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रेलवे यात्रियों के लिए काम की खबर; अब बिना OTP के तत्काल बुक नहीं होगा टिकट, जानिए क्या है नए नियम?

रेलवे यात्रियों के लिए काम की खबर; अब बिना OTP के तत्काल बुक नहीं होगा टिकट, जानिए क्या है नए नियम?

  बिलासपुर।  भारतीय रेलवे ने यात्रियों की पहचान और टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। 15 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुक करने के लिए आधार आधारित ओटीपी वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। यानी अब कोई भी यात्री तत्काल टिकट तभी बुक कर सकेगा जब उसका आधार नंबर व ओटीपी से वेरिफिकेशन सफल होगा।

यात्री को IRCTC पर आधार नंबर दर्ज करना होगा

रेलवे की इस नई व्यवस्था का उद्देश्य फर्जी बुकिंग पर रोक लगाना और दलालों के नेटवर्क को कमजोर करना है। यह नियम IRCTC की वेबसाइट और ऐप दोनों पर लागू होगा। इस बदलाव से तत्काल कोटे की टिकट बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी और असली यात्रियों को प्राथमिकता मिल सकेगी। रेलवे की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, अब से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए यात्री को IRCTC पर आधार नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा जिसे दर्ज करना अनिवार्य होगा। बिना इस वेरिफिकेशन के टिकट बुकिंग संभव नहीं होगी।

Vidhansabha Monsoon Session 2025 : डीएपी खाद की कमी को लेकर विपक्ष ने मचाया हंगामा, सभी कांग्रेस विधायक निलंबित

Vidhansabha Monsoon Session 2025 : डीएपी खाद की कमी को लेकर विपक्ष ने मचाया हंगामा, सभी कांग्रेस विधायक निलंबित

 रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य उमेश पटेल ने प्रदेश में डी ए पी खाद की कमी का मामला उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि निर्धारित लक्ष्य का कितना डी ए पी खाद का भंडारण किया गया और उसमें से कितना सहकारी समितियों और कितनी मात्रा निजी व्यापारियों को दिया गया है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि 3 लाख 10 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य है जिसमें से जून माह तक 1 लाख 72 हजार मीट्रिक टन आ गया है। इसमें से 60 प्रतिशत सहकारी समिति और 40 प्रतिशत निजी क्षेत्रों में देने का प्रावधान है।

मंत्री ने डी ए पी की कमी स्वीकार करते हुए कहा कि इसकी जगह नैनो डी ए पी भी बांटा जा रहा है। मंत्री के जवाब पर विपक्ष के भूपेश बघेल, उमेश पटेल, देवेंद्र यादव समेत अन्य विधायकों ने सरकार पर खाद की कालाबाजारी करने का आरोप लगाते हुए खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। इस बीच स्पीकर लगातार विपक्ष को शांत कराने का प्रयास करते रहे परंतु सभी कांग्रेस विधायक गर्भगृह में घुसकर कृषि मंत्री से इस्तीफा मांगते हुए नारेबाजी करने लगे।

30 कांग्रेस विधायक निलंबित  

स्पीकर ने सभी 30 कांग्रेस विधायकों के निलंबन की घोषणा करते हुए उन्हें सदन से बाहर जाने को कहा लेकिन विपक्ष बाहर जाने के बजाय वहीं धरने पर बैठकर सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। अंत में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमनसिंह ने विपक्ष के व्यवहार को संसदीय परंपरा के विपरीत बताते हुए सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी।

 
 छत्तीसगढ़ को शीघ्र मिलेंगे 851 नए एंबुलेंस, मुख्यमंत्री ने मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 नए वाहनों को दिखाई हरी झंडी

छत्तीसगढ़ को शीघ्र मिलेंगे 851 नए एंबुलेंस, मुख्यमंत्री ने मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 नए वाहनों को दिखाई हरी झंडी

 रायपुर। प्रदेश के कोने-कोने तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण हेतु राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा आमजन तक पहुँचाने की दिशा में उठाया गया यह कदम ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास परिसर से मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन वाहनों के माध्यम से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलों में भी लोगों को समय पर प्रभावी उपचार मिल सकेगा। यह ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। पुराने, अनुपयोगी हो चुके वाहनों को स्क्रैप कर उनकी जगह अत्याधुनिक नए वाहन शामिल किए गए हैं। यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निरीक्षण और निगरानी को भी गति प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिला और विकासखंड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं मैदानी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे वाहनों से नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य शिविरों की निगरानी, दूरस्थ अंचलों तक त्वरित पहुँच और आपातकालीन परिस्थितियों में समयबद्ध हस्तक्षेप संभव हो सकेगा। इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन अधिक प्रभावी और गतिशील होगा तथा राज्य में स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली और अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी बनेगी। यह पहल प्रदेश के संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र को गति देने का कार्य करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों को ये वाहन चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 12 जिलों को ये वाहन भेजे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शीघ्र ही प्रदेश में 851 नवीन एंबुलेंस सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें से 375 एंबुलेंस 108 आपातकालीन सेवाओं के लिए, 30 एंबुलेंस ग्रामीण चलित चिकित्सा इकाइयों के लिए तथा 163 ‘मुक्तांजली’ शव वाहन निःशुल्क सेवा के अंतर्गत दी जाएंगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जनजातीय समुदायों के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री ‘जन मन योजना’ के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 30 एंबुलेंस की व्यवस्था भी शीघ्र की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वर्षा ऋतु जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी राज्य सरकार घर-घर स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को पूरी तत्परता से पूर्ण कर सकेगी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और इस दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी तथा मैदानी स्वास्थ्य अमले को इस विशेष सौगात के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिकारीगण एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

 
 रिश्ते शर्मसार : घोर कलयुग, बेटे ने अपनी मां को बनाया हवस का शिकार, विरोध करने पर खूब पीटा, इधर युवक ने चचेरी बहन के साथ किया दुष्कर्म…

रिश्ते शर्मसार : घोर कलयुग, बेटे ने अपनी मां को बनाया हवस का शिकार, विरोध करने पर खूब पीटा, इधर युवक ने चचेरी बहन के साथ किया दुष्कर्म…

 रायपुर/कोंडागांव। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले दो मामले सामने आए हैं। पहला मामला आरंग थाना क्षेत्र का है, जहां कलयुगी बेटे ने अपनी 70 वर्षीय मां के साथ दुष्कर्म किया है। आरोपी ने मारपीट भी की है। आरोपी पहले भी 5 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 7 साल की सजा काट चुका है। पुलिस ने मां के साथ दुष्कर्म मामले में 40 वर्षीय आरोपी बेटा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं दूसरा मामला कोंडागांव के धनोरा थाना क्षेत्र का है, जहां युवक ने अपनी चचेरी बहन से दुष्कर्म किया। वहीं पुरानी रंजिश के चलते अपने ही चाची की हत्या का प्रयास किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी नाबालिग होने से निरूद्ध पत्र भरा गया है।

पीड़िता ने 15 जुलाई को धनोरा थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह अपनी मां बहन के साथ काम कर रही थी। तभी उसके चाचा चिंताराम एवं उसके चचेरे भाई आए और झगड़ा करने लगे और मेरा बाल पकड़ के अंदर ले गए। मेरे साथ मुकेश ने बलात्कार किया। सुरेश मेरी गर्दन पकड़कर रखा था एवं लोकेश मुझे मारने के लिए टंगिया लेकर आया था।

पीड़िता ने बताया कि मुझे मेरी मां बचाने आ रही थी तो उसे मुकेश कुल्हाड़ी और फावड़ा से मारने के लिए दौड़ाया। फावड़ा से मेरी मां के सिर में मार दिया, जिससे खून बहने लगा और वह बेहोश हो गई। मैं भी वहां से भाग गई और थाने आकर रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक वाय अक्षय कुमार के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर घटना स्थल रवाना किया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सदन में भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक पारित, अवैध प्लाटिंग पर लगेगी लगाम, सरल होगी बटांकन प्रक्रिया

सदन में भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक पारित, अवैध प्लाटिंग पर लगेगी लगाम, सरल होगी बटांकन प्रक्रिया

 रायपुर। विधानसभा में बुधवार को भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2025 ध्वनिमत से पारित हो गया. इससे एक तरफ जमीन विवाद के मामले घटेंगे, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में अवैध प्लाटिंग पर लगाम कसी जा सकेगी.

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने विधेयक को सदन में पेश करते हुए कहा कि विधेयक के प्रावधानों के प्रभावी होने पर नक्शों के बटांकन की प्रक्रिया सरल से जाएगी. साथ ही जमीन मालिक की मृत्यु हो जाने की स्थिति में उसके आश्रितों को आसानी से नामांतरण किया जा सकेगा.

इस विधेयक के बाद सदन ने छत्तीसगढ़ बकाया कर व्याज व शास्ति के निपटान संशोधन विधेयक और जांजगीर चांपा जिले में नए विश्वविद्यालय से संबंधित विधेयक को भी ध्वनिमत से पारित कर दिया.

मंडी संशोधन विधेयक का विपक्ष ने किया बहिष्कार

मंडी संशोधन संशोधन विधेयक के पेश होने से पहले ही विपक्ष ने इसका बहिष्कार कर दिया. नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन किसान विरोधी कानून लाए थे. उसे ही अब राज्य सरकार ने पेश किया है. यह कानून किसानों का शोषण बढ़ाने वाला है. इससे किसानों का काफी नुकसान होगा. इसलिए हम इसका विरोध कर सदन का बहिष्कार करते हैं.

प्रदेश भर के कार्यालयों में पुरानी फाइलें 2 माह के भीतर जलाई जाएंगी, सुशासन विभाग ने जारी किया आदेश

प्रदेश भर के कार्यालयों में पुरानी फाइलें 2 माह के भीतर जलाई जाएंगी, सुशासन विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर। प्रदेश में राज्य मंत्रालय, संचालनालय से लेकर कई जिला दफ्तर ई आफिस से संचालित होने लगे हैं। इसे देखते हुए राज्य शासन ने पुराने कागजी फाइलों को नष्ट करने को कहा है।

दरअसल प्रदेश भर विभागीय कार्यालयों में फाइलें विगत कई वर्षों से जमा कर रखी गई हैं। इससे रिकॉर्ड रूम की आलमारियां भरी पड़ी हैं। सुशासन और अभिसरण विभाग ने सभी एसीएस, पीएस, सचिव, कमिश्नर, कलेक्टर और एसपी को एक पत्र लिखा है।

सभी जिलों और विभागों को जारी पत्र में कहा गया है कि अगले 60 दिनों के भीतर सभी विभाग अभियान चलाकर पुराने अभिलेखों को नष्ट करें। और हर सप्ताह इसकी जानकारी सुशासन विभाग को दी जाये, यह सीएम की भी मंशा है।

जल-संसाधन विभाग के 2 अधिकारी समेत 6 गिरफ्तार, 23 जुलाई तक EOW की रिमांड पर

जल-संसाधन विभाग के 2 अधिकारी समेत 6 गिरफ्तार, 23 जुलाई तक EOW की रिमांड पर

 रायपुर। भारत माला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाला केस में EOW ने जल संसाधन विभाग के 2 अधिकारी समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को बुधवार को रायपुर के स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद रिमांड पर भेज दिया गया है।

इस केस में अब तक जिन 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, उनमें जल संसाधन विभाग के रिटायर्ड अमीन गोपाल राम वर्मा, नरेन्द्र कुमार नायक, खेमराज कोसले, पुनुराम देशलहरे, भोजराम साहू और कुंदन बघेल शामिल है। गोपाल राम वर्मा, नरेन्द्र कुमार नायक को 23 जुलाई तक और बाकी चारों की 18 जुलाई तक रिमांड पर भेजा गया है।

जानकारी के अनुसार, जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने जानबूझकर फर्जी रिपोर्ट दी थी। बाकी आरोपियों ने फरार राजस्व कर्मियों के साथ मिलकर बटांकन, मुआवजा निर्धारण और प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा कर किसानों से मोटी रकम कमीशन के रूप में वसूली।

इससे पहले, भारत माला प्रोजेक्ट गड़बड़ी मामले में EOW की टीम ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया था। जिसमें उमा तिवारी, केदार तिवारी, विजय जैन और हरमीत खनूजा शामिल हैं। EOW के अधिकारी उनसे पैसे गबन मामले में पूछताछ कर रहे हैं।

क्या है भारत माला परियोजना मुआवजा घोटाला

भारत माला परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक करीब 463 किमी लंबी नई फोरलेन सड़क बनाई जा रही है। भारत-माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया।

नियद नेल्लानार योजना : माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास की दस्तक

नियद नेल्लानार योजना : माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास की दस्तक

 रायपुर, 16 जुलाई 2025 :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार माओवाद प्रभावित दूरस्थ क्षेत्रों में ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए विशेष सुविधा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत यह शिविर शासन की योजनाओं को आमजनता तक पहुंचाने के साथ ही सरकार और समाज के बीच विश्वास का सेतु भी बन रहा है, जिससे विकास की किरण सबसे अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है।

सालातोंग शिविर में शासन की योजनाओं का मिल रहा लाभ

कोंटा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम पंचायत सालातोंग में 15 से 17 जुलाई तक आयोजित शिविर में पोटकपल्ली, पालाचलमा और पेंटापाड़ के ग्रामीणों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों के द्वारा आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता खोलना, वोटर आईडी कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, केसीसी, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड और वय वंदन योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य कार्ड बनाए जा रहे हैं। 

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचकर योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। शिविर में पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के साथ ही शिविरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य जरूरी जानकारी और लाभ भी ग्रामीणों को सीधे तौर पर मुहैया कराए जा रही है।

स्वास्थ्य सेवा से लेकर सामाजिक सुरक्षा तक

शिविर में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत पात्र ग्रामीणों का पंजीकरण कर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिससे वे 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा प्राप्त कर सकें। साथ ही वयोवृद्ध नागरिकों के लिए वय वंदन कार्ड बनाकर उन्हें विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

आगामी सुविधा शिविर

नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत लगातार शिविर लगाई जा रही है, जिसके अंतर्गत माओवाद प्रभावित गांवों में 31 जुलाई तक जिले के विभिन्न चिन्हांकित ग्रामों में शिविर लगाए जा रहे हैं। 23 से 27 जुलाई तक दुलेड़ में आयोजित किया जाएगा जिसमें दुलेड़, बुरकापाल और एल्मागुंडा के ग्रामीण शामिल होंगे और 29 से 31 जुलाई तक गोलापल्ली में आयोजित शिविर में सिंगाराम, क्रिस्टाराम, गंगलेर और मेहता के ग्रामीणों को लाभान्वित किया जाएगा।

उद्योग मंत्री देवांगन के प्रयासों से मिली शहर के विभिन्न विकास कार्यों को 47.46 करोड़ की स्वीकृति

उद्योग मंत्री देवांगन के प्रयासों से मिली शहर के विभिन्न विकास कार्यों को 47.46 करोड़ की स्वीकृति

 रायपुर, 16 जुलाई 2025 : नगर विधायक, वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन की प्रयासों से कोरबा शहर के विभिन्न विकास कार्यों के लिए 47 करोड़ 46 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है।

उक्त कार्यों में शहर के विभिन्न वार्ड़ाे में आरसीसी नाली, आर सीसी नाला, कलवर्ट के साथ-साथ शहर में गौरव पथ का निर्माण शामिल है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्तावों पर मंगलवार को स्वीकृति आदेश जारी किया है।

सीएसईबी चौक से कोसाबाड़ी चौक तक गौरव पथ का होगा निर्माण, 37.46 करोड़ आएगी लागत उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सीएसईबी चौक से वीआईपी मार्ग होते हुए तानसेन चौक होते हुए कोसाबाडी चौक तक गौरव पथ निर्माण के लिए स्वीकृति हेतु प्रस्ताव दिया गया था। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नगरोत्थान योजना के तहत उक्त गौरव मार्ग के निर्माण हेतु 37 करोड़ 46 लाख रुपए की स्वीकृति दी है।

इन नालों का होगा निर्माण

पोड़ीबहार चर्च से हनुमान मंदिर तक आरसीसी नाली निर्माण कार्य लागत 2 करोड़, एसपी ऑफिस से रजगामार बीटी रोड निर्माण कार्य 2 करोड़, दादर रोड कलवर्ट से मानिकपुर मुक्तिधाम तक कलवर्ट एवं नाला निर्माण कार्य 2 करोड़, मेनन शॉप से रेलवे घाट तक 100 बेड अस्पताल के सामने आर सीसी नाला निर्माण कार्य लागत 2 करोड़, दर्री जोन पीएमवाय साइट से लाटा तालाब आर सीसी नाला निर्माण कार्य 2 करोड़ की स्वीकृति मिली है।

उद्योग मंत्री ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का जताया आभार

इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय व उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव का आभार जताया। उन्होंने कहा की माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी और माननीय उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में विकास आज नए आयाम छू रहा है। कोरबा शहर में भी बीते डेढ़ वर्षों में 500 करोड़ से ज्यादा की स्वीकृति मिल चुकी है। जिन कार्यों की स्वीकृति आज मिली है, निश्चित तौर पर कोरबा शहर के अधोसंरचना के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री साय ने राज्यपाल डेका का विधानसभा परिसर में किया आत्मीय स्वागत

मुख्यमंत्री साय ने राज्यपाल डेका का विधानसभा परिसर में किया आत्मीय स्वागत

रायपुर, 16 जुलाई 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज शाम यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में राज्यपाल श्री रमेन डेका का पुष्पगुच्छ देकर आत्मीय स्वागत किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत, संसदीय कार्यमंत्री श्री केदार कश्यप, कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्स्ना महंत सहित विधायकगण उपस्थित थे।

कोण्डागांव की बालिका ने ताईवान में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास – मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

कोण्डागांव की बालिका ने ताईवान में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास – मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

 रायपुर, 16 जुलाई 2025 : छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले की बालिका रंजीता कोरेटी ने ताइपे (ताईवान) में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद बालगृह बालिका कोण्डागांव की रंजीता ने कई देशों के खिलाड़ियों को पराजित करते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस गौरवशाली उपलब्धि पर रंजीता को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह न केवल कोण्डागांव जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि रंजीता जैसी बेटियाँ राज्य की उम्मीद और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं, जो यह सिद्ध कर रही हैं कि छत्तीसगढ़ की बेटियाँ अब वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

रंजीता की इस उपलब्धि के पीछे जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं बालगृह संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सतत मार्गदर्शन और सहयोग से रंजीता मानसिक और शारीरिक रूप से निरंतर सशक्त होती गई। खेलों में विशेष रुचि और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए उसे आईटीबीपी के सहयोग से जूडो का प्रशिक्षण दिलवाया गया। रंजीता ने वर्ष 2021 में चंडीगढ़ में आयोजित ओपन नेशनल जूडो टूर्नामेंट में 40 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी खेल यात्रा की प्रभावशाली शुरुआत की।

इसके पश्चात् वर्ष 2022 में भोपाल में आयोजित ओपन नेशनल जूडो प्रतियोगिता में रंजीता ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। वर्ष 2024 में केरल में आयोजित खेलो इंडिया नेशनल जूडो टूर्नामेंट में 52 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल प्राप्त किया। इसी वर्ष महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित खेलो इंडिया रीजनल जूडो प्रतियोगिता में उसने गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके साथ ही त्रिशूर (केरल) में 52 किलोग्राम वर्ग में पुनः स्वर्ण पदक प्राप्त कर अपनी श्रेष्ठता को दोहराया। पुणे में आयोजित राष्ट्रीय ओपन नेशनल जूडो चैंपियनशिप में रंजीता ने असम, तेलंगाना, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे प्रमुख राज्यों की खिलाड़ियों को पराजित करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, पटना (बिहार) में भी उसने जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक प्राप्त कर जिले और राज्य को गौरवान्वित किया।

राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उपलब्धियों के पश्चात रंजीता ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। अप्रैल 2025 में जॉर्जिया में आयोजित कैडेट यूरोपियन कप 2025 में रंजीता ने 52 किलोग्राम वर्ग में 5वाँ स्थान प्राप्त किया। इसके बाद ताशकंद (उज़्बेकिस्तान) में वर्ष 2025 में आयोजित एशियन कैडेट चैंपियनशिप में भी उसने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखा। अंततः 12 जुलाई से 15 जुलाई 2025 तक ताइपे (ताईवान) में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैंपियनशिप में रंजीता ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल हासिल किया।

रंजीता की इस प्रेरणादायक यात्रा को देखते हुए जनवरी 2023 में उसका चयन भोपाल स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) में हुआ, जहाँ वह वर्तमान में शिक्षा के साथ-साथ जूडो का उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता यह दर्शाती है कि यदि बेटियों को अवसर, संसाधन और सही मार्गदर्शन मिले, तो वे किसी भी ऊँचाई को छू सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार बेटियों को सशक्त बनाने के लिए हर स्तर पर प्रतिबद्ध है, और रंजीता कोरेटी जैसे उदाहरण छत्तीसगढ़ की शक्ति और संभावना का प्रतीक हैं।

 उप अभियंता भर्ती परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से नकल करते हुए एक परीक्षार्थी पकड़ी गई, एफआईआर दर्ज

उप अभियंता भर्ती परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से नकल करते हुए एक परीक्षार्थी पकड़ी गई, एफआईआर दर्ज

छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की कड़ी निगरानी में परीक्षा आयोजन, नकल प्रकरण में पुलिस द्वारा वैधानिक कार्यवाही जारी

रायपुर - छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित उप अभियंता (सिविल) एवं उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) भर्ती परीक्षा के अंतर्गत परीक्षा केन्द्र क्र. 1309 - शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरकंडा, बिलासपुर (छ.ग.) में एक गंभीर नकल प्रकरण प्रकाश में आया।  कक्ष क्रमांक 07 में परीक्षार्थी रोल नंबर 13091014 - कु. अन्नु सूर्या, पिता - कलेश्वर राम द्वारा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए परीक्षा कक्ष में तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उक्त परीक्षार्थी के अंतःवस्त्र में हिडन कैमरा व कान से माइक्रो स्पीकर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण छिपाकर रखे गए पाए गए, जिन्हें तत्काल जब्त किया गया।

परीक्षा केन्द्र परिसर के बाहर नकल में सहायता करने हेतु उपस्थित कु. अनुराधा बाई के पास से वॉकी-टॉकी, टैबलेट, ब्लूटूथ डिवाइस और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। यह स्पष्ट रूप से एक संगठित इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नकल करने का प्रयास था।

प्रशासन द्वारा नियमानुसार तत्काल नकल प्रकरण तैयार कर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) को प्रेषित कर दिया गया है। साथ ही, थाना सरकंडा पुलिस को सूचित कर एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित व्यक्तियों पर उचित कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

व्यावसायिक परीक्षा मंडल एवं जिला प्रशासन द्वारा इस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु ऐसी घटनाओं पर "जीरो टॉलरेंस नीति" अपनाई गई है। भविष्य में भी किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
 
CG : कुत्ते को बचाने के चक्कर में 17 साल के लड़के की मौत, तेज रफ्तार स्कूटी अनियंत्रित होकर गिरी

CG : कुत्ते को बचाने के चक्कर में 17 साल के लड़के की मौत, तेज रफ्तार स्कूटी अनियंत्रित होकर गिरी

 भिलाई।  शहर के सुपेला क्षेत्र में सोमवार की रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे में 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब वह स्कूटी से अपने साथी के साथ निकला था, तभी रास्ते में एक आवारा कुत्ता सामने आ गया, जिसे बचाने की कोशिश में स्कूटी अनियंत्रित होकर फिसल गई और दोनों युवक सड़क किनारे नाले में जा गिरे। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया।

घटना सुपेला थाना क्षेत्र के पांच रस्ता स्थित लकड़ी टाल के पास हुई। मृतक की पहचान 17 वर्षीय रौनक दुबे के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रौनक अपने एक दोस्त के साथ स्कूटी में सवार होकर मंदिर का ताला बंद करने जा रहा था। इसी दौरान सड़क पार कर रहे एक कुत्ते को देखकर उसने अचानक स्कूटी मोड़ने की कोशिश की, लेकिन गति अधिक होने के कारण वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया। स्कूटी पहले कुत्ते से टकराई, फिर फिसलकर नाले से जा भिड़ी।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी चला रहे रौनक का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नाले में जा गिरा। गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट आई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पीछे बैठा साथी स्कूटी से उछलकर नाले के किनारे गिरा, जिसे मामूली चोटें आई हैं।

यह पूरी घटना पास की एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि दुर्घटना के बाद कुछ स्थानीय युवक मदद के लिए दौड़ते हैं और घायलों को बाहर निकालने की कोशिश करते हैं। हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और जांच शुरू कर दी है। रौनक की असामयिक मौत से परिवार और मोहल्ले में शोक की लहर है।

 
 
शराब घोटाला मामले पर पूर्व मंत्री कवासी लखमा की जमानत याचिका पर सुनवाई,फैसला सुरक्षित

शराब घोटाला मामले पर पूर्व मंत्री कवासी लखमा की जमानत याचिका पर सुनवाई,फैसला सुरक्षित

 रायपुर- छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामला में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने हाईकोर्ट पर जमानत याचिका लगाया था जिसकी सुनवाई हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार ईओडब्ल्यू और ईडी में दर्ज मामले की सुनवाई हुई। इस याचिका पर कोर्ट ने फैसला को सुरक्षित रखा है। बताया जा रहा हैं की ईडी में दर्ज केस में जमानत याचिका पर ईडी को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते के भीतर ईडी को जवाब देने को कहा गया हैं दोनों ही मामले में अधिवक्ता हर्षवर्द्धन परगनिहा ने लखमा की तरफ से कोर्ट में अपना पक्ष रखा।

 
छत्तीसगढ़ में शिव सेना को बड़ा झटका,महिला विंग ने अपने समर्थको के साथ थामा कांग्रेस पार्टी हाथ

छत्तीसगढ़ में शिव सेना को बड़ा झटका,महिला विंग ने अपने समर्थको के साथ थामा कांग्रेस पार्टी हाथ

 रायपुर – छत्तीसगढ़ शिवसेना के महिला विंग ने आज अपने समर्थको के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए,बता दे की छत्तीसगढ़ शिवसेना को आज एक बड़ा झटका लगा हैं शिव सेना के उनकी महिला विंग छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की उपस्थिति में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए है जहां महाराष्ट्र में शिवसेना के नेता उद्धव ठाकरे कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में लगे हुई है। तो वही छत्तीसगढ़ में पार्टी का बिखराव जारी है। जिसके चलते आज शिव सेना के महिला विंग की 40 महिलाओं ने भी पार्टी का साथ छोड़ते हुए कांग्रेस प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में पीसीसी चीफ दीपक बैज की उपस्थिति में कोंग्रस की सदस्यता ली

स्वच्छ सर्वेक्षण-2024: छत्तीसगढ़ के 7 नगरीय निकायों को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित…

स्वच्छ सर्वेक्षण-2024: छत्तीसगढ़ के 7 नगरीय निकायों को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित…

 रायपुर: स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों को केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 17 जुलाई को आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में ये पुरस्कार प्रदान करेंगी। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव विभागीय अधिकारियों और संबंधित निकायों के प्रतिनिधियों के साथ पुरस्कार ग्रहण करेंगे।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों को प्रेसीडेन्ट्स अवार्ड प्रदान करेंगी। स्वच्छता में उत्कृष्ट कार्यों के लिए बिलासपुर नगर निगम का तीन लाख से दस लाख तक आबादी (Big Cities) की शहरों की श्रेणी में, कुम्हारी नगर पालिका को 20 हजार से 50 हजार जनसंख्या तक (Small Cities) की श्रेणी में और बिल्हा नगर पंचायत को 20 हजार से कम आबादी (Very Small Cities) वाले शहरों की श्रेणी में इसके लिए चयनित किया गया है। राज्य स्तर पर स्वच्छता में अच्छे कार्यों के लिए केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा रायपुर नगर निगम को मिनिस्टरियल अवार्ड (Ministerial Award) प्रदान किया जाएगा।

स्वच्छता के क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करने वाले शहरों को मान्यता देने के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के अंतर्गत इस बार सुपर स्वच्छता लीग (एसएसएल) की एक विशेष श्रेणी की शुरूआत की जा रही है। इस लीग में उन शहरों को शामिल किया गया है जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में रहे हों और जो चालू वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण मूल्यांकन में अपनी संबंधित जनसंख्या श्रेणी में शीर्ष 200 में बने हुए हैं। सुपर स्वच्छता लीग (एसएसएल) की विशेष एवं नवीन श्रेणी में असाधारण एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों में छत्तीसगढ़ के भी तीन नगरीय निकाय शामिल हैं। अंबिकापुर नगर निगम को 50 हजार से तीन लाख जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में तथा पाटन नगर पंचायत और बिश्रामपुर नगर पंचायत को 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में एसएसएल के लिए चयनित किया गया है।

ग्राम पंचायतों की सक्रियता और स्वप्रेरित जनभागीदारी से हो रहे जल संरक्षण के प्रयास प्रशंसनीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

ग्राम पंचायतों की सक्रियता और स्वप्रेरित जनभागीदारी से हो रहे जल संरक्षण के प्रयास प्रशंसनीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित अपने कक्ष में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए इस विशेष अभियान ने जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व चेतना उत्पन्न की है। विमोचन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, प्रमुख सचिव पंचायत श्रीमती निहारिका बारीक, आयुक्त मनरेगा और संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना श्री तारण प्रकाश सिन्हा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रियता और जनता की स्वप्रेरित भागीदारी के चलते यह अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। लोग स्वेच्छा से जल संरक्षण जैसे पुनीत कार्यों से जुड़ रहे हैं, जो सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पुस्तिका में राज्य की विभिन्न पंचायतों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों को संकलित किया गया है, जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के अंतर्गत सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायत भवनों की दीवारों पर भूजल स्तर अंकित किया गया है, जिससे लोगों में जल के महत्व को लेकर व्यावहारिक चेतना जागृत हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमिका जल संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण रही है, और यह चेतना आने वाले समय में और भी व्यापक स्वरूप लेगी।

उल्लेखनीय है कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत रैली, दीवार लेखन जैसे माध्यमों से व्यापक स्तर पर जनसामान्य को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील और जागरूक किया गया है। 626 क्लस्टर्स में आयोजित प्रशिक्षणों के माध्यम से 56,000 से अधिक प्रतिभागियों को जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए तैयार किया गया है।

अभियान में GIS तकनीक का उपयोग कर जल संरक्षण कार्यों की प्रभावी योजना बनाई जा रही है, जबकि जलदूत ऐप के माध्यम से खुले कुओं का जल स्तर मापा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, परकोलेशन टैंक, अर्दन डैम, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर जैसे संरचनात्मक उपायों के माध्यम से जल पुनर्भरण और संरक्षण के स्थायी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के यह प्रयास छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करेंगे।

डबल मर्डर से दहला इलाका! बुजुर्ग दंपति की बेरहमी से की गई हत्या

डबल मर्डर से दहला इलाका! बुजुर्ग दंपति की बेरहमी से की गई हत्या

 रायपुर। राजधानी रायपुर से सटे अभनपुर थाना क्षेत्र के बिरोदा गांव में एक दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया है। अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर बुजुर्ग दंपति की गला रेत कर हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतकों की पहचान भूखन ध्रुवा (62 वर्ष) और उनकी पत्नी रूखमणी ध्रुवा (60 वर्ष) के रूप में हुई है।

प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने पहले बुजुर्ग को सोते वक्त मौत के घाट उतारा, फिर महिला को दौड़ाकर पकड़ा और उसकी भी हत्या कर दी। घटनास्थल पर महिला का शव खून से लथपथ ज़मीन पर मिला, जबकि बुजुर्ग का शव खाट पर पड़ा था।

जैसे ही वारदात की जानकारी पुलिस को मिली, मौके पर एसपी, एएसपी, सीएसपी, थाना प्रभारी समेत एसीसीयू, एफएसएल, डॉग स्क्वॉड और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम पहुंची। पूरे घर और आसपास के इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है और प्रारंभिक तौर पर आपसी रंजिश या पुरानी दुश्मनी को घटना की वजह मान रही है। फिलहाल, पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पंचनामा कार्रवाई के बाद हत्या के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र : सदन में गूंजा मेकाहारा की बिगड़ी मशीनों का मुद्दा, विपक्ष के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने दिया ये जवाब

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र : सदन में गूंजा मेकाहारा की बिगड़ी मशीनों का मुद्दा, विपक्ष के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने दिया ये जवाब

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन आज सदन में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रश्नकाल के दौरान सत्ता और विपक्ष के नेताओं के बीच सवाल-जवाब का सिलसिला चला, जिसमें साइबर अपराध से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति तक के सवाल शामिल रहे। डिप्टी सीएम विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभिन्न विषयों पर जवाब दिए।

साइबर ठगी में 107 करोड़ की चपत, सिर्फ 3.69 करोड़ की रिकवरी
रायपुर दक्षिण से भाजपा विधायक सुनील सोनी ने प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर सवाल उठाया। इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवाब देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक कुल 107 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की जा चुकी है। प्रदेश में 1301 साइबर अपराध के मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन अब तक केवल 3.69 करोड़ रुपये की राशि ही पीड़ितों को वापस की जा सकी है।

गृह मंत्री के इस जवाब ने साइबर अपराध के विरुद्ध प्रशासन की मौजूदा तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। विपक्ष ने मामले में तेजी से कार्रवाई और साइबर सेल को मजबूत करने की मांग की।

मेकाहारा की बिगड़ी मशीनों पर विपक्ष ने जताई चिंता
कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मेकाहारा) में बंद पड़ी मशीनों को लेकर सवाल उठाया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वीकार किया कि अस्पताल में कुल 161 मशीनों में से 50 मशीनें फिलहाल बंद पड़ी हैं। इनमें से कई मशीनों की उम्र पूरी हो चुकी है, जिसके चलते 39 नई मशीनों की खरीदी की प्रक्रिया जारी है।

मंत्री के जवाब के बाद कांग्रेस विधायकों ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर नाराजगी जताई और सरकार पर सवाल दागते हुए कहा कि राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल की हालत अगर यह है, तो दूर-दराज के क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।

इन मुद्दों पर सरकार ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध की रोकथाम और स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन को प्राथमिकता दी जा रही है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि साइबर सेल को तकनीकी रूप से मजबूत किया जा रहा है, वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने भरोसा दिलाया कि मेकाहारा की मशीनों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाएगा और जरूरी उपकरणों की आपूर्ति की जाएगी।

 ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ के इस मेडिकल कॉलेज के 150 MBBS सीटों की मान्यता रद्द, इस वजह से लिया बड़ा फैसला…..

 ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ के इस मेडिकल कॉलेज के 150 MBBS सीटों की मान्यता रद्द, इस वजह से लिया बड़ा फैसला…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस की 150 सीटें कम हो गई हैं। दरअसल सीबीआई के छापे के बाद नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने नवा रायपुर स्थित रावतपुरा सरकार निजी मेडिकल कॉलेज को नए सेशन के लिए जीरो ईयर घोषित कर दिया है। यानी सीटों का रिनुअल नहीं किया गया है। रावतपुरा के साथ मध्यप्रदेश, उत्तप्रदेश समेत अन्य राज्यों के 6 निजी कॉलेजों में जीरो ईयर घोषित किया गया है। यही नहीं एनएमसी के 4 एसेसर को भी ब्लैक लिस्टेड भी कर दिया गया है।

जीरो ईयर का मतलब है कि इस माह शुरू होने वाली काउंसलिंग में किसी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पिछले साल एडमिशन लिए छात्रों की पढ़ाई जारी रहेगी। रावतपुरा कॉलेज में 30 जून को एमबीबीएस की 150 सीटों को बढ़ाकर 250 करने के लिए एनएमसी की टीम निरीक्षण करने आई थी।

इसमें कॉलेज प्रबंधन द्वारा एसेसर को रिश्चत व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों की मिलीभगत उजागर होने के बाद सीबीआई ने कॉलेज में छापामार कार्रवाई की थी। मौके से ही 3 एसेसर व कॉलेज के डायरेक्टर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन सीबीआई ने छत्तीसगढ़ में कॉलेज प्रबंधन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व देश के अन्य कॉलेजों से जुड़े 35 लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी।

4 निजी कॉलेजों की मान्यता पर फैसला नहीं

रावतपुरा सरकार कॉलेज में जीरो ईयर होने के बाद प्रदेश में एमबीबीएस की सीटें 2130 से घटकर 1980 रह गई है। नए सेशन में इतनी ही सीटों पर एडमिशन दिया जाएगा। सभी 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों को सरकार की अंडरटेकिंग के बाद नए सत्र के लिए मान्यता मिल गई है। 4 निजी कॉलेजों की मान्यता के संबंध में अभी एनएमसी को कोई पत्र नहीं आया है। हालांकि इन सभी कॉलेजों की सीटें रिनुअल होने की संभावना है। इनमें तीन कॉलेजों ने सीटें 150 से 250 करने के लिए आवेदन भी किया है। संभावना है कि एक से दो कॉलेज में सीटें बढ़ सकती हैं। हालांकि इस दौड़ से रावतपुरा कॉलेज बाहर हो गई है। ऐसे में 3 कॉलेजों की सीटों पर उम्मीदें टिकी हुई हैं। सीटें घटने से कट ऑफ बढ़ जाएगा।

वर्ष 2025-26 के बिजली टैरिफ में केवल 1.89% की वृद्धि, CM विष्णुदेव साय ने बताया पारदर्शी निर्णय…

वर्ष 2025-26 के बिजली टैरिफ में केवल 1.89% की वृद्धि, CM विष्णुदेव साय ने बताया पारदर्शी निर्णय…

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2025-26 हेतु घोषित बिजली टैरिफ में मात्र 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो कि विगत वर्षों में न्यूनतम वृद्धि में से एक है। यह निर्णय जनसुनवाई की प्रक्रिया के बाद पारदर्शी ढंग से लिया गया है और इसे घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर स्टील और रोलिंग मिल उद्योगों तक ने सराहा है।

आम उपभोक्ताओं को राहत, किसानों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि घरेलू विद्युत दरों में केवल 10 से 20 पैसे तक की मामूली वृद्धि की गई है, जबकि कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है — जिसका सीधा असर किसानों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि यह राशि शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में पहले से अग्रिम भुगतान की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के कृषक वर्ग पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े। सरकार किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा कर रही है।

उद्योगों को बढ़ावा — स्टील इंडस्ट्री की दरों में कटौती

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बनाए रखने हेतु मिनी स्टील, रोलिंग मिल और फेरो एलॉय जैसे ऊर्जा-गहन उद्योगों की दरों में कटौती की है। यह निर्णय उद्योगों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

बेहतर आपूर्ति और घटती हानियाँ: गुणवत्तापूर्ण वितरण प्रणाली की दिशा में अग्रसर छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में औसतन 23.85 घंटे/दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 23.45 घंटे/दिन बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। विशेष रूप से कृषि फीडरों में 18 घंटे प्रतिदिन की आपूर्ति दी जा रही है, जो देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक आंकड़ों में शामिल है। तकनीकी और वाणिज्यिक हानि (AT&C Loss) को 2020-21 में 23.14% से घटाकर 2024-25 में 13.79% किया गया है। यह उपलब्धि दक्ष संचालन, पारदर्शी व्यवस्था और तकनीकी सुधारों का प्रमाण है।

अधोसंरचना विकास के लिए बड़ा निवेश, कोरबा में 1320 मेगावॉट का नया प्लांट

वर्तमान टैरिफ में केपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान का भी समावेश है जिसके अंतर्गत ट्रांसमिशन कंपनी के लिए ₹2433 करोड़, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के लिए ₹3977 करोड़ और जनरेशन कंपनी के लिए ₹2992 करोड़ का प्रावधान है। कोरबा में 1320 मेगावॉट के प्लांट की स्थापना का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है, जिसकी लागत ₹15,800 करोड़ है। इससे छत्तीसगढ़ भविष्य में ऊर्जा-सरप्लस राज्य बनेगा और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

सौर ऊर्जा की ओर एक कदम: घरेलू उपभोक्ताओं के लिए डबल अनुदान योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 3 किलोवाट तक के संयंत्रों पर ₹78,000 तक केंद्र सरकार से अतिरिक्त 2 किलोवाट तक के संयंत्रों पर ₹30,000 तक राज्य शासन से अनुदान दिया जाएगा। यह योजना छत्तीसगढ़ के घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रांतिकारी पहल है।

ऊर्जा के क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये के करार, आएगी रोजगार क्रांति

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बताया कि पॉवर कंपनी/शासन द्वारा 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के करार किए गए हैं, जिससे आने वाले समय में ऊर्जा उत्पादन और रोजगार दोनों के क्षेत्र में क्रांति आएगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हमारी प्राथमिकता है कि बिजली उपभोक्ताओं को न केवल निर्बाध आपूर्ति मिले, बल्कि वह गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और टिकाऊ हो। वर्तमान और भावी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ ऊर्जा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानक स्थापित करेगा।

Breking : नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरण दास महंत ने पीएम आवास पर उप मुख्यमंत्री को घेरा

Breking : नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरण दास महंत ने पीएम आवास पर उप मुख्यमंत्री को घेरा

 रायपुर – मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही हंगामेदार रहा। सत्र के तीसरे दिन नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने प्रधानमंत्री आवास योजना का मामला उठाया,वही चरण दस महंत के सवलो पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के जवाब से कांग्रेस विधायक आक्रोशित हो गए।
नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने पीएम आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत प्रगति की स्थिति पर सवाल करते हुए सवाल किया कि भुगतान करने के बाद आवास पूर्ण माना जाता है, या बिना शौचालय बनाए ही आवास पूरा मान लिया जाता है? इस पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 3 किस्त के बाद लेंटल लेवल का किस्त जाता है, जो 90 दिन बाद भुगतान भी कर दिया जाता है, और कार्य अंतिम में माना जाता है. किसको कितना देना है. यह पुरानी सरकार की बात थी. वर्तमान में विष्णु देव साय की सरकार है, उसमें पूरा दिया जा चुका है।

ACCIDENT : बोलेरो की टक्कर से हाइवा से जा भिड़ी बाइक, पति-पत्नी की दर्दनाक मौत

ACCIDENT : बोलेरो की टक्कर से हाइवा से जा भिड़ी बाइक, पति-पत्नी की दर्दनाक मौत

 जांजगीर चांपा। जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र अंतर्गत बनाहिल गांव में एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका पति और तीन बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, मृतका उषा बर्मन (उम्र लगभग 35 वर्ष) अपने पति कमलेश बर्मन व तीन बच्चों के साथ चंडीपारा (पामगढ़) से बाइक पर सवार होकर अकलतरा की ओर जा रही थी। जैसे ही दोपहर उनकी बाइक बनाहिल स्थित तिवारी पेट्रोल पंप के पास पहुंची, पीछे से आ रही बोलेरो ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे एक अन्य वाहन से जा भिड़ी, जिससे महिला पहियों के नीचे दब गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

बोलेरो की चपेट से छिटककर पति और तीन बच्चे सड़क किनारे जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए नरियरा पावर प्लांट से एंबुलेंस मंगाई और घायलों को अकलतरा अस्पताल भिजवाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सभी को बिलासपुर स्थित अपोलो अस्पताल रेफर किया गया।

गांव में शोक का माहौल

घर के परिजन ने बताया कि कमलेश बर्मन का अपोलो मे इलाज के दौरान रात 12 बजे मौत हो गया है। बोलेरो चालक घटना के बाद मौके से फरार हो गया, लेकिन वाहन का नंबर प्लेट घटनास्थल पर गिर गया है, जिससे वाहन की पहचान संभव हो गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए पामगढ़ मर्चुरी भेजा गया है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

 बिजली दर वृद्धि पर विधानसभा में जोरदार बहस, स्थगन प्रस्ताव खारिज, लेकिन सीएम के जवाब से विपक्ष संतुष्ट

बिजली दर वृद्धि पर विधानसभा में जोरदार बहस, स्थगन प्रस्ताव खारिज, लेकिन सीएम के जवाब से विपक्ष संतुष्ट

रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज बिजली दर में वृद्धि को लेकर जोरदार बहस हुई। शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया और कहा कि “बिजली दरों में हुई वृद्धि से पूरा प्रदेश परेशान है, खासकर गरीब वर्ग को आर्थिक रूप से गहरी चोट पहुंची है।”

डॉ. महंत ने कहा कि यह विषय राज्य के हित से जुड़ा है और विपक्ष ने जिन बिंदुओं पर चर्चा के लिए स्थान निर्धारित किया है, उस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

मुख्यमंत्री का जवाब: उपभोक्ता सब्सिडी पर असर नहीं
मुख्यमंत्री ने विपक्ष की चिंता का जवाब देते हुए सदन में कहा कि “उपभोक्ताओं को सरकार द्वारा दी जा रही बिजली सब्सिडी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। राहत योजनाएं यथावत जारी रहेंगी।”

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और ऊर्जा के क्षेत्र में ठोस काम हो रहा है।

स्थगन प्रस्ताव अस्वीकृत, लेकिन विपक्ष संतुष्ट

मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया। हालांकि विपक्ष ने मुख्यमंत्री के उत्तर को सकारात्मक बताते हुए संतोष जताया।

डॉ. महंत ने सरकार से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री द्वारा कही गई बातों को यथाशीघ्र जमीन पर उतारा जाए, ताकि आम जनता को जल्द राहत मिल सके।

नेता प्रतिपक्ष को सत्ता पक्ष ने कहा धन्यवाद

विपक्ष की रचनात्मक भूमिका की सराहना करते हुए सत्ता पक्ष ने नेता प्रतिपक्ष को धन्यवाद दिया और कहा कि यह चर्चा ऊर्जा नीति को जनहित में और मजबूत बनाएगी।

चिंगरा पगारा वॉटरफॉल में सैलानियों की एंट्री बंद : आख़िर क्या है वजह,क्यों लगा अचानक प्रतिबंध?

चिंगरा पगारा वॉटरफॉल में सैलानियों की एंट्री बंद : आख़िर क्या है वजह,क्यों लगा अचानक प्रतिबंध?

 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में इन दिनों जंगली हाथियों का ख़ौफ़ बढ़ता ही जा रहा है। गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चिंगरा पगारा वॉटरफॉल (Chingra Pagara waterfall) में अब आम जनता का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

प्रशासन के अनुसार, वॉटरफॉल (Chingra Pagara waterfall) से लगे ग्रामीण इलाकों में बीते कुछ दिनों से हाथियों का दल सक्रिय है। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने पर्यटकों को वहां जाने से मना कर दिया है। वॉटरफॉल मार्ग पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और पुलिस बल की भी तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो।वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त निगरानी में क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है। स्थानीय ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की अपील: जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, पर्यटक चिंगरा पगारा की ओर रुख न करें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।वन विभाग सूत्रों के अनुसार, हाथियों का दल कभी भी उग्र हो सकता है, जिससे जान-माल का बड़ा खतरा हो सकता है। फिलहाल वॉटरफॉल बंद है, घूमने की योजना फिलहाल टाल दें।