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शादी का प्रलोभन देकर युवक ने किया दुष्कर्म, मामला दर्ज

शादी का प्रलोभन देकर युवक ने किया दुष्कर्म, मामला दर्ज

रायपुर। शहर में आपसी प्रेम व्यवहार के चलते बड़ी संख्या में युवक युवतियों द्वारा प्रेम करने की आड़ में दैहिक शोषण कर विवाह का झांसा देकर किया जा रहा है। टिकरापारा थाना से मिली जानकारी के अनुसार गोकुल नगर टिकरापारा की चौबीस वर्षीय पीडि़ता के साथ आरोपी बलदेव धीवर आयु 35 वर्ष पिता सखऊ राम धीवर द्वारा प्रार्थिया से शादी का प्रलोभन देकर लगातार दुष्कर्म किया जाता रहा। प्रार्थिया द्वारा बार-बार शादी करने का अनुरोध करने पर आरोपी ने उचित जवाब नहीं दिया जिसके चलते टिकरापारा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376/506 एवं 323 के तहत अपराध दर्ज किया है। 
अनलॉक-01 में निजी स्कूलों की मनमानी बढ़ी, ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर पालकों पर फीस जमा करने बनाया जा रहा दबाव

अनलॉक-01 में निजी स्कूलों की मनमानी बढ़ी, ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर पालकों पर फीस जमा करने बनाया जा रहा दबाव

रायपुर। कोरोना वायरस की महामारी को देखते हुए केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा स्कूलों के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देशों का राजधानी रायपुर में निजी स्कूलों द्वारा खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए बच्चों के पालकों से ऑनलाईन पढ़ाई के नाम पर फीस वसूलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। 

अनलॉक 01 में प्रवेश करने के बाद जिस तेज गति से पूरे भारत में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे है उसे देखते हुए केन्द्र सरकार ने स्कूलों को अगस्त में खोले जाने हेतु दिशा-निर्देश जारी किए है। केन्द्र सरकार की दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कोरोना की महामारी से प्रभावित राज्यों द्वारा भी स्कूलों के लिए नये निर्देश जारी कर दिए गए है। छत्तीसगढ़ राज्य में भी स्कूलों के लिए इस संबंध में निर्देश जारी किए गए है। स्कूलों के संचालक स्कूल नहीं खोलने के निर्देश का तो पालन कर रहे है लेकिन बच्चों के पालकों से फीस वसूलने के लिए नया तरीका ढूंढकर अब ऑनलाईन पढ़ाई का बहाना बना रहे है। निजी स्कूलों के संचालकों द्वारा बच्चों के पालकों को मोबाईल फोन पर मैसेज भेजा जा रहा है जिसमें ऑनलाईन पढ़ाई के नाम पर 16 जून से पहले पहले फीस की किस्त जमा कर एडमिशन सुनिश्चित करने को कहा जा रहा है जिससे पालक वर्ग भारी परेशान हो रहे है। जबकि सरकार ने ऑनलाईन पढ़ाई कराने और पालकों से फीस लेने के लिए स्कूलों को कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए है। चूंकि स्कूलें अब तक बंद है तो कोई भी स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों के पालकों से फीस वसूली करने के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता है। इस तरह सरकार के निर्देशा का उल्लंघन करते हुए निजी स्कूलों द्वारा पालकों को मोबाईल फोन पर मैसेज भेजकर फीस जमा कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। 

इधर स्कूलों की मनमानी के खिलाफ छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने और ऑनलाइन क्लासेस और फीस वसूली पर रोक लगाने की मांग किया गया है।  

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन क्लासेस और फीस का मामला तुल पकड़ते जा रहा है। पालक और प्राईवेट स्कूल इस मामले को लेकर रोज आमने-सामने हो रहे है, लेकिन राज्य सरकार या आयोग के द्वारा इस मामले में गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा है, क्योंकि इस संबंध में अब तक कोई स्पष्ट या सख्त आदेश जारी नहीं किया गया है। 
फरार राजस्व निरीक्षक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी, पढिये पूरी खबर

फरार राजस्व निरीक्षक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी, पढिये पूरी खबर

कोंडागांव। जिले के फरसगांव निवासी चिपावंड में पदस्थ राजस्व निरीक्षक गुमान सिंह दीवान द्वारा स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ अपनी पत्नी को लगातार कई वर्षों से शारीरीक मानसिक रूप से प्रताडि़त कर रहा था तथा कई बार जान से मारने प्रयास किया। पुलिस थाना फरसगांव द्वारा एफआईआर दर्ज कर राजस्व निरीक्षक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।  

पुलिस थाना फरसगांव से मिली जानकारी के अनुसार विगत् 30 मई की रात्रि को पुन: शराब के नशे में मारपीट कर जब अपनी पत्नी को जान से मारने की कोशिश की गई तो पत्नी द्वारा महिला हेल्पलाईन को फोन कर मदद मांगने पर तत्काल थाना फरसगांव की टीम पहुंचकर सुरक्षा मुहैया कराते हुए गंभीर रूप से घायल पत्नी व पुत्र का चिकित्सा रात्रि में ही कराते हुए एफआईआर दर्ज की गई। वहीं आरोपी राजस्व निरीक्षक गुमान सिंह दीवान फरार होने पर गिरफ्तार नहीं किया जा सका। पीडि़ता व मायके वालों ने कहा कि अनेक बार जान से मारने की कोशिश करने, मारपीट व धमकी दिए जाने पर सामाजिक, परिवारिक बैठक लेकर समझाईश दी गई थी।  

बावजूद इसके आदत से बाज नहीं आने पर पूर्व में भी मई 2019 में एसडीओपी कार्यालय फरसगांव में शिकायत की गई। आरोपी ने अग्रिम जमानत याचिका कोंडागांव न्यायालय मे लगाई गई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया है। किंतु घटना के एक सप्ताह बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। आरोपी गुमान सिंह दीवान की शीघ्र गिरफ्तारी व कड़ी कार्यवाही के लिए पीडि़ता व मायके वालों ने जान के भय से जिला प्रशासन व पुलिस से गुहार लगाई है। पुलिस निरीक्षक फरसगांव विनोद साहु ने बताया कि गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जायेगा।
हाथियों का आतंक, घर मे सो रही महिला को उतारा मौत के घाट

हाथियों का आतंक, घर मे सो रही महिला को उतारा मौत के घाट

कोरबा। जिले के कटघोरा वन मंडल में वन परिक्षेत्र केन्दई के ग्राम अंतर्गत ठिहाईपारा लमना में लोनर हाथी द्वारा हमला कर घर में सो रही महिला आरती ओमप्रकाश उम्र 30 वर्ष को रात्रि लगभग 12.30 घायल किया गया। उसके बाद ग्रामीणों की सूचना पर डायल 112 द्वारा पोड़ी उपरोड़ा हॉस्पिटल लाया जा रहा था उसी दौरान रास्ते में मौत हो गई। कटघोरा मंडल में हाथी का आतंक जारी है। जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग द्वारा जंगली हाथियों को भगाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। लेकिन 10 महीनों से जंगली हाथी कटघोरा वन मंडल में जमे हुुए हैं। जिससे ग्रामीणों को दहशत में जीना पड़ रहा है। लोनर हाथी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। जंगली हाथी ने पसान वन परिक्षेत्र में पिछले हफ्ते भी एक ग्रामीण की जान ली थी। वन विभाग की नाकाम व्यवस्था के चलते ग्रामीणों को जान गंवाना पड़ रहा है
नक्सलियों को सरकारी कारतूस सप्लायर एएसआई और हेड कांस्टेबल गिरफ्तार

नक्सलियों को सरकारी कारतूस सप्लायर एएसआई और हेड कांस्टेबल गिरफ्तार

सुकमा। जिले के पुलिस ने नक्सलियों के अर्बन नेटवर्क से जुड़े एएसआई आनंद जाटव और हेड कांस्टेबल सुभाष सिंह को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी नक्सलियों को सरकारी कारतूस सप्लाई करते थे। अप्रैल में कांकेर पुलिस ने शहरी नेटवर्क में शामिल ठेकेदार सहित कई लोगों को अपनी गिरफ्त में लिया था। इन्हीं से हुई पूछताछ के दौरान सुकमा से नक्सलियों को कारतूसों सप्लाई होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद से सुकमा पुलिस लगातार कई संदिग्ध जवानों पर नजर रख रही थी। 

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक संदिग्धों के लगातार मोबाइल फोन टेप व ट्रेस किए जा रहे थे। उनकी हर एक गतिविधियों पर पुलिस की नजर बनाए हुए थे। मनोज शर्मा व हरीशंकर स्कॉर्पियो से सुकमा पहुंचे थे। जैसे ही एएसआई बाइक से मलकानगिरी चौक पहुंचा, तभी सबको पकड़ लिया गया। तीनों को पकड़े जाने के बाद पुलिस ने हेड कांस्टेबल को भी इंदिरा कॉलोनी स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए हेड कांस्टेबल व एएसआई ने दो बार कारतूस बेचे जाने की बात कबूल की है। तीसरी बार वे पुलिस के हत्थे चढ़ गए। हेड कांस्टेबल की ड्यूटी शस्त्रागार में लगी थी। पुलिस ने 04 जून को माओवादियों के लिए गोला बारूद एवं अन्य सामग्री के सप्लाई के सम्बंध में मुखबिर से सूचना मिलने पर धमतरी निवासी मनोज शर्मा व बालोद निवासी हरिशंकर गेडाम को सुकमा मलकानगिरी चौक से घेराबंदी कर पकड़ा गया था। इनके कब्जे से 303 व एसएलआर हथियारों के 395 राउंड कारतूस मिले थे। जिसमे पूछताछ में मनोज शर्मा व हरिशंकर गेडाम की निशानदेही पर दुर्गकोंदल के गणेश कुंजाम व आत्माराम नरेटी को गिरफ्तार किया गया और उन दोनो का सम्पर्क कांकेर के बड़े नक्सली लीडर दर्शन पेद्दा प्रतापपुर एरिया कमेटी सचिव से होने की बात सामने आयी। इनके कब्जे से भी 70 राउंड इंसास और 303 के मिले ।303, एके 47, एसएलआर, इंसास के कुल 695 राउंड् कारतूस बरामद हुए जिस पर कोतवाली थाना सुकमा में अपराध क्रमांक 51/20 दर्ज कर विवेचना की जा रही है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि नक्सलियों को कारतूस बेचने के मामले में दोनों जवानों के संलिप्तता सामने आने पर दोनो को हिरासत में ले कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। मामले की सूक्ष्मता से जांच करने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में 09 सदस्यीय एसआईटी गठित की गयी है। अभी इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना।
गाड़ी की डिक्की से 49 हजार पार, घर पहुंचने पर पता चला रूपये हो गए है पार

गाड़ी की डिक्की से 49 हजार पार, घर पहुंचने पर पता चला रूपये हो गए है पार

महासमुंद। बाइक के डिक्की से 49 हजार रूपये अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उठाई गिरी का मामला सामने आया है। किसान बैंक से रूपये निकाल कर जब घर पहुंचा और बाइक के डिक्क में रूपये निकालने हाथ फेरा तो उसके होश उड़ गए। बाइक की डिक्की में रूपये से भरा थैला नहीं था। मामला पिथौरा थाना का है। इधर, पिथौरा पुलिस को जब इसकी जानकारी हुई तो अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुट गए है। पिथौरा थाना प्रभारी एके स्वर्णकार ने बताया कि ग्राम डोंगरीपाली के किसान परखित साहू सोमवार को अपने भाई के साथ रूपये निकालने सुपर एक्सल से कॉर्पोरेटिव बैंक पिथौरा आया था। दोनों बैंक से 49 हजार रूपये निकाले और रूपये को गाड़ी की डिक्की में रखकर वापस गांव जाने के लिए रवाना हुए। दोपहर ढ़ाई बजे बार चौक के पास दोनों ने गाड़ी खड़ी की और नाश्ता करने एक होटल में चले गए। इस दौरान दोनों उन्होंने डिक्की से रूपये नहीं निकाले। दोनों नाश्ता कर वापस लौटे और गाड़ी उठाकर घर की रवाना हुए। शाम को जब घर पहुंचे और रूपये निकालने के लिए डिक्की में हाथ फेरे तो पता चला कि रूपये से भरा थैला डिक्की में नहीं है। इसके बाद देर शाम थाने आकर इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई है। किसान ने बताया कि संभवत: बार चौक के पास अज्ञात आरोपियों ने डिक्की से रूपये निकाले होंगे।

पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज-
इधर, उठाईगिरी की सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई है। आसपास के क्षेत्र में पूछताछ कर रही है, वहीं विभिन्न जगहों की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। थाना प्रभारी का कहना है कि संभवत: अज्ञात व्यक्ति किसान का बैंक के बाहर से ही नजर रख रहे थे। होटल में जब नाश्ता करने किसान अंदर गए तभी अज्ञात व्यक्तियों ने डिक्की से रूपये निकल कर फरार हो गए।
मुख्यमंत्री बघेल ने कोरोना नियंत्रण, व्यवस्थाओं और आगे की रणनीति तय करने ली महत्वपूर्ण बैठक

मुख्यमंत्री बघेल ने कोरोना नियंत्रण, व्यवस्थाओं और आगे की रणनीति तय करने ली महत्वपूर्ण बैठक

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में कोरोना संक्रमण से बचाव, नियंत्रण के उपायों और मरीजों के इलाज की व्यवस्थाओं की समीक्षा की साथ ही आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने क्वारेंटीन सेंटर्स की व्यवस्था, अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि संक्रमित व्यक्ति से अस्पताल आने वाले अन्य मरीजों में संक्रमण नहीं फैले। चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ के लोग संक्रमण से बचाव के लिए गाइड लाईन का पालन करें। श्री बघेल ने वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के माध्यम से एम्स रायपुर के निदेशक और बिलासपुर सिम्स के अधिकारियों से भी वहां की व्यवस्थाओं और आगे की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिलों में 141 कोविड केयर सेंटरों और कोविड के मरीजों के लिए 21 हजार 230 बिस्तर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने मुख्यमंत्री को विभिन्न अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कोविड-19 नियंत्रण के लिए प्रदेश स्तर पर किए जा रहे उपायों की भी जानकारी दी। बघेल ने बैठक में शामिल अधिकारियों से क्वारेंटाइन सेंटर्स की संख्या, वहां की व्यवस्था और रह रहे लोगों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रदेश में पहुंच चुके प्रवासी मजदूरों के लिए संचालित क्वारेंटाइन सेंटर्स एवं वहां की व्यवस्था के बारे में चर्चा की और अगले कुछ दिनों में पहुंचने वाले मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटर्स में रखने की व्यवस्था के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। 
 
मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों एवं वहां भर्ती मरीजों के बारे में जानकारी ली। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में क्षेत्रीय स्तर पर डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में 1770 बेड हैं, वहीं जिले स्तर पर डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में 3470 बिस्तर की व्यवस्था है। इन सभी अस्पतालों में आईसीयू की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त बिना लक्षण वाले और कम लक्षण वाले मरीजों हेतु 141 कोविड केयर सेंटर जिलों में स्थापित किये जा रहे हैं, जहाँ 7234 बिस्तर उपलब्ध होंगे व 6500 बिस्तर के अतिरिक्त कोविड केयर यूनिट की स्थापना प्रक्रियाधीन है।

अधिकारियों ने बताया क्वारेंटीन सेंटर में पूर्व से उपलब्ध 4026 बिस्तरों को भी आवश्यकता पडऩे पर कोविड केयर सेंटर में परिवर्तित किया जायेगा। इस प्रकार प्रदेश में कोविड-19 मरीजों हेतु 21 हजार 230 बिस्तर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कोरोना वायरस संक्रमितों के स्वास्थ्य की गंभीरता, लाक्षणिक और गैर-लाक्षणिक मरीजों की जांच व स्वास्थ्य की स्थिति एवं उपचार की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। श्री बघेल ने आने वाले दिनों में कोविड-19 पर नियंत्रण के प्रभावी उपायों और इसका सामुदायिक प्रसार रोकने के संबंध में एम्स के निदेशक डॉ. नितिन एम. नागरकर से सुझाव मांगे। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच करने और इलाज के बारे में आगामी कार्ययोजना एवं रणनीति पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सिम्स बिलासपुर के डीन और अधीक्षक से वहां कोरोना वायरस संक्रमित डॉक्टर एवं मेडिकल स्टॉफ के बारे में जानकारी ली। डीन डॉ. पात्रा ने मुख्यमंत्री को डॉक्टरों के संक्रमण के कारणों की जानकारी दी। उन्होंने इससे बचने के लिए वहां की जा रही सावधानियों के बारे में भी बताया।

मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने सभी मेडिकल कॉलेजों को जरूरी सावधानी बरतने तथा इलाज के लिए आने वाले गंभीर मरीजों का गंभीरतापूर्वक उपचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इलाज और देखभाल के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों को अपनाने और सभी को इनका अनिवार्यत: पालन करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्ले, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, खाद्य एवं परिवहन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एस.एल. आदिले और सिम्स बिलासपुर के डीन डॉ. पात्रा शामिल हुए। एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. नितिन एम. नागरकर तथा सिम्स बिलासपुर के अधीक्षक डॉ. पुनीत भारद्वाज अपने-अपने कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेस में जुड़े।
राजधानी में पीलिया के 41 मरीज भर्ती, 3 की मौत, 51 हो चुके है डिस्चार्ज

राजधानी में पीलिया के 41 मरीज भर्ती, 3 की मौत, 51 हो चुके है डिस्चार्ज

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फैले पीलिया से पीडि़त 41 मरीज अभी भी शासकीय व निजी अस्पतालों में भर्ती है, वहीं 51 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है जबकि इस बीमारी से 03 लोगों की मौत भी हुई है। 

राजधानी रायपुर में कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के दौरान पीलिया की बीमारी भी फैली थी। इस बीमारी ने सैकड़ों लोगों को अपनी चपेट में लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने जब पीलिया प्रभावित क्षेत्रों में परीक्षण करना शुरू किया तो 243 सत्रों का आयोजन करते हुए लगभग 25 हजार 709 घरों में जाकर लगभग 03 हजार 815 लोगों का रक्त परीक्षण किया गया, जिनमें कुल 675 लोग वायरस हेपेटाइटिस के मरीज पाये गये। वहीं इस पीलिया से पीडि़त 95 मरीज ऐसे थे जिन्हें उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया है। इस दौरान 03 मरीजों की मौत भी हुई, जबकि 51 मरीज स्वस्थ हो गए जिन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। वर्तमान में अभी भी 41 मरीज अस्पताल में भर्ती है, इनमें 09 मरीज शासकीय एवं 32 मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती है। 

 पार्टनर बनाने और नौकरी लगाने के नाम पर तीन व्यापारियों से लाखो की धोखाधड़ी, पढ़े पूरी खबर

पार्टनर बनाने और नौकरी लगाने के नाम पर तीन व्यापारियों से लाखो की धोखाधड़ी, पढ़े पूरी खबर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से कृषि विज्ञान केंद्र व सहायता समूह में पार्टनर बनाने और नौकरी लगाने का झांसा देकर तीन व्यापारियों से साढ़े दस लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है। 

पढ़िए पूरी खबर-
टिकरापारा स्थित विनायक अपार्टमेंट निवासी गुरमीत सिंह पिता महेंद्र सिंह, नेचर सिटी निवासी कृष्ण कुमार बघेल पिता वेदप्रकाश व चांटीडीह निवासी नंद कुमार साहू की मुलाकात 2017-18 में सरकंडा क्षेत्र के मोपका स्थित विवेकानंद कॉलोनी निवासी तरुनी सारथी से हुई। उसने खुद को हंसवाहिनी महिला मंडल स्व. सहायता समूह की संचालिका बताया और तीनों व्यवसायियों को साथ में बतौर पार्टनर काम करके सूमह के माध्यम से लाभ कमाने की बात कही। इसके साथ ही महिला ने उन्हें कृषि विज्ञान केंद्र में पार्टनरशिप व नौकरी दिलाने का झांसा दिया। महिला ने दावा किया कि उसके बड़े-बड़े अफसरों से भी जान पहचान है। तीनों व्यापारी उसकी बातों में आ गए। उन्होंने महिला के ऑफर को स्वीकार कर लिया। फिर तीनों ने मिलकर करीब 11 लाख रुपये जुटाए और महिला को दे दिए। लेकिन उन्हें न तो पार्टनरशिप व उसका लाभ मिला और न ही महिला ने रकम वापस की। इधर महिला लगातार उन्हें झांसा देकर गुमराह करती रही। करीब डेढ़ साल तक चक्कर काटने के बाद महिला टालमटोल करने लगी। आखिरकार परेशान होकर उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से की। कोतवाली पुलिस ने आरोपित महिला तरुनी सारथी के खिलाफ धारा 120(बी) और 420 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
भारत सरकार के ललित कला अकादमी में दुर्ग के अंकुश को मिली जगह

भारत सरकार के ललित कला अकादमी में दुर्ग के अंकुश को मिली जगह

नई दिल्ली, भारत सरकार के ललित कला अकादमी में दुर्ग निवासी श्री अंकुश देवांगन जी को समिति का कौंसिल मेम्बर बनाया गया है, आपको बता दे ललित कला अकादमी से जुड़ना हमारे छत्तीसगढ़ के इस कलाकार लिए एक बड़ी उपलब्धि है श्री अंकुश जी छोटी से छोटी वस्तुओ में अदभुत कलाकारी करने में माहिर है इनकी इस कला से पूरा छत्तीसगढ़ परिचित है. आपको बता दे मुक्तांगन के बाहरी वॉल में जो मिनरल्स बने हैं जिनको गोल्डन बुक में शामिल किया गया है वह भी इन्हीं के द्वारा निर्मित है

 

सप्रे शाला मैदान छोटा करने का कार्य तत्काल नहीं रोकने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी- संजू नारायण

सप्रे शाला मैदान छोटा करने का कार्य तत्काल नहीं रोकने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी- संजू नारायण

रायपुर,भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश महामंत्री संजू नारायण सिंह ठाकुर के नेतृत्व में आज निगम महापौर एजाज ढेबर व कलेक्टर रायपुर को बूढ़ापारा स्थित ऐतिहासिक सप्रे शाला व दानी स्कूल मैदान के क्षेत्रफल को घटाने के विरोध में ज्ञापन सौंपा है। इस संबंध में भाजयुमो प्रदेश महामंत्री संजू नारायण सिंह ठाकुर ने बताया कि बूढ़ा तालाब स्थित सप्रे शाला मैदान अपने आप में एक गौरवशाली इतिहास लिए हुए हैं। इस इतिहास में सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ी ही नहीं अपितु संपूर्ण भारत के महान नेता गणों ने अपनी आवाज अपने विचार जनमानस को यही पर समर्पित कर जन कल्याणकारी इतिहास रचने का कार्य किया है। भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने इसी सप्रे शाला मैदान से छत्तीसगढ़ बनाने की ऐतिहासिक घोषणा की है।इसी मैदान से न जाने कितने ही उत्कृष्ट खिलाड़ी प्रशिक्षण लेकर अपने खेल में विशेष योग्यता हासिल कर न सिर्फ देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाए हुए है। आज भी विविध सांस्कृतिक,सामाजिक व राजनीतिक कार्यक्रम शहर के बीच में बड़े मैदान होने की वजह से बड़ी आसानी से किसी भी प्रकार के यातायात को बाधित किए बगैर यहां संपन्न हो जाते हैं।लेकिन कांग्रेस की सरकार स्वर्णिम इतिहास को दबाने में और गौरवशाली क्षणों के साथ छेड़छाड़ करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है।

इसी कड़ी में बीते दिनों रायपुर नगर निगम द्वारा सप्रे शाला मैदान के क्षेत्रफल को छोटा करने की साजिश के तहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं ।बाउंड्री वॉल मैदान को छोटा कर दिया गया है जिसकी वजह से मैदान अब कुछ ही क्षेत्रफल का बचा हुआ है ।जिसकी भारतीय जनता युवा मोर्चा भर्त्सना करती है कड़ा विरोध करती है। श्री ठाकुर ने आगे कहा कि आज हमने शांतिपूर्वक तरीके से निगम महापौर को व कलेक्टर रायपुर को ज्ञापन सौंपा है यदि निगम महापौर या फिर जिलाधीश इस पर कार्रवाई नहीं करते हैं तो हमारी चेतवानी है कि भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता इसका उग्र विरोध करते हुए संबधित मैदान में धरने पर बैठ जाएगी जिसके लिए निगम के महापौर जिम्मेदार होंगे। ज्ञापन देने में भाजयुमो जिलाध्यक्ष राजेश पांडे,जिला महामंत्री अमित महेश्वरी,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राहुल राव,पार्षद मनोज वर्मा, माना मंडल अध्यक्ष रविंद्र ठाकुर, सदर बाजार मंडल अध्यक्ष प्रवीण देवड़ा, सौरभ जैन, फणींद्र तिवारी मोहित नत्थानी,विशेष विद्रोही बघेल व आशीष जंघेल उपस्थित रहे। 

क्वारेंटाइन सेंटरों की व्यवस्था सुदृढ़ करें, सामुदायिक संक्रमण की स्थिति से बचने के लिए ठोस उपाय करें : सुश्री उइके

क्वारेंटाइन सेंटरों की व्यवस्था सुदृढ़ करें, सामुदायिक संक्रमण की स्थिति से बचने के लिए ठोस उपाय करें : सुश्री उइके

रायपुरअब कोरोना वायरस से लड़ने का यह निर्णायक समय है। राज्य में कोविड-19 के सामुदायिक संक्रमण से बचने के लिए ठोस प्रयास करें। राज्य के विभिन्न स्थानों में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटरों की व्यवस्था में सुधार करें, वहां महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों की देखभाल की व्यवस्था सुदृढ़ करें, साफ-सफाई रखें और भोजन-पेयजल की उचित व्यवस्था की जाए। प्रत्येक सेंटर में महिलाओं के लिए सेनिटरी पेड का इंतजाम करें। उनकी अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखें। आम जनता ने क्वारेंटाइन सेंटर के हालात के बारे में मुझे सोशल मीडिया तथा पत्र के माध्यम से अवगत कराया, अतएव इन सेंटरों में सुधार की आवश्यकता है। इन सेंटरों में गर्भवती माताओं, बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन प्रदान करें। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने कही। राज्यपाल ने आज राजभवन में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति एवं उससे बचाव के उपायों एवं राज्य शासन के प्रयासों के संबंध में मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक ली। उन्होंने कहा कि क्वारेंटाइन सेंटर में अधिक से अधिक टेस्ट किया जाए और यह ध्यान रखें कि कोई भी सेंटर न छूटने पाए।


राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अनलॉक पीरियड के इस दौर में हमें अभी और अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ में अभी भी अन्य राज्यों की तुलना में शासन के प्रयासों से कोरोना वायरस से बचाव के लिए बेहतर कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता को सोशल डिस्टेंसिंग एवं इस महामारी से बचने के संबंध में जागरूक किया जाना आवश्यक है। बैठक में मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव गृह श्री सुब्रत साहू, राज्यपाल के सचिव एवं श्रम विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राज्यपाल ने कहा कि क्वारेंटाइन सेंटर में तथा कोरोना संक्रमण से हुए मौतों के लिए संबंधित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में नीतिगत निर्णय लिये जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश के कई छात्र, विदेशों विशेषकर किर्गिस्तान में फंसे हुए हैं, उन्हें यहां लाने की व्यवस्था किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जो प्रवासी मजदूर बाहर से आए हैं, उनके कौशल के आधार पर उन्हें बैंकों के माध्यम से बिना गारंटी का ऋण उपलब्ध कराने के संबंध में भी कार्यवाही की जानी चाहिए। सुश्री उइके ने अनुसूचित क्षेत्रों, आदिवासी बहुल क्षेत्रों में मनरेगा के तहत पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित आयुर्वेद काढ़े का क्वारेंटाइन सेंटर में वितरण किया जाए, जिससे उनके रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हो। राज्यपाल ने कहा कि कंटेनमेंट जोन सहित अन्य क्षेत्रों में पुलिस विभाग, आम जनता के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार करें और मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं। राज्यपाल ने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए केन्द्र सरकार से किसी भी प्रकार की मदद की अपेक्षा है उन्हें अवगत कराएं, वे इसके लिए स्वयं पहल करेंगी।


मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल ने बैठक में जानकारी दी कि कोविड-19 के रोकथाम के लिए प्रदेश में पुख्ता व्यवस्था की जा रही है। छत्तीसगढ़ के श्रमिक जो बाहर से आए हैं, उनके लिए रोजगार की व्यवस्था की गई है और एक दिन में करीब 26 लाख श्रमिक मनरेगा के तहत कार्य कर रहे हैं। उन्हें स्वयं के खेत में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भूमि समतलीकरण, डबरी निर्माण जैसे कार्य दिया गया है। साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में लघु वनोपज के संग्रहण के बदले उन्हें करीब 32 करोड़ की राशि दी गई है, जिसे भारत सरकार की संस्था ट्राइफेड ने भी इसकी सराहना की है। श्री मण्डल ने राज्यपाल के माध्यम से मनरेगा का कार्यदिवस प्रदेश में 200 दिन करने का आग्रह किया। साथ ही आने वाले दिनों में संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए केन्द्र सरकार से सहायता राशि दिलाने का आग्रह किया।
अपर मुख्य सचिव गृह श्री सुब्रत साहू ने बताया कि प्रदेश में कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए अंतर्राज्यीय परिवहन के रोक को यथावत रखा गया है। साथ ही यह रोक शॉपिंग मॉल और मल्टिप्लेक्स पर भी फिलहाल बनी रहेगी। श्रम सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि 29 अप्रैल के बाद से अब तक करीब 03 लाख श्रमिकों को छत्तीसगढ़ लाया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा 65 ट्रेनों की व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से करीब 88 हजार लोग आ चुके हैं। जो श्रमिक यहां पहुंच चुके हैं, उनके रोजगार की व्यवस्था के लिए 1500 कारखाने प्रारंभ हो चुके हैं। लॉकडाउन के दौरान करीब 37 हजार श्रमिकों को शिकायत के आधार पर करीब 39 करोड़ रूपए की राशि कारखाना मालिकों द्वारा दिलवाई गई। उसके साथ ही जो दूसरे राज्य से श्रमिक यहां पहुंचे, लॉकडाउन के दौरान उनके रूकने की व्यवस्था की गई और उनके गृह ग्राम पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
स्वास्थ्य सचिव श्रीमती निहारिका बारिक ने जानकारी दी कि भविष्य में संक्रमण की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए रायपुर के इंडोर स्टेडियम में 150 बिस्तरों की और सुभाष स्टेडियम में 70 बिस्तरों की व्यवस्था की जा रही है तथा अन्य स्थानों में भी इसी प्रकार के कोविड-19 अस्पताल तैयार किये जाएंगे। खाद्य सचिव श्री कमलप्रीत सिंह ने प्रवासी श्रमिकों के लिए किये गए राशन वितरण एवं ट्रांसपोर्ट व्यवस्था की जानकारी दी। बैठक में रायपुर जिले के प्रभारी कलेक्टर श्री सौरभ कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आरिफ शेख भी उपस्थित थे।

विधान सभा की वर्ष 2020-21 के लिए गठित प्राक्कलन समिति की प्रथम बैठक संपन्न

विधान सभा की वर्ष 2020-21 के लिए गठित प्राक्कलन समिति की प्रथम बैठक संपन्न

रायपुर | छत्तीसगढ़ विधान सभा की वर्ष 2020-21 के लिए गठित प्राक्कलन समिति की प्रथम बैठक आज विधान सभा परिसर स्थित मुख्य समिति कक्ष में संपन्न हुई । समिति की आज संपन्न प्रथम बैठक में मान. विधान सभा अध्यक्ष डॉ.  चरणदास महंत विशेष रूप से उपस्थित थे । बैठक में समिति के सभापति संतराम नेताम, सदस्य लखेश्वर बघेल, शिशुपाल सोरी, देवेन्द्र यादव, अशीष कुमार छाबडा, चन्दन कश्यप एवं विधान सभा के प्रमुख सचिव चन्द्र शेखर गंगराड़े भी उपस्थित थे ।

प्राक्कलन समिति की प्रथम बैठक को सम्बोधित करते हुए विधान सभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि-प्राक्कलन समिति विभागों के प्राक्कलनों पर विचार करती है और विभागीय नीति के अनुरूप खर्च पर नियंत्रण करने तथा बचत के सुझाव देती है । समिति पूर्व के वित्तीय वर्षो में किये गये खर्च को देखते हुए भविष्य में किन योजनाओं पर कार्य किया जाना है उसके संबंध में भी सुझाव देती है । प्राक्कलन समिति का कार्य यह भी है कि-वह विभागों की कार्य पद्धतियों का परीक्षण करे और विभागों की कार्य प्रणाली में किस प्रकार से सुधार किया जा सकता है, उसके संबंध में अनुशंसा करें ताकि जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनता को मिल सके ।
उन्होने कहा कि-विभागों में कई बार राशि वर्ष के अंतिम महीनों में खर्च की जाती है जिसके कारण उस राशि से राज्यहित में जो कार्य होना रहता है वह अपेक्षित रूप से पूर्ण नही हो पाता । उन्होने कहा कि-प्राक्कलन समिति वित्तीय स्वरूप की एक महत्वपूर्ण समिति है । प्राक्कलन समिति को यह भी देखना है कि जिन कार्यो के लिए राशि की मांग की गई है उन कार्यो की वास्तव में उपयोगिता है अथवा नहीं, यदि अनावश्यक कार्यो के लिए राशि की मांग की गई है जो ऐसे कार्यो में मितव्ययिता लाने के लिए भी समिति को सुझाव देने एवं अनुशंसा करने का अधिकार है । उन्होने यह अपेक्षा व्यक्त की कि समिति अधिक से अधिक बैठके कर लंबित कार्यो को निपटाने के लिए कार्य करेंगी जिससे विधान सभा के प्रति जनता का विश्वास दृढ हो । प्राक्कलन समिति के सभापति संतराम नेताम ने कहा कि-प्राक्कलन समिति का मुख्य कार्य प्रशासन में कार्यपटुता ओर मितव्ययिता लाने के लिए वैकल्पिक नीतियों का सुझाव देना है । उन्होने विश्वास दिलाया कि विधान सभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत जी की अपेक्षाओं के अनुरूप समिति अपना कार्य करेगी, जिससे प्रदेश की जनता को शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त हो । समिति की बैठक में समिति के सदस्य श्री शिशुपाल सोरी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव रखे ।  
 
गोबरा-नवापारा के साथ आरंग के कुछ इलाके कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित

गोबरा-नवापारा के साथ आरंग के कुछ इलाके कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित

रायपुर | रायपुर शहर के साथ ही अब आसपास के इलाकों में भी तेजी से कोरोना संक्रमण अपना पैर पसार रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए तथा जहां-जहां से कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं, उन इलाकों को सील कर कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। 

सूत्रों ने बताया कि रविवार को रायपुर शहर के साथ ही जिले में भी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीज सामने आए थे। इसके बाद इन मरीजों की पहचान करने के बाद उनके घरों के आसपास के इलाकों को सील करने की कार्यवाही जारी है। इसी क्रम में अब 4 और इलाकों को सील किया गया है। इनमें नगर पालिक परिषद गोबरा नवापारा, ग्राम पंचायत चंपारण, ग्राम पंचायत कोडापार, नगर पालिक परिसर आरंग के इलाके कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए हैं। संबंधित क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन की सीमाएं निर्धारित की गई है। कंटेनमेंट जोन के अंतर्गत प्रवेश या निकास के लिए केवल 1 द्वार होगा। कंटेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफि स और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश पर्यन्त पूर्णत: बंद रहेंगे। सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारण से  कंटेनमेंट जोन या मकान के बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। 
 
BIG NEWS: सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बल के जवानों ने नक्सलियों के बिछाये 8 बम बरामद किये, पढ़े पूरी खबर

BIG NEWS: सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बल के जवानों ने नक्सलियों के बिछाये 8 बम बरामद किये, पढ़े पूरी खबर

दंतेवाड़ा | छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है | खबर मिल रही है कि दंतेवाड़ा से जगरगुंडा को जोड़ने वाली सड़क में नक्सलियों ने बम लगाया था। सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बल के जवानों ने एक-एक करके 8 बम बरामद किये है ।

जानकारी के अनुसार यह घटना कोंडासावली गांव की है, जहां इलाके में तैनात सीआरपीएफ 231 बटालियन के जवान वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए सीविक एक्शन प्लान करने निकले थे। रास्ते भर में नक्सलियों ने आईईडी बिछा रखी थी। जिसे जवानों ने डिटेक्ट करते हुए सुरक्षित डिफ्यूज भी कर दिया। मौके से नक्सलियों के लगाये 2 सन्त्री भी जवानों को दिखे, जिन्हें जवानों ने पीछा भी किया पर जंगलो की आड़ लेकर दोनों भागने में कामयाब रहे। इसकी पुष्टि सीआरपीएफ डीआईजी डीएन लाल ने की है।

युवक ने किया क्वारेंटाइन में रहने से मना, युवक के खिलाफ जुर्म दर्ज, जाने कहा की है यह खबर

युवक ने किया क्वारेंटाइन में रहने से मना, युवक के खिलाफ जुर्म दर्ज, जाने कहा की है यह खबर

महासमुंद | क्वारेंटाइन में रहने से एक युवक द्वारा मना करने का मामला प्रकाश में आया है। मामला कोमाखान थाना क्षेत्र के ग्राम करहीडीह का है। बताया जा रहा है, युवक ने गांव आने के बाद इसकी सूचना भी पंचायत को नहीं दी। घर में बिना बताए रहने लगा था। सूचना पर जब कर्मचारियों ने उसे क्वारंटाइन में रहने को कहा तो उसने मना कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 188 के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है। पुलिस के अनुसार ग्राम करहीडीह का सरपंच खेमराज ठाकुर पिता विशाल सिंह ठाकुर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि शुक्रवार को गांव का रहने वाला मनोहर लाल साहू पिता रामू लाल साहू ग्राम फिंगेश्वर में तेन्दूपत्ता फड़ में मैनेजर है जो गुरुवार को वहां से गांव आया और इसकी जानकारी पंचायत को नहीं दी।

नेहरू नगर से मिनीमाता चौक तक सड़क का होगा कायाकल्प, लोक निर्माण मंत्री ने विस्तार और सौंदर्यीकरण के दिए निर्देश

नेहरू नगर से मिनीमाता चौक तक सड़क का होगा कायाकल्प, लोक निर्माण मंत्री ने विस्तार और सौंदर्यीकरण के दिए निर्देश

रायपुर दुर्ग जिले में नेहरू नगर से मिनीमाता चौक (पुलगांव) तक लगभग 8 किलोमिटर सड़क का शीघ्र कायाकल्प होगा और यह सड़क हाई-मास्ट तथा बहुरंगी एल.ई.डी. लाईट से जगमगाएगी। लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने विभागीय अधिकारियों को विस्तार और सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा इसका प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। अब शीघ्र ही निविदा आमंत्रित एवं स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा। मंत्री श्री साहू ने इस विस्तार कार्य में पड़ने वाले सभी चौराहों पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर आधारित कला, भित्ती-चित्र के साथ ही पर्यटन स्थल, साक्षरता, योगा आदि चित्रों को प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। श्री साहू ने आज अपने रायपुर निवास कार्यालय में इस कार्य योजना की प्रस्तुतिकरण को देखने के बाद कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
बैठक में प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी ने प्रस्तुतिकरण के जरिए इस कार्य योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सुधार एवं विस्तार कार्य के दौरान नेहरू नगर चौक के आगे बटालियन के पास योगा पार्क भी बनेगा। इसी तरह मालवीय नगर चौक, राजेन्द्र पार्क चौक, गांधी चौक, पटेल चौक और गंजपारा चौक पर एल.ई.डी. स्ट्रीट लाईट फिटींग, विद्युतिकरण, हाई-मास्ट और आर.जी.बी. लाईट से रोशन किया जाएगा। इस कार्य योजना पर लगभग 8 करोड़ रूपए व्यय प्रस्तावित है।

सीएम ने लाठीचार्ज मामले में ट्वीट कर कहा-अमानवीय घटना स्वीकार नहीं, सस्पेंड करने के दिए निर्देश

सीएम ने लाठीचार्ज मामले में ट्वीट कर कहा-अमानवीय घटना स्वीकार नहीं, सस्पेंड करने के दिए निर्देश

रायपुर | बीरगांव में आमजनों पर लाठियां बरसाने वाले उरला टीआई को संस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक भी यह शिकायत पहुंच गई है, उन्होंने कहा कि यह अमानवीय है और इसे किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। 

बीरगांव में लाठीचार्ज करने वाले उरला टीआई का वीडियो वायरल होने के बाद से ही आलोचनाएं शुरू हो गई थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उरला टीआई को सस्पेंड करने का निर्देश दे दिया था। इधर आज सीएम भूपेश ने ट्वीट कर कहा कि यह अमानवीय है और स्वीकार्य नहीं है। विभागीय जांच का गठन किया गया है और उसे छुट्टी पर भेज दिया गया है। ज्ञात होकि बीरगांव में एक के बाद एक नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। जिसके बाद प्रशासन ने यहां के कई इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। इस बीच रविवार को एक वीडियो तेजी से वायरल हो गया जिसमें कथित टीआई बाहर निकले लोगों पर अंधाधुंध लाठियां बरसाते दिखे थे। इसके बाद से ही आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया था। 
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की धार्मिक स्थलों में फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ पूजा अर्चना आरम्भ करने की पहल का शंखनाद और मंत्रोच्चार के साथ 31 ब्राम्हणों ने व्यक्त किया आभार

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की धार्मिक स्थलों में फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ पूजा अर्चना आरम्भ करने की पहल का शंखनाद और मंत्रोच्चार के साथ 31 ब्राम्हणों ने व्यक्त किया आभार

रायपुरमुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के द्वारा धार्मिक स्थलों में आज से फिजिकल और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पूजा अर्चना प्रारंभ किये जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए आज उनके निवास स्थान पर रायपुर विधायक श्री विकास उपाध्याय के नेतृत्व में 31 ब्राम्हणगणों ने शंखनाद एवं मंत्रोच्चार के साथ उनका आभार व्यक्त कर अभिनंदन किया ।

विधायक श्री विकास उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ में धार्मिक स्थलों के खोले जाने का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री श्री बघेल को देते हुए कहा कि उन्हीं के प्रयासों से यह शुभ कार्य सम्भव हो पाया है । ब्राम्हणगणों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल का आभार व्यक्त करते हुए उनके नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किये जा कार्यों की सराहना की । 

 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने ब्राम्हण गणों से कोरोना महामारी के बचाव के लिए मन्दिरों में मास्क एवम सेनेटाइजर के साथ ही फिजिकल डिस्टेंसिंग का अनिवार्य पालन करने को कहा है । उन्होंने कहा कि आप सुरक्षित रहेंगे तभी मन्दिर परिसर भी सुरक्षित होगा ।


केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विद्युत संशोधन बिल समाज के गरीब तबकों, किसानों और आम जनता के हित में नहीं : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विद्युत संशोधन बिल समाज के गरीब तबकों, किसानों और आम जनता के हित में नहीं : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

रायपुर | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विद्युत संशोधन बिल 2020 को समाज के गरीब तबको एवं किसानों के लिए अहितकारी बताते हुए इस संबंध में केन्द्रीय विद्युत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री आर.के. सिंह को पत्र लिखकर देश की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस संशोधन बिल को फिलहाल स्थगित रखने का आग्रह किया है। 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए संशोधन बिल को लागू करने से पूर्व सभी राज्य सरकारों से इस पर विचार-विमर्श करने तथा समाज के गरीब तबको एवं जन सामान्य के हितों का ध्यान रखने की बात कही है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय मंत्री को प्रेषित अपने पत्र में कहा है कि इस संशोधन बिल में क्रास सब्सिडी का प्रावधान किसानों और गरीबों के हित में नही है। समाज के गरीब तबके के लोगों और किसानों को विद्युत सब्सिडी दिए जाने का वर्तमान प्रावधान जांचा परखा और समय की जरूरत के अनुरूप है। किसानों को विद्युत पर दी जाने वाली सब्सिडी यदि जारी नहीं रखी गई तो किसानों के समक्ष फसलों की सिंचाई को लेकर संकट खड़ा हो जाएगा। इससे खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित होगा और देश के समक्ष संकट खड़ा हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों और मजदूरों की मेहनत का सम्मान होना चाहिए। जिन्होंने अपनी मेहनत से देश को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने कहा है कि समाज के गरीब वर्ग के लोगों और किसानों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के लिए उन्हें रियायत दिया जाना जरूरी है। उन्होंने संशोधित बिल में क्रास सब्सिडी को समिति किए जाने के प्रावधान को अव्यवहारिक बताया है। 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सिस्टम जो वर्तमान में लागू है, वह सही है। इसमें बदलाव करने से समाज के गरीब तबके के लोग और लघु एवं सीमांत कृषक लाभ से वंचित हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि खेती-किसानी के सीजन में प्रति माह फसलों की सिंचाई के लिए यदि कोई किसान एक हजार यूनिट विद्युत की खपत करता है तो उसे सात से आठ हजार रूपए के बिल का भुगतान करना होगा, जो उसके लिए बेहद कष्टकारी और असंभव होगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह संशोधन बिल वातानुकूलित कमरों में बैठ कर तैयार करने वाले उच्च वर्ग के लोगों और सलाहकारों के अनुकूल हो सकता है लेकिन यह जमीन सच्चाई से बिलकुल परे है। इस संशोधन बिल को लागू करने से देश के समक्ष कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होंगी । इससे गरीब, किसान और विद्युत कम्पनियों और आम लोगों को नुकसान होगा। रियायती दर पर किसानों को बिजली न मिलने से फसल सिंचाई प्रभावित होगी। खाद्यान्न उत्पादकता घटेगी जिसके चलते देश के समक्ष खाद्यान्न का संकट पैदा हो जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संशोधन बिल के माध्यम से राज्य सरकारों के अधिकारों की कटौती तथा राज्य विद्युत नियामक आयोग की नियुक्तियों के अधिकारों को केन्द्र सरकार के अधीन किया जाना संघीय ढांचे की व्यवस्था के विपरीत है। यह बिल राज्य विद्युत नियामक आयोग के गठन के संबंध में राज्यों को सिर्फ सलाह देने का प्रावधान देता है। नियुक्ति के संबंध में राज्य की सहमति आवश्यक नहीं है। यह प्रावधान राज्य सरकार की शक्तियों का स्पष्ट अतिक्रमण है। 

विद्युत संशोधन बिल 2020 में विद्युत के क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत सब लाइसेंसी और फ्रेन्चाईजी की नियुक्ति का भी प्रावधान है। यह प्रावधान चेक और बेलेन्स की नीति के विरूद्ध है, क्योंकि नियामक आयोग से लाईसेंस लेने के लिए सब लाईसेंसी और फ्रेंचाईजी बाध्य नहीं हैं। इससे यह स्पष्ट है कि यह अधिकार और कर्तव्य के सिद्धांत के भी विपरीत है। 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विद्युत वितरण प्रणाली को आम जनता की जीवन रेखा बताते हुए कहा है कि इसे निजी कम्पनियों का सौंपा जाना किसी भी मामले में उचित नहीं होगा। यह संशोधन विधेयक पूंजीवाद को बढ़ावा देने वाला और निजी कम्पनियों को इलेट्रिसिटी बोर्ड को कब्जा दिलाने वाला है। 

मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह संशोधन बिल केंद्रीकृत विद्युत अनुबंध प्रवर्तन प्राधिकरण (ईसीईए) के गठन का प्रस्ताव करता है। उन्होंने इस संबंध में माननीय सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपील के संबंध में दिए गए निर्णय का भी विस्तार से उल्लेख किया है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन पूरे देश में किया जा चुका है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए केंद्रीकृत विद्युत अनुबंध प्रवर्तन प्राधिकरण (ईसीईए) का गठन औचित्यहीन है। यदि ऐसा किया जाता है तो राज्य विद्युत नियामक आयोग अधिकार विहीन हो जाएंगे। 

यह संशोधन केंद्रीकृत विद्युत अनुबंध प्रवर्तन प्राधिकरण (ईसीईए) के गठन का प्रस्ताव करता है। विद्युत नियामक विद्युत खरीदने के लिए अनुबंध की मंजूरी और होने वाले विवाद के समाधान के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं। उल्लेखनीय है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 2015 की सिविल अपील संख्या 14697 में 12 अप्रैल 2018 को निर्णय लिया है कि ईआरसीएस के रोल और सहायक जिम्मेदारियों का संज्ञान लिया गया है और सभी विद्युत नियामक आयोग में एक कानूनी सदस्य की नियुक्ति के लिए निर्देशित किया है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का अनुपालन पहले ही पूरे भारत में किया जा चुका है। जब भारत की सर्वोच्च अदालत पहले ही इस मुद्दे को देख चुकी है और इसे सुलझा चुकी है, तो नए निकाय के गठन का कोई औचित्य नहीं है। टैरिफ नीति से संबंधित प्रस्ताव वास्तव में राज्य विद्युत नियामक आयोग को दंत विहीन बनाने वाला साथ ही यह संघीय ढांचा, जो राज्यों की जनसांख्यिकीय और आर्थिक विविधता का सम्मान करता है उसके लिए यह हानिकारक है। 

प्रस्तावित संशोधन केंद्र सरकार को नवीकरणीय और पनबिजली खरीद दायित्व को संरक्षित करने के लिए भी शक्ति प्रदान करता है। देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग संसाधन हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि इसे देखते हुए पूरे देश के लिए इसको लागू किया जाना उचित नहीं होगा।

 
हज यात्रा निरस्त कराने वालों को वापस होगी पूरी राशि: अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी

हज यात्रा निरस्त कराने वालों को वापस होगी पूरी राशि: अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी

रायपुर, हज 2020 पर बनी हुई निरंतर अनिश्चिता के मद्देनजर केन्द्रीय हज कमेटी, भारत सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे हज यात्री जो इस वर्ष अपनी हज यात्रा निरस्त करने के इच्छुक है, उनके द्वारा जमा की गई शत्-प्रतिशत राशि उन्हें बिना कटौती के वापस की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष श्री मोहम्मद असलम खान ने बताया कि केन्द्रीय हज कमेटी भारत सरकार के सर्कुलर 5 जून 2020 के द्वारा यह सूचना प्राप्त हुई है।
छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि इसके लिए ऐसे हज आवेदकों को हज कमेटी ऑफ इंडिया भारत सरकार के वेबसाईट पर उपलब्ध केसंलेशन के फार्म को भर कर कव्हर हेड की बैंक डिटेल्स के साथ हज कमेटी ऑफ इंडिया की ई-मेल आईडी ceo.hajcommittee@nic.in पर प्रेषित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। कार्यालय की ओर से हज 2020 के सभी चयनित हज यात्रियों को इस संबंध में सूचना प्रेषित की जा रही है। अधिक जानकारी के लिए हज आवेदक कार्यालय हज के दूरभाष क्रमांक 0771-4266646, ई-मेल cghajcommittee@gmail.com पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है।

 

कोरोना के लक्षण की वजह से आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किशोर की हुई मौत

कोरोना के लक्षण की वजह से आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किशोर की हुई मौत

कोरबा, जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक 16 साल के किशोर की मौत हो गई है । सर्दी ,खांसी , बुखार व सांस लेने में तकलीफ पर शनिवार को सुबह अस्पताल ले कर आए। कोरोना के लक्षण की वजह से किशोर को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। खुद से चल कर बेड तक पहुँचे किशोर ने उपचार के दौरान रात को दम तोड़ दिया। शव को जिला अस्पताल के मर्च्युरी में रखा गया है । कोविड 19 टेस्ट के लिए ब्लड सेंपल लिया गया है। सिविल सर्जन अरुण तिवारी का कहना है कि एम्स रायपुर से रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन का वक्त लगता है। 

ग्राम मोहदी कंटेंनमेंट जोन घोषित : कंटेंनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं की होगी होम डिलीवरी

ग्राम मोहदी कंटेंनमेंट जोन घोषित : कंटेंनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं की होगी होम डिलीवरी

रायपुर भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी गाईडलाईन अनुसार जिला रायपुर मे ग्राम पंचायत मोहदीअंतर्गत ग्राम मोहदी, थाना अभनपुर में 01 नया कोरोना पॉजिटिव केस पाये जाने के फलस्वरुप उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। अपर कलेक्टर ने पूर्व में श्री रोहित का घर,पश्चिम में श्री दुजराम का घर,उत्तर में श्रीराम का घर,दुखित का दुकान और दक्षिण में श्री विदेशी साहू का घर के पास को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया है।

   कन्टेनमेंट जोन के अंतर्गत प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार होगा। जिसमें तैनात पुलिस अधिकारी, फिजिकल डिस्टेंसिग सुनिश्चित करते हुए मेडिकल इमरजेंसी या आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु आवागमन करने वाले सभी व्यक्तियों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज लिया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश पर्यन्त पूर्णतः बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कन्टेनमेंट जोन में होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी हेतु विधिवत परिवहन अनुमति इंसीडेंट कमांडर द्वारा दी जाएगी। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारण से कन्टेनमेंट जोन या मकान के बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। केवल मेडिकल इमरजेंसी की दशा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर के द्वारा पास जारी कर इंसीडेंट कमांडर को सूचित किया जाएगा। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में संलग्न व्यक्ति फिजिकल डिस्टेंसिग तथा सेनिटाईजेशन सुनिश्चित करते हुये कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश कर सकेंगें। अन्य किसी भी व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन से बाहर निकलना अथवा अन्दर आना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में उपरोक्तानुसार लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने हेतु संबंधित थाना प्रभारी उत्तरदायी होगे। कन्टेनमेंट जोन में शासन की गाईडलाईन अनुसार व्यवस्था बनाये रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायपुर के द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार कान्टेक्ट ट्रेसिंग, स्वास्थ्य निगरानी तथा सैम्पल की जांच इत्यादि आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।

कंटेंटमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार की व्यवस्था बेरिकेटिंग के लिए श्री पवन अग्रवाल,कार्यपालन अभियंता, लोकनिर्माण विभाग,विधानसभा संभाग रायपुर मो.न. 98261-98288, लोक निर्माण विभाग की मांग अनुसार बैरिकेडिंग हेतु बांस-बल्ली की आपूर्ति हेतु श्री विश्वनाथ मुखर्जी, उप वनामंडलाधिकारी रायपुर वनमंडल, रायपुर 90092-40000, कंटेंटमेंट जोन में सेनिटाइजेशन तथा आवश्यक वस्तुाओ की आपूर्ति व्यवस्था हेतु सुश्री शीतल बंसल,मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत अभनपुर,मो.न. 79742-06483, घरो का एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम को एसओपी अनुसार दवा, मास्क, पीपीई इत्यादी उपलब्ध कराने एवं बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु श्रीमति मीरा बघेल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर मो.नं. 94255-16797, उपरोक्त दर्शित क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सहित अन्य समस्त आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु इंसीडेंट कमांडर श्री सूरज कुमार साहू,डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी(राजस्व) मो.न. 70003-55584, भारत सरकार एवं राज्य शासन के द्वारा समय-समय पर जारी गाईड लाईन अनुसार कंटेंटमेंट जोन में लाकडाउन का कडाई से पालन सुनिश्चत करने हेतु श्री बोधन साहू, थाना प्रभारी,थाना अभनपुर, रायपुर मो.नं. 94791-91053को नियुक्त किया गया है।

राज्य सरकार पर बेबुनियाद-मिथ्या आरोप लगा रहे डॉ. रमन सिंह : कांग्रेस

राज्य सरकार पर बेबुनियाद-मिथ्या आरोप लगा रहे डॉ. रमन सिंह : कांग्रेस

रायपुर | प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मोहम्मद असलम ने कहा है कि डॉ रमन सिंह ने भूपेश सरकार के कामकाज पर बेबुनियाद आरोप लगाते हुए सरकार की नाकामियां गिनाई हैं, जो ना सिर्फ हास्यास्पद है, बल्कि निरर्थक भी है। पिछले दिनों देश की ख्याति प्राप्त एजेंसी द्वारा समूचे देश की राज्य सरकारों सहित छत्तीसगढ़  सरकार के कामकाज की प्राथमिकता, प्रशासन, प्रबंधन सहित विभिन्न मुद्दों पर जनता का अभिमत मांगते सर्वे किया था और देश भर के मुख्यमंत्रियों से तुलना एवं आकलन करते हुए एक सूची घोषित की थी, जिसमें छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भाजपा शासित राज्यों से ऊपर तथा देश में दूसरे स्थान पर मुख्यमंत्रियों की सूची में सूचीबद्ध कर, सरकार के कामकाज, सोच और दिशा पर मुहर लगाई थी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह की स्मरण क्षमता इतनी क्षीण नहीं है, कि वह सब भूल जाएं। सर्वे रिपोर्ट भाजपा शासित राज्यों एवं छत्तीसगढ़ की विपक्षी पार्टी भाजपा के लिए आईना की तरह है। लेकिन उन्होंने विपक्षी पार्टी के नेता के रूप में बेजान भूमिका निभाते हुए मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं, जो गैर जरूरी है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मोहम्मद असलम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश भारतवर्ष का पहला राज्य है, जहां भूपेश सरकार की नीतियों के कारण अर्थव्यवस्था डांवाडोल नहीं हुई है। जनता में आज भी क्रय शक्ति बरकरार है। किसान, मजदूर, व्यापारी, उद्योगपति, छोटे व्यवसायी, कारोबारी सहित हर वर्ग का नागरिक खुशहाल  है।सरकार की प्राथमिकताएं तय है तथा प्रशासन के कामकाज में सुदृढ़ता और कसावट बनी हुई है। नक्सलवादी हिंसा से धीरे-धीरे राज्य उबर रहा है। पिछली सरकार के कुशासन से पीडि़त और भटके हुए लोग बड़ी संख्या में मुख्यधारा में वापस आ रहे हैं। रमनसिंह की सरकार से पहले दक्षिण बस्तर के तीन ब्लाकों  तक पंहुच माओवाद 15 साल में छत्तीसगढ़ के 16 जिलों तक फैल गया था लेकिन अब माओवादी घटनाओं में कमी आ रही है।  प्रवक्ता मोहम्मद असलम ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों की विफ लता और लापरवाही के कारण देश भर में कोरोनावायरस का संक्रमण फैला जो अब सामुदायिक संक्रमण का रूप ले रहा है फिर भी छत्तीसगढ़ राज्य में इसे बड़ी हद तक नियंत्रित किया गया है और फैलाव से रोका गया है। इस तरह भूपेश सरकार के डेढ़ वर्षो के कामों की जितनी उपलब्धियां गिनाई जाए वह कम है। भाजापा में अंदरूनी तौर पर चल रही रस्साकशी और गुटबाजी से नेता एवं कार्यकर्ता हताशा में हैं। कुछ माह पहले हुए नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनावों में भारी पराजय से भा ज पा अभी तक मुक्त नहीं हो पायी  है, यही वजह है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर भाजपा बेवजह मिथ्या आरोप गढ़ते रहती है। 
 
छत्तीसगढ़ राज्य में एक-दो स्थानों पर हो सकती है बारिश, पढ़ें पूरी खबर

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रायपुर | प्रदेशभर में मौसम का हाल बेहाल है। कहीं—कहीं सूरज की लुकाछिपी के कारण लोग घरों से निकलने में डर रहे है। वहीं राजधानी में लगातार पारा गिरता नजर आ रहा है। शनिवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस कम रहा है। इसी तरह न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विज्ञानी का कहना है कि प्रदेश के एक—दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ अंधड़ चलने और छींटे पडऩे की संभावना है। निसर्ग चक्रवात का अवशेष मध्य प्रदेश के पूर्वी भाग में निम्न दाब के क्षेत्र में रूप परिवर्तित हो गया है और इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 4.5 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है।