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CG : व्यापमं ने परीक्षाओं के नियमों में किया बदलाव, जूते और फूल शर्ट पर बैन, पढ़िए सभी दिशा – निर्देश

CG : व्यापमं ने परीक्षाओं के नियमों में किया बदलाव, जूते और फूल शर्ट पर बैन, पढ़िए सभी दिशा – निर्देश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने नियमों में बदलाव किया है। परीक्षाओं में अब जूते पहनकर आने पर रोक रहेगी। अभ्यर्थियों को फुटवियर के रूप में चप्पल पहनकर आना होगा। इसी तरह आधी बांह के कपड़े ही मान्य किए जाएंगे। कान में ज्वेलरी पहनकर परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। 20 जुलाई को होने वाली सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा इसी नियम के तहत होगी।

इसी तरह अब परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट पहले गेट बंद कर दिया जाएगा। पहले व्यापमं की परीक्षा के लिए जो समय निर्धारित था उस समय तक एंट्री दी जाती थी। जैसे, यदि एग्जाम सुबह 10 बजे से है तो मेन गेट 9:45 बजे बंद हो जाएगा। हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े ही परीक्षा के लिए मान्य है। परीक्षा शुरू होने के पहले आधे घंटे में एवं परीक्षा समाप्त होने के आखिरी आधे घंटे में केंद्र से बाहर जाने की मनाही है।

नीट, जेईई व यूपीएससी की तर्ज पर व्यापमं ने भी परीक्षाओं को लेकर कड़े प्रावधान किए हैं। इन परीक्षाओं में जिस तरह से कपड़े पहनने, जूते, आभूषण आदि को लेकर गाइडलाइन है, उसी तरह का नियम यहां भी लागू होगा। व्यापमं की परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की जांच अब मेटल डिटेक्टर से भी होगी। पहले सिर्फ हाथों से तलाशी ली जाती थी। परीक्षा शुरू होने के बाद पुलिस कर्मी परीक्षा केंद्र परिसर तथा बाहर का भी निरीक्षण करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि 20 जुलाई को जल संसाधन विभाग की सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा से ही नए प्रावधान लागू हो जाएंगे।

एग्जाम हॉल में इशारा करना पड़ेगा भारी 

नए नियमों के मुताबिक, अगर अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र में फुसफुसाना, चिल्लाना, बातें करना या हाव-भाव से इशारे करता पाया गया तो उसपर एक्शन लिया जाएगा। अधिकारी के निर्देशों का पालन न करना, दुर्व्यवहार करना या विवाद करने पर भी कार्रवाई होगी। रविवार को आयोजित पीडब्ल्यूडी की परीक्षा में नकल का मामला सामने आने के बाद व्यापमं की ओर से अनुचित साधनों से संबंधित सूचना फिर जारी की गई है। इसमें बताया गया है कि परीक्षा के दौरान किन कार्यों को करने की मनाही है। फरवरी 2023 में यह अधिसूचना जारी हुई थी।

इन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर बैन

मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ, इयरफोन, कैलकुलेटर, या अन्य कोई संचार उपकरण लाना पूरी तरह से बैन कर दिया गया है।

विधानसभा में ‘‘उत्कृष्टता अलंकरण समारोह’’ आज, CM साय होंगे शामिल

विधानसभा में ‘‘उत्कृष्टता अलंकरण समारोह’’ आज, CM साय होंगे शामिल

 रायपुर।  विधानसभा में 16 जुलाई को शाम 6 बजे ‘‘उत्कृष्टता अलंकरण समारोह’’ का आयोजन किया जा रहा है। समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ‘‘उत्कृष्ट विधायक’’, ‘‘उत्कृष्ट संसदीय पत्रकार’’ एवं ‘‘उत्कृष्ट इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रिपोर्टर’’ अलंकरण प्रदान करेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह समारोह की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अति विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित रहेंगे। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास मंहत और संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप समारोह के विशिष्ट अतिथि होंगे। समारोह के पश्चात सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।

Weather Update : छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में जमकर बरसेंगे बदरा, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

Weather Update : छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में जमकर बरसेंगे बदरा, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

 रायपुर:  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में देर रात से झमाझम बारिश हो रही है। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल गई है। इसी बीच मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए प्रदेश के कई जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है।

इन जिलों में अलर्ट

मौसम विभाग ने बिलासपुर और सरगुजा संभाग के साथ ही विभाग ने रायपुर, दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव, कबीरधाम, बालोद, बेमेतरा, बलौदाबजार, कांकेर समेत अधिकांश जिलों में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई है। साथ ही तेज आंधी तूफ़ान चलने की भी संभवना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि, बिना किसी आवश्यक काम से घर के बाहर न निकले।

 
ब्रेकिंग : इस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट…..

ब्रेकिंग : इस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जल संसाधन विभाग में पदस्थ 57 सहायक अभियंताओं की ट्रांसफर सूची जारी की है। यह लिस्ट जल संसाधन विभाग के उप सचिव रवीन्द्र मेढे़कर ने जारी की है।

देखें पूरी लिस्ट…
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मुख्यमंत्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट

 रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव मनोज जोशी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर भू-अभिलेख प्रणाली को सुदृढ़ करने, भूमि सर्वेक्षण में तकनीकी नवाचारों के उपयोग, तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राजस्व मंत्री टंकाराम वर्मा भी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भू-राजस्व दस्तावेजों को अद्यतन करने और आवश्यक सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड जितने व्यवस्थित होंगे, राजस्व न्यायालयों में मामलों का निपटारा उतना ही शीघ्र और प्रभावी रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि अभिलेखों में सुधार संबंधी केंद्र सरकार की सभी पहल के साथ राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी, ताकि यह प्रणाली और अधिक प्रभावशाली व जनहितकारी बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तकनीक आधारित नवाचारी पहलों के माध्यम से भू-राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता, गति और सटीकता लाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तत्परता से सुनिश्चित करें।

केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव मनोज जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग से इसमें और अधिक सुधार लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में पारंपरिक पद्धति से किए जाने वाले भूमि सर्वेक्षण में समय अधिक लगता था, किंतु अब आधुनिक तकनीकों के उपयोग से यह प्रक्रिया तेज़, अधिक सटीक और भरोसेमंद हो गई है।

जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भू-अभिलेख संधारण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, जिसके अंतर्गत राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान नक्शों के अद्यतन में कई बार तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिन्हें डिजिटल सर्वेक्षण के माध्यम से प्रभावी रूप से दूर किया जा सकेगा। इससे प्रत्येक नागरिक को अद्यतन और प्रमाणिक नक्शा प्राप्त होगा, जिससे गड़बड़ियों में कमी आएगी और शहरी क्षेत्रों के विस्तार को बेहतर ढंग से नियोजित किया जा सकेगा।

ब्रेकिंग : तोमर बंधुओं पर पुलिस का बड़ा एक्शन, हिस्ट्रीशीटर रोहित की पत्नी को किया गिरफ्तार, पूछताछ जारी

ब्रेकिंग : तोमर बंधुओं पर पुलिस का बड़ा एक्शन, हिस्ट्रीशीटर रोहित की पत्नी को किया गिरफ्तार, पूछताछ जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सूदखोर और हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं पर पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने आज रोहित तोमर की पत्नी भावना तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस भावना तोमर से पूछताछ कर रोहित और वीरेन्द्र तोमर की जुटाई जानकारी जुटाई जाएगी। पूरा मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र है।

बता दें कि जान से मारने की धमकी देकर और ब्लैकमेल करके मूल कर्ज राशि से कई गुना ज्यादा ब्याज वसूलने के आरोपी फरार हिस्ट्रीशीटर भाइयों वीरेन्द्र सिंह तोमर एवं रोहित सिंह तोमर के खिलाफ सात केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने एक बार फिर कोर्ट में आवेदन लगाया है। पुलिस के आवेदन पर दोनों फरार आरोपियों को 18 अगस्त तक कोर्ट में उपस्थित होने के आदेश दिए गए हैं। इससे पहले दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था लेकिन आरोपी पुलिस को पूछताछ के लिए उपलब्ध नहीं हुए।

माना जा रहा है कि उक्त आदेश पुलिस द्वारा आरोपियों की प्रॉपर्टी को कुर्क कराने जारी दस्तावेजी कार्रवाई की दिशा में एक और कदम है। इससे पहले पुलिस दोनों की गिरफ्तारी पर 5-5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर चुकी है।

दो और गंभीर शिकायतें पहुंची पुलिस के पास पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुरानीबस्ती थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ दो और गंभीर शिकायतें पहुंची हैं। दोनों मामले कर्जदारों को कई गुना ज्यादा रकम वसूलने के बाद और धमकाने तथा जान से मारने की धमकी देने के हैं। पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि आरोपियों के पास उनकी जमीन के दस्तावेज और कोरे चेक हैं। जिन्हें वे लौटा नहीं रहे थे, बल्कि और रकम की मांग करते हुए प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लेने की धमकी दे रहे थे। जून में आरोपियों के घर पुलिस की जांच के बाद आरोपी फरार हुए, तब वे हिम्मत करके थाने पहुंचे हैं।

टीआई पुरानीबस्ती के मुताबिक शिकायतों की जांच जारी है। दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फिर और अपराध आरोपियों के खिलाफ दर्ज किए जाएंगे।

एक दिन पहले खुद सीएसपी पहुंचे थे आरोपियों के घर

सीएसपी पुरानीबस्ती राजेश देवांगन खुद आरोपियों के घर साई विला भाठागांव में गिरफ्तारी वारंट लेकर पहुंचे थे। पुलिस टीम को आरोपी घर में नहीं मिले। तब आरोपियों के रिश्तेदारों को गिरफ्तारी वारंट के बारे में बताया गया। वारंट चिपकाने के बाद पुलिस टीम लौटी थी। सोमवार को कोर्ट को पुलिस ने वारंट की तामीली और आरोपियों द्वारा पुलिस पूछताछ से बचने खुद को छिपा रहे होने के बारे में बताया गया। इसके बाद तोमर बंधुओं के खिलाफ कोर्ट ने उद्घोषणा जारी करते हुए 18 अगस्त तक का समय दिया।

नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी कर कबूल की ये बड़ी बात, इस तारीख से शहीदी सप्ताह मनाने का किया ऐलान….

नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी कर कबूल की ये बड़ी बात, इस तारीख से शहीदी सप्ताह मनाने का किया ऐलान….

 सुकमा। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए आक्रमक लड़ाई लड़ी जा रही है। इस बीच नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी की और से आज कबूलनामा जारी किया है, जिसमें कई बड़े खुलासे किए गए हैं। जारी प्रेसनोट में नक्सलियों ने एक साल के भीतर हुए नुकसान को स्वीकारा है। बताया गया कि एक साल में 357 नक्सली मारे जा चुकें हैं। इनमें 136 महिला नक्सली शामिल है। वहीं मारे गए नक्सलियों में 4 सीसी (सेंट्रल कमेटी) मेंबर और 15 राज्य कमेटी के सदस्य शामिल हैं।

दंडकारण्य क्षेत्र में सबसे बड़ा नुकसान

नक्सलियों द्वारा जारी बुकलेट में बताया गया है कि मारे गए 357 नक्सलियों में 281 दंडकारण्य क्षेत्र से, 23 तेलंगाना से, 20 ओडिशा से, 14 बिहार-झारखंड क्षेत्र से, 8 महाराष्ट्र-मध्य क्षेत्र से, 1-1 पंजाब और पश्चिमी घाट से थे। इसके अलावा, 4 साथी खराब स्वास्थ्य और अनुचित उपचार के चलते, 1 साथी दुर्घटना में, 80 नक्सली फर्जी मुठभेड़ों में और 269 घेराबंदी हमलों में मारे गए।

28 से शहीदी सप्ताह मनाएंगे नक्सली

बुकलेट में चार नक्सलियों की विशेष पहचान भी साझा की गई है, जिनकी गया-हजारीबाग और बिहार-झारखंड विशेष क्षेत्र में क्रांतिकारी आंदोलन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन नेताओं में से एक ने 2009 में विशेष क्षेत्र के सचिव का दायित्व संभाला था और बाद में पूर्वी बिहार–उत्तर-पूर्वी झारखंड विशेष क्षेत्र समिति के सचिव के रूप में कार्य किया। नक्सल संगठन ने अपने मारे गए साथियों की याद में 28 जुलाई से 3 अगस्त तक “शहीदी सप्ताह” मनाने की घोषणा की है।

छत्तीसगढ़ से पहली बार 30 अवैध बांग्लादेशियों को भेजा गया वापस, बॉर्डर पर BSF को सौंपेंगी रायपुर पुलिस…

छत्तीसगढ़ से पहली बार 30 अवैध बांग्लादेशियों को भेजा गया वापस, बॉर्डर पर BSF को सौंपेंगी रायपुर पुलिस…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को पहली बार उनके देश डिपोर्ट किया जा रहा है। प्रदेशभर से करीब 30 बांग्लादेशियों को रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, मोहला-मानपुर और चिरमिरी जैसे जिलों से पकड़ा गया था। इन सभी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत हिरासत में लेकर उनके देश भेजने की व्यवस्था की गई है।

30 बांग्लादेशी नागरिकों किया जा रहा डिपोर्ट

जानकारी के मुताबिक, इन घुसपैठी बांग्लादेशी नागरिकों को रायपुर पुलिस बीएसएफ के हवाले करेगी। इसके बाद असम से बांग्लादेश बॉर्डर पर बीएसएफ (BSF) के जरिए डिपोर्ट प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ये प्रकिया आज पूरी होगी।

छत्तीसगढ़ के इन जिलों से पकड़े गए थे बांग्लादेशी नागरिक

बता दें कि ये बांग्लादेशी छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, मोहला मानपुर और रायगढ़ से पकड़े गए हैं। हालांकि जिन बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है, उन्हें उनके देश वापस नहीं भेजा जा रहा है और वो मामले की सुनवाई पूरी होने तक यहीं रहेंगे। कोर्ट के फैसले के बाद ही उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा।

बीएसएफ वापस भेजेगी बांग्लादेश

भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बीएसएफ तैनात है और बॉर्डर की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी है इसलिए केंद्र सरकार ने उन्हें ये जिम्मेदारी दी है।

सदन में जोर शोर से गूंजा रेत माफियाओं की गुंडागर्दी का मामला, स्थगन प्रस्ताव खारिज होने पर कांग्रेस का वॉकआउट

सदन में जोर शोर से गूंजा रेत माफियाओं की गुंडागर्दी का मामला, स्थगन प्रस्ताव खारिज होने पर कांग्रेस का वॉकआउट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज रेत का अवैध खनन और रेत माफियाओं द्वारा की जा रही गुंडागर्दी का मामला जोर शोर से गूंजा। विपक्ष ने इस विषय पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की जिसे स्पीकर डॉ रमनसिंह ने अस्वीकार कर दिया। इससे असंतुष्ट होकर कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया।

विधानसभा में आज शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, भूपेश बघेल, द्वारकाधीश यादव, उमेश पटेल समेत अन्य कांग्रेस विधायकों ने इस मामले में स्थगन प्रस्ताव लाया। इन नेताओं ने कहा कि सरकार के संरक्षण में प्रदेश भर में रेत माफियाओं द्वारा अवैध खनन किया जा रहा है और उन्हें रोकने पर वह ग्रामीणों की पिटाई करते हैं और कहीं कहीं पर तो गोली चलाने से भी नहीं चूकते। थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी इन माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है क्योंकि इन्हें सत्ता में बैठे लोगों का ही संरक्षण है। ऐसे में छत्तीसगढ़ जैसे शांत प्रदेश में यू पी, बिहार जैसी स्थिति बन गई है इसलिए इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा कराने की मांग विपक्ष ने की। स्पीकर ने सभी विपक्षी सदस्यों की बात सुनकर यह कहते हुए स्थगन प्रस्ताव खारिज कर दिया कि चूंकि यह विषय ध्यानाकर्षण में भी आया है इसलिए इस पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती। स्पीकर के निर्णय से असंतुष्ट विपक्ष खड़े होकर सदन में नारेबाजी करते हुए बहिर्गमन कर अपनी नाराजगी जताई।

 CG : 2 शिक्षा-दूतों की हत्या, नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी का लगाया आरोप

CG : 2 शिक्षा-दूतों की हत्या, नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी का लगाया आरोप

 बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने 2 शिक्षा दूतों की हत्या कर दी। 15 जुलाई की सुबह पीलूर गांव के जंगल में लाश बरामद हुई है। एक की पहचान विनोद मडे के तौर पर हुई है। वो शिक्षा दूत था। इन पर पुलिस की मुखबिरी का आरोप लगाया गया है। फिलहाल घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामला फरसगढ़ थाना क्षेत्र का है।

इससे पहले, बीजापुर में नक्सलियों ने 15 दिनों में मुखबिरी के शक में 6 लोगों की हत्या की थी। जिसमें 4 ग्रामीण और 2 छात्र शामिल हैं। नक्सलियों ने पिछले 25 साल में 1821 लोगों का मर्डर किया है।

CRIME NEWS : 24 घंटे के अंदर सुलझी अंधे कत्ल की गुत्थी, प्रेमी ने ही की थी प्रेमिका की हत्या, बताई यह वजह

CRIME NEWS : 24 घंटे के अंदर सुलझी अंधे कत्ल की गुत्थी, प्रेमी ने ही की थी प्रेमिका की हत्या, बताई यह वजह

 दुर्ग / भिलाई। नंदिनी टाउनशिप में एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतिका की पहचान कुंवरिया बाई उर्फ चिंया (45 वर्ष) निवासी ग्राम हरदी हाल नंदिनी टाउनशिप के रूप में हुई है।

मामले की सूचना मृतिका की बहन ममता जंघेल द्वारा 13 जुलाई को थाना नंदिनी नगर में दी गई थी, जिसके बाद मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि मृतिका के दीपक कुमार तोडसे (42 वर्ष), निवासी रायपुर रोड अहिवारा के साथ प्रेम संबंध थे। कुंवरिया बाई लगातार दीपक पर शादी का दबाव बना रही थी। घटना की रात 12 जुलाई को करीब 9 बजे दीपक, मृतिका के घर पहुंचा, जहां दोनों के बीच विवाद हुआ। गुस्से में आकर दीपक ने गला दबाकर कुंवरिया की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, ट्रिनयन ऐप्स, साइबर टेक्निकल सपोर्ट और टावर डंप डेटा की मदद से आरोपी की पहचान की और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दीपक ने जुर्म कबूल कर लिया।थाना नंदिनी नगर में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 159/25 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी 

दीपक कुमार तोडसे उम्र 42 साल रायपुर रोड अहिवारा, नंदिनी नगर

 
BREAKING : तेज रफ्तार वाहन ने मचाई तबाही, सड़क पर बैठे 17 गौवंशों को रौंदा

BREAKING : तेज रफ्तार वाहन ने मचाई तबाही, सड़क पर बैठे 17 गौवंशों को रौंदा

 बिलासपुर : बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बारीडीह में पेट्रोल पंप के पास दर्दनाक हादसा हो गया। सड़क पर बैठे गौवंशों को एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बेरहमी से कुचल दिया, जिससे मौके पर ही 17 गौवंशों की मौत हो गई, वहीं 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सड़क पर बेजुबान पशुओं के शव बिखरे पड़े रहे, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।

 
Big Breaking : रेलवे के बड़े कांट्रेक्टर और दुर्ग के होटल सागर इंटरनेशनल के मालिक के यहां में ED का छापा…!!

Big Breaking : रेलवे के बड़े कांट्रेक्टर और दुर्ग के होटल सागर इंटरनेशनल के मालिक के यहां में ED का छापा…!!

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। रेलवे के बड़े कांट्रेक्टर और होटल सागर इंटरनेशनल के मालिक विजय अग्रवाल के दुर्ग स्थित ठिकानों पर मंगलवार सुबह 6 बजे ईडी ने छापा मारा। तीन इनोवा गाड़ियों में पहुंची ईडी टीम के साथ सीआरपीएफ जवानों की टुकड़ी भी मौजूद रही।

सूत्रों के अनुसार, विजय अग्रवाल के घर और ऑफिस में ईडी की सघन पूछताछ और दस्तावेजी जांच जारी है। बताया जा रहा है कि विजय अग्रवाल की कई फर्में अलग-अलग नामों से पंजीकृत हैं, और उनके परिवार के अन्य सदस्य भी व्यापारिक गतिविधियों में जुड़े हुए हैं। यह समूह तीन भाइयों द्वारा संचालित होता था, लेकिन हाल ही में परिवार में बंटवारा हो गया है। ईडी की नजर इस पूरे कारोबारी समूह पर है, जिसमें तीनों भाइयों के नाम शामिल हैं। इस परिवार का नाम पिछली छत्तीसगढ़ सरकार के दौरान मिड डे मील योजना में भी सामने आया था, जब इन्हें ठेका मिला था। इसके साथ ही रेल नीर घोटाले में भी इस समूह के कुछ सदस्यों पर गंभीर आरोप लगे थे।

बताया जा रहा है कि छापे की कार्रवाई केवल दुर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि रायपुर में स्थित इस परिवार के अन्य ठिकानों पर भी ईडी की टीमें सक्रिय हैं। परिवार के स्वामित्व में रायपुर स्थित कोर्टयार्ड मैरियट होटल भी है, जो ईडी की जांच के दायरे में आ सकता है। फिलहाल ईडी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन कार्रवाई पूरे दिन चलने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही ईडी की कार्रवाई राज्य की कारोबारी और राजनीतिक हलचलों को फिर से गर्मा सकती है।

शराब घोटाले में अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज

शराब घोटाले में अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2161 करोड़ के शराब घोटाले मामले में मुख्य आरोपी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सोमवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अनवर की जमानत याचिका खारिज कर दी।

इससे पहले राज्य सरकार ने घोटाले में संलिप्तता के आरोप में 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों पर शराब घोटाले के सिंडिकेट में शामिल होकर 88 करोड़ रुपये की अवैध कमाई करने का आरोप है।

क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?

यह मामला पूर्व सीएम भूपेश बघेल सरकार के दौरान का है, जिसमें पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और सीएम सचिवालय की तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया सहित कई रसूखदारों के खिलाफ आयकर विभाग ने 11 मई 2022 को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में याचिका दायर की थी।

आरोप था कि प्रदेश में एक संगठित तरीके से रिश्वत और दलाली के जरिए अवैध कमाई हो रही थी, जिसकी अगुवाई रायपुर के तत्कालीन महापौर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर कर रहे थे।

इस याचिका के आधार पर ED ने 18 नवंबर 2022 को PMLA एक्ट के तहत केस दर्ज किया और जांच में सामने आया कि यह घोटाला 2019 के बाद नए आबकारी ढांचे (CSMCL) के तहत हुआ।

ED की चार्जशीट में बड़े नाम

ED ने मामले में अब तक 3841 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें शामिल हैं:

  • अनवर ढेबर (मुख्य आरोपी)
  • कवासी लखमा (पूर्व आबकारी मंत्री)
  • अनिल टुटेजा (पूर्व IAS)
  • त्रिलोक सिंह ढिल्लन
  • CSMCL, छत्तीसगढ़ डिस्टलर, वेलकम डिस्टलर, टॉप सिक्योरिटी जैसी कंपनियां
  • दिशिता वेंचर, नेस्ट जेन पावर, भाटिया वाइन मर्चेंट और सिद्धार्थ सिंघानिया आदि।

मुख्यमंत्री ने किया था CSMCL ढांचे का संशोधन

ED के अनुसार, 2017 में आबकारी नीति में बदलाव कर शराब बिक्री CSMCL के माध्यम से करवाई गई। 2019 में अनवर ढेबर ने अपने प्रभाव से अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का एमडी नियुक्त कराया, जिसके बाद बड़े पैमाने पर घोटाले को अंजाम दिया गया।

जांच जारी, कई और गिरफ्तारियां संभव

ED ने इस मामले में 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। अब तक कई रसूखदारों को आरोपी बनाया जा चुका है और जांच की आंच आगे और तेज हो सकती है “सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब अनवर ढेबर की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

हैवानियत की हदे पार : 4 महीने तक महिला को बनाया दरिंदगी का शिकार, विरोध करने पर शरीर के कई हिस्सों पर काटा, फिर जो हुआ…..

हैवानियत की हदे पार : 4 महीने तक महिला को बनाया दरिंदगी का शिकार, विरोध करने पर शरीर के कई हिस्सों पर काटा, फिर जो हुआ…..

 बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से महिला के साथ बलात्कार और मारपीट का मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जो पिछले चार महीने से महिला को डरा-धमका कर लगातार उसका यौन शोषण कर रहा था।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी अक्सर महिला के घर में घुसकर उसके साथ जबरदस्ती करता था। महिला द्वारा विरोध करने पर वह उसे जान से मारने की धमकी देता था। 9 जुलाई को आरोपी एक बार फिर महिला के घर पहुंचा और जबरदस्ती करने की कोशिश की। इस बार पीड़िता ने साहस दिखाते हुए विरोध किया जिस पर आरोपी ने उसके साथ जमकर मारपीट की और शरीर के कई हिस्सों को दांत से काट लिया।

घटना के बाद पीड़िता ने अपने पति के साथ कोतवाली थाने पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा कि पीड़िता की मेडिकल जांच कराई जा रही है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

सीएम विष्णु देव साय की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ साकार...आज अयोध्या के लिए रवाना होगी पहली विशेष ट्रेन…

सीएम विष्णु देव साय की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ साकार...आज अयोध्या के लिए रवाना होगी पहली विशेष ट्रेन…

 रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रदेशवासियों को श्रीराम लला के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ जन जन के जीवन से जुड़ रही है। इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली विशेष ट्रेन दिनांक 15 जुलाई 2025 को रायपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना होगी।

इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं इस विशेष दर्शन यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ करेंगे। रायपुर संभाग के श्रद्धालुओं को लेकर रवाना होने वाली इस ट्रेन के प्रस्थान अवसर पर मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं दक्षिण पूर्व-मध्य रेलवे रायपुर मंडल के डीआरएम श्री दयानंद, सीनियर डीसीएम श्री अवधेश त्रिवेदी तथा आईआरसीटीसी – साउथ सेंट्रल ज़ोन के ग्रुप महाप्रबंधक श्री पी. राजकुमार भी उपस्थित रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रदेशवासियों को उनके जीवनकाल में एक बार प्रभु श्रीराम लला के अयोध्या धाम दर्शन का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) संपादित किया गया था।

उक्त एमओयू के क्रियान्वयन की श्रृंखला में योजना की विधिवत शुरुआत रायपुर संभाग के श्रद्धालुओं के साथ 5 मार्च 2024 को हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ मंत्रीगणों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

इसके पश्चात् 11 मार्च को बिलासपुर संभाग के श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन को उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसी क्रम में 19 जून को सरगुजा संभाग की विशेष ट्रेन को सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने विधायकगण एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शुभारंभ किया। 26 जून को दुर्ग एवं बस्तर (संयुक्त) संभाग की पहली विशेष ट्रेन, जिसमें 850 श्रद्धालु शामिल थे, दुर्ग रेलवे स्टेशन से अयोध्या के लिए रवाना हुई। इन सभी अवसरों पर श्रद्धालुओं में अत्यंत उत्साह और आस्था का भाव देखने को मिला। साथ ही मीडिया प्रतिनिधिगण, आम नागरिक, जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि विगत वित्तीय वर्ष में ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत लगभग 22,100 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ। योजना के तहत विशेष साप्ताहिक ट्रेनें आगे भी रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) संभागों के श्रद्धालुओं को श्रीराम लला के दर्शन हेतु नियमित रूप से अयोध्या धाम ले जाती रहेंगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को भी गौरवपूर्ण स्थान दिला रही है।

माओवाद प्रभावित गांवों में विकास की रोशनी: नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर में सोलर हाई मास्ट संयंत्रों से चमके गांव

माओवाद प्रभावित गांवों में विकास की रोशनी: नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर में सोलर हाई मास्ट संयंत्रों से चमके गांव

बस्तर - माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ की साय सरकार द्वारा नियद नेल्लानार योजना (आपका अच्छा गांव) अंतर्गत राज्य के माओवाद प्रभावित बस्तर संभाग के सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए, राज्य सरकार द्वारा उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। शासन की इस महत्वपूर्ण योजनांतर्गत क्रेडा द्वारा संचालित सोलर हाई मास्ट योजना का सफल क्रियान्वयन करते हुए बस्तर संभाग के अंदरूनी क्षेत्रों में प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश क्रेडा के सी.ई.ओ. राजेश सिंह राणा द्वारा अधिकारियों को दिये गये थे। क्रेडा के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी के मार्गदर्शन में तथा सी.ई.ओ. श्री राणा के नेतृत्व में क्रेडा द्वारा सौर संयंत्रों की स्थापना निरंतर की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अति संवेदनशील गांवों में सौर संयंत्रों का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है।

सोलर हाई मास्ट संयंत्र की स्थापना से रोशन हुए गांव

योजना के तहत जिला सुकमा के विकासखंड कोन्टा अंतर्गत अतिसंवेनशील ग्राम सिलगेर, सालातोंग, टेकलगुड़ियम, दुलेड़ और पूवर्ती जैसे ग्रामों में रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था सुनिष्चित करने के उद्देश्य से क्रेडा द्वारा कुल 62 नग सोलर हाईमास्ट संयंत्रों की स्थापना स्वीकृत की गई है, जिनमें से 57 संयंत्र त्वरित गति से कार्य करते हुए स्थापित किये गये हैं तथा शेष 05 नग संयंत्रों की स्थापना प्रगतिरत है। सोलर संयंत्रों के माध्यम से रात्रि के समय पर्याप्त चैक चैराहों एवं ग्रामों के प्रमुख स्थलों में प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित हो रही है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा हो रही है साथ ही ग्रामीणों को सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में भी आसानी हो रहा है

क्रेडा सी.ई.ओ.  राजेश सिंह राणा के नेतृत्व में क्रेडा द्वारा स्थापित किए जा रहे सभी संयंत्रों में गुणवत्ता मानकों एवं नियमानुसार प्रक्रिया का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। हर स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

सुरक्षित और आरामदायक महसूस कर रहे

सी.ई.ओ. के निर्देश पर क्रेडा के मैदानी अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा योजना से लाभान्वित ग्राम दुलेड़, साकलेर, गुडराजपाड एवं सालातोंग के ग्रामीणों से चर्चा की गई, ग्रामीणों द्वारा अवगत कराया गया कि पहले रात के समय गांव में अंधेरा छा जाता था, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता था। लेकिन अब रोशनी के कारण हम सुरक्षित और आरामदायक महसूस करते हैं। साथ ही बच्चों को देर शाम तक खेलने में कोई परेशानी नहीं हो रही है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आई है। नियद नेल्लानार योजना ने माओवाद प्रभावित इन गांवों में विकास की किरणें पहुंचा रही है और ग्रामीणों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और खुशहाली का नया अध्याय जोड़ा है।

सोलर हाई मास्ट संयंत्र के सफल क्रियान्वयन के अतिरिक्त नियद नेल्लानार योजना में सम्मिलित ग्रामों में इसके अतिरिक्त सभी ग्रामों में जल जीवन मिशन अंतर्गत सोलर ड्यूल पम्पों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही सौर सुजला योजना के माध्यम से किसानों को सोलर पम्प प्रदाय कर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

यह पहल माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव और विकास के संकेत दे रही है, और ऐसे सुदूर गांवों में शांति और समृद्धि का नया अध्याय लिखने की ओर एक कदम है। इस योजना का उद्देश्य केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ गांवों तक पहुंचाना है। इस हेतु ग्रामीणों ने माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , क्रेडा-अध्यक्ष  भूपेन्द्र सवन्नी एवं क्रेडा-सीईओ राजेश सिंह राणा एवं क्रेडा विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाई है।

छत्तीसगढ़ में डीएपी की कमी नहीं, विकल्प के रूप में नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी की भरपूर व्यवस्था : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ में डीएपी की कमी नहीं, विकल्प के रूप में नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी की भरपूर व्यवस्था : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर : खरीफ सीजन 2025 के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के लिए रासायनिक उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था की है। वैश्विक परिस्थितियों के कारण डीएपी खाद के आयात में कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार ने नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी जैसे विकल्पों की भरपूर आपूर्ति सुनिश्चित की है। सभी प्रकार के उर्वरक राज्य की सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों में उपलब्ध हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अभी तक 1.63 लाख मीट्रिक टन डीएपी का भंडारण किया जा चुका है और जुलाई महीने में 48 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी की आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा, नैनो डीएपी की 1.79 लाख बॉटल, 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक एनपीके और 50 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त एसएसपी का भंडारण किया गया है। म्यूरेट ऑफ पोटाश का 77 हजार मीट्रिक टन से अधिक स्टॉक भी मौजूद है।

कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष अब तक कुल 13.18 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण हो चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 38 हजार मीट्रिक टन अधिक है। सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि वे कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के सुझावों के अनुसार डीएपी के विकल्पों का उपयोग करें, जिससे बेहतर उत्पादन संभव है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने खाद-बीज की डिमांड के अनुसार पर्याप्त भंडारण किया है और समय पर वितरण की व्यवस्था भी की जा रही है। डीएपी के साथ-साथ एनपीके, एसएसपी और नैनो डीएपी जैसे विकल्पों से राज्य में खाद संकट की कोई स्थिति नहीं है।

तरपोंगी टोल पर प्रदर्शन के बाद NSUI के 9 पदाधिकारियों के खिलाफ FIR...

तरपोंगी टोल पर प्रदर्शन के बाद NSUI के 9 पदाधिकारियों के खिलाफ FIR...

 संगठन ने बताया दमनकारी कदम

रायपुर। छात्र और युवा हितों को लेकर तरपोंगी टोल प्लाजा पर किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद एनएसयूआई के 9 पदाधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर को लेकर एनएसयूआई ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे “दबाव की राजनीति” करार दिया है। संगठन ने साफ किया है कि वह छात्रों और युवाओं की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगा।

किन-किन पर दर्ज हुई एफआईआर?
प्रशासन ने जिन एनएसयूआई नेताओं पर नामजद एफआईआर दर्ज की है, उनमें नीरज पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष, अमित शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रशांत गोस्वामी, जिला अध्यक्ष, विशाल कुकरेजा, वैभव मुँजेवार, गावेश साहू, लोमन सोनवानी, जग्गू जांगड़े, जितेश वार्मा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हैं।

“छात्रों की आवाज़ को दबाने की कोशिश”
एनएसयूआई का कहना है कि यह कार्यवाही पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और इसका मकसद छात्रों और युवाओं की बुनियादी मांगों को कुचलना है। प्रदर्शन के केंद्र में स्थानीय युवाओं को रोजगार, शांतिपूर्ण यातायात, और नागरिक सम्मान की माँगें थीं।

नीरज पांडेय बोले: “हम डरने वाले नहीं”
प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने कहा, “टोल प्रबंधन और शासकीय अधिकारियों की मिलीभगत से झूठी एफआईआर दर्ज कर हमें डराने की कोशिश की गई है। लेकिन एनएसयूआई डरने वाली नहीं है। यह लड़ाई छात्रों और युवाओं के अधिकारों की है और हम इसे अंजाम तक पहुंचाएंगे।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन प्रशासन ने अपनी विफलता छिपाने के लिए दमनात्मक कार्रवाई की

एनएसयूआई ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
    टोल प्लाजा प्रबंधन की जांच
    जबरन वसूली और अव्यवस्था के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई
    छात्रों और युवाओं की समस्याओं को प्राथमिकता
    नामजद नेताओं पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं

एनएसयूआई ने साफ किया है कि वह डराने-धमकाने की किसी भी कोशिश के सामने झुकने वाली नहीं है। संगठन ने यह भी चेताया कि यदि छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं और एफआईआर वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा।

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाने वालों पर दमन क्यों?

 

बिहान योजना से महिलाएं बन रही आर्थिक रूप से सशक्त

बिहान योजना से महिलाएं बन रही आर्थिक रूप से सशक्त

 रायपुर - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों की महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। यह योजना न केवल उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई उड़ान दे रही है।

इसी कड़ी में राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम तिलई की लखपति दीदी श्रीमती कुसुम साहू का नाम उल्लेखनीय है, जिन्होंने बिहान से जुड़कर न केवल स्वयं को आर्थिक रूप से सशक्त किया, बल्कि अपने परिवार के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार लाया है।

श्रीमती कुसुम साहू ने बताया कि पूर्व में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उनके पति वाहन चलाने का कार्य करते थे और यही आय का एकमात्र स्रोत था। परिस्थितियों को बदलने के उद्देश्य से उन्होंने माँ भवानी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यता ली तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत 2 लाख रूपए का ऋण प्राप्त कर अगरबत्ती निर्माण एवं पैकेजिंग का लघु उद्योग प्रारंभ किया। इस उद्यम से उन्हें प्रतिमाह लगभग 3 हजार रूपए की शुद्ध आय होने लगी।

उत्साहवर्धन के साथ उन्होंने सीएलएफ से पुनः 2.50 लाख रूपए का ऋण प्राप्त कर ‘श्री साहू साड़ी रेडिमेड वस्त्रालय’ की स्थापना की, जिससे उन्हें प्रतिमाह 10 से 15 हजार रूपए तक की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। वर्तमान में उनकी वार्षिक आय लगभग 2.50 लाख रूपए हो गई है और वे अपने व्यवसाय का विस्तार करने की दिशा में अग्रसर हैं।

श्रीमती साहू ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। अब वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर पा रही हैं। उनका पुत्र जेईई की तैयारी कर रहा है तथा पुत्री नर्सिंग की शिक्षा ले रही है। उन्होंने अपना पक्का मकान भी बना लिया है।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा क्रियान्वित ‘लखपति दीदी योजना’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़ते हुए उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान एवं सशक्तिकरण की दिशा में प्रेरित कर रही है।बिहान योजना के माध्यम से आज गांव की महिलाएं भी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सशक्त भागीदारी निभा रही हैं।

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर कार्यशाला आयोजित

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर कार्यशाला आयोजित

 रायपुर- कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीतिः 2020 के पुनः उन्मुखीकरण को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय में लागू स्नातक पाठ्यक्रमों में एनईपी के एक वर्ष के क्रियान्वयन की समीक्षा करना और आवश्यक सुधारों पर विचार करना था

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति एवं रायपुर संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने कहा कि एनईपी 2020 न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी, बल्कि यह युवाओं को उनकी स्थानीय परंपरा और ज्ञान से जोड़ने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि यह नीति विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का अवसर देगी, जिससे वे देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

प्रथम तकनीकी सत्र में उच्च शिक्षा के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (NEP) डॉ. डी.के. श्रीवास्तव ने नीति के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनईपी बहु-विषयक शिक्षा को बढ़ावा देती है, जिसमें छात्र अपनी रुचि एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार विषयों का चयन कर सकते हैं। इसका उद्देश्य एक समग्र और लचीला शिक्षा प्रणाली को विकसित करना है।

द्वितीय तकनीकी सत्र में उच्च शिक्षा के संयुक्त संचालक डॉ. जी.ए. घनश्याम ने भारतीय ज्ञान परंपरा और भारत दर्शन पर विचार रखते हुए कहा कि यह नीति आधुनिकता और सांस्कृतिक मूल्यों के बीच सेतु का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को भारत की समृद्ध चिंतन परंपरा और नैतिक मूल्यों से जोड़ना एनईपी का अहम लक्ष्य है, जिससे वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा ने एनईपी को वर्तमान और भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि व्यावसायिक कौशल और बाज़ार योग्यताओं से छात्रों को लैस करना है।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के एनईपी संयोजक श्री पंकज नयन पाण्डेय ने एनईपी 2020 पर वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा बीते एक वर्ष में पाठ्यक्रम संरचना और वैकल्पिक विषयों के क्रियान्वयन के तहत अनेक प्रभावी पहल की गई हैं, जिससे छात्रों को अपनी रुचियों के अनुरूप अध्ययन का अवसर मिला है।

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष श्री शैलेन्द्र खंडेलवाल, डॉ. नृपेंद्र कुमार शर्मा, डॉ. आशुतोष मांडवी, डॉ. राजेंद्र मोहंती, उप कुलसचिव श्री सौरभ शर्मा, विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय से जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री साय से जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

 विधानसभा भ्रमण पर आए प्रतिनिधियों ने साझा किए अनुभव, मानव सेवा के कार्यों में समाज की भूमिका की दी जानकारी

रायपुर - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर में दुर्ग जिले से आए जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को जैन समाज द्वारा मानव सेवा एवं सामाजिक उत्थान के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विधानसभा परिसर के भ्रमण और सदन की कार्यवाही के अवलोकन के अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक प्रेरणादायक अवसर रहा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को निकट से देखने का अवसर मिलना गौरवपूर्ण अनुभव है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जैन समाज की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि समाज की सकारात्मक गतिविधियाँ प्रदेश के समावेशी विकास में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को उनके सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर दुर्ग विधायक श्री गजेंद्र यादव भी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में मलेरिया पर करारा प्रहार

छत्तीसगढ़ में मलेरिया पर करारा प्रहार

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मलेरिया पर करारा प्रहार

मिशन मोड में सरकार का अभियान, ‘शून्य मलेरिया’ की ओर बढ़ते निर्णायक कदम

रायपुर- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और जनस्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ ने मलेरिया के स्थायी उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक अभियान फिर से प्रारंभ किया है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में, विभाग ने मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ एक अनुकरणीय रणनीतिक पहल करते हुए जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ के 12वें चरण ने न केवल अपने दायरे का विस्तार किया है, बल्कि अपने प्रभाव से यह स्पष्ट कर दिया है कि जब सरकार दृढ़ संकल्प और नीति आधारित कार्रवाई के साथ काम करती है, तो नतीजे ज़मीन पर दिखते हैं।

25 जून से जारी इस चरण के अंतर्गत राज्य के 10 जिलों में गहन जांच, उपचार और जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अब तक 19,402 घरों का दौरा किया गया है और 98,594 लोगों की रक्त जांच की गई है। इनमें से 1,265 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। सबसे अहम बात यह रही कि सभी संक्रमित व्यक्तियों को मौके पर ही दवा की पहली खुराक उपलब्ध कराई गई, वह भी पूरी सावधानी के साथ—पहले मरीजों को स्थानीय खाद्य पदार्थ खिलाया गया, ताकि दवा का प्रभाव सुरक्षित और प्रभावशाली रहे। प्रत्येक मरीज को उपचार कार्ड दिया गया है, ताकि फॉलोअप के जरिए पूरी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

इस अभियान का सकारात्मक असर सबसे अधिक बस्तर संभाग में देखा जा रहा है। 2015 की तुलना में यहां मलेरिया मामलों में 71 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित, सतत और वैज्ञानिक रणनीति का परिणाम है। राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) भी 27.40 से घटकर 7.11 तक आ गया है, जो दर्शाता है कि मलेरिया पर राज्य ने प्रभावी नियंत्रण पाया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मलेरिया से जंग अब केवल इलाज की नहीं, यह रणनीति और जनसहभागिता की लड़ाई बन गई है। उनका मानना है कि सरकार ने जो लक्ष्य तय किया है—2027 तक ‘शून्य मलेरिया’ और 2030 तक ‘पूर्ण मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़’—उसे केवल दस्तावेज़ी नहीं, बल्कि यथार्थ के रूप में साकार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के प्रभाव से बस्तर संभाग में मलेरिया के मामलों में गिरावट आयी है। “हर संक्रमित व्यक्ति तक पहुंचना, उसका समय पर इलाज करना और भविष्य में संक्रमण की कोई गुंजाइश न रहे — यही हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि हमारा फोकस लक्षणरहित मलेरिया मामलों पर है, ताकि बीमारी को जड़ से मिटाया जा सके।

इस अभियान की सफलता में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। यह केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि अब एक जनआंदोलन बन चुका है। जांच और इलाज के साथ-साथ लोगों को मच्छरदानी के नियमित उपयोग, जलजमाव की रोकथाम और साफ-सफाई जैसे व्यवहारिक उपायों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार का यह ठोस और संवेदनशील प्रयास, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शिता और राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है, जो न केवल राज्य को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत और टिकाऊ कदम है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक प्रेरक मॉडल भी बन रहा है। आने वाले वर्षों में यह रणनीति अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय उदाहरण के रूप में स्थापित होगी।

मुख्यमंत्री साय का आह्वान — ‘वेटलैण्ड मित्र’ बनें, जैविक विरासत को बचाएं

मुख्यमंत्री साय का आह्वान — ‘वेटलैण्ड मित्र’ बनें, जैविक विरासत को बचाएं

 रायपुर : जैव विविधता एवं आर्द्रभूमियों (वेटलैण्ड्स) के संरक्षण के उद्देश्य से आज नवा रायपुर स्थित दण्डकारण्य अरण्य भवन में एक उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा सहित कैबिनेट के सभी मंत्री एवं विधायकगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना केवल आधारभूत ढांचे के विकास से नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जैविक विविधता की रक्षा से ही पूर्ण होती है। उन्होंने आह्वान किया कि हर जनप्रतिनिधि व नागरिक जैव विविधता एवं वेटलैण्ड संरक्षण के लिए व्यक्तिगत दायित्व समझें और ‘वेटलैण्ड मित्र’ बनकर इस अभियान को जनांदोलन में परिवर्तित करें।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जैव विविधता और वेटलैण्ड्स का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों की सुरक्षा का सवाल भी है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से जैव विविधता के संरक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करने और “वेटलैण्ड मित्र” बनकर जनजागरण फैलाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी ने व्यापक प्रस्तुति दी। उन्होंने 1992 के अर्थ सम्मिट, जैव विविधता अधिनियम 2002, राष्ट्रीय जैव विविधता बोर्ड की भूमिका और जैव विविधता प्रबंधन समितियों की संरचना एवं कार्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का तीसरा राज्य है, जहां जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं।

आर्द्रभूमि संरक्षण के संदर्भ में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि वेटलैण्ड्स पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और जिला स्तरीय आर्द्रभूमि संरक्षण समितियों के गठन की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि इन समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर वेटलैण्ड्स की निगरानी एवं संरक्षण को मजबूती मिल रही है।

कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि राज्य का गिधवा-परसदा पक्षी अभ्यारण्य अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित रामसर साइट बनने की पात्रता रखता है। इसके अतिरिक्त, बलौदाबाजार जिले के खोखरा ग्राम को छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट के रूप में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।

कार्यशाला के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से “वेटलैण्ड मित्र” के रूप में जुड़कर जैव विविधता और आर्द्रभूमियों के संरक्षण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। यह भागीदारी राज्य में पर्यावरणीय चेतना को जनआंदोलन का रूप देने में सहायक होगी।