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वैक्सीन नही लगवाने वाले विधायकों को नहीं मिलेगी विधानसभा में एंट्री, मानसून सत्र से पहले विस अध्यक्ष का फरमान

वैक्सीन नही लगवाने वाले विधायकों को नहीं मिलेगी विधानसभा में एंट्री, मानसून सत्र से पहले विस अध्यक्ष का फरमान

पटना। बिहार विधानसभा में विधायको की एंट्री को लेकर बड़ा आदेश जारी किया गया है। इसके अब उन्हीं विधायकों को प्रवेश की अनुमति मिलेगी जिन्होंने कोरोना वैक्सीन लगवा ली है। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने नया फरमान जारी किया है। बिहार में कुछ दिनों में ही विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो सकता है, ऐसे में जिन विधायको ने वैक्सीन की डोज नहीं ली, उन्हें परेशानी हो सकती है।

विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के इस फरमान से सबसे ज्यादा दिक्कत प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को हो सकती है। दोनों ने अभी तक वैक्सीन नहीं ली है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि वो वैक्सीन लेने वाले अंतिम व्यक्ति होंगे। उनकी सोच है कि पहले आम जनता का वैक्सीनेशन हो जाए।

दरअसल, स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने मानसून सत्र से पहले सभी विधायकों से सपरिवार टीके लगवाने की अपील की है। साथ ही अपने क्षेत्र के लोगों को भी टीके लगवाने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जिन विधायकों के सौजन्य से उनके क्षेत्र में 80 फीसद से ज्यादा टीके लगवा दिए जाएंगे, उन्हें विधानसभा की ओर से सम्मानित किया जाएगा।

स्पीकर विजय सिन्हा ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए टीका ही सर्वोत्तम सुरक्षा कवच है, जन-प्रतिनिधि होने के कारण हमारी जिम्मेदारी बढ़ जाती है, विधायकों का आम लोगों से सरोकार रहता है, जन-प्रतिनिधियों, राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक कार्यकर्ताओं द्वारा टीका लगाने के लिए जनता को उत्साहित करने पर समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।

स्पीकर विजय सिन्हा ने कहा कि कोरोना वायरस लगातार स्वरूप बदल कर अबूझ पहेली बना हुआ है, तीसरी लहर की संभावना बनी हुई है, हमें सजग और सावधान रहकर इस अदृश्य वायरस का मुकाबला करना होगा और अनमोल जीवन को सुरक्षित रखना होगा।
 
भाजपा ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्यतिथि मनायी “बलिदान दिवस” के रूप में

भाजपा ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्यतिथि मनायी “बलिदान दिवस” के रूप में

रायपुर, भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्यतिथि बलिदान दिवस के रूप में मनायी गई। व भाजपा के पंचनिष्ठा के प्रतीक स्वरूप 5 पौधों का रोपण किया गया।


डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा कि महापुरुष के जीवन बात करना,उनके जयकारे लगाने के साथ उनकी जीवनी को आत्मसात करना भी महत्वपूर्ण है। जितनी संकल्प शक्ति भाजपा के अग्रपुरुषो में है उसे अपनाए ताकि आने वाली पीढ़ी हमे भी उनके समान याद करे।
मुखर्जी जी के विषय में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के पश्चात सन 50 तक आते आते देश की स्थितियां बदलती गई। नेहरू जी की हठ धर्मिता से धारा 370 लागू हुए , आधा कश्मीर चला गया,देश में ऐसे वातावरण तैयार होने लगे, जिसमें देश गुलाम हुआ था।
ऐसे समय में देश हित को सर्वोपरि मानते हुए नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर उन्होंने जनसंघ की आधारशिला रखी । जनसंघ के निर्माण का उद्देश्य देश की अखण्डता की रक्षा के लिए था। डॉ मुखर्जी जी ने कहा कि कश्मीर किसी के लिए मिट्टी का टुकड़ा हो सकता है मेरे लिए भारत माता का मुकुट है। और मैं देश के मुकुट पर लगा कलंक 370 जिसके तहत देश में दो विधान , दो निशान ,दो प्रधान उसे समाप्त करवा कर रहूंगा। विभिन्न व्यक्तियों द्वारा अपनी हत्या की आशंकाओं के बाद भी धारा 370 के विरोध में जम्मू में एक सभा की और अपना बलिदान दे दिया।
दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा कि जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की बलिदान देने की परंपरा आज भाजपाइयों के खून में है। देश के लिए परिजन, समाज, संबंधों का त्याग कर राष्ट्रहित ही उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी द्वारा 1951 में बोया छोटा सा बीज आज 11 करोड़ संख्या के साथ एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है।


संगोष्ठी में उद्बोधन देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा किआज हम जनसंघ के संस्थापक, राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्मरण करने हेतु उपस्थित हए है। आज़ादी के बाद एक विचारधारा के लोग राष्ट्र पर शासन कर रहे थे। तब विकल्प की राजनीति का बीजारोपण डॉ श्याम प्रसाद जी ने की। उन्होंने देश की संस्कृति मिट्टी से जुड़ी वैकल्पिक विचारधारा लिए जनसंघ की स्थापना की । एक अद्भुत व्यक्तित्व जिन्होंने 34 साल की उम्र में उपकुलपति के पद को कलकत्ता जैसे शहर में शुशोभित किये। नेहरू मंत्रिमंडल में डॉ श्यामाप्रसाद जी मंत्री बने। देश में औद्योगिकरण विचारधारा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की देंन है । 1950 में नेहरू लियाकत समझौता के बाद उन्होंने नेहरू पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए मंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया था। उन्होंने कहा कि बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान के बाद न केवल कश्मीर अपितु पंजाब और बंगाल का बहुत सारा हिस्सा दूसरे हाथों में जाने से बचा।
स्वागत उद्बोधन में भाजपा रायपुर जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी जी ने कहा कि आज मोदी जी द्वारा कश्मीर में धारा 370 हटाया गया है उसकी भूमिका 1951 में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने तय कर दी थी देश के लिए सर्वस्व निछावर करने की जो प्रेरणा उन्होंने दी उसका अनुगमन आने वाले समय में भाजपा के अनेक नेताओं ने किया।

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर सुबह शारदा चौक स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया कार्यक्रम में मुख्य रूप से बृजमोहन अग्रवाल, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, प्रफुल्ल विश्वकर्मा ,अमित साहू, सुभाष तिवारी, छगन मून्दड़ा,रसिक परमार, डॉक्टर सलीम राजकेदार गुप्ता, किशोर महानंद, सच्चिदानंद उपासने, दीपक महसके, सुरेंद्र पाटनी, अंजय शुक्ला , अनुराग अग्रवाल, श्यामा चक्रवर्ती, अमरजीत छाबड़ा , अमित मैसेरी, राजीव मिश्र, लोकेश कांवरिया, पुष्पेंद्र परिहार, सुनील चौधरी, खेम सेन, हरीश ठाकुर, ज्ञान चंद चौधरी, अकबर अली, दीना डोंगरेमीनल चौबे,सीमा साहू,स्वप्निल मिश्रा,वंदना राठौर,उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री रमेश सिंह ठाकुर व आभार प्रदर्शन ओंकार बैस ने किया।

 

सोनिया ने नहीं दिया कैप्टन को मिलने का वक्त, थमाया 18 बिन्दुओं का एजेंडा

सोनिया ने नहीं दिया कैप्टन को मिलने का वक्त, थमाया 18 बिन्दुओं का एजेंडा

दिल्ली, पंजाब कांग्रेस में कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच मची कलह अब सोनिया गांधी के दरबार में पहुंच गई है। पार्टी के महासचिव और पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने बुधवार को राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कहा कि इस संबंध में अब सोनिया गांधी ही फैसला लेंगी। उनकी ओर से पंजाब सरकार और पार्टी में फेरबदल को लेकर 8 से 10 जुलाई तक फैसला लिया जा सकता है। रावत ने कहा कि सोनिया गांधी की ओर से पंजाब को लेकर बनाए गए पैनल ने सीएम कैप्टन अमरिंदर से मुलाकात की है और उन्हें मेनिफेस्टो में किए गए 18 प्रमुख वादों पर काम करने की सलाह दी है।
रावत ने कहा कि पैनल की ओर से सोनिया गांधी को संगठन में बदलाव समेत राजनीतिक मसलों पर रिपोर्ट सौंपी है। उनकी ओर से 10 जुलाई तक फैसला आ सकता है। यही नहीं उन्होंने कहा कि पैनल ने सीएम से कहा है कि वे राज्य में रेत और ट्रांसपोर्ट माफिया के खिलाफ कड़ा ऐक्शन लें। इसके अलावा शहरी लोगों को 200 यूनिट तक फ्री बिजली दिए जाने पर भी विचार करने को कहा गया है। हरीश रावत ने कहा, 'हमारे मेनिफेस्टो में बहुत से वादे किए गए थे। इनमें से तमाम वादों को पूरा भी किया गया है। हमने सभी पर चीफ मिनिस्टर से बात की है। कांग्रेस कमिटी की ओर से कुछ मुद्दों को लेकर डेडलाइन दी गई और काम करने को कहा गया है।'
राज्य में सक्रिय ड्रग माफिया को लेकर रावत ने कहा कि सरकार ने ऐसे कई लोगों पर एक्शन लिया है। आने वाले दिनों में कुछ और माफियाओं के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब में बिजली एक बड़ा मुद्दा है। शहरों में इसकी काफी शिकायत होती रही है। कांग्रेस कमिटी ने सीएम से कहा है कि वे शहरों में 200 यूनिट तक फ्री बिजली दिया जाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा दलित छात्रों की स्कॉलरशिप, लोन माफी, अवैध कॉलोनियों के नियमितिकरण के मुद्दों पर आगे बढ़ने को कहा गया है। रावत ने कहा कि हमारे मेनिफेस्टो में रेत माफिया के खिलाफ पूरी तरह लगाम कसने की बात कही गई थी। इस पर सीएम का कहना है कि वह इस पर नियंत्रण के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

 

रायपुर में स्मार्ट सिटी को लेकर पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा बयान- पैसा खाने का बड़ा अड्डा स्मार्ट सिटी

रायपुर में स्मार्ट सिटी को लेकर पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा बयान- पैसा खाने का बड़ा अड्डा स्मार्ट सिटी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में स्मार्ट सिटी को लेकर पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बड़ा बयान जारी किया है। बृजमोहन अग्रवाल ने महापौर एजाज ढेबर पर आरोप लगते हुए कहा, पिछले ढाई वर्षों में स्मार्ट सिटी लूटमार व पैसा खाने का अड्डा बन गया है। 50 लाख रुपए में चौक बना रहे हैं। सरकार के पास पैसा नहीं है, इसलिए पैसा खाने के लिए उन्होंने रास्ता निकाल लिया है।


वहीं इस बयान पर महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि कोई एक जगह बताएं, जहां पैसा खाने के लिए प्रोजेक्ट बन रहा है। मेरे कार्यकाल में जितने भी काम स्मार्ट सिटी रायपुर के नाम पर हुए, वो बीते 15 वर्षों में कभी नहीं हुए। एक जगह बताइए जहां गड्ढा खोदे गए और काम नहीं हुआ। आरोप प्रत्यारोप लगाना बहुत सरल है।

BREAKING NEWS: छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में दर्ज एफआईआर पर रोक लगवाने के लिए योगगुरु बाबा रामदेव पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

BREAKING NEWS: छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में दर्ज एफआईआर पर रोक लगवाने के लिए योगगुरु बाबा रामदेव पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

रायपुर: छत्तीसगढ़ सहित देश के कई राज्यों में योगगुरु बाबा रामदेव के खिलाफ केस दर्ज कराए गए थे। इसको लेकर बाबा रामदेव ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। रामदेव ने अपनी याचिका में आईएमए पटना और रायपुर पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर रोक लगाने और प्राथमिकी को दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की है।


पिछले दिनों ही छत्तीसगढ़ के रायपुर में योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। कोरोना के इलाज में दी जा रहीं एलोपैथिक दवाओं को लेकर गलत जानकारी फैलाने के आरोप में उन पर यह केस दर्ज किया गया था।

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार 3 दिवसीय छत्तीसगढ़ के दौरे पर

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार 3 दिवसीय छत्तीसगढ़ के दौरे पर

रायपुर: श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार बुधवार को रायपुर में होंगे। वे तीन दिवसीय दौरे पर बुधवार को रायपुर पहुंचेंगे। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित बलिदान दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

 
तय शेड्यूल के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री 24 जून को भाजपा विधायक दल और अजा मोर्चा की बैठक लेंगे। इसके बाद 25 जून को महासमुंद में मंडल प्रभारी, मंडल अध्यक्षों की बैठक लेंगे।

बड़ी खबर : मोदी कैबिनेट में होगा जल्द विस्तार छत्तीसगढ़ के इस बड़े नेता को मिल सकती है जिम्मेदारी

बड़ी खबर : मोदी कैबिनेट में होगा जल्द विस्तार छत्तीसगढ़ के इस बड़े नेता को मिल सकती है जिम्मेदारी

नई दिल्ली, केंद्र सरकार जल्द ही कैबिनेट में विस्तार करने जा रही है। माना जा रहा है जिन राज्यों में आने वाले वर्षों में विधानसभा चुनाव होने हैं, उन राज्यों को मंत्रिमंडल में तरजीह दी जाएगी। इसके अलावा क्षेत्रीय दलों के नेताओं को मंत्रिपरिषद में शामिल कर एनडीए के कुनबा भी बढ़ाने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो इसी माह के अंत तक मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। इसमें छत्तीसगढ़ से भी किसी एक दिग्गज नेता को केन्द्रीय मंत्री बनाया जा सकता हैं, जिसमे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा हैं।
हाल के दिनों में मोदी कैबिनेट विस्तार को लेकर सरकार और संगठन के बीच कई दिनों तक लंबी बैठकें हुई, जिसमें मौजूदा मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की गई। जबकि नए चेहरों के चयन पर भी विचार किया गया। सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल में दो बातों का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। पहला 2022 में उत्तर प्रदेश समेत 6 राज्यों में होने वाला माना जा रहा है कि मोदी कैबिनेट के विस्तार में उत्तर प्रदेश से 3, छत्तीसगढ़ से 1, उत्तराखंड से 1, गुजरात से 1, गोवा से 1, हिमाचल प्रदेश से 1 और पंजाब से 1 नए चेहरे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में मौका मिल सकता है, जबकि क्षेत्रीय दलों को भी इस बार साधने की तैयारी है।
मोदी कैबिनेट के विस्तार में यूपी के पूर्वांचल से एक बड़े नेता को मौका मिल सकता है, क्योंकि मोदी सरकार-1 में कलराज मिश्र और शिवप्रताप शुक्ल मंत्री रह चुके हैं, लेकिन उनके बाद से मोदी सरकार 2 में गोरखपुर बेल्ट से किसी को मौका नहीं मिला। जबकि शिवप्रताप शुक्ल समेत हरीश द्विवेदी, रमापतिराम त्रिपाठी, सीमा द्विवेदी, विजय दुबे, रविकिशन शुक्ल, हरिद्वार दुबे जैसे ब्राह्मण सांसद पूर्वांचल से आते हैं।
यूपी चुनाव में इस बार ब्राह्मणों को साधने की चुनौती भी बीजेपी के सामने है। जबकि बीजेपी एक ओबीसी और एक दलित चेहरे को भी तरजीह देना चाहती है। ऐसे में पार्टी ओबीसी चेहरे के रूप में बांदा से सांसद आरके सिंह पटेल, एसपी बघेल, रेखा वर्मा में से किसी एक पर दांव लगा सकती है, जबकि दलित चेहरे के लिए पूर्व आईपीएस और दलित नेता बृजलाल, विनोद सोनकर या बीपी सरोज में से किसी एक की लॉटरी लग सकती है।
यूपी के दो क्षेत्रीय दल अपना दल और निषाद पार्टी के एक-एक नेता को भी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। ऐसा हुआ तो अनुप्रिया पटेल और प्रवीण निषाद को मंत्रिमंडल में शामिल किया जायेगा। इससे न केवल ओबीसी वोटरों में पकड़ मजबूत होगी बल्कि एनडीए का कुनबा बढ़ेगा।
इसी तरह उत्तराखंडखंड से अनिल बलूनी या अजय टम्टा में से किसी एक को शामिल किया जा सकता है। इसी तरह पंजाब से दलित नेता केंद्र सरकार में राज्यमंत्री सोमनाथ को प्रमोशन मिल सकता है। एमपी से ज्योतिरादित्य सिंधिया, छत्तीसगढ़ से डॉ. रमन सिंह या सरोज पाण्डेय में से एक को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।
पश्चिम बंगाल से निशीथ प्रामाणिक या दिलीप घोष. हिमाचल प्रदेश से मंत्रिमंडल में शामिल अनुराग ठाकुर को प्रमोट कर स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। असम से पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।
 

15 साल छत्तीसगढ़ियों के शोषण और भाजपाई " सिद्धांतो " का अंत हो चुका - घनश्याम तिवारी

15 साल छत्तीसगढ़ियों के शोषण और भाजपाई " सिद्धांतो " का अंत हो चुका - घनश्याम तिवारी

रायपुर,  भूपेश सरकार के ढाई वर्ष कार्यकाल को लेकर प्रदेश में उत्पन्न विपक्षी ( भाजपा ) बयानबाजी पर पलटवार करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि, प्रदेश भाजपाईयो में सत्ता गंवाने की तिलमिलाहट इतनी है की, वो अब अपने मूल चरित्र में आ गयी है। तिवारी ने कहा कि, भाजपाई अंग्रेजी हुकूमत की तरह फूटडालो राज करो की नीति पर आधारित है और यही संघ भाजपा का मूल सिद्धांत भी है। प्रदेश में मुद्दा विहीन भाजपा, अंतरकलह से जूझती भाजपा, टुकड़े टुकड़े गैंग में बंटी भाजपा, झूठ की बुनियाद पर खड़े होने के असफल प्रयासो के बाद अपने मूल सिद्धांत "फूड डालो राज करो" के पैंतरेबाजी में लगी हुयी है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि, कुनबे में बंटी विपक्ष के भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी शिव प्रकाश की लागतर लताड़ से इस तरह के उलजलूल बयान सामने आ रहे हैं। प्रभारियों ने शक्त हिदायत दी है कि, पार्टी बेस आंदोलन करें, न कि रमन सिंह को पार्टी समझे, उसका असर यह है कि, वरिष्ठ मंत्री बृजमोहन अग्रवाल कहते हैं 17 जून को प्रदेश में राजनीतिक भूचाल आने वाला है, आज 23 जून है? नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक कहते हैं कांग्रेसी विधायक हमारे संपर्क में है, कौन क्या कुछ अता पता नहीं? पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर कहते हैं गौधन न्याय योजना सबसे बड़ी दुर्घटना है, जबकि केंद्र सरकार, नीति आयोग तारीफ करती है। भाजपाई सत्ता मोह में अंधे हो चुके हैं, रमन सिंह गुट से केंद्रीय नेतृत्व नाराज है अन्य गुट अपने भविष्य तलाशने को लेकर मनगढ़त बयान बाजी कर, विरासत में मिली सिद्धान्तों के अनुसार फुट डालने का असंभव प्रयास कर रहे हैं। 

सरकार के गलत निर्णयों के कारण आदिवासी शासकीय सेवकों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है: विकास मरकाम

सरकार के गलत निर्णयों के कारण आदिवासी शासकीय सेवकों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है: विकास मरकाम

रायपुर। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने शासकीय सेवकों के लिये पदोन्नति में आरक्षण के लाभ को आदिवासियों का संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गलत निर्णयों के कारण आदिवासी वर्ग के शासकीय सेवक फरवरी 2019 से पदोन्नति में आरक्षण के लाभ से वंचित हो गये हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए पदोन्नति का नया नियम बनाना था ताकि पदोन्नति में आरक्षण का लाभ मिल सके परंतु कांग्रेस सरकार इस पर गंभीर नहीं है।
उन्होंने बताया कि फरवरी 2019 में बिलासपुर उच्च न्यायालय ने जनरैल सिंह निर्णय के आधार पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा पदोन्नति नियम क्र. 5 को खारिज कर दिया था तथा प्रदेश सरकार को निर्देशित किया था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुरूप पदोन्नति नियम में सुधार कर लें ताकि पदोन्नति में आरक्षण का लाभ दिया जा सके। परन्तु प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने उच्च न्यायालय के इस निर्देश को दरकिनार करते हुये अक्टूबर 2019 में फिर से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के पदोन्नति के लिये पुराना वाला ही, जनसंख्या प्रतिशत के अनुसार आरक्षण और 100 पॉइंट रोस्टर उच्च न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया। दिसंबर 2019 में उच्च न्यायालय ने इसे अस्वीकार करते हुये स्थगन आदेश दे दिया। जनवरी 2020 में उच्च न्यायालय ने पुनः स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के शासकीय सेवकों की पदोन्नति पर कोई स्थगन नहीं है लेकिन पदोन्नति, वरिष्ठता सह उपयुक्तता के आधार पर होगी आरक्षण के आधार पर नहीं। उच्च न्यायालय के इस टिप्पणी से प्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के हजारों शासकीय सेवकों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है जो कि आदिवासी बहुल हमारे राज्य के लिये चिंताजनक है।
इसी प्रकार पिछले वर्ष जुलाई 2020 में अजा, अजजा व पिछड़ा वर्ग के क्वांटीफीबल डेटा तैयार करने के लिये मनोज पिंगुआ की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया परन्तु शासन द्वारा ये नहीं बताया गया कि ये समिति क्यों बनाई गई है? इसका क्या कार्य है? किस अवधि तक इनको रिपोर्ट देना है? अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं है। यदि यह समिति पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए डेटा एकत्रित करने हेतु गठित की गई है तो शासन के आदेश में इसका स्पष्ट उल्लेख क्यों नहीं किया गया है? वैसे भी पिछड़ा वर्ग के लिये पहले ही शासन ने पटेल कमेटी का गठन किया था उसे क्यों भंग नहीं किया गया।
भूपेश बघेल सरकार की मंशा वास्तव में पदोन्नति में आरक्षण देने की है तो माननीय सुप्रीम कोर्ट में जनरैल सिंह निर्णय के अनुसार प्रदेश सरकार को प्रत्येक संवर्ग में अजजा व अजा सदस्यों को अपर्याप्तता के आंकड़े जुटाने चाहिये तथा यह भी दिखाना चाहिये कि पदोन्नति से प्रशासन की कुशलता प्रभावित नहीं होगी, क्योंकि शासकीय कर्मचारी उसी विभाग के हैं। माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार उपरोक्त आंकड़े जुटाकर छत्तीसगढ़ लोक सेवा पदोन्नति नियम क्र. 5 पूरे तथ्यों के साथ उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना चाहिये, ताकि अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के शासकीय सेवकों को पदोन्नति में आरक्षण का अधिकार मिल सके।
भाजपा के अजजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चेतावनी देते हुए कहा है कि उनकी सरकार के गलत निर्णयों के कारण आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के साथ हनन बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण हमारा संवैधानिक अधिकार है और हम इसे लेकर रहेंगे। 

उमेश कुमार पटेल को बलौदा बाजार जिला प्रभारी मंत्री बनाए जाने पर ग्राम पंचायत रीको कला के पूर्व उप सरपंच एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजीव अवस्थी ने बधाई दी

उमेश कुमार पटेल को बलौदा बाजार जिला प्रभारी मंत्री बनाए जाने पर ग्राम पंचायत रीको कला के पूर्व उप सरपंच एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजीव अवस्थी ने बधाई दी

बलौदाबाजार, छत्तीसगढ़ प्रदेश में कई मंत्रियो के प्रभार बदले गए जिसमें उमेश कुमार पटेल को बलौदा बाजार जिला प्रभारी मंत्री बनाए जाने पर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में अपार हर्ष व्याप्त है बलौदा बाजार जिले में प्रभारी मंत्री बनाए जाने एवं उच्च शिक्षा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश नंद कुमार पटेल को बलौदा बाजार जिले के प्रभारी मंत्री बनाए जाने पर विधानसभा क्षेत्र बिलाईगढ़ के कार्यकर्ताओं में अपार हर्ष व्याप्त है वही भूपेश सरकार में उमेश पटेल जी का कद बढ़ाया गया ग्राम पंचायत रीको कला के पूर्व उप सरपंच एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजीव अवस्थी एवं कार्यकर्ताओं ने बधाई संदेश प्रेषित कर खुशी का इजहार करते हुए प्रदेश सरकार का आभार जताया है वरिष्ठ कांग्रेस नेता छत्रसाल साहू ,नेमी चंद केसरवानी .नंदकुमार पटेल.संतोष दीवान ,प्रेमशिला नायक, रतन डडसेना. रामचरण डडसेना. लितेश डडसेना. भगवान सिंह ठाकुर, सोनू सिंघानिया, गजेंद्र पटेल ,जवाहर पटेल आदि लोगों ने हर्ष व्यक्त किया है l 

महंगाई पर आज चुप मोदी मंडली कभी नौटंकी करती थी-वंदना राजपूत

महंगाई पर आज चुप मोदी मंडली कभी नौटंकी करती थी-वंदना राजपूत

रायपुर। बेलगाम महंगाई पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि महंगाई पर आज चुप मोदी मंडली कभी नौटंकी करती थी..। यूपीए सरकार के समय एलपीजी के दाम 300 रुपये के आसपास रहे और 10-11 रुपये बढ़ने पर भी स्मृति ईरानी समेत सभी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को गुस्सा आता था, आज एलपीजी 900 रुपये के आसपास है, महंगाई डायन के रूप विकराल होता जा रहा है, लेकिन भाजपा नेताओं को गुस्सा आने की जगह अब शायद दिल मे ठंडक महसूस होती है। खाने के तेल में लगी है आग। मोदी जी 7 साल में आपने एक वादा को पूरा किया ना खाने दूंगा। आज हर वर्ग परेशान है, कोरोना महामारी से यदि वह बच जाता है तो महंगाई से मर रहा है प्रतिदिन महंगाई की आग से आम जनता जल रही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को बेलगाम महंगाई नजर नहीं आता, बेरोजगारी नजर नहीं आता महंगाई ने देश में हाहाकार मचा रखा है जिसे ना प्रधानमंत्री जी, ना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह को, ना सरोज पांडे को भारतीय जनता पार्टी के किसी भी नेता को दिखाई नहीं दे रहा है। लगातार बढ़ती हुई महंगाई पर मौन?
कोरोना के प्रकोप से परेशान जनता को बढ़ती महंगाई ज्यादा सता रही है। कोरोना के चलते लोगों के काम ठप हो गया बढ़ती महंगाई ने आग में घी डालने का काम किया है सरसों का तेल 90 रूपये से बढ़कर 200 रूपये लीटर पार हो रहा है, रिफाइंड तेल के दामों में भी आग लगा हुआ है। महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ रखा है अभी आम का सीजन है हर घर में आम का आचार बनाया जाता है आचार बनाने के लिये सरसों के तेल का उपयोग किया जाता है लेकिन वर्तमान में सरसों तेल 200 रूपये लीटर होने के कारण महिलाओं का बजट गड़बड़ हो गया है। आम जनता समझ चुकी है कि मोदी सरकार में तो चटनी भी नसीब नहीं।
मोदी जी को 100 दिन मे महंगाई कम करने का संकल्प याद दिलाते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सत्ता का बागडोर 7 साल से आपके हाथ में है सात वर्षों में महंगाई को नियंत्रण करने में बीजेपी सरकार असफल रही, बल्कि हर दैनिक जीवन के आवश्यक वस्तुओं के दाम दुगुने, ढाई गुने हो गये है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों मे कमी होने के बावजूद देश में शतक से अधिक प्रति लीटर पेट्रोल लेने में जनता विवश है। डीजल के दाम भी आसमान छू रहे है। एक समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों मे अंतर काफी रहता था, लेकिन आज ये हालत है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अंतर बहुत कम हो गया है। महामारी के मार पेट्रोल-डीजल शतक के पार। पेट्रोलियम एवं खाद्य पदार्थों के बढ़ती महंगाई को रोकने के लिये केन्द्र सरकार के पास कोई भी नीति नहीं है। जिसके चलते महंगाई आसमान छू रही है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। 

सरकार कोविड से जान गंवाने वालों के परिवारों की मदद को तैयार नहीं, यह क्रूरता है : राहुल

सरकार कोविड से जान गंवाने वालों के परिवारों की मदद को तैयार नहीं, यह क्रूरता है : राहुल

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोविड-19 महामारी के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा देने में केंद्र द्वारा असमर्थता जताए जाने को लेकर सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह सरकार की क्रूरता है। उन्होंने ट्वीट किया, जीवन की क़ीमत लगाना असंभव है- सरकारी मुआवज़ा सिर्फ़ एक छोटी सी सहायता होती है लेकिन मोदी सरकार यह भी करने को तैयार नहीं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, कोविड महामारी में पहले इलाज की कमी, फिर झूठे आंकड़े और ऊपर से सरकार की यह क्रूरता...। गौरतलब है कि केंद्र ने उच्चतम न्यायालय में कहा है कि कोविड-19 से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को चार चार लाख रुपये का मुआवजा नहीं दिया जा सकता क्योंकि यह वित्तीय बोझ उठाना मुमकिन नहीं है और केंद्र तथा राज्य सरकारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।

अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे केजरीवाल का `गो बैक` के नारे से हुआ स्वागत

अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे केजरीवाल का `गो बैक` के नारे से हुआ स्वागत

अमृतसर। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल आज अमृतसर पहुंच गए हैं। केजरीवाल के अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ता `गो- बैक` का नारा लगाने लगे। पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रवक्ता विवान खुराना और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। साथ ही देर रात पंजाब में यूथ कांग्रेस के सौरव मदान ने पूरे शहर में केजरीवाल `गो- बैक` की होल्डिंग लगवा दी।

बीता ढाई साल, प्रदेश हुआ बदहाल : साय

बीता ढाई साल, प्रदेश हुआ बदहाल : साय

रायपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए है, कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ढाई साल पूरा कर चुकी है। पूरे प्रदेश में हर वर्ग के हालत बदहाल हैं। किसान से लेकर युवा और महिलाओं को इस सरकार ने छला है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार के पास किसी मसले पर ज़वाब नहीं है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय संगठन तय कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही प्रदेश के वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई।  

महिला कांग्रेस ने बढ़ती महगाई पर केंद्र के खिलाफ किया प्रदर्शन

महिला कांग्रेस ने बढ़ती महगाई पर केंद्र के खिलाफ किया प्रदर्शन

धमतरी । बढ़ती मंहगाई पर केंद्र सरकार के खिलाफ ब्लॉक महिला कांग्रेस धमतरी शहर अध्यक्ष वीणा देवांगन के नेतृत्व में प्रदर्शन किया ।
रसोई गैस सिलेंडर को सामने रखकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन हुआ। वीणा देवांगन ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दामो में बढ़ोतरी कर आम जनता की कमर तोड़ रखी है। आलम यह है कि लोग एकबार फिर लकड़ी जलाकर खाना पकाने को मजबूर हो रहे हैं। मंहगाई बढने से सीधे आम जनता के जेब में डाका डाला जा रहा है। महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर कहा कि बहुत हुआ अत्याचार महगाई कम करो मोदी सरकार। इस अवसर पर ऋतु, संतोषी, नीरू, आशमा बानो, हाशिम अली, अब्दुल, बसन्त सहित वार्डवासी उपस्थित रहे।
 

दिल्ली दौरे पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन, नड्डा की बैठक में होंगे शामिल...

दिल्ली दौरे पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन, नड्डा की बैठक में होंगे शामिल...

रायपुर । छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह रविवार को दिल्ली दौरे पर रवाना हुए। डॉ. रमन इस दौरान पार्टी आलाकमान जेपी नड्डा से मिलेंगे। जेपी नड्डा ने पार्टी के सभी राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की एक बैठक बुलाई है। यह बैठक दोपहर 3 बजे से शुरू होगी। बैठक में पार्टी की आगामी कार्य योजना पर चर्चा हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव की सुगबुगाहट के बीच छत्तीसगढ़ के चार चेहरों में से एक को मंत्री बनाया जा सकता है। वर्तमान में आदिवासी वर्ग की रेणुका सिंह केंद्रीय राज्य मंत्री हैं। चर्चा है कि रेणुका सिंह को रिप्लेस कर छ्त्तीसगढ़ से किसी नए चेहरे को मौका दिया जा सकता है।
पिछड़ा वर्ग से विजय बघेल, सुनील सोनी, सामान्य वर्ग से सरोज पाण्डेय, संतोष पाण्डेय और अनुसूचित जाति से गुहाराम अजगले के नाम की चर्चा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय का कहना है कि ये पूरी तरह से पार्टी हाईकमान का मामला है, लेकिन छ्त्तीसगढ़ को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
 

छतीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता रमेश वर्ल्यानी ने पेट्रोल की बढ़ती कीमतो को लेकर भाजपा पर किया हमला

छतीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता रमेश वर्ल्यानी ने पेट्रोल की बढ़ती कीमतो को लेकर भाजपा पर किया हमला

रायपुर: छतीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता रमेश वर्ल्यानी ने पेट्रोल-डीजल की मनमानी मूल्यवृद्धि को लेकर कांग्रेस के धरना प्रदर्शन पर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की अनर्गल टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा। पेट्रोल-डीजल की कीमतें 100 रूपए के पार पहुचने का कारण मोदी सरकार से एक्साइज ड्यूटी में लगातार बढ़ोत्तरी किया जाना है।


पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से लेकर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक सहित सारे भाजपा नेता, केंद्र की मनमानी एक्साइज ड्यूटी से ध्यान भटकाने के लिए हमेशा राज्यों को सलाह देते हैं कि वे वेट की दरों में कमी करें। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता लगातार यह झूठ बोलते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार के मूल्यों के आधार पर पेट्रोल- डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता है। असलियत यह है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में यू.पी.ए सरकार के तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर से 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुच गई थी, तब डॉ. मनमोहन सिंह ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर लगाम लगायी थी। देश को पेट्रोल 74 और डीजल 58 रूपए प्रति लीटर में उपलब्ध कराया था।

 

मोदी सरकार के शपथग्रहण के तत्काल बाद अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल गिरकर 44 डॉलर तक पहु गई थी जो आज 70 डॉलर तक ही है। लेकिन मोदी सरकार ने जनता को राहत देने के बजाए, एक्साइज ड्यूटी के माध्यम से लूट का रास्ता खोज निकाला। पेट्रोल पर 2014 में एक्साइज ड्यूटी 9.48 रूपए प्रति लीटर थी, जो आज बढ़कर 33 रूपए हो गई है और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 3.56 रू. से बढ़कर 32 रू. प्रति लीटर हो गई है। राज्यों में वेट पेट्रोल-डीजल के बेस प्राइस पर लगता है जिसमें कच्चे तेल की लागत, एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, कंपनी का लाभांश शामिल होता है। एक्साइज ड्यूटी में कमी किए जाने से बेस प्राइस भी कम हो जाएगी और उस पर लगने वाले वेट टैक्स की राशि भी स्वतः कम हो जाएगी। यह मूल्य निर्धारण की सामान्य प्रक्रिया है।


उन्होंने सेंट्रल एक्साइज से राज्य को मिलने वाले राजस्व के आरोप पर कहा कि श्री कौशिक को यह मालूम ही नहीं है कि मोदी सरकार ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स सहित अन्य 25 वस्तुओं पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी को सेस में शामिल कर, राज्यों के राजस्व पर डाका डालने का काम किया है। यह संविधान और संघीय व्यवस्था पर सीधे हमला है।
उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ पेट्रोल-डीजल पर वेट कर की दरें देश के भाजपा शासित राज्यों से कमतर हैं। म.प्र. में आज पेट्रोल 107 रू. तथा डीजल 98 रू. प्रति लीटर मिल रहा है । जबकि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की प्रति लीटर दर 94 रूपए है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से सवाल किया है कि क्या वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने को कहने का साहस दिखाएंगे और म.प्र. के मुख्यमंत्री को सलाह देंगे कि वे म. प्र. में वेट की दरें छत्तीसगढ़ के समान रखें।


उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल, खाद्य तेल की महंगाई की मार से आम आदमी कराह रहा है और भाजपा नेताओं को आम जनता की भलाई से कोई सरोकार नहीं है। इसका स्पष्ट प्रमाण यह है कि मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी के माध्यम से 22 लाख करोड़ लूट लिए और कार्पोरेट घराने की कंपनियों के कार्पोरेट टैक्स में 10 प्रतिशत कमी कर, उन्हें 1,46,000 करोड़ रूपए का टैक्स बेनीफीट दिया।

प्रधानमंत्री मोदी का कश्मीर के नेताओ के साथ सर्वदलीय बैठक 24 को , कई मुद्दो पर हो सकती है चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी का कश्मीर के नेताओ के साथ सर्वदलीय बैठक 24 को , कई मुद्दो पर हो सकती है चर्चा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 जून को दिल्ली में कश्मीरी नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इसे कश्मीर में पॉलिटिकल प्रक्रिया की ओर बड़ी शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। हाल ही में कश्मीरी राजनीतिक दलों के गुपकार एलायंस ने कहा था कि वो केंद्र के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं।

माना जा रहा है कि डिलिमिटेशन की प्रकिया और राज्य में कराए जाने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चर्चा के लिए ये बैठक बुलाई गई है। असल में कश्मीर से अगस्त 2019 में जब आर्टिकल 370 को हटाया गया था तब मोदी सरकार पर ये आरोप लगा था कि ये फैसला बिना कश्मीरी दलों और नेताओं को भरोसे में लिए जबरन लिया गया था। इस लिहाज से प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक इस सर्वदलीय बैठक के लिए नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला, पीडीपी अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अल्ताफ बुखारी और पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद लोन जैसे नेताओं को आज औपचारिक न्योता भी भेज दिया जाएगा। कश्मीरी नेताओं के साथ इस सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के साथ गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार सरकार के इस सर्वदलीय बैठक में शामिल होने न होने पर गुपकार एलायंस के नेता जल्दी ही फैसला करेंगे।

पंडित माधवराव सप्रे ने छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता को दी नई दिशा : भूपेश बघेल

पंडित माधवराव सप्रे ने छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता को दी नई दिशा : भूपेश बघेल

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के जनक और साहित्यकार पंडित माधवराव सप्रे की जयंती 19 जून पर उन्हें याद करते हुए कहा है कि सप्रे जी के रचनात्मक और मूल्यपरक लेखन ने छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता को एक नई दिशा दी है। उनके द्वारा रखी गई नींव पर ही आज छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता समृद्ध हो रही है। सन् 1900 में जब प्रकाशन के लिए पर्याप्त सुविधाएं और आधुनिक तकनीकी नहीं थी, उन्होंने वामनराव लाखे जी और रामराव चिंचोलकर जी के सहयोग से पेण्ड्रा में मासिक हिन्दी पत्रिका ‘छत्तीसगढ़ मित्र‘ का सम्पादन और प्रकाशन शुरू किया। सप्रे जी द्वारा रचित कहानी ‘टोकरी भर मिट्टी‘ को भारतीय साहित्य में हिन्दी की पहली मौलिक कहानी का गौरव प्राप्त है।
श्री बघेल ने कहा कि अपनी लेखनी से छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय और साहित्यिक चेतना को विकसित करने में भी सप्रे जी का अमूल्य योगदान रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी लेखनी ने सैकड़ों सत्याग्रहियों का मार्गदर्शन किया और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा दी। सप्रे जी जीवन भर देश और साहित्य सेवा में लगे रहे। उनके कई लेख और कृतियां प्रकाशित हुई। उन्होंने अनेक संस्थाओं को जन्म दिया जिनके माध्यम से लोग देश और जन सेवा के लिए आगे आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सप्रे जी का व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्यकारों और पत्रकारों सहित आम जनता के लिए भी प्रेरणादायक है।
 

राज्य सरकार की योजनाओं से किसान हो रहे आर्थिक दृष्टि से मजबूत : भूपेश बघेल

राज्य सरकार की योजनाओं से किसान हो रहे आर्थिक दृष्टि से मजबूत : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि कुछ साल पहले तक किसान कर्ज मांगने के लिए साहूकारों के दरवाजे पर खड़े रहते थे, सोसायटियों में किसान डिफाल्टर हो जाता था। हर साल खाद-बीज की चिंता रहती थी, लेकिन आज उनके चौखट में बड़ी-बड़ी फायनेंस कम्पनियां खड़ी है, कोई ट्रेक्टर देने तैयार है, कोई मोटर-सायकिल बेचना चाहता है। यह बदलाव राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं और फैसलों से आया है। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय में कोरबा और जांजगीर-चांपा जिले में लोकार्पण और भूमिपूजन के वर्चुअल कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि किसान हितैषी योजनाओं से किसान आर्थिक दृष्टि से मजबूत हो रहे हैं। कर्जमाफी, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी जैसी योजनाओं से गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। गरीबों और किसानों की जेब में पैसा आ रहा है। बड़ी-बड़ी कम्पनियों को मालूम है कि शहरों से ज्यादा पैसा छत्तीसगढ़ के गांवों में आ रहा है। फायनेंस कम्पनियां किसानों को ट्रेक्टर और अन्य उपकरणों के लिए तत्काल फायनेंस करने के लिए तैयार हैं। लॉकडाउन के समय जब पूरे देश में मंदी थी, तब सबसे ज्यादा ट्रेक्टर और मोटर-सायकल छत्तीसगढ़ में बिक रही थी। श्री बघेल ने वर्चुअल कार्यक्रम में कोरबा और जांजगीर-चांपा जिले में 226 करोड़ 96 लाख रूपए की लागत के 265 विभिन्न विकास कार्याें का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने कोरबा जिले में लगभग 104 करोड़ रूपए की लागत के 121 कार्याें का और जांजगीर-चांपा जिले में 122 करोड़ 96 लाख रूपए की लागत के 144 विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री बघेल ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर वर्चुअल कार्यक्रम में ही कोरबा और जांजगीर-चांपा जिले में अनेक कार्याें की मंजूरी की घोषणा की। श्री बघेल ने कोरबा में दर्रीबराज-गोपालपुर सड़क की जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। मुख्यमंत्री ने कोरबा में दो माह में विद्युत भण्डार गृह प्रारंभ करने की मंजूरी के साथ गोपालपुर-बरबसपुर सड़क की स्वीकृति की घोषणा की। इसी तरह उन्होंने जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा में 132 केव्ही क्षमता के बिजली सब-स्टेशन के लिए टेंडर शीघ्र जारी कराने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने डबरा से खरसिया रोड़ की स्वीकृति, मांड नदी में बैराज और डबरा में लिफ्ट इरिगेशन का परीक्षण कराने तथा सुकदा मोहाई में हाई स्कूल की मांग को अगले बजट में शामिल करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गांवों में जो बदलाव दिखाई दे रहा है, उनके पीछे छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति है। ग्रामीण महिला बड़ी संख्या में गोबर से गौठानों में जैविक खाद का उत्पादन कर रही है, आज उन्हीं की बदौलत हमारे खेत फिर उपजाऊ हो रहे हैं और उन्हें रोजगार भी मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के फायदे को देखते हुए अब इसका दायरा और बढ़ा दिया है। अब धान और गन्ने के साथ-साथ मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, सोयाबीन, दलहन, तिलहन को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया है। योजना में नए प्रावधान करके किसानों के लिए आय के नए जरिया खोले गए हैं। जिन किसानों ने पिछली बार जिस खेत में धान की फसल ली थी, इस साल यदि वह खरीफ की अन्य प्रमुख फसल लेता है, या वृक्षारोपण करता है, तो उसे धान पर मिलने वाली आदान सहायता से ज्यादा आदान सहायता दी जाएगी। धान की जगह दूसरी फसल लगाने पर प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता तथा वृक्षारोपण करने पर तीन साल तक 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की आदान सहायता मिलेगी। भविष्य में अपने पेड़ काटने के लिए किसी से अनुमति लेने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी-लहर से जो अनुभव मिला है, उसे देखते हुए विकासखंड से लेकर जिला तक हर सरकारी अस्पताल की व्यवस्था को हम चाक-चौबंद कर रहे हैं। सभी कलेक्टरों को इसके लिए 15 दिनों में कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि इतने कम समय में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में वंचितों को अपने पैरों पर खडे़ करने और कमजोर वर्गाें के लोगों को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया गया है। नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है। छत्तीसगढ़ सरकार के कार्याें की प्रशंसा अमेरिका में भी की जा रही है। कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। पहले किसानों के कर्जा माफ किया गया है, फिर उन्हें उपज का सही मूल्य दिलाने का काम किया। जांजगीर-चांपा जिले के प्रभारी मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि कोरोना के संकट के बावजूद छत्तीसगढ़ में विकास की गति नहीं थमी। सभी वर्गाें के उत्थान के लिए कार्य किए गए हैं।
राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि कोरबा जिले में सड़कों के निर्माण का कार्य तेजी से किया गया है। अब कोरबा से रायपुर जाने में मात्र 3 घंटे का समय लगता है। सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत और गुहाराम अजगले, विधायक और मध्य क्षेत्र प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम कंवर, विधायक ननकीराम कंवर, रामकुमार यादव, सौरव सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी उपस्थित थे।