करीब डेढ़ बजे भगदड़ मच गई। हादसे में 14 से अधिक लोगों की मौत की खबर है। 50 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हैं। स्वरूपरानी अस्पताल में मौजूद भास्कर रिपोर्टर के मुताबिक- 14 शव पोस्टमॉर्टम के लिए लाए जा चुके हैं। हालांकि, प्रशासन ने मौत या घायलों की संख्या को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु संगम पर ही स्नान करने की न सोचें। गंगा हर जगह पवित्र है, वे जहां हैं उसी तट पर स्नान करें। उधर, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि वीआईपी कल्चर और सरकार की बदइंतजामी के कारण भगदड़ मची है।

भगदड़ की 2 प्रमुख वजहें

  • अमृत स्नान की वजह से ज्यादातर पांटून पुल बंद थे। इसके कारण संगम पर पहुंचने वाली करोड़ों की भीड़ इकट्ठा होती चली गई। जिससे बैरिकेड्स में फंसकर कुछ लोग गिर गए। यह देखकर भगदड़ की अफवाह फैल गई।
  • संगम नोज पर एंट्री और एग्जिट के रास्ते अलग-अलग नहीं थे। लोग जिस रास्ते से आ रहे थे, उसी रास्ते से वापस जा रहे थे। ऐसे में जब भगदड़ मची तो लोगों को भागने का मौका नहीं मिला। वे एक-दूसरे के ऊपर गिरते गए।

हादसे के बाद 70 से ज्यादा एम्बुलेंस संगम तट पर पहुंचीं। इनसे घायलों और मृतकों को अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद संगम तट पर NSG कमांडो ने मोर्चा संभाल लिया। संगम नोज इलाके में आम लोगों की एंट्री बंद कर दी गई। भीड़ और न बढ़े, इसलिए प्रयागराज से सटे जिलों में श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है। वहां प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है।

महाकुंभ में आज मौनी अमावस्या का स्नान है, जिसके चलते करीब 9 करोड़ श्रद्धालुओं के शहर में मौजूद होने का अनुमान है। प्रशासन के मुताबिक, संगम समेत 44 घाटों पर आज देर रात तक 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का अनुमान है।

इससे एक दिन पहले यानी मंगलवार को साढ़े 5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। पूरे शहर में सुरक्षा के लिए 60 हजार से ज्यादा जवान तैनात हैं।

ISRO ने अपना 100वां मिशन लॉन्च कर अंतरिक्ष में रचा इतिहास , GSLV-F15 रॉकेट का सफल प्रक्षेपण

ISRO ने अपना 100वां मिशन लॉन्च कर अंतरिक्ष में रचा इतिहास , GSLV-F15 रॉकेट का सफल प्रक्षेपण

 ISRO: 29 जनवरी बुधवार का दिन ISRO के लिए खास रहा। अब से कुछ समय पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अपने 100वें उपग्रह का प्रक्षेपण (लॉन्च) किया है। इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से आज रॉकेट लॉचिंग का शतक लगा दिया है।

आज ISRO ने GSLV-F15 रॉकेट के जरिए नेविगेशन सैटेलाइट (NVS-02) को लॉन्च किया। इसमें नाविक के तहत दूसरी पीढ़ी के पांच उपग्रह शामिल हैं। जानकारी दें कि, इससे पहले 29 मई 2023 को एनवीएस-01 को जीएसएलवी-एफ12 के जरिये लॉन्च किया था।

ISRO: नाविक श्रृंखला का दूसरा उपग्रह

बता दें कि, यह नेविगेशन उपग्रह ‘नेविगेशन विद इंडियन कांस्टेलेशन’ (नाविक) श्रृंखला का दूसरा उपग्रह है, जिसका उद्देश्य भारतीय उपमहाद्वीप के साथ-साथ भारतीय भूभाग से लगभग 1,500 किलोमीटर आगे के क्षेत्रों में उपयोगकर्ताओं को सटीक स्थिति, गति और समय की जानकारी प्रदान करना है।

वहीं यूआर सैटेलाइट सेंटर द्वारा खास तौर पर डिजाइन और विकसित इस NVS-02 उपग्रह का वजन लगभग 2250 किलोग्राम है। इसमें एल1, एल5 और एस बैंड में नेविगेशन पेलोड के साथ-साथ सी-बैंड में रेंजिंग पेलोड भी लगाया गया है, जैसा कि इसकी पहली पीढ़ी की सैटेलाइट एनवीएस-01 में था।

वहीं NavIC (नेविगेशन विद इंडियन कंस्टीलेशन) भारत का स्वतंत्र क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम है। इसका उद्देश्य भारत और भारतीय जमीन से 1,500 किमी तक फैले क्षेत्र में उपयोगकर्ताओं को सटीक पोजीशन, वेलोसिटी और टाइमिंग सेवाएं भी सटीकता से प्रदान करना है।

Republic Day 2025: राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने कर्तव्य पथ पर फहराया तिरंगा, 21 तोपों की दी गई सलामी

Republic Day 2025: राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने कर्तव्य पथ पर फहराया तिरंगा, 21 तोपों की दी गई सलामी

 नई दिल्ली। देश आज अपना 76वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस मौके पर कर्तव्य पथ पर भव्य समारोह हो रहा है। इस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं और उन्होंने झंडा फहराया। इस मौके पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पीएम मोदी भी मौजूद रहे। इस बार मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो हैं।

अजब-गजब मामला : शराबी पतियों से तंग आकर महिलाओं ने आपस में कर ली शादी, मंदिर में सिंदूर लगाया और पूरे किए सात फेरे

अजब-गजब मामला : शराबी पतियों से तंग आकर महिलाओं ने आपस में कर ली शादी, मंदिर में सिंदूर लगाया और पूरे किए सात फेरे

 गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में दो महिलाओं ने अपने शराबी पतियों से परेशान होने के बाद एक-दूसरे से शादी कर ली और दोनों ने अपने घरों को छोड़ दिया। कविता और गुंजा ने देवरिया में छोटी काशी के नाम से मशहूर शिव मंदिर में एक-दूसरे से शादी की। दोनों इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे से मिलीं और दोस्त बन गईं। खबर है कि शादी से पहले दोनों महिलाएं छह साल तक एक-दूसरे के संपर्क में थीं।

शराबी पति और घरेलू हिंसा से तंग थी दोनों महिलाएं

कविता और गुंजा उर्फ बबलू गुरुवार शाम देवरिया के शिव मंदिर में शादी के बंधन में बंध गईं। दोनों महिलाएं अपने पति की शराब पीने की आदतों से तंग आ चुकी थीं और एक-दूसरे के साथ घरेलू हिंसा के मामले शेयर करती थीं। शादी के दौरान, गुंजा ने दूल्हे की भूमिका निभाई और कविता के माथे पर सिंदूर लगाया, दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाया और फेरे लिए।

खुद के लिए काम करेंगी और साथ रहेंगी

गुंजा ने कहा, ‘हम अपने पतियों के शराब पीने और गाली-गलौज से परेशान थे। कविता ने मुझे शांति और प्रेम का जीवन चुनने के लिए प्रेरित किया। हमने गोरखपुर में एक दंपती के रूप में रहने और खुद को बनाए रखने के लिए काम करने का फैसला किया है। दोनों महिलाओं ने कहा कि वे एक साथ रहने के लिए दृढ़ हैं। वर्तमान में उनके पास एक स्थायी घर नहीं है, इसलिए रहने के लिए एक जगह किराए पर लेने की योजना बना रहे हैं।
मंदिर के पुजारी उमा शंकर पांडे ने कहा कि महिलाओं ने माला और सिंदूर खरीदे, अनुष्ठान किया और चुपचाप चली गईं।

BREAKING : कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक निर्णय, राज्य के 17 शहरों में शराबबंदी लागू, देखें पूरी लिस्‍ट

BREAKING : कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक निर्णय, राज्य के 17 शहरों में शराबबंदी लागू, देखें पूरी लिस्‍ट

25 जनवरी 2025 मध्य प्रदेश :- मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने 17 धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक अप्रैल से अब प्रदेश के 17 धार्मिक नगरों में शराब नहीं बिकेगी और  दुकानें बंद हो जाएंगी।

कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि जो दुकानें बंद की जाएंगी, उन दुकानों को कहीं और शिफ्ट नहीं किया जाएगा। ये पूर्णत बंद होंगी। मप्र के शहरों के धार्मिक महत्व को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। शहरों के अलावा नर्मदा नदी के दोनों किनारों के पांच-पांच किमी दायरे तक शराब दुकान नहीं रहेंगी।

 

इन नगरीय एवं ग्रामीण निकायों में बैन हुई शराब

 

1. उज्जैन नगर निगम

2. ओंकारेश्वर नगर पंचायत

3. महेश्वर नगर पंचायत

4. मण्डलेश्वर नगर पंचायत

5. ओरछा नगर पंचायत

6. मैहर नगरपालिका

7. चित्रकूट नगर पंचायत

8. दतिया नगरपालिका

9. पन्ना नगरपालिका

10. मण्डला नगरपालिका

11. मुल्ताई नगरपालिका

12. मंदसौर नगरपालिका

13. अमरकंटक नगर पंचायत

14. सलकनपुर ग्राम पंचायत

15. ग्राम पंचायत बरमानकलां, ग्राम पंचायत लिंगा और ग्राम पंचायत बरमानखुर्द

16. कुण्डलपुर ग्राम पंचायत

17. बांदकपुर ग्राम पंचायत

उज्जैन में पूर्णत: शराबबंदी 
महाकाल ज्योतिर्लिंग होने के कारण उज्जैन को शराब से मुक्त किया जा रहा है। यहां की सभी दुकानें बंद की जाएंगी। यानी कि उज्जैन नगर निगम का दायरा शराब से मुक्त रहेगा। इसके अलावा अलग-अलग नगर पालिकाएं, नगर पंचायतें भी पूरी तरह से शराब मुक्त की गईं हैं।

दतिया-पन्ना-अमरकंटक में पूरी तरह बैन
मप्र के अन्य बड़े शहर जहां पर धार्मिक कारणों से शराबबंदी लागू की गई है, उनमें दतिया एक मुख्य जगह है। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि पीतांबरा पीठ होने की वजह से यहां शराबबंदी की गई है। वहीं अमरकंटक नर्मदा का उद्गम स्थल है। इस वजह से यहां शराब प्रतिबंधित रहेगी। मंदसौर में पशुपतिनाथ का मंदिर है। यहां के लोग लंबे समय से शराब बंदी की मांग भी कर रहे थे।  मैहर में माता शारदा विराजित हैं। इसके अलावा पन्ना में भी शराब पर रोक लगाई गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शराबबंदी की दिशा में अपने  कदम आगे बढ़ा रहा है। समय के साथ मध्यप्रदेश में भी पूर्ण शराबबंदी होगी। पर इसमें वक्त लगेगा। सीएम ने कहा कि राज्य धीरे-धीरे शराबबंदी की तरफ बढ़े, इस क्रम में आज एक नीतिगत निर्णय हुआ है। इस वजह से पहले चरण में 17 धार्मिक नगरों को चुना गया है। इनमें नगर पालिका, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्र शामिल हैं।  इन दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट भी नहीं किया जाएगा। यह निर्णय हमेशा के लिए किया गया है।

इन शहरों के अलावा मंडला- नगर पालिका,  मुलताई नगर पालिका, सलकनपुर ग्राम पंचायत, बरमानकलां, लिंगा, बरमानखुर्द ग्राम पंचायत, कुंडलपुर ग्राम पंचायत, बांदकपुर ग्राम पंचायत, ओंकारेश्वर नगर पंचायत, महेश्वर नगर पंचायत, मण्डलेश्वर नगर पंचायत, ओरछा नगर पंचायत, चित्रकूट नगर पंचायत शामिल हैं। बरमानकलां, लिंगा और बरमानखुर्द तीनों गांव एक ही ग्राम पंचायत में आते हैं।

Mamta Kulkarni : एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी ने लिया संन्यास, बनीं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर

Mamta Kulkarni : एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी ने लिया संन्यास, बनीं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर

  प्रयागराज।  बॉलीवुड में अपनी खूबसूरती और शानदार एक्टिंग से लाखों- करोड़ों लोगों का दिल जीतने वाली एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी को भला कौन नहीं जानता। हसीना ने कई बेहतरीन फिल्मों में काम कर अपनी अलग पहचान बनाई, तो अब वह संन्यासी हो गई हैं। 25 साल बाद भारत लौटी ममता ने प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान संगम तट पर पिंडदान किया। जिसके बाद वह किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनीं और अब उनकी पहचान यामाई ममता नंद गिरी के नाम से होगी।

कभी पर्दे पर अपने एक से बढ़कर एक स्टाइलिश लुक्स से सबको दीवाना बनाने वाली ममता महाकुंभ मेला में भगवा रंगे के कपड़े, माथे पर चंदन, कंधे पर झोला और गले में रुद्राक्ष की माला पहनकर किन्नर अखाड़े में पहुंची थीं। जहां हर कोई उनका बदला हुआ रूप देखता रहा गया। पूर्व अभिनेत्री के पुराने लुक्स अब सोशल मीडिया पर छा गए हैं। जहां वह कभी साड़ी, तो कभी ड्रेस पहने नजर आईं।

विवादों से भी रहा है नाता

कुलकर्णी ने 2002 में बॉलीवुड इंडस्ट्री से नाता तोड़ लिया था। इसके बाद ममता कुलकर्णी दोबारा 2016 में चर्चा में आई, जब पुलिस ने ममता का नाम ड्रग्स की अवैध सप्लाई के मामले में शामिल बताया।

52 साल की ममता ने सलमान खान और शाहरुख खान जैसे कई बड़े सितारों के साथ किया, तो काफी समय पहले ही उन्होंने इंडस्ट्री से दूरी बना ली थी। लेकिन, वह जब भी किसी फिल्म में दिखतीं या उनकी फोटोशूट सामने आता, उनकी अदाओं पर सब फिदा हो जाते।

अब यहां ही देख लीजिए, ब्लैक कलर की ऑफ शोल्डर बॉडी फिटेड ड्रेस में वह अपना जलवा बिखेर रही हैं। वहीं, दूसरी तरफ डीप नेकलाइन वाली शॉर्ट ड्रेस में भी उनका अदाएं देखते ही बनी। हालांकि, अब उनका अंदाज पूरी तरह से बदल गया है।

किन्नर अखाड़े से जुड़ी अभिनेत्री

किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण ने ममता नंद गिरी का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि किन्नर अखाड़े ने बॉलीवुड की पूर्व एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाया है. उनका नाम श्री यमाई ममता नंद गिरि रखा गया है. वह पिछले डेढ़ साल से किन्नर अखाड़े और मेरे संपर्क में हैं. अगर वह चाहें तो किसी भी धार्मिक पात्र का किरदार निभा सकती हैं, क्योंकि हम किसी को भी अपनी कला दिखाने से नहीं रोकते.”

25 साल बाद आई भारत

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर ममता ने भारत आने की जानकारी दी थी. क्लिप में कुलकर्णी कहती नजर आई थीं “हेलो दोस्तों, मैं ममता कुलकर्णी 25 साल बाद भारत ‘आमची मुंबई’ लौटी हूं. यहां आकर मेरी पुरानी यादें ताजा हो गईं. फ्लाइट के उतरने से पहले मैं बहुत उत्साहित थी और अपने इधर-उधर देख रही थी.

” उन्होंने सालों बाद भारत लौटने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा था, “मैंने अपने देश को करीब 25 साल बाद जब ऊपर से देखा (प्लेन के लैंडिंग के दौरान). यह देखकर मैं भावुक हो गई थी. मेरी आंखों में आंसू आ गए थे. मैंने जब मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बाहर कदम रखा, तो मैं बेहद खुश और उत्सुक थी.”

MP में पहली बार हार्ट ट्रांसप्लांट ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

MP में पहली बार हार्ट ट्रांसप्लांट ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 जबलपुर, भोपाल और इंदौर में ग्रीन कॉरिडोर

मुख्यमंत्री ने चिकित्सकीय टीम को दी बधाई
चिकित्सकीय सेवाओं के प्रदाय में यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण सोपान: उप मुख्यमंत्री   शुक्ल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने चिकित्सा सेवाओं में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में पहली बार सफलतापूर्वक हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया है। उन्होंने इस

उपलब्धि के लिये चिकित्सकीय टीम को बधाई दी हैं।

उप मुख्यमंत्री   राजेन्द्र शुक्ल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वास्थ्य विभाग और नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर और एम्स भोपाल के चिकित्सीय स्टॉफ की सजगता और कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण है। प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग जनसेवा के प्रति पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने प्रक्रिया में शामिल डॉक्टरों, सहयोगी स्टॉफ और पुलिस प्रशासन को बधाई दी है, जिनकी मेहनत और तत्परता से यह संभव हो पाया। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने मरीज के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने कहा कि इस प्रक्रिया में ग्रीन कॉरिडोर और पीएम   एयर एम्बुलेंस सेवा का उत्कृष्ट उपयोग किया गया। इस जनहितैषी सेवा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, प्रशासन की सजगता और तालमेल ने ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से अंगों को समय पर पहुंचाने का कार्य संभव हो सका। जबलपुर, भोपाल और इंदौर में तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए, जो प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है।

 परिवारजनों का उदार और संवेदनशील निर्णय सराहनीय और अनुकरणीय

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सागर जिले के ग्राम मानक्याई निवासी 61 वर्षीय श्री बलिराम कुशवाहा के परिवारजनों द्वारा अंगदान की पहल को महान और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि बलिराम कुशवाहा के परिवारजनों 

ने इस कठिन समय में जो उदार और संवेदनशील निर्णय लिया है, वह न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी है। उन्होंने परिवारजनों की परोपकारिता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका यह कदम एक नई जिंदगी देने का अद्भुत उदाहरण है और मानवता की सेवा का प्रतीक है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने समस्त प्रदेशवासियों से इस महान कार्य से प्रेरणा लेने और अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की है।

उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने कहा कि पीएम   एयर एम्बुलेंस सेवा का उपयोग गंभीर मरीजों के परिवहन के साथ इस प्रकार की आपातकालीन और महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाओं के लिए भी किया जा रहा है। यह सेवा हमारी स्वास्थ्य प्रणाली को और अधिक सशक्त बना रही है। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने ट्रांसप्लांट के बाद मरीज के स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया केवल चिकित्सा क्षेत्र की सफलता ही नहीं, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों के लिए एक नई आशा का संचार करती है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि चिकित्सकीय सेवाओं के प्रदाय में एक महत्वपूर्ण सोपान है।

जबलपुर में ब्रेन डेड मरीज की सूचना मिलते ही राज्य शासन ने तुरंत कार्रवाई की। एम्स भोपाल के डॉक्टरों की एक टीम रातों-रात जबलपुर पहुंची और अंग रिट्रीवल की प्रक्रिया को अंजाम दिया। इस पूरी प्रक्रिया में जबलपुर, भोपाल और इंदौर में तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। पुलिस और चिकित्सा विभाग ने बेहतरीन समन्वय से अंगों का समय पर परिवहन सुनिश्चित हुआ। ब्रेन डेड मरीज का हृदय ग्रीन कॉरिडोर और एयर एम्बुलेंस के माध्यम से जबलपुर से भोपाल लाया गया। एम्स भोपाल में इस हृदय का सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट किया गया। लीवर को हेलीकॉप्टर और वायुयान के माध्यम से इंदौर स्थित चोइथराम अस्पताल भेजा गया। लीवर को पहले हेलीकॉप्टर से भोपाल हवाई अड्डे लाया गया और वहां से वायुयान से इंदौर पहुंचाया गया। चोइथराम अस्पताल में लीवर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया जारी है।

 

भारतीय खिलाड़ियों ने बल, पराक्रम, कौशल एवं बुद्धि से पूरे विश्व में बनाई है पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारतीय खिलाड़ियों ने बल, पराक्रम, कौशल एवं बुद्धि से पूरे विश्व में बनाई है पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहयोग क्रीड़ा मंडल द्वारा गोटेगांव में आयोजित ऑल इंडिया प्रो- कबड्डी टूर्नामेंट को संबोधित कर कहा कि देश के खिलाड़ियों ने बल, पराक्रम, कौशल एवं बुद्धि से पूरे विश्व में पहचान बनाई है। विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया है। प्रत्येक आयोजन में कबड्डी एवं कुश्ती के खिलाड़ियों ने निश्चित रूप से पदक प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाला समय युवाओं का समय है। प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खिलाड़ियों एवं खेल विधाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नवीन शिक्षा नीति में खेलों को विषय के रूप में शामिल किया गया है। साथ ही जन शिक्षकों की भर्ती की गई है।

11 लाख रूपए की राशि सहयोग क्रीड़ा मंडल गोटेगांव को देने की घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मणिनागेन्द्र सिंह फाउंडेशन, सहयोग क्रीड़ा मंडल द्वारा पारंपारिक खेलों के लिए किये जा रहे प्रयासों के साथ ही विगत 41 वर्षों से निरंतर आयोजित की जा रही कबड्डी प्रतियोगिता के वृहद आयोजन को लेकर प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि समिति के प्रयासों से अनेकों देश- प्रदेश स्तर के खिलाड़ी बने हैं। कबड्डी का ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं है, जो गोटेगांव से खेलकर न गया हो। उन्होंने समिति द्वारा किये जा रहे खेलों के साथ ही समाज सेवा के कार्यों को भी सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंचीय कार्यक्रम से 11 लाख रुपये की राशि समिति को देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी समय में परंपरागत खेलों को प्रोत्साहित करने के तारतम्य में कबड्डी लीग भी कराया जायेगा।

सांसद चौ. दर्शन सिंह, विधायकद्वय   विश्वनाथ सिंह पटेल व  महेन्द्र नागेश, सहयोग क्रीड़ा मंडल के संस्थापक सदस्य   मुलाम सिंह पटेल सहित अन्य विशिष्ट जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

कबड्डी खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कबड्डी के खिलाड़ियों एवं प्रशंसकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कबड्डी एकमात्र ऐसा खेल है, जिसमें भारतीय दर्शन परिलक्षित होता है। कबड्डी के प्राणायाम व व्यायाम से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा महाभारत के चक्रव्यूह की संरचना की तरह इस खेल के मैदान में खिलाड़ी के पराक्रम और स्फूर्ति का अद्भुत समन्वय का अहसास होता है। बदलते दौर में अब अन्य देश भी कबड्डी को प्रोत्साहित कर रहे हैं। कबड्डी के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। परंपरागत खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार भरसक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि माटी में खेलने का आनंद कुछ और ही है। कबड्डी जैसे खेलों को विदेशों में आत्मीयता से अपना रहे हैं।

सरकार महिला, गरीब, युवा तथा किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार महिला, गरीब, युवा तथा किसानों के कल्याण के लिए अभियान चलाकर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2028 तक हर गरीब का पक्के आवास का स्वप्न को पूरा करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसी तरह युवाओं के लिए एक लाख से अधिक सरकारी पदों में नियुक्ति की जा रही है। आने वाले 5 वर्षों में 2.70 लाख पदों पर भर्ती कर सभी सरकारी पद भरे जायेंगे। लोक सेवा आयोग के लंबित सभी परीक्षायें शीघ्र आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा तथा रोजगार की दिशा में कार्य करते हुए युवा कल्याण का अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है।

भगवान   राम एवं   कृष्ण प्रदेश में जहां- जहां प्रवास किये वहां बनाये जायेंगे धार्मिक पर्यटन स्थल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य की है। उनके आदर्शों के अनुरूप प्रदेश में सुशासन के मापदंड स्थापित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हर स्थानों पर मूलभूत सुविधाओं के साथ- साथ कार्य किया जायेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या में   राम मंदिर निर्माण एक वर्ष पूर्ण होने पर देश में उत्साह का माहौल है। पूरे देश में सांस्कृतिक अनुष्ठान आयोजित किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में भी जहां- जहां भगवान   राम एवं   कृष्ण के चरण पड़े उन स्थानों को धार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में दर्शित किया जायेगा।

17 अलग- अलग धार्मिक स्थानों में की जायेगी शराबबंदी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराई के रोकथाम के लिए 17 अलग-अलग धार्मिक स्थानों में शराबबंदी की जायेगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा परिक्रमा वासियों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। नर्मदा किनारे उनके लिए आश्रय स्थल तथा स्नान घाट बनाये जायेंगे। साथ ही कहा कि नर्मदा के आंचल को हरा-भरा कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कार्य किया जायेगा।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री   प्रहलाद सिंह पटेल ने स्वागत उद्बोधन में परंपरागत खेलों को बढ़ावा देने में किये जा रहे नवाचार के साथ कहा कि गोटेगांव में लगातार 41 वर्षों से जनभावना के अनुरूप कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार भी खेल गतिविधियों को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. मणिनागेंद्र सिंह के छायाचित्र पर माल्यार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाई जंप नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट अंजली वर्मा को शील्ड देकर सम्मानित किया।

मंच से किया विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभांवित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से लाड़ली लक्ष्मी योजना में आनबी पटेल, तेजस्वनी कहार व शिवन्या ठाकुर, मप्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण अंतर्गत सुपर 5000 योजना में  आस्था लोधी,   पंकज दुबे व   जगदीश लोधी और पशुपालन विभाग के अंतर्गत चारा विकास योजना के तहत   रोहित अग्रवाल को लाभान्वित किया।

कबड्डी खिलाड़ियों से किया परिचय प्राप्त

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंचीय कार्यक्रम के बाद सहभागी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। साथ ही सभी खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य शुभकामनायें देकर प्रोत्साहित किया।

135.18 करोड़ रूपये की लागत के 39 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोटेगाँव में 135 करोड़ 18 लाख रूपये की लागत के 39 कार्यो का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इनमें 22 करोड़ 85 लाख रूपये के 19 निर्माण कार्यो का लोकार्पण और 112 करोड़ 33 लाख रूपये के 20 निर्माण कार्यो का भूमि-पूजन शामिल है।

गणतंत्र दिवस परेड में जल जीवन मिशन की कहानी बताएंगे 178 'जल योद्धा'

गणतंत्र दिवस परेड में जल जीवन मिशन की कहानी बताएंगे 178 'जल योद्धा'

नई दिल्ली / देशभर से 178 जल योद्धाओं को यहां 76वें गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने और जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल से मिलने के लिए विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इन व्यक्तियों ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) के माध्यम से अपने समुदायों को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 

जेजेएम का उद्देश्य हर घर को स्वच्छ और सतत पेयजल उपलब्ध कराना है. अधिकारियों ने कहा कि राजस्थान के शुष्क भूभाग से लेकर असम के हरे-भरे क्षेत्र तक, इन जमीनी स्तर के योद्धाओं ने जल, स्वच्छता और स्वच्छता प्रणालियों (वॉश) लक्ष्यों को प्राप्त करने में अपने समुदायों का नेतृत्व किया है तथा एक स्वस्थ और अधिक टिकाऊ भारत के निर्माण में सामूहिक प्रयास को प्रदर्शित किया है.

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के जंगल धूसड़ के प्रधान राजेंद्र प्रसाद ने अपने समुदाय को असुरक्षित हैंडपंपों के स्थान पर पाइप जल प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित किया. इसी तरह, सरौरा गांव में सेवानिवृत्त मैकेनिकल इंजीनियर पूरनमासी ने जेजेएम और स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को एकीकृत करके जीवाणु संबंधी संदूषण से निपटने का प्रयास किया. उनके नेतृत्व में, एक सौर ऊर्जा चालित जल आपूर्ति प्रणाली स्थापित की गई और 250 साल पुराने कुएं को संरक्षित किया गया.

सार्वजनिक जल वाले स्थान अब स्वच्छ जल उपलब्ध कराते हैं, जिससे गांव में स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों में सुधार होता है. राजस्थान के गुढ़ा भगवानदास में, सरपंच धापू देवी ने पानी की गंभीर कमी से निपटने के प्रयासों का नेतृत्व किया.

गुजरात के केलिया वासणा में जल वितरण की चुनौतियों का सामना करना पड़ा. ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (वीडब्ल्यूएससी) की अध्यक्ष हिरलबेन हितेंद्रभाई पटेल ने नई जल लाइन और ऊंची टंकियों के निर्माण कार्यों का नेतृत्व किया, जिससे समान आपूर्ति सुनिश्चित हुई और बोरवेल पर निर्भरता कम हुई.

हिरलबेन ने कहा, इस परियोजना की सफलता के साथ अब हम अन्य विकासात्मक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं. कर्नाटक के कोप्पल जिले में, वीडब्ल्यूएससी की अध्यक्ष शिवम्मा ने टपकते पाइपों की मरम्मत करके और ग्राम सभाओं और स्कूल प्रतियोगिताओं के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा देकर अपने गांव की तस्वीर को बदल दिया. आज, कोलूर में 24 घंटे पानी की आपूर्ति होती है जिससे महिलाएं कृषि और आर्थिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर पाती हैं.

MP : डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जाना जायेगा भोपाल का नव निर्मित फ्लाई-ओवर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

MP : डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जाना जायेगा भोपाल का नव निर्मित फ्लाई-ओवर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल को मिली 154 करोड़ रूपये की लागत के फ्लाई-ओवर की सौगात नगर के विकास को गति देगी। यह नव निर्मित फ्लाई-ओवर हमारे महान देशभक्त और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जाना जायेगा। उन्होंने कहा कि भोपाल, देश का दिल है। यह देश की सुंदरतम राजधानी है। वर्ष 1956 में जब मध्यप्रदेश का गठन हुआ था, उस समय भोपाल एक छोटा सा गांव था। लंबे समय तक इसका विकास रुका रहा। हमारी सरकारों ने इसका विकास किया। अब भोपाल का तेज गति से विकास किया जाएगा। तीन किलोमीटर लंबा नव निर्मित फ्लाई-ओवर गायत्री मंदिर से गणेश मंदिर तक बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सुयोग है कि आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर इसका लोकार्पण हो रहा है। यह पुल एक और नेताजी सुभाष चंद्र सेतु और दूसरी ओर वीर सावरकर सेतु को मिलाएगा। बड़ी चुनौतियों के बीच इस ब्रिज का निर्माण हुआ है, इसके लिए लोक निर्माण मंत्री और उनका विभाग बधाई के पात्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बावड़िया-कलां क्षेत्र में आवागमन की सुविधा की दृष्टि से 180 करोड रुपए की लागत से फ्लाई-ओवर बनाए जाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द बैरागढ़ ब्रिज का भी लोकार्पण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को भोपाल में 3 किलोमीटर लंबे नव निर्मित फ्लाई-ओवर ब्रिज का लोकार्पण कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस पुल के बन जाने से ओबेदुल्लागंज, नर्मदापुरम, बैतूल, खंडवा और जबलपुर मार्ग पर यातायात सुगम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारे महान देशभक्त नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है, उन्हें हम हृदय से नमन करते हैं। उनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने अंग्रेजों को चुनौती दी और स्वतंत्रता संग्राम को नई राह दिखाई। वर्ष 1923 में उन्होंने अंग्रेजों की आईसीएस परीक्षा प्रवीण्य सूची में उत्तीर्ण की, परंतु उन्होंने अंग्रेजों की गुलामी करने के स्थान पर देशभक्ति का मार्ग चुना। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव सर्वाधिक मतों से जीता।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने समानता की लड़ाई लड़ी। संविधान निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, उन्होंने धारा 370 का विरोध किया था। हम उनकी स्मृति में पंच तीर्थ उनके जन्म स्थान, दीक्षा स्थल, कर्मभूमि, शिक्षा स्थल और जहां उन्होंने शरीर त्याग किया वहां तीर्थ स्थल विकसित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्याबाई, रानी दुर्गावती और झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जैसी महान वीरांगनाओं ने देश का गौरव बढ़ाया है। हमारी सरकार ने महिला सशक्तिकरण नीति बनाई है, जिसे शीघ्र लागू किया जायेगा। हमारी सरकार महिलाओं, युवा, किसान और गरीबों के कल्याण के लिए मिशन चला रही है। हम निरंतर बहनों की बेहतरी के लिए कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार महिला, युवा, किसान और गरीबों के कल्याण के लिये मिशन चला रही है। इनकी बेहतरी के लिये योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिये चौतरफा प्रयास किये जा रहे हैं। हाल ही में पूणे में आयोजित निवेशकों के सम्मेलन में अनेक उद्योगपतियों ने प्रदेश में निवेश की सहमति दी है। पूणे के उद्योगपति भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्न अंचलों की नैसर्गिक सुंदरता से भी काफी प्रभावित हैं।

लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विकास नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि यह फ्लाई-ओवर शहर के यातायात प्रबंधन में महती सुधार लाने के साथ यात्रियों को राहत प्रदान करेगा। मंत्री   सिंह ने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर किसी भी राज्य की रीढ़ की हड्डी होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में प्रदेश इस दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमेशा विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है। फ्लाई-ओवर के लोकार्पण की जब बात आई, तब उन्होंने इसे जनता के लिए तुरंत समर्पित करने पर जोर दिया। यह उनकी संवेदनशीलता और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के महानगरों में लगभग 3000 करोड़ रुपए की लागत से एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही 361 पुलों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। मध्यप्रदेश के सुदूर क्षेत्रों तक सड़कों का विस्तार हो रहा है। जहाँ टू-लेन सड़कें थीं, वहाँ फोर-लेन और जहाँ फोर-लेन थीं, वहाँ सिक्स-लेन सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही, एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी तेजी से हो रहा है। मंत्री   सिंह ने कहा कि हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मैंने विभिन्न राज्यों में जाकर विकास कार्यों का अध्ययन किया गया और अब उन मॉडल्स को मध्यप्रदेश में लागू किया जायेगा।

सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित मध्यप्रदेश को स्वर्णिम मध्यप्रदेश बनाने की ओर ले जा रहे हैं। प्रदेश में विकास को गति देने के लिये प्रदेश की टीम पूरी दृढ़ता से कार्य कर रही है। फ्लाई-ओवर जैसे अधोसंरचनात्मक विकास से समाज को लाभ मिलता है और विकास को नई गति भी मिलती है।

हुजूर विधायक  रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकास के नये आयाम जुड़ रहे हैं। भोपाल नगर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में नव निर्मित फ्लाई-ओवर महती भूमिका अदा करेगा। इस फ्लाई-ओवर पर रात में भी दिन का एहसास होगा। भोपाल महापौर  मालती राय ने सभी का आभार माना। इस अवसर पर विधायक   भगवान दास सबनानी, जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

कब आएगी पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त? जानिए सबकुछ

कब आएगी पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त? जानिए सबकुछ

 नई दिल्ली : सरकार की ओर से इस समय देश में कई कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं. इनमें योजनाओं में स्वास्थ्य, पेंशन और आर्थिक जरूरतें पूरी करने वाली स्कीम्स शामिल हैं. अगर आप किसी भी सरकारी योजना के लिए पात्र हैं तो आप आवेदन करके उसका फायदा उठा हो सकते हैं. वहीं, सरकार किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भी चला रही है.

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान इसमें आवेदन करके स्कीम से जुड़ सकते हैं और सरकार की ओर से मिलने वाला आर्थिक लाभ हालिस कर सकते हैं. बता दें कि इस योजना का लाभ सिर्फ उन किसानों को दिया जाता है जो इस योजना के लिए पात्र होते हैं.

कब आएगी किस्त?
ऐसे में अगर आप भी इस योजना के लिए पात्र हैं तो आप भी इसमें आवेदन कर सकते हैं और योजना का लाभ ले सकते हैं. वहीं, जो किसान पहले ही इस योजना से जुड़ चुके हैं, वह अपनी 19वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार फरवरी महीने में 19वीं किस्त जारी कर सकती है. अगर आप भी अपनी अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है.

योजना के तहत कितने मिलते हैं पैसे?
बता दें कि योजना के अंतर्गत सरकार लगभग हर 4 महीने के अंतराल पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त जारी करती है. योजना के तहत हर किस्त में किसानों को 2-2 हजार रुपये देने का प्रावधान है और इस तरह सालाना 6 हजार रुपये दिए जाते हैं. सरकार किस्त की रकम डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर के माध्यम से किसानों के बैंक अकाउंट में भेजती है.

गौरतलब है कि योजना के तहत 18वीं किस्त बीते 5 अक्तूबर को जारी की गई थी. ऐसे में अगली किस्त यानी 19वीं किस्त के चार महीने का समय फरवरी में पूरा हो रहा है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि फरवरी में इसकी 19वीं किस्त जारी हो सकती है. हालांकि, अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.

किन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ?
अगर आप भी किस्त का इंतेजार कर रहे हैं तो तुरंत ई-केवाईसी करवा लें. जिन किसानों ने ई-केवाईसी नहीं करवाई है तो उन्हें किस्त का लाभ नहीं मिलगे. योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपनी भूमि का सत्यापन भी करवाना होता है. ई-केवाईसी की तरह ये काम भी काफी जरूरी होता है.

आपको आधार सीडिंग भी करवानी होती है जिसमें आपको अपने बैंक खाते को आधार कार्ड से लिंक करवाना होता है. अगर आपने ये काम नहीं करवाया है तो आप किस्त के लाभ से वंचित रह सकते हैं.

अब बिना रिचार्ज के 90 दिनों तक चलेगा सिम, TRAI की ओर से नया नियम जारी

अब बिना रिचार्ज के 90 दिनों तक चलेगा सिम, TRAI की ओर से नया नियम जारी

  SIM Card New Rules : टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI की ओर से नया नियम जारी किया गया है, जिसमें बिना रिचार्ज के सिम कार्ड को ज्यादा दिनों तक एक्टिवेट रखने की छूट दी गई है। अगर आप फोन में दो सिम का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है, क्योंकि फोन में ड्यूल सिम कार्ड यूजर करने वाले कों न्यूनतम रिचार्ज कराना होगा है, जिससे सिम कार्ड ब्लॉक न हो जाए। इस मामले में ट्राई ने मोबाइल यूजर्स को थोड़ी राहत दी है। कहने का मतलब है कि बिना रिचार्ज के सिम कार्ड को ज्यादा वक्त तक एक्टिवेट रखा जा सकता है, तो आइए जानते हैं जियो, एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल सिम को बिना रिचार्ज के कितने दिनों तक एक्टिवेट रखा जा सकता है

जियो सिम कार्ड वैलिडिटी रूल

रिलायंस जियो सिम कार्ड को बिना रिचार्ज के 90 दिनों तक एक्टिव रखा जा सकता है। 90 दिनों के बाद सिम को दोबारा एक्टिवेट करना होगा। आपके आखिरी रिचार्ज प्लान के आधार पर इनकमिंग कॉल को एक माह या फिर कुछ हफ्तों के लिए बंद किया जा सकता है। इसके बाद भी अगर सिम कार्ड रिचार्ज नहीं किया जाता है, तो उसे अस्थायी तौर पर बंद कर दिया जाएगा। साथ ही वो नंबर किसी दूसरे यूजर को दे दिया जाएगा।

एयरटेल सिम कार्ड वैलिडिटी नियम

एयरटेल सिम कार्ड बिना किसी रिचार्ज के 90 दिन या उससे ज्यादा वक्त तक एक्टिवेट रखा जा सकता है। इसके बाद यूजर को 15 दिनों की अतिरिक्त छूट मिलती है। इस दौरान यूजर को रिचार्ज कराना अनिवार्य होता है। ऐसा न करने पर मोबाइल नंबर हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। साथ ही उस सिम को दूसरे को आवंटित कर दिया जाएगा।

वोडाफोन-आइडिया सिम कार्ड वैलिडिटी नियम

यूजर बिना रिचार्ज के अपने सिम कार्ड को 90 दिनों तक एक्टिवेट रख सकते है। वही अगर आप अपने सिम को एक्टिवेट रखना चाहते हैं, तो उसमें कम से कम 49 रुपये का रिचार्ज कराना होगा।

बीएसएनएल सिम कार्ड की वैलिडिटी का नियम

सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल के सिम को बिना रिचार्ज के सबसे ज्यादा दिनों तक एक्टिवेट रखा जा सकता है। इसे बिना रिचार्ज के करीब 180 दिनों तक एक्टिव रख सकते हैं। यह लंबा प्लान उन यूजर्स के लिए अच्छा ऑप्शन होगा, जो बार-बार रिचार्ज कराने से बचना चाहते हैं।

20 रुपये में 30 दिन का प्लान

अगर कोई सिम 90 दिन तक एक्टिवेट रहती है, और उसमें 20 रुपये का बैलेंस हैं, तो सिम कार्ड को अगले 30 दिनों तक बंद नहीं किया जाएगा। ऐसे में आप सिम कार्ड को 120 दिनों तक इस्तेमाल कर पाएंगे।