BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
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BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत

BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत

 दिल्ली- दिल्ली में लाल किले के पास एक कार में बम धमाका होने से अफरातफरी मच गई है। यह धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक कार में हुआ। ब्लास्ट इतना भीषण था कि काफी दूर तक इसकी धमक दिखी और आग भड़क गई। कई कारें इस आग की चपेट में आई हैं और अब तक 8 लोगों के मरने और 25 लोगों के घायल होने की खबर है। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की 7 टीमों को रवाना किया गया और दिल्ली पुलिस की एक स्पेशल टीम भी मौके पर पहुंची है। फिलहाल पूरी दिल्ली में हाई अलर्ट जारी है। यह धमाका कैसे हुआ और इसके क्या कारण हैं। इस संबंध में जानकारी का इंतजार है। फिलहाल पुलिस शुरुआत जांच में जुटी है।

 

धमाके के बाद सामने आई दर्दनाक तस्वीरें...

 

तस्वीर-1

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अपडेट की जा रही है...

Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी

Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर 1 नवंबर को सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

 
 
BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति

BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति

 BIG BREAKING : एनडीए के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन कुल 452 मतों के साथ भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में चुने गए, उन्होंने विपक्षी गठबंधन INDIA के साझा उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को हराया। विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार न्यायमूर्ति सुधर्शन रेड्डी को 300 मत प्राप्त हुए हैं। जुलाई में स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देकर जगदीप धनखड़ ने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके चलते चुनाव हुए।

चुनाव का गणित

संसद के दोनों सदनों के सदस्य इस चुनाव में वोट डालने के लिए पात्र थे। इलेक्टोरल कॉलेज में कुल 788 सदस्य हैं। इनमें 245 राज्यसभा औ 543 लोकसभा से हैं। फिलहाल, इन सदस्यों की कुल संख्या 781 है, क्योंकि राज्यसभा में 6 और लोकसभा में 1 सीट खाली है। ऐसे में चुनाव में जीत के लिए 391 मतों की जरूरत थी।

NDA के पास 293 सांसद हैं और राज्यसभा सदस्यों की संख्या 129 है। जबकि, INDIA गठबंधन के पास कुल 325 सांसद हैं। इस लिहाज से राधाकृष्णन की जीत पहले ही आसान मानी जा रही थी। एनडीए को आंध्र प्रदेश के विपक्षी दल YSRCP के NDA उम्मीदवार का साथ देने का फैसला किया था। पार्टी के पास 11 सांसद हैं। वहीं, AIMIM यानी असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने INDIA गठबंधन के उम्मीदवार का समर्थन किया था।

ये दल रहे दूरइधर, भारत राष्ट्र समिति (BRS) और बीजू जनता दल (BJD) के अलावा शिरोमणि अकाली दल ने चुनाव से बाहर होने का फैसला किया है। खबर है कि अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के सांसद सरबजीत सिंह खालसा और अमृतपाल सिंह ने उपराष्ट्रपति चुनाव के बहिष्कार करने का एलान किया है। खडूर साहिब लोकसभा सीट से सांसद अमृतपाल सिंह असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में बंद है।

साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय

साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय

 रायपुुर। Sai Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक खत्म  हो चुकी है। बता दें कि, पहली बार साय कैबिनेट के 14 सदस्य एक साथ बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में सीएम साय मंत्रियों से चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

1) मंत्रिपरिषद ने सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 09 जून 2025 को बम विस्फोट की घटना में शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरेपूंजे की शहादत और अदम्य वीरता को सम्मानित करते हुए उनकी पत्नी  स्नेहा गिरेपूंजे को विशेष प्रकरण मानते हुए राज्य पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

2) मंत्रिपरिषद की बैठक में पारंपरिक ऊर्जा स्त्रोत की निर्भरता को कम करने तथा गैर पारंपरिक स्त्रोत आधारित ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की सौर ऊर्जा नीति में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

नीति की अवधि – नई व्यवस्था के अनुसार यह संशोधित नीति अब 2030 तक लागू रहेगी, या फिर जब तक राज्य सरकार नई सौर ऊर्जा नीति जारी नहीं करती।

उद्योगों को मिलने वाले लाभ – सौर ऊर्जा परियोजनाओं को अब राज्य की औद्योगिक नीति के तहत प्राथमिकता उद्योग का दर्जा मिलेगा।
इसके तहत निवेशकों को कई तरह की रियायतें और प्रोत्साहन मिलेंगे, जैसे ब्याज अनुदान, पूंजी लागत पर अनुदान (सूक्ष्म उद्योगों को), जीएसटी प्रतिपूर्ति (लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को), बिजली शुल्क में छूट, स्टाम्प शुल्क में छूट, परियोजना रिपोर्ट तैयार करने पर अनुदान, भूमि उपयोग बदलने की फीस में छूट, भूमि बैंक से जमीन लेने पर शुल्क में रियायत मिलेगी, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और तृतीय लिंग समुदाय के उद्यमियों को जमीन के प्रीमियम में छूट, दिव्यांगों को रोजगार देने पर अनुदान, मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान किया गया है।

3) मंत्रिपरिषद की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए रीता शांडिल्य, जो वर्तमान में लोक सेवा आयोग की सदस्य एवं कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, को लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है।

4) मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ वरिष्ठ मीडिया कर्मी सम्मान निधि के तहत सेवानिवृत्त हो चुके मीडिया कर्मियों को दी जाने वाली सम्मान राशि 10 हजार रूपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 20 हजार रूपए प्रतिमाह करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसकी घोषणा वर्ष 2025-26 के बजट में की गई थी।

 
CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर

CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर

 अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिल रहा है. अंबिकापुर की ओर आ रही कार हादसे का शिकार हो गई. तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई. दर्दनाक हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई. वहीं 3 की हालत गंभीर है. इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है. घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र के चठिरमा के पास की है.

जानकारी के मुताबिक, तेज रफ्तार कार में तीन युवक और दो युवती सवार होकर अंबिकापुर आ रहे थे. इस दौरान चठिरमा के पास कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई. हादसे में एक युवक और युवती की मौके पर ही मौत हो गई. जोरदार भिड़ंत की आवाज से आसपास के लोग मौके पर पहुंचे.

 
 Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज

Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज

 राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर कोरोना पांव पसार रहा है। यहां एक ही दिन में 10 पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। दरअसल, राजनांदगांव स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब तक 48 लोगों की जांच कराई गई है। जिसमें लगभग 10 पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। इसमें से तीन मरीजों का उपचार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बने कोविड वार्ड में किया जा रहा है।

बीते दिनों शहर में कोरोना पॉजिटिव दो लोगों की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा सतर्कता बरतनी शुरू कर दी गई है। सर्दी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने पर मरीजों की कोरोना जांच भी कराई जा रही है। कोरोना के मामलों को देखते हुए कोरोना मरीज के लिए विकासखंड स्तर पर अलग वार्ड बना दिए गए हैं वहीं ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था रखी गई है। लगभग 1 महीने पहले कोरोना मरीज सामने आने के बाद शहर में मरीज के संपर्क में आये अन्य लोगों की जांच कराई गई थी।

जिसमें 6 पॉजिटिव पाए गए थे वहीं दो लोगों की मौत हुई थी। वहीं अब अन्य कोरोना मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच भी की जा रही है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आरटी पीसीआर से कोरोना की जांच की जा रही है। जिन लोगों को कई दिनों से सर्दी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत है, उनका कोरोना जांच कराया जा रहा है। फिलहाल कोरोना जांच में कमी के चलते मामले भी काम आ रहे हैं।

जिले के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नेतराम नवरत्न ने बताया कि अब तक 48 लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है, जिसमें तीन लोगों का उपचार जारी है। उन्होंने बताया कि होम आइसोलेशन में अभी एक भी मरीज नहीं है।

प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत

प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोगों को जोरदार झटका लगा है ,बिजली नियामक आयोग ने प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी कर दी है. इसके बाद अब घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं को बिजली भरने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे. बिजली दरों में 1.8% का इजाफा हुआ है, इसके बाद प्रति यूनिट 10-15 पैसे अतिरिक्त देने होंगे.

छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार आने के बाद पहली बार बिजली की दरों में बढ़ोतरी हुई है. इससे पहले कांग्रेस सरकार में दो बार बिजली के दामों में बढ़ोतरी की गई थी. कांग्रेस सरकार के दौरान 22-23 में 2.50 प्रतिशत और 24-25 में 4.88 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी. इस तरह से कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 7.38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी.

घरेलू उपभोक्ता को कितना लगा झटका?

घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत दरों में 10 पैसे प्रति यूनिट से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है.

गौशाला, शासन द्वारा अधिसूचित बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्रधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में आने वाले स्टे-होम्स में प्रयुक्त होने वाली विद्युत पर घरेलू विद्युत दर लागू करने हेतु घरेलू उपभोक्ता श्रेणी (LV-1) में सम्मिलित किया गया है.

घरेलू उपभोक्ता श्रेणी के अन्तर्गत लिए गए अस्थाई कनेक्शन पर नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ के स्थान पर नार्मल टैरिफ का 1.25 गुना टैरिफ लागू किया गया है.

गैर घरेलू उपभोक्ताओं को कितना झटका?

गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए विद्युत दरों में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है.

ऑफसेट प्रिन्टर्स एवं प्रिंटिंग प्रेस उपभोक्ताओं को LV-2 से हटाकर LV-5 श्रेणी में सम्मिलित किया गया है.

गैर घरेलू उपभोक्ता श्रेणी के अन्तर्गत लिए गए अस्थाई कनेक्शन पर भी नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ के स्थान पर नार्मल टैरिफ का 1.25 गुना टैरिफ लागू किया गया है.

राज्य शासन द्वारा अधिसूचित वाम चरमपंथी प्रभावित जिलों में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु मोबाईल टॉवर की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु इन क्षेत्रों में आने वाले सभी मोबाईल टॉवरों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है.

कृषि एवं कृषि संबंधी उपभोक्ता

कृषि पम्पों के लिए विद्युत की दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है.

गैर सब्सिडी वाले कृषि विद्युत पंप वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है.

किसानों को खेतों में लगे विद्युत पम्पों और खेतों की रखवाली के प्रयोजनार्थ पम्प कनेक्शन के अंतर्गत वर्तमान में पम्प के समीप 100 वॉट के भार उपयोग की सुविधा प्रभावशील है.

किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा 100 वॉट तक लाईट एवं पंखे की स्वीकृति जारी रखी गई है.

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने विद्युत दरों में बढ़ोतरी करने के साथ बताया कि राज्य की विद्युत कंपनियों के विगत वर्षों के राजस्व घाटा तथा राजस्व आधिक्य पर विचारोपरान्त वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मांग की गई वार्षिक राजस्व आवश्यकता 28397.64 करोड़ रुपए के स्थान पर .25636.38 करोड़ रुपए मान्य किया है.

वितरण कंपनी द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष हेतु अनुमानित विद्युत विक्रय 35727 मिलियन यूनिट के स्थान पर 36540 मिलियन यूनिट मान्य किया गया है. इसी तरह वितरण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विद्युत की अनुमानित बिक्री पर प्रचलित टैरिफ से अनुमानित .4947.41 करोड़ रुपए राजस्व घाटे के स्थान पर .523.43 करोड़ रुपए मान्य किया है.

जून 2025 से शुरू हुई थी प्रक्रिया

बिजली यूनिट बढ़ाने की कवायद 20 जून से शुरू हुई थी। आयोग के अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं को जनसुनवाई के लिए आमंत्रित किया था। जनसुनवाई की जानकारी मिलने पर आयोग दफ्तर पहुंचे कांग्रेस पदाधिकारियों ने जमकर प्रदर्शन किया था। आयोग के पदाधिकारियों घरेलू उपभोक्ता, कॉमर्शियल उपभोक्ता, किसान और बिजली कंपनी के अधिकारियों से पक्ष जानने के बाद बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है।

कंपनी ने भेजा 20 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव

राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) ने छत्तीसगढ़ बिजली नियामक आयोग को 4550 करोड़ रुपए का घाटा बताते हुए 20 पैसे बिजली दर वृद्धि का प्रस्ताव भेजा है। तर्क दिया गया है कि, लाइन लॉस, बिजली चोरी की वजह से कंपनी को राजस्व में नुकसान हो रहा है।

छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर

छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर

 राजनांदगांव : जिले में कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। बीते 20 दिनों में तीन लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। हालाँकि मृतकों को पहले से गंभीर बीमारियाँ थीं, लेकिन कोरोना संक्रमण ने उनकी स्थिति और बिगाड़ दी।

फिलहाल 2 सक्रिय मरीज, लेकिन सतर्कता बढ़ाई गई

जिले में अभी दो सक्रिय कोरोना मरीज हैं, लेकिन संक्रमण के फैलाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिए हैं

अस्पतालों में बनेगा अलग वार्ड

इस संबंध में जिला प्रशासन ने एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की, जिसमें स्वास्थ्य विभाग, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में तय किया गया कि सभी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाए जाएंगे और उन्हें आवश्यक संसाधनों से लैस किया जाएगा।

आम जनता से की अपील

प्रशासन ने नागरिकों से कोरोना गाइडलाइंस का पालन करने की अपील की है। इसमें मास्क पहनना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और भीड़-भाड़ से बचना शामिल है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर हालात बिगड़े, तो प्रतिबंधात्मक उपायों पर विचार किया जा सकता है।

Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड

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 केशकाल : गरीबों के हक का राशन देने की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर थी, वो अब मुर्गा और मोहब्बत की डिमांड करने लगे हैं! छत्तीसगढ़ के केशकाल विधानसभा क्षेत्र के ईरागाँव पंचायत से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने पंचायत व्यवस्था की गरिमा को बुरी तरह झकझोर दिया है।

यहाँ पदस्थ रोजगार सहायक पर आरोप है कि उसने एक महिला से राशन कार्ड (Ration Card) बनवाने के एवज में पहले “मुर्गा” और फिर “मौका” मांग लिया। जब महिला ने साफ कहा कि मुर्गा नहीं है, तो साहब का जवाब था — “अब मुर्गा नहीं, तू ही चाहिए एक रात के लिए।

यह सुनकर पीड़िता सन्न रह गई। ऐसे ‘सरकारी गिद्ध’ देखकर अब जंगल नहीं, पंचायत भी असुरक्षित नजर आने लगी है।

पीड़िता ने पूरे मामले की लिखित शिकायत जनपद पंचायत और एसडीएम कार्यालय में की है, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। पंचायत भवन के गलियारों में अब “राशन कार्ड बनवाओ – इज्जत गंवाओ?” जैसे तंज उड़ने लगे हैं।

ये है सवाल –

सरकार की योजनाओं का लाभ लेने की कीमत क्या अब महिलाओं को अपनी अस्मिता से चुकानी होगी?

और क्या इन जैसे सरकारी जैसे लोग सरकारी कुर्सियों से सीधे जेल की चारपाई तक नहीं पहुंचने चाहिए?

फिलहाल प्रशासन की चुप्पी और कार्रवाई का इंतज़ार हो रहा है — लेकिन गांव में एक बात साफ़ हो चुकी है:
“अब भूख से ज्यादा डर ‘भूखों’ की नीयत से लगने लगा है!”

छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस

छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस एक बार फिर से सिर उठा रहा है। खासकर राजधानी रायपुर में इसके नए वैरियंट JN-1 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बुधवार को रायपुर में कोरोना के 3 नए मामले सामने आए, जिससे राजधानी में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। पूरे राज्य में इस समय कुल 45 एक्टिव केस हैं।

प्रदेश में अब तक कुल 75 पॉजिटिव केस मिले
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बीते 22 दिनों में छत्तीसगढ़ में कुल 75 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से 30 मरीज ठीक हो चुके हैं, 41 मरीज होम आइसोलेशन में हैं, जबकि 4 मरीजों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

सबसे ज्यादा संक्रमित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में मामले बढ़े
राजधानी रायपुर प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बन गया है, जहां फिलहाल 40 एक्टिव केस हैं। इसके बाद बिलासपुर में 21 और दुर्ग में 10 केस दर्ज किए गए हैं। यह स्थिति राज्य के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग सतर्क, लोगों से एहतियात बरतने की अपील
JN-1 वैरियंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। विभाग ने लोगों से भीड़-भाड़ से बचने, मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करने की अपील की है। संक्रमितों की पहचान और इलाज के लिए मेडिकल टीमें सक्रिय हैं और जमीनी स्तर पर निगरानी की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना का नया वैरियंट JN-1 चिंताजनक रफ्तार से फैल रहा है। भले ही मामलों की संख्या अभी कम हो, लेकिन जिस तरह राजधानी में केसों में इजाफा हो रहा है, वह निश्चित रूप से सतर्कता का संकेत है। ऐसे में जरूरी है कि लोग फिर से कोविड प्रोटोकॉल को गंभीरता से अपनाएं और लापरवाही से बचें।

Corona Update : देशभर में फिर बढ़ने लगा कोरोना का कहर, राजधानी में एक्टिव केस 700 के पार, अब तक 7 की मौत…

Corona Update : देशभर में फिर बढ़ने लगा कोरोना का कहर, राजधानी में एक्टिव केस 700 के पार, अब तक 7 की मौत…

 नई दिल्ली। देशभर में एक बार फिर कोरोना का कहर तेजी से बढ़ने लगा है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में सक्रिय कोरोना मामलों की संख्या 700 के पार पहुंच गई है, जो स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बन गया है । पिछले 24 घंटों में 42 नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं, और इस वर्ष अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है । देशभर में सक्रिय कोरोना मामलों की कुल संख्या 6,491 है, जबकि 6,861 मरीज ठीक भी हो चुके हैं ।

दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग को चिंतित कर दिया है । हाल ही में एक दिन में 105 नए मामले सामने आए, जिससे सक्रिय मामलों की संख्या 562 तक पहुंच गई । अब, 700 से अधिक सक्रिय मामलों के साथ स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है । स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से अब तक दिल्ली में सात मौतें हुई हैं, जिनमें एक पांच महीने का शिशु और एक 87 वर्षीय बुजुर्ग शामिल हैं ।

केंद्र सरकार ने राज्यों को आवश्यक चिकित्सा संसाधनों, जैसे ऑक्सीजन और दवाओं, की उपलब्धता सुनिश्चित करने की सलाह दी है । इसी क्रम में, दिल्ली सरकार ने भी अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और दवाओं की तैयारी के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं । विशेषज्ञों का मानना है कि नए सब-वैरिएंट्स, जैसे JN ।1 की उप-श्रृंखला LF ।7 और NB1 ।8, के कारण मामलों में वृद्धि हो रही है । ये वैरिएंट्स पुरानी इम्यूनिटी को चकमा देने में सक्षम हैं, हालांकि गंभीर बीमारी का खतरा अपेक्षाकृत कम है ।

दिल्ली के स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे मास्क पहनें, भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचें और यदि कोई लक्षण दिखाई दें तो तुरंत परीक्षण कराएं । विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है । इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कोविड की संभावित अगली लहर से निपटने की तैयारियों के बारे में जानकारी मांगी है ।

कितने लोगों की हुई मौत

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से अब तक दिल्ली में कोविड के कारण 7 लोगों की मृत्यु हुई है । गुजरात में 2, कर्नाटक में 9, केरल में 15, मध्य प्रदेश में 2 और महाराष्ट्र में 18 लोगों की जान गई है ।

कहां कितने एक्टिव केस

राज्य केस

  • आंध्र प्रदेश 85
  • महाराष्ट्र 607
  • राजस्थान 124
  • तमिलनाडु 207
  • असम 3
  • बिहार 50
  • चंडीगण 2
  • छत्तीसगढ़ 41
  • दिल्ली 728
  • गोवा 9
  • गुजरात 980
  • हरियाणा 100
  • हिमाचल प्रदेश 3
  • जम्मू-कश्मीर 9
  • झारखंड 4
  • कर्नाटक 423
  • केरल 1957
  • उत्तर प्रदेश 225
  • पश्चिम बंगाल 747
Corona Update: छत्तीसगढ़ में बढ़ी कोरोना की रफ्तार: रायपुर में 11, प्रदेश में 17 नए पॉजिटिव, एक्टिव केस 50 के पार

Corona Update: छत्तीसगढ़ में बढ़ी कोरोना की रफ्तार: रायपुर में 11, प्रदेश में 17 नए पॉजिटिव, एक्टिव केस 50 के पार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में Corona Virus एक बार फिर अपने पैर पसारता नजर आ रहा है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 17 नए कोरोना संक्रमित (Covid Positive) मरीज मिले हैं, जिससे अब राज्य में एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 50 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार सबसे ज्यादा मामले रायपुर से सामने आए हैं, जहां 11 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है।

रायपुर में सबसे ज्यादा केस, बिलासपुर और बालोद में भी मरीज

बुलेटिन के अनुसार, रायपुर जिले में आज सबसे ज्यादा 11 केस, बिलासपुर में 5 और बालोद में 1 केस की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक की गई कुल 1183 कोरोना जांच में से 50 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

जिलावार स्थिति

रायपुर – 31 संक्रमित

बिलासपुर – 12 संक्रमित

दुर्ग – 5 संक्रमित

बालोद और बस्तर – 1-1 संक्रमित

स्वास्थ्य विभाग सतर्क, RTPCR और RAT जांच जारी

छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना की इस वापसी को लेकर सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। RTPCR और RAT जांच (Covid Testing) की संख्या बढ़ाई जा रही है और निगरानी व्यवस्था को भी और बेहतर किया जा रहा है। प्रदेश के सभी जिलों में कोरोना की निगरानी के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम को अलर्ट पर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मास्क पहनने, भीड़भाड़ से बचने, और सामान्य लक्षणों पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।

Covid-19 : भारत में बढ़ रहा कोरोना का खतरा, इन लक्षणों को ना करें नजर अंदाज, जानिए बचाव के टिप्स

Covid-19 : भारत में बढ़ रहा कोरोना का खतरा, इन लक्षणों को ना करें नजर अंदाज, जानिए बचाव के टिप्स

 नई द‍िल्‍ली।  कोविड-19 (COVID-19) के मामले फिर से दुनियाभर में बढ़ने लगे हैं। कोविड-19 तेजी से अपने पैर पसार रहा है। इससे बचाव बेहद जरूरी है। इंड‍िया में कोव‍िड 19 के मामले इतनी तेजी से बढ रहे हैं क‍ि हर रोज मरीजों की संख्या नए रिकॉर्ड बना रही है। इस समय देश में कोविड के एक्टिव मामलों की संख्या तीन हजार पार कर गई है। वहीं शुक्रवार और शनिवार को कोरोना वायरस से 4 मौतें भी हुईं हैं। बीते द‍ि‍नों यानी क‍ि एक जून को कोविड के 3758 एक्टिव मामले दर्ज किए गए। पिछले हफ्ते की तुलना में कोरोना वायरस के केस में ज्‍यादा बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं राजधानी द‍िल्‍ली की बात करें तो पिछले दो दिन से कोव‍िड के केस बढ़े हैं। 24 घंटे में ही कोरोना के 61 नए मामले सामने आए हैं। कोव‍िड से बचने का एकमात्र जर‍िया है क‍ि आप सावधानी बरतें। इनके हल्‍के लक्षण भी नजर आएं तो आपको सावधान हो जाना चाह‍िए।

अगर आपमें इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए तो तुंरत डॉक्‍टर से संपर्क करें। साथ ही आप कुछ घरेलू तरीके भी अपना सकते हैं, ये आपकी इम्‍युन‍िटी को बूस्‍ट करने में मदद करेंगे। इससे कोव‍िड का खतरा भी कम होगा।

कोव‍िड-19 के लक्षण

हल्का बुखार या ठंड लगना

सूखी खांसी

गले में खराश

थकान

सिर दर्द

नाक बहना

नाक का बंद होना

मसल्‍स में ऐंठन

सांस लेने में परेशानी

कैसे करें बचाव?

गुनगुने पानी से गरारा करें- अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षणों में से कुछ भी महसूस हो रहा है तो आपको गुनगुने पानी से गरारा करना चाह‍िए। द‍िन में दो से तीन बार गरारा करने से इन्‍फेक्‍शन का खतरा कम हो जाता है। बस ध्‍यान रखें क‍ि इस पानी में चुटकी भर नमक म‍िला लें।

तुलसी और अदरक की चाय- ये चाय औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इससे खांसी और जुकाम से राहत म‍िलता है। से बलगम भी नि‍कालती है। साथ ही ये शरीर को अंदर से गर्माहट प्रदान करता है।

ग‍िलोय का काढ़ा- अगर आपको कोई भी लक्षण महसूस हो तो सुबह और शाम ग‍िलाेय का काढ़ा पीना शुरू कर दें। इससे शरीर की रोग प्रत‍िरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। साथ ही ये बुखार और बदन दर्द से भी राहत द‍िलाएगा।

खूब पानी प‍िएं- क‍िसी भी बीमारी से बचने के ल‍िए सलाह दी जाती है क‍ि आप चार से पांच लीटर पानी प‍िएं ताक‍ि आपकी बॉडी हाइड्रेट रहे। अगर आप कोव‍िड 19 से खुद का बचाव करना चाह‍ते हैं तो गुनगुना पानी, नार‍ियल का पानी, हर्बल ड्र‍िंक जैसी चीजों को पीना शुरू कर दें।

अजवाइन की चाय- अगर सीने में भारीपन महसूस हो या फि‍र खांसी की समस्‍या है तो ये भी कोरोना के लक्षण हैं। ऐसे में अजवाइन की चाय फायदेमंद हो सकती है। ये कफ को बाहर न‍िकालता है। साथ ही शरीर को भी गर्म रखता है। इसे द‍िन में दो बार पी सकते हैं।

COVID-19  : भारत में बढ़ रहा कोरोना का खतरा ! एक हफ्ते में आए 752 नए मामले, 7 मरीजों ने गवाई जान

COVID-19 : भारत में बढ़ रहा कोरोना का खतरा ! एक हफ्ते में आए 752 नए मामले, 7 मरीजों ने गवाई जान

 COVID-19 Alert In India : देश में कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। बीते एक हफ्ते में देश में कोरोना के 752 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 305 लोगों ने कोरोना संक्रमण को मात दी। चिंता की बात यह है कि बीते सात दिनों में कोरोना से जान गंवाने वालों का आंकड़ा सात दर्ज किया गया है। मरने वालों महाराष्ट्र के चार, केरल के दो और कर्नाटक का एक शख्स शामिल है। नए मामलों की बात करें तो बीते एक हफ्ते में (19 मई के बाद) सबसे ज्यादा 335 मामले केरल, 153 महाराष्ट्र, 99 दिल्ली, 76 गुजरात और 34 कर्नाटक में आए हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, 26 मई को सुबह 8:00 बजे देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 1009 है।

कोरोना के सबसे ज्यादा 403 मामले
 
कुल केसों की बात करें तो केरल में कोरोना के सबसे ज्यादा 403 मामले दर्ज किए गए हैं। मुंबई में 209 और दिल्ली में अब तक 104 मामले दर्ज किए गए हैं। इन शहरों के बाद गुजरात का नंबर आता है, जहां 83 मामले दर्ज किए गए हैं। कर्नाटक में 47, उत्तर प्रदेश में 15 और पश्चिम बंगाल में 12 मामले दर्ज किए गए हैं। केंद्र सरकार की एजेंसी इंडियन SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (Insacog) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नए कोरोना संक्रमणों में वृद्धि के बीच दो नए वेरिएंट के मामले सामने आए हैं।
 
बंगाल में चार और कोविड संक्रमण, सक्रिय मामले 11 हुए
 
पश्चिम बंगाल में चार और लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। अब यहां सक्रिय मामलों की संख्या 11 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सांस संबंधी समस्याओं वाले मरीजों का सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें से ज्यादातर मामले कोलकाता और उसके उपनगरों से सामने आए हैं। 19 मई तक बंगाल में कोरोना का सिर्फ एक सक्रिय मामला था।

बिहार में मौजूदा लहर का पहला मामला सामने आया

बिहार में सोमवार को कोविड-19 की मौजूदा लहर का पहला मामला सामने आया। पटना के 31 वर्षीय एक व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुई। निजी अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज का हाल ही में राज्य से बाहर यात्रा करने का कोई इतिहास नहीं है।
ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में यहां मिला कोरोना का पहला मरीज, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, निजी अस्पताल में इलाज जारी…..

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में यहां मिला कोरोना का पहला मरीज, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, निजी अस्पताल में इलाज जारी…..

 रायपुर। देश के में कोविड-19 तेजी से पैर पसार रहा है। मामलों में बढ़ोतरी देख सरकारों ने चिंता जताई है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसी बीच राजधानी रायपुर में कोरोना संक्रमित मरीज़ चिन्हित किया गया है। जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। कोरोना कंट्रोल एवं डिमांड सेंटर के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. खेमराज सोनवानी ने इस मामले की पुष्टि की है।

बता दें कि संक्रमित मरीज़ को MMI नारायणा हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है, जहाँ उसका इलाज कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है। मरीज को सिंगल वार्ड में रखा गया है और इलाज की अलग से विशेष व्यवस्था की गई है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मीनगर, पचपेड़ी नाका निवासी यह व्यक्ति सर्दी-खाँसी के रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल पहुँचा था। लक्षणों के आधार पर डॉक्टरों को कोरोना की आशंका हुई, जिसके बाद उसका सैंपल लिया गया। रिपोर्ट पॉज़िटिव आने के बाद तुरंत उसे आइसोलेट कर इलाज शुरू कर दिया गया।

अस्पताल प्रबंधन ने भी मरीज के संक्रमित होने की पुष्टि की है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीज के परिजनों का सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, हाल के दिनों में मरीज़ के संपर्क में आए लोगों की ट्रैकिंग और स्क्रीनिंग की जा रही है।

गौर करने वाली बात यह है कि मरीज की किसी अन्य राज्य की यात्रा का कोई इतिहास नहीं है, जिससे यह संदेह गहरा रहा है कि संक्रमण स्थानीय स्तर पर फैला हो सकता है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे सावधानी बरतें, भीड़-भाड़ से बचें और यदि कोई लक्षण दिखें तो तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाँच कराएँ।

COVID-19 अपडेट; भारत में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले, कई राज्यों में नए केसों की पुष्टि

COVID-19 अपडेट; भारत में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले, कई राज्यों में नए केसों की पुष्टि

  भारत में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामलों में इजाफा दर्ज किया जा रहा है। गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, ओडिशा और अन्य राज्यों से नए कोविड-19 मामलों की सूचना मिल रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। हालांकि अधिकारियों ने फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं बताई है।

गुजरात में JN.1 वैरिएंट के 15 नए मामले

गुजरात के अहमदाबाद जिले में कोरोना के 15 नए केस सामने आए हैं, जो JN.1 वैरिएंट से संक्रमित पाए गए हैं। यह वैरिएंट ओमिक्रॉन का एक सब-टाइप है, जो सबसे पहले अगस्त 2023 में सामने आया था। राज्य की अतिरिक्त निदेशक (सार्वजनिक स्वास्थ्य) डॉ. नीलम पटेल ने बताया कि मरीज घर पर ही उपचार ले रहे हैं और किसी को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया है।

अन्य राज्यों की स्थिति

  • केरल: राज्य में कोरोना के 182 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इसकी पुष्टि की है।
  • महाराष्ट्र: यहां 26 नए केस सामने आए हैं, जिससे राज्य में कुल सक्रिय मामलों की संख्या 132 हो गई है।
  • ओडिशा: एक नया मामला दर्ज किया गया है। मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है।
  • दिल्ली: यहां 5 नए केस सामने आए हैं।
  • हरियाणा: राज्य में 4 नए संक्रमित मिले हैं।

देश में कुल सक्रिय मामले

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में फिलहाल कुल 257 सक्रिय कोविड-19 मामले हैं। जबकि एशिया के अन्य देशों जैसे चीन, थाईलैंड, सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग में भी संक्रमण में तेजी देखी जा रही है। खासतौर पर हॉन्गकॉन्ग में हाल ही में 30 से अधिक मौतें दर्ज की गईं।

 
Covid-19 : देश में एक बार फिर पैर पसार रहा कोरोना वायरस, देश में 257 एक्टिव केस, जानें छत्तीसगढ़ का हाल…

Covid-19 : देश में एक बार फिर पैर पसार रहा कोरोना वायरस, देश में 257 एक्टिव केस, जानें छत्तीसगढ़ का हाल…

  देश एक बार फिर कोविड-19 की दस्तक से सतर्क हो गया है। सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों में कोरोना के मामलों में अचानक उछाल के बाद अब भारत में भी आंकड़े चौंकाने लगे हैं। 19 मई तक देश में कोविड-19 के 257 एक्टिव केस दर्ज किए जा चुके हैं। अकेले मुंबई में 53 नए मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञ इस बार संक्रमण की वजह ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट JN.1 को मान रहे हैं, जो अधिक संक्रामक और तेजी से फैलने वाला बताया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में अभी राहत, लेकिन सावधानी जरूरी

बात करें छत्तीसगढ़ की तो यहां फिलहाल एक भी कोविड का नया मामला सामने नहीं आया है। राज्य के सभी जिले कोरोना संक्रमण से मुक्त हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि प्रदेश में वर्तमान में कोई सक्रिय केस नहीं है, न ही किसी की कोरोना से मौत हुई है। हालांकि, विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विभाग ने इसे स्थायी राहत मानने से इनकार किया है।

एशिया के सिंगापुर, हांग-कांग जैसे देशों में कोविड-19 के मामले फिर से बढ़ रहे हैं। भारत में भी डराने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं. 19 मई तक 257 एक्टिव मामले दर्ज किए गए हैं। मुंबई में 53 मामले सामने आए हैं. विशेषज्ञ बढ़ते कोरोना के मामलों के पीछे ओमिक्रोन वैरिएंट के सबवैरिएंट जेएन.1 को जिम्मेदार बता रहे हैं। बात करें छत्तीसगढ़ की तो यहां एक भी मामले सामने नहीं आए हैं, सभी जिले कोरोना मरीज से मुक्त है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में आज कोविड-19 का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। हालांकि देश में दोबारा महामारी की दस्तक के बाद एहतियात बरतने की जरूरत है। अगर समय रहते बचाव के उपाय नहीं किए गए तो फिर मामला बिगड़ सकता है। साथ ही कोई कोताही न बरतते हुए सफर करने वाले यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री पर कड़ी निगरानी रखने की जरूरत है, खासकर विदेश से आने वाले यात्रियों पर प्रमुखता से नजर रखना होगा।

जानिए डॉक्टर क्या कह रहे

डॉक्टर खेमराज सोनवानी का कहना है कि पहले जो कोरोना को लेकर गाइडलाइंस जारी हुआ था, वही अब भी प्रभावशील है. फिलहाल प्रदेश में कोरोना के मरीज नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। देशभर में बढ़ रहे कोरोना केसेस पर नजरें बनाए हुए है।

छत्तीसगढ़ में अबतक कोई मरीज नहीं

जारी आकंड़ों के हिसाब से छत्तीसगढ़ प्रदेश में अबतक कोई भी फ्रेस कोविड केस सामने नहीं आया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में कुल अब तक कुल 11,88,629 लोग संक्रमित हो चुके हैं। जबकि अब तक कुल 1,17,84,24 मरीज ठीक हो चुके हैं। वर्तमान में राज्य में कोई भी सक्रिय मामला नहीं है। आज कोविड-19 से कोई मृत्यु नहीं हुई है, न ही किसी को-मॉर्बिडिटी वाले मरीज की मौत दर्ज की गई है। टेस्टिंग की बात करें तो आज राज्य में कोई भी कोविड टेस्ट नहीं किया गया। यह रिपोर्ट बताती है कि फिलहाल छत्तीसगढ़ में कोविड-19 की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

देखें जिलेवार आंकड़े :-

क्या है JN.1 वेरिएंट?

कोरोना का यह वेरिएंट पहली बार साल 2023 के अगस्त में मिला था. इसे ओमिक्रॉन फैमिली का हिस्सा माना जा रहा है। ओमिक्रॉन का सब-वेरिएंट BA.2.68 से बना है। साल 2022 में कोरोना के मामले इस सब वेरिएंट के कारण ही बढ़े थे। इस वेरिएंट को ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि इस प्रकार में म्यूटेशन अधिक होती है। म्यूटेशन ज्यादा होने से ये ज्यादा संक्रामक हो जाता है। एक्सपर्ट मानते हैं कि कोरोना का ये वेरिएंट तेजी से फैलता भी है।

 
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 Corona Virus : कोरोना वायरस (Corona Virus) का प्रकोप एक बार फिर शुरू हो गया है। इस बार सिंगापुर में कोविड के मामलों में उछाल आया है। यहां कोविड का LF.7 और NB.1.8 नाम के वेरिएंट के मामले बढ़ रहे हैं। ये दोनों वेरिएंट मिलकर यहां लगभग दो-तिहाई मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। सिंगापुर सहित एशिया के कई देशों में कोरोना वायरस फिर से लौट आया है और सैकड़ों लोगों को चपेट में ले लिया है। भारत में कोरोना के 200 से ज्यादा मामले बताए जा रहा हैं।

एशिया में कोरोना का प्रकोप बढ़ते देख भारत में भी खलबली मची हुई है। इस पर भारत के प्रमुख महामारी विशेषज्ञ ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, जब तक कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों या मौतों की संख्या में बढ़ोतरी न हो।

एक इंटरव्यू में विशेषज्ञ ने बताया कि ये दोनों वेरिएंट ओमिक्रॉन वेरिएंट के ही सब वेरिएंट हैं और ये JN.1 वेरिएंट से जुड़े हुए हैं, जो खुद Omicron BA.2.86 का हिस्सा है। WHO ने पहले कहा था कि JN.1 और इसके जैसे वेरिएंट्स में इम्यून सिस्टम से बचने की क्षमता होती है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं है कि ये पुराने ओमिक्रॉन वेरिएंट्स की तुलना में ज्यादा गंभीर बीमारी करते हैं।

नया वायरस कितना खतरनाक, क्या डरने की जरूरत है?

डॉ. ने बताया कि यह RNA वायरस है, इसलिए यह अपने आप में बदलाव करके नए वेरिएंट्स बना सकता है। दूसरे देशों में भी ऐसे ओमिक्रॉन से जुड़े वेरिएंट देखे जा रहे हैं। जब तक वायरस से मौतें नहीं बढ़तीं या गंभीर बीमारी के ज्यादा मामले नहीं आते, तब तक घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सिर्फ मामलों की संख्या बढ़ने का मतलब यह नहीं कि स्थिति बिगड़ रही है।

इस वैरिएंट में लक्षण ‘हल्के से मध्यम’ होते हैं। JN.1 वैरिएंट से जुड़े कुछ लक्षण इस प्रकार हैं- गले में खराश, बुखार, नाक बहना, सूखी खांसी, थकान, सिरदर्द और स्वाद या गंध का न आना।

कोविड वायरस क्यों बार-बार रूप बदलता है?

डॉ. गंगा खेड़कर ने बताया कि दुनिया में अब ‘convergent evolution’ हो रही है, यानी वायरस अपने आपको बदल रहा है ताकि वह दवाओं और वैक्सीन के असर से बच सके। वायरस अपने आप को ऐसे ढाल लेता है कि वह लोगों को मारे बिना भी तेजी से फैले और जिंदा रहे। यही इसका तरीका है – तेजी से फैलो, कॉपी बनाओ और अगले इंसान में पहुंच जाओ।

नए वेरिएंट से किसे ज्यादा खतरा और बचाव

उन्होंने कहा, ‘अगर केस अचानक बढ़ते हैं, तो इस वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। लेकिन फिलहाल कोई चिंता की बात नहीं है। हमें मान लेना चाहिए कि कोविड अब एक सामान्य बीमारी (एंडेमिक) बन चुका है। बुजुर्गों और कमजोर इम्यून सिस्टम वालों को सिर्फ सावधानी बरतनी चाहिए, जैसे हाथ धोना, मास्क पहनना और भीड़ से बचना।’

क्या बूस्टर डोज़ की जरूरत है?

डॉ. गंगा खेड़कर ने कहा कि जब तक वायरस से कोई बड़ा खतरा नहीं दिखता, तब तक बूस्टर डोज़ की कोई जरूरत नहीं है, बुजुर्गों के लिए भी नहीं। उन्होंने कहा कि अभी तक हमारे पास ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक डेटा नहीं है जो बूस्टर डोज की जरूरत साबित करता हो। इसके अलावा अभी जीनोम सीक्वेंसिंग की भी जरूरत नहीं है। यह महंगी होती है और तभी करनी चाहिए जब अस्पताल में भर्ती या मौतों की संख्या बढ़ने लगे।

भारत में कोरोना की क्या स्थिति है?

ऐसा माना जा रहा है कि 19 मई तक भारत में सिर्फ 257 एक्टिव केस हैं और सभी हल्के लक्षण वाले हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है। डॉ. गंगा खेड़कर ने बताया कि भारत में एक वैक्सीन मौजूद है जो ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ बनी है। इसे पुणे की कंपनी गेंनोया बिओफर्मकेउतिकल्स जीनोवा बायोफार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड ने बनाया है और इसका नाम है GEMCOVAC-19। यह भारत की पहली mRNA वैक्सीन है।

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 देश में कैंसर के मामले हर साल तेजी से बढ़ रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में भारत में कैंसर के 1.46 मिलियन मामले सामने आए थे और यह संख्या 2025 तक बढ़कर 1.57 मिलियन तक पहुंच सकती है। इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि लोग समय पर इसके लक्षण नहीं पहचान पाते।कैंसर जितना खतरनाक है, समय रहते पहचान लिया जाए तो इसका इलाज भी संभव है।

जानिए कैंसर के वो लक्षण जो दिखते तो मामूली हैं, पर हो सकते हैं जानलेवा

1. बिना वजह तेजी से वजन कम होना

अगर आप बिना डाइट या एक्सरसाइज के वजन घटते देख रहे हैं, तो सतर्क हो जाइए। 4-5 किलो या उससे ज्यादा वजन कम होना पेट, फेफड़े, पैंक्रियास या खाने की नली के कैंसर का संकेत हो सकता है।

2. बार-बार खून आना

नाक, पेशाब, खांसी या मल के जरिए खून आना कभी-कभी नहीं बार-बार हो रहा है, तो इसे हल्के में न लें। यह ब्लैडर कैंसर या कोलन कैंसर की तरफ इशारा कर सकता है।

3. पुरानी खांसी या आवाज में बदलाव

अगर खांसी हफ्तों से बनी हुई है या आपकी आवाज भारी और बदली हुई लग रही है, तो यह फेफड़ों या गले के कैंसर की ओर इशारा कर सकती है।

4. शरीर में गांठ या सूजन

गर्दन, ब्रेस्ट, बगल या शरीर के किसी भी हिस्से में अचानक गांठ या सूजन महसूस हो और वह दबाने पर दर्द न करे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ये कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है।

5. निगलने में परेशानी

अगर लगातार खाने या पानी निगलने में तकलीफ हो रही है या ऐसा लग रहा है जैसे कुछ गले में अटका हो, तो यह गले या खाने की नली के कैंसर का लक्षण हो सकता है।

6. घाव जो ठीक नहीं होता

अगर शरीर पर कोई घाव या छाला 2-3 हफ्तों में ठीक नहीं हो रहा है तो यह स्किन या ओरल कैंसर का संकेत हो सकता है। तंबाकू, गुटखा या स्मोकिंग करने वालों को इस पर खास ध्यान देना चाहिए।

7. स्किन पर बदलाव

अगर शरीर पर कोई नया तिल बन रहा है या पुराना तिल अपना रंग या आकार बदल रहा है, खुजली या जलन हो रही है तो यह स्किन कैंसर का लक्षण हो सकता है।

8. हमेशा थकान या कमजोरी

अगर आप भरपूर नींद लेने के बावजूद खुद को थका हुआ या सुस्त महसूस करते हैं, तो यह शुरुआती कैंसर लक्षणों में से एक हो सकता है। इसे अनदेखा न करें।

घर पर खुद कैसे करें शुरुआती जांच?

● ब्रेस्ट सेल्फ एग्जामिनेशन (महिलाओं के लिए)

हर महीने ब्रेस्ट में कोई गांठ, खिंचाव या असमानता महसूस करें। किसी भी बदलाव पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।

● मुंह और जीभ की जांच

शीशे में देखकर मुंह के अंदर सफेद धब्बे, छाले या घाव को जांचें जो लंबे समय से ठीक न हो रहे हों।

● स्किन की नियमित जांच

शरीर पर नए तिल, रैश या रंग में बदलाव पर नजर रखें।

● पेशाब और मल की जांच

अगर पेशाब या मल के रंग में अचानक बदलाव, गंध या खून की मौजूदगी है, तो डॉक्टर से जांच कराएं।

क्यों कैंसर का शुरुआती पता लगाना है जरूरी?

कैंसर के ज्यादातर मामलों में यह बीमारी देर से पकड़ी जाती है और इलाज मुश्किल हो जाता है। लेकिन अगर समय रहते लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो ट्रीटमेंट और रिकवरी संभव है। इसके लिए जरूरी है कि लोग अपने शरीर के बदलते संकेतों को नजरअंदाज न करें।

 
क्या है UPI पुल ट्रांजैक्शन? जिसे खत्म करने प्रयास कर रही NCPI, जानिए बड़ी वजह

क्या है UPI पुल ट्रांजैक्शन? जिसे खत्म करने प्रयास कर रही NCPI, जानिए बड़ी वजह

  Digital Fraud: यूपीआइ (UPI) के जरिए होने वाले फ्रॉड (Fraud) को रोकने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NCPI) बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, एनसीपीआइ बैंकों के साथ मिलकर पुल ट्रांजैक्शन यानी मर्चेंट की ओर से ग्राहक को भेजे जाने वाले पेमेंट रिक्वेेस्ट को सीमित करने या खत्म करने पर विचार कर रहा है। डिजिटल पेमेंट सिस्टम (Digital Payment System) में भरोसे को बनाए रखने के लिए यह कदम काफी कदम साबित हो सकता है। ग्राहकों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम जरूरी माना जा रहा है। इसके लिए एनसीपीआइ की बैंकों के साथ शुरुआती चरण की बातचीत चल रही है।

 

बैंक के साथ मिल कर लेंगे फैसला

फिलहाल NPCI की बैंकों के साथ शुरुआती बातचीत चल रही है। NPCI यह फैसला बैंक के साथ मिल कर इसके आखिरी फैसले पर पहुंचेगा।

 

कैसे होता है फ्रॉड?

पुल ट्रांजैक्शन की सुविधा के तहत मर्चेंट अपने ग्राहक को पेमेंट रिक्वेस्ट भेजते हैं और ग्राहक उस रिक्वेस्ट को अप्रूव कर पेमेंट कर सकता है। यही फीचर यूपीआइ फ्रॉड के मामलों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। जालसाज फर्जी मर्चेंट बनकर ग्राहकों को पेमेंट रिक्वेस्ट भेजते हैं और ग्राहक अनजाने में पेमेंट अप्रूव कर बैठते हैं। एनसीपीआइ का मानना है कि इस सुविधा को सीमित या पूरी तरह खत्म करने से धोखाधड़ी के मामलों में कमी लाई जा सकती है। हालांकि इससे यूपीआइ पेमेंट की सुविधा में थोड़ी कमी जरूर आएगी, क्योंकि मर्चेंट्स के लिए ग्राहकों से सीधे पेमेंट रिक्वेस्टभेजने का ऑप्शन नहीं रहेगा।

 

27 हजार से ज्यादा शिकायतें

वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लोकपाल के पास 27,000 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 14,401 शिकायतें अप्रैल से जून 2024 के बीच और 12,744 शिकायतें जुलाई से सितंबर 2024 के दौरान प्राप्त हुईं। दिसंबर 2024 में प्रकाशित आरबीआई की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में प्राप्त कुल शिकायतों में से 70% से ज्यादा मामले ऋण और डिजिटल भुगतान से संबंधित थे। आरबीआई ने हाल ही में ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए जन जागरूकता अभियानों के महत्व को रेखांकित किया है।
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