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 पुलिस वाला बना दरिंदा : रेप पीड़िता ने पुलिस से मांगी मदद तो पुलिसवाले ने ही कर दिया ये बड़ा कांड

पुलिस वाला बना दरिंदा : रेप पीड़िता ने पुलिस से मांगी मदद तो पुलिसवाले ने ही कर दिया ये बड़ा कांड

 बेंगलुरु : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक 17 साल की लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने के आरोप में एक पुलिस कांस्टेबल को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि कांस्टेबल ने शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन गई एक बलात्कार पीड़िता से कथित तौर पर बलात्कार किया.बोम्मनहल्ली पुलिस ने एक कांस्टेबल समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बोम्मनहल्ली पुलिस स्टेशन में कार्यरत एक कांस्टेबल अरुण और पीड़िता के दोस्त विक्की को गिरफ्तार कर लिया है।

पीड़िता बोम्मनहल्ली पुलिस थाना क्षेत्र में ही रहती है। इसी दौरान उसकी पहचान उसके पड़ोसी विक्की नाम के शादीशुदा व्यक्ति से हो गई। विक्की ने नाबालिग को शादी का वादा कर फुसलाया, कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया और उसके साथ मारपीट भी की। परेशान नाबालिग ने अपनी मां को यह बात बताई. इसके बाद पीड़िता की मां ने बोम्मनहल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस स्टेशन में, कांस्टेबल अरुण ने पीड़िता से दोस्ती की। उन्होंने उसे न्याय का आश्वासन दिया और नौकरी दिलाने का भी वादा किया। कांस्टेबल ने पिछले साल दिसंबर में, लड़की को बेंगलुरु के एक होटल में बुलाया। उसने नशीला पदार्थ पिलाया और फिर कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया। फिर आरोपी ने उसे धमकी देते हुए कहा कि अगर उसने किसी को बताया, तो उसके पास उसके निजी वीडियो हैं और वह उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ POCSO और BNS अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। चूंकि अपराध उनके अधिकार क्षेत्र में हुआ था। इसलिए मामला बोम्मनहल्ली पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया।

बड़ी ख़बर : मणिपुर के CM एन बीरेन सिंह ने दिया इस्तीफा... जाने क्या है मामला

बड़ी ख़बर : मणिपुर के CM एन बीरेन सिंह ने दिया इस्तीफा... जाने क्या है मामला

 मणिपुर : मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा है. आपको बता दें कि कल 10 फरवरी 2025 से मणिपुर विधानसभा का सत्र शुरू होना था. विपक्ष मणिपुर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में था. कांग्रेस ने कहा कि एन बिरेन सिंह को दो साल पहले ही बर्खास्त किया जाना चाहिए था. कांग्रेस नेता आलोक शर्मा ने कहा, “देश उन्हें कभी मांफ नहीं करेगा. मणिपुर में विधायकों की अंतरात्मा जागी है. उन्होंने मजबूरी में इस्तीफा दिया है.

न बीरेंद्र सिंह रिजाइन एन बिरेन सिंह ने आज ही दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, जिसके बाद शाम होते ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया. बताया जा रहा है कि थोड़ी देर में वहां विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें पार्टी हाईकमान से बात करके नया नेता चुना जाएगा. पिछले साल के अंत में मणिपुर में हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने जनता से माफी मांगी थी.

ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ में HMPV वायरस ने दी दस्तक, सवा 3 साल के बच्चे की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ में HMPV वायरस ने दी दस्तक, सवा 3 साल के बच्चे की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

 बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) का पहला मामला सामने आया है। यह संक्रमण सवा तीन साल के एक बच्चे में पाया गया, जो कोरबा जिले का निवासी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद तिवारी के अनुसार, 27 जनवरी को बच्चे को सर्दी, खांसी और सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद उसे बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डॉक्टरों को वायरस की आशंका होने पर जांच के लिए सैंपल एम्स रायपुर भेजा गया, जहां रिपोर्ट में एचएमपीवी संक्रमण की पुष्टि हुई। रिपोर्ट आने के बाद बच्चे को अन्य मरीजों से अलग कर आईसीयू में रखा गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है।

स्वास्थ्य विभाग ने बच्चे के परिवार के अन्य तीन बच्चों को भी निगरानी में रखा है, हालांकि उनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। इसके अलावा, प्रशासन ने बिलासपुर जिले में सतर्कता बरतते हुए अलर्ट जारी किया है और कोरबा के उस क्षेत्र में सर्वेक्षण किया जा रहा है, जहां से बच्चा आया था।

एचएमपीवी मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाला वायरस है, जो छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए अधिक खतरनाक हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग इस मामले पर कड़ी निगरानी रख रहा है और संभावित संक्रमण को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।

कर्नाटक में मंकीपॉक्स की दस्तक, सामने आया पहला केस, दुबई से लौटे शख्स की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

कर्नाटक में मंकीपॉक्स की दस्तक, सामने आया पहला केस, दुबई से लौटे शख्स की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

 मंगलुरु। कर्नाटक के मंगलुरु में में मंकीपॉक्स का पहला पुष्ट मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि उडुपी जिले के करकला तालुक का निवासी 40 वर्षीय मरीज की हालत स्थिर है और उसे कोई गंभीर जटिलता नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि 17 जनवरी को दुबई से आए मरीज को जल्द ही छुट्टी मिलने की उम्मीद है और अधिकारियों ने लोगों से नहीं घबराने की अपील की है।

 

मरीज की पत्नी, जिसने उसे हवाई अड्डे पर प्राप्त किया था, को प्राथमिक संपकर् के रूप में पहचाना गया है। उन्हें अलग-थलग रहने और अगले कुछ दिनों तक किसी भी लक्षण पर नजर रखने की सलाह दी गई है। एक बयान में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रधान सचिव हर्ष गुप्ता और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के निदेशक अंसार अहमद ने लोगों को आश्वस्त किया कि यह बीमारी ज्यादातर मामलों में हल्की और स्व-सीमित होती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि लोगों को घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि यह बीमारी मुख्य रूप से निकट या घनिष्ठ संपर्क से फैलती है और यह कोविड-19 जितनी संक्रामक नहीं है।

इसके लक्षणों में आमतौर पर त्वचा पर चकत्ते, बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और ठंड लगना शामिल हैं। अधिकारियों ने उच्च जोखिम वाले देशों की यात्रा करने वाले लोगों या पुष्टि मामलों के निकट संपर्क में रहने वाले लोगों को इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव होने पर चिकित्सा सलाह लेने की सलाह दी। मंकीपॉक्स का उपचार बुखार और शरीर के दर्द जैसे लक्षणों को कम करने पर केंद्रित है, साथ ही संक्रमित घावों से होने वाले द्वितीयक संक्रमणों के लिए एंटीबायोटिक्स का उपयोग किया जाता है। पर्याप्त हाइड्रेशन, पोषण और विश्राम सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।

वर्तमान में, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भारत सरकार की ओर से कोई अनिवार्य परीक्षण आवश्यकताएं या सलाह नहीं दी गई है। स्वास्थ्य अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और लोगों को आश्वस्त कर रहे हैं कि मामले को प्रबंधित करने के लिए आवश्यक उपाय किए गए हैं।

Delhi Pollution: दिल्ली-NCR में फिर लागू हुई GRAP-4 , जानिए किन चीजों पर रहेगी पाबंदियां

Delhi Pollution: दिल्ली-NCR में फिर लागू हुई GRAP-4 , जानिए किन चीजों पर रहेगी पाबंदियां

 : नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से फिर ग्रैप-3 और ग्रैप-4 की पाबंदियां लगा दी गई हैं। एनसीआर में ग्रैप-3 और ग्रैप-4 की पाबंदियां लगने से निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। दिल्ली और एनसीआर के ज्यादातर प्रमुख शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब से बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई। सीपीसीबी के अनुसार प्रदूषण का स्तर अभी घटने की संभावना नहीं है। पूर्वानुमान है कि जल्द ही यह गंभीर श्रेणी में पहुंच जाएगी।

इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शाम चार बजे दिल्ली का एक्यूआई 386 था, शाम पांच बजे यह बढ़कर 393 और शाम छह बजे 396 हो गया। इसी के मद्देनजर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उप समिति ने आपात बैठक कर एनसीआर में ग्रैप-3 और ग्रैप-4 लागू कर कई चीजों पर प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं।

इसके तहत एनसीआर में विध्वंस और ऐसे सभी निर्माण कार्य पर सीएक्यूएम ने प्रतिबंध लगा दिया है, जिनसे धूल उड़ने पर प्रदूषण फैलता है। यानी अधिक प्रदूषण फैलाने वाले निर्माण और विध्वंस कार्य बंद रहेंगे। अस्पताल, रेल, मेट्रो, एयरपोर्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा इत्यादि आवश्यक सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं को छूट रहेगी। निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा। सभी स्टोन क्रसर मशीनों के संचालन, खनन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर भी रोक रहेगी।

बीएस-4 इंजन की कार का कर सकते हैं इस्तेमाल

इसके अलावा दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद व गौतम बुद्ध नगर जिले में बीएस तीन पेट्रोल व बीएस चार इंजन वाले चार पहिया वाहनों (कार) के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। लेकिन दिव्यांग अपनी व्यक्तिगत जरूरत के लिए बीएस तीन पेट्रोल व बीएस चार इंजन की कार का इस्तेमाल कर सकते हैं। बीएस चार डीजल इंजन वाले माल वाहक वाहनों के भी दिल्ली में प्रवेश करने पर प्रतिबंध रहेगा।

सीएक्यूएम ने संबंधित एजेंसियों को इस पर अमल सुनिश्चित करने व नियम का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

सीएक्यूएम ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 13 दिसंबर को ग्रेप तीन में शामिल नए प्रविधानों का भी पालन करना होगा।

दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद व गौतम बुद्ध नगर जिले में पांचवीं कक्षा तक स्कूलों को अनिवार्य रूप से हाइब्रिड मोड में चलाना होगा। अभिभावक व बच्चे आनलाइन या आफ लाइन पढ़ाई का विकल्प चयन कर सकते हैं। दिल्ली में पंजीकृत बीएस चार या उससे कम मानक के डीजल इंजन एमजीवी (मीडियम गुड्स व्हीकल) का राष्ट्रीय राजधानी में परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को इससे छूट दी गई है।

वाहनों का दिल्ली में प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित

दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएच चार या उससे कम मानक के डीजल इंजन के हल्के व्यवसायिक वाहनों का दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद व गौतम बुद्ध नगर में सरकारी दफ्तरों व सिविक एजेंसियों के कार्यालय के ड्यूटी के समय में बदलाव कर दफ्तरों के खोलने और बंद करने का समय अलग-अलग निर्धारित करना होगा।

एनसीआर के दूसरे जिलों में भी यदि राज्य सरकारें स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से संचालित करने का आदेश दे सकती हैं। साथ ही कार्यालयों के शुरू और बंद होने का समय अलग-अलग निर्धारित कर सकती हैं।

रविवार को हटा दी थी ग्रैप-3 की पाबंदियां

उल्लेखनीय है कि गत सप्ताह बृहस्पतिवार को ही ग्रैप-3 के प्रतिबंध लगे थे, लेकिन बाद में प्रदूषण का स्तर कम होने पर रविवार को हटा लिए गए थे। बुधवार को एयर इंडेक्स एक बार बहुत खराब श्रेणी में 300 से अधिक पहुंचने के कारण ग्रेप तीन के प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।

बुधवार को एनसीआर के विभिन्न शहरों का AQI

दिल्ली – 386
गाजियाबाद – 316
ग्रेटर नोएडा – 222
नोएडा – 285
गुरुग्राम – 270
फरीदाबाद – 196

ग्रैप-4 में ये प्रतिबंध होंगे लागू

दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक। सिर्फ आवश्यक वस्तुएं लेकर पहुंचने वाली ट्रकों को ही दिल्ली में प्रवेश मिलेगा‌। इसके अलावा सीएनजी, इलेक्ट्रिक व बीएस छह इंजन वाले ट्रकों को छूट रहेगी। दिल्ली में पंजीकृत बीएस चार के एचजीवी (भारी मालवाहक वाहन) पर रोक। सिर्फ आवश्यक सामान ढोने वाले एचजीवी वाहन को छूट रहेगी।निर्माण और विध्वंस पर पूरी तरह रोक रहेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग, सड़क, फ्लाईओवर, ओवर ब्रिज, बिजली वितरण से संबंधित परियोजनाएं इत्यादि सभी परियोजनाओं का निर्माण कार्य बंद रहेगा। दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद व गुरुग्राम में स्कूलों में छठी से नौवीं और 11वीं की पढ़ाई भी ऑनलाइन व ऑफलाइन (हाइब्रिड) मोड़ में होगी। सरकारी व निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने का निर्देश। एनसीआर से संबंधित राज्य सरकारों को फैसला करने का निर्देश। केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को भी वर्क फ्रऑम होम देने का फैसला ले सकती है।
एनसीआर से संबंधित राज्य सरकारें कॉलेज बंद, ऑड ईवेन लगाने और गैर जरूरी व्यवसायिक गतिविधियों को अस्थायी रूप से कुछ दिन के लिए बंद रखने का फैसला ले सकती हैं।

GRAP-3 के तहत ये प्रतिबंध होंगे लागू

GRAP-3 में दिव्यांग लोगों को दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर जिले में व्यक्तिगत जरूरत के लिए बीएस तीन पेट्रोल इंजन और बीएस चार डीजल इंजन के हल्के वाहन (कार) के इस्तेमाल की छूट रहेगी।

दिल्ली में माल ढुलाई के लिए बीएस चार के डीजल इंजन वाले एमजीवी (मीडियम गूड्स व्हीकल) पर प्रतिबंध रहेगा। इस प्रतिबंध से सिर्फ आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट रहेगी।

दिल्ली से बाहर पंजीकृत बीएस चार और उससे कम मानक के डीजल इंजन वाहनों को ग्रैप तीन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश वर्जित रहेगा। पहले ये प्रावधान चौथे चरण में शामिल थे।

ग्रैप 3 दिल्ली में बीएस-IV या पुराने मानकों वाले गैर-आवश्यक डीजल-संचालित मध्यम माल वाहनों पर भी प्रतिबंध लगता है।

ग्रैप तीन में दिल्ली एनसीआर के स्कूल पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में करा सकते हैं। अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लास का विकल्प चयन कर सकते हैं।

ग्रैप तीन में दिल्ली सरकार और एनसीआर से संबंधित राज्य सरकारें सरकारी विभागों और सिविक एजेंसियों के कार्यालय के समय में बदलाव कर सकती हैं।
ग्रैप 3 में शामिल नए प्रावधानों का पालन संबंधित एजेंसियों को सुनिश्चित करना होगा।

HMPV Cases in India: कोरोना जैसा वायरस! फिर होगा लॉकडाउन?

HMPV Cases in India: कोरोना जैसा वायरस! फिर होगा लॉकडाउन?

HMPV Cases in India: चीन से फैलना शुरू हुई नई बीमारी HMPV ने भारत में भी लोगों की टेंशन बढ़ा दी है. ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) ने सोमवार को भारत में भी दस्तक दे दी और देखते ही देखते एक दिन में पांच मामले सामने आए. इनमें दो-दो मामले कर्नाटक और तमिलनाडु, जबकि एक मामला गुजरात में सामने आया है. भारत में इस वायरस से संक्रमित होने वाले ये सभी बच्चे हैं, जिनमें से एक की उम्र 2 महीने तो एक की 8 माह है.

इस नए वायरस ने लोगों के मन में कोरोना काल की यादें ताजा कर दी है. चीन में HMPV के प्रकोप की खबरों के बाद सोशल मीडिया पर लॉकडाउन (Lockdown) ट्रेंड करने लगा. लोगों ने इस वायरस की तुलना COVID-19 से करना शुरू कर दिया, जिसने वैश्विक महामारी का रूप ले लिया था.

लॉकडाउन की क्यों ही रही चर्चा?
कोविड के मामले सबसे पहले नवंबर 2019 में चीन के वुहान में सामने आए और यह तेज़ी से दूसरे देशों में फैल गया. भारत में COVID-19 का पहला मामला जनवरी 2020 में केरल में सामने आया था. फिर देखते ही देखते पूरे देश में यह बीमारी फैल गई और सरकार को इसे काबू करने के लिए लॉकडाउन की घोषणा करनी पड़ी थी.

 

ऐसे में लोगों को डर है कि HMPV के मामलों में उछाल से एक और वैश्विक प्रकोप हो सकता है और इसे फैलने से रोकने के लिए सरकार को लॉकडाउन लागू करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.

हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लोगों को आश्वस्त किया कि सरकार स्थिति पर करीब से नजर रख रही है और चिंता की कोई जरूरत नहीं है. वहीं विशेषज्ञों ने भी पुष्टि की है कि यह कोरोना वायरस जैसी स्थिति नहीं है, ऐसे में इसे रोकने के लिए लॉकडाउन जैसे उपायों की जरूरत नहीं पड़ेगी.

क्या है यह वायरस?
HMPV वैश्विक स्तर पर पहचाना गया श्वसन संबंधी बीमारी पैदा करने वाला वायरस है. हाल में चीन में इसके प्रकोप की खबरों ने दुनिया का ध्यान खींचा. यह एक वायरल रोगजनक है, जो सभी आयु वर्ग के लोगों में सांसों में तकलीफ का कारण बनता है. हालांकि कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र की सरकारों ने आश्वस्त किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है. वहीं दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी अस्पतालों को श्वसन संबंधी बीमारियों में संभावित वृद्धि से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया.

बच्चों में सावधानी जरूरी
ICMR के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. रमन गंगाखेडकर ने कहा कि भारत को इस वायरस के बारे में ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं. यह वायरस हमेशा से देश में मौजूद था, लेकिन हाल ही में इसका पता चला है. उन्होंने कहा कि यह सर्दियों के दौरान अधिक पाया जाता है, लेकिन इससे मृत्यु नहीं होती है. डॉ. रमन गंगाखेडकर ने CNN-News18 से कहा, ‘वैश्विक स्तर पर ऐसा कोई अध्ययन नहीं है, जिसमें मृत्यु दर्ज की गई हो. यह एक सामान्य सर्दी का वायरस है और केवल बच्चे ही नहीं, बड़े लोग भी बार-बार वायरस से संक्रमित हो रहे हैं.’

हालांकि, गंगाखेडकर ने चेतावनी दी कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों और सामान्य सर्दी के लक्षण दिखने पर उन्हें स्कूल नहीं भेजना चाहिए, क्योंकि वे संक्रमण फैला सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘सुरक्षा के लिए, जिन लोगों को सामान्य सर्दी-जुकाम है, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अगर उनके 5 साल से कम उम्र के बच्चे हैं तो वे कोविड दिशा-निर्देशों का पालन करें. अगर आपका बच्चा 5 साल से कम उम्र का है और उसे सामान्य सर्दी है, तो उसे स्कूल नहीं भेजना चाहिए क्योंकि वह दूसरों में संक्रमण फैलाएगा…’

किसी दवा या टीके की जरूरत नहीं
वहीं नेफ्रॉन क्लिनिक के प्रमुख और पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित डॉ. संजीव बगई ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि एचएमपीवी पिछले ढाई दशकों से दुनिया भर में मौजूद है. डॉ. बगई ने कहा कि इस वायरस के लिए कोई स्व-चिकित्सा या एंटीवायरल और स्वीकृत टीके नहीं हैं, लेकिन इनमें से किसी की भी आवश्यकता नहीं है.

HMPV से कैसे करें बचाव
मास्क पहनें.
अच्छी हवादार जगहों पर रहें.
स्वच्छता बनाए रखें.
संक्रमित लोगों के संपर्क से बचें.

डॉ. बगई ने कहा, ‘बच्चों को अच्छी तरह से पोषण और हाइड्रेशन देना सुनिश्चित करें. यह कोविड जैसी स्थिति नहीं है. यह वायरस सर्दियों में विशेष रूप से बच्चों में श्वसन संक्रमण को बढ़ाता है.’

एलन मस्क ने रचा इतिहास, बने 400 अरब डॉलर की संपत्ति वाले पहले शख्स

एलन मस्क ने रचा इतिहास, बने 400 अरब डॉलर की संपत्ति वाले पहले शख्स

 Elon Musk Net Worth: एलन मस्क, टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ, अब दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं जिनकी संपत्ति 400 अरब डॉलर से अधिक हो गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेसएक्स की हालिया इनसाइडर ट्रेडिंग बिक्री के कारण एलन मस्क की नेटवर्थ में एक झटके में 50 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है, जिससे उनकी कुल संपत्ति 439 अरब डॉलर से भी अधिक हो गई है।

Space-X के शेयरों की बिक्री से संपत्ति में 50 अरब डॉलर की बढ़ोतरी

स्पेसएक्स की एक बड़ी व्यापारिक डील ने एलन मस्क की संपत्ति में अप्रत्याशित बढ़ोतरी की है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, स्पेसएक्स और इसके निवेशकों ने कंपनी के कर्मचारियों और अन्य अंदरूनी सूत्रों से 1.25 बिलियन डॉलर के शेयर खरीदने पर सहमति जताई है। इस डील के बाद, स्पेसएक्स की वैल्यू 350 अरब डॉलर हो गई है, और यह अब दुनिया का सबसे बड़ा प्राइवेट स्टार्टअप बन गया है। इस डील से मस्क की संपत्ति में 50 अरब डॉलर का इजाफा हुआ, और उनकी कुल संपत्ति बढ़कर 439.2 अरब डॉलर तक पहुंच गई है।

डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद मस्क की संपत्ति में 175 अरब डॉलर का इजाफा

एलन मस्क की संपत्ति में एक और बड़ा इजाफा तब हुआ जब डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की। 5 नवंबर, 2023 तक मस्क की नेटवर्थ 264 अरब डॉलर थी, लेकिन अब उनकी संपत्ति 439 अरब डॉलर से भी ऊपर जा चुकी है। इसका मतलब है कि केवल कुछ हफ्तों में एलन मस्क की संपत्ति में 175 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। इस साल की शुरुआत से लेकर अब तक उनकी संपत्ति में 200 अरब डॉलर से अधिक का इजाफा हो चुका है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, 1 जुलाई 2023 तक एलन मस्क की संपत्ति 126 अरब डॉलर थी, जो अब डेढ़ साल में तीन गुना से ज्यादा बढ़ चुकी है।

टेस्ला के शेयरों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

एलन मस्क की संपत्ति में इजाफे के पीछे टेस्ला के शेयरों में भी शानदार वृद्धि रही है। 4 दिसंबर 2023 के बाद से, टेस्ला के शेयरों में 72 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। बुधवार को टेस्ला के शेयर $420.40 तक पहुंच गए, जो अब तक का उच्चतम स्तर है। 4 नवंबर को टेस्ला के शेयरों की कीमत 242.84 डॉलर थी, और अब यह बढ़कर 73 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दिखा रही है। इस तेजी से मस्क की संपत्ति और बढ़ी है, और यह संकेत देता है कि टेस्ला का शेयर और भी बढ़ सकता है।

एलन मस्क की नजर अब 500 अरब डॉलर की संपत्ति पर

अब एलन मस्क की नजर 500 अरब डॉलर की नेटवर्थ पर है। मस्क को 2023 के अंत तक अपनी संपत्ति में 60 अरब डॉलर का इजाफा करना है, और इसके लिए उनके पास 15 दिन से ज्यादा का समय है। इसका मतलब यह है कि मस्क को हर दिन अपनी संपत्ति में 3.50 अरब डॉलर का इजाफा करना होगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि 5 नवंबर के बाद से एलन मस्क की संपत्ति में हर दिन औसतन 4.73 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। इस गति से यदि वृद्धि जारी रहती है, तो मस्क के लिए 500 अरब डॉलर का आंकड़ा छूना कोई बड़ी बात नहीं होगी।

वन नेशन वन इलेक्शन बिल को मिली कैबिनेट की मंजूरी, जल्द हो सकता हैं संसद में पेश

वन नेशन वन इलेक्शन बिल को मिली कैबिनेट की मंजूरी, जल्द हो सकता हैं संसद में पेश

 कैबिनेट ने ‘एक देश, एक चुनाव’ बिल को मंजूरी दे दी है। सरकार इसे संसद के मौजूदा सत्र में पेश कर सकती है और विस्तृत चर्चा के लिए इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा जा सकता है। रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी समिति की रिपोर्ट को सरकार पहले ही स्वीकार कर चुकी है। अब सरकार चाहती है कि इस मुद्दे पर व्यापक आम सहमति बनाई जाए।

जेपीसी राजनीतिक दलों, राज्य विधानसभाओं के स्पीकर और विभिन्न विशेषज्ञों से चर्चा करेगी। साथ ही आम जनता और बुद्धिजीवियों से भी राय ली जाएगी। इस चर्चा का उद्देश्य एक देश, एक चुनाव के लाभ और इसे लागू करने के तरीकों पर विचार करना है।

कोविंद समिति की रिपोर्ट

सितंबर 2023 में मोदी सरकार ने इस योजना पर चर्चा के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुवाई में एक समिति का गठन किया था। समिति ने मार्च 2024 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसमें चुनाव दो चरणों में कराने की सिफारिश की गई थी। पहले चरण में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का सुझाव दिया गया, जबकि दूसरे चरण में स्थानीय निकाय चुनाव 100 दिनों के भीतर कराए जाने का प्रस्ताव दिया गया।

रिपोर्ट का मुख्य विवरण

समिति की 18,626 पन्नों की रिपोर्ट में सभी राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल 2029 तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है ताकि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हो सकें। इसमें यह भी कहा गया है कि अगर अविश्वास प्रस्ताव या हंग असेंबली की स्थिति बनती है, तो बचे कार्यकाल के लिए विशेष चुनाव कराए जा सकते हैं। चुनाव आयोग को सभी स्तरों के लिए मतदाता सूची तैयार करने और सुरक्षा बलों व प्रशासनिक व्यवस्था की एडवांस योजना बनाने की सिफारिश भी की गई है।

 

 

रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित इस समिति में 8 सदस्य शामिल थे। इनमें गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, गुलाम नबी आजाद, वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे, एनके सिंह, डॉ. सुभाष कश्यप और संजय कोठारी शामिल हैं।

‘एक देश, एक चुनाव’ का मकसद देश में चुनाव खर्च और संसाधनों की खपत को कम करना है। 1951 से 1967 तक देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते थे। लेकिन राज्यों के पुनर्गठन और नई विधानसभाओं के गठन के कारण यह व्यवस्था टूट गई। अब इसे फिर से लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

क्लेम और ट्रैक करना हुआ आसान, प्रॉविडेंट फंड के लिए लागू हो गए नए नियम

क्लेम और ट्रैक करना हुआ आसान, प्रॉविडेंट फंड के लिए लागू हो गए नए नियम

 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने प्रोविडेंट फंड  के नियमों में बदलाव कर दिया है। नए नियमों के लागू होने के बाद क्लेम प्रोसेस, क्लेम ट्रैक करना और पासबुक चेक करने का तरीका आसान हो गया है। इस नियम के लागू होने के बाद ईपीएफ मेंबर्स को काफी सुविधा मिलेगी।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने आधार पेमेंट ब्रिज और 100% बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन को लागू करने के लिए निर्देश जारी कर दिये हैं। इस निर्देश के बाद नियोक्ताओं और कर्मचारियों को रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन (ELI) योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2024-25 में की गई थी।
नए कर्मचारियों के साथ पुराने कर्मचारियों को भी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को एक्टिवेट करना होगा। इसके लिए उन्हें आधार बेस्ड OTP प्रोसेस के जरिये यूएएन को एक्टिवेट करना होगा। UAN एक्टिव होने के बाद ईपीएफओ मेंबर को सभी ऑनलाइन सर्विस सुविधा का लाभ उठाने में आसानी होगी। जी हां, UAN के एक्टिव होने के बाद नीचे बताए गए सर्विस का इस्तेमाल आसानी से कर सकते हैं-
  • प्रॉविडेंट फंड अकाउंट को मैनेज करना
  • PF पासबुक शो और डाउनलोड करना
  • ऑनलाइन क्लेम सबमिट करना
  • पर्सनल डिटेल्स अपडेट करना
  • क्लेम को ट्रैक करना

अब मेंबर ईपीएफओ की 24/7 सर्विस का इस्तेमाल कर सकते हैं। अब उन्हें ईपीएफओ ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होगी।

  • सबसे पहले ईपीएओ पोर्टल पर जाएं।
  • यहां Activate UAN के ऑप्शन को सेलेक्ट करें।
  • इसके बाद UAN, आधार नंबर, नाम, जन्मतिथि, और आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  • अब आधार OTP वेरिफिकेशन को एक्सेप्ट करें और फिर ओटीपी को दर्ज करें।
  • UAN एक्टिव होने के बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर पासवर्ड आ जाएगा।
ब्रिटेन में अलर्ट: लंदन में US दूतावास के पास संदिग्ध पैकेज में धमाका!

ब्रिटेन में अलर्ट: लंदन में US दूतावास के पास संदिग्ध पैकेज में धमाका!

लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने पुष्टि की है कि शुक्रवार को नाइन एल्म्स में अमेरिकी दूतावास के पास एक नियंत्रित विस्फोट किया गया था. यह घटना उस समय हुई जब इलाके में एक संदिग्ध पैकेज मिलने की सूचना मिली थी. लंदन में अमेरिकी दूतावास ने कहा, "स्थानीय अधिकारी लंदन में अमेरिकी दूतावास के बाहर एक संदिग्ध पैकेज की जांच कर रहे हैं. मेट पुलिस मौजूद है और सावधानी के तौर पर पोंटन रोड को बंद कर दिया गया है." 

 

डोनाल्ड ट्रंप इसदिन लेंगे राष्ट्रपति पद की शपथ, सबसे उम्रदराज प्रेसिडेंट का बनेगा नया रिकार्ड

डोनाल्ड ट्रंप इसदिन लेंगे राष्ट्रपति पद की शपथ, सबसे उम्रदराज प्रेसिडेंट का बनेगा नया रिकार्ड

 वाशिंगटन :- अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने बहुमत हासिल कर लिया है। अमेरिका में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ट्रंप पहले राष्ट्रपति बनें हैं जिन्होंने 4 साल के अंतराल पर दोबारा जीत हासिल की है। बता दें कि ट्रंप 2016 में पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे।

 इनसे पहले ग्रोवर क्लीवलैंड 2 बार अमेरिका के राष्ट्रपति बन चुके हैं। उन्होंने 4 साल के अंतराल पर 1884 और 1892 के राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की थी। ट्रंप, राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले अमेरिका के इतिहास के सबसे बुजुर्ग राष्ट्रपति होंगे। वह 20 जनवरी को जब ट्रंप राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे तब उनकी उम्र 78 साल 221 दिन हो चुकी होगा।

 बता दें कि वर्तमान में अमेरिका के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति जो बाइडन हैं। जब उनका कार्यकाल खत्म होगा, उस समय उनकी उम्र 82 साल होगी। साल 2020 में जब राष्ट्रपति के तौर पर जो बाइडन ने शपथ ली थी, तब उनकी आयु 78 साल 61 दिन थी। वहीं, जो बाइडन से पहले ट्रंप ने साल 2016 में राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। उस समय उनकी उम्र 70 साल 220 दिन थी।

कौन था आमेरिका का सबसे युवा राष्ट्रपति

अमेरिका के सबसे युवा राष्ट्रपति की बात करें तो थिओडोर रूजवेल्ट सबके युवा प्रेसिडेंट थे। साल 1901 में राष्ट्रपति बने थे तब उनकी उम्र 42 साल 322 दिन थी। इसके बाद अमेरिका के दूसरे सबसे युवा राष्ट्रपति जॉन फिट्जगेराल्ड कैनडी थे। उन्होंने 43 साल 236 दिन की उम्र में राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी।

कैनेडी अमेरिका के 35वें राष्ट्रपति थे। साल 1963 में 22 नवंबर को टेक्सास में उनकी हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा, बिल क्लिंटन देश के तीसरे सबसे युवा राष्ट्रपति थे। साल 1993 में जब उन्होंने शपथ लिया था, तो उनकी उम्र 46 वर्ष, 154 दिन थी।

BREAKING : सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 41 लाख इनामी 3 नक्सलियों को मार गिराया, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद

BREAKING : सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 41 लाख इनामी 3 नक्सलियों को मार गिराया, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद

 नारायणपुर : छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाये जा रहे है, वहीं पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है, नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्रान्तर्गत परादी के जंगल मे माड़ डिविजन के साथ हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में DKSZC, DVCM सहित 03 हथियारबंद सीनियर कैडर मववादियों को ढेर किया गया है।बस्तर संभाग अंतर्गत विगत महीनों से प्रभावी नक्सल विरोधी अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत माड़ से नक्सलवाद का सफाया करने के उद्देश्य से नारायणपुर पुलिस के द्वारा विगत महिने से नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाव’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में बरसात में भारी बारीश के बीच उफनते नदी-नालों को पार कर सुरक्षा बलों ने 05 दिन का एक सफल अभियान चलाया गया। परिणामस्वरूप, महाराष्ट्र और बस्तर के 1 डीकेएसजेडसीएम रूपेश उर्फ कोलू उर्फ शांभा गोसाई मण्डावी जो कंपनी नंबर 10 का प्रभारी था इनामी 25 लाख, डीव्हीसीएम जगदीश उर्फ रमेश उर्फ सुखलाल टेकाम इनामी 08 लाख और सरिता उर्फ बसंती पद पी.पी.सी.एम. कंपनी नंबर 10 के 08 लाख ईनामी सहित 03 हार्ड कोर नक्सली मारे गए।

घटना स्थल से AK-47 रायफल 01 सहित, INSAS 01 नग, SLR 02 नग, CARBINE 02 नग, .303 राइफल 01 नग, 12 बोर बंदुक 01 नग, सिंगल शाट 02 नग, बी जी एल लांचर राइफल 01 नग 75 सेल नग सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामान व अन्य नक्सली दैनिक उपयोगी सामग्री बरामद किया गया है।

 
काम में कोताही बर्दाश्त नहीं, मुस्तैदी से अपने दायित्वों का करें निर्वहन – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

काम में कोताही बर्दाश्त नहीं, मुस्तैदी से अपने दायित्वों का करें निर्वहन – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

 रायपुर :-  उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ राज्य के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में सभी आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरों के विकास और जन सुविधाएं विकसित करने गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी नगरीय निकाय में काम में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी मुस्तैदी से अपने दायित्वों का निर्वहन कर शहरों का सुव्यवस्थित और सुनियोजित विकास सुनिश्चित करें। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संचालक कुंदन कुमार भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में नगरीय निकायों को काम के पुराने तरीकों में बदलाव लाते हुए नई कार्य संस्कृति विकसित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण, सप्लाई और खरीदी से इतर अन्य जरूरी कार्यों में भी पूरा ध्यान देने को कहा। उन्होंने निकायों के काम-काज में अपेक्षित सुधार लाते हुए परिणाममूलक कार्य करने पर जोर दिया। श्री साव ने अधिकारियों से कड़े शब्दों में कहा कि शासन के निर्देशों की अवहेलना, अनियमितता, गड़बड़ी और गुणवत्ताहीन कार्य अक्षम्य होगा। ऐसा करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी

उप मुख्यमंत्री  साव ने सभी नगरीय निकायों में कर्मचारियों के लंबित वेतन का भुगतान प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों को अगस्त और सितम्बर माह के वेतन का भुगतान आगामी 1 अक्टूबर तक करने को कहा। उन्होंने नगरीय निकायों को राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए गंभीरता और सक्रियता से काम करने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि समय पर वेतन भुगतान नहीं होने की शिकायत नहीं आना चाहिए। उन्होंने कर वसूली की नियमित समीक्षा करते हुए बड़े बकायादारों से कड़ाई से टैक्स वसूलने के निर्देश दिए।

 साव ने बैठक में निर्माण और अधोसंरचना विकास के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को काम की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने को कहा। उन्होंने गुणवत्ता के प्रति पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही ठेकेदारों को भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में स्वीकृत कार्यों के टेंडर की प्रकिया जल्दी पूर्ण करते हुए निर्माण कार्य प्रारंभ करने को कहा। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी शहरों के चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके निर्देश पर पिछले नौ महीनों में नगरीय निकायों को विकास कार्यों और जन सुविधाएं विकसित करने के लिए 1400 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इन राशियों का सदुपयोग करते हुए शहरों की भावी जरूरतों को ध्यान में रखकर कार्ययोजना तैयार करें।

उप मुख्यमंत्री साव ने ऐसे नगरीय निकायों जहां के अधिकारी साफ-सफाई और निर्माण कार्यों के निरीक्षण के लिए सवेरे वार्ड भ्रमण पर नहीं जा रहे हैं, उनके प्रति बैठक में गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को शासन के इस निर्देश का गंभीरता से पालन करने को कहा। श्री साव ने बैठक में नगरीय निकायों में आय-व्यय की स्थिति, राजस्व वसूली, निर्माण कार्यों की प्रगति, स्वच्छ भारत मिशन, मिशन अमृत, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना, जनसमस्या निवारण पखवाड़ा और ओबीसी सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा की।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बैठक में सभी नगरीय निकायों को जेम पोर्टल से ही खरीदी करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए सभी दिशा-निर्देशों और प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करने को कहा। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त सभी कार्यों को तत्काल शुरू करने के साथ ही प्रगतिरत कार्यों को तेजी से पूर्ण करने को कहा। उन्होंने संपत्ति कर और अन्य करों की वसूली के लिए विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता दीदियों को काम के लिए सभी जरूरी संसाधन मुहैया कराने को कहा। नगरीय प्रशासन विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, सुडा (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य सहित सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक तथा नगर निगमों एवं नगर पालिकाओं के अभियंता भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

BREAKING : आबकारी विभाग के कई अधिकारीयों को मिला प्रमोशन, सहायक आयुक्त और जिला अधिकारी के नाम शामिल, देखें पूरी लिस्ट

BREAKING : आबकारी विभाग के कई अधिकारीयों को मिला प्रमोशन, सहायक आयुक्त और जिला अधिकारी के नाम शामिल, देखें पूरी लिस्ट

 रायपुर : छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में एक बार फिर बड़ी संख्या में अधिकारीयों को प्रमोशन के साथ नई पदस्थापना दी है, जिसके आदेश राज्य सरकार ने जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार सहायक आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी के नाम शामिल है।

देखें पूरी लिस्ट 

 

 

 
 अबूझमाड़: घने जंगलों में सुरक्षा बलों की ऐतिहासिक जीत, तीन बड़े नक्सली ढेर

अबूझमाड़: घने जंगलों में सुरक्षा बलों की ऐतिहासिक जीत, तीन बड़े नक्सली ढेर

अबूझमाड़। यह नाम सुनते ही घने जंगलों, कठिन पहाड़ियों और वहां छिपे खतरनाक नक्सलियों का ख्याल आता है। जहां आम इंसान का पहुंचना मुश्किल होता है, वहां सुरक्षा बलों ने एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है। छत्तीसगढ़ का यह दुर्गम इलाका वर्षों से नक्सलियों का अड्डा बना हुआ था, पर अब हालात बदलने लगे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलाए गए "माड़ बचाओ" अभियान ने इस इलाके में शांति की एक नई उम्मीद जगाई है। सुरक्षा बलों ने सात दिनों तक चले एक लंबे और चुनौतीपूर्ण अभियान में न केवल नक्सलियों को करारा जवाब दिया, बल्कि उनके सबसे बड़े नेताओं में से तीन को भी खत्म कर दिया। 

यह मुठभेड़ 23 सितंबर 2024 को अबूझमाड़ के परादी के जंगलों में शुरू हुई, जब सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर नक्सलियों के एक बड़े समूह को घेर लिया। सुरक्षा बलों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने को कहा, परंतु नक्सलियों ने जवाब में गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद, सुरक्षा बलों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया और रुक-रुक कर चली मुठभेड़ में तीन कुख्यात नक्सली मारे गए। इनमें सबसे प्रमुख डीकेएसजेडसी के रूपेश थे, जिन पर ₹25 लाख का इनाम था। उनके साथ डीव्हीसीएम जगदीश और महिला नक्सली सरिता उर्फ बसंती भी मारे गए, जिन पर क्रमशः ₹16 लाख और ₹8 लाख का इनाम था।

सात दिन का संघर्ष और नक्सलियों का पतन

अबूझमाड़ में 124 घंटों तक चले इस सर्च ऑपरेशन में डीआरजी, एसटीएफ और बीएसएफ की टीमें शामिल थीं। यह अभियान नारायणपुर, कोण्डागांव और दंतेवाड़ा जिलों में एक साथ संचालित हुआ। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए, जिनमें एके-47, इंसास, एसएलआर, और बीजीएल लॉन्चर जैसे अत्याधुनिक हथियार शामिल थे। 

मारे गए नक्सलियों में रूपेश सबसे खतरनाक था। उस पर 66 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें 2009 का मदनवाड़ा हमला भी शामिल था, जिसमें 29 जवान शहीद हुए थे। जगदीश, डीव्हीसीएम, पर 43 से ज्यादा मामले दर्ज थे, और सरिता नक्सली कंपनी नंबर 10 की प्रमुख सदस्य थी।

मुख्यमंत्री का नेतृत्व: सतत समीक्षा और विकास की दिशा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नेतृत्व नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं इन अभियानों की निरंतर समीक्षा कर रहे हैं, और हर कदम की बारीकी से निगरानी करते हैं। पुलिस अधिकारियों से समय-समय पर फीडबैक लेकर, साय ने यह सुनिश्चित किया है कि हर अभियान नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक साबित हो। उनका उद्देश्य स्पष्ट है—नक्सल प्रभावित इलाकों को आतंक से मुक्त कर, वहाँ शांति और सुरक्षा का वातावरण स्थापित करना। मुख्यमंत्री ने कहा, "हम अबूझमाड़ और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को पूरी तरह से मुक्त करेंगे, ताकि वहाँ के लोगों को विकास और स्थिरता का अनुभव हो।"

मुख्यमंत्री साय का ध्यान केवल सुरक्षा अभियानों तक सीमित नहीं है। वह इन इलाकों में विकास कार्यों को भी अत्यधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को तेज़ी से लागू करने के लिए उन्होंने विशेष निर्देश दिए हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री की मॉनिटरिंग

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार छत्तीसगढ़ में चला जाए नक्सली अभियान और इन क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री से ले रहे हैं। शाह ने कहा था कि नक्सलियों के पास अब दो ही रास्ते बचे हैं—या तो वे आत्मसमर्पण करें या सुरक्षा बलों की कार्रवाई का सामना करें। उनका यह बयान नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने और शांति की राह अपनाने के लिए प्रेरित करने वाला है, जिससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा की दिशा में सकारात्मक बदलाव आ सके।

ग्रामीणों में उमंग और नक्सलियों की हार

अबूझमाड़ की इस ऐतिहासिक मुठभेड़ ने वहां के ग्रामीणों को एक नई आशा दी है। नक्सल आतंक के साए में जी रहे लोग अब अपनी आजादी और विकास की उम्मीद में जी रहे हैं। सुरक्षा बलों के इस साहसिक अभियान ने साबित कर दिया है कि नक्सलियों का अबूझमाड़ में अब टिक पाना असंभव है। 

पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने बताया कि इस वर्ष बस्तर क्षेत्र में 157 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं, 663 को गिरफ्तार किया गया है, और 556 ने आत्मसमर्पण किया है। अबूझमाड़ में नक्सलियों की कमर टूट चुकी है और बहुत जल्द यह क्षेत्र पूरी तरह नक्सल मुक्त हो जाएगा।
 मुख्यमंत्री अपने बचपन के स्कूली शिक्षक से मिलकर हुए भाव विभोर

मुख्यमंत्री अपने बचपन के स्कूली शिक्षक से मिलकर हुए भाव विभोर

रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने बचपन के स्कूली शिक्षक  राजेश्वर पाठक से मुलाकात कर भाव विभोर हो गए। उन्होंने अपने स्कूल के दिनों को याद किया और अपने शिक्षक का चरण स्पर्श कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरूजनों का ही आशीर्वाद है कि मैं यहां तक पहुंच पाया हूँ ऐसा कहते हुए उन्होंने अपने शिक्षक से फिर से आशीर्वाद मांगा और उनके शिक्षक ने भी पूरे दिल से आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री साय को स्कूल पढ़ाने वाले 94 वर्षीय शिक्षक  राजेश्वर पाठक ने बताया कि जब वे लोयला उच्चतर माध्यमिक शाला कुनकुरी में पढ़ाया करते थे तब मुख्यमंत्री  साय छात्र हुआ करते थे। वे बचपन से ही बहुत प्रतिभावान, आज्ञाकारी और विनम्र स्वाभाव के थे। सौम्यता और सरलता उनकी विशिष्ट पहचान थी। जब वे सांसद थे तब भी और मुख्यमंत्री बनने के बाद, जब भी वे मिले तो उनमें वही विनम्रता और वही सम्मान का भाव दिखा जो अद्भुत है।
 नई दिल्ली से लौटे माओवादी हिंसा पीड़ित बस्तरवासियों का मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय स्वागत

नई दिल्ली से लौटे माओवादी हिंसा पीड़ित बस्तरवासियों का मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय स्वागत

मुख्यमंत्री के दौरे पर होने के कारण कौशल्या देवी साय ने की मेजबानी

माओवादी हिंसा का दर्द अब पूरे देश ने जाना है : उपमुख्यमंत्री  शर्मा

रायपुर, 26 सितंबर 2024/ आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में माओवादी हिंसा से पीड़ित बस्तर के लगभग 55 नागरिकों को आमंत्रित किया गया, जो हाल ही में अपनी व्यथा और समस्याओं को व्यक्त करने दिल्ली गए थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मौसम खराब होने के कारण उड़ान बाधित होने से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अनुपस्थिति में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने माओवादी हिंसा पीड़ित बस्तरवासियों का स्वागत किया। 

कौशल्या देवी साय ने नक्सल पीड़ितों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संदेश  देते हुए कहा कि आप सभी बस्तर के नागरिकों का साहस प्रशंसनीय है। आपके साहस, कठिन परिश्रम और प्रयासों के कारण ही बस्तर में शांति लौटी है। आपने माओवादी आतंक को अपनी आंखों से देखा, जिया और झेला है। आपने बड़े साहस के साथ इस त्रासदी का सामना किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय दौरे पर हैं आपके बीच नहीं आ पाए। आपका मुख्यमंत्री निवास में स्वागत और अभिनंदन है। उन्होंने सभी अतिथियों को उपहार स्वरूप एक बैग, ट्रैक सूट भेंट किया। इस दौरान उन्होंने यह भी पूछा कि दिल्ली यात्रा के अनुभव कैसे रहे, जिस पर सभी ने एक स्वर में कहा कि यह यात्रा बहुत अच्छी रही, और कई ग्रामीणों ने पहली बार हवाई जहाज में यात्रा का अनुभव भी साझा किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के प्रयास से बस्तर में विकास कार्यों  को गति मिली है। उन्होंने कहा कि आपने दिल्ली जाकर बस्तर की व्यथा को केंद्र सरकार और पूरे देश के सामने रखा, जो आज तक किसी ने नहीं किया था। माओवादी हिंसा का दर्द अब पूरे देश ने जाना है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर से नक्सलवाद का समूल नाश करना है।  शर्मा ने यह भी कहा, आपने नक्सलियों की गोलियों और आईईडी के खतरे के बीच अपने साहस का परिचय दिया। बंदूक और हिंसा से विकास संभव नहीं है। अब समय आ गया है कि बस्तर शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़े।

गौरतलब है कि माओवादी हिंसा से पीड़ित ये नागरिक हाल ही में दिल्ली के जंतर मंतर और जेएनयू में आंदोलन करने के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर नक्सलियों के कृत्यों से हुई परेशानियों को साझा कर चुके हैं। इनकी दिल्ली यात्रा का मुख्य उद्देश्य नक्सल समर्थक समूहों द्वारा फैलाए झूठ का खुलासा करना, हिंसा से प्रभावित लोगों की आवाज को दिल्ली तक पहुंचाना था। इस अवसर पर विधायक  ईश्वर साहू और बस्तर शांति समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
PLGA बटालियन नंबर 1 के शहरी नेटवर्क को पुलिस ने किया ध्वस्त, घेराबंदी कर दो सप्लायरों को पकड़ा

PLGA बटालियन नंबर 1 के शहरी नेटवर्क को पुलिस ने किया ध्वस्त, घेराबंदी कर दो सप्लायरों को पकड़ा

 सुकमा : जिला सुकमा में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नक्सल उन्मूलन अभियान अन्तर्गत माओवादियों के सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त करने जिले के माओवादी के सप्लायरों की जानकारी एवं सूचना हूमन इंट एवं टेक्निकल इंट के माध्यम से एकत्र की जा रही एवं संदिग्धों पर सतत् सूक्ष्म निगाह रखी जा रही है। इसी तारतम्य में नक्सलियों के PLGA बटालियन के शहरी सप्लाई नेटवर्क की हूमन इंट एवं टेक्निकल इंट मिलने पर थाना सुकमा से जिला बल की पार्टी देवी चौंक पटनमपारा सुकमा की ओर रवाना हुए थे, कि अभियान के दौरान सूचना स्थल की मकान को घेराबंदी कर 2 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ करने पर दोनों ने अपना नाम क्रमशः (1) मंतोष मण्डल (2) एस. नार्गाजून होना बताया गया तथा मेमोरण्डम के आधार संदिग्धों के कब्जे से पृथक-पृथक 2 किग्रा0 यूरिया पाउडर, 2 डिब्बा विस्फोट करने वाला पोटेशियम नाईट्रेट, 3 डिब्बा विस्फोट करने वाला एल्यूमिनियम पाउडर, पैक करने वाला रेपर झिल्ली 2 पैकेट, 1 नग टिफिन बम,2 नग तार युक्त डेटोनेटर एवं 3 नग नक्सल साहित्य जिसे नक्सलियों द्वारा प्रचार-प्रसार हेतु दिये है एवं 2 नग रियल मी कम्पनी का मोबाईल मय सिम एवं 3 डिब्बा विस्फोट करने वाला पोटेशियम नाईट्रेट 2 डिब्बा विस्फोट करने वाला एल्यूमिनियम पाउडर, पैक करने वाला रेपर झिल्ली 3 पैकेट, 1 नग टिफिन बम,8 नग तार युक्त डेटोनेटर एवं 3 नग नक्सल साहित्य 1 नग प्रिटिंग मेक टेक, 1 नग HP कम्पनी का लेपटॉप, 3 नक्सल साहित्य जिसे नक्सलियों द्वारा प्रचार प्रसार हेतु दिये है,एवं एक नग नियल नॉट कंपनी का मोबाईल मय सिम, 1 नग विवो कंपनी का मोबाईल मय सिम बरामद किया गया। उपरोक्त विस्फोटक सामाग्री रखे जाने के संबंध में गहन पूछताछ करने पर दोनों व्यक्तियों द्वारा वर्ष 2020 से PLGA बटालियन नक्सलियों के लिए खाद्य सामाग्री, गन पाउडर, केमिकल, डेटोनेटर, वाकी-टाकी, विस्फोटक सामाग्री इत्यादि सप्लाई करना एवं उक्त सामाग्रियों को नक्सलियों को देने के लिए रखना बताये। उक्त कृत विधि विरूद्ध पाये जाने से थाना सुकमा में अपराध पंजीबद्ध कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही करते हुए दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया।

 
ब्रेकिंग : केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पहुंचे रायपुर...मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत

ब्रेकिंग : केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पहुंचे रायपुर...मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत

 रायपुर। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनका आत्मीय स्वागत किया। बता दें कि जेपी नड्डा संगठन के बड़े नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करेंगे।

 
बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में चल रहे बीजेपी सदस्यता अभियान की प्रगति की समीक्षा करना है। नड्डा, सांसदों, विधायकों और विभिन्न क्षेत्रों के जन प्रतिनिधियों के साथ वन टू वन चर्चा करेंगे ताकि सदस्यता अभियान के लक्ष्यों को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
 
भाजपा सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक अनुराग सिंहदेव ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने इस अभियान में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। अब तक प्रदेश में 19 लाख से अधिक लोग भाजपा के सदस्य बन चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि निर्धारित अवधि में प्रदेश भाजपा अपने सदस्यता लक्ष्य को पूरा कर लेगी।
छत्तीसगढ़ में अब इस विभाग में बंपर नौकरियां, मुख्यमंत्री के निर्देश पर 362 पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग ने दी मंजूरी

छत्तीसगढ़ में अब इस विभाग में बंपर नौकरियां, मुख्यमंत्री के निर्देश पर 362 पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग ने दी मंजूरी

 रायपुर :-  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में शासकीय विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग की स्वीकृति एवं विभागों द्वारा भर्ती विज्ञापन का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, नगर सैनिकों सहित अन्य विभागों में रिक्त पदों की भर्ती की वित्त विभाग द्वारा स्वीकृति एवं भर्ती की लंबित प्रक्रिया शुरू करने की सहमति के बाद विभाग भर्ती की प्रक्रिया को पूरा करने में जुटे हैं।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर वित्त विभाग ने न्यायालयों में रिक्त पदों पर नई भर्ती की मंजूरी दे दी है। न्यायालयों में कुल 362 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों की कमी को दूर कर न्यायपालिका के कार्यों को सुचारू बनाना है। उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव के निर्देशानुसार विधि विधायी विभाग द्वारा रिक्त पदों की पूर्ति के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया गया था। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर विधि एवं विधायी विभाग की प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने तत्काल स्वीकृति प्रदान की है।

वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद न्यायालयों में व्यवहार न्यायाधीश के 57, स्टेनोग्राफर के 46, सहायक ग्रेड-3 के 118, स्टेनोटायपिस्ट के 07, वाहन चालक के 08, प्रोसेस सर्वर के 05 और चौकीदार, गार्डनर, स्वीपर, वाटरमेन के 83 एवं एक सहायक प्रोग्रामर के रिक्त पदों की पूर्ति का रास्ता खुल गया है। राज्य के न्यायालयों में रिक्त पदों की भर्ती होने से न केवल न्यायालयों में कार्य दक्षता बढ़ेगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने में भी मदद मिलेगी। न्यायालयों में कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या होने से कामकाज का निष्पादन भी समय पर हो सकेगा।

यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी 321 पदों पर बीते छह महीने से लंबित भर्ती की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है। व्यापम द्वारा ली गई ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की परीक्षा में सफल रहे अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन आगामी 30 सितम्बर से 10 अक्टूबर तक पूरा करने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न संवर्ग के रिक्त 650 पदों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 181 पदों, ग्रामीण आजीविका मिशन में 237 पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग द्वारा स्वीकृति ली जा चुकी है। बिलासपुर में 465 नगर सैनिकों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है।