रायपुर।भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा 17 जून के अपने सफ़ल कार्यक्रम से उत्साहित है।मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने मीडिया को प्रेस नोट जारी कर कहा है कि अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने प्रदेश के आदिवासियों से मिलकर उनकी भावनाओं के अनुरूप ज्ञापन तैयार किया था।ज्ञापन में लिखे बिंदूओं के आधार पर मोर्चा ने भूपेश बघेल सरकार को एक्सपोज कर दिया है कि ढाई सालों में भूपेश सरकार ने आदिवासियों के लिए कुछ नहीं किया है। उन्होंने आगे कहा कि लघु वनोपजों के लिये भूपेश सरकार "नीति" बनाने में फ़ेल रही है और आदिवासियों हितों के लिए कुछ भी "नया" नहीं कर सकी है।कुछ नया करना तो दूर भूपेश सरकार तो फर्जी आदिवासियों को शासकीय नौकरियो से बाहर भी नहीं कर सकी जबकि सरकार के सामान्य प्रशासन और ट्राइबल विभाग के पास फ़र्जी आदिवासियों की पूरी लिस्ट है। विधानसभा में कई- कई सत्रों में लगे सवालों में जवाब देते हुए फ़र्जी आदिवासियों की लिस्ट सदन में आई है।फिर भी राजनीतिक इच्छा शक्ति की कमी के चलते सीएम भूपेश बघेल फ़र्जी आदिवासी के मुद्दे पर धृतराष्ट्र बने हुए हैं। वास्तव में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आदिवासी मामलों में राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने पिछले साल एक कार्यक्रम में कहा था- "मुझे ट्रांसफर, प्रमोशन कुछ समझ मे नहीं आता है।" युवा आदिवासियों के सोशल मीडिया ग्रुप्स में सीएम का यह पुराना भाषण वॉयरल है।इस वॉयरल वीडियो बाईट के आधार पर मैं कहना चाहता हूँ सीएम भूपेश बघेल आदिवासियों हितों की बात सिर्फ़ और सिर्फ अपने राजनीतिक हितों के लिए करते रहे हैं।
सोशल मीडिया एप क्लब हाउस में देश के वरिष्ठ पत्रकारों से कल बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासियों को जमीन देना चाह रही है लेकिन नक्सली नहीं चाहते कि किसी आदिवासी को शासकीय पट्टा मिले। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुये मरकाम ने कहा कि भूपेश बघेल अपनी सरकार नक्सलियों के चाहने और ना चाहने से चला रहे है क्या? उन्होंने भूपेश बघेल को आगाह करते हुए कहा कि नक्सलियों का बहाना बनाकर प्रदेश सरकार आदिवासियों से किये अपने वादों से मुकर नहीं सकती है। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा आदिवासियों के हक की लड़ाई लड़ने के लिये सदैव तत्पर है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार को आज ढाई साल पूरे हो गए है, लिहाजा बीजेपी नेताओं ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार पर सवाल उठाए और अधूरे वादों को लेकर सवालों की झड़ी लगा दी। विपक्ष ने राज्य सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी की। बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर मंत्री रविंद्र चौबे जमकर बरसे और पलटवार किया कि हाईकमान की प्रताड़ना से बचने बीजेपी नेता मीडिया के सामने आ रहे हैं। ढाई साल पूरे होने पर वार-पलटवार के इतर भूपेश सरकार के कामकाज की समीक्षा करना भी स्वाभाविक है। सवाल है कि ढाई साल में कितना बदला छत्तीसगढ़? अपने वादों को पूरा करने और कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में सरकार का परफारमेंस कैसा रहा?
छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार को ढाई साल पूरे होने पर है। सरकार की वादाखिलाफी को मुद्दा बनाकर बीजेपी जहां सरकार पर निशाना साधने का मौका नहीं छोड़ रही, तो सत्ता पक्ष भी इस अहम पड़ाव पर अपनी उपलब्धियों को गिनाने के साथ विपक्ष के हर वार का जवाब दे रही है। दरअसल आज से ठीक ढाई साल पहले 17 दिसंबर को भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ में अपना 15 साल का वनवास खत्म किया था। इन ढाई साल में सरकार ने जनता से किए 36 चुनावी वादों में से प्राथमिकता वाले वादों को पूरा किया है। इसमें किसानों को धान का 25 सौ रुपए, ऋणमाफी, बिजली बिल हाफ और सिंचाई ऋण मुख्य रुप से शामिल है। अनियमित कर्मचारियों को नियमितिकरण, बेरोजगारी भत्ता जैसे अन्य वादों को पूरा करने के लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। सरकार को डेढ़ साल कोरोना संक्रमण काल की चुनौतियों से भी निपटना पड़ा। इस कठिन दौर में भीसरकार ने किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की 15 सौ करोड़ और गोधन न्याय योजना की राशि दी है। लेकिन शराबबंदी के मुद्दे पर वो लगातार विपक्ष के निशाने पर है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन देकर सरकार को शऱाबबंदी का मुद्दा याद दिलाया, तो दूसरी ओर बीजेपी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की वादाखिलाफी पर जमकर निशाना साधा।
बीजेपी नेताओं के आरोपों पर मंत्री रविन्द्र चौबे ने पलटवार करते हुए कहा कि हाईकमान के प्रताड़ना और अंतरकलह से उबरने के लिए एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे है। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग पर रविंद्र चौबे ने कहा कि राज्य सरकार को बीजेपी की सर्टिफिकेट की जरुरत नहीं है।
कुल मिलाकर भूपेश सरकार के ढाई साल के कार्यकाल को देखें, तो उसका सबसे ज्यादा फोकस किसानों पर रहा है। लेकिन अब अगले विधानसभा चुनाव में ढाई साल का वक्त ही बचेगा। ऐसे में उसे शराबबंदी और बेरोजगारी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जल्द रणनीति बनानी होगी, जिसे लेकर बीजेपी लगातार उस पर सवालों की बौछार कर रहा है।
पंजाब, राजस्थान और महाराष्ट्र के बाद अब कांग्रेस के भीतर घमासान की आंच असम तक पहुंच गई है। असम के कांग्रेस विधायक ने पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाकर इस्तीफा देने की बात कही है। असम के कांग्रेस विधायक रूपज्योति कुर्मी का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान अपने युवा नेताओं की बजाय बुजुर्ग नेताओं को प्राथमिकता देता है और इसी वजह से सभी राज्यों में पार्टी की स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी आगे नहीं बढ़ पाएगी, क्योंकि वह नेतृत्व करने में समक्ष नहीं हैं।
I'm leaving Congress as High Command in Delhi & Guwahati leaders give priority to elderly leaders only. We'd told them Congress has good chance of coming to power this time & we shouldn't forge alliance with AIUDF as it would be a mistake. It indeed was: Assam MLA Rupjyoti Kurmi pic.twitter.com/kknIWOHUzM
— ANI (@ANI) June 18, 2021
पंजाब और राजस्थान कांग्रेस में कलब के बीच असम से कांग्रेस विधायक रूपज्योति कुर्मी ने कहा कि कांग्रेस अपने युवा नेताओं की नहीं सुन रही है। इसलिए सभी राज्यों में इसकी स्थिति बिगड़ती जा रही है। मैं विधानसभा अध्यक्ष से मिलूंगा और अपना इस्तीफा दे दूंगा। राहुल गांधी नेतृत्व करने में असमर्थ हैं, अगर वह पार्टी के शीर्ष पर रहते हैं तो कांग्रेस आगे नहीं बढ़ेगी।
उन्होंने आगे कहा कि मैं कांग्रेस छोड़ रहा हूं क्योंकि दिल्ली में आलाकमान और गुवाहाटी के नेता बुजुर्ग नेताओं को ही प्राथमिकता देते हैं। हमने उनसे कहा था कि कांग्रेस के पास इस बार सत्ता में आने का अच्छा मौका है और हमें एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह एक गलती होगी और वास्तव में यही हुआ।
बता दें कि पंजाब कांग्रेस में रार अब भी जारी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। वहीं राजस्थान में भी पायलट गुट और गहलोत गुट के बीच विवाद चल ही रहा है। मुंबई कांग्रेस में भी आपसी कलह की खबर है क्योंकि पार्टी के एक विधायक जीशान सिद्दीकी ने मुंबई कांग्रेस के चीफ भाई जगताप के खिलाफ सोनिया गांधी को लेटर लिखा है।
कोरोना काल में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बरकरार है और वह दुनिया में सबसे अधिक स्वीकार्य नेता हैं। अमेरिकी डेटा इंटेलिजेंस फर्म 'मॉर्निंग कंसल्ट' द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, स्वीकार्यता के मामले में नरेंद्र मोदी अब भी अन्य वैश्विक नेताओं की तुलना में आगे चल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्लोबल अप्रूवल रेटिंग 66 फीसदी है। डेटा के मुताबिक, कोरोना काल में भी वह पीएम मोदी अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील, फ्रांस और जर्मनी सहित 13 देशों के अन्य नेताओं से बेहतर बने हुए हैं।
अमेरिकी डेटा इंटेलिजेंस फर्म 'मॉर्निंग कंसल्ट' द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर में उनकी लोकप्रियता अथवा अप्रूवल रेटिंग में गिरावट देखी गई है, बावजूद इसके वह दुनिया में टॉप पर चल रहे हैं और अन्य वैश्विक नेताओं की तुनला में उनका प्रदर्शन बेहतर है। इस अप्रूवल रेटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद इटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रैगी का नंबर आता है, जिनकी अप्रूवल रेटिंग 65 फीसदी है। वहीं तीसरी नंबर मैक्सिको के राष्ट्रपति लोपेज ओब्रेडोर हैं, जिनकी रेटिंग 63 फीसदी है।
विश्व नेताओं की अप्रूवल रेटिंग
'मॉर्निंग कंसल्ट' नियमित रूप से विश्व के नेताओं की अप्रूवल रेटिंग को ट्रैक करता है। इसके मुताबिक, पीएम मोदी के बाद दूसरा स्थान अटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रैगी (65%) ने हासिल किया, इसके बाद मैक्सिकन राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर (63%), ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (54%), जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल (53%), अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (53%), कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (48%), ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (44%), दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन (37%), स्पेनिश स्पेन पेड्रो सांचेज़ (36%), ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो (35%), फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन (35%) और जापानी प्रधान मंत्री योशीहिदे सुगा (29%) हैं।
भारत में 2,126 वयस्कों के सैंपल साइज के साथ मॉर्निंग कंसल्ट ग्लोबल लीडर अप्रूवल रेटिंग ट्रैकर ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए 66 प्रतिशत अप्रूवल दिखाया, जबकि 28 प्रतिशत ने उन्हें अस्वीकृत कर दिया। इस ट्रैकर को आखिरी बार 17 जून को अपडेट किया गया था। बता दें कि हर देश का अलग-अलग सैंपल साइज है।
क्या है मॉर्निंग कंसल्ट
गौरतलब है कि अमेरिकी डेटा कंपनी मॉर्निंग कंसल्ट पॉलिटिकल इंटेलिजेंस फिलहाल ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, जापान, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, स्पेन, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य में सरकारी नेताओं के लिए अप्रूवल रेटिंग को ट्रैक करता है और साप्ताहिक आधार पर नवीनतम डाटा के साथ पेज को अपडेट करता है। यह ग्लोबल अप्रूवल रेटिंग प्रत्येक देश में वयस्क निवासियों के सात-दिवसीय मूविंग ऑसत पर आधारित होती हैं और सैंपल साइज देश के अनुसार भिन्न होते हैं।
Global Leader Approval: Among All Adults https://t.co/dQsNxouZWb
— Morning Consult (@MorningConsult) June 17, 2021
Modi: 66%
Draghi: 65%
López Obrador: 63%
Morrison: 54%
Merkel: 53%
Biden: 53%
Trudeau: 48%
Johnson: 44%
Moon: 37%
Sánchez: 36%
Bolsonaro: 35%
Macron: 35%
Suga: 29%
*Updated 6/17/21 pic.twitter.com/FvCSODtIxa
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने पूर्व सहयोगी शुभेंदु अधिकारी से मिली हार को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं और अब वह हाई कोर्ट पहुंच गई हैं। ममता बनर्जी ने नंदीग्राम के चुनावी नतीजे को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। पिछले साल दिसंबर में टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को करीबी मुकाबले में हरा दिया था। तृणमूल कांग्रेस ने नंदीग्राम सीट पर दोबारा काउंटिंग की मांग करते हुए मतों की गिनती में कई अनियमितताओं का आरोप लगाया था, जिसे चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया था।
नंदीग्राम सीट से शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 1,956 वोटों से हराया था। अधिकारी को 1,10,764 वोट मिले थे, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी बनर्जी के पक्ष में 1,08,808 मत पड़े थे। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के मुताबिक 6227 मतों के साथ माकपा की मीनाक्षी मुखर्जी तीसरे स्थान पर रहीं। चुनावी नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने वोटों की गिनती में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे।
भवानीपुर सीट से लड़ती रहीं ममता बनर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। इसके बाद बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया। शुभेंदु ने चुनाव के दौरान दावा किया था कि वह ममता बनर्जी को इस सीट से हरा देंगे और ऐसा नहीं कर पाए तो राजनीति छोड़ देंगे। अपने दावे के मुताबिक, जीत हासिल करने वाले शुभेंदु अधिकारी को बीजेपी ने अब विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाया है। मई में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में टीएमसी तीसरी बार बंगाल की सत्ता पर काबिज हुई तो बीजेपी 3 से 77 विधायकों वाली पार्टी बन गई।
रायपुर । भाजपा के प्रदर्शन को कांग्रेस ने मोदी सरकार के असफलता छिपाने राजनीतिक नौटंकी करार दिया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में भाजपा छत्तीसगढ़ में मुद्दाविहीन हो चुकी है। जनसमर्थन खो चुकी है। भाजपा नेता अपने संघी प्रशिक्षण के आधार पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार की छवि धूमिल करने निरन्तर प्रोपोगंडा रच रहे है, झूठे कपोलकल्पित आरोप लगा रहे है। पूर्व में भी भाजपा ने भात पर बात और खेत सत्याग्रह जैसे राजनीतिक नौटंकी आयोजित किए जिसे छत्तीसगढ़ की जनता ने नकार दिया। आज भी भाजपा के आंदोलन से आम जनता का कोई सरोकार नहीं है। जनता भाजपा नेताओं से मोदी सरकार के मुनाफ़ाखोरी के नियत और नीति के चलते बेवजह महंगे हुए पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के दामों में वृद्धि, खाद्य पदार्थो एवं तेल की कीमतों में हुई दोगुनी तिगुनी बढ़ोतरी, बढ़ती बेरोजगारी, गिरती अर्थव्यवस्था, महामारी रोकने में कुप्रबंधन और वैक्सीनेशन में असफलता पर सवाल पूछ रही है। भाजपा के झूठ का रोज पर्दाफाश भी हो रहा है।
भाजपा के वादाखिलाफी जुमलाबाजी से जन-जन वाकिफ हो चुका है। यही वजह है कि 15 साल के सत्ता के बाद भाजपा छत्तीसगढ़ में 14 सीट में सिमट गई है। मोदी सरकार के 7 साल का कार्यकाल भी रमन सरकार के 15 साल के कार्यकाल की तरह असफलताओं से भरा है। भाजपा नेताओं की झूठ बोलने अफवाह फैलाने के यही आदत रही तो 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार ने ढाई साल में जनता से किये 36 बिंदुओं में से आधे से अधिक वादों को पूरा कर कीर्तिमान रचा है। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का सपना साकार हो रहा है। वादा निभाने में भूपेश बघेल सरकार अव्वल है। ढाई साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ खुशहाल हुआ है, किसान आर्थिक रूप से मजबूत हुआ हैं मजदूरों के हाथ में काम है आदिवासी वर्ग को उनका कानूनी अधिकार मिला है महिलाएं सुरक्षित हैं युवाओं को सरकारी नौकरी में भर्ती का अवसर मिल रहा है। छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति परंपरा तीज त्योहारों को पुनर्जीवित करने सरकार ने काम किया है नरुवा, गरुवा, घुरुवा, बारी योजना का लाभ गांव गरीब गोवंश को मिला है। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान से बस्तर बीमारी से दूर हुआ है। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक का लाखों लोगों को लाभ मिला, बस्तर के बीहड़ क्षेत्रो में रहने वाले है उन तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँच रहा है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान मुख्यमंत्री के माध्यम से गर्म में सुपोषित भोजन दिया जा रहा है जिसका परिणाम है कुपोषण के मामले में 13 प्रतिशत की कमी आई है। प्रदेश में 2018 में 37 प्रतिशत बच्चे कुपोषित एवं 41 प्रतिशत महिलायें एनीमिया से पीड़ित थे। 52 वनोपज की समर्थन मूल्य में खरीदी हो रही है,देश में अब तक खरीदी की गई वनोपज में 75 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ का है। रमन सरकार में बेरोजगारी दर 18 प्रतिशत था जो अब 3 प्रतिशत है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, 65 लाख राशन कार्ड के माध्यम से सबको चावल वितरण कोरोना काल में गरीब जनता को एक मुश्त पहली बार दो माह का राशन निःशुल्क एवं दूसरी बार तीन माह का चांवल निःशुल्क दिया जा रहा है। किसानों को धान की समर्थन मूल्य के अलावा ₹9000 प्रति एकड़ अतिरिक्त लाभ दिया जा रहा है, तेंदूपत्ता का मानक दर 2500 से बढ़ाकर ₹4000 प्रति बोरा किया गया है, चरण पादुका खरीदने के लिए नगद राशि दी जा रही है, कर्ज माफी, बिजली बिल हाफ सिंचाई कर माफ सहित अनेक योजनाओं से छत्तीसगढ़ आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है सर्वहारा वर्ग खुशहाल हुआ है छोटे प्लाटों की रजिस्ट्री व्यापारियों को गुमास्ता नवीनीकरण के झंझट से मुक्ति, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में गरीब बच्चों को अंग्रेजी की मुफ्त शिक्षा, शिक्षाकर्मियों का संविलियन, लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की जमीन लौटाना, जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों को जेल से बाहर निकालने कमेटी बनाया जिसमें 718 प्रकरणों में 900 से अधिक वआदिवासियों को जेल से मुक्ति मिला है मक्का प्रोसेसिंग प्लांट सहित अनेक जनकल्याणकार्यो से छत्तीसगढ़ चहुमुखी विकास की ओर बढ़ रहा है।
रायपुर। प्रदेश में कांग्रेस सरकार के ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की वित्तीय मदद का हिस्सा 52 फ़ीसदी है, जबकि राज्य का हिस्सा क़रीब 48 फ़ीसदी है। सरकार का कुल खर्च 80 हजार 126 करोड़ रुपए है, जिसमें राजस्व व्यय 70 हजार करोड़ रुपए है। करीब 88 फ़ीसदी हिस्सा अनुदान, सब्सिडी, ब्याज भुगतान में खर्च हो रहा है। दिवालियापन की यही वजह है। कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा की। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने सरकार सभी क्षेत्रों में असफल बताते हुए कहा कि निराशा हावी है। ढाई साल में कांग्रेस की उपलब्धि क्या है? सरकार अपने किए कामों की जानकारी देती है, लेकिन ये इतनी निराश सरकार है, जो अपने विकास के काम को गिनाने से बच रही है। सवाल तो पूछे जाएँगे, भूपेश जी जवाब तो देना होगा, ये सिर्फ़ बीजेपी का सवाल नहीं था ये कांग्रेस की घोषणा पत्र में किए गए वादे ही थे। उन्होंने कहा कि किसान पूछ रहे हैं दो साल का बोनस कहा गया? बेरोज़गार पूछ रहे हैं रोज़गार कहाँ हैं? शराबबंदी का वादा था लेकिन राज्य में शराब की नदियाँ बह रही हैं. माफियाराज छत्तीसगढ़ में पैदा किया गया। रेत से लेकर कोल और शराब मफ़ियाओं ने गाँव गाँव को क़ब्ज़े में ले लिया है। ढाई साल में सरकार से पहला सवाल यही है कि विकास के सारे काम ठप्प क्यूँ हो गया है? आर्थिक दिवलियापन के हालात क्यूँ बन गए हैं? रमन सिंह ने कहा कि अधोसंरचना का निर्माण सिर्फ़ 12 फ़ीसदी है जबकि हमारी सरकार में यह क़रीब 16 फ़ीसदी था. बीस साल के इतिहास का सबसे ज़्यादा राजस्व घाटा इस सरकार में रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना में चार लाख अस्सी हज़ार मकान स्वीकृत थे, राज्य की राजस्व हालत खराब होने की वजह से यह वापस हो गए हैं। सरकार को एक-एक गांव के एक-एक पंचायतों में साठ-सत्तर लाख के मकान बनने थे, लोगों को रोज़गार मिलना था ये सब समाप्त हो गया। डॉ. सिंह ने कहा कि बीजेपी के 15 साल में 37 हज़ार करोड़ रुपए का कुल कर्ज लिया था, लेकिन इस सरकार ने ढाई साल में ही 15 हज़ार करोड़ का क़र्ज़ ले लिया। ये सरकार जवाब देने की बजाय आंदोलन की दिशा में जा रही है. छत्तीसगढ़ देश में सबसे ज़्यादा पलायन करने वाले राज्यों में आ गया है। वन नेशन, वन राशन योजना में छत्तीसगढ़ ने शामिल होने से इंकार कर दिया, जबकि यहाँ का मज़दूर दूसरे राज्यों में जाता तो उसे राज्य के राशन कार्ड से राशन मिल जाता।
नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट के जरिये केन्द्र सरकार पर हमला किया उन्होने कोरोना महामारी के दौरान सबसे ज्यादा गरीबी भारत में बढ़ने संबंधी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि देश के पुनर्निर्माण की शुरुआत तब होगी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी `गलतियां स्वीकार करेंगे और विशेषज्ञों की मदद लेंगे।
उन्होंने एक रिपोर्ट साझा करते हुए ट्वीट किया, ``यह भारत सरकार के महामारी कुप्रबंधन का परिणाम है। परंतु अब हमें भविष्य की ओर देखना है। कांग्रेस नेता ने कहा, ``हमारे देश के पुनर्निर्माण की शुरुआत तब होगी जब प्रधानमंत्री अपनी गलतियां स्वीकार करेंगे और विशेषज्ञों की मदद लेंगे। नकारने की मुद्रा में बने रहने से किसी भी चीज का हल नहीं निकलेगा।
राहुल गांधी ने जिस रिपोर्ट को साझा किया उसमें कहा गया है कि कोरोना महामारी के कारण दुनिया भर में गरीबी बड़े पैमाने पर बढ़ी है और इसमें भारत का सबसे अधिक योगदान है।
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के ढाई साल पूरा होने पर भाजपा के द्वारा चलाये जा रहे अभियान को कांग्रेस ने भाजपा नेताओं के मानसिक दिवालियापन की उपज करार दिया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 15 साल के शासनकाल में रमन भाजपा ने छत्तीसगढ़ की जनता से किये वादे को पूरा नहीं किया। भाजपा को अपने 2003, 2008 और 2013 के घोषणा पत्र का आत्मविश्लेषण करना चाहिये। भाजपा का मूलमंत्र कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार करना था जनता से किये चुनावी वादों को भाजपा के नेता ही जुमला ठहराकर जनता का उपहास उड़ाते है। गांव-गांव, गली-गली घूम रहे भाजपा नेताओं को रमन सरकार के वादा खिलाफी के लिये घर-घर जाकर माफी मांगना चाहिये। कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने से पहले भाजपा को अपने 15 साल के कुशासन पर इन 15 सवालों का जवाब देना चाहिये।
1 12वीं पास युवाओं को 500 रू. बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था 15 साल में कितने युवाओं को मिला? आउट सोर्सिंग से युवाओं के रोजगार को क्यों बेचा?
2 प्रत्येक आदिवासी परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी का वादा और 10 लीटर दूध देने वाली गाय देने का वादा भाजपा ने किया था क्यों नहीं दिये?
3 किसानों के उनके उपज का सही मूल्य किसानों का धान पूरा खरीदा जायेगा एवं उन्हे बेचने एवं भुगतान प्राप्ति हेतु सोसायटी एवं दफ्तर के चक्कर नही काटने पड़ेगे। किसानों से किये वादे को पूरा क्यों नहीं किया गया?
4 एक गांव एक प्रहरी योजना के अंतर्गत प्रत्येक गांव के यानि 20,000 गांव में एक युवक या युवती को राज्य सरकार प्रहरी बनाएगी। यानि बीस हजार बेरोजगारों को रोजगार क्यों नहीं दिया गया?
5 गोवध पर होगा पूर्ण प्रतिबंध- पशुधन का होगा संवर्धन, गौ वंश की रक्षा एवं इसकी नस्ल के सुधार के लिए उपबन्ध उपाय क्यों नहीं किया गया? भाजपा नेताओं के अनुदान प्राप्त गौशालाओं में निर्मम हुयी गौमाता की हत्या के लिये जिम्मेदार कौन?
6 किसानों के धान पर राज्य सरकार की ओर से 270 रू. प्रति क्विंटल की दर से बोनस दिया जायेगा, क्यों नहीं दिया गया?
7 आदिवासियों के जमीनों की खरीद-बिक्री तथा अवैध कब्जों के मामले में आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून बनाया जायेगा, कानून क्यों नहीं बनाया गया?
8 किसानों को 5 हार्स पावर तक पंपो के बिजली मुफ्त देने का वायदा क्यों नहीं निभाया?
9 किसानों को ब्याज मुक्त ऋण देंगे, क्यों नहीं दिया गया?
10 धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2100 प्रति क्विंटल बोलकर क्यों नहीं दिया गया?
11 किसानो के एक-एक धान की खरीदी, क्यों नहीं खरीदी गयी?
12 धान 300 रूपये प्रति क्विंटल बोनस पूरे 5 साल तक, क्यों नहीं दिया गया?
13 शासकीय रिक्त पदों पर सीधी भर्ती क्यों नहीं की गयी?
14 छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री पर रोक क्यों लगाई गयी?
15 138 साल पुरानी शराब नीति को क्यों और किसके इशारों पर बदला गया?
जयपुर/ नई दिल्ली. राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रहे सियासी संकट के बीच एक बड़ी खबर समाने आ रही है. दरअसल अपनी मांगों को लेकर राजस्थान कांग्रेस से नाराज चल रहे पायलट को दिल्ली में पार्टी की रणनीतिकार प्रियंका गांधी के साथ राहुल गांधी ने मिलने का समय नहीं दिया है. सचिन पायलट शुक्रवार से दिल्ली में डेरा जमाए हुए थे और उनको उम्मीद थी कि पार्टी आलाकमान के साथ प्रियंका गांधी उनसे से मिलेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता. यही नहीं, राजस्थान के पूर्व पीसीसी चीफ को ये भी भरोसा था कि पहले उनसे जो वादा किया गया है या फिर उन्होंने जो अपनी मांग रखी है, उसको गंभीरता से लिया जाएगा और समस्या का समाधान होगा. हालांकि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. साफ है कि 6 दिनों तक पायलट के दिल्ली में रुकने के बाद भी कोई रास्ता नहीं बन पाया है.
बता दें कि सचिन पायलट पिछले एक साल से नाराज चल रहे हैं. जबकि उनके समर्थकों का कहना है कि सचिन पायलट राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष थे और उनको देखते हुए जनता ने कांग्रेस के उम्मीदवारों को चुना था. जब सरकार बनी तो पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया और अशोक गहलोत को कमान सौंप दी. वहीं, पूरी दमदारी से लड़ने वाले सचिन को डिप्टी सीएम बनाया गया. वैसे अशोक गहलोत को उनकी कुशल रणनीति और वरिष्ठता को देखते हुए पार्टी ने राजस्थान का सीएम बनाया था.
हाईकमान ने सचिन पायलट को दिया बड़ा मैसेज
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी हाईकमान ने सचिन पायलट को साफ शब्दों में मैसेज दे दिया है कि राजस्थान में अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बने रहेंगे और उन्हीं के नेतृत्व में सब कुछ होगा. हालांकि पायलट भविष्य के बड़े नेता हैं और उन्हें आगे मुख्यमंत्री बनने का मौका मिलेगा. यही नहीं, पार्टी को जब भी मौका मिला तो मंत्रिमंडल में या फिर संगठन में सचिन पायलट को पद दिया गया, लेकिन फिलहाल उन्हें इंतजार करना चाहिए.बहरहाल, राजस्थान कांग्रेस में चल रही गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है अब अंजाम क्या होगा यह देखना होगा.
सचिन पायलट की ये है चाहत
फिलहाल सचिन पायलट यही चाहते हैं कि मंत्रिमंडल का विस्तार हो. सरकार में 9 मंत्री के पद खाली हैं और उनके समर्थक विधायकों को मंत्रिमंडल में और सरकारी नियुक्ति में जगह दी जाए, लेकिन ऐसा होता संभव नहीं दिख रहा है. अब बड़ा सवाल यह है कि अगर सचिन पायलट की मांगे पूरी नहीं होती हैं तो वो क्या करेंगे.
आज शाम को पहुंचेंगे जयपुर
प्रियंका और राहुल गांधी का छह दिन तक इंतजार करने के बाद सचिन पायलट आज दोपहर में अपने दिल्ली स्थित 5 कैनिंग लेन आवास से सड़क मार्ग से जयपुर के लिए रवाना हो गए हैं. जबकि वह शाम तक जयपुर पहुंचेंगे, जहां उनके समर्थक विधायकों और कार्यकर्ता इंतजार कर रहे हैं. वहीं, सचिन जयपुर पहुंचकर क्या निर्णय लेते हैं या फिर अपने समर्थकों को कैसे मनाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण है. कभी गांधी परिवार के करीबी और राहुल गांधी के राइट हैंड रहे सचिन पायलट अब समझ गए होंगे सियासत समय के साथ चलती है अपने हिसाब से नहीं.
रायपुर। देश मे महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस का भाजपा पर हमला जारी है। आज राजीव भवन में पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम और महिला सांसदों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार जमकर हमला बोले। पेट्रोल और डीजल समेत अन्य सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर मोदी पर कई आरोप लगाए। कांग्रेस के आरोप पर रायपुर बीजेपी सांसद सुनील सोनी ने पलटवार किया। महंगाई के मुद्दे पर सांसद ने कहा कि महंगाई परिस्थितियों से बढ़ती है। आज महंगाई पूरे विश्व में है, ये समय बेहद कठिन है, इस वक़्त टैक्सेशन रुका है, कुछ लोगों ने कालाबाजारी की है, कुछ समय बाद हालात सामान्य हो जाएंगे।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए सांसद सुनील सोनी ने कहा कि मनमोहन सरकार के समय महंगाई चरमसीमा पर थी, जबकि उस वक़्त हालात सामान्य थे। आज देश की परिस्थितियां बदली हुई है, देश कोरोना से जूझ रहा है। इससे पहले मोदी सरकार के पांच साल के दौरान महंगाई काबू में थी। ये विश्वव्यापी महंगाई है। कोई भी देश अछूता नही रहा है।
रायपुर। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का सही मतलब लोगों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाना है। प्रदेश सरकार ने आमजनता के जीवन में खुशहाली लाने के लिए सुराजी गांव योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी कार्यक्रम, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, वनोपज संग्रहण और प्रसंस्करण के जरिए ग्रामीण अंचल में छोटे-छोटे उद्यम, स्वरोजगार की शुरूआत की है। इससे पूरे राज्य में स्वावलंबन का नया वातावरण दिखाई पड़ रहा है। गांवों में उद्यम से रोजगार के नए रास्ते खुले हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपने रायपुर निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में सूरजपुर और कोरिया जिले को 460 करोड़ 14 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर कोरिया और सूरजपुर जिले में जनसुविधा के विकास के लिए 368 निर्माण कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। जिनमें 184 करोड़ 28 लाख 75 हजार रूपए की लागत वाले 187 कार्यों का लोकार्पण और 275 करोड़ 85 लाख 39 हजार रूपए की लागत वाले 180 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के बच्चों, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना सहित विभिन्न योजनाओं के लाभान्वित किसानों और महिला स्व- सहायता समूह के सदस्यों से चर्चा की और दोनों जिलों के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम के आग्रह पर सरहरी- सिंघरा-चरमपुर मार्ग स्थित बांकी नदी में पुल निर्माण कराए जाने, संसदीय सचिव पारसनाथ राजवाड़े की मांग पर सूरजपुर जिले के ओडगी एवं लटोरी में सहकारी बैंक की शाखा खोले जाने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव और विधायक डॉ. विनय जायसवाल के आग्रह पर कोरिया में जिला अस्पताल भवन और चिरमिरी में एडवेंचर पार्क के निर्माण कार्य को अतिशीघ्र शुरू करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। सूरजपुर जिले में तेलाईकछार-केनापारा में विकसित पर्यटन स्थल के प्राकृतिक सौंदर्य की मुख्यमंत्री ने सराहना की और यहां पर्यटकों की सुविधा और विश्राम के लिए हट और विश्राम भवन का निर्माण कराए जाने के भी निर्देश कलेक्टर को दिए।
कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अपनी सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों से एक नई गति दी हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास के सभी सूचकों को छत्तीसगढ़ सरकार ने सही समय पर प्रभावी ढंग से लागू किया है। इससे पूरे छत्तीसगढ़ का सम्बल बढ़ा है। उन्होंने अनुपपुर-अंबिकापुर रेल लाइन के उन्नयन के लिए राज्य सरकार की ओर से बजट प्रावधान किए जाने, एलीफेंट अभ्यारण्य के विकास की ओर ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव और पारसनाथ राजवाड़े, विधायक डॉ. विनय जायसवाल और गुलाब कमरो ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोरोना काल में जब देश आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है वहीं छत्तीसगढ़ में राज्य के सभी क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री रोज सैकड़ों करोड़ रूपए की सौगात दे रहे हैं।
इस अवसर में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव पारसनाथ राजवाड़े, सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और विधायक गुलाब कमरो, विधायक डॉ. विनय जायसवाल, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू उपस्थित थे। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत, कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव, विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि वर्चुअल रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए।
रायपुर । भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री ने प्रदेश सरकार के ऊपर आज गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वोट लेने के बाद कांग्रेस ने किसानों के साथ दगाबाजी की है, कांग्रेस ने किसानों के खेत मे डाका डाला है। कांग्रेस पार्टी जवाब दो आधा कार्यकाल का हिसाब दो। उन्होंने ढाई साल में बेरोजगारों को रोजगार न मिलने व 2500 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता न मिलने के लिए के युवाओं के साथ ठगी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओ ने युवाओ को धोखा देकर अपने व अपने कार्यकर्ताओं, माफियाओं के लिये रोजगार तो ढूंढ लिया पर बेरोजगारों को उसी हाल में छोड़ दिया। हजारों युवा विभिन्न परीक्षाओं के माध्यम से रोजगार के लिए चयनित हो गए हैं पर उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दी जा रही है नियुक्ति पत्र देने के नाम पर सौदा किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश की जनता से वादाखिलाफी, मतदाताओं से धोखाधड़ी, जालसाजी,भ्रष्टाचार व प्रदेश की अराजक स्थिति को लेकर सरकार के आधा कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर उसे जवाब मांगने आज डॉ खूबचंद बघेल चांगोराभाटा, लेफ्ट. अरविंद दीक्षित वार्ड पचपेड़ी नाका, टिकरापारा वार्ड, नंदी चौक, ब्राह्मण पारा, कंकाली पारा वार्ड में जाकर आम मतदाताओं के बीच जनजागरण अभियान चलाया।
श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा रायपुर शहर में आराजकता की स्थिति पैदा हो गई है घर-घर गली-गली अवैध शराब की, गांजा की, अफीम की, ड्रग्स की, सूखे नशे के सामानों की, होम डिलीवरी करवा रही है सरकार। शहर के युवाओं को बच्चों को नशे की लत में धकेल दिया है। कोरोना काल में लोगों को दवा पहुंचाने के बजाय सरकार घर-घर शराब पहुंचा रही थी।
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार पहली ऐसी सरकार है जिन्होंने प्रदेश के 4 लाख 50 हजार गरीबों के सर से पक्के मकान का सपना व छत को छीन लिया है। मोदी जी की सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के गरीबों के लिए छह लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई थी। छत्तीसगढ़ सरकार ने आर्थिक दिवालियापन के चलते जहां 4 लाख 50 हजार गरीबों के आवास को वापस कर दिया, वहीं लाखो गरीबों को मकान का सपना दिखाकर उनकी पहली और दूसरी किस्त आज तक नहीं दी। लोगो का मकान अधूरा पड़ा है। पक्के मकान का सपना देख रहे गरीब जनता आज अपने कच्चे मकान को तोड़कर फुटपाथ पर जीने मजबूर हैं।
श्री अग्रवाल ने कहा कि चुनाव के पहले आप सबको पट्टा देने का वादा किया गया था बताइए कितने लोगों को पट्टा मिला है? किसी को पट्टा मिला? यह सरकार पट्टा देने के बजाय शहर के कीमती जमीनों को बेचकर पैसा कमाने में लगी हुई है। कटोरा तालाब, सिविल लाइन, शंकर नगर, शांति नगर की कीमती जमीनों को बेचा जा रहा है।
अग्रवाल ने कहा कि पूर्ण शराबबंदी के बजाय घर-घर शराब, हर-घर शराब हो गया है। महिला स्व सहायता समूह का कर्ज माफी का वादा पूरा नहीं हुआ। आपके संपत्ति कर को आधा करने का वादा किया गया था कार्यकाल आधा हो गया पर संपत्ति कर आधा नही हुआ।
00 अग्रवाल ने कहा कि पहले आप लोगों का पूरे प्रदेश में :
स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 50 हजार तक व केंद्र सरकार की योजना आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख तक का इलाज फ्री में हो रहा था। इस सरकार के आते ही इलाज की सारी योजनाएं बंद हो गई। यूनिवर्सल हेल्थ कार्ड का आधा कार्यकाल पूरा होने तक रही कोई अता पता नहीं है। आप सब ऐसे वादाखिलाफी करने वाले सरकार को उखाड़ फेंकने तैयार हो जाए।
चांगोराभाठा कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मोतीलाल साहू, जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी, मीनल चौबे, महेश शर्मा, यादराम साहू, रतिराम साहू, मोहन वर्मा, भोजपुरी नाका कार्यक्रम में मुकेश पंजवानी, मनोज राजपूत, बॉबी खनूजा, स्वप्निल मिश्रा, राजेश जैन, राहुल जैन, सचिन मेघानी, शंकर बरोड़ा, कृष्णा सेन, राजेश ठाकुर, महेश वर्मा, कुंदन ठाकुर, देवेंद्र साहू, शेरू ध्रुव, गणेश गुप्ता, दादू, अमजद, पुष्पराज केसरवानी, मनीष साहू, सिद्धाम शर्मा, थानु राम पटेल, गौरव कुमार, प्रकाश चौबे, विद्या साहू, कमल, आशा, आरती शुक्ला, नंदनी यादव, अनीता बोये, माधुरी बघेल, अंजू नायक, नीतू सोनी, संतोष साहू, राहुल जैन, सुदर्शन सेन, जीतू धनकर, बलराम साहू, अतुल, बसंत, अमितेश नामदेव, याकूब गनी, टिकरापारा में रामकृष्ण धीवर, अमित साहू, सालिक ठाकुर, चूड़ामणि निर्मलकर, चंद्रपाल धनगर, संजू नारायण सिंह ठाकुर, अभिषेक तिवारी, राज गायकवाड, बद्री गुप्ता, आमिर कोसे, शंकर धीवर, आशीष धनकर, केदार धनगर, गौरी यदु, सीमा साहू, पिंकी कुरेशी, सुधा अवस्थी, राजकुमारी साहू, रेहाना खा, कविता साहू, राज गायकवाड, बजरंग ध्रुव, बद्री गुप्ता, कौशल श्रीवास, रवि पांडे, अभिमन्यु धनगर, इसराइल खान, जय प्रकाश देवांगन, मनोज साहू, अभिषेक धनगर, गोपाल साहू, अमित संगेवार, पुनीत गुप्ता, राकेश साहू, उत्तम गुप्ता, वर्धमान सुराना, प्रवीण देवड़ा, आकाश दुबे, प्रेम बिरनानी, अजय साहू, राजू बिरनानी, भूपेंद्र डागा, विशाल भुरा, सुमन मुथा, मोहित नाथवाणी, दामोदर डोडानी, धरमू अलवानी, उमेश सोनकर, विनोद अरोरा, शरण ताम्रकार, अरविंद शुक्ला, कोमल रामानी, गिरीश अवधिया, अमन ताम्रकार, सतीश कुंजेकर, नितिन साहू, कृतिक अवधिया, कृष्णा पधारिया, मुकेश, लोकु भावनानी, चांदनी वलेचा, पूरन देमानी, आनंद सचदेव, यशवंत, आशीष, कमलेश लालवानी, ऋतु, मनोहर सचदेव सहित वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि आजादी के बाद देश मे थोक महंगाई दर मई 2021 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। मोदी सरकार की आतातायी नीतियों के कारण देश में कमरतोड़ मंहगाई के कारण मध्यमवर्गीय एवं गरीब जनता मंहगाई से त्रस्त है और मोदी सरकार हम दो हमारे दो मस्त है। कोरोना महामारी के कारण देश भर में करोड़ो लोगों का रोजगार छीन गया, उसके बावजूद केन्द्र की भाजपा सरकार देश की जनता का दो जून की रोटी भी नसीब नहीं होने दे रही है। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा आज सोमवार 14 जून को जारी आंकड़ों के मुताबिक मई में थोक महंगाई दर 12.94 फीसदी तक चली गई थी। इस तेजी की एक वजह मई 2020 का लो बेस भी है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि खुदरा महंगाई दर मई में बढ़कर 6.3 फीसदी पर पहुंच गई है। सरकारी डेटा के मुताबिक, खाद्य चीजों की बढ़ी कीमतों की वजह से यह आरबीआई के लिए निर्धारित लक्ष्य के दायरे से बाहर चली गई है। अप्रैल में कंज्यूमर प्राइस इंडैक्स 4.23 फीसदी रहा था. राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग द्वारा जारी डेटा के मुताबिक, खाने पीने की चीजों में महंगाई की दर मई में 5.01 फीसदी रही, जो उसके पिछले महीने के 1.96 फीसदी से बहुत ज्यादा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिये क्योकि उनकी कुनीतियों के कारण देश की जनता मंहगाई से त्रस्त है।
रायपुर ! भाजपा पार्षद दल ने नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे व वरिष्ठ पार्षदों के साथ विभिन्न समस्याओं को लेकर नगर निगम मुख्यालय के गेट पर प्रदर्शन किया । भाजपा पार्षदों ने कहा कि यह भारत का एकलौता अनोखा नगर निगम होगा । जो गर्मियों में जनता के घरों तक पानी नहीं पहुंचा पा रही है और बरसात में जनता के घरों में भरे पानी को बाहर नहीं निकाल पा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिले अमृत मिशन का लगभग 139 करोड़ का भुगतान हो चुका है । केंद्र से पैसे मिलने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना में पिछले 2 वर्षों से राज्य के हिस्से का पैसा न दे पाने के कारण रायपुर के सैकड़ों गरीब बेघर हो गए है।
चंडीगढ़. पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाला हैं, और इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अभी से इसके लिए तैयारिया चालू कर दी है| इसी सिलसिले में भाजपा ने मंगलवार को चुनावी राज्य में संभावित गठबंधन और पार्टी द्वारा लक्ष्य निर्धारित करने को लेकर विचार-विमर्श किया. प्रदेश के आगामी चुनाव में भाजपा बिना शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के मैदान में अपनी किस्मत आजमाएगी. हाल ही में कृषि कानूनों को लेकर मतभेद के चलते शिअद ने भाजपा के साथ अपना 23 साल पुराना साथ छोड़ दिया था|
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा राज्य के चुनाव प्रभारी दुष्यंत गौतम के साथ मंगलवार शाम को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से मुलाकात करेंगे, सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक के दौरान पंजाब में नए राजनीतिक गठबंधनों और समीकरणों को लेकर चर्चा हो सकती है. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) संग शिअद के गठबंधन के बाद, भाजपा 117 विधानसभा सीटों वाले राज्य में बदले जातीय और राजनीतिक समीकरणों पर ध्यान दे रही है|
एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, 'सामूहिक रूप से दलित वोट बसपा के साथ नहीं है. साल 2017 में बसपा ने 111 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे और करीब-करीब सभी जगहों पर उसे हार का मुंह देखना पड़ा था. राज्य में दलितों की आबादी 32 प्रतिशत है और फिर भी पार्टी अपनी धाक जमाने में नाकाम रही है. यही एक हिस्सा है, जहां हम दलित समुदाय के लिए शुरू की गई केंद्रीय योजनाओं के बदले मतदाताओं से उनका समर्थन मांग सकते हैं.'
शिअद और बसपा में 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन
गौरतलब है कि पंजाब में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बीते 12 जून को गठबंधन कर लिया. मायावती नेतृत्व वाली बसपा पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से 20 पर चुनाव लड़ेगी, बाकी सीटें शिअद के हिस्से में आएंगी. बसपा पंजाब के मालवा क्षेत्र में सात, माझा में पांच और दोआबा में आठ सीटों पर चुनावों में अपने उम्मीदवार खड़े करेगी. दोनों दलों के बीच यह गठबंधन 25 साल बाद हुआ है. इससे पहले 1996 में दोनों ने साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ा था जिसमें 13 में से 11 सीटें उनके हिस्से में आई थीं.
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सभी राज्यो के प्रदेश भाजपा अध्यक्षों को पत्र लिखकर 21 से 30 जून के बीच प्रदेश कार्यकारिणी की बैठकों का ऑनलाइन आयोजन करने के लिए कहा है। इस दौरान उन्हें विधानसभा चुनावों समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कहा गया है। नड्डा ने अपने पत्र में यह भी कहा कि भाजपा कोरोना राहत कार्य का विस्तार करने के लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों में सेवा ही संगठन कार्यक्रम के तहत दो लाख महिला और युवा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देगी।
नड्डा ने राज्य इकाइयों के प्रमुखों को पत्र लिखकर किए निर्देश जारी
राज्य इकाइयों के प्रमुखों को लिखे पत्र में नड्डा ने इस सिलसिले में निर्देश जारी किया है। भाजपा अध्यक्ष ने प्रदेश नेताओं को विधानसभा सत्रों की शुरुआत और समापन, शोक प्रस्ताव, आगामी विधानसभा चुनावों के अलावा अन्य गतिविधियों पर चर्चा करने के लिए कहा है।
जिला स्तर पर एक से 15 जुलाई के बीच भाजपा कार्यकारी परिषद की बैठक का आयोजन
उन्होंने जिला स्तर पर एक से 15 जुलाई के बीच कार्यकारी परिषद की बैठक का आयोजन करने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा उन्होंने सभी राष्ट्रीय महासचिवों को 31 जुलाई से पहले संबंधित राज्य लौट जाने को भी कहा है।
नड्डा के पत्र के अनुसार, 18 जून को 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय संकट का मुकाबला' विषय पर आनलाइन परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा। इसका संचालन पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव, दिलीप सैकिया और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी करेंगी।
उत्तरप्रदेश:उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद मे काँग्रेस ने गाजियाबाद नगर निगम के गृह कर में 15 प्रतिशत की वृद्धि के निर्णय को वापस लेने की मांग की और कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लोग पहले ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, ऐसे में इस फैसले को वापस लिया जाना चाहिए। पार्टी की गाजियाबाद इकाई ने सोमवार को कवि नगर के रामलीला मैदान में धरना दिया और फिर नगर निगम के फैसले के खिलाफ रैली निकाली। गाजियाबाद कांग्रेस के अध्यक्ष मनोज कौशिक ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा ऐसे समय में गृह कर में वृद्धि करना एक ‘‘क्रूर कदम’’ है, जब लोग पहले ही आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
कौशिक ने कहा, ‘‘ लॉकडाउन ने लोगों की आर्थिक स्थिति बद से बदतर कर दी है। करों में कुछ रियायत देने के बजाय नगर निगम ने 15 प्रतिशत गृह कर बढ़ा दिया है।’’ उन्होंने कहा कि ईंधन के बढ़ते दामों की वजह से लोग पहले ही परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
इस पर नगर निगम आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने कहा, ‘‘ हमने 15 प्रतिशत गृह कर बढ़ाया है, लेकिन साथ ही मकान मालिकों को बिल पर 20 प्रतिशत की छूट भी दे रहे हैं। इसलिए इससे जनता घाटे में नहीं है।’’








