रायपुर। लॉकडाउन, क्वारनटाइन उल्लंघन करने और जानकारी छिपाने पर पुलिस ने पिछले 24 घंटे में 15 अपराध दर्ज किए हैं। बलौदाबाजार में 1, राजनांदगांव में 1, कबीरधाम 1, बिलासपुर में 2, मुंगेली में 4, रायगढ़ में 3, जांजगीर चाम्पा में 2 और कोरिया में 1 अपराध दर्ज किये गए हैं। पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 269, 270 के तहत अपराध दर्ज किए हैं।
कोरिया। कोल श्रमिकों की बहाली की मांग लेकर विधायक विनय जायसवाल एसईसीएल चिरमिरी कार्यालय में तालाबंदी करने पहुंचे। इस दौरान विधायक समर्थक और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। मुख्यालय के गेट पर तालाबन्दी को लेकर भारी हंगामा हुआ।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सब्जी बाज़ारों में भी ताजी और हरी साग -सब्जियों की भरपूर आवक देखी जा रही है। शहर के अलग-अलग इलाकों में कीमतों में मामूली अंतर के साथ इनकी अच्छी बिक्री हो रही है। राष्ट्रीय न्यूज सर्विस (आरएनएस)के संवाददाता ने आज सवेरे स्थानीय भाठागांव चौक के पास नवनिर्मित बस स्टैण्ड के मैदान में लगे चिल्हर सब्जी बाज़ार का दौरा किया। संवाददाता ने देखा कि वह प्याज जो आज से चार -छह महीने पहले रायपुर सहित देश भर के बाज़ारों में सौ रुपए से दो सौ रूपए किलो बिक रहा था और जिसने ग्राहकों की आँखों में आँसू ला दिए थे, आज वही प्याज रायपुर के इस सब्जी बाज़ार में सिफऱ् पन्द्रह रुपए किलो के भाव से बिक रहा था। आलू की कीमत जरूर 25 रुपए प्रति किलो थी, जबकि कटहल 20 रुपए, लौकी 20 रुपए और हरी मिर्च भी 20 रुपए किलो के हिसाब से बिक रही थी। तरोई(डोंरका)और टमाटर का भाव जरूर 20 रुपए से 25 रुपए के बीच चल रहा था। भिंडी 15 रुपए और बरबट्टी 10 रुपए किलो में बेची जा रही थी। अदरक 80 रुपए, मुनगा 60 रुपए, करेला 50 रुपए , ग्वार फल्ली 40 रुपए और कच्चा आम 30 रुपए प्रति किलो के भाव से बेचा गया। मानसून छत्तीसगढ़ आ गया है और कल शाम राजधानी रायपुर सहित राज्य के बस्तर आदि कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई । ऐसे में आने वाले दिनों में संभावित बारिश के चलते बाज़ारों में साग-सब्जियों की आवक कम होने और उनकी कीमतें कुुुछ बढऩे की पूरी संभावना व्यक्त की जा रही है। बहरहाल, अभी कीमतों में कोई ख़ास उछाल नजऱ नहीं आ रहा है।

बिलासपुर | बिलासपुर के सिम्स अस्पताल के कविड 19 के ओपीड़ी में कार्यरत स्टाफ और नर्सों ने संयुक्त संचालक और चिकित्सा अधीक्षक को एक पत्र भेजकर कहा है कि कोविड़-19 के ओपीडी, आईपीडी और आइसोलेशन वार्ड में कार्यरत कर्मचारियों का संपर्क संदेही मरीजों से होता है | जो भी मरीज संदेही होता है उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाता है | जब तक मरीज का पॉजिटिव नहीं पाया जाता तब तक वह कोविड-19 के नाम से बनाए गए अस्पताल में कार्यरत स्टाफ व नर्सों के संपर्क में रहता है | फिलहाल हमें सिम्स में 14 दिनों तक कार्य लिया जाता है | जानकारी के अनुसार जब 14 दिन की डयूडी पूरी हो जाती है तो नर्सों और स्टाफ को बिना आरटीपीसी आर टेस्ट के घर जाने को कह दिया जाता है | नियमानुसार संक्रमित मरीजों के संपर्क में रहने वाले अस्पताल के प्रत्येक स्टाफ व नर्स का चेकअप होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है | नर्सों और स्टाफ ने कहा है कि अगर कोई कर्मचारी संक्रमित होता है और संक्रमण उसके परिवार में फैलता है तो उसकी जिम्मेदारी सिम्स प्रबंधन की मानी जाएगी |

रायपुर | नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन में उत्पन्न परिस्थितियों के कारण छत्तीसगढ़ के श्रमिक देश के अन्य राज्यों से वापस लौट रहे हैं। उन्होंने प्रवासी श्रमिक सहित प्रदेश के अन्य श्रमिकों के स्किल मैपिंग कर उन्हें उनके हुनर के अनुरूप रोजगार दिलाने की दिशा में विशेष पहल किया जाए। डॉ. डहरिया ने कहा कि श्रम विभाग के अंतर्गत श्रमिक कार्ड के लिए 90 दिन काम करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अतः अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन कर श्रमिकों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। डॉ. डहरिया ने उक्त बाते अपने प्रभार जिले सरगुजा और कोरिया में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रग्रति की समीक्षा के दौरान कही।
डॉ. डहरिया ने बैठक में क्वारेंटाईन सेंटर में रह रहे प्रवासी श्रमिकों के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन के अनुरूप व्यवस्था सुदृढ़ करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्वारेंटाईन सेंटर में रह रहे प्रवासी श्रमिकों की कोरोना टेस्ट के बाद जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाता तब तक उन्हें क्वारेंटाईन सेंटर में ही रखा जाए, ताकि बाहर जाने पर किसी अन्य व्यक्ति में फैलने वाले संक्रमण से बचा जा सके।
डॉ. डहरिया ने मनरेगा के तहत प्रवासी श्रमिकों को प्राथमिकता के तौर पर काम दिलाने को कहा। साथ ही ऐसे प्रवासी श्रमिक जिनका पंजीयन कार्ड नही बना है, उन्हें भी मनरेगा के तहत जॉब कार्ड बनाकर काम दिया जाए। उन्होंने जिलों के आश्रम, छात्रावासों और स्कूलों में शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले सेनेटाईज करने सहित व्यवस्था चुस्त दुरूस्थ करने के निर्देश दिए।
डॉ. डहरिया ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को दी गई पहली किश्त की राशि के संबंध में जानकारी हासिल की। अधिकारियों ने बताया कि शत-प्रतिशत किसानों केे खातों में राशि जमा करा दी गई है। इस पर डॉ. डहरिया ने दोनों जिलों के अधिकारियों की सराहना की। बैठक में सोनहत के विधायक श्री गुलाब कमरो, मनेन्द्रगढ़ के विधायक डॉ. विनय जायसवाल और बैकुण्ठपुर की विधायक श्रीमती अंबिका सिंहदेव विशेष रूप से उपस्थित थीं।
डॉ. डहरिया ने राजीव गांधी आश्रय योजना की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को परीक्षण कर शीघ्र पट्टा प्रदान करने के निर्देश दिए। डॉ. डहरिया ने शहरी क्षेत्रों में झुग्गियों में बहुत सालों से कब्जा कर रह रहे हैं ऐसे गरीब परिवारों को चिन्हांकित कर उन्हें पट्टा प्रदान करने, नियमितिकरण व व्यवस्थापन करने के निर्देश दिए।
डॉ. डहरिया ने मौसमी बीमारियों के रोकथाम के लिए ऐहतियात बरतने तथा दवाई आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वृक्षारोपण की तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण करने विशेष कर सड़क किनारे फलदार एवं छायादार पौधे लगाने को कहा। डॉ. डहरिया ने कोरिया जिले में बिजली विभाग द्वारा बिजली व्यवस्था जैसे प्राथमिकता के कार्य में लापरवाही बरतने पर विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सरगुजा एवं कोरिया जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला श्रमायुक्त, वनमण्डलाधिकारी सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकरी उपस्थित थे।






















