अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के मदिरा प्रेमियों को तगड़ा झटका लगा है, आबकारी आयुक्त छत्तीसगढ़ द्वारा जारी पत्र के परिपालन में कलेक्टर सरगुजा द्वारा जिले में ‘‘स्वतंत्रता दिवस‘‘ (Independence Day) के अवसर पर 15 अगस्त को शुष्क दिवस घोषित किया गया है।आपको बता दें इस दौरान जिले की समस्त देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान, विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकान, प्रिमीयम विदेशी मदिरा दुकान, संलग्न अहाता, एफ.एल.8 एवं मद्य भाण्डागार पूर्णतः बंद रहेगा। इस दिन मदिरा का विक्रय, परिवहन एवं परोसना पूर्णतः बंद रहेगा। उन्होंने इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
राजिम - राजिम क्षेत्र के पांडुका थाना अंतर्गत कोपरा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पत्नी प्रतिमा साहू और उसके प्रेमी दौलत पटेल को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि प्रतिमा साहू का गांव के ही दौलत पटेल के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस अवैध संबंध में रोड़ा बन रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। साजिश के तहत प्रतिमा ने अपने ही घर में तकिए से मुंह दबाकर पति की जान ले ली।
हत्या के बाद मामले को सामान्य मौत दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन पांडुका पुलिस को शक होने पर गहराई से जांच की गई। पूछताछ में प्रतिमा और दौलत ने अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पूरे मामले का खुलासा होने से कोपरा गांव में इस घटना के बाद से सनसनी फैल गई है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
रायपुर । रेलवे अधोसंरचना विकास के तहत बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी रेलवे लाइन परियोजना का कार्य अपने अंतिम चरण में है। 206 किमी की इस परियोजना में 150 किमी से अधिक का काम पूरा हो चुका है। इसी कड़ी में रायगढ़ स्टेशन को चौथी लाइन से जोड़ने के लिए 31 अगस्त से 15 सितंबर तक नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। इस दौरान कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है।
ट्रेनों की रद्दीकरण सूची:
बिलासपुर, टाटानगर, पुणे, कुर्ला, कामाख्या, हटिया, पूरी, जोधपुर, उदयपुर, मालदा, पोरबंदर, वास्को-द-गामा, पटना, हावड़ा और मुंबई रूट की 29 एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहेंगी। इनमें टाटानगर-बिलासपुर, पुणे-सांतरागाछी, कुर्ला-कामाख्या, हटिया-पुणे, पूरी-जोधपुर जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं।
परिवर्तित मार्ग से चलेंगी ये ट्रेनें:
हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस (झारसुगुड़ा-टिटलागढ़-रायपुर होकर)
पुणे-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस (रायपुर-लाखोली-टिटलागढ़ होकर)
हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस
मुंबई-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस
कुर्ला-शालीमार एक्सप्रेस
शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस
इन ट्रेनों का सफर होगा अधूरा:
गोंदिया-रायगढ़ जनशताब्दी, निजामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस जैसी 5 ट्रेनों को बिलासपुर में ही समाप्त कर दिया जाएगा। यानी ये ट्रेनें रायगढ़ तक नहीं जाएंगी और बीच रास्ते में ही खत्म कर दी जाएंगी।
रेलवे का बयान:
रेलवे प्रशासन का कहना है कि नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान ट्रेनों का परिचालन अत्यावश्यकता के आधार पर ही बाधित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को कम से कम असुविधा हो। यह कार्य पूर्ण होते ही ट्रेनों की गति और समयबद्धता में सुधार आएगा, जिससे यात्रियों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
रायपुर। साय सरकार द्वारा बिजली बिल आधा योजना को बंद किये जाना जनता के ऊपर अत्याचार है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय सरकार ने बिजली बिल हॉफ योजना को बंद कर दिया है। साय सरकार ने मात्र 100 यूनिट तक की खपत वाले का ही बिजली बिल हॉफ करने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश के अधिसंख्यक उपभोक्ता बिजली बिल हॉफ योजना से वंचित हो गये है। वर्तमान निर्देश के अनुसार 100 यूनिट से अधिक खपत होने पर बिजली बिल पूरा लगेगा तथा 100 यूनिट का छूट भी नहीं मिलेगा। पहले किसी को बिजली का खपत मान लो 600 यूनिट था उससे ज्यादा भी था तो उसके पहले 400 यूनिट तक की खपत पर बिजली बिल आधा हो जाता था, शेष पर ही उसको पूरा बिल देना पड़ता था। कांग्रेस, सरकार के इस फैसले का विरोध करती है।
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने 5 वर्षों तक विपरीत परिस्थितियों में भी बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली बिल हाफ योजना शुरू किया था जिसका लाभ प्रदेश के 44 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को मिलता था जिसे 5 साल में लगभग प्रत्येक उपभोक्ता का 40 से 50 हजार रु. तक की बचत हुई है। कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू किये गये 400 यूनिट बिजली बिल हॉफ के दायरे में प्रदेश का लगभग हर उपभोक्ता आता था।
बैज ने कहा कि पिछले माह ही सरकार ने बिजली के दाम चौथी बार बढ़ाया था। घरेलू खपत पर 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, गैर घरेलू बिजली की दर 25 पैसे प्रति यूनिट महंगी कर दी गई है। सर्वाधिक बढ़ोतरी कृषि पंप के बिजली के दाम में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि करके की गई थी। डेढ़ साल के भीतर साय सरकार ने घरेलू बिजली की दरों में अब तक कुल 80 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी की है। भाजपा सरकार बनने के बाद आम जनता को मांग के अनुसार बिजली नहीं मिल रहा है। बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से शहर और गांव की जनता जूझ रहे हैं। कांग्रेस की सरकार के दौरान 24 घंटा बिजली की आपूर्ति होती थी। गर्मी के दिनों में मांग बढ़ने पर दूसरे राज्यों से भी बिजली की खरीदी किया जाता था और आम जनता को 24 घंटा बिजली की आपूर्ति की जाती थी।
रायपुर :- छत्तीसगढ़ में दो अलग-अलग हृदयविदारक घटनाओं में मासूम बच्चों की मौत ने शोक में डुबो दिया है।मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी क्षेत्र और बस्तर जिले के हजारीगुड़ा गांव में नहाने के दौरान गहरे पानी में डूबने से कुल पांच बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इन घटनाओं पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से संवेदना जताते हुए लिखा, “यह समाचार अत्यंत दुखद है। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिवारों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि पीड़ित परिवारों को शासन के नियमानुसार चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए जा चुके हैं।उन्होंने प्रदेशवासियों से मानसून के इस मौसम में सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि तेज प्रवाह वाले नदी-नालों और गहरे जल स्रोतों से दूरी बनाए रखें ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आज का दिन विभागीय बैठकों और समीक्षाओं से भरपूर रहने वाला है। वे आज प्रदेश के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों से फीडबैक लेंगे।

मुख्यमंत्री सुबह 10 बजे रायपुर से रवाना होकर भिलाई के जयंती स्टेडियम के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे उनका आगमन नया रायपुर स्थित महानदी भवन में होगा, जहां वे मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठकें लेंगे। दोपहर 2 बजे, मुख्यमंत्री वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में वन क्षेत्रों में हो रहे कार्यों, पौधारोपण अभियान, जलवायु परिवर्तन से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।

इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दोपहर 3 बजे कौशल विकास विभाग की बैठक लेंगे, जिसमें युवाओं को स्वरोजगार, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजनाओं पर मंथन होगा। अंत में, दोपहर 4 बजे वे राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में शामिल होंगे, जिसमें पूर्व सैनिकों के कल्याण और उनके परिजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री का यह दौरा शासन की प्राथमिकताओं को दर्शाता है, जिसमें पारदर्शिता, योजनाओं की समीक्षा और सुचारु क्रियान्वयन पर ज़ोर दिया जा रहा है।
मानपुर। अंबागढ़ चौकी थाना क्षेत्र के ग्राम छछानपाहरी में रविवार शाम दर्दनाक हादसे में तीन मासूम बच्चों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। सोमवार को गांव में गमगीन माहौल के बीच जब तीनों दोस्तों की अर्थियां एक साथ उठीं तो हर आंख नम हो गई। पूरा गांव बच्चों को अंतिम विदाई देने उमड़ पड़ा।
खेलते-खेलते तालाब में चली गई मासूमों की जान
ग्राम पंचायत छछानपाहरी के सरपंच पंचराम चंद्रवंशी ने बताया कि रविवार शाम बच्चे खेलते-खेलते तालाब के किनारे पहुंच गए थे। नहाने के दौरान गहराई में चले जाने से तीनों डूब गए। मृत बच्चों की पहचान नव्यांश कुमार (पिता सुभाष), हिमांशु (पिता प्रवीण साहू) और लक्ष्य (पिता वेदप्रकाश) के रूप में हुई है, जिनकी उम्र महज 6 से 7 साल के बीच थी।
कपड़े देख कर हुआ अनहोनी का अंदेशा, तालाब में मिली तीनों की लाश
शाम करीब 6 बजे जब कुछ ग्रामीण तालाब पहुंचे तो सीढ़ियों पर बच्चों के कपड़े पड़े मिले। शक होने पर ग्रामीणों ने तालाब में खोजबीन की तो तीनों बच्चों के शव पानी में उतराए मिले। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने बच्चों के शवों को बाहर निकाला और अंबागढ़ चौकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
एक साथ निकली तीन अर्थियां, गांव में मचा मातम
सोमवार को जब तीनों मासूमों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया तो पूरा गांव गमगीन हो गया। अंतिम यात्रा में सैकड़ों ग्रामीणों ने शिरकत की। बच्चों के माता-पिता की चीत्कार से माहौल और भी भावुक हो गया। एक साथ उठी तीन नन्हीं अर्थियों ने हर किसी का दिल दहला दिया।
ग्रामीणों ने उठाई तालाब सुरक्षा की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाब के आसपास सुरक्षा उपाय करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटना की पुनरावृत्ति न हो। सरपंच सहित ग्रामीणों ने बच्चों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देने की अपील की है।
रायपुर। त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में सोमवार को शंकर नगर स्थित प्रसिद्ध हल्दीराम रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने अचानक दबिश दी। जांच के दौरान टीम ने मिठाइयों के नमूने जब्त कर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है।
स्वीट हट एंड बेकर्स पर भी गिरी थी गाज
इससे पहले खाद्य विभाग की टीम ने तेलीबांधा क्षेत्र स्थित स्वीट हट एंड बेकर्स दुकान में भी छापा मारा था। वहां से भी खाने-पीने की सामग्री के नमूने लिए गए थे, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। विभाग की यह कार्रवाई ‘बने खाबो-बने रहिबो’ विशेष अभियान के तहत की जा रही है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य विभाग की टीम लगातार अलग-अलग जगह दबिश देकर मिठाइयों, नमकीन और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल एकत्रित कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य है कि त्योहारी सीजन में लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिल सके।
मिलावटखोरों पर शिकंजा, त्योहार से पहले अभियान जारी रहेगा
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा। मिलावटखोरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी ताकि त्योहारों पर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ न हो सके।
रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 1 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन बरामद की है। टिकरापारा थाना क्षेत्र के कमल विहार सेक्टर-4 स्थित एक मकान में दबिश देकर पुलिस ने 412 ग्राम हेरोइन के साथ पंजाब के कुख्यात ड्रग सप्लायर लवजीत सिंह उर्फ बंटी समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह ड्रग नेटवर्क पाकिस्तान से संचालित हो रहा था, जो पंजाब के रास्ते रायपुर में फैलाया जा रहा था।
पाकिस्तान से रायपुर तक फैला था हेरोइन का जाल
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पाकिस्तान से हेरोइन की बड़ी खेप रायपुर में सप्लाई होने वाली है। इस इनपुट पर रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने विशेष टीम गठित की। क्राइम ब्रांच एएसपी संदीप मित्तल की अगुवाई में ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। जांच में सामने आया कि लवजीत सिंह पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाकर भारत के विभिन्न राज्यों में हाईटेक तरीके से सप्लाई करता था।
हाईटेक तरीकों से चल रहा था ड्रग नेटवर्क
आरोपी इंटरनेट कॉलिंग, वर्चुअल इंटरनेशनल नंबर, वीडियो लोकेशन शेयरिंग और म्यूल अकाउंट्स के जरिए पैसों का लेन-देन कर रहे थे ताकि जांच एजेंसियों को चकमा दिया जा सके। पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 29 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
कैसे हुआ खुलासा और गिरफ्तारी?
3 अगस्त को पुलिस की विशेष टीम ने कमल विहार के मकान पर छापा मारा, जहां से मुख्य आरोपी लवजीत सिंह, सुवित श्रीवास्तव और अश्वन चंद्रवंशी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके बाद अन्य 6 तस्करों को अलग-अलग जगहों से पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका:
लवजीत सिंह उर्फ बंटी — पंजाब गुरदासपुर निवासी, पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाकर पूरे नेटवर्क को सप्लाई करता था।
सुवित श्रीवास्तव — रायपुर में लोकल सप्लाई चैन का मास्टरमाइंड।
अश्वन चंद्रवंशी — सप्लाई हब का स्थानीय सहयोगी।
अन्य सप्लाई चैन सदस्य — लक्ष्य परिफल राघव उर्फ लव, अनिकेत मालाधरे, मनोज सेठ, मुकेश सिंह, जुनैद खान उर्फ सैफ चिला, राजविंदर सिंह उर्फ राजू।
तस्करों से करोड़ों के सबूत जब्त, पुलिस टीम को मिलेगा इनाम
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 412.87 ग्राम हेरोइन, कई मोबाइल फोन, क्रेटा कार, तौल मशीन, ड्रग्स यूज सामग्री, एटीएम कार्ड और चेकबुक सहित अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। इस बड़ी कार्रवाई पर डीजीपी ने टीम को बधाई दी है और पुरस्कृत करने की अनुशंसा की है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि ड्रग नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
रायगढ़। रायगढ़ जिले में राशन कार्डों के सत्यापन के दौरान बड़ी खामियां सामने आई है। जिले में लगभग 79000 हितग्राही ऐसे हैं जिनका राशन कार्ड में नाम तो दर्ज है लेकिन उनकी आधार सीडिंग ही नहीं हुई है। इन हितग्राहियों के नाम से सालों से राशन का आवंटन भी हो रहा है।
दरअसल, रायगढ़ जिले में 3 लाख 10 हजार राशन कार्डधारी हैं। जिनके 10 लाख 57 हजार 540 हितग्राहियों को हर महीने राशन जारी होता है। राज्य शासन के निर्देश के बाद जब राशन कार्डों का वेरिफिकेशन किया गया तो लगभग 79247 हितग्राही ऐसे मिले जिनका आधार ही राशन कार्ड से मर्ज नहीं था। इनके थंब और आयरिश नहीं होने के बावजूद राशन कार्ड के मुखिया के नाम से उनके हिस्से का राशन हर महीने जारी हो रहा है। खास बात यह है कि आधार सीडिंग की प्रक्रिया पीछे डेढ़ सालों से चल रही है, लेकिन इसके बावजूद अब तक इनके आधार राशन कार्ड में मर्ज नहीं किए गए हैं। ऐसे में उन हितग्राहियों के फर्जी होने का अंदेशा है।
कोरबा। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और मानवीयता का परिचय दिया। रायपुर से अपने निज निवास वीरपुर जाते समय मंत्री राजवाड़े का काफिला जैसे ही सुत्तररा मोड़, कटघोरा पहुंचा, उन्होंने सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त एक दोपहिया वाहन सवार युवक को देखा।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मंत्री राजवाड़े ने तत्काल अपने काफिले को रुकवाया और स्वयं मौके पर पहुंचकर घायल व्यक्ति की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बिना समय गंवाए घायल को अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कटघोरा भिजवाने की व्यवस्था की। श्रीमती राजवाड़े ने कोरबा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को फोन कर घायल को त्वरित और समुचित उपचार देने के निर्देश भी दिए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के जलसंसाधन विभाग द्वारा गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखंड स्थित प्रसिद्ध राजिम मेला के विकास हेतु 20 करोड़ 23 लाख 50 हजार रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि महानदी तट पर श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक आयोजन के बेहतर प्रबंधन के लिए मंजूर की गई है।
इस परियोजना के तहत 480 मीटर लंबाई में स्नान प्लेटफार्म, गंगा आरती घाट, शाही स्नान कुण्ड और सीढ़ियों का निर्माण किया जाएगा, जो चौबेबांचा पुल तक फैला होगा। यह राशि राज्य योजना के बजट शीर्ष ‘महानदी परियोजना‘ के अंतर्गत खर्च की जाएगी।
राज्य शासन का उद्देश्य राजिम मेले को और अधिक सुव्यवस्थित तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाना है। इस दिशा में यह विकास कार्य एक महत्वपूर्ण कदम है। शासन का प्रयास है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को सशक्त किया जाए, जिससे राज्य की सांस्कृतिक विरासत को और अधिक समृद्ध किया जा सके।
15 लाख बीपीएल परिवारों को पूर्ववत् योजना का मिलेगा लाभ
रायपुर 4 अगस्त 2025/ राज्य सरकार द्वारा हॉफ बिजली बिल योजना के अंतर्गत दी जाने वाली छूट की सीमा में युक्तियुक्त संशोधन किया गया है। अब प्रतिमाह दी जाने वाली 400 यूनिट की छूट के स्थान पर 100 यूनिट तक की मासिक खपत पर 50 प्रतिशत रियायत दी जाएगी।
वर्तमान में राज्य के 45 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 31 लाख परिवार (करीब 70%) ऐसे हैं जिनकी खपत 100 यूनिट प्रतिमाह से अधिक नहीं है। अतएव हॉफ बिजली बिल की छूट सीमा के इस पुनरीक्षण के बावजूद इन 31 लाख जरूरतमंद सामान्य एवं कमजोर वर्ग के उपभोक्ता परिवारों को योजना का लाभ पहले की ही तरह मिलता रहेगा। प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता परिवार हॉफ बिजली योजना से पूर्ववत् लाभान्वित होते रहेंगे।
इन 31 लाख परिवारों में 15 लाख बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार भी शामिल हैं, जिन्हें पूर्ववत् हॉफ बिजली बिल योजना का लाभ मिलता रहेगा। इन परिवारों को 30 यूनिट तक की मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पहले की तरह प्राप्त होती रहेगी, साथ ही वे हॉफ बिजली बिल योजना के अन्य सभी लाभों से भी यथावत् लाभान्वित रहेंगे। राज्य सरकार गरीब परिवारों को बिजली खर्च में राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्य सरकार प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को गति दे रही है, जिसके अंतर्गत 3 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना पर केंद्र सरकार से ₹78,000/- तथा राज्य सरकार से ₹30,000/- की कुल ₹1,08,000/- तक की सब्सिडी दी जा रही है। 2 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 75% (₹90,000/-) का अनुदान उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ता प्रतिमाह 200 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। यह उत्पादन वर्तमान में हॉफ बिजली बिल योजना से मिलने वाली अधिकतम छूट (400 यूनिट पर 200 यूनिट की छूट) से भी अधिक है।
400 यूनिट तक औसत खपत करने वाले उपभोक्ताओं का बिजली बिल आमतौर पर ₹1000/- से अधिक होता है, जो सोलर प्लांट की स्थापना के बाद लगभग शून्य हो जाएगा। इस प्रकार के उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल योजना से “मुफ्त बिजली बिल” योजना की ओर अग्रसर होंगे, और दीर्घकालिक बचत प्राप्त करेंगे।
*उपभोक्ता स्वयं की छत पर उत्पादित बिजली के अतिरिक्त शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर प्राप्त कर सकेंगे अतिरिक्त आय*
रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने वाले उपभोक्ता अपनी छत पर उत्पादित बिजली का उपयोग करने के साथ-साथ शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे।प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत 25 प्रतिशत शेष लागत उपभोक्ता स्वयं वहन कर सकते हैं, या फिर बैंक से न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इस ऋण की मासिक किस्त लगभग ₹800/- होगी, जो कि वर्तमान में 400 यूनिट पर देय औसत बिजली बिल ₹1000/- से भी कम है।
इस प्रकार, उपभोक्ता अपने मासिक बिजली बिल को कम करते हुए भविष्य में आत्मनिर्भर ऊर्जा उत्पादक बन सकते हैं। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
राज्य सरकार का यह निर्णय गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को राहत देने, तथा उन्हें ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त और दूरदर्शी प्रयास है। यह योजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक बचत के पथ पर अग्रसर करेगी।
रायपुर: बस्तर अंचल के कृषकों के लिए राहत भरी खबर है। छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के विकासखंड बस्तर में संचालित कोसारटेडा मध्यम सिंचाई परियोजना के अंतर्गत मुख्य नहर के 0 से 24 किलोमीटर खंड के जीर्णाेद्धार कार्य हेतु 41 करोड़ 32 लाख 58 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति 01 मई 2025 की दर के आधार पर दी गई है।
इस योजना का उद्देश्य नहर की वर्तमान सिंचाई क्षमता को पुनर्स्थापित कर कृषकों को अधिक जल उपलब्धता सुनिश्चित करना है। वर्तमान में परियोजना की रूपांकित सिंचाई क्षमता 11,120 हेक्टेयर है, जबकि वास्तविक उपयोग 6,622.40 हेक्टेयर ही हो पा रहा है। यह जीर्णाेद्धार कार्य इस कमी को पूरी तरह से दूर करने हेतु निर्णायक साबित होगा।
राज्य शासन द्वारा लिए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय से बस्तर अंचल के कृषकों को सिंचाई की सुलभ एवं समुचित सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही क्षेत्रीय कृषि उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। यह पहल विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्रों की जल संसाधन संरचनाओं को सशक्त करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
धमतरी - आज भगवान शिव के पवित्र माह सावन का आखिरी सोमवार है। सावन के आखिरी सोमवार को शिव भक्त बड़ी संख्या में शिवालयों में पहुंच कर महादेव को जल अर्पण कर रहे हैं। जहां एक तरफ सावन के आखिरी सोमवार शिव भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। वहीं दूसरी तरफ सावन के अंतिम सोमवार को हादसों की ख़बरें भी लगातार सामने आ रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के धमतरी जिले से एक भीषण सड़क हादसे की खबर आई है। इस हादसे में दो कांवड़ियों की मौत हो गई है।
बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा शिबू सोरेन का सियासी जीवन.. कभी केंद्रीय मंत्री तो कभी मुख्यमंत्री पद से देना पड़ा इस्तीफा
दो कांवड़ियों की मौत, एक की हालत गंभीर
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र के देमार तेलिनसती में हुआ है। यहां अज्ञात वाहन ने कांवड़ियों को टक्कर मार दी। इस हादसे में दो कांवड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई और एक कांवड़िया गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घायल कांवड़िए को इलाज के अस्पताल भेजा।
पुलिस ने शुरू की अज्ञात वाहन की तलाश
बताया जा रहा है कि, कांवड़िए पीपरछेडी से रुद्रेश्वर महादेव में जल चढ़ाने निकले थे और इसी दौरान ये हादसा हुआ। पुलिस की टीम ने दोनों मृतक कांवड़ियों के शव को अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस की टीम कांवड़ियों को ठोकर मारने वाले अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस की तरफ से कहा गया है कि, जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की मुश्किलें बढ़ गई है। 14 इन की न्यायिक रिमांड अवधि समाप्त होने पर आज उन्हें कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में अब 18 अगस्त को सुनवाई होगी।
बता दें कि ईडी ने 18 जुलाई की सुबह भिलाई स्थित बघेल निवास पर छापा मारकर चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन ही गिरफ्तार किया था। उन पर छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। मामले में पूछताछ के लिए कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेजा था। 22 जुलाई को सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें 4 अगस्त तक के लिए 14 दिन की न्यायायिक रिमांड में जेल भेज दिया था। रिमांड खत्म होने पर आज उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें फिर से 14 दिन की न्यायायिक रिमांड में जेल भेज दिया। अब चैतन्य बघेल को 18 अगस्त को कोर्ट में पेश किया जायेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में पंजीकृत श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों को राज्य सरकार द्वारा चयनित आवासीय विद्यालयों में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान की जाएगी।
श्रम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में ऐसे विद्यार्थी जो कक्षा पाँचवीं में अच्छे अंक प्राप्त कर प्रावीण्य सूची के टॉप-10 में स्थान अर्जित करेंगे, उन्हें काउंसलिंग के बाद योजना का लाभ दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत प्रवेश शुल्क, शैक्षणिक शुल्क, गणवेश, पुस्तक-कॉपी, छात्रावास एवं भोजन की व्यवस्था का संपूर्ण व्यय श्रम कल्याण मण्डल द्वारा वहन किया जाएगा
योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक का कम से कम एक वर्ष पूर्व पंजीकृत होना अनिवार्य है। साथ ही मात्र प्रथम दो बच्चों को ही योजना के अंतर्गत पात्रता प्राप्त होगी। आवेदन के समय श्रमिक पंजीयन कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, अंकसूची, अध्ययनरत कक्षा का प्रमाण पत्र, स्वघोषणा पत्र, आयु प्रमाण पत्र और प्रवेश के पश्चात स्थानांतरण प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।
आवेदन श्रमिक स्वयं या “श्रमेवा जयते” मोबाइल एप, श्रम संसाधन केन्द्र या किसी भी नजदीकी च्वाईस सेंटर के माध्यम से कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 5 अगस्त 2025 निर्धारित की गई है। राज्य शासन की यह पहल न सिर्फ श्रमिक परिवारों को सामाजिक-आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करने में भी सहायक सिद्ध होगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में एक आबंटी को लंबित रखरखाव शुल्क और विकास लागत प्रमोटर को भुगतान करने का आदेश दिया है। यह फैसला उन आबंटियों के लिए चेतावनी स्वरूप है, जो बार-बार सूचना देने के बावजूद अपने वित्तीय दायित्वों से बचते रहे हैं।
प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित आवंटी को 75,600 रुपए की लंबित रखरखाव राशि तत्काल प्रमोटर को चुकानी होगी। रेरा ने स्पष्ट किया कि जब तक परियोजना का विधिवत हस्तांतरण हाउसिंग सोसायटी को नहीं हो जाता, रखरखाव की जिम्मेदारी प्रमोटर की होती है और इस अवधि के लिए शुल्क का भुगतान करना आबंटी का दायित्व है। इसके अतिरिक्त, आदेश में यह भी कहा गया है कि आबंटी को 4 लाख 77 हजार 744 रुपए की एकमुश्त विकास लागत भी प्रमोटर को अदा करनी होगी। यह राशि समझौते के अनुसार देय थी, जिसकी कई बार सूचना देने के बावजूद आबंटी द्वारा भुगतान नहीं किया गया।
सीजी रेरा ने कहा कि इस प्रकार के मामलों में यदि आबंटी अपने दायित्वों से बचते हैं तो इससे प्रमोटरों की परियोजना संचालन प्रक्रिया बाधित होती है। और यह रियल एस्टेट अधिनियम के प्रावधानों के विरुद्ध है।
रेरा ने अपने आदेश में इस बात पर जोर दिया कि वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही रियल एस्टेट सेक्टर की मजबूती के लिए अनिवार्य है। यह आदेश इस दिशा में एक दृढ़ कदम है जो आबंटितियों को वित्तीय अनुशासन अपनाने और प्रमोटरों को उनके वाजिब अधिकार दिलाने की दिशा में मददगार साबित होगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में जल्द ही 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू होने वाली है। सीएम विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मानती है। जब से मैंने शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाली, उसी क्षण से मेरी प्राथमिकता रही कि विभाग को गहराई से समझते हुए उसमें सुधार की ठोस पहल की जाए। सबसे पहले एक गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यह पाया गया कि राज्य में शिक्षक और छात्रों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर होने के बावजूद वितरण असमान है।
ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की संख्या अधिक है, लेकिन शिक्षक अपेक्षाकृत कम हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में शिक्षक अधिक संख्या में पदस्थ हैं। इस असंतुलन को दूर करने हेतु राज्य में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया आरंभ की गई। इसके परिणामस्वरूप आज छत्तीसगढ़ का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है। इस प्रभाव का विस्तार इतना व्यापक रहा कि इरकभट्टी जैसे गांवों में वर्षों से बंद पड़े विद्यालय पुनः प्रारंभ हो गए हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में लागू किया गया है, और राज्य में हमारी सरकार ने इसे तत्परता से अपनाया है। छत्तीसगढ़ में अब 18 स्थानीय भाषाओं और बोलियों में प्राथमिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। इससे न केवल स्थानीय भाषाओं के संरक्षण को बल मिला है, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
जगदलपुर। जिले से दुखद खबर सामने आ रही है, यहां परपा थाना क्षेत्र के हजारी गुड़ा गांव में पत्थर खदान के गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन किया।
पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान संदीप नाग (उम्र 5 वर्ष) और जय श्री (उम्र 6 वर्ष) के रूप में हुई है। टीम ने काफी प्रयासों के बाद बच्चों के शव पानी से बाहर निकाले। इसके बाद उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज, जगदलपुर भेजा गया है। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे खेलते-खेलते खदान की ओर पहुंच गए थे, जहां गहराई का अंदाज़ा न लग पाने के कारण वे पानी में डूब गए। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। यह हादसा एक बार फिर खदानों की सुरक्षा व्यवस्था और खुले गड्ढों की अनदेखी पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने खदान को सुरक्षित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
बिलासपुर। आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (कार्य :- सफाई कर्मचारी, कुक, माली, चौकीदार, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, ड्राईवर, पेन्ट्री स्टाफ, पम्प अटेन्डेन्ट) के पद पर भर्ती के लिए हाई कोर्ट ने विज्ञापन जारी किया है। पढ़िए कितने पद हैं और आवेदन के लिए क्या शर्तें तय की गई है।
आवेदन पत्र प्राप्ति की अंतिम तिथि- 23 अगस्त 2025 संध्या 5.00 बजे तक है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर की स्थापना में “आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (कार्य :- सफाई कर्मचारी, कुक, माली, चौकीदार, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, ड्राईवर, पेन्ट्री स्टाफ, पम्प अटेन्डेन्ट)” के पद की भर्ती हेतु पात्र भारतीय नागरिकों से आवेदन पत्र आमंत्रित किये जाते हैं, जिसका विवरण।
मध्यप्रदेश सहित अन्य प्रदेशों के मूल निवासी, ऐसे आवेदक, जो अपने मूल निवास के राज्य में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में मान्य हो, अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए विज्ञापित पद के विरूद्ध ही अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के रूप में विचारित किये जाएगें, आरक्षित पद के विरूद्ध नहीं।
. अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदक को क्रीमीलेयर के अंतर्गत नहीं होना चाहिये।
. महिलाओं हेतु आरक्षित पद का आरक्षण केवल उन्हीं महिला अभ्यर्थियों को दिया जाएगा जो छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी हों।
. ऐसे दिव्यांग अभ्यर्थी जिनकी दिव्यांगता 40% से कम है, उन्हें आरक्षित दिव्यांग पद के विरूद्ध विचार नहीं किया जाएगा तथा उन्हें उनके संबंधित वर्ग में माना जाएगा।
. आवेदक को आवेदन पत्र के साथ शैक्षणिक योग्यता केवल आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होने के संबंध में दिये गये निर्धारित प्रारूप में अपना “शपथ-पत्र” प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा (शपथ पत्र का निर्धारित प्रारूप आवेदन पत्र के साथ संलग्न है) –
सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी को शपथ पत्र निर्धारित प्रारूप में 5/-, 10/-20/-अथवा 50/- रूपये के स्टाम्प पर जो भी सुविधानुसार उपलब्ध हो, नोटरी से सत्यापित कराकर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी को उपरोक्त शपथ पत्र निर्धारित प्रारूप में सादे कागज में नोटरी से सत्यापित कराकर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
आवेदन पत्र के साथ शैक्षणिक योग्यता से संबंधित निर्धारित शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर आवेदन पत्र निरस्त कर दिया जाएगा और किसी प्रकार का पत्राचार स्वीकार्य नहीं किया जाएगा।
शपथ पत्र में असत्य कथन करने पर आवेदक के विरूद्ध झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत किये जाने के आधार पर उसके विरूद्ध किसी भी स्तर पर आपराधिक / दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
. प्रत्येक आवेदक अपने आवेदन पत्र में अपने समस्त शैक्षणिक योग्यता और अन्य संपूर्ण जानकारी प्रस्तुत करेंगे तथा इस आशय का घोषणा पत्र भी प्रस्तुत करेंगे। आवेदक द्वारा शैक्षणिक योग्यता के संबंध में दी गई जानकारी अपूर्ण अथवा असत्य पाई जाती है तो चयन प्रक्रिया के किसी भी प्रक्रम पर अथवा नियुक्ति होने की स्थिति में, नियुक्ति किसी भी समय पर निरस्त / समाप्त की जा सकेगी साथ ही संबंधित के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही भी की जाएगी। आवेदक की नियुक्ति के पश्चात् उक्त तथ्य के ज्ञात होने पर आवेदक के ऐसे कृत्य को गंभीर कदाचरण माना जावेगा तथा केवल इसी आधार पर ही उसे सेवा से पृथक किया जा सकेगा।
अन्य शर्ते :-
. आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिये।
. 01.जनवरी 2025 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो परन्तु 30 वर्ष की आयु पूर्ण न की हो। (केवल छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी हेतु आयु सीमा अधिकतम 40 वर्ष होगी)
. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग एवं महिला को राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी किये गये परिपत्रों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में निम्नानुसार छूट की पात्रता होगीः-
1. छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु 05 वर्ष
2. महिला अभ्यर्थियों हेतु 10 वर्ष (केवल ऐसी महिलाऐं, जो छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासी हों)
3. स्थायी अथवा अस्थायी शासकीय कर्मचारी हेतु उपरोक्त छूट के अतिरिक्त 05 वर्ष। परन्तु किसी भी परिस्थिति में अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष से अधिक न हो।
4. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन पत्र के साथ सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किये गये स्थायी जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग) एवं मूल निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उन्हें अनारक्षित वर्ग के विरूद्ध विचारित किया जाएगा। उक्त प्रमाण पत्रों की छायाप्रति को स्वप्रमाणित कर आवेदन के साथ प्रस्तुत करना होगा।
5. आरक्षित पद के विरूद्ध चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति के पश्चात् कार्यभार ग्रहण करते समय राज्य शासन के ज्ञापन दिनांक 29.06.2013 में दिये गये प्रारूप के अनुसार जाति (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग) के संबंध में शपथ पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उनका चयन/नियुक्ति निरस्त किया जाएगा।
6. आवेदक को अच्छा चरित्र, शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है तथा किसी भी प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक अस्वस्थता उनकी नियुक्ति हेतु अनर्ह होगी।
7. एक से अधिक पति/पत्नी न हो अन्यथा वे नियुक्ति हेतु अनर्ह होंगे।
8. वह किसी उच्च न्यायालय, शासकीय या वैधानिक संस्था अथवा स्थानीय प्राधिकारी द्वारा सेवा से पृथक अथवा पदच्युत न किया गया हो।
9. वह किसी नैतिक धृष्टता (Moral turpitude) हेतु दोषी न ठहराया गया हो या किसी उच्च न्यायालय / संघ/ राज्य सेवा आयोग अथवा किसी अन्य चयन सेवा मण्डल या कर्मचारी चयन आयोग द्वारा स्थायी रूप से प्रतिबंधित अथवा अनर्ह न किया गया हो।
10. कोई भी उम्मीदवार जिसे महिलाओं के विरूद्ध किसी अपराध का सिद्ध दोष ठहराया गया हो, वह नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा। परंतु जहां तक किसी उम्मीदवार के विरूद्ध न्यायालय में ऐसे मामले [बालिकाओं एवं महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म आदि से संबंधित नैतिक अधोपतन की श्रेणी में आने वाले अपराध तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, (POCSO Act), 2012 के अंतर्गत प्रकरण] लंबित हो तो उसकी नियुक्ति का मामला आपराधिक मामले का अंतिम विनिश्चय होने तक लंबित रखा जाएगा।
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केवल ऐसे आवेदक जो किसी शासकीय सेवा में सेवारत् हैं, उन्हें अपना आवेदन पत्र नियोक्ता (Employer) के माध्यम से अथवा नियोक्ता द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र जो कि इस विज्ञापन के जारी होने के बाद का हो, सहित “रजिस्ट्रार जनरल, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बोदरी, बिलासपुर (छत्तीसगढ़), पिन-495220” को संबोधित लिफाफा “ड्रॉप बॉक्स” अथवा पंजीकृत डाक / स्पीड पोस्ट के माध्यम से निर्धारित अंतिम तिथि एवं समय तक इस कार्यालय को प्राप्त हो जाना चाहिए। अंतिम तिथि के पश्चात् प्राप्त आवेदन पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (सफाई कर्मचारी, कुक, माली, चौकीदार, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, ड्राईवर, पेन्ट्री स्टाफ, पम्प अटेन्डेन्ट) के लिए एक ही आवेदन पत्र मान्य होगा जिसे आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद के रूप में परिभाषित किया गया है।
गरियाबंद - छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में देर रात ड्राइवर को झपकी आने से कार बेकाबू होकर नाले में गिर गई और डोर लॉक होने से 5 लोग अंदर ही फंसे रह गए। सुबह लोगों की मदद से सभी को बाहर निकाला गया, तब तक भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष समेत 2 लोगों की मौत हो गई।”
“जबकि 3 लोग घायल हैं। सभी लोग बिलाईगढ़ से भूतेश्वर नाथ मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। मरने वालों की पहचान बिलाईगढ़ जिले के भटगांव निवासी लोकेश साहू (35) और पंकज दास मानिकपुरी (38) भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष के रूप में हुई है। घटना फिंगेश्वर थाना क्षेत्र की है।”
“जानकारी के मुताबिक, कार में बिलाईगढ़ से 5 लोग सवार होकर गरियाबंद के भूतेश्वर नाथ मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान रविवार देर रात 2 बजे कार चला रहे पंकज दास को झपकी आ गई। जिस कारण कार एक पत्थर से टकराकर सीधे नाले में गिर गई।”
“बताया जा रहा है कि, कार के नाले में गिरने से सभी गेट लॉक हो गए। जिससे पांचों लोग अंदर ही फंस गए। वो रात भर चीखते-चिल्लाते रहे। जब सुबह करीब 5 से 6 बजे लोग शौच के लिए नाले के पास पहुंचे, तो उनकी नजर कार पर पड़ी। जिसके बाद गेट तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया।”
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से बड़ी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ के कोंडगांव जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बयानार में सीमा सुरक्षा बल (सीएफ) के जवान ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली।
मामला कोंडागांव जिले के बयानार में सीएएफ का कैंप है। मृतक जवान की पहचान दिनेश सिंह चंदेल के रूप में हुई है। दिनेश सिंह चंदेल दुर्ग के रहने वाले थे। जो सीएएफ कैंप में प्लाटून कमांडर के पद पर तैनात थे। प्लाटून कमांडर दिनेश सिंह चंदेल ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। गोली लगते ही प्लाटून कमांडर की मौत हो गयी।
इधर की गोली आवाज सुनकर कैंप में अफरा-तफरी मच गई। लोग आवाज सुनकर जब पहुंचे तो प्लाटून कमांडर दिनेश सिंह चंदेल की लाश खून से लथपथ पड़ी हुई थी। इसकी सूचना पुलिस और सीनियर अफसरों को दी गयी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गयी। पुलिस ने शव् को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
जांच में जुटी पुलिस
जवान ने किस वजह से आत्महत्या की है। इसके बारे में अभी कुछ भी पता नहीं चल सका है। किसी तरह का सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच की जा रही है। इस घटना से कैंप में हड़कंप मच गया है।
जांजगीर चाम्पा : अपनी 17 सूत्रीय मांग को लेकर तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए गए हैं, हड़ताल का जांजगीर चाम्पा जिले में व्यापक असर देखा जा रहा है,
राजस्व संबंधित न्यायालयनीय प्रकरण, नामांकन बटांकन, आय जाति निवास प्रमाण पत्र,किसान पंजीयन, भुईयां पोर्टल सहित अन्य जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं, पक्षकारो को वापस लौटना पड़ रहा हैं,
वहीं वकीलों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा हैं, अपनी मांगो को लेकर पहले 28 जुलाई को एक दिवसीय हड़ताल कर जिला मुख्यालय जांजगीर में प्रदर्शन किया गया था, इसके बाद प्रदेश भर के तहसीलदारो ने रायपुर में भी प्रदर्शन किया गया, लेकिन कोई बात नहीं बनी, इस पर 30 जुलाई से अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू हो गई है, हड़ताल लंबी चली तो लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।
रायपुर :- प्रदेश में किसानों को फसल बीमा करने के लिए बाध्य किए जाने को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रदेश के कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा बचा नहीं है, इसलिए वह किसानों को भ्रमित करने के लिए बेबुनियाद बयानबाज़ी कर रहे है।
नेताम ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गांव, गरीब, किसान, मजदूर, नौजवान, बच्चे और बुजुर्गों के हित में कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। किसानों के हित में कल एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया, जब प्रधानमंत्री ने पूरे देश के किसानों के खातों में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की। इनमें से अकेले छत्तीसगढ़ के किसानों को 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसान सम्मान निधि के रूप में किसानों के खातों में जमा की गई
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार शुरुआत से ही योजनाबद्ध तरीके से किसानों के हित में काम कर रही है। लेकिन कुछ लोग राजनीति के लिए अनर्गल बयानबाजी करते हैं। नेताम ने कहा, “ऐसे लोगों को भगवान सद्बुद्धि दे और उन्हें किसानों से माफी मांगनी चाहिए।”














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