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Sawan Somwar 2024: कब हैं सावन सोमवार? 72 वर्ष बन रहा है दल अद्भुत संयोग, जानें

Sawan Somwar 2024: कब हैं सावन सोमवार? 72 वर्ष बन रहा है दल अद्भुत संयोग, जानें

 Sawan Somwar 2024: सावन माह में सोमवार के दिन का भी विशेष महत्व होता है. सावन सोमवार व्रत मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है. इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.

इसलिए धार्मिक दृष्टि से सावन सोमवार का विशेष महत्व होता है. इस महीने राशि के अनुसार विशेष उपाय करने शिवजी की कृपा प्राप्त होती है. सावन (Sawan 2024) के सोमवार का भक्तों को बहुत इंतजार रहता है.

इस महीने में भोले शंकर की विशेष अराधना की जाती है. लोग शिवजी (Lord Shiva) का रुद्राभिषेक कराते हैं. सावन मास भगवान शिव का सबसे पसंदीदा माह है और इस दौरान यदि कोई श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ भोलेनाथ की आराधना करता है तो उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है.

इस महीने भगवान शिव की विधि-विधान के साथ पूजा होती है. सावन के पावन महीने में शिव के भक्त कावड़ लेकर आते हैं और उस कांवड़ में भरे गंगा जल से शिवजी का अभिषेक करते हैं.

शुभ योगों का संयोग (Sawan Date 2024)
22 जुलाई को सावन के आरंभ होते ही प्रातः 05: 37 से रात्रि 10: 21 तक सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है. वहीं प्रीति योग जो 21 जुलाई को रात्रि 09:11 पर शुरू होगा और 22 जुलाई को सायं 05:58 पर समाप्त होगा. तीसरा योग आयुष्मान योग है जो सायं 05: 58 से आरंभ होकर 23 जुलाई को दोपहर 02:36 पर समाप्त होगा.

सावन में 5 सोमवार (Sawan Somwar)
सावन में 5 सोमवार व्रत रहेंगे. इसके अलावा कई विशेष शुभ योग भी आएंगे. ऐसी मान्यता है कि इस माह में किए गए सोमवार के व्रत का फल बहुत जल्दी मिलता है.

सावन सोमवार की तिथियां (Sawan Somwar List 2024)

22 जुलाई सोमवार- सावन पहला सोमवार
29 जुलाई सोमवार- सावन दूसरा सोमवार
05 अगस्त सोमवार- सावन तीसरा सोमवार
12 अगस्त सोमवार- सावन चौथा सोमवार
19 अगस्त सोमवार – सावन पांचवा सोमवार

सावन का महत्व (Sawan Significance)
सावन (Sawan) के महीने में भगवान शिव की पूजा अर्चना का विशेष फल प्राप्त होता है. मान्यता है इस दिन जो भी पार्वती और भगवान भोलेनाथ की आराधना करता है उसे सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है.

पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान भोलेनाथ को अपने पति के रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने कठोर तपस्या की थी. इसके फलस्वरूप महादेव ने पार्वती जी को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वर दिया.

मान्यता है कि जो भी सावन के सोमवार में भगवान भोलेनाथ की पूरी श्रद्धा के साथ पूजा करता है उसे मनचाहा वर या वधू प्राप्त होता है. इसके अलावा सावन के सोमवार का व्रत रखने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और इसके अलावा राहु-केतु का अशुभ प्रभाव दूर होता है.

मां पार्वती को भी सावन अत्यंत प्रिय
भगवान शंकर को जिस तरह से सावन मास प्रिय है. ठीक उसी तरह से मां पार्वती को भी सावन का महीना अत्यंत प्रिय है. मान्यता है कि सावन महीने में सोमवार के दिन भगवान शंकर की पूजा करने से मनचाहा वरदान प्राप्त होता है.

BREAKING : पुलिस विभाग में बड़ी फेरबदल, 10 आईपीएस अधिकारियों के हुए तबादले, देखें सूची

BREAKING : पुलिस विभाग में बड़ी फेरबदल, 10 आईपीएस अधिकारियों के हुए तबादले, देखें सूची

 लखनऊ : उत्तरप्रदेश में बड़ी फेरबदल की गई है, राज्य सरकार ने 10 आईपीएस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी कर दिया है, जारी आदेश के अनुसार शामली कमांडर अभिषेक झा -बिजनौर के कमांडर बनाए गए, बिजनौर कमांडर नीरज जादौन हरदोई के कमांडर बनाए गए, आईपीएस गौरव बंसवाल डीसीपी बनारस बनाए गए, आईपीएस गौरव बंसवाल डीसीपी बनारस बनाए गए, जालौन कमांडर ईराज राजा गाजीपुर के बनाए गए है।

बंगाल में चला ‘दीदी’ का जादू! चारों विधानसभा सीट पर TMC बढ़त,उत्तराखंड-हिमाचल और MP की 6 में से 5 सीटों पर कांग्रेस आगे

बंगाल में चला ‘दीदी’ का जादू! चारों विधानसभा सीट पर TMC बढ़त,उत्तराखंड-हिमाचल और MP की 6 में से 5 सीटों पर कांग्रेस आगे

 पश्चिम बंगाल :- लोकसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में 4 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराए गए थे। शनिवार को उप चुनाव के रिजल्ट के लिए काउंटिंग शुरू हो गई। जिन चार विधानसभा सीटों पर उप चुनाव हुए थे, उनमें से कोलकाता का मानिकतला, उत्तर 24 परगना के बागदा, नादिया के राणाघाट दक्षिण और उत्तर दिनाजपुर का रायगंज है। नतीजों में कई दिग्गज उम्मीदवारों पर खास नजर है। बीजेपी और टीएमसी दोनों ही दलों के लिए ये सीटें प्रतिष्ठा का सवाल है।

पश्चिम बंगाल की चारों सीटों पर TMC आगे चल रही है। पिछली बार तीन सीटें बीजेपी ने जीती थीं। बिहार के रुपौली में JDU उम्मीदवार कलाधर प्रसाद मंडल आगे चल रहे हैं। JDU से राजद में गईं बीमा भारती पीछे हैं।हिमाचल प्रदेश की तीन में से दो सीटों पर कांग्रेस आगे हैं। उत्तराखंड की दोनों सीटों पर कांग्रेस बढ़त बनाई हुई है। एमपी के अमरवाड़ा में कांग्रेस के धीरन शाह 4400 वोटों से बीजेपी के कमलेश शाह से आगे हैं। पंजाब के जालंधर पश्चिम सीट से AAP उम्मीदवार मोहिंदर भगत आगे हैं।लोकसभा चुनाव के बाद NDA और इंडिया ब्लॉक के बीच ये पहला चुनावी मुकाबला है। पिछले चुनावों में इन 13 सीटों में से बीजेपी ने 3 सीटें जीती थीं। अन्य 10 में से कांग्रेस ने 2 और अन्य पार्टियों ने 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

मध्य प्रदेश के अमरवाड़ा में 2013 से कांग्रेस जीत रही

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा की अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर लगातार तीन बार से विधायक कमलेश शाह ने 2023 में कांग्रेस के टिकट से चुनाव में जीत दर्ज की। इसके 6 महीने बाद ही कमलेश कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए।

तमिलनाडु के विक्रवंडी में विधायक की मौत के कारण उपचुनाव

तमिलनाडु में विक्रवंडी सीट से विधायक रहे एन पुगाझेंथी का इसी साल अप्रैल में निधन हो गया था। उपचुनाव में AIADMK के मैदान में न होने के कारण एनडीए की सहयोगी पट्टाली मक्कल काची (PMK) ने से.सी. अंबुमणि को मैदान में उतारा है।

Crime : मायके जाने की जिद कर रही थी पत्नी, पति ने कुल्हाड़ी से काट डाला गर्दन

Crime : मायके जाने की जिद कर रही थी पत्नी, पति ने कुल्हाड़ी से काट डाला गर्दन

 खुरई : सागर जिले के मालथौन थाना क्षेत्र के धौर्रा गांव में पति ने अपनी मूकबधिर पत्नी की केवल इस वजह से हत्या कर दी क्योंकि वह मायके जाने की जिद कर रही थी। पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।सागर जिले के मालथौन थाना क्षेत्र के धौर्रा गांव में एक पत्नी को मायके जाने की जिद करना इतना भारी पड़ा कि पति ने उसकी कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पति को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी देते हुये मालथौन थाना प्रभारी योगेन्द्र सिंह दांगी ने बताया कि धौर्रा गांव निवासी मोहनी कुशवाहा मायके जाने की जिद कर रही थी। लेकिन उसके पति राजेश उसको मायके जाने से मना कर रहा था। लेकिन पत्नी जिद करने लगी। तो दोनों के बीच विवाद होने लगा। गुस्साये पति ने कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। जिससे उसकी वहीं मौत हो गई।-

पुलिस ने आरोपी पति राजेश कुशवाहा को गिरफ्तार कर खुरई न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि मृतक महिला मूक बधिर थी और दोनों के सात साल से कम उम्र के 6 बच्चे हैं।

केंद्र सरकार का एलान….25 जून को मनाया जाएगा ‘संविधान हत्या दिवस’

केंद्र सरकार का एलान….25 जून को मनाया जाएगा ‘संविधान हत्या दिवस’

 दिल्ली :-  केंद्र सरकार ने 25 जून को हर साल ‘संविधान हत्या दिवस’ के तौर पर मनाने का ऐलान किया है। इसे लेकर केंद्र सरकार की ओर से शुक्रवार को नोटिफिकेशन जारी हुआ। इसमें कहा गया, ’25 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा की गई थी। इसके बाद उस समय की सरकार की ओर से सत्ता का घोर दुरुपयोग किया गया और भारत के लोगों पर ज्यादतियां और अत्याचार किए गए। जबकि, भारत के लोगों को भारत के संविधान और भारत के मजबूत लोकतंत्र पर दृढ़ विश्वास है। इसलिए, भारत सरकार ने आपातकाल की अवधि के दौरान सत्ता के घोर दुरुपयोग का सामना और संघर्ष करने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि देने के जिए 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ घोषित किया है। भारत के लोगों को भविष्य में किसी भी तरह से सत्ता के घोर दुरुपयोग का समर्थन नहीं करने के लिए फिर से प्रतिबद्ध किया है।’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके कहा, ’25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी तानाशाही मानसिकता को दर्शाते हुए देश में आपातकाल लगाकर भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का गला घोंट दिया था। लाखों लोगों को अकारण जेल में डाल दिया गया और मीडिया की आवाज को दबा दिया गया। भारत सरकार ने हर साल 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय किया है। यह दिन उन सभी लोगों के विराट योगदान का स्मरण कराएगा, जिन्होंने 1975 के आपातकाल के अमानवीय दर्द को झेला था।’

अमित शाह ने अपनी पोस्ट में आगे कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की ओर से लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य उन लाखों लोगों के संघर्ष का सम्मान करना है, जिन्होंने तानाशाही सरकार की असंख्य यातनाओं व उत्पीड़न का सामना करने के बावजूद लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए संघर्ष किया। ‘संविधान हत्या दिवस’ हर भारतीय के अंदर लोकतंत्र की रक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की अमर ज्योति को जीवित रखने का काम करेगा, ताकि कांग्रेस जैसी कोई भी तानाशाही मानसिकता भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न कर पाए।’

 
अरविंद केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट..

अरविंद केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट..

 नई दिल्ली। आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग केस में ईडी द्वारा गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को अपना फैसला सुनाएगा।

शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड 12 जुलाई की कार्यसूची के अनुसार, जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ याचिका पर फैसला सुनाएगी। इस पीठ में जस्टिस दीपांकर दत्ता भी शामिल हैं। 17 मई को पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।

15 अप्रैल को ईडी से जवाब तलब किया था
केजरीवाल की याचिका पर शीर्ष अदालत ने 15 अप्रैल को ईडी से जवाब तलब किया था। केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट के नौ अप्रैल के आदेश को चुनौती दी है जिसने उनकी गिरफ्तारी को बरकरार रखा था।

हाईकोर्ट का कहना था कि इसमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं है और बार-बार समन किए जाने के बाद भी पेश नहीं होने और जांच में शामिल होने से इनकार के बाद ईडी के पास कम विकल्प बचे थे। केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था

मनी लांड्रिंग के मामले में केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। 20 जून को ट्रायल कोर्ट ने उन्हें एक लाख रुपये के पर्सनल बांड पर जमानत प्रदान कर दी थी। इसके बाद ईडी ने अगले ही दिन उसे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने 21 जून को ट्रायल कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक और 25 जून को विस्तृत आदेश जारी कर रोक लगा दी थी।

NEET Paper Leak Case : CBI ने सीलबंद लिफाफे में दाखिल की जांच रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई

NEET Paper Leak Case : CBI ने सीलबंद लिफाफे में दाखिल की जांच रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई

 NEET पेपर लीक मामले में CBI ने सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट गुरुवार को दाखिल कर दी है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में एनटीए ने भी अपना जवाब दाखिल किया था. शिक्षकों द्वारा सीबीआई पर सवाल उठाया जा रहा है कि जब कोई गड़बड़ी हुई ही नहीं है तो हजारी बाग में जला हुआ पेपर क्या है?

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने स्थापित किया है कि एनईईटी यूजी घोटाले से संबंधित पेपर हजारी बाग के ओएसिस स्कूल द्वारा लीक किया गया था. वहां पहुंचे कागजात के दो सेट की सील टूटी हुई थी और स्कूल का स्टाफ मामले को जानकारी निर्धारित लोगों को देने की बजाय चुप्पी साधे रहा.दरअसल, सीबीआई की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि नीट की परीक्षा दोबारा कराई जाएगी कि नहीं.

एनटीए ने कहा था किसी ट्रंक से कोई पेपर नहीं हुआ था गायब

NTA ने अपने जवाब में कहा कि पटना/हजारीबाग मामले में किसी भी ट्रंक में कोई प्रश्न पत्र गायब नहीं पाया गया. प्रत्येक प्रश्न पत्र में एक अद्वितीय क्रमांक होता है और उसे एक विशेष उम्मीदवार को सौंपा जाता है.

साथ ही बताया गया कि कोई भी ताला टूटा हुआ नहीं मिला. एनटीए पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में कुछ भी प्रतिकूल नहीं बताया गया. कमांड सेंटर में सीसीटीवी कवरेज की लगातार निगरानी की गई थी. इसलिए कोई अप्रिय घटना या पेपर लीक होने का कोई संकेत नहीं मिला था.

बड़ा खुलासा: 2012 में मर्डर,शीना बोरा की गायब हडि्डयां दिल्ली के सीबीआई ऑफिस में मिली,आखिर ये माजरा क्या है?

बड़ा खुलासा: 2012 में मर्डर,शीना बोरा की गायब हडि्डयां दिल्ली के सीबीआई ऑफिस में मिली,आखिर ये माजरा क्या है?

 शीना बोरा हत्याकांड में एक बड़ा खुलासा हुआ है. शीना बोरा की गायब हड्डियों का पता चल गया है. उनकी हडि्डयां दिल्ली के सीबीआई ऑफिस में मिली हैं. अभियोजन पक्ष ने बुधवार को ट्रायल कोर्ट में इसकी जानकारी दी. इससे पहले उसने बताया था कि शीना बोरा के अवशेषों का पता नहीं चल पाया है.

शीना बोरा की गायब हड्डियां नहीं मिलीं मगर इसके एक महीने बाद 10 जूलाई को सीबीआई ने अदालत को बताया कि शीना बोरा की गायब हुईं हडि्डयां सीबीआई के दिल्ली वाले ऑफिस में मिल गई हैं. अभियोजक सी जे नंदोडे ने कहा कि ऑफिस के मालखाने की फिर से तलाशी लेने पर उनकी (शीना बोरा) हड्डियां पड़ी मिलीं.हालांकि, अभियोजन पक्ष का कहना है कि वह इन अवशेषों को सबूत के तौर पर पेश नहीं करेगा. दरअसल, इस बात का खुलासा उस दिन हुआ, जब ट्रायल कोर्ट को मिले एक ईमेल में आरोप लगाया गया कि शीना की हड्डियां गायब नहीं हुई थीं, बल्कि वे एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट के पास हैं, जिसने उनकी जांच की थी और जो गवाह के तौर पर कोर्ट में गवाही दे रहा था.

2012 में हुई थी शीना बोरा की हत्या

शीना बोरा की साल 2012 में हत्या कर दी गई थी. इस हत्या में शीना की मां इंद्राणी मुखर्जी मुख्य आरोपी हैं. फिलहाल वो जमानत पर बाहर हैं. इंद्राणी मुखर्जी ने अपने पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर श्यामवर राय के साथ मिलकर शीना की हत्या की थी. हत्या के बाद उसके शव को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के एक जंगल में जला दिया था. पुलिस ने यहां से कुछ हड्डियां जब्त की थीं.सीबीआई ने इन्हें शीना बोरा के अवशेष बताया था. दरअसल, शीना बोरा की हत्या का मामला 2015 में सबके सामने आया था. इस मामले में अब तक 80 से ज्यादा गवाहों ने गवाही दी है. पिछले महीने इन हडि्डयों के न मिलने से फॉरेंसिक विशेषज्ञ की गवाही को रोक दिया गया था. हालांकि, CBI का कहना है कि वह इन अवशेषों को सबूत के तौर पर पेश नहीं करेगी. मामले की अगली सुनवाई अब 12 जुलाई को होगी.

पतंजलि के 14 प्रोडक्ट्स की बिक्री पर बैन, मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस सस्पेंड,सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

पतंजलि के 14 प्रोडक्ट्स की बिक्री पर बैन, मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस सस्पेंड,सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

 नई दिल्ली :- पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने बाजार में अपने 14 प्रोडक्ट्स की बिक्री रोक दी है। उत्तराखंड ने 29 अप्रैल में इन प्रोडक्ट्स के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस सस्पेंड किए थे। पतंजलि ने मंगलवार (9 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट में इसकी जानकारी दी।

14 प्रोडक्ट्स वापस लेने का निर्देश
 
कंपनी ने जस्टिस हिमा कोहली और संदीप मेहता की बेंच को बताया कि लाइसेंस रद्द होने के बाद 5,606 फ्रेंचाइजी स्टोर्स को 14 प्रोडक्ट्स वापस लेने का निर्देश दिया गया है। साथ ही मीडिया प्लेटफार्म्स से भी प्रोडक्ट्स के विज्ञापन वापस लेने का निर्देश दिया गया है।
 
अगली सुनवाई 30 जुलाई को 
 
बेंच ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को दो सप्ताह के भीतर एक एफिडेविट दायर करने का निर्देश दिया है। इसमें कपंनी को बताना है कि क्या सोशल मीडिया को-आर्डिनेटर्स ने इन प्रोडक्ट्स के विज्ञापन हटाने के उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया है और क्या उन्होंने विज्ञापन वापस ले लिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई अब 30 जुलाई को होगी।
 
प्रोडक्ट्स बिक्री बैन के प्रमुख बिंदू
  1. Products Banned:

    • The sale of 14 Patanjali products has been banned.
  2. Manufacturing License Suspended:

    • Patanjali's manufacturing license for these products has been suspended.
  3. Supreme Court Involvement:

    • Information regarding the ban and license suspension has been communicated to the Supreme Court.
  4. Reason for Ban:

    • The specific reasons for the ban and license suspension were not mentioned in the key points provided.
  5. Impact:

    • This action may affect the availability of these Patanjali products in the market and could have broader implications for the company's operations.
इन प्रोडक्ट्स पर लगाया गया बैन
 
पतंजलि के दिव्य फार्मेंसी के 14 प्रोडक्ट्स पर बैन लगाया गया है। इसमें पतंजलि दृष्टि आई ड्रॉप के अलावा श्वासारि गोल्ड, श्वासारि वटी, दिव्य ब्रोंकोम, श्वासारि प्रवाही, श्वासारि अवलेह, मुक्ता वटी एक्स्ट्रा पॉवर, लिपिडोम, बीपी ग्रिट, मधुग्रिट, मधुनाशिनी वटी एक्स्ट्रा पॉवर, लिवामृत एडवांस, लिवोग्रिट, आईग्रिट गोल्ड शामिल है।
बढ़ सकती है HDFC, Axis, Yes Bank के ग्राहकों परेशानी, तुरंत जानें ये अपडेट

बढ़ सकती है HDFC, Axis, Yes Bank के ग्राहकों परेशानी, तुरंत जानें ये अपडेट

 नई दिल्ली: देश में ग्राहकों के हितों की लिए और बैंकिंग कामकाज ठीक से चले तो इसके लिए केंद्रीय बैंक समय-समय पर ऐसे जरूरी अपडेट लाती रहती है। तो वही अगर आप एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और यस बैंक के ग्राहक है तो आपकी परेशानी पड़ सकती है। आपको बता दें कि 30 जून से क्रेडिट कार्ड पेमेंट पर से नए नियम लागू हो गए हैं। जिससे अभी ऐसी कई बैंक है। जिन्होंने अपने यहां पर अपने इस सिस्टम को अपनाया नहीं है।

 
जिससे अगर आप भी इन बैंकों के क्रेडिट कार्ड रखते हैं, तो आपको परेशानी में डाल सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है। कि देश के प्रमुख छह बैंकों ने अभी तक फोन पे और पेटीएम जैसे तीसरे थर्ड पार्टी के ऐप के माध्यम से होने वाले से क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट लेने के लिए अपने भारत बिल पेमेंट प्रणाली (BBPS) को एक्टिव नहीं किया है।
 
आप को याद दिला दें कि आरबीआई की डेट लाइन 30 जून तक थी जिसे आप इस सिस्टम को एक्टिवेट न करने पर ग्राहकों को बड़ी परेशानी हो सकती है।खबरों में बताया जा रहा हैं कि देश में कुल 12 बैंक पहले ही अपने बीबीपीएस को एक्टिव कर चुके हैं। जिसमें कोटक महिंद्रा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक, एयू बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, फेडरल बैंक, इंडसइंड बैंक, सारस्वत बैंक, एसबीआई और यूनियन बैंक है।
 
हालांकि अभी तक बैंक एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईडीएफसी बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और Yes बैंक ने भारत बिल पेमेंट प्रणाली (BBPS) को एक्टिव नहीं किया है। तो वही बताया जा रहा हैं कि इन बैंकों को और भी समय लग सकता है, जिससे भारतीय बैंक संघ (IBA) इस मामले पर आरबीआई के साथ संपर्क कर रहा है।
 
दरअसल आरबीआई का लक्ष्य पेमेंट ट्रेंड्स पर बेहतर विजिबिलिटी के लिए और और केंद्रीकृत पेमेंट प्रणाली के माध्यम से धोखाधड़ी वाले लेनदेन को ट्रैक करने में क्षमता में सुधार करना चाहता है, जिससे यहां पर भारत बिल पेमेंट प्रणाली के तरह लाने का काम कर रहा है।
भीषण सड़क हादसा : यात्रियों से भरी डबल डेकर बस पलटी, 18 लोगों की मौत, कई घायल

भीषण सड़क हादसा : यात्रियों से भरी डबल डेकर बस पलटी, 18 लोगों की मौत, कई घायल

  उन्‍नाव :- यूपी के उन्‍नाव में लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे पर बुधवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया। बिहार के मोतिहारी से दिल्‍ली जा रही एक स्‍लीपर बस ने पीछे से दूध केे टैंकर में जोरदार टक्‍कर मार दी। इसमें लगभग आधी बस बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त हो गई। बस और टैंकर दोनों एक्सप्रेस-वे पर पलट गए। इस भीषण सड़क हादसे में बस में सवार 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। 30 से ज्‍यादा लोग घायल हो गए हैं।सभी घायलों को बांगरमऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हादसे के बाद चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस स्‍थानीय लोगों की मदद से रेस्‍क्‍यू कर घायलों को अस्‍पताल पहुंचाया।

हादसे की शिकार हुई बस बिहार के मोतिहारी जिले के पिपरा कोठी से मजदूरों को लेकर दिल्ली के भजनपुरा के लिए मंगलवार की शाम 5 बजे रवाना हुई थी। बुधवार की सुबह 5 बजे के करीब स्लीपर बस बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र में आगरा- लखनऊ एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर संख्या 247 पर गांव गढ़ा के पास पहुंची। पुलिस का कहना है कि ड्राइवर बस को लापरवाही से चला रहा था। उसने बाईं ओर से ओवरटेक करने के चक्‍कर में पीछे से टैंकर में टक्‍कर मार दी। करीब आधी बस बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त हो गई है।

टैंकर से टकराने के बाद बस बेकाबू होकर पलट गई। टैंकर भी पलट गया। हादसे के बाद हाहाकार मच गया। घायलों के बीच से चारोंं तरफ चीख-पुकार मच गई। बस के बचे हुए लोग मदद के लिए पुकार रहे थे। आसपास के लोगों ने किसी तरह उन्‍हें बाहर निकालने की कोश‍िश की। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने कई लोगों को रेस्क्यू कर अस्‍पताल पहुंचाया।

उन्‍नाव हादसे पर सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने दुख जताया है। उन्‍होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म ‘एक्‍स’ पर एक पोस्‍ट में उन्‍होंने लिखा, ‘जनपद उन्नाव में सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।’

BREAKING : अब 13 साल से छोटे बच्चे भी ले सकेंगे 9वीं कक्षा में एडमिशन, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

BREAKING : अब 13 साल से छोटे बच्चे भी ले सकेंगे 9वीं कक्षा में एडमिशन, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

 भोपाल : मध्यप्रदेश में स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है, स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर 9वीं में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु (13 वर्ष) के बंधन में छूट दे दी है। अब 13 साल से दो-पांच महीने कम उम्र होने पर भी 9वीं में प्रवेश मिल जाएगा। इसका लाभ प्रदेश में 15 हजार से अधिक बच्चों को मिलने की उम्मीद है। बता दें कि 8वीं उत्तीर्ण कर चुके 13 साल से कम उम्र के बच्चों को 9वीं में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था और न ही हाईस्कूल-हायर सेकंडरी परीक्षा के लिए उनके नामांकन कराए जा रहे थे।

स्कूल में प्रवेश के लिए 6 वर्ष आयु सीमा तय है। इसका पालन कराने का जिम्मा राज्य शिक्षा केंद्र पर है, पर देखने में आया है कि राज्य शिक्षा केंद्र नियम का पालन नहीं करा पा रहा है, जिस कारण 12 वर्ष और कुछ माह में विद्यार्थी 8वीं उत्तीर्ण कर तो लेता है, पर उसे 9वीं में प्रवेश नहीं दिया जाता। क्योंकि लोक शिक्षण संचालनालय के इस नियम को मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस वर्ष से अपने प्रवेश नियमों में शामिल कर लिया है। 12 जुलाई प्रवेश की अंतिम तारीख है। ऐसे में जिलों से लगातार मांग उठ रही थी कि 9वीं में प्रवेश के लिए आयु सीमा के बंधन को शिथिल किया जाए। उल्लेखनीय है कि ऐसे बच्चे सबसे ज्यादा सरकारी स्कूलों में हैं।

 

Breaking : कांग्रेस के छह बार विधायक रह चुके रामनिवास रावत को भाजपा ने क्यों बनाया मंत्री? जानिए बड़ी वजह

Breaking : कांग्रेस के छह बार विधायक रह चुके रामनिवास रावत को भाजपा ने क्यों बनाया मंत्री? जानिए बड़ी वजह

Mohan Cabinet Breaking :- मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है. जिसमें लोकसभा चुनाव के के ठीक पहले कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए कद्दावर नेता रामनिवास रावत ने मंत्री पद की शपथ ली है

बता दें कि, रामनिवास रावत कांग्रेस से छह विधायक रह चुकें है. श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट से लगातार चुनाव जीतकर आ रहे रामनिवास रावत को मंत्री बनाया गया है. ओबीसी वर्ग के आने वाले रामनिवास रावत ग्वालियर-चंबल संभाग में अच्छी पकड़ रखते हैं. वे मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

विजयपुर विधानसभा सीट पर भविष्य में उपचुनाव होना है. इसके पहले रामनिवास रावत को बीजेपी सरकार में मंत्री बनाकर उनका कद काफी बढ़ा दिया गया है, ताकि चुनाव के दौरान उन्हें फायदा मिल सके. रामनिवास रावत को मंत्री बनाकर कांग्रेस के विधायकों यह संदेश दे दिया गया है कि बीजेपी सरकार में वरिष्ठ विधायकों की क्या अहमियत है.

 
पीएम नरेंद्र मोदी का 2 दिवसीय रूस दौरा आज से शुरू, जानें किन मुद्दों पर होगी बात

पीएम नरेंद्र मोदी का 2 दिवसीय रूस दौरा आज से शुरू, जानें किन मुद्दों पर होगी बात

 नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर सोमवार दोपहर को रूस पहुंचेंगे। वे यहां राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वार्षिक बैठक में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी 8 और 9 जुलाई को रूस में रहेंगे, यहां अहम मीटिंग और चर्चा के बाद एक दिवसीय दौरे पर ऑस्ट्रिया भी जाएंगे। 

 
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल में यह उनकी पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा है। साथ ही फरवरी 2022 में यूक्रेन के साथ युद्ध शुरू होने के बाद रूस का पहला दौरा है। इससे पहले नरेंद्र मोदी 2019 में इकोनॉमिक समिट के लिए व्लादिवोस्तोक गए थे।
 
इस दौरे पर 22वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन होगा। बता दें कि रूस कई दशक से भारत का प्रमुख सहयोगी रहा है। बता दें कि भारत रशियन ऑयल का तीसरा सबसे बड़ा आयातक है। आइए जानते हैं, पीएम मोदी के रूस दौरे किन महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात हो सकती है।
 
1) पीएम मोदी के सोमवार दोपहर (IST) तक रूस पहुंचने की उम्मीद है। मोदी और पुतिन के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी में उच्चतम संस्थागत संवाद तंत्र है। आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, मोदी और पुतिन अपनी बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा करेंगे और आपसी हित के समसामयिक क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
 
2) मोदी का मास्को में कार्यक्रम- पुतिन के साथ एक निजी बैठक, प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता, सीमित बातचीत, पुतिन द्वारा प्रधानमंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल के लिए आयोजित एक दोपहर का भोजन और VDNKH कॉम्प्लेक्स के रोसाटॉम मंडप में एक प्रदर्शनी केंद्र का दौरा शामिल है। वह भारतीय प्रवासी के एक सभा को भी संबोधित करेंगे।
 
3) क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने रूस की सरकारी VGTRK टेलीविजन चैनल को बताया कि - "स्पष्ट रूप से, एजेंडा विस्तृत होगा, अगर इसे अत्यधिक व्यस्त न कहा जाए। यह एक आधिकारिक यात्रा होगी और हमें उम्मीद है कि प्रमुख अनौपचारिक रूप से भी बात कर सकेंगे... हम एक बहुत अहम और पूर्ण यात्रा की उम्मीद कर रहे हैं, जो रूस-भारत संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
 
4) इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को कहा कि मोदी की रूस यात्रा उनके और पुतिन के लिए "व्यापार सहित कई मुद्दों पर सीधे बातचीत करने का एक बड़ा अवसर" है। उनके अनुसार, भारत और रूस के बीच कुछ मुद्दों का समाधान करने की आवश्यकता है। 
 
5) जयशंकर ने कहा, "कुछ मुद्दे हैं... जैसे व्यापार असंतुलन... इसलिए, नेतृत्व स्तर पर, यह प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के लिए एक-दूसरे के साथ सीधे बात करने का एक बड़ा अवसर होगा। और फिर स्पष्ट रूप से, उनकी दिशा-निर्देश के अनुसार, हम देखेंगे कि संबंधों को कैसे आगे बढ़ाया जाए।
 
  बता दें कि 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से मोदी की पहली मास्को यात्रा है। हालांकि, मोदी ने पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ कई बार टेलीफोन पर बातचीत की है, जिसमें युद्ध को समाप्त करने के महत्व पर जोर दिया गया है, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है।
 

 

Crime : ट्रिपल मर्डर से क्षेत्र में फैली सनसनी, पति-पत्नी और बेटे की गला रेतकर हत्या...जानिए क्या है पुरा मामला

Crime : ट्रिपल मर्डर से क्षेत्र में फैली सनसनी, पति-पत्नी और बेटे की गला रेतकर हत्या...जानिए क्या है पुरा मामला

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना प्रकाश में आई है। यहां नंदगंज थाना क्षेत्र के ग्राम खिलवा कुसम्ही कलागांव में रविवार की रात पति-पत्नी और पुत्र की अज्ञात बदमाशों ने धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। इस वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 
 
बता दें कि ग्राम खिलवा कुसम्ही कला गांव के निवासी मुंशी बिंद 45 वर्ष और पत्नी देवंती 40 वर्ष घर के बाहर झोपड़ी में अलग-अलग चारपाई पर सो रही थी। जबकि पुत्र बड़ा रामशीष 20 वर्ष घर में सो रहा था। वहीं छोटा पुत्र आशीष गांव पर आए आर्केस्ट्रा को देखने चला गया था। जब आशीष रात 2 बजे घर आया तो देखा कि बाहर सो रहे माता पिता लहूलुहान मृत पड़े हैं। इसके बाद शोर मचाते हुए घर में सो रहे बड़े भाई को जगाने गया तो उसे भी मृत देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
 
उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। घटना की सूचना मिलते ही लोग मौके पर पहुंचे और शवों को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और लोगों से पूछताछ की। जानकारी होते ही कुछ देर बाद एसपी ओमवीर सिंह पहुंचे और छानबीन करने के साथ परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ में जुटे रहे। वहीं, इस मामले में पुलिस अधीक्षक का कहना है कि प्रथम दृष्टया प्रतीत हो रहा है कि सुनियोजित ढंग से हत्या को अंजाम दिया गया है, क्योंकि तीनों के गले पर ही वार किया गया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। 
महिलाओं को पीरियड्स के दिनों में छुट्टी मिलेगी ? याचिका पर SC ने केंद्र को दिए यह अहम निर्देश

महिलाओं को पीरियड्स के दिनों में छुट्टी मिलेगी ? याचिका पर SC ने केंद्र को दिए यह अहम निर्देश

 नई दिल्ली : महिलाओं को पीरियड लीव मिलना चाहिए या नहीं, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को अहम निर्देश दिए है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को राज्यों और अन्य हितधारकों से परामर्श कर महिला कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म अवकाश पर एक आदर्श नीति तैयार करने का आदेश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला तथा न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने साफ कहा कि यह नीति से जुड़ा मुद्दा है और इस पर न्यायालय को विचार नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, महिलाओं को इस तरह की छुट्टी देने के बारे में SC का ऐसा निर्णय प्रतिकूल और ‘हानिकारक’ साबित हो सकता है, क्योंकि नियोक्ता उन्हें काम पर रखने से बच सकते हैं।

BREAKING : पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान मची भगदड़, एक की मौत, 400 श्रद्धालु घायल

BREAKING : पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान मची भगदड़, एक की मौत, 400 श्रद्धालु घायल

 BIG BREAKING : ओडिशा के पुरी में भगवान बलभद्र के रथ तालध्वज को खींचने के दौरान भगदड़ मच गई। इस हादसे में एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि 400 से ज्यादा लोग घायल हो गए। भगदड़ में दो पुलिस कर्मचारी भी घायल हुए हैं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

बता दें कि पुरी में लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए उमड़े थे। दोपहर बाद करीब 5:20 बजे पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने रथों की पूजा-अर्चना की और छेरा पहरा रस्म अदा की।

इसके बाद जैसे ही भगवान बलभद्र के रथ तालध्वज को खींचने की प्रक्रिया शुरू हुई, भीड़ बेकाबू हो गई। देखते ही देखते भगदड़ मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे और एक-दूसरे पर गिरने लगे। भगदड़ इतनी ज्यादा थी कि लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला।

फ़िलहाल इस हादसे में मृत श्रद्धालु की पहचान नहीं हो पाई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मृतक श्रद्धालु ओडिशा से बाहर का रहने वाला था।

इस हादसे पर दुख जताते हुए स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा कि घायलों को हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को हादसे की जांच के आदेश दिए हैं।

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में 5 आतंकी ढेर, 2 जवान शहीद,राजौरी में आर्मी कैंप पर हुआ हमला

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में 5 आतंकी ढेर, 2 जवान शहीद,राजौरी में आर्मी कैंप पर हुआ हमला

जम्मू कश्मीर :-  राजौरी में भारतीय सेना के शिविर पर आतंकवादी हमले एक और घटना सामने आई है. मांझकोट क्षेत्र के ग्लूटी गांव में आतंकियों ने सेना के पोस्ट पर तैनात जवान पर फायरिंग की

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस मुठभेड़ में सेना के दो जवान शहीद हो गए थे. जबकि सेना ने 5 आतंकियों को मारा गिराया था. इससे पहले सेना को दो अलग-अलग जगहों पर आतंकवादियों की मौजूदगी जानकारी मिली थी. इसके बाद सेना ने आतंक विरोधी अभियान चलाया था. इस दौरान ही सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस मुठभेड़ को लेकर पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया था कि जिले के फ्रिसल चिन्निगम इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबालों के बीच मुठभेड़ हुई.

सुबह 3:50 बजे हुई. अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भागने में सफल रहे

गोलीबारी के दौरान सतर्क सुरक्षा चौकी पर तैनात जवान  ने आतंकवादियों पर फायरिंग की. इस घटना सुबह 3:50 बजे हुई. अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी भागने में सफल रहे. आतंकवादियों को पकड़ने के लिए सेना और पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. इसको लेकर सेना की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा आज: पुरी धाम सज-धजकर तैयार,इस दिन गुंडीचा मंदिर पहुंचेंगे भगवान, जानिए इतिहास से लेकर सबकुछ

विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा आज: पुरी धाम सज-धजकर तैयार,इस दिन गुंडीचा मंदिर पहुंचेंगे भगवान, जानिए इतिहास से लेकर सबकुछ

 भारत के चार धामों में से एक है जगन्नाथपुरी। कहते हैं कि यहां बाकी के तीनों धाम जाने के बाद अंत में आना चाहिए। उड़ीसा राज्य में स्थित पुरी में श्रीजगन्नाथ मंदिर वैष्णव सम्प्रदाय का एक प्रसिद्द हिन्दू मंदिर है जो जग के स्वामी भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है। जगन्नाथपुरी को धरती का वैकुंठ कहा गया है

पुराणों के अनुसार पुरी में भगवान कृष्ण ने अनेकों लीलाएं की थीं और नीलमाधव के रूप में यहां अवतरित हुए। उड़ीसा स्थित यह धाम भी द्वारका की तरह ही समुद्र तट पर स्थित है। जगत के नाथ यहां अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजते हैं। तीनों ही देव प्रतिमाएं काष्ठ की बनी हुई हैं। हर बारह वर्ष बाद इन मूर्तियों को बदले जाने का विधान है। पवित्र वृक्ष की लकड़ियों से पुनः मूर्तियों की प्रतिकृति बनाकर फिर से उन्हें एक बड़े आयोजन के साथ प्रतिष्ठित किया जाता है। वेदों के अनुसार भगवान हलधर ऋग्वेद स्वरूप हैं, श्री हरि (नृसिंह) सामदेव स्वरूप हैं, सुभद्रा देवी यजुर्वेद की मूर्ति हैं और सुदर्शन चक्र अथर्ववेद का स्वरूप माना गया है। यहां श्री हरि दारुमय रूप में विराजमान हैं। वर्तमान मंदिर का निर्माण कार्य कलिंग राजा अनंतवर्मन चोडगंगदेव ने आरम्भ कराया था।

आपको बता दें कि रथय़ात्रा आषाढ़ की द्वितीया तिथि आज सुबह 3 बजकर 44 मिनट से प्रारंभ हो गई है और इसका समापन 8 जुलाई को सुबह 4 बजकर 14 मिनट पर होगी। आज के दिन पांच शुभ योग बन रहें हैं जो बहुत ही दुर्लभ है और ये हर राशि को सुख, शांति प्रदान करने वाले हैं।

दस दिन का पूरा शेड्यूल

रथ यात्रा का प्रारंभ आज (7 जुलाई 2024) – इस दिन भगवान जगन्नाथ, प्रभु बलराम और देवी सुभद्रा तीन रथों पर सवार होकर सिंहद्वार से निकलकर गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान करेंगे। 8 से 15 जुलाई 2024 तीनों लोग गुंडिचा मंदिर में रहेंगे, जहां पर भक्त इन तीनों का दर्शन कर सकते हैं। रथ यात्रा का समापन- 16 जुलाई 2024 को, इस दिन भगवान जगन्नाथ, प्रभु बलराम और देवी सुभद्रा तीनों वापस जगन्नाथ मंदिर आएंगे।

जगन्‍नाथ यात्रा का महत्‍व
भगवान जगन्‍नाथ और उनके भाई-बहन के रथ नीम की परिपक्‍व और पकी हुई लकड़ी से तैयार किए जाते हैं। इसे दारु कहा जाता है। रथ को बनाने में केवल लकड़ी को छोड़कर किसी अन्‍य चीज का प्रयोग नहीं किया जाता है। भगवान जगन्‍नाथ के रथ में कुल 16 पहिए होते हैं और यह बाकी दोनों रथों से बड़ा भी होता है। रथ यात्रा में कुछ धार्मिक अनुष्‍ठान भी किए जाते हैं। मान्‍यता है कि इस रथ यात्रा का साक्षात दर्शन करने भर से ही 1000 यज्ञों का पुण्य फल मिल जाता है। जब तीनों रथ यात्रा के लिए सजसंवरकर तैयार हो जाते हैं तो फिर पुरी के राजा गजपति की पालकी आती है और फिर रथों की पूजा की जाती है।
बलराम जी के रथ को ‘तालध्वज’ जिसका रंग लाल और हरा होता है

रथयात्रा आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को प्रारम्भ होती है। रथ यात्रा के लिए बलराम, श्रीकृष्ण और देवी सुभद्रा के लिए नीम की लकड़ियों से तीन अलग-अलग रथ तैयार किए जाते हैं। रथ यात्रा में सबसे आगे बलराम जी का रथ, बीच में देवी सुभद्रा और पीछे जगन्नाथ श्रीकृष्ण का रथ होता है। बलराम जी के रथ को ‘तालध्वज’ जिसका रंग लाल और हरा होता है, देवी सुभद्रा के रथ को ‘दर्पदलन’या’पद्मरथ’ कहा जाता है जो काले या नीले रंग का होता है। जबकि जगन्नाथ जी के रथ को ‘नंदिघोष’ या ‘गरुड़ध्वज’ कहते हैं जो लाल और पीले रंग का होता है। जगन्नाथ जी का ‘नंदिघोष’ 45.6 फीट ऊंचा, बलराम जी का तालध्वज 45 फीट ऊंचा और देवी सुभद्रा का दर्पदलन रथ 44.6 फीट ऊंचा होता है। जगन्नाथ मंदिर से रथ यात्रा शुरू होकर 3 किलोमीटर दूर गुंडीचा मंदिर पहुंचती है। इस स्थान को भगवान की मौसी का घर भी माना जाता है। एक अन्य मान्यता के अनुसार यहीं पर विश्वकर्मा ने इन तीनों प्रतिमाओं का निर्माण किया था,अतः यह स्थान जगन्नाथ जी की जन्म स्थली भी है। यहां तीनों देव 7 दिनों के लिए विश्राम करते हैं। आषाढ़ माह के दसवें दिन सभी रथ फिर से मुख्य मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं। वापसी की यह यात्रा बहुड़ा यात्रा कहलाती है। जगन्नाथ मंदिर पहुंचने के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच देव-विग्रहों को पुनः प्रतिष्ठित किया जाता है।

शादी का झांसा देकर उठाया महिला का गलत फायदा तो होगी 10 साल की जेल, जानिए क्या कहती है धारा 69 ?

शादी का झांसा देकर उठाया महिला का गलत फायदा तो होगी 10 साल की जेल, जानिए क्या कहती है धारा 69 ?

  Section 69 : 1 जुलाई से देश में नए क्रिमिनल कानून लागू हो गए हैं। तीन नए कानूनों ने अंग्रेजों के पुराने आईपीसी और सीआरपीसी जैसे लॉ की जगह ले ली है। इसके बाद कई धाराओं के नाम भी बदल गए हैं। यह नए कानून धोखा देने वाले या शादी का झूठा झांसा देकर गलत फायदा उठाने वाले लोगों के लिए और सख्त है। अगर कोई पुरुष अपनी प्रेमिका को धोखा देकर या शादी का झूठा वादा करके यौन संबंध बनाता है, तो उसे 10 साल तक की जेल हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। बीएनएस यानी भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 में इसका जिक्र है।

कानून की धारा 69 क्या कहती है?

भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 धोखे से या झूठे वादों देकर यौन संबंध बनाने के बारे में है। यह धारा बताती है कि जो कोई भी व्यक्ति किसी महिला को धोखा देकर या शादी का झूठा वादा करके यौन संबंध बनाता है, और वाकई में शादी करने का उसका कोई इरादा नहीं है, तो उसे 10 साल तक की जेल हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। ध्यान दें कि यह रेप की श्रेणी में नहीं आता।

 
पहले इस तरह की स्थितियों में कानून की धारा 90 (IPC) के तहत फैसला होता था। यह धारा कहती थी कि अगर किसी को किसी गलत जानकारी के आधार पर संबंध बनाने के लिए मनाया जाता है, तो उसे सही मायने में सहमति नहीं माना जाएगा। ऐसी स्थिति में उस शख्स पर रेप (धारा 375, IPC) का आरोप लग सकता था।