रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फैले पीलिया से पीडि़त 41 मरीज अभी भी शासकीय व निजी अस्पतालों में भर्ती है, वहीं 51 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है जबकि इस बीमारी से 03 लोगों की मौत भी हुई है।
राजधानी रायपुर में कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के दौरान पीलिया की बीमारी भी फैली थी। इस बीमारी ने सैकड़ों लोगों को अपनी चपेट में लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने जब पीलिया प्रभावित क्षेत्रों में परीक्षण करना शुरू किया तो 243 सत्रों का आयोजन करते हुए लगभग 25 हजार 709 घरों में जाकर लगभग 03 हजार 815 लोगों का रक्त परीक्षण किया गया, जिनमें कुल 675 लोग वायरस हेपेटाइटिस के मरीज पाये गये। वहीं इस पीलिया से पीडि़त 95 मरीज ऐसे थे जिन्हें उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया है। इस दौरान 03 मरीजों की मौत भी हुई, जबकि 51 मरीज स्वस्थ हो गए जिन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। वर्तमान में अभी भी 41 मरीज अस्पताल में भर्ती है, इनमें 09 मरीज शासकीय एवं 32 मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती है।
नई दिल्ली, भारत सरकार के ललित कला अकादमी में दुर्ग निवासी श्री अंकुश देवांगन जी को समिति का कौंसिल मेम्बर बनाया गया है, आपको बता दे ललित कला अकादमी से जुड़ना हमारे छत्तीसगढ़ के इस कलाकार लिए एक बड़ी उपलब्धि है श्री अंकुश जी छोटी से छोटी वस्तुओ में अदभुत कलाकारी करने में माहिर है इनकी इस कला से पूरा छत्तीसगढ़ परिचित है. आपको बता दे मुक्तांगन के बाहरी वॉल में जो मिनरल्स बने हैं जिनको गोल्डन बुक में शामिल किया गया है वह भी इन्हीं के द्वारा निर्मित है
रायपुर,भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश महामंत्री संजू नारायण सिंह ठाकुर के नेतृत्व में आज निगम महापौर एजाज ढेबर व कलेक्टर रायपुर को बूढ़ापारा स्थित ऐतिहासिक सप्रे शाला व दानी स्कूल मैदान के क्षेत्रफल को घटाने के विरोध में ज्ञापन सौंपा है। इस संबंध में भाजयुमो प्रदेश महामंत्री संजू नारायण सिंह ठाकुर ने बताया कि बूढ़ा तालाब स्थित सप्रे शाला मैदान अपने आप में एक गौरवशाली इतिहास लिए हुए हैं। इस इतिहास में सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ी ही नहीं अपितु संपूर्ण भारत के महान नेता गणों ने अपनी आवाज अपने विचार जनमानस को यही पर समर्पित कर जन कल्याणकारी इतिहास रचने का कार्य किया है। भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने इसी सप्रे शाला मैदान से छत्तीसगढ़ बनाने की ऐतिहासिक घोषणा की है।इसी मैदान से न जाने कितने ही उत्कृष्ट खिलाड़ी प्रशिक्षण लेकर अपने खेल में विशेष योग्यता हासिल कर न सिर्फ देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाए हुए है। आज भी विविध सांस्कृतिक,सामाजिक व राजनीतिक कार्यक्रम शहर के बीच में बड़े मैदान होने की वजह से बड़ी आसानी से किसी भी प्रकार के यातायात को बाधित किए बगैर यहां संपन्न हो जाते हैं।लेकिन कांग्रेस की सरकार स्वर्णिम इतिहास को दबाने में और गौरवशाली क्षणों के साथ छेड़छाड़ करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है।

इसी कड़ी में बीते दिनों रायपुर नगर निगम द्वारा सप्रे शाला मैदान के क्षेत्रफल को छोटा करने की साजिश के तहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं ।बाउंड्री वॉल मैदान को छोटा कर दिया गया है जिसकी वजह से मैदान अब कुछ ही क्षेत्रफल का बचा हुआ है ।जिसकी भारतीय जनता युवा मोर्चा भर्त्सना करती है कड़ा विरोध करती है। श्री ठाकुर ने आगे कहा कि आज हमने शांतिपूर्वक तरीके से निगम महापौर को व कलेक्टर रायपुर को ज्ञापन सौंपा है यदि निगम महापौर या फिर जिलाधीश इस पर कार्रवाई नहीं करते हैं तो हमारी चेतवानी है कि भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता इसका उग्र विरोध करते हुए संबधित मैदान में धरने पर बैठ जाएगी जिसके लिए निगम के महापौर जिम्मेदार होंगे। ज्ञापन देने में भाजयुमो जिलाध्यक्ष राजेश पांडे,जिला महामंत्री अमित महेश्वरी,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राहुल राव,पार्षद मनोज वर्मा, माना मंडल अध्यक्ष रविंद्र ठाकुर, सदर बाजार मंडल अध्यक्ष प्रवीण देवड़ा, सौरभ जैन, फणींद्र तिवारी मोहित नत्थानी,विशेष विद्रोही बघेल व आशीष जंघेल उपस्थित रहे।
रायपुर | अब कोरोना वायरस से लड़ने का यह निर्णायक समय है। राज्य में कोविड-19 के सामुदायिक संक्रमण से बचने के लिए ठोस प्रयास करें। राज्य के विभिन्न स्थानों में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटरों की व्यवस्था में सुधार करें, वहां महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों की देखभाल की व्यवस्था सुदृढ़ करें, साफ-सफाई रखें और भोजन-पेयजल की उचित व्यवस्था की जाए। प्रत्येक सेंटर में महिलाओं के लिए सेनिटरी पेड का इंतजाम करें। उनकी अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखें। आम जनता ने क्वारेंटाइन सेंटर के हालात के बारे में मुझे सोशल मीडिया तथा पत्र के माध्यम से अवगत कराया, अतएव इन सेंटरों में सुधार की आवश्यकता है। इन सेंटरों में गर्भवती माताओं, बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन प्रदान करें। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने कही। राज्यपाल ने आज राजभवन में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति एवं उससे बचाव के उपायों एवं राज्य शासन के प्रयासों के संबंध में मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक ली। उन्होंने कहा कि क्वारेंटाइन सेंटर में अधिक से अधिक टेस्ट किया जाए और यह ध्यान रखें कि कोई भी सेंटर न छूटने पाए।

राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अनलॉक पीरियड के इस दौर में हमें अभी और अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ में अभी भी अन्य राज्यों की तुलना में शासन के प्रयासों से कोरोना वायरस से बचाव के लिए बेहतर कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता को सोशल डिस्टेंसिंग एवं इस महामारी से बचने के संबंध में जागरूक किया जाना आवश्यक है। बैठक में मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव गृह श्री सुब्रत साहू, राज्यपाल के सचिव एवं श्रम विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने कहा कि क्वारेंटाइन सेंटर में तथा कोरोना संक्रमण से हुए मौतों के लिए संबंधित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में नीतिगत निर्णय लिये जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश के कई छात्र, विदेशों विशेषकर किर्गिस्तान में फंसे हुए हैं, उन्हें यहां लाने की व्यवस्था किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जो प्रवासी मजदूर बाहर से आए हैं, उनके कौशल के आधार पर उन्हें बैंकों के माध्यम से बिना गारंटी का ऋण उपलब्ध कराने के संबंध में भी कार्यवाही की जानी चाहिए। सुश्री उइके ने अनुसूचित क्षेत्रों, आदिवासी बहुल क्षेत्रों में मनरेगा के तहत पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित आयुर्वेद काढ़े का क्वारेंटाइन सेंटर में वितरण किया जाए, जिससे उनके रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हो। राज्यपाल ने कहा कि कंटेनमेंट जोन सहित अन्य क्षेत्रों में पुलिस विभाग, आम जनता के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार करें और मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं। राज्यपाल ने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए केन्द्र सरकार से किसी भी प्रकार की मदद की अपेक्षा है उन्हें अवगत कराएं, वे इसके लिए स्वयं पहल करेंगी।

मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल ने बैठक में जानकारी दी कि कोविड-19 के रोकथाम के लिए प्रदेश में पुख्ता व्यवस्था की जा रही है। छत्तीसगढ़ के श्रमिक जो बाहर से आए हैं, उनके लिए रोजगार की व्यवस्था की गई है और एक दिन में करीब 26 लाख श्रमिक मनरेगा के तहत कार्य कर रहे हैं। उन्हें स्वयं के खेत में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भूमि समतलीकरण, डबरी निर्माण जैसे कार्य दिया गया है। साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में लघु वनोपज के संग्रहण के बदले उन्हें करीब 32 करोड़ की राशि दी गई है, जिसे भारत सरकार की संस्था ट्राइफेड ने भी इसकी सराहना की है। श्री मण्डल ने राज्यपाल के माध्यम से मनरेगा का कार्यदिवस प्रदेश में 200 दिन करने का आग्रह किया। साथ ही आने वाले दिनों में संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए केन्द्र सरकार से सहायता राशि दिलाने का आग्रह किया।
अपर मुख्य सचिव गृह श्री सुब्रत साहू ने बताया कि प्रदेश में कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए अंतर्राज्यीय परिवहन के रोक को यथावत रखा गया है। साथ ही यह रोक शॉपिंग मॉल और मल्टिप्लेक्स पर भी फिलहाल बनी रहेगी। श्रम सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि 29 अप्रैल के बाद से अब तक करीब 03 लाख श्रमिकों को छत्तीसगढ़ लाया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा 65 ट्रेनों की व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से करीब 88 हजार लोग आ चुके हैं। जो श्रमिक यहां पहुंच चुके हैं, उनके रोजगार की व्यवस्था के लिए 1500 कारखाने प्रारंभ हो चुके हैं। लॉकडाउन के दौरान करीब 37 हजार श्रमिकों को शिकायत के आधार पर करीब 39 करोड़ रूपए की राशि कारखाना मालिकों द्वारा दिलवाई गई। उसके साथ ही जो दूसरे राज्य से श्रमिक यहां पहुंचे, लॉकडाउन के दौरान उनके रूकने की व्यवस्था की गई और उनके गृह ग्राम पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
स्वास्थ्य सचिव श्रीमती निहारिका बारिक ने जानकारी दी कि भविष्य में संक्रमण की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए रायपुर के इंडोर स्टेडियम में 150 बिस्तरों की और सुभाष स्टेडियम में 70 बिस्तरों की व्यवस्था की जा रही है तथा अन्य स्थानों में भी इसी प्रकार के कोविड-19 अस्पताल तैयार किये जाएंगे। खाद्य सचिव श्री कमलप्रीत सिंह ने प्रवासी श्रमिकों के लिए किये गए राशन वितरण एवं ट्रांसपोर्ट व्यवस्था की जानकारी दी। बैठक में रायपुर जिले के प्रभारी कलेक्टर श्री सौरभ कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आरिफ शेख भी उपस्थित थे।
रायपुर | छत्तीसगढ़ विधान सभा की वर्ष 2020-21 के लिए गठित प्राक्कलन समिति की प्रथम बैठक आज विधान सभा परिसर स्थित मुख्य समिति कक्ष में संपन्न हुई । समिति की आज संपन्न प्रथम बैठक में मान. विधान सभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत विशेष रूप से उपस्थित थे । बैठक में समिति के सभापति संतराम नेताम, सदस्य लखेश्वर बघेल, शिशुपाल सोरी, देवेन्द्र यादव, अशीष कुमार छाबडा, चन्दन कश्यप एवं विधान सभा के प्रमुख सचिव चन्द्र शेखर गंगराड़े भी उपस्थित थे ।
रायपुर | रायपुर शहर के साथ ही अब आसपास के इलाकों में भी तेजी से कोरोना संक्रमण अपना पैर पसार रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए तथा जहां-जहां से कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं, उन इलाकों को सील कर कंटेनमेंट जोन बनाया गया है।
BIG NEWS: सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बल के जवानों ने नक्सलियों के बिछाये 8 बम बरामद किये, पढ़े पूरी खबर
दंतेवाड़ा | छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है | खबर मिल रही है कि दंतेवाड़ा से जगरगुंडा को जोड़ने वाली सड़क में नक्सलियों ने बम लगाया था। सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बल के जवानों ने एक-एक करके 8 बम बरामद किये है ।
जानकारी के अनुसार यह घटना कोंडासावली गांव की है, जहां इलाके में तैनात सीआरपीएफ 231 बटालियन के जवान वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए सीविक एक्शन प्लान करने निकले थे। रास्ते भर में नक्सलियों ने आईईडी बिछा रखी थी। जिसे जवानों ने डिटेक्ट करते हुए सुरक्षित डिफ्यूज भी कर दिया। मौके से नक्सलियों के लगाये 2 सन्त्री भी जवानों को दिखे, जिन्हें जवानों ने पीछा भी किया पर जंगलो की आड़ लेकर दोनों भागने में कामयाब रहे। इसकी पुष्टि सीआरपीएफ डीआईजी डीएन लाल ने की है।
महासमुंद | क्वारेंटाइन में रहने से एक युवक द्वारा मना करने का मामला प्रकाश में आया है। मामला कोमाखान थाना क्षेत्र के ग्राम करहीडीह का है। बताया जा रहा है, युवक ने गांव आने के बाद इसकी सूचना भी पंचायत को नहीं दी। घर में बिना बताए रहने लगा था। सूचना पर जब कर्मचारियों ने उसे क्वारंटाइन में रहने को कहा तो उसने मना कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 188 के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है। पुलिस के अनुसार ग्राम करहीडीह का सरपंच खेमराज ठाकुर पिता विशाल सिंह ठाकुर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि शुक्रवार को गांव का रहने वाला मनोहर लाल साहू पिता रामू लाल साहू ग्राम फिंगेश्वर में तेन्दूपत्ता फड़ में मैनेजर है जो गुरुवार को वहां से गांव आया और इसकी जानकारी पंचायत को नहीं दी।
रायपुर | दुर्ग जिले में नेहरू नगर से मिनीमाता चौक (पुलगांव) तक लगभग 8 किलोमिटर सड़क का शीघ्र कायाकल्प होगा और यह सड़क हाई-मास्ट तथा बहुरंगी एल.ई.डी. लाईट से जगमगाएगी। लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने विभागीय अधिकारियों को विस्तार और सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा इसका प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। अब शीघ्र ही निविदा आमंत्रित एवं स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा। मंत्री श्री साहू ने इस विस्तार कार्य में पड़ने वाले सभी चौराहों पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर आधारित कला, भित्ती-चित्र के साथ ही पर्यटन स्थल, साक्षरता, योगा आदि चित्रों को प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। श्री साहू ने आज अपने रायपुर निवास कार्यालय में इस कार्य योजना की प्रस्तुतिकरण को देखने के बाद कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
बैठक में प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी ने प्रस्तुतिकरण के जरिए इस कार्य योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सुधार एवं विस्तार कार्य के दौरान नेहरू नगर चौक के आगे बटालियन के पास योगा पार्क भी बनेगा। इसी तरह मालवीय नगर चौक, राजेन्द्र पार्क चौक, गांधी चौक, पटेल चौक और गंजपारा चौक पर एल.ई.डी. स्ट्रीट लाईट फिटींग, विद्युतिकरण, हाई-मास्ट और आर.जी.बी. लाईट से रोशन किया जाएगा। इस कार्य योजना पर लगभग 8 करोड़ रूपए व्यय प्रस्तावित है।
रायपुर | बीरगांव में आमजनों पर लाठियां बरसाने वाले उरला टीआई को संस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक भी यह शिकायत पहुंच गई है, उन्होंने कहा कि यह अमानवीय है और इसे किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
This is inhuman and not acceptable.
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) June 8, 2020
Departmental enquiry has been constituted and he has been sent on leave. https://t.co/jLXxxCkApu
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के द्वारा धार्मिक स्थलों में आज से फिजिकल और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पूजा अर्चना प्रारंभ किये जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए आज उनके निवास स्थान पर रायपुर विधायक श्री विकास उपाध्याय के नेतृत्व में 31 ब्राम्हणगणों ने शंखनाद एवं मंत्रोच्चार के साथ उनका आभार व्यक्त कर अभिनंदन किया ।

विधायक श्री विकास उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ में धार्मिक स्थलों के खोले जाने का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री श्री बघेल को देते हुए कहा कि उन्हीं के प्रयासों से यह शुभ कार्य सम्भव हो पाया है । ब्राम्हणगणों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल का आभार व्यक्त करते हुए उनके नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किये जा कार्यों की सराहना की ।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने ब्राम्हण गणों से कोरोना महामारी के बचाव के लिए मन्दिरों में मास्क एवम सेनेटाइजर के साथ ही फिजिकल डिस्टेंसिंग का अनिवार्य पालन करने को कहा है । उन्होंने कहा कि आप सुरक्षित रहेंगे तभी मन्दिर परिसर भी सुरक्षित होगा ।
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विद्युत संशोधन बिल 2020 को समाज के गरीब तबको एवं किसानों के लिए अहितकारी बताते हुए इस संबंध में केन्द्रीय विद्युत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री आर.के. सिंह को पत्र लिखकर देश की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस संशोधन बिल को फिलहाल स्थगित रखने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए संशोधन बिल को लागू करने से पूर्व सभी राज्य सरकारों से इस पर विचार-विमर्श करने तथा समाज के गरीब तबको एवं जन सामान्य के हितों का ध्यान रखने की बात कही है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय मंत्री को प्रेषित अपने पत्र में कहा है कि इस संशोधन बिल में क्रास सब्सिडी का प्रावधान किसानों और गरीबों के हित में नही है। समाज के गरीब तबके के लोगों और किसानों को विद्युत सब्सिडी दिए जाने का वर्तमान प्रावधान जांचा परखा और समय की जरूरत के अनुरूप है। किसानों को विद्युत पर दी जाने वाली सब्सिडी यदि जारी नहीं रखी गई तो किसानों के समक्ष फसलों की सिंचाई को लेकर संकट खड़ा हो जाएगा। इससे खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित होगा और देश के समक्ष संकट खड़ा हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों और मजदूरों की मेहनत का सम्मान होना चाहिए। जिन्होंने अपनी मेहनत से देश को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने कहा है कि समाज के गरीब वर्ग के लोगों और किसानों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के लिए उन्हें रियायत दिया जाना जरूरी है। उन्होंने संशोधित बिल में क्रास सब्सिडी को समिति किए जाने के प्रावधान को अव्यवहारिक बताया है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सिस्टम जो वर्तमान में लागू है, वह सही है। इसमें बदलाव करने से समाज के गरीब तबके के लोग और लघु एवं सीमांत कृषक लाभ से वंचित हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि खेती-किसानी के सीजन में प्रति माह फसलों की सिंचाई के लिए यदि कोई किसान एक हजार यूनिट विद्युत की खपत करता है तो उसे सात से आठ हजार रूपए के बिल का भुगतान करना होगा, जो उसके लिए बेहद कष्टकारी और असंभव होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह संशोधन बिल वातानुकूलित कमरों में बैठ कर तैयार करने वाले उच्च वर्ग के लोगों और सलाहकारों के अनुकूल हो सकता है लेकिन यह जमीन सच्चाई से बिलकुल परे है। इस संशोधन बिल को लागू करने से देश के समक्ष कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होंगी । इससे गरीब, किसान और विद्युत कम्पनियों और आम लोगों को नुकसान होगा। रियायती दर पर किसानों को बिजली न मिलने से फसल सिंचाई प्रभावित होगी। खाद्यान्न उत्पादकता घटेगी जिसके चलते देश के समक्ष खाद्यान्न का संकट पैदा हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संशोधन बिल के माध्यम से राज्य सरकारों के अधिकारों की कटौती तथा राज्य विद्युत नियामक आयोग की नियुक्तियों के अधिकारों को केन्द्र सरकार के अधीन किया जाना संघीय ढांचे की व्यवस्था के विपरीत है। यह बिल राज्य विद्युत नियामक आयोग के गठन के संबंध में राज्यों को सिर्फ सलाह देने का प्रावधान देता है। नियुक्ति के संबंध में राज्य की सहमति आवश्यक नहीं है। यह प्रावधान राज्य सरकार की शक्तियों का स्पष्ट अतिक्रमण है।
विद्युत संशोधन बिल 2020 में विद्युत के क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत सब लाइसेंसी और फ्रेन्चाईजी की नियुक्ति का भी प्रावधान है। यह प्रावधान चेक और बेलेन्स की नीति के विरूद्ध है, क्योंकि नियामक आयोग से लाईसेंस लेने के लिए सब लाईसेंसी और फ्रेंचाईजी बाध्य नहीं हैं। इससे यह स्पष्ट है कि यह अधिकार और कर्तव्य के सिद्धांत के भी विपरीत है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विद्युत वितरण प्रणाली को आम जनता की जीवन रेखा बताते हुए कहा है कि इसे निजी कम्पनियों का सौंपा जाना किसी भी मामले में उचित नहीं होगा। यह संशोधन विधेयक पूंजीवाद को बढ़ावा देने वाला और निजी कम्पनियों को इलेट्रिसिटी बोर्ड को कब्जा दिलाने वाला है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह संशोधन बिल केंद्रीकृत विद्युत अनुबंध प्रवर्तन प्राधिकरण (ईसीईए) के गठन का प्रस्ताव करता है। उन्होंने इस संबंध में माननीय सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपील के संबंध में दिए गए निर्णय का भी विस्तार से उल्लेख किया है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन पूरे देश में किया जा चुका है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए केंद्रीकृत विद्युत अनुबंध प्रवर्तन प्राधिकरण (ईसीईए) का गठन औचित्यहीन है। यदि ऐसा किया जाता है तो राज्य विद्युत नियामक आयोग अधिकार विहीन हो जाएंगे।
यह संशोधन केंद्रीकृत विद्युत अनुबंध प्रवर्तन प्राधिकरण (ईसीईए) के गठन का प्रस्ताव करता है। विद्युत नियामक विद्युत खरीदने के लिए अनुबंध की मंजूरी और होने वाले विवाद के समाधान के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं। उल्लेखनीय है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 2015 की सिविल अपील संख्या 14697 में 12 अप्रैल 2018 को निर्णय लिया है कि ईआरसीएस के रोल और सहायक जिम्मेदारियों का संज्ञान लिया गया है और सभी विद्युत नियामक आयोग में एक कानूनी सदस्य की नियुक्ति के लिए निर्देशित किया है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का अनुपालन पहले ही पूरे भारत में किया जा चुका है। जब भारत की सर्वोच्च अदालत पहले ही इस मुद्दे को देख चुकी है और इसे सुलझा चुकी है, तो नए निकाय के गठन का कोई औचित्य नहीं है। टैरिफ नीति से संबंधित प्रस्ताव वास्तव में राज्य विद्युत नियामक आयोग को दंत विहीन बनाने वाला साथ ही यह संघीय ढांचा, जो राज्यों की जनसांख्यिकीय और आर्थिक विविधता का सम्मान करता है उसके लिए यह हानिकारक है।
प्रस्तावित संशोधन केंद्र सरकार को नवीकरणीय और पनबिजली खरीद दायित्व को संरक्षित करने के लिए भी शक्ति प्रदान करता है। देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग संसाधन हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि इसे देखते हुए पूरे देश के लिए इसको लागू किया जाना उचित नहीं होगा।
रायपुर, हज 2020 पर बनी हुई निरंतर अनिश्चिता के मद्देनजर केन्द्रीय हज कमेटी, भारत सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे हज यात्री जो इस वर्ष अपनी हज यात्रा निरस्त करने के इच्छुक है, उनके द्वारा जमा की गई शत्-प्रतिशत राशि उन्हें बिना कटौती के वापस की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष श्री मोहम्मद असलम खान ने बताया कि केन्द्रीय हज कमेटी भारत सरकार के सर्कुलर 5 जून 2020 के द्वारा यह सूचना प्राप्त हुई है।
छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि इसके लिए ऐसे हज आवेदकों को हज कमेटी ऑफ इंडिया भारत सरकार के वेबसाईट पर उपलब्ध केसंलेशन के फार्म को भर कर कव्हर हेड की बैंक डिटेल्स के साथ हज कमेटी ऑफ इंडिया की ई-मेल आईडी ceo.hajcommittee@nic.in पर प्रेषित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। कार्यालय की ओर से हज 2020 के सभी चयनित हज यात्रियों को इस संबंध में सूचना प्रेषित की जा रही है। अधिक जानकारी के लिए हज आवेदक कार्यालय हज के दूरभाष क्रमांक 0771-4266646, ई-मेल cghajcommittee@gmail.com पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है।
कोरबा, जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक 16 साल के किशोर की मौत हो गई है । सर्दी ,खांसी , बुखार व सांस लेने में तकलीफ पर शनिवार को सुबह अस्पताल ले कर आए। कोरोना के लक्षण की वजह से किशोर को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। खुद से चल कर बेड तक पहुँचे किशोर ने उपचार के दौरान रात को दम तोड़ दिया। शव को जिला अस्पताल के मर्च्युरी में रखा गया है । कोविड 19 टेस्ट के लिए ब्लड सेंपल लिया गया है। सिविल सर्जन अरुण तिवारी का कहना है कि एम्स रायपुर से रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन का वक्त लगता है।
रायपुर | भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी गाईडलाईन अनुसार जिला रायपुर मे ग्राम पंचायत मोहदीअंतर्गत ग्राम मोहदी, थाना अभनपुर में 01 नया कोरोना पॉजिटिव केस पाये जाने के फलस्वरुप उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। अपर कलेक्टर ने पूर्व में श्री रोहित का घर,पश्चिम में श्री दुजराम का घर,उत्तर में श्रीराम का घर,दुखित का दुकान और दक्षिण में श्री विदेशी साहू का घर के पास को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया है।
कन्टेनमेंट जोन के अंतर्गत प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार होगा। जिसमें तैनात पुलिस अधिकारी, फिजिकल डिस्टेंसिग सुनिश्चित करते हुए मेडिकल इमरजेंसी या आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु आवागमन करने वाले सभी व्यक्तियों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज लिया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश पर्यन्त पूर्णतः बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कन्टेनमेंट जोन में होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी हेतु विधिवत परिवहन अनुमति इंसीडेंट कमांडर द्वारा दी जाएगी। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारण से कन्टेनमेंट जोन या मकान के बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। केवल मेडिकल इमरजेंसी की दशा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर के द्वारा पास जारी कर इंसीडेंट कमांडर को सूचित किया जाएगा। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में संलग्न व्यक्ति फिजिकल डिस्टेंसिग तथा सेनिटाईजेशन सुनिश्चित करते हुये कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश कर सकेंगें। अन्य किसी भी व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन से बाहर निकलना अथवा अन्दर आना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में उपरोक्तानुसार लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने हेतु संबंधित थाना प्रभारी उत्तरदायी होगे। कन्टेनमेंट जोन में शासन की गाईडलाईन अनुसार व्यवस्था बनाये रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायपुर के द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार कान्टेक्ट ट्रेसिंग, स्वास्थ्य निगरानी तथा सैम्पल की जांच इत्यादि आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।
कंटेंटमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार की व्यवस्था बेरिकेटिंग के लिए श्री पवन अग्रवाल,कार्यपालन अभियंता, लोकनिर्माण विभाग,विधानसभा संभाग रायपुर मो.न. 98261-98288, लोक निर्माण विभाग की मांग अनुसार बैरिकेडिंग हेतु बांस-बल्ली की आपूर्ति हेतु श्री विश्वनाथ मुखर्जी, उप वनामंडलाधिकारी रायपुर वनमंडल, रायपुर 90092-40000, कंटेंटमेंट जोन में सेनिटाइजेशन तथा आवश्यक वस्तुाओ की आपूर्ति व्यवस्था हेतु सुश्री शीतल बंसल,मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत अभनपुर,मो.न. 79742-06483, घरो का एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम को एसओपी अनुसार दवा, मास्क, पीपीई इत्यादी उपलब्ध कराने एवं बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु श्रीमति मीरा बघेल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर मो.नं. 94255-16797, उपरोक्त दर्शित क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सहित अन्य समस्त आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु इंसीडेंट कमांडर श्री सूरज कुमार साहू,डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी(राजस्व) मो.न. 70003-55584, भारत सरकार एवं राज्य शासन के द्वारा समय-समय पर जारी गाईड लाईन अनुसार कंटेंटमेंट जोन में लाकडाउन का कडाई से पालन सुनिश्चत करने हेतु श्री बोधन साहू, थाना प्रभारी,थाना अभनपुर, रायपुर मो.नं. 94791-91053को नियुक्त किया गया है।
रायपुर | प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मोहम्मद असलम ने कहा है कि डॉ रमन सिंह ने भूपेश सरकार के कामकाज पर बेबुनियाद आरोप लगाते हुए सरकार की नाकामियां गिनाई हैं, जो ना सिर्फ हास्यास्पद है, बल्कि निरर्थक भी है। पिछले दिनों देश की ख्याति प्राप्त एजेंसी द्वारा समूचे देश की राज्य सरकारों सहित छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज की प्राथमिकता, प्रशासन, प्रबंधन सहित विभिन्न मुद्दों पर जनता का अभिमत मांगते सर्वे किया था और देश भर के मुख्यमंत्रियों से तुलना एवं आकलन करते हुए एक सूची घोषित की थी, जिसमें छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भाजपा शासित राज्यों से ऊपर तथा देश में दूसरे स्थान पर मुख्यमंत्रियों की सूची में सूचीबद्ध कर, सरकार के कामकाज, सोच और दिशा पर मुहर लगाई थी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह की स्मरण क्षमता इतनी क्षीण नहीं है, कि वह सब भूल जाएं। सर्वे रिपोर्ट भाजपा शासित राज्यों एवं छत्तीसगढ़ की विपक्षी पार्टी भाजपा के लिए आईना की तरह है। लेकिन उन्होंने विपक्षी पार्टी के नेता के रूप में बेजान भूमिका निभाते हुए मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं, जो गैर जरूरी है।
रायपुर | प्रदेशभर में मौसम का हाल बेहाल है। कहीं—कहीं सूरज की लुकाछिपी के कारण लोग घरों से निकलने में डर रहे है। वहीं राजधानी में लगातार पारा गिरता नजर आ रहा है। शनिवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस कम रहा है। इसी तरह न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विज्ञानी का कहना है कि प्रदेश के एक—दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ अंधड़ चलने और छींटे पडऩे की संभावना है। निसर्ग चक्रवात का अवशेष मध्य प्रदेश के पूर्वी भाग में निम्न दाब के क्षेत्र में रूप परिवर्तित हो गया है और इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 4.5 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है।





























