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क्या आपको भी मुंह की बदबू कर रही है शर्मिंदा, तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

क्या आपको भी मुंह की बदबू कर रही है शर्मिंदा, तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

अक्सर देखा जाता हैं कि कुछ लोग अपने दांतों की अच्छे सफाई करते हैं लेकिन उसके बावजूद भी मुंह से दुर्गन्ध आती रहती हैं। जरूरी नहीं हैं कि इसका कारण मुंह कि सफाई ही हो बल्कि यह पेट से जुड़ी बीमारी के कारण भी हो सकता हैं। मुंह से निकलने वाली दुर्गंध के चलते कई बार दूसरों के सामने शर्मिंदा भी होना पड़ जाता हैं। ऐसे में जरूरी हैं कि इसे जड़ से दूर किया जाए। इसलिए आज इस कड़ी में हम आपके लिए कुछ घरेलू नुस्खें लेकर आए हैं जिनकी मदद से मुंह से आती दुर्गंध की समस्या को दूर किया जा सकता हैं। तो आइये जानते हैं इन नुस्खों के बारे में।

नमक के पानी से करें कुल्ला

मुंह से निकलने वाली दुर्गंध को दूर करने के लिए आप प्राथमिक उपचार के रूप में नमक पानी का कुल्ला कर सकते हैं। नमक में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह में मौजूद दुर्गंध के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया को मारने के लिए प्रभावी रूप से कार्य करता है और ओरल हेल्थ को मेंटेन बनाने में भी काफी मददगार साबित होता है। इसलिए जब भी आपको मुंह से दुर्गंध आने की समस्या हो तो आप इस घरेलू नुस्खे को ट्राय कर सकते हैं।

नींबू पानी का करें सेवन

मुंह से आने वाली दुर्गंध को दूर करने के लिए नींबू पानी भी बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इसके लिए एक गिलास पानी में 1 नींबू का रस मिलाएं और फिर इस पानी का सेवन रोज सुबह उठने के बाद करें। इस बात का ध्यान दें कि ब्रश करने से पहले ही इस पानी का सेवन करना है।

भुनी हुई लौंग का करें सेवन

मुंह से आने वाली दुर्गंध को दूर करने के लिए आप दूसरे प्राथमिक उपचार के रूप में भुनी हुई लौंग का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए लौंग को चबाकर खाने के लिए इस्तेमाल करना है। वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार भी लौंग का सेवन करने के कारण ओरल हेल्थ से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है।

 
मोबाइल फोन से भी आप पड़ सकते हैं बीमार! खतरे से बचने के लिए ऐसे करें डिसइंफेक्ट

मोबाइल फोन से भी आप पड़ सकते हैं बीमार! खतरे से बचने के लिए ऐसे करें डिसइंफेक्ट

महामारी ने हमें कुछ अच्छी आदतों जैसे हाथ धोना और खांसते वक्त नाक-मुंह ढंकने को सिखा दिया है. संक्रमण के खतरे से बचने के लिए छूने वाली सतह की सफाई के दौरान भी ज्यादा सचेत कर दिया है. हम सभी सुनिश्चित करते हैं कि घर का हर कोना डिसइंफेक्ट हो. लेकिन, अक्सर हम अपने फोन की टच स्क्रीन को साफ करना भूल जाते हैं.


टॉयलेट सीट से ज्यादा फोन पर रोगाणु


माना जाता है कि ज्यादातर लोग दिन में औसत 96 बार फोन चेक करते हैं. लेकिन सिर्फ मोबाइल ही नहीं है जिसे पकड़ा या हाथों से छुआ जाता है. बल्कि फोन के साथ किराने का थैला, दरवाजा और दूसरी सतह भी संपर्क में आते हैं. जिसमें हजारों रोगाणु और बैक्टीरिया हो सकते हैं. जब आप अपने गंदे हाथों से फोन छूते हैं, रोगाणु स्कीन पर ट्रांसफर हो जाते हैं. यहां तक कि अगर आप फोन को कान और मुंह के पास बात करते हुए ले जाते हैं, तब भी अलग-अलग प्रकार के रोगाणु चिपक जाते हैं और ये आसानी से आपको बीमारी कर सकते हैं.


आपका मोबाइल फोन कितना गंदा है?


ये कहना गलत नहीं होगा कि सबसे ज्यादा गंदे सामानों में से एक आपका फोन है जिसका आपको रोजाना सामना होता है. 2017 में एरिजोना यूनिवर्सिटी के एक शोध के मुताबिक, सेल फोन टॉयलेट सीट के मुकाबले 10 गुना बैक्टीरिया फैलाते हैं. ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि ज्यादातर लोग फोन की सफाई को नजरअंदाज करते हैं. इसलिए कीटाणु और बैक्टीरिया इकट्ठा होते रहते हैं. लिहाजा, संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए आवश्यक है कि फोन की सतह को बार-बार साफ किया जाए.


मोबाइल को कैसे डिसइंफेक्ट करें?


सतह की सफाई के लिए साबुन और पानी सबसे प्रभावी उपाय माने जाते हैं. चूंकि, आप अपने मोबाइल पर पानी का इस्तेमाल नहीं कर सकते, ऐसी स्थिति में अल्कोहल वाइप्स मुफीद रहेगा. इस तरह के वाइप्स फोन की सतह पर मौजूद कीटाणु और बैक्टीरिया को आसानी से मार सकते हैं. लेकिन उसके कुछ नुकसान भी हैं.


अगर आपके फोन की सतह पर तेल लगा हुआ है, तो सतह की पूरी तरह सफाई करना मुश्किल हो जाता है. तेल और अन्य सामग्री की मौजूदगी वाइप्स को रोगाणुओं के सतह से हटाने को मुश्किल बना देता है. अपने फोन की ठीक तरह सफाई करने को सुनिश्चित बनाने के लिए पहले बक्से को हटाएं और कॉटन के कपड़े से फोन और बक्से को साफ करें. फिर उसके बाद अल्कोहल वाइप की मदद से दोनों की ठीक तरह सफाई करें. 

डायबिटीज को खतरनाक स्टेज पर जाने से रोक सकती हैं ये 8 बातें, रखें इनका ध्यान

डायबिटीज को खतरनाक स्टेज पर जाने से रोक सकती हैं ये 8 बातें, रखें इनका ध्यान

डायबिटिक कॉम्प्लीकेशन्स को दो प्रकारों में बांटा जा सकता है: तीव्र (अचानक) और पुरानी (लॉन्ग टर्म). अक्सर ये देखा गया है कि एक लम्बे वक़्त से चली आ रही डायबिटीज की परेशानी आपके शरीर में कुछ ऐसी कॉम्प्लीकेशन्स पैदा कर देती हैं जो आपके शरीर के एक या अधिक भागों को नुक्सान पहुंचा सकती हैं. ऐसे में आपको डरने या घबराने की ज़रुरत नहीं हैं क्योंकि इसका इलाज संभव है, आपको महज़ उन 8 बातों का ध्यान रखना है जो आपके ऊपर से इस बीमारी के खतरे को कम करने में आपकी मदद कर सकती हैं.


1.एक्सरसाइज करना ज़रूरी
हर रोज थोड़ी बहुत एक्सरसाइज करते रहना आप के स्वास्थ्य के लिए एक बहुत अच्छी आदत है. व्यायाम आपके हृदय संबंधी जोखिमों, कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप के स्तर को कम करने में मदद करता है. साथ ही, व्यायाम वज़न कम करने और तनाव से छुटकारा दिलाने में भी सहायक है. इतना ही नहीं, व्यायाम को डायबिटीज कम करने के लिए भी एक कारगर उपाय माना जाता है.


2. वज़न पर लगाएं लगाम
ज़्यादा वज़न शुगर को बढ़ाने का एक अहम कारण माना जाता है. शुगर के अलावा बात करें तो, अधिक वज़न यानी शरीर में चर्बी का वास, ऐसे में मोटापे के शरीर को कई गंभीर बीमारियों का घर बनने में देर नहीं लगती. इसलिए ये ज़रूरी है कि आप अपना वज़न संतुलित रखें.


3. सही कार्ब्स चुनें
डायबिटीज का मतलब यह नहीं होता कि आपको कार्ब्स को पूरी तरह से काटना है. डायबिटीज में आपको ऐसे कार्बोहाइड्रेट चुनने चाहिये जो शरीर में धीरे-धीरे टूटकर स्थिर ऊर्जा प्रदान करते हैं. इसके लिए आप ताजा फल व सब्जियों को चुन सकते हैं. इसके अलावा मेवे, दाल व अनाज का प्रयोग भी कर सकते हैं.


4. नमक से रखें परहेज
आपको आप को डायबिटीज है तो आप कोशिश करें की जितना हो सके अपने खाने से नमक व चीनी को हटाएं. हो सके तो पूर्ण रूप से नमक का बहिष्कार करें. लेकिन अगर आप नमक के बिना नहीं रह सकते तो केवल काम चलाऊ मात्रा में नमक का प्रयोग करें और वह भी केवल सब्जियों में. आपको बता दें कि, डायबिटीज वाले लोगों को सोडियम का सेवन सामान्य तौर पर प्रति दिन 2,300 मिलीग्राम से कम करना चाहिए.


5. ब्लड शुगर को रोज़ चेक करना न भूलें
आप को रोज़ाना अपनी ब्लड शुगर को मापते रहना चाहिए क्योंकि इससे आप को पता लगता रहेगा कि आप की शुगर कब बढ़ती है और कब घटती है. अगर कुछ चीज़ खाने से अगले दिन आप की शुगर बढ़ जाती है तो बेहतर होगा कि आप उस चीज़ का सेवन करने से बचें. इससे आप को क्या खाना है और क्या नहीं , इसका पता चलता रहेगा.


6. स्ट्रेस से रहें दूर
अगर आप को बिना वजह स्ट्रेस या एंग्जाइटी रहती है तो आप इसे कम करने की कोशिश करें. इसके लिए आप योगा व मैडिटेशन का रास्ता अपना सकते हैं. जब आपको डायबिटीज होती है, तो तनाव आपके रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकता है. इसलिए किसी भी तरह के शारीरिक या मानसिक तनाव से बचना या निपटना ही बेहतर है.


7. धूम्रपान न करें
डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी में धूम्रपान का सेवन बेहद ही घातक और जानलेवा साबित हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि डायबिटीज में धूम्रपान आपके रक्तचाप और स्ट्रोक, दिल के दौरे, तंत्रिका क्षति और गुर्दे की बीमारी के जोखिम को कई गुना ज़्यादा तक बढ़ा देता है. इसके अलावा, ये आपके दिलऔर फेफड़ों के लिए भी बहुत हानिकारक है. धूम्रपान छोड़ना आपके लिए ज़रूरी ही नहीं सही भी है. इसका त्याग आपको नई और स्वस्थ ज़िन्दगी की ओर ले जा सकता है.


8. नींद का रखें पूरा ख्याल
बहुत अधिक या बहुत कम नींद आपकी आपकी भूख बढाने का काम करती है जिसके कारण आप उच्च कार्ब वाले खाद्य पदार्थो का सेवन ज़्यादा करने लगते हैं जो वज़न के साथ साथ हृदय रोगों को बढ़ाने में बहुत सहायक है. इसलिए रात में सात या आठ घंटे की नींद लें. अगर आप स्लीप एपनिया से ग्रसित हैं, तो इसका इलाज करवाने से आपकी नींद में सुधार हो सकता है और आपके ब्लड शुगर का स्तर कम हो सकता है. 

ठंडी में फटी एड़ियों की समस्या से पाएं निजात, अपनाये ये 5 टिप्स

ठंडी में फटी एड़ियों की समस्या से पाएं निजात, अपनाये ये 5 टिप्स

सर्दियों के दिनों में एड़ियों की फटने की समस्या लोगों को काफी परेशान करती है। ऐसे में यदि सही समय पर इसको ठीक नहीं किया गया तो फटी एड़ियों में दरारों के बढ़ने से कई बार सूजन और चलने में परेशानी भी होने लगती हैं।

यदि आप इस समस्या से बचना चाहते है, तो आप इन 5 टिप्स को जरूर फॉलो करें।
1 पेट्रोलियम जैली का प्रयोग इसका सबसे आसान तरीका है। इसके लिए डेढ़ चम्मच वैसलीन में एक छोटा चम्मच बोरिक पावडर डालकर अच्छी तरह मिला लें और इसे रात को सोते समय फटी एड़ियों पर अच्छी तरह से लगा लें, ताकि रातभर यह असर कर पाए। कुछ ही दिनों में फटी एड़ियां फिर से भरने लगेंगी।

2 अमचूर का तेल, फटी एड़ियों के इलाज के लिए रामबाण औषधी है। यह गाढ़ा होता है जिसे पिघलाकर आप रात में एड़ियों पर लगाएं और सुबह धो लें। कुछ ही दिनों में एड़ियां बिल्कुल चिकनी हो जाएंगी।

3 अगर एड़ियां ज्यादा फटी हुई हों तो मैथिलेटिड स्पिरिट में रुई के फाहे को भिगोकर फटी एड़ियों पर रखें। ऐसा दिन में तीन-चार बार करें, इससे एड़ियां ठीक होने लगेंगी। लेकिन एड़ियों को धूल-मिट्टी से बचाना बहुत जरूरी है, इस बात का ध्यान रखें।

4 गुनगुने पानी में थोड़ा शैंपू, एक चम्मच सोड और कुछ बूंदें डेटॉल की डालकर मिला लें। इस पानी में पैरों को 10 मिनट तक भिगोकर रखें। त्वचा फूलने पर मैथिलेटिड स्पिरिट लगाकर एड़ियों को प्यूमिक स्टोन या झांवे से रगड़कर साफ कर लें। इससे एड़ियों कीमृत त्वचा साफ हो जाएगी। फिर साफ तौलिए से पोंछकर गुनगुने जैतून या नारियल के तेल से मालिश करें।

5 पैरों को साफ व खूबसूरत बनाए रखने के लिए पैडिक्योर अवश्य कराएं। यह पैरों के नाखून, एड़ी व तलवों की सफाई का बेहतर तरीका है, जिसे नियमित रूप से कराने पर यह समस्या कम हो जाएगी। इसे आप खुद घर पर भी कर सकती हैं या फिर ब्यूटी स्पेशलिस्ट से ही करवाना मुनासिब होगा।

 

मिट्टी पर नंगे पांव टहलना आपकी सेहत के लिए है फायदेमंद, जानिए कैसे पहुंचता है शरीर को फायदा?

मिट्टी पर नंगे पांव टहलना आपकी सेहत के लिए है फायदेमंद, जानिए कैसे पहुंचता है शरीर को फायदा?

क्या कभी आपने सोचा है हरे-भरे बाग, पहाड़ी इलाके या समुद्र किनारे चलना क्यों अच्छा लगता है? ऐसा इसलिए है क्योंकि आपकी निकटता प्रकृति के साथ होती है. कहा जाता है कि जितना करीब आप प्रकृति के साथ होंगे, उतना ही ज्यादा खुश और स्वस्थ होंगे. लेकिन, हमारी आधुनिक जीवन शैली इस तरह के संपर्क से अलग करती है.


सभी जीवित प्राणी अपना जुड़ाव जमीन के साथ रखते हैं. जमीन या साफ घास पर नंगे पांव टहलने की आदत आपको प्रकृति के साथ जोड़ने में मदद करती है. मगर इसका ये मतलब नहीं कि जमीन पर सोया जाए. वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि प्रकृति और इंसानों के बीच अलगाव शारीरिक शिथिलता और रोग का प्रमुख सहयोगी होता है.


ब्लड प्रेशर कम करता है


जमीन पर नंगे पांव टहलने से हमें ताजगी, शांति और सुरक्षा का एहसास मिलता है. इसलिए, उसका ब्लड प्रेशर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. प्राकृतिक चिकित्सा में ब्लड प्रेशर को सामान्य करने के लिए 10-15 मिनट पैदल चलने की सलाह दी जाती है.


सूजन और दर्द कम करता है


जमीन के पास खास विद्युत शक्ति होती है. ये जमीन पर नंगे पांव टहलनेवाले को महत्वपूर्ण बल देता है. विज्ञान के मुताबिक, नंगे पांव टहलने से पृथ्वी के निगेटिव आयन के अवशोषण में मदद मिलती है और सीधा शारीरिक संपर्क स्थापित होने की वजह से जमीन की सतह से इलेक्ट्रॉन की विशाल आपूर्ति होता है.


इम्यूनिटी, आंत के स्वास्थ्य को बढ़ाता है


खुद को मिट्टी और जमीन के संपर्क में लाने के फायदे हो सकते हैं क्योंकि जमीन में पाए जानेवाले शक्तिशाली सूक्ष्म जीव प्राकृतिक तरीके से इम्यूनिटी बनाने में मदद करते हैं. सूक्ष्म जीव हमारे शरीर में त्वचा और नाखुनों के जरिए दाखिल होते हैं. शरीर में पहुंचकर ये हमारे आंत की अच्छे बैक्टीरिया को खुराक मुहैया कराते हैं.


आंतों में उपस्थित माइक्रोफ्लोरा सूक्ष्मजीवी बैक्टीरिया के कारण बनती है और ये इम्यून सिस्टम को बढ़ाकर हमें ज्यादा मजबूत और ज्यादा स्वस्थ बनाता है. अगर आपके पास प्रकृति तक पहुंचने की सुविधा हो, तो आदत को अपनाएं वरना जब कभी मौका मिले ते एक बार जरूर नंगे पांव पैदल चलें.

 

वज़न घटाने में बेजोड़ जीरा और धनिया, औषधीय गुणों से है भरपूर, जानिये कौन है ज़्यादा फायदेमंद

वज़न घटाने में बेजोड़ जीरा और धनिया, औषधीय गुणों से है भरपूर, जानिये कौन है ज़्यादा फायदेमंद

जीरा और धनिया दोनों ही खाने का जायका बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं. पर आयुर्वेद की मानें, तो ये दोनों कई औषधीय गुणों की भरमार हैं. जीरे और धनिये का उपयोग खाना बनाने में जितना असरदार है उससे कही ज़्यादा फायदेमंद है इनका पानी जिसे आयुर्वेद में पचान तंत्र को ठीक रखने का सबसे सटीक उपाय बताया गया है. ये तो सिर्फ एक झलक भर है आइये आज आपको इन दोनों की विशेषताओं के साथ साथ कौन है वज़न घटाने में ज़्यादा बेहतर- इसकी जानकारी भी विस्तार से देते हैं.


जीरे और धनिये के चमत्कारी गुण
एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, जहां एक तरफ जीरे में डाइजेस्टिव एंजाइम की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो पाचन क्रिया को तेज़ करने का काम करता है. जीरे के सेवन से आहार को पचाने और मल के ज़रिये शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है. वहीं दूसरी ओर धनिया न सिर्फ पेट की समस्याओं को दूर करने में मदद करता है, बल्कि यह आपकी पाचन शक्ति को बढ़ाने में भी लाभकारी माना जाता है.


जीरा और धनिया- वज़न घटाने में कौन ज़्यादा फायदेमंद


1.फैट बर्न करने के लिए
जीरा और धनिया दोनों ही मसाले अपने पाचन गुणों के लिए जाने जाते हैं. यहाँ तक कि जीरे का पानी पाचन के लिए ज़्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि ये आपके आंत के स्वास्थ्य पर प्रभाव डालते हुए फैट लॉस में मदद करता है और पाचन में सुधार करता है. हालांकि धनिया भी पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है पर ये जीरे की तरह फैट बर्न नहीं कर पाता.


2.शरीर को डिटॉक्सीफाई करने के लिए
सुबह-सुबह धनिये और जीरे का पानी पीना आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को छोड़ने में मदद करता है. इसके अलावा, इन दोनों में एंटीऑक्सीडेंट तत्व उच्च मात्रा में पाया जाता है. आप चाहें, तो इन दोनों को एक साथ मिलाकर पाउडर बना कर इस्तेमाल कर सकते हैं.


3.कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए
धनिया न सिर्फ खाने को महक देता है बल्कि यह आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में फायदेमंद होता है. जिन लोगों का वज़न तेजी से बढ़ रहा है, उनके लिए ज़रूरी है कि वो अपने कोलेस्ट्रॉल को ठीक रखें. दरअसल, मोटापे से पीड़ित लोगों के लिए कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करना उन्हें कई सारी बीमारियों से बचा सकता है. इसलिए ऐसी स्थिति में धनिये के बीजों को उबालकर उसका पानी पीना कारगार उपाय साबित हो सकता है.


4.भूख कम करने के लिए
जीरे का इस्तेमाल आपकी भूख कम करने में मदद करता है क्योंकि यह आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखता है जिसकी वजह से ये आपके लिए मोटापा कम करने में भी सहायक है. साथ ही, जीरा शरीर में उन हेल्दी इंजाइम्स को बढ़ावा देता है, जो कि खाना पचाने में मदद करते हैं. इस तरह अगर आप खाने में जीरा पीस कर इस्तेमाल करें, तो खाना आराम से पचेगा और ये शरीरे में फैट के संचय को भी रोकेगा.


आपने देखा कि विभिन्न तरीकों से जीरा और धनिया वज़न घटाने के लिए फायदेमंद हैं. पर इन दोनों में से सबसे ज़्यादा फायदेमंद चीज़ की बात करें, तो वो जीरा है. जीरा आपके शरीर में ग्लूकोज और खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है. साथ ही, यह वसा और अन्य पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण में भी असरदार है, जो कि मेटाबॉलिज्म को ठीक रखता है. तो अगर आपको तेज़ी से अपना वज़न घटाना है, तो रोज़ सुबह जीरे का पानी ज़रूर पियें. 

सीने के दर्द को नज़रंदाज़ करना पड़ सकता है बेहद भारी, जानें लक्षण और बचाव

सीने के दर्द को नज़रंदाज़ करना पड़ सकता है बेहद भारी, जानें लक्षण और बचाव

सीने में दर्द के कई कारण होते हैं, जैसे कि- मांसपेशियों में दर्द, हड्डी में दर्द, एसिड-रिफ्लक्स, एनजाइना, दिल का दौरा आदि. इनमें से कुछ समस्याएं मामूली हैं तो कुछ गंभीर. लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि ज़्यादातर मरीजों को सीने में उठने वाले दर्द का कारण पता ही नहीं चलता. कुछ दर्द ऐसे होते हैं जो सीने में सुई की तरह चुभते हैं तो कुछ मंद-मंद होते हैं. ऐसे में इन्हें नज़रंदाज़ करना गलत है. इसीलिए आज हम आपको इस समस्या के बारे में विस्तार से बताते हुए, आपके साथ इसके लक्षणों और इससे बचाव की जानकारी साझा करेंगे.


किस तरह के दर्द की अनदेखी न करें
जब कभी आपको सीने के बीच में यानि सेंटर में दर्द हो या भारीपन महसूस हो तो समझ जाइए कि ये दर्द गंभीर है. इसके आलावा कंधे, हाथ, जबड़े या पीठ में झनझनाहट होना, पसीना आना, थकावट से होने वाले दर्द आदि पर ध्यान दिया जाना भी ज़रूरी है. इन लक्षणों को नज़रंदाज़ करने से आपको गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है.


दर्द से राहत पाने के उपाय
अगर घरेलू उपचारों की बात करें तो हल्का खाना खाना ज़्यादा फायदेमंद होता है. इसके अलावा यदि कारण मस्कुलोस्केलेटल है, तो आस-पास किसी मेडिकल स्टोर से पेनकिलर ले सकते हैं. इससे आपके दर्द में आराम मिल जाएगा. वहीं अगर एसिड-रिफ्लक्स आपके दर्द का कारण है, तो एंटासिड आपके काम आ सकती है. ध्यान दें कि, अगर ये दर्द कार्डियक है, तो जीभ के नीचे नाइट्रेट जैसी दवा रखें, इसकी मदद से सीने में दर्द से राहत मिलेगी.


दर्द का कारण
बता दें कि, सीने में दर्द के कई कारण होते हैं. यह मस्कुलोस्केलेटल हो सकता है, जो त्वचा, मांसपेशियों, हड्डी या जोड़ों से पैदा होता है. इसके अलावा, ये एसिड-रिफ्लक्स हो सकता है जो फूड-पाइप या पेट में बनने वाले एसिड से पैदा होता है. सीने में दर्द फेफड़े से भी उत्पन्न हो सकता है. दर्द का एक कारण धमनियां भी हैं. मतलब सीने में दर्द हृदय की धमनियों में रुकावट आने से भी हो सकता है, जिससे हृदय की मांसपेशियों में रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है.


सीने में दर्द के लक्षण
- पसीना आना
- सांस लेने में तकलीफ
- धड़कन कम होना
- सिर में मंद दर्द होना
- डकार लेना
- उल्टी होना

 

वेदांता-बालको की परियोजना `आरोग्य’ से आई स्वास्थ्य-स्वच्छता के प्रति जागरूकता

वेदांता-बालको की परियोजना `आरोग्य’ से आई स्वास्थ्य-स्वच्छता के प्रति जागरूकता

कोरबा। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने सामुदायिक विकास परियोजना ‘आरोग्य’ के अंतर्गत अपने संयंत्र के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए हैं। माह अक्टूबर में लगभग 5000 नागरिको को सैनेटाइज़ेशन और सुरक्षा किट के अंतर्गत साबुन, मास्क और सैनिटाइजर वितरित किए गए। नागरिकों को वैश्विक महामारी से सुरक्षा के प्रति अनेक आयामों से परिचित कराया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता वेदांता-बालको के सामुदायिक विकास कार्यों में सर्वोपरि है। वेदांता-बालको की आरोग्य परियोजना के अंतर्गत दो वेदांत ग्रामीण चिकित्सालय संचालित हैं। इन चिकित्सालयों के संचालन का उद्देश्य ग्रामीणों को झोला छाप नीम-हकीमों से मुक्ति दिलाना है। चलित चिकित्सा शिविर, मौसमी बीमारियों से बचाव और जागरूकता शिविर, मातृ-शिशु स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ समन्वयन, एचआईव्ही एड्स के प्रति जागरूकता आदि अनेक ऐसे कार्यक्रम हैं जिनके माध्यम से ग्रामीणों के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाता है। सैनिटेशन और सुरक्षा किट के वितरण पर ग्रामीणों ने बालको प्रबंधन के आभार जताया है।
कोविड-19 महामारी की रोकथाम की दिशा में वेदांता-बालको ने जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और समन्वयन में कोविड अस्पताल की स्थापना में मदद की। मास्क और पीपीई निर्माण के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों की सदस्यों के लिए आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए। जन प्रतिनिधियों के सहयोग से जरूरतमंदों को सूखा राशन और तैयार भोजन उपलब्ध कराए गए। राज्य और जिला प्रशासन ने कोरोना वाइरस के प्रति जागरूकता की दिशा में वेदांता-बालको संचालित कार्यों की खूब प्रशंसा की है।
बालको की ओर से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, आधारभूत संरचना विकास, महिला सशक्तिकरण, जैव-निवेश, आजीविका आदि क्षेत्रों में परियोजनाएं क्रियान्वित हैं। परियोजनाओं के दायरे में छत्तीसगढ़ के लगभग 1.50 लाख जरूरतमंद शामिल हैं। 300 स्व सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 4000 महिलाओं के स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण में मदद मिल रही है। लगभग 500 एकड़ भूमि पर किसान आधुनिक तकनीकों की मदद से खेती कर रहे हैं। वेदांता स्किल्स स्कूल ने छत्तीसगढ़ के लगभग 9000 जरूरतमंद युवाओं को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित कर स्वावलंबी बनने में मदद की है।
 

दांतों के पीलेपन से पाएं छुटकारा अपनाएं ये आसान उपाय

दांतों के पीलेपन से पाएं छुटकारा अपनाएं ये आसान उपाय

क्या आपके दांतों में भी पीलेपन की समस्या रहती है, जिस वजह से किसी से बात करते हुए आपके आत्मविश्वास में कमी आती है? अगर हां, तो जरूरी है कि इस समस्या से निजात पाएं। हम आपके लिए लाए हैं दांतों के पीलेपन से छूटकारा पाने का कारगर नुस्खा। आइए जानें –
सेब के सिरके के बारे में आपने जरूर सुना होगा। वैसे तो इसके कई आश्चर्यजनक फायदे है, लेकिन फिलहाल बात करते हैं कि कैसे ये आपके दांतों का पीलापन हटा सकता है।

* सेब का सिरका गहराई और कोमलता के साथ आपके दांतों की आंतरिक सफाई करने में सक्षम होता है।
* इससे आपके अम्लीयता होने पर भी पीएच की समानता बनी रहती है, और दांत पहले से अधि‍क साफ, सफेद और चमकदार दिखाई देते हैं।
* इतना ही नहीं, यह आपके मसूढ़ों को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है।

* इस सिरके से अपने दांत चमकाने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है। बस लगभग एक कप पानी में आधा चम्मच सेब का सिरका लें और अपने टूथब्रश की सहायता से दांतों पर इससे तब तक ब्रश करें, जब तक आपके दांत पूरी तरह से साफ न हो जाएं। दांतों के दाग हटने के साथ ही धीरे-धीरे आपके दांतों पर चमक भी आ जाएगी।

लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होगा। जानिए कौन-सी हैं वे बातें -
1 सेब का सिरका इस्तेमाल करते समय बॉटल को अच्छी तरह से हिलाएं, तभी इस्तेमाल करें।

2 बगैर पानी में घोले इसका इस्तेमाल करना हानिकारक हो सकता है, क्योंकि यह प्राकृतिक अम्ल है।

3 इसका अत्यधि‍क प्रयोग करने से परहेज करें, साथ ही दिन में एक बार से ज्यादा इसका इस्तेमाल न करें। अन्यथा यह आपके दांतों की सतह को नुकसान पहुंचा सकता है।

 

क्यों चर्चा में चीया सीड्स है, जानिए इसके फायदे और नुकसान

क्यों चर्चा में चीया सीड्स है, जानिए इसके फायदे और नुकसान

चीया सीड्स विश्व भर में लोगो के द्वारा उपयोग किया जाने वाला ऊर्जा का एक प्राचीन स्त्रोत है।  यह पोषक तत्वों का भंडार है। जिसमे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन C, विटामिन E, कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैग्नीज, फॉस्फोरस, पोटैशियम, आयरन, जिंक इत्यादि पोषक तत्व आदि मौजूद होते है। जो कि हमारे शरीर और मस्तिष्क के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। चीया सीड्स छोटे छोटे काले दाने जैसे होते है जो कि साल्विया हिस्पैनिका नाम के पौधे से प्राप्त होते है। वैसे तो चीया सीड्स बहुत लंबे समय में उपयोग में लायी जाती है लेकिन पिछले कुछ सालों से वे लोग, जो कि हेल्थ कॉन्शियस है वे इसका ज्यादा उपयोग कर रहे है।
चीया सीड्स खाने के फायदे क्या है ?
चीया सीड्स के बारे में जानने के बाद अब बात करते है चिया सीड्स के फायदे की chia seeds benefits in hindi. इसके कई सारे आश्चर्यजनक फायदे देखने को मिलते है जिस वजह से इसकी महत्ता और बढ़ जाती है। चीया सीड्स एक प्राकृतिक औषधी है तो चलिए देखते है कि chia seeds benefits क्या क्या है -
1. Chia seeds for weight loss - वजन कम करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमे पाए जाने वाले सॉल्युबल फाइबर्स पानी की अधिक मात्रा को खुद में संचित करे हुए होते है जिसे वे खाये जाने पर हमारे पेट मे मुक्त कर देते है। जिस वजह से हमे पेट के भरे होने का एहसास होता है और यह खाने के अवशोषण को भी कम करता है। इस प्रकार चीया सीड्स को अपनी डाइट में शामिल करके आप न सिर्फ वज़न घटाने का लाभ ले सकते हैं, बल्कि अपने शरीर को हेल्दी भी बना सकते हैं।

2. Chia seeds हृदय से सम्बन्धित बीमारियों से भी बचाव करने में सहायक होते हैं। चूंकि इसमें प्रचुर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड, प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है, जो कि हृदय के लिए फायदेमंद होते हैं। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है और कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित रखने का काम करता है।

3. यह हमारे शरीर के ब्लड शुगर के लेवल को संतुलित रखने का कार्य भी करता है। यदि आपको टाइप 2 डायबिटीज है, तो यह आगे चलकर और भी गंभीर रूप धारण कर सकता है। अगर आप प्रतिदिन चीया सीड्स का सेवन करते हैं, तो शरीर में इंसुलिन की सेंसिविटी को बढ़ाता है। ब्लड शुगर लगातार बढ़े रहने से हृदय संबंधी बीमारियों का भी खतरा बना रहता है।

4. शरीर में होने वाले रैशेस, सूजन, जलन एवं प्रदाह इत्यादि समस्याओं के निदान में भी चीया सीड्स मददगार साबित होता है। ये स्किन प्रॉब्लम किसी इंफेक्शन या चोट की वजह से होते हैं। अगर सही समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या आगे चलकर खतरनाक हो सकती है।

5. चीया सीड्स omega 3 फैटी एसिड और न्यूरो प्रोटेक्टिव एन्टीओक्सिडेंट से परिपूर्ण होती है जो मस्तिष्क में स्वस्थ कोशिकाओं का निर्माण करती है। यह स्वस्थ कोशिकाएं हमारे मस्तिष्क में पोषक तत्वों की पर्याप्त आदान प्रदान करती है और साथ ही नर्व सिस्टम की प्रक्रिया को तीव्र करती है। जिसकी वजह से हमारे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और एकाग्रता में वृद्धि होती है।

6. वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली में प्रत्येक व्यक्ति इतना अधिक व्यस्त हो चुका है कि उसकी दिनचर्या पूरी तरह से डगमगा गयी है। घर के खाने की जगह आजकल बाहर के खाने जैसे फ़ास्ट फूड्स,जंक फूड्स,तेलीय खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी जा रही है जिसका दुष्प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इस दुष्प्रभाव को कम करने के लिए भी हम प्राकृतिक उपायों के बदले केमिकल युक्त दवाइयों का सेवन कर रहे है जो कि किसी न किसी तरह से हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा रहे है। चीया सीड्स में ऐसे पोषक तत्व पाये जाते हैं जो कि हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करते है। माया सभ्यता के अनुसार चीया शब्द का तात्पर्य "शक्ति" से है। प्राचीन समय से ही ऊर्जा की अधिक मात्रा प्राप्त करने के लिए चिया सीड्स का सेवन किया जाता था। मैक्सिकन Tarahumara प्रजाति के धावक भी लम्बे दौड़ से पूर्व चिया सीड्स को अन्य सामग्रियों के साथ मिलाकर जूस बनाकर पीते थे और ऐसा कहा जाता हैं कि वे इस जूस को पी कर 100 मील से भी ज्यादा दूर तक सफर करते थे।

7. चीया सीड्स का प्रयोग केक की बेकिंग के लिए अंडे के विकल्प के तौर पर किया जा सकता है। चीया सीड्स के पाउडर (पिसा हुआ चिया सीड्स) को कुछ देर के लिए पानी में भिगो दिया जाए तो यह जैल बन जाता है और इस जेल को केक में अंडे के स्थान पर उपयोग में लाया जा सकता है। किसी बाउल में 1 चम्मच पिसा हुआ चीया सीड्स और 3 चम्मच पानी डालकर अच्छी तरह हिला दें अब इस मिश्रण को 5-10 मिनट के लिए भीगने दें। अब जो जेल तैयार होगा वह 1अंडे के बेहतरीन विकल्प के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। अगर आपको ज़्यादा अंडे का विकल्प चाहिए तो उपरोक्त सामग्री की मात्रा बढ़ा लें।

8. हर कोई अपनी उम्र से कम दिखना चाहता है हम अपने बढ़ती उम्र को रोक तो सकते नही किंतु हेल्दी फूड्स के द्वारा खुद को स्वस्थ और healthy जरूर रख सकते हैं। Chia seeds में भरपूर मात्रा में एन्टी ओक्सिडेंट पाये जाते हैं जो कि हमारे स्किन को रोज के धूल धुँए इत्यादि से होने वाले स्किन प्रॉब्लम से सुरक्षित रखते है।

9. आजकल बच्चे और बड़ों सभी मे आमतौर पर गलत खानपान की वजह से जोड़ो में दर्द होने लगता है जिसका प्रमुख कारण भोजन में कैल्शियम की कमी का होना होता है। chia सीड्स में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, अगर हम इसे अपने रेगुलर डाइट में शामिल करें तो इससे हमारे शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम प्राप्त होगा तथा हम हड्डियों के जोड़ो से सम्बंधित विभिन्न बीमारियों से खुद को सुरक्षित रख पाएंगे ।

10. पिछले कुछ सालों से कैंसर एक ऐसी जटिल बीमारी बनी हुई है जो कि लाइलाज है। chia seeds में पाए जाने वाले गुणों की वजह से यह सर्वाइकल और स्तन कैंसर से बचाव करने में सहायक होता है। 2013 में मॉलिक्यूलर बायोकेमिस्ट्री पर हुए एक अध्ययन के अनुसार चिया बीज में अल्फा लिपोइक एसिड पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है जो कि इन कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को सीमित करने का काम करता है।यह गुण chia seeds को और अधिक महत्वपूर्ण बना देता है।

11.व्यस्त दिनचर्या की वजह से आज के समय मे लोग बमुश्किल ही समय से भोजन ले पाते है। ऐसी स्थिति में भोजन ग्रहण करने के बाद टहलना तो दूर की बात है जबकि पाचन क्रिया को सुचारू रखने के लिए भोजन के बाद कुछ कदम टहलना अत्यावश्यक होता है। इन परिस्थितियों के कारण पाचन प्रणाली को सुचारू करने के लिए चीया सीड्स का सेवन करना लाभदायक साबित हो सकता है। चीया सीड्स में प्रचुर मात्रा में फाइबर्स पाये जाते है जो कि पाचन क्रिया को संतुलित करने का काम करते है। इससे हमारे शरीर के इन्सुलिन का लेवल नियंत्रित बना रहता है।

12. Chia seeds benefits में एक फायदा यह भी है कि इसका प्रयोग केक की बेकिंग के लिए अंडे के विकल्प के तौर पर किया जा सकता है। चिया सीड्स के पाउडर (पिसा हुआ चिया सीड्स) को कुछ देर के लिए पानी में भिगो दिया जाए तो यह जैल बन जाता है और इस जेल को केक में अंडे के स्थान पर उपयोग में लाया जा सकता है। किसी बाउल में 1 चम्मच पिसा हुआ चिया सीड्स और 3 चम्मच पानी डालकर अच्छी तरह हिला दें अब इस मिश्रण को 5-10 मिनट के लिए भीगने दें। अब जो जेल तैयार होगा वह अंडे के बेहतरीन विकल्प के रूप में प्रयोग किया जा सकताहै। अगर आपको ज़्यादा अंडे का विकल्प चाहिए तो उपरोक्त सामग्री की मात्रा बढ़ा लें।
13. Chia seeds हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करने में अहम भूमिका निभाता है। इसके सेवन से शरीर में जो भी विषैले तत्त्व मौजूद होते हैं, वे बाहर निकल जाते हैं। यह शरीर के लिए एक वाशिंग पाउडर की तरह काम करता है, जो की सारे दूषित पदार्थों को बाहर करके, बॉडी को विटामिन एवं मिनरल से भर देता है।

14. चीया सीड्स आँखों से संबंधित समस्याओं में भी कारगर होता है, क्योंकि इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो कि आँखों के सूखेपन को दूर करता है, आँखों की रोशनी बढ़ाता है।

15. युवाओं में बॉडी बिल्डिंग का क्रेज़ इन दिनों सर चढ़कर बोल रहा है, इसके लिए वे विभिन्न प्रकार की डाइट अपनाते हैं, एक्सरसाइज करते हैं, जिम में कड़ी मेहनत करते हैं। इन सब के अलावा अगर आप चीया सीड्स को भी अपनी रेगुलर डाइट में शामिल कर लें तो आपको चीया सीड्स के बेनिफिट्स दिखने को मिलेंगे । एक गिलास पानी में इसके कुछ बीज भिगोकर आप ट्रेनिंग से पहले पी लें, तो आपके शरीर को हाइड्रेट रखेगा। इसमें मौजूद फाइबर बॉडी को एनर्जी प्रदान करते हैं।
चीया सीड्स को ज़्यादातर भिगोकर ही खाया जाता है, अगर आप इसे बिना भिगोये भी खाते हैं, तो किसी प्रकार का नुकसान नहीं है, लेकिन इसका अच्छी तरह लाभ हमें तभी मिल सकता है , जब इसका इस्तेमाल भिगोकर किया जाए।
चीया सीड्स खाने के नुकसान
चीया सीड्स अगर सही तरीके से व संतुलित मात्रा में प्रयोग किया जाए तो, फायदेमंद होता है, किन्तु यदि इसका सेवन अधिक मात्रा में किया गया तो, कई प्रकार के साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं ,तो चलिए देखते है
1.चीया बीज में रक्त को प्राकृतिक रूप से पतला करने की क्षमता होती है।यदि आपकी कोई सर्जरी, या किसी चोट सम्बंधित इलाज चल रही है तो आपको चीया बीज के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि पतले रक्त की स्कन्दन क्षमता भी कम होती है जिसके कारण ज्यादा रक्त स्त्राव होने का खतरा बना रहता है।

2.यदि आपको किसी किस्म के डॉयफूड्स, नट्स, या बिज के सेवन से एलर्जी होने की शिकायत है तो हो सकता है कि आपको चीया सीड्स के सेवन से भी एलर्जी की समस्या उतपन्न हो सकती है। जिसमे त्वचा में खुजली, जलन, रैशेस, आंखों में पानी आने की समस्या या स्किन से सम्बंधित अन्य प्रकार की समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है ।

3. गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए बेहतर है कि वे चीया सीड्स का सेवन न करें।

4.चीया सीड्स के सेवन करते वक्त आपको इसके नमी का ध्यान रखना जरूरी है।इसे आप बिना भिगाये या भुंज कर खाने से बचें क्योंकि इनमें पानी को सोखने की अद्भुत क्षमता होती है।यह अपने वजन से 27 गुना अधिक पानी की मात्रा को सोखने की क्षमता रखते है।इन्हें सूखा खाने पर ये हमारे ग्रास नली,मुख कोष आदि को सूखा कर सकते है जिससे हमें दम घुटने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

5. चीया सीड्स के अधिक सेवन से पेट से सम्बंधित विभिन्न प्रकार की गड़बड़ियों का सामना भी करना पड़ सकता है।जैसे- कब्ज, दस्त, पेट दर्द,पेट ऐंठना इत्यादि। यरह सारी समस्याएं आपके स्वास्थ्य पर विपरीत असर डाल सकती है।इसलिए बेहतर होगा कि आप ऐसी स्थिति आने पर अपने चिकित्सक से तत्काल सम्पर्क करें ।
चीया सीड्स को कैसे खाएं
चीया सीड्स के फायदे और नुकसान के बारे में तो हमने जान लिया है, अब बात करते है कि चीया सीड्स को कैसे इस्तेमाल किया जाता है ? वैसे तो चीया सीड्स को ज़्यादातर भिगोकर ही खाया जाता है, अगर आप इसे बिना भिगोये भी खाते हैं, तो किसी प्रकार का नुकसान नहीं है, लेकिन इसका अच्छी तरह लाभ हमें तभी मिल सकता है , जब इसका इस्तेमाल भिगोकर किया जाए।आइये अब जानते है कि इसे खाया किस प्रकार जाए।
• आप चीया सीड्स को बिना भिगोये डायरेक्ट सूखा भी खा सकते हैं और एनर्जी प्राप्त कर सकते हैं । इसे सुखा ही दही, ओट्स में भी डालकर खाया जा सकता है। लेकिन ध्यान रहे सूखा खाने से यह हमारे दांतों से चिपक भी सकता है। हम इसे सूखा खा तो अवश्य सकते हैं, किंतु इसके बाद भरपूर मात्रा में पानी पियें, क्योंकि इसकी तासीर होती है, ज़्यादा पानी सोखने की।
• चीया सीड्स खाने का दूसरा तरीका है, इसे भिगोकर खाना। इस तरीके से खाने से न सिर्फ ये आसानी से पचता है, बल्कि पोषक तत्व भी ज़्यादा मात्रा में मिलते हैं।
• चीया सीड्स को ग्राइंडर में पीसकर भी इसका इस्तेमाल मफिन्स, ब्रेड, पास्ता इत्यादि में किया जाता है।
चीया सीड्स का जूस बनाने का तरीका
पानी के साथ :-
चीया सीड्स को पानी में भिगोना है, लेकिन एक अनुपात में, और वह अनुपात है, 1:10 । इस अनुपात में इसे पानी में आधे घण्टे से लेकर लगभग 1.30-2 घंटे तक भिगोने के बाद इस्तेमाल में लाया जा सकता है। आधा या एक चम्मच चीया सीड्स को 1 कप पानी में भिगोकर भी इस्तेमाल में ला सकते हैं। चीया सीड्स के भीगे हुए इस जूस को आप चाहें तो 4- 5 दिन तक फ्रिज में रखकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
दूध के साथ :-
चीया सीड्स को दूध में भी डालकर पुडिंग की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। और इसे दूध में डालकर लाजवाब शर्बत भी तैयार किया जा सकता है।

 

क्या आप भी करते है टमाटर का अधिक सेवन ? तो हो जाइये सावधान,  जाने इससे होने वाले 5 नुकसान

क्या आप भी करते है टमाटर का अधिक सेवन ? तो हो जाइये सावधान, जाने इससे होने वाले 5 नुकसान

टमाटर के महंगे होने का अगर आपको भी दुख है, तो इसके इन नुकसानों को जरूर जान लीजिए...इन्हें जानने के बाद आपको टमाटर के महंगे होने का जरा भी दुख नहीं होगा और आप तौबा कर लेंगे इन महंगे टमाटरों से।

जानें 5 नुकसान.....

1. टमाटर का सेवन आपको एसिडिटी दे सकता है। दरअसल इसमें काफी अधिक मात्रा में अम्ल होता है जिससे इसका सेवन करने पर आपके पेट में अम्लीयता बढ़ती है और यह एसिडिटी का कारण बनती है।

2. टमाटर के साथ-साथ आप इसके बीजों को शरीर में जाने से नहीं रोक सकते, लेकिन इन बीजों के आपके शरीर में जाने से आप पथरी के मरीज हो सकते हैं, क्योंकि ये आसानी से किडनी में पहुंचकर पथरी यानि स्टोन का निर्माण करते हैं।

3. टमाटर में मौजूद टरपीन्स नामक तत्व आपकी शारीरिक दुर्गन्ध का कारण बन सकता है। पाचन के दौरान इसका विघटन, शरीर की दुर्गन्ध पैदा करता है।

4. अगर आपको अक्सर पेट में गैस की समस्या होती है, तो टमाटर का सेवन कम करना ही आपके लिए फायदेमंद होगा, क्योंकि यह पेट में गैस पैदा कर सकता है।

5. आजकल ऑर्गेनिक टमाटरों के बजाए इंजेक्शन या केमिकल का इस्तेमाल कर पकाए गए टमाटर बाजारों में उपलब्ध होते हैं, जो आपके लिए बेचैनी, ब्लडप्रेशर और अन्य सेहत समस्याएं दे सकता है |

वजन घटाने के लिए जानें दिन के किस समय टहलना होता है सबसे सही

वजन घटाने के लिए जानें दिन के किस समय टहलना होता है सबसे सही

टहलना सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद है। यह वजन घटाने में भी बहुत मदद करता है। जो लोग किसी कारण जिम नहीं जा पाते या हैवी वर्कआउट नहीं कर पाते हैं, उनके लिए फिट और हेल्दी रहने के लिए टहलना एक बेहतर विकल्प है।
हाल ही में हुए एक रिसर्च के अनुसार, खाना खाने के बाद टहलने से सेहत को कई फायदे होते हैं। इससे शरीर का फैट बर्न होता है और मोटापा कम होता है। आइए जानते हैं टहलने के फायदे, हर दिन हमें कितना टहलना चाहिए और टहलने का सबसे अच्छा समय क्या है।
टहलने का सबसे अच्छा समय
यह कहने की बात नहीं है कि दिन में किसी भी समय टहलना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। लेकिन खासतौर पर खाने के बाद टहलना वजन घटाने और डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए बेहतर है। जिन लोगों को कोई बीमारी नहीं है, उन्हें भविष्य में स्वास्थ्य समस्याओं से बचने के लिए नियमित टहलना चाहिए।
टहलने से कैसे घटता है वजन
टहलने से कैलोरी बर्न होती है मेटाबोलिज्म बेहतर होता है। हर दिन हम अपने घर में या बाहर जितना अधिक टहलने हैं, कैलोरी उतनी ही तेजी से घटती है। इसलिए वजन घटाने के लिए हमें अधिक से अधिक टहलना चाहिए।
रोजाना वर्कआउट करने से न सिर्फ वजन घटता है बल्कि ब्लड शुगर लेवल भी नियंत्रित रहता है। 2016 में हुई एक स्टडी के अनुसार, हर बार भोजन के बाद 10 मिनट टहलने से टाइप 2 डायबिटीज से पीडि़त लोगों में ब्लड शुगर का स्तर घटता है। भोजन के बाद 10 मिनट टहलना दिन में किसी भी समय 30 मिनट टहलने से कहीं अधिक फायदेमंद होता है।
जब आप टहलते हैं, या कोई अन्य एक्सरसाइज करते हैं, तो आपका हार्ट रेट बढ़ता है और आपकी मांसपेशियां एनर्जी के रूप में कार्बोहाइड्रेट या शुगर का इस्तेमाल करना शुरू कर देती हैं। जब आप भोजन में कार्बोहाइड्रेट का सेवन करते हैं, तो आपका ब्लड शुगर बढ़ जाता है। खून से इस शुगर को बाहर निकालना और शरीर की सभी कोशिकाओं तक पहुंचाना इंसुलिन का काम होता है। भोजन के बाद जब आप टहलते हैं, तो मांसपेशियों में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे हमारे रक्त से एक्स्ट्रा शुगर बाहर निकल जाता है। ब्लड शुगर कंट्रोल होने से वजन तेजी से घटता है।
हर रोज कितनी एक्सरसाइज करनी चाहिए
नियमित कितनी और कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए, इससे जुड़े कई नियम हैं। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, हर हफ्ते 150 मिनट मॉडरेट-इंटेंसिटी एरोबिक एक्सरसाइज करनी चाहिए।हर दिन कम से कम 21 मिनट मॉडरेट-इंटेंसिटी से टहलना या चलना चाहिए। इससे हृदय रोग और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम होता है। साथ ही हड्डियां मजबूत होती हैं और वजन भी घटता है।
वजन घटाने के लिए खाना खाने के बाद नियमित टहलना चाहिए। इसके साथ ही हेल्दी डाइट पर भी ध्यान देना चाहिए।

 

इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने तक, जानें सेहत के लिए पालक के अनोखे फायदे

इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने तक, जानें सेहत के लिए पालक के अनोखे फायदे

अच्छी सेहत के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां बहुत फायदेमंद होती हैं। जब हरी पत्तेदार सब्जियों की बात आती है, तो पालक को सबसे अधिक स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। पालक में कई तरह के विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
आमतौर पर पालक को कच्चा या पकाकर दोनों तरह से खाया जा सकता है। इसमें कैलोरी बहुत कम मात्रा में पायी जाती है, जिससे आपका स्वास्थ्य बेहतर रहता है और वजन भी नहीं बढ़ता है। यह इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित रखता है।
आइए जानते हैं सेहत के लिए पालक के फायदे।
सेहत के लिए पालक के फायदे:
पालक में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद होते हैं। नियमित रूप से इस हरी पत्तेदार सब्जी का सेवन करने से बीमारियां का खतरा कम होता है।
आंखों के लिए फायदेमंद:
पालक में ल्यूटिन और जैक्सेंथिन सहित कई यौगिक मौजूद होते हैं, जो आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। शोध बताते हैं कि ये पिगमेंट मैक्यूलर डिजनरेशन और मोतियाबिंद के खतरे को कम करते हैं। ये यौगिक आपकी आंखों को सूरज की रोशनी से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। इस सब्जी में एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है जो कैंसर के खतरे को कम करता है।
वजन घटाए:
पालक में कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, लेकिन अधिक मात्रा में घुलनशील फाइबर पाया जाता है। यह सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद है और वजन घटाने में भी काफी मदद करता है। साथ ही यह ब्लड शुगर को भी नियंत्रित रखता है। पालक में पाया जाने वाला फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर रखता है जिससे कब्ज की समस्या नहीं होती है। इसका सेवन करने से बार-बार भूख नहीं लगती है जिससे मोटापे की समस्या नहीं होती है।
इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक:
पालक में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी, बीटा कैरोटिन और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। आज के समय में अगर आप भी इम्यूनिटी बढ़ाने के तरीके खोज रहे हैं तो पालक से बेहतर कुछ भी नहीं है। इसमें मौजूद विटामिन ई और मैग्नीशियम जैसे खनिज इम्यूनिटी मजबूत करने के साथ ही वायरस एवं बैक्टीरिया को भी दूर रखते हैं।
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करे:
पालक में भरपूर मात्रा में नाइट्रेट पाया जाता है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करती है। इससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है। रिसर्च के अनुसार, पालक का सेवन करने से हृदय स्वस्थ रहता है और इससे जुड़ी बीमारियां भी दूर रहती हैं।
हाइड्रेशन बढ़ाए:
शरीर के अंगों को ठीक तरह से काम करने के लिए हाइड्रेट रहना बहुत जरूरी होता है। पालक शरीर को रेगुलेट करता है, जोड़ों को चिकनाहट और कोशिकाओं को पोषक तत्व प्रदान करता है। नियमित पालक का सेवन करने से संक्रमण का खतरा कम होता है और मूड बेहतर रहता है। पालक में पानी प्रचुर मात्रा में होता है जो शरीर को अच्छी तरह हाइड्रेट करता और बीमारियों से दूर रखता है।
पालक में पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं, लेकिन इसका सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। अधिक मात्रा में पालक खाने से सेहत को नुकसान भी पहुंच सकता है। किडनी रोग के मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही पालक का सेवन करना चाहिए।

 

Lunch के बाद करते हैं ये 5 गलतियां तो सेहत को हो सकता है नुकसान

Lunch के बाद करते हैं ये 5 गलतियां तो सेहत को हो सकता है नुकसान

अच्छी सेहत के लिए हम क्या कुछ नहीं करते है, लेकिन सही खान-पान के साथ कुछ ऐसी बातें भी हमें ध्यान रखनी चाहिए जिसका सीधा असर हमारी हेल्थ पर पड़ता है। दरअसल हममें से ऐसे कई लोग है। जो दोपहर के खाने के बाद कुछ ऐसा कर जाते हैं, जो उनकी सेहत के लिए हानिकारक होता है। वो क्या गलतियां है आइए जानते हैं...


1 आपने सुना होगा कि खाने के एकदम बाद पानी नहीं पीना चाहिए? अगर आप इसका पालन करते हैं तो ठी है, लेकिन अगर नहीं करते और पानी पी लेते हैं तो ध्यान रखें कि कभी ठंडा पानी न पिएं। खाना खाने के बाद यह पाचन बिगाड़ सकता है। अगर आपको पीना ही है तो गुनगुना पानी पिएं, यह पाचन को और बेहतर करेगा।

2 खाना खाने के बाद चाय या कॉफी पीना अगर आपको पसंद है, तो अफसोस कि यह आपकी बड़ी गलती है। इससे शरीर आहार में मौजूद आयरन को अवशोषित नहीं कर पाता और न ही प्रोटीन को पचा पाता है।


3 दोपहर का खाना खत्म करने के बाद अगर आप तुरंत अपने काम पर लौट जाते हैं और तेज चलना या अन्य गतिविधि करते हैं, तो यह भी गलती है। खाने के बाद कुछ देर रेस्ट करें उसके बाद ही एक्टि व हों, वह भी धीरे।

4 खाने के बाद कुछ घंटों तक फल, जूस या अन्य खाद्य पदार्थों का प्रयोग न करें। ये आपके पाचन की प्रक्रिया को बाधित कर देता है।

5 खाने के बाद लेटना ठीक नहीं है, ना ही धूम्रपान का सेवन ठीक है। यह तेजी से आपके पाचन तंत्र और शरीर को हानि पहुंचा सकता है।

 

बैलेंस डाइट क्या होती है, अच्छे स्वास्थ्य के लिए क्यों है जरूरी

बैलेंस डाइट क्या होती है, अच्छे स्वास्थ्य के लिए क्यों है जरूरी

तंदुरुस्त रहने के लिए संतुलित आहार यानी Balanced Diet लेना बेहद जरूरी है। यदि आप संतुलित आहार लेते हैं तो यह सीधे आपकी अच्छी सेहत से जुड़ा हुआ है, जो आपको बीमारियों से दूर रखता है। वहीं अगर हम बैलेंस डाइट नहीं लेते हैं, तो हमें कई बीमारियां घेर लेती हैं। आपको अपनी डाइट में ऐसे फूड को शामिल करने की जरूरत होती है, जो आपको सभी जरूरी पोषक तत्व दें। एक सही डाइट प्लान आपकी उम्र पर भी निर्भर करता है। बच्चों, वयस्कों व महिलाओं के लिए अलग डाइट प्लान तैयार होता है जिससे कि वे स्वस्थ रह सकें, वहीं गर्भावस्था के दौरान आपको अपनी पोषण और डाइट प्लान बदलना भी बेहद जरूरी होता है।
बैलेंस डाइट के लिए आपको क्या करना चाहिए?

एनर्जी:

दैनिक काम के लिए एक निश्चित ऊर्जा की जरूरत होती है। एनर्जी की आपको सही मात्रा कार्बोहाइड्रेट से मिलती है। कार्बोहाइड्रेट अनाजों, गेहूं, बाजरा व ओट्स में पाया जाता है। फल और कई तरह की फलियों से भी कार्बोहाइड्रेट शरीर को मिलता है। इसलिए एनर्जी के लिए कार्बोहाइड्रेट को सही मात्रा में अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।
प्रोटीन:

प्रोटीन बेहतर स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने से लेकर शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने तक प्रोटीन बहुत आवश्यक है। इसको सही मात्रा में लेना जरूरी होता है। दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थों में प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा दाल, मछली, अंडा और चिकन भी प्रोटीन के प्रमुख स्रोत हैं।

फैट:
फैट भी हमारी डाइट में बहुत जरूरी होता है लेकिन सही मात्रा में। इसके लिए आपको अपने डाइटिशियन की सलाह लेना आवश्यक है। आपके शरीर में हेल्दी फैट आपको तंदुरुस्त रखने में मदद करता है।

दूध:

दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी क्वालिटी प्रोटीन प्रदान करते हैं।

सब्जियां और फल:

सब्जियों और फलों में कई पोषक तत्व होते हैं, जो स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक होते हैं। इनको डाइट में सही मात्रा में शामिल करना बहुत जरूरी है।

 

पेट दर्द में फायदेमंद होता है इन 3 चीजों का सेवन

पेट दर्द में फायदेमंद होता है इन 3 चीजों का सेवन

पेट दर्द आम बात है। आजकल बदलते खान-पान और जीवनशैली के चलते लोगों को पेट दर्द से जूझना पड़ता है। जल्दबाजी से खाने पीने से भी कई बार इस तरह की शिकायत हो जाती है। लेकिन कुछ घरेलु नुस्खे आजमा सकते हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं। 

 

पेट दर्द के आसान इलाज:
अदरक: अदरक पेट की समस्याओं को दूर करने में सक्षम है। अदरक पाचन तंत्र को मजबूत बनता है। फ़ूड पॉइजनिंग की समस्या होने पर अदरक में थोड़ा शहद मिलाकर खाएं।
शहद: आप चाय में मिला के शहद लेते हैं तो आपको पेट दर्द से जल्दी ही निजात मिल जाएगी। अगर आपको उल्टी जैसी समस्या हो रही हो या जी मचला रहा हो तो उसमे भी यह फायदेमंद है।
केला: केला पाचनतंत्र को स्वस्थ रखने में बहुत ज्यादा कारगर होता है। फूड पॉइजनिंग होने पर एक केला और एक सेब को अच्छी तरह से मिलाकर खाएं। इस मिश्रण को खाने से फूड पॉइजनिंग की समस्या दूर हो जाएगी।
 
नाखून चबाने की आदत कर सकती है आपको बीमार, ऐसे पाएं इससे छुटकारा

नाखून चबाने की आदत कर सकती है आपको बीमार, ऐसे पाएं इससे छुटकारा

अक्सर छोटे बच्चे नाखून चबाना काफी पसंद करते हैं और आप उनकी इस हरकत पर उन्हें डांटते भी होंगे। वैसे सिर्फ बच्चे ही नहीं, कुछ बड़े लोग भी इस गलत आदत का शिकार होते हैं। नाखून चबाने में आपको भले ही कोई कमी नजर न आए लेकिन यही आदत कई बीमारियों को बुलावा देती है। इसलिए जितना जल्दी हो सके, इस आदत से किनारा कर लें।

तो चलिए जानते हैं कि नाखून चबाने की आदत से कैसे पाएं छुटकारा...
छोटे रखें नाखून
यह नाखून चबाने की आदत को छुड़ाने का एक आसान व कारगर उपाय है। जिन लोगों को भी नाखून चबाने की आदत होती है, उन्हें हमेशा अपने नाखून छोटे ही रखने चाहिए। जब आपके नाखून बड़े होंगे ही नहीं, तो फिर आप चबाओगे किसे। वहीं अगर आपको बड़े नाखून रखने का शौक है तो समय-समय पर मेनीक्योर करवाते रहें। जब आपके नाखून देखने में बेहद सुंदर लगेंगे तो आपका नाखून चबाने का मन ही नहीं करेगा।
डाइट पर दें ध्यान
व्यस्क लोगों में नाखून चबाने की आदत की एक मुख्य वजह उनके शरीर में कैल्शियम की कमी भी होती है। इसलिए डाइट में बदलाव आपकी आदत को बदलने में मदद करेगी। आप अपनी डाइट में ऐसी कुछ चीजों जैसे दूध, दही, चीज़, बादाम, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियों को अवश्य जगह दें।
पहचानें वजह
जहां कुछ लोग कैल्शियम की कमी के चलते नाखून चबाते हैं तो कुछ लोग अत्यधिक तनाव के कारण ऐसा करते हैं। इसलिए यह बेहद आवश्यक है कि आप अपनी इस आदत के पीछे की वजह को पहचानें। अगर इसके पीछे की वजह तनाव है तो स्टेस मैनेजमेंट के उपाय करिए। आदत खुद ब खुद छूट जाएगी।
यह तरीका भी आएगा काम
नाखून चबाने की आदत को छुड़ाने के लिए आपको खुद को कंट्रोल करना सीखना होगा। आप चाहें तो अपनी टेबल के सामने नोट लगाएं या फिर आप मोबाइल में रिमाइंडर लगाएं। इससे आपको खुद को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। वहीं नेल बाइटिंग की इच्छा होने पर आप अपने हाथों को किसी अन्य कामों में लगाएं, जिससे आपको ऐसा करने का मौका ही न मिले।
कड़वी चीजों का प्रयोग
अगर ऊपर लिखे किसी उपाय से आपको फायदा न मिलें तो अंत में आप इस तरीके को अपना सकते हैं। इसके लिए आप अपने नाखूनों पर नेलपेंट, नीम का पेस्ट या फिर किसी अन्य कड़वी चीज लगाएं। ऐसा करने से आप जब भी नेल बाइट करेंगे तो उसका कड़वा टेस्ट आपके मुंह में जाएगा और फिर आपकी यह आदत आसानी से छूट जाएगी।
 

दीवाली पर फिट और खूबसूरत दिखने के लिए लॉकडाउन में बढ़े वजन को कैसे करें कम, जानिए यहां

दीवाली पर फिट और खूबसूरत दिखने के लिए लॉकडाउन में बढ़े वजन को कैसे करें कम, जानिए यहां

फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो चुकी है और यह समय परिवार के साथ मस्ती करने व जमकर स्वादिष्ट मिठाईयों और भोजन का लुत्फ उठाने का है. लेकिन त्योहार की मस्ती और खुमारी में कम नींद लेने और एक्सरसाइज की अनदेखी करने से आपकी मेंटेन फिगर को नुकसान पहुंच सकता है. वैसे भी आठ महीने के लॉकडाउन में बहुत से लोगों की बॉडी में कुछ किलोज तो बढ़ ही गए हैं.


दीवाली का त्योहार जहां अच्छे-अच्छे कपड़े पहनकर खूबसूरत दिखने का होता है तो ऐसे में कोई नहीं चाहेगा कि उसकी बॉडी का एक्स्ट्रा फैट उसकी त्योहार की मस्ती को किरकिरा करे. आपकी इस इच्छा का ख्याल हमें है, इसलिए हम आपको बताएंगे कुछ डिटॉक्स प्लान के बारे में जो आपकी बॉडी के एक्स्ट्रा फैट को काफी हद तक बर्न कर देगा. यकीन मानिए 20 दिन के अंदर-अंदर आप आप अपनी फिगर को देख खुद पर जरूर इतराएंगे.


सुबह का काढ़ा


अपने दिन की शुरुआत एक गिलास गर्म पानी में नींबू के रस के साथ करें. यह गर्म पेय शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करेगा और आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देगा. आप इस ड्रिंक को और बेहतर बनाने के लिए इसमें एक चम्मच शहद भी मिला सकते हैं.


खाने की मात्रा पर रखें ध्यान


अगर आप कितना खा रहे हैं, इस पर नज़र नहीं रख सकते हैं तो छोटी प्लेटों में खाना शुरू कर दें. छोटी प्लेटों का उपयोग करने से नापी हुई मात्रा में खा पाएंगे, जिससे आप अतिरिक्त कैलोरी का सेवन करने से बच सकते हैं. सभी व्यंजनों का आनंद लें, लेकिन याद रखें कि जंक फूड्स और मीठे भोजन को अनदेखा ही कर दें.


सलाद को जरूर शामिल करें


अपने सभी भोजन में सलाद को जरूर शामिल करें, खासकर जब आप ऑयली भोजन खा रहे हों. सलाद खाने से आपका पेट अधिक समय तक भरा रहेगा. यह भी याद रखें कि सलाद में काफी मात्रा में फाइबर होता है तो शरीर के अतिरिक्त किलो को घटाने में मदद करता है.


प्रोटीन डाइट लें


हम सभी जानते हैं कि प्रोटीन हमारे शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व है. दिवाली से पहले वजन कम करने के लिए अपने दैनिक आहार में कुछ अंडे, हरी पत्तेदार सब्जियां और मछली शामिल करें.


बहुत ज्यादा मात्रा में पानी पीएं


त्योहारी सीजन के दौरान हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है.पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है और अधिक मात्रा में खाने से रोकता है.हर दिन कम से कम 10-12 गिलास पानी पीने की कोशिश करें.


फल खाएं


फल सभी प्रकार के पोषक तत्वों का एक बड़ा स्रोत हैं. जिन लोगों को मीठे की क्रेविंग रहती है उन्हे फलों का सेवन करना चाहिए.


शराब के सेवन से बचें


त्योहार शुरू होने से पहले शराब पीने से बचें. शराब से शरीर में टॉक्सिन्स निकलते हैं, जो आपके लिए अच्छा नहीं है. बहुत अधिक शराब पीन से भी पेट पर फैट जमा होता है.


एक्सरसाइज करें


दिन में एक घंटे का समय निकालकर एक्सरसाइज जरूर करें. व्यायाम करने से शरीर चुस्त भी रहता है और शरीर की अतिरिक्त चर्बी भी कम हो जाती है. 

खर्राटों से हैं परेशान? तो इन 5 बातों का रखें ध्यान, समस्या से पाएं निजात

खर्राटों से हैं परेशान? तो इन 5 बातों का रखें ध्यान, समस्या से पाएं निजात

कई लोगों को नींद में खर्राटे लेने की समस्या होती है, लेकिन कई बार वे इस बात से अनजान रहते हैं। हालांकि जब आपको ऐसे किसी व्यक्ति के पास सोना पड़े, तो आपकी भी नींद खराब हो जाती है और खर्राटों की आवाज से चिढ़ होने लगती है, सो अलग। यदि आपको या आपके किसी करीबी को खर्राटे आते हैं, तो आप इन 5 बातों का ध्यान रखकर इस स्मस्या से निजात पा सकते हैं।

आइए, जानते हैं खर्राटों से निजात पाने के उपाय :
1. वजन कम रखें :
कई बार वजन बढ़ने पर गले में चर्बी जमा हो जाती है, जिस वजह से भी खर्राटे आते हैं। गले के जरिए शरीर में जाने वाली हवा गले के टिशू में कंपन पैदा करती है और खर्राटे की वजह बनती है।

2. शराब पीकर न सोएं :
कई लोगों को शराब ज्यादा पीने के कारण भी खर्राटे आते हैं, इसलिए सोने के दो से तीन घंटे पहले शराब न पीएं।

3. समय पर सोएं :
अनियमित सोने के समय के कारण भी खर्राटे आ सकते हैं, इसलिए कोशिश करें कि रोज एक ही समय पर सोएं और 7-8 घंटे की भरपूर नींद लें।
4. दमा और सर्दी का इलाज कराएं :
अस्थमा और सर्दी के कारण भी लोगों को खर्राटे की परेशानी होती है, क्योंकि उनकी स्वास नली संकरी हो जाती है, जिससे गले से आवाज़ें आती हैं।

5. लाइफ स्टाइल सुधारें :
खराब दिनचर्या भी खर्राटों की वजह बनती है। बेवक्त खाना-पीना, ठीक से आराम ना करना, सिगरेट आदि पीने से भी खर्राटे आते हैं।

 

अदरक की चाय के फायदे तो बहुत सुने होंगे, अदरक के पानी की खूबियां जानकर रह जाएंगे हैरान

अदरक की चाय के फायदे तो बहुत सुने होंगे, अदरक के पानी की खूबियां जानकर रह जाएंगे हैरान

जब भी आप सब्जी खरीदने जाते होंगे तो साथ में अदरक भी जरूर खरीदते होंगे, आखिर अदरक के बिना घर के कई सदस्यों को चाय नहीं भाती है। अदरक की चाय पीने से सेहत को कई फायदे होते हैं ये तो अधिकतर लोग जानते हैं, लेकिन क्या आपको ये पता हैं कि अदरक का पानी पीना भी बहुत ही फायदेमंद होता है और ये पानी कई सेहत समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है।

आइए, जानते हैं अदरक का पानी पीने के सेहत लाभ -


1 त्वचा के लिए फायदेमंद :
अदरक का पानी पीने से खून साफ रहता है, जिसका असर त्वचा पर बढ़ती चमक के रूप में दिखई देता है। साथ ही ये पिंपल्स और स्किन इंफेक्शन जैसी परेशानियां से भी बचाता है।

2 प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
अदरक का पानी पीने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, साथ ही ये सर्दी-खांसी और वायरल इंफेक्शन जैसी बीमारियों की आशंका कम कर देता है।

3 खाना पाचन में फायदेमंद :
इसे पीने से आपका पाचन तंत्र सही काम करता है और खाना आसानी से पचने में मदद मिलती है।

4 वजन कम करने में सहायक :
इसे नियमित पीने से शरीर का अतिरिक्त फैट खत्म होते जाता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

5 कैंसर से रक्षा :
अदरक में ऐसे तत्व भी पाए जाते हैं जो कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने में असरदार होते हैं। इसलिए ये कैंसर होने की आशंका को कम करने में सहायक होता है।