कोलकाता. पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लग सकता हैं| समाचार एजेंसीयो ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दिग्गज नेता और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं, इस बात को लेकर शाम तक फैसला आ सकता है, बताया जा रहा है कि कोलकाता में टीएमसी के शीर्ष नेताओं के साथ रॉय की बैठक के बाद दल बदल सकते हैं|
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का शुक्रवार को दिल्ली दौरे का दूसरा दिन है। योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और शुक्रवार को वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलेंगे। उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर शुरू हुई अटकलों के बीच योगी आदित्यनाथ का यह दौरा बहुत अहम माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इन सभी मुलाकातों में योगी आदित्यनाथ मुख्यतः कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप और उससे निपटने की राज्य सरकार की कोशिशों पर बात करेंगे। वैक्सीन आवंटन में जनसंख्या को आधार बनाने का भी आग्रह करेंगे, लेकिन सूत्रों का कहना है कि शाह से बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के समीकरण, इस लिहाज से नए साथी दलों व प्रभावी चेहरों की तलाश पर भी चर्चा हुई।
यूपी कांग्रेस में नए चेहरे आए नहीं और पुराने चेहरे जा रहे हैं। मिशन-2022 धुंधला होता दिख रहा है। कांग्रेस का संकट काफी ज्यादा है। 2022 के मद्देनजर संगठन के कील-कांटे दुरुस्त करने के साथ पार्टी से जाने वालों को रोक पाने की दोहरी चुनौती सामने है। चुनावों की उल्टी गिनती शुरू हो गई है, ऐसे में अपने बड़े चेहरों को बचाने के लिए कांग्रेस को पुरजोर कवायद करनी होगी।
पिछले विधानसभा चुनाव से अब तक कई चेहरे कांग्रेस का साथ छोड़ चुके हैं। इनमें ताजा नाम जितिन प्रसाद का है और ये आखिरी नाम नहीं है। पार्टी के अंदरखाने में चल रही हलचल बता रही है कि चुनाव के पहले कई चेहरे पाला बदल सकते हैं। जितिन जी-23 का हिस्सा थे और शीर्ष नेतृत्व को चिट्ठी लिखने के बाद से साइडलाइन किए गए थे। राजबब्बर और आरपीएन सिंह भी जी-23 का हिस्सा रहे और इन तीनों ही नेताओं को पिछले वर्ष बनी कमेटियों में कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। संकेत साफ है कि नेतृत्व इन्हें हाशिए पर डालेगा तो यह भी पार्टी छोड़ने में नहीं हिचकिचाएंगे।
पार्टी में मंथन की जरूरत
रायबरेली से कांग्रेस की बागी विधायक अदिति सिंह व हरचंदपुर के राकेश सिंह की सदस्यता खत्म करने के लिए कांग्रेस हाईकोर्ट में मुकदमा लड़ रही है। अदित सिंह कहती हैं कि हां, मैं अब भी कांग्रेस की विधायक हूं लेकिन पिछले तीन-चार साल में बहुत लोग कांग्रेस को छोड़ कर चले गए। जितिन कांग्रेस का बड़ा चेहरा थे। युवा और साफ छवि के नेता हैं। उनका जाना कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसान है। पार्टी में लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है। शीर्ष नेतृत्व के जो सलाहकार हैं, वो पार्टी के लोगों की बात उन तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। पार्टी में बहुत ज्यादा मंथन की जरूरत है।
ये कभी कांग्रेस के चेहरे थे, मगर अब नहीं
-जितिन प्रसाद- 2021
-अन्नू टण्डन-2020
-संजय सिंह व अमिता सिंह- 2019
-राज कुमारी रत्ना सिंह-2019
-अम्मार रिजवी- 2019
-दिनेश सिंह- 2018
-रीता बहुगुणा जोशी-2016
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ तमाम कयासों के बीच गुरुवार को अचानक ही दिल्ली पहुंचे और होम मिनिस्टर अमित शाह से मुलाकात की। दोनों के बीच यह मुलाकात करीब डेढ़ घंटे तक चली। अब शुक्रवार सुबह वह पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करने वाले हैं। उनके इस अचानक दौरे से पहले से चल रहे कयासों को और तेजी मिली है। यही नहीं एक तरफ योगी आदित्यनाथ ने अमित शाह से मुलाकात की तो दूसरी ओर मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजेपी चीफ जेपी नड्डा भी पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने पहुंचे। एक के बाद एक इन मुलाकातों को यूपी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि इस मुद्दे पर अब तक पार्टी के किसी नेता ने कुछ भी नहीं कहा है। हालांकि प्रदेश के राजनीतिक हलकों में लगातार संगठन में बदलाव और कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा तेज है।
आधिकारिक तौर पर भले कहा यह जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ कोरोना से निपटने की रिपोर्ट अमित शाह को देने पहुंचे हैं। लेकिन सियासी हलके में चर्चाएं कुछ और ही हैं। बीते दिनों उत्तर प्रदेश में बीजेपी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष पहुंचे थे और लगातार दो दिन तक कैम्प कर कई मंत्रियों और विधायकों से अलग-अलग मुलाकात की थी। इसके बाद से ही प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन से लेकर तमाम तरह की अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं।
एके शर्मा की एंट्री के बाद से ही गर्म है चर्चाओं का बाजार
हालांकि इस संबंध में पार्टी की ओर से कुछ नहीं किया गया। वहीं खुद बीएल संतोष ने कई ट्वीट कर योगी आदित्यनाथ सरकार की कोरोना से निपटने के प्रयासों को लेकर तारीफ की और कयासों पर विराम लगाने का प्रयास किया। इसके बाद भी अटकलों का दौर लगातार जारी है। बता दें कि गुजराज काडर के आईएएस और पीएम मोदी के बेहद करीबी एके शर्मा के यूपी में एमएलसी बनने के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा गर्म है।
दिल्ली जाने से पहले प्रदेश अध्यक्ष और सुनील बंसल संग योगी की मीटिंग
बुधवार की शाम प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह और महामंत्री संगठन सुनील बंसल के साथ भी सीएम योगी की बैठक हुई। इसके बाद अचानक गुरुवार की दोपहर एक बजे सीएम योगी दिल्ली के लिए रवाना हो गए। योगी का विशेष करीब तीन बजे हिंडन एयरपोर्ट पर पहुंचा। वहां से साढ़े तीन बजे उनका काफिला दिल्ली के यूपी सदन पहुंचा। यूपी सदन से सीएम योगी का काफिला ठीक चार बजे अमित शाह के आवास के लिए रवाना हुआ।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ आज अचानक स्टेट प्लेन से दिल्ली पहुंचे| दोपहर करीब एक बजे वह लखनऊ से रवाना हो गए थे| जानकारी के अनुसार सीएम योगी आज गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे, इसके बाद उनकी पीएम नरेंद्र मोदी से शुक्रवार को मुलाकात होनी है| माना जा रहा है कि इस बीच सीएम योगी की बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात होगी. अचानक सीएम योगी के दिल्ली दौरे को लेकर लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है|जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर स्टेट प्लेन से दिल्ली पहुंचे| शाम 4 बजे के करीब उनकी गृह मंत्री अमित शाह से बैठक होगी| इसके बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे सीएम योगी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात होनी है|
इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
माना जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह से उनकी ये मुलाकात यूपी में कई मुद्दों पर हो सकती है. इस पर पंचायत चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन, आगामी विधानसभा चुनाव और वैक्सीनेशन आदि मुद्दे प्रमुख हैं, यूपी में वर्तमान में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर भी चर्चा हो सकती है|
बता दें पिछले कुछ दिनों से लखनऊ के सत्ता के गलियाराें में तरह-तरह की चर्चाएं आम हैं, इन चर्चाओं के केंद्र में बीजेपी है| पिछले दिनों केंद्रीय टीम के लखनऊ दौरे, यूपी प्रभारी राधा मोहन सिंह की राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात चर्चा में रही. हालांकि पार्टी नेतृत्व की तरह से इन मुलाकातों को औपचारिकता ही बताया गया और बैठकों को सामान्य प्रक्रिया|
रायपुर, भारतीय जनता पार्टी रायपुर जिला अंतर्गत बिरगांव मंडल की बैठक एकात्म परिसर में संपन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि लोगो से सतत संपर्क, जीवंत सम्बन्ध, सुख दुख में साथ यही सफल राजनीति का बीज मंत्र है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा, आप सभी को लोगों तक पहुंचकर केंद्र नित नरेंद्र मोदी सरकार के कार्य बताने चाहिए। प्रत्येक बूथ में कार्यकर्ताओं को नरेंद्र मोदी जी द्वारा 18 वर्ष से ऊपर के मुफ्त टीकाकरण के लिए धन्यवाद ज्ञापित करना चाहिए।
बैठक को संबोधित करते हुए बिरगांव नगर निगम चुनाव प्रभारी द्वय खूबचंद पारख और नारायण चंदेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए। चुनाव कोई तैयारियां करने का विषय नहीं है। भाजपा लगातार जनता के सतत संपर्क में रहती है । व उसकी सेवा करटी है। भाजपा सदा लोकतंत्र का सम्मान करती है परंतु कांग्रेस के लिये स्वार्थ सर्वोपरि है। तभी वह महापौर के सीधे चुनाव में जाने से बचते हुए पीछे दरवाजे से पार्षदों के द्वारा महापौर का चुनाव करवा रही है।
बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि सरकार को कोरोना काल को देखते हुए सभी चुनाव सुरक्षित वातावरण में ही करवाने चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि जब भी चुनाव हो ,उसके लिए हम तैयार हैं ।उन्होंने बिरगांव के सभी वाडो के लिए प्रभारियों की घोषणा करते हुए वार्डों में मतदाता सूची ,संपर्क कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया । बिरगांव में व्यवस्था की दृष्टि से प्रफुल्ल विश्वकर्मा, सुभाष तिवारी, केदार गुप्ता, सूर्यकांत राठौर, ओमकार बैस, मीनल चौबे रमेश सिंह ठाकुर, योगी अग्रवाल को 5- 5 वार्डो की जिम्मेदारी देकर प्रभारी बनाया गया है। आज की बैठक में गिरगांव के डॉक्टर गोविंद राम देवांगन डॉ गौतम देवांगन के साथ प्रबुद्ध जनों ने भाजपा प्रवेश किया। बैठक में जिला मंत्री अकबर अली, मीडिया प्रभारी अनुराग अग्रवाल, कार्यालय मंत्री दीना डोंगरे, विनय बजाज, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष गोविंदा गुप्ता ,महामंत्री राहुल राव उपस्थित थे । बैठक का संचालन महामंत्री रमेश ठाकुर और ओंकार बैस ने किया आभार प्रदर्शन जिला मंत्री संजय तिवारी ने किया।
रायपुर । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने मोदी सरकार के वैक्सीनेशन कार्यक्रम पर सवाल खड़ा किये है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि वैक्सीनेशन में छत्तीसगढ़ की जनता को पीएम मोदी ने कुछ नया नही दिया है। 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के वैक्सीनेशन में समस्या यह है कि वैक्सीन पर्याप्त मिले। वर्तमान में 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लिये मिल रही वैक्सीन अपर्याप्त है। 18 से 45 वर्ष की आयु की लिये फ्री वैक्सीनेशन की घोषणा राज्य सरकार कर ही चुकी थी। छत्तीसगढ़ सरकार ने तो 18 से 45 वर्ष के वैक्सीन का पैसा भी जमा कर दिया था। भाजपा नेताओं के वैक्सीनेशन पर बड़े बड़े बयानो से आम जनता में बेहद नाराजगी है।
वैक्सीनेशन पर भाजपा नेताओं के बयानों पर मोहन मरकाम ने कहा है कि सर्वोच्चन्यायालय के सुस्पष्ट निर्देशो के कारण विपक्षी दलों और नागरिको के दबाव के कारण मोदी सरकार को युनिर्वसल वैक्सीन का फैसला लेना पड़ा। 35 हजार करोड़ रू. बजट प्रावधान के बावजूद बजट के 14 प्रतिशत से भी कम खर्च कर मोदी सरकार तो वैक्सीनेशन की अपनी जिम्मेदारी से बचने में लगी थी।
मोहन मरकाम ने कहा है कि राहुल गांधी जी की युनिवर्सल वैक्सीनेशन की सही सलाह मानने में मोदी सरकार ने महीनों लगाये। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि समय रहते पूर्व राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बाते मानना शुरू कर दे मोदी सरकार क्योंकि देश ने तो पूर्व राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ चलने का अपना मन बना लिया है। कोरोना की शुरूआत में पूर्व राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने समय रहते चेतावनी दी थी। यदि समय रहते उस चेतावनी पर मोदी सरकार कार्यवाही करती तो यह हाल नहीं होता।
मोहन मरकाम ने कहा है कि देश का नागरिक नहीं वैक्सीन कंपनियों की मुनाफाखोरी मोदी सरकार की प्राथमिकता है। देश में वैक्सीनेशन की दरें विश्व में सर्वाधिक है। देश में युनिर्वसल वैक्सीनेशन की घोषणा करने के दूसरे ही दिन मोदी सरकार ने निजी अस्पतालों में टीकाकरण की दरों की घोषणा की है। कोविशिल्ड 780रू., कोवैक्सीन 1410 रू., स्पूतनिक 1145 रू. हैं विश्व के किसी भी अन्य देश ने नागरिको को इतनी ज्यादा कीमत देने के लिये नहीं कहा है।
वैस्टेज को अधिक वैक्सीन दिये जाने का आधार तय करने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में वैक्सीन में वेस्टेज सिर्फ 1.36 प्रतिशत जबकि राष्ट्रीय स्तर पर वेस्टेज 6.5 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ के डाक्टरों ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य कर्मियों ने छत्तीसगढ़ के सरकारी निजी अस्पतालों ने और छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरे देश की तुलना में बहुत बेहतर काम किया है। यह आंकड़े केन्द्र सरकार के कोविन एप्प से इस आधार पर लिये गये और प्रामाणिक है। इसलिये मांग है कि छत्तीसगढ़ की 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के वैक्सीनेशन की फर्स्ट डोज की जरूरत के मुताबिक 1 करोड़ 35 लाख वैक्सीन तत्काल छत्तीसगढ़ को दी जाये।
मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार को युनिवर्सल वैक्सीनेशन कार्यक्रम की राष्ट्रीय नीति बना कर सरकारी और निजी क्षेत्रों को पर्याप्त निशुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराना चाहिये और निजी क्षेत्रों में वैक्सीन लगाने का खर्चा भी केंद्र सरकार को ही वहन करना चाहिये।
दुर्भाग्य की बात है वैक्सीन निर्माण होने के बाद 6 करोड़ वैक्सीन की खेप विदेश में भेजी गयी। जबकि देश में वैक्सीनेशन 3 करोड़ भी नहीं हुआ था। देश के नागरिकों को वैक्सीन से वंचित रखा गया देश महामारी संकट से जूझ रहा है लड़ रहा है और मोदी की भाजपा की सरकार अपने नागरिको पर विदेशियों को तरजीह देकर विदेशों में वाहवाही लूटने में लगी रही। कांग्रेस लगातार वैक्सीनेशन की व्यवस्था सुधारने मांग करती रही। नागरिक भी फ्री युनिर्वसल वैक्सीनेशन के लिये आवाज उठाते रहे। सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगायी पर कही जाकर सत्ता और घमंड के नशे में चूर मोदी सरकार जागी और निःशुल्क वैक्सीनेशन की घोषणा की। लेकिन इसमें में भी लूप होल है। मात्र 75 प्रतिशत वैक्सीन ही केंद्र सरकार खरीदी करेगी और कम्पनियॉ 25 प्रतिशत निजी अस्पतालों को देगी। यानी देश के 75 प्रतिशत आबादी को ही फ्री टीकाकरण का लाभ मिलेगा अगर समय पर केंद्र सरकार सरकारी टीकाकरण केंद्रों को वैक्सीन उपलब्ध नहीं करायेगी तो लोग बड़ी संख्या में निजी क्षेत्रों में पैसा देकर वैक्सीन लगवायेंगे।
जब सदन में 35 हजार करोड़ रुपए का बजट वैक्सीनेशन के लिए रखा गया फिर देशभर के मात्र 75 प्रतिशत जनता को ही फ्री वैक्सीनेशन के दायरे में क्यो रखा गया है? 25 प्रतिशत आबादी को निजी अस्पतालों में महंगे दामों में वेक्सीन लगवाने क्यो मजबूर किया जा रहा है?पहले चरण में भी 45 साल से ऊपर वालों को सरकारी केंद्रों में निशुल्क वैक्सीन लगाया गया और निजी क्षेत्रों में टीका लगवाने वालो से 250 रु. प्रति डोज कीमत वसूल की गई। 18 प्लस वालो को वैक्सीन लगाने की बारी आई तो मोदी सरकार ने जिम्मेदारी राज्य सरकारों के ऊपर छोड़ दी थी और वैक्सीन के दाम अलग अलग निर्धारित कर दिया गया। एक देश में वैक्सीन के दाम एक होना चाहिये थी। राज्य सरकारों ने अपने खजाने से वैक्सीन की खरीदी के ग्लोबल टेण्डर जार किये तो वैक्सीन की आपूर्ति में बाधायें तक उत्पन्न की गई। विदेशी कम्पनियों से राज्य सरकारों के सीधी वैक्सीन खरीदी में रोक लगाई गई।
रायपुर ! भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उनका वादा याद दिलाते हुए कहा अभी 17 जून को कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का ढाई साल पूरा हो जाएगा। मतलब इस सरकार का आधा कार्यकाल पूरा हो गया है ।उन्होंने मांग कि की अपने घोषणापत्र में किये वादे के अनुसार संपत्ति कर आधा कर नागरिकों को राहत देवें ।
जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि विधानसभा में स्वयं मुख्यमंत्री जी ने जानकारी देकर बताया था कि उनके द्वारा किए गए 36 में से 14 वादों पर ही कार्य किए गए हैं व बाकी पर शीघ्र कार्य करने का उन्होंने आश्वासन दिया था। श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि कोरोना काल में लोगों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। आम लोगों की आय घट गई है । ऐसे में मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि संपत्ति का आधा कर उन्हें कुछ राहत प्रदान करें।
श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि जब-जब कांग्रेस से उनके घोषणा पत्र पर अमल की मांग की जाती है तो वे घोषणापत्र 5 साल का होने का हवाला देते हैं । कांग्रेसियों के इस बहाने के कारण कई संवेदनशील वादों पर अमल नहीं हो पा रहा है । सुंदरानी ने याद दिलाते हुए कहा कि आप ने अपने घोषणा पत्र में सर्व वृद्धा पेंशन के तहत 60 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों को 1000 रुपये मासिक और 75 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों को डेढ़ हजार प्रतिमाह देने की बात की थी । साथ ही सर्व विधवा पेंशन के तहत विधवा महिलाओं को 1000 मासिक देने का वायदा किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि वे यह बताएं कि 75 वर्ष से अधिक के कई बुजुर्ग आपके वादे में अमल कर इंतजार करते हुए स्वर्गवासी हो गए हैं। बाकी क्या और ढाई साल आपके वादों के पूर्ण होने का इंतजार करें।
उन्होंने मानवता व इंसानियत के नाते इन संवेदनशील मसले में शीघ्र कार्यवाही करने के लिए मुख्यमंत्री से अनुरोध किया।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। बीजेपी नेता और केंंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
ये जितिन प्रसाद वही हैं जिन्हें प्रियंका गांधी का बेहद करीबी नेता माना जाता था और पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के अगले अभियान में इन्हें बहुत अहम जिम्मेदारी देने जा रही थी। जितिन प्रसाद कांग्रेस पार्टी में राष्ट्रीय सचिव की भूमिका निभा चुके हैं तो यूपीए सरकार में केन्द्रीय मंत्री रह चुके हैं। कांग्रेस ने जितिन प्रसाद को भले ही बहुत कुछ दिया हो, लेकिन आज उन सभी चीजों को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। इसके पहले राहुल के करीबी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कांग्रेस का हाथ छोड़ कमल का दामन थाम लिया था।
जितिन प्रसाद को बीजेपी में शामिल कराने के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यूपी की राजनीति में जितिन प्रसाद की भूमिका अहम होने वाली है। वहीं, जितिन प्रसाद ने कहा कि मैंने 7-8 साल में अनुभव किया कि असल मायने में कोई संस्थागत राजनीतिक दल है, वो भारतीय जनता पार्टी है, बाकी दल तो व्यक्ति विशेष और क्षेत्र के हो गए हैं।
जितिन प्रसाद ने कहा कि जिस चुनौतियों और परिस्थितियों का देश इन दिनों सामना कर रहा है, उससे निपटने के लिए अगर कोई उपयुक्त दल है तो वह है भाजपा और कोई उपयुक्त नेता है तो वह हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। कांग्रेस में मैं अपने लोगों की सेवा नहीं कर पा रहा था, मुझे उम्मीद है कि बीजेपी के माध्यम से मैं लोगों की सेवा कर सकूंगा।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के बड़े ब्राहम्ण चेहरों में से एक जितिन प्रसाद पिछले कई दिनों से पार्टी हाईकमान से नाराज थे। वह कांग्रेस में तवज्जो न मिलने और यूपी कांग्रेस के कुछ नेताओं से अपनी नाराजगी जाहिर भी कर चुके हैं। जितिन प्रसाद की शिकायत को पार्टी हाईकमान ने नजरअंदाज किया। यही वजह है कि उन्होंने आज बीजेपी का दामन थाम लिया।
जितिन प्रसाद के पिता जितेन्द्र प्रसाद भी कांग्रेस के दिग्गज नेता हुआ करते थे। इंदिरा गांधी के समय से पार्टी में काम करते हुए उनके पिता जितेन्द्र प्रसाद ने कांग्रेस पार्टी के एक वफादार नेता के रूप में काम किया था और पार्टी ने उन्हें बेहद महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी सौंपी थीं। लेकिन उन्होंने भी एक बार कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में सोनिया गांधी को चुनौती दी थी और उनके ख़िलाफ़ चुनाव लड़े थे। बाद में दोनों के बीच समझौता हो गया था और जितेंद्र प्रसाद की मृत्यु के बाद सोनिया गांधी ने जितिन पर पूरा भरोसा किया और उन्हें पार्टी व सरकार में अहम पद भी दिए गए। उत्तर प्रदेश के एक पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता की टिप्पणी है कि जितिन से कांग्रेस को भी कोई फ़ायदा नहीं हुआ वैसे ही भाजपा को भी कुछ नहीं मिलने वाला है। इस नेता के मुताबिक़ ऐसे अवसरवादियों के कारण ही कांग्रेस उत्तर प्रदेश में कमजोर हुई।
भाजपा को जितिन प्रसाद की जरूरत क्यों-
दरअसल, बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश में 14 फीसदी आबादी वाले वोटर ब्राह्मण भाजपा से नाराज हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार के कई फैसलों से उत्तर प्रदेश के ब्राह्मणों की भाजपा से नाराजगी बनी हुई है और इस विधानसभा चुनाव में पार्टी से अलग वोट कर सकते हैं। भाजपा अपने इस कोर वोट बैंक को किसी भी हालत में संभालना चाहती है। इधर, कांग्रेस में रहते हुए जितिन प्रसाद ब्राह्मण चेतना मंच नाम से एक संगठन बनाकर ब्राह्मणों की राजनीति करते रहे हैं। वे उत्तर प्रदेश के बड़े ब्राह्मण चेहरे भले न हों, लेकिन शाहजहांपुर, ललितपुर और आसपास के इलाके में उनका आंशिक प्रभाव है और वे वहां भाजपा को लाभ पहुंचा सकते हैं। यही कारण है कि ब्राह्मणों की नाराजगी को कम करने के लिए भाजपा उन्हें अपने साथ लाना चाहती है।
रायपुर, शहर में जनता के नाम पर होने वाले कार्यों में लापरवाही एवम् भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा पार्षद दल ने नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे के नेतृत्व में महापौर से मुलाक़ात की। भाजपा पार्षद दल ने एक करोड़ साठ लाख रु की लागत से कलेक्ट्रेट से खालसा स्कूल में हो रही स्मार्ट रोड की प्लानिंग का विरोध करते हुए कहा कि बिना वस्तुस्थिति को परखे रोड में कितने लोग आते जाते है , ट्रैफ़िक लोड कितना है इसके निर्माण से जनता को क्या लाभ होगा इन सबको जाने बिना अधिकारी अज्ञात कारणों से अपनी मनमानी पर उतारू है। भाजपा पार्षद दल ने महापौर से पूछा कि सप्रे शाला प्रोजेक्ट के नवनिर्मित पाँच करोड़ रु से बनाया गया फ़ाउंटेन सिर्फ़ 16 घंटे चला है इसका ज़िम्मेदार कौन है ? यह कार्य किस कंपनी को दिया गया था। कंपनी में मेंटेनेंस की क्या क्या शर्ते थी। व कार्य पूरा ना होने पर जुर्माने का क्या प्रावधान था । क्या फाउंटेन बंद होने के बाद कंपनी से राशि वापस मांगी गई है या वे सुधार कर देंगे या कंपनी को ब्लैक लिस्टेड किया गया है इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए । भाजपा पार्षद दल ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह साफ मनमानी है कि जब प्रथम चरण के काम में फेल हो गए है उसके बाद भी १९ करोड़ रु खर्च कर क्रूज़ माउंटेन की प्लान कर रहे है।
भाजपा पार्षद दल ने सभापति से सामान्य सभा बुलाने की मांग की
भाजपा पार्षद दल ने मांग की है कि सामान्य सभा निरस्त होने के बाद पार्षदों के द्वारा लगाये गए प्रश्नों के जवाब आज तक नहीं मिल पाये है. उन्हें तुरंत प्रदान किया जाए । 14 वे वित्त हेतु वार्डों से तीस लाख के प्रस्ताव मंगाए गये उनकी आज तक स्वीकृति नहीं आयी इसके बारे में जवाब देना चाहिए और बताना चाहिए पैसा कहाँ गया। नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने कहा कि अधिकारीयो की लापरवाही के कारण दस करोड़ रु के स्वीकृत नाले के काम नहीं हो पाये.। बारिश मे जलभराव की समस्या वार्डों में होगी। इन सब बातों को लेकर महापौर का ध्यानाकर्षण किया गया।
भाजपा पार्षद दल ने कहा है कि लोकतंत्र में जनता की अदालत सर्वोच्च है.अब जो भी कार्य होगा जनता की सुविधा के लिए जनता के फ़ायदे के लिए होगा नहीं तो आने वाले समय में भाजपा के जनप्रतिनिधि एवम् कार्यकर्ता सड़क की लड़ाई के लिए तैयार हैं।
भाजपा पार्षद दल में उपनेता प्रतिपक्ष मनोज वर्मा, वरिष्ठ पार्षद सूर्यकांत राठौर,पार्षद प्रवक्ता मृत्युंजय दुबे, जोन अध्यक्ष प्रमोद साहू, रोहित साहू, कमलेश्वरी वर्मा , दीपक जायसवाल, शुशीला धीवर, सरिता वर्मा,कामिनी देवांगन, सीमा साहू,भोला साहू,विश्वादिनी पांडे, टेशू साहू,सीमा कंदोई,चंद्रपाल धनगर, गोदावरी गज्जू साहू, जयमोहन साहू, रवि धनगर उपस्थित थे।
रायपुर, कांग्रेस सरकार के 2.5 साल पूरे होने पर भाजपा ने 12 जून से 17 जून तक एक महाअभियान चलाने का कार्यक्रम तय किया है
कोर ग्रुप की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने विस्तार से चर्चा की।12 जून को प्रदेश के हर जिले में राज्य सरकार की असफलताओ को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी।13,14 और 15 जून को हर मंडल में 5 शक्ति केंद्रों में राज्य सरकार की असफलताओ को लेकर जनता से सवाल पूछेगी।
महिलाओ, युवाओ, बुजुर्गो और सभी वर्गों के लिए अलग अलग सवाल तैयार किये गए है जिसे जनता से सीधे पूछा जाएगा।सरकार की वादाखिलाफी,अव्यवस्थाओ और अराजकता पर बिंदुवार चर्चा होगी।
16 जून और 17 जून को भाजपा के हर मोर्चा व प्रकोष्ठ के लोग हर जिले में सरकार की असफलताओं पर कार्यक्रम करेंगे।प्रदेश भाजपा द्वारा 17 जून को एक मेगा पीसी के माध्यम से जनता के फीडबैक व 2.5 साल के कार्यकाल पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
कोर ग्रुप की बैठक में विशेष रूप प्रदेश सह प्रभारी बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन ने भी अपना मार्गदर्शन रखा।
कोर ग्रुप की बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह जी ने भी सभी को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री सवालो से चिढ़ते है लेकिन अब उनका आधा कार्यकाल खत्म हो चुका है सवाल तो पूछें जाएंगे और उन्हें जवाब तो देना होगा ।प्रदेश की जनता के मन मे ढेरो सवाल है।
आवास आधे पड़े है,गौठान ध्वस्त हो चुके है हर जगह भयंकर अव्यवस्था है जनता इस पर सवाल करना चाहती है लेकिन मुख्यमंत्री सवालो से भाग रहे है।
बैठक में संग़ठन महामंत्री श्री पवन साय नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ,सुश्री सरोज पांडेय बृजमोहन अग्रवाल, अजय चन्द्राकर,राम विचार नेताम ,महामंत्री नारायण चंदेल, भूपेंद्र सवन्नी, किरण देव सभी सांसद, विधायक जिलाध्यक्ष मोर्चा अध्यक्ष व प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक व आईटी सेल व मीडिया विभाग के पदाधिकारी माजूद रहे ।
रायपुर, भाजपा विधायक पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले दो-ढाई सालों में कंाग्रेस सरकार के गलत नीतियों व अपराधियों की राजनैतिक संरक्षण के चलते छत्तीसगढ़ अपराध के गढ़ में परवर्तित हो गया है। राजधानी रायपुर अपराधधानी में परिवर्तित हो गया है, शासन के संरक्षण में संगठित अपराध, ड्रग्स माफिया, कोकिन माफिया, गांजा माफिया, शराब माफिया, रेत माफिया, कोयला माफिया, जमीन माफिया व रंगदारी माफिया पूरे प्रदेश में सक्रिय है और चारो तरफ जमकर उगाही कर रहे है और रायपुर इन सब की राजधानी है।
श्री अग्रवाल ने कहा है कि नीति आयोग की सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल रिपोर्ट के अनुसार देश में हत्या के मामलों में, देश में 17 नंबर की जनसंख्या वाला छत्तीसगढ़ विभिन्न बड़े राज्यों को पीछे छोड़ कर चौथे नंबर पर पहुंच गया है। नीति आयोग की रिपोर्ट कहती है कि प्रत्येक एक लाख में लगभग 3.5 लोगों की छत्तीसगढ़ में हत्या हो रही है जो राष्ट्रीय अनुपात से बहुत ज्यादा है। हत्या के मामले में छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र, राजस्थान जैसे बड़े राज्यों से लगभग 2 गुना ज्यादा है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि पिछले दो-ढाई वर्षों का घटनाक्रम देखें तो छत्तीसगढ़ लगातार संगठित अपराध की शरणस्थली बनता जा रहा है। जिसका ताजा उदाहरण बेंगलुरु में एक बच्चे का अपहरण व हत्या के आरोपियो का रायपुर के एक मोहल्ला में छुपा होना है।
प्रदेश में शराब दुकान का संचालन शासन द्वारा किया जा रहा है फिर किसके आदेश, निर्देश व संरक्षण में गली-गली में हरियाणा यु.पी., गोवा, महाराष्ट्र व अन्य राज्यों की शराब छत्तीसगढ़ में आकर बिक रही है। छत्तीसगढ़ के गली-गली में युवाओं को नशे के जाल में फसाने का क्रम चल रहा है। सूखा मादक पदार्थ अफीम, चरस, हीरोइन, गांजा, नशीली सीरफ आसानी से उपलब्ध है परंतु पुलिस छोटी मछलियों को पकड़कर मामला नियंत्रण में करने का दिखावा कर रही है और खुलेआम सूखा नशा राजनीतिक संरक्षण में गांव-गांव गली-गली बिक रही है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्य की गंभीर समस्या रोहिंग्या की समस्या से अब छत्तीसगढ़ को भी दो-चार होना पड़ेगा। यह समस्या अब हमारे प्रदेश में भी घुसपैठ कर चुकी है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि रायपुर की आउटर की बस्तियों सहित पूरे प्रदेश में बाहर के अपराधियों को लाकर बसाने का क्रम चल रहा है। राजनैतिक संरक्षण में माफियाओं द्वारा बाहरी लोगों की लाकर छत्तीसगढ़ को अशांति करने की जो शाजिश रची जा रही है वह शोचनीय विषय है। बड़ी-बड़ी बाते करने एवं केन्द्र को पत्र लीखने के बजाए राज्य की बिगड़ती कानुन व्यवस्था पर ध्यान दे शिक्षा में फिस्ड्डी अपराध में अग्रणी होते जा रहा है यह खतरनाक संकेत है क्या छत्तीसगढ़ की जनता दो तिहाई बहुमत इसलिए दिया है।
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोविड वैक्सीनेशन और प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना को लेकर की गई क्रांतिकारी घोषणाओं पर प्रदेश कांग्रेस की प्रतिक्रिया को बिगड़े मानसिक संतुलन का परिचायक बताते हुए कहा है कि अपनी दीन-हीन राजनीतिक दशा को भोगती कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार अब इधर-उधर की बातें करने के बजाय यह बताए कि शराब पर वसूली गई कोरोना सेस की राशि का वह किस प्रकार उपयोग करेगी? श्री श्रीवास्तव ने कहा कि वेंटीलेटर पर अपने राजनीतिक अस्तित्व के लिए जूझ रही कांग्रेस यह कहकर अपने मुँह मियाँ मिठ्ठू बनने की नाकाम कोशिश कर रही है कि कांग्रेस की मांग के दबाव में केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस के नेता केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का दावा करके ख़ुद की जगहँसाई करा रहे हैं। कांग्रेस में दबाव बनाने का सियासी माद्दा रहा नहीं और अब वह ख़ुद इस दबाव में है कि जनता के बीच वे क्या मुँह लेकर जाएगी, क्योंकि कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना वैक्सीन की प्रामाणिकता पर सवाल खड़ा करके भ्रम फैलाने और टीकाकरण को रोकने का निंदनीय कृत्य किया, कांग्रेस की पंजाब सरकार ने कोरोना वैक्सीन को भी अपनी कमाई और मुनाफाखोरी का जरिया बनाने का शर्मनाक आचरण किया और कांग्रेस की ही राजस्थान सरकार ने वैक्सीन को जमीन के नीचे गाड़ने की कृतघ्नता का प्रदर्शन किया। वैक्सीन की खुलेआम चोरी की घटना छत्तीसगढ़ सरकार के लिए शर्मनाक है क्योंकि इस तरह की वारदात वाला यह पहला राज्य है। इसलिए अपने दबाव का भरम पालने के बजाय कांग्रेस के नेता बताएँ कि वैक्सीन जब केंद्र सरकार मुफ़्त में दे रही है तो कोरोना सेस की बची राशि क्या प्रदेश सरकार पीएम केयर्स फंड में जमा कराएगी या फिर प्रधानमंत्री राहत कोष में देगी? श्री श्रीवास्तव ने कहा कि शराब पर कोरोना सेस के नाम पर प्रदेश की जनता से राशि वसूली गई है तो उस राशि का उपयोग कोरोना से जूझती प्रदेश की जनता के कल्याण के निमित्त करने के लिए वह राशि पीएम केयर्स फ़ंड में जमा कराई जानी चाहिए। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की घोषणा ने दरअसल कांग्रेस और शेष विपक्ष के नाकारापन को जगज़ाहिर कर दिया है और कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल इससे बौखलाए अब खंभा नोचते नज़र आ रहे हैं।
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने प्रदेश सरकार से ख़रीदे गए धान में हो रहे घोटाले को लेकर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि अकर्मण्य प्रदेश सरकार अन्नदाताओं के परिश्रम का जिस तरह अपमान कर रही है। राष्ट्रीय संपदा धान को खुले में बर्बादी और घोटाले के लिए छोड़कर जिस लापरवाही का प्रदर्शन कर रही है और प्रदेश के अनाज भंडार व अर्थतंत्र को खोखला कर रही है। उसका प्रायश्चित तो देर-सबेर इस सरकार को करना ही पड़ेगा।
श्री कश्यप ने कहा कि जो प्रदेश सरकार अपनी सम्पदा, अपने ख़रीदे धान को समय पर सुरक्षित स्थान तक पहुँचा सकी है, और भ्रष्टाचारी व घोटालेबाज उस धान को भी अपनी काली कमाई का जरिया बना रहे हैं। इससे अधिक किसी सरकार के निकम्मेपन की और क्या मिसाल दी जा सकती है।
भाजपा नेता व पूर्व मंत्री श्री कश्यप ने सरगुजा संभाग के सूरजपुर ज़िले में 80 लाख रुपए के धान घोटाले के सामने आने के बाद अब दुर्ग संभाग के राजनांदगाँव ज़िले में पटेवा सोसाइटी में सामने आए 52 लाख रुपए के धान घोटले ने साबित किया है कि बड़ी-बड़ी डींगें हाँकने वाली प्रदेश सरकार न तो समयबद्ध काम करके राष्ट्रीय संपदा अन्न की सुरक्षा व सम्मान के प्रति गंभीर है और न ही भ्रष्टाचार और घोटालों पर अंकुश लगा पा रही है। श्री कश्यप ने इन दो मामलों के खुलासे को प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़ के दावे को कोरी सियासी लफ़्फ़ाजी व जुमलेबाजी निरूपित करते हुए आशंका जताई कि कहीं सत्तावादी संरक्षण में पूरे प्रदेश में धान उठाव नहीं करके उसे ग़ायब करने और पानी में सड़ा बताकर किसी बड़े घोटाले को अंजाम देने की साजिशें तो नहीं बुनी जा रही हैं। श्री कश्यप ने जानना चाहा कि धान ख़रीदी को महीनों बीत जाने के बाद भी और बार-बार ध्यान आकृष्ट कराने के बावज़ूद प्रदेश सरकार ने सहकारी समितियों से धान के उठाव में लापरवाही का परिचय क्यों दिया। जबकि ख़रीदे गए धान का उठाव समितियों से 72 घंटे में करने का प्रावधान है। प्रदेशभर के प्राय: सभी ज़िलों में धान का पूरा उठाव नहीं होने की जानकारी प्रकाश में आ रही है।
भाजपा नेता और पूर्व मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि भाजपा धान ख़रीदी के वक़्त से ही लगातार धान का समयबद्ध उठाव नहीं होने पर प्रदेश सरकार को आगाह करती रही है। लेकिन प्रदेश सरकार धान के उठाव को लेकर तब भी बेसुध रही और अब भी है। बिलासपुर, मुंगेली और राजनांदगाँव ज़िलों में ही करोड़ों रुपए मूल्य का धान खुले आसमान के नीचे सहकारी समितियों के प्रांगण में अब तक पड़ा है और अब प्रबंधक प्रदेश सरकार की इस लापरवाही का फ़ायदा उठाकर लाखों रुपए मूल्य के धान का घोटाला कर रहे हैं। श्री कश्यप ने कहा कि बेमौसम बारिश में धान की हुई बर्बादी के बावज़ूद प्रदेश सरकार ने तत्परता नहीं दिखाई और अब जबकि मॉनसून ने दस्तक देनी शुरू कर दी है, करोड़ों रुपए का धान खुले में पड़ा भीगकर सड़ जाने की घनीभूत आशंका के बावज़ूद धान के उठाव व परिवहन को लेकर ज़रा भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के रिश्तेदार उतई-मानिकचौरी निवासी किसान कुबेर साहू से आत्महत्या किए जाने पर तंज कसते हुए श्री कश्यप ने कहा कि कमीशन-प्रेमी प्रदेश सरकार को न तो किसानों की जान की परवाह है और न ही किसानों के खेत में उपजे अन्न की बर्बादी और घोटाले की फ़िक्र है।
लखनऊ, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा है की वह भी कोरोना वायरस रोधी टीका लगवायेंगे। यादव ने ट्वीट किया, ''जनाक्रोश को देखते हुए आख़िरकार सरकार ने कोरोना वायरस रोधी टीके के राजनीतिकरण की जगह ये घोषणा की कि टीके वह लगवाएगी। हम भाजपा के टीके के ख़िलाफ़ थे पर ‘भारत सरकार’ के टीके का स्वागत करते हुए हम भी टीका लगवाएंगे व टीके की कमी से जो लोग टीका नहीं लगवा सके थे उनसे भी लगवाने की अपील करते हैं।''
गौरतलब है कि इस साल जनवरी में जब कोरोना वायरस का टीका आया था, तब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार से पूछा था कि टीकाकरण अभियान कैसे चलाया जाएगा और गरीबों को मुफ्त में टीका कब मिलेगा।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि उन्हें देश के डॉक्टरों पर भरोसा है लेकिन सरकार पर नहीं। उन्होंने कहा था कि एक साल बाद, जब सपा की सरकार सत्ता में आएगी तब हम सभी के लिए मुफ्त टीका सुनिश्चित करेंगे। यादव ने यह कहते हुए विवाद भी खड़ा कर दिया था कि वह खुद भाजपा का टीका नहीं लगवाएंगे। हालांकि बाद में उन्होंने कहा था कि वह वैज्ञानिकों का जिक्र नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा था, 'हमें अपने डॉक्टरों पर पूरा भरोसा है, लेकिन सरकार पर नहीं... यह अच्छा है कि कोरोना वायरस का टीका आ गया है, लेकिन डॉक्टर जो कहते हैं, उस पर विश्वास करें, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर नहीं।'' सोमवार को समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने कोरोना वायरस रोधी टीका लगवाया था तब भारतीय जनता पार्टी ने अखिलेश यादव को कटघरे में खड़ा किया था।
सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने ट्वीट किया था, ''एक अच्छा संदेश, आशा करता हूं कि सपा के कार्यकर्ता और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष भी अपनी पार्टी के संस्थापक से प्रेरणा लेंगे।'' वहीं, सोमवार को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट किया था, ''सपा संरक्षक व पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव स्वदेशी टीका लगवाने के लिए आपका धन्यवाद। आपके द्वारा टीका लगवाना इस बात का प्रमाण है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा टीके को लेकर अफवाह फैलाई गयी थी। इसके लिए अखिलेश यादव को माफ़ी मांगनी चाहिए।''
रायपुर । विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर आज ‘स्वस्थ भविष्य के लिए सुरक्षित भोजन’ विषय पर वर्चुअल राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा खाद्य प्रसंस्कण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर थे। छत्तीसगढ़ के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत विशिष्ट अतिथि के रूप में अम्बिकापुर से इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम पीएचडी चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री नई दिल्ली के द्वारा आयोजित की गई थी।
खाद्य मंत्री भगत ने वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा और कुपोषण मुक्ति अभियान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई योजनाबद्ध रणनीति के परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ कुपोषण के खिलाफ जंग में कामयाब हो रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि छत्तीसगढ़ में कोई भूखा न सोये। राज्य सरकार ने प्रदेश के नागरिकों के लिए भोजन ही नहीं बल्कि पौष्टिक भोजन सुनिश्चित कराया है। मंत्री भगत ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वभौमिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली और कुपोषण मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का शुभारंभ 2 अक्टूबर 2019 को किया गया। प्रदेश के 66 लाख 24 हजार 872 राशन कार्डधारियों को रियायती दर पर राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं एक वर्ष में ही कुपोषित बच्चों की संख्या में 15.64 प्रतिशत की कमी आई है।
खाद्य मंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण ने जब पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया और देशव्यापी लॉकडाउन लगाया गया। ऐसे वक्त में जरूरतमंद तक भोजन और सुरक्षा सामग्री पहुंचाना एक बड़ी चुनौतीपूर्ण कार्य था, इसका बखूबी सामना करते हुए छत्तीसगढ सरकार ने जरूरतमंदों तक भोजन व सुरक्षा सामग्रियां पहुंचाई। लॉकडाउन के दौरान लोगों को बाहर न निकलना पड़े इसके लिये प्रदेश के सभी 57 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को अप्रैल, मई व जून का राशन निःशुल्क प्रदाय किया गया। जिनके राशनकार्ड नहीं बने थे, उनके लिये भी खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
मंत्री भगत ने कहा कि कुपोषित बच्चों में से अधिकांश आदिवासी और दूरस्थ वनांचल इलाकों के बच्चे थे। राज्य सरकार ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ की संकल्पना के साथ पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत की। अभियान को सफल बनाने के लिए इसमें जन-समुदाय का भी सहयोग लिया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत हितग्राहियों को गर्म भोजन देने की व्यवस्था की गई। अतिरिक्त पोषण आहार में हितग्राहियों को गर्म भोजन के साथ अण्डा, लड्डू, चना, गुड़, अंकुरित अनाज, दूध, फल, मूंगफली और गुड़ की चिक्की, सोया बड़ी, दलिया, सोया चिक्की और मुनगा भाजी से बने पौष्टिक और स्वादिष्ट आहार दिए जा रहे हैं। राज्य सरकार के नीतिगत फैसलों और कार्य प्रणाली के कारण छत्तीसगढ़ कुपोषण से जंग जीतने में कामयाब हो रहा है।
इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजक पीएचडी चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के अध्यक्ष सहित अन्य प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा खाद्य सुरक्षा और कुपोषण मुक्ति के लिए चलाए जा रहे अभियान की सराहना करते हुए अन्य प्रदेशों को भी इसी प्रकार के कार्यक्रम चलाने की अपील की गई।क्रमांक-ओम












