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 विधायक अनुज शर्मा प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए करेंगे श्रावणी कांवड़ यात्रा

विधायक अनुज शर्मा प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए करेंगे श्रावणी कांवड़ यात्रा

 रायपुर। भगवान भोलेनाथ पर अपार आस्था और विश्वास के साथ प्रतिवर्ष हमारे प्रदेश व देश में लाखों कांवड़ यात्री कई किलोमीटर की कठिन यात्रा करके भगवान शिवजी का जलाभिषेक करने के लिए विभिन्न मंदिरों की यात्रा करते हैं और शिवभक्ति की इस परंपरा को आगे ले जाते हैं। हमारे छत्तीसगढ़ के धरसींवा विधानसभा से भी प्रतिवर्ष सावन माह में हजारों की संख्या में कांवड़ यात्री सोमनाथ मंदिर में महादेव को जल अर्पित करने कांवड़ यात्रा करते हैं। इसी कड़ी में धरसींवा विधानसभा के विधायक अनुज शर्मा ने भी इस वर्ष एक ऐसा संकल्प लिया है जो शिवजी के प्रति उनकी अटूट आस्था और विश्वास के साथ ही जनसेवा एवं हर व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे उस निर्मल भावना को दर्शाती है। उनके द्वारा स्वयं कंधो पर आस्था और विश्वास एवं मन में छत्तीसगढ़ व क्षेत्र-प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि व खुशहाली की कामना लिए वे चरौदा शिव मंदिर से सोमनाथ मंदिर कि कांवड़ यात्रा में जा रहे हैं। अनुज शर्मा का यह संकल्प एक जनप्रतिनिधि होने के नाते अपने कर्तव्यों का निर्वहन हेतु उनकी तत्परता एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं आने वाली पीढ़ियों तक हमारी सनातन परंपरा एवं धार्मिक महत्व के गौरवशाली इतिहास के प्रति प्रेरित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास सिद्ध होगा। छत्तीसगढ़ की जनता और प्रदेश की सुख-समृद्धि व खुशहाली के लिए विधायक अनुज शर्मा के द्वारा 3 अगस्त दिन रविवार सुबह 7 बजे को विशाल कांवड़ यात्रा निकालेंगे और दूसरे दिन सोमवार को सुबह 5 बजे सोमनाथ मंदिर में हजारों कांवड़ियों के साथ जलभिषेक करेंगे।

यात्रियों को मिली नई ट्रेन की सुविधा तीन अगस्त से चालू होगा रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन..

यात्रियों को मिली नई ट्रेन की सुविधा तीन अगस्त से चालू होगा रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन..

 रायपुर – छत्तीसगढ़ को रेल सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर जानकारी दिया हैं कि रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को 3 अगस्त 2025 को हरी झंडी दिखाई जाएगी। रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन न केवल छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और सामाजिक संपर्क को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे जनता को सुविधाजनक और आधुनिक रेल सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से मुख्यमंत्री साय ने की मुलाकात!

बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से मुख्यमंत्री साय ने की मुलाकात!

  रायपुर- आज नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से सौजन्य भेंट की गई। इस दौरान बस्तर क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित और रणनीतिक दृष्टिकोण से अहम बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

बोधघाट परियोजना न केवल बस्तर की जल आवश्यकता को पूरा करेगी, बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक दिशा भी बदल सकती है। बैठक में बताया गया कि इस परियोजना के माध्यम से लगभग 8 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

इसके अलावा, यह परियोजना 125 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता रखती है, जो क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को काफी हद तक पूरा करेगी। साथ ही, परियोजना के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति की भी मजबूत व्यवस्था की जाएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

केंद्रीय मंत्री ने परियोजना की संभावनाओं को समझते हुए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि बोधघाट परियोजना केवल एक जलसंसाधन परियोजना नहीं है, बल्कि यह बस्तर के सामाजिक उत्थान, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध हो सकती है।

अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि किस तरह केंद्र और राज्य मिलकर इस परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले वर्षों में बस्तर क्षेत्र एक नए युग में प्रवेश करेगा।

ई-कॉमर्स कंपनियों पर पुलिस की सख्ती – संदिग्ध सामानों की ऑनलाइन सप्लाई पर लगा प्रतिबंध

ई-कॉमर्स कंपनियों पर पुलिस की सख्ती – संदिग्ध सामानों की ऑनलाइन सप्लाई पर लगा प्रतिबंध

 छत्तीसगढ़ में अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए चाकू, नशे से जुड़े सामान, ई-सिगरेट, चिलम, हुक्का जैसे उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री नहीं हो सकेगी। पुलिस विभाग ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।

पुलिस की ओर से कहा गया है कि यदि किसी भी प्लेटफॉर्म से इन प्रतिबंधित वस्तुओं की आपूर्ति की जाती है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ सीधे आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। ये आदेश प्रदेश में पहली बार जारी किए गए हैं और इसका उद्देश्य युवाओं को नशे और हिंसक प्रवृत्तियों से दूर रखना है।

पुलिस के मुताबिक, बीते कुछ महीनों में यह देखा गया कि बड़ी संख्या में युवा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से चाकू, ब्लेड, हुक्का सेट, ई-सिगरेट, व दूसरे नशे से जुड़ी वस्तुएं मंगा रहे हैं। इससे न केवल युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है, बल्कि अपराध की घटनाओं में भी इज़ाफा देखा गया है।

अब इन उत्पादों की ऑनलाइन डिलीवरी को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुलिस ने यह भी कहा कि समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाएगी और जो कंपनियां इस आदेश का उल्लंघन करेंगी, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।यह फैसला प्रदेश की कानून-व्यवस्था और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अभिभावकों और समाजसेवी संगठनों ने भी इस कदम का स्वागत किया है।

रिटायर्ड IAS बिपिन मांझी राज्य सहकारी निर्वाचन आयुक्त के पद पर नियुक्त

रिटायर्ड IAS बिपिन मांझी राज्य सहकारी निर्वाचन आयुक्त के पद पर नियुक्त

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने 2009 बैच के IAS बिपिन मांझी को राज्य सहकारी निर्वाचन आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है।

सेवानिवृत्त जज श्रीनारायण सिंह को मिली बड़ी जिम्मेदारी, सहकारी अधिनियम के अध्यक्ष पद पर हुए नियुक्त

सेवानिवृत्त जज श्रीनारायण सिंह को मिली बड़ी जिम्मेदारी, सहकारी अधिनियम के अध्यक्ष पद पर हुए नियुक्त

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश श्रीनारायण सिंह को एक नई जिम्मेदारी सौंपी है। शासन ने उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी अधिनियम, बिलासपुर के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति आदेश क्रमांक GENCOR/1736/2025-COMM.COOP.\&RCS के तहत की गई है।

इस नियुक्ति में छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 77(5)(क) के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग किया गया है। श्री सिंह का कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से अगले तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से की गई है और शासन के नियमों के अनुसार प्रभावी मानी जाएगी।

अब रजिस्ट्री के बाद ई-मेल और WhatsApp पर मिलेंगे दस्तावेज…

अब रजिस्ट्री के बाद ई-मेल और WhatsApp पर मिलेंगे दस्तावेज…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब जमीन की रजिस्ट्री के लिए फाइलों और कागजों का झंझट खत्म होने वाला है। राज्य के पंजीयन कार्यालयों ने डिजिटल युग की ओर कदम बढ़ाते हुए पेपरलेस रजिस्ट्री की नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है। इस व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री के दस्तावेज अब सीधे पक्षकारों को ई-मेल और WhatsApp के जरिए भेजे जाएंगे। इसके साथ ही पंजीयन विभाग डिजि लॉकर से भी जुड़ चुका है, जिससे दस्तावेजों को डिजिटल फॉर्मेट में सुरक्षित रखा जा सकेगा।

जिन पक्षकारों के पास ई-मेल या WhatsApp नहीं है, उन्हें पंजीयन कार्यालय से दस्तावेजों की हार्ड कॉपी दी जाएगी। e KYC और आधार वेरिफिकेशन के जरिए पक्षकारों की पहचान सुनिश्चित होगी, जिससे फर्जीवाड़ों पर रोक लगेगी। डिजिटल रजिस्ट्री की इस प्रक्रिया से दस्तावेजों में छेड़छाड़ की आशंका खत्म हो जाएगी और सारा डेटा ऑनलाइन सुरक्षित रहेगा।

सुगम एप के माध्यम से जमीन का नक्शा, लोकेशन और दस्तावेजों का विवरण मोबाइल पर ही उपलब्ध होगा। पक्षकार रजिस्ट्री से पहले ड्राफ्ट की जांच कर सकेंगे और ऑनलाइन ही सुधार का मौका मिलेगा। डीजी लॉकर से जुड़े रहने पर रजिस्ट्री नंबर डालते ही दस्तावेज डाउनलोड किए जा सकेंगे।

वसीयतनामा, बंटवारा नामा, मुख्तारनामा जैसे दस्तावेजों का पंजीयन भी अब पहले से ज्यादा सरल और पारदर्शी हो जाएगा। जुलाई से शुरू हुई ऑनलाइन अपॉइंटमेंट सुविधा के तहत पक्षकार NGDRS वेबसाइट पर स्लॉट बुक कर B-1, खसरा, ऋण पुस्तिका, नक्शा, ई-स्टाम्प, आधार और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे।

विभाग में शुरू होने जा रही इस नई पहल को लेकर उप महानिरीक्षक पंजीयन उषा साहू ने बताया कि जल्द ही सभी दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी डिजिटल माध्यमों से भेजी जाएगी, जिससे पंजीयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सरलता आएगी।

दर्दनाक हादसा : ट्रक और टैंकर में हुई जबरदस्त भिड़ंत, ड्राइवर-हेल्पर की मौके पर मौत, तीन की हालत गंभीर

दर्दनाक हादसा : ट्रक और टैंकर में हुई जबरदस्त भिड़ंत, ड्राइवर-हेल्पर की मौके पर मौत, तीन की हालत गंभीर

 बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक ट्रक भूसा भरने के लिए राइस मिल के बाहर खड़ी हुई थी। ट्रक और टैंकर में जबरदस्त भिड़ंत हुई है। इस सड़क हादसे में ट्रक ड्राइवर और हेल्पर की मौत हो गई। यह पूरी घटना पुरूर थाना क्षेत्र के फ़ागुन्दाह गांव की है।

दरअसल, ट्रक ड्राइवर और हेल्पर ट्रक के सामने खड़े हुए थे। पीछे से अचानक टैंकर ने आ कर ट्रक को टक्कर मार दिया। जिसके कारण ट्रक ड्राइवर शैलेन्द्र ठाकुर और हेल्पर बुधलाल ढीमर दोनों की मौके पर मौत हो गई। वहीं ट्रक के साइड में खड़े तीन लोग घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने टैंकर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है और आगे की कार्यवाही में जुटी है।

CG : शाला त्यागी बच्चों के प्रवेश में लापरवाही, 23 संकुल समन्वयकों को नोटिस

CG : शाला त्यागी बच्चों के प्रवेश में लापरवाही, 23 संकुल समन्वयकों को नोटिस

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किए हैं कि शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत राज्य के सभी आश्रम, स्कूलों में 6 से 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों को शत प्रतिशत प्रवेश करना सुनिश्चित करें। इसी तरह शाला त्यागी बच्चों को भी अपने आसपास के आश्रमों, विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर उनका शिक्षण कार्य सतत् जारी रखें।

मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में सुकमा जिले में शिक्षा की गुणवत्ता और सर्वशिक्षा अभियान को सशक्त बनाने की दिशा में कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव द्वारा की गई समय सीमा  बैठक के दौरान एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। बैठक में शाला त्यागी एवं अप्रवेशी बच्चों के स्कूलों में पुनः प्रवेश सुनिश्चित कराने में लापरवाही बरतने वाले 23 संकुल समन्वयकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

ध्रुव ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता वाले इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी चिन्हित संकुल समन्वयकों को तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। असंतोषजनक उत्तर प्राप्त होने की स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिन संकुल समन्वयकों को नोटिस जारी किया गया है उसमें  मनोज कुमार साहू संकुल एलमागुण्डा, सालिक राम बंजारे संकुल गुफडी, रघुवीर नेताम संकुल कस्तरी, दुष्यंत दाउ संकुल लेदा, नरेन्द्र राणा  संकुल गुडरा, महादेव बघेल संकुल सामसट्टी, मानदाता पटेल संकुल मिसमा, रामलाल मरकाम संकुल हमीरगढ़, भीमराज समरथ  संकुल बंजेपल्ली, सुरेन्द्र प्रताप राज  संकुल रामपुरम और देवनाथ कवाची संकुल गोंडेरास शामिल है।

इसी तरह तुलाराम मण्डावी संकुल तालनार, प्रवीण मिश्रा संकुल पेरमारास, रामकुमार वादेकर संकुल किंदरवाडा, पुनित राम सिंन्हा संकुल पेन्टा, हेमन्तदास मानिकपुरी संकुल समन्वयक पोलमपल्ली को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया  है। इसी तरह रामनारायण दुग्गे संकुल सगुनघाट, लालसिंह नायक संकुल दुब्बाटोटा, महेन्द्र नाग संकुल कुन्ना, दुलेश्वर सिंह कोर्राम संकुल भेज्जी, शेख अब्दुल मतीन  संकुल मुलाकिसोली, मंजीत मिंज संकुल पोन्दुम और निखिल चन्द्र सुना संकुल समन्वयक गोंदपल्ली को भी कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा नोटिस जारी किया गया है।

कलेक्टर ध्रुव ने कहा कि बच्चों के भविष्य से जुड़े कार्यों में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। शत-प्रतिशत नामांकन एवं पुनः प्रवेश सुनिश्चित करना संकुल समन्वयकों की जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी।

CG- दिनदहाड़े शिक्षक की हत्या : स्कूल से घर लौट रहे शिक्षक को बदमाशों ने बीच सड़क में रोका, फिर धारदार हथियार से हमला कर उतारा मौत के घाट

CG- दिनदहाड़े शिक्षक की हत्या : स्कूल से घर लौट रहे शिक्षक को बदमाशों ने बीच सड़क में रोका, फिर धारदार हथियार से हमला कर उतारा मौत के घाट

 बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा से दिनदहाड़े हत्या मामला सामने आया है। जहां स्कूल के शिक्षक की हत्या कर दी गई। बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर शिक्षक को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी ने घटना को तब अंजाम दिया जब शिक्षक स्कूल से छुट्टी होने के बाद घर लौट रहे थे। शिक्षक की मौत की वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस मौके पर पहुंची हुई है और घटना की जांच की जा रही है।

घटना बेमेतरा जिले के खण्डसरा थाना क्षेत्र के ग्राम करचुवा की है। मृतक शिक्षक का नाम सतीश राय था और शासकीय प्रथामिक शाला हेमाबंद स्कूल में पदस्थ थे। रोज की तरह आज भी शिक्षक स्कूल पहुंचे हुए थे। स्कूल से छुट्टी होने के बाद अपनी स्कूटी से घर लौट रहे थे।

इसी दौरान ग्राम करचुवा के पास अज्ञात हमलावरों ने उनकी स्कूटी रोकी और धारदार हथियार से हमला कर दिया। आरोपियों ने हत्या के बाद शव को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गये। सनसनीखेज हत्याकांड की जानकारी मिलने के बाद बेमेतरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

दिनदहाड़े शिक्षक की हत्या की घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस जांच में जुटी हुई है और पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर शिक्षक की हत्या क्यों की गई। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ शिक्षक के साथियों और परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।

धोखाधड़ी का नया तरीका: ऑनलाइन दोस्ती कर युवती को लूटा, ब्लैकमेल कर लाखों की मांग...रूपये नहीं मिले तो की ये घटिया हरकत…फिर जो हुआ…!!

धोखाधड़ी का नया तरीका: ऑनलाइन दोस्ती कर युवती को लूटा, ब्लैकमेल कर लाखों की मांग...रूपये नहीं मिले तो की ये घटिया हरकत…फिर जो हुआ…!!

 जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर पुलिस ने इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से पकड़ा है। आरोपी ने पहले इंस्टाग्राम पर जशपुर की युवती से दोस्ती की। फिर प्यार करने का झांसा देकर युवती का अश्लील वीडियो रिकार्ड कर लिया। इतना ही नहीं आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रूपये की मांग की। लड़की ने रूपये नहीं दिये तो आरोपी ने वीडियो को फेसबुक पर शेयर कर दिया था। पीड़िता की शिकायत पर आरोपी को दिल्ली से धर दबोचा गया है।

दरअसल, 18 जुलाई को थाना कुनकुरी क्षेत्र की एक पीड़िता ने थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि इंस्टाग्राम के माध्यम से उसकी पहचान कंवलजीत उर्फ गुरदित सिंह से हुई थी। पिछले एक माह से दोनों के बीच बातचीत हो रही थी। दोनों वीडियो कॉल पर भी बातचीत करते थे। इस दौरान ही आरोपी कंवलजीत ने पीड़िता को गुमराह करते हुए अश्लील वीडियो बना लिया। 18 जुलाई को कंवलजीत सिंह ने पीड़िता के वाट्सअप पर अश्लील वीडियो भेजकर एक लाख की मांग करने लगा। रुपए नहीं देने पर वीडियो को वायरल करने की धमकी देने लगा। पीड़िता ने जब रुपए देने से मना किया तो आरोपी कंवलजीत सिंह ने प्रार्थिया के फेसबुक को हैक कर स्टोरी में अश्लील वीडियो वायरल कर दिया।

आरोपी की हरकत से परेशान पीड़िता ने थाने में शिकायत की। थाना कुनकुरी में आरोपी कंवलजीत सिंह के विरुद्ध भा. द. सं. की धारा 506,384 व सूचना प्रद्योगिकी अधिनियम की धारा 67,67(ए)(बी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया।

पुलिस ने आरोपी कंवलजीत की फेसबुक/ इंस्टाग्राम आईडी व मोबाइल नंबर की जांच की तो पता चला कि उक्त आरोपी कंवलजीत सिंह दिल्ली में है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम गठित कर दिल्ली भेजा गया। पुलिस की टेक्निकल टीम व मुखबिर की सूचना के आधार पर गुरुनानक नगर, थाना तिलक नगर दिल्ली से आरोपी कंवलजीत सिंह को हिरासत में लेकर जशपुर लाया गया। आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन को भी पुलिस के द्वारा जप्त कर लिया गया है।

आरोपी है अत्यंत शातिर

आरोपी कंवलजीत सिंह अत्यंत शातिर था। पूर्व में भी जशपुर पुलिस की टीम आरोपी की पता साजी हेतु दिल्ली भेजी गई थी। मगर वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था, जिससे जशपुर पुलिस को उसे ट्रेस करने में समस्या का सामना करना पड़ रहा था। पुलिस की टेक्निकल टीम के द्वारा उसे लगातार ट्रेस किया जा रहा था। अंततः जशपुर पुलिस को आरोपी कंवलजीत सिंह उर्फ गुरदित सिंह को दिल्ली के गुरुनानक नगर से हिरासत में लेने में सफलता मिली।

पुलिस की पूछताछ पर आरोपी ने अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

करेंट की चपेट में आने से हाथी की मौत,फसल बचाने किसान ने लगाई थी बिजली की तार..

करेंट की चपेट में आने से हाथी की मौत,फसल बचाने किसान ने लगाई थी बिजली की तार..

 रायपुर – कोरबा जिले में करेंट की चपेट में आने से एक हाथी की मौत हो गई हैं यह घटना कोरबा वन मंडल अंतर्गत कुदमुरा रेंज के बैगामार जंगल की है जहा किसान अपने फसल को बचाने के लिए बिजली तार लगाया हुआ था जिसमे चपेट में आने से हाथी की मौके पर ही मौत हो गई हैं। जिसकी सुचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में लगभग 20 से 25 हाथियों का झुण्ड लगातार विचरण कर रहा हैं।

 
प्रधानमंत्री से मिले सीएम विष्णुदेव साय: ‘अमृत रजत महोत्सव’ में शामिल होने का दिया न्योता

प्रधानमंत्री से मिले सीएम विष्णुदेव साय: ‘अमृत रजत महोत्सव’ में शामिल होने का दिया न्योता

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय तीन दिवसीय दिल्ली दौरे पर हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री साय ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। इस दौरान उन्होंने PM को 1 नवंबर को रायपुर में होने वाले ‘अमृत रजत महोत्सव’ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का निमंत्रण दिया।

 
CG: स्कूल के पीछे संदिग्ध हालत में मिला नाबालिग का शव, हत्या या आत्महत्या ?

CG: स्कूल के पीछे संदिग्ध हालत में मिला नाबालिग का शव, हत्या या आत्महत्या ?

 रायपुर। राजधानी के विधानसभा थाना क्षेत्र में नाबालिग का पेड़ पर लटका हुआ शव मिला। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई है।

जानकारी के मुताबिक, विधानसभा इलाके में स्कूल बिल्डिंग के ठीक पीछे पेड़ पर नाबालिग का रस्सी से लटका हुआ शव मिला है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि मृतक पास के गांव का ही है। वहीं पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या प्रतीत होने की बात कही है। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

मुख्यमंत्री आज कर सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात,दिल्ली दौरा का आज तीसरा दिन…

मुख्यमंत्री आज कर सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात,दिल्ली दौरा का आज तीसरा दिन…

 रायपुर– प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इन दिनों दिल्ली दौरे पर और आज उनका दिल्ली दौरा का तीसरा दिन है। मिली जानकारी के अनुसार आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ के विकास और मिशन 2047 को लेकर चर्चा हो सकती है। सूत्रों की मने तो मंत्रिमण्डल विस्तार को भी लेकर चर्चा हो सकती हैं। छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय केंद्रीय मंत्रियो से मुलाकात कर रहे हैं। कल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांड़विया से मुख्यमंत्री साय ने मुलाकात किया हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, CGMSC ने दवाइयों की बिक्री पर लगाई रोक

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, CGMSC ने दवाइयों की बिक्री पर लगाई रोक

 रायपुर :- छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (CGMSC) ने राज्य में वितरित की जा रही कुछ दवाओं और चिकित्सा सामग्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, दो प्रकार के इंजेक्शन और चार तरह के सर्जिकल ग्लव्स की आपूर्ति एवं उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है।

CGMSC ने जिन दवाओं पर रोक लगाई है, उनमें डेक्सट्रोज विद सोडियम क्लोराइड इंजेक्शन और सेफ्ट्रिएक्सों पाउडर फॉर इंजेक्शन शामिल हैं। जांच में पाया गया कि ये दवाएं अमानक (Substandard) पाई गईं, जिससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता है। इसके अलावा, अलग-अलग साइज के सर्जिकल ग्लव्स की गुणवत्ता पर भी संदेह जताया गया है, जिस कारण उनके उपयोग पर भी रोक लगा दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से राज्यभर के अस्पतालों में हड़कंप मच गया है। यह निर्णय मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। साथ ही दोषी आपूर्तिकर्ताओं पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। जनता और स्वास्थ्यकर्मियों ने इस पर चिंता जताते हुए कड़ी निगरानी की मांग की है।

मुख्यमंत्री साय की पहल से छत्तीसगढ़ को मिली 600 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री साय की पहल से छत्तीसगढ़ को मिली 600 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की सौगात

 रायपुर :- छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना को रफ्तार देने के लिए आज एक अहम क़दम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाक़ात की, जिसमें राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी मिली।बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि रही केन्द्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की मंज़ूरी। इसके ज़रिए छत्तीसगढ़ में कई सड़कों के निर्माण और उन्नयन का रास्ता साफ़ हुआ है।

इसके साथ ही स्टेट कैपिटल रीजन के अंतर्गत आने वाले दो लेन मार्ग को चार लेन में अपग्रेड करने की योजना को भी मंजूरी मिली है।

रायपुर शहर की भीड़भाड़ को कम करने के लिए चार बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनका भूमि पूजन शीघ्र ही होगा। वहीं, राजधानी रायपुर से अन्य ज़िलों तक की सड़कें दो लेन से चार लेन में बदली जाएंगी, जिससे आवागमन तेज़ और सुरक्षित हो जाएगा।

बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्य की सभी सड़क योजनाएं अब केंद्र के ‘गति शक्ति पोर्टल’ के ज़रिए भेजी जाएंगी, ताकि जल्द मंजूरी मिल सके। श्री गडकरी ने रायपुर (आरंग)-बिलासपुर (दर्री) के बीच करीब 95 किमी लंबी छह लेन सड़क के लिए डीपीआर भेजने को कहा, जो औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक क्षेत्रों को जोड़ेगी। साथ ही, नागपुर से रायपुर तक प्रस्तावित 300 किमी लंबा समृद्धि एक्सप्रेसवे पर भी शीघ्र डीपीआर मांगा गया ह

इसके अलावा कुछ ज़रूरी योजनाओं को आज मंजूरी भी मिल गई। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 ए में उन्नयन कार्य, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 में रेजिंग का कार्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 में मजबूतीकरण के कुल 115.95 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली है।

इनमें बिलासपुर शहर के भीतर 15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है, जिससे शहर में ट्रैफिक आसान होगा। कटनी-गुमला मार्ग के हिस्से में 11 किलोमीटर सड़क बनेगी जो गांवों को जोड़ने में मदद करेगी। वहीं, केशकाल के 4 किलोमीटर हिस्से की सड़क को मज़बूत किया जाएगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।

वहीं, इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 7000 करोड़ से ऊपर के नियोजित कार्यो की वित्तीय स्वीकृति को भी शीघ्र करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़कें केवल यात्रा का साधन नहीं हैं, बल्कि विकास, रोज़गार और सामाजिक बदलाव का रास्ता हैं। अँजोर विजन 2047’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर नागरिक तक बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय की पहल से खुला विकास का रास्ता, चार नए पुलों का भूमि पूजन जल्द

मुख्यमंत्री साय की पहल से खुला विकास का रास्ता, चार नए पुलों का भूमि पूजन जल्द

 नई दिल्ली-  छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना को रफ्तार देने के लिए आज एक अहम क़दम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाक़ात की, जिसमें राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी मिली।

बैठक में केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 7000 करोड़ से ऊपर के नियोजित कार्यों की वित्तीय स्वीकृति को शीघ्र करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।

इसके साथ ही केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी गई। इसके ज़रिए छत्तीसगढ़ में कई सड़कों के निर्माण और उन्नयन का रास्ता साफ़ होगा।

रायपुर शहर की भीड़भाड़ को कम करने के लिए चार बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनका भूमि पूजन शीघ्र ही होगा। वहीं, राजधानी रायपुर से अन्य ज़िलों तक की सड़कें दो लेन से चार लेन में बदली जाएंगी, जिससे आवागमन तेज़ और सुरक्षित हो जाएगा।

बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्य की सड़क योजनाएं की प्लानिंग में अब केंद्र के ‘गति शक्ति पोर्टल’ का उपयोग किया जाएगा, ताकि जल्द मंजूरी मिल सके। श्री गडकरी ने रायपुर-आरंग-बिलासपुर-दर्री के बीच करीब 95 किमी लंबी छह लेन सड़क के लिए डीपीआर जल्दी बनाने के लिए आदेशित किया, जो औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक क्षेत्रों को जोड़ेगी। साथ ही, समृद्धि एक्सप्रेसवे का विस्तार रायपुर तक भी किया जाएगा

इसके अलावा कुछ ज़रूरी योजनाओं को आज मंजूरी भी मिल गई। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 ए में उन्नयन कार्य, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 में रेजिंग का कार्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 में मजबूतीकरण के कुल 115.95 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली है। इनमें बिलासपुर शहर के भीतर 15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है, जिससे शहर में ट्रैफिक आसान होगा। कटनी-गुमला मार्ग के हिस्से में 11 किलोमीटर सड़क बनेगी जो गांवों को जोड़ने में मदद करेगी। वहीं, केशकाल के 4 किलोमीटर हिस्से की सड़क को मज़बूत किया जाएगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़कें केवल यात्रा का साधन नहीं हैं, बल्कि विकास, रोज़गार और सामाजिक बदलाव का रास्ता हैं। अँजोर विजन 2047’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर नागरिक तक बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।

 
छत्तीसगढ़ में विरासत संरक्षण के लिए केंद्र का बड़ा कदम, ₹26.24 करोड़ का आवंटन

छत्तीसगढ़ में विरासत संरक्षण के लिए केंद्र का बड़ा कदम, ₹26.24 करोड़ का आवंटन

 रायपुर - भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्मारकों, किलों और अन्य धरोहर संरचनाओं की पहचान और संरक्षण के लिए व्यापक सर्वेक्षण किया है और पिछले पाँच वर्षों में इन कार्यों के लिए ₹26.24 करोड़ का आवंटन किया है। यह जानकारी संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में सांसद श्रीमती फूलो देवी नेताम के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

मंत्री ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने वर्ष 2014-15 से 2024-25 तक छत्तीसगढ़ में गांव-गांव सर्वेक्षण किया। इस दौरान 764 गांवों का सर्वेक्षण हुआ, जिनमें से 73 गांवों में प्राचीन अवशेष पाए गए, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में केंद्र संरक्षित स्मारकों और स्थलों की मरम्मत, संरक्षण और रखरखाव के लिए वर्ष 2020-21 में ₹2.89 करोड़, 2021-22 में ₹4.78 करोड़, 2022-23 में ₹7.50 करोड़, 2023-24 में ₹5.94 करोड़ और 2024-25 में ₹5.13 करोड़ का आवंटन किया। हर वर्ष यह राशि पूरी तरह खर्च की गई।

मंत्रालय ने कहा कि यह पहल देश की मूर्त सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों व स्थलों को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार चलाए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।

CG : दंतैल हाथी का आतंक, 4 लोगों को उतारा मौत घाट, आधा दर्जन गांवों में अलर्ट

CG : दंतैल हाथी का आतंक, 4 लोगों को उतारा मौत घाट, आधा दर्जन गांवों में अलर्ट

 सरगुजा।  जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है, यहां दंतैल हाथी ने 15 घंटे के भीतर 4 लोगों की जान ले ली है। दंतैल के आतंक से सरगुजा का लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र थर्राया हुआ है। यहां रहने वाले ग्रामीण हाथी के आतंक से काफी दहशत में है। बताया जा रहा है कि हाथी की निगरानी में तैनात दल की लापरवाही से ग्रामीणों की जान चली गयी। हाथी के ग्राम चिरगा पहुंचने के बाद भी विभाग की तरफ से ग्रामीणों को अलर्ट नहीं किया। 4 ग्रामीणों की मौत होने के बाद आनन फानन में वन विभाग ने आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोगों को अलर्ट किया गया।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ का सरगुजा, कोरबा, रायगढ़ सहित अन्य कई जिले गजराज के आतंक से हर साल थर्राया रहता है। सरगुजा में एक बार फिर दंतैल ने ग्रामीणों को कुलचकर क्षेत्र में दहशत फैला दी है। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत चिरगा के बेवरा में दंतैल हाथी ने पिछले 15 घंटे के भीरत 4 लोगों की जान ले ली। पहली घटना बुधवार की शाम लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत चिरगा अंतर्गत ग्राम बेवरा में घटित हुई। यहां रहने वाला राम कोरवा अपनी बेटी के साथ खेत से रोपा लगाकर वापस घर लौट रहा था। तभी दोनों का सामना हाथी से हो गया। हाथी को देखने के बाद ग्रामीण अपनी बेटी के साथ भागने लगा।

लेकिन हाथी ने दोनों को दौड़ाकर पटकने के बाद कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद ग्राम बकिला में हाथी ने सनमेत बाई नामक महिला को कुचलकर मार दिया। बताया जा रहा है कि महिला अपने पति नेहरू कंवर के साथ घर में थी। उसी समय हाथी वहां पहुंच गया। हाथी से बचने के लिए दोनों भागने लगे। तभी हाथी ने दौड़ाकर महिला को कुचल दिया। पति ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। तीसरी घटना लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र से 65 किलोमीटर दूर सीतापुर वन परिक्षेत्र की है। जहां ग्राम देवगढ़ में ग्रामीण मोहर साय सैराम आज सुबह 6 बजे अपने खेत गया था।

खेत में उसका सामना 2 हाथियों से हो गया। मोहर साय मौके से भागन की कोशिश करता, इतने में एक हाथी ने उसे कुचल कर मार दिया। बताया जा रहा है कि लुण्ड्रा में आतंक मचा रहा हाथी बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र से भटककर सरगुजा की सीमा में प्रवेश कर गया है। हाथी धौरपुर से होते हुए लुण्ड्रा, चेंद्रा, उदारी, असकला होते हुए चिरगा पहुंचा था। 4 ग्रामीणों की मौत के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। डीएफओं के निर्देश पर दंतैल हाथी पर वन विभाग की टीम द्वारा नजर रखने के साथ ही आसपास के गांव में अलर्ट जारी किया गया है।

 
छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम में करोड़ों का घोटाला! EOW ने दाखिल किया 2000 पन्नों का चालान

छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम में करोड़ों का घोटाला! EOW ने दाखिल किया 2000 पन्नों का चालान

 रायपुर।  पाठ्य पुस्तक निगम में 15 साल पुराने करोड़ों के मुद्रण घोटाले में बड़ी कार्रवाई हुई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने वर्ष 2009-10 के दौरान हुए इस घोटाले में निगम के तत्कालीन अधिकारियों और प्रिंटिंग एजेंसियों के खिलाफ 2000 पन्नों का चालान विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत में पेश किया है।

जांच में सामने आया है कि क्लास 3 और 4 के लिए एमजीएमएल कार्ड्स की छपाई में निविदा नियमों की अनदेखी कर दो प्राइवेट कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

प्रबोध एंड कंपनी (रायपुर) को हिंदी और गणित के 8000-8000 कार्ड्स के लिए ₹3.82 करोड़ का भुगतान

छत्तीसगढ़ पैकेजर्स (भिलाई) को पर्यावरण कार्ड्स छपाई के लिए ₹2.04 करोड़ का भुगतान
कुल भुगतान – ₹5.87 करोड़, जबकि वास्तविक देय राशि – केवल ₹1.83 करोड़
₹4.03 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान “डाई कटिंग” जैसे कार्यों की आड़ में किया गया
TDS और सेवा कर काटने के बाद भी ₹3.61 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी

 इन अधिकारियों और मुद्रकों पर चला कानूनी शिकंजा:

1. सुभाष मिश्रा – तत्कालीन महाप्रबंधक

2. संजय पिल्ले – उप प्रबंधक (मुद्रण तकनीशियन)

3. नंद गुप्ता – मुद्रक, छत्तीसगढ़ पैकेजर्स प्रा. लि.

4. युगबोध अग्रवाल – मुद्रक, प्रबोध एंड कंपनी प्रा. लि.

एक आरोपी पर कार्रवाई बाकी:

जोसफ मिंज (सेवानिवृत्त प्रबंध संचालक) के खिलाफ भी जांच पूरी हो चुकी है, अभियोजन स्वीकृति मिलते ही CrPC की धारा 173(8) के तहत अलग से चालान पेश किया जाएगा।

CG : हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ चुनाव पर लगाई रोक!

CG : हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ चुनाव पर लगाई रोक!

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के चुनाव को लेकर हाईकोर्ट से बड़ी अपडेट सामने आई है। जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की एकल पीठ ने सहायक रजिस्ट्रार के 14 जुलाई 2025 के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी।

प्रदेश साहू संघ ने 7 जनवरी 2025 को संघ का चुनाव कराने और बायलॉज में संशोधन का प्रस्ताव पास किया था। इसके बाद 30 अप्रैल 2025 को चार चरणों में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया। लेकिन इसी दौरान किसी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई और रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं सोसाइटीज कार्यालय में शिकायत की।

शिकायत के बाद रजिस्ट्रार ने मामले का संज्ञान लेते हुए एक समिति गठित की और 35 दिनों के भीतर चुनाव कराने के निर्देश दिए। यह आदेश सहायक रजिस्ट्रार द्वारा पारित किया गया था, जिसे प्रदेश साहू संघ ने अधिवक्ता विवेक वर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी।

याचिका में क्या कहा गया?
संघ की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि सहायक रजिस्ट्रार को समिति गठन या चुनाव की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं सोसाइटीज ने सहायक रजिस्ट्रार को न तो जांच करने और न ही कोई समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। अतः यह आदेश अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

कोर्ट का आदेश:
हाईकोर्ट ने मामले में प्रारंभिक सुनवाई के बाद सहायक रजिस्ट्रार के 14 जुलाई 2025 के आदेश पर रोक लगा दी है और आगामी सुनवाई की तारीख 5 अगस्त 2025 तय की है।

BREAKING : वन विभाग में बड़ी फेरबदल, 41 अधिकारियों का हुआ तबादला, देखें पूरी लिस्ट

BREAKING : वन विभाग में बड़ी फेरबदल, 41 अधिकारियों का हुआ तबादला, देखें पूरी लिस्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सहायक वन संरक्षक संवर्ग के अधिकारियों और वनक्षेत्रपालों का ट्रांसफर कर दिया है। इस संबंध में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने आदेश जारी किया है जिसके अनुसार 41 सहायक वन संरक्षक संवर्ग के अधिकारियों का तबादला हुआ है। वहीं 67 वनक्षेत्रपालों को भी इधर से उधर कर दिया गया है। अधिकारियों और वनक्षेत्रपालों को नवीन पदस्थापना भी दे दी गई है।

देखिए पूरी लिस्ट

67 रेंजर्स के तबादले

छत्तीसगढ़ में व्यापार और वाणिज्य को मिलेगी नई गति, माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 पारित

छत्तीसगढ़ में व्यापार और वाणिज्य को मिलेगी नई गति, माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 पारित

 रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पारित माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, राज्य में व्यापार एवं वाणिज्य को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को कानूनी राहत, कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना, कर मामलों का शीघ्र निराकरण और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।

विधेयक में इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रावधानों को और स्पष्ट किया गया है ताकि कारोबार, कर भुगतान और क्रेडिट के उपयोग में पारदर्शिता आ सके। विशेष श्रेणी के लेन-देन (जैसे सेज, निर्यात, वेयरहाउस परिसंचरण) को स्पष्ट परिभाषित किया गया है। साथ ही वित्त अधिनियम, 2025 के केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप कई तकनीकी और प्रक्रियागत बदलाव किए गए हैं।

माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर नियम में संशोधन किया गया है। अब आईजीएसटी में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के अंतर्गत प्राप्त इनपूट टैक्स क्रेडिट का वितरण अपनी शाखाओं में करने की अनुमति मिलेगी। इससे जीएसटी अधिनियम की विसंगतियां दूर होंगी और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा।

विधेयक में ऐसे पेनाल्टी की राशि जिसमें टैक्स डिमांड शामिल नहीं है ऐसे प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए पूर्व डिपोजिट 25 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी प्रकार वाउचर टैक्स निर्धारण को और अधिक स्पष्ट किया गया है। पहले जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर कर निर्धारण के संबंध स्थिति स्पष्ट नही थी इस पर जीएसटी कब लगेगा इन्हें जारी करने के समय या इन्हें रिडीम करते समय इस संबंध में विभिन्न एंडवास रूलिंग अथारिटी मत भिन्नता थी। संशोधन विधेयक के अनुसार अब वाउचर रिडीम करते समय जीएसटी लगेगा।

तंबाकू आदि उत्पादों के लिए ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिससे उनकी आपूर्ति श्रृंखला की कड़ी निगरानी हो सकेगी। ऐसे उत्पादों के सभी यूनिट पैकेट में एक क्यूआर कोड अंकित करना होगा, जिसे स्कैन करने पर निर्माता, उत्पाद, एमआरपी, विक्रेता, बिल आदेश, भुगतान के सभी रिकार्ड आदि जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही निर्माता और होलसेलर को इन यूनिट पैकेट के मूव्हमेंट का रिकार्ड रखना होगा। ताकि जांच एजेंसियों को किसी भी समय ऐसी सूचनाएं उपलब्ध हो सके।

विशेष आर्थिक क्षेत्र को प्रोत्साहन के तहत इन विशेष क्षेत्रों के वेयर हाउस में रखे गए वस्तुओं के निर्यात किए जाने से पूर्व वस्तुओं के फिजिकल मूवमेंट के बिना क्रय विक्रय किए जाने पर अब जीएसटी नहीं लगेगा। यह बदलाव सेज में निवेश और कारोबार को बढ़ावा देगा तथा ये क्षेत्र अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। विधेयक में ‘प्लांट या मशीनरी’ शब्दों के स्थान पर ‘प्लांट और मशीनरी‘ शब्दो को प्रतिस्थापित किया गया है। प्लांट शब्द में ‘भवन‘ सम्मिलित नहीं होगा एवं इस पर इनपुट क्रेडिट की पात्रता नहीं होगी। डिजिटल मुहर, डिजिटल चिन्ह या किसी प्रकार का अन्य चिन्हांकन सहित ‘विशिष्ट पहचान चिह्नांकन’ का प्रावधान भी शामिल किया गया है।

छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024-25 में राज्य को 16,299 करोड़ रूपए जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38 प्रतिशत है। इस वर्ष 18 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की गई और छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा। राज्य के भीतर माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की सीमा 50,000 रूपए से बढ़ाकर 1,00,000 रूपए कर दी गई है, जिससे 26 प्रतिशत छोटे व्यापारियों को कागजी कार्यवाही से राहत मिली है।
नई सरकार के गठन के बाद से 43,612 नए पंजीकरण किए गए हैं। पंजीकरण प्रक्रिया को 13 दिनों से घटाकर अब सिर्फ 2 दिन में पूर्ण किया जा रहा है। पूर्व में केवल 15 जिलों में जीएसटी कार्यालय थे, अब राज्य के 33 जिलों में कार्यालय स्थापित कर दिये गये हैं। कर अपवंचन की रोकथाम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा एनालिटिक्स और बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट का गठन किया गया है।

 
ब्रेकिंग : पूर्व विधायक के भाई की जंगल में मिली सड़ी-गली लाश, जताई जा रही ये आशंका, जांच में जुटी पुलिस…

ब्रेकिंग : पूर्व विधायक के भाई की जंगल में मिली सड़ी-गली लाश, जताई जा रही ये आशंका, जांच में जुटी पुलिस…

 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से बड़ी खबर सामने आई है। कांग्रेस के पूर्व विधायक चक्रधर सिंह सिदार के छोटे भाई जयपाल सिंह सिदार की लाश मिली है। लाश सड़ी गली हालत में मिला है। आधी लाश कंकाल बन चुकी है।

मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। सिसरिंगा मंदिर के पास जंगल से एक व्यक्ति की लाश मिली। लाश पूरी तरह सड़ चुकी थी। शव का चेहरा पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो चुका था। लाश मिलने से इलाके में सनसनी फ़ैल गयी। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव 5 से 6 दिन पुराना बताया जा रहा है। पुलिस ने शव की पहचान के लिए परिजनों को बुलाया। शव की पहचान लैलूंगा विधानसभा के पूर्व विधायक चक्रधर सिंह सिदार के छोटे भाई जयपाल सिंह सिदार के रूप में हुई।

दरअसल, लैलूंगा विधानसभा के पूर्व विधायक चक्रधर सिंह सिदार के छोटे भाई जयपाल सिंह सिदार 7 जुलाई से लापता थे। जयपाल सिंह सिदार (43 साल) ग्राम कटकलिया के रहने वाले थे। वे पाखर गांव में ग्राम सचिव थे। 7 जुलाई की सुबह जयपाल सिंह सिदार अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने के लिए अपनी स्वीफ्ट डिजायर कार से निकले थे। लेकिन उसके बाद वो घर ही नहीं लौटे। उन्हें ढूंढने की काफी कोशिश की गयी थी लेकिन कुछ पता नहीं चला था।

8 जुलाई को जयपाल सिंह सिदार के लापता होने शिकायत थाने दी गयी। पुलिस भी जयपाल सिंह सिदार की तलाशी में जुटी हुई थी। परिजनों ने भी जयपाल का सुराग देने वाले को 21,000 इनाम देने की घोषणा की थी। मोबाइल ट्रेस करने उनकी लास्ट लोकेशन जशपुर में मिली थी। हफ्ते भर पहले गेरवानी-लाखा के पास जयपाल सिंह की कार मिली थी। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। वहीँ, अब जयपाल सिंह सिदार की लाश मिली है।